भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 MCQs Set-3

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

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1. निम्नलिखित धाराओं के समूहों में से किस का सम्बन्ध उद्घोषणा तथा कुर्की से है?

a. धारा 88 से 85

b. धारा 82 से 90

c. धारा 80 से 80

d. धारा 84 से 85

 

2. यदि न्यायालय को विश्वास हो कि कोई व्यक्ति फरार है और वारंट निष्पादित नहीं हो पा रहा, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. उस व्यक्ति की गिरफ्तारी का आदेश तुरंत देगा

b. उस व्यक्ति के लिए लिखित उद्घोषणा प्रकाशित कर सकता है जिसमें हाजिरी का समय और स्थान बताए गए हों

c. उस व्यक्ति को जमानत पर छोड़ सकता है

d. उस व्यक्ति के विरुद्ध मामला बंद कर सकता है

 

3. धारा 84 के अंतर्गत जारी उद्घोषणा के लिए हाजिरी की न्यूनतम अवधि क्या है-

a. 15 दिन

b. 30 दिन

c. 60 दिन

d. 90 दिन

 

4. उद्घोषणा निम्नलिखित में से किस प्रकार प्रकाशित की जाएगी?

a. केवल न्यायालय के परिसर में प्रकाशित की जाएगी

b. उस नगर या ग्राम के सार्वजनिक स्थान पर पढ़ी जाएगी, व्यक्ति के घर पर लगी जाएगी और न्यायालय के सहजदृश्य भाग पर भी लगाई जाएगी

c. केवल समाचारपत्र में प्रकाशित की जाएगी

d. केवल व्यक्ति के घर पर पोस्ट की जाएगी

 

5. न्यायालय उद्घोषणा की एक प्रति दैनिक समाचारपत्र में प्रकाशित कराने का आदेश दे सकता है-

a. धारा 84(2)(i) (ख) के अंतर्गत

b. धारा 84(2)(i) (क) के अंतर्गत

c. धारा 84(2)(ii) के अंतर्गत

d. धारा 84(2)(i) (ग) के अंतर्गत

 

6. धारा 84 उपधारा (2) और उपधारा (3) के उपबंध किसके लिए भी लागू होते हैं?

a. केवल उपधारा (1) के तहत प्रकाशित उद्घोषणा के लिए

b. केवल वारंट निष्पादन के लिए

c. उपधारा (4) के तहत की गई उद्घोषित अपराधी की घोषणा के लिए भी

d. केवल पुलिस अधिकारी के निर्देश के लिए

 

7. फरार व्यक्ति की संपत्ति की कुर्की किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 86

b. धारा 85

c. धारा 84 

d. धारा 83

 

8. धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी करने वाला न्यायालय कब संपत्ति की कुर्की का आदेश दे सकता है?

a. केवल उद्घोषणा जारी करने के बाद 6 महीने में

b. उद्घोषणा जारी करने के बाद किसी भी समय, जब उसके पास कारण लिखित हों

c. केवल फरार व्यक्ति के गिरफ्तारी के बाद

d. केवल स्थानीय पुलिस की सलाह पर

 

9. यदि उद्घोषणा के समय न्यायालय यह समाधान करता है कि व्यक्ति अपनी संपत्ति का व्यय करने वाला है या उसे अपनी अधिकारिता से बाहर ले जाने वाला है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. केवल गिरफ्तारी का आदेश देगा

b. केवल उद्घोषणा जारी करेगा

c. उद्घोषणा के साथ ही संपत्ति की कुर्की का आदेश भी दे सकता है

d. कुछ नहीं कर सकता

 

10. न्यायालय द्वारा जारी कुर्की आदेश किसके अधिकार क्षेत्र में लागू होगा?

a. केवल उस जिले में जहां न्यायालय है

b. केवल उस जिले में जहां संपत्ति स्थित है

c. उस जिले में जहां न्यायालय है, और जिले के बाहर के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पृष्ठांकन पर

d. पूरे देश में

 

11. कोई ऐसा व्यक्ति, जो अपनी गिरफ्तारी हेतु वारंट जारी हो चुकने के बाद फरार चल रहा हो, को हाजिर होने हेतु बाध्य करने के लिए धारा 85 के अंतर्गत उद्घोषणा करने के साथ-साथ उसकी संपत्ति की कुर्की का आदेश भी जारी किया जा सकता है, बशर्ते न्यायालय संतुष्ट हो कि ऐसा व्यक्ति-  

a. अपनी संपत्ति को पूरी तरह अथवा आंशिक तौर पर बेचने वाला है।

b. अपनी संपत्ति को पूरी तरह अथवा आंशिक तौर पर न्यायालय की अधिकारिता के बाहर ले जाने वाला है। 

c. उपरोक्त (a) अथवा (b) में से कोई भी एक स्थिति विद्यमान हो या दोनों हो

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

12. यदि कुर्क की जाने वाली संपत्ति ऋण या जंगम संपत्ति हो, तो कुर्की कैसे की जाएगी?

a. केवल कब्जा लेकर

b. अभिग्रहण, रिसीवर की नियुक्ति, या लिखित आदेश द्वारा परिदान रोककर

c. केवल बेचकर

d. केवल अदालत के आदेश पर

 

13. स्थावर संपत्ति की कुर्की में निम्न में से कौन-से तरीके अपनाए जा सकते हैं?

a. कब्जा लेकर

b. रिसीवर की नियुक्ति

c. लिखित आदेश द्वारा परिदान रोकना

d. उपरोक्त सभी विकल्प

 

14. यदि कुर्क की गई संपत्ति जीवधन या विनश्वर प्रकृति की हो, तो न्यायालय तुरंत विक्रय का आदेश दे सकता है-

a. धारा 85(2) के अंतर्गत

b. धारा 85(3) के अंतर्गत

c. धारा 85(4) के अंतर्गत

d. धारा 85(5) के अंतर्गत

 

15. इस धारा के अंतर्गत नियुक्त रिसीवर के कर्तव्य और शक्तियां किस कानून के अनुसार होंगी?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860

b. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

c. भारतीय संविधान

d. कोई विशेष प्रावधान नहीं

 

