Download The Motor Vehicle Act MCQs Set- 15 PDF
1. प्रयोगशाला परीक्षण किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 203
b. धारा 204
c. धारा 205
d. धारा 206
2. प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रक्त का नमूना किससे लिया जा सकता है?
a. किसी भी वाहन चालक से
b. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से
c. धारा 203 के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति से
d. केवल वाहन स्वामी से
3. रक्त का नमूना कौन ले सकता है?
a. पुलिस अधिकारी
b. परिवहन अधिकारी
c. रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी
d. न्यायिक अधिकारी
4. प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रक्त का नमूना कब लिया जा सकता है?
a. किसी भी समय
b. जब वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो
c. जब श्वास-परीक्षण से रक्त में एल्कोहल का संकेत मिले
d. केवल न्यायालय के आदेश पर
5. यदि व्यक्ति श्वास-परीक्षण से इंकार करता है, तो क्या किया जा सकता है?
a. उसे छोड़ दिया जाएगा
b. केवल जुर्माना लगाया जाएगा
c. उससे रक्त का नमूना लिया जा सकता है
d. केवल वाहन जब्त किया जाएगा
6. यदि रक्त का नमूना देने वाली व्यक्ति स्त्री है और चिकित्सा व्यवसायी पुरुष है, तो नमूना किसकी उपस्थिति में लिया जाएगा?
a. पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में
b. मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में
c. किसी स्त्री की उपस्थिति में
d. परिवार के सदस्य की उपस्थिति में
7. यदि व्यक्ति अस्पताल में अन्तरंग रोगी (Indoor Patient) है, तो रक्त का नमूना कहाँ लिया जा सकता है?
a. पुलिस थाने में
b. न्यायालय में
c. अस्पताल में
d. परिवहन कार्यालय में
8. अस्पताल में रक्त का नमूना लेने से पहले किसे सूचना दी जाएगी?
a. पुलिस अधीक्षक को
b. न्यायालय को
c. उस रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी को जिसकी देखरेख में रोगी है
d. परिवहन आयुक्त को
9. प्रयोगशाला परीक्षण के परिणाम क्या होंगे?
a. केवल प्रशासनिक अभिलेख होंगे
b. न्यायालय में मान्य नहीं होंगे
c. साक्ष्य में ग्राह्य होंगे
d. केवल पुलिस रिकॉर्ड के लिए होंगे
10. प्रयोगशाला परीक्षण का अर्थ क्या है?
a. श्वास का परीक्षण
b. मूत्र का परीक्षण
c. रक्त के नमूने का विश्लेषण
d. चिकित्सीय निरीक्षण
11. धारा 204 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन पंजीकरण की जांच करना
b. मादक प्रभाव की वैज्ञानिक पुष्टि करना
c. परमिट सत्यापित करना
d. कर वसूली करना
12. धारा 204 के अंतर्गत रक्त परीक्षण का परिणाम किस प्रयोजन के लिए महत्वपूर्ण है?
a. बीमा दावा निपटान के लिए
b. सड़क निर्माण के लिए
c. धारा 185 से संबंधित अपराधों के साक्ष्य के रूप में
d. वाहन कर निर्धारण के लिए
13. मोटर यान चलाने की अयोग्यता की उपधारणा किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 204
b. धारा 205
c. धारा 206
d. धारा 207
14. धारा 205 किस धारा के अधीन दण्डनीय अपराध से संबंधित कार्यवाही में लागू होती है?
a. धारा 184
b. धारा 185
c. धारा 186
d. धारा 187
15. यदि अभियुक्त श्वास-परीक्षण के लिए श्वास का नमूना देने से इंकार करता है, तो क्या माना जाएगा?
a. अभियुक्त निर्दोष है
b. कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
c. अभियोजन की ओर से दिए गए किसी साध्य का समर्थन करने वाला
d. मामला स्वतः समाप्त हो जाएगा
16. यदि अभियुक्त प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रक्त का नमूना देने से इंकार करता है, तो क्या माना जाएगा?
a. अभियोजन का खंडन होगा
b. प्रतिरक्षा की ओर से दिए गए किसी साक्ष्य का खंडन करने वाला
c. अभियुक्त स्वतः दोषमुक्त होगा
d. मामला पुनः जांच हेतु भेजा जाएगा
17. श्वास-परीक्षण के लिए नमूना देने का अनुरोध किसके द्वारा किया जाता है?
a. न्यायालय
b. रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी
c. पुलिस अधिकारी
d. परिवहन आयुक्त
18. धारा 205 के अनुसार कौन-सी स्थिति उपधारणा उत्पन्न कर सकती है?
