
किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015
JUVENILE JUSTICE (CARE AND PROTECTION OF CHILDREN) ACT, 2015
1. 'बालक' से अभिप्रेत है-
a. 18 वर्ष से कम आयु का बालक
b. 16 वर्ष से कम आयु का बालक
c. 17 वर्ष से कम आयु का बालक
d. 21 वर्ष से कम आयु का बालक
2. बालक को किस धारा में परिभाषित किया गया
a. धारा 2 (10)
b. धारा 2 (11)
c. धारा 2 (12)
d. धारा 2 (13)
3. किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 कब से प्रवर्तन में है?
a. 1 जनवरी, 2016 से
b. 1 जनवरी, 2016 से
c. 31 दिसम्बर, 2015 से
d. 15 जनवरी, 2016 से
4. विधि-विरोधी बालक को परिभाषित किया गया है-
a. धारा 2 (12) में
b. धारा 2 (13) में
c. धारा 2 (14) में
d. धारा 2 (15) में
5. विधि-विरोधी बालक से ऐसा बालक अभिप्रेत है-
a. जो अपराध करने वाला अभिकथित है
b. जो अपराध करने वा पाया जाता है
c. जो 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है
d. उपर्युक्त सभी
6. देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाला बालक ऐसा बालक अभिप्रेत है जो-
a. जो श्रम विधियों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है
b. जो भिक्षावृत्ति करते हुए पाया जाता है
c. जो आवारा पाया जाता है
d. उपयुक्त सभी
7. बाल न्यायालय को इस अधिनियम के किस धारा में परिभाषित किया गया है?
a. धारा 2(20)
b. धारा 2(10)
c. धारा 2(12)
d. धारा 2(19)
8. इस अधिनियम के अधीन न्यायालय से अभिप्रेत है
a. ऐसा सिविल न्यायालय जिसे दत्तकग्रहण एवं संरक्षकता के मामलों में अधिकारिता प्राप्त है
b. कोई आपराधिक न्यायालय जिसे इस अधिनियम के अधीन विचारण की अधिकारिता प्राप्त है
c. सिविल एवं आपराधिक न्यायालय
d. उपर्युक्त सभी
9. न्यायालय के अन्तर्गत आते हैं-
a. जिला न्यायालय
b. कुटुम्ब न्यायालय
c. नगर सिविल न्यायालय
d. उपर्युक्त सभी
10. जघन्य अपराध (Heinous offences) के अन्तर्गत आते हैं-
a. 10 वर्ष या उससे अधिक दण्ड से दण्डनीय अपराध
b. 14 वर्ष या उससे अधिक दण्ड से दण्डनीय अपराध
c. 7 वर्ष या उससे अधिक दण्ड से दण्डनीय अपराध
d. मृत्यु दण्ड एवं आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध
11. छोटा अपराध (offences) है-
a. 3 वर्ष तक के दण्ड से दण्डनीय अपराध
b. 1 वर्ष तक के दृण्ड से दण्डनीय अपराध
c. 2 वर्ष तक के दण्ड से दण्डनीय अपराध
d. 5 वर्ष तक के दण्ड से दण्डनीय अपराध
12. अधिनियम लागू होता है-
a. भारतीय दण्ड संहिता के अधीन दण्डनीय अपराधों पर
b. अन्य विधियों के अधीन दण्डनीय अपराधों पर
c. A एवं B पर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
13. गम्भीर अपराध की श्रेणी में आते हैं-
a. दो से पाँच वर्ष के बीच दण्ड से दण्डनीय अपराध.
b. सात से दस वर्ष के बीच दण्ड से दण्डनीय अपराध
c. तीन से सात वर्ष के बीच दण्ड से दण्डनीय अपराध
d. आजीवन कारावास एवं मृत्यु दण्ड से दण्डनीय
14. सही सुमेलित युग्म है-
(अपराध) (दण्ड)
a. छोटा अपराध 3 वर्ष से कम
b. गम्भीर अपराध 3 से 7 वर्ष के बीच
c. जघन्य अपराध 7 वर्ष या अधिक
d. उपर्युक्त सभी
15. किशोर से अभिप्रेत है-
a.16 वर्ष से कम आयु का बालक
b.18 वर्ष से कम आयु का बालक
c. 16 से 18 वर्ष के बीच का बालक
d. उपर्युक्त सभी
16. अधिनियम में किशोर को परिभाषित किया गया है-
a. धारा 2(12)5 में
b. धारा 2(28) में
c. धारा 2(42) में
d. धारा 2(35) में
17. अनाथ से ऐसा बालक अभिप्रेत है-
a. जो जैविक माता-पिता के बिना है
b. जो जैविक संरक्षक के बिना है
c. जो जैविक दत्तक माता-पिता के बिना है
d. उपर्युक्त सभी
18. अनिवासी भारतीय से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है-
a. जो भारतीय पासपोर्ट धारण करता है
b. जो भारतीय पासपोर्ट धारण करता है और वर्तमान में एक वर्ष से अधिक समय से विदेश में रहता है
c. A एवं B दोनों
d. जो मूल रूप से भारतीय है लेकिन विदेशी नागरिकता धारण कर लिया है
19. अभित्यक्त बालक से अभिप्रेत है-
a. जिसे माता-पिता ने त्याग दिया है
b. जिसे माता-पिता या संरक्षक ने समिति को त्याग दिया है
c. या (a) या (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
20. अधिनियम के प्रशासन में अनुसरण किये जाने वाले सामान्य सिद्धान्त किस धारा में दिया गया है?
a. धारा 5
b. धारा 4
c. धारा 3
d. धारा 6
21. बालक का देखरेख और संरक्षण का साधारण सिद्धान्त है-
a. सर्वोत्तम हित का सिद्धान्त
b. सुरक्षा का सिद्धान्त
c. नैसर्गिक न्याय का सिद्धान्त
d. एकान्तता और गोपनीयता का सिद्धान्त
e. उपर्युक्त सभी
22. निदर्दोष होने की उपधारणा का सिद्धान्त का तात्पर्य है-
a. जब तक दोषी साबित न कर दिया जाये तब तक अभियुक्त को निर्दोष माना जायेगा
b. कोई बालक 18 वर्ष की आयु तक किसी असद्भाव या आपराधिक आशय का निर्दोष होना उपधारित किया जायेगा
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. या तो (a) या तो (b)
23. किशोर न्याय बोर्ड का गठन कौन करता है?
a. राज्य सरकार
b. केन्द्र सरकार
c. न्यायालय
d. उपर्युक्त सभी
24. किशोर न्यायबोर्ड का गठन अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत किया जाता है?