16. उद्घोषित व्यक्ति की संपत्ति की पहचान और कुर्की किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 87

b. धारा 86

c. धारा 85

d. धारा 84

 

17. न्यायालय कब उद्घोषित व्यक्ति की संपत्ति की पहचान, कुर्की और जब्ती के लिए सहायता का अनुरोध करता है?

a. जब पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारी से लिखित अनुरोध प्राप्त होता है

b. जब गिरफ्तारी हो जाती है

c. जब व्यक्ति स्वयं अदालत में उपस्थित होता है

d. जब कोई शिकायत दर्ज होती है

 

18. धारा 86 में संपत्ति की पहचान और कुर्की की प्रक्रिया किस अध्याय के अनुसार आरंभ की जाती है?

a. अध्याय 5

b. अध्याय 8

c. अध्याय 10

d. अध्याय 3

 

19. धारा 87 किससे सम्बन्धित है?

a. उद्घोषित व्यक्ति की संपत्ति की पहचान और कुर्की

b. कुर्क की हुई संपत्ति को निर्मुक्त करना, विक्रय और वापस करना

c. फरार व्यक्ति की संपत्ति की कुर्की

d. कुर्की के बारे में दावे और आपत्तियां

 

20. धारा 85 के अधीन कुर्की की गई संपत्ति के संबंध में दावा या आपत्ति करने की अवधि क्या है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष

d. 2 वर्ष

 

21. यदि दावा करने वाला व्यक्ति मर जाता है, तो दावा या आपत्ति कैसे जारी रह सकती है?

a. नहीं जारी रह सकती

b. उसके परिवार द्वारा

c. उसके विधिक प्रतिनिधि द्वारा

d. न्यायालय के आदेश से

 

22. धारा 87 के तहत दावे या आपत्तियां किस न्यायालय में की जा सकती हैं?

a. किसी भी न्यायालय में

b. जहां कुर्की का आदेश दिया गया है या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में

c. केवल उच्च न्यायालय में

d. केवल सत्र न्यायालय में

 

23. अगर दावे या आपत्तियां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में की जाती हैं, तो वह उन्हें किसे सौंप सकता है?

a. जिला न्यायालय को

b. उच्च न्यायालय को

c. अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट को

d. पुलिस अधिकारी को

 

24. यदि दावे या आपत्ति को पूरी तरह या आंशिक रूप से नामंजूर कर दिया जाता है, तो उस व्यक्ति के पास आदेश की तारीख से कितने समय में विवादित संपत्ति के संबंध में दावा करने का अधिकार होता है?

a. 6 महीने

b. 1 वर्ष

c. 2 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

25. कुर्क की हुई संपत्ति को निर्मुक्त करना, विक्रय और वापस करना किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 88

b. धारा 89

c. धारा 90

d. धारा 91

 

26. यदि उद्घोषित व्यक्ति उद्घोषणा में विनिर्दिष्ट समय के अंदर हाजिर हो जाता है, तो न्यायालय क्या आदेश देगा?

a. संपत्ति का विक्रय

b. संपत्ति को कुर्की से निर्मुक्त करने का आदेश

c. संपत्ति को स्थायी रूप से कब्जे में लेने का आदेश

d. उस व्यक्ति की गिरफ्तारी का आदेश

 

27. यदि उद्घोषित व्यक्ति विनिर्दिष्ट समय के अंदर हाजिर नहीं होता, तो कुर्क संपत्ति की क्या स्थिति होगी?

a. तुरंत विक्रय कर दी जाएगी

b. राज्य सरकार के व्ययनाधीन रहेगी

c. संपत्ति स्वचालित रूप से वापस कर दी जाएगी

d. संपत्ति का कब्जा पुलिस को सौंपा जाएगा

 

28. कुर्क संपत्ति का विक्रय कब किया जा सकता है?

a. कुर्की की तारीख से तीन महीने बाद

b. कुर्की की तारीख से छह महीने का अवसान हो जाने और धारा 87 के अधीन किसी दावे या आपत्ति के निपटारे के बाद

c. कुर्की के तुरंत बाद

d. उद्घोषित व्यक्ति के गिरफ्तारी के बाद

 

29. न्यायालय कब शीघ्रतया और प्रकृत्या क्षयशील संपत्ति का विक्रय कर सकता है?

a. केवल उद्घोषित व्यक्ति की अनुमति से

b. जब न्यायालय को स्वामी के फायदे के लिए उचित लगे

c. केवल धारा 87 के अधीन अनुमति मिलने पर

d. न्यायालय ऐसा नहीं कर सकता

 

30. यदि उद्घोषित व्यक्ति कुर्की की तारीख से दो वर्ष के अंदर न्यायालय के समक्ष हाजिर हो जाता है और यह साबित करता है कि वह फरार या छिपा नहीं था, तो क्या होगा?

a. उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा

b. उसे कोई राहत नहीं मिलेगी

c. उसे कुर्क की हुई संपत्ति या उसके विक्रय के शुद्ध आगमों का परिदान कर दिया जाएगा

d. संपत्ति को विक्रय कर दिया जाएगा

 

31. एक घोषित व्यक्ति, जिसकी संपत्ति कुर्क की जा चुकी हो, हाजिर होने पर संपत्ति वापसी अथवा उसकी बिक्री की राशि पाने का दावा कुर्की के कितने दिनों के अंदर कर सकता है-

a. कुर्की से 6 माह के अंदर 

b. कुर्की से 2 वर्ष के अंदर 

c. कुर्की से 3 वर्ष के अंदर 

d. कुर्की से 1 वर्ष के अंदर

 

32. कुर्क संपत्ति की वापसी के लिए आवेदन नामंजूर करने वाले आदेश नामंजूर करने वाले आदेश से अपील किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 88

b. धारा 89

c. धारा 90

d. धारा 91

 

33. समन के स्थान पर या उसके अतिरिक्त वारंट का जारी किया जाना किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 91

b. धारा 90

c. धारा 89

d. धारा 88

 

34. धारा 90 के अनुसार, न्यायालय कब समन के स्थान पर या उसके अतिरिक्त वारंट जारी कर सकता है?

