Motor Vehicles Act MCQs Set-16

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

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1. अनुज्ञप्ति, परमिट, मंजूरी या अनुमोदन किस माध्यम से जारी किए जा सकते हैं?

a. केवल लिखित रूप में

b. केवल डाक द्वारा

c. इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में

d. केवल न्यायालय के माध्यम से

 

2. धारा 211क के अनुसार धन की प्राप्ति या संदाय किस माध्यम से किया जा सकता है?

a. केवल नकद

b. केवल बैंक ड्राफ्ट

c. इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप के माध्यम से

d. केवल चालान द्वारा

 

3. इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज किस प्रकार फाइल किए जाएंगे, इसका निर्धारण कौन करेगा?

a. केवल परिवहन आयुक्त

b. केवल न्यायालय

c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार

d. केवल जिला कलेक्टर

 

4. इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के लिए फीस या प्रभारों के संदाय की पद्धति कौन निर्धारित करेगा?

a. केवल केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार

d. भारतीय रिज़र्व बैंक

 

5. धारा 211क का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. केवल कागजी दस्तावेजों को बढ़ावा देना

b. मोटर वाहन प्रशासन में ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रक्रियाओं को सक्षम बनाना

c. केवल शुल्क बढ़ाना

d. केवल परमिट रद्द करना

 

6. धारा 211क के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कौन-सी वित्तीय प्रक्रिया की जा सकती है?

a. केवल कर निर्धारण

b. केवल जुर्माना निर्धारण

c. धन की प्राप्ति और संदाय

d. केवल बैंक खाता खोलना

 

7. धारा 211क किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा

b. 2019 के अधिनियम सं. 32 द्वारा

c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा

d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा

 

8. धारा 211क के अनुसार परमिट एवं अनुज्ञप्तियों का निर्गमन किस आधुनिक माध्यम से संभव बनाया गया है?

a. केवल डाक सेवा द्वारा

b. केवल न्यायालय द्वारा

c. इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप द्वारा

d. केवल व्यक्तिगत उपस्थिति द्वारा

 

9. नियमों और अधिसूचनाओं का प्रकाशन, प्रारंभ और रखा जाना किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 211

b. धारा 211(क)

c. धारा 212

d. धारा 213

 

10. इस अधिनियम के अधीन नियम बनाने से पहले क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय की अनुमति

b. राज्यपाल की स्वीकृति

c. पूर्व प्रकाशन

d. जनमत संग्रह

 

11. इस अधिनियम के अधीन बनाए गए सभी नियम कहाँ प्रकाशित किए जाएंगे?

a. समाचार पत्र में

b. सरकारी वेबसाइट पर

c. राजपत्र में

d. संसद की कार्यवाही में

 

12. यदि कोई अन्य तारीख नियत न की गई हो, तो नियम कब से प्रभावी होंगे?

a. स्वीकृति की तारीख से

b. अधिसूचना के हस्ताक्षर की तारीख से

c. राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से

d. संसद में प्रस्तुत करने की तारीख से

 

13. राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम किसके समक्ष रखा जाएगा?

a. संसद के समक्ष

b. उच्च न्यायालय के समक्ष

c. राज्य विधान-मंडल के समक्ष

d. राज्यपाल के समक्ष

 

14. केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियम किसके समक्ष रखे जाएंगे?

a. राज्य विधान-मंडल के समक्ष

b. उच्चतम न्यायालय के समक्ष

c. संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष

d. राष्ट्रपति के समक्ष

 

15. नियम, स्कीम या अधिसूचना संसद के समक्ष कितने दिनों की कुल अवधि के लिए रखी जाएगी?

a. 15 दिन

b. 21 दिन

c. 30 दिन

d. 60 दिन

 

16. यदि दोनों सदन नियम या अधिसूचना में परिवर्तन के लिए सहमत हो जाएं, तो क्या होगा?

a. वह निरस्त हो जाएगी

b. वह स्थगित हो जाएगी

c. वह परिवर्तित रूप में प्रभावी होगी

d. वह स्वतः समाप्त हो जाएगी

 

17. यदि दोनों सदन सहमत हों कि नियम या अधिसूचना नहीं बनाई जानी चाहिए, तो क्या होगा?

a. वह एक वर्ष के लिए स्थगित होगी

b. वह निष्प्रभाव हो जाएगी

c. वह राज्य सरकार को भेज दी जाएगी

d. वह न्यायालय को संदर्भित होगी

 

18. नियम, स्कीम या अधिसूचना के निष्प्रभाव होने से पहले किए गए कार्यों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

a. वे स्वतः अवैध हो जाएंगे

b. उनकी विधिमान्यता समाप्त हो जाएगी

c. उनकी विधिमान्यता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा

d. उन्हें पुनः अनुमोदित करना होगा

 

