MP Vishesh Nyayalaya Adhiniyam MCQs Set-1

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

  

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1. इस अधिनियम का संक्षिप्त परिचय क्या है?

a. मध्य प्रदेश लोक सेवा अधिनियम, 2010

b. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011

c. मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2012

d. मध्य प्रदेश न्यायालय अधिनियम, 2009

 

2. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 का विषय क्या है?

a. केवल दीवानी मामलों का निपटारा

b. केवल पारिवारिक विवादों का समाधान

c. विशेष प्रकार के अपराधों के शीघ्र निपटारे और उनमें शामिल संपत्तियों की ज़ब्ती हेतु विशेष न्यायालयों के गठन तथा संबंधित एवं आनुषंगिक मामलों के लिए प्रावधान

d. केवल कर विवादों का निपटारा

 

3. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 किसके द्वारा अधिनियमित किया गया?

a. भारत की संसद द्वारा

b. भारत गणराज्य के 62वें वर्ष में मध्य प्रदेश विधानमंडल द्वारा

c. भारत के राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश के माध्यम से

d. उच्चतम न्यायालय द्वारा

 

4. धारा 1 का विषय क्या है?

a. परिभाषाएं

b. विशेष न्यायालयों का गठन

c. संक्षिप्त शीर्षक, विस्तार और प्रारंभ

d. अपराधों का वर्गीकरण

 

5. इस अधिनियम का संक्षिप्त शीर्षक क्या है?

a. मध्य प्रदेश न्यायालय अधिनियम, 2011

b. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011

c. मध्य प्रदेश विशेष अपराध अधिनियम, 2011

d. मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2011

 

6. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 का विस्तार किस क्षेत्र तक है?

a. केवल भोपाल जिले तक

b. केवल मध्य प्रदेश के नगर क्षेत्रों तक

c. यह मध्य प्रदेश राज्य के पूरे क्षेत्र में लागू होगा

d. सम्पूर्ण भारत में लागू होगा

 

7. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 कब लागू होगा?

a. अधिनियम पारित होते ही

b. राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद

c. उस तिथि से जो राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे

d. न्यायालय के आदेश से

 

8. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के प्रारंभ की तिथि कौन नियुक्त करती है?

a. राष्ट्रपति

b. संसद

c. राज्य सरकार

d. उच्च न्यायालय

 

9. राज्य सरकार अधिनियम के प्रारंभ की तिथि किस माध्यम से नियुक्त करती है?

a. राजपत्र आदेश द्वारा

b. अधिसूचना द्वारा

c. न्यायिक आदेश द्वारा

d. परिपत्र द्वारा

 

10. धारा 2 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों का गठन

b. परिभाषाएँ

c. अपराधों का विचारण

d. अपील

 

11. धारा 2(1)(क) का विषय क्या है?

a. "राज्य सरकार" की परिभाषा

b. "विशेष न्यायालय" की परिभाषा

c. "अधिनियम" (Act) की परिभाषा

d. "लोक सेवक" की परिभाषा

 

12. धारा 2(1)(क) के अनुसार "अधिनियम" से क्या तात्पर्य है?

a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

b. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973

c. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (1988 का 49)

d. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013

 

13. धारा 2(1)(ख) का विषय क्या है?

a. "संहिता" (Code) की परिभाषा

b. "अधिकृत अधिकारी" (authorised officer) की परिभाषा

c. "अधिनियम" (Act) की परिभाषा

d. "विशेष न्यायालय" की परिभाषा

 

14. धारा 2(1)(ख) के अनुसार "अधिकृत अधिकारी" से क्या तात्पर्य है?

a. किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से

b. किसी पुलिस अधिकारी से

c. उच्च न्यायिक सेवा से संबंधित किसी भी सेवारत अधिकारी से, जो सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश है या रह चुका है

d. केवल जिला मजिस्ट्रेट से

 

15. धारा 2(1)(ख) के अनुसार अधिकृत अधिकारी किस सेवा से संबंधित होना चाहिए?

a. पुलिस सेवा से

b. प्रशासनिक सेवा से

c. उच्च न्यायिक सेवा से

d. राजस्व सेवा से

 

16. धारा 2(1)(ख) के अनुसार अधिकृत अधिकारी की क्या न्यायिक स्थिति होनी चाहिए?

a. वह केवल मजिस्ट्रेट हो

b. वह केवल जिला न्यायाधीश हो

c. वह सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश है या रह चुका है

d. वह केवल लोक अभियोजक हो

 

17. धारा 2(1)(ग) का विषय क्या है?

a. "विशेष न्यायालय" की परिभाषा

b. "संहिता" (Code) की परिभाषा

c. "राज्य सरकार" की परिभाषा

d. "लोक सेवक" की परिभाषा

 