a. केवल मौखिक बयान
b. केवल चिकित्सीय रिपोर्ट
c. इंकार करना, ऐसा न करना या करने में असफल रहना
d. केवल प्रत्यक्षदर्शी का बयान
19. अभियुक्त का इंकार कब तक प्रभावी माना जाएगा?
a. न्यायालय के अंतिम निर्णय तक
b. जब तक उसके लिए उचित कारण न दर्शित किया गया हो
c. केवल 24 घंटे तक
d. केवल पुलिस जांच पूरी होने तक
20. धारा 205 के अनुसार अभियुक्त का इंकार किस समय की दशा के बारे में माना जाएगा?
a. गिरफ्तारी के समय की
b. न्यायालय में पेशी के समय की
c. उस समय उसकी दशा के बारे में
d. दुर्घटना के अगले दिन की
21. अभियुक्त का इंकार किस प्रकार के साक्ष्य का खंडन कर सकता है?
a. अभियोजन की ओर से दिए गए साक्ष्य
b. प्रत्यक्षदर्शी के साक्ष्य
c. प्रतिरक्षा की ओर से दिए गए किसी साक्ष्य
d. विशेषज्ञ साक्ष्य
22. धारा 205 के अनुसार अभियुक्त का इंकार किसका समर्थन कर सकता है?
a. केवल न्यायालय की राय का
b. प्रतिरक्षा के तर्कों का
c. अभियोजन की ओर से दिए गए किसी साध्य का
d. पुलिस रिपोर्ट का
23. धारा 205 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन पंजीकरण सुनिश्चित करना
b. मादक प्रभाव से संबंधित मामलों में साक्ष्य संबंधी उपधारणा स्थापित करना
c. परमिट सत्यापन करना
d. सड़क कर वसूली करना
24. धारा 205 के अंतर्गत यदि अभियुक्त परीक्षणों में सहयोग नहीं करता, तो इसका प्रभाव किस पक्ष को लाभ पहुँचा सकता है?
a. केवल प्रतिरक्षा पक्ष को
b. केवल न्यायालय को
c. अभियोजन पक्ष को
d. किसी भी पक्ष को नहीं
25. पुलिस अधिकारी की दस्तावेज परिबद्ध (Seize) करने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 205
b. धारा 206
c. धारा 207
d. धारा 208
26. यदि किसी पुलिस अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण हो कि मोटर यान से संबंधित कोई दस्तावेज भारतीय दंड संहिता की धारा 464 (भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 335) के अर्थ में मिथ्या है, तो वह क्या कर सकता है?
a. दस्तावेज नष्ट कर सकता है
b. दस्तावेज अभिगृहीत (जब्त) कर सकता है
c. केवल चेतावनी दे सकता है
d. केवल रिपोर्ट दर्ज कर सकता है
27. धारा 206(1) के अनुसार मिथ्या दस्तावेज के संदेह पर पुलिस अधिकारी चालक या स्वामी से क्या अपेक्षा कर सकता है?
a. जुर्माना जमा करने को
b. वाहन छोड़ने को
c. दस्तावेज के कब्जे में होने या यान में पाए जाने का कारण बताने को
d. न्यायालय में उपस्थित होने को
28. यदि पुलिस अधिकारी को विश्वास हो कि आरोपी चालक समन की तामील से बच सकता है, तो वह क्या कर सकता है?
a. वाहन जब्त कर सकता है
b. चालक की अनुज्ञप्ति अभिगृहीत कर सकता है
c. चालक को जेल भेज सकता है
d. वाहन का पंजीकरण रद्द कर सकता है
29. धारा 206(2) के अनुसार अभिगृहीत की गई अनुज्ञप्ति किसके पास भेजी जाएगी?
a. परिवहन आयुक्त
b. जिला कलेक्टर
c. अपराध का संज्ञान करने वाले न्यायालय के पास
d. पुलिस अधीक्षक
30. धारा 206(3) के अनुसार जब पुलिस अधिकारी अनुज्ञप्ति अभिगृहीत करता है, तो वह चालक को क्या देगा?
a. चालान
b. गिरफ्तारी वारंट
c. अस्थायी अभिस्वीकृति (Temporary Acknowledgement)
d. परमिट प्रमाणपत्र
31. धारा 206(3) के अनुसार अस्थायी अभिस्वीकृति धारक को कब तक वाहन चलाने का अधिकार देती है?
