
उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970
UTTAR PRADESH CONTROL OF GOONDAS ACT, 1970
1. इस अधिनियम का संक्षिप्त शीर्षनाम क्या है?
a. उत्तर प्रदेश सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम, 1970
b. उत्तर प्रदेश अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1970
c. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970
d. उत्तर प्रदेश समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, 1970
2. इस अधिनियम का अधिनियम संख्यांक क्या है?
a. 7
b. 8
c. 9
d. 10
3. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम को उत्तर प्रदेश विधान सभा द्वारा कब स्वीकृत किया गया?
a. 24 दिसम्बर, 1970
b. 15 दिसम्बर, 1970
c. 13 जनवरी, 1971
d. 18 जनवरी, 1971
4. उत्तर प्रदेश विधान परिषद् ने उक्त अधिनियम को किस तिथि को स्वीकृति प्रदान की?
a. 13 जनवरी, 1971
b. 15 दिसम्बर, 1970
c. 24 दिसम्बर, 1970
d. 18 जनवरी, 1971
5. यह अधिनियम भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति की स्वीकृति से पारित हुआ?
a. अनुच्छेद 200
b. अनुच्छेद 201
c. अनुच्छेद 202
d. अनुच्छेद 213
6. राष्ट्रपति द्वारा इस अधिनियम को स्वीकृति कब प्रदान की गई?
a. 24 दिसम्बर, 1970
b. 15 दिसम्बर, 1970
c. 13 जनवरी, 1971
d. 18 जनवरी, 1971
7. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 का प्रकाशन उत्तर प्रदेशीय सरकारी असाधारण गजट में कब हुआ?
a. 15 दिसम्बर, 1970
b. 24 दिसम्बर, 1970
c. 13 जनवरी, 1971
d. 18 जनवरी, 1971
8. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. अपराधों के लिए दण्ड बढ़ाना
b. पुलिस व्यवस्था का पुनर्गठन
c. सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने हेतु गुंडों पर नियंत्रण करना
d. न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करना
9. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 1 का संबंध किस विषय से है?
a. दण्ड और शास्ति
b. अधिनियम की परिभाषाएँ
c. संक्षिप्त शीर्षनाम तथा प्रसार
d. गुण्डा घोषित करने की प्रक्रिया
10. धारा 1 की उपधारा (2) के अनुसार इस अधिनियम का प्रसार कहाँ तक है?
a. केवल शहरी क्षेत्रों में
b. केवल ग्रामीण क्षेत्रों में
c. सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में
d. सम्पूर्ण भारत में
11. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 का नामकरण किस धारा में किया गया है?
a. धारा 2
b. धारा 3
c. धारा 1
d. धारा 4
12. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 2 किस विषय से संबंधित है?
a. दण्ड का प्रावधान
b. परिभाषाएँ
c. अधिनियम का प्रसार
d. गुण्डा घोषित करने की प्रक्रिया
13. धारा 2 के अनुसार “जिला मजिस्ट्रेट” की परिभाषा में किसे सम्मिलित किया गया है?
a. केवल नियुक्त जिला मजिस्ट्रेट
b. पुलिस अधीक्षक
c. राज्य सरकार द्वारा तदर्थ अधिकृत अपर जिला मजिस्ट्रेट
d. मंडलायुक्त
14. निम्न में से कौन-सा अपराध अभ्यासतः करने वाला व्यक्ति “गुण्डा” की श्रेणी में आएगा?
a. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 153 या 153-ख के अधीन अपराध (भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 192 या धारा 197, 296)
b. केवल दीवानी विवाद
c. संविदा का उल्लंघन
d. प्रशासनिक आदेश की अवहेलना
15. किन अध्यायों के अंतर्गत दण्डनीय अपराध अभ्यासतः करने वाला व्यक्ति “गुण्डा” माना जाएगा?
a. अध्याय 8, 9 और 10
b. अध्याय 11 और 12
c. अध्याय 15, 16, 17 और 22
d. केवल अध्याय 17
16. निम्न में से कौन-सा व्यक्ति “गुण्डा” माना जाएगा, भले ही वह गिरोह का सदस्य न हो?
a. जो अभ्यासतः स्वयं अपराध करता हो
b. जो सरकारी कर्मचारी हो
c. जो पहली बार अपराध करे
d. जो केवल गवाह हो
17. स्त्री तथा लड़की अनैतिक व्यापार दमन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत किस स्थिति में व्यक्ति “गुण्डा” माना जाएगा?
a. केवल आरोपित होने पर
b. केवल जांच लंबित होने पर
c. स्त्री तथा लड़की अनैतिक व्यापार दमन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत सिद्धदोष ठहराए जाने पर
d. शिकायत दर्ज होने पर
18. निम्न में से किन अधिनियमों के अंतर्गत कम से कम तीन बार सिद्धदोष होने पर व्यक्ति “गुण्डा” माना जाएगा?