18. धारा 2(1)(ग) के अनुसार "संहिता" से क्या तात्पर्य है?

a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

b. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988

c. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

 

19. धारा 2(1)(घ) का विषय क्या है?

a. "अपराध" (Offence) की परिभाषा

b. "विशेष न्यायालय" (Special Court) की परिभाषा

c. "घोषणा" (Declaration) की परिभाषा

d. "संहिता" (Code) की परिभाषा

 

20. धारा 2(1)(घ) के अनुसार किसी अपराध के संबंध में "घोषणा" से क्या तात्पर्य है?

a. न्यायालय द्वारा जारी आदेश

b. धारा 5 के तहत की गई घोषणा

c. पुलिस रिपोर्ट

d. राज्य सरकार की अधिसूचना

 

21. धारा 2(1)(ङ) में "अपराध" का विषय क्या है?

a. "घोषणा" (Declaration) की परिभाषा

b. "विशेष न्यायालय" (Special Court) की परिभाषा

c. "अपराध" (Offence) की परिभाषा

d. "संहिता" (Code) की परिभाषा

 

22. धारा 2(1)(ङ) के अनुसार "अपराध" से क्या तात्पर्य है?

a. भारतीय दण्ड संहिता के किसी भी अपराध से

b. सभी भ्रष्टाचार संबंधी अपराधों से

c. आपराधिक दुराचार के ऐसे अपराध से जिस पर अधिनियम की धारा 13(1)(ई) लागू होती है

d. केवल आर्थिक अपराध से

 

23. धारा 2(1)(च) का विषय क्या है?

a. "विशेष न्यायालय" (Special Court) की परिभाषा

b. "घोषणा" (Declaration) की परिभाषा

c. "अपराध" (Offence) की परिभाषा

d. "राज्य सरकार" की परिभाषा

 

24. धारा 2(1)(च) के अनुसार "विशेष न्यायालय" से क्या तात्पर्य है?

a. उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायालय

b. सत्र न्यायालय

c. धारा 3 के अधीन स्थापित विशेष न्यायालय

d. लोक अदालत

 

25. धारा 2(2) का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालय की स्थापना

b. अप्रिभाषित शब्दों और अभिव्यक्तियों का अर्थ

c. अपराधों का वर्गीकरण

d. घोषणाओं की प्रक्रिया

 

26. धारा 2(2) के अनुसार ऐसे शब्दों और अभिव्यक्तियों का क्या अर्थ होगा जो अधिनियम में परिभाषित नहीं हैं, परंतु संहिता या अधिनियम में परिभाषित हैं?

a. उनका अर्थ राज्य सरकार निर्धारित करेगी

b. उनका अर्थ न्यायालय निर्धारित करेगा

c. उनका वही अर्थ होगा जो दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 या अधिनियम में दिया गया है

d. उनका कोई अर्थ नहीं माना जाएगा

 

27. धारा 2(2) किन शब्दों और अभिव्यक्तियों पर लागू होती है?

a. केवल अधिनियम में परिभाषित शब्दों पर

b. केवल न्यायालय द्वारा प्रयुक्त शब्दों पर

c. जो यहाँ प्रयुक्त हैं, परिभाषित नहीं हैं, परंतु दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 या अधिनियम में परिभाषित हैं

d. केवल अंग्रेज़ी शब्दों पर

 

28. अध्याय II का विषय क्या है?

a. परिभाषाएँ

b. विशेष न्यायालयों की स्थापना

c. अपराधों का विचारण

d. अपील

 

29. धारा 3 का विषय क्या है?

a. परिभाषाएँ

b. विशेष न्यायालयों की स्थापना

c. घोषणाएँ

d. अपराध की परिभाषा

 

30. धारा 3(1) के अनुसार राज्य सरकार विशेष न्यायालयों की स्थापना किस उद्देश्य से करेगी?

a. सामान्य मामलों के निपटारे हेतु

b. राजस्व विवादों के समाधान हेतु

c. अपराध के शीघ्र निपटारे के उद्देश्य से

d. केवल अपील सुनने हेतु

 

31. धारा 3(1) के अनुसार विशेष न्यायालयों की स्थापना कौन करेगा?

a. उच्च न्यायालय

b. राज्य सरकार

c. सर्वोच्च न्यायालय

d. राज्यपाल

 

32. धारा 3(1) के अनुसार राज्य सरकार कितने न्यायालयों की स्थापना करेगी?

a. केवल एक न्यायालय

b. प्रत्येक जिले में एक न्यायालय

c. उतने न्यायालय जितने विशेष न्यायालय कहलाने के लिए पर्याप्त समझे जाएं

d. उच्च न्यायालय जितने निर्देश दे

 

33. धारा 3(1) के अनुसार स्थापित न्यायालय क्या कहलाएंगे?

