Download The Indian Contract Act-I MCQs PDF Set-2
1. ख क की पत्नी है। ख के जीवनकाल में तथा उसकी सहमति से क ग के साथ विवाह करने का एक करार करता है। यह करार-
a. शून्य है
b. शून्यकरणीय है।
c. वैध है
d. इनमें से कोई नहीं
2. "क" लोक सेवाओं में "ख" के लिए एक रोजगार प्राप्त कराने का वचन देता है और "ख" "क" को 1,000 रुपए देने का वचन देता है। यह करार-
a. शून्य है
b. वैध है
c. पक्षकारों के विकल्प पर प्रवर्तित किया जा सकता है।
d. इनमें से कोई नहीं
3. निम्नलिखित में से कौन सी संविदा प्रारंभ से ही शून्य है?
a. एक गाय को देखने की संविदा करते समय क ख को
बताता है कि गाय प्रतिदिन 5 लीटर दूध देती है जबकि यह प्रतिदिन मात्र 4 लीटर दूध ही देती है।
b. एक कार बेचते समय क ख से बताता है कि कार का औसत प्रतिलीटर पेट्रोल 20 किमी. का है जबकि वास्तव में यह प्रतिलीटर पेट्रोल पर 18 किमी है।
c. एक संविदा के समय क ख को बताता है कि उसके घर का क्षेत्रफल 1400 वर्गफिट है किन्तु माप करने पर. यह 1398 वर्गफिट ही आता है।
d. 'क' अपनी पुत्री को उपपत्नी के रूप में रखे जाने के लिये 'ख' को भाड़े पर देने के लिये करार करता हैं
4. किसी संविदा के एक पक्षकार द्वारा एक कपट की खोज की गई और एक आपराधिक मामला दर्ज करा दिया गया। बाद में पक्षकार इस शर्त पर बाद वापस लेने को सहमत हो गए कि क्षतिग्रस्त पक्षकार को क्षतिपूर्ति कर दी जाए। ऐसी संविदा-
a. शून्य है क्योंकि लोक नीति के विरूद्ध है।
b. अवैध है
c. शून्यकरणीय है
d. वैध है
5. विधि द्वारा निषिद्ध संविदाएं होती हैं-
a. वैध
b. शून्य
c. अवैध
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
6. अजय एक इमारत का पट्टा विजय को 5,000 रुपए मासिक किराए पर यह जानते हुए प्रदान करता है कि इमारत का उपयोग वेश्यावृत्ति के लिए किया जाएगा।
a. शून्यकरणीय है
b. वैध है
c. शून्य है
d. इनमें से कोई नहीं
7. 'क' एक सिविल वाद में साक्ष्य देने हेतु 'ख' को 1000 रुपए देने की सहमति देता है। ऐसी संविदा-
a. वैध एवं विधि द्वारा प्रवर्तनीय है
b. क के विकल्प पर शून्यकरणीय है
c. अवैध है
d. शून्य है, लोक नीति के विरूद्ध होने के कारण
8. किसी लोक पद के लाभों को साझा करने सम्बन्धी एक करार-
a. वैध होता है
b. शून्य होता है
c. शून्यकरणीय होता है
d. इनमें से कोई नहीं
9. प्रत्येक करार जिसका उद्देश्य अथवा प्रतिफल विधिविरूद्ध हो, होता है-
a. अवैध
b. शून्यकरणीय
c. शून्य
d. अनुचित
10. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन सही है
a. अवैध करार सदैव शून्य होते हैं
b. शून्य करार सदैव अवैध होते हैं।
c. अवैध करार शून्यकरणीय होते हैं।
d. अवैध करार शून्य हो सकते हैं
11. A, जो B का मुख्तार है, अपने प्रभाव का B से C के पक्ष में प्रयोग करने का वादा करता है और C वादा करता है कि वो A को रु. 20,000 देगा। यह समझौता -
a. शून्य है क्योंकि अनैतिक है
b. शून्यकरणीय है क्योंकि यह अनैतिक है।
c. सार्वजनिक नीति के विरुद्ध है।
d. शून्य है क्योंकि 'कंसिडरेशन' गैर-कानूनी है
12. यदि प्रतिफल अथवा उद्देश्य का केवल एक भाग ही विधिविरूद् हो तो धारा 24 के अंतर्गत संविदा क्या होगी-
a. वैध
b. शून्यकरणीय
c. अवैध
d. शून्य
13. प्रतिफल के बिना किया गया एक करार-
a. शून्यकरणीय होता है
b. अवैध होता है।
c. शून्य होता है।
d. वैध होता है
14. क, जो एक विवाहित महिला है, ख के साथ जारकर्म में रहने को सहमत हो जाती है और एक घरेलू सेविका के रूप में उसकी सेवा करने को भी सहमत होती है। बदले में, ख उसे जारकर्म में रहने के लिए 500 रुपए प्रतिमाह तथा घरेलू सेविका के रूप में 500 रुपए प्रतिमाह देने को सहमत हो जाता है। यह करार-
a. वैध है
b. शून्य है
c. लोक नीति विरूद्ध होने के कारण विधिविरूद्ध है।
d. पहले उद्देश्य के लिए शून्य तथा दूसरे के लिए वैध है
15. निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
a. ऐसा प्रत्येक करार शून्य है जो अप्राप्तवय से भिन्न किसी व्यक्ति के विवाह के अवरोधार्थ है।
b. ऐसा प्रत्येक करार, जिससे कोई व्यक्ति किसी प्रकार की विधिपूर्ण वृत्ति, व्यापार या कारोबार करने से अवरुद्ध किया जाता है, उस विस्तार तक शून्य है।
c. बिना प्रतिफल के किया गया करार हर परिस्थिति में शून्य होता है।
d. वे करार, जिनका अर्थ निश्चित नहीं है अथवा निश्चित किया जाना शक्य नहीं है, शून्य हैं।
16. एक समझौता शून्य है-
a. यदि पार्टियों द्वारा 'कंसिडरेशन' नहीं दिया गया हो
b. यदि 'कंसिडरेशन' भविष्य में दिया
c. यदि 'कंसिडरेशन' अतीत में भुगतान कर दिया गया है
d. यदि उसका 'कंसिडरेशन' आंशिक रूप से गैर कानूनी है
17. एक करार जो स्वतंत्र सहमति से किया गया हो तथा विधिपूर्ण हो किन्तु अपर्याप्त प्रतिफल के साथ हो-
a. विधिविरूद्ध होता है
b. शून्य होता है
c. विधिपूर्ण होता है
d. शून्यकरणीय होता है।
18. क' अपनी पुत्री को उपपत्नी के रूप में रखे जाने के लिये 'ख' को भाड़े पर देने के लिये करार करता है। यह करार-
a. वैध है।
b. नैतिक है
c. शून्य है क्योंकि अनैतिक है।
d. यदि पुत्री वयस्क हो तो करार वैध है
19. बिना प्रतिफल के का अर्थ होता है- वैध है
a. प्रतिफल के बिना
b. अवैध संविदा
c. शून्य संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा
20. क एक ऋण के पूर्ण अथवा आंशिक भुगतान का वचन देता है जिसके ऋणदाता ने भुगतान को प्रवर्तित किया हो सकता है, किन्तु वादों की परिसीमन विधि के लिए यह तभी एक संविदा होगी जब-
a. इसे केवल लिखित में किया गया हो।
b. इसे लिखित में किया गया हो तथा तत्सम्यक प्रवर्तित विधि के अंतर्गत पंजीकृत किया गया हो
c. यदि इसे लिखित में किया गया हो तथा उससे सम्बद्ध व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित किया गया हो
d. भले ही मौखिक रूप में क्यों न किया गया हो
21. क बिना किसी प्रतिफल के ख को 1000 रुपए देनेका वचन देता है। यह करार-
a. शून्यकरणीय है
b. शून्य है
c. अप्रवर्तनीय है
d. अलिखित होने के कारण अप्रवर्तनीय है।
22. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. एक वैध संविदा में किसी ऐसे व्यक्ति को क्षतिपूर्ति का मौखिक वचन दिया जा सकता है जिसने वचनदाता के लिए स्वेच्छया पहले ही कोई बात कर दी हो।
b. एक करार शून्य होता है जबतक यह पर्याप्त प्रतिफल द्वारा समर्थित न हो
c. भारतीय विधि के अंतर्गत प्रतिफल का लेनदेन वचनदाता की वांछा पर होना आवश्यक नहीं होता
d. भारतीय विधि अतीतकालीन प्रतिफल को मान्यता नहीं प्रदान करती
23. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत निम्नलिखित संविदाओं में से कौन सी एक वैध संविदा नहीं है?
