Indian Penal Code, 1860 MCQs Set- 1

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

 

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1. भारतीय दण्ड संहिता निम्नलिखित में से किस तिथि पर लागू की गई थी?

a. 1 जनवरी, 1860

b. 1 जुलाई, 1860

c. 1 जनवरी, 1861

d. 1 जनवरी, 1862

 

2. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 1 सम्बन्धित है—

a. अपराध की परिभाषा से

b. संहिता के नाम और उसके प्रवर्तन के विस्तार से

c. शीर्षक तथा संहिता की अधिकारिता से

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

3. भारतीय दण्ड संहिता के प्रथम प्रारूप की रचना किसने की थी?

a. कैनिंग

b. स्टीफेन

c. बेन्टिक

d. मैकॉले

 

4. 'क' जो भारत का नागरिक है, युगांडा में हत्या कर देता है। उसे दिल्ली में गिरफ्तार किया जाता है। उस पर हत्या के लिए विचारण किया जा सकता है—

a. केवल युगांडा में

b. केवल उस देश में जिसका मृतक नागरिक रहा हो

c. उपरोक्त में से किसी भी स्थान पर

d. दिल्ली में

 

5. 'क' जो भारत का नागरिक है, इंग्लैंड में हत्या कर देता है। उसे इंदौर में पाया और गिरफ्तार किया जाता है। उस पर कहाँ विचारण किया जा सकता है?

a. भारत की राजधानी नई दिल्ली में

b. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में

c. इंदौर में, जहाँ उसे पाया गया

d. भारत में किसी भी स्थान पर

 

6. 'क', जो एक स्पेनी नागरिक है, पेरिस में निवास कर रहा था। उसने एक अपराध किए जाने को उकसाया और परिणामस्वरूप अपराध भारत में किया गया। वह—

a. उत्तरदायी है क्योंकि अपराध भारत में किया गया था

b. उत्तरदायी है क्योंकि भारतीय दण्ड संहिता क्षेत्रातीत कार्यवाहियों पर भी लागू होती है

c. उत्तरदायी ठहराया जा सकता है क्योंकि अपराध भारत में किया जाना था

d. उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उकसावा भारतीय क्षेत्र में नहीं किया गया था

 

7. अपराध के आवश्यक तत्व होते हैं—

a. आपराधिक कार्य तथा दुराशय

b. आपराधिक कार्य, दुराशय एवं आशय

c. आपराधिक कार्य, दुराशय एवं ज्ञान

d. ज्ञान, आशय तथा कार्यवाही

 

8. निम्न में से अपराध हेतु क्या आवश्यक नहीं है?

a. आशय

b. हेतु

c. निषिद्ध कार्य

d. कार्यवाही हेतु न्याय

 

9. निम्नलिखित में से अपराध का सामान्यतः एक आवश्यक तत्व क्या है?

a. उल्लंघन

b. आपराधिक कृत्य

c. हेतु

d. इच्छा

 

10. 'केवल कार्य किसी को अपराधी नहीं बनाता यदि उसका मन भी अपराधी न हो' (ऐक्टस नॉन फेसिट रियम निसी मेन्स् सिट रिया) के सिद्धांत से क्या आशय है?

a. सामान्य आशय

b. सामूहिक दायित्व

c. अपराध में मन की दोषी स्थिति

d. गलत उद्देश्य

 

11. निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धांत आपराधिक मनःस्थिति (मेन्स् रिया) से सम्बन्धित है?

a. प्राग दोषमुक्ति तथा पूर्वदोषसिद्धि

b. केवल कार्य किसी को अपराधी नहीं बनाता यदि उसका मन भी अपराधी न हो

c. कानून के बिना कोई अपराध, कानून के बिना कोई सजा

d. एक अपराध के लिए दो बार न्याय नहीं दिया जा सकता

 

12. 'केवल कार्य किसी को अपराधी नहीं बनाता यदि उसका मन भी अपराधी न हो' का अर्थ है कि—

a. आरोपी द्वारा केवल कार्य किया जाना अथवा अवैध लोप ही पर्याप्त है

b. अपराध के पीछे दोषी मन के साथ कार्य होने पर उत्तरदायित्व बनता है

c. केवल दोषी मन पर्याप्त है

d. कोई भी कार्य अपने आप में आपराधिक नहीं होता जब तक वह दोषी मन से न जुड़ा हो

 

13. 'मेरी इच्छा के विरुद्ध मेरे द्वारा किया गया कार्य मेरा कार्य नहीं है' (ऐक्टस मी इन्वाइटो फेक्टस नॉन एस्ट मेउस एक्टस) का अर्थ है—

a. कार्य स्वयं किसी को अपराधी नहीं बनाता जब तक उसकी मंशा न हो

b. मेरी इच्छा के विरुद्ध मेरे द्वारा किया गया कार्य मेरा कार्य नहीं है

c. अपराध हेतु मंशा तथा कार्य दोनों का मेल आवश्यक है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

14. आपराधिक विधि के आधारभूत सिद्धांत 'बिना विधि के कोई अपराध अथवा सजा नहीं' (Nullum Crimen Nulla Poena Sine Lege) का अर्थ है—

a. पूर्वगामी विधि के बिना किसी अपराध अथवा दण्ड का अस्तित्व नहीं हो सकता

b. जब तक दोष सिद्ध न हो जाए व्यक्ति निरपराध माना जाता है

c. विधि की अनभिज्ञता कोई बहाना नहीं होती

d. किसी अपराध के गठन के लिए आपराधिक मंशा आवश्यक होती है

 

15. 'विधि द्वारा निषिद्ध कोई कार्य जो उसी समय समाज की नैतिक भावनाओं से विद्रोह करने वाला हो, अपराध है' — यह कथन किसका है?

a. कीटन

b. ऑस्टिन

c. स्टीफेन

d. पेटॉन

 

16. "एक कार्य को दण्डनीय होने के लिये इसे नैतिक रूप से दोषपूर्ण होना चाहिए। इसे अवश्य ही एक पाप होना चाहिए।" यह कथन किसके द्वारा दिया गया है?

a. सालमंड

b. न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर

c. लार्ड डेनिंग

d. स्टीफेन

 

17. आपराधिक विधि (संशोधन) अधिनियम, 2018 कब से प्रभावी हुआ?

a. 11 अगस्त, 2018

b. 21 अप्रैल, 2018

c. 1 सितम्बर, 2018

d. 1 जुलाई, 2018

 

18. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 10 के अंतर्गत "पुरुष" किस आयु के एक मानव नर को इंगित करता है?

a. 16 वर्ष

b. 18 वर्ष

c. 21 वर्ष

d. किसी भी आयु

 

19. भारतीय दण्ड संहिता में "महिला" शब्द किसे इंगित करता है?

a. 15 वर्ष से अधिक की आयु की महिला को

b. 18 वर्ष से अधिक की आयु की महिला को

c. 21 वर्ष से अधिक की आयु की महिला को

d. किसी भी आयु की महिला, जिसमें नवजात बालिका भी शामिल है

 

