The Indian Criminal Law Amendment Act, 1908 MCQs

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

 

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1. इस अधिनियम का नाम क्या है?

a. भारतीय दण्ड संशोधन अधिनियम, 1908

b. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908

c. आपराधिक प्रक्रिया संशोधन अधिनियम, 1908

d. सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 1908

 

2. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 का अधिनियम संख्या क्या है?

a. अधिनियम संख्या 12, 1908

b. अधिनियम संख्या 13, 1908

c. अधिनियम संख्या 14, 1908

d. अधिनियम संख्या 15, 1908

 

3. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 कब पारित हुआ?

a. 8 जून, 1908

b. 11 दिसंबर, 1908

c. 26 जनवरी, 1909

d. 1 जनवरी, 1908

 

4. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

a. केवल आपराधिक न्यायालयों की स्थापना करना

b. कुछ अपराधों के शीघ्र निपटारे तथा सार्वजनिक शांति के लिए हानिकारक संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रावधान करना

c. केवल पुलिस शक्तियों का विस्तार करना

d. केवल दण्डों में वृद्धि करना

 

5. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 किन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए बनाया गया है?

a. केवल राजनीतिक संगठनों पर

b. केवल व्यापारिक संगठनों पर

c. सार्वजनिक शांति के लिए हानिकारक संगठनों पर

d. केवल धार्मिक संगठनों पर

 

6. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 में किस प्रकार के अपराधों के निपटारे का प्रावधान किया गया है?

a. सभी आपराधिक मामलों के

b. केवल आर्थिक अपराधों के

c. कुछ अपराधों के शीघ्र निपटारे का

d. केवल दीवानी मामलों का

 

7. प्रस्तावना के अनुसार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 को बनाने की आवश्यकता क्यों हुई?

a. न्यायालयों की संख्या बढ़ाने के लिए

b. पुलिस बल का विस्तार करने के लिए

c. क्योंकि कुछ अपराधों के शीघ्र निपटारे तथा सार्वजनिक शांति के लिए हानिकारक संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रावधान करना आवश्यक था

d. केवल दण्ड प्रक्रिया में संशोधन करने के लिए

 

8. धारा 1 का विषय क्या है?

a. परिभाषाएँ

b. संक्षिप्त नाम एवं विस्तार

c. विधिविरुद्ध संगठनों की घोषणा

d. दण्ड

 

9. धारा 1(1) के अनुसार इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

a. भारतीय दण्ड संशोधन अधिनियम, 1908

b. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908

c. आपराधिक प्रक्रिया संशोधन अधिनियम, 1908

d. सार्वजनिक शांति अधिनियम, 1908

 

10. धारा 1(2) के अनुसार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 किन राज्यों पर लागू होता है?

a. केवल असम पर

b. केवल पश्चिम बंगाल पर

c. भारत के सभी राज्यों पर, सिवाय उन क्षेत्रों के जो 1 नवम्बर, 1956 से ठीक पहले भाग 'बी' राज्यों में सम्मिलित थे

d. केवल संघ राज्य क्षेत्रों पर

 

11. धारा 1(2) के अनुसार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 से कौन-से क्षेत्र अपवर्जित हैं?

a. सभी संघ राज्य क्षेत्र

b. सभी पूर्व रियासतें

c. वे क्षेत्र जो 1 नवम्बर, 1956 से ठीक पहले भाग 'बी' राज्यों में सम्मिलित थे

d. केवल असम

 

12. धारा 1(3) के अनुसार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 किन क्षेत्रों पर लागू होता है?

a. केवल असम

b. केवल पश्चिम बंगाल

c. असम तथा वे क्षेत्र जो 1 नवम्बर, 1956 से ठीक पहले पश्चिम बंगाल राज्य में सम्मिलित थे

d. केवल भाग 'बी' राज्य

 

13. धारा 1(3) के अनुसार किसी राज्य में भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 को लागू करने की शक्ति किसके पास है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राष्ट्रपति

c. राज्य सरकार

d. उच्च न्यायालय

 

14. धारा 1(3) के अनुसार राज्य सरकार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 को किस माध्यम से लागू कर सकती है?

a. कार्यपालिका आदेश द्वारा

b. विधानसभा के संकल्प द्वारा

c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

d. न्यायालय के आदेश द्वारा

 

15. धारा 1(3) के अनुसार राज्य सरकार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 को किस सीमा तक लागू कर सकती है?

a. केवल पूर्णतः

b. केवल किसी भाग को

c. पूर्णतः अथवा इसके किसी भाग को

d. केवल अस्थायी रूप से

 

16. धारा 1(3) के अनुसार राज्य सरकार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 को किन क्षेत्रों में लागू कर सकती है?

a. भारत के सभी राज्यों में

b. केवल संघ राज्य क्षेत्रों में

c. अपने प्रशासन के अधीन उन क्षेत्रों में जिन पर भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 लागू किया जा सकता है

d. केवल उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में

 

17. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 के भाग 1 का शीर्षक क्या है?

a. विधिविरुद्ध संगठन

b. विशेष प्रक्रिया

c. विविध

d. दण्ड

 

18. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 के भाग 1 को किस अधिनियम द्वारा निरसित किया गया?

a. भारतीय दण्ड संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1922

b. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन निरसन अधिनियम, 1922

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023)

d. भारतीय न्याय संहिता, 2023

 

19. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन निरसन अधिनियम, 1922 की किस धारा द्वारा भाग 1 निरसित किया गया?

a. धारा 1

b. धारा 2

c. धारा 3

d. धारा 4

 

20. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन निरसन अधिनियम, 1922 का अधिनियम संख्या क्या है?

a. अधिनियम संख्या 3, 1922

b. अधिनियम संख्या 4, 1922

c. अधिनियम संख्या 5, 1922

d. अधिनियम संख्या 6, 1922

 

21. भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 के भाग 1 के अंतर्गत किन धाराओं को निरसित किया गया?

a. धारा 1 से धारा 10 तक

b. धारा 2 से धारा 10 तक

c. धारा 2 से धारा 14 तक सभी धाराओं को

d. धारा 15 से धारा 20 तक

 

22. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. भाग 1 की केवल धारा 2 निरसित की गई।

b. भाग 1 की केवल धारा 14 निरसित की गई।

c. भाग 1 की धारा 2 से धारा 14 तक सभी धाराएँ, जिनमें धारा 2 एवं धारा 14 दोनों सम्मिलित हैं, भारतीय आपराधिक विधि संशोधन निरसन अधिनियम, 1922 द्वारा निरसित की गईं।

d. भाग 1 आज भी पूर्णतः प्रवृत्त है।

 

23. भाग II का शीर्षक क्या है?

a. विशेष प्रक्रिया

b. गैरकानूनी संगठन

c. दण्ड

d. विविध

 

24. धारा 15 का विषय क्या है?

a. गैरकानूनी संगठन की घोषणा

b. परिभाषाएँ

c. दण्ड

d. अभियोजन

 

25. धारा 15(1) के अनुसार "संघ" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल पंजीकृत संस्था

b. केवल कंपनी

c. व्यक्तियों का कोई संयोजन या समूह, चाहे वह किसी विशिष्ट नाम से जाना जाता हो या नहीं

d. केवल राजनीतिक दल

 

26. धारा 15(1) के अनुसार क्या किसी विशिष्ट नाम के बिना व्यक्तियों का समूह भी "संघ" कहलाता है?

a. नहीं

b. केवल पंजीकरण होने पर

c. केवल सरकारी मान्यता होने पर

d. हाँ

 

27. धारा 15(2) के अनुसार "गैरकानूनी संगठन" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल अपंजीकृत संगठन

b. केवल राजनीतिक संगठन

c. ऐसा संगठन जो धारा 15(2)(क) या धारा 15(2)(ख) के अंतर्गत आता हो

d. केवल व्यापारिक संगठन

 

28. धारा 15(2)(क) के अनुसार कौन-सा संगठन "गैरकानूनी संगठन" है?

a. केवल अपंजीकृत संगठन

b. जो व्यक्तियों को हिंसा या धमकी के कृत्य करने के लिए प्रोत्साहित या सहायता करता है अथवा जिसके सदस्य आदतन ऐसे कृत्य करते हैं

c. केवल धार्मिक संगठन

d. केवल श्रमिक संगठन

 

29. धारा 15(2)(क) के अनुसार क्या हिंसा या धमकी के कृत्यों को प्रोत्साहित करने वाला संगठन "गैरकानूनी संगठन" है?

a. नहीं

b. केवल न्यायालय की अनुमति से

c. केवल यदि वह पंजीकृत न हो

d. हाँ

 

30. धारा 15(2)(क) के अनुसार क्या हिंसा या धमकी के कृत्यों में आदतन संलग्न सदस्यों वाला संगठन "गैरकानूनी संगठन" है?

a. नहीं

b. केवल पुनरावृत्ति होने पर

c. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

d. हाँ

 

31. धारा 15(2)(ख) के अनुसार कौन-सा संगठन "गैरकानूनी संगठन" है?

a. केवल अपंजीकृत संगठन

b. केवल विदेशी संगठन

c. जिसे राज्य सरकार भारतीय आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 1908 के अधीन गैरकानूनी घोषित करे

d. केवल राजनीतिक संगठन

 

32. धारा 16 का विषय क्या है?

a. परिभाषाएँ

b. संघ को गैरकानूनी घोषित करने की शक्ति

c. गैरकानूनी संगठन के सदस्यों का दण्ड

d. अपराधों का विचारण

 

33. धारा 16(1) के अनुसार किसी संघ को गैरकानूनी घोषित करने की शक्ति किसके पास है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. उच्च न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. जिला मजिस्ट्रेट

 

34. धारा 16(1) के अनुसार राज्य सरकार किसी संघ को किस माध्यम से गैरकानूनी घोषित कर सकती है?

a. कार्यपालिका आदेश द्वारा

b. न्यायालय के आदेश द्वारा

c. आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

d. विधानसभा के संकल्प द्वारा

 

35. धारा 16(1) के अनुसार राज्य सरकार कब किसी संघ को गैरकानूनी घोषित कर सकती है?