a. मोटर यान अधिनियम
b. संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 या सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 या आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25, धारा 27 या धारा 29 के अधीन दण्डनीय किसी अपराध के लिए
c. सूचना का अधिकार अधिनियम
d. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम
19. यदि किसी व्यक्ति की सामान्य ख्याति जनसमुदाय के लिए खतरनाक और दुःसाहसिक हो, तो वह किस श्रेणी में आएगा?
a. साधारण अपराधी
b. संदिग्ध व्यक्ति
c. गुण्डा
d. असामाजिक तत्व (अधिनियम से बाहर)
20. जो व्यक्ति अभ्यासतः स्त्रियों या लड़कियों के प्रति अशिष्ट उक्ति कहता है या छेड़खानी करता है, वह—
a. केवल दण्डनीय अपराधी है
b. केवल पुलिस अधिनियम के अधीन आएगा
c. गुण्डा माना जाएगा
d. केवल चेतावनी योग्य है
21. जो दलाल (टाउट) है-
a. केवल दण्डनीय अपराधी है
b. केवल पुलिस अधिनियम के अधीन आएगा
c. गुण्डा माना जाएगा
d. केवल चेतावनी योग्य है
22. धारा 2(ख) के स्पष्टीकरण के अनुसार “दलाल (टाउट)” कौन होता है?
a. जो केवल न्यायालय में वाद दायर करता हो
b. जो भ्रष्ट या अवैध साधनों से लोक सेवकों को प्रभावित करने का प्रयास करता हो
c. जो विधिक सहायता निःशुल्क देता हो
d. जो केवल गवाह उपलब्ध कराता हो
23. “गृह अपग्राही” की सही परिभाषा क्या है?
a. जो किराए पर मकान ले
b. जो भवन का विधिपूर्वक स्वामी हो
c. जो भवन पर अनधिकृत कब्जा करता है या बनाए रखता है
d. जो केवल मध्यस्थ हो
24. धारा 3 किससे सम्बंधित हैं?
a. गुण्डों का बहिष्कासन आदि
b. गृह अपग्राही
c. अस्थायी अवधि के लिए वापस लौटने की अनुज्ञा
d. आदेश की अवधि में बढोत्तरी
25. धारा 3 के अंतर्गत कार्यवाही करने से पूर्व जिला मजिस्ट्रेट को सर्वप्रथम किस बात से संतुष्ट होना आवश्यक है?
a. व्यक्ति पहली बार अपराधी हो
b. व्यक्ति गुण्डा हो
c. व्यक्ति किसी अन्य जिले का निवासी हो
d. व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो
26. धारा 3(1)(ख) के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट कब कार्यवाही कर सकता है?
a. जब व्यक्ति सरकारी कर्मचारी हो
b. जब व्यक्ति की गतिविधियाँ जान या संपत्ति के लिए संत्रास उत्पन्न करती हों
c. जब व्यक्ति के विरुद्ध केवल अफवाह हो
d. जब व्यक्ति का पूर्व आचरण अच्छा हो
27. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 3(1)(ख) के अंतर्गत आती है?
a. व्यक्ति सामाजिक कार्य करता हो
b. व्यक्तियों की जान या सम्पत्तियों के लिये संत्रास, संकट या अपहानि करते है या करने के लिये आयोजित है व्यक्ति धारा 2(ख)(1) से (3) में निर्दिष्ट अपराध करने में लगा हो या लगने वाला हो
c. व्यक्ति के विरुद्ध दीवानी वाद लंबित हो
d. व्यक्ति सरकारी आदेश का पालन करता हो
28. धारा 3(1)(ग) के अनुसार साक्षियों के संबंध में कौन-सी बात आवश्यक है?
a. साक्षी उपलब्ध हों
b. साक्षी लिखित बयान दें
c. साक्षी भय के कारण साक्ष्य देने को तैयार न हों
d. साक्षी शपथपत्र दें
29. धारा 3(1) के अंतर्गत व्यक्ति को क्या प्रदान किया जाना अनिवार्य है?
a. तुरंत बहिष्कासन आदेश
b. मौखिक चेतावनी
c. लिखित नोटिस और स्पष्टीकरण का अवसर
d. केवल पुलिस जांच
30. धारा 3(2) के अनुसार संबंधित व्यक्ति को कौन-सा अधिकार प्राप्त है?
a. केवल सरकारी वकील से परामर्श
b. अपने पसंद के वकील से परामर्श और प्रतिरक्षा
c. बिना वकील के सुनवाई
d. केवल लिखित उत्तर देने का अधिकार
31. धारा 3(2) के अंतर्गत व्यक्ति को साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर कब नहीं दिया जा सकता?