20. भारतीय दण्ड संहिता में पुल्लिंग वाचक शब्द प्रयोग किए गए हैं—

a. केवल नर हेतु

b. केवल नारी हेतु

c. हर व्यक्ति हेतु, चाहे वह नर हो या नारी

d. ऐसे शब्दों का उपयोग इस संहिता में नहीं है

 

21. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत 'व्यक्ति' शब्द की परिभाषा की प्रकृति के विचार से किसी व्यक्ति द्वारा किसी व्यक्ति की हत्या को मानव वध के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता?

a. धारा 13

b. धारा 11

c. धारा 9

d. धारा 7

 

22. "न्यायालय" शब्द को भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 17

b. धारा 18

c. धारा 19

d. धारा 20

 

23. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत 'लोक सेवक' को परिभाषित किया गया है?

a. धारा 14

b. धारा 21

c. धारा 20

d. धारा 24

 

24. निम्नलिखित में से कौन एक लोक सेवक नहीं है?

a. किसी राज्य का मुख्यमंत्री

b. केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का चेयरमैन

c. बीमा कंपनी का सर्वेक्षक

d. राष्ट्रीयकृत बैंक का कर्मचारी

 

25. निम्नलिखित में कौन भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 21 के अनुसार एक "लोक सेवक" नहीं है?

a. मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री

b. न्यायाधीश एवं मजिस्ट्रेट

c. प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त सरकारी कर्मचारी

d. सरकारी कॉलेज का प्रधानाचार्य

 

26. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत "जंगम संपत्ति" को किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 21

b. धारा 22

c. धारा 23

d. धारा 24

 

27. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 22 के अंतर्गत जंगम संपत्ति की परिभाषा में क्या शामिल नहीं है?

a. भूमि

b. भूमि से जुड़ी वस्तुएँ

c. भूमि से जुड़ी किसी वस्तु से स्थायी रूप से बंधी हुई वस्तुएँ

d. उपरोक्त सभी

 

28. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 'सदोष अभिलाभ' एवं 'सदोष हानि' को किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 27

 

29. भारतीय दण्ड संहिता में 'सदोष हानि' को किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 27

 

30. जब कोई व्यक्ति विधि-विरुद्ध साधनों से कुछ हासिल करता है, जिसके लिए वह वैध रूप से अधिकारी न हो, तब यह क्या कहलाता है?

a. धोखा

b. सदोष अभिलाभ

c. कपट

d. क्षति पहुँचाने का कारण

 

31. जो कोई इस आशय से कोई कार्य करता है कि एक व्यक्ति को सदोष अभिलाभ या अन्य व्यक्ति को सदोष हानि कारित करे, वह कार्य करता है—

a. कपटपूर्वक

b. बेईमानीपूर्वक

c. सदोष

d. शरारतपूर्वक

 

32. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

a. सभी दुर्व्यपदेशन में कपट सम्मिलित है

b. सभी कपट में दुर्व्यपदेशन सम्मिलित है

c. कपट और दुर्व्यपदेशन में कुछ भी समान नहीं है

d. कपट एवं दुर्व्यपदेशन दोनों के लिए प्रपीड़न समान है

 

33. 'बेईमानीपूर्वक' शब्द, जैसा कि भारतीय दण्ड संहिता की धारा 24 में परिभाषित है, का अर्थ है—

a. किसी व्यक्ति को सदोष अभिलाभ पहुँचाने के आशय के साथ

b. किसी व्यक्ति को सदोष हानि पहुँचाने के आशय के साथ

c. इस आशय से कार्य करना कि एक व्यक्ति को सदोष अभिलाभ या अन्य व्यक्ति को सदोष हानि कारित हो

d. उपरोक्त सभी सही हैं

 

34. 'कूटकरण' (जाली) को भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 30

b. धारा 28

c. धारा 29

d. धारा 27

 

35. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित है?

a. कूटकरण – धारा 28

b. मूल्यवान प्रतिभूति – धारा 29

c. दस्तावेज – धारा 30

d. लोप – धारा 31

 

36. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत 'इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख' को किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 29

b. धारा 29क

c. धारा 29ख

d. धारा 29घ

 

37. "मूल्यवान प्रतिभूति" को कहाँ परिभाषित किया गया है?

a. न्याय प्रक्रिया संहिता

b. सिविल प्रक्रिया संहिता

c. साक्ष्य अधिनियम

d. भारतीय दण्ड संहिता

 

38. निम्नलिखित में से क्या एक मूल्यवान प्रतिभूति नहीं है?

a. किसी बीमाकृत पार्सल की डाक रसीद

b. एक किराया पत्र

c. एक वचनपत्र

d. तलाक का प्रलेख

 

39. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की कौन-सी धारा 'कार्य' शब्द को परिभाषित करती है?

a. धारा 32

b. धारा 33

c. धारा 23

d. धारा 24

 

40. भारतीय दण्ड संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत 'संयुक्त आपराधिक दायित्व' का सिद्धांत प्रयोज्य होता है?

a. धारा 36

b. धारा 39

c. धारा 34

d. धारा 40

 

41. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 34—

a. एक मुख्य अपराध का गठन करती है

b. उपरोक्त (क) तथा (ख) दोनों

c. उपरोक्त में कोई नहीं

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

42. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 में प्रयुक्त उक्ति "सभी के सामान्य आशय को अग्रसर करने में" कहाँ जोड़ी गई?

a. मूल मसौदे में

b. 1870 के संशोधन अधिनियम में

c. उसमें कदापि नहीं है

d. 1986 के संशोधन अधिनियम द्वारा

 

43. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 के अंतर्गत—

a. शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है

b. भागीदारी के लिए शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है, किन्तु सभी मामलों में नहीं

c. शारीरिक उपस्थिति आवश्यक नहीं है

d. सामान्य जानकारी के साथ शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है

 

44. समान आशय से आशय है—

a. एकसमान आशय

b. एक ही आशय

c. सभी व्यक्तियों द्वारा आशय को साझा किया जाना

d. समान योजना

 

45. जब कई व्यक्तियों द्वारा सभी के सामान्य आशय को अग्रसर करने हेतु कार्य किया जाता है, तो उनमें से प्रत्येक उत्तरदायी होता है—

a. जैसे वह कार्य उसी ने अकेले किया हो

b. केवल अपने द्वारा किए गए हिस्से के लिए

c. उस कार्य को करने हेतु दुष्प्रेरण के लिए

d. कार्य को करने के प्रयास हेतु

 

