
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959
CHHATTISGARH LAND REVENUE ACT, 1959
1. छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 का संक्षिप्त नाम क्या है?
a. छत्तीसगढ़ भूमि संहिता
b. छत्तीसगढ़ राजस्व संहिता
c. छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959
d. छत्तीसगढ़ भूमि अधिनियम
2. यह संहिता किस क्षेत्र पर विस्तृत है?
a. केवल नगरीय क्षेत्रों पर
b. सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पर
c. सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ पर
d. केवल ग्रामीण क्षेत्रों पर
3. यह संहिता किन क्षेत्रों पर लागू नहीं होती है?
a. कृषि भूमि
b. वन अधिनियम, 1927 के अधीन संरक्षित/आरक्षित वनों पर
c. निजी संपत्ति
d. नगरीय भूमि
4. किन उपबन्धों को छोड़कर संहिता संरक्षित वनों में लागू नहीं होती?
a. भू-राजस्व के भुगतान से संबंधित
b. सिंचाई व्यवस्था से संबंधित
c. वन संरक्षण से संबंधित
d. भूमि का आवासीय उपयोग
5. संरक्षित वन क्षेत्रों में यह संहिता किस प्रयोजन से लागू होती है?
a. वृक्षारोपण
b. पर्यटन
c. धारा 59 में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग निर्देश
d. वन्यजीव संरक्षण
6. यह संहिता कब प्रवृत्त होती है?
a. अधिनियम पारित होते ही
b. राज्यपाल की अनुमति के साथ
c. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से नियत तिथि को
d. संसद द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद
7. प्रश्न: भारतीय कानूनी दस्तावेज़ों में "आबादी" से क्या अभिप्रेत है?
a. किसी नगर क्षेत्र में स्थित औद्योगिक क्षेत्र
b. किसी ग्राम में निवासियों के निवास या उससे संबंधित प्रयोजनों के लिए आरक्षित क्षेत्र
c. केवल खेती योग्य भूमि
d. किसी ग्राम के बाहरी क्षेत्र में स्थित जंगल
8. निम्नलिखित में से कौन-कौन सी गतिविधियाँ धारा 2(ख) के अनुसार "कृषि" की परिभाषा में आती हैं?
a. केवल वार्षिक फसलें उगाना
b. केवल फलोद्यान लगाना और उसका समारक्षण
c. वार्षिक या नियतकालिक फसलें उगाना, उद्यानकृषि, वाणिज्यिक वृक्षारोपण, तथा चारे या छप्पर घास के लिए भूमि आरक्षित करना
d. केवल पशुपालन और मत्स्य पालन
9. "कृषि वर्ष" का प्रारंभ किस तिथि से होता है, जैसा कि धारा 2(ग) में परिभाषित किया गया है?
a. 1 जनवरी या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य तिथि
b. 1 अप्रैल या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य तिथि
c. 1 जुलाई या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा नियत कोई अन्य तिथि
d. 1 अक्टूबर या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य तिथि
10. "मण्डल" से अभिप्रेत है:
a. पंचायत समिति द्वारा गठित विकास खंड
b. राज्य सरकार द्वारा गठित शिक्षण मण्डल
c. धारा 3 के अधीन गठित राजस्व मण्डल
d. जिलाधिकारी के अंतर्गत गठित प्रशासनिक मण्डल
11. "सहकारी सोसाइटी" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(च) में परिभाषित है?
a. कोई भी सामाजिक संगठन जो लोगों की सहायता करता है
b. वह संस्था जो कृषि उपकरण किराये पर देती है
c. सहकारी सोसायटीज से संबंधित किसी विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत सोसायटी, जो राज्य के किसी क्षेत्र में तत्समय प्रवृत्त है
d. केवल वह संस्था जो राज्य सरकार द्वारा संचालित हो
12. "सरकारी वन" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(छ) में परिभाषित है?
a. कोई भी जंगल जो गाँव के पास हो
b. वह वन जो राज्य सरकार द्वारा निजी व्यक्तियों से खरीदा गया हो
c. ऐसा वन जो भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अनुसार आरक्षित या संरक्षित वन के रूप में गठित किया गया हो
d. वह वन जिसे पंचायत द्वारा नियंत्रित किया जाता हो
13. "सरकारी पट्टेदार" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ज) में परिभाषित है?
a. वह व्यक्ति जो निजी ज़मीन पर खेती करता है
b. वह व्यक्ति जिसने गाँव पंचायत से भूमि किराए पर ली हो
c. वह व्यक्ति जो राज्य सरकार से धारा 181 के अधीन भूमि धारण करता है
d. वह व्यक्ति जो भूमि पर बिना अनुमति के कब्ज़ा किए बैठा हो
14. "खाता" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 2(झ) में परिभाषित है?
a. वह भूमि जिस पर केवल सरकारी कब्जा हो।
b. ऐसा भूमि खण्ड जिस पर भू-राजस्व सामूहिक रूप से लगाया गया हो।
c. ऐसा भूमि खण्ड जिस पर भू-राजस्व पृथक रूप से निर्धारित किया गया हो और जो एक ही भू-धृति या पट्टे के अधीन धारित हो।
d. केवल नगरीय क्षेत्र में स्थित कोई भी भूमि।
15. "सुधार" से, किसी खाते के संदर्भ में, क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ञ) में परिभाषित है?
a. ऐसा संकर्म जिससे भूमि का मूल्य तात्विक रूप से कम हो जाए
b. ऐसा संकर्म जिससे खाते के मूल्य में तात्विक वृद्धि हो और जो उस खाते के उपयोग या प्रयोजन से संगत हो
c. अस्थायी कुएँ या साधारण खेतिहर मरम्मत कार्य
d. केवल वृक्षारोपण से संबंधित कोई भी कार्य
16. "भूमि" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ट) में परिभाषित है?
a. केवल वह सतह जो जल के ऊपर स्थित हो
b. धरती की सतह का कोई भाग, चाहे वह जल के नीचे हो या ऊपर, तथा उससे स्थायी रूप से जुड़ी सारी चीज़ें
c. केवल खेती योग्य भूमि
d. केवल वह भूमि जो नगर क्षेत्र में हो
17. "भूमिहीन व्यक्ति" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ठ) में परिभाषित है?
a. वह व्यक्ति जो अकेला कोई भूमि धारण करता है
b. वह व्यक्ति जो वास्तविक कृषक है और अकेले या अपने कुटुम्ब के साथ संयुक्त रूप से कोई भूमि धारण नहीं करता या इतनी भूमि
c. रखता है जिसका क्षेत्रफल विहित सीमा से कम हो
d. वह व्यक्ति जो बड़ी भूमि का मालिक हो लेकिन खेती न करता हो
e. वह व्यक्ति जो केवल नगरीय क्षेत्र में रहता हो
18. "भू-अभिलेख" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ड) में परिभाषित है?
a. किसी भी प्रकार के सरकारी दस्तावेज़
b. भूमि से संबंधित वह अभिलेख जो इस संहिता के उपबन्धों के अधीन रखा गया हो
c. केवल जमीन के नक्शे
d. भूमि के किरायेदारों के नामों की सूची
19. "विधि व्यवसायी" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ढ) में परिभाषित है?
a. कोई व्यक्ति जो छत्तीसगढ़ में किसी भी न्यायालय में बिना लाइसेंस के वकालत करता है
b. कोई ऐसा व्यक्ति जो विधि व्यवसाय अधिनियम, 1879 के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन छत्तीसगढ़ के न्यायालयों में विधि व्यवसाय करने का अधिकार रखता है
c. कोई सरकारी अधिकारी जो कानूनी सलाह देता है
d. केवल न्यायाधीश जो न्यायालय में निर्णय देता है
20. "आम्रकुंज" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ण) में वर्णित है?
a. आम के पेड़ जो भूमि के केवल एक छोटे हिस्से में लगे हों
b. आम के इतने वृक्ष जो इस प्रकार लगाए गए हों कि वे उस भूमि या उसके बड़े हिस्से के मुख्य उपयोग (जो वृक्षारोपण से अलग हो) को रोक देते हों या रोकने की संभावना हो
c. किसी भी प्रकार के वृक्षों का समूह
d. केवल फलोत्तम आम के वृक्षों का बगीचा
21. "बाजार मूल्य" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ण-क) में परिभाषित है?
a. वह मूल्य जो भूमि का मालिक स्वयं तय करता है
b. वह मूल्य जो भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत और छत्तीसगढ़ बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा पुनरीक्षण नियम, 2000 के अनुसार कलेक्टर द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत निर्धारित किया जाता है
c. भूमि का अनुमानित किराया
d. बाजार में किसी भी वस्तु की कीमत
22. "नगरीय भूमि" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ण-ख) में परिभाषित है?
a. वह भूमि जो केवल कृषि के लिए उपयोग की जाती है
b. वह भूमि जो नगरीय क्षेत्रों के मास्टर प्लान/विकास योजना में कृषि के अलावा अन्य उपयोग के लिए अंगीकृत की गई हो
c. वह भूमि जो केवल जंगलों के लिए आरक्षित हो
d. वह भूमि जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हो
23. "फलोद्यान" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(त) में परिभाषित है?
a. फल के वृक्षों की ऐसी संख्या जो उस भूमि या उसके बड़े हिस्से के मुख्य उपयोग (जो वृक्षारोपण से भिन्न हो) को रोक देती हो या रोकने की संभावना हो
b. केवल एक या दो फल के पेड़ लगे हुए स्थान
c. भूमि जो केवल खेती के लिए उपयोग होती है
d. फल बेचने वाला बाजार
24. "भू-खण्ड संख्यांक" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(थ) में परिभाषित है?
a. वह संख्या जो किसी व्यक्ति के घर की गली के लिए दी जाती है
b. नगरीय क्षेत्र की भूमि का वह प्रभाग जिसे धारा 93 के तहत भू-खण्ड संख्यांक के रूप में विरचित या मान्य किया गया हो, जिसकी क्षेत्रफल और देय भू-राजस्व का विवरण अभिलेखों में अलग-अलग प्रविष्ट किया गया हो
c. केवल खेती के लिए आरक्षित भूमि का नाम
d. भूमि का वह भाग जिसे केवल खसरा संख्या से चिन्हित किया गया हो
25. "मान्यता प्राप्त अभिकर्ता" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(द) में परिभाषित है?
a. वह व्यक्ति जो बिना किसी अधिकार के कार्यवाही में भाग लेता है
b. वह व्यक्ति जिसे पक्षकार ने मुख्तारनामे के अधीन या लिखित रूप में प्राधिकृत किया हो कि वह उसकी ओर से कार्यवाही में उपसंजात हो और आवेदन आदि करे
c. वह व्यक्ति जो न्यायालय का अधिकारी हो
d. वह व्यक्ति जो केवल गवाह के रूप में कार्यवाही में उपस्थित होता है
26. "क्षेत्र" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ध) में परिभाषित है?
a. केवल यथास्थिति महाकौशल क्षेत्र
b. यथास्थिति महाकौशल क्षेत्र, मध्यभारत क्षेत्र, भोपाल क्षेत्र, विन्ध्यप्रदेश क्षेत्र, सिरोंज क्षेत्र, या इनमें से कोई भी क्षेत्र
c. केवल मध्यभारत क्षेत्र
d. कोई भी ग्रामीण क्षेत्र
27. "लगान" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(न) में परिभाषित है?
a. वह कुछ भी जो भूमिस्वामी को भूमि के उपयोग या अधिभोग के लिए दिया जाता है, या सरकारी पट्टेदार द्वारा सरकार को भूमि के उपयोग या अधिभोग के बदले दिया जाने वाला धन या वस्तु
b. केवल भूमि का किराया जो सरकार को दिया जाता है
c. केवल भूमि की खरीद कीमत
d. कोई भी कर जो व्यापार पर लगाया जाता है
28. "राजस्व अधिकारी" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(प) में परिभाषित है?
