Download Madhya Pradesh Excise Act, 1915 MCQs Set-4 PDF
1. धारा 36-ख के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए व्यक्ति का—
a. मदिरा बेचना आवश्यक है
b. लाइसेंसधारी होना आवश्यक है
c. सामान्य मदिरा पान-गृह में मत्त या मदिरा पान करता पाया जाना पर्याप्त है
d. पूर्व अपराधी होना आवश्यक है
2. धारा 36-क और धारा 36-ख में मुख्य अंतर क्या है?
a. दोनों में समान दंड है
b. 36-क स्थान के संचालन से, 36-ख व्यक्ति के आचरण से संबंधित है
c. 36-क केवल जुर्माने से संबंधित है
d. 36-ख केवल संचालक पर लागू होती है
3. किसी स्थान को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कोई ऐसा अपराध, जो धारा 3 में, धारा 35 धारा 36 या धारा 36- क के अधीन दण्डनीय है, किये जाने हेतु उपयोग में लाये जाने देने के लिये शास्ति, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 36-ख
b. धारा 36(ग)
c. धारा 36(घ)
d. धारा 36(ङ)
4. धारा 36-ग का मुख्य उद्देश्य किस कृत्य को दंडनीय बनाना है?
a. अवैध मदिरा का विक्रय
b. अपराध स्वयं करना
c. किसी स्थान को अपराध करने के लिए उपयोग में लाने देना
d. मदिरा का अवैध परिवहन
5. धारा 36-ग के अंतर्गत कौन व्यक्ति दंडनीय हो सकता है?
a. केवल अपराध करने वाला व्यक्ति
b. केवल अनुज्ञप्तिधारी
c. स्थान का स्वामी या अधिभोगी
d. केवल आबकारी अधिकारी
6. धारा 36-ग के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए क्या आवश्यक है?
a. स्थान पर अपराध हो
b. स्थान का स्वामी जानबूझकर उपयोग की अनुमति दे
c. केवल संदेह हो
d. लिखित शिकायत हो
7. धारा 36-ग के अनुसार कौन-सा व्यक्ति उत्तरदायी होगा?
a. जो केवल किरायेदार हो
b. जो स्थान का उपयोग, देख-रेख, प्रबन्ध या नियन्त्रण रखता हो
c. जो केवल आगंतुक हो
d. जो मदिरा का उपभोक्ता हो
8. धारा 36-ग के अंतर्गत किन धाराओं के अपराधों के लिए स्थान का उपयोग कराना दंडनीय है?
a. केवल धारा 34
b. केवल धारा 36
c. धारा 34, 35, 36 तथा 36-क
d. सभी धाराओं के लिए
9. धारा 36-ग के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या है?
a. कारावास जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपये से कम का नहीं होगा, किन्तु जो दो हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
b. कारावास जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपये से कम का नहीं होगा, किन्तु जो दो हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
c. कारावास जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपये से कम का नहीं होगा, किन्तु जो दो हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
d. कारावास जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपये से कम का नहीं होगा, किन्तु जो दो हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
10. धारा 36-ग में अपराध का तत्व क्या है?
a. अपराध का प्रयास
b. अपराध करना
c. अपराध होने देना
d. अपराध की रिपोर्ट करना
11. यदि किसी स्थान पर धारा 35 का अपराध किया जा रहा हो और स्वामी जानता हो, तो—
a. केवल अपराधी दंडनीय होगा
b. स्वामी धारा 36-ग के अंतर्गत दंडनीय होगा
c. स्वामी निर्दोष होगा
d. केवल जुर्माना लगेगा
12. धारा 36-ग का संबंध मुख्यतः किससे है?
a. अपराधी व्यक्ति से
b. मादक द्रव्य से
c. स्थान के दुरुपयोग से
d. अनुज्ञप्ति से
13. धारा 36-ग किस प्रकार की जिम्मेदारी निर्धारित करती है?
a. सामूहिक
b. अप्रत्यक्ष
c. स्थान-आधारित वैधानिक जिम्मेदारी
d. केवल आपराधिक षड्यंत्र
14. धारा 34 या धारा 36 के अधीन दण्डनीय अपराधों को करने से प्रविरत रहने के लिये बन्ध-पत्र का निष्पादन, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 36 (ख)
b. धारा 36(ग)
c. धारा 36(घ)
d. धारा 36(ङ)
15. धारा 36-घ के अंतर्गत बन्ध-पत्र निष्पादन का आदेश कौन दे सकता है?
a. केवल पुलिस अधिकारी
b. केवल सत्र न्यायालय
c. दोषसिद्धि करने वाला मजिस्ट्रेट
d. राज्य सरकार
16. धारा 36-घ के अंतर्गत बन्ध-पत्र की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. पाँच वर्ष
17. बन्ध-पत्र की राशि किसके अनुपात में निर्धारित की जाती है?
a. अपराध की प्रकृति
b. अभियुक्त की आय
c. न्यायालय की विवेकाधीन शक्ति
d. सम्पत्ति के मूल्य
18. धारा 36-घ के अंतर्गत बन्ध-पत्र किस रूप में निष्पादित किया जा सकता है?