46. सामान्य आशय का सिद्धांत केवल तब लागू होता है जब—

a. न्यूनतम 5 व्यक्ति संलिप्त हों

b. न्यूनतम 2 व्यक्ति संलिप्त हों

c. न्यूनतम 1 व्यक्ति संलिप्त हो

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

47. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 को स्थापित करने हेतु—

a. केवल सामान्य आशय सिद्ध करना होता है, प्रकट कार्य नहीं

b. सामान्य आशय तथा प्रकट कार्य दोनों सिद्ध करना होते हैं

c. सामान्य आशय सिद्ध करना आवश्यक नहीं, केवल प्रकट कार्य सिद्ध करना होता है

d. उपरोक्त सभी

 

48. निम्नलिखित में से कौन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 का एक अनिवार्य तत्व नहीं है?

a. कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कार्य

b. साझा मंशा को अग्रसर करने हेतु किया गया आपराधिक कार्य

c. आपराधिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के बीच पूर्वनियोजित योजना

d. किसी सामान्य उद्देश्य को पूरा करने हेतु किया गया कार्य

 

49. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 के अंतर्गत संयुक्त दायित्व आरोपित करने हेतु अभियोजन को क्या सिद्ध करना आवश्यक होता है?

a. आशय

b. एकसमान आशय

c. मिलता-जुलता आशय

d. सामान्य आशय

 

50. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 तथा धारा 149 के बीच निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अंतर स्पष्ट करता है?

a. धारा 149 एक विशिष्ट अपराध को जन्म देती है जबकि धारा 34 ऐसा नहीं करती

b. धारा 34 एक विशिष्ट अपराध को जन्म देती है जबकि धारा 149 ऐसा नहीं करती

c. धारा 34 तथा धारा 149 दोनों ही विशिष्ट अपराधों को जन्म देती हैं

d. धारा 34 तथा धारा 149 दोनों ही विशिष्ट अपराधों को जन्म नहीं देतीं

 

51. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 एवं धारा 149 में क्या अंतर है?

a. धारा 34 में कम से कम पाँच व्यक्तियों का होना अनिवार्य है, जबकि धारा 149 के लिए केवल दो व्यक्तियों की आवश्यकता होती है

b. धारा 149 केवल 'साक्ष्य का नियम' है, जबकि धारा 34 एक विशिष्ट अपराध बनाती है और इसकी सजा का प्रावधान करती है

c. धारा 34 सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा करती है, जबकि धारा 149 में गैरकानूनी जमाव की मात्र निष्क्रिय सदस्यता पर्याप्त हो सकती है

d. धारा 34 को मुख्य अपराध के साथ नहीं जोड़ा जाता जबकि धारा 149 को जोड़ा जाता है

 

52. निम्नलिखित में से कौन-सी धारा भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत प्रतिनिधिक (Vicarious) आपराधिक दायित्व के सिद्धांत को मान्यता प्रदान करती है?

a. धारा 34

b. धारा 149

c. उपरोक्त (क) तथा (ख) दोनों

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

53. "सामान्य आशय" और "समान आशय" में स्पष्ट अंतर किस मामले में किया गया था?

a. बारीन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर

b. महबूब शाह बनाम एम्परर

c. श्रीनिवास मल बनाम किंग एम्परर

d. उपर्युक्त सभी मामलों में

 

54. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 तथा धारा 149 के बीच अंतर यह है कि—

a. धारा 34 में न्यूनतम पाँच व्यक्तियों तथा धारा 149 में केवल दो व्यक्तियों की आवश्यकता होती है

b. धारा 149 केवल एक साक्ष्य का नियम है जबकि धारा 34 एक विशिष्ट अपराध है

c. धारा 34 के लिए सक्रिय भागीदारी आवश्यक है जबकि धारा 149 में अवैध जमाव की निष्क्रिय सदस्यता भी पर्याप्त हो सकती है

d. उपरोक्त (ख) तथा (ग) दोनों

 

55. निम्नलिखित में से कौन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 का आवश्यक घटक नहीं है?

a. आपराधिक कार्य कई व्यक्तियों द्वारा किया जाना

b. सामान्य आशय में अग्रसर होना

c. अपराध में लिप्त व्यक्तियों में मस्तिष्कों का मिलन होना

d. अपराध में लिप्त व्यक्तियों में समान आशय का होना

 

56. 'क' (भरी हुई पिस्तौल के साथ) और 'ख' (खाली हाथ) लूट के सामान्य आशय से 'च' की दुकान पर जाते हैं। विरोध करने पर 'क' गोली मारकर 'च' की हत्या कर देता है। 'ख' किसके लिए उत्तरदायी होगा?

a. लूट के साथ हत्या

b. जबरन वसूली तथा हत्या की श्रेणी में न आने वाला मानववध

c. घातक हथियार से लैस होकर लूट का प्रयास

d. लूट और हत्या

 

57. क तथा ख, च की हत्या करने जाते हैं। क अपने हाथ में बल्लम लेकर पहरा देता है जबकि ख, च की हत्या कर देता है। इस स्थिति में—

a. केवल ख ही हत्या के लिए उत्तरदायी है

b. क तथा ख दोनों हत्या के लिए उत्तरदायी हैं

c. क उत्तरदायी नहीं है क्योंकि उसने कोई प्रकट कार्य नहीं किया

d. उपरोक्त (क) तथा (ग) दोनों सही हैं

 

58. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत "अपराध" को किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 41

b. धारा 40

c. धारा 42

d. धारा 39

 

59. "अवैध" कृत्य से क्या अभिप्राय है?

a. ऐसा प्रत्येक कृत्य जो एक अपराध हो

b. ऐसा प्रत्येक कृत्य जो कानून द्वारा निषिद्ध हो

c. ऐसा प्रत्येक कृत्य जो सिविल कार्यवाही का आधार उपलब्ध कराता हो

d. उपरोक्त सभी

 

60. निम्नलिखित में से किस पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 43 के अंतर्गत प्रयुक्त "अवैध" शब्द लागू नहीं होता?

a. जो एक अपराध हो

b. जो विधि द्वारा निषिद्ध हो

c. जो सिविल कार्यवाही का आधार उपलब्ध कराता हो

d. जो अनैतिक हो

 

61. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 44 के अंतर्गत "क्षति" का आशय ऐसी उपहति से है जो—

a. किसी व्यक्ति के शरीर तथा मन को अवैध रूप से पहुँचाई गई हो

b. किसी व्यक्ति के शरीर तथा संपत्ति को अवैध रूप से पहुँचाई गई हो

c. किसी व्यक्ति के शरीर, मन, ख्याति अथवा संपत्ति को अवैध रूप से पहुँचाई गई हो

d. किसी व्यक्ति के शरीर, मन तथा ख्याति को अवैध रूप से पहुँचाई गई हो

 

62. भारतीय दण्ड संहिता में "सद्भावपूर्वक" (Good Faith) शब्द किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 44

b. धारा 51

c. धारा 52

d. धारा 52A

 

63. भारतीय दण्ड संहिता के अर्थों में "सद्भावपूर्वक" का क्या अर्थ है?