a. कोई भी सरकारी कर्मचारी
b. वह अधिकारी जो धारा 11 में उल्लिखित है
c. केवल तहसीलदार
d. कोई भी न्यायाधीश
29. "राजस्व वर्ष" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(फ) में परिभाषित है?
a. वह वर्ष जो 1 जनवरी से शुरू होता है
b. वह वर्ष जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से किसी विशेष स्थानीय क्षेत्र के लिए निर्धारित तारीख से प्रारंभ होता है
c. वह वर्ष जो 1 अप्रैल से शुरू होता है
d. वह वर्ष जो केवल कृषि कार्यों के लिए होता है
30. "सर्वेक्षण संख्यांक का उपखण्ड" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(ब) में परिभाषित है?
a. सर्वेक्षण संख्यांक का पूरा प्रभाग जो अभिलेखों में एक साथ दर्ज हो
b. सर्वेक्षण संख्यांक का वह प्रभाग जिसकी क्षेत्रफल और देय भू-राजस्व की प्रविष्टि अभिलेखों में पृथक्-पृथक् सूचक संख्यांक के अधीन की गई हो
c. केवल भूमि का नक्शा
d. वह प्रभाग जो बिना क्षेत्रफल के अभिलेखों में दर्ज हो
31. "सर्वेक्षण संख्यांक" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(भ) में परिभाषित है?
a. नगरेतर क्षेत्र की भूमि का वह प्रभाग जिसे राजस्व सर्वेक्षण के समय सर्वेक्षण संख्यांक के रूप में विरचित या मान्य किया गया हो, जिसकी क्षेत्रफल और देय भू-राजस्व की प्रविष्टि भू-अभिलेखों में पृथक-पृथक सूचक संख्यांक के अधीन की गई हो
b. केवल ग्रामीण क्षेत्र की भूमि
c. वह प्रभाग जो किसी भी सर्वेक्षण के बिना मान्यता प्राप्त हो
d. केवल कृषि योग्य भूमि
32. धारा 2(म) में पूर्व में "कृषक" से क्या अभिप्रेत था?
a. वह व्यक्ति जो भूमि का मालिक हो।
b. वह व्यक्ति जो अध्याय 14 के अधीन भूमिस्वामी से मौरूसी कृषक के रूप में भूमि धारण करता हो।
c. वह व्यक्ति जो केवल कृषि कार्य करता हो।
d. वह व्यक्ति जो बिना भूमि के खेती करता हो।
33. "भू-धारी" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2(य) में परिभाषित है?
a. वह व्यक्ति जो भूमि का किरायेदार है।
b. वह व्यक्ति जो राज्य सरकार से भूमि धारण करता है और इस संहिता के अधीन भूमिस्वामी है या समझा जाता है।
c. वह व्यक्ति जो भूमि का मालिक नहीं है।
d. वह व्यक्ति जो कृषि कार्य करता है लेकिन भूमि नहीं रखता।
34. "इमारती लकड़ी के वृक्ष" के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-कौन से वृक्ष आते हैं?
a. सागवान, शीशम, साल, चन्दन
b. पीपल, बरगद, आम, नीम
c. गुलाब, कमल, जास्वंद, चमेली
d. सेब, अमरुद, केला, अनार
35. "स्वयं खेती करना" से क्या अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 2 (य-2) में परिभाषित है?
a. केवल अपने श्रम द्वारा ही खेती करना।
b. अपने या अपने कुटुम्ब के सदस्य के श्रम द्वारा, या मजदूरों की सहायता से, अपने लिए खेती करना।
c. केवल मजदूरों की मदद से खेती करना।
d. फसल के अंश के रूप में मजदूरी देना।
36. "दखलरहित भूमि" से क्या अभिप्रेत है?
a. वह भूमि जो किसी ग्राम की आबादी या सेवाभूमि से भिन्न हो।
b. वह भूमि जो किसी भूमि-स्वामी, कृषक या सरकारी पट्टेदार द्वारा धारित हो।
c. वह भूमि जो आबादी, सेवाभूमि या किसी भूमि-स्वामी, कृषक या सरकारी पट्टेदार की भूमि से भिन्न हो।
d. वह भूमि जो केवल सरकारी पट्टेदार के अधिकार में हो।
37. "नगरीय क्षेत्र" से क्या अभिप्रेत है?
a. वह क्षेत्र जो केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आता है।
b. वह क्षेत्र जो नगरपालिकाओं, निगम, अधिसूचित क्षेत्रों या राज्य सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्र के रूप में विनिर्दिष्ट किसी ग्राम या ग्राम समूह की सीमाओं के भीतर आता है।
c. वह क्षेत्र जो केवल कृषि भूमि है।
d. वह क्षेत्र जो सरकारी वन क्षेत्र के अंदर आता है।
38. "ग्राम" से क्या अभिप्रेत है?
a. वह भू-भाग जो केवल वर्तमान में किसी भी विधि के अधीन मान्यता प्राप्त हो।
b. वह भू-भाग जो संहिता के प्रवृत्त होने से पूर्व या बाद में किसी विधि या राजस्व सर्वेक्षण द्वारा ग्राम के रूप में मान्य या घोषित किया गया हो।
c. वह भू-भाग जो केवल नगरीय क्षेत्र में आता हो।
d. वह भू-भाग जो केवल सरकारी वन क्षेत्र हो।
39. "विकास योजना" से क्या अभिप्रेत है?
a. किसी भी स्थानीय योजना जो राज्य सरकार द्वारा बनाई गई हो।
b. छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 में परिभाषित अर्थ।
c. केवल ग्रामीण विकास से संबंधित योजना।
d. केवल नगरीय क्षेत्र में लागू योजना।
40. छत्तीसगढ़ राज्य के लिए राजस्व मण्डल में क्या होगा?
a. केवल सदस्य होंगे
b. केवल अध्यक्ष होगा
c. अध्यक्ष और सदस्य दोनों होंगे
d. केवल सचिव होगा
41. राजस्व मण्डल का अध्यक्ष कौन नियुक्त करता है?
a. राष्ट्रपति
b. राज्यपाल
c. मुख्यमंत्री
d. राज्य सरकार
42. अध्यक्ष के अतिरिक्त सदस्यों की संख्या कौन निर्धारित करता है?
a. राज्यपाल
b. राज्य सरकार
c. विधानसभा
d. राजस्व मण्डल
43. राजस्व मण्डल का प्रधान स्थान कौन निर्धारित करता है?
a. मण्डल का अध्यक्ष
b. राज्य सरकार अधिसूचित आदेश द्वारा
c. मुख्यमंत्री
d. राजस्व अधिकारी
44. मण्डल के अध्यक्ष और सदस्य किन स्थानों पर बैठक कर सकते हैं?
a. केवल प्रधान स्थान पर
b. केवल राज्य सरकार के कार्यालय में
c. प्रधान स्थान के अलावा अन्य स्थानों पर, राज्य सरकार के अनुमोदन से
d. केवल अपने निवास स्थान पर
45. मण्डल की बैठकें किसके अनुमोदन से अन्य स्थानों पर हो सकती हैं?
a. मण्डल के अध्यक्ष का अकेला निर्णय
b. राज्य सरकार का अनुमोदन
c. न्यायालय का आदेश
d. सदस्य द्वारा आम सहमति
46. जब कोई सदस्य अपने पद के कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो, तो राज्य सरकार क्या कर सकती है?
a. उस सदस्य को हमेशा के लिए हटाएगी
b. अधिसूचना द्वारा तत्समय के लिए किसी अन्य व्यक्ति को मण्डल का सदस्य नियुक्त कर सकेगी
c. मण्डल का काम रोक देगी
d. न्यायालय से अनुमति मांगेगी
47. मण्डल के अध्यक्ष तथा सदस्यों की सेवा की शर्तें कैसी होंगी?
a. राज्य सरकार द्वारा विहित और अधिकृत
b. सदस्यों द्वारा स्वयं निर्धारित
c. न्यायालय द्वारा निर्धारित
d. स्वतंत्र रूप से
48. कोई व्यक्ति मण्डल के सदस्य बनने के लिए किस स्थिति में अर्हित नहीं होगा?
a. यदि वह उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र ह
b. यदि वह राजस्व अधिकारी न रहा हो और कलेक्टर की पद श्रेणी से कम पद पर पाँच वर्ष तक न रहा हो
c. यदि वह सरकारी कर्मचारी हो
d. यदि वह कृषक हो
49. मण्डल के सदस्यों के लिए पूर्व में जो सेवा निबन्धन थे, वे कब तक प्रभावी रहेंगे?
a. सदैव
b. जब तक राज्य सरकार उन्हें इस धारा के अधीन बदल या समाप्त न करे
c. केवल एक वर्ष तक
d. जब तक सदस्यों की संख्या बढ़े
50. मण्डल के सदस्यों को वेतन तथा भत्ते किसके द्वारा निर्धारित किए जाते हैं?
a. मण्डल के अध्यक्ष द्वारा
b. राज्य सरकार द्वारा अवधारित
c. न्यायालय द्वारा
d. सदस्य स्वयं निर्धारित करते हैं
51. मण्डल के सदस्यों के वेतन तथा भत्ते किस पर भारित होंगे?
a. केन्द्र सरकार की निधि पर
b. राज्य की संचित निधि पर
c. सदस्यों के निजी कोष से
d. स्थानीय निकाय की निधि पर
52. मण्डल किन शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. केवल केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त शक्तियों का
b. केवल स्थानीय निकाय द्वारा प्रदत्त शक्तियों का
c. संहिता द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्तियों का
d. किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रदत्त शक्तियों का
53. मण्डल किन कृत्यों का निर्वहन करेगा?
a. केवल अपने सदस्यों के हित के लिए
b. हिता द्वारा या अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट कृत्यों का
c. केवल न्यायालय के आदेशों का
d. किसी भी कृत्य का बिना विनिर्देशन के
54. मण्डल को किन मामलों में अधीक्षण की शक्ति होगी?
a. केवल वित्तीय मामलों में
b. केवल पुलिस मामलों में
c. अपीली या पुनरीक्षण संबंधी मामलों में
d. सभी सरकारी मामलों में
55. मण्डल किसके ऊपर अधीक्षण करेगा?
a. केवल राज्य सरकार के ऊपर
b. समस्त प्राधिकारियों के ऊपर
c. केवल न्यायालय के ऊपर
d. केवल कलेक्टर के ऊपर
56.मण्डल प्राधिकारियों से क्या माँग सकेगा?
a. पुरस्कार
b. विवरणियाँ
c. धनराशि
d. छुट्टियाँ
57. मण्डल अपनी शक्तियों और कृत्यों का प्रयोग कैसे कर सकता है?
a. केवल पूरे मण्डल द्वारा
b. केवल एक सदस्य द्वारा
c. एक या अधिक सदस्यों से गठित न्यायपीठों द्वारा
d. केवल राज्य सरकार द्वारा
58. ऐसे न्यायपीठों द्वारा दिए गए निर्णय किस रूप में माने जाएंगे?
a. अपवाद
b. मण्डल के निर्णय
c. राज्य सरकार के आदेश
d. न्यायालय के आदेश
59. मण्डल क्या बना सकता है जिससे न्यायपीठों को अधिकार मिले?
a. नियम
b. अधिनियम
c. समझौता
d. आदेश
60. राजस्व पदाधिकारियों के कितने वर्ग होते हैं?
a. 10
b. 12
c. 15
d. 18
61. निम्न में से कौन राजस्व पदाधिकारी का वर्ग नहीं है?
a. आयुक्त भू-अभिलेख
b. सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख
c. मुख्य न्यायाधीश
d. नायब तहसीलदार
62. उपखण्ड अधिकारी को किस नाम से भी जाना जाता है?
a. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)
b. तहसीलदार
c. कलेक्टर
d. सहायक कलेक्टर
63. समस्त राजस्व अधिकारी किसके अधीनस्थ होंगे?