a. धारा 7
b. धारा 9
c. धारा 11
d. धारा 4
25. किशोर बोर्ड में सम्मिलित होते हैं-
a. न्यायिक मजिस्ट्रेट
b. दो सामाजिक कार्यकर्ता
c. उपर्युक्त (a) एवं (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
26. किशोर न्याय बोर्ड को निम्न में से किसकी शक्ति प्राप्त है?
a. प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की
b. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट
c. या तो (a) की या तो (b) की
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
27. किशोर न्याय बोर्ड में दो सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता होते हैं, उनकी नियुक्ति तभी की जा सकती है जब-
a. वह कम से कम 7 वर्ष से बालकों के कल्याणकारी कार्यकलापों में सक्रिय रहा हो
b. वह बाल मनोविज्ञान की उपाधि के साथ व्यवसायिक व्यवसाय कर रहा है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
28. राज्य सरकार सदस्यों की नियुक्ति के कितने दिनों के भीतर उनको प्रशिक्षण प्रदान करेगी ?
a. नियुक्ति की तारीख से 60 दिन के भीतर
b. नियुक्ति की तारीख से 30 दिन के भीतर
c. नियुक्ति की तारीख से 90 दिन के भीतर
d. नियुक्ति की तारीख से 45 दिन के भीतर
29. किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य की नियुक्ति समाप्त की जा सकेगी यदि वह-
a. इस अधिनियम के अधीन निहित शक्ति के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है
b. लगातार 3 मास तक किसी विधिमान्य कारण के बिना बोर्ड की कार्यवाही में उपस्थिति होने में असफल रहा है
c. किसी वर्ष में तीन-चौथाई से भी कम उपस्थिति रहा है
d. उपर्युक्त सभी
30. निम्न कथनों में सत्य कथन है-
a. कोई बालक जाँच के दौरान ही 18 वर्ष की आयु पूरा कर लेता है तो उसके विरुद्ध वही आदेश पारित किया जायेगा मानो वह बालक है
b. कोई भी व्यक्ति जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और वह अपराध करते समय 18 वर्ष से कम का था तो उसे जाँच प्रक्रिया के दौरान बालक माना जायेगा
c. जहाँ किशोर न्याय बोर्ड की पीठ में बहुमत नहीं है तो वहाँ प्रधान मजिस्ट्रेट की राय अभिभावी होगी
d. उपर्युक्त सभी
31. एक बोर्ड में प्रधान मजिस्ट्रेट सहित दो सदस्य है, दोनों सदस्यों के बीच मतभेद की स्थिति में -
a. प्रधान मजिस्ट्रेट की राय के अनुसार मामला निर्धारित होगा
b. किसी तीसरे सदस्य को मामला राय के लिए सुपुर्द कर दिया जायेगा
c. या तो (a) या (b)
d. न तो (a) न तो (b)
32. किशोर न्याय बोर्ड को अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत शक्तियाँ दी गई है?
a. धारा 6
b. धारा 8
c. धारा 7
d. धारा 9
33. किशोर न्याय बोर्ड के कृत्य है-
a. मामले का निस्तारण करना और अन्तिम आदेश पारित करना
b. वयस्कों के लिए आशयित कारागारों का नियमित निरीक्षण
c. यह अभिनिश्चित करने के लिए किन परिस्थितियों में अभिकथित अपराध कारित किया गया था, परिवीक्षा अधिकारी को रिपोर्ट देने के लिए निदेश देना
d. उपर्युक्त सभी
34. किसी बालक को ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है जो बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सशक्त नहीं है, प्रक्रिया अपनायेगा
a. बालक को अधिकारिता रखने वाले बोर्ड के समक्ष भेज देगा
b. बालक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास भेज देगा
c. या तो (a) या (b)
d. बालक को उन्मुक्त कर देगा
35. विधि विरोधी होना अभिकथित बालक की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा की जा सकती है-
a. धारा 9 के अन्तर्गत
b. धारा 15 के अन्तर्गत
c. धारा 19 के अन्तर्गत
d. धारा 10 के अन्तर्गत
36. विधि विरोधी अभिकथित बालक को गिरफ्तार करके पुलिस किसके समक्ष पेश करती है?
a. बाल विशेष पुलिस इकाई
b. पदाभिहित बालक बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के समक्ष
c. या तो (a) या तो (b)
d. किशोर न्याय बोर्ड
37. विधि विरुद्ध अभिकथित बालक की जमानत दी जा सकेगी-
a. धारा 13 के अधीन
b. धारा 12 के अधीन
c. धारा 14 के अधीन
d. धारा 15 के अधीन
38. अधिनियम की धारा 12 के अधीन विधि-विरोधी बालक की जमानत दे सकेगा -
a. पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी
b. किशोर न्याय बोर्ड
c. या तो (a) या तो (b)
d. न्यायालय
39. जब विधि विरुद्ध बालक जमानत आदेश की शतौँ को पूरा करने में असमर्थ है तब बोर्ड जमानत की शर्तों में उपान्तरण करेगा -
a. जमानत आदेश के दस दिन के भीतर
b. जमानत आदेश के सात दिन के भीतर
c. जमानत आदेश के पन्द्रह दिन के भीतर
d. जमानत आदेश के तीस दिन के भीतर
40. किशोर न्याय बोर्ड विधि-विरोधी बालक को जमानत देने से इन्कार कर देगा-
a. उसे यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि उसे छोड़े जाने पर ज्ञात अपराधिक संगठन में शामिल हो जायेगा
b. वह व्यक्ति नैतिक, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक खतरे में पड़ जायेगा
c. उसे छोड़े जाने से न्याय का उद्देश्य हो विफल हो जायेगा
d. उपर्युक्त सभी
41. जहाँ विधि-विरोधी होना अभिकथित बालक गिरफ्तार किया जाता है वहाँ पुलिस थाने के बालक कल्याण पुलिस अधिकारी के रूप में पदाभिहित अधिकारी या विशेष पुलिस किशोर इकाई जिसके समक्ष वह बालक लाया जाता है बालक की गिरफ्तारी करने के पश्चात् सूचना देगा
a. बालक के माता-पिता को
b. संरक्षक को
c. परिवीक्षा अधिकारी को
d. उपर्युक्त सभी को
42. जब विधि विरोधी बालक जमानत पर छोड़ा जाता है तो उसकी सूचना बोर्ड द्वारा दी जायेगी -
a. परिवीक्षा अधिकारी
b. बाल कल्याण अधिकारी को
c. या तो (a) या तो (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
43. जहाँ विधि-विरोधी बालक बोर्ड के समक्ष पेश किया जाता है वहाँ बोर्ड इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार जाँच करेगा और उपयुक्त आदेश पारित करेगा
a. धारा 12 के अन्तर्गत
b. धारा 18 के अन्तर्गत
c. धारा 11 के अन्तर्गत
d. धारा 14 के अन्तर्गत
44. अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड को विधि विरोधी बालक के सम्बन्ध में जाँच करने की शक्ति दी गयी है?
