भारतीय न्याय संहिता, 2023 Set -8

Download Android App    Download iOS App
Note: 1. Use ORG Code: XLVPGR For IOS and Web APP. 2. To Download the PDF it is necessary to download the App. 3. You can Use Only Sigle Device to access the Courses on App

Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

Download BNS MCQs Set-8

Download BNS Live Test - 8

Download BNS Practice Combo Set-8 (MCQs PDF + Live Test)

Download BNS Complete Practice Series (All PDF +Live Test)

 

1. धारा 316 के अंतर्गत सजा क्या है?

a. 2 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

b. 5 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

c. 7 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

d. 10 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

 

2. यदि कोई भांडागारिक उस वस्तु को बेच देता है जो उसके पास केवल सुरक्षित रखने के लिए दी गई थी, तो वह—

a. कोई अपराध नहीं करता

b. आपराधिक न्यासभंग करता है

c. सिर्फ सिविल विवाद बनता है

d. चोरी करता है

 

3. जब कोई लिपिक या सेवक आपराधिक न्यासभंग करता है, तो उसकी अधिकतम सजा क्या है?

a. 5 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

b. 7 वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा

c. 10 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

4. यदि कोई लोक सेवक, बैंकर, व्यापारी, अभिकर्ता आदि आपराधिक न्यासभंग करता है, तो उसे अधिकतम क्या सजा हो सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष 

d. केवल जुर्माना

 

5. चुराई हुई संपत्ति के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 315

d. धारा 316

 

6. चुराई हुई संपत्ति किसे कहा जाता है?

a. केवल वह जो चोरी से ली गई हो

b. वह संपत्ति जो जब्त की गई हो

c. वह संपत्ति जो चोरी, उद्दापन, लूट, छल, आपराधिक दुर्विनियोग या न्यासभंग से प्राप्त हो

d. केवल वह जो डकैती से ली गई हो

 

7. जो कोई चुराई हुई संपत्ति को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई है, बेईमानी से प्राप्त करता है, उसकी अधिकतम सजा क्या है?

a. 1 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 7 वर्ष

 

8. छल के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 315

d. धारा 316

 

9. संपत्ति की सुपुर्दगी करने में किसी व्यक्ति को बेईमानीपूर्वक उत्प्रेरित करना क्या होता है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. छल

c. दुर्विनियोग

d. उद्धापन

 

10. "छल" (Cheating) का अर्थ क्या है?

a. किसी को झूठ बोलना

b. किसी को हिंसा से डराना

c. किसी को बेईमानी से प्रेरित करना कि वह संपत्ति परिदत्त करे या हानि सहन करे

d. किसी संपत्ति को छुपाना

 

11. 'क’, 'य' को आशयपूर्वक यह विश्वास दिलाता है कि वह जो एक लाख रुपये 'क’ को उधार देगा, शीघ्र ही चुका देगा। जबकि उसका आशय उक्त राशि चुकाने का नहीं है। तदनुसार वह बेईमानी से 'या' को उक्त रकम के लिए उत्प्रेरित करता है। 'क’ के द्वारा कौन-सी धारा के अंतर्गत न्यायनीय अपराध किया गया है?

a. धारा 320 भा. दं. सं.

b. धारा 319 भा. दं. सं.

c. धारा 318 भा. दं. सं.

d. धारा 321 भा. दं. सं.

 

12. धोखा निम्नलिखित में से किसका अनिवार्य तत्व है-

a. आपराधिक न्यासभंग 

b. कूट रचना

c. छल

d. उपरोक्त सभी

 

13. छल के अपराध के लिए-

a. धोखा दिए गए व्यक्ति को संपत्ति सुपुर्द करने हेतु कपटपूर्वक अथवा बेईमानीपूर्वक अवश्य उत्प्रेरित किया गया होना चाहिए

b. साशय उत्प्रेरण के परिणामस्वरूप धोखा खाने वाले व्यक्ति के शरीर, मस्तिष्क, ख्याति अथवा संपत्ति को क्षति अथवा हानि होती है अथवा ऐसा होने की संभावना होती है

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों सही हैं

d. इनमें से कोई नहीं

 

