MP Land Revenue 1959 MCQs Set- 12 (Hindi Medium)

Download Android App    Download iOS App
Note: 1. Use ORG Code: XLVPGR For IOS and Web APP. 2. To Download the PDF it is necessary to download the App. 3. You can Use Only Sigle Device to access the Courses on App

Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

 Download MP Land Revenue 1959 MCQs Set- 12 (Hindi Medium) PDF

 

1.  धारा 170(2) के अनुसार बिक्री रद्द करने के लिए आवेदन कौन कर सकता है?

a. केवल भूमिस्वामी

b. केवल उत्तराधिकारी

c. भूमिस्वामी या वह व्यक्ति, जो यदि भूमिस्वामी निकट उत्तराधिकारी के बिना मर जाता, तो उस भूमि का उत्तराधिकारी होता

d. कोई भी इच्छुक व्यक्ति

 

2.  धारा 170(2) के अनुसार उत्तराधिकारी द्वारा आवेदन कितने समय के भीतर किया जा सकता है?

a. एक वर्ष के भीतर

b. दो वर्षों के भीतर

c. तीन वर्षों के भीतर

d. बारह वर्षों के भीतर

 

3.  धारा 170(2) के अनुसार बिक्री रद्द होने पर आवेदक को क्या प्राप्त होगा?

a. केवल मुआवजा

b. भूमि का कब्जा

c. केवल भू-राजस्व में छूट

d. केवल बिक्री मूल्य

 

4.  धारा 170(2) के अनुसार बिक्री रद्द करने के लिए आवेदक को कौन-सा दायित्व स्वीकार करना होगा?

a. केवल न्यायालय शुल्क का भुगतान

b. भूमि राजस्व के बकाया या भूमि पर प्रभार के रूप में लगने वाले अन्य देय शुल्क का दायित्व

c. केवल पंजीयन शुल्क का भुगतान

d. केवल स्टाम्प शुल्क का भुगतान

 

5.  धारा 170ए का विषय क्या है?

a. धारा 165 के उल्लंघन में स्थानांतरण को रद्द करना

b. कुछ हस्तांतरण रद्द किए जाएंगे

c. भूमि का आदान-प्रदान

d. पट्टे

 

6.  धारा 170ए(1) के अनुसार हस्तांतरण की सत्यनिष्ठा की जांच कौन कर सकता है?

a. कलेक्टर

b. तहसीलदार

c. उप-विभागीय अधिकारी

d. दीवानी न्यायालय

 

7.  धारा 170ए(1) के अनुसार उप-विभागीय अधिकारी जांच किस प्रकार प्रारंभ कर सकता है?

a. केवल राज्य सरकार के आदेश पर

b. केवल न्यायालय के आदेश पर

c. स्वयं की पहल पर या हस्तांतरणकर्ता के आवेदन पर

d. केवल कलेक्टर की अनुमति से

 

8.  धारा 170ए(1) के अनुसार आवेदन कौन कर सकता है?

a. कोई भी व्यक्ति

b. केवल गैर-आदिवासी

c. धारा 165(6) के अंतर्गत घोषित आदिवासी जनजाति से संबंधित कृषि भूमि का हस्तांतरणकर्ता

d. केवल ग्राम पंचायत

 

9.  धारा 170ए(1) के अनुसार आवेदन कब तक किया जा सकता था?

a. 31 दिसम्बर, 1976 तक

b. 31 दिसम्बर, 1977 तक

c. 31 दिसम्बर, 1978 तक

d. 31 दिसम्बर, 1980 तक

 

10.  धारा 170ए(1) के अनुसार यह प्रावधान किस अधिनियम में निहित किसी बात के बावजूद लागू होगा?

a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

b. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

c. परिसीमा अधिनियम, 1963

d. भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908

 

11.  धारा 170ए(1) के अनुसार किन हस्तांतरणों की जांच की जा सकती है?

a. केवल विक्रय द्वारा किए गए हस्तांतरण

b. केवल न्यायालय के आदेश से हुए हस्तांतरण

c. आदिवासी जनजाति के सदस्य द्वारा गैर-आदिवासी को विक्रय, न्यायालय के निर्णय के अनुसरण में हस्तांतरण, धारा 169 के तहत अधिभोगी किरायेदार के अधिकार के उपार्जन तथा धारा 190(2-ए) के तहत भूमिस्वामी अधिकार के उपार्जन द्वारा किए गए हस्तांतरण

d. केवल उपहार द्वारा किए गए हस्तांतरण

 

12.  धारा 170ए(1) के अनुसार जांच किन हस्तांतरणों के संबंध में की जा सकती है?

a. केवल 1 जनवरी, 1976 के बाद के हस्तांतरण

b. 2 अक्टूबर, 1959 से मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (तृतीय संशोधन) अधिनियम, 1976 के प्रारंभ होने की तिथि तक किए गए हस्तांतरण

c. केवल 1959 से पहले के हस्तांतरण

d. केवल 1980 के बाद के हस्तांतरण

 

13.  धारा 170ए(2) के अनुसार उप-विभागीय अधिकारी आदेश कब पारित कर सकता है?

a. आवेदन प्राप्त होते ही

b. जांच के बाद तथा सभी हितधारकों को उचित अवसर देने के पश्चात् यदि वह संतुष्ट हो कि हस्तांतरण सद्भावनापूर्वक नहीं किया गया था

c. केवल राज्य सरकार के आदेश पर

d. केवल न्यायालय के निर्देश पर

 

14.  धारा 170ए(2) के अनुसार यह प्रावधान किसके बावजूद लागू होगा?

a. केवल परिसीमा अधिनियम, 1963

b. केवल भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908

c. इस संहिता या उस समय लागू किसी अन्य अधिनियम में निहित किसी भी बात के बावजूद

d. केवल संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

 

15.  धारा 170ए(2)(क) के अनुसार गैर-अनुसूचित क्षेत्र में क्या आदेश दिया जाएगा?

a. केवल जुर्माना लगाया जाएगा

b. हस्तांतरण रद्द कर भूमि हस्तांतरणकर्ता को वापस की जाएगी

c. भूमि राज्य सरकार में निहित होगी

d. केवल मुआवजा दिया जाएगा

 