a. धारा 10 के अन्तर्गत
b. धारा 18 के अन्तर्गत
c. धारा 14 के अन्तर्गत
d. धारा 20 के अन्तर्गत
45. धारा 14 के अन्तर्गत बोर्ड के समक्ष बालक को पेश किये जाने की तारीख से कितने दिन के भीतर जाँच पूरी की जायेगी ?
a. चार माह के अन्तर्गत
b. दो माह के अन्तर्गत
c. छः माह के अन्तर्गत
d. आठ माह के अन्तर्गत
46. धारा 15 के अधीन जघन्य अपराधों की दशा में प्रारम्भिक निर्धारण बोर्ड के समक्ष प्रथम पेशी की तारीख से कितने दिनों के भीतर निस्तारित किया जायेगा ?
a. एक माह के भीतर
b. दो माह के भीतर
c. छः माह के भीतर
d. तीन माह के भीतर
47. यदि धारा 15 के अन्तर्गत चार माह के भीतर जाँच पूरी नहीं की गयी है तो बोर्ड स्वतः कितनी अवधि और बढ़ा सकता है?
a. एक माह
b. तीन माह
c. दो माह
d. चार माह
48. धारा 14 के अन्तर्गत बोर्ड स्वतः विस्तारित अवधि के भीतर जाँच पूरा नहीं कर पाता है तब अतिरिक्त अवधि में वृद्धि कौन कर सकता है?
a. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
b. मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट
c. यथास्थिति (a) या (b)
d. प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट
49. छोटे-मोटे अपराधों के मामलों में किशोर न्याय बोर्ड निम्न में से कौन प्रक्रिया अपनायेगा ?
a. संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया
b. समन मामले के विचारण की प्रक्रिया
c. उपर्युक्त (a) या (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
50. धारा 14 के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड जाँच में कौन सी प्रक्रिया अपनायेगा -
a. समन मामले के विचारण की प्रक्रिया
b. वारण्ट मामले के विचारण को प्रक्रिया
c. सेशन मामले के विचारण की प्रक्रिया
d. उपर्युक्त में से नहीं
51. इस अधिनियम की धारा 14 के अन्तर्गत विधि विरुद्ध अभिकधित बालक के जघन्य अपराधों की जाँच में किशोर न्याय बोर्ड कौन सी प्रक्रिया अपरायेगा ?
a. अपराध करने की तारीख पर 16 वर्ष की आयु से कम बालक के लिए समन मामले के विचारण की प्रक्रिया
b. यदि बालक अपराध करने की तारीख पर 16 वर्ष से अधिक आयु का है तो वह धारा 15 के अधीन प्रारम्भिक निर्धारण करेगा
c. उपर्युक्त (a) या (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
52. इस अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड को जघन्य अपराध के मामलों का प्रारम्भिक निर्धारण करने की शक्ति प्राप्त है?
a. धारा 9 के अन्तर्गत
b. धारा 15 के अन्तर्गत
c. धारा 18 के अन्तर्गत
d. धारा 20 के अन्तर्गत
53. इस अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड किस बात का प्रारम्भिक निर्धारण करता है?
a. कि बालक अपराध किया है कि नहीं
b. कि बालक दोषी है कि नहीं
c. ऐसे बालक की अपराध करने अपर अभिकथित अपराध के परिणामों को समझने की क्षमता का निर्धारण करना है
d. कि बालक की अपराध करते समय मनोदशा कैसी थी
54. जहाँ बोर्ड आरम्भिक निर्धारण पर पाता है कि मामले का निर्धारण बोर्ड द्वारा किया जाना चाहिए वहाँ वह कौन सी प्रक्रिया अपनायेगा?
a. समन मामले के विचारण की प्रक्रिया
b. संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया
c. स्वतः निर्धारित प्रक्रिया
d. उपर्युक्त में से कोई भी
55. प्रारम्भिक निर्धारण के बाद बोर्ड समन मामले की प्रक्रिया अपनाकर मामले को निस्तारित कर देता है तो उसके आदेश की हो सकेगी -
a. अपील
b. पुनरीक्षण
c. न तो (a) न तो (b)
d. पुनर्विलोकन
56. किशोर न्याय बोर्ड किस अपराध का प्रारम्भिक निर्धारण करता है-
a. किसी भी अपराध का
b. जघन्य अपराध का
c. गम्भीर अपराध का
d. छोटे अपराध का
57. इस अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत जघन्य अपराधों का प्रारम्भिक निर्धारण किशोर न्याय बोर्ड द्वारा सामान्यतः कितनी अवधि के अन्दर पूरा कर लिया जाना चाहिए -
a. 1 माह के भीतर
b. 9 माह के भीतर
c. 4 माह के भीतर
d. 6 माह के भीतर
58. किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लम्बित जाँच का पुनर्विलोकन कौन करता है?
a. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
b. मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट
c. यथास्थिति (a) या (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
59. धारा 16 के अधीन उच्च स्तरीय समिति के सदस्य होते हैं-
a. राज्य विधिक सेवा का कार्यपालक अध्यक्ष
b. गृह सचिव
c. गैर सरकारी संगठन के सदस्य
d. उपर्युक्त सभी
60. धारा 16 के अधीन गठित उच्चस्तरीय समिति का अध्यक्ष होता है-
a. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का अध्यक्ष
b. गृह सचिव
c. किशोर न्याय बोर्ड का प्रधान न्यायाधीश
d. उपर्युक्त सभी
61. इस अधिनियम की धारा 16(2) के अधीन बोर्ड के समक्ष लम्बित मामलों की संख्या, ऐसे लम्बन की अवधि और कारणों की जाँच उच्चस्तरीय समिति द्वारा पुनर्विलोकन किया जाता है-
a. प्रत्येक माह
b. प्रत्येक छः माह
c. प्रत्येक तीन माह
d. प्रत्येक वर्ष
62. किशोर न्याय बोर्ड द्वारा उसके समक्ष लम्बित मामलों की त्रैमासिक सूचना दी जायेगी-
a. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को
b. जिला मजिस्ट्रेट को
c. (a) एवं (b) को
d. या तो (a) या (b) को
63. इस अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत प्रारम्भिक जाँच में किशोर न्याय बोर्ड पाता है कि विधि विरोधी बालक 16 वर्ष से कम आयु का है और गम्भीर अपराध किया है तो वह आदेश पारित कर सकेगा -
a. माता-पिता की भर्त्सना करके घर जाने की
b. जुर्माना संदाय करने का आदेश
c. सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश
d. तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए
e. उपर्युक्त सभी
64. गम्भीर अपराध के दोषी पाये जाने पर विधि विरोधी बालक के विरुद्ध बोर्ड क्या आदेश पारित कर सकेगा -
a. तीन वर्ष तक विशेष गृह में रखे जाने का आदेश
b. तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर माता-पिता संरक्षक या उपर्युक्त व्यक्ति के देख-रेख में रखने का आदेश
c. बालक को सदाचरण की परिवीक्षा पर मुक्त किये जाने और उपयुक्त सुविधा और पर्यवेक्षण में रखने का आदेश
d. उपर्युक्त सभी
65. 16 वर्ष से कम आयु के बालक दोषी पाये जाने पर कितनी अवधि तक विशेष गृह में रखा जा सकता है-
a. दो वर्ष से अनधिक
b. एक वर्ष से अनधिक
c. तीन वर्ष से अनधिक
d. पाँच वर्ष से अनधिक
66. 16 वर्ष से कम आयु का अभिकथित विधि विरोधी बालक रखा जा सकता है-
a. कारागार में
b. विशेष गृह में
c. (a) या (a) में
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
67. इस अधिनियम के अधीन विधि विरोधी बालक जो अपराध करते समय 16 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम आयु का है उसे दोषी पाये जाने पर रखा जाता है-
a. विशेष गृह में
b. 21 वर्ष तक विशेष गृह में
c. 21 वर्ष के बाद कारागार में
d. उपर्युक्त (b) एवं (c) दोनों
68. अधिनियम के अधीन कौन निर्धारित करता है कि कचित बालक का विचारण वयस्क की तरह किया जाना चाहिए-
a. किशोर न्याय बोर्ड
b. समिति
c. न्यायालय
d. उपर्युक्त सभी
69. किशोर न्याय बोर्ड मामले को न्यायालय को अन्तरित करने का देश देता है-
a. धारा 15(2) के अधीन
b. धारा 16(2) के अधीन
c. धारा 18(3) के अधीन
d. धारा 17 के अधीन
70. किशोर न्यायालय बोर्ड धारा 15(3) के अधीन मामले का विचारण वयस्क की तरह करने के लिए अन्तरित करता है-
a. बाल न्यायालय को
b. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को
c. सेशन न्यायालय को
d. उपर्युक्त (a) एवं (b) को
71. बाल न्यायालय की शक्तियाँ किस धारा में दी गयी है?
a. धारा 15
b. धारा 20
c. धारा 25
d. धारा 19
72. यह कौन सुनिश्चित करेगा कि बालक को 21 वर्ष की आयु तक सुरक्षा के स्थान में भेजा जाये तत्पश्चात् कारागार में अन्तरित कर दिया जाये-
a. किशोर न्याय बोर्ड
b. बाल न्यायालय
c. (a) एवं (b) दोनों
d. या तो (a) या (b)
73. विधि विरोधी बालक ने 21 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और ठहरने की और अवधि पूरी करनी है तो न्यायालय क्या कदम उठा सकता है-
a. बालक को शर्तों के साथ मुक्त कर सकता है
b. शेष अवधि कारागार में पूरा करने का आदेश दे सकता है
c. (a) या (b)
d. उपर्युक्त में से कोई
74. विधि विरोधी बालक के विरुद्ध निम्न दण्डादेश पारित नहीं किया जा सकता है-
a. मृत्यु दण्डादेश
b. आजीवन कारावास
c. (a) एवं (b) दोनों
d. कारागार का कोई भी दण्डादेश
75. अधिनियम की किस धारा में विधि विरोधी बालक के विरुद्ध मृत्युदण्डादेश या आजीवन कारावास पर रोक लगाया गया है?
a. धारा 21
b. धारा 19
c. धारा 20
d. धारा 32
76. विधि-विरोधी कथित बालक के विरुद्ध निम्न आदेश पारित नहीं किया जा सकता-
a. परिशान्ति बनाये रखने के लिए प्रतिभूति देने का आदेश
b. सदाचरण बनाये रखने के लिए प्रतिभूति देने का आदेश
c. (a) एवं (b) दोनों
d. या तो (a) या (b)
77. विधि-विरोधी कथित बालक एवं वयस्क व्यक्ति मिलकर कोई अपराध कारित करते हैं, दोनों के विरुद्ध-
a. संयुक्त कार्यवाही नहीं की जा सकती है
b. संयुक्त कार्यवाही की जा सकती है
c. न्यायालय विनिश्चित करेगा कि संयुक्त कार्यवाही की जाय या नहीं
d. बोर्ड विनिश्चय करेगा कि संयुक्त कार्यवाही की जाय या नहीं
78. निम्न कथनों में असत्य कथन है-
a. बालक और विधि-विरोधी बालक का संयुक्त विचारण नहीं हो सकता
b. 21 वर्ष से अधिक आयु के विधि-विरुद्ध बालक को कारागार में रखा जायेगा
c. इस अधिनियम के आरम्भ की तारीख पर न्यायालय के समक्ष लम्बित सभी कार्यवाहियाँ इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार निपटाया जायेगा
d. विधि विरुद्ध बालक के विरुद्ध मृत्यु या आजीवन कारावास के सिवाय कोई भी दण्डादेश पारित किया जा सकता है
79. विधि-विरोधी बालक विशेष गृह या सुरक्षा के गृह से भाग गया है तो न्यायालय निम्नलिखित में से कौन सी कार्यवाही नहीं कर सकता है?
a. उसे पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध अतिरिक्त कार्यवाही संस्थित की जाये
b. बालक के सर्वोत्तम हित के लिए आवश्यक निर्देश दे सकेगा
c. जिसकी अभिरक्षा से बालक भाग गया या पुनः उसकी अभिरक्षा में बालक को भेजे जाने का समुचित आदेश पारित कर सकेगा
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
80. बाल कल्याण समिति का गठन कौन करता है?