a. जब जिला मजिस्ट्रेट इसे उचित समझे
b. जब प्रार्थना विलम्ब या परेशान करने के उद्देश्य से हो
c. जब व्यक्ति दोष स्वीकार कर ले
d. जब साक्षी उपलब्ध न हों
32. धारा 3(3)(क) के अनुसार बहिष्कासन की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?
a. तीन माह
b. एक वर्ष
c. छः माह से अधिक नहीं
d. अनिश्चित काल
33. धारा 3(3)(ख) के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट कौन-सा निर्देश दे सकता है?
a. केवल जुर्माना लगाने का
b. व्यक्ति को जेल भेजने का
c. गतिविधियों की सूचना देने या उपस्थित होने का
d. केवल चेतावनी देने का
34. धारा 3(3)(ख) के अंतर्गत निम्न में से कौन-सा आदेश दिया जा सकता है?
a. व्यक्ति को संपत्ति बेचने का
b. व्यक्ति को किसी वस्तु को रखने या प्रयोग करने से प्रतिबंधित करने का
c. व्यक्ति को सरकारी सेवा में लेने का
d. व्यक्ति को स्थायी रूप से जिले से बाहर करने का
35. अस्थायी अवधि के लिए वापस लौटने की अनुज्ञा, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 2
b. धारा 3
c. धारा 4
d. धारा 5
36. धारा 4 के अंतर्गत अस्थायी रूप से वापस लौटने की अनुज्ञा कौन दे सकता है?
a. राज्य सरकार
b. पुलिस अधीक्षक
c. जिला मजिस्ट्रेट
d. सत्र न्यायालय
37. धारा 4 के अंतर्गत अनुज्ञा किस व्यक्ति को दी जा सकती है?
a. जिस पर केवल नोटिस जारी हुआ हो
b. जिसके विरुद्ध धारा 3(3)(क) के अंतर्गत आदेश पारित किया गया हो
c. जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया हो
d. जो प्रथम बार अपराधी हो
38. धारा 4 के अंतर्गत प्रवेश या वापसी की अनुज्ञा किस अवधि के लिए दी जाती है?
a. स्थायी रूप से
b. अनिश्चित काल के लिए
c. अस्थायी अवधि के लिए
d. न्यूनतम छह माह के लिए
39. धारा 4 के अनुसार अस्थायी अनुज्ञा किस आधार पर दी जाती है?
a. बिना किसी शर्त के
b. न्यायालय के आदेश से
c. जिला मजिस्ट्रेट द्वारा निर्दिष्ट शर्तों पर
d. पुलिस की सिफारिश पर
40. धारा 4 के अनुसार दी गई अस्थायी अनुज्ञा के संबंध में जिला मजिस्ट्रेट की क्या शक्ति है?
a. केवल अनुज्ञा देने की
b. केवल अनुज्ञा बढ़ाने की
c. किसी भी समय अनुज्ञा निरस्त करने की
d. अनुज्ञा को स्थायी करने की
41. धारा 4 के अंतर्गत दी गई अनुज्ञा किस क्षेत्र से संबंधित होती है?
a. पूरे राज्य से
b. उस क्षेत्र से जहाँ से व्यक्ति को हटाया गया था
c. केवल ग्राम क्षेत्र से
d. केवल नगर क्षेत्र से
42. आदेश की अवधि में बढोत्तरी का वर्णन किस धारा में दिया गया है?
a. धारा 3
b. धारा 4
c. धारा 5
d. धारा 6
43. धारा 5 के अंतर्गत धारा 3 के अधीन दिए गए आदेश की अवधि बढ़ाने की शक्ति किसे है?
a. राज्य सरकार
b. सत्र न्यायालय
c. जिला मजिस्ट्रेट
d. पुलिस अधीक्षक
44. धारा 5 के अनुसार आदेश की अवधि बढ़ाने से पहले किसे अवसर दिया जाना आवश्यक है?
a. लोक अभियोजक को
b. सम्बद्ध व्यक्ति को
c. पुलिस अधीक्षक को
d. राज्य सरकार को
45. धारा 5 के अंतर्गत सम्बद्ध व्यक्ति को कौन-सा अवसर दिया जाता है?
a. अपील करने का अवसर
b. पुनर्विचार का अवसर
c. तदर्थ अभ्यावेदन करने का अवसर
d. जमानत का अवसर
46. धारा 5 के अंतर्गत आदेश की अवधि बढ़ाने से इंकार करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को क्या करना होगा?
a. मौखिक कारण बताने होंगे
b. राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी
c. कारणों को अभिलिखित करना होगा
d. न्यायालय से अनुमोदन लेना होगा
47. धारा 5 के अनुसार बढ़ाई गई अवधि कुल मिलाकर अधिकतम कितनी हो सकती है?