a. जिला न्यायालय
b. राज्य सरकार
c. केंद्र सरकार
d. स्थानीय प्रशासन
64. खण्ड के समस्त राजस्व अधिकारी किसके अधीनस्थ होते हैं?
a. कलेक्टर
b. संबंधित आयुक्त
c. उपखण्ड अधिकारी
d. तहसीलदार
65. जब तक राज्य सरकार अन्यथा निर्दिष्ट न करे, जिले के समस्त राजस्व अधिकारी किसके अधीनस्थ होंगे?
a. अपर आयुक्त
b. सहायक कलेक्टर
c. कलेक्टर
d. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
66. राज्य सरकार संभागों का क्या कर सकती है?
a. केवल समाप्त कर सकती है
b. केवल सृजन कर सकती है
c. संभागों का सृजन, समाप्ति तथा सीमाओं में परिवर्तन कर सकती है
d. कोई अधिकार नहीं है
67. राज्य सरकार प्रत्येक संभाग में किसे नियुक्त करेगी?
a. कलेक्टर
b. आयुक्त
c. तहसीलदार
d. उपखण्ड अधिकारी
68. आयुक्त कौन-सी शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. केवल राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट शक्तियाँ
b. केवल इस संहिता द्वारा प्रदत्त शक्तियाँ
c. इस संहिता, तत्समय प्रवृत्त अधिनियमिति या उसके अधीन प्रदत्त शक्तियाँ
d. केवल न्यायालय द्वारा दी गई शक्तियाँ
69. राज्य सरकार आयुक्त को शक्तियाँ या कार्य किस आधार पर सौंपेगी?
a. बिना किसी शर्त के
b. केवल न्यायालय के आदेश पर
c. ऐसी शर्तों के अधीन जिन्हें वह उचित समझे
d. मण्डल के प्रस्ताव पर
70. राज्य सरकार किसी एक संभाग या दो अथवा दो से अधिक संभागों में किसे नियुक्त कर सकेगी?
a. कलेक्टर
b. अपर आयुक्त
c. सहायक आयुक्त
d. तहसीलदार
71. अपर आयुक्त किन मामलों में शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. केवल सामान्य मामलों में
b. केवल विशेष मामलों में
c. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित मामलों या संभाग के आयुक्त द्वारा लिखित आदेशों के अधीन मामलों में
d. किसी भी मामले में बिना आदेश के
72. अपर आयुक्त को किन अधिनियमितियों और नियमों के अंतर्गत संभाग के आयुक्त के समान माना जाएगा?
a. केवल इस संहिता के अधीन
b. केवल तत्समय प्रवृत्त अधिनियमितियों के अधीन
c. इस संहिता, तत्समय प्रवृत्त प्रत्येक अन्य अधिनियमिति और उनसे बनाए गए नियमों के अधीन, जब वह उपधारा (2) के अधीन कार्य कर रहा हो
d. केवल विशेष निर्देश मिलने पर
73. राज्य सरकार प्रत्येक जिले में किसे नियुक्त करेगी?
a. तहसीलदार
b. कलेक्टर
c. उपखण्ड अधिकारी
d. सहायक कलेक्टर
74. कलेक्टर किन शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. केवल राज्य सरकार द्वारा निर्धारित
b. इस संहिता, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्तियाँ
c. केवल कलेक्टर के निजी निर्णय
d. केवल स्थानीय अधिकारियों के निर्देशानुसार
75. कलेक्टर कौन-कौन से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा?
a. केवल प्रशासनिक कर्तव्यों का
b. केवल राजस्व संहिता के कर्तव्यों का
c. इस संहिता तथा तत्समय प्रवृत्त अन्य अधिनियमितियों द्वारा अधिरोपित कर्तव्यों का
d. केवल न्यायिक कर्तव्यों का
76. राज्य सरकार किसी जिले में किसे नियुक्त कर सकती है?
a. तहसीलदार
b. अपर कलेक्टर
c. उपखण्ड अधिकारी
d. सहायक कलेक्टर
77. अपर कलेक्टर किन मामलों में शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. केवल वित्तीय मामलों में
b. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित या कलेक्टर के लिखित आदेश द्वारा निदेशित मामलों में
c. केवल न्यायिक मामलों में
d. केवल प्रशासनिक मामलों में
78. अपर कलेक्टर पर यह संहिता और तत्समय प्रवृत्त अधिनियमितियाँ कैसे लागू होंगी?
a. बिल्कुल लागू नहीं होंगी
b. उसी प्रकार लागू होंगी जैसे वे जिले के कलेक्टर पर लागू होती हैं, जब वह उपधारा (2) के तहत कार्यरत हो
c.केवल आंशिक रूप से लागू होंगी
d. केवल राज्य सरकार के निर्देश पर लागू होंगी
79. राज्य सरकार प्रत्येक जिले के लिए किन व्यक्तियों की नियुक्ति कर सकती है?
a. केवल सहायक कलेक्टर
b. केवल डिप्टी कलेक्टर
c. सहायक कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, और डिप्टी कलेक्टर
d. केवल संयुक्त कलेक्टर
80. सहायक कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर किस प्रकार की शक्तियों का प्रयोग करेंगे?
a. केवल न्यायिक शक्तियाँ
b. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा निदेशित शक्तियाँ
c. केवल प्रशासनिक शक्तियाँ
d. स्वतंत्र शक्तियाँ
81. सहायक कलेक्टर की कौन-कौन सी श्रेणियाँ नियुक्त की जा सकती हैं?
a. प्रथम और द्वितीय श्रेणी
b. केवल प्रथम श्रेणी
c. केवल द्वितीय श्रेणी
d. कोई श्रेणी नहीं
82. राज्य सरकार प्रत्येक तहसील में किन अधिकारियों की नियुक्ति कर सकती है?
a. केवल तहसीलदार
b. केवल नायब तहसीलदार
c. तहसीलदार तथा एक या एक से अधिक नायब तहसीलदार
d. केवल अपर तहसीलदार
83. अपर तहसीलदार किन शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. केवल तहसीलदार की शक्तियाँ
b. केवल कलेक्टर की शक्तियाँ
c. तहसीलदार को प्रदत्त शक्तियाँ, जैसा कि कलेक्टर लिखित आदेश द्वारा निदेशित करे
d. स्वतंत्र शक्तियाँ
84. नायब तहसीलदार किस प्रकार के कर्तव्यों का पालन करेगा?
a. केवल प्रशासनिक कर्तव्य
b. केवल न्यायिक कर्तव्य
c. संहिता या अन्य अधिनियमिति द्वारा प्रदत्त कर्तव्य
d. स्वतंत्र कर्तव्य
85. राज्य सरकार प्रत्येक जिले में कितने भू-अभिलेख अधीक्षक तथा सहायक भू-अभिलेख अधीक्षक नियुक्त कर सकेगी?
a. केवल एक
b. जितने वह ठीक समझे
c. अधिकतम दो
d. केवल तीन
86. भू-अभिलेख अधीक्षक तथा सहायक भू-अभिलेख अधीक्षक किन शक्तियों का प्रयोग करेंगे?
a. स्वतंत्र शक्तियाँ
b. इस संहिता या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा प्रदत्त शक्तियाँ
c. केवल कलेक्टर की शक्तियाँ
d. तहसीलदार की शक्तियाँ
87. भू-अभिलेख अधीक्षक तथा सहायक भू-अभिलेख अधीक्षक किन कर्तव्यों का पालन करेंगे?
a. केवल प्रशासनिक कर्तव्य
b. संहिता द्वारा या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा अधिरोपित कर्तव्य
c. केवल न्यायिक कर्तव्य
d. स्वतंत्र कर्तव्य
88. राज्य सरकार अन्य अधिकारी नियुक्त क्यों कर सकती है?
a. केवल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए
b. संहिता के उपबन्धों को प्रभावशील करने के लिए
c. केवल न्यायालय के आदेश पर
d. बिना किसी कारण के
89. अन्य अधिकारी किन कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे?
a. अपनी मर्जी से कर्तव्य तय करेंगे
b. राज्य सरकार द्वारा निदेशित कर्तव्य
c. केवल न्यायिक कर्तव्य
d. केवल प्रशासनिक कर्तव्य
90. अन्य अधिकारी किसके अधीनस्थ होंगे?
a. स्वतंत्र रूप से कार्य करेंगे
b. राज्य सरकार द्वारा निदेशित प्राधिकारियों के अधीनस्थ
c. केवल कलेक्टर के अधीनस्थ
d. केवल आयुक्त के अधीनस्थ
91. उपखण्ड अधिकारी की नियुक्ति किसके द्वारा की जा सकती है?
a. राज्य सरकार
b. आयुक्त
c. कलेक्टर
d. तहसीलदार
92. उपखण्ड अधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया जा सकता है?
a. केवल डिप्टी कलेक्टर
b. केवल सहायक कलेक्टर
c. केवल संयुक्त कलेक्टर
d. सहायक कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर
93. उपखण्ड अधिकारी किन शक्तियों का प्रयोग करेगा?
a. जो राज्य सरकार मौखिक रूप से बताए
b. केवल राजस्व वसूली से संबंधित
c. जो इस संहिता या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति के अधीन उपखण्ड अधिकारी को प्रदत्त हों
d. केवल सीमांकन कार्य
94. जब तक कलेक्टर अन्यथा निदेशित न करे, उपखण्ड का प्रत्येक राजस्व अधिकारी किसके अधीनस्थ होगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. उपखण्ड अधिकारी
d. नायब तहसीलदार
95. किसी तहसील का नायब तहसीलदार किसके अधीनस्थ होगा?
a. उपखण्ड अधिकारी
b. कलेक्टर
c. तहसीलदार
d. सहायक कलेक्टर
96. उपखण्ड के राजस्व अधिकारियों की अधीनस्थता में परिवर्तन कौन कर सकता है?
a. उपखण्ड अधिकारी
b. राज्य सरकार
c. कलेक्टर
d. आयुक्त
97. राज्य सरकार किसे वे शक्तियाँ प्रदत्त कर सकती है जो इस संहिता द्वारा किसी राजस्व अधिकारी को दी गई हैं?
a. केवल न्यायालयों को
b. केवल मंत्रियों को
c. केवल उच्च अधिकारियों को
d. किसी व्यक्ति को
98. राज्य सरकार किन अधिकारियों को उच्चतर श्रेणी के राजस्व अधिकारी की शक्तियाँ प्रदान कर सकती है?
a. केवल कलेक्टर
b. सहायक कलेक्टर, तहसीलदार या नायब तहसीलदार
c. ग्राम पंचायत सदस्य
d. राजस्व मण्डल के सदस्य
99. उपखण्ड अधिकारी अपनी नियुक्ति वाले जिले में कहां जांच या सुनवाई कर सकता है?
a. जिले के बाहर किसी भी स्थान पर
b. जिले के भीतर किसी भी स्थान पर
c. केवल तहसील कार्यालय में
d. केवल कलेक्टर कार्यालय में
100. कौन से अधिकारी भूमि पर प्रवेश कर सर्वेक्षण और सीमांकन कर सकते हैं?
a. केवल कलेक्टर
b. राजस्व अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, भू-मापक, पटवारी, उनके सेवक और कर्मकार
c. केवल भू-मापक और पटवारी
d. कोई भी व्यक्ति
101. किसी भवन या प्रांगण में प्रवेश करने के लिए क्या आवश्यक है?
a. अधिभोगी की अनुमति और कम से कम 24 घंटे की सूचना
b. केवल अधिभोगी की अनुमति
c. केवल 24 घंटे की सूचना
d. बिना अनुमति और सूचना प्रवेश कर सकते हैं
102. प्रवेश के समय किसका ध्यान रखा जाना चाहिए?