a. जब अभियुक्त पहले से जेल में हो

b. जब अभियुक्त पहले से जमानत पर हो

c. जब न्यायालय को विश्वास हो कि अभियुक्त फरार हो गया है या समन का पालन नहीं करेगा

d. जब अभियुक्त समन का उत्तर लिखित में दे

 

35. धारा 91 किससे सम्बन्धित है?

a. हाजिरी के लिए बंधपत्र या जमानतपत्र लेने की शक्ति

b. इस अध्याय के उपबंधों का साधारणतया समनों और गिरफ्तारी के वारंटों को लागू होना

c. समन के स्थान पर या उसके अतिरिक्त वारंट का जारी किया जाना

d. कुर्क संपत्ति की वापसी के लिए आवेदन नामंजूर करने वाले आदेश नामंजूर करने वाले आदेश से अपील

 

36. धारा 92 किससे सम्बन्धित है?

a. इस अध्याय के उपबंधों का साधारणतया समनों और गिरफ्तारी के वारंटों को लागू होना

b. समन के स्थान पर या उसके अतिरिक्त वारंट का जारी किया जाना

c. कुर्क संपत्ति की वापसी के लिए आवेदन नामंजूर करने वाले आदेश नामंजूर करने वाले आदेश से अपील

d. हाजिरी का बंधपत्र या जमानतपत्र भंग करने पर गिरफ्तारी

 

37. दस्तावेज या अन्य चीज पेश करने के लिए समन किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 92

b. धारा 93

c. धारा 94

d. धारा 91

 

38. पत्रों के संबंध में प्रक्रिया किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 92

b. धारा 93

c. धारा 95

d. धारा 91

 

39. कौन-से अधिकारी डाक प्राधिकारी से दस्तावेज, पार्सल या चीज को परिदान करने का निर्देश दे सकते हैं?

a. उप-निरीक्षक

b. नायब तहसीलदार

c. जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सेशन न्यायालय या उच्च न्यायालय

d. ग्राम प्रधान

 

40. धारा 95 के अंतर्गत कौन-सा अधिकारी डाक या तार प्राधिकारी से तलाशी कराने और दस्तावेज को निरुद्ध रखने की अपेक्षा कर सकता है?

a. पंचायत सचिव

b. ग्राम कोतवाल

c. कार्यपालक या न्यायिक मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त या जिला पुलिस अधीक्षक

d. तहसीलदार

 

41. यदि कार्यपालक मजिस्ट्रेट को कोई दस्तावेज आवश्यक प्रतीत हो, तो वह क्या कर सकता है?

a. स्वयं दस्तावेज को जब्त कर सकता है

b. उच्च न्यायालय को रिपोर्ट कर सकता है

c. डाक या तार प्राधिकारी से दस्तावेज की तलाशी कराने और उसे निरुद्ध रखने की अपेक्षा कर सकता है

d. पुलिस से कह सकता है कि वह दस्तावेज नष्ट कर दे

 

42. डाक या तार प्राधिकारी को दस्तावेज कब तक निरुद्ध रखना होता है?

a. एक सप्ताह तक

b. उच्च न्यायालय के आदेश तक

c. जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या न्यायालय के आदेशों के मिलने तक

d. संबंधित पुलिस थाने के निर्देश मिलने तक

 

43. तलाशी वारंट कब जारी किया जा सकता है, किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 92

b. धारा 93

c. धारा 95

d. धारा 96

 

44. न्यायालय किस स्थिति में तलाशी वारंट जारी कर सकता है?

a. जब कोई व्यक्ति खुद उपस्थित होना चाहता है

b. जब न्यायालय को विश्वास हो कि समन या अपेक्षा द्वारा मांगी गई वस्तु पेश नहीं की जाएगी

c. जब पुलिस चाहे

d. जब मीडिया द्वारा अनुरोध किया जाए

 

45. धारा 96 के अनुसार तलाशी वारंट जारी करने का अधिकार डाक प्राधिकारी की अभिरक्षा में दस्तावेज़ के लिए किसे है?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

c. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

d. a और b दोनों को

 

46. कुछ प्रकाशनों के समपहृत होने की घोषणा करने और उनके लिए तलाशी वारंट जारी करने की शक्ति किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 98

b. धारा 99

c. धारा 100

d. धारा 102

 

47. धारा 98 के अनुसार, किसके पास अधिकार होता है कि वह किसी समाचारपत्र, पुस्तक या दस्तावेज को सरकार के पक्ष में समपहृत करने की घोषणा करे?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. राज्य सरकार

c. पुलिस अधीक्षक

d. सेशन न्यायालय

 

48. राज्य सरकार कब किसी समाचारपत्र या दस्तावेज को समपहृत करने की घोषणा कर सकती है?

a. जब उसमें कोई तथ्यात्मक गलती हो

b. जब उसमें ऐसी बात हो जो भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कुछ धारा (जैसे 152, 196, 197, 294, 295, 299) के तहत दंडनीय हो

c. जब वह समाचारपत्र पुराना हो

d. जब उसे लग सके कि वह कोई आम जनता की रुचि का विषय है

 

49. धारा 98 के अंतर्गत, किस अधिकारी को वारंट द्वारा किसी परिसर में प्रवेश कर तलाशी लेने के लिए प्राधिकृत किया जा सकता है?

a. उप-निरीक्षक या उससे अनिम्न पुलिस अधिकारी

b. जिला मजिस्ट्रेट

c. आम नागरिक

d. लोक सेवक

 

50. धारा 98 के तहत जारी आदेश या कार्रवाई को न्यायालय में किस धारा के अनुसार प्रश्नगत किया जाएगा?

a. धारा 95

b. धारा 100

c. धारा 99

d. धारा 101

 

51. धारा 99 किससे सम्बन्धित है?

a. कुछ प्रकाशनों के समपहृत होने की घोषणा करने और उनके लिए तलाशी वारंट जारी करने की शक्ति

b. जब्ती की घोषणा को अपास्त करने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन

c. सदोष परिरुद्ध व्यक्तियों के लिए तलाशी

d. अपहृत स्त्रियों को वापस करने के लिए विवश करने की शक्ति

 