a. केवल प्रतिभुओं सहित
b. केवल प्रतिभुओं के बिना
c. प्रतिभुओं सहित या बिना प्रतिभुओं के
d. केवल नकद सुरक्षा के साथ
19. धारा 36-घ के अंतर्गत बन्ध-पत्र का प्रारूप कहाँ दिया गया है?
a. प्रथम अनुसूची
b. द्वितीय अनुसूची
c. तृतीय अनुसूची
d. चतुर्थ अनुसूची
20. धारा 36-घ के अंतर्गत बन्ध-पत्र से संबंधित विषयों पर कौन-सी संहिता लागू होती है?
a. भारतीय न्याय संहिता
b. सिविल प्रक्रिया संहिता
c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता
d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम
21. धारा 36-घ के अंतर्गत निष्पादित बन्ध-पत्र को किस धारा के अधीन निष्पादित बन्ध-पत्र के समान माना गया है?
a. धारा 107 द.प्र.सं. 1898
b. धारा 108 द.प्र.सं.1898
c. धारा 106 द.प्र.सं. 1898
d. धारा 109 द.प्र.सं. 1898
22. यदि अपील में दोषसिद्धि अपास्त कर दी जाती है, तो धारा 36-घ के अंतर्गत निष्पादित बन्ध-पत्र का क्या होगा?
a. प्रभावी रहेगा
b. निलम्बित रहेगा
c. स्वतः शून्य हो जाएगा
d. संशोधित किया जाएगा
23. धारा 36-घ के अंतर्गत बन्ध-पत्र निष्पादन का आदेश कौन-कौन दे सकता है?
a. केवल मजिस्ट्रेट
b. केवल अपील न्यायालय
c. केवल उच्च न्यायालय
d. मजिस्ट्रेट, अपील न्यायालय एवं उच्च न्यायालय
24. मजिस्ट्रेट का किसी व्यक्ति को यह कारण बताने के लिये अपेक्षित करना कि सद्व्यवहार के बन्ध-पत्र निष्पादित करने के लिये उसे क्यों न आदिष्ट किया जाये, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 36-ख
b. धारा 36(ग)
c. धारा 36(घ)
d. धारा 36(ङ)
25. धारा 36-ङ के अंतर्गत किसी व्यक्ति से कारण बताने की अपेक्षा कौन कर सकता है?
a. कोई भी मजिस्ट्रेट
b. पुलिस अधीक्षक
c. राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त प्रथम वर्ग का मजिस्ट्रेट
d. सत्र न्यायाधीश
26. धारा 36-ङ के अंतर्गत कार्यवाही आरम्भ करने का आधार क्या है?
a. साधारण संदेह
b. लिखित शिकायत
c. मजिस्ट्रेट को प्राप्त सूचना
d. पुलिस रिपोर्ट अनिवार्य रूप से
27. धारा 36-ङ के अनुसार कौन-सा आचरण व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही का आधार बन सकता है?
a. एक बार अपराध करना
b. अपराध का अभ्यासिक रूप से किया जाना
c. केवल अपराध का विचार करना
d. अपराध के बाद पश्चाताप करना
28. धारा 36-ङ के अंतर्गत किन अपराधों के संबंध में कार्यवाही की जा सकती है?
a. केवल धारा 36 के अपराध
b. केवल धारा 35 के अपराध
c. धारा 34 के अधीन दण्डनीय अपराध
d. सभी आबकारी अपराध
29. धारा 36-ङ के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपराध करने का प्रयत्न करता है या दुष्प्रेरण करता है, तो—
a. कोई कार्यवाही नहीं होगी
b. केवल चेतावनी दी जाएगी
c. कारण बताने की अपेक्षा की जा सकती है
d. तत्काल कारावास दिया जाएगा
30. धारा 36-ङ के अंतर्गत सद्व्यवहार के लिए बन्ध-पत्र की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. पाँच वर्ष
31. धारा 36-ङ के अंतर्गत निष्पादित किया जाने वाला बन्ध-पत्र किस प्रयोजन के लिए होता है?
a. शान्ति बनाये रखने के लिए
b. सद्व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए
c. जुर्माने के भुगतान के लिए
d. क्षतिपूर्ति के लिए
32. धारा 36-ङ के अंतर्गत बन्ध-पत्र किसके साथ निष्पादित किया जाता है?
a. केवल बिना प्रतिभुओं के
b. केवल प्रतिभुओं सहित
c. प्रतिभुओं सहित
d. नकद जमानत के साथ
33. धारा 36-ङ की उपधारा (1) के अंतर्गत की गई कार्यवाही पर कौन-सी संहिता लागू होती है?
a. भारतीय दण्ड संहिता
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898
d. सिविल प्रक्रिया संहिता
34. धारा 36-ङ के अंतर्गत बन्ध-पत्र को दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की किस धारा के अधीन निष्पादित बन्ध-पत्र के समान माना गया है?
a. दण्ड प्रक्रिया' संहिता 1898 की धारा 109
b. दण्ड प्रक्रिया' संहिता 1898 की धारा 108
c. दण्ड प्रक्रिया' संहिता 1898की धारा 110
d. दण्ड प्रक्रिया' संहिता 1898की धारा 107
35. उन अपराधों के लिये शास्ति जिनके लिये अन्यथा उपबन्ध नहीं है, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 37
b. धारा 38
c. धारा 39
d. धारा 40
36. धारा 37 किस प्रकार के अपराधों के लिए दण्ड का प्रावधान करती है?
