वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 MCQs Set- 7

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

 

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1. “संबंधी” की परिभाषा में उपखंड (2) और उपखंड (3) के अंतर्गत कौन सा संबंध आता है?

a. व्यक्ति के भाई या बहन और पति/पत्नी का भाई या बहन

b. केवल पति या पत्नी

c. केवल व्यक्ति के बच्चे

d. केवल माता-पिता

 

2. धारा 58ख. (झ) उपखंड (7) केवल किस संबंध से संबंधित है?

a. धारा 58ख (झ) उपखंड (2) या (3) में निर्दिष्ट किसी व्यक्ति का पारंपरिक वंशज

b. धारा 58ख (झ) उपखंड (4) का वंशज

c. धारा 58ख (झ) उपखंड (1) का पति या पत्नी

d. धारा 58ख (झ) उपखंड (5) का पूर्वज

 

3. “पता लगाने", अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 58ख. (छ)

b. धारा 58ख. (ज)

c. धारा 58(ख)(झ)

d. धारा 58ख. (ञ)

 

4. धारा 58ख. (ञ) के अनुसार “पता लगाने” से क्या अभिप्रेत है?

a. संपत्ति का प्रयोग करना

b. संपत्ति के स्वरूप, स्रोत, व्ययन, संचलन, हक या स्वामित्व का अवधारण करना

c. संपत्ति को बेचना

d. संपत्ति पर कब्जा करना

 

5. किसी संपत्ति के स्रोत और स्वामित्व को जानने की क्रिया को धारा 58(ख)(ञ) में किस रूप में परिभाषित किया गया है?

a. पहचान करना

b. रोक लगाना

c. पता लगाना

d. छिपाना

 

6. निम्नलिखित में से कौन सा धारा 58ख. (ञ) के “पता लगाने” के अंतर्गत आता है?

a. संपत्ति की कीमत बढ़ाना

b. संपत्ति के स्रोत और संचलन का अध्ययन करना

c. संपत्ति बेच देना

d. संपत्ति को छिपाना

 

7. धारा 58ख. (ञ) में “पता लगाने” की क्रिया किस उद्देश्य के लिए की जाती है?

a. संपत्ति का आनंद लेने के लिए

b. संपत्ति की स्थिति, स्वामित्व और प्रयोग का पता लगाने के लिए

c. संपत्ति को नष्ट करने के लिए

d. संपत्ति का दान करने के लिए

 

8. “पता लगाने” की क्रिया में निम्नलिखित में से कौन शामिल है?

a. संपत्ति का व्ययन और संचलन

b. संपत्ति का अधिकार और स्वामित्व समझना

c. संपत्ति का स्रोत जानना

d. सभी उपर्युक्त

 

9. धारा 58ख. (ञ) के अनुसार “पता लगाने” संपत्ति की किस विशेषताओं से संबंधित है?

a. केवल स्वरूप और मूल्य

b. स्वरूप, स्रोत, व्ययन, संचलन, हक या स्वामित्व

c. केवल स्वामित्व

d. केवल संचलन

 

10. "न्यास", अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 58ख. (ज)

b. धारा 58ख. (झ)

c. धारा 58ख. (ञ)

d. धारा 58ख. (ट)

 

11. धारा 58ख. (ट) में “न्यास” से क्या अभिप्रेत है?

a. कोई संपत्ति का स्वामित्व

b. कोई धन या संपत्ति का एक विधिक रूप से निर्दिष्ट प्रबंध या व्यवस्था

c. किसी संपत्ति को बेचना

d. किसी संपत्ति का छुपाना

 

12. “न्यास” में कौन सी बात सम्मिलित हो सकती है?

a. संपत्ति का उपयोग

b. अन्य विधिक बाध्यता

c. संपत्ति का विनाश

d. संपत्ति का लूटना

 

13. निम्नलिखित में से कौन सा “न्यास” के तहत आता है?

a. किसी व्यक्ति द्वारा संपत्ति का स्वतंत्र स्वामित्व

b. किसी धन या संपत्ति को किसी विधिक प्रबंध के तहत रखना

c. संपत्ति का चोरी करना

d. संपत्ति का नष्ट करना

 

14. “न्यास” की परिभाषा में क्या शामिल है?

a. केवल संपत्ति का नियंत्रण

b. संपत्ति के विधिक प्रबंध और अन्य विधिक बाध्यता

c. संपत्ति का उपयोग किसी के लिए

d. संपत्ति का नष्ट करना

 

15. क्या “न्यास” केवल मूर्त संपत्ति के लिए होता है?

a. हाँ

b. नहीं, यह मूर्त और अमूर्त संपत्ति दोनों पर लागू हो सकता है

c. हाँ, केवल जमीन और भवन पर

d. नहीं, केवल नकदी पर

 

16. अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के धारण का प्रतिषेध, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ग.

b. धारा 58घ.

c. धारा 58ङ.

d. धारा 58च.