a. केवल धार्मिक भावनाओं का
b. केवल सामाजिक भावनाओं का
c. सामाजिक और धार्मिक दोनों भावनाओं का
d. किसी का ध्यान नहीं रखना चाहिए
103. मण्डल किन परिस्थितियों में किसी मामले को अन्य राजस्व अधिकारी को अन्तरित कर सकता है?
a. जब वह स्वयं चाहता हो
b. जब न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह समीचीन हो
c. जब राज्य सरकार आदेश दे
d. जब कलेक्टर निर्देश दे
104. मण्डल किसे मामले को अन्तरित करने का आदेश दे सकता है?
a. केवल अन्य जिले के राजस्व अधिकारी को
b. उसी जिले या अन्य जिले के समान या वरिष्ठ पद वाले राजस्व अधिकारी को
c. केवल स्वयं के अधीनस्थ अधिकारी को
d. केवल तहसीलदार को
105. आयुक्त किन मामलों में अन्य राजस्व अधिकारी को अन्तरित करने का आदेश दे सकता है?
a. जब वह स्वयं चाहता हो
b. जब न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह समीचीन हो
c. केवल मण्डल के निर्देश पर
d. जब तहसीलदार आदेश दे
106. आयुक्त मामले को अन्तरित करते समय किस जिले के राजस्व अधिकारी को नियुक्त कर सकता है?
a. केवल उसी जिले के
b. उसी जिले या उसी संभाग के किसी अन्य जिले के समान या वरिष्ठ पद के राजस्व अधिकारी को
c. केवल अन्य संभाग के अधिकारियों को
d. केवल सहायक कलेक्टर को
107. कलेक्टर या उपखण्ड अधिकारी किसी मामले को किसे सौंप सकते हैं?
a. किसी भी व्यक्ति को
b. अपने अधीनस्थ ऐसे राजस्व अधिकारी को जो मामले को विनिश्चित करने के लिए सक्षम हो
c. केवल तहसीलदार को
d. केवल मण्डल को
108. कलेक्टर या उपखण्ड अधिकारी किस स्थिति में किसी मामले को वापस कर सकते हैं?
a. जब उन्हें समय न मिले
b. जब मामले को किसी अन्य अधिकारी से वापस लेना हो
c. जब मामले को मण्डल देखना चाहे
d. केवल आयुक्त के आदेश पर
109. कलेक्टर या उपखण्ड अधिकारी मामलों के निपटारे के लिए किसे निदेशित कर सकते हैं?
a. किसी भी अधिकारी को
b. अपने अधीनस्थ ऐसे राजस्व अधिकारी को जो मामले को विनिश्चित करने के लिए सक्षम हो
c. केवल तहसीलदार को
d. केवल सहायक कलेक्टर को
110. आयुक्त, कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी या तहसीलदार किसके लिए जांच तथा रिपोर्ट हेतु मामला सौंप सकते हैं?
a. किसी भी अधिकारी को
b. अपने अधीनस्थ किसी राजस्व अधिकारी को
c. केवल कलेक्टर को
d. केवल मण्डल को
111. मण्डल या राजस्व अधिकारी कब राजस्व न्यायालय कहलाएंगे?
a. जब वे केवल राज्य सरकार के आदेश पर कार्य करते हों
b. जब वे राज्य सरकार तथा किसी व्यक्ति के बीच या कार्यवाहियों के पक्षकारों के बीच उत्पन्न प्रश्न की जांच या विनिश्चित करने के लिए शक्ति का प्रयोग कर रहे हों
c. जब वे किसी आम नागरिक के मामले देखते हों
d. जब वे केवल दस्तावेज तैयार कर रहे हों
112. राजस्व न्यायालयों की अंतर्निहित शक्ति किस लिए आवश्यक मानी गई है?
a. केवल राजस्व वसूली के लिए
b. न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति और न्यायालय की प्रक्रिया के दुरुपयोग के निवारण के लिए
c. केवल दस्तावेजों की जांच के लिए
d. केवल कर निर्धारण के लिए
113. क्या इस संहिता की कोई बात राजस्व न्यायालय की अंतर्निहित शक्ति को सीमित करती है?
a. हाँ, पूरी तरह सीमित करती है
b. नहीं, इसे सीमित नहीं करती या प्रभावित नहीं करती
c. केवल कुछ मामलों में सीमित करती है
d. केवल राज्य सरकार के आदेश पर सीमित होती है
114. राजस्व न्यायालय के रूप में कार्य करने वाले राजस्व अधिकारी को किन प्रावधानों के अधीन साक्ष्य लेने तथा समन जारी करने की शक्ति प्राप्त होती है?
a. केवल इस संहिता के अधीन
b. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 132, 133 तथा धारा 258 के नियमों के अधीन
c. केवल स्थानीय सरकार के आदेश के अधीन
d. केवल अदालत के आदेश के अधीन
115. किसी व्यक्ति को स्वयं हाजिर होने के लिए कब तक आदिष्ट नहीं किया जाएगा?
a. जब वह तहसील की सीमा के भीतर रहता हो
b. जब वह राजस्व अधिकारी की अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर निवास नहीं करता हो
c. जब वह मामले का पक्षकार न हो
d. जब वह दस्तावेज पेश न करे
116. राजस्व अधिकारी किस स्थिति में किसी व्यक्ति से साक्ष्य देने या दस्तावेज पेश करने की अपेक्षा कर सकता है?
a. केवल अदालत के आदेश पर
b. जब वह उपस्थित हो और उचित समझे
c. केवल कलेक्टर के निर्देश पर
d. केवल राज्य सरकार के आदेश पर
117. राजस्व अधिकारी किसे कमीशन जारी कर परीक्षा करवा सकता है?
a. किसी भी व्यक्ति को
b. केवल उस व्यक्ति को जिसे न्यायालय में हाजिर होने से छूट मिली हो या जो रुग्णता/अंगशैथिल्य के कारण हाजिर नहीं हो सकता
c. केवल नायब तहसीलदार को
d. केवल तहसीलदार को
118. यदि कोई व्यक्ति साक्षी के रूप में हाजिर होने या दस्तावेज पेश करने के लिए जारी समन का पालन नहीं करता है, तो समन जारी करने वाला अधिकारी क्या कर सकता है?
a. केवल चेतावनी दे सकता है
b. गिरफ्तारी या जमानतीय वारंट जारी कर सकता है
c. मामले को रद्द कर सकता है
d. कोई कार्रवाई नहीं कर सकता
119. समन का पालन न करने वाले व्यक्ति को अधिकारी क्या आदेश दे सकता है?
a. कि वह उपसंजाति के लिए प्रतिभूति दे
b. कि वह नई तिथि पर हाजिर हो
c. कि वह सरकारी नौकरी छोड़े
d. कि वह जुर्माना भर दे
120. समन का पालन न करने पर अधिकारी कितना जुर्माना लगा सकता है?
a. 500 रुपये
b. 1000 रुपये से अधिक नहीं
c. 2000 रुपये
d. जुर्माना नहीं लगाया जा सकता
121. यदि किसी पक्षकार पर समन या सूचना की तामील नहीं हुई क्योंकि विरोधी पक्षकार ने आदेशिका फीस का भुगतान नहीं किया, तो राजस्व अधिकारी क्या कर सकता है?
a. मामला अगली तारीख तक टाल सकता है
b. मामले को आदेशिका फीस न भुगतान के कारण खारिज कर सकता है
c. पक्षकार को चेतावनी दे सकता है
d. मामले को वापस लौटा सकता है
122. यदि किसी पक्षकार को सम्यक् समन या सूचना मिल चुकी हो लेकिन वह सुनवाई में उपसंजात न हो, तो क्या किया जा सकता है?
a. सुनवाई स्थगित कर दी जाएगी
b. मामला यथास्थिति उसकी अनुपस्थिति में सुना और अवधारित किया जा सकता है या खारिज किया जा सकता है
c. मामला वापस भेज दिया जाएगा
d. सुनवाई को दोबारा तय किया जाएगा
123. उपधारा (1) या (2) के तहत आदेश पारित होने के बाद पक्षकार कितने दिनों के भीतर उस आदेश को अपास्त करने के लिए आवेदन कर सकता है?
a. 10 दिन
b. 15 दिन
c. 30 दिन
d. 60 दिन
124. यदि आवेदन नामंजूर कर दिया जाता है, तो पक्षकार क्या कर सकता है?
a. पुनः वही आवेदन कर सकता है
b. उच्च प्राधिकारी के पास अपील दाखिल कर सकता है
c. कोई कार्रवाई नहीं कर सकता
d. सीधे अदालत में जा सकता है
125. किस स्थिति में इस धारा के तहत पारित आदेश के विरुद्ध कोई अपील नहीं होगी?
a. जब आवेदन सही नहीं हो
b. जब राजस्व अधिकारी ने गुणागुण के आधार पर विनिश्चय किया हो
c. जब आवेदनकर्ता ने फीस न दी हो
d. जब आदेश कम महत्व का हो
126. राजस्व अधिकारी किन कारणों से सुनवाई को स्थगित कर सकता है?
a. केवल आपसी समझौते से
b. अभिलिखित कारणों से और खर्चे विषयक निबन्धनों पर
c. पक्षकारों की इच्छा से
d. बिना कारण के भी कर सकता है
127. किसी मामले में अधिकतम कितने स्थगन दिए जा सकते हैं?
a. कोई सीमा नहीं
b. दो स्थगन
c. चार स्थगन
d. छह स्थगन
128. स्थगन किसके साथ प्रदान किया जायेगा?
a. बिना खर्चे के
b. केवल लिखित अनुमति के साथ
c. खर्चे के साथ
d. केवल पक्षकारों की सहमति से
129. स्थगित सुनवाई की तारीख और स्थान किसे प्रज्ञापित किया जाएगा?
a. केवल पक्षकारों को
b. केवल साक्षियों को
c. उपस्थित पक्षकारों तथा साक्षियों को
d. किसी को नहीं
130. विधि व्यवसायी की फीस कब तक खर्चे के रूप में दिलवाई नहीं जा सकती?
a. जब तक कि कोई पक्षकार विरोध न करे
b. जब तक कि राजस्व अधिकारी लेखबद्ध कारणों से अन्यथा न समझे
c. हमेशा खर्चे में शामिल होती है
d. जब तक कि राज्य सरकार अनुमति न दे
131. राजस्व अधिकारी के आदेश कब उलटने योग्य होंगे?
a. जब कोई गलती, लोप या अनियमितता हो तो तुरंत उलट दिए जाएंगे
b. जब गलती, लोप या अनियमितता के कारण वस्तुतः न्याय न हो पाया हो
c. किसी भी परिस्थिति में आदेश उलट नहीं सकते
d. केवल उच्च न्यायालय के आदेश पर उलट सकते हैं
132. क्या कोई भी गलती होने पर राजस्व अधिकारी का आदेश स्वचालित रूप से उलटा जाएगा?
a. हाँ
b. नहीं, जब तक कि न्याय न हो पाया हो
c. केवल कलेक्टर की मंजूरी पर
d. केवल उच्च न्यायालय के आदेश पर
133. इस संहिता में अभिव्यक्त उपबन्ध न होने की स्थिति में कौन सी प्रक्रिया लागू होगी?
a. केवल इस संहिता की प्रक्रिया
b. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की अधिकृत प्रक्रिया
c. किसी अन्य अधिनियम की प्रक्रिया
d. कोई प्रक्रिया लागू नहीं होगी
134. यदि मूल आदेश उपखण्ड अधिकारी के अधीनस्थ किसी राजस्व अधिकारी द्वारा पारित किया गया हो, तो उसकी अपील किसे होगी?
a. कलेक्टर
b. उपखण्ड अधिकारी
c. आयुक्त
d. राजस्व मण्डल
135. उप सर्वेक्षण अधिकारी के अधीनस्थ किसी राजस्व अधिकारी द्वारा पारित आदेश की अपील किसे होगी?