14. छल के अपराध के लिए धोखा देने का इरादा कब मौजूद होना चाहिए-

a. अंततः

b. मध्य में

c. उपरोक्त दोनों

d. प्रारंभ से ही

 

15. धारा 318 के अंतर्गत सजा क्या है यदि कोई व्यक्ति सामान्य छल करता है?

a. अधिकतम 6 माह

b. अधिकतम 1 वर्ष

c. अधिकतम 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों

d. कोई सजा नहीं है

 

16. यदि कोई व्यक्ति ऐसे व्यक्ति को छल करता है, जिसके हित की रक्षा के लिए वह विधिक रूप से बाध्य है, तो अधिकतम सजा क्या है?

a. 2 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

17. "तथ्यों का बेईमानी से छिपाना" किस अपराध की श्रेणी में आता है?

a. आपराधिक विश्वासभंग

b. छल

c. चोरी

d. धोखाधड़ी

 

18. यदि कोई व्यक्ति छल के द्वारा किसी को प्रेरित करता है कि वह कोई मूल्यवान प्रतिभूति नष्ट कर दे, तो उसकी अधिकतम सजा क्या है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष + जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

19. "प्रतिरूपण द्वारा छल" के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 319

d. धारा 316

 

20. किसी परीक्षा में जालसाजीपूर्वक किसी और का प्रतिरूपण करते हुए बैठना तथा प्रश्नपत्र पर दूसरे के नाम से हस्ताक्षर करना कैसा अपराध होता है-

a. धोखाधड़ी के साथ-साथ जालसाजी

b. मात्र जालसाजी

c. मात्र धोखाधड़ी

d. प्रतिरूपण द्वारा छल के साथ-साथ कूट रचना

 

21. 'क’ आयकर विभाग का कर्मचारी नहीं है किन्तु स्वयं को आयकर अधिकारी प्रदर्शित करते हुए 'ख' के व्यवसायिक केन्द्र पर छापा मारता है और वहाँ से मूल्यवान सामग्री ले लेता है। इस प्रकार 'क’ कौन सा अपराध करता है-

a. छल

b. प्रतिरूपण द्वारा छल

c. लूट

d. कपटं

 

22. "प्रतिरूपण द्वारा छल" (Cheating by personation) का क्या अर्थ है?

a. झूठ बोलकर पैसा लेना

b. किसी और व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत होकर छल करना

c. नकली दस्तावेज़ बनाना

d. किसी को धमकाकर संपत्ति लेना

 

23. धारा 319 के अंतर्गत, प्रतिरूपण किसके रूप में किया जा सकता है?

a. केवल वास्तविक व्यक्ति के रूप में

b. केवल सरकारी अधिकारी के रूप में

c. वास्तविक या काल्पनिक किसी भी व्यक्ति के रूप में

d. केवल मृत व्यक्ति के रूप में

 

24. प्रतिरूपण द्वारा छल करने वाले व्यक्ति को अधिकतम क्या सजा हो सकती है?

a. 2 वर्ष तक का कारावास

b. 3 वर्ष तक का कारावास

c. 5 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

25. रिष्टि के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 322

b. धारा 323

c. धारा 324

d. धारा 325

 

26. जब कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को क्षति पहुँचाने के इरादे से संपत्ति को नष्ट करता है तो उसे क्या करने वाला कहा जाता है-

a. रिष्टि

b. दंगा

c. लूट

d. न्यूसेंस

 

27. रिष्टि के अपराध के अनिवार्य तत्व हैं-

a. किसी संपत्ति को हानि पहुँचाने का इरादा

b. किसी संपत्ति की प्रकृति को परिवर्तित करने का इरादा

c. जानबूझकर किसी अन्य की संपत्ति को नष्ट करके अथवा इसका अवमूल्यन करने के द्वारा संपत्ति को सदोष हानि अथवा क्षति पहुँचाना

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

28. 'क’ स्वेच्छा से नदी में 'च' की अंगूठी फेंक देता है। जिसके पीछे उसका इरादा 'च' को सदोष हानि पहुँचाना था। 'क’ का दोष क्या है-

a. चोरी

b. रिष्टि

c. उद्दापन

d. छल

 

