Chhattisgarh न्यायालय फीस अधिनियम (Court Fees Act)1870 MCQs (हिंदी माध्यम)

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न्यायालय फीस अधिनियम, 1870

THE CHHATTISGARH COURT FEES ACT, 1870

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1. न्यायालय फीस अधिनियम, 1870 का संक्षिप्त नाम क्या है?

a. न्यायालय शुल्क अधिनियम

b. न्यायालय फीस अधिनियम, 1870

c. विधिक शुल्क अधिनियम

d. भारतीय न्याय शुल्क अधिनियम

 

2. न्यायालय फीस अधिनियम, 1870 का विस्तार किन क्षेत्रों में नहीं होता है?

a. सम्पूर्ण भारत में

b. जम्मू-कश्मीर में

c. भाग राज्यों में समाविष्ट क्षेत्रों को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में

d. केवल ग्रामीण क्षेत्रों में

 

3. निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?

a. यह अधिनियम केवल उत्तर भारत में लागू होता है।

b. यह अधिनियम 1956 में बना था।

c. यह अधिनियम पूरे भारत में बिना किसी अपवाद के लागू होता है।

d. यह अधिनियम 1 नवम्बर, 1956 से पहले के भाग राज्यों को छोड़कर लागू होता है।

 

4. "समुचित सरकार" से क्या अभिप्रेत है जब दस्तावेज किसी केंद्रीय सरकारी अधिकारी के समक्ष पेश किए जाते हैं?

a. राज्य सरकार

b. स्थानीय प्राधिकरण

c. केंद्रीय सरकार

d. उच्चतम न्यायालय

 

5. जब किसी दस्तावेज़ से संबंधित फीस या स्टाम्प राज्य सरकार के अधीन आते हैं, तब "समुचित सरकार" कौन होती है?

a. केंद्र सरकार

b. राज्य सरकार

c. संसद

d. राष्ट्रपति

 

6. "समुचित सरकार" की परिभाषा किस अधिनियम के अंतर्गत दी गई है?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860

b. साक्ष्य अधिनियम, 1872

c. न्यायालय फीस अधिनियम, 1870

d. संविधान (अनुच्छेद 370)

 

7. किसी अधिकारी के समक्ष पेश की गई दस्तावेज़ की फीसें यदि केंद्र सरकार के अधीन हैं, तो समुचित सरकार कौन होगी?

a. नगर निगम

b. राज्य सरकार

c. पंचायत

d. केंद्रीय सरकार

 

8. "समुचित सरकार" की परिभाषा में किन दो सरकारों का उल्लेख है?

a. भारत सरकार और न्यायपालिका

b. केंद्र सरकार और राज्य सरकार

c. पंचायत और नगरपालिका

d. राज्यपाल और राष्ट्रपति

 

9. "अपील का ज्ञापन" की परिभाषा में निम्न में से कौन-सा शामिल होता है?

a. वाद पत्र

b. प्रत्याक्षेप का ज्ञापन

c. गवाह की सूची

d. न्यायालय की रिपोर्ट

 

10.  "वाद" की परिभाषा में निम्न में से क्या शामिल है?

a. केवल दीवानी वाद

b. केवल आपराधिक वाद

c. डिक्री से की गई अपील

d. केवल प्रथम वाद

 

11.  न्यायालय फीस अधिनियम, 1870 की धारा 1- किस शब्द की परिभाषा से संबंधित है?

a. समुचित सरकार

b. न्यायालय

c. अपील का ज्ञापन

d. शुल्क

 

12. जब तक विषय या सन्दर्भ से कोई प्रतिकूल बात हो, "अपील का ज्ञापन" में क्या सम्मिलित माना जाएगा?

a. न्यायालय की डिक्री

b. आदेश की प्रति

c. प्रत्याक्षेप का ज्ञापन

d. न्यायिक अभिलेख

 

13. निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?

a. "वाद" में केवल प्राथमिक याचिकाएँ आती हैं।

b. "अपील का ज्ञापन" में गवाहों के बयान आते हैं।

c. "वाद" के अंतर्गत डिक्री से अपील भी शामिल होती है।

d. प्रत्याक्षेप का ज्ञापन एक अलग प्रक्रिया है।

 

14. न्यायालय फीस अधिनियम, 1870 की धारा 3 किससे संबंधित है?

a. अपील की प्रक्रिया

b. समुचित सरकार की परिभाषा

c. उच्च न्यायालयों और लघुवाद न्यायालयों में फीसों का उद्ग्रहण

d. दस्तावेजों की सत्यता

 

15. धारा 3 के अनुसार, उच्च न्यायालयों की आरम्भिक शाखाओं में कौन-कौन अधिकारी फीस के लिए उत्तरदायी नहीं हैं?

a. न्यायाधीश

b. लिपिक

c. शैरिफ और अटर्नी

d. वकील

 

16. उच्च न्यायालयों की कौन-सी शाखाएं इस धारा के अंतर्गत आती हैं?

a. दिल्ली, पटना और कोलकाता

b. केरल, मैसूर और राजस्थान

c. उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा

d. पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश

 

17. धारा 3 में उल्लिखित उच्च न्यायालयों में फीस किन अनुसूचियों के अंतर्गत प्रभार्य होती है?

a. तृतीय और चतुर्थ अनुसूची

b. प्रथम और द्वितीय अनुसूची

c. केवल प्रथम अनुसूची

d. केवल द्वितीय अनुसूची

 

18. प्रेसिडेंसी लघुवाद न्यायालयों में फीसों का संग्रह किस रीति से किया जाएगा?

a. राज्य सरकार के निर्देशानुसार

b. न्यायाधीश के विवेकानुसार

c. इस अधिनियम में पश्चात् बताई गई रीति से

d. संबंधित जिला कार्यालय की अनुमति से

 

19. प्रथम अनुसूची के कौन-से संख्यांक धारा 3 में उल्लिखित हैं?

a. 1 से 10 तक

b. केवल संख्यांक 11

c. 2, 4, 5

d. 7, 12, 14

 

20. द्वितीय अनुसूची के कौन-से संख्यांक धारा 3 में शामिल हैं?

a. 1, 2, 3

b. 5, 6, 9

c. 7, 12, 14, 20, 21

d. 11, 13, 15

 

21. धारा 4 के अंतर्गत, दस्तावेज उच्च न्यायालय में कब तक फाइल या प्राप्त नहीं किए जा सकते?

a. जब तक दस्तावेज़ की जांच हो जाए

b. जब तक उसे वकील द्वारा प्रमाणित किया जाए

c. जब तक उचित फीस का भुगतान किया गया हो

d. जब तक न्यायाधीश की अनुमति हो

 

22. धारा 4 किन अधिकारिताओं के अंतर्गत दस्तावेजों को कवर करता है?

a. केवल आपराधिक

b. केवल दीवानी

c. असाधारण आरम्भिक सिविल और दाण्डिक, अपीली, निर्देश और पुनरीक्षण

d. केवल पुनरीक्षण

 

23. उच्च न्यायालय में दस्तावेज दाखिल करने से पहले किस अनुसूची में दी गई फीस देय होनी चाहिए?

a. तृतीय अनुसूची

b. केवल द्वितीय अनुसूची

c. प्रथम या द्वितीय अनुसूची

d. कोई अनुसूची लागू नहीं होती

 

24. धारा 4 के अनुसार, कौन-से दस्तावेज दाखिल नहीं किए जा सकते?

a. जो अंग्रेजी में हों

b. जिन पर स्टाम्प हो

c. जिन पर उचित फीस दी गई हो

d. जो आदेश के विरुद्ध हों

 

25. धारा 4 में 'निर्देश या पुनरीक्षण' शब्दों से किस प्रकार की न्यायिक प्रक्रिया अभिप्रेत है?

a. प्रारंभिक जाँच

b. निचली अदालतों को दिशा निर्देश देना या उनके निर्णयों की समीक्षा करना

c. गवाही लेना

d. साक्ष्य संकलन

 

26. उच्च न्यायालय की किस प्रकार की अपीली अधिकारिता को धारा 4 में शामिल किया गया है?

a. केवल साधारण अपीलें

b. केवल खंडपीठ की अपीलें

c. उन निर्णयों पर अपीलें जो साधारण आरम्भिक अधिकारिता से भिन्न हैं

d. केवल क्रॉस-अपीलें

 

27. यदि कोई दस्तावेज बिना उपयुक्त फीस के उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, तो क्या होगा?

a. दस्तावेज़ स्वीकार कर लिया जाएगा

b. दस्तावेज़ को सत्यापित कर लिया जाएगा

c. दस्तावेज़ को फाइल नहीं किया जाएगा

d. उसे जिला न्यायालय भेजा जाएगा

 

28. धारा 5 का संबंध किससे है?

a. दस्तावेज की वैधता

b. शुल्क के भुगतान की प्रक्रिया

c. फीस की आवश्यकता या उसकी राशि को लेकर उत्पन्न मतभेद से

d. न्यायालय की शक्तियों से

 

29. उच्च न्यायालय में फीस को लेकर मतभेद उत्पन्न होने पर, यह प्रश्न सबसे पहले किसको भेजा जाएगा?

a. प्रथम न्यायाधीश

b. न्यायालय अधीक्षक

c. विनिर्धारक अधिकारी

d. मुख्य सचिव

 

30. यदि विनिर्धारक अधिकारी को लगता है कि प्रश्न सार्वजनिक महत्व का है, तो वह उसे किसे भेजेगा?

a. गृह मंत्रालय

b. राज्यपाल

c. मुख्य न्यायमूर्ति या उनके द्वारा नियुक्त न्यायाधीश को

d. भारत सरकार

 

31. यदि मतभेद लघुवाद न्यायालय में उत्पन्न होता है, तो वह किसे संदर्भित किया जाता है?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. न्यायालय प्राधीक्षक

c. अधिवक्ता संघ

d. लोक अभियोजक

 

32. लघुवाद न्यायालय में उत्पन्न मतभेद का अंतिम निर्णय कौन देगा, यदि मामला सार्वजनिक महत्व का हो?