a. एक वर्ष
b. अठारह माह
c. दो वर्ष
d. तीन वर्ष
48. धारा 6 के अनुसार धारा 3, 4 या 5 के अधीन दिए गए आदेश के विरुद्ध अपील किसके पास की जाती है?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. सत्र न्यायाधीश
c. आयुक्त
d. राज्य सरकार
49. धारा 6 के अंतर्गत अपील आदेश की तिथि से कितने दिनों के भीतर की जानी चाहिए?
a. सात दिन
b. दस दिन
c. पन्द्रह दिन
d. तीस दिन
50. धारा 6 के अनुसार अपील कौन कर सकता है?
a. केवल अधिवक्ता
b. केवल जिला मजिस्ट्रेट
c. आदेश से क्षुब्ध व्यक्ति
d. कोई भी नागरिक
51. धारा 6 की उपधारा (2) के अनुसार अपीलार्थी या उसके वकील को किसका अधिकार नहीं है?
a. अपील दायर करने का
b. सुनवाई में उपस्थित होने का
c. धारा 3 की जांच से संबंधित अप्रकट अभिलेखों का निरीक्षण करने का
d. आदेश की प्रति प्राप्त करने का
52. धारा 6 के अंतर्गत आयुक्त कौन-सा आदेश पारित कर सकता है?
a. केवल आदेश की पुष्टि
b. केवल आदेश को रद्द करना
c. आदेश की पुष्टि (परिष्कार सहित या रहित) या उसे रद्द करना
d. केवल पुनः जांच का आदेश
53. धारा 6 के अनुसार आयुक्त अपील के निस्तारण तक क्या कर सकता है?
a. आदेश को स्वतः समाप्त कर सकता है
b. आदेश के प्रवर्तन को स्थगित कर सकता है
c. नया बहिष्कासन आदेश जारी कर सकता है
d. पुलिस को स्वतंत्र कार्यवाही का आदेश दे सकता है
54. धारा 7 के अंतर्गत प्रतिभुओं सहित या रहित, बंधपत्र निष्पादित करने की अपेक्षा करने की शक्ति किस प्राधिकारी को है
a. केवल जिला मजिस्ट्रेट
b. केवल आयुक्त
c. जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त
d. राज्य सरकार
55. धारा 7(1)(क) के अनुसार मुचलका लेने का उद्देश्य क्या है?
a. व्यक्ति को दंडित करना
b. धारा 3 के अधीन आदेश देने का प्रस्ताव हो, या आदेश दिया गया हो, किन्तु ऐसे आदेश का प्रवर्तन धारा 6 के अधीन स्थगित कर दिया गया हो, की उपस्थित सुनिश्चित करना
c. संपत्ति जब्त करना
d. बहिष्कासन आदेश पारित करना
56. धारा 7(1)(ख) के अंतर्गत प्रतिभुओं सहित या रहित, बंधपत्र निष्पादित किस बात को सुनिश्चित करने हेतु लिया जा सकता है?
a. केवल धारा 3 के आदेश का
b. केवल धारा 4 के आदेश का
c. धारा 3, 4, 5 या 6 के आदेशों के अनुपालन का
d. केवल अपील आदेश का
57. धारा 7 के अंतर्गत बंधपत्र प्रतिभुओं सहित या रहित लिया जा सकता है, यह प्रावधान किस उपधारा में है?
a. उपधारा (1)
b. उपधारा (2)
c. उपधारा (3)
d. स्पष्टीकरण में
58. धारा 7 के अंतर्गत लिए गए बंधपत्रों पर किस संहिता के उपबंध लागू होते हैं?
a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023)
c. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
d. पुलिस अधिनियम, 1861
59. धारा 7(2)(क) के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट नोटिस जारी करते समय क्या जारी कर सकता है?
a. केवल समन
b. जमानती वारंट
c. गिरफ्तारी का वारंट
d. स्थायी बहिष्कासन आदेश
60. धारा 7(2)(क) के अंतर्गत जारी वारंट पर दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की कौन-सी धाराएँ लागू होती हैं?
a. धारा 50 से 60
b. धारा 61 से 69
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की {धारायें 70 से 85 और 87 से 89 तक}2 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की {धारायें 72 से 85, 87, 88, और 90 से 92 तक}
d. धारा 90 से 100
61. यदि कोई व्यक्ति धारा 7 के अंतर्गत अपेक्षित बंधपत्र निष्पादित करने में चूक करता है, तो क्या किया जा सकता है?
a. केवल जुर्माना लगाया जाएगा
b. उसे कारागार को सुपुर्द किया जा सकता है
c. अपील स्वतः स्वीकार हो जाएगी
d. आदेश स्वतः निरस्त हो जाएगा
62. बंधपत्र निष्पादित न करने की स्थिति में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की कौन-सी धाराएँ लागू होती हैं?