a. कलेक्टर
b. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
c. उप सर्वेक्षण अधिकारी
d. आयुक्त
136. उपखण्ड अधिकारी द्वारा पारित आदेश की अपील किसे होगी?
a. कलेक्टर
b. आयुक्त
c. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
d. राजस्व मण्डल
137. कलेक्टर द्वारा पारित आदेश की अपील किसे होगी?
a. आयुक्त
b. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
c. उपखण्ड अधिकारी
d. राजस्व मण्डल
138. आयुक्त या आयुक्त, भू-अभिलेख द्वारा पारित आदेश की अपील किसे होगी?
a. कलेक्टर
b. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
c. राजस्व मण्डल
d. उप सर्वेक्षण अधिकारी
139. द्वितीय अपील किस आधार पर की जा सकती है?
a. केवल जब आदेश में व्यय परिवर्तन हो
b. केवल जब आदेश उलट दिया गया हो
c. जब प्रथम अपील में आदेश परिवर्तित, उलट दिया गया हो या विधि के विरुद्ध हो, या विनिश्चय में त्रुटि हो
d. द्वितीय अपील नहीं हो सकती
140. धारा 46 के अनुसार, किन आदेशों के विरुद्ध कोई अपील नहीं होगी?
a. जो स्थायी आदेश हों
b. जो अन्तरिम स्वरूप के हों
c. जो पुनर्विलोकन में स्वीकार किए गए हों
d. जो पुनर्विलोकन के आवेदन को स्वीकार करें
141. किस आदेश के विरुद्ध धारा 46 के अनुसार अपील नहीं होगी?
a. ऐसे आदेश जिनके विरुद्ध पुनर्विलोकन के लिए आवेदन नामंजूर किया गया हो
b. ऐसे आदेश जो अपील के लिए स्वीकार किए गए हों
c. ऐसे आदेश जो अंतिम निर्णय हों
d. ऐसे आदेश जिनमें अपील की अनुमति दी गई हो
142. धारा 46 के अंतर्गत, किन आदेशों के विरुद्ध अपील नहीं की जा सकेगी?
a. जो धारा 104(2) या धारा 106(1) के अधीन की नियुक्ति से संबंधित हों
b. जो अपील के लिए स्वीकृत हों
c. जो अंतिम आदेश हों
d. जो पुनर्विलोकन के लिए मंजूर हों
143. धारा 46 के अनुसार, किस आधार पर कोई आवेदन ग्रहण किया गया हो तो उसके आदेश के विरुद्ध अपील नहीं होगी?
a. परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 5 में विनिर्दिष्ट आधार
b. सामान्य अपील नियम
c. अदालत के आदेश
d. कलेक्टर के निर्देश
144. अपील की परिसीमा के अनुसार, उपखण्ड अधिकारी या कलेक्टर को किसी आदेश के विरुद्ध अपील करने के लिए कितने दिन का समय मिलता है?
a. 30 दिन
b. 45 दिन
c. 60 दिन
d. 90 दिन
145. आयुक्त को किसी आदेश के विरुद्ध अपील करने के लिए कितने दिन का समय दिया गया है?
a. 45 दिन
b. 60 दिन
c. 90 दिन
d. 120 दिन
146. मण्डल को अपील दायर करने की परिसीमा क्या है?
a. 45 दिन
b. 60 दिन
c. 90 दिन
d. 120 दिन
147. मध्य भारत क्षेत्र में पारित आदेशों की अपील किन अधिकारियों को और कितने दिनों के भीतर की जा सकती है?
a. उपखण्ड अधिकारी को 45 दिनों में
b. कलेक्टर को 60 दिनों में
c. राजस्व अधिकारी को 60 दिनों में
d. मण्डल को 90 दिनों में
148. यदि किसी पक्षकार को आदेश पारित होने की पूर्व सूचना नहीं मिली है, तो अपील की परिसीमा की गणना कब से की जाएगी?
a. आदेश पारित होने की तारीख से
b. आदेश के संसूचित होने की तारीख से
c. अपील दायर करने की तारीख से
d. सूचना प्राप्ति की तारीख से
149. पुनरीक्षण के लिए कौन-कौन से अधिकारी स्वप्रेरणा या पक्षकार के आवेदन पर आदेश की वैधता या नियमितता की जांच कर सकते हैं?
a. केवल मण्डल
b. मण्डल, आयुक्त, आयुक्त (भू-अभिलेख), कलेक्टर या जिला सर्वेक्षण अधिकारी
c. केवल कलेक्टर
d. केवल जिला सर्वेक्षण अधिकारी
150. किन परिस्थितियों में पुनरीक्षण के आवेदन को ग्रहण नहीं किया जाएगा?
a. जब आदेश अपील योग्य हो लेकिन उत्तराधिकारी नहीं है
b. जब आदेश अपील योग्य हो लेकिन आवेदन धारा (1)(दो) (के अ), (क) या (ब) के तहत हो
c. जब आदेश में त्रुटि स्पष्ट न हो
d. जब आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध न हो
151. कौन से अधिकारी स्वयं द्वारा या पूर्वाधिकारी द्वारा पारित आदेश का पुनर्विलोकन कर सकते हैं?
a. केवल मण्डल
b. केवल कलेक्टर और आयुक्त
c. मण्डल तथा प्रत्येक राजस्व अधिकारी
d. केवल जिला सर्वेक्षण अधिकारी
152. यदि कलेक्टर ऐसा आदेश पुनर्विलोकन करना चाहता है जो उसने स्वयं पारित नहीं किया हो, तो उसे पहले किसकी मंजूरी लेनी होगी?
a. कलेक्टर स्वयं निर्णय ले सकता है
b. जिला सत्र न्यायाधीश
c. राज्य सरकार
d. मण्डल
153. ऐसे आदेश का पुनर्विलोकन कब नहीं किया जा सकता है?
a. जब उस पर पुनर्विलोकन पहले ही किया जा चुका हो
b. जब वह अपील या पुनरीक्षण में लंबित हो
c. जब आदेश पक्षकारों द्वारा मान्य किया गया हो
d. जब आदेश सार्वजनिक हित से जुड़ा हो
154. ऐसे आदेश का पुनर्विलोकन जो प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों को प्रभावित करता है, किसके आवेदन पर किया जा सकता है?
a. किसी भी व्यक्ति के आवेदन पर
b. केवल कलेक्टर के आदेश से
c. केवल कार्यवाही के किसी पक्षकार के आवेदन पर
d. राज्य सरकार की संस्तुति से
155. अधिकार संबंधी किसी आदेश का पुनर्विलोकन आवेदन कब तक किया जा सकता है?
a. 30 दिन के भीतर
b. 60 दिन के भीतर
c. 90 दिन के भीतर
d. किसी समय भी
156. धारा 50 या 51 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करने वाला प्राधिकारी आदेश का निष्पादन कितने समय तक रोक सकता है?
a. जब तक मामला लंबित हो
b. तीन माह से अधिक
c. तीन माह तक या अगली सुनवाई की तारीख तक, जो भी पहले हो
d. न्यायालय की अनुमति मिलने तक
157. धारा 57 के अनुसार, समस्त भूमियाँ किसकी संपत्ति मानी जाती हैं?
a. निजी व्यक्तियों की
b. राज्य सरकार की
c. पंचायतों की
d. केंद्र सरकार की
158. धारा 57 के अंतर्गत, यदि राज्य और किसी व्यक्ति के बीच भूमि के अधिकार को लेकर विवाद हो तो उसे कौन विनिश्चित करेगा?
a. जिला न्यायालय
b. उच्च न्यायालय
c. कलेक्टर
d. पंचायत समिति
159. धारा 58 में "भू-राजस्व" शब्द से क्या अभिप्रेत है?
a. केवल कृषि भूमि का कर
b. भूमि के लिए राज्य सरकार को देय समस्त धन
c. केवल पट्टा-धन
d. केवल प्रीमियम लगान
160. धारा 58 के अंतर्गत किन भूमि को राजस्व के दायित्व से छूट दी जा सकती है?
a. सभी भूमि को स्वतः छूट दी जाती है
b. केवल ऐसी भूमि जिसे राज्य सरकार के विशेष अनुदान या संविदा या नियमों के तहत पूर्णतः छूट दी गयी हो
c. वन भूमि को छूट दी जाती है
d. केवल निजी भूमि को छूट दी जाती है
161. धारा 59-ए के अनुसार, भू-राजस्व में किया गया परिवर्तन या निर्धारण कब से प्रभावशील होगा?
a. जब उस परिवर्तन की सूचना दी जाए
b. उस तारीख से जिसको कि व्यपवर्तन किया गया था
c. अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत से
d. अधिनियम के प्रवर्तित होने के दिन से
162. धारा 59-ए के अंतर्गत परिवर्तन का प्रभाव किस प्रकार लागू होता है?
a. केवल भविष्य के लिए
b. उस तिथि से पीछे हटकर लागू
c. अगले महीने से लागू
d. तभी जब पुनः निर्धारण हो
163. धारा 60 के अनुसार, उन भूमियों पर जिन पर भू-राजस्व का निर्धारण नहीं किया गया है, भू-राजस्व का निर्धारण कौन करेगा?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. कलेक्टर
c. तहसीलदार
d. राज्य सरकार
164. धारा 62 के अनुसार, आयुक्त भू-अभिलेख की नियुक्ति कौन करता है?
a. कलेक्टर
b. राज्य सरकार
c. जिला अधिकारी
d. पंचायत समिति
165. धारा 63 के अनुसार, राज्य सरकार क्या कर सकती है?
a. केवल एक अपर आयुक्त, भू-अभिलेख की नियुक्ति कर सकती है
b. एक या अधिक अपर आयुक्त, भू-अभिलेख की नियुक्ति कर सकती है
c. केवल आयुक्त, भू-अभिलेख की नियुक्ति कर सकती है
d. भूमि अधिग्रहण कर सकती है
166. जब अपर आयुक्त, भू-अभिलेख अपनी शक्तियों का प्रयोग कर रहा हो, तब उसे किस रूप में माना जाएगा?
a. एक सरकारी कर्मचारी
b. कलेक्टर का सहायक
c. आयुक्त, भू-अभिलेख के रूप में नियुक्त
d. एक स्वतंत्र अधिकारी
167. धारा 64 के अनुसार, जिले का कलेक्टर किस पद पर होगा?
a. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
b. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
c. उप सर्वेक्षण अधिकारी
d. अपर तहसीलदार
168. जिले का अपर कलेक्टर कब जिला सर्वेक्षण अधिकारी के रूप में कार्य कर सकेगा?
a. जब वह स्वयं चाहे
b. कलेक्टर के मौखिक आदेश पर
c. कलेक्टर के लिखित आदेश दिये जाने पर आवंटित क्षेत्र के लिये
d. उपखण्ड अधिकारी के निर्देश पर
169. उपखण्ड का उपखण्ड अधिकारी किस पद पर होगा?
a. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
b. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
c. उप सर्वेक्षण अधिकारी
d. आयुक्त भू-अभिलेख
170. तहसीलदार, अपर तहसीलदार या नायब तहसीलदार अपने क्षेत्राधिकार में कौन होंगे?
a. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
b. उप सर्वेक्षण अधिकारी
c. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
d. आयुक्त भू-अभिलेख
171. जिला सर्वेक्षण अधिकारी किसके अधीनस्थ होंगे?
a. उप सर्वेक्षण अधिकारी
b. तहसीलदार
c. आयुक्त भू-अभिलेख
d. कलेक्टर
172. उप सर्वेक्षण अधिकारी और सहायक सर्वेक्षण अधिकारी किसके अधीनस्थ होंगे?
a. तहसीलदार
b. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
c. आयुक्त भू-अभिलेख
d. अपर कलेक्टर
173. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी किसके अधीनस्थ होंगे?
a. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
b. कलेक्टर
c. उप सर्वेक्षण अधिकारी
d. आयुक्त भू-अभिलेख
174. धारा 65 के अनुसार, भू-सर्वेक्षण के अधीन भूमियों में कलेक्टर की शक्तियां किसमें निहित होंगी?
