आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 MCQs With Solution [हिंदी माध्यम]

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आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955

THE ESSENTIAL COMMODITIES ACT, 1955

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1. आवश्यक वस्तु अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

a. आवश्यक वस्तु विनियमन अधिनियम, 1955

b. आवश्यक सामग्री अधिनियम, 1955

c. आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955

d. आवश्यक उपभोक्ता अधिनियम, 1955

 

2. आवश्यक वस्तु अधिनियम किस वर्ष अधिनियमित किया गया था?

a. 1950

b. 1954

c. 1955

d. 1956

 

3. आवश्यक वस्तु अधिनियम का अधिनियम संख्यांक क्या है?

a. 1955 का अधिनियम संख्यांक 10

b. 1955 का अधिनियम संख्यांक 11

c. 1955 का अधिनियम संख्यांक 12

d. 1955 का अधिनियम संख्यांक 13

 

4. धारा 1 के अनुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम का क्षेत्रीय विस्तार किस पर है?

a. केवल राज्यों पर

b. केवल केन्द्र शासित प्रदेशों पर

c. सम्पूर्ण भारत पर

d. केवल केन्द्रीय सरकार के अधीन क्षेत्रों पर

 

5. आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 1 मुख्यतः किस विषय से संबंधित है?

a. परिभाषाओं से

b. संक्षिप्त नाम और विस्तार से

c. अपराध और दण्ड से

d. अधिसूचना जारी करने की शक्ति से

 

6. आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 भारत की संसद द्वारा कब लागू किया गया?

a. 27 सितंबर 2020

b. 1 अप्रैल, 1955

c. 15 सितंबर, 1955

d. 1 अप्रैल, 2020

 

7. अधिनियम में कब - कब संशोधन किए गए हैं?

a. 1971, 1974, 1984, और 2020 में

b.  1971, 1978, 1985, और 2021 में

c. 1960, 1984, 1974, और 2019में

d. 1992, 1994, 1984, और 2020 में

 

8. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 लोक सभा में कब प्रख्यापित किया?

a. 15 सितंबर 2020

b. 22 सितंबर 2020

c. 27 सितंबर 2020

d. 29 सितंबर 2020

 

9. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 राज्य सभा में कब प्रख्यापित किया?

a. 15 सितंबर 2020

b. 22 सितंबर 2020

c. 27 सितंबर 2020

d. 29 सितंबर 2020

 

10. भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 को कब मंजूरी दी?

a. 15 सितंबर 2020

b. 22 सितंबर 2020

c. 27 सितंबर 2020

d. 29 सितंबर 2020

 

11. संक्षिप्त नाम और विस्तार, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 1

b. धारा 2

c. धारा 3

d. धारा 4

 

12. किस अधिनियम द्वाराजम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़करशब्दों का विलोपन (deletion) किया गया?

a. 1968 के अधिनियम सं० 25 की धारा 2

b. 1969 के अधिनियम सं० 26 की धारा 2

c. 1970 के अधिनियम सं० 27 की धारा 2

d. 1972 के अधिनियम सं० 28 की धारा 2

 

13. परिभाषा खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 1

b. धारा 2

c. धारा 3

d. धारा 4

 

14. "कलक्टर", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 2(i)

b. धारा 4(i)

c. धारा 6(i)

d. धारा 8(i)

 

15. धारा 2(i) के अनुसारकलक्टरशब्द के अंतर्गत किसे सम्मिलित किया गया है?

a. केवल जिला मजिस्ट्रेट

b. केवल उपखंड अधिकारी

c. अपर कलक्टर तथा कलक्टर द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी

d.  वल राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी

 

16. धारा 2(i) के अनुसार, कलक्टर द्वारा प्राधिकृत अधिकारी की न्यूनतम पद-स्थिति क्या होनी चाहिए?

a. तहसीलदार की पंक्ति से नीचे का हो

b. उपखंड अधिकारी की पंक्ति से नीचे का हो

c. नायब तहसीलदार की पंक्ति से नीचे का हो

d. जिला मजिस्ट्रेट की पंक्ति से नीचे का हो

 

17. धारा 2(i) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी किस उद्देश्य से कलक्टर की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है?

a. केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए

b. केवल न्यायिक कार्यों के लिए

c. इस अधिनियम के अधीन कलक्टर के कृत्यों का पालन और शक्तियों का प्रयोग करने के लिए

d. राज्य सरकार के सामान्य निर्देशों के पालन के लिए

 

18. निम्न में से कौन-सा अधिकारी धारा 2(i) के अंतर्गतकलक्टरकी परिभाषा में स्वतः सम्मिलित है?

a. तहसीलदार

b. नायब तहसीलदार

c. अपर कलक्टर

d. ग्राम सचिव

 

19. “खाद्य फसलों, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 2(i)

b.  धारा 2()

c. धारा 2()

d. धारा 2()

 

20. धारा 2() के अनुसारखाद्य फसलोंके अंतर्गत निम्न में से कौन-सी फसल सम्मिलित है?

a. कपास

b. जूट

c. गन्ना

d. तम्बाकू

 

21. धारा 2() किस शब्द की परिभाषा से संबंधित है?

a. आवश्यक वस्तु

b. कृषि उपज

c. खाद्य फसलें

d. नकदी फसलें

 

22. “अधिसूचित आदेश", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 2()

b. धारा 2()

c. धारा 2(गग)

d. धारा 2()

 

23. धारा 2() के अनुसारअधिसूचित आदेशसे क्या अभिप्रेत है?

a. विभागीय परिपत्र द्वारा जारी आदेश

b. कार्यालय ज्ञापन द्वारा जारी आदेश

c. शासकीय राजपत्र में अधिसूचित आदेश

d. मौखिक रूप से जारी आदेश

 

24. "आदेश", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 2()

b. धारा 2()

c. धारा 2(गग)

d. धारा 2()

 

25. धारा 2(गग) के अनुसारआदेशशब्द के अंतर्गत निम्न में से क्या सम्मिलित है?

a. केवल अधिसूचित आदेश

b. केवल नियम

c. तद्धीन जारी किया गया कोई निदेश

d. केवल मौखिक निर्देश

 

26. धारा (गग) के अनुसारआदेशशब्द सम्मिलित किया गया है-

a. 1967 के अधिनियम सं० 36 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित।

b. 1968 के अधिनियम सं० 38 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित।

c. 1969 के अधिनियम सं० 39 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित।

d. 1970 के अधिनियम सं० 40 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित।

 

27. “राज्य सरकार", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 2()

b. धारा 2()

c. धारा 2(गग)

d. धारा 2()

 

28. निम्न में से कौन-सा कथन धारा () के अनुसार सही है?

a. संघ राज्यक्षेत्र में राज्य सरकार से मुख्यमंत्री अभिप्रेत है

b. संघ राज्यक्षेत्र में राज्य सरकार से प्रशासक अभिप्रेत है

c. संघ राज्यक्षेत्र में राज्य सरकार से उच्च न्यायालय अभिप्रेत है

d. संघ राज्यक्षेत्र में राज्य सरकार से संसद अभिप्रेत है

 

29. "चीनी", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 2()

b. धारा 2()

c. धारा 2(गग)

d. धारा 2()

 

30. धारा 2() के अनुसारचीनीमें निम्न में से कौन सम्मिलित है?

a. केवल परिष्कृत चीनी

b. केवल मिश्री

c. नब्बे प्रतिशत से अधिक सुक्रोज वाली किसी प्रकार की चीनी

d. केवल तरल शर्करा

 

31. धारा 2() के अनुसार मिश्री को किस श्रेणी में रखा गया है?

a. औद्योगिक उत्पाद

b. खाद्य फसल

c. चीनी की परिभाषा के अंतर्गत

d. आवश्यक वस्तु के बाहर

 

32. निम्न में से कौन-सी चीनी धारा ()(ii) के अंतर्गत आती है?

a. तरल ग्लूकोज

b. खांडसारी चीनी

c. गुड़

d. शीरा

 

33. धारा 2()(iii) के अनुसार, निम्न में से कौन-सी चीनीचीनीकी परिभाषा में आती है?

a. घरेलू स्तर पर बनी चीनी

b. वैक्यूम पैन चीनी कारखाने में प्रक्रियाधीन चीनी

c. केवल पैक की हुई चीनी

d. केवल आयातित चीनी

 

34. वैक्यूम पैन चीनी कारखाने से उत्पादित कच्ची चीनी धारा () के अंतर्गत किस रूप में मानी जाएगी?

a. अधिसूचित वस्तु नहीं

b. औद्योगिक अपशिष्ट

c. चीनी की परिभाषा के अंतर्गत

d. केवल उप-उत्पाद

 

35. धारा 2() के अनुसारचीनीमें सुक्रोज की न्यूनतम मात्रा कितनी होनी चाहिए?

a. पचास प्रतिशत से अधिक

b. साठ प्रतिशत से अधिक

c. अस्सी प्रतिशत से अधिक

d. नब्बे प्रतिशत से अधिक

 

36. निम्न में से कौन-सा कथन धारा 2() के अनुसार सही है?

a. केवल परिष्कृत चीनी ही चीनी है

b. मिश्री चीनी की परिभाषा में शामिल नहीं है

c. खांडसारी, बूरा और पीसी हुई चीनी भी चीनी मानी जाती है

d. प्रक्रियाधीन चीनी को चीनी नहीं माना जाता

 

37. आवश्यक वस्तुओं की घोषणा, आदि, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 2(2)()

b. धारा 2(2)()

c. धारा 2(2)()

d. धारा 2(2)()

 

38. धारा 2(1) के अनुसारआवश्यक वस्तुकिस आधार पर निर्धारित होती है?

a. उपभोक्ता मांग के आधार पर

b. अनुसूची में विनिर्दिष्ट वस्तु के आधार पर

c. राज्य सरकार की सलाह से

d. उद्योग संघ की अनुशंसा से

 

39. धारा 2(2) के अनुसार, किसी वस्तु को अनुसूची में जोड़ने या हटाने का अधिकार किसके पास है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल उच्च न्यायालय

c. केन्द्रीय सरकार राज्य सरकारों के परामर्श से

d. उपभोक्ता आयोग

 

40. धारा 2(3) के अनुसार कोई वस्तु कितनी अवधि के लिएअनधिकआवश्यक वस्तु घोषित की जा सकती है?

a. तीन माह

b. छह माह

c. नौ माह

d. बारह माह

 

41. धारा 2(3) के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किन परिस्थितियों में : माह से अधिक अवधि बढ़ा सकती है?

a. केवल प्रशासनिक कारणों से

b. लोकहित में और विनिर्दिष्ट कारणों से

c. राज्य सरकार की सलाह के बिना भी

d. न्यायालय की अनुमति से

 

42. धारा 2(4) के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किन वस्तुओं के संबंध में अपनी शक्तियों का प्रयोग कर सकती है, जबकि संसद को विधि बनाने की शक्ति है?

a. संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 1

b. संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 2

c. संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 3 की प्रविष्टि 33

d. संविधान की सूची 4

 

43. धारा 2(5) के अनुसार उपधारा (2) के अंतर्गत जारी की गई अधिसूचना के संबंध में क्या आवश्यक है?

a. केवल राज्य सरकार को सूचित करना

b. संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखना

c. केवल उच्च न्यायालय में पंजीकरण

d. सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रकाशित करना

 