  

17. धारा 58ग. के अनुसार, कौन अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को धारण नहीं कर सकता?

a. कोई भी व्यक्ति

b. केवल सरकारी अधिकारी

c. वह व्यक्ति जिसे यह अध्याय लागू होता है

d. केवल कंपनी के निदेशक

 

18. यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से अर्जित संपत्ति धारण करता है, तो ऐसी संपत्ति किसके पास समपहृत की जाएगी?

a. उसके परिवार के पास

b. राज्य सरकार के पास, इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार

c. उसके बैंक में जमा कर दी जाएगी

d. किसी न्यायालय के पास

 

19. धारा 58ग के तहत किन मामलों में संपत्ति समपहृत नहीं की जाएगी?

a. यदि संपत्ति किसी बैंक में हो

b. यदि संपत्ति उस व्यक्ति द्वारा छह वर्ष पहले अर्जित की गई थी, जो इस अध्याय के तहत लागू होता है

c. यदि संपत्ति को बेच दिया गया हो

d. यदि संपत्ति को किसी और ने धारण किया हो

 

20. धारा 58ग के तहत अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की परिभाषा किसके लिए लागू होती है?

a. केवल निजी व्यक्तियों के लिए

b. केवल सरकारी संस्थाओं के लिए

c. केवल उन व्यक्तियों के लिए जिन्हें यह अध्याय लागू होता है

d. सभी व्यक्तियों और कंपनियों के लिए

 

21. धारा 58ग की उपधारा (1) के अनुसार, अवैध रूप से अर्जित संपत्ति का धारण करना कब तक निषिद्ध है?

a. हमेशा निषिद्ध

b. केवल अदालत के आदेश तक

c. उस व्यक्ति पर लागू होने के प्रारंभिक तारीख से

d. केवल छह महीने तक

 

22. धारा 58ग. के अनुसार, अवैध संपत्ति की धारण का उल्लंघन करने पर संपत्ति का क्या होगा?

a. उसे जमानत के साथ लौटाया जाएगा

b. उसे राज्य सरकार के पास समपहृत किया जाएगा

c. उसे नष्ट कर दिया जाएगा

d. उसे बेचकर जुर्माना वसूला जाएगा

 

23. धारा 58ग. के तहत, क्या संपत्ति को समपहृत करने की सीमा छह वर्ष से पूर्व अर्जित संपत्ति पर लागू होती है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल अगर संपत्ति बैंक में हो

d. केवल अगर संपत्ति भूमि हो

 

24. सक्षम प्राधिकारी, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ग.

b. धारा 58घ.

c. धारा 58ङ.

d. धारा 58च.

 

25. धारा 58घ. के अनुसार, राज्य सरकार किसी अधिकारी को किस प्रकार प्राधिकृत कर सकती है?

a. किसी भी अधिकारी को, चाहे वह मुख्य वन संरक्षक की पंक्ति से नीचे हो या ऊपर

b. केवल मुख्य वन संरक्षक को

c. किसी अधिकारी को, जो मुख्य वन संरक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा

d. किसी भी सरकारी अधिकारी को मौखिक आदेश द्वारा

 

26. अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की पहचान करना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ग.

b. धारा 58घ.

c. धारा 58ङ.

d. धारा 58च.

 

27. धारा 58ङ. के अनुसार किस अधिकारी को अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की पहचान के लिए प्राधिकृत किया जा सकता है?

a. कोई भी सरकारी कर्मचारी

b. पुलिस उप महानिरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो

c. स्थानीय पंचायत अधिकारी

d. केवल न्यायाधीश

 

28. धारा 58ङ. के अनुसार अवैध संपत्ति की पहचान करने का आदेश किससे प्राप्त होता है?

a. किसी नागरिक से शिकायत मिलने पर

b. सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त शिकायत पर

c. न्यायालय के आदेश पर

d. राज्य सरकार के आदेश पर

 

29. धारा 58ङ. के तहत किन उपायों के माध्यम से अवैध संपत्ति की पहचान की जा सकती है?

a. केवल दस्तावेजों की जाँच

b. कोई जांच, अन्वेषण या सर्वेक्षण

c. केवल बैंक खातों की समीक्षा

d. केवल संपत्ति का निरीक्षण

 

30. धारा 58ङ. के अनुसार जांच, अन्वेषण या सर्वेक्षण किसके अनुसार किया जाएगा?

a. किसी नागरिक की जानकारी के अनुसार

b. सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिए गए या जारी किए गए निदेशों या मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार

c. पुलिस स्टेशन की सामान्य कार्यवाही के अनुसार

d. राज्य सरकार के आदेश अनुसार

 

31. धारा 58ङ. में किसकी प्राधिकृति से अधिकारी कार्य करेगा?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल केन्द्रीय सरकार

c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत

d. किसी न्यायालय द्वारा

 

32. धारा 58ङ. के तहत अवैध संपत्ति की पहचान करने में कौन-कौन सी चीजें शामिल हो सकती हैं?

a. व्यक्ति, स्थान, संपत्ति, आस्तियाँ, दस्तावेज, बैंक या वित्तीय संस्थाएँ, लेखा-पुस्तकें

b. केवल स्थान और दस्तावेज

c. केवल बैंक और वित्तीय संस्थाएँ

d. केवल संपत्ति और आस्तियाँ

 

33. धारा 58ङ. के अनुसार पहचान किए जाने वाले उपाय किसकी निगरानी में होंगे?

a. राज्य सरकार

b. सक्षम प्राधिकारी

c. न्यायालय

d. केंद्र सरकार

 

34. अवैध रूप से अर्जित संपत्ति का अभिग्रहण या उस पर रोक लगाना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ग.

b. धारा 58घ.

c. धारा 58ङ.

d. धारा 58च.