16.  धारा 170ए(2)(क) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्र में क्या आदेश दिया जाएगा?

a. केवल हस्तांतरण रद्द किया जाएगा

b. भूमि राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी

c. हस्तांतरण रद्द कर भूमि का तत्काल कब्जा हस्तांतरणकर्ता को सौंपते हुए भूमि वापस की जाएगी

d. केवल आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा

 

17.  धारा 170ए(2)(ख) के अनुसार यह प्रावधान कब लागू होगा?

a. जब भूमि पर फसल न उगाई गई हो

b. जब भूमि का उपयोग गैर-कृषि प्रयोजन के लिए किया गया हो

c. जब भू-राजस्व बकाया हो

d. जब भूमि पट्टे पर दी गई हो

 

18.  धारा 170ए(2)(ख) के अनुसार भूमि का मूल्य कौन निर्धारित करेगा?

a. कलेक्टर

b. तहसीलदार

c. उप-विभागीय अधिकारी

d. न्यायालय

 

19.  धारा 170ए(2)(ख) के अनुसार मूल्य किस आधार पर निर्धारित किया जाएगा?

a. वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर

b. पंजीयन मूल्य के आधार पर

c. हस्तांतरण के समय भूमि का जो मूल्य होता

d. कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य के आधार पर

 

20.  धारा 170ए(2)(ख) के अनुसार हस्तांतरिती को क्या भुगतान करने का आदेश दिया जाएगा?

a. केवल वर्तमान बाजार मूल्य

b. निर्धारित मूल्य और हस्तांतरणकर्ता को वास्तव में भुगतान किए गए मूल्य के बीच का अंतर

c. केवल स्टाम्प शुल्क

d. केवल पंजीयन शुल्क

 

21.  धारा 170ए(2)(ख) के अनुसार मूल्य का अंतर कितनी अवधि में अदा करना होगा?

a. तीन माह के भीतर

b. छह माह के भीतर

c. एक वर्ष के भीतर

d. दो वर्ष के भीतर

 

22.  धारा 170-बी का विषय क्या है?

a. कुछ हस्तांतरण रद्द किए जाएंगे

b. आदिवासी जनजाति के सदस्यों की उस भूमि की वापसी जो धोखाधड़ी से हस्तांतरित की गई थी

c. भूमिस्वामी के अधिकार

d. भूमि का आदान-प्रदान

 

23.  धारा 170-बी(1) के अनुसार यह प्रावधान किस भूमि पर लागू होता है?

a. सभी कृषि भूमि पर

b. सरकारी भूमि पर

c. धारा 165(6) के अंतर्गत घोषित आदिवासी जनजाति के सदस्य की कृषि भूमि पर

d. केवल शहरी भूमि पर

 

24.  धारा 170-बी(1) के अनुसार किसे सूचना देना आवश्यक है?

a. भूमिस्वामी को

b. ऐसे व्यक्ति को जो आदिवासी जनजाति की कृषि भूमि पर कब्जा रखता है

c. ग्राम पंचायत को

d. कलेक्टर को

 

25.  धारा 170-बी(1) के अनुसार कब्जे की अवधि किस समय से किस समय तक की होनी चाहिए?

a. 26 जनवरी 1950 से 1 जनवरी 1980 तक

b. 2 अक्टूबर 1959 से संशोधन अधिनियम, 1980 के प्रारंभ होने की तिथि तक

c. 1 जुलाई 1976 से 31 दिसम्बर 1978 तक

d. 1 जनवरी 1984 से आगे

 

26.  धारा 170-बी(1) के अनुसार सूचना किसे दी जाएगी?

a. कलेक्टर को

b. तहसीलदार को

c. उप-विभागीय अधिकारी को

d. ग्राम सभा को

 

27.  धारा 170-बी(1) के अनुसार सूचना किस रूप में दी जाएगी?

a. मौखिक रूप में

b. शपथपत्र द्वारा

c. निर्धारित प्रपत्र एवं निर्धारित रीति से

d. केवल पंजीकृत डाक द्वारा

 

28.  धारा 170-बी(1) के अनुसार सूचना कितने समय के भीतर दी जाएगी?

a. एक वर्ष के भीतर

b. दो वर्ष के भीतर

c. तीन वर्ष के भीतर

d. पाँच वर्ष के भीतर

 

29.  धारा 170-बी(2) के अनुसार सूचना न देने पर क्या माना जाएगा?

a. भूमि का स्वामित्व सिद्ध हो जाएगा

b. वह व्यक्ति बिना वैध अधिकार के कृषि भूमि पर कब्जा किए हुए है

c. केवल जुर्माना लगाया जाएगा

d. मामला स्वतः समाप्त हो जाएगा

 

30.  धारा 170-बी(2) के अनुसार ऐसी भूमि किसे वापस मिलेगी?

a. राज्य सरकार को

b. ग्राम सभा को

c. जिस व्यक्ति की वह मूल रूप से थी या उसके विधिक वारिसों को

d. कलेक्टर को

 

31.  धारा 170-बी(2-ए) के अनुसार ग्राम सभा कब भूमि वापस करेगी?

a. न्यायालय के आदेश पर

b. जब उसे ज्ञात हो कि कोई गैर-आदिवासी बिना वैध अधिकार के आदिवासी भूमिस्वामी की भूमि पर कब्जा किए हुए है

c. केवल कलेक्टर के निर्देश पर

d. केवल आवेदन प्राप्त होने पर

 

32.  धारा 170-बी(2-ए) के अनुसार भूमि किसे वापस की जाएगी?

a. राज्य सरकार को

b. मूल भूमिस्वामी को या उसके विधिक वारिसों को

c. ग्राम पंचायत को

d. उप-विभागीय अधिकारी को

 

33.  धारा 170-बी(2-ए) के अनुसार यदि ग्राम सभा भूमि वापस कराने में विफल रहती है तो क्या करेगी?

a. मामला समाप्त कर देगी

b. मामला कलेक्टर को भेजेगी

c. मामला उप-विभागीय अधिकारी को भेजेगी

d. दीवानी न्यायालय में वाद दायर करेगी

 