a. क स्वाभाविक प्रेम एवं स्नेहवश एक लिखित पंजीकृत दस्तावेज द्वारा ख को 5000 रुपए देने का वचन देता है
b. क तीर्थयात्रा पर गया, ख ने उसके विद्युत बिल का भुगतान कर दिया । क ख को उसकी धनराशि वापस देने की सहमति देता है
c. ख क को एक मौखिक करार द्वारा कालातीत ऋण का भुगतान करने का वचन देता है
d. क ख के शिशु को संभालती है, ख उसे ऐसा करने 127 सम्बन्धी खर्चों का भुगतान करने का वचन देता है
24. क' नैसर्गिक प्रेम और स्नेह से अपने पुत्र 'ख' को 1,000 रुपए देने का वचन देता है। 'ख' के प्रति अपने वचन को 'क' लेखबद्ध करता है और उसे रजिस्ट्रीकृत करता है। यह-
a. एक शून्यकरणीय संविदा है
b. एक संविदा है
c. शून्य संविदा है
d. इनमें से कोई नहीं
25. क बिना किसी के कहे ख के गोदाम में लगी आग को बुझा देता है। इससे क को शारीरिक क्षति पहुँचती है। ख उसके इलाज के संपूर्ण व्यय के लिए क्षतिपूर्ति का वचन देता है। यह संविदा-
a. अप्रवर्तनीय है
b. शून्य है
c. प्रवर्तनीय है
d. शून्यकरणीय है
26. क परिसीमन विधि द्वारा कालातीत हो चुका एक ऋण भुगतान करने का वचन देता है। इसे भारतीय संविदा अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत प्रवर्तनीय बनाया गया है?
a. धारा 32
b. धारा 47
c. धारा 25
d. धारा 8
27. निम्नलिखित में से कौन एक संविदा है?
a. किसी विधिविरूद्ध उपाय द्वारा किया जाने वाला एक विधिपूर्ण कार्य करने का अनुबंध
b. किसी विधिपूर्ण व्यापार को बाधित करने वाला अनुबंध
c. किसी कालातीत ऋण के भुगतान हेतु विधिवत् लिखित एवं हस्ताक्षरित दायित्व
d. बिना किसी प्रतिफल के 10,000 रुपए देने का अनुबंध
28. अभिकथन (अ) बिना किसी प्रतिफल के करार शून्य होते हैं।
तर्क (त) प्रतिफल वचनग्रहीता अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दिया जा सकता है
a. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
b. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है
c. (अ) सही है किन्तु (त) गलत है
d. (अ) गलत है किन्तु (त) सही है
29. बिना प्रतिफल के करार पर कोई कार्यवाही नहीं होती, का अर्थ है-
a. किसी संविदा से अपरिचित व्यक्ति वाद नहीं प्रस्तुत कर सकता
b. एक अनुबंध जो नैसर्गिक प्रेम एवं स्नेह पर आधारित हो
c. प्रतिफल के बिना किया गया करार शून्य है।
d. उपरोक्त सभी
30. निम्नलिखित में से कौन सा करार शून्य नहीं है?
a. 'क' ख को 200 टन तेल बेचने की सहमति देता है।
b. विधिक कार्यवाहियों के अवरोधक करार
c. क को ख का बटुआ मिलता है और वह इसे लौटा देता हैं ख उसे 100 रुपए देने का वचन देता है।
d. किसी व्यक्ति के विवाह के अवरोधार्थ करार
31. प्रतिफल के बिना करार शून्य होता है जिसका अपवाद है-
a. यदि यह प्रेम एवं स्नेहवश की गई हो
b. यदि यह दो भाईयों के बीच की गई हो
c. यदि यह पिता एवं पुत्र के बीच की गई हो
d. यदि यह पति एवं पत्नी के बीच की गई हो
32. किसी कालातीत ऋण के भुगतान हेतु क का वचन-
a. प्रवर्तनीय है
b. अप्रवर्तनीय है।
c. ऋणदाता के विवेक पर प्रवर्तनीय है।
d. इनमें से कोई नहीं
33. प्रतिफल की अपर्याप्तता निम्नलिखित में से किस प्रश्न के निर्धारण हेतु सुसंगत होती है-
a. कपट
b. स्वतंत्र सम्मति
c. दुर्व्यपदेशन
d. असम्यक असर
34. क देखता है कि ख का बच्चा पानी में डूब रहा है। वह बच्चे को पानी में डूबने से बचा लेता है। ख उसे 25000 रुपए देने का वचन देता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित प्रस्ताव सही है?
a. ख का उत्तरदायित्व संविदाभास में उत्पन्न होता है
b. ख उत्तरदायी है क्योंकि करार बिना प्रतिफल के नहीं है।
c. खं उत्तरदायी नहीं है क्योंकि कोई संविदा मौजूद नहीं है
d. ख का उत्तरदायित्व वैधानिक है।
35. प्रतिफल की अपर्याप्तता पर न्यायालय द्वारा तब विचार किया जाएगा-
a. जब वचनदाता अपने वचन के लिए अधिकतम लाभप्राप्त करने की इच्छा व्यक्त करता हो
b. जब वचनदाता अपना वचन पूरा करता हो।
c. सदैव न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है
d. जब संविदा के गठन में कपट, प्रपीड़न, अथवा असम्यक असर की दलील दी गई हो
36. विवाह का अवरोधक करार होता है-
a. वैध
b. अवैध
c. शून्य
d. शून्यकरणीय
37. एक माँ अपनी पुत्री की 10,000 रुपए की ऋणी है। किन्तु परिसीमन विधि अनुसार यह ऋण कालातीत हो चुका है। माँ ऋण के बदले 3,000 भुगतान करने का लिखित वचनपत्र पर हस्ताक्षर करती है। इस मामले में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. यह माँ के विरूद्ध प्रवर्तनीय है क्योंकि ऐसा वचन भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत वैध तथा बाध्यकारी होता है।
b. यहाँ कोई संविदा मौजूद नहीं है क्योंकि ऋण परिसीमन विधि अनुसार पहले ही कालातीत हो चुका है और इसीलिए इसे किसी बाद के वचन द्वारा पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता।
c. यहाँ कोई संविदा मौजूद नहीं है क्योंकि माँ ने ऋण के केवल एक भाग का भुगतान करने का वचन दिया है।
d. यहाँ एक संविदा मौजूद है क्योंकि यह एक स्वाभाविक प्रेम तथा स्नेह का सम्बन्ध है और वचन लिखा एवं हस्ताक्षरित किया गया है।
38. अविवाहित रहने का एक करार-
a. वैध होता है
b. शून्यकरणीय होता है
c. अप्रवर्तनीय होता है
d. शून्य होता है।
39. क ख से विवाह करने की एक करार करता है। क्या यह संविदा विशिष्टतौर पर प्रवर्तित की जा सकती है?
a. हाँ
b. हाँ, न्यायालय की सहायता से
c. नहीं
d. इनमें से कोई नहीं
40. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 27 के अंतर्गत व्यापार अवरोधक करार-
a. शून्य होता है
b. वैध हो
c. शून्यकरणीय होता है।
d. प्रवर्तनीय होता है
41. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 27 के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस मामले में व्यापार करने से रोकने का एक करार वैध होता है-
a. गुडविल की बिक्री
b. साझा समायोजन
c. व्यवसायिक आकस्मिकता
d. इनमें से कोई नहीं
42. 'प' चीनी का थोक व्यापारी है जो 'क' को इस शर्त पर चीनी बेचता है कि 'क' चीनी को 'प' के गोदाम के एक किलोमीटर दायरे के बाहर नहीं बेचेगा। यह करार-
a. वैध है
b. बिना स्वतंत्र सम्मति के है
c. 'प' के विकल्प पर शून्यकरणीय है
d. व्यापार में अवरोधक अतः शून्य है
43. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की कौन सी धारा विधिक कार्यवाहियों के अवरोधक करार से सम्बन्धित है?