a. किशोर न्याय बोर्ड
b. केन्द्र सरकार
c. राज्य सरकार
d. न्यायालय
81. बाल कल्याण समिति में कुल कितने सदस्य होते
a. 3
b. 5
c. 8
d. 2
82. बाल कल्याण समिति के सदस्य का कार्यकाल होता है-
a. 3 वर्ष
b. 3 वर्ष
c. 2 वर्ष
d. 5 वर्ष
83. बाल कल्याण समिति के सदस्य की नियुक्ति तभी की जा सकेगी जब वह कम से कम -
a. बालकों से सम्बन्धित क्रियाकलापों में कम से कम 7 वर्ष का अनुभव हो
b. कोई भी व्यक्ति सदस्य के रूप में नियुक्त किया जा सकता है जिसने 5 वर्षों तक सामाजिक कार्य किया हो
c. कोई भी व्यक्ति सदस्य के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा जो कम से कम 10 वर्ष तक सामाजिक कार्य किया हो
d. उपर्युक्त सभी
84. समिति के सदस्य की सदस्यता राज्य सरकार द्वारा समाप्त की जा सकेगी-
a. जब वह इस अधिनियम के अधीन निहित शक्ति के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है
b. जब वह नैतिक अधमता के अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया है
c. वह समिति की कार्यवाहियों में लगातार 3 माह तक किसी विधिमान्य कारण के बिना हाजिर होने में विफल होता है
d. उपर्युक्त सभी
85. बाल कल्याण समिति के कार्य का पुनर्विलोकन कर सकेगा -
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट
c. किशोर न्याय बोर्ड
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
86. बालक से सम्बद्ध बाल कल्याणकारी समिति के विरुद्ध शिकायत किसके समक्ष किया जा सकेगा ?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. बोर्ड
c. न्यायालय
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
87. बाल कल्याण समिति को निम्नलिखित में से किसकी शक्ति प्राप्त है?
a. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट कोन महा नगर मजिक
b. जिला मजिस्ट्रेट की
c. सत्र न्यायाधीश की
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
88. बाल कल्याण समिति जब किसी मामले का अन्तिम निस्तारण करती है तो पीठ में कम से कम कितने सदस्य उपस्थित होंगे?
a. 9
b. 5
c. 3
d. 4
89. बाल कल्याण समिति एक माह में कम से कम कितनी बैठक करेगी ?
a. 5 दिन
b. 20 दिन
c. 28 दिन
d. 23 दिन
90. इस अधिनियम की धारा प्राधिकार प्राप्त है-29 के अन्तर्गत समिति को प्राधिकार प्राप्त है
a. देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को देखरेख, संरक्षण, उपचार और पुनर्वास के मामले का निपटारा करने का
b. विधि विरोधी बालकों का देखरेख और संरक्षण
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
91. बाल कल्याण समिति के कार्य हैं-
a. उसके समक्ष पेश किये गये बालक का संज्ञान लेना और उसे प्राप्त करना
b. बालकों की सुरक्षा एवं उसके कल्याण को प्रभावित करने वाले सभी विवाद्यकों की जाँच करना
c. बाल कल्याण अधिकारियों को सामाजिक अन्वेषण करने और समिति के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का निदेश देना
d. उपर्युक्त सभी
92. इस अधिनियम की धारा 30 के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति के कार्य एवं उत्तरदायित्व है-
a. पालक देखरेख में बालक को रखे जाने का निदेश करना
b. बालकों के लिए समुचित विधिक सेवायें पहुँचाना
c. अनाथ और अभिव्यक्त बालक को सम्यक् जाँच के पश्चात् दत्तकग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंल घोषित करना
d. उपर्युक्त सभी
93. देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले किसी बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष कौन पेश कर सकेगा?
a. कोई पुलिस अधिकारी
b. कोई लोक सेवक
c. स्वयं बालक
d. डाक्टर
e. उपर्युक्त सभी
94. यदि कोई बालक संरक्षक की संरक्षकता से अलग हो गया है तो उसकी सूचना दिया जाना आज्ञापक है, यदि सूचना नहीं दिया जाता है तो संरक्षक दोषी होगा-
a. 6 माह तक के कारावास से
b. दस हजार रुपये तक के जुर्माने से
c. उपर्युक्त (1) या (2) या दोनों से
d. केवल 2 से
95. कोई भी माता-पिता अपने बालक को समिति को सौंप सकता है-
a. धारा 36 के अन्तर्गत
b. धारा 38 के अन्तर्गत
c. धारा 35 के अन्तर्गत
d. धारा 45 के अन्तर्गत
96. कितने वर्ष से कम आयु के अनाथ या अभित्यक्त बालक को विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण में रखा जायेगा ?
a. 6 वर्ष से कम
b. 3 वर्ष से कम
c. 5 वर्ष से कम
d. 10 वर्ष से कम
97. बालक देखरेख संस्थाओं का धारा 41 के अन्तर्गत पंजीकरण आवश्यक है-
a. धारा 40 के अन्तर्गत
b. धारा 46 के अन्तर्गत
c. धारा 41 के अन्तर्गत
d. धारा 44 के अन्तर्गत
98. इस अधिनियम की धारा 41 के अन्तर्गत बालक देखरेख संस्थाओं का रजिस्ट्रीकरण हेतु आवेदन किसके समक्ष दिया जायेगा?
a. राज्य सरकार
b. केन्द्र सरकार
c. बालक एवं कल्याण विभाग
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
99. इस अधिनियम की धारा 41 के अन्तर्गत बालक देखरेख संस्था का रजिस्ट्रेशन से सम्बन्धित उपबन्धों का उल्लंघन करने वाला दण्डित किया जा सकेगा-
a. कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक हो सकेगी
b. जुर्माने से जो एक लाख रुपये से कम नहीं होगा
c. उपर्युक्त दोनों से
d. केवल जुर्मान से जो एक लाख रुपये तक हो सकेगा
100. सही सुमेलित युग्म है-
a. पालक देखरेख -धारा 44
b. संम्प्रेक्षण गृह -धारा 47
c. विशेष गृह -धारा 48
d. उपर्युक्त सभी
101. सही सुमेलित युग्म है-
a. धारा 49 -सुरक्षा का स्थान
b. धारा 50 -बाल गृह
c. धारा 51 -उपयुक्त सुविधा
d. धारा 52 -उपयुक्त व्यक्ति
e. उपर्युक्त सभी
102. इस अधिनियम के अन्तर्गत सुरक्षा के स्थान में रखा जा सकता है-
a. केवल 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति
b. 16 वर्ष से 18 वर्ष के मध्य का बालक
c. जघन्य अपराध कारित करने का अभियुक्त या सिद्धदोष
d. उपर्युक्त सभी
103. जघन्य अपराध के अभियुक्त या सिद्धदोष व्यक्ति या विधि-विरुद्ध बालक को रखा जा सकता है
a. बालगृह में
b. विशेष गृह में
c. सुरक्षा के स्थान में
d. उपर्युक्त सभी में
104. इस अधिनियम के किस अध्याय में दत्तकग्रहण का प्रावधान है?