a. सम्यक सतर्कता एवं ध्यान के साथ किया गया कोई कार्य

b. इस वास्तविक विश्वास के साथ कि किया गया कार्य विधि-विरोधी नहीं है

c. वास्तव में ईमानदारीपूर्वक किया गया कार्य

d. सद्भाविक अनुतोष के अंतर्गत किया गया कार्य

 

64. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत "संश्रय" (Harbour) शब्द में क्या शामिल नहीं होता?

a. किसी व्यक्ति को आश्रय देना

b. किसी व्यक्ति को परिवहन का साधन देना

c. आशंका से बचने के लिए किसी व्यक्ति की सहायता करना

d. अपराध करने के पूर्व अपराध किए जाने को सुविधाजनक बनाना

 

65. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 53 के अंतर्गत कितने प्रकार के दण्ड का प्रावधान किया गया है?

a. छह

b. चार

c. पाँच

d. सात

 

66. निम्नलिखित में से कौन-सा दण्ड भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत नहीं दिया जा सकता?

a. संपत्ति का समपहरण

b. कठोर कारावास

c. आजीवन निर्वासन

d. मृत्युदण्ड

 

67. निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा "आजीवन निर्वासन" शब्द को "आजीवन कारावास" से प्रतिस्थापित किया गया?

a. 1955 का अधिनियम संख्या 25

b. 1955 का अधिनियम संख्या 24

c. 1955 का अधिनियम संख्या 26

d. 1955 का अधिनियम संख्या 27

 

68. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत अपराधी की सहमति के बिना मृत्युदण्ड का लघुकरण किया जा सकता है?

a. धारा 53

b. धारा 54

c. धारा 55

d. इनमें से कोई नहीं

 

69. आजीवन कारावास की सजा को भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत लघुकरण किया जा सकता है?

a. धारा 52

b. धारा 53

c. धारा 54

d. धारा 55

 

70. सजा का लघुकरण कौन कर सकता है?

a. उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश

b. भारत के प्रधान न्यायाधीश

c. समुचित सरकार

d. कोई अपीली न्यायालय

 

71. "समुचित सरकार" किसी अभियुक्त के मृत्युदण्ड को किसी अन्य सजा में लघुकरण कर सकती है—

a. अभियुक्त की सहमति से

b. अभियुक्त के नातेदारों की सहमति से

c. अभियुक्त के अधिवक्ता की सहमति से

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

72. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

a. धारा 93 – सद्भावनापूर्वक दी गई सूचना

b. धारा 95 – तुच्छ हानि कारित करने वाला कार्य

c. धारा 54 – आजीवन कारावास के न्यायादेश का लघुकरण

d. धारा 54A – 'समुचित सरकार' की परिभाषा

 

73. सरकार द्वारा आजीवन कारावास की सजा का कितने वर्ष में लघुकरण किया जा सकता है?

a. 20 वर्ष

b. 18 वर्ष

c. 14 वर्ष

d. 12 वर्ष

 

74. जहाँ जुर्माने की किसी राशि को स्पष्ट न किया गया हो, वहाँ अपराधी किस सीमा तक जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा?

a. ₹50,000 से अधिक नहीं

b. ₹25,000 से अधिक नहीं

c. ₹10,00,000 से अधिक नहीं

d. असीमित, किन्तु अत्यधिक नहीं

 

75. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 65 के अंतर्गत जुर्माना न देने पर कारावास की सजा अधिकतम कितनी हो सकती है?

a. अपराध हेतु निर्धारित अधिकतम कारावास अवधि की एक-तिहाई तक

b. अपराध हेतु निर्धारित अधिकतम कारावास अवधि की एक-चौथाई तक

c. अपराध हेतु निर्धारित अधिकतम कारावास अवधि की आधी तक

d. पूर्ण अधिकतम अवधि तक

 

76. भारतीय दण्ड संहिता की कौन-सी धारा "जुर्माना न देने पर कारावास, जबकि अपराध केवल जुर्माने से दण्डनीय हो" का प्रावधान करती है?

a. केवल सादा

b. सश्रम

c. किसी भांति का

d. जुर्माने की मात्रा पर निर्भर

 

77. जबकि अपराध केवल जुर्माने से दण्डनीय हो, तो जुर्माना न देने पर कारावास—

a. कठोर होता है

b. साधारण होता है

c. कठोर अथवा साधारण हो सकता है

d. आंशिक रूप से कठोर एवं साधारण हो सकता है

 

78. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत यदि अपराध केवल जुर्माने से दण्डनीय हो और अभियुक्त पर ₹50 का जुर्माना लगाया गया हो, तो कारावास की अवधि होगी—

a. एक माह से अधिक नहीं

b. दो माह से अधिक नहीं

c. तीन माह से अधिक नहीं

d. चार माह से अधिक नहीं

 

79. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत एकांत परिरोध (Solitary Confinement) का प्रावधान किस धारा में है?

a. धारा 71

b. धारा 72

c. धारा 73

d. धारा 74

 

80. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 73 द्वारा निर्धारित एकांत परिरोध की अधिकतम समयसीमा कितनी है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन माह

d. छह माह

 

81. यदि किसी अपराधी को एक वर्ष से अधिक कारावास की सजा दी गई हो, तो एकांत परिरोध की अवधि कितनी से अधिक नहीं होगी?

a. एक माह

b. दो माह

c. तीन माह

d. कोई सीमा नहीं

 

82. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत पूर्व दोषसिद्धि के लिए वर्धित दण्ड दिया जाता है?

a. धारा 76

b. धारा 71

c. धारा 68

d. धारा 75

 

83. आजीवन कारावास का अर्थ क्या होता है?

a. 20 वर्ष का कारावास

b. 14 वर्ष का कारावास

c. 74 वर्ष का कारावास

d. संपूर्ण शेष जीवन का कारावास

 

84. भारतीय दण्ड संहिता का अध्याय 4 किससे संबंधित है?

a. उपशमन

b. सामान्य स्पष्टीकरण

c. प्रयास

d. सामान्य अपवाद

 

85. "विधि की भूल क्षम्य नहीं होती" सिद्धांत का क्या अर्थ है?

a. विधि की भूल माफी का आधार नहीं होती

b. तथ्य की भूल माफी का आधार नहीं होती

c. विधि की भूल माफी का आधार होती है

d. तथ्य की भूल माफी का आधार होती है

 

86. "तथ्यों की भूल क्षम्य है" सिद्धांत का क्या अर्थ है?

a. विधि की त्रुटि माफ है

b. तथ्यों की भूल माफी का आधार होती है

c. विधि की भूल माफी का आधार नहीं होती

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

87. "तथ्यों की भूल क्षम्य है" का सिद्धांत भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 75

b. धारा 76

c. धारा 77

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

88. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत तथ्य की त्रुटि (Mistake of Fact) के बचाव के लिए क्या आवश्यक है?

a. वास्तविक त्रुटि पर्याप्त होती है

b. कार्य का उचित होना आवश्यक होता है

c. कार्य उचित तथा सद्भावपूर्वक किया गया होना चाहिए

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं

 