a. गंभीर अपराध
b. विशेष रूप से वर्णित अपराध
c. ऐसे अपराध जिनके लिए अधिनियम में अन्यथा उपबन्ध नहीं है
d. केवल जमानती अपराध
37. धारा 37 के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दण्डनीय है?
a. केवल प्रत्यक्ष अपराध
b. केवल साक्ष्य का नाश
c. अधिनियम या नियमों के उपबन्धों का उल्लंघन
d. केवल बिना अनुज्ञप्ति व्यापार
38. धारा 37 के अनुसार दण्डनीय आचरण में क्या सम्मिलित है?
a. केवल कार्य (Act)
b. केवल कार्य-लोप (Omission)
c. कार्य या साक्ष्य कार्य-लोप दोनों
d. केवल प्रयत्न
39. धारा 37 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?
a. तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
b. छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
c. एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
d. दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
40. अनुज्ञप्त विक्रेताओं के कतिपय विधि विरुद्ध कार्यो के लिये शास्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 37
b. धारा 38
c. धारा 39
d. धारा 40
41. धारा 38 किन व्यक्तियों पर लागू होती है?
a. किसी भी व्यक्ति पर
b. केवल उपभोक्ताओं पर
c. अनुज्ञप्त विक्रेता तथा उसके नियोजन में कार्य करने वाले व्यक्ति पर
d. केवल सरकारी कर्मचारियों पर
42. धारा 38(1)(ए) के अनुसार कौन-सा कृत्य दण्डनीय है?
a. मादक द्रव्य का भण्डारण
b. मादक द्रव्य का निर्माण
c. मत्त या मदोन्मत्त व्यक्ति को मादक द्रव्य बेचना
d. अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण न कराना
43. धारा 38(1)(बी) के अंतर्गत किस स्थिति में विक्रय या देना अपराध है?
a. धारा 21 के उल्लंघन में
b. धारा 22 के उल्लंघन में
c. धारा 23 के उल्लंघन में
d. धारा 24 के उल्लंघन में
44. धारा 38(1)(सी) का संबंध किससे है?
a. अवैध भण्डारण से
b. अनुज्ञप्त परिसर में पुरुष या स्त्री को नियोजित करने से
c. मादक द्रव्य के निर्यात से
d. अनुज्ञप्ति के हस्तांतरण से
45. धारा 38(1)(डी) के अनुसार किन व्यक्तियों को अनुज्ञप्त परिसर में आश्रय देना अपराध है?
a. नाबालिगों को
b. विदेशी नागरिकों को
c. अजमानतीय अपराध में सिद्धदोष व्यक्ति या वेश्याओं को
d. बेरोजगार व्यक्तियों को
46. धारा 37(ई) के अनुसार, लाइसेंस प्राप्त विक्रेता किसे अपने परिसर में आने या इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दे सकता?
a. किसी भी सामान्य ग्राहक को
b. गैर-जमानती अपराध में दोषी व्यक्ति या वेश्याएं
c. केवल सरकारी कर्मचारियों को
d. केवल नाबालिग व्यक्तियों को
47. धारा 38 के अंतर्गत जुर्माने की राशि क्या है?
a. पचास रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा
b. एक सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा
c. पाँच सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा
d. एक हजार रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा
48. धारा 38(2) के अनुसार यदि अनुज्ञप्त परिसर में कोई व्यक्ति मत्त पाया जाता है, तो क्या उपधारणा होगी?
a. विक्रेता स्वतः दोषी होगा
b. विक्रेता निर्दोष माना जायेगा
c. यह माना जायेगा कि मत्तता अनुज्ञात की गई थी
d. कोई उपधारणा नहीं होगी
49. धारा 38(2) में यह सिद्ध करने का भार किस पर है कि मत्तता रोकने के लिए सभी युक्तियुक्त उपाय किए गए थे?
a. अभियोजन पक्ष पर
b. पुलिस पर
c. न्यायालय पर
d. अभियुक्त (अनुज्ञप्त विक्रेता/उसका कर्मचारी) पर
50. मादक द्रव्य के अनुज्ञप्त विनिर्माता या विक्रेता पर ऐसी वस्तु में कोई अपायकर औषधि या कोई बाहय् संघटक था कोई मंदक या रंजक पदार्थ मिश्रित करने या मिश्रित करने देने के लिये शास्ति, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 38(ए)
b. धारा 39(ए)
c. धारा 38
d. धारा 39
51. धारा 38-ए किस पर लागू होती है?
a. केवल उपभोक्ता पर
b. केवल परिवहनकर्ता पर
c. अनुज्ञप्त विनिर्माता या अनुज्ञप्त विक्रेता तथा उसके नियोजन में कार्य करने वाले व्यक्ति पर
d. केवल पुलिस अधिकारी पर
52. धारा 38-ए के अंतर्गत किस कृत्य के लिये दण्ड का प्रावधान है?
a. बिना अनुज्ञप्ति मादक द्रव्य का परिवहन
b. अनुज्ञप्ति के अनुसार मादक द्रव्य का निर्माण
c. मादक द्रव्य में अपायकर औषधि या बाह्य संघटक मिलाना
d. मादक द्रव्य का विधिसम्मत भण्डारण
53. धारा 38-ए में “अपमिश्रण” से क्या अभिप्रेत है?