44. किस धारा के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार अनुसूची में वस्तु जोड़ने और हटाने की शक्ति रखती है?

a. धारा 2(1)

b. धारा 2(2)

c. धारा 2(3)

d. धारा 2(4)

 

45. धारा 2 के अनुसार किसी वस्तु को अस्थायी रूप से आवश्यक घोषित करने का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

a. राज्य सरकारों की स्वायत्तता बढ़ाना

b. उत्पादन और आपूर्ति पर नियंत्रण सुनिश्चित करना

c. केवल निर्यात नीति लागू करना

d. न्यायालय के नियंत्रण में लाना

 

46. धारा 2 के अंतर्गत, अनुसूची में संशोधन करने के लिए केन्द्रीय सरकार किनके परामर्श से कार्य करती है?

a. उच्च न्यायालय

b. राज्य सरकारों

c. उद्योग संघ

d. संसद की स्थायी समिति

 

47. आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, प्रदाय, वितरण, आदि का नियंत्रण करने की शक्तियां, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 6

b. धारा 5

c. धारा 4

d. धारा 3

 

48. यदि आवश्यक वस्तु के साम्यिक वितरण, उचित कीमतों, भारत की रक्षा या सैनिक क्रियाओं के दक्ष संचालन के लिए आवश्यक लगे तो किसी आवश्यक वस्तु के उत्पादन, प्रदाय और वितरण को नियंत्रित करने का आदेश कौन जारी कर सकती है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. उच्च न्यायालय

d. संसद की स्थायी समिति

 

49. धारा 3(1) के अनुसार केन्द्रीय सरकार का आदेश किस उद्देश्य के लिए हो सकता है?

a. उत्पादन, प्रदाय

b. वितरण तथा व्यापार

c. वाणिज्य के विनियमन या प्रतिषेध के लिए

d. उपरोक्त सभी

 

50. कौन-सा विषय धारा 3(1) के अंतर्गत विनियमित किया जा सकता है?

a. आवश्यक वस्तुओं में व्यापार

b. आवश्यक वस्तुओं में वाणिज्य

c. आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन, प्रदाय और वितरण

d. उपरोक्त सभी

 

51. धारा 3(1-)() मेंखाद्य पदार्थके अंतर्गत कौन- कौन शामिल है?

a. अनाज, दाल

b. आलू, प्याज

c. खाद्य तेलहन और तेल

d. उपरोक्त सभी

 

52. कौन-सी स्थिति धारा 3(1-)() के अंतर्गतअसाधारण परिस्थितिमानी जाती है?

a. युद्ध, अकाल

b. असाधारण कीमत वृद्धि

c. गंभीर प्राकृतिक आपदा

d. उपरोक्त सभी

 

53. धारा 3(1-)()(i) के अनुसार उद्यान उत्पाद के खुदरा मूल्य में कितनी वृद्धि होने पर स्टॉक सीमा लगाई जा सकती है?

a. 100%

b. 300%

c. 500%

d. 900%

 

54. धारा 3(1-)()(ii) के अनुसार गैर-विनश्वर कृषि खाद्य पदार्थों के खुदरा मूल्य में कितनी वृद्धि अपेक्षित है?

a. 50%

b. 60%

c. 70%

d. 80%

 

55. उपधारा (3)(i) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किसी परिक्षेत्र में खाद्य पदार्थों की कीमत नियंत्रित क्यों कर सकती है?

a. केवल व्यापारियों को लाभ देने के लिए

b. कीमतों के चढ़ाव को रोकने या जमाखोरी निवारित करने के लिए

c. किसानों को नुकसान पहुँचाने के लिए

d. केवल राज्य सरकार के दबाव पर

 

56. धारा 3(1-)() के अंतर्गत कीमत वृद्धि की तुलना किससे की जाएगी?

a. 12 मास पूर्ववर्ती कीमत या पिछले 5 वर्ष की औसत खुदरा कीमत, जो भी कम हो

b. 14 मास पूर्ववर्ती कीमत या पिछले 7 वर्ष की औसत खुदरा कीमत, जो भी कम हो

c. 16 मास पूर्ववर्ती कीमत या पिछले 9 वर्ष की औसत खुदरा कीमत, जो भी कम हो

d. 18 मास पूर्ववर्ती कीमत या पिछले 12 वर्ष की औसत खुदरा कीमत, जो भी कम हो

 

57. धारा 3(1-) को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

a. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2019

b. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2018

c. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2016

d. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020

 

58. धारा 3 उपधारा (2) के अनुसार किसी आवश्यक वस्तु के उत्पादन का विनियमन किस प्रकार किया जा सकता है?

a. केवल अनुज्ञप्ति के बिना

b. अनुज्ञप्तियों, अनुज्ञापत्रों या अन्य विधियों द्वारा

c. केवल व्यापारियों के स्वेच्छा से

d. केवल किसानों के विकल्प से

 

59. धारा 3 उपधारा (2)() के अनुसार बंजर भूमि पर खाद्य फसलों की खेती क्यों अनिवार्य की जा सकती है?

a. भूमि के मालिक की अनुमति के बिना

b. केवल गैर-खाद्य फसलों के लिए

c. सामान्यतः खाद्य फसलों या विनिर्दिष्ट खाद्य फसलों को उगाने या बनाए रखने के लिए

d. केवल आयातित फसलों के लिए

 

60. धारा 3 उपधारा (2)() किस अधिकार से संबंधित है?

a. किसी आवश्यक वस्तु के भंडारण का नियंत्रण

b. किसी आवश्यक वस्तु की कीमत नियंत्रित करना

c. किसी आवश्यक वस्तु का उत्पादन

d. किसी भूमि पर खेती की अनुमति

 

61. किसी आवश्यक वस्तु की कीमत नियंत्रित करना किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 3 उपधारा (2)()

b. धारा 4 उपधारा (3)()

c. धारा 5 उपधारा (2)()

d. धारा 6 उपधारा (3)()

 

62. किसी आवश्यक वस्तु के भण्डारकरण, परिवहन, वितरण, व्ययन, अर्जन, प्रयोग या खपत का अनुज्ञप्तियों, अनुज्ञापत्रों द्वारा या अन्यथा विनियमन किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 3 उपधारा (2) ()

b. धारा 4 उपधारा (3)()

c. धारा 5 उपधारा (2)()

d. धारा 6 उपधारा (3) ()

 

63. विक्रय के लिए रखी गई किसी आवश्यक वस्तु को विक्रय से रोक रखने का प्रतिषेध किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 3 उपधारा (2)()

b. धारा 4 उपधारा (3)()

c. धारा 3 उपधारा (2)()

d. धारा 6 उपधारा (3)()

 

64. स्पष्टीकरण-1 के अनुसार, उत्पादकों द्वारा विक्रय की जाने वाली मात्रा किस अतिरिक्त आधार पर भी नियत की जा सकती है?

a. उत्पादकों की आय के आधार पर

b. उत्पादकों द्वारा धृत मात्रा या उनकी जोत के कुल क्षेत्र के आधार पर

c. उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर

d. फसल बीमा योजना के आधार पर

 

65. धारा 3 उपधारा (2)() के स्पष्टीकरण-1 के अनुसार, किस वस्तु के संबंध में आदेश पारित किया जा सकता है?

a. केवल औद्योगिक कच्चा माल

b. खाद्यान्न, खाद्य तिलहन या खाद्य तेल

c. सभी उपभोक्ता वस्तुएँ

d. केवल निर्यात योग्य वस्तुएँ

 

66. स्पष्टीकरण-2 के अनुसारउत्पादनशब्द का प्रयोग किसके साथ किया गया है?

a. केवल उसके शाब्दिक अर्थ में

b. केवल औद्योगिक अर्थ में

c. उसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित

d. केवल सीमित अर्थ में

 

67. उपधारा (2)() के अनुसार सरकार किसी व्यक्ति से क्या अपेक्षा कर सकती है?

a. कि वह केवल अपने निजी स्टॉक का उपयोग करे

b. कि वह स्टॉक या उत्पादन का पूरा या विनिर्दिष्ट भाग सरकार को बेचे

c. कि वह उत्पादन बंद कर दे

d. कि वह स्टॉक को किसी अन्य व्यापारी को दे

 

68. धारा 3(2)() के अंतर्गत किस प्रकार के संव्यवहारों का विनियमन या प्रतिषेध किया जा सकता है?

a. केवल कृषि उत्पादन से जुड़े संव्यवहार

b. केवल अंतर्राज्यीय व्यापार

c. खाद्य पदार्थों से संबंधित वाणिज्यिक या वित्तीय संव्यवहार

d. केवल उपभोक्ता लेन-देन

 

69. धारा 3(3-)(i) के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार कब अधिसूचना जारी कर सकती है?

a. जब निर्यात बढ़ाना हो

b. जब किसी क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की कीमतों के चढ़ाव को नियंत्रित करना या जमाखोरी को निवारित करना आवश्यक हो

c. जब उत्पादन कम हो

d. जब राज्य सरकार अनुरोध करे

 

70. धारा 3(3-)(ii) के अनुसार इस उपधारा के अधीन जारी अधिसूचना अधिकतम कितनी अवधि तक प्रवृत्त रहेगी?

a. 1 मास

b. 2 मास

c. 3 मास

d. 6 मास

 

71. धारा 3(3-)(iii)() के अनुसार कीमत किस आधार पर निर्धारित की जाएगी?

a. अधिसूचना की तारीख के बाद की बाजार दर

b. पिछले एक वर्ष की औसत दर

c. अधिसूचना की तारीख के ठीक पूर्वगामी तीन मास की अवधि की अभिभावी औसत बाजार दर

d. न्यूनतम समर्थन मूल्य

 

72. उपधारा (4) के अनुसार प्राधिकृत नियंत्रक का कार्य क्या है?

a. केवल उत्पादन करना

b. उत्पादन और प्रदाय के उपक्रम में सरकार के आदेशों के अनुसार नियंत्रण करना

c. व्यापारियों से निजी लाभ लेना

d. केवल निर्यात का नियंत्रण करना

 

73. धारा 3(4) के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार कब आदेश जारी कर सकती है?

a. जब आवश्यक वस्तु का निर्यात बढ़ाना हो

b. जब आवश्यक वस्तु के उत्पादन और प्रदाय को बनाए रखना या बढ़ाना आवश्यक हो

c. जब उपक्रम घाटे में हो

d. जब राज्य सरकार अनुरोध करे

 

74. धारा 3(4)() के अनुसार प्राधिकृत नियंत्रक किस सीमा तक निर्देश दे सकता है?

a. किसी भी प्रकार का निर्देश

b. केवल लाभ से संबंधित निर्देश

c. ऐसे निर्देश जो आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट हों, भले ही वे उपक्रम के प्रबंधन संबंधी अधिनियम या लिखत से असंगत हों

d. केवल सलाहात्मक निर्देश

 

75. उपधारा (5)() के अनुसार सामान्य प्रकार के आदेश को कैसे प्रकाशित किया जाएगा?

a. केवल अखबार में

b. शासकीय राजपत्र में अधिसूचित करके

c. केवल अधिकारियों को सूचित करके

d. किसी भी डिजिटल माध्यम से

 