a. मुख्य सचिव

b. राज्य सरकार

c. न्यायालय का प्रथम न्यायाधीश

d. अधिवक्ता परिषद

 

33. विनिर्धारक अधिकारी कौन होगा, यह किसके द्वारा घोषित किया जाएगा?

a. न्याय विभाग

b. न्यायालय प्राधीक्षक

c. मुख्य न्यायमूर्ति

d. केंद्रीय कानून मंत्रालय

 

34. जब फीस की आवश्यकता पर मतभेद हो और मामला सार्वजनिक महत्व का हो, तब विनिर्धारक अधिकारी का निर्णय कैसा माना जाएगा?

a. अस्थायी

b. अपील योग्य

c. अंतिम

d. न्यायालय में लंबित

 

35. धारा 6 का संबंध किससे है?

a. उच्च न्यायालय की अपील प्रक्रिया से

b. दस्तावेज़ों की भाषा से

c. मुफस्सिल न्यायालयों और लोक कार्यालयों में दाखिल दस्तावेजों पर देय फीस से

d. न्यायालय की संवैधानिक शक्तियों से

 

36. धारा 6 के अंतर्गत दस्तावेज किस परिस्थिति में फाइल, प्रदर्शित या अभिलिखित नहीं किए जा सकते?

a. जब वे अंग्रेज़ी में हों

b. जब वे न्यायिक अधिकारी द्वारा सत्यापित हों

c. जब उन पर उपयुक्त फीस का भुगतान किया गया हो

d. जब वे सरकारी मुहर के बिना हों

 

37. धारा 6 किन न्यायालयों पर लागू होती है?

a. केवल उच्च न्यायालयों पर

b. केवल विशेष न्यायालयों पर

c. केवल सुप्रीम कोर्ट पर

d. उच्च न्यायालयों को छोड़कर अन्य सभी न्यायालयों (मुफस्सिल न्यायालयों) पर

 

38. धारा 6 के अनुसार, दस्तावेजों के लिए फीस कहाँ से निर्धारित होती है?

a. राज्य सरकार की अधिसूचना से

b. न्यायालय द्वारा स्वतः

c. अधिनियम से उपाबद्ध प्रथम और द्वितीय अनुसूचियों से

d. वकीलों के परामर्श से

 

39. यदि किसी दस्तावेज़ पर आवश्यक फीस नहीं दी गई है, तो क्या होगा?

a. दस्तावेज़ रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाएगा

b. दस्तावेज़ स्वीकृत नहीं किया जाएगा

c. दस्तावेज़ पर जुर्माना लगेगा

d. दस्तावेज़ स्वतः फीस सहित माना जाएगा

 

40. धारा 6 के अनुसार, लोक अधिकारी दस्तावेज कब प्राप्त कर सकता है?

a. जब दस्तावेज़ सरकारी आदेश से हो

b. जब दस्तावेज़ सत्यापित हो

c. जब उस पर उपयुक्त फीस चुकाई गई हो

d. जब वह किसी वकील द्वारा भेजा गया हो

 

41. क्या धारा 6 उच्च न्यायालयों में दाखिल दस्तावेजों पर लागू होती है?

a. हाँ, सभी न्यायालयों पर लागू होती है

b. नहीं, केवल सुप्रीम कोर्ट पर लागू होती है

c. नहीं, यह उच्च न्यायालयों के अलावा अन्य न्यायालयों पर लागू होती है

d. केवल आंशिक रूप से लागू होती है

 

42. धन के वादों में संदेय फीस की गणना किस आधार पर की जाती है?

a. बाजार मूल्य के अनुसार

b. दस्तावेज़ की संख्या के अनुसार

c. दावाकृत रकम के अनुसार

d. संपत्ति के आकार के अनुसार

 

43. भरणपोषण या वार्षिकियों के वादों में वाद की विषयवस्तु का मूल्य किस प्रकार से निर्धारित किया जाता है?

a. दो वर्षों के भुगतान के अनुसार

b. एक माह के भुगतान के अनुसार

c. दस वर्षों के कुल मूल्य के अनुसार

d. एक वर्ष की रकम के अनुसार

 

44. यदि जंगम सम्पत्ति का बाजार मूल्य नहीं है, तो फीस की गणना किस पर आधारित होगी?

a. न्यायालय के अनुमान पर

b. वादी द्वारा कथित मूल्यांकन पर

c. राजस्व रिकॉर्ड पर

d. शपथ-पत्र पर

 

45. भूमि के कब्जे के वादों में भूमि पर भू-राजस्व निर्धारित हो, तो मूल्य की गणना कैसे होती है?

a. भू-राजस्व का 10 गुना

b. भू-राजस्व का 15 गुना

c. भू-राजस्व का 20 गुना

d. बाजार मूल्य का 50%

 

46. घोषणात्मक डिक्री और पारिणामिक अनुतोष के वादों में फीस की गणना कैसे की जाती है?

a. न्यायाधीश के निर्णय पर

b. दावाकृत हानि पर

c. वादी द्वारा कथित मूल्यांकन पर

d. संपत्ति के क्षेत्रफल पर

 

47. विभाजन संबंधी वादों में यदि वादी कब्जे में नहीं है और सहस्वामित्व से इंकार किया गया है, तो फीस किस पर आधारित होगी?

a. हिस्से के आधे मूल्य पर

b. सम्पत्ति के पूरे मूल्य पर

c. कोई फीस नहीं देनी होती

d. तयशुदा न्यूनतम राशि पर

 

48. शुफाधिकार प्रवर्तित कराने के वादों में फीस की गणना कैसे होती है जब वादी उचित प्रतिफल हेतु दावा करता है?

a. न्यायालय द्वारा निर्धारित मूल्य पर

b. औसत बाज़ार दर पर

c. वादपत्र में कथित विषयवस्तु के मूल्य पर

d. खरीदार के कथन पर

 

49. लेखाओं के वादों में न्यूनतम देय फीस कितनी है?

a. ₹20

b. ₹30

c. ₹40

d. ₹50

 

50. विनिर्दिष्ट पालन (Specific performance) के वादों में फीस किस आधार पर लगती है?

a. न्यूनतम सरकारी मूल्य पर

b. न्यायालय की फीस सूची पर

c. प्रतिफल या करार में उल्लिखित रकम पर

d. करार की अवधि पर

 

51. कुर्की अपास्त कराने के वादों में यदि भूमि का मूल्य ज्यादा है, तो फीस की गणना कैसे की जाती है?

a. कुर्क की गई राशि पर

b. संपत्ति के क्षेत्रफल पर

c. बाजार मूल्य पर

d. भूमि के कब्जे के वाद की तरह

 

52. धारा 8 का संबंध किससे है?

a. दीवानी मामलों की अपील से

b. भूमि संबंधी वादों की फीस से

c. प्रतिकर सम्बन्धी आदेश के विरुद्ध अपील के ज्ञापन पर फीस से

d. कर वसूली के मामलों से

 

53. प्रतिकर संबंधी अपील किस अधिनियम के अंतर्गत होती है?

a. दण्ड प्रक्रिया संहिता

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम

c. तत्समय प्रवृत्त किसी भूमि अर्जन अधिनियम के अंतर्गत

d. अनुबंध अधिनियम

 

54. धारा 8 के अनुसार, संदेय फीस की गणना किस आधार पर की जाती है?

a. केवल दावाकृत पूरी रकम पर

b. प्रतिकर आदेश में निर्धारण की गई पूरी रकम पर

c. दावाकृत रकम और अधिनिर्णीत रकम के बीच अंतर के अनुसार

d. न्यायालय द्वारा पूर्व निर्धारित शुल्क पर

 

55. यदि अपीलार्थी ने प्रतिकर के रूप में ₹5,00,000 की मांग की और अधिनिर्णीत प्रतिकर ₹3,00,000 है, तो फीस किस पर आधारित होगी?

a. ₹5,00,000 पर

b. ₹3,00,000 पर

c. ₹2,00,000 पर

d. ₹8,00,000 पर

 

56. क्या धारा 8 केवल लोक प्रयोजनार्थ भूमि अर्जन से संबंधित अपीलों पर लागू होती है?

a. नहीं, सभी अपीलों पर लागू होती है

b. केवल कर मामलों में लागू होती है

c. हाँ, केवल लोक प्रयोजनार्थ भूमि अर्जन से संबंधित प्रतिकर आदेशों की अपीलों पर

d. केवल निजी संपत्ति के वादों पर

 

57. "अधिनिर्णीत रकम" का अर्थ क्या है?

a. न्यायालय द्वारा तय की गई न्यूनतम फीस

b. सरकार द्वारा निर्धारित फीस

c. उस प्रतिकर की रकम जो मूल आदेश में तय की गई है

d. अपीलकर्ता द्वारा तय की गई रकम

 

58. धारा 9 के अनुसार न्यायालय किन मामलों में कमीशन निकाल सकता है?

a. जब वादी अपनी शिकायत वापस लेता है

b. जब शुद्ध लाभ या बाजार मूल्य का प्राक्कलन गलत प्रतीत होता है

c. जब फीस पहले ही जमा कर दी गई हो

d. जब दावाकृत रकम बहुत कम हो

 

59. धारा 9 के तहत कमीशन निकालने का उद्देश्य क्या है?

a. वादी को राहत देना

b. उचित स्थानीय या अन्य अन्वेषण कराकर सही प्राक्कलन प्राप्त करना

c. न्यायालय की फीस बढ़ाना

d. अपील की प्रक्रिया को तेज करना

 

60. कमीशन निकालने वाला व्यक्ति किसे रिपोर्ट देगा?

a. वादी को

b. प्रतिवादी को

c. न्यायालय को

d. राज्य सरकार को

 

61. धारा 9 के तहत कमीशन का प्रयोग किन वस्तुओं के मूल्यांकन के लिए किया जा सकता है?

a. जंगम सम्पत्ति

b. भूमि, गृह या उद्यान के वार्षिक शुद्ध लाभ या बाजार मूल्य के प्राक्कलन के लिए

c. केवल नकद वादों के लिए

d. केवल सरकारी संपत्ति के लिए

 