a. तहसीलदार
b. उप सर्वेक्षण अधिकारी
c. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
d. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
175. उपखण्ड अधिकारी की शक्तियां किसमें निहित होंगी?
a. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
b. उप सर्वेक्षण अधिकारी
c. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
d. आयुक्त भू-अभिलेख
176. तहसीलदार की शक्तियां किस पद में निहित होंगी?
a. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
b. उप सर्वेक्षण अधिकारी
c. सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
d. कलेक्टर
177. राज्य सरकार किसे जिला सर्वेक्षण अधिकारी की शक्तियां दे सकती है?
a. केवल सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
b. केवल उप सर्वेक्षण अधिकारी
c. उप सर्वेक्षण अधिकारी या सहायक सर्वेक्षण अधिकारी
d. किसी अन्य अधिकारी को नहीं
178. "भू-सर्वेक्षण" से क्या अभिप्रेत है?
a. केवल भूमि का नक्शा तैयार करना
b. केवल अधिकार अभिलेख तैयार करना
c. केवल सर्वेक्षण संख्यांकों का पुनर्गठन
d. भूमि का सर्वेक्षण, नक्शा तैयार करना, अधिकार अभिलेख तैयार करना आदि
e. सभी विकल्प सही हैं
179. भू-सर्वेक्षण के अंतर्गत भूमि को किस प्रकार विभाजित किया जाता है?
a. क्षेत्र अनुसार
b. सर्वेक्षण संख्यांकों/भू-खण्ड संख्यांकों में विभाजन
c. मालिक के अनुसार
d. जल स्रोतों के अनुसार
180. भू-सर्वेक्षण के लिए कौन-कौन से अभिलेख तैयार किए जाते हैं?
a. केवल नक्शा
b. केवल क्षेत्र पुस्तिका
c. केवल अधिकार अभिलेख
d. नक्शा, अधिकार अभिलेख, क्षेत्र पुस्तिका तथा अन्य अभिलेख
181. धारा 75 के अनुसार, "बन्दोबस्त" का अर्थ क्या है?
a. भूमि का नक्शा तैयार करना
b. राजस्व सर्वेक्षण के दौरान किसी स्थानीय क्षेत्र की भूमियों पर देय भू-राजस्व अवधारित करने या पुनरीक्षित करने की संक्रिया का परिणाम
c. केवल भूमि की नाप-तोल प्रक्रिया
d. भू-राजस्व की अदायगी की अंतिम तिथि
182. "बन्दोबस्त की अवधि" किसे कहते हैं?
a. भूमि सर्वेक्षण की अवधि
b. वह कालावधि, जिसके दौरान पुनरीक्षित भू-राजस्व प्रवृत्त रहेगा
c. भू-राजस्व भुगतान की समय सीमा
d. स्थानीय क्षेत्र में सर्वेक्षण की शुरुआत की तारीख
183. धारा 75 में "बन्दोबस्त" की संक्रियाएँ किस भाग के उपबन्धों के अनुसार की जाती हैं?
a. भूमि सुधार अधिनियम के
b. इस भाग के उपबन्धों के
c. केवल केन्द्र सरकार के नियमों के
d. स्थानीय पंचायत के नियमों के
184. धारा 80 के अनुसार, कौन सभी प्रकार की भूमियों का उचित निर्धारण करने का अधिकार रखता है, जिन पर भू-राजस्व निर्धारण विस्तारित होता है?
a. तहसीलदार
b. ग्राम प्रधान
c. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
d. राजस्व निरीक्षक
185. धारा 82 के अनुसार, भू-राजस्व निर्धारण कब प्रभावशील होता है?
a. उसी वर्ष जब निर्धारण किया गया हो
b. अगले पंचवर्षीय योजना से
c. आगामी राजस्व वर्ष से
d. तुरंत प्रभाव से
186. भू-राजस्व का निर्धारण कब तक प्रभावशील रहेगा?
a. अगले चुनाव तक
b. जब तक वह परिवर्तित न किया जाए
c. केवल 3 वर्षों तक
d. ग्राम सभा की सहमति तक
187. भू-राजस्व निर्धारण किन धाराओं के अनुसार नियत किया जाता है?
a. धारा 59 एवं 61
b. धारा 80 एवं 81
c. धारा 77 एवं 81
d. धारा 75 एवं 82
188. धारा 85(1) के अनुसार, सामान्य रूप से भू-राजस्व निर्धारण की अवधि कितने वर्षों की होती है?
a. 15 वर्ष
b. 20 वर्ष
c. 30 वर्ष
d. 50 वर्ष
189. राज्य सरकार विशेष परिस्थितियों में भू-राजस्व निर्धारण को 30 वर्ष के पहले बदलने का निर्देश कब दे सकती है?
a. कभी भी
b. केवल पहले 10 वर्षों में
c. 15 वर्ष की अवधि पूर्ण होने के बाद
d. 5 वर्षों में एक बार
190. भू-राजस्व निर्धारण की अवधि समाप्त होने के बाद पुनरीक्षण का अधिकार किसे है?
a. ग्राम पंचायत
b. तहसीलदार
c. उपखण्ड अधिकारी
d. जिला सर्वेक्षण अधिकारी
191. धारा 91-क के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. जिला कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. राज्य सरकार
d. उपखण्ड अधिकारी
192. राज्य सरकार किन कार्यों के संचालन के विनियमन के लिए नियम बना सकती है?
a. केवल भू-सर्वेक्षण
b. केवल भू-राजस्व निर्धारण
c. भू-सर्वेक्षण और भू-राजस्व निर्धारण दोनों
d. केवल भूमि विवाद निपटान
193. इस अध्याय के उपबन्ध किस प्रकार की भूमि पर लागू होंगे?
a. केवल ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि
b. केवल कृषि भूमि
c. नगरीय क्षेत्र में भूमिस्वामी, पट्टेदार या सेवा-भूमि धारक द्वारा धारित भूमि
d. केवल सरकारी भूमि
194. कलेक्टर कब भू-खण्ड पर निर्धारण इस अध्याय के उपबन्धों के अनुसार करेगा?
a. जब भू-खण्ड का स्वामित्व बदलता है
b. जब भू-राजस्व या लगान पुनरीक्षण योग्य हो जाए
c. जब नया भू-राजस्व निर्धारण लागू हो
d. जब पटवारी आवेदन करता है
195. कलेक्टर भू-खण्ड संख्यांकों के संबंध में क्या कर सकता है?
a. केवल पुनर्क्रमांकित कर सकता है
b. केवल उपविभाजित कर सकता है
c. पुनर्क्रमांकित कर सकता है या उपविभाजित कर सकता है
d. न तो पुनर्क्रमांकित कर सकता है न उपविभाजित
196. निर्धारण के प्रयोजनों के लिए नगर का क्षेत्र कैसे विरचित किया जाएगा?
a. वार्डों में
b. खण्डों (ब्लाक्स) में
c. तहसीलों में
d. ग्राम पंचायतों में
197. यदि कृषि भूमि के भू-राजस्व या लगान का पुनरीक्षण से ठीक पूर्व देय भू-राजस्व का डेढ़ गुना से अधिक हो, तो नया निर्धारण कैसे किया जाएगा?
a. पुनरीक्षण से पूर्व के भू-राजस्व के बराबर
b. डेढ़ गुने (1.5 गुने) के हिसाब से
c. दो गुना के हिसाब से
d. कोई निर्धारण नहीं किया जाएगा
198. अन्य (गैर-कृषि) भूमि के लिए यदि भू-राजस्व या लगान पुनरीक्षण से ठीक पूर्व देय का छह गुना से अधिक हो, तो नया निर्धारण कैसे किया जाएगा?
a. पुनरीक्षण से पूर्व के भू-राजस्व के बराबर
b. छह गुने के हिसाब से
c. चार गुने के हिसाब से
d. सात गुने के हिसाब से
199. धारा 100 के अधीन नियत किया गया भू-राजस्व निर्धारण कितनी अवधि तक प्रभावी रहेगा?
a. 10 वर्ष तक
b. 15 वर्ष तक
c. 30 वर्ष तक या उससे अधिक दीर्घकालिक अवधि तक जब तक पुनर्निर्धारण न हो
d. जब तक कलेक्टर चाहे
200. कलेक्टर पटवारी हल्कों में पटवारियों की नियुक्ति किसलिए करेगा?
a. केवल भूमि मापने के लिए
b. भू-अभिलेख रखने, उनके शुद्धिकरण तथा राज्य सरकार द्वारा विहित अन्य कर्तव्यों के लिए
c. केवल राजस्व संग्रह के लिए
d. केवल पंचायत कार्यों के लिए
201. कलेक्टर तहसील में पटवारी हल्कों को किसमें विन्यस्त करेगा?
a. ग्राम पंचायत हल्कों में
b. राजस्व निरीक्षकों के हल्कों में
c. तहसीलदार के हल्कों में
d. विकास अधिकारी के हल्कों में
202. कलेक्टर किन पदों पर नियुक्ति कर सकता है?
a. केवल राजस्व निरीक्षक
b. राजस्व निरीक्षक, नगर सर्वेक्षक, सहायक नगर सर्वेक्षक तथा मापक (मेजर)
c. केवल नगर सर्वेक्षक और सहायक नगर सर्वेक्षक
d. केवल मापक (मेजर)
203. भूमि का नक्शा किसके लिए तैयार किया जाएगा?
a. केवल नगरों के लिए
b. केवल बंजर भूमि के लिए
c. प्रत्येक ग्राम के लिए, जब तक राज्य सरकार अन्यथा न कहे
d. केवल सरकारी भूमि के लिए
204. अधिकार अभिलेख किसके लिए तैयार और रखा जाएगा?
a. केवल ग्रामों के लिए
b. केवल नगरीय क्षेत्रों के लिए
c. प्रत्येक ग्राम एवं नगरीय क्षेत्र के लिए उन नियमों के अनुसार जो बनाए गए हों
d. केवल सरकारी भूमि के लिए
205. पटवारी द्वारा अधिकार अर्जन की जानकारी किस पोर्टल में दर्ज की जाती है?
a. भूमि सुधार पोर्टल
b. नामांतरण निरीक्षण पोर्टल
c. ई-नामांतरण पोर्टल
d. पट्टा प्रबंधन पोर्टल
206. तहसीलदार, नामांतरण प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए क्या करता है?
a. पटवारी को निर्देश देता है
b. क्षेत्रीय निरीक्षण करता है
c. हितबद्ध पक्षकारों को नोटिस जारी करता है
d. नगर पंचायत को सूचित करता है
207. सिविल न्यायालय को अधिकार अभिलेख में दर्ज किसी अधिकार से संबंधित विवाद की सुनवाई का अधिकार कब होता है?
a. जब विवाद कृषि भूमि से संबंधित हो
b. जब पटवारी पक्षकार हो
c. जब राज्य सरकार पक्षकार न हो
d. जब नामांतरण लंबित हो
208. किस प्रकार के अधिकार से संबंधित विवाद सिविल न्यायालय द्वारा विनिश्चित किया जा सकता है?
a. जो केवल मौखिक रूप से बताए गए हों
b. जो तहसील रिकॉर्ड में न हो
c. जो अधिकार अभिलेख में अभिलिखित हों
d. जो राजस्व निरीक्षक द्वारा नकारे गए हों
209. निम्न में से कौन-सा अभिलेख धारा 114 के अंतर्गत तैयार किया जाता है?
a. खसरा पंचनामा
b. धारा 114 क के अधीन किसान किताब
c. विक्रय अनुबंध
d. भूमि कर अनुसूची
210. किसान किताब किसके लिए बाध्यकारी होती है?