a. धारा 27
b. धारा 23
c. धारा 29
d. धारा 28
44. भारतीय संविदा (संशोधन) अधिनियम, 1997 द्वारा संशोधित किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 26 को
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 28 को
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 27 को
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 75 को
45. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 28 के अंतर्गत किसी अधिकार को लागू करवाने हेतु किसी विधिक उपचार को न अपनाने सम्बन्धी करार-
a. शून्य होता है
b. वैध होता है।
c. शून्यकरणीय होता है
d. अप्रवर्ततनीय होता है
46. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 28 किसी भी ऐसे करार को शून्य घोषित करती है जो-
a. विवाह में अवरोधक हो
b. व्यापार में अवरोधक हो
c. विधिक कार्यवाहियों में अवरोधक हो
d. उपरोक्त में कोई नहीं
47. ऐसा करार जो किसी विधिक व्यवसाय, पेशा या व्यापार करने पर रोक लगाता है, होता है-
a. उस पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय जिस पर रोक लगाई गई है।
b. उस सीमा तक शून्य ।
c. वैध एवं विधि द्वारा लागू ।
d. अवैध
48. पक्षकार अपनी सहमति / करार द्वारा-
a. ऐसे स्थान पर न्यायालयों में से किसी एक को अधिकारिता से बाहर कर सकते हैं जहाँ दो न्यायालयों के पास एकसाथ विधि के अधीन अधिकारिता उपलब्ध हो
b. जहाँ विधि के अधीन कोई अधिकारिता मौजूद न हो, न्यायालय को अधिकारिता प्रदान कर सकते हैं
c. जहाँ विधि के अधीन एक अधिकारिता मौजूद हो वहाँ न्यायालय को अधिकारिता से बाहर कर सकते हैं
d. उपरोक्त सभी
49. परिसीमन की दलील प्रस्तुत न किए जाने सम्बन्धी एक करार-
a. वैध एवं बाध्यकारी होता है
b. शून्यकरणीय होता है
c. शून्य होता है
d. अवैध होता है
50. विधिक उपचार को न अपनाने तथा विवाद को माध्यस्थ को संदर्भित करने सम्बन्धी करार भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 28 के अंतर्गत कैसा करार होता है-
a. शून्यकरणीय
b. शून्य
c. वैध
d. अप्रवर्तनीय
51. संविदा अधिनियम की कौन सी धारा ऐसे करार को शून्य घोषित करती है जिनके अर्थ सुनिश्चित अथवा सुनिश्चित किए जाने योग्य न हों-
a. 26
b. 27
c. 28
d. 29
52. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. न्यूनतम मूल्य की सूचना एक प्रस्ताव होती है।
b. लोक नीति के विरूद्ध कोई करार शून्यकरणीय होता है
c. एक अनिश्चित अर्थ वाला करार शून्य होता है
d. पण संविदाएं अवैध होती हैं
53. ऐसा करार जिसका अर्थ सुनिश्चित न हो अथवा सुनिश्चित किए जाने योग्य न हो, होता है-
a. शून्यकरणीय
b. अवैध
c. प्रवर्तनीय
d. शून्य
54. 'ख' को 'क' 'एक सौ टन तेल' बेचने का करार करता, है। उसमें यह दर्शित करने के लिये कुछ नहीं है कि किस तरह का तेल आशयित था। ऐसा करार-
a. शून्य है
b. शून्यकरणीय है
c. प्रवर्तनीय है
d. अप्रवर्तनीय है
55. क' जो केवल नारियल के तेल का व्यवसायी है, 'ख' को 50 टन तेल बेचने का करार करता है। ऐसा करार-
a. विधि द्वारा प्रवर्तनीय है
b. अनिश्चिततावश शून्य है
c. अनिश्चिततावश शून्यकरणीय है
d. इनमें से कोई नहीं
56. भारतीय विधि के अंतर्गत पद्यम् संविदा-
a. शून्य मानी जाती हैं
b. शून्यकरणीय मानी जाती हैं।
c. सार्वजनिक नीति के विरूद्ध मानी जाती हैं.
d. वैध मानी जाती हैं
57. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत बाजी की संविदा-
a. शून्य होती है
b. शून्यकरणीय होती हैं
c. विधि विरूद्ध होती है।
d. शून्य तथा विधि विरूद्ध होती है
58. निम्नलिखित करारों में से कौन सा शून्य नहीं है?
a. विवाह अवरोधक करार
b. पद्यम् करार
c. बिना प्रतिफल का करार
d. दिव्यांग व्यक्ति के साथ करार
59. धारा 30 के अंतर्गत घुड़दौड़ सम्बन्धी एक करार-
a. विधिपूर्ण होता है
b. वैध होता है
c. शून्यकरणीय होता है
d. शून्य होता है
60. समस्त अवैध संविदायें शून्य होती हैं किन्तु समस्त शून्य संविदायें क्या नहीं होती-
a. वैध
b. प्रवर्तनीय
c. अवैध
d. शून्यकरणीय
61. समाश्रित संविदा को भारतीय संविदा अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है-
a. धारा 43
b. धारा 46
c. धारा 3
d. इनमें से कोई नहीं
62. एक समाश्रित संविदा-
a. किसी भावी घटना अथवा आकस्मिकता के घटने पर निर्भर अथवा शर्त आधारित होती है।
b. किसी भावी घटना अथवा आकस्मिकता के घटने अथवा न घटने पर निर्भर अथवा शर्त-आधारित होती है
c. स्वतंत्र अथवा शर्तहीन संविदा होती है।
d. इनमें से कोई नहीं
63. एक 'समाश्रित संविदा' ऐसी संविदा होती है जिसका उद्देश्य-
a. ऐसी संविदा से सम्पार्श्विक किसी घटना के घटित होने या न होने पर ही किसी बात को करने या न करने के
लिये हो
b. ऐसी संविदा से सम्पार्श्विक किसी घटना के घटित होने पर कुछ करना होता है।
c. किसी घटना के घटित होने पर कुछ करना होता है
d. ऐसी संविदा से सम्पार्श्विक किसी घटना के घटित होने अथवा न घटित होने पर कुछ न करना होता है।
64. निम्नलिखित में से कौन एक समाश्रित संविदा है?
a. 'क' अपनी संपत्ति इस शर्त के साथ बेचता है कि मूल्य एवं ब्याज का भुगतान करने पर संपत्ति उसे वापस लौटा दी जाएगी
b. 'क' आग द्वारा अपने कारखाने को क्षति अथवा विनाश से बचाने के लिए उसका बीमा कराता है।
c. एक तरणताल पर डूबने वाले व्यक्तियों को बचाने के एकमात्र उद्देश्य से किसी रक्षक की नियुक्ति
d. एक ऋणी ऋणदाता को सत्यनिष्ठापूर्वक वचन देता है कि जबकभी भी उसके पास धन होगा वह ऋण चुका देगा '
65. A B के साथ समझौता करता है कि वह B को रु.5,000 देगा जब दो सीधी रेखाएं एक स्थान को घेर लेगी। यह समझौता
a. शून्यकरणीय है
b. शून्य है
c. वैध हैं
d. अनैतिक है
66. A B के साथ संविदा करता है कि वह B को रु. 20,000 का भुगतान करेगा यदि B का घर जल जाएगा। यह-
a. आकस्मिक संविदा है।
b. दांव की संविदा है
c. अनिश्चितता की संविदा है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
67. जीवनबीमा की संविदा-
a. पद्यम् संविदा होती है
b. क्षतिपूर्ति की संविदा होती है
c. समाश्रित संविदा होती है
d. गारंटी की संविदा होती है
68. अनु मनु के साथ यह संविदा करता है कि वह भारत के विश्वकप जीतने पर उसे 1,000 रुपए देगा। यह एक-
a. पद्यम् संविदा है
b. समाश्रित संविदा है
c. सामाजिक संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा है
69. निम्नलिखित तथ्यों में से कौन एक समाश्रित सं का गठन करता है?
a. जहाँ नमक की एक झील को किसी विनिर्दिष्ट अवधि के अंदर निश्चित धनराशि के जमा किए जाने पर पट्टे पर दिए जाने का प्रस्ताव किया गया हो
b. क ख से संविदा करता है यदि 'ख' का घर जल जाये तो वह 'ख' को 10,000 रुपए देगा
c. वित्त वर्ष के दौरान किसी भी आदेश जारी किए जाने पर 1000 टन कोयले की आपूर्ति की एक निविदा का
प्रतिग्रहण
d. जब एक बैंक अपने ग्राहक को लॉकर इस शर्त पर दे कि ग्राहक बैंक के साथ माह की समाप्ति तक एक लाख रुपयों का सावधि खाता खोल ले
70. क' 'ख' के साथ यह संविदा करता है कि यदि वह बैंक से एक ऋण प्राप्त कर ले तो वह उसका रंगीनटीवी खरीद लेगा। ऐसी संविदा को कहा जाता है-
a. एक वैध संविदा
b. शून्यकरणीय संविदा
c. समाश्रित संविदा
d. इनमें से कोई नहीं
71. 'ख' से 'क' संविदा करता है कि यदि 'ख' का गृह जल जाये तो वह 'ख' को 10,000 रुपये देगा। यह किस प्रकार की संविदा है?
a. समाश्रित संविदा
b. पंद्यम् संविदा
c. विधिविरूद्ध संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा
72. भविष्य में किसी अनिश्चित घटना पर निर्भर एक समाश्रित संविदा को तभी प्रवर्तित किया जा सकता है जब ऐसी घटना-
a. असंभव हो जाए
b. घटित न हो
c. घटित हो
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं
73. किसी निर्दिष्ट अनिश्चित घटना पर आधारित एक समाश्रित संविदा को घटना के निर्धारित समय के अंदर घटित न होने पर-
a. प्रवर्तित किया जा सकता है यदि वह घटना निर्धारित समय के अंदर न घटे
b. शून्य होने के कारण कदापि प्रवर्तित नहीं की जा सकती'
c. निर्धारित समय के समाप्त होने के पूर्व प्रवर्तित किया जा सकता है, यदि यह सुनिश्चित हो जाए कि ऐसी घटना नहीं घटित होगी
d. उपरोक्त (a) तथा (c) दोनों
74. वर्गपहेली प्रतिस्पर्धा क्या होती है
a. पंचम् करार
b. अवैध करार
c. समाश्रित संविदा
d. वैध करार
75. यदि कोई असंभव घटना घटित हो तो किसी कार्य को करने अथवा न करने का समाश्रित करार-
a. शून्य होता है यदि करार के समय पक्षकारों को घटना की असंभाव्यता का ज्ञान रहा हो
b. शून्य होता है यदि करार के समय अनुबंध के पक्षकारों को घटना की असंभाव्यता का ज्ञान न रहा हो.