89. 'क', जो न्यायालय का अधिकारी है, समुचित जाँच के बाद 'च' को 'ख' समझकर गिरफ्तार कर लेता है। 'क' द्वारा कौन-सी त्रुटि की गई?

a. तथ्यों की भूल

b. विधि की भूल

c. उपरोक्त (क) तथा (ख) दोनों

d. इनमें से कोई नहीं

 

90. 'क', एक पुलिस अधिकारी, बिना वारंट के हत्या करने वाले 'च' को पकड़ लेता है। 'क' ने कौन-सा अपराध किया?

a. सदोष परिरोध

b. सदोष अवरोध

c. उपरोक्त (क) तथा (ख) दोनों

d. कोई अपराध नहीं

 

91. भारतीय दण्ड संहिता की निम्नलिखित में से कौन-सी धारा के अंतर्गत न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य अपराध नहीं होता?

a. धारा 78

b. धारा 79

c. धारा 90

d. धारा 91

 

92. एक जल्लाद, जो न्यायालय के आदेश पर दोषी को फाँसी देता है, किस धारा के अंतर्गत आपराधिक दायित्व से मुक्त होता है?

a. धारा 94

b. धारा 76

c. धारा 78

d. धारा 77

 

93. क एक पुलिस अधिकारी है। न्यायालय के आदेश पर वह समुचित जाँच के बाद ग को ख समझकर गिरफ्तार कर लेता है। इस स्थिति में—

a. वह सदोष परिरोध का दोषी है

b. वह तथ्यों की भूल का बचाव ले सकता है

c. वह विधि के अधिकार का बचाव ले सकता है

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं

 

94. 'क' एक मजिस्ट्रेट के समक्ष सद्भावनापूर्वक 'च' पर आरोप लगाता है। इस स्थिति में—

a. 'क' ने कोई अपराध नहीं किया है

b. 'क' ने मानहानि का अपराध किया है

c. 'क' ने मानहानि का अपराध किया है, किन्तु वह धारा 93 के अंतर्गत बचाव ले सकता है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

95. 'क' एक सैनिक है जो अपने वरिष्ठ अधिकारी के विधिसम्मत आदेश के अनुपालन में भीड़ पर गोली चलाता है, जिससे कुछ लोग आहत हो जाते हैं। 'क' ने कौन-सा अपराध किया?

a. हत्या का प्रयास

b. उपहति

c. घोर उपहति

d. कोई अपराध नहीं

 

96. एक न्यायाधीश, जो न्यायिक कार्य करते समय प्राप्त अधिकारों अथवा सद्भावपूर्वक प्राप्त होने के विश्वास वाले अधिकारों का प्रयोग करता है, उसका ऐसा कार्य—

a. अपराध है

b. अपराध नहीं है

c. न्यायनीय है

d. अक्षम्य है

 

97. 'क' तथा 'ख' नामक निगम अधिकारियों ने 'ग' द्वारा अवैध रूप से बनाए गए ढाँचे को वैध रूप से ध्वस्त कर सामग्री सुरक्षित अभिरक्षा में भेज दी। उन्होंने कौन-सा अपराध किया?

a. आपराधिक न्यास भंग

b. संपत्ति का बेईमानीपूर्ण दुर्विनियोग

c. चोरी

d. कोई अपराध नहीं

 

98. भारतीय दण्ड संहिता का कौन-सा प्रावधान कहता है कि "कोई बात अपराध नहीं है, जो दुर्घटनावश हुई हो"?

a. धारा 79

b. धारा 78

c. धारा 80

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

99. निम्नलिखित में से क्या धारा 80 के अंतर्गत दुर्घटना के बचाव का आवश्यक घटक नहीं है?

a. कार्य दुर्घटना अथवा दुर्भाग्य होना चाहिए

b. कार्य आपराधिक मंशा के बिना किया गया होना चाहिए

c. कार्य को समुचित सावधानी एवं सतर्कता से किए जाने की आवश्यकता नहीं होती

d. दुर्घटना वैध साधन द्वारा वैध कार्य करते समय हुई हो

 

100. 'क' बच्चों के खेलते स्थान पर कुल्हाड़ी से लकड़ी काट रहा था। कुल्हाड़ी छिटककर एक बच्चे को लगती है और उसकी मृत्यु हो जाती है। 'क' उत्तरदायी है—

a. कोई अपराध नहीं

b. हत्या

c. आपराधिक मानववध

d. उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना

 

101. 'क' कुल्हाड़ी से कार्य कर रहा था। उचित सावधानी बरतने के बावजूद कुल्हाड़ी का फल निकलकर एक व्यक्ति को लग गया और उसकी मृत्यु हो गई। 'क' का कार्य—

a. हत्या है

b. हत्या की श्रेणी में न आने वाला मानववध है

c. क्षम्य कार्य है, अपराध नहीं

d. लापरवाही से मृत्यु कारित करना है

 

102. परीक्षा के दौरान एक पुरुष शिक्षक ने एक महिला अभ्यर्थी को पुरुष समझकर उसकी पैंट की जेब पर हाथ रख दिया। भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत उसने कौन-सा अपराध किया?

a. धारा 354

b. धारा 323

c. धारा 509

d. कोई अपराध नहीं

 

103. एक श्रमिक छत से चेतावनी देकर बर्फ नीचे फेंकता है, फिर भी एक राहगीर की मृत्यु हो जाती है। श्रमिक—

a. हत्या का दोषी है

b. हत्या की श्रेणी में न आने वाले मानववध का दोषी है

c. लापरवाही से मृत्यु कारित करने का दोषी है

d. दोषी नहीं है क्योंकि मृत्यु दुर्घटनावश हुई

 

104. निम्नलिखित में से किस मामले में धारा 81 के अंतर्गत "आवश्यकता" (Necessity) का बचाव उपलब्ध नहीं होगा?

a. आत्मरक्षा तथा हिंसा को रोकना

b. किसी निर्दोष व्यक्ति की कीमत पर आरोपी को क्षति से बचाना

c. आत्मसंरक्षण एक सर्वोपरि आवश्यकता होना

d. बड़ी बुराई से बचने के लिए कम बुराई का चयन

 

105. "किसी के जीवन की रक्षा सामान्यतः कर्तव्य है, किन्तु उसका बलिदान सर्वोपरि कर्तव्य हो सकता है।" यह टिप्पणी *Queen v. Dudley and Stephens* में किसने की थी?

a. लार्ड डेनमैन

b. लार्ड कोलेरिज

c. लार्ड एक्टन

d. न्यायमूर्ति पोलॉक

 

106. "आवश्यकता" (Necessity) का बचाव उस स्थिति में उपलब्ध नहीं होगा जब कार्य किया गया हो—

a. सद्भावपूर्वक

b. बिना आपराधिक मंशा के

c. क्षति पहुँचाने के अंतर्निहित जोखिम के साथ

d. अन्य बड़ी क्षति से बचने के लिए

 