a. सत्र न्यायालय

b. लोक अदालत

c. विशेष न्यायालय

d. पारिवारिक न्यायालय

 

34. धारा 3(2) के अनुसार विशेष न्यायालय की अध्यक्षता कौन करेगा?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. राज्यपाल द्वारा नामित अधिकारी

c. राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय की सहमति से नामित न्यायाधीश

d. लोक अभियोजक

 

35. धारा 3(2) के अनुसार विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नामांकन कौन करेगा?

a. उच्च न्यायालय

b. राज्यपाल

c. राज्य सरकार

d. सर्वोच्च न्यायालय

 

36. धारा 3(2) के अनुसार विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के नामांकन के लिए किसकी सहमति आवश्यक है?

a. राज्यपाल की

b. विधानसभा की

c. उच्च न्यायालय की

d. लोकायुक्त की

 

37. धारा 3(3) के अनुसार विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नामांकन के लिए व्यक्ति कब योग्य नहीं होगा?

a. जब तक वह अधिवक्ता न हो

b. जब तक वह उच्च न्यायिक सेवा का सदस्य न हो और राज्य में सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न हो या रह चुका हो

c. जब तक वह लोक अभियोजक न हो

d. जब तक वह जिला मजिस्ट्रेट न हो

 

38. धारा 3(3) के अनुसार विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नामांकन हेतु व्यक्ति किस सेवा का सदस्य होना चाहिए?

a. प्रशासनिक सेवा

b. पुलिस सेवा

c. उच्च न्यायिक सेवा

d. राजस्व सेवा

 

39. धारा 3(3) के अनुसार विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नामांकन हेतु व्यक्ति की क्या न्यायिक स्थिति होनी चाहिए?

a. वह केवल मजिस्ट्रेट हो

b. वह राज्य में सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हो या रह चुका हो

c. वह केवल अधिवक्ता हो

d. वह केवल लोक अभियोजक हो

 

40. धारा 4 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की स्थापना

b. विशेष न्यायालयों द्वारा मामलों का संज्ञान

c. अपराधों की घोषणा

d. अपील

 

41. धारा 4 के अनुसार विशेष न्यायालय किन मामलों का संज्ञान लेगा?

a. सभी आपराधिक मामलों का

b. केवल दीवानी मामलों का

c. जो धारा 10 के तहत उसके समक्ष दायर किए गए हों या उसे हस्तांतरित किए गए हों

d. केवल पुलिस द्वारा प्रस्तुत मामलों का

 

42. धारा 5 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की स्थापना

b. विशेष न्यायालयों द्वारा मामलों का संज्ञान

c. इस अधिनियम के अंतर्गत निपटाए जाने वाले मामलों की घोषणा

d. अपील की प्रक्रिया

 

43. धारा 5(1) के अनुसार घोषणा कौन करेगा?

a. उच्च न्यायालय

b. विशेष न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. राज्यपाल

 

44. धारा 5(1) के अनुसार राज्य सरकार घोषणा कब करेगी?

a. जब न्यायालय आदेश दे

b. जब पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करे

c. जब उसे प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर विश्वास करने का कारण हो कि कथित अपराध किए जाने के संबंध में उचित आधार मौजूद हैं

d. जब आरोपी स्वीकार कर ले

 

45. धारा 5(1) के अनुसार राज्य सरकार का विश्वास किस आधार पर होना चाहिए?

a. मीडिया रिपोर्ट के आधार पर

b. प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर

c. जनमत के आधार पर

d. केवल शिकायत के आधार पर

 

46. धारा 5(1) के अनुसार कथित अपराध किस व्यक्ति द्वारा किया गया होना चाहिए?

a. किसी भी नागरिक द्वारा

b. केवल निजी कर्मचारी द्वारा

c. ऐसे व्यक्ति द्वारा जिसने मध्य प्रदेश राज्य में लोक पद धारण किया है या कर रहा है तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 2(सी) के अर्थ में लोक सेवक है या रहा है

d. केवल न्यायिक अधिकारी द्वारा

 

47. धारा 5(1) के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने कहाँ लोक पद धारण किया होना चाहिए?

a. भारत के किसी भी राज्य में

b. केवल केंद्र सरकार में

c. मध्य प्रदेश राज्य में

d. विदेश में

 

48. धारा 5(1) के अनुसार संबंधित व्यक्ति की लोक पद संबंधी स्थिति क्या होनी चाहिए?

a. वह केवल पूर्व लोक सेवक हो

b. वह केवल वर्तमान लोक सेवक हो

c. उसने लोक पद धारण किया है या कर रहा है

d. वह न्यायाधीश हो

 

49. धारा 5(1) के अनुसार संबंधित व्यक्ति किस अधिनियम की धारा 2(सी) के अर्थ में लोक सेवक होना चाहिए?

a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

b. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

c. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 2(सी)

d. लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013

 