a. 30 दिन तक
b. 90 दिन तक
c. जब तक अनुज्ञप्ति लौटाई न जाए या निर्दिष्ट तारीख तक
d. न्यायालय के अंतिम निर्णय तक
32. यदि अनुज्ञप्ति धारक के कारण के बिना समय पर अनुज्ञप्ति वापस नहीं हो पाती, तो मोटर चलाने के प्राधिकार की अवधि कौन बढ़ा सकता है?
a. केवल परिवहन आयुक्त
b. केवल न्यायालय
c. मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति
d. केवल राज्य सरकार
33. धारा 206(4) के अनुसार किन धाराओं के अपराध होने पर पुलिस अधिकारी चालक की चालन अनुज्ञप्ति जब्त कर सकता है?
a. धारा 177, 178, 179
b. धारा 180, 181, 182
c. धारा 183, 184, 185 आदि
d. धारा 190, 192, 193
34. धारा 206(4) के अनुसार जब्त की गई अनुज्ञप्ति आगे किसे भेजी जाती है?
a. न्यायालय को
b. राज्य सरकार को
c. अनुज्ञापन (Licensing) प्राधिकारी को
d. पुलिस अधीक्षक को
35. धारा 206(4) के अनुसार दी गई अस्थायी अभिस्वीकृति धारक को कब वाहन चलाने का अधिकार नहीं देती?
a. 30 दिन के बाद
b. न्यायालय में पेशी के बाद
c. जब तक अनुज्ञप्ति वापस न मिल जाए
d. चालान भरने के बाद
36. धारा 206(4) में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 88 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 88 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 88 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 88 द्वारा
37. रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र, परमिट आदि के बिना उपयोग किए गए यानों के निरुद्ध करने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 206
b. धारा 207
c. धारा 208
d. धारा 209
38. यदि मोटर यान का उपयोग धारा 3 या धारा 4 का उल्लंघन करके किया जा रहा हो, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?
a. केवल जुर्माना लगा सकता है
b. केवल चेतावनी दे सकता है
c. यान को अभिगृहीत और निरुद्ध कर सकता है
d. केवल चालान काट सकता है
39. धारा 207 के अनुसार यदि मोटर यान बिना पंजीकरण के उपयोग किया जा रहा हो, तो यह किस धारा का उल्लंघन है?
a. धारा 35
b. धारा 39
c. धारा 41
d. धारा 66
40. यदि वाहन धारा 66(1) के अंतर्गत अपेक्षित परमिट के बिना चलाया जा रहा हो, तो क्या किया जा सकता है?
a. केवल जुर्माना लगाया जा सकता है
b. वाहन को अभिगृहीत और निरुद्ध किया जा सकता है
c. केवल चालक को गिरफ्तार किया जा सकता है
d. केवल परमिट आवेदन कराया जा सकता है
41. यदि अधिकारी चाहे तो वाहन अभिगृहीत करने के बजाय क्या अभिगृहीत कर सकता है?
a. चालक का पहचान पत्र
b. बीमा प्रमाणपत्र
c. रजिस्ट्रीकरण का प्रमाणपत्र
d. फिटनेस प्रमाणपत्र
42. रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र अभिगृहीत करने पर अधिकारी क्या देगा?
a. परमिट
b. समन
c. अभिस्वीकृति
d. चालान
43. निरुद्ध किए गए वाहन को छुड़ाने के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
a. कोई भी व्यक्ति
b. केवल चालक
c. वाहन का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति
d. केवल बीमाकर्ता
44. वाहन को निर्मुक्त करने के लिए आवेदन किसे दिया जाता है?
a. जिला न्यायालय को
b. पुलिस अधीक्षक को
c. परिवहन प्राधिकारी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को
d. बीमा कंपनी को
45. वाहन को निर्मुक्त करने से पहले क्या किया जाएगा?
a. वाहन की नीलामी
b. दस्तावेजों का सत्यापन
c. चालक की गिरफ्तारी
d. बीमा दावा परीक्षण
46. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद वाहन कैसे छोड़ा जा सकता है?
a. स्वतः
b. केवल न्यायालय के आदेश से
c. आदेश द्वारा शर्तों के अधीन
d. केवल जुर्माना जमा करने पर
47. मामलों का संक्षिप्त निपटारा किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 207
b. धारा 208
c. धारा 209
d. धारा 210
48. धारा 208 के अनुसार न्यायालय अभियुक्त को क्या तामील करता है?
a. वारंट
b. नोटिस
c. समन
d. आदेश
49. समन में अभियुक्त को क्या करने के लिए कहा जा सकता है?
a. केवल स्वयं उपस्थित हो
b. केवल अधिवक्ता भेजे
c. स्वयं या अभिवक्ता द्वारा उपस्थित हो
d. केवल लिखित उत्तर दे
50. अभियुक्त आरोप की सुनवाई से पहले क्या कर सकता है?