 

35. धारा 58च.(1) के अनुसार, किसी अधिकारी को संपत्ति के अभिग्रहण का आदेश कब देने का अधिकार होगा?

a. जब उसे विश्वास हो कि संपत्ति अवैध रूप से अर्जित है और छिपाई या व्यहृत की जा सकती है

b. केवल जब संपत्ति बैंक में रखी हो

c. केवल जब संपत्ति सरकारी विभाग की हो

d. केवल न्यायालय के आदेश पर

 

36. यदि संपत्ति को अभिग्रहीत करना व्यवहार्य नहीं है, तो अधिकारी क्या आदेश दे सकता है?

a. कोई आदेश नहीं दे सकता

b. आदेश कि संपत्ति, सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुज्ञा के बिना अंतरित या व्यहृत नहीं की जाएगी

c. संपत्ति को तुरंत बेचने का आदेश

d. संपत्ति को नष्ट करने का आदेश

 

37. धारा 58च. के आदेश की प्रति किसे भेजी जानी चाहिए और कब?

a. संबंधित व्यक्ति को, तुरंत

b. संबंधित व्यक्ति को, आदेश किए जाने के 48 घंटे के भीतर सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी

c. केवल न्यायालय को

d. केवल राज्य सरकार को

 

38. धारा 58च. उपधारा (2) के अनुसार, आदेश का प्रभाव कब शुरू होगा?

a. तुरंत

b. आदेश जारी होने के 24 घंटे बाद

c. आदेश की पुष्टि सक्षम प्राधिकारी द्वारा 30 दिनों के भीतर होने पर

d. केवल न्यायालय की अनुमति मिलने पर

 

39. इस धारा में "संपत्ति का अंतरण" किसे सम्मिलित करता है?

a. केवल संपत्ति का बिक्री या खरीद

b. संपत्ति का व्ययन, हस्तांतरण, समनुदेशन, व्यवस्थापन, परिदान, संदाय या अन्य-संक्रामण

c. केवल संपत्ति का नष्ट करना

d. केवल संपत्ति का सरकारी कब्जा

 

40. संपत्ति के अंतरण में निम्न में से कौन शामिल नहीं है?

a. संपत्ति में न्यास का सृजन

b. पट्टे, बंधक प्रभार, अनुज्ञप्ति या भागीदारी का सृजन

c. किसी व्यक्ति की संपत्ति का मूल्य घटाकर अन्य की संपत्ति बढ़ाने का संव्यवहार

d. केवल संपत्ति का बैंक में जमा करना

 

41. धारा 58च. के तहत अभिग्रहण आदेश की पुष्टि कौन करेगा?

a. संबंधित व्यक्ति

b. सक्षम प्राधिकारी

c. राज्य सरकार

d. मुख्य वन संरक्षक

 

42. उपधारा (1) में वर्णित आदेश किसके विरुद्ध व्यर्थ नहीं होगा?

a. 60 दिन में न्यायालय की मंजूरी के बिना

b. 30 दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि के बिना

c. संपत्ति पर रोक लगाना

d. किसी भी स्थिति में तुरंत लागू

 

43. इस अध्याय के अधीन अभिगृहीत या समपहृत संपत्ति का प्रबंध, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58छ.

b. धारा 58ज.

c. धारा 58झ.

d. धारा 58ञ.

  

44. धारा 58छ.(1) के अनुसार, राज्य सरकार किसे नियुक्त कर सकती है?

a. ऐसे अधिकारी जो वन संरक्षक की पंक्ति से नीचे के हों

b. ऐसे अधिकारी जो वन संरक्षक की पंक्ति से ऊपर के हों

c. केवल मुख्य वन संरक्षक

d. किसी भी सरकारी अधिकारी

 

45. राज्य सरकार अधिकारियों की संख्या किस आधार पर तय करेगी?

a. अधिनियम में निर्धारित संख्या के अनुसार

b. अपनी विवेकाधिकार और आवश्यकता के अनुसार

c. केवल न्यायालय के आदेश पर

d. केवल केंद्रीय सरकार के निर्देशानुसार

 

46. उपधारा (2) के अनुसार, प्रशासक किस संपत्ति का प्रबंध करेगा?

a. केवल सरकारी संपत्ति

b. केवल निजी संपत्ति

c. धारा 58च(1) या धारा 58झ के तहत आदेश की गई संपत्ति

d. केवल न्यायालय के आदेश से संपत्ति

 

47. प्रशासक को संपत्ति के प्रबंधन में किसका पालन करना होगा?

a. अपनी इच्छा के अनुसार

b. राज्य सरकार द्वारा विहित की गई रीति और शर्तों के अनुसार

c. संपत्ति के पूर्व मालिक की सलाह अनुसार

d. केवल न्यायालय के निर्देश अनुसार

 

48. उपधारा (3) के अनुसार, प्रशासक किसके लिए उपाय करेगा?

a. केवल संपत्ति के बिक्री के लिए

b. राज्य सरकार के निर्देशानुसार समपहृत संपत्ति के व्ययन के लिए

c. संपत्ति के व्यक्तिगत उपयोग के लिए

d. संपत्ति को नष्ट करने के लिए

 

49. धारा 58छ. के अनुसार, प्रशासक को किस प्रकार की संपत्ति का प्रबंध करने का अधिकार है?

a. केवल अवैध रूप से अर्जित संपत्ति

b. केवल सरकारी संपत्ति

c. धारा 58च और 58झ के आदेशों के अधीन अभिगृहीत या समपहृत संपत्ति

d. केवल न्यायालय द्वारा आदेशित संपत्ति

 

50. प्रशासक की नियुक्ति किसके आदेश द्वारा की जाएगी?

a. न्यायालय

b. राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशित आदेश

c. केंद्रीय सरकार

d. मुख्य वन संरक्षक

 

51. संपत्ति के समपहरण की सूचना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58छ.

b. धारा 58ज.

c. धारा 58झ.

d. धारा 58ञ.