a. धारा 107 से 110
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की {धारायें 119 से 121 तक, 123 और 124} (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की {धारायें 138 से 140 तक, 142 और 143}
c. धारा 125 से 128
d. धारा 145 से 147
63. धारा 7 के अंतर्गत निष्पादित सभी बंधपत्रों पर दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की कौन-सी धाराएँ लागू होती हैं?
a. धारा 420 से 424
b. धारा 437 से 439
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की {धारायें 445 से 447 तक} (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की {धारायें 490 से 493 तक}
d. धारा 451 से 457
64. साक्ष्य की प्रकृति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 8
b. धारा 9
c. धारा 10
d. धारा 11
65. धारा 8 के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त किस प्रयोजन से साक्ष्य पर विचार कर सकता है?
a. अभियुक्त के दोष निर्धारण के लिए
b. यह समाधान करने के लिए कि धारा 3 के अंतर्गत आदेश देने की आवश्यक शर्तें विद्यमान हैं या नहीं
c. गवाहों की परीक्षा के लिए
d. दंड निर्धारण के लिए
66. धारा 8 के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त किस प्रकार के साक्ष्य पर विचार कर सकता है?
a. केवल साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत मान्य साक्ष्य
b. केवल प्रत्यक्ष साक्ष्य
c. ऐसा कोई भी साक्ष्य जिसे वह प्रमाणक मूल्य का समझे
d. केवल शपथ पर दिया गया साक्ष्य
67. धारा 8 के अंतर्गत साक्ष्य पर विचार करते समय भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872(भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023) की स्थिति क्या है?
a. पूर्णतः लागू होता है
b. आंशिक रूप से लागू होता है
c. लागू नहीं होता है
d. केवल दस्तावेजी साक्ष्य पर लागू होता है
68. धारा 8 के अंतर्गत साक्ष्य के मूल्यांकन का आधार क्या होता है?
a. साक्ष्य अधिनियम के तकनीकी नियम
b. न्यायालय द्वारा निर्धारित मानक
c. जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त का प्रमाणक मूल्य के संबंध में समाधान
d. अभियोजन की संस्तुति
69. धारा 8 के अनुसार साक्ष्य पर विचार करने का अधिकार किसे प्राप्त है?
a. न्यायिक मजिस्ट्रेट
b. सत्र न्यायाधीश
c. जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त
d. उच्च न्यायालय
70. धारा 8 की प्रकृति के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
a. यह शुद्ध रूप से दंडात्मक कार्यवाही से संबंधित है
b. इसमें साक्ष्य अधिनियम के कठोर नियमों का पालन अनिवार्य है
c. यह प्रशासनिक संतुष्टि हेतु साक्ष्य के नियमों में शिथिलता प्रदान करती है
d. यह अपील की प्रक्रिया को नियंत्रित करती है
71. आदेश का निरसन, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 6
b. धारा 7
c. धारा 8
d. धारा 9
72. धारा 9 के अंतर्गत धारा 3 के अधीन दिये गये आदेश का निरसन कौन कर सकता है?
a. सत्र न्यायाधीश
b. राज्य सरकार
c. जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त
d. उच्च न्यायालय
73. धारा 9 के अनुसार आदेश का निरसन किस समय किया जा सकता है?
a. केवल आदेश पारित होने के तुरंत बाद
b. केवल पुष्टि के पश्चात
c. किसी भी समय
d. अपील की अवधि समाप्त होने के बाद
74. धारा 9 के अंतर्गत निरसन की शक्ति किन आदेशों पर लागू होती है?
a. केवल धारा 6 के अधीन पुष्टि किये गये आदेशों पर
b. केवल अपुष्ट आदेशों पर
c. धारा 3 के अधीन दिये गये सभी आदेशों पर
d. केवल अस्थायी आदेशों पर
75. धारा 9 के अनुसार यदि धारा 6 के अधीन आदेश की पुष्टि हो चुकी हो, तो भी उसका निरसन किया जा सकता है या नहीं?
a. नहीं, पुष्टि के बाद निरसन संभव नहीं है
b. केवल राज्य सरकार द्वारा किया जा सकता है
c. हाँ, जिला मजिस्ट्रेट या आयुक्त द्वारा किया जा सकता है
d. केवल न्यायालय के आदेश से किया जा सकता है
76. धारा 9 में निहित निरसन की शक्ति किस प्रकार की है?
a. न्यायिक शक्ति
b. अपीलीय शक्ति
c. प्रशासनिक एवं विवेकाधीन शक्ति
d. दंडात्मक शक्ति
77. धारा 3 से 6 के अधीन आदेशों का उल्लंघन करने के लिये दण्ड, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 10
b. धारा 11
c. धारा 12
d. धारा 13
78. धारा 10 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान किन धाराओं के अधीन दिये गये आदेशों के उल्लंघन पर लागू होता है?