62. न्यायालय को कमीशन निकालने का अधिकार किस अनुच्छेद या धारा में दिया गया है?

a. धारा 5

b. धारा 7

c. धारा 9

d. धारा 11

 

63. कमीशन निकालने वाला व्यक्ति किस प्रकार के अन्वेषण कर सकता है?

a. केवल कागजी दस्तावेजों की जांच

b. आवश्यक स्थानीय या अन्य अन्वेषण

c. केवल आर्थिक मूल्यांकन

d. केवल कानूनी सलाह देना

 

64. यदि शुद्ध लाभ या बाजार-मूल्य का प्राक्कलन अधिक किया गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. अतिरिक्त फीस को जबरन वसूल सकता है

b. अधिक दी गई फीस को वापस कर सकता है

c. वाद को स्वतः खारिज कर सकता है

d. कागजी दस्तावेजों की जांच कर सकता है

 

65. यदि प्राक्कलन अपर्याप्त पाया जाता है, तो न्यायालय वादी से क्या अपेक्षा करेगा?

a. कोई अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी

b. उचित अतिरिक्त फीस देने के लिए कहेगा

c. वाद वापस लेने को कहेगा

d. फीस की पुन: जांच करेगा

 

66. जब अतिरिक्त फीस नहीं दी जाती है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. वाद को स्वीकार कर लेगा

b. वाद को रोक देगा और फिर खारिज कर देगा

c. वादी को चेतावनी देगा, लेकिन कार्रवाई नहीं करेगा

d. अतिरिक्त फीस की रकम घटा देगा

 

67. अतिरिक्त फीस देने के लिए न्यायालय कितना समय देगा?

a. कोई निश्चित समय नहीं होगा

b. वादी की मर्जी पर

c. न्यायालय द्वारा नियत किया गया समय

d. तुरंत फीस जमा करनी होगी

 

68. धारा 10 के अनुसार, अगर अतिरिक्त फीस दे दी जाती है तो क्या होता है?

a. वाद पुनः चालू हो जाएगा

b. वाद खारिज कर दिया जाएगा

c. फीस वापस कर दी जाएगी

d. वाद निरस्त हो जाएगा

 

69. धारा 10 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यायालय फीस की गणना में प्राक्कलन की त्रुटि के मामले

b. अपील प्रक्रिया की समय सीमा

c. न्यायालय की अधिकारिता

d. दस्तावेजों की पंजीकरण प्रक्रिया

 

70. यदि डिक्रीत लाभ या रकम दावाकृत लाभ से अधिक है, तो डिक्री का निष्पादन कब तक नहीं किया जाएगा?

a. जब तक वादी स्वयं अनुमति दे

b. जब तक उचित अधिकारी को अंतर की फीस संदत्त कर दी जाए

c. तुरंत किया जाएगा

d.जब तक प्रतिवादी शिकायत करे

 

71. यदि अंतःकालीन लाभ की रकम का अभिनिश्चय डिक्री के निष्पादन के दौरान छोड़ा गया है और वह दावाकृत लाभ से अधिक हो, तो क्या होता है?

a. डिक्री का निष्पादन रोका जाएगा जब तक अतिरिक्त फीस संदत्त हो

b. डिक्री को तुरंत लागू किया जाएगा

c. वाद को स्वतः खारिज कर दिया जाएगा

d. अतिरिक्त फीस वापस कर दी जाएगी

 

72. यदि अतिरिक्त फीस न्यायालय द्वारा निर्धारित समय के भीतर संदत्त नहीं की जाती है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. वाद को स्वीकार कर सकता है

b. वाद को खारिज कर सकता है

c. फीस वापस कर सकता है

d. वादी को चेतावनी दे सकता है

 

73.  इस धारा के अनुसारअंतरकिसके बीच होता है?

a. वास्तविक फीस और वादी द्वारा दी गई फीस के बीच

b. डिक्रीत रकम और दावाकृत रकम के बीच

c. न्यायालय की फीस और अधिकारी की फीस के बीच

d. वादी और प्रतिवादी के बीच

 

74. इस धारा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. न्यायालय की फीस के संग्रह को सुनिश्चित करना

b. वादी को राहत देना

c. फीस का अवैध उपयोग रोकना

d. न्यायालय प्रक्रिया को धीमा करना

 

75.  अंतःकालीन लाभ किस प्रकार के वादों से संबंधित है?

a. केवल धन के वाद

b. स्थावर सम्पत्ति, लेखा, और लाभ से संबंधित वाद

c. केवल जंगम सम्पत्ति से संबंधित वाद

d. केवल अपील के वाद

 

76. मूल्यांकन संबंधी प्रश्नों का विनिश्चय कौन करता है?

a. किसी भी न्यायालय में जो इच्छा रखता हो

b. उसी न्यायालय में जहां वादपत्र या ज्ञापन फाइल किया गया हो

c. केवल उच्च न्यायालय

d. केवल अपील न्यायालय

 

77. विनिश्चय किस प्रकार का होगा?

a. प्रारंभिक

b. अस्थायी

c. अंतिम

d. संदिग्ध

 

78. यदि अपील, निर्देश या पुनरीक्षण न्यायालय को लगता है कि मूल्यांकन का विनिश्चय गलत हुआ है, तो वह क्या करेगा?

a. वाद को खारिज कर देगा

b. पक्षकार से अतिरिक्त फीस मांग करेगा

c. न्यायालय का फैसला उलट देगा

d. कोई कार्रवाई नहीं करेगा

 

79. यदि अतिरिक्त फीस मांगने की स्थिति बनती है, तो कौन से प्रावधान लागू होंगे?

a. धारा 9

b. धारा 10 के पैरा (ii)

c. धारा 7

d. धारा 15

 

80. मूल्यांकन संबंधी प्रश्नों का विनिश्चय कब अंतिम नहीं होगा?

a. जब वाद प्रारंभिक न्यायालय में हो

b. जब वाद अपील, निर्देश या पुनरीक्षण न्यायालय में हो और विनिश्चय गलत हो

c. जब वाद में कोई फीस हो

d. हमेशा अंतिम होता है

 

81.  इस धारा का उद्देश्य क्या है?

a. न्यायालय फीस की रकम का सही निर्धारण सुनिश्चित करना

b. फीस को कम करना

c. न्यायालय की प्रक्रिया को लंबा करना

d. फीस को माफ़ करना

 

82. यदि निचला न्यायालय अपील या वादपत्र को सीवी प्रक्रिया संहिता में वर्णित आधारों पर नामंजूर करता है, तो अपील न्यायालय क्या करेगा?

a. अपील को खारिज कर देगा

b. अपीलार्थी को संदत्त फीस की वापसी के लिए प्रमाण-पत्र देगा

c. अतिरिक्त फीस मांग करेगा

d. अपील को स्वीकृत कर फीस वसूल करेगा

 

83. संदत्त फीस की वापसी के लिए प्रमाण-पत्र किससे प्राप्त किया जाएगा?

a. मुख्य न्यायालय से

b. कलक्टर से या यथा विहित रोति में इलेक्ट्रॉनिक अंतरण के माध्यम से

c. स्थानीय पुलिस से

d. राज्य सरकार से

 

84. यदि अपील में प्रतिप्रेषण होता है और वह सम्पूर्ण विषयवस्तु के लिए नहीं है, तो प्रमाणपत्र क्या प्राधिकृत करेगा?

a. सम्पूर्ण फीस की वापसी

b. केवल उस विषयवस्तु के भाग के लिए फीस की वापसी जो प्रतिप्रेषित किया गया हो

c. कोई फीस वापस नहीं करेगा

d. अतिरिक्त फीस वसूल करेगा

 

85. प्रतिप्रेषण का आदेश किस अधिनियम की धारा 351 के आधार पर दिया जाता है?

a. भारतीय दंड संहिता

b. सिविल प्रक्रिया संहिता

c. कंपनी अधिनियम

d. कराधान अधिनियम

 

86. प्रमाण-पत्र किसे अनुदत्त किया जाता है?

a. प्रतिवादी को

b. अपीलार्थी को

c. मुख्य न्यायाधीश को

d. न्यायालय के अधिकारी को

 

87. संदत्त फीस की पूरी रकम किसके माध्यम से वापस की जाएगी?

a. बैंक ट्रांसफर

b. नकद भुगतान

c. कलक्टर या इलेक्ट्रॉनिक अंतरण के माध्यम से

d. डाक द्वारा

 

88. निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए आवेदन डिक्री की तारीख से कितने दिन बाद उपस्थापित होने पर फीस वापसी का प्रावधान है?

a. 10वें दिन

b. 20वें दिन

c. 30वें दिन या उसके पश्चात्

d. 40वें दिन

 

89. न्यायालय किस परिस्थिति में आवेदक को फीस की वापसी का प्रमाण-पत्र अनुदत्त कर सकता है?

a. जब विलम्ब आवेदक की गफलत से हुआ हो

b. जब विलम्ब आवेदक की गफलत से हुआ हो

c. जब आवेदक गरीब हो

d. जब न्यायालय को मन हो

 

90. प्रमाण-पत्र के माध्यम से आवेदक किससे फीस का वापसी प्राप्त कर सकता है?

a. मुख्य न्यायाधीश से

b. कलेक्टर से या यथा विहित रीति में इलेक्ट्रॉनिक अंतरण से

c. स्थानीय पुलिस से

d. राज्य सरकार से

 

91.  न्यायालय किस आधार पर आवेदक को फीस की वापसी का प्रमाण-पत्र दे सकता है?

a. अपनी पूरी इच्छा से

b. स्वविवेकानुसार

c. सिफारिश के बाद

d. लोक शिकायत पर

 

92. फीस की वापसी की रकम का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

a. आवेदन की तारीख पर देय फीस के अनुसार

b. डिक्री की तारीख पर देय फीस के अनुसार

c. फीस की पूरी राशि वापसी होती है

d. न्यायालय के आदेश पर

 