a. जब संघ पंजीकृत न हो

b. जब संघ की सदस्य संख्या 100 से अधिक हो

c. जब उसकी राय में वह संघ कानून के प्रशासन या कानून एवं व्यवस्था के रखरखाव में हस्तक्षेप करता है, हस्तक्षेप करने का उद्देश्य रखता है, अथवा सार्वजनिक शांति के लिए खतरा है

d. जब संघ राजनीतिक गतिविधियाँ करता हो

 

36. धारा 16(1) के अनुसार यदि कोई संघ सार्वजनिक शांति के लिए खतरा हो तो राज्य सरकार क्या कर सकती है?

a. केवल चेतावनी दे सकती है

b. उसका पंजीकरण निलंबित कर सकती है

c. उसे गैरकानूनी घोषित कर सकती है

d. उसे केवल जुर्माना लगा सकती है

 

37. धारा 16(1) के अनुसार यदि कोई संघ कानून एवं व्यवस्था के रखरखाव में हस्तक्षेप करता है या उसका उद्देश्य हस्तक्षेप करना है तो राज्य सरकार क्या कर सकती है?

a. केवल उसके पदाधिकारियों को हटाएगी

b. केवल उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखेगी

c. उसे गैरकानूनी घोषित कर सकती है

d. उसे केवल अस्थायी रूप से निलंबित करेगी

 

38. धारा 17 का विषय क्या है?

a. संघ को गैरकानूनी घोषित करने की शक्ति

b. दंड

c. परिभाषाएँ

d. अभियोजन

 

39. धारा 17(1) के अनुसार गैरकानूली संगठन का सदस्य होने पर क्या दंड है?

a. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

40. धारा 17(1) के अनुसार गैरकानूनी संगठन की बैठकों में भाग लेने पर क्या दंड है?

a. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

41. धारा 17(1) के अनुसार गैरकानूनी संगठन के उद्देश्य से योगदान देने, प्राप्त करने या मांगने पर क्या दंड है?

a. केवल जुर्माना

b. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

 

42. धारा 17(1) के अनुसार गैरकानूनी संगठन के संचालन में किसी भी प्रकार से सहायता करने पर क्या दंड है?

a. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

43. धारा 17(1) के अनुसार अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

a. तीन माह

b. छह माह

c. एक वर्ष

d. तीन वर्ष

 

44. धारा 17(2) के अनुसार गैरकानूनी संगठन का प्रबंधन करने पर क्या दंड है?

a. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. पाँच वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

 

45. धारा 17(2) के अनुसार गैरकानूनी संगठन के प्रबंधन में सहायता करने पर क्या दंड है?

a. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. पाँच वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

46. धारा 17(2) के अनुसार गैरकानूनी संगठन की बैठक को बढ़ावा देने या बढ़ावा देने में सहायता करने पर क्या दंड है?

a. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

47. धारा 17(2) के अनुसार गैरकानूनी संगठन के सदस्यों की बैठक को सदस्यों के रूप में बढ़ावा देने पर क्या दंड है?

a. छह माह तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

b. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. पाँच वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

48. धारा 17(2) के अनुसार अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

a. छह माह

b. एक वर्ष

c. दो वर्ष

d. तीन वर्ष

 

49. धारा 17(3) के अनुसार उपधारा (1) के अधीन अपराध किस प्रकृति का है?

a. असंज्ञेय एवं जमानती

b. संज्ञेय एवं जमानती

c. संज्ञेय एवं गैर-जमानती

d. असंज्ञेय एवं गैर-जमानती

 

50. धारा 17(3) के अनुसार उपधारा (1) के अधीन अपराध किसके द्वारा संज्ञेय होगा?

a. न्यायालय द्वारा

b. राज्य सरकार द्वारा

c. पुलिस द्वारा

d. जिला मजिस्ट्रेट द्वारा

 

51. धारा 17(3) के अनुसार दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 ) में किसी बात के होते हुए भी उपधारा (1) का अपराध कैसा होगा?

a. जमानती

b. असंज्ञेय

c. गैर-जमानती

d. शमनीय

 

52. धारा 17क का विषय क्या है?

a. गैर-कानूनी संगठन की परिभाषा

b. गैर-कानूनी संगठन के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जगहों को अधिसूचित करने और उनका कब्ज़ा लेने की शक्ति

c. गैर-कानूनी संगठन के सदस्यों का दण्ड

d. अपराधों का विचारण

 

53. धारा 17क(1) के अनुसार किसी स्थान को अधिसूचित करने की शक्ति किसके पास है?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. पुलिस आयुक्त

c. राज्य सरकार

d. केन्द्रीय सरकार

 

54. धारा 17क(1) के अनुसार राज्य सरकार किसी स्थान को किस माध्यम से अधिसूचित कर सकती है?

a. परिपत्र द्वारा

b. न्यायालय के आदेश द्वारा

c. आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

d. कार्यपालिका आदेश द्वारा

 

55. धारा 17क(1) के अनुसार राज्य सरकार किस प्रकार के स्थान को अधिसूचित कर सकती है?