52. धारा 99 के अनुसार, समपहरण की घोषणा को अपास्त कराने के लिए आवेदन किस अदालत में किया जा सकता है?

a. जिला न्यायालय

b. उच्च न्यायालय

c. सेशन न्यायालय

d. सुप्रीम कोर्ट

 

53. किस आधार पर समपहरण की घोषणा को उच्च न्यायालय में अपास्त कराया जा सकता है?

a. समाचारपत्र के अंक या पुस्तक में कोई ऐसी बात नहीं जो धारा 98 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट है

b. समाचारपत्र के अंक की मुद्रण गुणवत्ता खराब है

c. समाचारपत्र के अंक में व्यावसायिक विज्ञापन शामिल हैं

d. किसी भी समाचारपत्र का अंक पुराना हो

 

54. यदि उच्च न्यायालय में तीन या अधिक न्यायाधीश हों, तो ऐसे आवेदन की सुनवाई कौन करेगा?

a. एकल न्यायाधीश

b. तीन न्यायाधीशों की विशेष न्यायपीठ

c. दो न्यायाधीशों की समिति

d. पूरा न्यायालय

 

55. धारा 100 किससे सम्बन्धित है?

a. कुछ प्रकाशनों के समपहृत होने की घोषणा करने और उनके लिए तलाशी वारंट जारी करने की शक्ति

b. अपहृत स्त्रियों को वापस करने के लिए विवश करने की शक्ति

c. सदोष परिरुद्ध व्यक्तियों के लिए तलाशी

d. समपहरण की घोषणा को अपास्त करने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन

 

56. धारा 100 के अनुसार, तलाशी वारंट किस अधिकारी द्वारा जारी किया जा सकता है?

a. पुलिस अधिकारी

b. जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

c. मुख्य न्यायाधीश

d. कोई भी सरकारी अधिकारी

 

57. किस आधार पर तलाशी वारंट जारी किया जाता है?

a. यदि व्यक्ति परिदोष अपराध की कोटि में परिरुद्ध हो

b. यदि व्यक्ति से कोई शिकायत हो

c. यदि व्यक्ति किसी अन्य शहर में हो

d. यदि व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर हो

 

58. अपहृत स्त्रियों को वापस करने के लिए विवश करने की शक्ति किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 101

b. धारा 102

c. धारा 103

d. धारा 104

 

59. धारा 101 के अनुसार, किस अधिकारी को अपहृत महिला या बालिका को वापस करने का आदेश देने का अधिकार है?

a. पुलिस अधिकारी

b. जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

c. मुख्य न्यायाधीश

d. कोई भी सरकारी कर्मचारी

 

60. धारा 101 में किस प्रकार की शिकायत के आधार पर आदेश दिया जा सकता है?

a. परिवाद शपथ पर

b. पुलिस की रिपोर्ट

c. कोई सामान्य शिकायत

d. पारिवारिक विवाद

 

61. धारा 102 के अंतर्गत किन धाराओं के तहत जारी तलाशी वारंटों पर ये नियम लागू होंगे?

a. धारा 50, 51, 52

b. धारा 96, 97, 98, 100

c. धारा 10, 20, 30

d. धारा 85, 86, 87

 

62. धारा 102 में उल्लिखित धाराओं में से कौन तलाशी वारंट के संबंध में प्रावधान नहीं है?

a. धारा 79

b. धारा 80

c. धारा 100

d. धारा 32

 

63. धारा 103 किससे सम्बंधित है?

a. तलाशी वारंटों का निदेशन आदि

b. बंद स्थान के भारसाधक व्यक्ति तलाशी लेने देंगे

c. अधिकारिता के परे तलाशी में पाई गई चीजों का व्ययन

d. श्रव्य-दृश्य इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से तलाशी और अभिग्रहण का अभिलेख करना

 

64. यदि स्थान में अबाध प्रवेश प्राप्त नहीं हो सकता तो अधिकारी किस धारा के तहत कार्यवाही करेगा?

a. धारा 44 की उपधारा (2)

b. धारा 100 की उपधारा (1)

c. धारा 50 की उपधारा (3)

d. धारा 70 की उपधारा (4)

 

65. तलाशी के दौरान साक्षी बनने के लिए किसे बुलाया जाएगा?

a. किसी भी व्यक्ति को

b. तलाशी वाले मुहल्ले के दो या अधिक स्वतंत्र और प्रतिष्ठित निवासी या यदि उपलब्ध न हों तो अन्य मुहल्ले के निवासी

c. केवल पुलिस अधिकारी को

d. केवल न्यायालय के अधिकारी को

 

66. धारा 103 के तहत यदि कोई व्यक्ति लिखित आदेश के बावजूद तलाशी में साक्षी बनने से इंकार करता है, तो भारतीय न्याय संहिता किस धारा के तहत अपराध माना जाएगा?

a. धारा 150

b. धारा 222

c. धारा 100

d. धारा 50

 

67. तलाशी संबंधी उपबंध किन धाराओ में प्रावधानित है ?

a. धारा 103 - 104

b. धारा 102 – 104

c. धारा 101 - 104

d. धारा 100 – 104

 

68. अधिकारिता के परे तलाशी में पाई गई चीजों का व्ययन किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 102

b. धारा 103

c. धारा 104

d. धारा 105

 

69. धारा 105 श्रव्य-दृश्य इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से तलाशी और अभिग्रहण का अभिलेख करना के स्थान पर पहले कौन सा प्रावधान था?

a. मजिस्ट्रेट अपनी उपस्थिति में तलाशी ली जाने का निदेश दे सकता है-

b. पेश की गई दस्तावेज आदि, को परिबद्ध करने की शक्ति-

c. आदेशिकाओं के बारे में व्यतिकारी व्यवस्था

d. अधिकारिता के परे तलाशी में पाई गई चीजों का व्ययन

 

70. पुलिस अधिकारी किन परिस्थितियों में किसी संपत्ति को अभिगृहीत कर सकता है?

a. जब वह संपत्ति चोरी हुई हो या

b. जब किसी अपराध के संदिग्ध परिस्थिति में पाई गई हो

c. दोनों a और b

d. केवल जब वह संपत्ति चोरी हुई हो

 