c. पक्षकारों के चयन पर शून्यकरणीय होता है।
d. शून्य होता है चाहे करार के समय पक्षकारों को घटना की असंभाव्यता का ज्ञान रहा हो अथवा न रहा हो
76. 'क' 'ख' को 'ग' से विवाह करने पर 10,000 रुपए देने की संविदा करता है। यह भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत किस प्रकार की संविदा है-
a. निहित संविदा
b. समाश्रित संविदा
c. अवैध संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा
77. क' 'ख' को 'ग' से विवाह करने पर एक धनराशि भुगतान करने की सहमति देता है। 'ग'घ' से विवाह कर लेती है। यह करार-
a. शून्यकरणीय है.
b. शून्य है
c. वैध है
d. अवैध है
78. यदि एक भावी घटना, जिसपर एक संविदा समाश्रित है, ऐसा तरीका है जिसके अनुसार एक व्यक्ति एक विनिर्दिष्ट समय पर कोई कार्य करेगा, तो ऐसी घटना को असंभव हो चुका मान लिया जाएगा-
a. जब ऐसा व्यक्ति कुछ ऐसा करता है जो यह असंभव बना देता है कि उसे किसी निश्चित समय के अंदर इस प्रकार कार्य करना चाहिए
b. आगे की आकस्मिकताओं के अंतर्गत के अलावा किसी अन्यथा तौर पर
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
79. निम्नलिखित में से किस मामले में एक समाश्रित संविदा शून्य हो जाती है-
a. यदि संविदा में किसी निश्चित समय के अंदर किसी घटना के घटित होने का जिक्र हो तथा ऐसी घटना घटित न हो अथवा इसका घटना असंभव हो जाए
b. यदि निष्पादन किसी ऐसी घटना पर निर्भर होने के लिए किया गया हो जो पहले से ही असंभव हो
c. यदि वर्णित घटना घटित न हो
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
80. पालन के निविदान से सम्बन्धित विधि कहाँ निहित है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 37 में
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 38 में
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 36 में
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 35 में
81. पक्षकारों द्वारा संविदात्मक दायित्वों के वैध पालन पर संविदा-
a. प्रवर्तनीय बन जाती है.
b. शून्य हो जाती है.
c. उन्मोचित हो जाती है
d. इनमें से कोई नहीं
82. जब वचनदाता वचन के प्रति अपने दायित्वों के पालन का प्रस्ताव करता है तो इसे क्या कहा जाता है-
a. नवीकरण
b. पालन का निविदान
c. पालन का प्रस्ताव
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
83. निम्नलिखित में से किस दृष्टांत में अनुबंध का उन्मोचन कारित नहीं किया गया है?
a. क ख के लिए एक चित्र पेंट करने का वचन देता है। बाद में खं उसे ऐसा करने से रोक देता है।
b. क पर ख का 5,000 रुपए बाकी हैं। ग ख को 1,000 रुपए देता है जिसे ख क के विरूद्ध अपने दावे की पूर्ति में स्वीकार कर लेता है।
c. क ख के आने का इंतजार करता है ताकि वह ख के लिए पेंटिंग पूरी करे
d. क पर ख का 2,000 रुपए बाकी हैं। क ख सहित 9. अपने लेनदारों के साथ ऋण के आधे भाग के भुगतान
84. 'क' 'ख' के लिए 10 दिनों अंदर 1,000 रुपए मूल्य पर एक रंगचित्र बनाने का वचन देता है। 'क' की उस दिन के पहले ही मृत्यु हो जाती है। यह संविदा-
a. प्रवर्तनीय है
b. शून्यकरणीय है
c. अप्रवर्तनीय है.
d. शून्य है
85. 'क' अमुक कीमत पर अमुक दिन तक 'ख' के लिए एक रंगचित्र बनाने का वचन देता है। 'क' उस दिन से पहले ही मर जाता है-
a. संविदा करार समाप्त नहीं होता और क के विधिक प्रतिनिधियों द्वारा अथवा उनके विरूद्ध इसकी पुष्टि की जा सकती है
b. संविदा करार के के विधिक प्रतिनिधियों के चयन पर शून्यकरणीय हो जाता है।
c. दोनों पक्षों के लिए अनुबंध समाप्त हो जाता है
d. संविदा करार विधिविरूद्ध हो जाता है।
86. किसी संविदा का उन्मोचन हो सकता है-
a. संविदा के पालन द्वारा
b. संविदा को कुंठित करने के द्वारा
c. न (a) न ही (b)
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
87. 'क' 1000 रुपये का संदाय किये जाने पर 'ख' को अमुक दिन और समय पर माल परिदत्त करने का वचन देता है। 'क' उस दिन से पहले ही मर जाता है। यह संविदा-
a. शून्य है
b. क के प्रतिनिधि ख को माल सुपुर्द करने हेतु बाध्य हैं। तथा ख क के प्रतिनिधियों को 1,000 रुपए के भुगतान हेतु बाध्य है
c. क के प्रतिनिधि ख को माल की सुपुर्दगी हेतु बाध्य नहीं कर सकते
d. ख क के प्रतिनिधियों को 1,000 रुपए के भुगतान हेतु बाध्य नहीं है
88. 'क' 'ख' के साथ अगले दो माह तक उसके थियेटर में प्रतिसप्ताह दो रातों को गायन प्रस्तुत करने की एक संविदा करती है तथा प्रत्येक रात के लिए 1,000 रुपए के भुगतान की संविदा करता है। 'क' जानबूझ कर छठी रात्रि को अनुपस्थित हो जाती है किन्तु 'क' की सहमति से 'ख' सातवी रात्रि को गायन प्रस्तुत करती है। ख-
a. संविदा को समाप्त नहीं कर सकता
b. संविदा को समाप्त कर सकता है
c. वह उन पाँच रात्रियों के लिए भुगतान का दायी नहीं है जिनपर क गायन प्रस्तुत कर चुकी है।
d. छठी रात्रि को उसके द्वारा वहन की गई क्षति के लिए
किसी भी क्षतिपूर्ति का अधिकारी नहीं है।
89. 'क' एक संगीतसभा में 1,000 रुपए के बदले ख के 'लिए गायन की संविदा करता है। धनराशि अग्रिम भुगतान कर दी जाती है। 'क' का स्वास्थ्य इतना खराब है कि वह गायन नहीं कर सकता-
a. क ख को वहन की गई उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने हेतु बाध्य नहीं है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता किन्तु उसे अग्रिम दिए गए 1000 रुपए अवश्य लौटाने चाहिए
b. क ख को केवल वहन की गई उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने को बाध्य है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता किन्तु यह अग्रिम दिए गए 1000 रुपए लौटाने को बाध्य नहीं है।
c. क न तो अग्रिम धनराशि के 1000 रुपए लौटाने को बाध्य है न ही उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने को बाध्य है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता
d. क ख को वहन की गई उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने हेतु बाध्य नही है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता किन्तु उसे अग्रिम धनराशि का आधा अवश्य लौटाना चाहिए
90. 'क' एक निश्चित तिथि पर भुगतान के बदले ख को एक माल की सुपुर्दगी का वचन देता है। 'क' की उस दिन के पहले ही मृत्यु हो जाती है। यह संविदा-
a. शून्य हो जाती है।
b. असंभव हो जाती है।
c. क के विधिक प्रतिनिधि के विकल्प पर शून्यकरणीय है।
d. क के प्रतिनिधि के विरूद्ध प्रवर्तित की जा सकती है।
91. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत यदि वचनगृहीता वचनदाता के पूर्वानुमानित संविदा के भंग को स्वीकार करता है तो-
a. वचनगृहीता को अपने वचन का पालन नहीं करना होगा पर वचनदाता से नुकसानी प्राप्त करने का अधिकारी नहीं होगा ।
b. वचनगृहीता को अपने भाग का पालन करना होगा पर पालन दिनांक के इंतजार के बगैर वचनदाता से नुकसानी प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
c. वचनगृहीता को अपने भाग का पालन नहीं करना होगा पर पालन दिनांक के बाद वचनदाता से नुकसानी प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
d. नुकसानी प्राप्त करने के दावा करने के पहले वचनगृहीता को अपने भाग का पालन करना होगा।
92. 'क' एक 'संगीत समारोह में 'ख' के लिए गायान की संविदा करता है और 1,000 रुपए अग्रिम ले लेता है। 'क' इतना बीमार है कि गायन नहीं कर सकता। यहाँ-
a. 'क' अग्रिम धनराशि लौटाने हेतु बाध्य है
b. ‘क' गायन हेतु बाध्य है
c. 'क' 'ख' की क्षतिपूर्ति हेतु बाध्य है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
93. जब पालन की नियत तिथि के पूर्व वचनदाता पूर्णतःपालन करने से इंकार कर देता है तो इसे किस रूप में जाना जाता है-
a. संविदा का परित्याग
b. संविदा का वास्तविक उल्लंघन
c. संविदा से माफी
d. संविदा का अग्रिम उल्लंघन
94. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 40 सम्बन्धित है-.