a. किसी भी सरकारी भवन को

b. जो उसकी राय में गैरकानूनी संघ के प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त होता है

c. केवल पंजीकृत कार्यालय को

d. केवल सार्वजनिक भवन को

 

56. धारा 17क के स्पष्टीकरण के अनुसार "स्थान" में क्या-क्या सम्मिलित है?

a. केवल घर या इमारत

b. केवल तम्बू और पोत

c. घर या इमारत, उसका कोई भाग, तम्बू अथवा पोत

d. केवल कार्यालय भवन

 

57. धारा 17क के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या "स्थान" में तम्बू भी सम्मिलित है?

a. नहीं

b. केवल अस्थायी शिविर में

c. केवल सरकारी तम्बू

d. हाँ

 

58. धारा 17क के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या "स्थान" में पोत भी सम्मिलित है?

a. नहीं

b. केवल सरकारी पोत

c. केवल समुद्री पोत

d. हाँ

 

59. धारा 17क(2) के अनुसार अधिसूचित स्थान का कब्ज़ा कौन ले सकता है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल जिला मजिस्ट्रेट

c. जिला मजिस्ट्रेट, प्रेसीडेंसी नगर में पुलिस आयुक्त, अथवा उनके द्वारा लिखित रूप से अधिकृत अधिकारी

d. केवल पुलिस अधीक्षक

 

60. धारा 17क(2) के अनुसार अधिसूचित स्थान से व्यक्तियों को बेदखल करने की शक्ति किसके पास है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल न्यायालय

c. जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त अथवा उनके द्वारा लिखित रूप से अधिकृत अधिकारी के पास

d. केवल पुलिस अधीक्षक

 

61. धारा 17क(2) के अनुसार अधिसूचित स्थान का कब्ज़ा लेने के बाद किसे तत्काल सूचना दी जाएगी?

a. केन्द्रीय सरकार को

b. उच्च न्यायालय को

c. राज्य सरकार को

d. पुलिस महानिदेशक को

 

62. धारा 17क(2) के परन्तुक के अनुसार यदि अधिसूचित स्थान में महिलाओं या बच्चों द्वारा कब्जा किया गया अपार्टमेंट हो तो क्या सुविधा दी जाएगी?

a. उन्हें तत्काल बेदखल कर दिया जाएगा

b. उन्हें केवल 24 घंटे का समय दिया जाएगा

c. उन्हें कम से कम असुविधा के साथ स्थान खाली करने हेतु उचित समय और सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी

d. उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी

 

63. धारा 17क(3) के अनुसार अधिसूचित स्थान सरकार के कब्जे में कब तक माना जाएगा?

a. एक वर्ष तक

b. न्यायालय के आदेश तक

c. जब तक उसके संबंध में धारा 17क(1) के अधीन अधिसूचना प्रभावी रहती है

d. स्थायी रूप से

 

64. धारा 17ख का विषय क्या है?

a. गैरकानूनी संगठन की घोषणा

b. अधिसूचित स्थान पर पाई गई चल संपत्ति

c. दण्ड

d. परिभाषाएँ

 

65. धारा 17ख(1) के अनुसार अधिसूचित स्थान पर पाई गई चल संपत्ति पर कब्ज़ा कौन लेगा?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल पुलिस अधीक्षक

c. जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त या अधिसूचित स्थान पर कब्ज़ा लेने वाला अधिकारी

d. केवल न्यायालय

 

66. धारा 17ख(1) के अनुसार चल संपत्ति की सूची कितने सम्मानित गवाहों की उपस्थिति में बनाई जाएगी?

a. एक

b. दो

c. तीन

d. चार

 

67. धारा 17ख(2) के अनुसार चल संपत्ति को सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश कौन दे सकता है?

a. राज्य सरकार

b. जिला मजिस्ट्रेट या प्रेसीडेंसी नगर का पुलिस आयुक्त

c. पुलिस अधीक्षक

d. सत्र न्यायालय

 

68. धारा 17ख(2) के अनुसार किन वस्तुओं को जब्त किया जा सकता है?

a. अधिसूचित स्थान की सभी वस्तुओं को

b. केवल नकद राशि को

c. जो अवैध संगठन के प्रयोजनों के लिए उपयोग की जाती हैं या उपयोग की जा सकती हैं

d. केवल हथियारों को

 

69. धारा 17ख(3) के अनुसार जब्ती योग्य न होने वाली वस्तुओं का क्या किया जाएगा?

a. उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा

b. उन्हें सरकार के पास सुरक्षित रखा जाएगा

c. उन्हें उस व्यक्ति को सौंप दिया जाएगा जो उनका कब्जा रखने का हकदार हो

d. उन्हें न्यायालय में जमा किया जाएगा

 

70. धारा 17ख(3) के अनुसार यदि कोई हकदार व्यक्ति न मिले तो वस्तुओं का निपटारा कौन करेगा?

a. राज्य सरकार

b. जिला न्यायाधीश

c. जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त

d. पुलिस अधीक्षक

 

71. धारा 17ख(4) के अनुसार जब्ती का प्रस्ताव प्रकाशित करने की शक्ति किसके पास है?