93. यदि न्यायालय अपना पूर्व विनिश्चय भूल के आधार पर उलट देता है, तो आवेदक किसके हकदार होगा?

a. पुनः सुनवाई का आदेश

b. आवेदन पर संदत्त फीस की पूरी वापसी का प्रमाणपत्र

c. आवेदन पर संदत्त फीस में से कुछ फीस वापस पाने का प्रमाणपत्र

d. अतिरिक्त फीस देने का आदेश

 

94. आवेदक किससे फीस की वापसी प्राप्त कर सकता है?

a. मुख्य न्यायाधीश से

b. कलेक्टर से या यथा विहित रीति में इलेक्ट्रॉनिक अंतरण के माध्यम से

c. राज्य सरकार से

d. स्थानीय पुलिस से

 

95. किस स्थिति में आवेदक को प्रमाणपत्र प्राप्त करने का हक नहीं होगा?

a. जब न्यायालय का उलटना विधि या तथ्य की भूल पर हो

b. जब उलटना नए साक्ष्यों के कारण हो जो पहले पेश किए जा सकते थे

c. जब आवेदन पुनः सुनवाई के बाद खारिज हो

d. जब फीस पूरी तरह से भुगतान हो

 

96. इस सेक्शन के अनुसार, फीस वापसी की गणना किस अनुसूची के किस खंड के अधीन होती है?

a. प्रथम अनुसूची के खंड (), () और ()

b. द्वितीय अनुसूची के खंड (), () और ()

c. द्वितीय अनुसूची के खंड (), () और ()

d. प्रथम अनुसूची के खंड (), () और ()

 

97. इस सेक्शन के तहत फीस वापसी की प्रक्रिया किस स्थिति में लागू नहीं होती?

a. जब आवेदन समय पर प्रस्तुत किया गया हो

b. जब न्यायालय का पूर्व निर्णय सही हो

c. जब उलटना ऐसे नए साक्ष्यों के कारण हो जो प्रारंभिक सुनवाई में पेश किए जा सकते थे

d. जब न्यायालय पुनः सुनवाई करे

 

98. किस स्थिति में वादी न्यायालय से प्रमाणपत्र प्राप्त करने का हकदार होगा जिससे फीस वापसी संभव हो?

a. जब न्यायालय वाद का निराकरण करता है।

b. जब न्यायालय धारा 89 के तहत विवाद के निपटारे का कोई तरीका निर्देशित करता है।

c. जब वादी की तरफ से कोई गलती होती है।

d. जब न्यायालय अपील खारिज करता है।

 

99. धारा 89 किस अधिनियम की है जिसका उल्लेख इस सेक्शन में किया गया है?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860

b. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

c. फौजदारी प्रक्रिया संहिता, 1973

d. भारतीय संपत्ति अधिनियम, 1882

 

100. प्रमाणपत्र के माध्यम से फीस वापसी कैसे की जाती है?

a. सीधे वादी को नकद भुगतान के रूप में

b. कलक्टर से या यथा विहित रीति में इलेक्ट्रॉनिक अंतरण के माध्यम से

c. स्थानीय पुलिस से

d. न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर

 

101. फीस की वापसी किसके संबंध में की जाती है?

a. पूरे न्यायालय के खर्चों के लिए

b. वाद के संबंध में संदत्त फीस की पूरी रकम

c. केवल आधी फीस की राशि

d. केवल अपील फीस की राशि

 

102. यह सेक्शन किस विषय से संबंधित है?

a. वादों का निपटारा

b. फीस का प्रतिदाय

c. न्यायालय के अधिकार

d. साक्ष्य की प्रक्रिया

 

103. यदि एक वाद में दो या अधिक पृथक् और सुभिन्न वाद हेतुक संयोजित हैं, तो फीस कैसे लगाई जाएगी?

a. केवल एक वाद हेतुक की फीस ही लगेगी।

b. प्रत्येक वाद हेतुक के लिए पृथक् फीसों का योग प्रभार्य होगा।

c. कुल फीस आधी कर दी जाएगी।

d. फीस नहीं लगेगी।

 

104. यदि एक वाद हेतुक पर आधारित एक से अधिक अनुतोष संयुक्त रूप से चाहे गये हैं, तो फीस कैसे लगेगी?

a. केवल मुख्य अनुतोष की फीस लगेगी।

b. प्रत्येक अनुतोष की फीसों का योग प्रभार्य होगा।

c. फीस नहीं लगेगी।

d. केवल सबसे कम फीस लगेगी।

 

105. अगर कोई अनुतोष मुख्य अनुतोष के आनुषंगी रूप में हो, तो फीस कैसे लगेगी?

a. केवल मुख्य अनुतोष की फीस लगेगी।

b. दोनों की फीस लगेगी।

c. केवल आनुषंगी अनुतोष की फीस लगेगी।

d. फीस नहीं लगेगी।

 

106. जब एक ही वाद हेतुक पर आधारित एक से अधिक अनुतोष आनुकल्पिक रूप से चाहे गये हों, तो फीस कैसे लगेगी?

a. सभी अनुतोषों की फीसों का योग।

b. केवल सबसे बड़ी फीस प्रभार्य होगी।

c. फीस नहीं लगेगी।

d. न्यूनतम फीस प्रभार्य होगी।

 

107. यह धारा किन मामलों पर भी लागू होगी?

a. केवल मूल वादों पर।

b. केवल अपीलों और प्रत्याक्षेपों पर।

c. अपीलों और प्रत्याक्षेपों सहित यथावश्यक परिवर्तनों सहित।

d. केवल प्रत्याक्षेपों पर।

 

108. जब कोई व्यक्ति सदोष परिरोध या सदोष अवरोध के अपराध का परिवाद करता है, और उसने पहले कोई ऐसी अर्जी फीस के साथ पेश नहीं की है, तो उसे किस प्रकार की फीस देनी होगी?

a. कोई फीस नहीं देनी होगी।

b. पाँच रुपये की फीस देनी होगी।

c. दो रुपये की फीस देनी होगी।

d. दस रुपये की फीस देनी होगी।

 

109. ऐसी फीस कब नहीं देनी पड़ेगी?

a. जब पुलिस अधिकारी वारंट के बिना गिरफ्तार कर सकते हैं।

b. जब न्यायालय फीस का संदाय करना उचित समझे।

c. जब व्यक्ति निर्दोष हो।

d. जब आरोपी पहले से गिरफ्तार हो।

 

110. यह परीक्षा किस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन लेखबद्ध की जाती है?

a. सिविल प्रक्रिया संहिता।

b. दण्ड प्रक्रिया संहिता।

c. भारतीय दंड संहिता।

d. साक्ष्य अधिनियम

 

111. इस धारा के अंतर्गत फीस का संदाय कौन करता है?

a. अभियुक्त।

b. परिवादी।

c. न्यायालय।

d. पुलिस अधिकारी।

 

112. इस फीस का संदाय किस दशा के सिवाय होगा?

a. जब पुलिस अधिकारी वारंट के बिना गिरफ्तारी करते हैं।

b. जब न्यायालय संदाय का परिहार करे।

c. जब परिवादी निर्दोष साबित हो।

d. जब अभियोजन पक्ष माफी दे।

 

113. निम्नलिखित में से कौन से दस्तावेज इस अधिनियम के तहत फीस से मुक्त हैं?

a. संघ के सशस्त्र बलों के सदस्य द्वारा वाद में प्रतिरक्षा के लिए निष्पादित मुख्तारनामा।

b. किसी भी प्रकार का वादपत्र।

c. वाद की प्रथम सुनवाई से पहले का लिखित कथन।

d. पुलिस के वारंट के लिए आवेदन।

 

114. फोर्ट सेन्ट जार्ज की प्रेसिडेंसी में ग्राम मुंसिफों द्वारा विचारित वादों के वादपत्र किसके अधीन फीस से मुक्त हैं?

a. न्यायालय।

b. राजस्व बोर्ड।

c. इस अधिनियम।

d. कोई भी नहीं।

 

115. किस प्रकार के आवेदन इस अधिनियम के तहत फीस से मुक्त हैं?

a. भूमि के त्याग के लिए आवेदन।

b. कोई भी आवेदन।

c. केवल सिविल मामले।

d. केवल आपराधिक मामले।

 

116. निम्नलिखित में से कौन सी फीस से छूट शामिल नहीं है?

a. दाण्डिक मामलों में जमानतनामे।

b. वाद की प्रथम सुनवाई के पश्चात् न्यायालय द्वारा मांगे गए लिखित कथन।

c. आम नागरिक के निजी वादपत्र।

d. पुलिस अधिकारी को किसी अपराध के सम्बन्ध में प्रस्तुत अर्जी।

 

117. कौन से दस्तावेजों को फीस से मुक्त किया गया है जहां आवेदन सरकारी जल के प्रदाय के लिए किया गया हो?

a. सिंचाई के लिए आवेदन।

b. भूमि के मूल्य निर्धारण के लिए आवेदन।

c. जमानतनामे।

d. कोई भी नहीं।

 

118. 1869 के बंगाल अधिनियम संख्यांक 2 के अधीन नियुक्त विशेष आयुक्त को पेश की गई अर्जियां फीस से मुक्त हैं?

a. हाँ।

b. नहीं।

 

119. यदि किसी व्यक्ति ने प्रोबेट या प्रशासनपत्र के लिए मृतक की संपत्ति का अधिक मूल्यांकन किया है और अधिक न्यायालय फीस संदत्त की है, तो उसे कितने माह के भीतर स्थानीय मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी के समक्ष सही मूल्यांकन प्रस्तुत करना चाहिए?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 9 महीने

d. 12 महीने

 

120. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी किस प्रकार के दस्तावेज़ों की मांग करेगा ताकि संपत्ति के सही मूल्य का सत्यापन कर सके?

a. बैंक स्टेटमेंट

b. शपथपत्र या प्रतिज्ञान सहित विशिष्टयुक्त तालिका और मूल्यांकन

c. पुलिस रिपोर्ट

d. निजी घोषणा पत्र

 