a. वचन पालन न करने पर क्षतिपूर्ति से
b. ऐसे व्यक्ति से जिसे वचन का पालन करना है
c. संविदा की शून्यता से
d. संविदा की वैधता से
95. किसी संयुक्त वचन के मामले में सामान्यतः पालन किसके द्वारा किया जाना आवश्यक होता है-
a. उनमें से किसी एक के द्वारा एकल तौर पर से
b. अलग-अलग वचनदाताओं द्वारा वचनग्रहीता की सहमति से
c. सभी वचनदाताओं द्वारा संयुक्त रूप से
d. इनमें से कोई नहीं
96. क, ख तथा ग संयुक्त रूप से 'घ' को 3,000 रुपए देने का वचन देते हैं। क तथा ख गायब हैं। क्या 'ग' इस भुगतान का उत्तरदायी है?
a. 'ग' 'घ' को पूर्ण भुगतान का उत्तरदायी है।
b. 'ग' 'घ' को पूर्ण भुगतान का उत्तरदायी नहीं है।
c. 'ग' 'घ' को आंशिक भुगतान का उत्तरदायी है।
d. इनमें से कोई नहीं
97. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 41 सम्बन्धित है-
a. वचन पालन करने वाले व्यक्तियों से
b. वचन पालन करने के निविदान से
c. पूर्णतः वचन पालन करने से इंकार के परिणाम से
d. अन्य व्यक्ति से पालन प्रतिग्रहीत करने के प्रभाव से
98. जहाँ कोई आवेदन न किया गया हो तथा वचन पालन के लिए कोई समय विनिर्दिष्ट न किया गया हो, वहाँ करार को कितने समय के अंतर्गत पूरा करना अनिवार्य होता है-
a. युक्तियुक्त समय
b. तीन वर्ष
c. दो वर्ष
d. एक वर्ष
99. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत यदि समय संविदा का सार है और वचनदाता विनिर्दिष्ट समय के अंदर संविदा पालन करने में विफल रहता है तो संविदा-
a. शून्य हो जाती है।
b. वैध बनी रहती है
c. अप्रवर्तनीय हो जाती है।
d. वचनग्रहीता की इच्छा पर शून्यकरणीय हो जाती है।
e. इनमें से कोई नहीं
100. संविदा के पालन हेतु युक्तियुक्त का प्रश्न सम्बन्धित है-
a. विधि से
b. तथ्य से
c. तथ्य एवं विधि का मिला-जुला प्रश्न
d. विवेक से
101. निम्नलिखित में से किस संविदा में समय संविदा का सार है-
a. 'क' 'ख' के साथ अपनी संपत्ति बेचने की संविदा करता है।
b. 'क' 'ख' के साथ शीघ्रातिशीघ्र विवाह की संविदा करता है।
c. ‘क' तुरंत कब्जा प्राप्त करने हेतु 'ख' का घर खरीदने हेतु उसके साथ संविदा करता है
d. 'क' 'ख' के लिए धन भेजने की संविदा करता है ताकि वह इंग्लैंड में जीवनयापन कर सके
102. एक संविदा, जिसमें समय संविदा का सार न हो, विनिर्दिष्ट समय के पूर्व संविदा के पालन में असफलता से-
a. शून्य हो जाएगी
b. वचनग्रहीता वचनदाता से स्वयं द्वारा ऐसी असफलतावश उत्पन्न एवं वहन की गई हानि के लिए क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी होगा
c. वचनग्रहीता वचनदाता से स्वयं द्वारा ऐसी असफलतावश उत्पन्न एवं वहन की गई हानि के लिए क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी होगा
d. वचनग्रहीता के विकल्प पर शून्यकरणीय हो जाएगी
103. पालन के स्थान को निर्दिष्ट न करने वाली संविदा का पालन-
a. वचनदाता को वचन पालन के स्थान की नियुक्ति के लिए वचनग्रहीता से आवेदन करना होता है और उसी स्थान पर वचन पालन करना होता है।
b. वचनग्रहीता की जानकारी वाले किसी भी स्थान पर किया जा सकता है।
c. वचनदाता को वचनग्रहीता से पालन के स्थान के सम्बन्ध में कोई निर्देश प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती
d. वचनदाता वचनग्रहीता द्वारा निश्चित किसी स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर वचन पालन कर सकता है
104. जहाँ संविदा के द्वारा पारस्परिक वचनों के पालन के लिए क्रम को 'तरीके से निर्धारित कर दिया गया सुस्पष्ट हो, वहाँ उनका पालन उसी क्रम में किया जाएगा; और जहाँ ऐसा क्रम सुस्पष्ट तरीके से निर्धारित न किया गया हो, इसका पालन-
a. पक्षकारों की पसंद वाले क्रमानुसार किया जाएगा
b. संव्यवहार की प्रकृति की आवश्यकतानुसार किया जाएगा
c. प्रस्ताव द्वारा वांछित तरीके से किया जाएगा।
d. इनमें से कोई नहीं
105. जहाँ कई व्यक्ति पारस्परिक वचन आदान-प्रदान करते हैं, पहले ऐसे कार्य करने हेतु जो वैध हों तथा दूसरे, विनिर्दिष्ट परिस्थितियों के अंतर्गत कुछ अन्य कार्य करने की जो अवैधानिक हों तब-
a. वचनों का प्रथम समूह शून्यकरणीय होता है, किन्तु दूसरा एक शून्य करार होता है
b. वचनों का प्रथम समूह एक संविदा होता है, किन्तु दूसरा एक शून्य करार होता है
c. वचनों का संपूर्ण समूह शून्य होता है
d. वचनों का संपूर्ण समूह वैध होता है
106. 'क' और 'ख' संविदा करते हैं कि 'क' नियत कीमत पर 'ख' के लिये एक मकान बनायेगा। वह क्रम, जिससे व्यतिकारी वचनों का पालन किया जाना है, नियत नहीं किये गये। पालन का क्रम क्या होगा?
a. 'ख' को मकान के लिये भुगतान करने के वचन का पालन, 'क' के मकान बनाने के वचन से पहले करना होगा |
b. 'क' को मकान बनाने के वचन का पालन, 'ख' के मकान के लिये भुगतान करने के वचन से पहले करना
होगा।
c. क' तथा 'ख' को अपने वचन का पालन एक साथ करना होगा।
d. उपरोक्त में से कोई नहीं।
107. संविदा की निष्फलता का प्रावधान भारतीय संविदा अधिनियम की किस धारा में किया गया है?
a. 56
b. 70
c. 2(घ)
d. 73
108. संविदा का उन्मोचन पालन की असंभाव्यता द्वारा किया जा सकता है जिसे निर्दिष्ट किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 26 में
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 56 में
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 53 में
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 28 में
109. प्रारंभिक अवस्था में एक वैध संविदा बाद में अप्रत्याशित कारकों के हस्तक्षेप से प्रवर्तनीय नहीं रह जाती। ऐसी संविदा-
a. वैध रहेगी
b. प्रवर्तनीय न रह जाने के बाद से शून्य हो जाती है
c. प्रवर्तनीय न रह जाने पर संविदा के किसी एक पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय होगी
d. प्रारंभ से ही शून्य हो जाती है
110. भारत में, शून्य होने वाली संविदा के पालन की असंभाव्यता का सिद्धांत किस पर आधारित है-
a. निहित शब्द के सिद्धांत पर
b. न्यायोचित एवं समुचित समाधान के सिद्धांत पर
c. अनुचित संवर्धन के सिद्धांत पर
d. असंभाव्यता अथवा अवैधता की आकस्मिकता पर, जैसा भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 56 में निर्धारित है
111. किसी असंभव कार्य को करने का अनुबंध अपने आप ही
a. अप्रवर्तनीय होता है
b. शून्य होता है
c. शून्यकरणीय होता है
d. सदोष होता है।
112. जादू से गुप्तनिधि का पता लगाने का 'ख' से 'क'' करार करता है। भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत यह करार-
a. शून्य है
b. अवैध है
c. विधिपूर्ण है
d. वैध अनुबंध है
113. प्रारंभिक अवस्था में एक वैध संविदा जो बाद में प्रवर्तनीय नहीं रह जाती। ऐसी संविदा-
a. प्रवर्तनीय न रह जाते ही शून्य हो जाएगी
b. वैध रहेगी
c. प्रवर्तनीय न रह जाने पर शून्यकरणीय होगी
d. प्रारंभ से ही शून्य हो जाती है।
114. 'क' तथा 'ख' एक-दूसरे से शादी करने का अनुबंध करते है, परन्तु विवाह के लिये निर्धारित समय से पूर्व 'क' पागल हो जाता है, ऐसे में संविदा-
a. शून्य संविदा हो जाती है
b. शून्यकरणीय संविदा हो जाती है।
c. सशर्त संविदा हो जाती है
d. समाश्रित संविदा हो जाती है
115. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत संविदा की विषयवस्तु के विनाश का क्या परिणाम होता है-
a. संविदा का पालन
b. संविदा का उल्लंघन
c. असंभाव्यता द्वारा उन्मोचन
d. संविदा का नवीकरण
116. क ने एक टेंट हाउस के साथ अपनी पुत्री के विवाह के लिए एक शामियाना लगाने की संविंदा की । विवाह के दिन उस क्षेत्र में कर्फ्यू लग गया जिससे विवाह समारोह नहीं हो सका। शामियाना मालिक ने क के द्वारा सहमत राशि के भुगतान का दावा कर दिया। उपरोक्त पृष्ठभूमि में निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. क को कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है
क्योंकि विवाह समारोह कर्फ्यू की वजह से असंभव हुआ था
b. क को संविदागत व्यय का भुगतान करना होगा
c. क को संविदागत नहीं बल्कि समुचित व्यय का भुगतान करना होगा
d. क राज्य से क्षतिपूर्ति वहन करने की माँग कर सकता है
117. 'क' 'ख' को 'ग' के साथ विवाह करने पर एक निश्चित धनराशि भुगतान करने की संविदा करता है।'ख' से विवाह के पूर्व ही 'ग' की मृत्यु हो जाती है-
a. संविदा वैध एवं प्रवर्तनीय है
b. संविदा अवैध है
c. संविदा प्रवर्तनीय नहीं है
d. इनमें से कोई नहीं
118. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? विफलता का सिद्धांत लागू होता है-
a. जब दोनों पक्षकार विफल हों जाएं
b. जब कोई एक पक्षकार विफल हो जाए.