a. अपील कर सकता है
b. दोषी होने का अभिवचन कर सकता है
c. साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है
d. पुनरीक्षण याचिका दायर कर सकता है
51. दोषी होने का अभिवचन करने पर अभियुक्त न्यायालय को क्या भेज सकता है?
a. शपथपत्र
b. जमानतनामा
c. जुर्माने की धनराशि धनादेश द्वारा
d. केवल आवेदन पत्र
52. धनादेश में भेजी जाने वाली राशि कितनी हो सकती है?
a. अधिकतम जुर्माने से अधिक
b. केवल आधा जुर्माना
c. अधिकतम जुर्माने से कम या बराबर
d. न्यायालय द्वारा निर्धारित कोई भी राशि
53. कुछ अपराधों में दोषी होने का अभिवचन करने पर अभियुक्त को क्या भेजना होगा?
a. बीमा प्रमाणपत्र
b. वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र
c. चालन अनुज्ञप्ति
d. फिटनेस प्रमाणपत्र
54. यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है और चालन अनुज्ञप्ति भेजता है, तो न्यायालय क्या करेगा?
a. अनुज्ञप्ति रद्द कर देगा
b. अनुज्ञप्ति जब्त कर लेगा
c. दोषसिद्धि को अनुज्ञप्ति पर पृष्ठांकित करेगा
d. अनुज्ञप्ति नवीनीकृत करेगा
55. यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है और राशि भेज देता है, तो क्या होगा?
a. पुनः मुकदमा चलेगा
b. उसके विरुद्ध कोई और कार्यवाही नहीं की जाएगी
c. उसे पुनः उपस्थित होना होगा
d. उसकी अनुज्ञप्ति निलंबित होगी
56. दोषी होने का अभिवचन करने के कारण क्या अभियुक्त अनुज्ञप्ति धारण करने से निरर्हित होगा?
a. हाँ, सदैव
b. हाँ, एक वर्ष के लिए
c. नहीं
d. न्यायालय के विवेक पर निर्भर करेगा
57. दोषसिद्धि पर निर्बंधन किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 208
b. धारा 209
c. धारा 210
d. धारा 211
58. धारा 209 किन धाराओं के अधीन अपराधों पर लागू होती है?
a. धारा 181 और 182
b. धारा 183 और 184
c. धारा 185 और 186
d. धारा 187 और 188
59. धारा 209 के अनुसार दोषसिद्धि से पहले क्या दिया जा सकता है?
a. वारंट
b. जमानत
c. चेतावनी
d. दंडादेश
60. अपराध के कितने दिनों के भीतर सूचना दी जा सकती है?
a. 7 दिन
b. 14 दिन
c. 21 दिन
d. 28 दिन
61. सूचना में क्या बताया जाता है?
a. केवल अपराध का नाम
b. केवल अपराध का स्थान
c. अपराध का स्वरूप तथा समय और स्थान
d. केवल अपराध का समय
62. सूचना किसे दी जा सकती है?
a. केवल चालक को
b. केवल वाहन स्वामी को
c. दोनों को
d. केवल न्यायालय को
63. अपराध के कितने दिनों के भीतर समन की तामील की जा सकती है?
a. 14 दिन
b. 21 दिन
c. 28 दिन
d. 30 दिन
64. यदि अभियुक्त का नाम और पता समय पर ज्ञात न हो सके, तो क्या होगा?
a. अभियोजन स्वतः समाप्त हो जाएगा
b. धारा 209 लागू नहीं होगी
c. जुर्माना दोगुना होगा
d. वाहन जब्त कर लिया जाएगा
65. यदि सूचना या समन की तामील में असफलता अभियुक्त के आचरण के कारण हो, तो क्या होगा?
a. मामला समाप्त हो जाएगा
b. अभियुक्त दोषमुक्त हो जाएगा
c. धारा 209 लागू नहीं होगी
d. केवल चेतावनी दी जाएगी
66. धारा 209 के अनुसार सूचना किस माध्यम से भेजी जा सकती है?
a. साधारण डाक
b. ई-मेल
c. रजिस्ट्रीकृत डाक
d. दूरभाष संदेश
67. धारा 209 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन पंजीकरण सुनिश्चित करना
b. अभियुक्त को समय पर अपराध की सूचना देना
c. परमिट जारी करना
d. सड़क कर वसूलना
68. धारा 209 के अंतर्गत चेतावनी किस प्रकार के अपराधों के संदर्भ में दी जा सकती है?