71. धारा 106 के अंतर्गत नीलामी से संबंधित नियम कौन सी धाराओं के अनुरूप होंगे?

a. धारा 32 और 44

b. धारा 503 और 504

c. धारा 129 और 130

d. धारा 185 और 222

 

72. संपत्ति की कुर्की जब्ती या वापसी से संबंधित कौनसी नयी धारा जोड़ी गयी है?

a. धारा 105

b. धारा 106

c. धारा 107

d. धारा 108

 

73. यदि न्यायालय या मजिस्ट्रेट को साक्ष्य लेने के पूर्व या पश्चात् यह विश्वास करने का कारण है कि सभी या ऐसी संपत्तियों में से कोई अपराध के लिए प्रयुक्त की जाती है तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट ऐसे व्यक्ति को कितने दिनों के भीतर कारण दर्शित करने के लिए नोटिस जारी कर सकेगा?

a. 14 दिनों के भीतर का

b. 60 दिनों के भीतर का

c. 15 दिनों के भीतर का

d. 30 दिनों के भीतर का

 

74. कारण बताओ नोटिस प्राप्त करने वाला व्यक्ति न्यायालय में उपस्थिति नहीं देता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. मामला बंद कर सकता है

b. एक पक्षीय आदेश पारित कर सकता है

c. उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है

d. पुलिस को आदेश दे सकता है

 

75. जिला मजिस्ट्रेट को अपराध के आगमों का वितरण कब करना होगा?

a. 30 दिनों के भीतर

b. 45 दिनों के भीतर

c. 60 दिनों के भीतर

d. 90 दिनों के भीतर

 

76. यदि अपराध के आगमों के लिए कोई दावेदार नहीं है या अधिशेष रहता है, तो वह क्या होगा?

a. पुलिस को दिया जाएगा

b. नष्ट कर दिया जाएगा

c. सरकार समपहरित कर लेगी

d. अदालत में रखा जाएगा

 

77. मजिस्ट्रेट अपनी उपस्थिति में तलाशी ली जाने का निदेश किस धारा के अंतर्गत दे सकता है?

a. धारा 105

b. धारा 106

c. धारा 108

d. धारा 107

 

78. धारा 108 के अनुसार, मजिस्ट्रेट किस प्रकार की तलाशी के लिए अपनी उपस्थिति में तलाशी लेने का आदेश दे सकता है?

a. केवल पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में

b. केवल जब कोई गिरफ्तारी हो रही हो

c. किसी ऐसे स्थान की जहाँ वह तलाशी वारंट जारी करने के लिए सक्षम हो

d. किसी भी सार्वजनिक स्थान की

 

79. पेश की गई दस्तावेज आदि, को परिबद्ध करने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 108

b. धारा 109

c. धारा 110

d. धारा 111

 

80. धारा 109 के अनुसार, न्यायालय को किस वस्तु को परिबद्ध करने का अधिकार प्राप्त है?

a. केवल उन दस्तावेजों को जो अपराध में उपयोग हुए हों

b. किसी भी दस्तावेज या चीज को जो संहिता के अधीन न्यायालय के समक्ष पेश की गई हो

c. केवल चोरी हुई चीजों को

d. केवल उन वस्तुओं को जो तलाशी के दौरान मिली हों

 

81. आदेशिकाओं के बारे में व्यतिकारी व्यवस्था किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 110

b. धारा 111

c. धारा 112

d. धारा 113

 

82. कुछ मामलों में सहायता के लिए व्यतिकारी व्यवस्था तथा संपत्ति की कुर्की और समपहरण के लिए प्रक्रिया किस अध्याय में है?

a. अध्याय 8

b. अध्याय 9

c. अध्याय 7

d. अध्याय 8

  

83. व्यतिकारी व्यवस्था तथा संपत्ति की कुर्की और समपहरण के लिए प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की किन धाराओं में वर्णित है

a. धारा 105 (क) से (ठ)

b. धारा 111 से 124 

c. धारा 144 से 147

d. धारा 94 से 110

 

84. परिशांति कायम रखने के लिए और सदाचार के लिए प्रतिभूति से संबंधित प्रावधान किस अध्याय में है?

a. अध्याय 8

b. अध्याय 9

c. अध्याय 7

d. अध्याय 8

 

85. दोषसिद्धि पर परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 122

b. धारा 123

c. धारा 124

d. धारा 125

 

86. धारा 125 के अंतर्गत कौन आदेश पारित कर सकता है-

a. सेशन न्यायालय या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. कोई मजिस्ट्रेट

d. उच्च न्यायालय

 

87. धारा 125 के अनुसार, जब सेशन न्यायालय या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति को दोषी ठहराता है और परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति लेने की आवश्यकता समझता है, तो वह कितनी अधिकतम अवधि के लिए प्रतिभूति ले सकता है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष से अनधिक अवधि तक जितनी उचित समझे

d. केवल 6 महीने

 

88. अन्य दशाओं में परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 124

b. धारा 125

c. धारा 126

d. धारा 127

 

89. धारा 126 के अंतर्गत कौन आदेश पारित कर सकता है-

a. सेशन न्यायालय या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. कोई मजिस्ट्रेट

d. उच्च न्यायालय

90. धारा 126 के अनुसार, कार्यपालक मजिस्ट्रेट कितनी अवधि के लिए परिशांति बनाए रखने के लिए बंधपत्र या जमानतपत्र आदेश दे सकता है?

a. 6 महीने तक

b. 1 वर्ष से अनधिक, जितनी अवधि मजिस्ट्रेट ठीक समझे

c. केवल 3 महीने

d. कोई अवधि नहीं

 

91. धारा 126 में कार्यवाही किन मजिस्ट्रेट के समक्ष की जा सकती है?

a. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

b. सेशन न्यायाधीश

c. उच्च न्यायालय

d. जिला मजिस्ट्रेट

 

92. कतिपय मामलों को फैलाने वाले व्यक्तियों से सदाचार के लिए प्रतिभूति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 127

b. धारा 128

c. धारा 129

d. धारा 130

 