34.  धारा 170-बी(2-ए) के अनुसार उप-विभागीय अधिकारी संदर्भ प्राप्त होने के कितने समय के भीतर भूमि का कब्जा बहाल करेगा?

a. एक महीने के भीतर

b. दो महीने के भीतर

c. तीन महीने के भीतर

d. छह महीने के भीतर

 

35.  धारा 170-बी(3) के अनुसार सूचना प्राप्त होने पर जांच कौन करेगा?

a. तहसीलदार

b. ग्राम सभा

c. उप-विभागीय अधिकारी

d. कलेक्टर

 

36.  धारा 170-बी(3) के अनुसार यदि आदिवासी जनजाति के सदस्य को उसके वैध अधिकार से वंचित पाया जाता है तो क्या किया जाएगा?

a. केवल जुर्माना लगाया जाएगा

b. लेन-देन को शून्य एवं अमान्य घोषित किया जाएगा

c. केवल मुआवजा दिया जाएगा

d. मामला न्यायालय को भेजा जाएगा

 

37.  धारा 170-बी(3) के अनुसार लेन-देन शून्य घोषित होने पर कृषि भूमि किसे वापस की जाएगी?

a. राज्य सरकार को

b. ग्राम सभा को

c. हस्तांतरणकर्ता को या उसके विधिक वारिसों को

d. कलेक्टर को

 

38.  धारा 170-बी(3)(ए) के अनुसार यदि भूमि पर भवन या संरचना निर्मित नहीं है तो क्या आदेश दिया जाएगा?

a. भूमि राज्य सरकार में निहित होगी

b. कृषि भूमि हस्तांतरणकर्ता या उसके विधिक वारिसों को वापस सौंपने का

c. केवल आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा

d. भूमि का पुनः विक्रय किया जाएगा

 

39.  धारा 170-बी(3)(बी) के अनुसार यदि भूमि पर भवन या संरचना निर्मित है तो भूमि का मूल्य किस अधिनियम के सिद्धांतों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा?

a. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

b. भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908

c. भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894

d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

 

40.  धारा 170-बी(3)(बी) के अनुसार उप-विभागीय अधिकारी किसे मूल्य का अंतर भुगतान करने का आदेश देगा?

a. मूल भूमिस्वामी को

b. धारा 170-बी(1) में निर्दिष्ट व्यक्ति को

c. ग्राम सभा को

d. राज्य सरकार को

 

41.  धारा 170-बी(3)(बी) के अनुसार मूल्य का कौन-सा अंतर भुगतान किया जाएगा?

a. वर्तमान बाजार मूल्य और पंजीयन मूल्य का अंतर

b. निर्धारित मूल्य और हस्तांतरणकर्ता को वास्तव में भुगतान किए गए मूल्य के बीच का अंतर

c. स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अंतर

d. भू-राजस्व और जुर्माने का अंतर

 

42.  धारा 170-बी(3) के प्रथम परंतुक के अनुसार यदि भवन या संरचना का निर्माण 1 जनवरी 1984 के बाद किया गया हो तो कौन-सा प्रावधान लागू नहीं होगा?

a. धारा 170-बी(2-ए)

b. धारा 170-बी(3)(ए)

c. धारा 170-बी(3)(बी)

d. धारा 170-बी(1)

 

43.  धारा 170-बी(3) के द्वितीय परंतुक के अनुसार मूल्य निर्धारण किस तिथि के मूल्य के आधार पर किया जाएगा?

a. हस्तांतरण की तिथि

b. भवन निर्माण की तिथि

c. उप-विभागीय अधिकारी के समक्ष मामले के पंजीकरण की तिथि

d. निर्णय की तिथि

 

44.  धारा 170-सी का विषय क्या है?

a. दूसरी अपील वर्जित

b. वकील को धारा 170-ए या 170-बी के तहत कार्यवाही में अनुमति के बिना उपस्थित नहीं होना चाहिए

c. कुछ हस्तांतरण रद्द किए जाएंगे

d. भूमि का आदान-प्रदान

 

45.  धारा 170-सी के प्रावधान किन क्षेत्रों पर लागू होते हैं?

a. पूरे मध्य प्रदेश पर

b. केवल शहरी क्षेत्रों पर

c. केवल मध्य प्रदेश राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों पर

d. केवल ग्रामीण क्षेत्रों पर

 

46.  धारा 170-सी के अनुसार यह धारा किन कार्यवाहियों पर लागू होती है?

a. केवल धारा 170 के अधीन कार्यवाहियों पर

b. धारा 170-ए एवं धारा 170-बी के अधीन कार्यवाहियों पर

c. केवल धारा 165 के अधीन कार्यवाहियों पर

d. सभी राजस्व कार्यवाहियों पर

 

47.  धारा 170-सी के अनुसार अधिवक्ता किसकी अनुमति के बिना राजस्व अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हो सकता?

a. कलेक्टर की अनुमति के बिना

b. राज्य सरकार की अनुमति के बिना

c. संबंधित राजस्व अधिकारी की अनुमति के बिना

d. ग्राम सभा की अनुमति के बिना

 

48.  धारा 170-सी के अनुसार यह प्रावधान किस अधिनियम के बावजूद लागू होगा?

a. भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908

b. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

c. अधिवक्ता अधिनियम, 1961

d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

 

49.  धारा 170-सी के परंतुक के अनुसार यदि गैर-आदिवासी पक्ष को अधिवक्ता रखने की अनुमति दी जाती है, तो आदिवासी पक्ष को क्या सुविधा दी जाएगी?

a. निःशुल्क भूमि

b. निःशुल्क न्यायालय शुल्क

c. कानूनी सहायता एजेंसी के खर्चे पर समान कानूनी सहायता

d. केवल अतिरिक्त समय

 

50.  धारा 170-सी के परंतुक के अनुसार समान कानूनी सहायता किसे प्रदान की जाएगी?

a. किसी भी पक्ष को

b. केवल हस्तांतरिती को

c. धारा 165(6) के अंतर्गत घोषित आदिवासी जनजाति से संबंधित दूसरे पक्ष को

d. केवल राज्य सरकार को

 