29. "रिष्टि" की परिभाषा के अनुसार कोई व्यक्ति दोषी तब माना जाता है जब वह:

a. किसी संपत्ति को बिना अनुमति उपयोग करता है

b. जानबूझकर संपत्ति का नाश या उसमें क्षतिकारक तब्दीली करता है

c. संपत्ति को गिरवी रखता है

d. संपत्ति को उपहार में देता है

 

30. धारा 324 के अंतर्गत साधारण रिष्टि के लिए अधिकतम सजा क्या है?

a. 1 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 6 महीने

d. 5 वर्ष

 

31. यदि रिष्टि के कारण सरकारी या स्थानीय प्राधिकरण की संपत्ति को क्षति पहुँचती है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 3 वर्ष

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष

d. 2 वर्ष

 

32. रिष्टि के परिणामस्वरूप यदि हानि ₹20,000 से अधिक लेकिन ₹1,00,000 से कम है, तो अपराधी को अधिकतम कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

33. रिष्टि के परिणामस्वरूप यदि हानि ₹1,00,000 से अधिक है, तो अपराधी को अधिकतम कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

34. धारा 325 के अंतर्गत "रिष्टि" किस प्रकार की क्रिया से संबंधित है?

a. दस्तावेज़ों की हानि

b. फसल की चोरी

c. जीव-जन्तु को वध करने या विकलांग करने द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुँचाना

d. सड़क पर दुर्घटना कराना

 

35. 'क’ की 'च' के साथ एक घोड़ेरूपी संयुक्त संपत्ति थी। 'च' को सदोष हानि पहुँचाने के इरादे से वह घोड़े को गोली मार देता है। भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत 'क’ पर आरोप अभियोग लगाया जाएगा?

a. धारा 325

b. धारा 329

c. धारा 326

d. धारा 327

 

36. 'क’ 'य' के साथ एक घोड़े / हाथी में संयुक्त संपत्ति रखते हुए य को सदोष हानि कारित करने के लिए 'क’ उस घोड़े को गोली मार देता है। भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अधीन 'क’ को आरोपित किया जायेगा?

a. धारा 325

b. धारा 326

c. धारा 327

d. धारा 328

 

37. यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी जानवर को विष देकर मार देता है, तो यह किस अपराध की श्रेणी में आता है?

a. हत्या

b. पशु क्रूरता

c. रिष्टि (धारा 325 के अंतर्गत)

d. चोरी

 

38. धारा 325 के अंतर्गत अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. तीन वर्ष कारावास

b. पाँच वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

c. एक वर्ष कारावास

d. छह महीने का कारावास

 

39. आपराधिक अतिचार और गृह अतिचार का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 328

b. धारा 327

c. धारा 330

d. धारा 329

 

40. आपराधिक अतिचार कब माना जाता है?

a. जब कोई बिना अनुमति के किसी वाहन में प्रवेश करता है

b. जब कोई ऐसी संपत्ति में या संपत्ति पर बिना अनुमति के अपराध करने या किसी व्यक्ति को अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करने के आशय से प्रवेश करता है

c. जब कोई सार्वजनिक जगह पर शोर करता है

d. जब कोई दुकान पर चोरी करता है

 

41. 'ख' बिना अनुमति के 'क’ के घर में प्रवेश करता है ताकि वह उसकी सफलता पर उसे बधाई दे सके। 'ख' कौन सा अपराध करता है?

a. आपराधिक अतिचार 

b. गृह अतिचार

c. रिष्टि

d. इनमें से कुछ नहीं

 

42. आपराधिक अतिचार का अपराध तब पूरा होता है जब व्यक्ति किसी दूसरे की कब्जे वाली संपत्ति में प्रवेश करता है ताकि वह कर सके-

a. एक जमानतीय अपराध

b. कोई अपराध

c. एक गैर-जमानतीय अपराध

d. एक संज्ञेय अपराध

 

43. गृह-अतिचार किसे कहते हैं?

a. किसी सार्वजनिक पार्क में प्रवेश

b. किसी निर्माण, तम्बू, जलयान या उपासना-स्थान में अवैध प्रवेश या वहां रहना, जिसका उपयोग मानव आवास या सुरक्षा के लिए होता है

c. सड़क पर चलना

d. व्यापारिक प्रतिष्ठान में काम करना

 