107. 'य' को बाघ उठा ले जाता है। 'क' सद्भावपूर्वक उसे बचाने के लिए बाघ पर गोली चलाता है, पर गोली 'य' को लगने से उसकी मृत्यु हो जाती है। 'क'—

a. हत्या का दोषी है

b. 'य' तथा वन्यजीव की हत्या के प्रयास का दोषी है

c. कोई अपराध नहीं करता

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

108. क तथा ख जलयान टूटने के बाद एक तख्ते को पकड़ते हैं। तख्ता दोनों का भार नहीं संभाल सकता, इसलिए क, ख को धक्का दे देता है जिससे वह डूब जाता है। क ने क्या अपराध किया?

a. आपराधिक मानववध

b. हत्या

c. लापरवाहीवश हत्या

d. कोई अपराध नहीं

 

109. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद आवश्यकता (Necessity) के आधार पर बचाव से संबंधित है?

a. शकीर खान बनाम क्राउन

b. आर. बनाम अर्नाल्ड

c. आर. बनाम डुडले एण्ड स्टीफेन

d. सुधीर चन्द्र विश्वास बनाम राज्य

 

110. शिशुओं के कार्य, जो भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत सामान्य अपवाद हैं, का उल्लेख किन धाराओं में किया गया है?

a. धारा 81–82

b. धारा 82–83

c. धारा 83–84

d. धारा 84–85

 

111. 'X' एक अच्छा तैराक है। वह सात वर्षीय बालक 'Y' को नहर में डूबते देखता है और बचा सकता था, पर नहीं बचाता। 'Y' डूब जाता है। 'X'—

a. ने कोई अपराध नहीं किया है

b. हत्या का दोषी है

c. आत्महत्या के दुष्प्रेरण का दोषी है

d. आपराधिक मानववध का दोषी है

 

112. "कोई बात अपराध नहीं है, जो सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा की जाती है।" यह कथन किस विधिक सिद्धांत पर आधारित है?

a. अपराध करने में समर्थ (Doli Capax)

b. अपराध करने में असमर्थ (Doli Incapax)

c. De Minimis Non Curat Lex

d. इनमें से कोई नहीं

 

113. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत 'अपराध करने में अक्षम' (Doli Incapax) का सिद्धांत निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत आपराधिक दायित्व का एक अपवाद है?

a. धारा 81

b. धारा 82

c. धारा 84

d. धारा 87

 

114. किस आयु तक के शिशु द्वारा किया गया कोई भी कार्य अपराध नहीं होता?

a. आठ वर्ष

b. दस वर्ष

c. सात वर्ष

d. बारह वर्ष

 

115. निम्नलिखित में से किसे विधि के अंतर्गत 'अपराध करने में अक्षम' माना जाता है?

a. 7 वर्ष से कम आयु का बच्चा

b. 10 वर्ष से कम आयु का बच्चा

c. 7 वर्ष से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु का बच्चा

d. 10 से 14 वर्ष के बीच आयु का बच्चा

 

116. भारतीय दण्ड संहिता का कौन-सा प्रावधान कहता है कि "कोई कार्य अपराध नहीं है, जो 7 वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा किया जाता है"?

a. धारा 79

b. धारा 80

c. धारा 82

d. धारा 85

 

117. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 82 निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?

a. संपूर्ण उन्मुक्ति

b. सशर्त उन्मुक्ति

c. सीमित उन्मुक्ति

d. आकस्मिक उन्मुक्ति

 

118. कोई भी कार्य अपराध नहीं होता यदि उसे किया गया हो—

a. 6 वर्ष के शिशु द्वारा, चाहे उसमें अपने आचरण की प्रकृति एवं परिणाम समझने की पर्याप्त परिपक्वता हो

b. 12 वर्ष से कम आयु की बालिका द्वारा, जिसके पास पर्याप्त परिपक्वता हो

c. 100 वर्ष आयु के पुरुष द्वारा

d. उपरोक्त सभी

 

119. निम्न में से किस स्थिति में विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के निर्दोष होने की उपधारणा का सामान्य सिद्धान्त लागू नहीं होगा?

a. जब बालक पर धारा 302 के अंतर्गत हत्या का आरोप हो

b. जब बालक पर धारा 376(2)(ज) के अंतर्गत सामूहिक बलात्कार का आरोप हो

c. जब किशोर न्याय बोर्ड द्वारा धारा 15 सहपठित धारा 18(3) के अंतर्गत बालक का विचारण वयस्क के रूप में करने का आदेश दिया गया हो

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

120. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 83 के अंतर्गत एक बालक को 'अपराध करने में सक्षम' माना जाता है जब वह—

a. सात वर्ष से अधिक किन्तु 14 वर्ष से कम आयु का हो

b. सात वर्ष से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु का हो

c. ठीक सात वर्ष की आयु का हो

d. आठ वर्ष से अधिक आयु का हो

 

121. 9 वर्ष आयु का एक बालक एक सोने का हार चुराता है और उसके तुरंत बाद उसे अभियुक्त को बेच देता है। क्या वह चोरी का दोषी है?

a. बालक दोषी नहीं है क्योंकि उसमें समझने की पर्याप्त परिपक्वता का अभाव है।

b. बालक दोषी है क्योंकि वह यह समझने की पर्याप्त परिपक्वता की आयु पूरी कर चुका है कि उस अवसर पर उसके आचरण की प्रकृति तथा परिणाम क्या होंगे।

c. बालक दोषी नहीं है क्योंकि वह 12 वर्ष से कम आयु का है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं।

 

122. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत किसी विकृतचित्त व्यक्ति का कार्य अपराध नहीं होता?

a. धारा 82

b. धारा 84

c. धारा 83

d. धारा 85

 

123. "चित्त विकृति" (Unsoundness of Mind) शब्द—

a. भारतीय दण्ड संहिता में परिभाषित नहीं है।

b. भारतीय दण्ड संहिता में परिभाषित है।

c. पागलपन के बराबर माना जाता है।

d. भारतीय दण्ड संहिता में साधारण अपवाद नहीं है।

 

124. "चित्त विकृति" भारतीय दण्ड संहिता में परिभाषित नहीं है तथा धारा 84 के अंतर्गत अभियुक्त को विधिक पागलपन सिद्ध करना होता है, चिकित्सकीय पागलपन नहीं। यह सिद्धांत किस मामले में प्रतिपादित किया गया?

a. अबरार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

b. सुरेन्द्र मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य

c. सी. एम. शर्मा बनाम आंध्र प्रदेश राज्य

d. गीता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

 

125. पागलपन (Insanity) का तात्पर्य है—

a. स्वतंत्र इच्छा का अभाव

b. नशे के कारण उत्पन्न अक्षमता

c. किए गए कार्य की प्रकृति को जानने की असमर्थता

d. रोगी मस्तिष्क

 