19. धारा 212 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड निर्धारित करना

b. नियमों एवं अधिसूचनाओं के प्रकाशन और विधायी नियंत्रण की प्रक्रिया निर्धारित करना

c. वाहन पंजीकरण करना

d. परमिट जारी करना

 

20. धारा 212 में संशोधन किस वर्ष किया गया?

a. 2018

b. 2019

c. 2020

d. 2023

 

21. मोटर यान अधिकारियों की नियुक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 212

b. धारा 213

c. धारा 214

d. धारा 215

 

22. मोटर यान विभाग की स्थापना कौन कर सकता है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. परिवहन निगम

 

23. मोटर यान विभाग के अधिकारियों को कौन नियुक्त करता है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. राष्ट्रपति

d. राज्यपाल

 

24. मोटर यान विभाग का प्रत्येक अधिकारी किसके अर्थ में लोक सेवक माना जाएगा?

a. केवल मोटर यान अधिनियम के अनुसार

b. भारतीय दंड संहिता / भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अनुसार

c. सिविल प्रक्रिया संहिता के अनुसार

d. साक्ष्य अधिनियम के अनुसार

 

25. अधिकारियों की न्यूनतम अर्हताएं कौन निर्धारित कर सकता है?

a. राज्य सरकार

b. परिवहन आयुक्त

c. केन्द्रीय सरकार

d. लोक सेवा आयोग

 

26. मोटर यान विभाग के अधिकारियों की वर्दी और कर्तव्यों के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. उच्च न्यायालय

d. जिला कलेक्टर

 

27. मोटर यान विभाग का अधिकारी किस उद्देश्य से जांच और परीक्षा कर सकता है?

a. कर निर्धारण के लिए

b. बीमा जांच के लिए

c. यह सुनिश्चित करने के लिए कि अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन हो रहा है

d. वाहन बिक्री के लिए

 

28. बिना वारंट के तलाशी कौन कर सकता है?

a. कोई भी पुलिस अधिकारी

b. परिवहन निरीक्षक

c. राजपत्रित अधिकारी

d. मजिस्ट्रेट

 

29. यदि अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय हो, तो तलाशी कब नहीं की जाएगी?

a. कार्य दिवसों में

b. रविवार को

c. सूर्यास्त के पश्चात् और सूर्योदय के पूर्व

d. सरकारी अवकाश पर

 

30. धारा 213 के अनुसार तलाशी और अभिग्रहण के संबंध में किस संहिता के उपबंध लागू होंगे?

a. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम

c. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 / भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

d. भारतीय संविदा अधिनियम

 

31. धारा 213 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. सड़क निर्माण को नियंत्रित करना

b. मोटर यान विभाग की स्थापना, अधिकारियों की नियुक्ति और प्रवर्तन संबंधी शक्तियों का प्रावधान करना

c. वाहन बीमा का नियमन करना

d. परमिट शुल्क निर्धारित करना

 

32. मोटर यान विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति और कार्यप्रणाली का विनियमन मुख्यतः किस सरकार के अधीन है?

a. केवल केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. राज्य सरकार, जबकि न्यूनतम अर्हताएं केन्द्रीय सरकार निर्धारित कर सकती है

d. न्यायपालिका

 

33. आरंभिक प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों पर अपील और पुनरीक्षण का प्रभाव किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 213

b. धारा 214

c. धारा 215

d. धारा 216

 

34. यदि आरंभिक प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध अपील की गई हो, तो क्या आदेश स्वतः रुक जाएगा?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

35. अपील या पुनरीक्षण लंबित रहने तक आरंभिक प्राधिकारी का आदेश क्या रहेगा?

a. निरस्त माना जाएगा

b. स्थगित रहेगा

c. प्रवृत्त बना रहेगा

d. स्वतः समाप्त हो जाएगा

 

36. आरंभिक प्राधिकारी के आदेश को रोकने का निर्देश कौन दे सकता है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल न्यायालय

c. अपील प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी

d. परिवहन आयुक्त

 

37. यदि परमिट के नवीकरण का आवेदन नामंजूर कर दिया गया हो और अपील की गई हो, तो क्या किया जा सकता है?

a. नया परमिट जारी किया जा सकता है

b. वाहन जब्त किया जा सकता है

c. परमिट को विधिमान्य बनाए रखने का निर्देश दिया जा सकता है

d. आवेदन स्वतः स्वीकृत माना जाएगा

 

38. परमिट को कब तक विधिमान्य बनाए रखने का निर्देश दिया जा सकता है?

a. 30 दिन तक

b. 90 दिन तक

c. अपील या पुनरीक्षण के आवेदन के निपटारे तक

d. एक वर्ष तक

 