a. प्रत्येक पटवारी
b. प्रत्येक भूमिस्वामी जिसका नाम खसरे या क्षेत्र पुस्तक में है
c. तहसीलदार
d. सरकारी अधिकारी
211. धारा 119 के अनुसार, धारा 109 या धारा 118 के तहत अपेक्षित जानकारी या रिपोर्ट देने में उपेक्षा करने पर व्यक्त पर क्या शास्ति लग सकती है?
a. 500 रुपए का अर्थदंड
b. 1000 रुपए से अधिक का अर्थदंड, जो भू-राजस्व के रूप में वसूली योग्य होगा
c. जेल की सजा
d. कोई शास्ति नहीं लगती
212. धारा 112 के अंतर्गत रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी द्वारा सूचना एक माह के भीतर न देने पर तहसीलदार कितनी राशि का अर्थदंड लगा सकता है?
a. 1000 रुपए
b. 2000 रुपए
c. 5000 रुपए से अधिक नहीं
d. 10,000 रुपए
213. धारा 126 के अनुसार, बेदखल किए गए व्यक्ति को भूमि पर अपना हक स्थापित करने के लिए कितनी अवधि के भीतर सिविल वाद दायर करना होगा?
a. 6 माह
b. 1 वर्ष
c. 2 वर्ष
d. 3 वर्ष
214. धारा 130 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर सीमा-चिह्न या सर्वेक्षण चिह्न को विनष्ट, क्षति पहुँचाए या हटाए तो उसे किस अधिकारी द्वारा आदेश दिया जा सकता है कि वह जुर्माना भरे?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार या सशक्त राजस्व अधिकारी
c. ग्राम पंचायत अध्यक्ष
d. पुलिस अधिकारी
215. सीमा-चिह्न या सर्वेक्षण चिह्न को जानबूझकर विनष्ट करने पर अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?
a. 1,000 रुपये
b. 2,500 रुपये
c. 5,000 रुपये से अधिक नहीं
d. 10,000 रुपये
216. धारा 132 के तहत अधिकतम शास्ति की राशि कितनी हो सकती है?
a. 1,000 रुपये
b. 5,000 रुपये
c. 10,000 रुपये
d. 50,000 रुपये
217. धारा 134 के अनुसार, तहसीलदार किससे बन्धपत्र निष्पादित कराने की अपेक्षा कर सकता है?
a. किसी भी व्यक्ति से जो सरकारी अधिकारी है।
b. किसी भी ऐसे व्यक्ति से जो धारा 131, 132 या 133 के अधीन अधिक्रमण या बाधा पहुँचाए।
c. केवल पटवारी से।
d. केवल ग्राम पंचायत के सदस्यों से।
218. बन्धपत्र की अधिकतम राशि क्या हो सकती है, जिसे तहसीलदार उचित समझे?
a. 1,000 रुपए
b. 3,000 रुपए
c. 5,000 रुपए
d. 10,000 रुपए
219. धारा 137 के अनुसार, किसी भूमि पर निर्धारित किया गया भू-राजस्व उस भूमि पर किस प्रकार का भार होगा?
a. द्वितीय भार
b. तृतीय भार
c. प्रथम भार
d. कोई भार नहीं
220. धारा 138 के अनुसार, भूमिस्वामी के खाते पर भू-राजस्व का भुगतान करने के लिए कौन दायी होगा?
a. तहसीलदार
b. भूमिस्वामी
c. पट्टेदार
d. राज्य सरकार
221. धारा 138 के अनुसार, यदि किसी खाते में राज्य सरकार द्वारा पट्टे पर दी गई भूमि शामिल हो, तो भू-राजस्व भुगतान के लिए कौन दायी होगा?
a. भूमिस्वामी
b. पट्टेदार
c. तहसीलदार
d. ग्राम प्रधान
222. धारा 140 के अनुसार, किसी राजस्व वर्ष का भू-राजस्व किस दिन से शोध्य हो जाता है?
a. अंतिम दिन
b. मध्य दिवस
c. राजस्व वर्ष के प्रथम दिन
d. अधिसूचना की तिथि
223. यदि उपधारा (1) के अनुसार रसीद नहीं दी जाती है, तो तहसीलदार किस प्रकार की शास्ति अधिरोपित कर सकता है?
a. ₹1,000 तक
b. ₹5,000 तक
c. भुगतान की गई रकम के दुगुने तक
d. ₹10,000 तक
224. यदि भू-राजस्व की किसी किश्त का भुगतान विहित तारीख के एक मास बाद भी नहीं किया जाता है, तो कौन अधिकारी शास्ति अधिरोपित कर सकता है?
a. पटवारी
b. तहसीलदार
c. उपखण्ड अधिकारी
d. कलेक्टर
225. अधिरोपित की जाने वाली शास्ति की अधिकतम सीमा क्या हो सकती है?
a. ₹1,000
b. मूल राशि से दुगुनी
c. बकाया रकम के बराबर
d. ₹5,000
226. किस स्थिति में भू-राजस्व न चुकाने पर शास्ति अधिरोपित नहीं की जाएगी?
a. जब किश्त बहुत छोटी हो
b. जब भुगतान जानबूझकर न किया गया हो
c. जब सरकार के आदेश से भुगतान निलम्बित किया गया हो
d. जब भूमि पर विवाद लंबित हो
227. धारा 145(2) के अनुसार, प्रमाणित लेखा विवरण तैयार करने से पहले क्या बकायादार को सूचना देना आवश्यक है?
a. हाँ, लिखित सूचना देना आवश्यक है
b. नहीं, सूचना देना आवश्यक नहीं है
c. केवल कलेक्टर के आदेश पर
d. तहसील स्तर पर निर्णय लिया जाएगा
228. धारा 152 के अनुसार, जब तक उपखण्ड अधिकारी विक्रय का आदेश देते समय अन्यथा निदेश न दे, तो बेची गई भूमि क्रेता को किस प्रकार प्राप्त होगी?
a. उन विल्लंगमों और संविदाओं के साथ जो भूमि पर अधिरोपित हैं
b. उन विल्लंगमों और संविदाओं से मुक्त रूप से
c. केवल संविदाओं से मुक्त होकर
d. बिना भूमि के अधिकार के
229. धारा 153 के अनुसार, जब स्थावर सम्पत्ति का विक्रय इस अध्याय के उपबन्धों के अधीन किया जाता है और विक्रय पूर्ण हो जाता है, तो क्रेता का हक कब माना जाएगा?
a. जब विक्रय किया गया हो
b. जब विक्रय पूर्ण हो जाता है
c. विक्रय की तारीख के एक साल बाद
d. विक्रय की पुष्टि के बाद ही
230. धारा 157 के अनुसार, राज्य की धारित भूमियों के भू-धारियों का वर्ग क्या होगा?
a. कई वर्ग होंगे
b. दो वर्ग होंगे
c. केवल एक ही वर्ग होगा जो भूमिस्वामी के नाम से जाना जाएगा
d. वर्गों का उल्लेख नहीं है
231. धारा 160 के अनुसार माफी या इनाम भूमि पर भू-राजस्व का भुगतान कब से शुरू होगा?
a. अनुदान मिलने के समय से
b. संहिता के प्रवृत्त होने के ठीक पश्चात् आने वाले राजस्व-वर्ष के प्रारम्भ से
c. अनिश्चित काल के लिए
d. भूमि मालिक के आवेदन पर
232. धारा 164 के अनुसार भूमिस्वामी का हित मृत्यु के बाद कैसे संक्रान्त होगा?
a. सरकारी आदेश से
b. स्वीय विधि के अधीन विरासत, उत्तरजीविता या वसीयत द्वारा
c. भूमि पुनः आवंटन द्वारा
d. न्यायालय के निर्णय से
233. भूमि का विनिमय कैसे किया जा सकता है?
a. केवल सरकारी आदेश से।
b. भूमि स्वामी के व्यक्तिगत निर्णय से।
c. पारस्परिक करार द्वारा।
d. न्यायालय के आदेश से।
234. धारा 168 के अनुसार, सामान्यतः कोई भूमिस्वामी अपनी भूमि को कितने वर्षों में अधिकतम कितने समय के लिए पट्टे पर दे सकता है?
a. तीन वर्षों में एक वर्ष से अधिक समय के लिए।
b. एक वर्ष में तीन महीने के लिए।
c. पांच वर्षों में दो वर्ष के लिए।
d. कोई सीमा नहीं।
235. धारा 178 के अनुसार, जब किसी खाते में एक से अधिक भूमिस्वामी हों, तो खाते के विभाजन के लिए आवेदन कौन कर सकता है?
a. केवल प्रधान भूमिस्वामी
b. कोई भी भूमिस्वामी
c. तहसीलदार स्वयं
d. राज्य सरकार
236. धारा 180 के अनुसार, भूमि के अन्तरण के बिना वृक्षों का अन्तरण कब वैध माना जाएगा?
a. जब तहसीलदार अनुमति दे
b. जब राज्य सरकार आदेश दे
c. जब वृक्षों की उपज का अन्तरण किया जाए
d. जब वृक्षों की जड़ें हटा दी जाएं
237. सरकारी पट्टेदार किसे कहा जाता है?
a. ऐसा व्यक्ति जो निजी भूमि का स्वामी हो
b. ऐसा व्यक्ति जिसे बैंक से भूमि प्राप्त हुई हो
c. ऐसा व्यक्ति जो राज्य सरकार से भूमि धारण करता है और भूमिस्वामी के रूप में हकदार नहीं है
d. ऐसा व्यक्ति जो नगरपालिका से दुकान किराए पर ले
238. ग्राम सेवक की सेवा भूमि का अधिकार कब समाप्त हो जाता है?
a. जब वह उस भूमि को बेच देता है
b. जब वह उस भूमि को कृषि-भिन्न प्रयोजन हेतु व्यपवर्तित करता है
c. जब वह सेवा में होता है
d. जब वह उप-पट्टा देता है
239. सेवा भूमि पर ग्राम सेवक का अधिकार किस परिस्थिति में कुर्क या बेचा नहीं जा सकता?
a. केवल पारिवारिक विवादों में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 51 के अधीन
c. कृषि ऋण के लिए
d. राजस्व वसूली के लिए
240. जलोढ़ भूमि किसके अधिकार में होगी?
a. तहसीलदार
b. राज्य सरकार
c. भूमि स्वामी
d. जिला कलेक्टर
241. यदि तट से लगी हुई भूमि के खाते में बढ़ी जलोढ़ भूमि एक एकड़ से अधिक न हो, तो भूमिस्वामी को भू-राजस्व का भुगतान करना होगा?
a. हाँ, तत्काल भुगतान करना होगा
b. नहीं, भू-राजस्व का भुगतान नहीं करना होगा जब तक चालू अवधि में बढ़ी भूमि एक एकड़ से अधिक न हो जाये
c. केवल आधा भू-राजस्व देना होगा
d. भुगतान छूट नहीं मिलेगी
242. जब जलोढ़ भूमि का क्षेत्रफल एक एकड़ से अधिक हो जाए, तो उपखण्ड अधिकारी क्या करेगा?
a. भूमि को जब्त कर लेगा
b. भूमिस्वामी को प्रीमियम पर भूमि देने की प्रस्थापना करेगा जो बीस गुना अधिक नहीं होगी
c. भू-राजस्व दोगुना कर देगा
d. कोई कार्रवाई नहीं करेगा
243. "खातों की चकबन्दी" का क्या अर्थ है?
a. किसी भूमि का सरकारी कब्जा
b. किसी ग्राम में समस्त या किसी भूमि का ऐसा पुनर्वितरण जिससे भूमिस्वामियों को खेती की सुविधा के लिए भू-खण्ड आबंटित हो जाएँ
c. भूमि का बिक्री का कार्य
d. भूमि का नीलामी करना
244. चकबन्दी की किसी स्कीम को कार्यान्वित करने के लिए अंतरण प्रभावान्वित करने हेतु क्या आवश्यक है?