93. धारा 127 के अंतर्गत कौन आदेश पारित कर सकता है-

a. सेशन न्यायालय या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. कोई मजिस्ट्रेट

d. उच्च न्यायालय

 

94. धारा 127 के अनुसार, कार्यपालक मजिस्ट्रेट कितनी अवधि के लिए परिशांति बनाए रखने के लिए बंधपत्र या जमानतपत्र आदेश दे सकता है?

a. 6 महीने तक

b. 1 वर्ष से अनधिक, जितनी अवधि मजिस्ट्रेट ठीक समझे

c. केवल 3 महीने

d. कोई अवधि नहीं

 

95. संदिग्ध व्यक्तियों से सदाचार के लिए प्रतिभूति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 119

b. धारा 122

c. धारा 125

d. धारा 128

 

96. धारा 128 के अंतर्गत कौन आदेश पारित कर सकता है-

a. सेशन न्यायालय या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. कोई मजिस्ट्रेट

d. उच्च न्यायालय

 

97. धारा 128 के अंतर्गत, कार्यपालक मजिस्ट्रेट बंधपत्र या जमानतपत्र किस अवधि के लिए आदेश दे सकता है?

a. छह महीने से अधिक नहीं

b. दो वर्ष से अधिक नहीं

c. एक वर्ष से अधिक नहीं

d. तीन वर्ष से अधिक नहीं

 

98. आभ्यासिक अपराधियों से सदाचार के लिए प्रतिभूति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 129

b. धारा 130

c. धारा 132

d. धारा 133

 

99. धारा 129 के अंतर्गत कौन आदेश पारित कर सकता है-

a. सेशन न्यायालय या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. कोई मजिस्ट्रेट

d. उच्च न्यायालय

 

100. धारा 129 के अनुसार, कार्यपालक मजिस्ट्रेट कितनी अवधि के लिए परिशांति बनाए रखने के लिए बंधपत्र या जमानतपत्र आदेश दे सकता है?

a. 6 महीने तक

b. 1 वर्ष से अनधिक, जितनी अवधि मजिस्ट्रेट ठीक समझे

c. 3 वर्ष से अनधिक अवधि तक जितनी उचित समझे

d. कोई अवधि नहीं

 

101. वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 132 

b. धारा 133

c. धारा 134

d. धारा 135

 

102. धारा 134 के अनुसार, किस प्रकार के मामलों में वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दी जा सकती है?

a. जब व्यक्ति को परिशांति कायम रखने या सदाचार के लिए बंधपत्र निष्पादित करने हेतु कहा गया हो

b. जब व्यक्ति को हत्या का आरोपी बनाया गया हो

c. जब व्यक्ति गवाह हो

d. जब व्यक्ति पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराना चाहता हो

 

103. इतिला की सच्चाई के बारे मैं जांच किस धारा से सम्बंधित है ?

a. धारा 132 

b. धारा 133

c. धारा 134

d. धारा 135

 

104. धारा 135 के तहत जांच कितने समय में पूरी की जानी चाहिए?

a. 3 महीने

b. 9 महीने

c. 6 महीने

d. 12 महीने

 

105. यदि मजिस्ट्रेट जांच जारी रखने का निर्देश देता है, तो कौन उस आदेश को रद्द कर सकता है?

a. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

b. राज्य सरकार

c. सेशन न्यायाधीश

d. पुलिस अधीक्षक

 

106. प्रतिभूति देने का आदेश किस धारा से सम्बंधित है ?

a. धारा 136

b. धारा 138

c. धारा 140

d. धारा 142

 

107. जिस अवधि के लिए प्रतिभूति अपेक्षित की गई है उसका प्रारंभ किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 140

b. धारा 138

c. धारा 136

d. धारा 134

 

108. धारा 138 किन धाराओं के अधीन दिए गए आदेशों की अवधि के प्रारंभ को निर्धारित करता है?

a. केवल धारा 125

b. केवल धारा 136

c. धारा 125 और धारा 136 दोनों

d. धारा 130 और 137

 

109. यदि कोई व्यक्ति कारावास भुगत रहा है और उसके विरुद्ध प्रतिभूति देने का आदेश पारित होता है, तो उस आदेश की अवधि किसके अवसान (समाप्ति) पर शुरू होगी?

a. आदेश जारी होने की तिथि पर

b. जमानत मिलने की तिथि पर

c. दंडादेश (सजा) समाप्त होने पर

d. गिरफ्तारी की तिथि पर

 

110. धारा 139 किससे सम्बंधित है?

a. प्रतिभूति देने का आदेश

b. बंधपत्र की अंतर्वस्तुएं

c. वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति

d. प्रतिभुओं को अस्वीकार करने की शक्ति

 

111. धारा 140 के अनुसार, मजिस्ट्रेट प्रतिभू को किस आधार पर अस्वीकार कर सकता है?

a. यदि प्रतिभू गरीब है

b. यदि प्रतिभू कोई सरकारी कर्मचारी है

c. यदि प्रतिभू जमानतपत्र के प्रयोजन के लिए अनुपयुक्त है

d. यदि प्रतिभू का नाम सूची में नहीं है

 

112. प्रतिभूति देने में व्यतिक्रम होने पर कारावास धारा किससे सम्बंधित है?

a. धारा 144

b. धारा 143

c. धारा 142

d. धारा 141

 

113. एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए प्रतिभूति देने का आदेश दिया गया और वह नहीं देता, तो मजिस्ट्रेट किस न्यायालय को मामला सौंपेगा?

a. हाईकोर्ट

b. जिला न्यायालय

c. सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट)

d. सुप्रीम कोर्ट

 

114. धारा 141 के अनुसार, कारावास की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है जब व्यक्ति प्रतिभूति देने में असफल रहता है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

115. सत्र न्यायाधीश किसी मामले को किसे अंतरित कर सकता है?

a. मजिस्ट्रेट को

b. पुलिस को

c. अपर सत्र न्यायाधीश को

d. राज्य सरकार को

 

116. यदि प्रतिभूति जेल अधीक्षक (भारसाधक अधिकारी) को प्रस्तुत की जाती है, तो उसे क्या करना होता है?