121. यदि प्राधिकारी को पता चलता है कि प्रोबेट या प्रशासनपत्र पर अधिक फीस संदत्त की गई है, तो वह क्या कर सकता है?

a. प्रोबेट या प्रशासनपत्र को रद्द कर सकता है, यदि स्टाम्प पहले से रद्द हो।

b. सही न्यायालय फीस के लिए अन्य स्टाम्प प्रतिस्थापित कर सकता है।

c. फीस के अंतर का संदाय कर सकता है।

d. उपरोक्त सभी।

 

122. इस धारा के अनुसार, फीस के अधिक भुगतान के मामले में अतिरिक्त फीस की वापसी किस रूप में की जा सकती है?

a. केवल धनराशि वापसी।

b. खराब हुए स्टाम्पों के समान संदाय।

c. न्यायालय के आदेश पर नष्ट।

d. किसी भी रूप में नहीं।

 

123. यदि स्टाम्प पहले ही रद्द कर दिया गया हो, तब भी क्या मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी अन्य स्टाम्प प्रतिस्थापित कर सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

 

124. यह प्रावधान किन मामलों पर लागू होता है?

a. केवल विल के प्रोबेट पर।

b. केवल प्रशासनपत्र पर।

c. प्रोबेट और प्रशासनपत्र दोनों पर।

d. केवल वादपत्रों पर।

 

125. यदि निष्पादक या प्रशासक ने मृतक के शोध्य ऋणों की इतनी रकम चुकाई है कि सम्पदा का मूल्य घट जाता है और उससे कम फीस देनी पड़ती, तो प्राधिकारी क्या कर सकता है?

a. अधिक फीस वसूल सकता है

b. फीस के अंतर को वापस कर सकता है

c. प्रोबेट या प्रशासनपत्र रद्द कर सकता है

d. अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है

 

126. फीस के अंतर की वापसी के लिए दावा किस अवधि के अंदर किया जाना चाहिए?

a. प्रोबेट या प्रशासनपत्र की तारीख से 1 वर्ष के भीतर

b. प्रोबेट या प्रशासनपत्र की तारीख से 3 वर्ष के भीतर

c. प्रोबेट या प्रशासनपत्र की तारीख से 5 वर्ष के भीतर

d. बिना किसी समय सीमा के

 

127. यदि विधिक कार्यवाही के कारण ऋण अभिनिश्चित या संदत्त नहीं किए गए और निष्पादक या प्रशासक को समय सीमा के अंदर दावा करने से रोका गया, तो प्राधिकारी क्या कर सकता है?

a. दावा स्वीकार नहीं करेगा

b. अतिरिक्त समय अनुज्ञात कर सकता है

c. प्रोबेट या प्रशासनपत्र को रद्द कर सकता है

d. कोई कार्रवाई नहीं कर सकता

 

128. इस धारा के तहत दावा किसके द्वारा किया जाता है?

a. मृतक के वारिसों द्वारा

b. निष्पादक या प्रशासक द्वारा

c. कलेक्टर द्वारा

d. न्यायालय द्वारा

 

129. यह प्रावधान किन मामलों में लागू होता है?

a. जब संपत्ति की कीमत बढ़ जाती है

b. जब मृतक के ऋण संपत्ति से चुकाए गए हों

c. जब संपत्ति की कीमत स्थिर हो

d. जब संपत्ति बिक्री होती है

 

130. यदि किसी सम्पदा की सम्पूर्ण सम्पत्ति के लिए प्रोबेट या प्रशासनपत्र का अनुदान दिया गया है और पूरी फीस दी गई है, तो उसी सम्पदा के बारे में दूसरा ऐसा अनुदान दिया जाए, तो फीस का क्या होगा?

a. पूरी फीस फिर से देनी होगी

b. आधी फीस देनी होगी

c. कोई फीस नहीं देनी होगी

d. फीस वापसी की जाएगी

 

131. यदि एक सम्पदा के भाग के लिए अनुदान दिया जाता है, और पहले उसी सम्पदा का पूरा अनुदान हो चुका है, तो किस आधार पर फीस काटी जाएगी?

a. सम्पदा के मूल्य के आधार पर

b. उसी सम्पदा के उस हिस्से के लिए संदत्त फीस काटी जाएगी जो पूर्ववर्ती अनुदान में शामिल हो या वही हो

c. पूरी फीस फिर से देनी होगी

d.फीस पुनः नहीं लगेगी

 

132. इस धारा के अनुसार, यदि एक ही सम्पदा के कई हिस्सों के लिए अनुदान दिए जाते हैं, तो फीस कैसे लगेगी?

a. प्रत्येक हिस्से पर पूरी फीस लगेगी

b. केवल पहले अनुदान पर पूरी फीस लगेगी, बाद में कोई फीस नहीं लगेगी

c. केवल अंतिम अनुदान पर फीस लगेगी

d. सभी अनुदानों पर आधी फीस लगेगी

 

133. सेक्शन 19 के अनुसार, फीस का संदाय कब काटा जाएगा?

a. अनुदान के समय, जब प्रोबेट या प्रशासनपत्र दिया जाता है

b. केवल आवेदन के समय

c. फीस का संदाय अनुदान के बाद कभी नहीं काटा जाएगा

d. तब, जब वैसा ही अनुदान उसी सम्पदा या उसके भाग के लिए किया जाता है जो पहले हुआ था

 

134. इस धारा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. न्यायालय की फीस बढ़ाना

b. एक ही सम्पदा के लिए बार-बार फीस लेने से बचाना

c. सम्पदा के मूल्य को बढ़ाना

d. प्रोबेट की प्रक्रिया को लंबा करना

 

135. सेक्शन 19 के अनुसार, क्या न्यास सम्पत्ति पर विल का प्रोबेट या प्रशासन पत्र विधिमान्य माना जाएगा यदि उस संपत्ति को न्यायालय फीस देने में शामिल नहीं किया गया हो?

a. नहीं, प्रोबेट तभी मान्य होगा जब फीस दी गई हो

b. हाँ, प्रोबेट विधिमान्य माना जाएगा

c. केवल यदि न्यायालय विशेष आदेश दे तो

d. प्रोबेट तब तक मान्य नहीं होगा जब तक अतिरिक्त फीस दी जाए

 

136. न्यास सम्पत्ति पर प्रोबेट या प्रशासन पत्र का उपयोग किसके द्वारा किया जा सकता है?

a. केवल मृतक के परिवार द्वारा

b. निष्पादकों या प्रशासकों द्वारा प्रत्युद्धरण, अन्तरण या समनुदेशन के लिए

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल सरकारी अधिकारियों द्वारा

 

137. क्या ऐसी सम्पत्ति का मूल्य न्यायालय फीस के लिए दी गई फीस में शामिल किया जाता है?

a. हाँ, हमेशा शामिल किया जाता है

b. नहीं, वह कीमत फीस में शामिल नहीं होती

c. केवल यदि न्यायालय ने आदेश दिया हो

d. केवल स्थावर सम्पत्ति के लिए शामिल किया जाता है

 

138. न्यास सम्पत्ति में निम्नलिखित में से क्या शामिल हो सकता है?

a. केवल स्थावर सम्पत्ति

b. केवल जंगम सम्पत्ति

c. जंगम या स्थावर सम्पत्ति जिस पर मृतक का कब्जा या हक न्यासी के रूप में था

d. कोई भी सम्पत्ति जिसमें मृतक का कोई भी हित नहीं है

 

139. इस सेक्शन का उद्देश्य क्या है?

a. न्यास सम्पत्ति को प्रोबेट की वैधता देना भले ही फीस दी गई हो

b. न्यास सम्पत्ति पर अतिरिक्त फीस वसूलना

c. प्रोबेट प्रक्रिया को धीमा करना

d. फीस की चोरी रोकना

 

140. जब किसी ने प्रोबेट या प्रशासनपत्र के लिए मृतक की सम्पदा का मूल्य कम बताया हो और कम फीस दी हो, तो मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी क्या कर सकता है?

a. प्रोबेट या प्रशासनपत्र को रद्द कर सकता है

b. मृतक की सम्पदा के मूल्य का सत्यापन कर उचित अतिरिक्त फीस सहित फीस वसूल सकता है

c. फीस वसूलना आवश्यक नहीं है

d. फीस वापस कर सकता है

 

141. अगर आवेदन प्रोबेट या प्रशासनपत्र की तारीख से एक वर्ष के भीतर पेश किया जाता है, तो अतिरिक्त शास्ति की अधिकतम राशि कितनी होगी?

a. फीस की दोगुनी

b. फीस की पांच गुनी

c. फीस की दस गुनी

d. फीस की बीस गुनी

 

142. यदि आवेदन प्रोबेट या प्रशासनपत्र की तारीख से एक वर्ष के बाद पेश किया जाता है, तो अतिरिक्त शास्ति कितनी होगी?

a. फीस की पांच गुनी

b. फीस की दस गुनी

c. फीस की बीस गुनी

d. कोई शास्ति नहीं

 

143. छह माह के अंदर किया गया आवेदन और यदि फीस कम देने का कारण भूल या जानकारी की कमी हो, तो क्या हो सकता है?

a. शास्ति पूरी वसूल की जाएगी

b. शास्ति का परिहार किया जा सकता है और केवल मूल फीस की कमी वसूल की जाएगी

c. पूरा मामला खारिज किया जाएगा

d. फीस वापसी की जाएगी

 

144. इस धारा के अंतर्गत अतिरिक्त फीस वसूलने का उद्देश्य क्या है?

a. न्यायालय को अतिरिक्त आय प्रदान करना

b. गलत मूल्यांकन और कम फीस देने वालों को दंडित करना और न्यायसंगत फीस सुनिश्चित करना

c. फीस वसूलने की प्रक्रिया को जटिल बनाना

d. केवल अधिक फीस लेने के लिए प्रोत्साहित करना

 

145. प्रशासनपत्र को सम्यक् रूप से स्टाम्पित कब किया जाएगा?