 

52. धारा 58ज.(1) के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी किन आधारों पर किसी व्यक्ति को सूचना जारी कर सकता है?

a. केवल संपत्ति का मूल्य देखकर

b. संपत्ति के मूल्य, आय, उपार्जन या आस्तियों के ज्ञात स्रोत और अन्य संबंधित जानकारी देखकर

c. संपत्ति के प्रकार के आधार पर

d. किसी अन्य व्यक्ति की शिकायत पर

 

53. सूचना प्राप्त करने वाले व्यक्ति को क्या करना होगा?

a. संपत्ति तुरंत समर्पित कर दे

b. तीस दिन के भीतर कारण बताना कि संपत्ति अवैध क्यों नहीं है

c. सक्षम प्राधिकारी से वार्ता कर मामले का समाधान करे

d. संपत्ति बेचकर विवरण प्रस्तुत करे

 

54. व्यक्ति अपनी संपत्ति के संबंध में किन चीजों का विवरण सक्षम प्राधिकारी को देगा?

a. केवल संपत्ति का मूल्य

b. संपत्ति का मूल्य, आय, उपार्जनों या आस्तियों के स्रोत और संबंधित साक्ष्य

c. केवल संपत्ति का प्रकार

d. केवल आय और उपार्जन

 

55. धारा 58ज.(2) के अनुसार, यदि किसी संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धारण किया गया है, तो क्या किया जाएगा?

a. उस अन्य व्यक्ति को सीधे समर्पित कर दिया जाएगा

b. उस अन्य व्यक्ति को भी सूचना तामील की जाएगी

c. संपत्ति तुरंत जब्त कर ली जाएगी

d. कोई कार्रवाई नहीं होगी

 

56. “इसमें इसके पश्चात् प्रभावी व्यक्ति” किसके लिए प्रयुक्त है?

a. केवल वही व्यक्ति जिसे सूचना सीधे दी गई है

b. वह व्यक्ति जिसके लिए संपत्ति धारण या नियंत्रित की जा रही है, चाहे वह किसी और के माध्यम से हो

c. केवल संपत्ति का पूर्व मालिक

d. केवल सरकारी अधिकारी

 

57. सक्षम प्राधिकारी के विश्वास को स्थापित करने के लिए कौन सा दस्तावेज़ या जानकारी उपयोग में लिया जा सकता है?

a. केवल धारा 58ङ के तहत किसी अन्वेषण से प्राप्त रिपोर्ट

b. अन्यथा उपलब्ध सुसंगत सूचना

c. दोनों (a) और (b)

d. केवल संपत्ति का मूल्य विवरण

 

58. व्यक्ति को अपनी संपत्ति की स्थिति के समर्थन में क्या प्रस्तुत करना होगा?

a. बैंक स्टेटमेंट केवल

b. संपत्ति की आय, उपार्जन और स्रोत का साक्ष्य, और अन्य सुसंगत जानकारी

c. केवल संपत्ति का मालिकाना प्रमाण

d. न्यायालय का आदेश

 

59. कतिपय दशाओं में संपत्ति का समपहरण, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58छ.

b. धारा 58ज.

c. धारा 58झ.

d. धारा 58ञ.

 

60. धारा 58झ.(1) के अनुसार सक्षम प्राधिकारी किस आधार पर निष्कर्ष लिखित करेगा कि संपत्ति अवैध रूप से अर्जित है?

a. केवल संपत्ति का मूल्य देखकर

b. कारण बताओ सूचना, स्पष्टीकरण और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करके

c. प्रभावित व्यक्ति के बहाने पर भरोसा करके

d. न्यायालय के आदेश पर

 

61. यदि प्रभावित व्यक्ति कारण बताओ सूचना में निर्दिष्ट तीस दिन की अवधि में अपना पक्ष नहीं रखता है, तो सक्षम प्राधिकारी क्या कर सकता है?

a. निष्कर्ष को स्थगित कर दे

b. अपने समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय निष्कर्ष लिख सकता है

c. मामले को न्यायालय भेज दे

d. संपत्ति को तुरंत समर्पित कर दे

 

62. धारा 58झ.(2) के अनुसार, जब संपत्तियों की पहचान स्पष्ट नहीं है, तो सक्षम प्राधिकारी क्या कर सकता है?

a. सभी संपत्तियों को समर्पित कर दे

b. अपने सर्वोत्तम निर्णय के अनुसार अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को निर्दिष्ट करे

c. प्रभावित व्यक्ति को नोटिस भेजे और प्रतीक्षा करे

d. न्यायालय में पेश करे

 

63. धारा 58झ.(3) के अनुसार यदि कोई संपत्ति अवैध रूप से अर्जित घोषित होती है, तो क्या होगा?

a. संपत्ति तुरंत नष्ट कर दी जाएगी

b. संपत्ति सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार को समपहृत हो जाएगी

c. संपत्ति प्रभावित व्यक्ति के पास बनी रहेगी

d. संपत्ति न्यायालय के संरक्षण में रखी जाएगी

 

64. धारा 58झ.(4) के अनुसार, यदि प्रभावित व्यक्ति यह सिद्ध करता है कि संपत्ति अवैध नहीं है, तो क्या किया जाएगा?