a. तुरंत रिहा कर देना

b. उसे जमा कर लेना

c. संबंधित न्यायालय/मजिस्ट्रेट को सूचना भेजना

d. पुलिस को सौंप देना

 

117. परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति न देने पर किस प्रकार का कारावास होगा?

a. कठिन

b. सादा

c. आजीवन

d. वैकल्पिक

 

118. धारा 142 के अनुसार, कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश के तहत कारावासित व्यक्ति को छोड़ने का अधिकार किसके पास होता है?

a. थाना प्रभारी

b. सिविल जज

c. जिला मजिस्ट्रेट

d. नगर पालिका अध्यक्ष

 

119. अध्याय 10 किस विषय से सम्बंधित है?

a. लोक व्यवस्था और प्रशांति बनाए रखना

b. परिशांति कायम रखने के लिए और सदाचार के लिए प्रतिभूति

c. पत्नी, संतान और माता-पिता के भरणपोषण के लिए आदेश

d. पुलिस को इतिला और उनकी अन्वेषण करने की शक्तियां

 

120. यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी, संतान या माता-पिता का भरणपोषण करने में उपेक्षा करता है या इंकार करता है, तो कौन सा अधिकारी आदेश दे सकता है कि वह मासिक भत्ता दे?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

c. उच्च न्यायालय

d. पुलिस अधिकारी

 

121. निम्नलिखित में से मात्र एक कथन सही है- 

a. यदि एक पर्याप्त साधनो वाला व्यक्ति अपनी माँ के भरण-पोषण करने से इंकार अथवा उपेक्षा करता है तो वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत आवेदन कर सकती है

b. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत केवल पत्नी को ही अनुतोष प्राप्त हो सकता है।

c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत केवल बच्चों को ही ऐसा आदेश प्राप्त हो सकता है।

d. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत भरण- पोषण का कोई भी आदेश पारित नहीं किया जा सकता

 

122. निम्नलिखित में कौन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत भरण-पोषण प्राप्त करने का दावा नहीं कर सकता-

a. पत्नी, जो स्वयं के भरण-पोषण में असमर्थ हो 

b. माँ अथवा पिता, जो स्वयं के भरण-पोषण में असमर्थ हो

c. वयस्क विवाहित पुत्री स्वयं के भरण-पोषण में असमर्थ हो

d. अवयस्क अवैध पुत्री स्वयं के भरण-पोषण में असमर्थ हो

 

123. धारा 144 के अंतर्गत-

a. एक पुत्री से अपने पिता के भरण-पोषण हेतु कहा जा सकता है

b. एक पिता से अपने अवयस्क बच्चे के भरण-पोषण हेतु कहा जा सकता है।

c. एक पुत्र से अपने पिता के भरण-पोषण हेतु कहा जा सकता है

d. उपरोक्त सभी

 

124. मजिस्ट्रेट पुत्री के पिता को कब तक भरणपोषण का भत्ता देने का आदेश दे सकता है?

a. पुत्री के विवाह तक

b. पुत्री के वयस्क होने तक

c. पुत्री के जन्म तक

d. पुत्री के अध्ययन तक

 

125. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत भरण- पोषण का दावा कौन कर सकता है?

a. पत्नी, जिसके पास आय का निजी खोत उपलब्ध हो

b. अवैध संतान

c. सौतेला पुत्र अथवा पुत्री

d. भाई एवं बहन

 

126. धारा 144 के अनुसार, अंतरिम भरणपोषण के लिए मासिक भत्ता और कार्यवाही का व्यय कब तक निपटाया जाएगा?

a. आवेदन की सूचना की तारीख से 30 दिन के भीतर

b. आवेदन की सूचना की तारीख से 60 दिन के भीतर

c. आवेदन की सूचना की तारीख से 90 दिन के भीतर

d. आवेदन की सूचना की तारीख से 120 दिन के भीतर

 

127. भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए आदेश का अनुपालन करने में पर्याप्त कारण के बिना असफल रहता है तो उस आदेश के प्रत्येक भंग के लिए मजिस्ट्रेट ऐसे व्यक्ति को कितने कारावास का दंडादेश दे सकता है?

a. 1 मास तक की अवधि के लिए, या यदि वह उससे पूर्व चुका दिया जाता है तो चुका देने के समय तक के लिए

b. 3 मास तक की अवधि के लिए, या यदि वह उससे पूर्व चुका दिया जाता है तो चुका देने के समय तक के लिए

c. 6 मास तक की अवधि के लिए, या यदि वह उससे पूर्व चुका दिया जाता है तो चुका देने के समय तक के लिए

d. 12 मास तक की अवधि के लिए, या यदि वह उससे पूर्व चुका दिया जाता है तो चुका देने के समय तक के लिए

 

128. धारा 144 के अनुसार, भरणपोषण की वसूली के लिए वारंट कब तक जारी नहीं किया जाएगा?

a. आदेश के बाद 6 महीने तक

b. आदेश के बाद 1 साल तक

c. आदेश के बाद 3 महीने तक

d. आदेश के बाद 2 साल तक

 

129. यदि पति ने दूसरी महिला से विवाह कर लिया है तो पत्नी के पति के साथ रहने से इंकार को न्यायसंगत आधार माना जाएगा?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल उच्च न्यायालय की अनुमति से

d. केवल सेशन न्यायालय की अनुमति से

 

130. धारा के अधीन देय किसी रकम की वसूली के लिए कोई वारंट तब तक जारी न किया जाएगा जब तक उस रकम को उद्गृहीत करने के लिए, उस तारीख से जिसको वह देय हुई………………. न्यायालय से आवेदन नहीं किया गया है—

a. 1 वर्ष की अवधि के अंदर

b. 2 वर्ष की अवधि के अंदर

c. 3 वर्ष की अवधि के अंदर

d. 5 वर्ष की अवधि के अंदर

 

131. निम्न में से कौन धारा 144 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकारी नहीं है?

a. जारता की दशा में रहने वाली पत्नी

b. वयस्क विवाहित पुत्री जो अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है

c. पति एवं पत्नी दोनों जो परस्पर सहमति से पृथक रह रहे हैं

d. इनमें से सभी

 

132. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 (4) के अंतर्गत निम्न में से कौन भरण पोषण नहीं मांग सकता है?

a. एक पत्नी जो जारता की दशा में रह रही हो

b. पत्नी जो कि आपसी सहमति के अंतर्गत अलग रह रही हो

c. दोनों (a) एवं (b)

d. या तो (a) या (b)

 

133. धारा 144 के अंतर्गत भरण-पोषण की मासिक धनराशि है-

a. 500 रुपए

b. 1,000 रुपए

c. 5,000 रुपए

d. कोई सीमा नहीं

 

134. भरण पोषण अथवा अंतरिम भत्ते सम्बन्धी किसी आदेश को निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत उल्लिखित परिस्थितियों में रद्द किया जा सकता है-

a. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144(5)

b. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 145(2)

c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 145(3)

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

135. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के अंतर्गत पारित एक आदेश को असफल पक्ष द्वारा एक पुनरीक्षण याचिका प्रस्तुत करते हुए चुनौती दी जा सकती है-

a. केवल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष

b. केवल सत्र न्यायाधीश के समक्ष

c. केवल उच्च न्यायालय के समक्ष

d. सत्र न्यायाधीश अथवा उच्च न्यायालय में से किसी एक के समक्ष

 

136. धारा 144 के अधीन कार्यवाही किस जिले में की जा सकती है?

a. केवल उस जिले में जहां व्यक्ति वर्तमान में रहता है

b. केवल उस जिले में जहां व्यक्ति का जन्म हुआ है

c. जहां व्यक्ति है, या जहाँ वह या उसकी पत्नी निवास करती है, या जहाँ उसने अंतिम बार पत्नी या अधर्मज संतान की माता के साथ निवास किया हो, या जहां उसके पिता या माता निवास करते हों

d. केवल व्यक्ति के कार्यालय के जिले में

 

137. यदि मजिस्ट्रेट को लगता है कि व्यक्ति जानबूझकर न्यायालय में हाजिर होने से बच रहा है, तो वह क्या कर सकता है?

a. मामले को रोक सकता है

b. मामले को एकपक्षीय रूप से सुन सकता है और निर्णय दे सकता है

c. पुलिस को सूचना दे सकता है

d. मामले को उच्च न्यायालय भेज सकता है

 

138. मजिस्ट्रेट द्वारा एकपक्षीय आदेश के खिलाफ कितने समय के भीतर आवेदन किया जा सकता है?

a. 1 महीना

b. 3 महीने

c. 6 महीने

d. 1 साल

 

139. भत्ते में परिवर्तन किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 146

b. धारा 145

c. धारा 144

d. धारा 143

 

140. यदि सक्षम सिविल न्यायालय का कोई निर्णय आता है, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है?

a. नया केस दर्ज कर सकता है

b. सिविल न्यायालय को आदेश दे सकता है

c. धारा 144 के अंतर्गत दिए गए आदेश को रद्द या परिवर्तित कर सकता है

d. मामला उच्च न्यायालय को भेज सकता है

 

141. भरणपोषण के आदेश का प्रवर्तन किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 148

b. धारा 147

c. धारा 146

d. धारा 145

 

142. निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत भरण-पोषण के मासिक भत्तों अथवा अंतरिम मासिक भत्तों को परिवर्तित किया जा सकता है-

a. धारा 145

b. धारा 146

c. धारा 147

d. धारा 148

 

143. भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के आदेश की प्रति किसे निःशुल्क दी जाती है?

a. मजिस्ट्रेट को

b. राज्य सरकार को

c. उस व्यक्ति को, जिसके विरुद्ध आदेश दिया गया है

d. उस व्यक्ति को, जिसके पक्ष में आदेश दिया गया है, या उसके संरक्षक को

 

144. अध्याय 11 किस विषय से सम्बंधित है?

a. पुलिस को इतिला और उनकी अन्वेषण करने की शक्तियां

b. चीजें पेश करने को विवश करने के लिए आदेशिकाएं

c. मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही का प्रारंभ किया जाना

d. लोक व्यवस्था और प्रशांति बनाए रखना

 

145. किस अधिकारी को विधिविरुद्ध जमाव को तितर-बितर होने का समादेश देने का अधिकार होता है?

a. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

b. पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी

c. उप निरीक्षक या उप निरीक्षक की पंक्ति से कोई पुलिस अधिकारी (भारसाधक अधिकारी की अनुपस्थिति में)

d. उपरोक्त सभी

 

146. किस स्थिति में जमाव को बल द्वारा तितर-बितर करने की कार्यवाही की जा सकती है?

a. जब जमाव तितर-बितर होने का समादेश मिलने के बाद भी तितर-बितर नहीं होता है

b. जब जमाव ने पहले से ही तितर-बितर होना शुरू कर दिया हो

c. जब जमाव में पाँच से कम व्यक्ति हों

d. जब जमाव शांतिपूर्ण हो

 

147. कितने या अधिक व्यक्तियों के जमाव को तितर-बितर करने का समादेश दिया जा सकता है, यदि उससे लोकशांति विक्षुब्ध होने की संभावना हो?

a. तीन या अधिक

b. पाँच या अधिक

c. दस या अधिक

d. बीस या अधिक

 

148. जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बल का प्रयोग किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 150

b. धारा 149

c. धारा 148

d. धारा 147

 

149. धारा 148 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बल का प्रयोग कब किया जा सकता है?

a. जब मजिस्ट्रेट खुद जमाव का हिस्सा हो

b. जब जमाव को अन्यथा तितर-बितर नहीं किया जा सकता हो और लोक सुरक्षा के लिए आवश्यक हो

c. जब कोई भी अधिकारी आदेश दे

d. जब केवल पुलिस बल उपस्थित हो

 

150. किस अधिकारी को सशस्त्र बल द्वारा जमाव को तितर-बितर करने का आदेश देने का अधिकार होता है?

a. थाना प्रभारी

b. जिला मजिस्ट्रेट या प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. पुलिस अधीक्षक

d. प्रधान

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