50. धारा 6 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की स्थापना

b. घोषणा का प्रभाव

c. मामलों का संज्ञान

d. अपील

 

51. धारा 6(1) के अनुसार घोषणा किए जाने पर अपराध के संबंध में अभियोग कहाँ चलाया जाएगा?

a. किसी भी सक्षम न्यायालय में

b. केवल सत्र न्यायालय में

c. केवल विशेष न्यायालय में

d. केवल उच्च न्यायालय में

 

52. धारा 6(1) के अनुसार अपराध के संबंध में अभियोग किस न्यायालय में ही चलाया जाएगा?

a. जिला न्यायालय

b. उच्च न्यायालय

c. विशेष न्यायालय

d. लोक अदालत

 

53. धारा 6(1) का प्रभाव किन कानूनों के होते हुए भी लागू होगा?

a. केवल भारतीय दण्ड संहिता के होते हुए भी

b. केवल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के होते हुए भी

c. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 या किसी अन्य कानून में किसी भी बात के होते हुए भी

d. केवल राज्य कानूनों के होते हुए भी

 

54. धारा 6(2) कब लागू होती है?

a. जब कोई अपील दायर की जाए

b. जब धारा 5 के तहत की गई घोषणा ऐसे अपराध से संबंधित हो जिसके संबंध में पहले ही अभियोग शुरू किया जा चुका हो

c. जब न्यायालय स्थगन दे

d. जब अभियुक्त अनुपस्थित हो

 

55. धारा 6(2) के अनुसार कार्यवाही कहाँ लंबित होनी चाहिए?

a. केवल उच्च न्यायालय में

b. विशेष न्यायालय में

c. विशेष न्यायालय के अलावा किसी अन्य न्यायालय में

d. केवल लोक अदालत में

 

56. धारा 6(2) के अनुसार लंबित कार्यवाही का क्या होगा?

a. वह समाप्त हो जाएगी

b. वह स्थगित कर दी जाएगी

c. वह विशेष न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएगी

d. वह उच्च न्यायालय को भेज दी जाएगी

 

57. धारा 6(2) के अनुसार लंबित कार्यवाही किस प्रयोजन के लिए विशेष न्यायालय में स्थानांतरित होगी?

a. अपील के लिए

b. पुनर्विचार के लिए

c. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के अनुसार अपराध के परीक्षण के लिए

d. केवल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए

 

58. धारा 7 का विषय क्या है?

a. घोषणा का प्रभाव

b. अपराधों के परीक्षण के संबंध में विशेष न्यायालय का क्षेत्राधिकार

c. विशेष न्यायालयों की स्थापना

d. परिभाषाएँ

 

59. धारा 7 के अनुसार धारा 5 के तहत घोषित अपराध के संबंध में किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने का अधिकार किसके पास होगा?

a. जिला न्यायालय

b. उच्च न्यायालय

c. विशेष न्यायालय

d. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

 

60. धारा 7 के अनुसार विशेष न्यायालय किन व्यक्तियों पर मुकदमा चला सकता है?

a. केवल मुख्य अपराधी पर

b. केवल षड्यंत्रकारी पर

c. केवल सहायक अपराधी पर

d. किसी भी व्यक्ति पर, चाहे वह मुख्य अपराधी, षड्यंत्रकारी या सहायक अपराधी हो

 

61. धारा 7 के अनुसार मुख्य अपराधी, षड्यंत्रकारी, सहायक अपराधी पर मुकदमा चलाने का अधिकार किसके पास होगा?

a. सत्र न्यायालय

b. उच्च न्यायालय

c. विशेष न्यायालय

d. लोक अदालत

 

62. धारा 7 के अनुसार किन व्यक्तियों पर एक ही मुकदमे में संयुक्त रूप से मुकदमा चलाया जा सकता है?

a. केवल मुख्य अपराधी पर

b. केवल सहायक अपराधी पर

c. केवल षड्यंत्रकारी पर

d. मुख्य अपराधी, षड्यंत्रकारी और सहायक अपराधी सहित सभी पर

 

63. धारा 8 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की स्थापना

b. विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया एवं शक्तियां

c. घोषणा का प्रभाव

d. अपराधों का क्षेत्राधिकार

 

64. धारा 8(1) के अनुसार विशेष न्यायालय मामलों की सुनवाई में किस प्रक्रिया का पालन करेगा?

a. दीवानी प्रक्रिया संहिता की प्रक्रिया

b. सत्र मामलों की प्रक्रिया

c. मजिस्ट्रेट के समक्ष वारंट मामलों की सुनवाई के लिए दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 द्वारा निर्धारित प्रक्रिया

d. केवल उच्च न्यायालय की प्रक्रिया

 

65. धारा 8(1) के अनुसार विशेष न्यायालय किन मामलों की सुनवाई हेतु दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अपनाएगा?