a. केवल धारा 3
b. धारा 3 और 4
c. धारा 3, 4, 5 तथा 6
d. केवल धारा 6
79. धारा 10 के अंतर्गत कारावास की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. पाँच वर्ष
80. धारा 10 के अनुसार कारावास की न्यूनतम अवधि क्या निर्धारित की गई है?
a. तीन माह
b. छः माह
c. एक वर्ष
d. कोई न्यूनतम सीमा नहीं
81. धारा 10 के अनुसार आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को किस प्रकार के कारावास से दण्डित किया जाता है?
a. कठिन कारावांस से, जो 3 वर्ष तक का हो सकता है, परन्तु यह 6 माह से कम नहीं होगा, दण्डित होगा और जुर्माना
b. कठिन कारावांस से, जो 2 वर्ष तक का हो सकता है, परन्तु यह 3 माह से कम नहीं होगा, दण्डित होगा और जुर्माना
c. कठिन कारावांस से, जो 6 वर्ष तक का हो सकता है, परन्तु यह 2 माह से कम नहीं होगा, दण्डित होगा और जुर्माना
d. कठिन कारावांस से, जो 10 वर्ष तक का हो सकता है, परन्तु यह 1 माह से कम नहीं होगा, दण्डित होगा और जुर्माना
82. बहिष्कारित गुण्डे द्वारा आदेश का उल्लंघन करते हुये पुनः प्रवेश आदि पर उसका बलपूर्व हटाया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 11
b. धारा 12
c. धारा 13
d. धारा 14
83. धारा 11 की कार्यवाही किन धाराओं के अधीन दिये गये आदेशों के उल्लंघन पर लागू होती है?
a. केवल धारा 3
b. धारा 3 और 4
c. धारा 3, 4, 5 तथा 6
d. केवल धारा 6
84. धारा 11(1) के अंतर्गत किस स्थिति में व्यक्ति को उल्लंघनकर्ता माना जाएगा?
a. आदेश के विरुद्ध अपील करने पर
b. आदेश के अनुसार जिले या उसके भाग से स्वयं को हटाने में चूक करने पर
c. आदेश की प्रति प्राप्त न करने पर
d. आदेश की पुष्टि न होने पर
85. धारा 11(1) के अंतर्गत ऐसे उल्लंघन की स्थिति में जिला मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है?
a. केवल चेतावनी दे सकता है
b. केवल जुर्माना लगा सकता है
c. व्यक्ति को गिरफ्तार करा सकता है
d. केवल न्यायालय में परिवाद दायर कर सकता है
86. धारा 11(1) के अनुसार गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को किस प्रकार हटाया जाता है?
a. स्वयं जाने के लिये छोड़ा जाता है
b. न्यायालय के आदेश से हटाया जाता है
c. पुलिस की अभिरक्षा में आदेश में निर्दिष्ट क्षेत्र के बाहर हटाया जाता है
d. केवल जिला मुख्यालय भेजा जाता है
87. धारा 11(2) के अनुसार पुलिस अधिकारी बिना वारंट गिरफ्तारी कब कर सकता है?
a. जब मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति हो
b. जब अभियुक्त स्वीकार कर ले
c. जब उपधारा (1) में वर्णित कार्य या चूक के लिये युक्तियुक्त संदेह हो
d. केवल आदेश की पुष्टि के बाद
88. धारा 11(2) के अंतर्गत बिना वारंट गिरफ्तार व्यक्ति को सबसे पहले कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा?
a. जिला मजिस्ट्रेट के पास
b. सत्र न्यायाधीश के पास
c. निकटतम मजिस्ट्रेट के पास
d. राज्य सरकार के पास
89. धारा 11(2) के अनुसार निकटतम मजिस्ट्रेट के बाद व्यक्ति को किसके पास अग्रसारित किया जाता है?
a. उच्च न्यायालय
b. राज्य सरकार
c. जिला मजिस्ट्रेट
d. पुलिस अधीक्षक
90. धारा 11(3) के अनुसार इस धारा के उपबंधों का धारा 10 से क्या संबंध है?
a. धारा 10 को निरस्त करते हैं
b. धारा 10 के स्थान पर लागू होते हैं
c. धारा 10 के अतिरिक्त हैं और उसके प्रभाव को कम नहीं करते
d. धारा 10 के दण्ड को समाप्त कर देते हैं
91. धारा 12 के अनुसार मजिस्ट्रेट किस धारा के अधीन दण्डनीय अपराध का संज्ञान ले सकता है?