a. संपत्ति राज्य सरकार को समर्पित होगी

b. सूचना वापस ले ली जाएगी और संपत्ति तुरंत निर्मुक्त कर दी जाएगी

c. संपत्ति को विवादित घोषित किया जाएगा

d. संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा

 

65. धारा 58झ.(5) के अनुसार, यदि किसी कंपनी के शेयर राज्य सरकार को समपहृत हो जाते हैं, तो कंपनी क्या करेगी?

a. शेयरों को प्रभावित व्यक्ति को वापस कर देगी

b. राज्य सरकार को तुरंत रजिस्टर करेगी

c. न्यायालय से अनुमति मांगेगी

d. शेयरों का मूल्यांकन करवाएगी

 

66. यदि संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से प्रभावित व्यक्ति द्वारा धारण की गई हो, तो सक्षम प्राधिकारी क्या करेगा?

a. केवल प्रभावित व्यक्ति से सुनवाई करेगा

b. प्रभावित व्यक्ति और अन्य व्यक्ति दोनों को सुनवाई का अवसर देगा

c. केवल अन्य व्यक्ति से सुनवाई करेगा

d. दोनों को छोड़कर निष्कर्ष लिख देगा

 

67. धारा 58झ. के अनुसार निष्कर्ष लिखने की अवधि संपत्तियों की पहचान न होने पर अधिकतम कितनी होती है?

a. 30 दिन

b. 60 दिन

c. 90 दिन

d. 120 दिन

 

68. प्रभावित व्यक्ति की अनुपस्थिति में सक्षम प्राधिकारी निष्कर्ष कैसे लिख सकता है?

a. निष्कर्ष नहीं लिख सकता

b. न्यायालय की अनुमति लेकर लिख सकता है

c. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय निष्कर्ष लिख सकता है

d. संपत्ति तुरंत समर्पित कर सकता है

 

69. धारा 58झ. के अंतर्गत यदि संपत्ति अवैध घोषित होती है, तो उसका क्या प्रावधान है?

a. राज्य सरकार को समर्पित होगी और सभी विल्लंगमों से मुक्त होगी

b. प्रभावित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी

c. न्यायालय के पास रखी जाएगी

d. प्रभावित व्यक्ति द्वारा विवादित की जा सकती है

 

70. सबूत का भार, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58छ.

b. धारा 58ज.

c. धारा 58झ.

d. धारा 58ञ.

 

71. धारा 58ञ. के अनुसार यह सिद्ध करने का भार किस पर होता है कि संपत्ति अवैध रूप से अर्जित नहीं है?

a. राज्य सरकार पर

b. सक्षम प्राधिकारी पर

c. अन्वेषण अधिकारी पर

d. प्रभावित व्यक्ति पर

 

72. धारा 58ञ. किस धारा के अधीन तामील की गई सूचना से संबंधित है?

a. धारा 58ख.

b. धारा 58ग.

c. धारा 58ज.

d. धारा 58झ.

 

73. प्रभावित व्यक्ति को धारा 58ञ. के अंतर्गत क्या सिद्ध करना होता है?

a. कि संपत्ति राज्य सरकार की है

b. कि संपत्ति अवैध रूप से अर्जित है

c. कि संपत्ति अवैध रूप से अर्जित नहीं है

d. कि संपत्ति समपहृत हो चुकी है

 

74. यदि प्रभावित व्यक्ति सबूत प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो क्या परिणाम हो सकता है?

a. कार्यवाही स्वतः समाप्त हो जाएगी

b. संपत्ति को अवैध रूप से अर्जित माना जा सकता है

c. नई सूचना जारी की जाएगी

d. मामला उच्च न्यायालय को भेजा जाएगा

 

75. धारा 58ञ. के अनुसार सबूत का भार किस पर स्थानांतरित किया गया है?

a. अभियोजन पर

b. राज्य सरकार पर

c. न्यायालय पर

d. प्रभावित व्यक्ति पर

 

76. धारा 58ञ. में “प्रभावित व्यक्ति” से क्या अभिप्रेत है?

a. जांच अधिकारी

b. सक्षम प्राधिकारी

c. वह व्यक्ति जिस पर धारा 58ज के अंतर्गत सूचना तामील की गई है

d. राज्य सरकार का प्रतिनिधि

 

77. सामान्य आपराधिक सिद्धांत से धारा 58ञ किस प्रकार भिन्न है?

a. इसमें अभियोजन पर सबूत का भार रहता है

b. इसमें न्यायालय स्वयं सबूत एकत्र करता है

c. इसमें सबूत का भार प्रभावित व्यक्ति पर होता है

d. इसमें कोई सबूत आवश्यक नहीं होता

 

78. धारा 58ञ. के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

a. सबूत का भार हमेशा राज्य सरकार पर रहता है

b. सबूत का भार केवल अपील में लागू होता है

c. सबूत का भार प्रभावित व्यक्ति पर होता है

d. सबूत का भार अन्वेषण अधिकारी पर होता है

 

79. समपहरण के बदले जुर्माना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ट.

b. धारा 58ठ.

c. धारा 58ड.

d. धारा 58ढ.

 

80. धारा 58ट. के अनुसार समपहरण के बदले जुर्माना लगाने का आदेश कौन देता है?

a. राज्य सरकार

b. अन्वेषण अधिकारी

c. सक्षम प्राधिकारी

d. न्यायालय

 

81. धारा 58ट. तब लागू होती है जब संपत्ति किस धारा के अधीन समपहृत घोषित की जाती है?

a. धारा 58ज.

b. धारा 58ञ.

c. धारा 58झ.

d. धारा 58च.