a. केवल मात्रा बढ़ाना
b. अनुज्ञप्ति में विहित के अतिरिक्त कोई पदार्थ मिलाना
c. कर न चुकाना
d. पैकिंग में दोष
54. धारा 38-ए के अंतर्गत कौन-सा पदार्थ मिलाना अपराध है?
a. केवल जल
b. कोई अपायकर औषधि
c. अनुमत संरक्षक
d. विधि द्वारा स्वीकृत घटक
55. यदि किसी अनुज्ञप्त विक्रेता के कब्जे में अपमिश्रित मादक द्रव्य पाया जाता है, तो क्या वह धारा 38-ए के अंतर्गत दण्डनीय होगा?
a. नहीं
b. केवल चेतावनी दी जायेगी
c. हाँ
d. केवल जुर्माना लगेगा
56. धारा 38-ए के अंतर्गत कारावास अवधि क्या है?
a. पन्द्रह दिन से कम की नहीं होगी किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी
b. एक मास से कम की नहीं होगी किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी
c. तीन मास से कम की नहीं होगी किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी
d. छह मास से कम की नहीं होगी किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी
57. धारा 38-ए के अंतर्गत जुर्माना कितना है?
a. सौ रुपये कम का नही होगा किन्तु जो " दो हजार रुपये तक का हो सकेगा
b. दो सौ रुपये से कम का नही होगा किन्तु जो " दो हजार रुपये तक का हो सकेगा
c. तीस हजार रुपए से कम का नही होगा किन्तु जो "दो लाख रुपए" तक का हो सकेगा
d. पाँच सौ रुपये से कम का नही होगा किन्तु जो तीस हजार रुपए तक का हो सकेगा
58. धारा 38 क के अंतर्गत जुर्माना किस संशोधन के तहत बढ़ाया गया है?
a. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 द्वारा संशोधित
b. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 1992 द्वारा संशोधित
c. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 200 द्वारा संशोधित
d. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 1998 द्वारा संशोधित
59. अनुज्ञप्तिधारियों आदि द्वारा अवचार किया जाने के लिये शास्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 38
b. धारा 39
c. धारा 40
d. धारा 41
60. धारा 39 किन व्यक्तियों पर लागू होती है?
a. केवल आबकारी अधिकारी पर
b. केवल उपभोक्ता पर
c. अनुज्ञप्ति/अनुज्ञापत्र/पास का धारक तथा उसके नियोजन में कार्य करने वाला व्यक्ति
d. केवल परिवहनकर्ता पर
61. धारा 39(ए) के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दण्डनीय है?
a. शुल्क का भुगतान न करना
b. मांग किये जाने पर अनुज्ञप्ति या पास साशय पेश न करना
c. अवैध आयात करना
d. मादक द्रव्य का अपमिश्रण करना
62. धारा 39(ए) के अंतर्गत मांग कौन कर सकता है?
a. कोई भी नागरिक
b. केवल मजिस्ट्रेट
c. आबकारी अधिकारी या सम्यक् रूप से सशक्त अन्य अधिकारी
d. केवल पुलिस कांस्टेबल
63. धारा 39(ए) के अंतर्गत जुर्माना कितना है?
a. दो सौ रुपये
b. तीन सौ रुपये
c. चार सौ रुपये
d. एक हजार रुपये
64. धारा 39(बी) के अंतर्गत किस प्रकार का उल्लंघन दण्डनीय है?
a. धारा 34 के अंतर्गत किया गया उल्लंघन
b. धारा 62 के अधीन बने नियमों का साशय उल्लंघन (धारा 34 के मामलों को छोड़कर)
c. केवल तकनीकी त्रुटि
d. अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण न कराना
65. धारा 39(सी) के अंतर्गत कौन-सा कार्य दण्डनीय है?
a. इस अधिनियम में विशेष रूप से दण्डित कोई कार्य
b. अनुज्ञप्ति की किसी शर्त का साशय उल्लंघन, जो अन्यथा अधिनियम में उपबन्धित नहीं है
c. अवैध कब्जा
d. ताड़ी का अवैध निष्कर्षण
66. धारा 39(बी) या (सी) के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?
a. एक हजार रुपये
b. पाँच हजार रुपये
c. दस हजार रुपये
d. बीस हजार रुपये
67. रसायन (केमिस्ट) आदि की दूकान में उपयोग करने की अनुज्ञा देने के लिये शास्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 38
b. धारा 39
c. धारा 40
d. धारा 41
68. धारा 40(1) किन व्यक्तियों पर लागू होती है?
a. केवल आबकारी अधिकारी
b. रसायनज्ञ (केमिस्ट), भेषजिक (ड्रगिस्ट) तथा औषधालय चलाने वाला
c. केवल उपभोक्ता
d. केवल लाइसेंसधारी विक्रेता
69. धारा 40(1) के अंतर्गत किस प्रकार के मादक द्रव्य का उल्लेख है?
a. जो पूर्णतः प्रतिबंधित हो
b. जो केवल निर्यात हेतु हो
c. जो औषधीय प्रयोजनों के लिये सद्भावपूर्वक औषधियुक्त न किया गया हो
d. जो केवल ताड़ी हो
70. धारा 40(1) के अंतर्गत दण्डनीय कृत्य क्या है?