76. उपधारा (5)() के अनुसार किसी विशेष व्यक्ति को आदेश कैसे दिया जाएगा?

a. केवल मौखिक रूप से

b. उसे सीधे देकर या परिसरों में लगा कर तामील करके और रिपोर्ट तैयार करके

c. केवल पोस्ट के माध्यम से

d. केवल ईमेल के माध्यम से

 

77. उपधारा (6) के अनुसार केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी आदेश कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा?

a. केवल उच्च न्यायालय में

b. यथाशक्य शीघ्र संसद के दोनों सदनों के समक्ष

c. केवल राज्य सरकार को

d. केवल मीडिया में

 

78. “उत्पादनके अंतर्गत कौन-कौन से कार्य आते हैं?

a. केवल खेती

b. केवल विनिर्माण

c. खेती, विनिर्माण, और खाद्य तेल चीनी का निर्माण

d. केवल आयात

 

79. राज्य सरकारों पर कर्तव्यों का अधिरोपण, आदि, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 10

b. धारा 8

c. धारा 6

d. धारा 4

 

80. धारा 4 के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किसके ऊपर कर्तव्य और शक्तियाँ अधिरोपित कर सकती है?

a. केवल निजी व्यक्तियों पर

b. केवल केंद्र सरकार के अधिकारियों पर

c. राज्य सरकारों, उनके अधिकारियों और प्राधिकारियों पर

d. केवल स्थानीय न्यायालयों पर

 

81. धारा 4 के अनुसार किसी आदेश से क्या किया जा सकता है?

a. राज्य सरकार या उसके अधिकारियों के लिए निर्देश जारी करना

b. केवल सलाह देना

c. न्यायालय से अनुमति लेना

d. केवल व्यापारियों पर लागू करना

 

82. धारा 4 के आदेश किसके संबंध में दिए जा सकते हैं?

a. केवल वित्तीय प्रबंध

b. किसी शक्तियों के प्रयोग या कर्तव्यों के निर्वहन के संबंध में

c. केवल अनुशासनात्मक कार्यवाही

d. केवल सैद्धांतिक प्रस्ताव

 

83. धारा 4 के अंतर्गत आदेश किसके द्वारा जारी किए जा सकते हैं?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल न्यायालय

c. केवल केंद्र सरकार

d. केन्द्रीय सरकार द्वारा

 

84. धारा 4 के अनुसार आदेश में किनकी शक्ति और कर्तव्य शामिल हो सकते हैं?

a. केवल निजी संस्थाओं की

b. केवल केंद्र सरकार के अधिकारियों की

c. राज्य सरकारों, उनके अधिकारियों और प्राधिकारियों की

d. केवल राज्य के प्राधिकारियों की

 

85. धारा 4 में 'निर्देश' का अर्थ क्या है?

a. केवल सलाह

b. किसी आदेश के तहत शक्तियों और कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार या उसके अधिकारियों को दिया गया आदेश

c. केवल प्रशासनिक दस्तावेज़

d. केवल वित्तीय नियमन

 

86. धारा 4 के अनुसार आदेश जारी करने का आधार क्या हो सकता है?

a. केवल स्थानीय न्यायालय के निर्णय

b. धारा 3 के तहत जारी आदेश

c. केवल वित्तीय रिपोर्ट

d. केवल निजी शिकायतें

 

87. शक्तियों का प्रत्यायोजन, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 5

b. धारा 7

c. धारा 9

d. धारा 11

 

88. धारा 5 के अनुसार केन्द्रीय सरकार किस प्रकार शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकती है?

a. मौखिक आदेश द्वारा

b. न्यायालय के निर्णय द्वारा

c. अधिसूचित आदेश द्वारा

d. राज्य सरकार की सहमति से

 

89. धारा 5 के अंतर्गत किस शक्ति का प्रत्यायोजन किया जा सकता है?

a. केवल धारा 4 के अंतर्गत आदेश देने की शक्ति

b. केवल प्रशासनिक शक्तियाँ

c. धारा 3 के अधीन आदेश करने या अधिसूचना निकालने की शक्ति

d. केवल दण्ड देने की शक्ति

 

90. धारा 5 के अनुसार प्रत्यायोजित शक्तियाँ किन विषयों के संबंध में प्रयोग की जा सकती हैं?

a. केवल वित्तीय विषयों में

b. केवल राज्य सूची के विषयों में

c. उन विषयों के संबंध में जो निदेश में विनिर्दिष्ट हों

d. किसी भी विषय में बिना शर्त

 

91. धारा 5 के अनुसार प्रत्यायोजन किन शर्तों के अधीन किया जा सकता है?

a. बिना किसी शर्त के

b. केवल न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन

c. निदेश में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन, यदि कोई हों

d. केवल राज्य सरकार द्वारा तय शर्तों के अधीन

 

92. धारा 5 के अंतर्गत निम्न में से कौन केन्द्रीय सरकार की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है?

a. कोई भी निजी व्यक्ति

b. केन्द्रीय सरकार के अधीनस्थ अधिकारी या प्राधिकारी

c. केवल संसद सदस्य

d. केवल जिला कलेक्टर

 

93. धारा 5 के अनुसार राज्य सरकार को शक्तियों का प्रत्यायोजन किस स्थिति में किया जा सकता है?

a. बिना किसी अधिसूचना के

b. केवल मौखिक आदेश से

c. जब वह अधिसूचित निदेश में विनिर्दिष्ट हो

d. केवल राज्य विधानमंडल की स्वीकृति से

 

94. धारा 5 के अंतर्गत राज्य सरकार के कौन-से व्यक्ति शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं?

a. कोई भी राज्य कर्मचारी

b. केवल मुख्यमंत्री

c. राज्य सरकार के अधीनस्थ ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी जो निदेश में विनिर्दिष्ट हों

d. केवल सचिव स्तर के अधिकारी

 

95. धारा 5 और धारा 3 का आपसी संबंध क्या है?

a. धारा 5, धारा 3 को निरस्त करती है

b. धारा 5, धारा 3 के अंतर्गत शक्तियों के प्रत्यायोजन से संबंधित है

c. दोनों धाराएँ असंबंधित हैं

d. धारा 3 केवल राज्य सरकार पर लागू होती है

 

96. अन्य अधिनियमितियों से अंसगत आदेशों का प्रभाव, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 6

b. धारा 8

c. धारा 10

d. धारा 12

 

97. धारा 6 के अनुसार धारा 3 के अधीन किया गया आदेश किस स्थिति में भी प्रभावी रहेगा?

a. केवल जब वह राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित हो

b. केवल जब वह किसी अन्य अधिनियम से संगत हो

c. किसी अन्य अधिनियमिति या उसके अधीन प्रभावी लिखत से असंगत होने पर भी

d. केवल अस्थायी अवधि के लिए

 

98. धारा 6 मेंलिखतसे क्या अभिप्रेत है?

a. केवल सरकारी पत्र

b. केवल अनुबंध

c. किसी अन्य अधिनियम के आधार पर प्रभावी कोई भी लिखित दस्तावेज

d. केवल निजी समझौते

 

99. खाद्यान्नों, खाद्य तिलहनों और खाद्य तेलों का अधिहरण, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 6()

b. धारा 5()

c. धारा 3()

d. धारा 2()

 

100. धारा 6(1) के अनुसार आवश्यक वस्तु के अभिग्रहण की रिपोर्ट किसे दी जानी चाहिए?

a. राज्य सरकार को

b. पुलिस अधीक्षक को

c. उस जिले या प्रेसीडेंसी नगर के कलेक्टर को

d. न्यायिक मजिस्ट्रेट को

 

101. अभिग्रहण की रिपोर्ट कलेक्टर को कब भेजी जानी चाहिए?

a. अभियोजन के बाद

b. न्यायालय के आदेश पर

c. अयुक्तियुक्त विलंब के बिना

d. केवल शिकायत होने पर

 

102. कलेक्टर कब अभिगृहीत आवश्यक वस्तु को अपने समक्ष निरीक्षण के लिए पेश करने का आदेश दे सकता है?

a. केवल जब अभियोजन संस्थित हो

b. केवल राज्य सरकार के निर्देश पर

c. चाहे अभियोजन संस्थित किया गया हो या नहीं

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

103. यदि कलेक्टर को यह समाधान हो जाए कि धारा 3 के आदेश का उल्लंघन हुआ है, तो वह क्या आदेश दे सकता है?

a. केवल जुर्माना लगाने का

b. केवल अभियोजन चलाने का

c. आवश्यक वस्तु, पैकेज तथा परिवहन साधन के अधिहरण का

d. केवल चेतावनी देने का

 

104. धारा 6(1) के अनुसार किन-किन वस्तुओं का अधिहरण किया जा सकता है?

a. केवल आवश्यक वस्तु का

b. केवल परिवहन साधन का

c. आवश्यक वस्तु, उसका पैकेज/पात्र तथा उसे ले जाने वाला पशु या वाहन

d. केवल भंडारण स्थल का

 

105. धारा 6 के अंतर्गत उत्पादक से अभिगृहीत खाद्यान्न या खाद्य तिलहन कब अधिहृत नहीं किए जाएंगे?

a. जब वे आयातित हों

b. जब वे व्यापारी द्वारा खरीदे गए हों

c. जब वे स्वयं उत्पादक द्वारा उत्पादित किए गए हों

d. जब वे नियंत्रित मूल्य पर हों

 

106. भाड़े पर माल या यात्रियों को ले जाने वाले वाहन के मामले में अधिहरण के स्थान पर क्या विकल्प दिया जा सकता है?

a. वाहन को तुरंत छोड़ देना

b. केवल चेतावनी देना

c. बाजार कीमत से अधिक होने वाले जुर्माने का भुगतान

d. केवल जमानत लेना

 

107. धारा 6(2) के अनुसार कलेक्टर आवश्यक वस्तु का विक्रय कब आदेशित कर सकता है?

a. केवल न्यायालय के निर्देश पर

b. जब वस्तु शीघ्र नष्ट होने वाली हो या लोकहित में आवश्यक हो

c. केवल अभियोजन पूरा होने के बाद

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

108. यदि आवश्यक वस्तु के लिए नियंत्रित कीमत निर्धारित है, तो उसका विक्रय कैसे किया जाएगा?

a. लोक नीलाम द्वारा

b. बाजार कीमत पर

c. नियंत्रित कीमत पर

d. कलेक्टर द्वारा तय कीमत पर

 

109. यदि किसी आवश्यक वस्तु के लिए कोई नियंत्रित कीमत निर्धारित नहीं है, तो कलेक्टर क्या कर सकता है?

a. विक्रय स्थगित कर सकता है

b. लोक नीलाम द्वारा विक्रय का आदेश दे सकता है

c. वस्तु नष्ट कर सकता है

d. केवल भंडारण का आदेश दे सकता है

 

110. खाद्यान्नों के संबंध में कलेक्टर विशेष रूप से क्या आदेश दे सकता है?

a. केवल नीलामी द्वारा विक्रय

b. निर्यात का आदेश

c. उचित दर की दुकानों के माध्यम से जनता को विक्रय

d. केवल सरकारी गोदाम में भंडारण

 

111. धारा 6(3) के अनुसार विक्रय की गई आवश्यक वस्तु की बिक्री से प्राप्त राशि कब लौटाई जाएगी?