51.  धारा 170-डी का विषय क्या है?

a. दूसरी अपील वर्जित

b. पुनरीक्षण का अधिकार

c. विशेष अपील

d. भूमि की वापसी

 

52.  धारा 170-डी के प्रावधान किन क्षेत्रों पर लागू होते हैं?

a. पूरे मध्य प्रदेश पर

b. केवल मध्य प्रदेश राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों पर

c. केवल शहरी क्षेत्रों पर

d. केवल गैर-अनुसूचित क्षेत्रों पर

 

53.  धारा 170-डी के अनुसार यह प्रावधान किन धाराओं के अधीन पारित आदेशों पर लागू होता है?

a. धारा 165 एवं 166

b. धारा 167 एवं 168

c. धारा 170-ए एवं धारा 170-बी

d. धारा 170 एवं 171

 

54.  धारा 170-डी के अनुसार किस तिथि को या उसके बाद पारित आदेशों के विरुद्ध दूसरी अपील नहीं होगी?

a. 1 जुलाई, 1976

b. 31 दिसम्बर, 1978

c. 24 अक्टूबर, 1983

d. 1 जनवरी, 1984

 

55.  धारा 170-डी के अनुसार यह प्रतिबंध किसके बावजूद लागू होगा?

a. अधिवक्ता अधिनियम, 1961

b. भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894

c. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 में किसी बात के होते हुए भी

d. परिसीमा अधिनियम, 1963

 

56.  धारा 171 को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?

a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964

b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 20, 1959

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018

d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1976

 

57.  धारा 172 को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?

a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964

b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 20, 1959

d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1976

 

58.  धारा 173 का विषय क्या है?

a. भूमि का हस्तांतरण

b. त्याग

c. पट्टा

d. भूमिस्वामी

 

59.  धारा 173 के अनुसार भूमिस्वामी किसका त्याग कर सकता है?

a. केवल भूमि का

b. केवल भू-राजस्व का

c. अपने भूमिस्वामी अधिकारों का

d. केवल पट्टे का

 

60.  धारा 173 के अनुसार भूमिस्वामी अपने अधिकार किसके पक्ष में त्याग सकता है?

a. ग्राम पंचायत के पक्ष में

b. किसी भी व्यक्ति के पक्ष में

c. राज्य सरकार के पक्ष में

d. कलेक्टर के पक्ष में

 

61.  धारा 173 के अनुसार त्याग किनके अधीन होगा?

a. केवल राज्य सरकार के आदेश के अधीन

b. केवल न्यायालय के आदेश के अधीन

c. राज्य सरकार या भूमिस्वामी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में वैध रूप से विद्यमान अधिकार, कार्यकाल, भार या इक्विटी के अधीन

d. केवल कलेक्टर की अनुमति के अधीन

 

62.  धारा 173 के अनुसार त्याग करने के लिए किसे लिखित सूचना दी जाएगी?

a. कलेक्टर को

b. उप-विभागीय अधिकारी को

c. तहसीलदार को

d. ग्राम पंचायत को

 

63.  धारा 173 के अनुसार लिखित सूचना कितने दिन पहले दी जाएगी?

a. 15 दिन पहले

b. 30 दिन पहले

c. कृषि वर्ष के प्रारंभ होने की तिथि से कम से कम 30 दिन पहले

d. 60 दिन पहले

 

64.  धारा 173 के अनुसार त्याग के बाद भूमिस्वामी कब से भूमिस्वामी नहीं रहेगा?

a. त्याग की तिथि से

b. आदेश की तिथि से

c. आदेश की तिथि के बाद आने वाले कृषि वर्ष से

d. अगले कैलेंडर वर्ष से

 

65.  धारा 173 के अनुसार यदि भूमिस्वामी केवल जोत के एक भाग का त्याग करता है, तो क्या किया जाएगा?

a. पूरी जोत राज्य सरकार में निहित हो जाएगी

b. जोत का पुनः सीमांकन होगा

c. जोत के मूल्यांकन का विभाजन किया जाएगा

d. नया पट्टा जारी किया जाएगा

 

66.  धारा 173 के अनुसार जोत के मूल्यांकन का विभाजन किसके अनुसार किया जाएगा?

a. कलेक्टर के आदेश के अनुसार

b. तहसीलदार के विवेकानुसार

c. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार

d. ग्राम पंचायत के निर्णय के अनुसार

 

67.  धारा 173 के परंतुक के अनुसार किस जोत या जोत के भाग का त्याग वैध नहीं होगा?

a. जो सिंचित हो

b. जो असिंचित हो

c. जो किसी भार या प्रभार के अधीन हो

d. जो पाँच एकड़ से अधिक हो

 

68.  धारा 174 को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?

a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964

b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1974

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018

d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 32, 1997

 

69.  धारा 175 का विषय क्या है?

a. त्याग

b. त्यागी गई भूमि तक मार्ग का अधिकार

c. भूमि का हस्तांतरण

d. भूमिस्वामी के अधिकार

 

70.  धारा 175 के अनुसार यह प्रावधान कब लागू होता है?

a. जब भूमि का विक्रय किया जाए

b. जब कोई व्यक्ति भूमि पर अपने अधिकार का त्याग करता है

c. जब भूमि पट्टे पर दी जाए

d. जब भूमि अधिग्रहित की जाए

 

71.  धारा 175 के अनुसार त्यागी गई भूमि के भावी धारक को कौन-सा अधिकार प्राप्त होगा?

a. सिंचाई का अधिकार

b. मार्ग का अधिकार

c. स्वामित्व का अधिकार

d. भू-राजस्व से छूट

 

72.  धारा 175 के अनुसार मार्ग का अधिकार किस भूमि से होकर होगा?

a. सरकारी भूमि से होकर

b. ग्राम पंचायत की भूमि से होकर

c. त्याग करने वाले व्यक्ति द्वारा अपने पास रखी गई अन्य भूमि से होकर

d. किसी भी सार्वजनिक मार्ग से होकर

 

73.  धारा 175 के अनुसार मार्ग का अधिकार किसे प्राप्त होगा?