a. धारा 9
b. धारा 10
c. धारा 11
d. धारा 12
92. धारा 12 के अनुसार मजिस्ट्रेट धारा 10 के अधीन अपराध का संज्ञान किस आधार पर ले सकता है?
a. किसी भी व्यक्ति की मौखिक शिकायत पर
b. समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार पर
c. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा की गयी लिखित रिपोर्ट पर
d. गुमनाम सूचना पर
93. धारा 12 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट निम्न में से किस आधार पर संज्ञान नहीं ले सकता है?
a. पुलिस अधिकारी की लिखित रिपोर्ट
b. पुलिस अधिकारी से भिन्न किसी व्यक्ति से प्राप्त सूचना
c. अपने ज्ञान या संदेह के आधार पर
d. उपरोक्त सभी आधारों पर
94. धारा 12 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. अपराधों की संख्या बढ़ाना
b. मजिस्ट्रेट की शक्ति को पूर्णतः समाप्त करना
c. धारा 10 के अपराधों में मनमाने संज्ञान पर रोक लगाना
d. पुलिस शक्तियों को सीमित करना
95. धारा 12 के अनुसार मजिस्ट्रेट किसकी सूचना पर संज्ञान नहीं कर सकता है?
a. पुलिस अधिकारी
b. जिला मजिस्ट्रेट
c. पुलिस अधिकारी से भिन्न कोई व्यक्ति
d. सरकारी अभियोजक
96. धारा 12 के अनुसार मजिस्ट्रेट अपने किस आधार पर संज्ञान नहीं ले सकता है?
a. विधिक परामर्श
b. पुलिस रिपोर्ट
c. अपने ज्ञान या संदेह
d. लिखित शिकायत
97. धारा 12 में प्रयुक्त “लिखित रिपोर्ट” से क्या अभिप्राय है?
a. किसी भी व्यक्ति द्वारा लिखित शिकायत
b. केवल पुलिस अधिकारी द्वारा दी गयी लिखित रिपोर्ट
c. न्यायालय द्वारा तैयार रिपोर्ट
d. समाचार पत्र की रिपोर्ट
98. धारा 12 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने की शक्ति किस प्रकार की है?
a. पूर्णतः विवेकाधीन
b. असीमित
c. विधि द्वारा सीमित
d. अपीलीय
99. यदि कोई मजिस्ट्रेट धारा 12 के प्रावधानों के विरुद्ध संज्ञान लेता है, तो वह संज्ञान कैसा माना जाएगा?
a. वैध
b. अनिवार्य रूप से सही
c. विधि विरुद्ध
d. प्रशासनिक
100. धारा 12 का प्रभाव मुख्यतः किस पर पड़ता है?
a. अपराध की परिभाषा पर
b. दण्ड की मात्रा पर
c. अपराध के संज्ञान की प्रक्रिया पर
d. अपील के अधिकार पर
101. आदेशों के संबंध में अपवाद, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 11
b. धारा 12
c. धारा 13
d. धारा 14
102. धारा 13 के अनुसार किस प्रकार के आदेश पर किसी न्यायालय में आपत्ति नहीं की जाएगी?
a. केवल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश
b. केवल आयुक्त द्वारा पारित आदेश
c. इस अधिनियम के अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करके दिये गये आदेश
d. केवल दंडात्मक आदेश
103. धारा 13 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करके दिये गये आदेश पर -
a. केवल सिविल न्यायालय में आपत्ति वर्जित है
b. केवल आपराधिक न्यायालय में आपत्ति वर्जित है
c. किसी न्यायालय में आपत्ति नहीं की जाएगी
d. केवल निचली अदालतों में आपत्ति वर्जित है
104. धारा 13 का मुख्य प्रभाव किस अधिकार को सीमित करता है?
a. अपील के अधिकार को
b. जमानत के अधिकार को
c. न्यायालय में आदेश को चुनौती देने के अधिकार को
d. सुनवाई के अधिकार को
105. धारा 13 में “कोई आपत्ति नहीं की जायेगी” का तात्पर्य क्या है?
a. केवल सिविल न्यायालय में आपत्ति वर्जित है
b. केवल आपराधिक न्यायालय में आपत्ति वर्जित है
c. किसी भी न्यायालय में आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती
d. केवल निचली अदालतों में आपत्ति वर्जित है
106. धारा 13 का उद्देश्य क्या है?
a. आदेशों को स्थायी बनाना
b. आदेशों के त्वरित एवं प्रभावी प्रवर्तन को सुनिश्चित करना
c. दंड की मात्रा बढ़ाना
d. अपील की प्रक्रिया प्रदान करना
107. यदि कोई आदेश अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्ति के बाहर पारित किया गया हो, तो धारा 13 का क्या प्रभाव होगा?