a. अध्याय 8 में
b. अध्याय 5 में
c. अध्याय 12 में
d. अध्याय 1 में
105. यदि दत्तकग्रहण दम्पति द्वारा दिया जाता है वहाँ-
a. पत्नी की सहमति आवश्यक है
b. पत्नी की सहमति आवश्यक नहीं है
c. पति एवं पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
106. निम्न कथनों में से सत्य कथन है-
a. अकेला पुरुष बालिका का दत्तकग्रहण करने का पाल नहीं है
b. सभी अन्तर्देशीय दत्तकग्रहण इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही किये जायेंगे
c. इस अधिनियम के अन्तर्गत दत्तकग्रहण में धर्म सम्बन्धी कोई भी बाँधा नहीं है
d. यह अधिनियम दत्तकग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम 1956 को प्रभावित नहीं करेगा
e. उपर्युक्त सभी
107. दत्तकग्रहण की कार्यवाही कितनी अवधि के भीतर न्यायालय द्वारा निस्तारित किया जायेगा ?
a. एक माह
b. तीन माह
c. दो माह
d. चार माह
108. इस अधिनियम के किस धारा के अन्तर्गत दत्तकग्रहण के प्रभाव का उल्लेख है?
a. धारा 60 के अन्तर्गत
b. धारा 6 के अन्तर्गत
c. धारा 9 के अन्तर्गत
d. धारा 63 के अन्तर्गत
109. दत्तकग्रहण में लिया गया बालक अपने दत्तक माता-प्रिता का संतान हो जायेगा
a. जन्मतः
b. दत्तकग्रहण की तारीख से
c. न्यायालय के आदेशानुसार
d. उपर्युक्त सभी
110. इस अधिनियम की किस धारा में भूत तिथि से सम्बन्ध का सिद्धान्त लागू किया गया है?
a. धारा 64 में
b. धारा 60 में
c. धारा 5 में
d. धारा 63 में
111. विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण का प्रावधान है।
a. धारा 45 में
b. धारा 65 में
c. धारा 26 में
d. धारा 68 में
112. यदि विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण दत्तकग्रहण के लिए अनाच या परित्यक्त बालक को विधितः स्वतंन्त्र कराने के लिए या नियत समय के भीतर न्यायालय से दत्तकग्रहण आदेश प्राप्त करने में व्यतिक्रम करता है तो वह दण्डनीय होगा -
a. जुर्माने से, जो दस हजार रुपये तक हो सकेगा
b. जुर्माने से, जो पचास हजार रुपये तक हो सकेगा
c. जुर्माने से, जो पच्चीस हजार रुपये तक हो सकेगा
d. जुर्माने से, जो एक लाख रुपये तक हो सकेगा
113. बालकों के विरुद्ध अपराध हेतु प्रावधान किस अध्याय के अन्तर्गत किया गया है?
a. अध्याय 9 के अन्तर्गत
b. अध्याय 7 के अन्तर्गत
c. अध्याय 14 के अन्तर्गत
d. अध्याय 10 के अन्तर्गत
114. इस अधिनियम के धारा 74 के अन्तर्गत बालकों की पहचान प्रकट करने पर रोक लगायी गयी है जो कोई इसका उल्लंघन करता है वह दण्डित किया जा सकेगा ?
a. कारावास से जो 6 माह तक हो सकेगा
b. जुर्माने से जो 2 लाख रुपये तक हो सकेगा
c. (a) या (b) या दोनों से
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
115. किसी बालक पर वास्तविक प्रभाव रखने वाला या नियन्त्रण रखने वाला जानबूझकर बालक के साथ क्रूरता करता है, वह दण्डित किया जा सकेगा
a. कारावास से जो 3 वर्ष तक हो सकेगी
b. जुर्माने से जो एक लाख रुपये के जुर्माने से
c. (a) या (b) या दोनों से
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
116. यदि बालक के साथ क्रूरता ऐसे व्यक्ति के द्वारा किया जाता है जहाँ बालक देखरेख के लिए न्यस्त किया गया है वहाँ ऐसे व्यक्ति दण्डित किया जा सकेगा-
a. कठोर कारावास से जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा
b. जुर्माना से जो 5 लाख रुपये तक हो सकेगा
c. (a) या (b) या दोनों से
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
117. जो कोई भी भिक्षा माँगने के प्रयोजन के लिए किसी बालक को नियोजित करता है या उसका दुरुपयोग करता है वह दण्डित किया जा सकेगा -
a. कारावास से जिसकी अवधि 5 वर्ष तक की हो सकेगी
b. जुर्मान से जो एक लाख रुपये हो सकेगा
c. (a) एवं (b) दोनों से
d. (a) या (b) से
118. एक व्यक्ति भिक्षा माँगने के प्रयोजन के लिए बालक का अंगविच्छेदन करता है या उसे विकलांग बनाता है तो उसे दण्डित किया जा सकेगा-
a. कम से कम 7 वर्ष तक के कारावास से
b. जुर्माने से जो 5 लाख रुपये हो सकेगा
c. (a) या (b) से या दोनों से
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
119. जो कोई किसी बालक को मादक शराब, स्वापक औषधि, मनःप्रभावी पदार्थ देता है वह दण्डित किया जा सकेगा-
a. कठोर कारावास जिसकी अवधि 7 वर्ष तक हो सकेगा
b. जुर्माने से जो एक लाख रुपये तक हो सकेगा
c. (a) एवं (b) दोनों से
d. (a) या (b) या दोनों से
120. जो कोई भी व्यक्ति दृश्यमान रूप से किसी भी बालक कर्मचारी को नियोजित करता है, या उसे बन्धुआ रखता है या ऐसे उपार्जन को अपने उद्देश्यों के लिए उपयोग करता है वह दण्डनीय होगा-
a. कठोर कारावास से जिसकी अवधि 5 वर्ष तक को हो सकेगी।
b. जुर्माने से जो एक लाख रुपये होगा
c. (a) एवं (b) दोनों से
d. (a) या (b) या दोनों से
121. यदि कोई व्यक्ति या संगठन इस अधिनियम के उपबन्धों या प्रक्रिया के पालन किये बिना अनाथ बच्चे को दत्तक देता है या प्राप्त करता है, वह दण्डित किया जायेगा
a. कारावास से जिसकी अवधि 2 वर्ष तक को हो सकेगी।
b. एक लाख रुपये के जुर्माने से
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
122. कोई भी व्यक्ति जो किसी भी प्रयोजन के लिए किसी बालक का क्रय-विक्रय करता है वह दण्डित किया जा सकेगा-