39. किसी आदेश को अपील या पुनरीक्षण में कब उल्टा या परिवर्तित किया जा सकता है?

a. किसी भी छोटी त्रुटि पर

b. केवल तकनीकी आधार पर

c. जब गलती से वास्तव में न्याय नहीं हो पाया हो

d. केवल पक्षकार के अनुरोध पर

 

40. यदि कार्यवाही में केवल छोटी गलती हो और उससे न्याय प्रभावित न हुआ हो, तो क्या होगा?

a. आदेश स्वतः निरस्त होगा

b. आदेश नहीं उलटा जाएगा

c. पुनः सुनवाई होगी

d. मामला उच्च न्यायालय भेजा जाएगा

 

41. धारा 214 के अनुसार आदेश में गलती, लोप या अनियमितता होने पर क्या देखा जाएगा?

a. केवल प्रक्रिया का पालन

b. केवल अभिलेखों की स्थिति

c. न्याय पर प्रभाव

d. केवल अधिकारी की मंशा

 

42. धारा 214 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. अपील लंबित रहने पर सभी आदेशों को निरस्त करना

b. यह सुनिश्चित करना कि केवल वास्तविक न्यायिक त्रुटियों के कारण ही आदेशों में हस्तक्षेप हो

c. परमिट स्वतः नवीनीकृत करना

d. वाहन पंजीकरण रद्द करना

 

43. धारा 214 के अनुसार अपील या पुनरीक्षण दायर करने मात्र से क्या प्रभाव पड़ता है?

a. आदेश स्वतः स्थगित हो जाता है

b. आदेश स्वतः समाप्त हो जाता है

c. आदेश प्रवृत्त बना रहता है, जब तक सक्षम प्राधिकारी अन्यथा निर्देश न दे

d. आदेश अवैध हो जाता है

 

44. परमिट नवीकरण अस्वीकृति के विरुद्ध अपील की स्थिति में अंतरिम राहत देने की शक्ति किसके पास है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल परिवहन आयुक्त

c. अपील प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी

d. केवल उच्च न्यायालय

 

45. सड़क सुरक्षा परिषदें और समितियां किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 214

b. धारा 215

c. धारा 216

d. धारा 217

 

46. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद का गठन कौन कर सकता है?

a. राज्य सरकार

b. उच्चतम न्यायालय

c. केंद्रीय सरकार

d. जिला प्रशासन

 

47. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद का गठन किस माध्यम से किया जाता है?

a. कार्यपालिका आदेश द्वारा

b. विभागीय परिपत्र द्वारा

c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

d. न्यायालय के आदेश द्वारा

 

48. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद में कौन-कौन होते हैं?

a. केवल अध्यक्ष

b. केवल सरकारी अधिकारी

c. अध्यक्ष और अन्य सदस्य

d. केवल परिवहन मंत्री

 

49. राज्य सड़क सुरक्षा परिषद का गठन कौन करता है?

a. केंद्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. जिला कलेक्टर

d. संसद

 

50. जिला सड़क सुरक्षा समिति का गठन कौन कर सकता है?

a. केंद्रीय सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. जिला परिषद

 

51. यदि राज्य सरकार जिला सड़क सुरक्षा समिति का गठन नहीं करती है, तो कौन कर सकता है?

a. जिला कलेक्टर

b. परिवहन आयुक्त

c. केंद्रीय सरकार

d. राज्यपाल

 

52. जिला सड़क सुरक्षा समिति में कौन होते हैं?

a. केवल अध्यक्ष

b. केवल स्थानीय अधिकारी

c. अध्यक्ष और अन्य सदस्य

d. केवल पुलिस अधिकारी

 

53. परिषदों और समितियों के कृत्य कौन विनिर्दिष्ट करता है?

a. केवल संसद

b. केवल न्यायालय

c. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार

d. केवल परिवहन विभाग

 

54. धारा 215 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. वाहन पंजीकरण की व्यवस्था करना

b. सड़क सुरक्षा से संबंधित परिषदों और समितियों का गठन एवं उनके कार्य निर्धारित करना

c. परमिट जारी करना

d. कर वसूली करना

 

55. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद का गठन किस उद्देश्य से किया जाता है?

a. सड़क कर निर्धारित करने के लिए

b. सड़क सुरक्षा संबंधी नीतियों और उपायों पर सलाह एवं समन्वय के लिए

c. वाहन बीमा जारी करने के लिए

d. परमिट नवीनीकरण के लिए

 

56. धारा 215(3) का परन्तुक कब जोड़ा गया?

a. 2019 के अधिनियम सं. 32 द्वारा (1-9-2019 से)

b. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा

c. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 2 द्वारा (13-1-2025 से)

d. 2024 के अधिनियम सं. 10 द्वारा

 

57. केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार द्वारा शक्तियों के प्रत्यायोजित किए जाने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 215

b. धारा 215(क)

c. धारा 216

d. धारा 217

 

58. धारा 215क के अनुसार शक्तियों का प्रत्यायोजन कौन कर सकता है?

a. केवल केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार

d. केवल राष्ट्रपति

 

59. केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार अपनी शक्तियां किसे प्रत्यायोजित कर सकती हैं?

a. केवल न्यायालयों को

b. केवल मंत्रियों को

c. लोक सेवक या लोक प्राधिकारी को

d. केवल जिला कलेक्टर को

 

60. केन्द्रीय सरकार किस उद्देश्य से लोक सेवक या लोक प्राधिकारी को प्राधिकृत कर सकती है?

a. कर वसूली के लिए

b. न्यायिक कार्यवाही के लिए

c. अपनी शक्तियों, कृत्यों तथा कर्तव्यों के निर्वहन के लिए

d. केवल अनुज्ञप्ति जारी करने के लिए

 

61. धारा 215क का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. नई शक्तियां सृजित करना

b. सरकारों को अपनी शक्तियां एवं कर्तव्य अधिकृत अधिकारियों या प्राधिकरणों को सौंपने की सुविधा देना

c. सड़क सुरक्षा परिषदों का गठन करना

d. दंड निर्धारित करना

 

62. धारा 215क के अंतर्गत प्रत्यायोजन किनके पक्ष में किया जा सकता है?

a. केवल निजी व्यक्तियों के पक्ष में

b. केवल कंपनियों के पक्ष में

c. लोक सेवकों या लोक प्राधिकारियों के पक्ष में

d. केवल न्यायिक अधिकारियों के पक्ष में

 

63. धारा 215क के अनुसार प्रत्यायोजित शक्तियां किनसे संबंधित हो सकती हैं?

a. केवल प्रशासनिक शक्तियों से

b. केवल वित्तीय शक्तियों से

c. शक्तियों, कृत्यों तथा कर्तव्यों से

d. केवल दंडाधिकार से

 

64. धारा 215क किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा

b. 2019  के अधिनियम सं. 32 की धारा 92 द्वारा

c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा

d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा

 

65. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 215

b. धारा 215(क)

c. धारा 215(ख)

d. धारा 216

 

66. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन कौन करेगा?

a. राज्य सरकार

b. संसद

c. केन्द्रीय सरकार

d. उच्चतम न्यायालय

 

67. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किस माध्यम से किया जाता है?

a. कार्यपालिका आदेश द्वारा

b. विभागीय परिपत्र द्वारा

c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

d. न्यायालय के आदेश द्वारा

 

68. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड में कौन-कौन शामिल होते हैं?

a. केवल अध्यक्ष

b. केवल राज्य सरकारों के प्रतिनिधि

c. अध्यक्ष, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि तथा अन्य सदस्य

d. केवल परिवहन मंत्री

 

69. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड किसे सलाह देता है?

a. केवल केन्द्रीय सरकार को

b. केवल राज्य सरकार को

c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार को

d. केवल संसद को

 

70. बोर्ड मोटर यानों के किन विषयों पर सलाह देता है?

a. केवल वाहन कर पर

b. केवल बीमा पर

c. डिजाइन और भार, संनिर्माण एवं विनिर्माण प्रक्रिया, प्रचालन और अनुरक्षण के मानकों पर

d. केवल परमिट पर

 

71. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड किस विषय पर सलाह दे सकता है?

a. केवल सड़क कर निर्धारण पर

b. केवल न्यायिक मामलों पर

c. मोटर यानों का रजिस्ट्रीकरण और अनुज्ञापन

d. केवल टोल संग्रहण पर

 

72. सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए क्या निर्धारित करने में बोर्ड सलाह देता है?

a. कर दरें

b. परमिट शुल्क

c. मानकों की विरचना

d. न्यायिक प्रक्रिया

 

73. बोर्ड का एक महत्वपूर्ण कार्य क्या है?

a. वाहन कर वसूलना

b. परमिट जारी करना

c. नई यान प्रौद्योगिकी का संवर्धन

d. न्यायालयों का संचालन करना

 

74. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. सड़क कर संग्रहण बढ़ाना

b. सड़क सुरक्षा, वाहन मानकों और यातायात नियंत्रण से संबंधित विषयों पर सरकारों को विशेषज्ञ सलाह देना

c. वाहन पंजीकरण करना

d. बीमा दावों का निपटारा करना

 

75. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के सदस्यों में कौन शामिल हो सकते हैं?