a. जैसे ही आवेदन प्रस्तुत किया जाए

b. जब प्रशासक न्यायालय को उचित प्रतिभूति प्रदान करे, जो मृतक की सम्पदा के पूरे मूल्य के अनुसार हो

c. आवेदन के एक महीने के भीतर

d. बिना किसी प्रतिभूति के

 

146. यदि प्रशासनपत्र पर प्रारम्भ में बहुत कम न्यायालय फीस संदत्त की गई हो, तो उसे सम्यक् रूप से स्टाम्पित करने से पहले क्या आवश्यक है?

a. अतिरिक्त फीस जमा करना

b. प्रशासक का न्यायालय को ऐसी प्रतिभूति देना जो मृतक सम्पदा के पूर्ण मूल्य के अनुरूप हो

c. कोई अन्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना

d. प्रशासनिक आदेश प्राप्त करना

 

147. इस प्रावधान का उद्देश्य क्या है?

a. प्रशासक को फीस छूट देना

b. न्यायालय फीस की उचित वसूली सुनिश्चित करना

c. फीस वसूली प्रक्रिया को धीमा करना

d. न्यायालय के अधिकार को सीमित करना

 

148. 'प्रशासक' किसे उचित प्रतिभूति देगा?

a. उच्च न्यायालय

b. स्थानीय प्रशासन

c. उस न्यायालय को जिसने प्रशासनपत्र अनुदत्त किया है

d. राजस्व विभाग

 

149. क्या प्रशासनपत्र तब तक सम्यक् रूप से स्टाम्पित किया जाएगा जब तक उचित प्रतिभूति दी जाए?

a. हाँ

b. नहीं

c. 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा

d. उपयुक्त में से कोई नहीं

 

150. यदि किसी प्रोबेट या प्रशासनपत्र पर बहुत कम न्यायालय फीस संदत्त की गई हो और निष्पादक या प्रशासक छह माह के भीतर फीस की कमी पूरी करने के लिए आवेदन करे तो क्या दंड लगाया जाएगा?

a. कोई दंड नहीं

b. 500 रुपये का जुर्माना

c. 1000 रुपये की धनराशि और फीस की कमी का 20% अतिरिक्त

d. केवल फीस की कमी पूरी करनी होगी

 

151. न्यून संदाय की स्थिति में आवेदन करने की अंतिम अवधि क्या है?

a. तीन माह

b. छह माह

c. एक वर्ष

d. नौ माह

 

152. इस प्रावधान का उद्देश्य क्या है?

a. निष्पादकों और प्रशासकों को फीस पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना

b. न्यायालय फीस में छूट देना

c. फीस वसूली को धीमा करना

d. फीस वापसी के लिए आवेदन करना

 

153. यदि निष्पादक या प्रशासक ने फीस की कमी छह माह के भीतर पूरी नहीं की, तो अतिरिक्त शुल्क किस आधार पर लगेगा?

a. मूल फीस का 10%

b. मूल फीस का 20%

c. मूल फीस का 50%

d. कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

 

154. न्यून संदाय की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब?

a. मृतक की सम्पदा का सही मूल्य ज्ञात हो और फीस कम ली गई हो

b. फीस अधिक ली गई हो

c. आवेदन समय पर प्रस्तुत किया गया हो

d. आवेदन गलत न्यायालय में किया गया हो

 

155. यदि प्रोबेट या प्रशासनपत्र के लिए आवेदन उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय में किया जाता है तो आवेदन की सूचना किसे दी जाएगी?

a. पुलिस अधिकारी को

b. कलक्टर को

c. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी को

d. राज्य सरकार को

 

156. जब प्रोबेट या प्रशासनपत्र का आवेदन उच्च न्यायालय में किया जाता है तो उस आवेदन की सूचना किसे दी जाएगी?

a. स्थानीय पुलिस अधीक्षक

b. राज्य सरकार

c. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी को

d. केंद्र सरकार

 

157. कलक्टर को क्या अधिकार प्राप्त हैं जब उसे लगता है कि मृतक की सम्पदा का मूल्य अवप्राक्कलित किया गया है?

a. वह आवेदन रद्द कर सकता है

b. वह अर्जीदार को हाजिर होने को बुलाकर साक्ष्य ले सकता है और जांच कर सकता है

c. वह निष्पादक को दोषी ठहरा सकता है

d. वह न्यायालय को आदेश दे सकता है

 

158. यदि अर्जीदार मूल्यांकन को संशोधित नहीं करता है तो कलक्टर क्या कर सकता है?

a. न्यायालय में सही मूल्य की जांच के लिए आवेदन कर सकता है

b. मूल्यांकन को स्थायी रूप से मान लेता है

c. आरोपी पर जुर्माना लगा सकता है

d. मामला बंद कर सकता है

 

159. न्यायालय के समक्ष की गई जाँच का निष्कर्ष कैसा होगा?

a. अपील योग्य और विवादित

b. अंतिम और बाध्यकारी (अंतिम होगा)

c. अनिश्चित

d. केवल सुझावात्मक

 

160. न्यायालय द्वारा नियुक्त व्यक्ति को क्या अधिकार हैं?

a. केवल जांच रिपोर्ट लिखने का अधिकार

b. अर्जीदार की परीक्षा कर सकता है और अतिरिक्त साक्ष्य ले सकता है

c. निर्णय लेने का अधिकार

d. आवेदन रद्द करने का अधिकार

 

161. राज्य सरकार इस धारा के तहत क्या कर सकती है?

a. न्यायालय के निर्णय को बदल सकती है

b. कलक्टरों के लिए नियम बना सकती है

c. आवेदन वापस ले सकती है

d. फीस माफ कर सकती है

 

162. अर्जीदार को प्रोबेट या प्रशासनपत्र का अनुदान प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?

a. केवल आवेदन देना

b. सम्पत्ति का मूल्यांकन तृतीय अनुसूची के अनुसार फाइल करना और न्यायालय का समाधान होना कि फीस संदाय हो गया है

c. पुलिस से प्रमाण पत्र लाना

d. कोई फीस देना आवश्यक नहीं

 

163. प्रोबेट या प्रशासनपत्र के अनुदान का आदेश कब तक नहीं किया जाएगा?

a. जब तक अर्जीदार सम्पत्ति का मूल्यांकन नहीं फाइल करता और न्यायालय द्वारा फीस संदाय का समाधान नहीं होता

b. जब तक पुलिस रिपोर्ट जाए

c. जब तक राज्य सरकार अनुमति दे

d. तुरंत आवेदन के साथ

 

164. धारा 19 की उपधारा (4) के तहत कलक्टर द्वारा किया गया अभ्यावेदन प्रोबेट या प्रशासनपत्र के अनुदान में क्या प्रभाव डालेगा?

a. अनुदान रद्द कर देगा

b. अनुदान में विलम्ब नहीं होगा

c. फीस पूरी माफ कर देगा

d. अनुदान को स्थगित कर देगा

 

165. न्यायालय द्वारा फीस संदाय का समाधान किसके आधार पर होता है?

a. पुलिस रिपोर्ट के आधार पर

b. प्रथम अनुसूची के संख्या 11 में वर्णित फीस के अनुसार

c. राज्य सरकार के निर्देशानुसार

d. अर्जीदार के वित्तीय स्थिति के अनुसार

 

166. धारा 19 के अनुसार, मूल्यांकन किस अनुसूची के रूप में फाइल करना आवश्यक है?

a. प्रथम अनुसूची

b. दूसरी अनुसूची

c. तृतीय अनुसूची

d. चौथी अनुसूची

 

167. धारा 19 की उपधारा (6) के तहत की गई जाँच में जितनी अधिक फीस संदेय पाई गई हो, उसे कौन वसूल सकता है?

a. पुलिस अधिकारी

b. न्यायालय का अधिकारी

c. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी के प्रमाणपत्र पर किसी भी कलक्टर द्वारा निष्पादक या प्रशासक से

d. स्थानीय अधिकारी

 

168. शास्ति या समपहरण की वसूली किस प्रकार की वसूली के समान मानी जाएगी?

a. न्यायिक वसूली

b. कर वसूली

c. राजस्व की बकाया वसूली

d. गैरकानूनी वसूली

 

169. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी शास्ति या समपहरण का परिहार किस हद तक कर सकता है?

a. पूर्णतः

b. भागतः

c. पूर्णतः या भागतः

d. परिहार नहीं कर सकता

 

170. धारा 19 के अधीन शास्ति या न्यायालय फीस के संदर्भ में क्या किया जा सकता है?

a. केवल पूर्ण शास्ति का परिहार

b. केवल भागशः शास्ति का परिहार

c. पूर्णतः या भागतः शास्ति या न्यायालय फीस का परिहार

d. कोई परिहार संभव नहीं

 

171. धारा 19 के अनुसार, धारा 6 और धारा 28 का क्या प्रभाव प्रोबेटों या प्रशासनपत्रों पर होता है?

a. पूरी तरह लागू होती हैं

b. आंशिक रूप से लागू होती हैं

c. बिल्कुल लागू नहीं होती हैं

d. केवल धारा 6 लागू होती है

 

172. कौन-सी धाराएँ प्रोबेटों या प्रशासनपत्रों पर लागू नहीं होतीं?

a. धारा 5 और 10

b. धारा 6 और 28

c. धारा 12 और 20

d. धारा 15 और 30

 

173. प्रोबेट या प्रशासनपत्रों के संदर्भ में धारा 19 का उद्देश्य क्या है?

a. धारा 6 और 28 का विस्तार करना

b. धारा 6 और 28 को लागू करना

c. धारा 6 और 28 के संशोधन की सिफारिश करना

d. धारा 6 और 28 के तहत फीस बढ़ाना

 

174. धारा 19 के अनुसार, क्या प्रोबेट या प्रशासनपत्रों पर धारा 6 की कोई बात लागू होती है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल विशेष परिस्थितियों में

d. केवल प्रशासनपत्रों पर

 

175. धारा 19 के अनुसार, क्या प्रशासनपत्रों पर धारा 28 का कोई प्रभाव पड़ता है?

a. पूर्ण प्रभाव पड़ता है

b. आंशिक प्रभाव पड़ता है

c. कोई प्रभाव नहीं पड़ता

d. केवल प्रोबेट पर प्रभाव पड़ता है

 