a. मादक द्रव्य का विक्रय
b. मादक द्रव्य का निर्माण
c. अपने कारबार के परिसर में मादक द्रव्य के उपयोग की अनुज्ञा देना
d. मादक द्रव्य का परिवहन
71. धारा 40(1) में उपयोग करने वाला व्यक्ति कौन होना चाहिए जिससे अपराध बनता है?
a. आबकारी अधिकारी
b. ग्राहक जो व्यवसाय में नियोजित हो
c. ऐसा व्यक्ति जो उसके कारबार में नियोजित न हो
d. लाइसेंसधारी कर्मचारी
72. धारा 40(1) के अंतर्गत अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?
a. छह मास तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो 200 रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो 4 हजार रुपये तक का हो सकेगा; या दोनों से दण्डनीय होगा।
b. एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो 4 हजार रुपये तक का हो सकेगा; या दोनों से दण्डनीय होगा।
c. दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो 5 हजार रुपये तक का हो सकेगा; या दोनों से दण्डनीय होगा।
d. तीन वर्ष एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो 600 रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो 3 हजार रुपये तक का हो सकेगा; या दोनों से दण्डनीय होगा।
73. धारा 40(2) किस व्यक्ति से सम्बन्धित है?
a. केमिस्ट
b. औषधालय का मालिक
c. वह व्यक्ति जो परिसर में मादक द्रव्य का उपयोग करता है और नियोजित नहीं है
d. आबकारी अधिकारी
74. धारा 40(2) के अंतर्गत दण्ड क्या है?
a. कारावास
b. कारावास और जुर्माना
c. केवल जुर्माना
d. चेतावनी मात्र
75. धारा 40(2) के अंतर्गत जुर्माना कितना है?
a. दो सौ रुपये
b. तीन सौ रुपये
c. पाँच सौ रुपये
d. एक हजार रुपये
76. अधिकारी आदि को बाधा पहुँचाना या उस पर हमला करने के लिये दण्ड, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 40(क)
b. धारा 41
c. धारा 42
d. धारा 43
77. धारा 40-क(ए) के अंतर्गत किस व्यक्ति पर हमला या बाधा पहुँचाना अपराध है?
a. केवल पुलिस अधिकारी
b. केवल मजिस्ट्रेट
c. आबकारी अधिकारी या इस अधिनियम के अधीन शक्तियाँ प्रयोग करने वाला व्यक्ति
d. कोई भी सरकारी कर्मचारी
78. धारा 40-क(बी) के अनुसार किन पर हमला करना दण्डनीय है?
a. केवल आबकारी अधिकारी पर
b. केवल सूचना देने वाले व्यक्ति पर
c. सूचना देने वाले या अधिकारी की सहायता करने वाले व्यक्ति पर
d. केवल अनुज्ञप्तिधारी पर
79. धारा 40-क के अंतर्गत बाधा या हमला किस समय दण्डनीय होगा?
a. जब अधिकारी अवकाश पर हो
b. जब अधिकारी निजी कार्य कर रहा हो
c. जब अधिकारी अधिनियम के अधीन शक्तियों का प्रयोग कर रहा हो
d. केवल न्यायालय में
80. धारा 40-क के अंतर्गत कितना दण्ड हो सकता है?
a. छह मास तक का हो सकेगा या जुर्माने से, जो तीन हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
b. एक वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से, जो तीन हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
c. दो वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से, जो तीन हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
d. तीन वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से, जो तीन हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।
81. धारा 40 क के अंतर्गत जुर्माना किस संशोधन के तहत बढ़ाया गया है?
a. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 द्वारा संशोधित
b. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 1992 द्वारा संशोधित
c. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2000 द्वारा संशोधित
d. मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 1998 द्वारा संशोधित
82. धारा 41 का मुख्य विषय क्या है?
a. अनुज्ञप्ति का निलम्बन
b. अन्य व्यक्ति के मद्दे किये गये कार्य की वैधानिक जिम्मेदारी
c. शुल्क निर्धारण
d. तलाशी की शक्ति
83. धारा 41(1) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के मद्दे मादक द्रव्य का विनिर्माण किया जाता है, तो वह किसका विनिर्माण माना जायेगा?
a. केवल वास्तविक विनिर्माता का
b. राज्य सरकार का
c. उस अन्य व्यक्ति का, जिसके मद्दे किया गया
d. दोनों का संयुक्त
84. धारा 41(1) के अंतर्गत “अन्य व्यक्ति” के लिये कौन-सी शर्त आवश्यक है?
a. उसका लिखित आदेश होना
b. उसे ज्ञान हो या विश्वास करने का कारण हो
c. उसका उपस्थित होना
d. उसका अनुज्ञप्तिधारी होना
85. यदि किसी व्यक्ति के घर में उसके मद्दे मादक द्रव्य का अवैध कब्जा रखा गया है और उसे इसका ज्ञान है, तो अधिनियम के प्रयोजन हेतु कब्जा किसका माना जायेगा?
a. रखने वाले व्यक्ति का
b. घर के मालिक का
c. राज्य का
d. आबकारी अधिकारी का
86. धारा 41(1) के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य सम्मिलित हैं?