a. हर स्थिति में

b. केवल दोषसिद्धि होने पर

c. जब अधिहरण का अंतिम आदेश हो, अपील में निर्देश हो या अभियुक्त दोषमुक्त हो

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

112. बिक्री से प्राप्त राशि में से पहले क्या घटाया जाएगा?

a. कर

b. जुर्माना

c. विक्रय या नीलामी से संबंधित व्यय

d. भंडारण शुल्क

 

113. धारा 6 के अंतर्गत अधिहरण की कार्यवाही किस आदेश के उल्लंघन से संबंधित होती है?

a. धारा 4 के आदेश

b. धारा 5 के आदेश

c. धारा 3 के अधीन किए गए आदेश

d. न्यायालय के आदेश

 

114. धारा 6 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. केवल दण्ड देना

b. आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी को बढ़ावा देना

c. लोकहित में आवश्यक वस्तुओं का त्वरित नियंत्रण और वितरण सुनिश्चित करना

d. केवल प्रशासनिक प्रक्रिया निर्धारित करना

 

115. खाद्यान्नों आदि के अधिहरण से पूर्व हेतु दर्शित करने की सूचना का दिया जाना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 6()

b. धारा 7()

c. धारा 9()

d. धारा 11()

 

116. धारा 6(1) के अनुसार धारा 6 के अधीन अधिहरण का आदेश कब तक नहीं किया जाएगा?

a. जब तक अभियोजन समाप्त हो जाए

b. जब तक राज्य सरकार की स्वीकृति मिल जाए

c. जब तक स्वामी या संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ सूचना दे दी जाए

d. जब तक न्यायालय का आदेश हो

 

117. धारा 6 के अनुसार कारण बताओ सूचना किसे दी जानी आवश्यक है?

a. केवल व्यापारी को

b. केवल उत्पादक को

c. उस व्यक्ति को जिससे वस्तु अभिगृहीत की गई है या उसके स्वामी को

d. केवल परिवहनकर्ता को

 

118. कारण बताओ सूचना में किन बातों का उल्लेख अनिवार्य है?

a. केवल दण्ड की मात्रा

b. केवल अधिहरण का आदेश

c. अधिहरण के आधार

d. केवल अभियोजन का विवरण

 

119. धारा 6(1)() के अनुसार संबंधित व्यक्ति को क्या अवसर दिया जाना चाहिए?

a. मौखिक स्पष्टीकरण का

b. अपील का

c. लिखित अभ्यावेदन करने का

d. समझौता करने का

 

120. धारा 6 के अंतर्गत सुनवाई का अवसर कैसा होना चाहिए?

a. औपचारिक

b. सीमित

c. युक्तियुक्त

d. वैकल्पिक

 

121. धारा 6(2) के अनुसार किस स्थिति में वाहन या प्रवहण का अधिहरण नहीं किया जाएगा?

a. जब वाहन सरकारी हो

b. जब वस्तु कम मात्रा में हो

c. जब स्वामी यह सिद्ध कर दे कि उसके ज्ञान या मौनानुकूलता के बिना उसका प्रयोग हुआ था

d. जब अभियोजन लंबित हो

 

122. वाहन के अधिहरण से बचने के लिए स्वामी को क्या साबित करना आवश्यक है?

a. कि वह निर्दोष है

b. कि चालक दोषी है

c. कि उसने और भारसाधक व्यक्ति ने सभी उचित और आवश्यक पूर्वावधानियाँ बरती थीं

d. कि वस्तु वैध थी

 

123. धारा 6(3) के अनुसार सूचना में त्रुटि होने पर अधिहरण आदेश कब अवैध नहीं होगा?

a. जब कोई भी सूचना दी गई हो

b. जब उपधारा (1) के उपबन्धों का पर्याप्त पालन किया गया हो

c. जब अभियोजन सिद्ध हो गया हो

d. जब त्रुटि जानबूझकर की गई हो

 

124. धारा 6 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दण्ड प्रक्रिया को सरल बनाना

b. प्रशासनिक सुविधा

c. अधिहरण से पूर्व प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करना

d. राज्य सरकार को अधिक शक्ति देना

 

125. धारा 6 किस सिद्धांत का प्रत्यक्ष उदाहरण है?

a. प्रत्यायोजन का सिद्धांत

b. अधिभावी प्रभाव का सिद्धांत

c. सुनवाई का अधिकार (Audi Alteram Partem)

d. कठोर दायित्व का सिद्धांत

 

126. धारा 6 के उपबन्ध किन पर लागू होते हैं?

a. केवल खाद्यान्नों पर

b. केवल खाद्य तेलों पर

c. आवश्यक वस्तु, पैकेज, पात्र, पशु, वाहन एवं अन्य प्रवहण पर

d. केवल भंडारित वस्तुओं पर

 

127. धारा 6 का संबंध मुख्यतः किस धारा से है?

a. धारा 3

b. धारा 4

c. धारा 5

d. धारा 6

 

128. अपील, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 6()

b. धारा 6()

c. धारा 6()

d. धारा 6()

 

129. धारा 6 के अधीन अधिहरण के आदेश से व्यथित व्यक्ति किसके समक्ष अपील कर सकता है?

a. उच्च न्यायालय

b. जिला मजिस्ट्रेट

c. राज्य सरकार द्वारा नियुक्त न्यायिक प्राधिकारी

d. सत्र न्यायालय

 

130. धारा 6(1) के अनुसार अपील किस अवधि के भीतर की जानी चाहिए?

a. आदेश की तारीख से

b. अभिग्रहण की तारीख से

c. आदेश की संसूचना की तारीख से एक मास के भीतर

d. अभियोजन समाप्त होने के बाद

 

131. अपील का निस्तारण करने से पूर्व न्यायिक प्राधिकारी को क्या करना अनिवार्य है?

a. अभियोजन की प्रतीक्षा करना

b. राज्य सरकार की अनुमति लेना

c. अपीलार्थी को सुने जाने का अवसर देना

d. पुलिस रिपोर्ट मंगाना

 

132. न्यायिक प्राधिकारी अपील पर कौन-कौन से आदेश पारित कर सकता है?

a. केवल पुष्ट करने का

b. केवल निरस्त करने का

c. पुष्ट, उपान्तरित या बातिल करने का

d. केवल पुनः जाँच का

 

133. धारा 6(2) के अनुसार किस स्थिति में मूल्य का भुगतान किया जाएगा?

a. जब अधिहरण आदेश पारित हो

b. जब अभियोजन लंबित हो

c. जब अधिहरण आदेश उपान्तरित/बातिल हो जाए या अभियुक्त दोषमुक्त हो जाए और वस्तु लौटाना सम्भव हो

d. जब अपील समय barred हो

 

134. यदि अभिगृहीत आवश्यक वस्तु लौटाना सम्भव हो तो भुगतान किस प्रकार किया जाएगा?

a. बाजार मूल्य पर

b. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर

c. अभिग्रहण की तारीख से ब्याज सहित मूल्य देकर

d. बिना ब्याज के

 

135. ऐसी स्थिति में मूल्य का भुगतान किस धारणा पर किया जाएगा?

a. मानो वस्तु नष्ट हो गई हो

b. मानो वस्तु जप्त कर ली गई हो

c. मानो सरकार को उस आवश्यक वस्तु का विक्रय किया गया हो

d. मानो वस्तु अवैध थी

 

136. खाद्यान्न, खाद्य तिलहन एवं खाद्य तेल की कीमत किस प्रावधान के अनुसार निर्धारित की जाएगी?

a. धारा 3(3)

b. धारा 3(3)

c. धारा 3(3)

d. धारा 3(3)

 

137. चीनी की दशा में मूल्य निर्धारण किस उपधारा के अनुसार होगा?

a. धारा 3(3)

b. धारा 3(3)

c. धारा 3(3)

d. धारा 6(3)

 

138. किसी अन्य आवश्यक वस्तु की कीमत किस प्रावधान के अनुसार निर्धारित की जाएगी?

a. धारा 6(3)

b. धारा 6(1)

c. धारा 3(3)

d. धारा 3(3)

 

139. धारा 6 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. अधिहरण की शक्ति को बढ़ाना

b. अभियोजन की प्रक्रिया सरल करना

c. अधिहरण आदेश के विरुद्ध न्यायिक उपचार उपलब्ध कराना

d. प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करना

 

140. धारा 6 में अपील का अधिकार किस सिद्धांत को दर्शाता है?

a. कठोर दायित्व

b. प्राकृतिक न्याय और न्यायिक पुनरीक्षण

c. प्रत्यायोजन

d. अधिभावी प्रभाव

 

141. अधिहरण के अधिनिर्णय का अन्य दंडों में बाधा करना, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 6()

b. धारा 6()

c. धारा 6()

d. धारा 6()

 

142. धारा 6 के अनुसार कलक्टर द्वारा अधिहरण का अधिनिर्णय किसे नहीं रोकता है?

a. अभियोजन की कार्यवाही को

b. अपील के अधिकार को

c. इस अधिनियम के अधीन दिए जाने वाले अन्य दंडों को

d. प्रशासनिक जांच को

 

143. धारा 6 का मुख्य आशय क्या है?

a. अधिहरण ही अंतिम दंड है

b. अधिहरण के बाद कोई कार्यवाही नहीं हो सकती

c. अधिहरण का आदेश दंडात्मक कार्यवाही से स्वतंत्र है

d. अधिहरण के विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती

 

144. धारा 6 के अनुसार अधिहरण का अधिनिर्णय किसके द्वारा किया जाता है?

a. राज्य सरकार

b. न्यायिक प्राधिकारी

c. कलक्टर

d. उच्च न्यायालय

 

145. यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध अधिहरण का आदेश पारित हो चुका है, तो उसके विरुद्ध आगे क्या किया जा सकता है?

a. कोई भी दंड नहीं दिया जा सकता

b. केवल चेतावनी दी जा सकती है

c. इस अधिनियम के अधीन अन्य दंड भी दिए जा सकते हैं

d. केवल नागरिक दायित्व तय किया जा सकता है

 

146. धारा 6 किस सिद्धांत को प्रतिपादित करती है?

a.  द्वि-दंड निषेध (Double Jeopardy)

b. अधिभावी प्रभाव

c. अधिहरण और दंड की पृथकता

d. प्रत्यायोजन का सिद्धांत

 

147. धारा 6 के अनुसार अधिहरण का अधिनिर्णय किस पर प्रभाव नहीं डालता है?

a. अपील की प्रक्रिया पर

b. अभियोजन की स्थापना पर

c. दंडादेश पारित करने की शक्ति पर

d. उपरोक्त सभी पर

 

148. धारा 6 के प्रावधान का उद्देश्य क्या है?

a. अभियुक्त को राहत देना

b. प्रशासनिक नियंत्रण सीमित करना

c. यह स्पष्ट करना कि अधिहरण ही एकमात्र परिणाम नहीं है

d. न्यायिक प्रक्रिया को समाप्त करना

 

149. धारा 6 के अंतर्गतनिवारित नहीं करेगाका तात्पर्य क्या है?

a. पूर्ण प्रतिबंध

b. आंशिक रोक

c. किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करेगा

d. केवल अस्थायी रोक

 

150. धारा 6 आवश्यक वस्तु अधिनियम में क्यों जोड़ी गई है?