44. आपराधिक अतिचार की सजा क्या हो सकती है?

a. 6 महीने की जेल

b. 3 महीने तक का कारावास, या 5,000 रुपए तक जुर्माना, या दोनों

c. 1 वर्ष की जेल

d. केवल जुर्माना

 

45. गृह-अतिचार करने पर अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. 3 महीने का कारावास

b. 1 वर्ष तक का कारावास, या 5,000 रुपए तक जुर्माना, या दोनों

c. 5 वर्ष का कारावास

d. केवल जुर्माना

 

46. गृह अतिचार और गृह-भेदन का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 328

b. धारा 327

c. धारा 330

d. धारा 329

 

47. गृह-अतिचार के बाद, यदि अतिचारी ऐसा करता है कि उसे अपवर्जित करने वाले व्यक्ति से छिपाया जाए, तो इसे क्या कहा जाता है?

a. गृह-भेदन

b. प्रच्छन्न गृह-अतिचार

c. आपराधिक प्रवेश

d. चोरी

 

48. गृह-भेदन तब माना जाएगा जब कोई गृह-अतिचारी निम्न में से किस प्रकार प्रवेश या प्रस्थान करता है?

a. सामान्य द्वार से प्रवेश करके

b. किसी ताले को खोलकर या छेद करके प्रवेश या बाहर निकलता है

c. मकान मालिक की अनुमति से प्रवेश करता है

d. सार्वजनिक मार्ग से अंदर जाता है

 

49. निम्नलिखित में से कौन गृह-भेदन का उदाहरण है?

a. किसी के घर की खिड़की से प्रवेश करना

b. सार्वजनिक पार्क में घूमना

c. किसी दुकान में खरीदारी करना

d. बिना अनुमति किसी गली में जाना

 

50. गृह-भेदन के अंतर्गत प्रवेश या प्रस्थान के किन तरीकों को माना जाता है?

a. केवल द्वार से अनुमति लेकर प्रवेश

b. ताले तोड़कर, छेद करके, छिपे रास्ते से या धमकी देकर प्रवेश या प्रस्थान

c. मुख्य सड़क से प्रवेश

d. केवल दरवाजे पर दस्तक देकर प्रवेश

 

51. गृह-अतिचार और गृह-भेदन में क्या अंतर है?

a. गृह-अतिचार बिना अनुमति घर में प्रवेश करना है, गृह-भेदन गृह-अतिचार के बाद अवैध तरीके से प्रवेश या प्रस्थान है।

b. दोनों एक समान हैं।

c. गृह-भेदन केवल चोरी से संबंधित है।

d. गृह-अतिचार सार्वजनिक जगहों के लिए है।

 

52. प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन करने पर कितनी अवधि का कारावास हो सकता है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

53. सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गृह-अतिचार या गृह-भेदन करने पर अधिकतम कितनी अवधि का कारावास हो सकता है?

a. 2 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

54. यदि कोई व्यक्ति कारावास योग्य अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार करता है, और वह अपराध चोरी है, तो अधिकतम कारावास की अवधि क्या होगी?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. 14 वर्ष

 

55. सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले कारावास योग्य अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार करने पर अधिकतम कारावास की अवधि क्या है, यदि अपराध चोरी है?

a. 10 वर्ष

b. 12 वर्ष

c. 14 वर्ष

d. 16 वर्ष

 

56. मिथ्या दस्तावेज रचना का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 328

b. धारा 335

c. धारा 330

d. धारा 329

 

57. धारा 335 के अनुसार मिथ्या दस्तावेज रचना किसे कहते हैं?

a. केवल दस्तावेज पर गलत हस्ताक्षर करना।

b. बेईमानी या कपटपूर्वक किसी दस्तावेज़ या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को रचना, हस्ताक्षरित, मुद्रांकित, निष्पादित या पारेषित करना।

c. केवल इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख पर हस्ताक्षर करना।

d. किसी भी दस्तावेज को बिना अनुमति के पढ़ना।

 

58. धारा 335 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख पर बेईमानी से इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर करता है, तो वह क्या करता है?