a. केवल विनिर्माण
b. केवल विक्रय
c. केवल कब्जा
d. विनिर्माण, विक्रय और कब्जा – सभी
87. धारा 41(2) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. मुख्य अभियुक्त को मुक्त करना
b. कार्य करने वाले व्यक्ति को दण्ड से मुक्त करना
c. कार्य करने वाले व्यक्ति को दण्ड से मुक्त न करना
d. केवल चेतावनी देना
88. धारा 41(2) के अनुसार, जो व्यक्ति किसी दूसरे के मद्दे मादक द्रव्य का विनिर्माण या विक्रय करता है, वह क्या होगा?
a. पूर्णतः दोषमुक्त
b. केवल गवाह
c. अधिनियम के अधीन दण्ड का दायी
d. केवल आर्थिक दण्ड का पात्र
89. धारा 41 के अनुसार “मद्दे” शब्द का सही तात्पर्य क्या है?
a. आदेश के अंतर्गत
b. लाभ या हित के लिये
c. अस्थायी रूप से
d. बिना जानकारी के
90. यदि A, B के लिये मादक द्रव्य का अवैध विक्रय करता है और B को इसकी जानकारी है, तो अधिनियम के अनुसार विक्रय किसका माना जायेगा?
a. केवल A का
b. केवल B का
c. A और B दोनों का
d. किसी का नहीं
91. धारा 41 के प्रावधान किस सिद्धान्त पर आधारित हैं?
a. केवल प्रत्यक्ष कृत्य
b. केवल स्वामित्व
c. प्रतिनिधिक दायित्व (Vicarious Liability)
d. प्रशासनिक विवेक
92. धारा 42 के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दण्डनीय है?
a. केवल पूर्ण अपराध करना
b. केवल अपराध की योजना बनाना
c. अपराध करने का प्रयत्न या अपराध का दुष्प्रेरण
d. अपराध की सूचना देना
93. यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है, तो वह किस दण्ड का भागी होगा?
a. आधा दण्ड
b. केवल जुर्माना
c. वही दण्ड जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है
d. कोई दण्ड नहीं
94. कतिपय मामलों में अपराध किये जाने के बारे में उपधारणा, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 40
b. धारा 41
c. धारा 42
d. धारा 43
95. धारा 43 के अनुसार उपधारणा किन धाराओं के अधीन अभियोजनों में लागू होती है?
a. धारा 39, 40 और 41
b. धारा 34, 35 और 36
c. धारा 42 और 43
d. धारा 37 और 38
96. धारा 43 के अंतर्गत उपधारणा कब तक की जाएगी?
a. जब तक अभियोजन सिद्ध न करे
b. जब तक अभियुक्त दोष स्वीकार न करे
c. जब तक तत्प्रतिकूल साबित न किया जाए
d. केवल प्रथम दृष्टया साक्ष्य तक
97. यदि अभियुक्त किसी मादक द्रव्य के कब्जे का संतोषजनक लेखा-जोखा नहीं दे पाता है, तो क्या उपधारणा की जाएगी?
a. अभियुक्त निर्दोष है
b. कोई अपराध नहीं माना जाएगा
c. अभियुक्त ने उस धारा के अधीन दण्डनीय अपराध किया है
d. केवल जुर्माना लगेगा
98. धारा 43 के अनुसार निम्न में से कौन-सा तथ्य उपधारणा का आधार बन सकता है?
a. केवल मादक द्रव्य का विक्रय
b. ताड़ी का निर्माण
c. मादक द्रव्य के विनिर्माण के उपकरणों का कब्जा
d. वैध अनुज्ञप्ति का होना
99. धारा 43 के अंतर्गत किन मादक द्रव्यों के विनिर्माण से संबंधित उपकरण शामिल हैं?
a. केवल ताड़ी
b. ताड़ी को छोड़कर अन्य मादक द्रव्य
c. केवल औषधीय द्रव्य
d. सभी प्रकार के पेय पदार्थ
100. यदि अभियुक्त के कब्जे में ऐसी सामग्री पाई जाती है जिससे मादक द्रव्य का निर्माण किया गया हो, और वह संतोषजनक स्पष्टीकरण न दे सके, तो—
a. अभियोजन समाप्त हो जाएगा
b. उपधारणा अभियुक्त के पक्ष में होगी
c. अपराध किया जाना माना जाएगा
d. केवल चेतावनी दी जाएगी
101. सेवकों के कार्य के लिये अनुज्ञप्तिधारी का आपराधिक दायित्व, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
102. धारा 44 के अनुसार, यदि किसी अनुज्ञप्तिधारी के नियोजन में कार्य करने वाला व्यक्ति धारा 34, 35 या 36 के अधीन अपराध करता है, तो अनुज्ञप्तिधारी का दायित्व क्या होगा?
a. अनुज्ञप्तिधारी दोषमुक्त रहेगा
b. अनुज्ञप्तिधारी भी उसी प्रकार दण्डनीय होगा मानो उसने स्वयं अपराध किया हो
c. केवल जुर्माना लगेगा
d. अनुज्ञप्तिधारी केवल चेतावनी पाएगा
103. अनुज्ञप्तिधारी इस दायित्व से कैसे मुक्त हो सकता है?