a. धारा 183 एवं 184 के अपराधों में
b. धारा 185 एवं 186 के अपराधों में
c. धारा 187 एवं 188 के अपराधों में
d. धारा 189 एवं 190 के अपराधों में
69. दोषसिद्धि संबंधी सूचना का न्यायालयों द्वारा भेजा जाना किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 209
b. धारा 210
c. धारा 211
d. धारा 212
70. न्यायालय किस व्यक्ति के दोषसिद्ध होने पर सूचना भेजता है?
a. वाहन स्वामी
b. बीमाकर्ता
c. जो चालन-अनुज्ञप्ति धारण किए हुए है
d. वाहन निर्माता
71. न्यायालय किस प्राधिकारी को सूचना देता है?
a. परिवहन आयुक्त
b. जिला कलेक्टर
c. अनुज्ञापन प्राधिकारी
d. पुलिस अधीक्षक
72. न्यायालय सूचना किस अनुज्ञापन प्राधिकारी को देता है?
a. केवल जिसने अनुज्ञप्ति जारी की हो
b. केवल जिसने अंतिम नवीकरण किया हो
c. जिसने चालन अनुज्ञप्ति दी थी या जिसने अनुज्ञप्ति का अंतिम बार नवीकरण किया था
d. राज्य सरकार को
73. सूचना में क्या शामिल होगा?
a. केवल अपराध का विवरण
b. केवल दंड का विवरण
c. अनुज्ञप्ति धारक का नाम और पता
d. केवल न्यायालय का नाम
74. सूचना में कौन-सा विवरण दिया जाता है?
a. वाहन का इंजन नंबर
b. वाहन का चेसिस नंबर
c. अनुज्ञप्ति संख्यांक
d. बीमा पॉलिसी नंबर
75. सूचना में कौन-सी तिथियां शामिल होती हैं?
a. वाहन खरीदने की तिथि और पंजीकरण तिथि
b. अनुज्ञप्ति दिए जाने की तारीख और नवीकरण की तारीख
c. अपराध की तिथि और चालान की तिथि
d. बीमा की प्रारंभ एवं समाप्ति तिथि
76. सूचना में अपराध से संबंधित क्या दिया जाता है?
a. केवल अपराध का स्थान
b. केवल अपराध का समय
c. अपराध का स्वरूप
d. केवल गवाहों के नाम
77. सूचना में दंड से संबंधित क्या शामिल होता है?
a. केवल जुर्माने की राशि
b. केवल कारावास की अवधि
c. दिया गया दंड
d. केवल चेतावनी
78. सूचना में और क्या शामिल हो सकता है?
a. केवल वाहन का रंग
b. केवल चालक का फोटो
c. विहित की गई अन्य विशिष्टियां
d. केवल न्यायालय शुल्क का विवरण
79. धारा 210 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन पंजीकरण का रिकॉर्ड रखना
b. दोषसिद्ध चालक की जानकारी अनुज्ञापन प्राधिकारी तक पहुँचाना
c. सड़क कर वसूलना
d. बीमा दावों का निपटारा करना
80. धारा 210 के अंतर्गत भेजी गई सूचना का संबंध मुख्य रूप से किससे होता है?
a. वाहन स्वामित्व से
b. चालन-अनुज्ञप्ति और दोषसिद्धि से
c. वाहन बीमा से
d. परमिट नवीकरण से
81. शास्तियों में वृद्धि करने की राज्य सरकार की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 210
b. धारा 210(क)
c. धारा 211
d. धारा 212
82. धारा 210क के अनुसार जुर्माने में वृद्धि किसके द्वारा की जा सकती है?
a. राज्य सरकार
b. उच्च न्यायालय
c. केन्द्रीय सरकार
d. परिवहन प्राधिकारी
83. जुर्माने में वृद्धि किस माध्यम से की जाएगी?
a. परिपत्र द्वारा
b. न्यायालय के आदेश द्वारा
c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा
d. विभागीय आदेश द्वारा
84. जुर्माने पर लागू गुणक (Multiplier) कितने से कम नहीं होगा?
a. शून्य
b. एक
c. दो
d. पाँच
85. जुर्माने पर लागू गुणक अधिकतम कितना हो सकता है?
a. पाँच
b. आठ
c. दस
d. बारह
86. धारा 210क के अनुसार गुणक किस पर लागू होगा?
a. केवल परिवहन यानों पर
b. केवल निजी यानों पर
c. इस अधिनियम के अधीन प्रत्येक जुर्माने पर
d. केवल परमिट संबंधी अपराधों पर
87. गुणक किन शर्तों के अधीन रहेगा?
a. केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाई गई शर्तों के
b. न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तों के
c. राज्य सरकार द्वारा बनाई गई शर्तों के
d. परिवहन प्राधिकारी की शर्तों के
88. भिन्न-भिन्न गुणक किस पर लागू किए जा सकते हैं?
a. विभिन्न जिलों पर
b. विभिन्न अपराधियों पर
c. मोटर यानों के भिन्न-भिन्न वर्गों पर
d. विभिन्न न्यायालयों पर
89. मोटर यानों के वर्गों का वर्गीकरण कौन करेगा?
a. केन्द्रीय सरकार
b. राज्य सरकार
c. उच्च न्यायालय
d. परिवहन निगम
90. धारा 210क के अंतर्गत विनिर्दिष्ट गुणक कहाँ प्रवृत्त होगा?
a. सम्पूर्ण भारत में
b. केवल केन्द्रशासित प्रदेशों में
c. केवल उस राज्य में
d. केवल राष्ट्रीय राजमार्गों पर
91. धारा 210क कब जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 89 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा
92. धारा 210क का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन पंजीकरण बढ़ाना
b. राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार जुर्मानों को गुणक द्वारा बढ़ाने की व्यवस्था करना
c. नए परमिट जारी करना
d. बीमा प्रीमियम निर्धारित करना
93. प्रवर्तनकारी प्राधिकरण द्वारा किए गए अपराध के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 210(क)
b. धारा 210(ख)
c. धारा 211
d. धारा 212
94. धारा 210ख किन व्यक्तियों पर लागू होती है?
a. केवल वाहन चालकों पर
b. केवल वाहन स्वामियों पर
c. प्रवर्तनकारी प्राधिकरण पर
d. केवल न्यायिक अधिकारियों पर
95. प्रवर्तनकारी प्राधिकरण से क्या अभिप्राय है?
a. कोई भी सरकारी कर्मचारी
b. केवल पुलिस अधिकारी
c. जो इस अधिनियम के उपबंधों को प्रवृत्त करने के लिए सशक्त है
d. केवल परिवहन आयुक्त
96. यदि प्रवर्तनकारी प्राधिकरण इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध करता है, तो वह किसके लिए दायी होगा?
a. सामान्य शास्ति के लिए
b. आधी शास्ति के लिए
c. दुगनी शास्ति के लिए
d. केवल विभागीय कार्यवाही के लिए
97. धारा 210ख के अनुसार शास्ति किसके समान होगी?
a. न्यायालय द्वारा निर्धारित शास्ति
b. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शास्ति
c. उस अपराध के लिए निर्धारित शास्ति
d. परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित शास्ति
98. धारा 210ख के अनुसार प्रवर्तनकारी प्राधिकरण के अपराध पर कितनी शास्ति होगी?
a. सामान्य शास्ति
b. डेढ़ गुना शास्ति
c. दुगनी शास्ति
d. तीन गुना शास्ति
99. यदि कोई प्रवर्तनकारी अधिकारी अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करता है, तो क्या होगा?
a. केवल चेतावनी दी जाएगी
b. केवल निलंबन होगा
c. उसे दुगनी शास्ति दी जाएगी
d. कोई कार्रवाई नहीं होगी
100. धारा 210ख के अनुसार अपराध करने वाला प्रवर्तनकारी प्राधिकरण किसके अधीन दायी होगा?
a. केवल सेवा नियमों के अधीन
b. केवल विभागीय जांच के अधीन
c. इस अधिनियम के अधीन शास्ति के अधीन
d. केवल न्यायालय की अवमानना के अधीन
101. धारा 210ख का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. प्रवर्तन अधिकारियों को विशेष अधिकार देना
b. प्रवर्तनकारी प्राधिकरणों की जवाबदेही सुनिश्चित करना
c. वाहन पंजीकरण बढ़ाना
d. बीमा अनुपालन सुनिश्चित करना
102. धारा 210ख कब जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 89 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा
103. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 210(क)
b. धारा 210(ख)
c. धारा 210(ग)
d. धारा 211
104. धारा 210ग के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. राज्य सरकार
b. उच्च न्यायालय
c. केन्द्रीय सरकार
d. परिवहन प्राधिकरण
105. केन्द्रीय सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों के किस विषय पर नियम बना सकती है?
a. केवल टोल वसूली पर
b. केवल यातायात नियंत्रण पर
c. डिजाइन, संनिर्माण और अनुरक्षण के मानकों पर
d. केवल सड़क प्रकाश व्यवस्था पर
106. धारा 210ग के अनुसार न्यायालय द्वारा किस धारा की उपधारा (3) के अधीन कारकों पर विचार किया जाता है?