a. एक कानूनी प्रक्रिया पूरी करता है।

b. मिथ्या दस्तावेज रचना का दोषी होता है।

c. केवल दस्तावेज को सुरक्षित करता है।

d. कोई अपराध नहीं करता।

 

59. यदि कोई व्यक्ति चेक पर बिना राशि अंकित किए उसे प्राप्त कर, बाद में कपटपूर्वक राशि लिख देता है, तो वह क्या करेगा?

a. केवल दस्तावेज़ का दुरुपयोग करेगा।

b. मिथ्या दस्तावेज रचना का दोषी होगा।

c. कोई अपराध नहीं होगा।

d. केवल दस्तावेज़ को खो देगा।

 

60. कूटरचना का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 338

b. धारा 335

c. धारा 336

d. धारा 339

 

61. धारा 336 के अनुसार कूटरचना किसे कहते हैं?

a. केवल किसी दस्तावेज़ पर गलत हस्ताक्षर करना।

b. मिथ्या दस्तावेज़ या मिथ्या इलैक्ट्रानिक अभिलेख इस आशय से रचना कि उससे किसी को नुकसान हो, हक का समर्थन हो, या कपट किया जाए।

c. केवल इलैक्ट्रानिक अभिलेख को मिटाना।

d. केवल दस्तावेज़ की नकल करना।

 

62. धारा 336 के अनुसार, कूटरचना करने पर कितनी कारावास हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 7 वर्ष

 

63. यदि कूटरचना इस आशय से की जाती है कि दस्तावेज़ छल के प्रयोजन से उपयोग किया जाएगा, तो दंड क्या होगा?

a. कारावास 2 वर्ष तक या जुर्माना।

b. कारावास 3 वर्ष तक।

c. कारावास 7 वर्ष तक और जुर्माना।

d. केवल जुर्माना।

 

64. धारा 336 के अनुसार, यदि कूटरचना इस आशय से की जाए कि दस्तावेज़ से किसी की ख्याति को हानि पहुँचे, तो दंड क्या होगा?

a. कारावास 1 वर्ष तक।

b. कारावास 3 वर्ष तक और जुर्माना।

c. कारावास 7 वर्ष तक।

d. कोई दंड नहीं।

 

65. 'सम्पत्ति-चिह्न' का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 348

b. धारा 345

c. धारा 340

d. धारा 349

 

66. आपराधिक अभित्रास का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 352

b. धारा 345

c. धारा 340

d. धारा 351

 

67. धारा 351 के अनुसार, आपराधिक अभित्रास क्या है?

a. केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना

b. किसी व्यक्ति के शरीर, ख्याति या सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने की धमकी देना ताकि वह संत्रासित हो

c. केवल शारीरिक हमले का अपराध

d. केवल अफवाह फैलाना

 

68. धारा 351 के अनुसार, आपराधिक अभित्रास का सामान्य दंड क्या हो सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. दो वर्ष तक का कारावास, जुर्माना, या दोनों

c. केवल जुर्माना

d. तीन महीने की जेल

 

69. धारा 351 के अनुसार, जब धमकी में मृत्यु, घोर उपहति, अग्नि से संपत्ति नाश या महिला की असतित्व का लांछन हो, तो दंड की अधिकतम अवधि क्या है?

a. दो वर्ष

b. सात वर्ष

c. एक वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

70. धारा 351 के अंतर्गत, अनाम संसूचना देकर आपराधिक अभित्रास करने पर अतिरिक्त दंड क्या है?

a. कोई अतिरिक्त दंड नहीं

b. दो वर्ष तक का कारावास

c. जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

71. धारा 351 के उदाहरण के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सिविल मुकदमा चलाने से रोकने के लिए घर जलाने की धमकी देता है, तो उसे कौन सा अपराध माना जाएगा?

a. चोरी

b. आपराधिक अभित्रास

c. धोखाधड़ी

d. अपहरण

 

72. लोकशांति भंग कराने को प्रकोपित करने के आशय से साशय अपमान का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 349

b. धारा 350

c. धारा 351

d. धारा 352

 

73. धारा 352 के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानता हो कि उसका साशय अपमान करने से लोकशांति भंग हो सकती है, तो वह अपराध कब बनेगा?