176. धारा 20 के अनुसार उच्च न्यायालय किन बातों के लिए नियम बनाएगा?

a. अपीली अधिकारिता में निकाली गई आदेशिकाओं की तामील और निष्पादन के लिए फीस

b. न्यायालय के कर्मचारियों की वेतन संरचना

c. केवल दण्ड न्यायालयों के मामलों के लिए फीस

d. न्यायालय की इमारतों के रखरखाव के लिए नियम

 

177. धारा 20 के अनुसार दण्ड न्यायालयों द्वारा निकाली गई आदेशिकाओं के लिए फीस कब लगेगी?

a. केवल उन अपराधों के लिए जिनमें पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है

b. उन अपराधों के लिए जो पुलिस वारंट के बिना गिरफ्तारी योग्य नहीं हैं

c. सभी अपराधों के लिए

d. केवल अपील के मामलों में

 

178. धारा 20 के अंतर्गत आदेशिकाओं की तामील और निष्पादन में नियोजित चपरासियों और अन्य व्यक्तियों का क्या नियम है?

a. उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा

b. उन्हें न्यायालय की अनुमति से पारिश्रमिक दिया जाएगा

c. वे स्वतः वेतन के अधिकारी हैं

d. उन्हें स्वयं भुगतान करना होगा

 

179. उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों का पुष्टीकरण कौन करता है?

a. सर्वोच्च न्यायालय

b. राज्य सरकार

c. केंद्र सरकार

d. जिला न्यायालय

 

180. नियमों का पुष्टीकरण और प्रकाशन कहाँ किया जाएगा?

a. स्थानीय समाचार पत्र में

b. शासकीय राजपत्र में

c. न्यायालय की वेबसाइट पर

d. राज्य विधान सभा में

 

181. जब तक उच्च न्यायालय नियम नहीं बनाता, तब तक आदेशिकाओं की तामील और निष्पादन के लिए फीस का क्या होगा?

a. फीस लागू नहीं होगी

b. वर्तमान में उद्ग्रहणीय फीस जारी रहेगी

c. फीस दोगुनी हो जाएगी

d. फीस माफ़ कर दी जाएगी

 

182. धारा 21 के अनुसार आदेशिका फीस की सारणी किस भाषा में अभिदर्शित की जाएगी?

a.केवल अंग्रेजी में

b. केवल देशी भाषाओं में

c. अंग्रेजी और देशी भाषाओं दोनों में

d. केवल स्थानीय भाषा में

 

183. आदेशिका फीस की सारणी न्यायालय के किस भाग में अभिदर्शित की जाएगी?

a. न्यायालय के सबसे ऊपरी हिस्से में

b. न्यायालय के सहजदृश्य (आसानी से देखे जाने वाले) भाग में

c. न्यायालय के बैक ऑफिस में

d. केवल न्यायाधीश के कक्ष में

 

184. आदेशिका फीस की सारणी में क्या दर्शाया जाएगा?

a. न्यायाधीशों के नाम

b. तामील और निष्पादन के लिए प्रभार्य फीसें

c. न्यायालय का पता

d. अधिनियम के प्रावधान

 

185. धारा 21 का उद्देश्य क्या है?

a. न्यायालय के कर्मचारियों के वेतन निर्धारण का प्रावधान करना

b. फीस की पारदर्शिता और जनता के लिए उपलब्धता सुनिश्चित करना

c. न्यायाधीशों के लिए प्रशिक्षण नियम बनाना

d. न्यायालय की भवन व्यवस्था करना

 

186. धारा 22 के अनुसार जिला न्यायाधीश और जिला मजिस्ट्रेट किस बात का निर्धारण करेंगे?

a. न्यायालय की फीस

b. आदेशिकाओं की संख्या

c. आवश्यक चपरासियों की संख्या

d. न्यायालय की कार्यप्रणाली

 

187. चपरासियों की संख्या का निर्धारण किन नियमों के अधीन किया जाएगा?

a. उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए और राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित नियमों के अधीन

b. केंद्र सरकार के नियमों के अधीन

c. प्रत्येक न्यायाधीश की व्यक्तिगत इच्छा अनुसार

d. किसी भी नियम के बिना स्वतः

 

188. धारा 22 के अंतर्गत, मुफ़स्सिल लघुवाद न्यायालय किसके अधीनस्थ समझा जाएगा?

a. उच्च न्यायालय के अधीन

b. जिला न्यायाधीश के न्यायालय के अधीनस्थ

c. ज्य सरकार के अधीन

d. स्वतंत्र न्यायालय

 

189. मुफ़स्सिल लघुवाद न्यायालयों के संदर्भ में अधिनियम संख्या 11, 1865 का क्या महत्व है?

a. यह न्यायालयों के निर्माण का अधिनियम है

b. उच्च न्यायालयों को मामूली आरंभिक सिविल अधिकारिता की सीमाओं के बाहर के लघुवाद न्यायालयों सम्बन्धी विधि का समेकन और संशोधन करने का अधिकार देता है

c. यह चपरासियों की संख्या निर्धारित करता है

d. यह न्यायाधीशों के वेतन निर्धारण का अधिनियम है

 

190. धारा 22 के अनुसार चपरासियों की संख्या में परिवर्तन किसके द्वारा किया जा सकता है?

a. केवल राज्य सरकार द्वारा

b. केवल उच्च न्यायालय द्वारा

c. जिला न्यायाधीश और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा

d. न्यायाधीशों की समिति द्वारा

 

191. धारा 23 के अनुसार राजस्व न्यायालयों में चपरासियों की संख्या कौन तय करेगा?

a. राज्य सरकार

b. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी

c. जिला कलक्टर के कृत्यों का पालन करने वाला हर अधिकारी

d. उच्च न्यायालय

 

192. चपरासियों की संख्या निर्धारण में किन नियमों का पालन करना होगा?

a. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित नियमों का पालन

b. न्यायालय के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन

c. राज्य सरकार के नियमों का पालन

d. केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन

 

193. धारा 23 के अनुसार, चपरासियों की संख्या में परिवर्तन कौन कर सकता है?

a. केवल मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी

b. जिला कलक्टर

c. संबंधित अधिकारी जो कलक्टर के कृत्यों का पालन करता है

d. राज्य सरकार

 

194. धारा 23 में 'आदेशिकाओं की तामील और निष्पादन' से क्या आशय है?

a. आदेशिकाओं का संग्रहण और क्रियान्वयन

b. आदेशिकाओं का निर्माण

c. न्यायालय की कार्यवाही का रिकॉर्ड रखना

d. न्यायालय के कर्मचारी की नियुक्ति

 

195. धारा 23 किस प्रकार के न्यायालयों के संदर्भ में है?

a. उच्च न्यायालय

b. जिला न्यायालय

c. राजस्व न्यायालय

d. फौजदारी न्यायालय

 

196. धारा 25 के अनुसार फीसों की वसूली किस माध्यम से की जाएगी?

a. केवल नकद भुगतान द्वारा

b. इलेक्ट्रानिक अंतरण या स्टाम्पों द्वारा

c. चेक द्वारा

d. केवल ऑनलाइन भुगतान द्वारा

 

197. धारा 25 में वर्णित फीसें किसे भुगतान की जाएंगी?

a. न्यायालय

b. राज्य सरकार

c. उच्च न्यायालय

d. जिला अधिकारी

 

198. धारा 25 में फीस वसूली के लिए कौन सा अधिनियम संदर्भित है?

a. केवल धारा 3

b. इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य सब फीसें

c. केवल न्यायालयों द्वारा निर्धारित फीसें

d. केवल सरकारी कर

 

199. धारा 25 के अनुसार फीसों के भुगतान का कौन-सा तरीका शामिल नहीं है?

a. इलेक्ट्रानिक अंतरण

b. स्टाम्पों द्वारा वसूली

c. नकद भुगतान

d. ऑनलाइन भुगतान

 

200. धारा 25 में फीस वसूली के लिए कौन-सी विधि "विहित रीति" में बताई गई है?

a. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके

b. न्यायालय के निर्देशानुसार

c. केंद्रीय कानून के अनुसार

d. नागरिक सुविधानुसार

 

201. धारा 26 के अनुसार, इस अधिनियम के तहत प्रभार्य फीस के लिए उपयोग किए जाने वाले स्टाम्प कैसे होंगे?

a. केवल छापित

b. केवल आसंजक

c. छापित या आसंजक अथवा भागतः छापित और भागतः आसंजक

d. डिजिटल और इलेक्ट्रानिक

 

202. धारा 26 में स्टाम्प के उपयोग के प्रकार को कौन निर्धारित करता है?

a. न्यायालय

b. समुचित सरकार द्वारा शासकीय राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से

c. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी

d. राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा

 

203. धारा 26 के अनुसार स्टाम्पों के उपयोग की सूचना किस माध्यम से दी जाती है?

a. दैनिक समाचार पत्र

b. शासकीय राजपत्र में अधिसूचना

c. न्यायालय के आदेश से

d. सरकारी वेबसाइट पर

 

204. धारा 26 में "भागतः छापित और भागतः आसंजक" का क्या अर्थ है?

a. स्टाम्प पूरी तरह से छापित होता है

b. स्टाम्प पूरी तरह से आसंजक होता है

c. स्टाम्प का कुछ भाग छापित और कुछ भाग आसंजक होता है

d. स्टाम्प डिजिटल होता है

 

205. धारा 27 के अनुसार, स्टाम्पों के प्रदाय, संख्या, नवीकरण और लेखा रखने के लिये नियम कौन बना सकता है?

a. उच्च न्यायालय

b. संसद

c. समुचित सरकार

d.  राजस्व विभाग

 

206. उच्च न्यायालय में धारा 3 के अधीन उपयोग में लाए गए स्टाम्पों के लिए नियम बनाते समय किसकी सहमति आवश्यक होती है?

a. राज्यपाल

b. मुख्य सचिव

c. मुख्य न्यायमूर्ति

d. वित्त सचिव

 