a. केवल राज्य सरकार

b. जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त

c. केवल जिला न्यायाधीश

d. केवल उच्च न्यायालय

 

72. धारा 17ख(4) के अनुसार जब्ती के विरुद्ध अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की समय-सीमा क्या है?

a. 7 दिन

b. 10 दिन

c. 15 दिन

d. 30 दिन

 

73. धारा 17ख(4) के अनुसार सूचना किस प्रकार प्रकाशित की जाएगी?

a. स्थानीय समाचार पत्र में

b. राजपत्र में

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 की धारा 87 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) में उद्घोषणा के प्रकाशन के लिए निर्धारित रीति से

d. पुलिस स्टेशन के सूचना पट्ट पर

 

74. धारा 17ख(5) के अनुसार यदि अभ्यावेदन स्वीकार कर लिया जाए तो संबंधित वस्तु का क्या किया जाएगा?

a. सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया जाएगा

b. नष्ट कर दिया जाएगा

c. उसका निपटारा धारा 17ख(3) के अनुसार किया जाएगा

d. न्यायालय में जमा कर दिया जाएगा

 

75. धारा 17ख(6) के अनुसार यदि अभ्यावेदन अस्वीकार कर दिया जाए तो जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय का मामला किसके पास भेजा जाएगा?

a. उच्च न्यायालय

b. सत्र न्यायालय

c. जिला न्यायाधीश

d. राज्य सरकार

 

76. धारा 17ख(6) के अनुसार यदि अभ्यावेदन अस्वीकार कर दिया जाए तो पुलिस आयुक्त के निर्णय का मामला किसके पास भेजा जाएगा?

a. जिला न्यायाधीश

b. सत्र न्यायालय

c. लघु वाद न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

d. उच्च न्यायालय

 

77. धारा 17ख(6) के अनुसार क्या जिला न्यायाधीश या मुख्य न्यायाधीश के निर्णय से पूर्व जब्ती की जाएगी?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. न्यायालय की अनुमति से

d. नहीं

 

78. धारा 17ख(6) के अनुसार यदि जब्ती की पुष्टि न हो तो वस्तुओं का क्या किया जाएगा?

a. उन्हें सरकार के पास रखा जाएगा

b. उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा

c. उनका निपटारा धारा 17ख(3) के अनुसार किया जाएगा

d. उन्हें नीलाम कर दिया जाएगा

 

79. धारा 17ख(7) के अनुसार दावों की जांच के लिए किस संहिता की प्रक्रिया अपनाई जाएगी?

a. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम

c. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

d. भारतीय दण्ड संहिता

 

80. धारा 17ख(7) के अनुसार जिला न्यायाधीश या लघु वाद न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का निर्णय कैसा होगा?

a. अपील योग्य

b. अस्थायी

c. अंतिम

d. पुनरीक्षण योग्य

 

81. धारा 17ख(8) के अनुसार यदि जब्त की गई वस्तु पशुधन या नाशवान प्रकृति की हो तो क्या किया जा सकता है?

a. उसे नष्ट किया जाएगा

b. उसे न्यायालय में जमा किया जाएगा

c. उसकी तत्काल बिक्री का आदेश दिया जा सकता है

d. उसे एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाएगा

 

82. धारा 17ख(8) के अनुसार नाशवान वस्तुओं की बिक्री से प्राप्त राशि का निपटारा कैसे किया जाएगा?

a. राज्य सरकार के सामान्य कोष में जमा की जाएगी

b. न्यायालय के निर्देशानुसार

c. अन्य वस्तुओं के निपटान के लिए निर्धारित रीति से

d. पुलिस विभाग को सौंप दी जाएगी

 

83. धारा 17ग का विषय क्या है?

a. अधिसूचित स्थान पर पाई गई चल संपत्ति

b. अधिसूचित स्थानों में अनाधिकृत प्रवेश

c. गैरकानूनी संगठन की घोषणा

d. दण्ड

 

84. धारा 17ग के अनुसार अधिसूचित स्थान में प्रवेश करने के लिए किसकी अनुमति आवश्यक है?

a. राज्य सरकार की

b. पुलिस अधीक्षक की

c. जिला मजिस्ट्रेट या उसके द्वारा इस संबंध में अधिकृत अधिकारी की

d. न्यायालय की

 

85. धारा 17ग के अनुसार बिना अनुमति अधिसूचित स्थान में प्रवेश करने वाला व्यक्ति किस अपराध का दोषी माना जाएगा?

a. लोक उपद्रव का

b. आपराधिक अतिक्रमण का

c. शांति भंग का

d. अवैध प्रवेश का

 

86. धारा 17ग के अनुसार बिना अनुमति अधिसूचित स्थान में रहने वाला व्यक्ति किस अपराध का दोषी माना जाएगा?

a. लोक उपद्रव का

b. आपराधिक अतिक्रमण का

c. अवमानना का

d. शांति भंग का

 

87. धारा 17ग के अनुसार अनुमति देने की शक्ति किसके पास है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल पुलिस अधीक्षक

c. जिला मजिस्ट्रेट या उसके द्वारा इस संबंध में अधिकृत अधिकारी के पास

d. केवल सत्र न्यायालय

 