a. लिखित दस्तावेज़ आवश्यक है
b. कोई लिखत आवश्यक नहीं होगी
c. रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है
d. न्यायालय का आदेश आवश्यक है
245. चकबन्दी अधिकारी स्कीम को कार्यान्वित करने के खर्चे किससे वसूल करेगा?
a. केवल राज्य सरकार से
b. केवल तहसीलदार से
c. उन भूमिस्वामियों से जिनके खाते स्कीम से प्रभावित हों
d. किसी भी व्यक्ति से जो आवेदन करे
246. चकबन्दी कार्यवाहियों के दौरान कोई भूमिस्वामी कब सम्पत्ति का अंतरण नहीं कर सकता?
a. जब तहसीलदार अनुमति न दे
b. जब चकबन्दी अधिकारी आवेदन को अस्वीकार करे
c. जब चकबन्दी का आवेदन धारा 208 के अंतर्गत स्वीकार कर लिया गया हो
d. जब राज्य सरकार विशेष निर्देश जारी करे
247. चकबन्दी कार्यवाहियों के दौरान किसी भूमिस्वामी द्वारा संपत्ति के अंतरण पर रोक क्यों लगाई जाती है?
a. ताकि राज्य को लाभ हो
b. ताकि अन्य भूमिस्वामियों के अधिकार प्रभावित न हों
c. ताकि भूमि कर समय पर वसूला जा सके
d. ताकि कलेक्टर को निर्णय लेने में आसानी हो
248. चकबन्दी कार्यवाहियों के दौरान भूमि अंतरण की कौन-सी स्थिति अवैध मानी जाएगी?
a. जब भूमिस्वामी बिना अनुमति के अपना खाता बेच दे
b. जब अंतरण से किसी अन्य भूमिस्वामी के अधिकार प्रभावित हों
c. जब भूमि का किराया बढ़ा दिया जाए
d. जब भूमि कृषि उपयोग में लाई जाए
249. चकबन्दी के बाद भूमि के अधिकारों में क्या परिवर्तन होता है?
a. सभी अधिकार समाप्त हो जाते हैं
b. अधिकारों में आंशिक परिवर्तन होता है
c. अधिकार पूर्ववत् बने रहते हैं
d. अधिकार केवल कलेक्टर द्वारा अनुमोदित होते हैं
250. धारा 222 के अनुसार, पटेल की नियुक्ति कौन करता है?
a. तहसीलदार
b. उपखण्ड अधिकारी
c. कलेक्टर
d. ग्राम पंचायत
251. धारा 227 के तहत पटेल पर अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
a. ₹500
b. ₹1,000
c. ₹5,000
d. ₹10,000
252. कोटवारों के कर्तव्य किसके नियंत्रण में होंगे?
a. पंचायत समिति
b. ग्राम प्रधान
c. राजस्व अधिकारी
d. पुलिस विभाग
253. धारा 234 के अनुसार, निस्तार पत्रक कौन तैयार करेगा?
a. ग्राम प्रधान
b. उपखण्ड अधिकारी
c. कलेक्टर
d. पंचायत समिति
254. निस्तार पत्रक में क्या-क्या शामिल होगा?
a. केवल दखलरहित भूमि के मालिकों के नाम
b. दखलरहित भूमि के प्रबन्ध की स्कीम और धारा 235 में विनिर्दिष्ट विषय
c. केवल ग्राम की आर्थिक रिपोर्ट
d. ग्राम की विकास योजना
255. धारा 237 के अनुसार, कलेक्टर दखलरहित भूमि को निम्नलिखित में से किस प्रयोजन के लिए पृथक् रख सकेगा?
a. इमारती लकड़ी या ईंधन के लिए आरक्षित क्षेत्र
b. केवल आवासीय परियोजनाओं के लिए
c. केवल शिक्षा के लिए
d. केवल कर वसूली के लिए
256. धारा 237 के अनुसार, चरागाह, घास, बीड़ या चारे के लिए आरक्षित भूमि के न्यूनतम कितने प्रतिशत तक का व्यपवर्तन किया जा सकता है?
a. 1%
b. 2%
c. 5%
d. 10%
257. उपखण्ड अधिकारी किस भूमि या जल के संबंध में वाजिब-उल-अर्ज तैयार करेगा?
a. केवल राज्य सरकार की भूमि या जल के लिए
b. केवल स्थानीय प्राधिकरण की भूमि या जल के लिए
c. ऐसी भूमि या जल के लिए जो राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण की न हो या उनके द्वारा नियंत्रित न हो
d. केवल निजी भूमि या जल के लिए
258. खनिजों, खानों और खदानों का अधिकार किसके पास निहित होता है?
a. ग्राम पंचायत
b. राज्य सरकार
c. स्थानीय तहसीलदार
d. निजी व्यक्ति
259. निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकार खनिजों, खानों और खदानों के अधिकार के अंतर्गत आता है?
a. खनन के प्रयोजन के लिए भूमि तक पहुंचने का अधिकार
b. केवल खनिजों का विक्रय करने का अधिकार
c. किसी भी भूमि पर खेती करने का अधिकार
d. खनिजों का उपभोग करने का अधिकार बिना अनुमति के
260. तहसीलदार कितने तक जुर्माना लगा सकता है?
a. 10,000 रुपये
b. 25,000 रुपये
c. 50,000 रुपये
d. जुर्माना नहीं लगा सकता
261. ग्राम पंचायत द्वारा संकल्प पारित होने पर तहसीलदार कितने दिन के अंदर कार्यवाही प्रारंभ करेगा?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 45 दिन
d. 60 दिन
262. धारा 258 के अनुसार राज्य सरकार किस उद्देश्य से नियम बना सकती है?
a. केवल भू-अभिलेखों के निरीक्षण के लिए
b. संहिता के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए
c. केवल कृषि भूमि के प्रबंधन के लिए
d. भूमि मालिकों को कर छूट देने के लिए
263. नियमों में किस विषय के लिए उपबंध नहीं हो सकता?
a. राजस्व मंडल के अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा शर्तें
b. भूमि के भू-राजस्व निर्धारण का विनियमन
c. राज्य के आर्थिक नीतियों का निर्धारण
d. सर्वेक्षण संख्याओं का समामेलन और विभाजन
264. निम्नलिखित में से कौन सा नियम धारा 258 के अंतर्गत नहीं आता?
a. भू-खण्ड संख्याओं का उपखण्डों में विभाजन
b. पटवारी द्वारा दी जाने वाली अभिस्वीकृति का प्ररूप
c. राज्य सरकार के बजट का निर्धारण
d. ग्रामों की स्वच्छता और सड़क समारक्षण का विनियमन
265. धारा 258 के नियमों को विधान सभा के सामने कब रखा जाएगा?
a. नियम बनाने के बाद बिना प्रकाशन के
b. नियमों के पहले प्रकाशन के बाद
c. नियम बनने के बाद और ऐसे उपान्तरणों के अधीन जो विधान सभा द्वारा किए जाएँ
d. नियमों को सीधे लागू करने के बाद
266. निम्न में से कौन सा विषय धारा 258(2) के अंतर्गत नियम बनाने में शामिल है?
a. पटवारी की नियुक्ति और पारिश्रमिक का निर्धारण
b. कृषि उत्पादों के निर्यात पर कर लगाना
c. भू-राजस्व के लिए वार्षिक बजट तैयार करना
d. ग्रामीण विकास योजनाओं का निर्माण
267. धारा 258 के अंतर्गत नियम बनाने के संबंध में कौन-सी बात सही है?
a. नियम बिना किसी पूर्व प्रकाशन के बन सकते हैं
b. नियम केवल केंद्र सरकार द्वारा बनाए जाएंगे
c. नियम पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन होंगे
d. नियम केवल न्यायालय की अनुमति से बनेंगे
268. धारा 259 के अनुसार, महाकौशल क्षेत्र में किनके प्रति किए गए निर्देश को भूमिस्वामी के प्रति निर्देश माना जाएगा?
a. भूमिधारी या भूमिस्वामी
b. केवल भूमिधारी
c. केवल कृषक
d. केवल दखलकार
269. धारा 260 के अनुसार, यदि कोई केन्द्रीय अधिनियम राज्य के किसी क्षेत्र में प्रवृत्त नहीं होता, तो उस अधिनियम के प्रति किये गए निर्देश का क्या अर्थ होगा?
a. वह निर्देश उस क्षेत्र में प्रवृत्त किसी तत्स्थानी विधि के प्रति निर्देश माना जाएगा।
b. वह निर्देश अमान्य माना जाएगा।
c. वह निर्देश पूरे राज्य के लिए लागू होगा।
d. वह निर्देश केवल केंद्र सरकार के लिए होगा।
270. धारा 260 में "तत्स्थानी विधि" से क्या आशय है?
a. किसी क्षेत्र में लागू स्थानीय विधि
b. किसी केन्द्रीय अधिनियम की समान प्रति
c. राज्य सरकार द्वारा बनाई गई कोई भी विधि
d. केवल राष्ट्रीय स्तर की विधि
271. यदि राज्य के किसी क्षेत्र में कोई केन्द्रीय अधिनियम प्रवृत्त नहीं है, तब उसके प्रति निर्देश का प्रभाव कहाँ होगा?
a. तत्स्थानी विधि के प्रति होगा
b. पूरे राज्य के लिए होगा
c. केवल केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होगा
d. उस अधिनियम के लिए अमान्य होगा
272. धारा 260 किस प्रकार के अधिनियमों के निर्देशों पर लागू होती है?
a. केन्द्रीय अधिनियम जो राज्य के किसी क्षेत्र में प्रवृत्त न हों
b. केवल राज्य अधिनियम
c. केवल स्थानीय नियम और कानून
d. केवल अंतरराष्ट्रीय संधियाँ
273. धारा 261 के अनुसार, अनुसूची 2 में वर्णित अधिनियमितियाँ किस सीमा तक निरस्त की जाती हैं?
a. चौथे स्तम्भ में वर्णित सीमा तक
b. पूरे राज्य में पूरी तरह से निरस्त
c. केवल नए मामलों में लागू
d. वल मध्य भारत क्षेत्र में
274. धारा 263 के उपधारा (2) के अनुसार, पारित किये गए आदेश की एक प्रतिलिपि कब और कहाँ रखी जाएगी?
a. यथाशीघ्र विधान सभा के समक्ष रखी जाएगी
b. राज्यपाल के समक्ष रखी जाएगी
c. उच्च न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी
d. केंद्र सरकार के समक्ष रखी जाएगी
275. धारा 263 के अनुसार, कठिनाइयों का निराकरण करने के लिए राज्य सरकार किन चीजों का प्रयोग कर सकती है?
a. उपबन्ध करने या निदेश देने का अधिकार
b. केवल निदेश देने का अधिकार
c. केवल उपबन्ध करने का अधिकार
d. न्यायालय से आदेश मांगने का अधिकार
276. धारा 264 के अनुसार, इस संहिता का किस प्रकार के व्यक्तियों पर लागू न होना निर्धारित किया गया है?
a. जो व्यक्ति केन्द्रीय सरकार से भूमि धारण करता है
b. जो व्यक्ति राज्य सरकार से भूमि धारण करता है
c. जो व्यक्ति निजी भूमि मालिक है
d. जो व्यक्ति किसी भी प्रकार की भूमि नहीं रखता
277. धारा 264 के अनुसार, संहिता किन मामलों में लागू नहीं होगी?
a. केन्द्रीय सरकार से भूमि धारण करने वाले व्यक्तियों पर
b. राज्य सरकार से भूमि धारण करने वाले व्यक्तियों पर
c. निजी कृषकों पर
d. भूमिधारकों पर
278. धारा 264 के अनुसार, संहिता का अपवाद किसके लिए है?
a. केन्द्रीय सरकार से भूमि धारण करने वाले व्यक्ति
b. राज्य सरकार के अधिकारी
c. स्थानीय प्रशासन
d. निजी भूमिस्वामी