 

82. धारा 58ट के अंतर्गत जुर्माना किसके बदले लगाया जाता है?

a. अभियोजन के बदले

b. सजा के बदले

c. समपहरण के बदले

d. जांच के बदले

 

83. धारा 58ट. के अनुसार जुर्माने की राशि किसके बराबर होती है?

a. संपत्ति के क्रय मूल्य के

b. संपत्ति के बाजार मूल्य के

c. संपत्ति के अनुमानित मूल्य के

d. संपत्ति के लेखा मूल्य के

 

84. जुर्माने का विकल्प किसे दिया जाता है?

a. राज्य सरकार को

b. शिकायतकर्ता को

c. प्रभावित व्यक्ति को

d. अन्वेषण अधिकारी को

 

85. धारा 58ट. के अंतर्गत जुर्माना किस स्थिति में नहीं लगाया जाता है?

a. जब संपत्ति चल संपत्ति हो

b. जब संपत्ति अचल संपत्ति हो

c. जब अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के केवल एक भाग का स्रोत समाधानप्रद रूप से सिद्ध न हो

d. जब जांच लंबित हो

 

86. धारा 58ट. की उपधारा (2) किस अधिकार की गारंटी देती है?

a. अपील के अधिकार की

b. पुनरीक्षण के अधिकार की

c. सुनवाई के युक्तियुक्त अवसर की

d. जमानत के अधिकार की

 

87. जुर्माना अधिरोपित करने से पहले किसे सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक है?

a. अन्वेषण अधिकारी को

b. राज्य सरकार को

c. शिकायतकर्ता को

d. प्रभावित व्यक्ति को

 

88. धारा 58ट. का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. समपहरण को अनिवार्य बनाना

b. प्रभावित व्यक्ति को वैकल्पिक राहत प्रदान करना

c. जांच प्रक्रिया को समाप्त करना

d. अभियोजन को कमजोर करना

 

89. धारा 58ट. के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

a. जुर्माना बिना सुनवाई के लगाया जा सकता है

b. जुर्माना केवल न्यायालय द्वारा लगाया जाता है

c. जुर्माना समपहरण के स्थान पर एक विकल्प है

d. जुर्माना राज्य सरकार को देय नहीं होता

 

90. कतिपय न्यास संपत्तियों के संबंध में प्रक्रिया, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ट.

b. धारा 58ठ.

c. धारा 58ड.

d. धारा 58ढ.

 

91. धारा 58ठ. के अंतर्गत कार्यवाही किस प्राधिकारी द्वारा की जाती है?

a. अन्वेषण अधिकारी

b. न्यायालय

c. सक्षम प्राधिकारी

d. राज्य सरकार

 

92. धारा 58ठ. के अनुसार सक्षम प्राधिकारी को विश्वास करने का कारण किस आधार पर होता है?

a. केवल शिकायत के आधार पर

b. उपलब्ध जानकारी और सामग्री के आधार पर

c. न्यायालय के आदेश पर

d. पुलिस रिपोर्ट के आधार पर

 

93. धारा 58ठ. में विश्वास करने के कारणों का क्या किया जाना आवश्यक है?

a. मौखिक रूप से बताना

b. गोपनीय रखना

c. लेखबद्ध करना

d. न्यायालय को भेजना

 

94. यदि न्यास में धृत संपत्ति अवैध रूप से अर्जित प्रतीत होती है, तो सूचना किसे दी जाती है?

a. केवल न्यासी को

b. केवल राज्य सरकार को

c. न्यासकर्ता या आस्तियों के अभिदायकर्ता को

d. न्यायालय को

 

95. धारा 58ठ. के अंतर्गत सूचना में कितने समय के भीतर स्रोत स्पष्ट करने की अपेक्षा की जाती है?

a. सात दिन

b. पंद्रह दिन

c. तीस दिन

d. तीन दिन

 

96. धारा 58ठ. के अंतर्गत तामील की गई सूचना को किस धारा के अधीन दी गई सूचना समझा जाएगा?

a. धारा 58च.

b. धारा 58झ.

c. धारा 58ज.

d. धारा 58ञ.

 

97. धारा 58ठ. के अनुसार, न्यास में धृत संपत्ति कब “अवैध रूप से अर्जित संपत्ति” मानी जाएगी?

a. जब न्यास वैध न हो

b. जब न्यासी दोषी हो

c. जब न्यासकर्ता द्वारा धारित होने पर वह अवैध होती

d. जब संपत्ति अचल हो

 

98. स्पष्टीकरण के अनुसार, कौन-सी संपत्ति अवैध रूप से अर्जित संपत्ति में सम्मिलित है?

a. केवल न्यास की आय

b. केवल दान में प्राप्त संपत्ति

c. ऐसे अभिदाय से अर्जित संपत्ति जो स्वयं अवैध होती

d. केवल चल संपत्ति

 

99. कतिपय अंतरणों का अकृत और शून्य होना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ट.

b. धारा 58ठ.

c. धारा 58ड.

d. धारा 58ढ.