88. धारा 17घ का विषय क्या है?

a. अधिसूचित स्थानों में अनाधिकृत प्रवेश

b. संपत्ति का त्याग

c. गैरकानूनी संगठन की घोषणा

d. दण्ड

 

89. धारा 17घ के अनुसार अधिसूचित स्थानों का कब्जा सरकार द्वारा छोड़ने को विनियमित करने की शक्ति किसके पास है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. जिला मजिस्ट्रेट

c. राज्य सरकार

d. पुलिस आयुक्त

 

90. धारा 17घ के अनुसार राज्य सरकार निर्देश कब जारी करेगी?

a. अधिसूचना जारी करने के तुरंत बाद

b. धारा 17ए(1) के अधीन अधिसूचना रद्द करने से पहले

c. अधिसूचना रद्द होने के बाद

d. न्यायालय के आदेश के बाद

 

91. धारा 17घ के अनुसार राज्य सरकार किस प्रकार के निर्देश जारी कर सकती है?

a. केवल सामान्य निर्देश

b. केवल विशेष निर्देश

c. सामान्य या विशेष निर्देश

d. केवल लिखित आदेश

 

92. धारा 17घ के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश किस विषय से संबंधित होंगे?

a. गैरकानूनी संगठन के पंजीकरण से

b. अपराधों के विचारण से

c. अधिसूचित स्थानों के कब्जे को सरकार द्वारा छोड़ने (संपत्ति के त्याग) के विनियमन से

d. पुलिस जांच की प्रक्रिया से

 

93. धारा 17ङ का विषय क्या है?

a. संपत्ति का त्याग

b. गैरकानूनी संगठन की निधियों को जब्त करने की शक्ति

c. अधिसूचित स्थानों में अनाधिकृत प्रवेश

d. दण्ड

 

94. धारा 17ङ(1) के अनुसार गैरकानूनी संगठन की निधियों को जब्त करने की शक्ति किसके पास है?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. पुलिस आयुक्त

c. राज्य सरकार

d. केन्द्रीय सरकार

 

95. धारा 17ङ(1) के अनुसार राज्य सरकार किन संपत्तियों को जब्त घोषित कर सकती है?

a. केवल अचल संपत्ति

b. केवल नकद धन

c. धन, प्रतिभूतियाँ या ऋण

d. केवल बैंक खाते

 

96. धारा 17ङ(1) के अनुसार राज्य सरकार कब जब्ती का आदेश दे सकती है?

a. बिना किसी जाँच के

b. जब वह जाँच के बाद संतुष्ट हो जाए कि धन, प्रतिभूतियाँ या ऋण किसी गैरकानूनी संगठन के प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जा रहे हैं या उपयोग करने का इरादा है

c. केवल न्यायालय के आदेश पर

d. केवल पुलिस रिपोर्ट के आधार पर

 

97. धारा 17ङ(1) के अनुसार जब्ती किस माध्यम से घोषित की जाएगी?

a. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

b. लिखित आदेश द्वारा

c. न्यायालय के आदेश द्वारा

d. परिपत्र द्वारा

 

98. धारा 17ङ(2) के अनुसार जब्ती आदेश की प्रति किसे दी जा सकती है?

a. केवल जिला न्यायाधीश को

b. धन, प्रतिभूतियों या ऋणों की अभिरक्षा रखने वाले व्यक्ति को

c. केवल पुलिस अधीक्षक को

d. केवल बैंक प्रबंधक को

 

99. धारा 17ङ(2) के अनुसार आदेश की प्रति प्राप्त होने पर अभिरक्षक का क्या कर्तव्य है?

a. धन को न्यायालय में जमा करना

b. धन को अपने पास सुरक्षित रखना

c. राज्य सरकार के आदेशानुसार धन, प्रतिभूतियों या ऋणों का भुगतान या वितरण करना

d. धन को बैंक में जमा करना

 

100. धारा 17ङ(2) के परन्तुक के अनुसार धन या प्रतिभूतियों की तलाशी और जब्ती के लिए किसे अधिकृत किया जा सकता है?

a. जिला न्यायाधीश

b. पुलिस अधीक्षक

c. राज्य सरकार द्वारा चयनित अधिकारी को

d. ग्राम पंचायत

 

101. धारा 17ङ(2) के परन्तुक के अनुसार अधिकृत अधिकारी को क्या अधिकार प्राप्त होंगे?

a. केवल पूछताछ करने का

b. परिसर में प्रवेश करने, तलाशी लेने तथा धन एवं प्रतिभूतियों को जब्त करने का

c. केवल गिरफ्तारी करने का

d. केवल अभिलेख देखने का

 

102. धारा 17ङ(3) के अनुसार जब्ती आदेश से पूर्व राज्य सरकार क्या करेगी?

a. तत्काल जब्ती करेगी

b. संबंधित व्यक्ति को जब्ती के आशय की लिखित सूचना देगी

c. न्यायालय से अनुमति लेगी

d. पुलिस को निर्देश देगी

 

103. धारा 17ङ(3) के अनुसार जब्ती के विरुद्ध आवेदन कितने दिनों के भीतर किया जा सकता है?