a. दीवानी मामलों की प्रक्रिया

b. सत्र मामलों की प्रक्रिया

c. मजिस्ट्रेट के समक्ष वारंट मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया

d. अपील मामलों की प्रक्रिया

 

66. धारा 8(2) के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के प्रावधान कब विशेष न्यायालय के समक्ष कार्यवाही पर लागू होंगे?

a. सभी परिस्थितियों में

b. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

c. जहां तक वे अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत नहीं हैं

d. केवल अपील के मामलों में

 

67. धारा 8(2) के अनुसार इस अधिनियम में स्पष्ट रूप से दिए गए प्रावधानों के अतिरिक्त कौन-से प्रावधान लागू होंगे?

a. केवल भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधान

b. केवल साक्ष्य अधिनियम के प्रावधान

c. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के प्रावधान

d. केवल राज्य सरकार के नियम

 

68. धारा 8(2) के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के प्रावधान किस पर लागू होंगे?

a. केवल अपील पर

b. विशेष न्यायालय के समक्ष कार्यवाही पर

c. केवल पुलिस जांच पर

d. केवल सजा निर्धारण पर

 

69. धारा 8(2) के अनुसार विशेष न्यायालय के समक्ष अभियोजन चलाने वाले व्यक्ति को क्या माना जाएगा?

a. न्यायिक अधिकारी

b. अधिवक्ता

c. लोक अभियोजक

d. अन्वेषण अधिकारी

 

70. धारा 8(2) के अनुसार विशेष न्यायालय के समक्ष अभियोजन चलाने वाले व्यक्ति को किस प्रयोजन के लिए लोक अभियोजक माना जाएगा?

a. केवल राज्य सरकार के प्रयोजन के लिए

b. केवल न्यायालय के प्रयोजन के लिए

c. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और अधिनियम के उक्त प्रावधानों के प्रयोजन के लिए

d. केवल जांच के प्रयोजन के लिए

 

71. धारा 8(3) के अनुसार विशेष न्यायालय दोषी ठहराए गए व्यक्ति पर कौन-सी सजा सुना सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. केवल कारावास

c. उस अपराध के दंड के लिए कानून द्वारा अधिकृत कोई भी सजा

d. केवल चेतावनी

 

72. धारा 8(3) के अनुसार विशेष न्यायालय किस व्यक्ति पर सजा सुना सकता है?

a. किसी भी व्यक्ति पर

b. केवल लोक सेवक पर

c. अपने द्वारा दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति पर

d. केवल सरकारी कर्मचारी पर

 

73. धारा 8(3) के अनुसार सजा किस अपराध के लिए सुनाई जा सकती है?

a. किसी भी अपराध के लिए

b. केवल दीवानी अपराध के लिए

c. उस अपराध के लिए जिसके लिए व्यक्ति दोषी ठहराया गया है

d. केवल भ्रष्टाचार के अपराध के लिए

 

74. धारा 9 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की स्थापना

b. विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया एवं शक्तियां

c. विशेष न्यायालयों के आदेशों के विरुद्ध अपील

d. मामलों का संज्ञान

 

75. धारा 9(1) के अनुसार विशेष न्यायालय के किसके विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील की जा सकेगी?

a. केवल आदेश के विरुद्ध

b. केवल सजा के विरुद्ध

c. किसी निर्णय और सजा के विरुद्ध

d. केवल जांच रिपोर्ट के विरुद्ध

 

76. धारा 9(1) के अनुसार विशेष न्यायालय के निर्णय और सजा के विरुद्ध अपील कहाँ की जा सकेगी?

a. सत्र न्यायालय में

b. सर्वोच्च न्यायालय में

c. उच्च न्यायालय में

d. जिला न्यायालय में

 

77. धारा 9(1) के अनुसार अपील किन आधारों पर की जा सकेगी?

a. केवल तथ्यों के आधार पर

b. केवल विधि के आधार पर

c. तथ्यों और विधि दोनों के आधार पर

d. केवल प्रशासनिक आधार पर

 

78. धारा 9(1) का प्रावधान किसके होते हुए भी लागू होगा?

a. भारतीय दण्ड संहिता में किसी बात के होते हुए भी

b. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में किसी बात के होते हुए भी

c. साक्ष्य अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी

d. केवल राज्य सरकार के आदेशों के होते हुए भी

 

79. धारा 9(2) के अनुसार उपर्युक्त के सिवा विशेष न्यायालय के किसके विरुद्ध अपील या पुनरीक्षण नहीं होगा?

a. केवल सजा के विरुद्ध

b. केवल आदेश के विरुद्ध

c. किसी निर्णय, सजा या आदेश के विरुद्ध

d. केवल निर्णय के विरुद्ध

 