a. कठोर कारावास से जिसकी अवधि 5 वर्ष तक को हो सकेगी।
b. एक लाख रुपये के जुर्माने से
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. या तो (a) या तो (b)
123. बालक का वास्तविक प्रभार रखने वाले व्यक्ति द्वारा, जिसमें अस्पताल या प्रसूतिगृह के कर्मचारी, बालक का क्रय-विक्रय करता है वह दण्डित किया जा सकेगा -
a. न्यूनतम तीन वर्ष के कारावास से हो सकेगा जो 7 वर्ष तक
b. एक लाख रुपये के जुर्माने से
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. या तो (a) या तो (b)
124. बालक देखरेख संस्था का प्रभारी या नियोजित व्यक्ति अनुशासन के प्रयोजन से शारीरिक दण्ड देता है वह दण्डित किया जा सकेगा -
a. एक हजार रुपये के जुर्माने से
b. दस हजार रुपये के जुर्माने से
c. पाँच हजार रुपये के जुर्माने से
d. किसी भी दण्ड के लिए नहीं
125. बालक देखरेख संस्था में कोई नियोजित व्यक्ति बालक को शारीरिक दण्ड अनुशासन की दृष्टि से देता है, वह दण्डित किया जा सकेगा-
a. कारावास से
b. जुर्माने से
c. सेवा से पदच्युति से
d. (b) एवं (c) दोनों
126. जहाँ कोई शारीरिक दण्ड के बारे में संस्था के प्रबन्धन से किया जाता है और ऐसी संस्था का प्रबन्धक या भारसाधक समिति, बोर्ड, न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं करता है अथवा जाँच में सहयोग नहीं करता है तो प्रभारी व्यक्ति दण्डित किया जा सकता है-
a. न्यूनतम 3 वर्ष के कारावास से
b. एक लाख रुपये तक के जुर्माने से
c. (a) एवं (b) दोनों से
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
127. युद्ध प्रिय संघों या अन्य वयस्कों द्वारा किसी भी प्रयोजन से किसी बालक के भर्ती करता या प्रयोग करता है, वह दण्डित किया जा सकेगा -
a. कठोर कारावास जिसकी अवधि 7 वर्ष तक की हो सकेगी-
b. पाँच लाख रुपये के जुर्माने से
c. (a) एवं (b) दोनों से
d. आजीवन कारावास से
128. यदि कोई वयस्क व्यक्तिगत रूप से या वयस्क समूह गैंग के रूप में अवैध क्रिया-कलापों के लिए बालकों का उपयोग करता है तो वह दण्डित किया जा सकेगा -
a. कठोर कारावास से जिसकी अवधि 7 वर्ष तक हा सकेगी
b. पाँच लाख रुपये के जुर्माने से
c. (a) एवं (b) दोनों से
d. या तो (a) या तो (b)
129. कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए 18 वर्ष से कम आयु के बालक का व्यपहरण या अपहरण करता है वह दण्डित किया जा सकेगी-
a. 7 वर्ष तक के कारावास से
b. 3 वर्ष तक के कारावास से
c. भारतीय दण्ड संहिता में यथा उपबन्धित कारावास से
d. आजीवन कारावास से
130. विकलांग बालक के साथ अध्याय 9 के अधीन 136. उपवन्धित कोई भी अपराध किया जाता है तो अपराधी दण्डित किया जा सकेगा –
a. अध्याय में उस अपराध के लिए उपबन्धित दण्ड के दोगुने से
b. 2 वर्ष तक के कारावास से
c. 5 वर्ष तक के कारावास से
d. 10 वर्ष तक के कारावास से
131. इस अधिनियम के अधीन 7 वर्ष से अधिक कारावास से दण्डनीय अपराध होगा -
a. संज्ञेय
b. संज्ञेय एवं अजमानतीय दोनों
c. अजमानतीय
d. संज्ञेय एवं जमानतीय
132. इस अधिनियम के अधीन कितने वर्ष से दण्डनीय अपराध का विचारण बाल न्यायालय द्वारा किया जायेगा-
a. 3 वर्ष
b. 7 वर्ष
c. 10 वर्ष से अधिक
d. 7 वर्ष से अधिक
133. इस अधिनियम के अधीन कितने दण्ड से दण्डनीय अपराध का विचारण प्रथम वर्ष के मजिस्ट्रेट द्वारा किया जायेगा –
a. 7 वर्ष से अनधिक
b. 3 वर्ष से अनधिक
c. 7 वर्ष से अनधिक
d. 3 वर्ष और उससे ऊपर किन्तु 7 वर्ष से अनधिक
134. इस अधिनियम के अधीन अपराध तीन वर्ष से न्यून कारावास से या केवल जुर्माने से दण्डनीय है तब ऐसे अपराध का विचारण किया जायेगा -
a. बाल न्यायालय द्वारा
b. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा
c. किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा
d. उपर्युक्त सभी के द्वारा
135. इस अधिनियम के अधीन तीन वर्ष से कम के कारावास से दण्डनीय अपराध या केवल जुर्माने से दण्डनीय अपराध होगा-
a. संज्ञेय एवं अजमानतीय
b. असंज्ञेय एवं जमानतीय
c. संज्ञेय एवं जमानतीय
d. असंज्ञेय एवं अजमानतीय
136. सही सुमेलित युग्म है-
सूची । सूची 2
(अपराध) (विचारणीय न्यायालय)
a. 7 वर्ष से अधिक कारावास से दण्डनीय बाल न्यायालय
b. 3 वर्ष और इससे ऊपर किन्तु प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट 7 वर्ष से अनधिक अनधिक
c. 3 वर्ष से न्यून कारावास कोई भी मजिस्ट्रेट
d. जुर्माने से दण्डनीय कोई भी मजिस्ट्रेट
e. उपर्युक्त सभी
137. निम्न कथनों में सत्य कथन है-
a. अध्याय 9 के अधीन कोई अपराध बालक करता है तो वह विधि-विरोधी बालक के रूप में माना जायेगा
b. दुष्प्रेरण के लिए वही दण्ड है जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है
c. जहाँ वैकल्पिक दण्ड है वहाँ अपराधी ऐसे दण्ड से दण्डित किया जायेगा जो मात्रा में गुरुतर है
d. उपर्युक्त सभी
138. अध्याय 9 के अन्तर्गत बालक का क्रय-विक्रय किस धारा के अन्तर्गत दण्डनीय है?
a. धारा 88 के अन्तर्गत
b. धारा 81 के अन्तर्गत
c. धारा 83 के अन्तर्गत
d. धारा 86 के अन्तर्गत
139. जो भी व्यक्ति किसी बालक को मादक दव्य एवं मनःप्रभावी पदार्थ का सेवन कराता है वह किस धारा के अन्तर्गत दण्डित किया जा सकेगा ?