a. दंड को समाप्त करने के लिए

b. अधिहरण को अंतिम उपाय बनाने के लिए

c. यह स्पष्ट करने के लिए कि अधिहरण के बावजूद दंड दिया जा सकता है

d. अपील की संख्या कम करने के लिए

 

151. कतिपय मामलों में अधिकारिता का वर्जन, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 6()

b. धारा 6()

c. धारा 6()

d. धारा 6()

 

152. धारा 6 के अनुसार जब आवश्यक वस्तु धारा 3 के आदेश के अनुसरण में अभिगृहीत की जाती है, तब किसे आदेश देने की अधिकारिता होती है?

a. सिविल न्यायालय को

b. मजिस्ट्रेट को

c. कलक्टर को

d. पुलिस अधिकारी को

 

153. धारा 6 के अधीन अधिहरण लंबित रहने के दौरान अभिगृहीत वस्तुओं के संबंध में आदेश देने की अधिकारिता किसके पास होती है?

a. उच्च न्यायालय

b. संबंधित राज्य सरकार (धारा 6 के अधीन)

c. जिला न्यायालय

d. अधिकरण

 

154. धारा 6 के अंतर्गत कलक्टर या राज्य सरकार किन विषयों पर आदेश दे सकती है?

a. केवल कब्जे पर

b. केवल वितरण पर

c. कब्जे, परिदान, व्ययन, निर्मोचन या वितरण पर

d. केवल विक्रय पर

 

155. धारा 6 के अनुसार किन वस्तुओं पर यह अधिकारिता लागू होती है?

a. केवल आवश्यक वस्तु पर

b. केवल वाहन पर

c. आवश्यक वस्तु, पैकेज, पात्र, पशु, गाड़ी, जलयान एवं अन्य प्रवहण पर

d. केवल भंडारित माल पर

 

156. धारा 6 का प्रभावकिसी प्रतिकूल बात के होते हुए भीकिस पर पड़ता है?

a. केवल इस अधिनियम पर

b. केवल दण्ड प्रक्रिया संहिता पर

c. तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि पर

d. केवल राज्य अधिनियमों पर

 

157. धारा 6 के अनुसार निम्न में से किसे अधिकारिता नहीं होगी?

a. कलक्टर को

b. राज्य सरकार को

c. न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकारी को

d. अपीलीय प्राधिकारी को

 

158. धारा 6 किस सिद्धांत को दर्शाती है?

a. प्राकृतिक न्याय

b. प्रत्यायोजन

c. अधिकारिता के वर्जन का सिद्धांत

d. दायित्व का सिद्धांत

 

159. यदि धारा 6 लागू हो जाती है, तो सिविल न्यायालय क्या कर सकता है?

a. अंतरिम आदेश पारित कर सकता है

b. केवल अपील सुन सकता है

c. कोई आदेश पारित नहीं कर सकता

d. केवल कब्जा सौंप सकता है

 

160. धारा 6 का प्रयोग मुख्यतः किस अवस्था में होता है?

a. अभियोजन समाप्त होने के बाद

b. अधिहरण से पहले

c. अभिग्रहण या अधिहरण लंबित रहने के दौरान

d. अपील निस्तारित होने के बाद

 

161. धारा 6 का संबंध मुख्यतः किन धाराओं से है?

a. धारा 4 और 5

b. धारा 3, 6 और 6

c. धारा 7 और 8

d. धारा 10 और 11

 

162. धारा 6 के प्रावधान का व्यावहारिक प्रभाव क्या है?

a. अभियुक्त को राहत देना

b. अधिहरण की कार्यवाही को निष्प्रभावी बनाना

c. एकमात्र सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से निर्णय सुनिश्चित करना

d. अपील का अधिकार समाप्त करना

 

163. शास्तियां, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 7

b. धारा 8

c. धारा 9

d. धारा 10

 

164. धारा 7(1) के अंतर्गत दंड का प्रावधान कब लागू होता है?

a. जब धारा 4 का उल्लंघन हो

b. जब धारा 5 का उल्लंघन हो

c. जब धारा 3 के अधीन किए गए आदेश का उल्लंघन हो

d. जब केवल अधिहरण हो

 

165. धारा 3 की उपधारा (2) के खण्ड () या () से संबंधित आदेश के उल्लंघन पर अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

a. तीन मास

b. छह मास

c. एक वर्ष

d. सात वर्ष

 

166. धारा 7(1)()(ii) के अंतर्गत अन्य आदेशों के उल्लंघन पर न्यूनतम कारावास कितना है?

a. एक वर्ष

b. छह मास

c. तीन मास

d. कोई न्यूनतम सीमा नहीं

 

167. धारा 7(1)()(ii) के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. पाँच वर्ष

b. सात वर्ष

c. दस वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

168. न्यायालय न्यूनतम अवधि से कम कारावास कब दे सकता है?

a. जब अभियुक्त पहली बार दोषी हो

b. जब जुर्माना दे दिया जाए

c. जब पर्याप्त और विशेष कारण निर्णय में अंकित किए जाएँ

d. जब अभियोजन सहमत हो

 

169. धारा 7(1)() के अनुसार उल्लंघन से संबंधित सम्पत्ति का क्या होगा?

a. स्वामी को लौटा दी जाएगी

b. नीलाम कर दी जाएगी

c. सरकार के पक्ष में समपहृत कर ली जाएगी

d. न्यायालय के पास सुरक्षित रखी जाएगी

 

170. धारा 7(1)() के अंतर्गत कौन-सी वस्तुएँ न्यायालय के आदेश से समपहृत की जा सकती हैं?

a. केवल आवश्यक वस्तु

b. केवल वाहन

c. पैकेज, पात्र, पशु, गाड़ी, जलयान या अन्य प्रवहण

d. केवल गोदाम

 

171. धारा 7(2) किस स्थिति में लागू होती है?

a. जब आदेश का उल्लंघन हो

b. जब धारा 3(4)() के अधीन दिए गए निदेश का अनुपालन किया जाए

c. जब अपील की जाए

d. जब अधिहरण हो

 

172. धारा 7(2) के अंतर्गत न्यूनतम और अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. तीन मास से पाँच वर्ष

b. छह मास से सात वर्ष

c. तीन मास से सात वर्ष

d. एक वर्ष से सात वर्ष

 

173. पुनः दोषसिद्धि की दशा में (धारा 7(2)) न्यूनतम कारावास कितना है?

a. तीन मास

b. छह मास

c. एक वर्ष

d. दो वर्ष

 

174. द्वितीय एवं प्रत्येक पश्चात्वर्ती अपराध पर अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

a. पाँच वर्ष

b. सात वर्ष

c. दस वर्ष

d. आजीवन

 

175. धारा 7(2) के अनुसार न्यूनतम से कम कारावास देने का पर्याप्त कारण क्या माना जाएगा?

a. अभियुक्त का गरीब होना

b. जनसाधारण या किसी व्यक्ति को कोई खास हानि होना

c. जुर्माना भर देना

d. अभियोजन का कमजोर होना

 

176. धारा 7(3) के अनुसार पुनः दोषसिद्धि की दशा में न्यायालय क्या अतिरिक्त आदेश दे सकता है?

a. लाइसेंस रद्द करने का

b. जुर्माना माफ करने का

c. आवश्यक वस्तु के कारोबार पर प्रतिबंध लगाने का

d. केवल चेतावनी देने का

 

177. धारा 7(3) के अनुसार कारोबार पर प्रतिबंध की न्यूनतम अवधि क्या है?

a. तीन मास

b. छह मास

c. एक वर्ष

d. न्यायालय के विवेक पर

 

178. केन्द्रीय सरकार को कुछ रकमों को भू-राजस्व की बकाया के रूप में वसूल करने की शक्ति, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 7()

b. धारा 7()

c. धारा 7()

d. धारा 7(2)

 

179. धारा 7 किस विषय से संबंधित है?

a. अपराधों की शास्ति से

b. अधिहरण की प्रक्रिया से

c. सरकार द्वारा कुछ रकमों की वसूली की शक्ति से

d. अपील की प्रक्रिया से

 

180. धारा 7(1) के अनुसार कौन-सा व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत दायी हो सकता है?

a. जो अधिहरण आदेश के विरुद्ध अपील करता है

b. जो धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में देय रकम का भुगतान नहीं करता

c. जो केवल जमाखोरी करता है

d. जो न्यायालय में दोषमुक्त हो जाता है

 

181. धारा 7(1)() के अंतर्गत किस प्रकार की राशि शामिल है?

a. जुर्माने की राशि

b. न्यायालय द्वारा निर्धारित क्षतिपूर्ति

c. खाते या निधि में जमा की जाने वाली राशि

d. अपील शुल्क

 

182. यदि देय राशि के भुगतान या जमा में व्यतिक्रम किया जाता है तो वह राशि किस रूप में वसूल की जाएगी?

a. जुर्माने के रूप में

b. दीवानी डिक्री के रूप में

c. भू-राजस्व की बकाया या लोक मांग के रूप में

d. न्यायालय के आदेश से

 

183. धारा 7(1) के अनुसार वसूल की जाने वाली राशि पर ब्याज की दर क्या है?

a. प्रतिवर्ष 6 प्रतिशत

b. प्रतिवर्ष 9 प्रतिशत

c. प्रतिवर्ष 12 प्रतिशत

d. प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत

 

184. धारा 7(1) के अंतर्गत ब्याज की गणना किस प्रकार की जाएगी?

a. चक्रवृद्धि ब्याज

b. साधारण ब्याज

c. दंडात्मक ब्याज

d. न्यायालय द्वारा निर्धारित ब्याज

 

185. ब्याज की गणना किस अवधि के लिए की जाएगी?

a. आदेश की तारीख से

b. अपराध की तारीख से

c. व्यतिक्रम की तारीख से वसूली की तारीख तक

d. अभियोजन की तारीख से

 

186. धारा 7(1) के अंतर्गत वसूली का प्रावधान किन आदेशों पर लागू होता है?

a. केवल 1984 के बाद किए गए आदेशों पर

b. केवल 1984 से पूर्व किए गए आदेशों पर

c. 1984 के पूर्व और पश्चात् दोनों किए गए आदेशों पर

d. केवल राज्य सरकार के आदेशों पर

 

187. धारा 7(2) के अनुसार वसूल की गई राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा?

a. समेकित निधि में जमा किया जाएगा

b. न्यायालय के निर्देशानुसार

c. उसी आदेश के अनुसार जिसके अधीन राशि देय थी

d. राज्य सरकार के विवेक से

 

188. धारा 7(3) के अनुसार न्यायालय क्या नहीं कर सकता?

a. आदेश को अवैध घोषित करना

b. वसूली पर स्थगन या निषेधाज्ञा देना

c. ब्याज की दर तय करना

d. अपील सुनना

 

189. धारा 7(3) के अनुसार किस प्रकार का आदेश न्यायालय द्वारा नहीं दिया जा सकता?

a. दंडादेश

b. प्रतिदाय का आदेश

c. भू-राजस्व की बकाया के रूप में वसूली रोकने का आदेश

d. दोषमुक्ति का आदेश

 

190. यदि धारा 7(1) के अधीन की गई वसूली का आधार आदेश अविधिमान्य घोषित हो जाए तो क्या होगा?

a. राशि जब्त रहेगी

b. कोई प्रतिदाय नहीं होगा

c. सरकार को राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी

d. केवल मूल राशि लौटाई जाएगी

 