126. "विकृत मस्तिष्क" सिद्धांत का अर्थ है—

a. दस वर्ष का बच्चा

b. असहयोगपूर्ण व्यक्ति

c. विकृत मस्तिष्क होना

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

127. निम्नलिखित में से कौन-सा पागलपन का ऐसा आधार है जो आपराधिक उत्तरदायित्व से छूट प्रदान करता है?

a. चिकित्सीय पागलपन

b. विक्षिप्तता

c. विधिक पागलपन

d. नैतिक पागलपन

 

128. निम्नलिखित में से किस वाद में चित्तविकृतता के आधार पर प्रतिरक्षा के संबंध में महत्त्वपूर्ण सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया था?

a. मैकनाटेन का वाद

b. आर. बनाम प्रिंस

c. आर. बनाम डुडले एण्ड स्टीफेन

d. रेग बनाम गोविन्दा

 

129. च, पागलपन के प्रभाव में क को मारने का प्रयास करता है। इस मामले में कौन-सा कथन सही है?

a. च हत्या के प्रयास का दोषी है, किन्तु क को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार है।

b. च किसी अपराध का दोषी नहीं है, किन्तु क को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार है।

c. च किसी अपराध का दोषी नहीं है, किन्तु क को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं है।

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है।

 

130. चित्तविकृति के कारण 'क' 'ख' की हत्या का प्रयास करता है। अपनी रक्षा में 'ख' 'क' को घोर उपहति पहुँचा देता है। यहाँ—

a. 'क' हत्या के प्रयास का तथा 'ख' उपहति का उत्तरदायी है।

b. 'क' ने कोई अपराध नहीं किया है तथा 'ख' घोर उपहति का उत्तरदायी है।

c. 'ख' ने कोई अपराध नहीं किया है तथा 'क' हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है।

d. 'क' तथा 'ख' दोनों उत्तरदायित्व से मुक्त हैं।

 

131. भारतीय दण्ड संहिता की कौन-सी धारा अनैच्छिक मत्तता (Involuntary Intoxication) के बचाव से सम्बन्धित है?

a. धारा 84

b. धारा 85

c. धारा 86

d. धारा 87

 

132. भारतीय दण्ड संहिता की कौन-सी धारा स्वैच्छिक मत्तता (Voluntary Intoxication) से सम्बन्धित है?

a. धारा 84

b. धारा 85

c. धारा 86

d. धारा 87

 

133. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित है?

a. धारा 80 – दुर्घटना

b. धारा 81 – पागलपन

c. धारा 84 – आवश्यकता

d. धारा 85 – तथ्यों की त्रुटि

 

134. "सहमति से कारित क्षति को क्षति नहीं कहते" का सिद्धांत भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा में निहित है?

a. धारा 87

b. धारा 90

c. धारा 92

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

135. 'क' एक शल्य चिकित्सक है जो 14 वर्षीय भिखारी 'ग' की सहमति से उसकी तर्जनी उंगली काट देता है ताकि उसे अधिक भीख मिल सके। 'क'—

a. अपराध नहीं करता क्योंकि कार्य सहमति से हुआ।

b. अपराध करता है क्योंकि 14 वर्षीय की सहमति का महत्व नहीं है।

c. अपराध नहीं करता क्योंकि कार्य सद्भावपूर्वक और सहमति से हुआ।

d. आपराधिक दायित्व से मुक्त नहीं है क्योंकि कार्य भारतीय दण्ड संहिता के अर्थ में सद्भावपूर्वक नहीं किया गया।

 

136. 'क' एक स्कूल शिक्षक है जो अनुशासन बनाए रखने के लिए 11 वर्षीय छात्र को मामूली दण्ड देता है। इस मामले में—

a. 'क' धारा 89 के अंतर्गत बचाव का दावा कर सकता है।

b. 'क' मामूली क्षति पहुँचाने का दोषी है।

c. 'क' आपराधिक बल प्रयोग का दोषी है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं।

 

137. 'क' तथा 'ख' मनोरंजन के लिए तलवारबाजी करते हैं। निष्पक्ष खेल के दौरान 'ख' की मृत्यु हो जाती है। 'क' उत्तरदायी है—

a. चोट पहुँचाने का

b. लापरवाही से हत्या का

c. किसी अपराध का नहीं

d. हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध का

 

138. निम्न में गलत विकल्प को चिन्हित करें। धारा 89 के अंतर्गत बचाव प्राप्त करने हेतु आवश्यक शर्त कौन-सी नहीं है?

a. कार्य 12 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के लाभ के लिए किया गया हो।

b. कार्य सद्भावपूर्वक किया गया हो।

c. सहमति सदैव व्यक्त होनी चाहिए, न कि निहित।

d. कार्य संरक्षक द्वारा या उसकी सहमति से किया गया हो।

 

139. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 87 के अधीन मृत्यु तथा घोर उपहति के अतिरिक्त अन्य क्षति अपराध नहीं होगी यदि—

a. क्षति व्यक्ति को उसकी सहमति से कारित की गई हो।

b. सहमति देने वाला व्यक्ति 18 वर्ष से अधिक आयु का हो।

c. सहमति देने वाला व्यक्ति 18 वर्ष से अधिक आयु का हो।

d. सहमति स्पष्ट या विवक्षित हो सकती है।

 

140. निम्नलिखित में से कौन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 89 का दृष्टांत नहीं है?

a. पिता द्वारा पुत्र को उसके लाभ के लिए मामूली चाँटा मारना।

b. पिता द्वारा पुत्र को उसके लाभ के लिए परिरुद्ध करना।

c. स्कूल शिक्षक द्वारा 11 वर्षीय छात्र को अनुशासन हेतु मामूली दण्ड देना।

d. पिता द्वारा पुत्र के आर्थिक लाभ हेतु उसे बधिया कर देना।

 

141. भारतीय दण्ड संहिता की कौन-सी धारा उन परिस्थितियों से सम्बन्धित है जब सहमति को स्वतंत्र सहमति नहीं माना जाता?

a. धारा 87

b. धारा 90

c. धारा 92

d. धारा 89

 

142. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा में "सद्भावपूर्वक" शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है?

a. धारा 90

b. धारा 89

c. धारा 92

d. धारा 93

 

143. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 'सहमति' का बचाव किन मामलों में उपलब्ध नहीं है?

a. हत्या करने की सहमति

b. घोर उपहति से आहत करने की सहमति

c. उपरोक्त (क) तथा (ख) दोनों

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

144. निम्नलिखित में से किस मामले में दी गई सहमति स्वतंत्र सहमति होती है?

a. किसी व्यक्ति द्वारा आहत किए जाने के भयवश दी गई सहमति

b. किसी नशे में मत्त व्यक्ति द्वारा दी गई सहमति

c. तथ्यों की मिथ्याधारणा के अधीन दी गई सहमति

d. किसी बच्चे, जिसकी आयु 12 वर्ष से अधिक किन्तु 14 वर्ष से कम हो, द्वारा दी गई सहमति