a. धारा 70 के अन्तर्गत
b. धारा 79 के अन्तर्गत
c. धारा 77 के अन्तर्गत
d. धारा 7 के अन्तर्गत
140. यदि जैविक माता-पिता जान-बूझकर अपने बच्चे का परित्याग कर देता है तो वह किस धारा के अन्तर्गत दण्डनीय होगा?
a. धारा 70 के अन्तर्गत
b. धारा 77 के अन्तर्गत
c. धारा 8 के अन्तर्गत
d. धारा 75 के अन्तर्गत
141. किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के विरुद्ध अपील किसके समक्ष होगी ?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. जिला न्यायाधीश
c. बाल न्यायालय
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
142. किशोर न्याय बोर्ड के आदेश की अपील बाल न्यायालय में कितनी अवधि के भीतर की जा सकेगी ?
a. आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर
b. आदेश की तारीख से 16 दिन के भीतर
c. आदेश की तारीख से 40 दिन के भीतर
d. आदेश की तारीख से 60 दिन के भीतर
143. जघन्य अपराध में आरम्भिक निर्धारण करने के पश्चात् किशोर न्याय बोर्ड द्वारा पारित आदेश की अपील होगी-
a. सत्र न्यायालय के समक्ष
b. जिला न्यायालय के समक्ष
c. बाल न्यायालय के समक्ष
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
144. सत्र न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील होगी-
a. उच्च न्यायालय को
b. कोई अपील नहीं होगी
c. या तो (a) या तो (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
145. बाल न्यायालय के आदेश से व्यथित व्यक्ति अपील कर सकेगा-
a. उच्च न्यायालय के समक्ष
b. सत्र न्यायालय के समक्ष
c. जिला न्यायालय के समक्ष
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
146. किशोर न्याय बोर्ड या बाल कल्याण समिति द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध प्रावधान कहां है
a. धारा 100 में
b. धारा 101 में
c. धारा 109 में
d. धारा 104 में
147. किस धारा में प्रावधान है कि बाल न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील उच्च्च न्यायालय में होगी ?
a. धारा 105 में
b. धारा 107 में
c. धारा 101 में
d. धारा 109 में
148. निम्न में से किस आदेश की अपील नहीं होगी ?
a. कोई ऐसे बालक के सम्बन्ध में जिसके बारे में यह अभिकधित है कि उसने ऐसा अपराध किया है जो उस बालक द्वारा या उससे अधिक आयु का है, जघन्य अपराध से भिन्न है, बोर्ड द्वारा पारित किया गया दोषमुक्ति का कोई आदेश
b. इस निष्कर्ष के सम्बन्ध में समिति द्वारा पारित किया गया कोई आदेश कि व्यक्ति देखरेख या संरक्षण की आवश्यकता वाला बालक नहीं है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. या तो (a) या तो (b)
149. जिला न्यायालय या सत्र न्यायाधीश अपील की सुनवायी कितने दिन के भीतर पूरा करेगा?
a. 45 दिन के भीतर
b. 79 दिन के भीतर
c. 30 दिन के भीतर
d. 9 दिन के भीतर
150. इस अधिनियम के अधीन पुनरीक्षण की शक्ति किसे प्राप्त है?
a. जिला न्यायालय को
b. सत्र न्यायालय को
c. उच्च न्यायालय को
d. उपर्युक्त सभी को
151. अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत उच्च न्यायालय को निगरानी की शक्ति प्राप्त है?
a. धारा 101 में
b. धारा 104 में
c. धारा 103 में
d. धारा 102 में
152. इस अधिनियम की धारा 102 के अन्तर्गत उच्च न्यायालय पुनरीक्षण किन आधारों पर करता है?
a. अधिकारिता सम्बन्धी त्रुटि
b. समिति या बोर्ड या बाल न्यायालय के आदेश की वैधता या औचित्य के बारे में अपना समाधान करने के प्रयोजन के लिए
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
153. इस अधिनियम के अधीन जाँच अपील एवं पुनरीक्षण की कार्यवाही में कौन-सी प्रक्रिया अपनायी जायेगी?
a. समन मामले के विचारण की प्रक्रिया
b. संक्षिप्त मामले के विचारण की प्रक्रिया
c. वारण्ट मामले के विचारण की प्रक्रिया
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
154. बाल कल्याण समिति या किशोर न्याय बोर्ड अपने आदेश में संशोधन कर सकता है-
a. स्वप्रेरणा से
b. आवेदन पर
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
155. किशोर न्याय बोर्ड या बाल कल्याण समिति अपने आदेश में किसी आकस्मिक या लिपिकीय त्रुटि को ठीक कर सकेगा -
a. आवेदन पर
b. स्वप्रेरणा से
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
156. किशोर कल्याण बोर्ड या बाल कल्याण समिति को अपने आदेश में संशोधन करने की शक्ति इस अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत प्राप्त है?
a. धारा 115 में
b. धारा 156 में
c. धारा 104 में
d. धारा 117 में
157. इस अधिनियम के अधीन नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है?
a. राज्य सरकार को
b. केन्द्र सरकार को
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों को
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
158. इस अधिनियम के अधीन बालक को हाजिरी से अभियुक्ति दी जा सकती है -
a. धारा 90 के अन्तर्गत
b. धारा 91 के अन्तर्गत
c. धारा 99 के अन्तर्गत
d. धारा 9 के अन्तर्गत
159. किशोर न्याय बोर्ड या बाल कल्याण समिति बालक की आयु की उपधारणा और अवधारणा करता है।
a. धारा 100 के अन्तर्गत
b. धारा 92 के अन्तर्गत
c. धारा 96 के अन्तर्गत
d. धारा 94 के अन्तर्गत
160. अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत सद्भाव से को गई कार्यवाही से संरक्षण प्राप्त है?
a. धारा 181 के अन्तर्गत
b. धारा 112 के अन्तर्गत
c. धारा 100 के अन्तर्गत
d. धारा 143 के अन्तर्गत
161. अधिनियम के किस धारा के अन्तर्गत बालकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए किशोर न्याय निधि सुनित करने का प्रावधान किया गया है?
a. धारा 10 के अन्तर्गत
b. धारा 105 के अन्तर्गत
c. धारा 17 के अन्तर्गत
d. धारा 108 के अन्तर्गत
162. निम्नलिखित में से कौन बाल न्यायालय है-
a. बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम 2005 के अधीन स्थापित न्यायालय
b. लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अधीन विशेष न्यायालय
c. अधिनियम के अधीन अपराधों को अधिकारिता रखने वाला सत्र न्यायालय
d. उपर्युक्त सभी