a. धारा 194
b. धारा 196
c. धारा 198क
d. धारा 200
107. धारा 210ग के अनुसार केन्द्रीय सरकार किन कारकों पर नियम बना सकती है?
a. केवल सड़क कर से संबंधित कारकों पर
b. केवल वाहन पंजीकरण से संबंधित कारकों पर
c. ऐसे अन्य कारक जिन पर न्यायालय विचार करे
d. केवल बीमा से संबंधित कारकों पर
108. धारा 210ग के अनुसार नियम किस विषय पर भी बनाए जा सकते हैं?
a. केवल राष्ट्रीय परमिट पर
b. केवल चालक अनुज्ञप्ति पर
c. कोई अन्य विषय जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया गया है
d. केवल सड़क सुरक्षा शुल्क पर
109. राष्ट्रीय राजमार्गों के संबंध में नियम किन मानकों से संबंधित हो सकते हैं?
a. केवल सड़क चौड़ाई से
b. केवल पुल निर्माण से
c. डिजाइन, संनिर्माण और अनुरक्षण से
d. केवल यातायात संकेतों से
110. राष्ट्रीय राजमार्गों के अनुरक्षण से क्या अभिप्राय है?
a. केवल सड़क निर्माण
b. केवल सड़क निरीक्षण
c. उनकी देखभाल और रखरखाव
d. केवल सड़क कर संग्रहण
111. धारा 210ग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन पंजीकरण नियंत्रित करना
b. राष्ट्रीय राजमार्गों के डिजाइन, निर्माण एवं रखरखाव के मानक निर्धारित करना
c. चालक अनुज्ञप्ति जारी करना
d. सड़क कर वसूली करना
112. धारा 210ग कब जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 89 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा
113. धारा 210ग के अंतर्गत बनाए गए नियम मुख्यतः किस प्रकार की सड़कों से संबंधित हैं?
a. ग्राम सड़कें
b. नगर सड़कें
c. राष्ट्रीय राजमार्ग
d. निजी सड़कें
114. धारा 210ग के अनुसार न्यायालय द्वारा विचार किए जाने वाले अतिरिक्त कारकों को विनिर्दिष्ट करने का अधिकार किसे है?
a. राज्य सरकार को
b. जिला कलेक्टर को
c. केन्द्रीय सरकार को
d. परिवहन आयुक्त को
115. राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 210(ग)
b. धारा 210(घ)
c. धारा 211
d. धारा 212
116. धारा 210घ के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. केन्द्रीय सरकार
b. उच्च न्यायालय
c. राज्य सरकार
d. परिवहन आयुक्त
117. राज्य सरकार किन सड़कों के लिए नियम बना सकती है?
a. केवल राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए
b. केवल एक्सप्रेस-वे के लिए
c. राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कों के लिए
d. केवल निजी सड़कों के लिए
118. राज्य सरकार किन विषयों के मानकों के लिए नियम बना सकती है?
a. केवल यातायात नियंत्रण
b. केवल सड़क कर
c. डिजाइन, संनिर्माण और अनुरक्षण
d. केवल वाहन पार्किंग
119. धारा 210घ के अनुसार नियम किन सड़कों के डिजाइन के लिए बनाए जा सकते हैं?
a. केवल राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए
b. केवल ग्रामीण सड़कों के लिए
c. राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कों के लिए
d. केवल शहरी सड़कों के लिए
120. राज्य सरकार किन सड़कों के संनिर्माण के मानकों के लिए नियम बना सकती है?
a. केवल राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए
b. राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कों के लिए
c. केवल निजी सड़कों के लिए
d. केवल टोल सड़कों के लिए
121. राज्य सरकार किन सड़कों के अनुरक्षण के मानकों के लिए नियम बना सकती है?
a. केवल राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए
b. केवल एक्सप्रेस-वे के लिए
c. राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कों के लिए
d. केवल ग्रामीण मार्गों के लिए
122. धारा 210घ के अनुसार राज्य सरकार किस अन्य विषय पर भी नियम बना सकती है?
a. केवल सड़क कर से संबंधित विषयों पर
b. केवल परमिट से संबंधित विषयों पर
c. जो राज्य सरकार द्वारा विहित किया गया है
d. केवल चालक अनुज्ञप्ति से संबंधित विषयों पर
123. धारा 210घ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए मानक बनाना
b. राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कों के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के मानक निर्धारित करना
c. वाहन पंजीकरण नियंत्रित करना
d. बीमा नियम बनाना
124. धारा 210घ किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 द्वारा
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा
125. धारा 210घ के अंतर्गत बनाए गए नियम मुख्यतः किन सड़कों से संबंधित होते हैं?