 

100. धारा 58ड. के अनुसार संपत्ति का अंतरण किसके बाद अमान्य माना जाएगा?

a. जांच प्रारंभ होने के बाद

b. धारा 58च.(1) के अधीन आदेश या धारा 58ज/58ठ की सूचना के बाद

c. समपहरण आदेश के बाद

d. अपील दायर होने के बाद

 

101. धारा 58ड. के अंतर्गत किस प्रकार के अंतरण पर ध्यान नहीं दिया जाएगा?

a. केवल विक्रय

b. केवल दान

c. किसी भी ढंग से किया गया अंतरण

d. केवल उत्तराधिकार

 

102. धारा 58ड. के अनुसार ऐसा अंतरण किस प्रयोजन के लिए अमान्य होगा?

a. दीवानी वाद

b. आपराधिक अपील

c. इस अध्याय के अधीन कार्यवाहियां

d. कर निर्धारण

 

103. यदि ऐसी संपत्ति बाद में धारा 58झ. के अधीन समपहृत हो जाती है तो अंतरण कैसा माना जाएगा?

a. वैध

b. सशर्त वैध

c. अकृत या शून्य

d. अस्थायी

 

104. धारा 58ड. किन संपत्तियों पर लागू होती है?

a. सभी प्रकार की संपत्तियां

b. केवल चल संपत्ति

c. आदेश या सूचना में निर्दिष्ट संपत्ति

d. केवल अचल संपत्ति

 

105. धारा 58ड. के अनुसार अंतरण कब अकृत माना जाएगा?

a. आदेश पारित होते ही

b. सूचना जारी होते ही

c. संपत्ति के समपहरण पर

d. जांच पूरी होने पर

 

106. अपील प्राधिकरण का गठन, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ट.

b. धारा 58ठ.

c. धारा 58ड.

d. धारा 58ढ.

 

107. धारा 58ढ. के अनुसार अपील प्राधिकरण का गठन कौन करेगा?

a. केन्द्रीय सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. सक्षम प्राधिकारी

 

108. अपील प्राधिकरण का गठन किस माध्यम से किया जाएगा?

a. आदेश द्वारा

b. नियम द्वारा

c. अधिसूचना द्वारा

d. परिपत्र द्वारा

 

109. धारा 58ढ. के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण का नाम क्या है?

a. वन्य जीव अपील प्राधिकरण

b. समपहृत संपत्ति के लिए अपील प्राधिकरण

c. विशेष अपील अधिकरण

d. संपत्ति न्यायाधिकरण

 

110. अपील प्राधिकरण किन धाराओं के अधीन किए गए आदेशों के विरुद्ध अपील सुनेगा?

a. केवल धारा 58च.

b. केवल धारा 58झ.

c. धारा 58च., 58झ., 58ट.(1) और 58ठ

d. केवल धारा 58ड.

 

111. अपील प्राधिकरण में किन पदों का समावेश होगा?

a. केवल अध्यक्ष

b. केवल सदस्य

c. एक अध्यक्ष और अन्य सदस्य

d. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य

 

112. अपील प्राधिकरण का अध्यक्ष कौन हो सकता है?

a. जिला न्यायाधीश

b. सत्र न्यायाधीश

c. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या अर्ह व्यक्ति

d. प्रधान सचिव

 

113. अपील प्राधिकरण के अन्य सदस्य किस पंक्ति से नीचे के नहीं होने चाहिए?

a. सचिव

b. संयुक्त सचिव

c. प्रधान सचिव

d. मुख्य सचिव

 

114. अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की सेवा की शर्तें कैसी होंगी?

a. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित

b. उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित

c. अधिनियम में निर्दिष्ट

d. विहित की जाएंगी

 

115. धारा 58ण. के अंतर्गत अपील किसके आदेश के विरुद्ध की जा सकती है?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. सक्षम प्राधिकारी

c. राज्य सरकार

d. उच्च न्यायालय

 

116. सक्षम प्राधिकारी के किन आदेशों के विरुद्ध अपील की जा सकती है?

a. धारा 58ग. के आदेश

b. धारा 58ड. के आदेश

c. धारा 58च., 58झ., 58ट.(1) और 58ठ. के आदेश

d. धारा 58घ. के आदेश

 

117. अपील आदेश की तामील की तारीख से कितने दिन के भीतर की जा सकती है?

a. 30 दिन

b. 45 दिन

c. 60 दिन

d. 90 दिन

 

118. पर्याप्त कारण होने पर अपील प्राधिकरण अधिकतम कितनी अवधि तक अपील स्वीकार कर सकता है?

a. 45 दिन

b. 60 दिन

c. 75 दिन

d. 90 दिन

 

119. अपील किसके समक्ष की जाएगी?

a. राज्य सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. सत्र न्यायालय

d. अपील प्राधिकरण

 

120. अपील प्राधिकरण अपील पर कौन-सा आदेश पारित कर सकता है?

a. केवल पुष्ट

b. केवल अपास्त

c. पुष्ट, उपांतरित या अपास्त

d. केवल संशोधित

 

121. अपील प्राधिकरण किसकी प्रक्रिया का विनियमन कर सकेगा?

a. राज्य सरकार की

b. सक्षम प्राधिकारी की

c. अपनी स्वयं की

d. उच्च न्यायालय की

 

122. अपील प्राधिकरण के अभिलेखों का निरीक्षण कौन कर सकता है?

a. कोई भी व्यक्ति

b. केवल सरकारी अधिकारी

c. अपील का पक्षकार या उसका प्राधिकृत व्यक्ति

d. केवल अधिवक्ता

 

123. अभिलेखों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?

a. शपथपत्र

b. न्यायालय की अनुमति

c. विहित फीस का संदाय

d. राज्य सरकार की स्वीकृति

 

124. सूचना या आदेश का वर्णन में त्रुटि के कारण अविधिमान्य न होना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ण.

b. धारा 58त.

c. धारा 58थ.

d. धारा 58द.