a. यदि वह अपराध का समर्थन करता है
b. यदि उसने अपराध के समय अपने नियोजित व्यक्ति को उपस्थित किया
c. यदि वह यह सिद्ध कर दे कि उसने अपराध को रोकने के लिए सभी सम्यक् और युक्ति-युक्त पूर्वावधानियां बरती थीं
d. यदि नियोजित व्यक्ति दोषी नहीं पाया गया
104. धारा 44 में किस प्रकार के अपराध शामिल हैं?
a. केवल धारा 34 और 35
b. धारा 34, 35, 36, 36-ए, 38, 38-ए और 39
c. केवल धारा 36 और 36-ए
d. केवल धारा 38 और 39
105. धारा 44 के अंतर्गत वास्तविक अपराध करने वाला व्यक्ति और अनुज्ञप्तिधारी में दंड संबंधी अंतर क्या है?
a. दोनों हमेशा बराबर कारावास भोगेंगे
b. अनुज्ञप्तिधारी केवल जुर्माने से दण्डनीय होगा
c. वास्तविक अपराध करने वाला व्यक्ति कारावास से दण्डनीय होगा, अन्यथा नहीं
d. अनुज्ञप्तिधारी कभी दण्डनीय नहीं होगा
106. यदि अनुज्ञप्तिधारी ने अपराध को रोकने के लिए पर्याप्त पूर्वावधानियां बरती हैं, तो उसका दायित्व क्या होगा?
a. उसे भी उसी प्रकार दण्डनीय माना जाएगा
b. वह दोषमुक्त रहेगा
c. केवल जुर्माना लगेगा
d. अपराधकर्ता को ही दण्ड मिलेगा
107. पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् बर्धित दण्ड, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
108. धारा 45 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पहले किसी अपराध में दोषी ठहराया गया है और फिर उसी या किसी अन्य दण्डनीय अपराध को करता है, तो उसका दंड क्या होगा?
a. प्रथम अपराध के दंड के समान
b. प्रथम अपराध पर लगाए गए दंड का दुगना
c. केवल जुर्माना लगेगा
d. पहले अपराध की तरह ही कारावास
109. धारा 45 के अंतर्गत कौन-कौन से अपराध शामिल हैं?
a. केवल धारा 34 और 35
b. धारा 34, 35, 36, 3A, 3B, 3C और 40
c. केवल धारा 36 और 40
d. केवल धारा 3A और 3B
110. धारा 45 के अनुसार, पूर्व दोषसिद्धि का प्रभाव किस प्रकार का होगा?
a. यह केवल जुर्माने पर लागू होगा
b. यह केवल कारावास के लिए लागू होगा
c. इसका प्रभाव प्रथम अपराध पर लगाए गए दंड के दुगने दंड तक होगा
d. इसका कोई प्रभाव नहीं होगा
111. धारा 45 में क्या कहा गया है कि यह किसी अपराध के संक्षेप विचारण को प्रभावित करेगा?
a. हाँ, सभी अपराधों के लिए लागू होगा
b. नहीं, यह किसी भी संक्षेप विचारण योग्य अपराध को प्रभावित नहीं करेगा
c. केवल जुर्माना वाले अपराधों को प्रभावित करेगा
d. केवल कारावास वाले अपराधों को प्रभावित करेगा
112. यदि कोई व्यक्ति पहली बार धारा 36 के अंतर्गत दोषी पाया गया और दूसरी बार धारा 40 के अंतर्गत दोषी पाया जाता है, तो धारा 45 के अनुसार क्या होगा?
a. पहले दंड के समान दंड
b. पहले दंड का दुगना दंड
c. केवल जुर्माना
d. कोई दंड नहीं
113. कतिपय वस्तुओं के अधिहरण का दायित्व, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
114. धारा 46(1) के अनुसार, जब इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध किया जाता है, तो निम्न में से क्या अधिहरण (जब्ती) के दायी होंगे?
a. केवल मादक द्रव्य
b. केवल उपकरण
c. मादक द्रव्य, सामग्री, भभका, पाव, उपकरण या साधित वस्तुएँ
d. केवल परिवहन के साधन
115. धारा 46(1) के अंतर्गत अधिहरण किस स्थिति में होगा?
a. जब कोई संदेह हो
b. जब अपराध सिद्ध हो
c. जब इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध किया गया हो
d. जब पुलिस को सूचना मिले
116. धारा 46(2) के अनुसार, यदि कोई मादक द्रव्य विधिपूर्वक आयात, परिवहन या कब्जे में रखा गया हो, तो उसके साथ पाए जाने वाले पैकेज या आवेष्टक का क्या होगा?
a. वे अधिहरण के दायी नहीं होंगे
b. वे केवल जुर्माने के दायी होंगे
c. वे भी अधिहरण के दायी होंगे
d. उन्हें वापस कर दिया जाएगा
117. धारा 46(2) के अनुसार, निम्न में से कौन अधिहरण के दायी हो सकते हैं?
a. केवल मादक द्रव्य
b. केवल पशु
c. केवल गाड़ी
d. पशु, गाड़ी, जलयान, बेड़ा या अन्य प्रवहण
118. यदि किसी पात्र या पैकेज में मादक द्रव्य या संबंधित सामग्री पाई जाए, तो उसकी अन्य अन्तर्वस्तुएँ (यदि कोई हों) —
a. सुरक्षित रखी जाएँगी
b. अधिहरण के दायी होंगी
c. नष्ट कर दी जाएँगी
d. वापस कर दी जाएँगी
119. धारा 46 के अंतर्गत अधिहरण का दायित्व किससे संबंधित है?