191. प्रतिदाय की स्थिति में ब्याज की दर क्या होगी?

a. प्रतिवर्ष 6 प्रतिशत

b. प्रतिवर्ष 9 प्रतिशत

c. प्रतिवर्ष 12 प्रतिशत

d. प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत

 

192. प्रतिदाय पर ब्याज किस अवधि के लिए दिया जाएगा?

a. आदेश की तारीख से

b. वसूली की तारीख से प्रतिदाय की तारीख तक

c. अभियोजन की तारीख से

d. अपील की तारीख से

 

193. धारा 7 के स्पष्टीकरण के अनुसारसरकारसे क्या अभिप्रेत है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल केन्द्रीय सरकार

c. वह सरकार जिसने धारा 3 के अधीन आदेश किया

d. जिला प्रशासन

 

194. धारा 8 किस विषय से संबंधित है?

a. अपराध की अपील से

b. दंड के निर्धारण से

c. प्रयत्न और दुष्प्रेरण से

d. अधिहरण की प्रक्रिया से

 

195. धारा 8 के अनुसार किसे धारा 3 के आदेश का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा?

a. केवल वास्तविक उल्लंघन करने वाले को

b. केवल आदेश जारी करने वाले अधिकारी को

c. उल्लंघन का प्रयत्न करने या दुष्प्रेरण करने वाले को

d. केवल अपराध में सहायता करने वाले को

 

196. यदि कोई व्यक्ति धारा 3 के अधीन आदेश का उल्लंघन करने का केवल प्रयत्न करता है, तो उसकी स्थिति क्या होगी?

a. उसे चेतावनी दी जाएगी

b. उसे उल्लंघनकर्ता नहीं माना जाएगा

c. उसे उसी प्रकार उल्लंघनकर्ता माना जाएगा जैसे वास्तविक उल्लंघन करने वाले को

d. केवल जुर्माना लगाया जाएगा

 

197. धारा 8 मेंदुष्प्रेरणका क्या प्रभाव है?

a. दुष्प्रेरण दंडनीय नहीं है

b. दुष्प्रेरण केवल सहायक अपराध है

c. दुष्प्रेरण को स्वयं उल्लंघन के समान माना गया है

d. दुष्प्रेरण पर अलग से दंड का प्रावधान है

 

198. धारा 8 के अनुसार प्रयत्न या दुष्प्रेरण करने वाले व्यक्ति को किस धारा के अंतर्गत दंडित किया जाएगा?

a. धारा 4

b. धारा 5

c. धारा 7

d. धारा 6

 

199. धारा 8 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. अपील के अधिकार को सीमित करना

b. अधिहरण की प्रक्रिया को सरल बनाना

c. वास्तविक उल्लंघन के साथ प्रयत्न और दुष्प्रेरण को भी दंडनीय बनाना

d. न्यायालयों की अधिकारिता समाप्त करना

 

200. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य को धारा 3 के आदेश के उल्लंघन के लिए उकसाता है, परंतु उल्लंघन वास्तव में नहीं होता, तो क्या होगा?

a. कोई अपराध नहीं माना जाएगा

b. केवल उकसाने वाले पर जुर्माना लगेगा

c. उकसाने वाला उल्लंघनकर्ता माना जाएगा

d. केवल वास्तविक उल्लंघन पर ही दंड होगा

 

201. धारा 8 के अंतर्गत प्रयत्न और दुष्प्रेरण को उल्लंघन मानने का आधार क्या है?

a. न्यायालय का विवेक

b. सरकार का आदेश

c. विधिक उपधारणा

d. अभियोजन की सहमति

 

202. धारा 8 के अंतर्गत दोषसिद्धि के लिए क्या आवश्यक है?

a. वास्तविक उल्लंघन का पूर्ण होना

b. केवल नुकसान का होना

c. प्रयत्न या दुष्प्रेरण का होना

d. न्यायालय की पूर्व अनुमति

 

203. धारा 8 का प्रभाव किस प्रकार का है?

a. अपवादात्मक

b. प्रक्रियात्मक

c. दंडात्मक और विस्तारात्मक

d. केवल घोषणात्मक

 

204. मिथ्या कथन, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 9

b. धारा 10

c. धारा 12

d. धारा 14

 

205. धारा 9 किस प्रकार के अपराध से संबंधित है?

a. आदेश के उल्लंघन से

b. झूठे कथन या मिथ्या जानकारी देने से

c. अधिहरण से

d. अपील से

 

206. धारा 9 के अंतर्गत कौन-सा कथन दंडनीय है?

a. प्रत्येक गलत कथन

b. ऐसा कथन जो केवल अनुमान पर आधारित हो

c. ऐसा कथन जो सारवान् विशिष्टि में मिथ्या हो

d. केवल मौखिक कथन

 

207. धारा 9(i) के अनुसार मिथ्या कथन कब दंडनीय होगा?

a. जब कथन गलती से किया गया हो

b. जब कथन मिथ्या हो और उसके मिथ्या होने का ज्ञान या युक्तियुक्त विश्वास हो

c. जब कथन अधूरा हो

d. जब कथन न्यायालय में दिया गया हो

 

208. धारा 9 के अंतर्गत कौन-सी मानसिक अवस्था आवश्यक है?

a. केवल लापरवाही

b. केवल असावधानी

c. ज्ञान, युक्तियुक्त विश्वास या सत्य पर विश्वास का अभाव

d. केवल हानि का होना

 

209. धारा 9(ii) के अंतर्गत निम्न में से कौन-सा शामिल है?

a. केवल मौखिक बयान

b. न्यायालय में दिया गया साक्ष्य

c. पुस्तक, लेखा-अभिलेख, घोषणा, विवरणी या अन्य दस्तावेज में किया गया मिथ्या कथन

d. निजी पत्राचार

 

210. धारा 9 के अंतर्गत मिथ्या कथन किस आदेश के संदर्भ में किया गया होना चाहिए?

a. धारा 4 के आदेश के अंतर्गत

b. धारा 5 के आदेश के अंतर्गत

c. धारा 3 के अधीन किए गए आदेश के अंतर्गत

d. किसी भी सरकारी आदेश के अंतर्गत

 

211. यदि कोई व्यक्ति ऐसे दस्तावेज में झूठी जानकारी देता है जिसे रखने या देने के लिए वह बाध्य है, तो वह किस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा?

a. धारा 7

b. धारा 8

c. धारा 9

d. धारा 6

 

212. धारा 9 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. तीन वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

b. पाँच वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

c. सात वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

d. दस वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

 

213. यदि कोई व्यक्ति ऐसे कथन को सही नहीं मानता लेकिन फिर भी उसे प्रस्तुत करता है, तो उसकी आपराधिक स्थिति क्या होगी?

a. वह दोषमुक्त होगा

b. केवल दीवानी दायित्व बनेगा

c. वह धारा 9 के अंतर्गत दंडनीय होगा

d. केवल जुर्माना लगेगा

 

214. धारा 9 के अंतर्गतसारवान् विशिष्टिका क्या अभिप्राय है?

a. छोटी तकनीकी त्रुटि

b. ऐसा तथ्य जो निर्णय या आदेश को प्रभावित कर सकता है

c. केवल वित्तीय विवरण

d. केवल मौखिक जानकारी

 

215. कम्पनियों द्वारा उपराध, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 9

b. धारा 10

c. धारा 12

d. धारा 14

 

216. धारा 10 किस स्थिति में लागू होती है?

a. जब कोई व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से अपराध करता है

b. जब कम्पनी द्वारा धारा 3 के आदेश का उल्लंघन किया जाता है

c. जब सरकारी विभाग अपराध करता है

d. जब केवल निदेशक अपराध करता है

 

217. यदि धारा 3 के आदेश का उल्लंघन कम्पनी द्वारा किया गया हो, तो किसे दोषी माना जाएगा?

a. केवल कम्पनी को

b. केवल निदेशक को

c. कम्पनी तथा वह प्रत्येक व्यक्ति जो उल्लंघन के समय कम्पनी के कारोबार का भारसाधक और उत्तरदायी था

d. केवल प्रबंधक को

 

218. धारा 10(1) के अंतर्गत कौन-सा व्यक्ति दण्ड से बच सकता है?

a. जो कम्पनी का कर्मचारी हो

b. जो यह साबित कर दे कि उल्लंघन उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने सम्यक् तत्परता बरती

c. जो केवल नाममात्र का अधिकारी हो

d. जो जुर्माना भर दे

 

219. धारा 10(1) के अंतर्गतभारसाधक और उत्तरदायीव्यक्ति से क्या अभिप्राय है?

a. केवल शेयरधारक

b. केवल लेखाकार

c. वह व्यक्ति जो कम्पनी के कारोबार के संचालन के लिए उत्तरदायी हो

d. कोई भी कर्मचारी

 

220. धारा 10(2) के अनुसार निदेशक, प्रबंधक या अधिकारी कब दोषी माना जाएगा?

a. जब वह कम्पनी का कर्मचारी हो

b. जब अपराध उसकी सम्मति, मौनानुकूलता या उपेक्षा से हुआ हो

c. जब वह कम्पनी छोड़ चुका हो

d. जब उसने केवल आदेश जारी किया हो

 

221. धारा 10(2) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. केवल कम्पनी को दंडित करना

b. वरिष्ठ अधिकारियों को स्वतः दोषमुक्त करना

c. अपराध में सम्मिलित या लापरवाही करने वाले अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराना

d. अपील की व्यवस्था करना

 

222. धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसारकम्पनीमें क्या शामिल है?

a. केवल पंजीकृत कम्पनी

b. केवल सरकारी निगम

c. कोई निगमित निकाय तथा फर्म या व्यक्तियों का अन्य संगम

d. केवल निजी कम्पनी

 

223. धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसार फर्म के मामले मेंनिदेशककौन माना जाएगा?

a. प्रबंधक

b. लेखाकार

c. भागीदार

d. कर्मचारी

 

224. धारा 10(1) के अंतर्गत दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध क्या किया जा सकता है?

a. केवल विभागीय कार्यवाही

b. केवल जुर्माना

c. उनके विरुद्ध अभियोजन चलाया जा सकता है और दंडित किया जा सकता है

d. केवल लाइसेंस रद्द किया जा सकता है

 

225. धारा 10 मेंमौनानुकूलता” (connivance) का क्या अर्थ है?

a. स्पष्ट लिखित आदेश

b. अपराध की जानकारी होते हुए भी मौन स्वीकृति

c. अनजाने में हुई गलती

d. केवल प्रशासनिक त्रुटि

 

226. धारा 10 के अंतर्गत कम्पनी के अपराधों के लिए उत्तरदायित्व का स्वरूप कैसा है?

a. केवल व्यक्तिगत

b. केवल सामूहिक

c. कम्पनी और संबंधित अधिकारियों दोनों का संयुक्त उत्तरदायित्व

d. केवल दीवानी उत्तरदायित्व

 

227. धारा 10 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपराधों की शास्ति

b. अपराधों का संज्ञेय और जमानतीय होना

c. अपील की प्रक्रिया

d. कंपनियों की जिम्मेदारी

 

228. धारा 10 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय प्रत्येक अपराध की प्रकृति क्या होगी?