c. जब व्यवसायिक समस्याएं हों
d. जब उद्देश्य विफल हो चुका हो
119. एक संविदा, जिसका पालन विधिविरूद्ध अथवा असंभव हो जाता है, होती है-
a. शून्य
b. शून्यकरणीय, जब पालन विधिविरूद्ध अथवा असंभव हो जाए
c. न तो शून्य न ही शून्यकरणीय
d. शून्य, जंब पालन विधिविरूद्ध अथवा असंभव हो जाए-
120. संविदा का विफलीकरण नहीं किया जाता-
a. संविदा की विषयवस्तु के विनष्ट होने पर
b. सरकार के द्वारा प्रतिबंध लगाकर
c. व्राणिज्यिक असम्भवता द्वारा
d. उपर्युक्त सभी
121. अप्रत्याशित घटना (force majeure) का सिद्धान्त, भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के किस प्रावधान
a. धारा 52
b. धारा 54
c. धारा 58
d. धारा 56
122. एक संविदा विफल नहीं होती-
a. व्यवसायिक समस्याओं द्वारा
b. विषयवस्तु नष्ट होने से
c. परिस्थितियाँ परिवर्तित होने से
d. पक्षकार की मृत्यु अथवा अक्षमता से
123. संविदा किसके विफल होने पर विफल हो जाती है-
a. एक पक्ष की वांछा परिवर्तन पर
b. संविदा की विषयवस्तु के
c. संविदा के प्रतिफल के
d. संविदा की क्षमता के
124. एक अनुकल्पी वचन, जिसकी एक शाखा वैध तथा दूसरी अवैध हो-
a. अनुकल्पी वचन की केवल वैधानिक शाखा को ही प्रवर्तित किया जा सकता है
b. संपूर्ण अनुकल्पी वचन को प्रवर्तित किया जा सकता है
c. संपूर्ण अनुकल्पी वचन को प्रवर्तित नहीं किया जा सकता
d. इनमें से कोई नहीं
125. एक अनुकल्पी वचन के मामले में जिसकी एक शाखा वैध तथा दूसरी अवैध हो तो-
a. केवल वैधानिक शाखा प्रवर्तित की जा सकती है
b. ऐसे किसी भी वचन का प्रवर्तन किया जा सकता है
c. इसकी किसी भी शाखा का प्रवर्तन नहीं किया जा सकता
d. न्यायालय की अनुमति से दोनों शाखाओं का प्रवर्तन किया जा सकता है।
126. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत 'क' उस अभियोजन को, जो उसने लूट के बारे में 'ख' के विरुद्ध संस्थित किया है, छोड़ देने का 'ख' को वचन देता है और 'ख' दी गई चीजों का मूल्य लौटा देने का वचन देता है। यह करार-
a. वैध है
b. अवैध है
c. शून्यकरणीय है
d. शून्य है
127. क तथा ख सहमत होते हैं कि क ख को 500 रुपए देगा, जिसके लिए ख बाद में क को एक क्विंटल गेहूँ अथवा एक तस्करी की पिस्तौल देगा। निर्णय कीजिए-
a. गेहूँ सुपुर्दगी का करार वैध है किन्तु पिस्टल का
करार शून्य है
b. संपूर्ण करार शून्य है
c. संपूर्ण करार वैध है
d. संपूर्ण करार विधिविरूद्ध है
128. भारतीय संविदा अधिनियम की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत भुगतान के विनियोजन से सम्बन्धित क्लाईटन के बाद के नियम को समाहित किया गया है?
a. धारा 61
b. धारा 60
c. धारा 58
d. धारा 59
129. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 59 के अंतर्गत प्रज्ञापना-
a. अवश्य ही विवक्षित होनी चाहिए
b. अभिव्यक्त अथवा विवक्षित कुछ भी हो सकती है
c. अवश्य ही अभिव्यक्त होनी चाहिए
d. इनमें से कोई नहीं
130. जहाँ देनदार सूचना देना भूल जाता है, और यह इंगित करने की कोई अन्य परिस्थिति मौजूंद न हो कि भुगतान को किस ऋण में समायोजित किया जाना है, वहाँ-
a. लेनदार अपने विवेकानुसार इसे स्वयं को देनदार से बकाया किसी भी विधिपूर्ण ऋण में समायोजित कर सकता है, चाहे इसकी वसूली तत्समय प्रवर्तित किसी परिसीमन बाद के मामले में विधि द्वारा वर्जित हो अन न हो
b. लेनदार अपने विवेकानुसार इसे स्वयं को देनदार से बकाया किसी भी विधिपूर्ण ऋण में समायोजित कर सकता है, बशर्ते ऐसी वसूली को विधि द्वारा वर्जित न किया गया हो
c. इसे समयक्रमानुसार ऋणों के उन्मोचन में समायोजित किया जाएगा
d. इसे समयक्रमानुसार ऋणों के उन्मोचन में समायोजित 59 किया जाएगा बशर्ते ये परिसीमन विधि द्वारा कालबाधित न हो चुके हों
131. संविदा अधिनियम की धारा 62 सम्बन्धित है-.
a. अभिकरण
b. भंग
c. नवीयन
d. क्षतिपूर्ति
132. किसी संविदा में दायित्व की प्रकृति का कोई परिवर्तन किस नाम से जाना जाता है-
a. विखंडन
b. नवीनीकरण
c. परिवर्तन
d. नवीकरण
133. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत संविदा का नवीकरण जाना जाता है-
a. मौलिक संविदा के स्थान पर नई संविदा के प्रतिस्थापन के रूप में
b. संविदा के निरस्तीकरण के रूप में
c. संविदा के परिवर्तन के रूप में
d. मौलिक संविदा के नवीनीकरण के रूप में
134. संविदा का विखंडन का अर्थ होता हैं-
a. मौलिक संविदा का नवीनीकरण
b. संविदा में परिवर्तन
c. संविदा का निरस्तीकरण
d. पहले से लागू संविदा का नई संविदा से प्रतिस्थापन
135. 'ख' का 'क' 5,000 रुपए का देनदार है। 'ख' को 'क' 2000 रुपये देता है और 'ख' उन्हें 'क' पर अपने दावे की तुष्टि के प्रतिगृहीत कर लेता है। यहाँ
a. कोई ऋण उन्मोचित नहीं हुआ है।
b. ऋण का एक भाग उन्मोचित हुआ है।
c. संपूर्ण ऋण का उन्मोचन हो चुका है
d. इनमें से कोई नहीं
136. 'ख' का 'क' 3,000 रुपये का देनदार है। 'ख' को 'ग' 2000 रुपये देता है और 'ख' उन्हें 'क' पर अपने दावे की तुष्टि में प्रतिगृहीत कर लेता है। यह संदाय-
a. संपूर्ण दावे का उन्मोचन नहीं है
b. शेष धनराशि के भुगतानमात्र पर ही उन्मोचित हो सकता है
c. संपूर्ण दावे का उन्मोचन है
d. यदि 'क' के द्वारा राशि का भुगतान किया जाता है तब ही उन्मोचित होगा
137. किसी शून्य करार में लाभ को पुनर्बहाल करने के दायित्व का प्रावधान किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 68 द्वारा
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 60 द्वारा
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 63 द्वारा
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 65 द्वारा
138. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 65 द्वारा प्रतिपादित नियम ऐसे करार पर प्रयोज्य होता है जिन्हें शून्य पाया गया हो-
a. भूल द्वारा
b. प्रतिफल की विफलता द्वारा
c. असंभाव्यता द्वारा
d. उपरोक्तं सभी
139. निम्नलिखित में से कौन सी संविदा विशिष्टतौर पर प्रवर्तनीय होती है-
a. विवाह की संविदा
b. ख द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय में विधि पर एक व्याख्यान देने की संविंदा
c. क की माँग पर किसी भी समय माल की आपूर्ति करने की ख साथ क द्वारा की गई संविदा
d. इनमें से कोई नहीं
140. भारतीय संविदा अधिनियम में संविदाओं के सदृश कतिपय सम्बन्धों का प्रावधान किस अध्याय के अंतर्गत किया गया है-
a. अध्याय 4
b. अध्याय 6
c. अध्याय 5
d. अध्याय 7
141. आभासी संविदात्मक दायित्व के न्यायिक आधार को किस सिद्धांत द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-
a. अन्यायोचित समृद्धि
b. स्वैच्छिक लाभ
c. न्यायोचित एवं समुचित समाधान
d. “इनडेबिटस-एजमप्सिट"
142. जिस सिद्धांत पर आभासी संविदात्मक दायित्व आधारित होते हैं उनका उद्देश्य अनुचित संवर्धन को रोकना होता है। इस सिद्धांत के वास्तविक संस्थापक कौन माने जाते हैं?