a. केवल केन्द्रीय अधिकारी

b. केवल निजी विशेषज्ञ

c. अध्यक्ष, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और अन्य सदस्य

d. केवल न्यायिक अधिकारी

 

76. धारा 215(ख) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा

b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 92 द्वारा

c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा

d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा

 

77. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 215(क)

b. धारा 215(ख)

c. धारा 215(ग)

d. धारा 216

 

78. धारा 215ग के अनुसार इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

a. राज्य सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. केन्द्रीय सरकार

d. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड

 

79. धारा 215ग के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित हो सकते हैं?

a. केवल सड़क कर

b. केवल परमिट शुल्क

c. इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों का उपयोग, मोटर यान विभाग के अधिकारियों की न्यूनतम अर्हताएं तथा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति

d. केवल वाहन पंजीकरण

 

80. धारा 211क के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक प्ररूपों के उपयोग के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल जिला प्रशासन

c. केन्द्रीय सरकार

d. केवल परिवहन आयुक्त

 

81. मोटर यान विभाग के अधिकारियों की न्यूनतम अर्हताएं किस धारा से संबंधित हैं?

a. धारा 211क

b. धारा 212

c. धारा 213(4)

d. धारा 214

 

82. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के निबंधन और शर्तें किसके द्वारा नियमों के माध्यम से निर्धारित की जा सकती हैं?

a. राज्य सरकार

b. संसद

c. केन्द्रीय सरकार

d. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद

 

83. धारा 215ख के अंतर्गत राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के कृत्यों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

a. राज्य सरकार

b. केन्द्रीय सरकार

c. जिला सड़क सुरक्षा समिति

d. परिवहन प्राधिकरण

 

84. धारा 215ग के अंतर्गत नियम किस प्रकार के विषयों पर बनाए जा सकते हैं?

a. केवल वे विषय जो अधिनियम में स्पष्ट रूप से लिखे हों

b. केवल वित्तीय विषय

c. वे सभी विषय जिन्हें विहित किया जाना आवश्यक हो

d. केवल सड़क निर्माण विषय

 

85. धारा 215ग की नियम बनाने की शक्ति किसके संदर्भ में प्रयोग की जाती है?

a. संपूर्ण अधिनियम के लिए

b. केवल दंड संबंधी उपबंधों के लिए

c. केवल अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए

d. केवल सड़क सुरक्षा परिषदों के लिए

 

86. कौन-सा विषय धारा 215ग के अंतर्गत नियमों द्वारा विनियमित किया जा सकता है?

a. केवल सड़क कर निर्धारण

b. केवल वाहन बीमा

c. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेजों का फाइल करना, मोटर यान अधिकारियों की न्यूनतम योग्यता तथा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के कृत्य

d. केवल न्यायालयी प्रक्रिया

 

87. धारा 215ग का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. राज्य सरकार को नियम बनाने की शक्ति देना

b. इस अध्याय के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक विषयों पर नियम बनाने की शक्ति प्रदान करना

c. सड़क कर बढ़ाना

d. वाहन पंजीकरण को नियंत्रित करना

 

88. धारा 215(ग) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा

b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 92 द्वारा

c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा

d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा

 

89. राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 215(ग)

b. धारा 215(घ)

c. धारा 216

d. धारा 217

 

90. धारा 215घ के अंतर्गत राज्य सरकार किन विषयों को छोड़कर नियम बना सकती है?

a. धारा 213 में विनिर्दिष्ट विषय

b. धारा 214 में विनिर्दिष्ट विषय

c. धारा 215ख में विनिर्दिष्ट विषय

d. धारा 211क में विनिर्दिष्ट विषय

 

91. धारा 215घ के अंतर्गत किस विषय पर नियम बनाए जा सकते हैं?

a. केवल सड़क कर

b. केवल परमिट शुल्क

c. इलेक्ट्रॉनिक प्ररूपों का उपयोग, मोटर यान विभाग के अधिकारियों के कर्तव्य तथा अधिकारियों की वर्दी

d. केवल राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड

 

92. धारा 211क के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज फाइल करने के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

a. केवल केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार दोनों

d. केवल परिवहन आयुक्त

 

93. मोटर यान विभाग के अधिकारियों की वर्दी और कर्तव्यों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड

d. संसद

 

94. धारा 213 की उपधारा (3) में वर्णित अधिकारियों के अधीनस्थ प्राधिकारियों के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. जिला प्रशासन

 

95. धारा 213 की उपधारा (5) के खंड (च) में वर्णित अतिरिक्त शक्तियों के प्रयोग के लिए नियम कौन बना सकता है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद

d. लोक सेवा आयोग

 

96. धारा 215घ के अनुसार नियम किस अन्य विषय पर भी बनाए जा सकते हैं?