a. केवल राज्य सरकार को

b. केवल तहसीलदार को

c. त्यागी गई भूमि के किसी भी भावी धारक को

d. केवल मूल भूमिस्वामी को

 

74.  धारा 176 को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?

a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964

b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1974

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018

d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 32, 1997

 

75.  धारा 177 का विषय क्या है?

a. त्यागी गई भूमि तक मार्ग का अधिकार

b. संपत्तियों का निपटान

c. भूमिस्वामी के अधिकार

d. भूमि का हस्तांतरण

 

76.  धारा 177(1) के अनुसार यह प्रावधान किस भूमिस्वामी पर लागू होता है?

a. प्रत्येक भूमिस्वामी पर

b. जिसकी कृषि प्रयोजन हेतु धारा 59 के अंतर्गत मूल्यांकित भूमि हो या जो आवासीय प्रयोजन की भूमि धारण करता हो तथा बिना ज्ञात उत्तराधिकारियों के मर जाए

c. केवल पट्टेदार पर

d. केवल सरकारी भूमिस्वामी पर

 

77.  धारा 177(1) के अनुसार ऐसे भूमिस्वामी की भूमि पर कब्जा कौन लेगा?

a. कलेक्टर

b. उप-विभागीय अधिकारी

c. तहसीलदार

d. ग्राम पंचायत

 

78.  धारा 177(1) के अनुसार तहसीलदार भूमि को कितनी अवधि के लिए पट्टे पर दे सकता है?

a. छह माह

b. एक वर्ष

c. तीन वर्ष

d. पाँच वर्ष

 

79.  धारा 177(2) के अनुसार दावेदार कितने समय के भीतर भूमि वापस लेने के लिए आवेदन कर सकता है?

a. एक वर्ष के भीतर

b. दो वर्ष के भीतर

c. तीन वर्ष के भीतर

d. पाँच वर्ष के भीतर

 

80.  धारा 177(2) के अनुसार आवेदन किसके समक्ष किया जाएगा?

a. कलेक्टर के समक्ष

b. उप-विभागीय अधिकारी के समक्ष

c. तहसीलदार के समक्ष

d. आयुक्त के समक्ष

 

81.  धारा 177(2) के अनुसार उचित जांच के बाद तहसीलदार क्या कर सकता है?

a. केवल दावा अस्वीकार कर सकता है

b. केवल भूमि नीलाम कर सकता है

c. दावेदार को भूमि का कब्जा दे सकता है या उसका दावा अस्वीकार कर सकता है

d. केवल जुर्माना लगा सकता है

 

82.  धारा 177(3) के अनुसार उपधारा (2) के तहत तहसीलदार के आदेश के विरुद्ध क्या अपील या पुनरीक्षण होगा?

a. केवल अपील होगी

b. केवल पुनरीक्षण होगा

c. नहीं

d. दोनों होंगे

 

83.  धारा 177(3) के अनुसार दावा अस्वीकार होने पर व्यक्ति क्या कर सकता है?

a. पुनरीक्षण दायर कर सकता है

b. अपील कर सकता है

c. अपना स्वामित्व स्थापित करने के लिए दीवानी वाद दायर कर सकता है

d. राज्य सरकार को आवेदन दे सकता है

 

84.  धारा 177(3) के अनुसार दीवानी वाद कितने समय के भीतर दायर किया जा सकता है?

a. छह माह के भीतर

b. एक वर्ष के भीतर

c. दो वर्ष के भीतर

d. तीन वर्ष के भीतर

 

85.  धारा 177(3) के अनुसार वाद लंबित रहने के दौरान तहसीलदार क्या करेगा?

a. भूमि राज्य सरकार को सौंप देगा

b. भूमि को धारा 177(1) के अनुसार पट्टे पर देना जारी रखेगा

c. भूमि बेच देगा

d. भूमि खाली रखेगा

 

86.  धारा 177(4) के अनुसार यदि तीन वर्ष के भीतर कोई दावेदार उपस्थित नहीं होता तो तहसीलदार क्या कर सकता है?

a. भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित कर देगा

b. मृतक भूमिस्वामी की जोत में अधिकार को नीलामी द्वारा बेच सकता है

c. भूमि ग्राम पंचायत को दे देगा

d. भूमि स्थायी रूप से पट्टे पर दे देगा

 

87.  धारा 177(4) के अनुसार यदि दावा अस्वीकार होने के बाद एक वर्ष के भीतर दीवानी वाद दायर नहीं किया जाता तो तहसीलदार क्या कर सकता है?

a. भूमि राज्य सरकार में निहित कर देगा

b. भूमि पर पुनः कब्जा लेगा

c. मृतक भूमिस्वामी की जोत में अधिकार को नीलामी द्वारा बेच सकता है

d. नया पट्टा जारी करेगा

 

88.  धारा 177(5) के अनुसार बाद में स्वामित्व सिद्ध करने वाला दावेदार किसका हकदार होगा?

a. केवल विक्रय आय का

b. केवल किराए का

c. धारा 177(1) के तहत प्राप्त किराए तथा धारा 177(4) के तहत प्राप्त विक्रय आय का

d. केवल मुआवजे का

 

89.  धारा 177(5) के अनुसार विक्रय आय से कौन-कौन सी राशियाँ घटाई जाएँगी?

a. केवल भूमि राजस्व

b. केवल प्रबंधन व्यय

c. भूमि राजस्व तथा प्रबंधन एवं विक्रय के व्यय के कारण जोत पर देय सभी राशियाँ

d. केवल विक्रय व्यय

 

90.  धारा 178 का विषय क्या है?

a. भूमिस्वामी के अधिकार

b. जोत का विभाजन

c. भूमि का हस्तांतरण

d. त्याग

 

91.  धारा 178(1) के अनुसार विभाजन हेतु आवेदन कौन कर सकता है?

a. केवल कलेक्टर

b. जोत का कोई भी भूमिस्वामी

c. केवल सह-किरायेदार

d. केवल तहसीलदार

 

92.  धारा 178(1) के अनुसार आवेदन किसके समक्ष किया जाएगा?

a. कलेक्टर के समक्ष

b. उप-विभागीय अधिकारी के समक्ष

c. तहसीलदार के समक्ष

d. आयुक्त के समक्ष

 