a. केवल जमानतीय

b. केवल अजमानतीय

c. संज्ञेय

d. असंज्ञेय

 

229. धारा 10 में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के संबंध में क्या उपबंध किया गया है?

a. दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) पूर्णतः लागू नहीं होगी

b. दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के प्रतिकूल होते हुए भी अपराध संज्ञेय होगा

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के अनुसार ही अपराध असंज्ञेय होगा

d. दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) लागू नहीं होगी

 

230. धारा 10 के अनुसार पुलिस अधिकारी किस स्थिति में बिना वारंट गिरफ्तार कर सकता है?

a. केवल न्यायालय की अनुमति से

b. केवल शिकायत पर

c. जब इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया हो

d. केवल मजिस्ट्रेट के आदेश से

 

231. धारा 10 के अंतर्गत अपराध को संज्ञेय घोषित करने का कानूनी प्रभाव क्या है?

a. पुलिस बिना प्राथमिकी के जांच नहीं कर सकती

b. पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है

c. केवल समन जारी किया जा सकता है

d. केवल दीवानी कार्यवाही होगी

 

232. न्यायालय को अधिनियम के अधीन सिद्धदोष कम्पनियों के नाम, कारबार के स्थान आदि प्रकाशित करने की शक्ति, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 10()

b. धारा 10()

c. धारा 10()

d. धारा 10()

 

233. धारा 10 के अनुसार न्यायालय को किस स्थिति में कम्पनी का नाम प्रकाशित करने की शक्ति प्राप्त होती है?

a. जब कम्पनी पर अभियोग चल रहा हो

b. जब कम्पनी जमानत पर हो

c. जब कम्पनी इस अधिनियम के अधीन सिद्धदोष ठहराई गई हो

d. जब कम्पनी को नोटिस दिया गया हो

 

234. धारा 10(1) के अंतर्गत प्रकाशित की जाने वाली जानकारी में कौन-कौन सी बातें सम्मिलित हो सकती हैं?

a. केवल कम्पनी का नाम

b. केवल उल्लंघन का स्वरूप

c. कम्पनी का नाम, कारबार का स्थान, उल्लंघन का स्वरूप तथा अन्य समुचित विशिष्टियां

d. केवल निदेशकों के नाम

 

235. धारा 10 के अनुसार कम्पनी से संबंधित प्रकाशन का खर्च किसके द्वारा वहन किया जाएगा?

a. राज्य सरकार द्वारा

b. केन्द्रीय सरकार द्वारा

c. न्यायालय द्वारा

d. स्वयं कम्पनी द्वारा

 

236. धारा 10(1) के अंतर्गत प्रकाशन किस माध्यम से कराया जा सकता है?

a. केवल सरकारी राजपत्र में

b. केवल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में

c. न्यायालय द्वारा निर्देशित समाचारपत्रों में या अन्य रीति से

d. केवल न्यायालय की वेबसाइट पर

 

237. धारा 10(2) के अनुसार प्रकाशन कब तक नहीं किया जाएगा?

a. जब तक अभियोजन लंबित है

b. जब तक जांच पूर्ण नहीं हो जाती

c. जब तक अपील की अवधि बिना अपील समाप्त हो जाए या अपील का निपटारा हो जाए

d. जब तक जुर्माना अदा कर दिया जाए

 

238. धारा 10(3) के अनुसार प्रकाशन का खर्च किस प्रकार वसूल किया जाएगा?

a. भू-राजस्व की तरह

b. लोक मांग के रूप में

c. न्यायालय द्वारा अधिरोपित जुर्माने के समान

d. दीवानी डिक्री के रूप में

 

239. धारा 10 में प्रयुक्तन्यायालय मामले की परिस्थितियों में समुचित समझेका क्या तात्पर्य है?

a. न्यायालय बाध्य है केवल सीमित जानकारी प्रकाशित करने के लिए

b. न्यायालय को विवेकाधीन शक्ति प्राप्त है

c. न्यायालय केवल सरकार के निर्देश पर कार्य करेगा

d. न्यायालय प्रकाशन से इंकार नहीं कर सकता

 

240. धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसारकम्पनीशब्द का अर्थ किस धारा से लिया जाएगा?

a. धारा 3 के स्पष्टीकरण खंड () से

b. धारा 6 के स्पष्टीकरण खंड () से

c. धारा 7 के स्पष्टीकरण खंड () से

d. धारा 10 के स्पष्टीकरण खंड () से

 

241. धारा 10 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. कम्पनी को दंड से मुक्त करना

b. कम्पनी को अपील का अधिकार देना

c. जनसाधारण को कम्पनी के अपराध की जानकारी देना

d. केवल आर्थिक दंड लगाना

 

242. धारा 10 के अंतर्गत प्रकाशन का आदेश कौन दे सकता है?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल केन्द्रीय सरकार

c. वह न्यायालय जिसने कम्पनी को सिद्धदोष ठहराया है

d. अपीलीय न्यायालय

 

243. आपराधिक मनःस्थिति की उपधारणा, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 10()

b. धारा 10()

c. धारा 10()

d. धारा 10()

 

244. धारा 10 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपराधों की शास्ति

b. आपराधिक मनःस्थिति की उपधारणा

c. अपील की प्रक्रिया

d. जमानत का प्रावधान

 

245. धारा 10(1) के अनुसार न्यायालय किस बात की उपधारणा करेगा?

a. अभियुक्त निर्दोष है

b. अभियुक्त दोषी है

c. अभियुक्त की आपराधिक मनःस्थिति विद्यमान है

d. अभियुक्त ने स्वीकारोक्ति की है

 

246. धारा 10 के अंतर्गत आपराधिक मनःस्थिति की उपधारणा किस प्रकार के अपराधों में लागू होती है?

a. प्रत्येक अपराध में

b. केवल जमानतीय अपराधों में

c. केवल उन अपराधों में जिनमें आपराधिक मनःस्थिति अपेक्षित हो

d. केवल कंपनियों से संबंधित अपराधों में

 

247. धारा 10 के अनुसार अभियुक्त के लिए क्या प्रतिवाद (defence) उपलब्ध है?

a. यह साबित करना कि अपराध नहीं हुआ

b. यह साबित करना कि आदेश अवैध था

c. यह साबित करना कि उसके पास आपराधिक मनःस्थिति नहीं थी

d. यह साबित करना कि वह लोक सेवक था

 

248. धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसारआपराधिक मनःस्थितिमें क्या-क्या सम्मिलित है?

a. केवल आशय

b. केवल ज्ञान

c. आशय, मन्तव्य, किसी तथ्य की जानकारी तथा किसी तथ्य पर विश्वास या विश्वास करने का कारण

d. केवल लापरवाही

 

249. धारा 10(2) के अनुसार कोई तथ्य कबसाबितमाना जाएगा?

a. जब वह संभावनाओं से अधिक प्रतीत हो

b. जब वह प्रबल संदेह पर आधारित हो

c. जब न्यायालय को उसका विद्यमान होना युक्तियुक्त संदेह के परे प्रतीत हो

d. जब अभियुक्त उसे स्वीकार कर ले

 

250. धारा 10(2) के अनुसार निम्न में से कौन-सा मानदंड अस्वीकार्य है?

a. युक्तियुक्त संदेह के परे

b. न्यायालय का विश्वास

c. केवल अत्यधिक संभावनाओं पर आधारित सिद्धि

d. ठोस साक्ष्य पर आधारित निष्कर्ष

 

251. धारा 10 में आपराधिक मनःस्थिति के संबंध में भार--साक्ष्य किस पर होता है?

a. सदैव अभियोजन पर

b. सदैव अभियुक्त पर

c. प्रारंभिक रूप से न्यायालय की उपधारणा पर, प्रतिवाद सिद्ध करने का भार अभियुक्त पर

d. पुलिस अधिकारी पर

 

252. धारा 10 का उद्देश्य मुख्यतः क्या है?

a. अभियुक्त को संरक्षण देना

b. आवश्यक वस्तुओं से संबंधित अपराधों में दोषसिद्धि को सरल बनाना

c. दंड की अवधि कम करना

d. केवल प्रक्रिया निर्धारित करना

 

253. धारा 11 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपराधों की शास्ति

b. अपराधों का संज्ञान

c. अपील की प्रक्रिया

d. कंपनियों की जिम्मेदारी

 

254. धारा 11 के अनुसार न्यायालय कब किसी अपराध का संज्ञान ले सकता है?

a. जब पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करे

b. जब मौखिक शिकायत की जाए

c. जब लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए

d. जब न्यायालय को स्वतः जानकारी हो

 

255. धारा 11 के अंतर्गत लिखित रिपोर्ट कौन कर सकता है?

a. कोई भी नागरिक

b. केवल पुलिस अधिकारी

c. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 21 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 2(28) के अंतर्गत लोक सेवक

d. केवल अभियुक्त

 

256. धारा 11 में लोक सेवक के अतिरिक्त किन्हें लिखित रिपोर्ट करने का अधिकार दिया गया है?

a. केवल न्यायालय को

b. केवल राज्य सरकार को

c. कोई व्यथित व्यक्ति या मान्यताप्राप्त उपभोक्ता संगम

d. केवल पुलिस अधीक्षक को

 

257. धारा 11 के अनुसार क्या मान्यताप्राप्त उपभोक्ता संगम का सदस्य होना आवश्यक है?

a. हाँ, अनिवार्य है

b. नहीं, सदस्य होना आवश्यक नहीं है

c. केवल अध्यक्ष के लिए आवश्यक है

d. केवल पंजीकृत सदस्यों के लिए

 

258. धारा 11 के अंतर्गतव्यथित व्यक्तिका क्या आशय है?

a. केवल लोक सेवक

b. केवल अभियुक्त

c. वह व्यक्ति जो अपराध से प्रभावित हो

d. केवल उपभोक्ता संगम

 

259. धारा 11 के स्पष्टीकरण के अनुसारमान्यताप्राप्त उपभोक्ता संगमसे क्या अभिप्रेत है?

a. अनरजिस्टर्ड उपभोक्ता समूह

b. सरकारी उपभोक्ता परिषद

c. कम्पनी अधिनियम या अन्य विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत स्वैच्छिक उपभोक्ता संगम

d. केवल राज्य सरकार द्वारा गठित संगम

 

260. धारा 11 के अंतर्गत संज्ञान के लिए रिपोर्ट का स्वरूप कैसा होना चाहिए?

a. मौखिक

b. शपथपत्र

c. लिखित

d. टेलीफोनिक

 

261. धारा 12 का मुख्य विषय क्या है?

a. कारावास की अवधि

b. जुर्माने के बारे में विशेष उपबन्ध

c. अपील की प्रक्रिया

d.अपराधों का संज्ञान

 

262. धारा 12 के अनुसार यह प्रावधान किस कानून के होते हुए भी लागू होगा?

a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 29 (भारतीय नागरिक सुरक्षा न्याय 2023 धारा 23)

d. सामान्य धाराएँ अधिनियम

 

263. धारा 12 के अंतर्गत जुर्माने का विशेष प्रावधान किस स्थिति में लागू होता है?

a. किसी भी अपराध के लिए

b. केवल कंपनियों के अपराध के लिए

c. धारा 3 के अधीन किए गए आदेश के उल्लंघन के लिए

d. केवल पुनरावृत्ति अपराध के लिए

 