a. केवल राष्ट्रीय राजमार्ग
b. केवल निजी सड़कें
c. राष्ट्रीय राजमार्गों को छोड़कर अन्य सड़कें
d. केवल औद्योगिक सड़कें
126. राष्ट्रीय राजमार्गों के अतिरिक्त सड़कों के रखरखाव के मानक निर्धारित करने का अधिकार किसे है?
a. केन्द्रीय सरकार
b. उच्च न्यायालय
c. राज्य सरकार
d. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
127. फीस उद्गृहीत करने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 210(घ)
b. धारा 211
c. धारा 212
d. धारा 213
128. धारा 211 के अनुसार फीस निर्धारित करने की शक्ति किसके पास है?
a. केवल केंद्रीय सरकार
b. केवल राज्य सरकार
c. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार
d. केवल परिवहन आयुक्त
129. धारा 211 के अनुसार फीस किनके संबंध में ली जा सकती है?
a. केवल आवेदन के लिए
b. केवल परमिट के लिए
c. आवेदन, प्रमाणपत्र, अनुज्ञप्ति और परमिट के लिए
d. केवल पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए
130. दस्तावेजों के किस कार्य के लिए फीस ली जा सकती है?
a. केवल जारी करने के लिए
b. केवल नवीनीकरण के लिए
c. संशोधन के लिए
d. केवल सत्यापन के लिए
131. धारा 211 के अनुसार किसके लिए फीस ली जा सकती है?
a. केवल परीक्षण के लिए
b. केवल पृष्ठांकन के लिए
c. परीक्षण, पृष्ठांकन, वैज और प्लेटों के लिए
d. केवल वैज के लिए
132. धारा 211 के अनुसार किसके लिए फीस ली जा सकती है?
a. केवल प्रतिहस्ताक्षर के लिए
b. केवल प्राधिकरण के लिए
c. प्रतिहस्ताक्षर, प्राधिकरण और प्रतियां देने के लिए
d. केवल प्रतियां देने के लिए
133. धारा 211 के अनुसार फीस किस प्रयोजन के लिए ली जा सकती है?
a. केवल प्रशासनिक व्यय के लिए
b. केवल कर संग्रहण के लिए
c. इस अधिनियम के अधीन की जाने वाली सेवाओं के लिए
d. केवल न्यायालयी कार्यवाही के लिए
134. धारा 211 के अनुसार फीस का प्रावधान किसमें किया जा सकता है?
a. अधिसूचना में
b. नियमों में
c. न्यायालय के आदेश में
d. परिपत्र में
135. सरकार लोक हित में क्या कर सकती है?
a. फीस समाप्त कर सकती है
b. फीस दोगुनी कर सकती है
c. फीस में छूट दे सकती है
d. केवल नई फीस लगा सकती है
136. सरकार फीस में छूट किसे दे सकती है?
a. केवल सरकारी कर्मचारियों को
b. केवल वाहन स्वामियों को
c. व्यक्तियों के किसी वर्ग को
d. केवल परिवहन कंपनियों को
137. धारा 211 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना
b. अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं के लिए फीस निर्धारित करने की व्यवस्था करना
c. वाहन पंजीकरण रद्द करना
d. दंड निर्धारित करना
138. धारा 211 के अंतर्गत फीस किन सेवाओं से संबंधित हो सकती है?
a. केवल अनुज्ञप्तियों से
b. केवल परमिटों से
c. अधिनियम के अधीन विभिन्न सेवाओं और दस्तावेजी कार्यों से
d. केवल वाहन परीक्षण से
139. दस्तावेजों और प्ररूपों का इलैक्ट्रानिक उपयोग किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 211
b. धारा 211(क)
c. धारा 212
d. धारा 213
140. धारा 211क के अनुसार आवेदन या दस्तावेज किस रूप में फाइल किए जा सकते हैं?
a. केवल लिखित रूप में
b. केवल मुद्रित प्ररूप में
c. इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में
d. केवल शपथपत्र के रूप में
141. इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप किसके द्वारा विहित किया जाएगा?
a. केवल केन्द्रीय सरकार द्वारा
b. केवल राज्य सरकार द्वारा
c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा
d. न्यायालय द्वारा
142. धारा 211क के अनुसार कौन-सा कार्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया जा सकता है?
a. केवल आवेदन फाइल करना
b. केवल अनुज्ञप्ति जारी करना
c. आवेदन फाइल करना, अनुज्ञप्ति या परमिट जारी करना तथा धन की प्राप्ति या संदाय करना
d. केवल शुल्क जमा करना
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