 

145. 'च' को एक बाघ उठा ले गया। 'क' बाघ पर यह जानते हुए गोली चलाता है कि संभव है कि गोली से 'च' मर जाए, किन्तु वह सद्भावपूर्वक 'च' को बचाने के लिए ऐसा करता है। गोली से 'च' की मृत्यु हो जाती है। सही कथन क्या है?

a. 'क' हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध का दोषी होगा।

b. 'क' भारतीय दण्ड संहिता की धारा 92 के अंतर्गत बचाव प्राप्त कर सकता है।

c. 'क' दुर्घटना की दलील दे सकता है।

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है।

 

146. 'क' एक जलते हुए घर में फँसे शिशु 'य' को बचाने के लिए उसे छत से नीचे तने हुए कंबल पर गिरा देता है। बच्चा मर जाता है। 'क' ने कौन-सा अपराध किया?

a. धारा 304A के अंतर्गत

b. धारा 304 भाग 2 के अंतर्गत

c. धारा 302 के अंतर्गत

d. कोई अपराध नहीं

 

147. एक शल्यचिकित्सक बिना संरक्षक की सहमति प्राप्त किए, समयाभाव में शिशु के हित में शल्यकर्म करता है और शिशु की मृत्यु हो जाती है। 'क' ने—

a. आपराधिक मानववध किया

b. हत्या की

c. हत्या का प्रयास किया

d. कोई अपराध नहीं किया

 

148. एक शल्यचिकित्सक सद्भावपूर्वक रोगी को बताता है कि उसकी राय में वह जीवित नहीं रहेगा। इस आघात से रोगी की मृत्यु हो जाती है। 'क' दोषी है—

a. हत्या का

b. उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करने का

c. हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध का

d. कोई अपराध नहीं

 

149. 'क' एक लोहार है जिसे डकैत जान से मारने की धमकी देकर 'ख' का दरवाजा खुलवाते हैं। डकैत लूटपाट कर 'ख' के पुत्र की हत्या कर देते हैं। 'क'—

a. लूट तथा हत्या का दोषी है

b. गृहभेदन तथा डकैती की दुष्प्रेरणा का दोषी है

c. किसी अपराध का दोषी नहीं है

d. लूट की तैयारी करने का दोषी है

 

150. 'क' स्वेच्छा से डकैतों के गिरोह में शामिल होता है। गिरोह का मुखिया उसे 'ख' की हत्या करने का आदेश देता है, अन्यथा उसे मारने की धमकी देता है। 'क' 'ख' की हत्या कर देता है। सही कथन क्या है?

a. 'क' उत्तरदायी नहीं है क्योंकि उसने वरिष्ठ के आदेश का पालन किया।

b. 'क' उत्तरदायी नहीं है क्योंकि कार्य धमकी के अधीन किया गया।

c. 'क' उत्तरदायी है क्योंकि गिरोह के चरित्र को जानते हुए स्वेच्छा से उसमें शामिल होने पर धमकी का बचाव उपलब्ध नहीं होता।

d. 'क' उत्तरदायी है क्योंकि अपना जीवन बचाने के लिए किसी का भी जीवन लिया जा सकता है।

 

151. "विधि तुच्छ बातों पर ध्यान नहीं देती" (De minimis non curat lex) का सिद्धांत भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 95

b. धारा 89

c. धारा 94

d. धारा 93

 

152. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किसकी नैसर्गिक प्रवृत्ति पर आधारित है?

a. आत्मसम्मान

b. आत्मरक्षा

c. स्वावलंबन

d. आत्मनिर्भरता

 

153. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार—

a. रक्षा का नहीं बल्कि बदले का अधिकार है

b. रक्षा का नहीं बल्कि बदले का अधिकार है

c. रक्षा के साथ-साथ बदले का भी अधिकार है

d. न तो रक्षा और न ही बदले का अधिकार है

 

154. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 97 स्पष्ट उल्लेख करती है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कुछ प्रतिबंधों के अधीन होता है, जो उल्लिखित हैं—

a. धारा 99 में

b. धारा 100 में

c. धारा 98 में

d. धारा 102 में

 

155. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध है—

a. किसी विधिविरुद्ध जमाव के सभी सदस्यों के विरुद्ध

b. एक खुली लड़ाई में

c. गलत कार्य करने वाले से अपनी संपत्ति वापस पाने के लिए

d. उपरोक्त (क) तथा (ख) दोनों

 

156. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध नहीं है—

a. किसी पागल के विरुद्ध

b. किसी शिशु के विरुद्ध

c. जब लोक अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का समय उपलब्ध हो

d. उपरोक्त सभी

 

157. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध है—

a. केवल वयस्कों को

b. केवल वैध तरीके से अपराध करने में समर्थ लोगों को

c. केवल लोक सेवकों को

d. सभी को, चाहे उनकी आयु अथवा क्षमता कुछ भी हो

 

158. सही उत्तर अंकित करें। भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार—

a. किसी प्रतिबंध के अधीन नहीं है

b. धारा 99 के अंतर्गत दिए गए प्रतिबंधों के अधीन है

c. धारा 106 के अंतर्गत दिए गए प्रतिबंधों के अधीन है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

159. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार ऐसे कार्य के विरुद्ध भी उपलब्ध है जो संहिता के अंतर्गत अपराध न हो।

b. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का उपयोग गैरकानूनी आक्रमण के निरसन तथा जवाबी कार्यवाही हेतु भी किया जा सकता है।

c. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार केवल स्वयं तथा अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए उपलब्ध होता है।

d. शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक हो सकता है यदि किसी व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों में सदोष परिरोध करने के आशय से हमला किया गया हो।

 

160. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा में शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा में किसी की हत्या कर देने का प्रावधान है?

a. धारा 99

b. धारा 96

c. धारा 98

d. धारा 100

 

161. निम्नलिखित में से किस मामले में शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार मृत्यु कारित करने की अनुमति नहीं देता?

a. व्यपहरण करने की मंशा के साथ किया गया हमला

b. अप्राकृतिक यौन संतुष्टि प्राप्त करने की मंशा से किया गया हमला

c. सदोष अवरोध

d. अपहरण करने की मंशा के साथ किया गया हमला

 

162. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 99 में अंतर्विष्ट निर्बंधनों के अधीन, ऐसे हमले के मामले में जो मृत्यु या घोर उपहति की युक्तियुक्त आशंका उत्पन्न करता हो, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार विस्तारित हो सकता है—

a. गंभीर चोट पहुँचाने तक

b. मृत्यु कारित करने तक

c. मृत्यु के अतिरिक्त अन्य कोई क्षति पहुँचाने तक

d. मृत्यु अथवा गंभीर चोट के अतिरिक्त अन्य कोई क्षति पहुँचाने तक

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