80. धारा 9(2) के अनुसार विशेष न्यायालय के निर्णय, सजा या आदेश के विरुद्ध कहाँ अपील या पुनरीक्षण नहीं होगा?

a. उच्च न्यायालय में

b. सर्वोच्च न्यायालय में

c. किसी न्यायालय में नहीं

d. जिला न्यायालय में

 

81. धारा 9(3) के अनुसार इस धारा के अंतर्गत अपील कितनी अवधि के भीतर प्रस्तुत की जाएगी?

a. 15 दिन के भीतर

b. 30 दिन के भीतर

c. 60 दिन के भीतर

d. 90 दिन के भीतर

 

82. धारा 9(3) के अनुसार अपील की अवधि किस तिथि से गणना की जाएगी?

a. गिरफ्तारी की तिथि से

b. आरोप पत्र की तिथि से

c. विशेष न्यायालय के निर्णय एवं सजा की तिथि से

d. अपील दायर करने की तिथि से

 

83. धारा 9(3) के अनुसार प्रत्येक अपील किस धारा के अंतर्गत प्रस्तुत की जाएगी?

a. धारा 7 के अंतर्गत

b. धारा 8 के अंतर्गत

c. धारा 9 के अंतर्गत

d. धारा 10 के अंतर्गत

 

84. धारा 9(3) के परंतुक का विषय क्या है?

a. अपील की फीस

b. पुनरीक्षण की प्रक्रिया

c. विलंबित अपील पर उच्च न्यायालय की शक्ति

d. विशेष न्यायालय की स्थापना

 

85. धारा 9(3) के परंतुक के अनुसार उच्च न्यायालय विलंब के बाद भी अपील पर कब विचार कर सकता है?

a. जब राज्य सरकार अनुमति दे

b. जब न्यायालय लिखित रूप में दर्ज कारणों से संतुष्ट हो कि अपीलकर्ता के पास समय के भीतर अपील न करने का पर्याप्त कारण था

c. जब अपीलकर्ता शुल्क जमा करे

d. केवल 90 दिन के भीतर

 

86. धारा 9(3) के परंतुक के अनुसार उच्च न्यायालय की संतुष्टि किस प्रकार की होनी चाहिए?

a. मौखिक रूप में

b. प्रशासनिक आदेश द्वारा

c. लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से

d. पुलिस रिपोर्ट के आधार पर

 

87. धारा 9(3) के परंतुक के अनुसार अपीलकर्ता के पास क्या होना चाहिए था?

a. नया साक्ष्य

b. उच्च न्यायालय की अनुमति

c. तीस दिनों की अवधि के भीतर अपील न करने का पर्याप्त कारण

d. सरकारी प्रमाणपत्र

 

88. धारा 9(3) के परंतुक के अनुसार पर्याप्त कारण किससे संबंधित होना चाहिए?

a. अभियोजन में विलंब से

b. न्यायालय की अनुपस्थिति से

c. उक्त तीस दिनों की अवधि के भीतर अपील न करने से

d. सजा की कठोरता से

 

89. धारा 10 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया

b. मामलों का स्थानांतरण

c. अपील

d. घोषणा का प्रभाव

 

90. धारा 10 के अनुसार मामलों को एक विशेष न्यायालय से दूसरे विशेष न्यायालय में स्थानांतरित करने की शक्ति किसके पास होगी?

a. राज्य सरकार

b. विशेष न्यायालय

c. उच्च न्यायालय

d. लोक अभियोजक

 

91. धारा 10 के अनुसार मामले कहाँ से कहाँ स्थानांतरित किए जा सकते हैं?

a. जिला न्यायालय से उच्च न्यायालय में

b. उच्च न्यायालय से विशेष न्यायालय में

c. एक विशेष न्यायालय से दूसरे विशेष न्यायालय में

d. सत्र न्यायालय से मजिस्ट्रेट न्यायालय में

 

92. धारा 10 का प्रावधान किसके बावजूद लागू होगा?

a. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के बावजूद

b. भारतीय दण्ड संहिता के बावजूद

c. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के बावजूद

d. साक्ष्य अधिनियम के बावजूद

 

93. धारा 10 के अनुसार मामलों के स्थानांतरण के संबंध में उच्च न्यायालय के लिए क्या खुला रहेगा?

a. मामलों को समाप्त करना

b. सजा में परिवर्तन करना

c. एक विशेष न्यायालय से दूसरे विशेष न्यायालय में मामलों को स्थानांतरित करना

d. नए विशेष न्यायालय स्थापित करना

 

94. धारा 11 का विषय क्या है?

a. मामलों का स्थानांतरण

b. विशेष न्यायालय किसी मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के लिए बाध्य नहीं है

c. अपील

d. विशेष न्यायालयों की स्थापना

 

95. धारा 11(1) के अनुसार विशेष न्यायालय किसी मुकदमे को कब स्थगित नहीं करेगा?