a. तभी जब अपमान सार्वजनिक हो

b. जब वह प्रकोपित करने का आशय रखता हो या यह संभाव्य जानता हो

c. केवल अगर कोई चोट लगे

d. केवल यदि वह पुलिस को सूचना देता हो

 

74. धारा 352 के अनुसार, साशय अपमान करने के लिए अधिकतम दंड क्या है?

a. एक वर्ष तक का कारावास

b. दो वर्ष तक का कारावास, जुर्माना, या दोनों

c. सात वर्ष का कारावास

d. केवल जुर्माना

 

75. लोक रिष्टिकारक वक्तव्य का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 353

b. धारा 345

c. धारा 340

d. धारा 352

 

76. व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा, कराया गया कार्य का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 352

b. धारा 345

c. धारा 354

d. धारा 351

 

77. मत्त व्यक्ति द्वारा लोक स्थान में अवचार का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 355

b. धारा 345

c. धारा 353

d. धारा 343

 

78. धारा 355 के अनुसार, मत्तता की हालत में लोक स्थान में आकर अवचार करने वाले व्यक्ति को क्या दंड मिल सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. 24 घंटे तक का सादा कारावास, जुर्माना 1000 रुपए तक, या दोनों, या सामुदायिक सेवा

c. सात वर्ष तक का कारावास

d. कोई दंड नहीं

 

79. मानहानि का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 352

b. धारा 353

c. धारा 355

d. धारा 356

 

80. धारा 356 के अनुसार, मानहानि का अपराध कब होता है?

a. जब कोई व्यक्ति सचाई के आधार पर किसी की आलोचना करता है।

b. जब कोई व्यक्ति किसी के बारे में ऐसा लांछन लगाता है जिससे उसकी ख्याति को अपमानित किया जाता है।

c. जब कोई व्यक्ति अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करता है।

d. जब कोई व्यक्ति न्यायालय की सही रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

 

81. धारा 356 के अनुसार, किस प्रकार की मानहानि को अपवाद माना गया है?

a. कोई भी मानहानि अपवाद के अंतर्गत आती है।

b. केवल जब लांछन सत्य हो और लोक कल्याण के लिए हो।

c. जब किसी की आलोचना व्यक्तिगत द्वेष से हो।

d. केवल जब लांछन किसी न्यायाधीश द्वारा किया जाए।

 

82. मानहानि का अपराध किसे क्षति पहुँचाए जाने से सम्बन्धित होता है-

a. व्यक्तियों के एक संघ 

b. किसी व्यक्ति की संपत्ति

c. किसी व्यक्ति का परिवार

d. किसी व्यक्ति की ख्याति

 

83. मानहानि होती है-

a. एक अनैतिक कार्य

b. मीडिया द्वारा अनैतिक व्यवहार

c. सार्वजनिकतौर पर भ्रष्ट एवं अभद्र व्यवहार

d. सिविल दोष एवं आपराधिक अपराध

 

84. मानहानि की जा सकती है-

a. केवल एक जीवित व्यक्ति की

b. जीवित के साथ-साथ मृत व्यक्ति की भी

c. एक व्यक्ति, कंपनी, संघ अथवा व्यक्तियों के समूह की

d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों

 

85. इनमें से क्या मानहानि नहीं है-

a. कोई लांछन प्रकाशित करना

b. किसी मृत व्यक्ति पर लांछन लगाना

c. किसी कंपनी पर लांछन लगाना

d. किसी लोकसेवक के सार्वजनिक आचरण के सम्बन्ध में.

 

86. भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के अंतर्गत मानहानि के लिए कितने अपवादों का प्रावधान किया गया है-

a. 4

b. 10

c. 6

d. 9

 

87. एक आंदोलन के कारण अधिवक्ताओं ने न्यायालय की कार्यवाहियों में भाग लेना रोक दिया और 'सत्याग्रह' पर चले गए। समाचारपत्र में एक संपादकीय के अंतर्गत आलोचना की गई कि क्या एक वर्ग के रूप में अधिवक्ताओं को हड़ताल पर जाना चाहिए। साथ ही साथ संपादकीय में अधिवक्ताओं को 'कजिया दलाल' के रूप में वर्णित किया गया-

a. समाचारपत्र का संपादक मानहानि का दोषी है

b. समाचारपत्र का संपादक मानहानि का दोषी नहीं है

c. न केवल संपादक बल्कि निदेशक मंडल के अध्यक्ष तथा इसके महाप्रबंधक भी मानहानि के दोषी हैं।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