a. केवल अधिसूचित विषयों पर

b. केवल सड़क सुरक्षा विषयों पर

c. ऐसा अन्य विषय जो विहित किया जाना आवश्यक हो

d. केवल कराधान विषयों पर

 

97. धारा 215घ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन करना

b. राज्य सरकार को अध्याय के कार्यान्वयन हेतु आवश्यक विषयों पर नियम बनाने की शक्ति प्रदान करना

c. दंड बढ़ाना

d. वाहन पंजीकरण करना

 

98. धारा 215घ के अंतर्गत राज्य सरकार किन विषयों पर नियम बना सकती है?

a. अधिकारियों के कर्तव्य, वर्दी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्ररूपों के उपयोग जैसे विषयों पर

b. केवल सड़क कर पर

c. केवल वाहन बीमा पर

d. केवल राष्ट्रीय राजमार्गों पर

 

99. धारा 215घ के अंतर्गत नियम बनाने की शक्ति मुख्यतः किस स्तर की सरकार को प्रदान की गई है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. जिला प्रशासन

d. स्थानीय निकाय

 

100. धारा 215घ मोटर यान अधिनियम में किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा

b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 92 द्वारा

c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा

d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा

 

101. कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 215(घ)

b. धारा 216

c. धारा 217

d. धारा 218

 

102. यदि अधिनियम के उपबंधों को लागू करने में कठिनाई उत्पन्न हो, तो उसे दूर करने की शक्ति किसके पास है?

a. राज्य सरकार

b. उच्चतम न्यायालय

c. केन्द्रीय सरकार

d. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड

 

103. धारा 216 के अंतर्गत कठिनाइयों को दूर करने के लिए आदेश किस माध्यम से जारी किया जाता है?

a. विभागीय परिपत्र द्वारा

b. कार्यपालिका आदेश द्वारा

c. राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा

d. न्यायालय के आदेश द्वारा

 

104. कठिनाइयों को दूर करने के लिए किया गया आदेश किसके साथ सुसंगत होना चाहिए?

a. राज्य सरकार के नियमों के साथ

b. संसद की सिफारिशों के साथ

c. इस अधिनियम के उपबंधों के साथ

d. न्यायालय के निर्देशों के साथ

 

105. धारा 216 के अनुसार कठिनाइयों को दूर करने के लिए आदेश कितनी अवधि के भीतर किया जा सकता है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

106. तीन वर्ष की अवधि किस तारीख से गिनी जाएगी?

a. आदेश की तारीख से

b. नियमों के प्रकाशन की तारीख से

c. अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से

d. संसद में प्रस्तुतीकरण की तारीख से

 

107. धारा 216 के अंतर्गत किया गया प्रत्येक आदेश किसके समक्ष रखा जाएगा?

a. राज्य विधान-मंडल के समक्ष

b. उच्चतम न्यायालय के समक्ष

c. संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष

d. राष्ट्रपति के समक्ष

 

108. आदेश को संसद के समक्ष कब रखा जाएगा?

a. 30 दिनों के भीतर

b. अगले सत्र में

c. यथासंभव शीघ्र

d. एक वर्ष के भीतर

 

109. धारा 216 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. नए दंड निर्धारित करना

b. अधिनियम के कार्यान्वयन में उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना

c. सड़क सुरक्षा परिषद का गठन करना

d. वाहन पंजीकरण करना

 

110. धारा 216 के अंतर्गत जारी आदेश की वैधता के लिए कौन-सी शर्त आवश्यक है?

a. वह राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित हो

b. वह संसद द्वारा पूर्व स्वीकृत हो

c. वह अधिनियम के उपबंधों के अनुरूप हो

d. वह न्यायालय द्वारा पारित हो

 

111. धारा 216 के अंतर्गत कठिनाइयों को दूर करने का आदेश कौन प्रकाशित करता है?

a. राज्य सरकार

b. परिवहन आयुक्त

c. केन्द्रीय सरकार

d. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड

 

112. धारा 216 के अंतर्गत संसद की भूमिका क्या है?

a. आदेश जारी करना

b. आदेश का प्रकाशन करना

c. आदेश को अपने प्रत्येक सदन के समक्ष प्राप्त करना और उसकी जानकारी रखना

d. आदेश को न्यायालय भेजना

 

113. निरसन और व्यावृत्तियां किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 216

b. धारा 217

c. धारा 218

d. धारा 219

 

114. धारा 217(1) के अनुसार कौन-सा अधिनियम निरसित किया गया है?

a. मोटर यान अधिनियम, 1988

b. मोटर यान अधिनियम, 1939

c. भारतीय दंड संहिता, 1860

d. साधारण खंड अधिनियम, 1897

 