93.  धारा 178(1) के अनुसार यह प्रावधान किस जोत पर लागू होता है?

a. केवल गैर-कृषि भूमि पर

b. ऐसी जोत जिस पर धारा 59 के अंतर्गत कृषि प्रयोजन हेतु मूल्यांकन किया गया हो और जिसमें एक से अधिक भूमिस्वामी हों

c. केवल सरकारी भूमि पर

d. केवल वन भूमि पर

 

94.  धारा 178(1) के परंतुक के अनुसार यदि स्वामित्व का प्रश्न उठता है तो तहसीलदार क्या करेगा?

a. आवेदन निरस्त कर देगा

b. कार्यवाही तीन महीने के लिए स्थगित करेगा

c. तुरंत विभाजन कर देगा

d. मामला कलेक्टर को भेज देगा

 

95.  धारा 178(1) के परंतुक के अनुसार कार्यवाही क्यों स्थगित की जाएगी?

a. राजस्व अभिलेख सुधारने के लिए

b. स्वामित्व के निर्धारण हेतु दीवानी वाद दायर करने की सुविधा देने के लिए

c. सीमांकन कराने के लिए

d. कलेक्टर की अनुमति प्राप्त करने के लिए

 

96.  धारा 178(1-ए) के अनुसार यदि तीन महीने के भीतर दीवानी वाद दायर कर स्थगन आदेश प्राप्त हो जाए तो तहसीलदार क्या करेगा?

a. आवेदन निरस्त कर देगा

b. दीवानी न्यायालय के निर्णय तक कार्यवाही स्थगित रखेगा

c. तुरंत विभाजन कर देगा

d. मामला राज्य सरकार को भेज देगा

 

97.  धारा 178(1-ए) के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में दीवानी वाद दायर न किया जाए तो तहसीलदार क्या करेगा?

a. आवेदन खारिज कर देगा

b. स्थगन आदेश रद्द कर देगा

c. पुनः नोटिस जारी करेगा

d. मामला कलेक्टर को भेज देगा

 

98.  धारा 178(1-ए) के अनुसार स्थगन आदेश रद्द करने के बाद जोत का विभाजन किसके अनुसार किया जाएगा?

a. ग्राम पंचायत के अभिमत के अनुसार

b. अधिकार अभिलेख में दर्ज प्रविष्टियों के अनुसार

c. न्यायालय के आदेश के अनुसार

d. कलेक्टर के विवेकानुसार

 

99.  धारा 178(2) के अनुसार जोत का विभाजन कौन करेगा?

a. कलेक्टर

b. उप-विभागीय अधिकारी

c. तहसीलदार

d. आयुक्त

 

100.  धारा 178(2) के अनुसार विभाजन से पहले किन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाएगा?

a. ग्राम पंचायत को

b. सह-किरायेदारों को

c. राजस्व निरीक्षक को

d. कलेक्टर को

 

101.  धारा 178(2) के अनुसार जोत का मूल्यांकन कौन निर्धारित करेगा?

a. कलेक्टर

b. उप-विभागीय अधिकारी

c. तहसीलदार

d. पटवारी

 

102.  धारा 178(2) के अनुसार मूल्यांकन किसके अनुसार निर्धारित किया जाएगा?

a. कलेक्टर के विवेकानुसार

b. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार

c. ग्राम पंचायत के निर्णय के अनुसार

d. न्यायालय के आदेश के अनुसार

 

103.  धारा 178(3)(4)(5) को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?

a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1974

b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964

d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 8, 1979

 

104.  धारा 178 के स्पष्टीकरण-1 के अनुसार सह-किरायेदार किसे माना जाएगा?

a. प्रत्येक सह-स्वामी को

b. वह सह-भागीदार जिसने सक्षम दीवानी न्यायालय से जोत में अपने स्वामित्व की घोषणा प्राप्त कर ली हो

c. केवल परिवार के सदस्य को

d. केवल उत्तराधिकारी को

 

105.  धारा 178 के स्पष्टीकरण-II का क्या हुआ है?

a. संशोधित किया गया

b. प्रतिस्थापित किया गया

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964 द्वारा हटा दिया गया

d. पुनः अधिनियमित किया गया

 

106.  धारा 178-ए का विषय क्या है?

a. जोत का विभाजन

b. भूमिस्वामी के जीवनकाल में भूमि का विभाजन

c. भूमि का त्याग

d. भूमि का आदान-प्रदान

 

107.  धारा 178-ए(1) के अनुसार कौन अपनी जोत का विभाजन करा सकता है?

a. केवल उत्तराधिकारी

b. भूमिस्वामी

c. केवल सह-किरायेदार

d. केवल कलेक्टर

 

108.  धारा 178-ए(1) के अनुसार भूमिस्वामी अपनी जोत का विभाजन कब करा सकता है?

a. मृत्यु के बाद

b. अपने जीवनकाल में

c. केवल वसीयत द्वारा

d. केवल न्यायालय के आदेश पर

 

109.  धारा 178-ए(1) के अनुसार यह प्रावधान किस जोत पर लागू होता है?

a. केवल गैर-कृषि भूमि पर

b. धारा 59 के अंतर्गत कृषि प्रयोजन हेतु मूल्यांकित जोत पर

c. केवल वन भूमि पर

d. केवल सरकारी भूमि पर

 

110.  धारा 178-ए(1) के अनुसार भूमिस्वामी अपनी जोत का विभाजन किनके बीच करा सकता है?

a. किसी भी व्यक्ति के बीच

b. अपने कानूनी वारिसों के बीच

c. केवल सह-किरायेदारों के बीच

d. केवल राज्य सरकार के पक्ष में

 

111.  धारा 178-ए(1) के अनुसार क्या जोत के किसी भाग का भी विभाजन कराया जा सकता है?

a. नहीं

b. केवल कलेक्टर की अनुमति से

c. हाँ

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

112.  धारा 178-ए(1) के अनुसार विभाजन हेतु आवेदन किसके समक्ष किया जाएगा?

a. कलेक्टर के समक्ष

b. उप-विभागीय अधिकारी के समक्ष

c. तहसीलदार के समक्ष

d. आयुक्त के समक्ष

 