 

125. इस अध्याय के अधीन कौन-सी कार्यवाही वर्णन में त्रुटि के कारण अविधिमान्य नहीं होगी?

a. केवल आदेश

b. केवल सूचना

c. सूचना, घोषणा और आदेश

d. केवल घोषणा

 

126. वर्णन में किस प्रकार की त्रुटि होने पर सूचना या आदेश अविधिमान्य नहीं होगा?

a. गंभीर त्रुटि

b. तकनीकी त्रुटि

c. संपत्ति या व्यक्ति की पहचान योग्य होने पर

d. किसी भी प्रकार की त्रुटि

 

127. धारा 58त. के अनुसार त्रुटि किससे संबंधित हो सकती है?

a. केवल संपत्ति

b. केवल व्यक्ति

c. संपत्ति या व्यक्ति

d. केवल प्राधिकारी

 

128. यदि संपत्ति का वर्णन त्रुटिपूर्ण हो लेकिन पहचान संभव हो तो आदेश का क्या प्रभाव होगा?

a. शून्य

b. अविधिमान्य

c. विधिमान्य

d. निलंबित

 

129. धारा 58थ. का मुख्य विषय क्या है?

a. अपील की समय-सीमा

b. सिविल न्यायालय की अधिकारिता

c. अधिकारिता का वर्जन

d. अपील प्राधिकरण का गठन

 

130. इस अध्याय के अधीन पारित आदेश या की गई घोषणा कब अपीलनीय होगी?

a. हर स्थिति में

b. केवल सिविल न्यायालय में

c. इसमें यथा उपबंधित के अनुसार

d. कभी नहीं

 

131. धारा 58थ. के अनुसार सिविल न्यायालय को किस मामले में अधिकारिता नहीं होगी?

a. सभी मामलों में

b. केवल आपराधिक मामलों में

c. ऐसे मामलों में जिन्हें अपील अधिकरण या सक्षम प्राधिकारी अवधारित कर सकता है

d. केवल अपील संबंधी मामलों में

 

132. इस अध्याय के अधीन प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में की गई कार्रवाई के संबंध में क्या अनुदत्त नहीं किया जाएगा?

a. अपील

b. समपहरण

c. व्यादेश

d. जांच

 

133. धारा 58थ. के अनुसार व्यादेश किसके द्वारा अनुदत्त नहीं किया जाएगा?

a. केवल सिविल न्यायालय द्वारा

b. केवल उच्च न्यायालय द्वारा

c. किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकारी द्वारा

d. केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा

 

134. अपील अधिकरण या सक्षम प्राधिकारी की अधिकारिता का प्रभाव क्या है?

a. सिविल न्यायालय की अधिकारिता बनी रहती है

b. सिविल न्यायालय की अधिकारिता समाप्त हो जाती है

c. केवल सीमित अधिकारिता रहती है

d. अधिकारिता स्थानांतरित हो जाती है

 

135. सक्षम प्राधिकारी और अपील अधिकरण के पास सिविल न्यायालय की शक्तियों का होना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ण.

b. धारा 58त.

c. धारा 58थ.

d. धारा 58द.

 

136. धारा 58द. के अनुसार सक्षम प्राधिकारी और अपील अधिकरण को कौन-सी शक्तियाँ प्राप्त हैं?

a. दंड प्रक्रिया संहिता की शक्तियाँ

b. सिविल न्यायालय की शक्तियाँ

c. केवल अपील की शक्तियाँ

d. केवल प्रशासनिक शक्तियाँ

 

137. धारा 58द. के अंतर्गत किसी व्यक्ति को बुलाकर शपथ पर परीक्षा करने की शक्ति किसे प्राप्त है?

a. केवल सिविल न्यायालय को

b. केवल उच्च न्यायालय को

c. सक्षम प्राधिकारी और अपील अधिकरण को

d. केवल राज्य सरकार को

 

138. दस्तावेजों के प्रकटीकरण और प्रस्तुत किए जाने की अपेक्षा करने की शक्ति किस धारा में दी गई है?

a. धारा 58थ.

b. धारा 58झ.

c. धारा 58द.

d. धारा 58ट.

 

139. शपथ पर साक्ष्य ग्रहण करना धारा 58द के अंतर्गत किस शक्ति का उदाहरण है?

a. प्रशासनिक

b. विवेकाधीन

c. सिविल न्यायालय की

d. अपील संबंधी

 

140. किसी न्यायालय या कार्यालय से लोक अभिलेख या उसकी प्रति मंगाने की शक्ति किसके पास होगी?

a. केवल सिविल न्यायालय

b. सक्षम प्राधिकारी और अपील अधिकरण

c. केवल अपील प्राधिकरण

d. राज्य सरकार

 

141. साक्षियों या दस्तावेजों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालने की शक्ति किस धारा में प्रदान की गई है?

a. धारा 58ण.

b. धारा 58थ.

c. धारा 58द.

d. धारा 58त.

 

142. सक्षम प्राधिकारी को सूचना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 58ध.

b. धारा 58न.

c. धारा 58प.

d. धारा 58फ.

 

143. धारा 58ध. के अनुसार सक्षम प्राधिकारी को किससे जानकारी प्राप्त करने की शक्ति होगी?

a. केवल सिविल न्यायालय से

b. केवल प्रभावित व्यक्ति से

c. केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण के अधिकारी से

d. केवल अपील प्राधिकरण से

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