115. धारा 217(1) के अनुसार मोटर यान अधिनियम, 1939 के साथ क्या निरसित किया गया?

a. सभी राज्य अधिनियम

b. केवल केन्द्रीय नियम

c. इस अधिनियम की तत्स्थानी कोई राज्य विधि

d. सभी परिवहन नियम

 

116. निरसित अधिनियमों के अधीन जारी अधिसूचना, नियम या आदेश का क्या प्रभाव होगा?

a. वे स्वतः निरस्त हो जाएंगे

b. वे केवल एक वर्ष तक प्रभावी रहेंगे

c. यदि असंगत न हों तो इस अधिनियम के अधीन जारी माने जाएंगे

d. उन्हें पुनः जारी करना होगा

 

117. निरसित अधिनियमों के अधीन की गई नियुक्ति या घोषणा का क्या प्रभाव होगा?

a. वह समाप्त मानी जाएगी

b. वह अवैध मानी जाएगी

c. वह इस अधिनियम के अधीन की गई मानी जाएगी

d. उसे पुनः अधिसूचित करना होगा

 

118. निरसित अधिनियमों के अधीन दी गई छूट या अधिहरण का क्या होगा?

a. समाप्त हो जाएगा

b. निलंबित रहेगा

c. इस अधिनियम के अधीन दी गई मानी जाएगी

d. पुनः स्वीकृति लेनी होगी

 

119. निरसित अधिनियमों के अधीन अधिरोपित शास्ति या जुर्माना का क्या प्रभाव होगा?

a. समाप्त हो जाएगा

b. वापस कर दिया जाएगा

c. इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित माना जाएगा

d. पुनः अधिरोपित करना होगा

 

120. निरसित अधिनियमों के अधीन किए गए समपहरण या रद्दकरण का क्या प्रभाव होगा?

a. अवैध हो जाएगा

b. समाप्त हो जाएगा

c. इस अधिनियम के अधीन किया गया माना जाएगा

d. पुनः आदेश जारी करना होगा

 

121. निरसित अधिनियमों के अधीन जारी ठीक हालत का प्रमाणपत्र (Certificate of Fitness) का क्या होगा?

a. तुरंत निरस्त हो जाएगा

b. केवल छह माह तक प्रभावी रहेगा

c. उसी अवधि और शर्तों पर प्रभावी रहेगा

d. पुनः जारी करना होगा

 

122. निरसित अधिनियमों के अधीन जारी रजिस्ट्रीकरण का क्या प्रभाव होगा?

a. समाप्त हो जाएगा

b. वही अवधि और शर्तों के साथ प्रभावी रहेगा

c. केवल एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा

d. पुनः पंजीकरण आवश्यक होगा

 

123. निरसित अधिनियमों के अधीन जारी अनुज्ञप्ति का क्या प्रभाव होगा?

a. निरस्त मानी जाएगी

b. पुनः जारी करनी होगी

c. समान अवधि और शर्तों पर प्रभावी रहेगी

d. केवल 30 दिन तक प्रभावी रहेगी

 

124. निरसित अधिनियमों के अधीन जारी परमिट का क्या प्रभाव होगा?

a. तुरंत समाप्त हो जाएगा

b. उसी अवधि और शर्तों के साथ प्रभावी रहेगा

c. केवल राज्य सरकार की अनुमति से प्रभावी रहेगा

d. पुनः आवेदन करना होगा

 

125. निरसित अधिनियमों के प्रति निर्देश करने वाले दस्तावेजों की व्याख्या कैसे की जाएगी?

a. उन्हें अमान्य माना जाएगा

b. उन्हें पुराने अधिनियम के अनुसार ही पढ़ा जाएगा

c. इस अधिनियम के प्रति निर्देश माना जाएगा

d. न्यायालय के निर्देशानुसार

 

126. निरसित अधिनियमों के अनुसार सुभिन्न चिह्नों का समनुदेशन कब तक प्रभावी रहेगा?

a. एक वर्ष तक

b. पाँच वर्ष तक

c. जब तक धारा 41(6) के अधीन अधिसूचना न निकले

d. स्थायी रूप से

 

127. मोटर यान अधिनियम, 1939 की धारा 68ग के अधीन लंबित स्कीम का निपटारा किस धारा के अनुसार होगा?

a. धारा 80

b. धारा 90

c. धारा 100

d. धारा 110

 

128. धारा 68च(1क) के अधीन दिए गए परमिट कब तक प्रभावी रहेंगे?

a. एक वर्ष तक

b. पाँच वर्ष तक

c. जब तक अध्याय 6 के अधीन अनुमोदित स्कीम प्रकाशित न हो जाए

d. स्थायी रूप से

 

129. निरसित अधिनियमों के अधीन संदेय शास्ति कैसे वसूल की जाएगी?