a. जब अभियुक्त अनुरोध करे

b. किसी भी उद्देश्य से, जब तक कि ऐसा स्थगन उसकी राय में न्याय के हित में आवश्यक न हो

c. केवल सरकारी अनुमति के बिना

d. केवल अपील लंबित होने पर

 

96. धारा 11(1) के अनुसार विशेष न्यायालय किसी मुकदमे को कब स्थगित कर सकता है?

a. जब कोई पक्षकार चाहे

b. जब लोक अभियोजक कहे

c. जब उसकी राय में ऐसा स्थगन न्याय के हित में आवश्यक हो

d. केवल उच्च न्यायालय के आदेश पर

 

97. धारा 11(1) के अनुसार स्थगन के कारण किस प्रकार दर्ज किए जाएंगे?

a. मौखिक रूप में

b. पुलिस डायरी में

c. लिखित रूप में

d. समाचार पत्र में

 

98. धारा 11(1) के अनुसार स्थगन के कारण कब दर्ज किए जाएंगे?

a. आरोप तय करते समय

b. अपील दायर करते समय

c. जब मुकदमे का स्थगन किया जाए

d. निर्णय सुनाते समय

 

99. धारा 11(1) के अनुसार स्थगन की आवश्यकता किसके हित में होनी चाहिए?

a. अभियुक्त के हित में

b. सरकार के हित में

c. न्याय के हित में

d. पुलिस के हित में

 

100. धारा 11(2) के अनुसार विशेष न्यायालय मामले की सुनवाई कब तक निपटाने का प्रयास करेगा?

a. छह माह के भीतर

b. दो वर्ष के भीतर

c. उसके अभिरक्षा या स्थानांतरण की तिथि से एक वर्ष की अवधि के भीतर

d. तीन माह के भीतर

 

101. धारा 11(2) के अनुसार एक वर्ष की अवधि की गणना किस तिथि से की जाएगी?

a. अपराध की तिथि से

b. आरोप पत्र की तिथि से

c. मामले की अभिरक्षा या स्थानांतरण की तिथि से

d. निर्णय की तिथि से

 

102. धारा 11(2) के अनुसार विशेष न्यायालय क्या करने का प्रयास करेगा?

a. अपील का निपटारा करने का

b. मामले की सुनवाई निपटाने का

c. जांच कराने का

d. सजा कम करने का

 

103. धारा 12 का विषय क्या है?

a. मामलों का स्थानांतरण

b. विशेष न्यायालय किसी मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के लिए बाध्य नहीं है

c. पीठासीन न्यायाधीश अपने पूर्ववर्ती द्वारा दर्ज किए गए साक्ष्यों पर कार्रवाई कर सकता है

d. विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया

 

104. धारा 12 के अनुसार विशेष न्यायालय का न्यायाधीश किन साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर सकता है?

a. केवल स्वयं द्वारा दर्ज साक्ष्यों के आधार पर

b. केवल पुलिस रिपोर्ट के आधार पर

c. अपने पूर्ववर्ती न्यायाधीशों द्वारा दर्ज किए गए साक्ष्यों के आधार पर

d. केवल दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर

 

105. धारा 12 के अनुसार विशेष न्यायालय का न्यायाधीश किन मिश्रित साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर सकता है?

a. केवल मौखिक साक्ष्यों के आधार पर

b. केवल स्वयं द्वारा दर्ज साक्ष्यों के आधार पर

c. आंशिक रूप से पूर्ववर्ती न्यायाधीशों द्वारा दर्ज किए गए और आंशिक रूप से स्वयं द्वारा दर्ज किए गए साक्ष्यों के आधार पर

d. केवल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर

 

106. धारा 12 के अनुसार विशेष न्यायालय का न्यायाधीश किसके द्वारा दर्ज साक्ष्यों पर कार्रवाई कर सकता है?

a. केवल अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों पर

b. केवल बचाव पक्ष के साक्ष्यों पर

c. अपने पूर्ववर्ती न्यायाधीशों द्वारा दर्ज साक्ष्यों पर

d. केवल विशेषज्ञ साक्ष्यों पर

 

107. धारा 12 के अनुसार विशेष न्यायालय का न्यायाधीश स्वयं द्वारा दर्ज साक्ष्यों का किस रूप में उपयोग कर सकता है?

a. स्वतंत्र रूप से बिना किसी अन्य साक्ष्य के

b. केवल अपील के लिए

c. पूर्ववर्ती न्यायाधीशों द्वारा दर्ज साक्ष्यों के साथ आंशिक रूप से आधार बनाकर

d. केवल जांच हेतु

 

108. अध्याय III का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की स्थापना

b. अपील

c. संपत्ति की ज़ब्ती

d. मामलों का स्थानांतरण

 