a. 7 दिन

b. 10 दिन

c. 15 दिन

d. 30 दिन

 

104. धारा 17ङ(3) के अनुसार आवेदन किसके समक्ष किया जाएगा?

a. उच्च न्यायालय

b. सत्र न्यायालय

c. जिला न्यायाधीश या प्रेसीडेंसी नगर के लघु वाद न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष

d. राज्य सरकार के समक्ष

 

105. धारा 17ङ(3) के अनुसार आवेदन लंबित रहने तक क्या जब्ती का आदेश पारित किया जा सकता है?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. केवल न्यायालय की अनुमति से

d. नहीं

 

106. धारा 17ङ(4) के अनुसार दावों की जांच के लिए किस संहिता की प्रक्रिया अपनाई जाएगी?

a. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम

c. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

d. भारतीय दण्ड संहिता

 

107. धारा 17ङ(4) के अनुसार जिला न्यायाधीश या मुख्य न्यायाधीश का निर्णय कैसा होगा?

a. अपील योग्य

b. अंतरिम

c. अंतिम

d. पुनरीक्षण योग्य

 

108. धारा 17ङ(5) के अनुसार राज्य सरकार किस प्रकार का निषेधाज्ञा आदेश जारी कर सकती है?

a. केवल बैंक खाते सील करने का

b. धन, प्रतिभूति या ऋण के भुगतान, हस्तांतरण, सुपुर्दगी अथवा अन्य व्यवहार पर रोक लगाने का

c. केवल गिरफ्तारी का

d. केवल तलाशी का

 

109. धारा 17ङ(5) के अनुसार निषेधाज्ञा किस माध्यम से जारी की जाएगी?

a. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

b. लिखित आदेश द्वारा

c. न्यायालय के आदेश द्वारा

d. परिपत्र द्वारा

 

110. धारा 17ङ(6) के अनुसार जाँच अधिकारी को क्या अधिकार प्राप्त होंगे?

a. केवल पूछताछ करने का

b. केवल पुस्तकों की जाँच करने का

c. परिसर में प्रवेश करने, पुस्तकों की जांच करने, धन एवं प्रतिभूतियों की तलाशी लेने तथा पूछताछ करने के

d. केवल गिरफ्तारी करने का

 

111. धारा 17ङ(7) के अनुसार इस धारा के अधीन आदेश की प्रति किस प्रकार तामील की जाएगी?

a. राजपत्र में प्रकाशन द्वारा

b. डाक द्वारा

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) में समन की तामील के लिए निर्धारित रीति से

d. समाचार पत्र में प्रकाशन द्वारा

 

112. धारा 17ङ(8) के अनुसार यदि निषेधाज्ञा के बाद जब्ती का आदेश पारित हो तो वह कब से प्रभावी होगा?

a. जब्ती आदेश की तिथि से

b. न्यायालय के आदेश की तिथि से

c. निषेधाज्ञा जारी होने की तिथि से

d. राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से

 

113. धारा 17ङ(8) के अनुसार जब्ती प्रभावी होने पर संबंधित व्यक्ति का क्या दायित्व होगा?

a. धन को बैंक में जमा करना

b. जब्त धन, प्रतिभूति या ऋण राज्य सरकार को सौंपना या भुगतान करना

c. धन को न्यायालय में जमा करना

d. धन को सुरक्षित रखना

 

114. धारा 17ङ(9) के अनुसार राज्य सरकार के निर्देशों का पालन न करने पर राशि कैसे वसूल की जाएगी?

a. दीवानी वाद द्वारा

b. केवल जुर्माने के रूप में

c. भू-राजस्व के बकाया या जुर्माने के रूप में

d. बैंक खाते से स्वतः कटौती द्वारा

 

115. धारा 17ङ(10) के अनुसार "प्रतिभूति" में क्या सम्मिलित है?

a. केवल शेयर प्रमाणपत्र

b. केवल सरकारी बॉण्ड

c. ऐसा दस्तावेज जिससे धन के भुगतान का दायित्व स्वीकार किया गया हो या धन प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होता हो

d. केवल बैंक पासबुक

 

116. धारा 17ङ(10) के अनुसार प्रतिभूति का बाजार मूल्य कौन निर्धारित करेगा?

a. जिला न्यायाधीश

b. भारतीय रिज़र्व बैंक

c. राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी या व्यक्ति

d. पुलिस आयुक्त

 

117. धारा 17ङ(11) के अनुसार जाँच के दौरान प्राप्त सूचना का प्रकटीकरण कब किया जा सकता है?

a. किसी भी समय

b. केवल न्यायालय की अनुमति से

c. केवल कार्यवाही के प्रयोजनों के लिए आवश्यक सीमा तक अथवा राज्य सरकार की सहमति से

d. केवल मीडिया को

 

118. धारा 17ङ(11) के अनुसार राज्य सरकार की सहमति के बिना जाँच के दौरान प्राप्त सूचना कौन प्रकट नहीं करेगा?

a. कोई भी नागरिक

b. न्यायाधीश

c. सरकार का कोई अधिकारी

d. अधिवक्ता

 