88. 'क’ 'च' के द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक के बारे में सद्भावना से कहता है कि 'च' की पुस्तक अश्लील है, 'च' अवश्य ही एक विकृत मस्तिष्क वाला व्यक्ति होना चाहिए। क्या यह मानहानि भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के अंतर्गत न्यायनीय है-

a. हाँ, क्योंकि यह राय 'च' के चरित्र से सम्बन्धित है 

b. नहीं, क्योंकि यह राय भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के अपवादों में आती है

c. नहीं, क्योंकि यह एक अपमान वचन है। 

d. नहीं, क्योंकि इसे सूचित नहीं किया गया है।

 

89. निम्नलिखित में से क्या मानहानि का अपवाद है-

a. लोककल्याण के लिए सत्य का लांछन 

b. लोकसेवकों के सार्वजनिक आचरण

c. साहित्यिक आलोचना

d. उपरोक्त सभी

 

90. एक वैकल्पिक अथवा व्यंग्यपूर्वक अभिव्यक्त किया गया लांछन-

a. मानहानि हो सकता है

b. मानहानि नहीं हो सकता है।

c. यदि किसी महिला के प्रति हो तो लज्जाभंग हो सकता है 

d. न तो मानहानि न ही लज्जाभंग हो सकता है

 

91. निम्नलिखित में से क्या मानहानि है-

a. क इस इरादे, कि यह विश्वास कर लिया जाए कि ख ने ग की घड़ी चुराई है, के साथ कहता है, "ख एक ईमानदार व्यक्ति है, उसने कभी भी ग की घड़ी नहीं चुराई।"

b. क से पूछा जाता है कि ख की घड़ी किसने चुराई? क ग की ओर इशारा करता है

c. क एक चित्र बनाता है जिसमें ख ग की घड़ी के साथ भाग रहा है

d. उपरोक्त सभी

 

92. मानहानि के आरोप का उत्तर देने हेतु निम्नलिखित में से क्या अच्छा बचाव है-

a. लांछन जो सही है, लोककल्याण के लिए प्रकाशित किया गया है.

b. एक लोकसेवक के अपने पद के कर्तव्यपालन सम्बन्धी आचरण के बारे में राय सद्भावनापूर्वक व्यक्त की गई है

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. इनमें से कोई नहीं

 

93. 'क’ कहता है-'च' एक ईमानदार आदमी है, उसने कभी भी 'ख' की घड़ी नहीं चुराई। उसका इरादा यह विश्वास दिलवाने का है कि 'छ' ने 'ख' की घड़ी चुराई थी। 'क’ दोषी है-

a. किसी अपराध का नहीं

b. न्यासभंग का

c. मानहानि का

d. चोरी का

 

94. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से क्या मानहानि होता है-

a. सतर्क करना जिसका इरादा किसी ऐसे व्यक्ति की भलाई हो जिसे सतर्क किया गया हो अथवा लोक कल्याण हेतु

b. किसी कंपनी अथवा संघ अथवा व्यक्तियों के समूह के सम्बन्ध में लांछन लगानां

c. दूसरों पर विधिसम्मत अधिकार रखनेवाले व्यक्ति द्वारा सद्भाव में निंदा परित करना

d. न्यायालय की कार्यवाही की रिपोर्टों को प्रकाशन करना

 

95. धारा 356 के अनुसार, मानहानि के लिए अधिकतम दंड क्या है?

a. आजीवन कारावास

b. दो वर्ष तक का सादा कारावास, जुर्माना, या दोनों, या सामुदायिक सेवा

c. 10 वर्ष का कारावास

d. जुर्माना नहीं

 

96. धारा 356 में उल्लिखित कौन सा अपवाद न्यायालय की कार्यवाही की सही रिपोर्टिंग को मानहानि से बाहर रखता है?

a. अपवाद 1

b. अपवाद 4

c. अपवाद 7

d. अपवाद 10

 