207. निम्न में से कौन-सा विषय धारा 27 के तहत नियम बनाने के अंतर्गत आता है?

a. संपत्ति कर निर्धारण

b. वाद की सुनवाई प्रक्रिया

c. इलेक्ट्रॉनिक अंतरण की रीति

d. जजों की नियुक्ति

 

208. धारा 27 के तहत बनाए गए नियमों को वैधानिक बल कब प्राप्त होता है?

a. जैसे ही बनाए जाते हैं

b. शासकीय राजपत्र में प्रकाशित होने पर

c. राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद

d. संसद में प्रस्तुत होने पर

 

209. धारा 28 के अनुसार, जब तक कोई दस्तावेज इस अधिनियम के अधीन उचित रूप से स्टाम्पित नहीं है, तब तक वह क्या नहीं होगी?

a. अमान्य

b. विधिमान्य

c. प्रस्तुत करने योग्य

d. सुरक्षित

 

210. यदि कोई दस्तावेज भूल या अनवधानता से न्यायालय में ले ली जाती है, तो कौन उसे बाद में स्टाम्पित करने का आदेश दे सकता है?

a. अधिवक्ता

b. पुलिस अधिकारी

c. पीठासीन न्यायाधीश या कार्यालय का प्रधान

d. वादी

 

211. उच्च न्यायालय की स्थिति में, दस्तावेज को उचित रूप से स्टाम्पित करने का आदेश कौन दे सकता है?

a. बार काउंसिल

b. किसी भी न्यायाधीश

c. राज्यपाल

d. मुख्य सचिव

 

212. दस्तावेज के तदनुसार स्टाम्पित हो जाने पर वह और उससे संबंधित कार्यवाही कैसी मानी जाएगी?

a. अवैध

b. अस्थायी

c. विधिमान्य जैसे आरंभ में ही स्टाम्पित की गई हो

d. रद्द

 

213. यदि किसी निपटाए गए सिविल, दाण्डिक या राजस्व मामले में न्यायालय शुल्क (फीस) अपर्याप्त पाई जाती है, तो सबसे पहले कौन रिपोर्ट करेगा?

a. वादी

b. प्रतिवादी

c. लोक अधिकारी

d. अधिवक्ता

 

214. यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति फीस नहीं चुकाता है, तो उसे कैसे वसूल किया जाएगा?

a. अदालत से जुर्माना लगाया जाएगा

b. पुलिस के माध्यम से जब्त किया जाएगा

c. भू-राजस्व की बकाया की तरह वसूल किया जाएगा

d. लोक अभियोजक द्वारा वसूल किया जाएगा

 

215.  धारा 29 के अनुसार, यदि कोई दस्तावेज केवल किस उद्देश्य से संशोधित की जाती है तो उस पर नया स्टाम्प शुल्क आवश्यक नहीं होगा?

a. दस्तावेज की वैधता बढ़ाने के लिए

b. किसी नए पक्षकार को जोड़ने के लिए

c. केवल भूल का सुधार करने और मूल आशय के अनुरूप बनाने के लिए

d. फीस से बचने के लिए

 

216. यदि एक दस्तावेज को संशोधित किया जाता है लेकिन उसमें कोई नया कानूनी अधिकार जोड़ा जाता है, तो क्या स्टाम्प शुल्क लगेगा?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल उच्च न्यायालय में

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

217. धारा 29 का उद्देश्य क्या सुनिश्चित करना है?

a. दस्तावेज की गोपनीयता

b. राजस्व की अधिक वसूली

c. अनावश्यक शुल्कों से राहत

d. न्यायालय का नियंत्रण बढ़ाना

 

218. क्या धारा 29 के अंतर्गत संशोधन हेतु न्यायालय की अनुमति आवश्यक है?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, कभी नहीं

c. केवल जब पक्षकार सहमत हों

d. धारा 29 में इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है

 

219. यदि दस्तावेज़ में केवल टाइपिंग की त्रुटि सुधारी जाती है, तो क्या स्टाम्प शुल्क लगेगा?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल 50%

d. राज्य सरकार तय करेगी

 

220. धारा 30 के अनुसार, जब तक स्टाम्प रद्द नहीं कर दिया जाता, कोई भी दस्तावेज़ क्या नहीं किया जा सकता?

a. साक्ष्य में पेश किया जा सकता है

b. अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है

c. फाइल या उस पर कार्रवाई

d. मुद्रित किया जा सकता है

 

221. दस्तावेज़ पर लगे स्टाम्प को कैसे रद्द किया जाना चाहिए?

a. स्टाम्प को फाड़कर

b. स्टाम्प पर मोहर लगाकर

c. पंच करके और भाग को जलाकर या नष्ट करके

d. केवल दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर

 

222. स्टाम्प रद्द करने के लिए अधिकारी की नियुक्ति कौन करता है?

a. राज्यपाल

b. उच्च न्यायालय

c. न्यायालय या कार्यालय का प्रधान

d. राजस्व अधिकारी

 

223. जहां न्यायालय फीस इलेक्ट्रॉनिक अंतरण द्वारा दी जाती है, वहां सक्षम प्राधिकारी क्या करेगा?

a. हस्ताक्षर कर दस्तावेज़ लौटा देगा

b. प्रविष्टि को लॉक करेगा और दस्तावेज पर यह अंकित करेगा कि फीस संदेय है

c. स्टाम्प पर पंच करेगा

d. कोई कार्यवाही नहीं होगी

 

224. स्टाम्प पंच करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि किस भाग को अछूता रखा जाए?

a. दस्तावेज़ की मुख्य सामग्री

b. स्टाम्प का नाम

c. स्टाम्प पर अभिहित मूल्य

d. दस्तावेज की तारीख

 

225. धारा 33 का मुख्य उद्देश्य किससे संबंधित है?

a. राजस्व मामलों में दस्तावेज़ की वैधता

b. सिविल वादों में स्टाम्प की वैधता

c. दाण्डिक मामलों में न्याय की निष्फलता को रोकना

d. उच्च न्यायालय के प्रशासनिक कार्य

 

226. कब ऐसा माना जाएगा कि धारा 4 या धारा 6 दस्तावेज़ को फाइल करने से नहीं रोकती?

a. जब दस्तावेज़ मूल रूप से सिविल वाद से जुड़ा हो

b. जब न्यायालय का क्लर्क आदेश दे

c. जब पीठासीन न्यायाधीश की राय हो कि दस्तावेज़ को ग्रहण करना न्याय के लिए आवश्यक है

d. जब सरकार अनुमति दे

 

227. यदि किसी दस्तावेज़ पर उचित फीस नहीं दी गई है, फिर भी उसे दाण्डिक मामले में स्वीकार किया जा सकता है, यदि:

a. वह निजी उपयोग के लिए हो

b. उस पर हस्ताक्षर नहीं हो

c. न्याय की निष्फलता को रोकने के लिए आवश्यक हो

d. उसमें साक्ष्य की कमी हो

 

228. धारा 33 किन धाराओं में वर्णित निषेध से छूट देती है?

a. धारा 2 और 3

b. धारा 4 और 6

c. धारा 5 और 8

d. धारा 10 और 12

 

229. किस अधिकारी की राय के आधार पर दस्तावेज को स्वीकार किया जा सकता है भले ही उस पर न्यायालय फीस नहीं दी गई हो?

a. लोक अभियोजक

b. रजिस्ट्रार

c. पीठासीन न्यायाधीश

d. पुलिस निरीक्षक

 

230. धारा 34 किस विषय से संबंधित है?

a. दस्तावेज़ों की वैधता

b. प्रोबेट फीस की गणना

c. स्टाम्पों के विक्रय के लिए नियम

d. न्यायालय फीस की माफी

 

231. स्टाम्पों का विक्रय करने वाले व्यक्तियों के संबंध में नियम कौन बनाता है?

a. उच्च न्यायालय

b. राज्य सरकार

c. राष्ट्रपति

d. लोक सभा

 

232. स्टाम्प विक्रय संबंधी नियमों को वैधानिक बल कब प्राप्त होता है?

a. जब न्यायालय से अनुमोदित हो

b. जब संसद में पारित हो

c. जब शासकीय राजपत्र में प्रकाशित हों

d. जब अधिसूचना जारी की जाए

 

233. धारा 34 के अंतर्गत, यदि कोई नियुक्त स्टाम्प विक्रेता नियमों की अवज्ञा करता है, तो उसे क्या दण्ड मिल सकता है?

a. केवल चेतावनी

b. अधिकतम ₹500 जुर्माना

c. छह माह तक कारावास, ₹500 तक जुर्माना, या दोनों

d. केवल कारावास

 

234. धारा 35 किस विषय से संबंधित है?

a. स्टाम्प विक्रय की प्रक्रिया

b. न्यायालय फीस की वसूली

c. फीस को कम करने या परिहार करने की शक्ति

d. प्रोबेट पर देय शुल्क

 

235. धारा 35 के अनुसार, फीस को कम करने या परिहारित करने का अधिकार किसके पास है?

a. उच्च न्यायालय

b. केंद्र सरकार

c. समुचित सरकार

d. मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी

 

236. समुचित सरकार किस अनुसूची में वर्णित फीसों को कम या परिहारित कर सकती है?

a. केवल प्रथम अनुसूची

b. केवल द्वितीय अनुसूची

c. तृतीय अनुसूची

d. प्रथम और द्वितीय दोनों अनुसूचियाँ

 

237. समुचित सरकार किस माध्यम से फीस कम करने या परिहारित करने का आदेश जारी करती है?

a. न्यायालय आदेश द्वारा

b. अधिसूचना द्वारा शासकीय राजपत्र में

c. मौखिक निर्देश से

d. संसद की स्वीकृति से

 

238. धारा 36 किससे संबंधित है?

a. प्रोबेट फीस

b. स्टाम्प शुल्क

c. उच्च न्यायालय के कुछ अधिकारियों को फीस पर व्यावृत्ति

d. राजस्व अधिकारियों की शक्तियाँ

 

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