119. धारा 17च का विषय क्या है?

a. गैरकानूनी संगठन की निधियों को जब्त करने की शक्ति

b. अधिकार क्षेत्र वर्जित

c. संपत्ति का त्याग

d. अधिसूचित स्थानों में अनाधिकृत प्रवेश

 

120. धारा 17च के अनुसार संपत्ति पर कब्जा लेने की प्रत्येक रिपोर्ट किस बात का निर्णायक प्रमाण होगी?

a. कि संपत्ति न्यायालय के कब्जे में है

b. कि संपत्ति पर सरकार द्वारा कब्जा कर लिया गया है

c. कि संपत्ति निजी स्वामित्व में है

d. कि संपत्ति विवादित है

 

121. धारा 17च के अनुसार जब्ती की प्रत्येक घोषणा किस बात का निर्णायक प्रमाण होगी?

a. कि संपत्ति न्यायालय को सौंप दी गई है

b. कि संपत्ति पर विवाद लंबित है

c. कि उसमें विनिर्दिष्ट संपत्ति सरकार द्वारा जब्त कर ली गई है

d. कि संपत्ति नष्ट कर दी गई है

 

122. धारा 17च के अनुसार धारा 17क, 17ख, 17ग, 17घ तथा 17ङ के अधीन की गई कार्यवाहियों को कौन प्रश्नगत नहीं कर सकता?

a. केवल उच्च न्यायालय

b. केवल जिला न्यायालय

c. कोई भी न्यायालय

d. केवल सर्वोच्च न्यायालय

 

123. धारा 17च के अनुसार न्यायालय में चुनौती देने के अपवाद कौन-से प्रावधान हैं?

a. केवल धारा 17क

b. केवल धारा 17ग

c. धारा 17ख तथा धारा 17ङ के प्रावधान

d. केवल धारा 17घ

 

124. धारा 17च के अनुसार धारा 17क, 17ख, 17ग, 17घ तथा 17ङ के अधीन सद्भावनापूर्वक किए गए या किए जाने वाले कार्यों के लिए किसके विरुद्ध दीवानी या आपराधिक कार्यवाही नहीं की जाएगी?

a. केवल राज्य सरकार के विरुद्ध

b. केवल सरकारी अधिकारी के विरुद्ध

c. किसी भी व्यक्ति, सरकार अथवा सरकार की ओर से या सरकार के प्राधिकार से कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध

d. केवल जिला मजिस्ट्रेट के विरुद्ध

 

125. धारा 17च के अनुसार सरकार द्वारा कब्जा की गई संपत्ति को हुई हानि या क्षति के संबंध में किस प्रकार की कार्यवाही वर्जित है?

a. केवल दीवानी कार्यवाही

b. केवल आपराधिक कार्यवाही

c. दीवानी तथा आपराधिक कार्यवाही

d. केवल संवैधानिक उपचार

 

126. धारा 17च के अनुसार सरकार द्वारा कब्जा या जब्ती का निर्णायक प्रमाण क्या होगा?

a. केवल न्यायालय का आदेश

b. केवल राजपत्र की अधिसूचना

c. संपत्ति पर कब्जा लेने की रिपोर्ट या जब्ती की घोषणा

d. केवल पुलिस रिपोर्ट

 

127. धारा 18 का विषय क्या है?

a. अधिकार क्षेत्र वर्जित

b. संघ का बने रहना

c. संपत्ति का त्याग

d. गैरकानूनी संगठन की निधियों की जब्ती

 

128. धारा 18 के अनुसार क्या केवल विघटन की औपचारिक कार्यवाही के कारण किसी संघ को अस्तित्वहीन माना जाएगा?

a. हाँ, सदैव

b. हाँ, यदि राज्य सरकार आदेश दे

c. नहीं

d. केवल न्यायालय के आदेश पर

 

129. धारा 18 के अनुसार क्या केवल स्वामित्व परिवर्तन की औपचारिक कार्यवाही के कारण किसी संघ को अस्तित्वहीन माना जाएगा?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. नहीं

d. केवल पंजीकृत संघ के मामले में

 

130. धारा 18 के अनुसार किसी संघ को कब तक जारी माना जाएगा?

a. जब तक उसका पंजीकरण बना रहे

b. जब तक उसके उद्देश्यों के लिए उसके सदस्यों के बीच वास्तविक संयोजन बना रहता है

c. जब तक सरकार उसे मान्यता देती रहे

d. जब तक उसका कार्यालय कार्यरत रहे

 

131. धारा 18 के अनुसार संघ के बने रहने का आधार क्या है?

a. उसका पंजीकरण

b. उसकी संपत्ति

c. उसके उद्देश्यों के लिए सदस्यों के बीच वास्तविक संयोजन का जारी रहना

d. सरकार की स्वीकृति

 

132. धारा 18 के अनुसार क्या औपचारिक विघटन या स्वामित्व परिवर्तन से संघ का अस्तित्व स्वतः समाप्त हो जाता है?

a. हाँ

b. केवल स्वामित्व परिवर्तन की स्थिति में

c. केवल विघटन की स्थिति में

d. नहीं

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