97. धारा 356 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध सद्भावपूर्वक सावधानी देता है और वह लोक कल्याण के लिए है, तो क्या यह मानहानि होगी?

a. हाँ, सदैव मानहानि होगी।

b. नहीं, यह अपवाद में आता है।

c. केवल जब वह व्यक्ति सार्वजनिक पद पर हो।

d. केवल जब उस व्यक्ति का नाम उजागर न किया जाए।

 

98. धारा 356 के अनुसार, मानहानि के लिए कौन सा माध्यम अपराध की श्रेणी में आता है?

a. केवल मौखिक शब्द

b. केवल लिखित शब्द

c. बोले गए, लिखित, संकेतों या दृश्य रूप में किसी भी माध्यम से

d. केवल सामाजिक मीडिया पर

 

99. असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने की और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने की संविदा का भंग के विषय में का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 357

b. धारा 358

c. धारा 356

d. धारा 355

 

100. धारा 357 के अंतर्गत किस प्रकार के व्यक्ति की देखभाल न करना दंडनीय अपराध है?

a. कोई भी व्यक्ति

b. कोई धनवान व्यक्ति

c. ऐसा व्यक्ति जो किशोरावस्था, चित्त-विकृति, रोग या शारीरिक दुर्बलता के कारण असहाय हो

d. केवल बुजुर्ग व्यक्ति

 

101. धारा 357 के अंतर्गत, अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति—

a. बिना किसी संविदा के किसी की देखभाल करता है

b. संविदा से आबद्ध होते हुए जानबूझकर उस व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति करना बंद कर देता है

c. सरकारी आदेश की अवहेलना करता है

d. किसी को रोजगार नहीं देता

 

102. धारा 357 के अंतर्गत अपराधी को अधिकतम कितने समय तक का कारावास हो सकता है?

a. 1 वर्ष या जुर्माना 

b. 6 माह या ₹1000 जुर्माना या दोनों

c. 3 माह या ₹5000 जुर्माना या दोनों

d. 2 वर्ष या ₹3000 जुर्माना या दोनों

 

103. निरसन और व्यावृत्ति के विषय में का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता के किस अध्याय में किया गया है-

a. अध्याय 19 

b. अध्याय 20

c. अध्याय 18

d. अध्याय 17

 

104. निरसन और व्यावृत्ति का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 357

b. धारा 358

c. धारा 356

d. धारा 355

 

105. धारा 358 के अंतर्गत किस संहिता को निरस्त किया गया है?

a. भारतीय संविधान

b. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973

d. साक्ष्य अधिनियम, 1872

 

106. भारतीय दण्ड संहिता, के निरसन के बावजूद किन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा?

a. नए अपराधों की परिभाषा

b. पुलिस की शक्तियां

c. पूर्व में उस संहिता के अधीन अर्जित अधिकार और दण्ड

d. अदालतों की संख्या

 

107. धारा 358 के अनुसार, निरसित संहिता के अधीन की गई कोई कार्रवाई किसके अधीन मानी जाएगी?

a. अब अमान्य मानी जाएगी

b. केवल न्यायालय की अनुमति से वैध मानी जाएगी

c. इस नई संहिता के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन

d. सरकार के आदेश से

 

108. धारा 358 की उपधारा (4) किस अधिनियम का उल्लेख करती है?

a. साक्ष्य अधिनियम, 1872

b. साधारण खण्ड अधिनियम, 1897

c. प्रशासनिक कानून अधिनियम, 1950

d. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955

 

109. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. भारतीय दण्ड संहिता के निरसन के बाद उसके अंतर्गत की गई सभी कार्रवाइयाँ स्वतः शून्य हो जाती हैं।

b. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत दिए गए दण्ड और अन्वेषण अब वैध नहीं हैं।

c. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत की गई कार्रवाइयाँ इस संहिता के तहत की गई मानी जाएंगी।

d. भारतीय दण्ड संहिता को निरस्त करना सभी पुराने मामलों को बंद कर देता है।

 

Download BNS MCQs Set-8

 

My Legal Consultants
Free Judiciary Coaching
Free Judiciary Notes
Free Judiciary Mock Tests
Bare Acts