109. धारा 13 का विषय क्या है?

a. विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया

b. संपत्ति की ज़ब्ती

c. घोषणा का प्रभाव

d. अपील

 

110. धारा 13(1) के अनुसार राज्य सरकार लोक अभियोजक को कब अधिकृत कर सकती है?

a. जब न्यायालय आदेश दे

b. जब उसे प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर विश्वास करने का कारण हो कि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है

c. जब पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करे

d. केवल दोषसिद्धि के बाद

 

111. धारा 13(1) के अनुसार राज्य सरकार का विश्वास किस आधार पर होना चाहिए?

a. जनमत के आधार पर

b. पुलिस राय के आधार पर

c. प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर

d. मीडिया रिपोर्ट के आधार पर

 

112. धारा 13(1) के अनुसार संबंधित व्यक्ति की क्या स्थिति होनी चाहिए?

a. वह केवल निजी कर्मचारी हो

b. उसने सार्वजनिक पद धारण किया है या कर रहा है और वह लोक सेवक है या रहा है

c. वह केवल न्यायाधीश हो

d. वह केवल मंत्री हो

 

113. धारा 13(1) के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने क्या किया होना चाहिए?

a. दीवानी विवाद किया होना चाहिए

b. अपराध किया होना चाहिए

c. अपील दायर की होना चाहिए

d. इस्तीफा दिया होना चाहिए

 

114. धारा 13(1) के अनुसार राज्य सरकार किसे अधिकृत कर सकती है?

a. पुलिस अधिकारी को

b. न्यायाधीश को

c. लोक अभियोजक को

d. मजिस्ट्रेट को

 

115. धारा 13(1) के अनुसार लोक अभियोजक को किसके समक्ष आवेदन करने हेतु अधिकृत किया जा सकता है?

a. विशेष न्यायालय के समक्ष

b. उच्च न्यायालय के समक्ष

c. अधिकृत अधिकारी को

d. राज्यपाल को

 

116. धारा 13(1) के अनुसार आवेदन किस उद्देश्य से किया जाएगा?

a. अपील दायर करने हेतु

b. जांच प्रारंभ करने हेतु

c. मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के तहत धन और अन्य संपत्ति की ज़ब्ती के लिए

d. सजा बढ़ाने हेतु

 

117. धारा 13(1) के अनुसार किस धन और संपत्ति की ज़ब्ती हेतु आवेदन किया जाएगा?

a. सभी सरकारी संपत्ति की

b. केवल चल संपत्ति की

c. जिसके बारे में राज्य सरकार का मानना है कि उक्त व्यक्ति ने अपराध के माध्यम से प्राप्त की है

d. केवल अचल संपत्ति की

 

118. धारा 13(1) के अनुसार क्या लोक अभियोजक को अधिकृत करने के लिए विशेष न्यायालय द्वारा अपराध का संज्ञान लिया जाना आवश्यक है?

a. हाँ, हमेशा

b. केवल दोषसिद्धि के बाद

c. नहीं, चाहे विशेष न्यायालय ने अपराध का संज्ञान लिया हो या नहीं

d. केवल उच्च न्यायालय की अनुमति से

 

119. धारा 13(2)(क) के अनुसार आवेदन के साथ क्या संलग्न होगा?

a. पुलिस रिपोर्ट

b. गवाहों की सूची

c. एक या एक से अधिक शपथपत्र

d. आरोप पत्र

 

120. धारा 13(2)(क) के अनुसार शपथपत्रों में क्या उल्लेख होगा?

a. केवल अभियुक्त का पता

b. उन आधारों का जिन पर यह विश्वास आधारित है कि उक्त व्यक्ति ने अपराध किया है

c. केवल संपत्ति का विवरण

d. केवल गवाहों के नाम

 

121. धारा 13(2)(क) के अनुसार शपथपत्रों में और क्या उल्लेख होगा?

a. अपराध के माध्यम से प्राप्त की गई धनराशि और अन्य संपत्ति के अनुमानित मूल्य का

b. केवल बैंक खाते का

c. केवल आयकर विवरण का

d. केवल वेतन का

 

122. धारा 13(2)(ख) के अनुसार आवेदन में क्या शामिल होगा?

a. केवल अभियुक्त का नाम

b. ऐसे धन और अन्य संपत्ति के वर्तमान स्थान के बारे में उपलब्ध कोई भी जानकारी

c. केवल पुलिस की राय

d. केवल संपत्ति का नक्शा

 

123. धारा 13(2)(ख) के अनुसार आवेदन में अन्य कौन-से विवरण दिए जा सकते हैं?

a. केवल गवाहों के नाम

b. केवल बैंक स्टेटमेंट

c. संदर्भ के लिए प्रासंगिक समझे जाने वाले अन्य विवरण

d. केवल संपत्ति कर विवरण

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