a. फिर भी उस पर आपत्ति नहीं की जा सकती
b. धारा 13 स्वतः लागू होगी
c. धारा 13 का संरक्षण उपलब्ध नहीं होगा
d. केवल अपील का अधिकार रहेगा
108. अधिनियम के अधीन किये गये कार्य के लिये संरक्षण, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 14
b. धारा 15
c. धारा 16
d. धारा 17
109. धारा 14(1) के अनुसार किसी व्यक्ति के विरुद्ध वाद या अभियोग कब नहीं किया जा सकता?
a. जब कार्य से किसी को क्षति पहुँचे
b. जब कार्य इस अधिनियम या उसके अधीन दिये गये आदेश के अनुसरण में सद्भावना से किया गया हो
c. जब कार्य बिना अधिकार किया गया हो
d. जब कार्य निजी उद्देश्य से किया गया हो
110. धारा 14(1) में किस प्रकार की विधिक कार्यवाहियों पर रोक लगाई गई है?
a. केवल सिविल वाद
b. केवल आपराधिक अभियोग
c. वाद, अभियोग तथा अन्य विधिक कार्यवाही
d. केवल विभागीय कार्यवाही
111. धारा 14(2) के अनुसार राज्य सरकार के विरुद्ध किस बात के लिये वाद नहीं किया जा सकता?
a. किसी भी प्रशासनिक आदेश के लिये
b. इस अधिनियम के अनुसरण में सद्भावना से की गयी या की जाने वाली कार्रवाई से हुई या संभावित क्षति के लिये
c. केवल वास्तविक क्षति के लिये
d. केवल आपराधिक मामलों में
112. धारा 14 के अंतर्गत राज्य सरकार को किस प्रकार की कार्यवाही से संरक्षण प्राप्त है?
a. केवल अभियोग से
b. केवल सिविल वाद से
c. वाद तथा अन्य विधिक कार्यवाही से
d. केवल अपील से
113. यदि कोई कार्य अधिनियम के अनुसरण में किया गया हो लेकिन सद्भावना में न हो, तो धारा 14 का क्या प्रभाव होगा?
a. पूर्ण संरक्षण मिलेगा
b. आंशिक संरक्षण मिलेगा
c. धारा 14 का संरक्षण उपलब्ध नहीं होगा
d. केवल राज्य सरकार को संरक्षण मिलेगा
114. धारा 14 का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
a. न्यायालयों के अधिकारों को समाप्त करना
b. अधिनियम के ईमानदार क्रियान्वयन में लगे व्यक्तियों और राज्य को विधिक सुरक्षा प्रदान करना
c. पीड़ितों को क्षतिपूर्ति से वंचित करना
d. दण्ड की मात्रा को कम करना
115. धारा 15(1) के अनुसार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिये नियम बनाने का अधिकार किसे है?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. उच्च न्यायालय
c. राज्य सरकार
d. राज्य विधान मंडल
116. धारा 15(1) के अनुसार नियम किस माध्यम से बनाये जाते हैं?
a. अधिसूचना द्वारा
b. आदेश द्वारा
c. परिपत्र द्वारा
d. प्रस्ताव द्वारा
117. धारा 15(2) के अनुसार अधिनियम के अधीन बनाये गये नियमों को किसके समक्ष रखा जाना आवश्यक है?
a. केवल राज्य सरकार के समक्ष
b. उच्च न्यायालय के समक्ष
c. राज्य विधान मंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष
d. केवल विधान परिषद के समक्ष
118. धारा 15(2) के अनुसार नियमों को विधान मंडल के समक्ष न्यूनतम कितनी अवधि के लिये रखा जाना आवश्यक है?
a. सात दिन
b. दस दिन
c. चौदह दिन
d. तीस दिन
119. धारा 15(2) के अनुसार नियम सामान्यतः किस दिनांक से प्रभावी होते हैं?
a. विधान मंडल की स्वीकृति के दिनांक से
b. राज्य सरकार के आदेश के दिनांक से
c. गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से
d. न्यायालय द्वारा अनुमोदन के दिनांक से
120. धारा 15(2) के अनुसार नियम विधान मंडल के समक्ष किस प्रकार रखे जा सकते हैं?
a. केवल एक सत्र में
b. केवल दो सत्रों में
c. एक सत्र या एकाधिक अनुक्रमिक सत्रों में
d. केवल संयुक्त सत्र में
121. धारा 15 में प्रदत्त नियम बनाने की शक्ति किस प्रकार की है?
a. न्यायिक शक्ति
b. विधायी शक्ति
c. अधीनस्थ विधायी शक्ति
d. अपीलीय शक्ति
122. निरसन, उत्तर प्रदेश अध्यादेश सं० 15, 1970, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 16
b. धारा 17
c. धारा 18
d. धारा 19