a. लार्ड राइट
b. एन्सन
c. लार्ड रैडक्लिफ
d. लार्ड मैन्सफिल्ड
143. "किसी को भी दूसरे के व्यय पर स्वयं को समृद्ध करने की अनुमति नहीं होती।" इस सिद्धांत को किस नाम से जाना जाता है-
a. अर्द्ध-संविदात्मक
b. जितना काम उतना दाम
c. मूल्य के अनुसार
d. बिना प्रतिफल के
144. विधि द्वारा विवक्षित एक संविदा किस नाम से जानी जाती है-
a. समाश्रित संविदा
b. अभिव्यक्त संविदा
c. विवक्षित संविदा
d. कल्प-संविदा
145. भारतीय संविदा अधिनियम की निम्नलिखित धाराओं 1 में से कौन सी धारा संविदा के प्रति अक्षम व्यक्तियों को आपूर्ति की गई आवश्यकताओं के लिए दायित्वों का प्रावधान करती है?
a. धारा 68
b. धारा 11
c. धारा 69
d. धारा 25(1)
146. जब किसी अव्यस्क को जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति की गई हो तो आपूर्तिकर्ता-
a. मूल्य नहीं वसूल सकता
b. अवयस्क की संपत्ति से मूल्य वसूल सकता है
c. मूल्य वसूल सकता है.
d. एक आपराधिक बाद ला सकता है।
147. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 के अंतर्गत अवयस्क-
a. केवल अवयस्क की संपत्ति दायी होती है।
b. व्यक्तिगत रूप से दायी होता है
c. अवयस्क व्यक्तिगत रूप से तथा उसकी संपत्ति दोनों दायी होते हैं
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है
148. एक अवयस्क, जिसके माता-पिता मर चुके हैं, को उसके पड़ोसी द्वारा पाला जा रहा है, पड़ोसी खर्चो की वसूली माँग कर सकता है?
a. नहीं
b. हाँ, कतिपय स्थितियों में
c. हाँ, यदि अवयस्क का संरक्षण न्यायालय द्वारा दिया गया हो
d. उपरोक्त में कोई नहीं
149. 'क' एक पागल 'ख' को उसके जीवन की स्थितियों के योग्य आवश्यक वस्तुओं का प्रदाय करता है। क्या 'क' 'ख' की संपत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है-
a. हाँ
b. नहीं
c. हाँ, यदि संपत्ति का मूल्य एक लाख से अधिक हो
d. इनमें से कोई नहीं
150. एक व्यक्ति, जो किसी अवयस्क को 'आवश्यक वस्तुओं 'का प्रदाय' करता है इस आधार पर अवयस्क की संपत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार होता है-
a. वैध, संविदा
b. शून्यकरणीय संविदा
c. कल्प-संविदा
d. समाश्रित संविदा
151. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. एक अवयस्क की संविदा शून्य होती है किन्तु वह स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के भुगतान हेतु बाध्य होता है
b. एक अवयस्क की संविदा शून्य होने के कारण वह स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के लिए भुगतान करने हेतु बाध्य नहीं होता
c. एक अवयस्क की संविदा शून्यकरणीय होने के कारण वह स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के लिए भुगतान करने हेतु बाध्य होता है।
d. एक अवयस्क स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के
लिए भुगतान करने हेतु बाध्य होता है क्योंकि एक अवयस्क की संविदा वैध होती है
152. किसी अवयस्क को की गई जीवन की आवश्यक वस्तुओं के लिए दावा भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 68 के अंतर्गत-
a. अवयस्क के संरक्षक, यदि कोई हो, के विरूद्ध प्रवर्तित किया जा सकता है
b. अवयस्क के वयस्क होने पर उसपर व्यक्तिगतरूप से प्रवर्तित किया जा सकता है
c. अवयस्क की अवयस्कता के दौरान उसकी संपत्ति अथवा संपदा के विरूद्ध प्रवर्तित किया जा सकता है
d. कदापि प्रवर्तित नहीं किया जा सकता
153. एक व्यक्ति, जो किसी दूसरे व्यक्ति के विधिपूर्ण आनुग्राहिक कार्य के लाभ प्राप्त कर रहा हो-
a. उस दूसरे व्यक्ति की प्रतिकर के लिए उत्तरदायी नहीं होता
b. उस दूसरे व्यक्ति की प्रतिकर के लिए उत्तरदायी होता है
c. यह कि दूसरा व्यक्ति प्रतिकर का दावा नहीं कर सकता
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनो
154. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 किस मामले में लागू नहीं होती -
a. अवयस्क
b. सरकार के
c. पर्दानशीन महिलाओं
d. सार्वजनिक निगमों के
155. एक व्यापारी 'क' अपना माल 'ख' के घर पर भूलवश छोड़
देता है। 'ख' उस माल का निजी उपयोग कर लेता है। तब-
a. 'ख' 'क' को भुगतान हेतु बाध्य है
b. 'ख' 'क' को भुगतान हेतु बाध्य नहीं है।
c. कोई संविदा मौजूद नहीं है
d. इनमें से कोई नहीं
156. एक व्यापारी 'क' अपना माल 'ख' के घर पर भूलवश छोड़ देता है। यदि 'ख' उस माल का उपयोग करता है तो निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है जब 'क' उस माल के मूल्य की माँग 'ख' से करता है और 'ख' भुगतान करने से इंकार कर देता है?
a. ख' भुगतान हेतु बाध्य है क्योंकि 'क' की मंशा उस
माल को आनुग्राहिकतौर पर आपूर्ति करने की नहीं थी तथा 'ख' ने 'क' के कार्य के लाभ का आनंद प्राप्त किया है
a. 'ख' भुगतान हेतु बाध्य नहीं है क्योंकि वह अपने घर पर छोड़े गए माल का स्वामी बन जाता है.
b. 'ख' भुगतान हेतु बाध्य नहीं है क्योंकि उसने माल की माँग नहीं की थी
c. 'क' को अपनी भूल का परिणाम अवश्य भुगतना चाहिए. और वह 'ख' से माल का मूल्य नहीं वसूल सकता
157. एक व्यापारी 'क' अपना माल 'ख' के घर पर भूलवश छोड़ देता है। 'ख' उस माल को अपना निजी मान लेता है। वह 'क' को इसके लिए भुगतान करने को बाध्य है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 के अंतर्गत
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 के अंतर्गत
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 के अंतर्गत
158. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत माल पड़ा पाने वाले का उत्तरदायित्व का प्रावधान किया गया है-
a. धारा 71 में
b. धारा 68 में
c. धारा 69 में
d. धारा 70 में
159. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत को पाने वाला व्यक्ति-
a. एक उपनिधाता होता है
b. उपनिहिती होता है
c. प्रतिभू होता है
d. इनमें से कोई नहीं
160. रमैया तथा लक्ष्मैया संयुक्त रूप से सतैया को 10,000 रुपयों के देनदार हैं। रमैया सतैया को भुगतान कर देता है। लक्ष्मैया को इसकी जानकारी न होने के कारण वह पुनः सतैया को 10,000 रुपए दे देता है। विधि के अंतर्गत वह लक्ष्मैया को धन वापस करने हेतु बाध्य है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की कौन सी धारा में यह सिद्धांत निहित है?