a. पुराने अधिनियम के अनुसार

b. केवल न्यायालय के आदेश से

c. इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन उपबंधित रीति से

d. वसूल नहीं की जाएगी

 

130. पहले से शास्ति की वसूली के लिए की गई कार्रवाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

a. वह निरस्त हो जाएगी

b. उसे पुनः शुरू करना होगा

c. उस पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा

d. वह स्वतः समाप्त हो जाएगी

 

131. धारा 217(4) किस अधिनियम की धारा 6 को संदर्भित करती है?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860

b. मोटर यान अधिनियम, 1939

c. साधारण खंड अधिनियम, 1897

d. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

 

132. धारा 217 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. नए दंड निर्धारित करना

b. पुराने अधिनियम के निरसन के बाद भी आवश्यक अधिकारों, दायित्वों, आदेशों एवं कार्यवाहियों की निरंतरता बनाए रखना

c. सड़क सुरक्षा परिषद का गठन करना

d. परमिट शुल्क निर्धारित करना

 

133. मोटर यान अधिनियम, 1939 के अधीन अनुदत्त परमिट, चालक अनुज्ञप्ति और रजिस्ट्रीकरण का नवीकरण किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 217

b. धारा 217(क)

c. धारा 218

d. धारा 219

 

134. धारा 217क के अनुसार कौन-सा दस्तावेज नवीकृत किया जा सकता है?

a. केवल चालक अनुज्ञप्ति

b. केवल परमिट

c. केवल रजिस्ट्रीकरण

d. उपयुक्तता प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रीकरण, अनुज्ञप्ति या परमिट

 

135. मोटर यान अधिनियम, 1939 के निरसन के बावजूद जारी दस्तावेजों का नवीकरण किस अधिनियम के अधीन किया जा सकता है?

a. मोटर यान अधिनियम, 1939

b. मोटर यान अधिनियम, 1988

c. भारतीय दंड संहिता, 1860

d. साधारण खंड अधिनियम, 1897

 

136. धारा 217क का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. पुराने परमिटों को समाप्त करना

b. मोटर यान अधिनियम, 1939 के अधीन जारी दस्तावेजों के नवीकरण की निरंतरता बनाए रखना

c. नए वाहन पंजीकरण को रोकना

d. केवल उपयुक्तता प्रमाणपत्र जारी करना

 

137. धारा 217क किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

a. 1994 के अधिनियम सं. 54 द्वारा

b. 1999 के अधिनियम सं. 21 द्वारा

c. 2000 के अधिनियम सं. 27 द्वारा

d. 2019 के अधिनियम  सं. 32 द्वारा

 

138. धारा 217क कब से प्रभावी हुई?

a. 1-7-2000

b. 11-8-2000

c. 1-1-2001

d. 15-8-2000

 

139. धारा 217क के अनुसार नवीकरण किसके बावजूद संभव है?

a. परमिट की समाप्ति के बावजूद

b. राज्य सरकार की आपत्ति के बावजूद

c. अधिनियम के निरसन के बावजूद

d. न्यायालय के आदेश के बावजूद

 

140. धारा 217क के अंतर्गत निम्न में से कौन-सा दस्तावेज नवीकरण हेतु पात्र है?

a. उपयुक्तता प्रमाणपत्र

b. रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र

c. चालक अनुज्ञप्ति एवं परमिट

d. उपर्युक्त सभी

 

141. धारा 217क के अनुसार नवीकरण की प्रक्रिया किस वर्तमान अधिनियम के अनुसार की जाएगी?

a. मोटर यान अधिनियम, 1939

b. मोटर यान अधिनियम, 1988

c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

d. साधारण खंड अधिनियम, 1897

 

142. धारा 217क का संबंध मुख्यतः किससे है?

a. दंड और शास्तियों से

b. निरसन के बाद दस्तावेजों के नवीकरण से

c. सड़क सुरक्षा परिषदों से

d. मोटर यान अधिकारियों की नियुक्ति से

 

143. धारा 217क के अंतर्गत नवीकरण का लाभ किन दस्तावेजों को मिलता है?

a. केवल परमिटों को

b. केवल अनुज्ञप्तियों को

c. केवल रजिस्ट्रीकरण को

d. उपयुक्तता प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रीकरण, अनुज्ञप्ति और परमिट को

 

144. धारा 217क यह सुनिश्चित करती है कि—

a. पुराने दस्तावेज स्वतः निरस्त हो जाएं

b. 1939 अधिनियम के अधीन जारी दस्तावेजों का वैध नवीकरण 1988 अधिनियम के अधीन जारी रह सके

c. केवल नए परमिट जारी हों

d. सभी पुराने रजिस्ट्रीकरण समाप्त हो जाएं

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