113.  धारा 178-ए(2) के अनुसार विभाजन से पहले किन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाएगा?

a. ग्राम पंचायत को

b. कानूनी वारिसों को

c. पटवारी को

d. राजस्व निरीक्षक को

 

114.  धारा 178-ए(2) के अनुसार जोत या उसके किसी भाग का विभाजन कौन कर सकता है?

a. कलेक्टर

b. उप-विभागीय अधिकारी

c. तहसीलदार

d. आयुक्त

 

115.  धारा 178-ए(2) के अनुसार मूल्यांकन कौन निर्धारित करेगा?

a. कलेक्टर

b. तहसीलदार

c. उप-विभागीय अधिकारी

d. पटवारी

 

116.  धारा 178-ए(2) के अनुसार मूल्यांकन किसके अनुसार निर्धारित किया जाएगा?

a. कलेक्टर के विवेकानुसार

b. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार

c. ग्राम पंचायत के निर्णय के अनुसार

d. न्यायालय के आदेश के अनुसार

 

117.  धारा 179 का विषय क्या है?

a. वृक्षों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध

b. होल्डिंग में पेड़ों के अधिकार

c. वन भूमि का प्रबंधन

d. वृक्षों की कटाई

 

118.  धारा 179(1) के अनुसार यह प्रावधान किन धाराओं के अधीन है?

a. धारा 165 एवं धारा 168

b. धारा 240 एवं धारा 241

c. धारा 173 एवं धारा 175

d. धारा 250 एवं धारा 257

 

119.  धारा 179(1) के अनुसार भूमिस्वामी की जोत में खड़े सभी वृक्ष किसके होंगे?

a. राज्य सरकार के

b. ग्राम पंचायत के

c. भूमिस्वामी के

d. तहसीलदार के

 

120.  धारा 179(2) के अनुसार क्या उपधारा (1) मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 के लागू होने की तिथि पर विद्यमान किसी व्यक्ति के वृक्ष संबंधी अधिकारों को प्रभावित करेगी?

a. हाँ

b. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

c. नहीं

d. केवल न्यायालय के आदेश से

 

121.  धारा 179(2) के अनुसार भूमिस्वामी किसके लिए तहसीलदार को आवेदन कर सकता है?

a. वृक्ष काटने की अनुमति के लिए

b. वृक्षों पर विद्यमान अधिकार का मूल्य निर्धारित करने के लिए

c. वृक्षों के विक्रय की अनुमति के लिए

d. वृक्षों के पंजीयन के लिए

 

122.  धारा 179(2) के अनुसार अधिकार का मूल्य कौन निर्धारित करेगा?

a. कलेक्टर

b. उप-विभागीय अधिकारी

c. तहसीलदार

d. वन अधिकारी

 

123.  धारा 179(2) के अनुसार भूमिस्वामी वृक्षों का अधिकार किस प्रकार प्राप्त कर सकता है?

a. केवल न्यायालय के आदेश से

b. राज्य सरकार की अनुमति से

c. निर्धारित तरीके से उसका मूल्य देकर अधिकार खरीदकर

d. केवल उत्तराधिकार से

 

124.  धारा 180 का विषय क्या है?

a. होल्डिंग में पेड़ों के अधिकार

b. वृक्षों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध

c. वृक्षों का अधिग्रहण

d. वृक्षों की नीलामी

 

125.  धारा 180(1) के अनुसार भूमिस्वामी अपनी जोत में खड़े वृक्षों का हस्तांतरण कब तक वैध नहीं होगा?

a. जब तक तहसीलदार अनुमति न दे

b. जब तक स्वयं भूमि का हस्तांतरण न हो जाए

c. जब तक कलेक्टर अनुमति न दे

d. जब तक वृक्षों का मूल्यांकन न हो जाए

 

126.  धारा 180(1) के अनुसार किसका हस्तांतरण इस प्रतिबंध से अपवाद है?

a. भूमि का हस्तांतरण

b. वृक्षों का विक्रय

c. वृक्षों के उत्पादन का हस्तांतरण

d. वन भूमि का हस्तांतरण

 

127.  धारा 180(2) के अनुसार भूमिस्वामी की भूमि में खड़े वृक्ष कब कुर्क या बेचे नहीं जाएंगे?

a. जब तक तहसीलदार अनुमति न दे

b. जब तक स्वयं भूमि को कुर्क या बेचा न जाए

c. जब तक कलेक्टर आदेश न दे

d. जब तक न्यायालय अनुमति न दे

 

128.  धारा 180(2) के अनुसार वृक्षों को किसके निर्णय या आदेश के निष्पादन में कुर्क या बेचा नहीं जाएगा?

a. कलेक्टर के आदेश के निष्पादन में

b. तहसीलदार के आदेश के निष्पादन में

c. दीवानी न्यायालय के निर्णय या आदेश के निष्पादन में

d. ग्राम पंचायत के निर्णय के निष्पादन में

 

129.  धारा 180(2) के अनुसार वृक्षों को किस राजस्व अधिकारी के आदेश के तहत कुर्क या बेचा नहीं जाएगा?

a. केवल कलेक्टर

b. केवल तहसीलदार

c. किसी राजस्व अधिकारी के आदेश के तहत

d. केवल आयुक्त

 

130.  धारा 180(2) के अनुसार वृक्षों को किसके अनुसरण में दिए गए आदेश के तहत कुर्क या बेचा नहीं जाएगा?

a. केवल सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत

b. केवल भारतीय वन अधिनियम के तहत

c. उस समय लागू किसी कानून के प्रावधानों के अनुसरण में दिए गए आदेश के तहत

d. केवल भारतीय दंड संहिता के तहत

 

131.  धारा 181 का विषय क्या है?

a. भूमिस्वामी

b. सरकारी पट्टेदार

c. पट्टे

d. भूमि का हस्तांतरण

 

132.  धारा 181(1) के अनुसार सरकारी पट्टेदार कौन कहलाएगा?