a. केवल अभियुक्त से
b. केवल न्यायालय से
c. अपराध में प्रयुक्त वस्तुओं से
d. केवल सरकारी अधिकारियों से
120. अधिहरण के आदेश, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 47
b. धारा 48
c. धारा 49
d. धारा 50
121. यदि मजिस्ट्रेट यह निर्णय लेता है कि धारा 46 के तहत कोई वस्तु जब्त की जा सकती है, तो वह क्या करेगा?
a. मामले को कलेक्टर को भेज देगा
b. जब्ती का आदेश देगा
c. पुलिस को सौंप देगा
d. कोई आदेश नहीं देगा
122. यदि मजिस्ट्रेट को धारा 47-ए(3)(क) के तहत सूचना प्राप्त हो जाती है, तो वह क्या करेगा?
a. तुरंत जब्ती का आदेश देगा
b. कार्यवाही स्थगित कर देगा
c. धारा 47-ए के तहत कलेक्टर के समक्ष लंबित कार्यवाही के निपटारे तक कोई आदेश पारित नहीं करेगा
d. मामले को समाप्त कर देगा
123. यदि कलेक्टर ने धारा 47-ए(2) के तहत जब्ती का आदेश दे दिया है, तो मजिस्ट्रेट —
a. पुनः जब्ती का आदेश देगा
b. दंड निर्धारित करेगा
c. कोई आदेश पारित नहीं करेगा
d. आदेश रद्द कर देगा
124. यदि अपराधी ज्ञात न हो या पाया न जा सके, तो मामले की जांच कौन करेगा?
a. पुलिस अधीक्षक
b. मजिस्ट्रेट
c. कलेक्टर
d. राज्य सरकार
125. अपराधी के अज्ञात होने की स्थिति में अधिहरण का आदेश कौन दे सकता है?
a. केवल न्यायालय
b. कलेक्टर
c. पुलिस अधिकारी
d. अभियोजक
126. अधिहरण का आदेश पारित करने से पूर्व कलेक्टर क्या सुनिश्चित करेगा?
a. एक वर्ष की अवधि बीत चुकी हो
b. वस्तु का मूल्यांकन हो चुका हो
c. जब्ती की तारीख से एक माह का समय बीत चुका हो और दावेदार को सुनवाई का अवसर दिया गया हो
d. राज्य सरकार की अनुमति मिल चुकी हो
127. यदि वस्तु शीघ्र नष्ट होने वाली (क्षयशील) है, तो कलेक्टर क्या कर सकता है?
a. उसे सुरक्षित रखेगा
b. तुरंत नष्ट कर देगा
c. किसी भी समय उसके विक्रय का निर्देश दे सकता है
d. उसे न्यायालय को भेज देगा
128. यदि कलेक्टर की राय में वस्तु का विक्रय उसके स्वामी के हित में हो, तो —
a. विक्रय नहीं किया जा सकता
b. केवल न्यायालय की अनुमति से विक्रय होगा
c. कलेक्टर विक्रय का निर्देश दे सकता है
d. वस्तु को नष्ट कर दिया जाएगा
129. जब्त किए गए मादक पदार्थों, वस्तुओं, औजारों, बर्तनों, सामग्रियों, वाहनों आदि की जब्ती, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 47-क
b. धारा 47- ख.
c. धारा 47- ग
d. धारा 47- घ
130. धारा 47-क (1) के अनुसार यह प्रावधान कब लागू होता है?
a. जब शराब की मात्रा 20 बल्क लीटर से अधिक हो
b. जब शराब की मात्रा 50 बल्क लीटर से कम हो
c. जब शराब की मात्रा 50 बल्क लीटर से अधिक हो
d. किसी भी मात्रा पर
131. धारा 47-क (1) के अंतर्गत जब्ती करते समय अधिकारी को क्या करना आवश्यक है?
a. केवल रिपोर्ट तैयार करना
b. जब्त संपत्ति पर चिह्न लगाना
c. संपत्ति को नष्ट कर देना
d. तुरंत विक्रय करना
132. जब्त की गई संपत्ति को बिना अनुचित देरी के किसके समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा?
a. पुलिस अधीक्षक
b. जिला मजिस्ट्रेट
c. जिला उत्पाद शुल्क अधिकारी से कम रैंक के अधिकृत अधिकारी
d. सत्र न्यायालय
133. यदि जब्त संपत्ति का आकार या मात्रा अधिक हो और उसे प्रस्तुत करना व्यावहारिक न हो, तो अधिकारी क्या करेगा?
a. संपत्ति को वहीं छोड़ देगा
b. मौखिक सूचना देगा
c. जब्ती के सभी विवरणों सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा
d. न्यायालय से अनुमति लेगा
134. धारा 47-क (2) के अनुसार, जब कलेक्टर संतुष्ट हो जाए कि धारा 34(1)(क) या (ख) के अंतर्गत अपराध हुआ है और मात्रा 50 बल्क लीटर से अधिक है, तो वह क्या कर सकता है?
a. केवल जुर्माना लगा सकता है
b. जब्ती का लिखित आदेश दे सकता है
c. मामला समाप्त कर सकता है
d. पुलिस को वापस भेज सकता है