a. धारा 72
b. धारा 83
c. धारा 93
d. धारा 74
161. एक स्थानीय विकास प्राधिकरण ने एक गृहयोजना की घोषणा की और इसके अधीन आवेदन स्वीकार कर लिए। बाद में यह पता लगने पर कि योजना मास्टर योजना का उल्लंघन थी, योजना को रद्द कर दिया। प्राधिकरण-
a. बिना किसी वचनात्मक विबंधन के बंधनों के ऐसा करने को स्वतंत्र है क्योंकि सरकार द्वारा अपनी संप्रभु विधायी तथा कार्यपालिका कार्यवाहियों के अभ्यास किए जाने में सरकार के विरूद्ध कोई विबंधन नहीं हो सकता
b. बिना किसी वचनात्मक विबंधन के बंधनों के ऐसा करने को स्वतंत्र है।
c. वचनात्मक विबंधन के बंधनों के कारण ऐसा करने को स्वतंत्र नहीं है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
162. वचनात्मक विबंधन को कभी-कभी किसका स्थानापन्न कहा जाता है-
a. नवीकरण
b. प्रतिफल
c. प्रपीड़न
d. कल्प-संविदा
163. निम्नलिखित में से क्या एक कल्प-संविदा नहीं है
a. आनुग्राहिक कार्य के लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति के दायित्व
b. वस्तु को पाने वाले के उत्तरदायित्व
c. जितना काम उतना दाम
d. नवीकरण
164. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 21 के अंतर्गत दी गई किसी भी प्रतिकर की राशि के निर्धारण किए जाने में न्यायालय का मार्गदर्शन भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की किस धारा में विनिर्दिष्ट सिद्धांत द्वारा किया जाएगा-
a. 70
b. 77
c. 72
d. 73
165. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 73 के अंतर्गत दिए जाने वाला प्रतिकर-
a. क्षतिपूरक प्रतिकर
b. परिनिर्धारित प्रतिकर
c. दंडनीय प्रतिकर
d. इनमें से कोई नहीं
166. यदि संविदा भंग पर भुगतान की जाने वाली प्रतिकर संभावित क्षतियों का वास्तविक पूर्वानुमान हो तो इसे जाना जाता है-
a. विशिष्ट प्रतिकर के रूप में
b. परिनिर्धारित प्रतिकर के रूप में
c. अर्थदंड के रूप में
d. अपरिनिर्धारित प्रतिकर के रूप में
167. किसी संविदा भंग की स्थिति में देय प्रतिकर की एक राशि के रूप में पहले से निर्धारित एक धनराशि को क्या कहा जाता है-
a. परिनिर्धारित प्रतिकर
b. अर्थदंड
c. उपरोक्त में (a) अथवा (b)
d. परिनिर्धारित प्रतिकर के रूप में
168. निम्नलिखित में से कौन सही सुमेलित नहीं है?
a. लोकनीति - हैडले बनाम बैक्सेनडेल
b. प्रपीड़न चिक्कम अमीराजू बनाम चिक्कम सेशम्मा
c. परिनिर्धारित नुकसानी -डनलप न्यूमैटिक टायर कं. बनाम न्यू गैराज एण्ड मोटर कं.
d. पालन की असम्भवता -अलोपी परशाद एंड संस
169. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की निम्नलिखित में से कौन सी धारा किसी व्यक्ति, जो प्रतिकर के लिए वाद लाता है, पर संविदा भंग के परिणामस्वरूप उत्पन्न हानि के शमन का कर्तव्य आरोपित करती है?
a. धारा 72
b. धारा 73
c. धारा 74
d. धारा 75
170. संविदा भंग के लिए उपलब्ध उपचार है-
a. दंडात्मक प्रतिकर
b. नाममात्र का प्रतिकर
c. अनुकरणीय प्रतिकर
d. क्षतिपूरक प्रतिकर
171. संविदा भंग हो सकता है-
a. वास्तविक अथवा प्रत्याशित
b. केवल वास्तविक
c. केवल प्रत्याशित
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
172. जहाँ भंग के मामले में निर्धारित ब्याज की दर बहुत ऊँची हो, न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है-
a. इस संतुष्टि के साथ कि व्यवस्था दंड स्वरूप की गई है।
b. प्रपीड़न सबूत पर
c. असम्यक असर के सबूत पर
d. समता के आधार पर
173. क एक निश्चित तिथि पर न्यायालय में प्रस्तुत होने के लिए स्वयं के 500 रुपए अर्थदंड की जमानत प्रस्तुत करता है। वह अपनी जमानत जब्त कर लेता है। वह उत्तरदायी है-
a. आधे अर्थदंड के भुगतान का
b. संपूर्ण अर्थदंड के भुगतान का
c. यह न्यायाधीश के
d. कोई अर्थदंड नहीं
174. 'क' एक नियत दिन पर 'ख' को रुई की 500 गाँठें बेचने और परिदत्त करने की संविदा करता है। 'ख' के अपने कारबार के संचालन के ढंग के बारे में 'क' कुछ नहीं जानता। 'क' अपना वचन भंग कर देता है और 'ख' के पास रुई बिल्कुल न होने के कारण उसे अपनी मिल बंद करनी पड़ती है। क्या 'क' 'ख' द्वारा मिल बंद किए जाने के परिणामस्वरूप हुई हानि के लिए उत्तरदायी है?
a. नहीं
b. हाँ
c. हो चुकी हानि की सीमा तक
d. इनमें से कोई नहीं
175. क ख के साथ भविष्य की किसी तिथि पर सुपुर्दगी हेतु एक निश्चित संख्या में जूट के बोरे बेचने को सहमत होता है। नियत तिथि के पूर्व ख संविदा में लाभदायक हित ग को सौंप देता है। क संविदा भंग करता है।
निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. ग प्रतिकर के लिए वाद लाने का अधिकारी नहीं है क्योंकि यह ख द्वारा बाद लाने के अधिकार का हस्तांतरण मात्र होगा
b. ग जूट के बोरे न सुपुर्द किए जाने हेतु प्रतिकर के लिए क पर बाद लाने का अधिकारी है।
c. ग क पर प्रतिकर के लिए बाद लाने का अधिकारी नहीं है क्योंकि क तथा ग के बीच कोई संविदात्मक सम्बन्ध मौजूद नहीं है।
d. ग मात्र ख से अपना धन वापस पाने हेतु वाद प्रस्तुत करने का अधिकारी है
176. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 74 लागू होती है-
a. ऐसे मामलों में जहाँ संविदा के अधीन प्राप्त धनराशि को जब्त करने की माँग की जाती है
b. ऐसे मामलों में जहाँ भंग के परिणामस्वरूप कोई भी कानूनी क्षति न कारित हुई हो
c. ऐसे मामलों में जहाँ व्यथित पक्षकार संविदा भंग पर एक निर्धारित धनराशि को वसूल करने की माँग करता है
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों में
177. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 74 के अंतर्गत न्यायालय क्षतिपूर्ति नहीं प्रदान कर सकता-
a. संविदा में उल्लिखित राशि से अधिक का
b. संविदा में उल्लिखित राशि से कम का
c. संविदा में उल्लिखित राशि के बराबर का (घ) उपरोक्त में कोई नहीं
d. उपरोक्त में कोई नहीं
178. संविदा भंग के मामले में पीड़ित पक्ष के लिए निम्नलिखित में से कौन सा उपचार उपलब्ध होता है?
a. वापसी हेतु वाद
b. क्षतिपूर्ति हेतु वाद
c. विनिर्दिष्ट अनुपालन हेतु वाद
d. उपरोक्त सभी
179. चूक की तिथि से बढ़े हुए ब्याज हेतु व्यवस्था को किस नाम से जाना जाता है-
a. क्षतिपूर्ति
b. अर्थदंड
c. परिनिर्धारित क्षतिपूर्ति
d. प्रतिकर
180. जब अनुबंध का उल्लंघन होता है, विशेष भुगतान देय होता है-
a. सभी मामलों में
b. केवल विशेष परिस्थितियों में
c. केवल तब होता है जब विशेष नुकसान की संभावना की जानकारी होती है।
d. केवल तब होती है जब कोई विशेष नुकसान होता हैं
181. संविदा भंग हेतु क्षतिपूर्ति के निर्धारण के समय निम्नलिखित में से किन बिन्दुओं पर विचार किया जाता है?
a. उद्देश्य
b. पालन न किए जाने के कारण कारित हुई असुविधा के उपचार के साधन
c. अप्रत्यक्ष हानि
d. उपरोक्त सभी
182. 'क्वांटम मेरियट' का अर्थ होता है-
a. किए गए कार्य की सीमा तक
b. संलिप्त धनराशि
c. सीमा एवं गुणवत्ता
d. उपरोक्त में कोई नहीं
183. "क्वांटम मेरियट" पर वाद प्रस्तुत करने का अधिकार उत्पन्न होता है-
a. जब एक पक्षकार ने संविदा का आंशिक अनुपालन किया हो तथा दूसरे पक्ष द्वारा संविदा को उन्मोचित कर दिया गया हो
b. जब एक पक्षकार द्वारा संविदा का संपूर्ण अनुपालन
कर दिया गया हो
c. जब संविदा अनुपालन की असंभाव्यता के कारण उन्मोचित हो गई हो
d. जब संविदा अवैध बन जाए
184. एक पक्षकार, जो किसी संविदा के मामले में कोई हानि नहीं उठाता, अधिकारी होता है-
a. वैधानिक क्षतिपूर्ति का
b. नाममात्र के क्षतिपूर्ति का
c. परिनिर्धारित क्षतिपूर्ति का
d. अनुकरणीय क्षतिपूर्ति का
185. किसी संविदा भंग से उत्पन्न हानि अथवा क्षति का निर्धारण कब किया जाना होता है-
a. संविदा किए जाने की तिथि पर
b. संविदा भंग की तिथि पर
c. संविदा कुंठित होने की तिथि पर
d. उपरोक्त में कोई नहीं
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