a. प्रत्येक भूमिस्वामी

b. जो राज्य सरकार से भूमि धारण करता है या जिसे राज्य सरकार या कलेक्टर द्वारा भूमि पर कब्जा करने का अधिकार प्रदान किया गया हो तथा जो भूमिस्वामी के रूप में भूमि धारण करने का हकदार न हो

c. प्रत्येक किरायेदार

d. प्रत्येक सह-स्वामी

 

133.  धारा 181(1) के अनुसार भूमि पर कब्जा करने का अधिकार कौन प्रदान कर सकता है?

a. केवल तहसीलदार

b. केवल कलेक्टर

c. राज्य सरकार या कलेक्टर

d. केवल उप-विभागीय अधिकारी

 

134.  धारा 181(2) के अनुसार मध्य भारत क्षेत्र में कौन सरकारी पट्टेदार माना जाएगा?

a. पक्का किरायेदार

b. मध्य भारत भूमि राजस्व एवं किरायेदारी अधिनियम, संवत 2007 के अंतर्गत साधारण किरायेदार

c. मुअफीदार

d. भूमिस्वामी

 

135.  धारा 181(2) के अनुसार विंध्य प्रदेश क्षेत्र में कौन सरकारी पट्टेदार माना जाएगा?

a. प्रत्येक भूमिस्वामी

b. विंध्य प्रदेश भूमि राजस्व एवं किरायेदारी अधिनियम, 1953 के अंतर्गत विशेष किरायेदार या गैर-हकदार किरायेदार के रूप में उपवन, तालाब या अधिग्रहित अथवा सरकार/सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यक भूमि धारण करने वाला व्यक्ति

c. केवल साधारण किरायेदार

d. केवल पट्टेदार

 

136.  धारा 181(2) के अनुसार सिरोंज क्षेत्र में कौन सरकारी पट्टेदार माना जाएगा?

a. पक्का किरायेदार

b. राजस्थान किरायेदारी अधिनियम, 1955 के अंतर्गत गैर-खातेदार किरायेदार के रूप में राज्य सरकार से भूमि धारण करने वाला व्यक्ति

c. भूमिस्वामी

d. मुअफीदार

 

137.  धारा 181(3) को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?

a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018

b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1974

c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964

d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 8, 1979

 

138.  धारा 181-ए का विषय क्या है?

a. सरकारी पट्टेदार

b. स्वतंत्र स्वामित्व का अधिकार रखने वाला व्यक्ति भूमिस्वामी होगा

c. भूमि का त्याग

d. भूमि का विभाजन

 

139.  धारा 181-ए के अनुसार यह प्रावधान किस संशोधन अधिनियम के लागू होने से संबंधित है?

a. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1992

b. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2018

c. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1974

d. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1964

 

140.  धारा 181-ए के अनुसार संशोधन अधिनियम, 2018 के लागू होने से ठीक पहले स्वतंत्र स्वामित्व रखने वाला व्यक्ति क्या होगा?

a. सरकारी पट्टेदार

b. उस भूमि का भूमिस्वामी

c. पट्टेदार

d. किरायेदार

 

141.  धारा 181-ए के अनुसार कौन-सा व्यक्ति भूमिस्वामी माना जाएगा?

a. प्रत्येक सरकारी पट्टेदार

b. जो मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2018 के लागू होने से ठीक पहले भूमि का स्वतंत्र स्वामित्व रखता हो

c. प्रत्येक किरायेदार

d. प्रत्येक सह-स्वामी

 

142.  धारा 182 का विषय क्या है?

a. सरकारी पट्टेदार

b. सरकारी पट्टेदार के अधिकार और दायित्व

c. सेवा भूमि

d. भूमिस्वामी के अधिकार

 

143.  धारा 182(1) के अनुसार सरकार द्वारा पट्टे पर दी गई भूमि किसके अनुसार धारण की जाएगी?

a. राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार

b. अनुदान की शर्तों एवं नियमों के अनुसार

c. कलेक्टर के विवेकानुसार

d. न्यायालय के आदेश के अनुसार

 

144.  धारा 182(1) के अनुसार सरकारी अनुदान किस अधिनियम के अर्थ में अनुदान माना जाएगा?

a. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

b. सरकार अनुदान अधिनियम, 1895

c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

d. भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908

 

145.  धारा 182(2) के अनुसार सरकारी पट्टेदार को उसकी भूमि से कौन बेदखल कर सकता है?

a. तहसीलदार

b. कलेक्टर

c. उप-विभागीय अधिकारी

d. आयुक्त

 

146.  धारा 182(2)(i) के अनुसार सरकारी पट्टेदार को किस आधार पर बेदखल किया जा सकता है?

a. भूमि का हस्तांतरण करने पर

b. देय तिथि से तीन माह तक किराया न चुकाने पर

c. भूमि का विभाजन करने पर

d. खेती न करने पर

 

147.  धारा 182(2)(ii) के अनुसार सरकारी पट्टेदार को किस आधार पर बेदखल किया जा सकता है?

a. भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अतिरिक्त अन्य उद्देश्य के लिए करने पर

b. भू-राजस्व समय पर जमा करने पर

c. फसल परिवर्तन करने पर

d. सिंचाई करने पर

 

148.  धारा 182(2)(iii) के अनुसार सरकारी पट्टेदार को किस आधार पर बेदखल किया जा सकता है?

a. भूमि बेचने पर

b. पट्टे की अवधि समाप्त होने पर

c. बंधक रखने पर

d. वृक्ष काटने पर

 

149.  धारा 182(2)(iv) के अनुसार सरकारी पट्टेदार को किस आधार पर बेदखल किया जा सकता है?

a. अनुदान की किसी शर्त का उल्लंघन करने पर

b. खेती बंद करने पर

c. सिंचाई न करने पर

d. भूमि विभाजित करने पर

 

150.  धारा 182(2) के परंतुक के अनुसार बेदखली का आदेश पारित करने से पहले सरकारी पट्टेदार को क्या अवसर दिया जाएगा?

a. अपील करने का अवसर

b. अपना बचाव प्रस्तुत करने का अवसर

c. पुनरीक्षण का अवसर

d. समझौता करने का अवसर

 

 

 

  

    

Download wild life protection act 1972 MCQs Set-8 PDF