264. धारा 12 के अनुसार किस सीमा से अधिक जुर्माना विधिसम्मत रूप से लगाया जा सकता है?

a. एक हजार रुपए

b. दो हजार रुपए

c. पांच हजार रुपए

d. दस हजार रुपए

 

265. धारा 12 के अनुसार कौन-सा न्यायालय पांच हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगा सकता है?

a. कोई भी मजिस्ट्रेट

b. केवल सत्र न्यायालय

c. राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट

d. केवल उच्च न्यायालय

 

266. धारा 12 के अंतर्गत प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिए क्या शर्त आवश्यक है?

a. केंद्र सरकार की अनुमति

b. उच्च न्यायालय की अनुमति

c. राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त किया जाना

d. अभियोजन की सहमति

 

267. धारा 12 मेंविधिसम्मत होगाशब्दों का क्या अभिप्राय है?

a. यह केवल अनुशंसा है

b. यह अनिवार्य प्रावधान है

c. यह वैध और कानूनसम्मत अधिकार प्रदान करता है

d. यह न्यायालय के विवेक पर निर्भर नहीं करता

 

268. धारा 12 के अनुसार यदि मजिस्ट्रेट राज्य सरकार द्वारा सशक्त नहीं है तो वह क्या नहीं कर सकता?

a. दोषसिद्धि करना

b. कारावास का दण्ड देना

c. पांच हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगाना

d. अभियुक्त को तलब करना

 

269. धारा 12 किस प्रकार का प्रावधान है?

a. सामान्य प्रावधान

b. अपवादात्मक और विशेष प्रावधान

c. प्रक्रियात्मक प्रावधान

d. अपीलीय प्रावधान

 

270. संक्षेपतः विचारण की शक्ति, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 12()

b. धारा 13()

c. धारा 14()

d. धारा 15()

 

271. धारा 12(1) के अंतर्गत किसी आदेश के संक्षिप्त विचारण हेतु विशेष आदेश किसके द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाता है?

a. राज्य सरकार द्वारा

b. जिला मजिस्ट्रेट द्वारा

c. केन्द्रीय सरकार द्वारा

d. संसद द्वारा

 

272. धारा 12(1) के अंतर्गत जारी अधिसूचना को जारी किए जाने के पश्चात् कहाँ रखा जाना आवश्यक है?

a. उच्च न्यायालय के समक्ष

b. राज्य विधानमंडल के समक्ष

c. संसद के दोनों सदनों के समक्ष

d. केवल लोकसभा के समक्ष

 

273. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 1971 के पश्चात् जारी अधिसूचना अधिकतम कितनी अवधि तक प्रवृत्त रह सकती है, यदि पहले विखंडित की जाए?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन वर्ष

d. अनिश्चित काल तक

 

274. धारा 12(2) के अनुसार किन अपराधों का संक्षेपतः विचारण किया जा सकता है?

a. सभी आवश्यक वस्तुओं से संबंधित अपराध

b. केवल विशेष आदेशों से संबंधित अपराध

c. धारा 3 के अंतर्गत खाद्य पदार्थ या औषधि से संबंधित आदेशों के उल्लंघन के अपराध

d. केवल राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अपराध

 

275. धारा 12(2) के अंतर्गत संक्षेपतः विचारण कौन कर सकता है?

a. कोई भी न्यायिक मजिस्ट्रेट

b. केवल सत्र न्यायाधीश

c. राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त प्रथम वर्ग का न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट

d. केवल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

 

276. धारा 12 के अंतर्गत संक्षेपतः विचारण में दोषसिद्धि की स्थिति में मजिस्ट्रेट अधिकतम कितनी अवधि का कारावास दे सकता है?

a. छह माह

b. एक वर्ष

c. दो वर्ष

d. तीन वर्ष

 

277. यदि मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत हो कि एक वर्ष से अधिक का कारावास दिया जाना आवश्यक है, तो उसे क्या करना होगा?

a. तत्काल दोषमुक्त कर देना

b. मामला सत्र न्यायालय को भेज देना

c. संक्षेपतः विचारण छोड़कर नियमित विचारण की प्रक्रिया अपनाना

d. केवल जुर्माना लगाना

 

278. धारा 12(3) के अनुसार संक्षेपतः विचारित मामले में अपील का अधिकार कब नहीं होगा?

a. जब केवल जुर्माना लगाया गया हो

b. जब एक माह से अधिक का कारावास दिया गया हो

c. जब एक माह से अनधिक कारावास और दो हजार रुपये से अनधिक जुर्माना दिया गया हो

d. प्रत्येक दोषसिद्धि के विरुद्ध

 

279. धारा 12(3) के अनुसार अपील का अधिकार कब उपलब्ध होगा?

a. जब कोई भी दण्डादेश पारित किया गया हो

b. जब मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित सीमाओं से अधिक दण्डादेश पारित किया गया हो

c. केवल संपत्ति के समपहरण के आदेश पर

d. केवल जुर्माने के मामलों में

 

280. धारा 12(4) के अनुसार, यदि कोई मामला अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व लंबित है और किसी साक्षी की परीक्षा नहीं हुई है, तो उसका क्या होगा?

a. वह स्वतः समाप्त हो जाएगा

b. उसका नियमित विचारण किया जाएगा

c. उसका संक्षेपतः विचारण किया जाएगा

d. उसे उच्च न्यायालय भेजा जाएगा

 

281. यदि लंबित मामला ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष है जो संक्षेपतः विचारण के लिए सक्षम नहीं है, तो उस मामले के साथ क्या किया जाएगा?

a. मामला निरस्त कर दिया जाएगा

b. मामला सत्र न्यायालय को भेजा जाएगा

c. मामला सक्षम मजिस्ट्रेट को भेजा जाएगा

d. मामला राज्य सरकार को संदर्भित किया जाएगा

 

282. धारा 12 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. लोक अधिकारियों को पूर्ण प्रतिरक्षा देना

b. सिविल न्यायालयों की शक्तियों का पूर्ण उन्मूलन करना

c. सिविल न्यायालयों द्वारा व्यादेशों आदि का दिया जाना

d. केवल केन्द्रीय सरकार को व्यादेश देने की शक्ति देना

 

283. धारा 12 के अनुसार सिविल न्यायालय किसके विरुद्ध व्यादेश नहीं देगा?

a. किसी निजी व्यक्ति के विरुद्ध

b. केवल राज्य सरकार के विरुद्ध

c. केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार या लोक अधिकारी के विरुद्ध

d. केवल लोक सेवक के विरुद्ध

 

284. धारा 12 किन कार्यों पर लागू होती है?

a. निजी क्षमता में किए गए कार्यों पर

b. पदीय हैसियत से किए गए या किए जाने तात्पर्यित कार्यों पर

c. न्यायिक कार्यों पर

d. संविदात्मक दायित्वों पर

 

285. धारा 12 के अंतर्गत सिविल न्यायालय किस प्रकार का आदेश देने से प्रतिबंधित है?

a. केवल स्थायी व्यादेश

b. केवल अस्थायी व्यादेश

c. व्यादेश या किसी अन्य अनुतोष के लिए आदेश

d. केवल हर्जाने का आदेश

 

286. धारा 12 के अनुसार सिविल न्यायालय व्यादेश या अन्य अनुतोष कब दे सकता है?

a. बिना किसी शर्त के

b. न्यायालय की अनुमति से

c. जब सरकार या अधिकारी को आवेदन की सूचना दे दी गई हो

d. केवल उच्च न्यायालय के निर्देश पर

 

287. धारा 12 के अनुसार सूचना देना किसे आवश्यक है?

a. केवल न्यायालय को

b. केवल वादी को

c. संबंधित सरकार या लोक अधिकारी को

d. महाधिवक्ता को

 

288. धारा 12 के अंतर्गतअनुतोषसे क्या अभिप्राय है?

a. केवल कारावास

b. वल जुर्माना

c. व्यादेश के अतिरिक्त कोई भी अन्य सिविल राहत

d. केवल अपील का अधिकार

 

289. धारा 12 किन आदेशों के संबंध में लागू होती है?

a. केवल राज्य सरकार द्वारा बनाए गए आदेशों पर

b. केवल केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए आदेशों पर

c. इस अधिनियम के अधीन या तद्धीन बनाए गए किसी भी आदेश पर

d. केवल अधिसूचनाओं पर

 

290. आदेशों के बारे में उपधारणा, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 13

b. धारा 14

c. धारा 15

d. धारा 16

 

291. धारा 13 के अनुसार न्यायालय किस तथ्य के बारे में उपधारणा करेगा?

a. आदेश न्यायालय द्वारा पारित किया गया था

b. आदेश राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित था

c. आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया गया था

d. आदेश विधायी प्रकृति का था

 

292. धारा 13 के अंतर्गत उपधारणा कब लागू होती है?

a. जब आदेश मौखिक हो

b. जब आदेश किसी प्राधिकारी द्वारा किया गया और हस्ताक्षरित होना तात्पर्यित हो

c. जब आदेश केवल अधिसूचना हो

d. जब आदेश न्यायालय में सिद्ध किया गया हो

 

293. धारा 13 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा की जाने वाली उपधारणा का स्वरूप क्या है?

a. निर्णायक उपधारणा

b. अपवादात्मक उपधारणा

c. प्रत्याभूत उपधारणा

d. खण्डनीय उपधारणा

 

294. धारा 13 के अनुसार न्यायालय किस बात को सिद्ध करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य की मांग नहीं करेगा?

a. आदेश की आवश्यकता

b. आदेश की विषय-वस्तु

c. आदेश का सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाना

d. आदेश का प्रभाव

 

295. यदि आदेश पर हस्ताक्षर होना तात्पर्यित है, तो धारा 13 के अनुसार न्यायालय क्या मानेगा?

a. आदेश अवैध है

b. आदेश किसी अन्य अधिकारी द्वारा किया गया है

c. आदेश उसी प्राधिकारी द्वारा किया गया था

d. आदेश केवल मसौदा है

 

296. धारा 13 के अंतर्गत की गई उपधारणा का खण्डन किसके द्वारा किया जा सकता है?

a. केवल न्यायालय द्वारा

b. केवल अभियोजन द्वारा

c. अभियुक्त या कोई भी संबंधित पक्ष द्वारा

d. केवल सरकार द्वारा

 

297. धारा 14 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपराध की परिभाषा

b. अभियोजन की स्वीकृति

c. कतिपय मामलों में सबूत का भार

d. दण्ड की मात्रा

 

298. धारा 14 के अनुसार सबूत का भार किस पर होता है?

a. अभियोजन पक्ष पर

b. न्यायालय पर

c. अभियुक्त व्यक्ति पर

d. जाँच अधिकारी पर

 

299. धारा 14 कब लागू होती है?

a. जब किसी आदेश का उल्लंघन संदेहास्पद हो

b. जब धारा 3 के अधीन किए गए आदेश के उल्लंघन के लिए अभियोजन किया जाता है

c. जब कोई सिविल वाद दायर किया जाता है

d. जब अपील दायर की जाती है

 

300. धारा 14 के अनुसार अभियुक्त को क्या सिद्ध करना होता है?

a. कि आदेश अवैध था

b. कि अपराध करने का आशय नहीं था

c. कि उसके पास विधिपूर्ण प्राधिकार या अनुज्ञा-पत्र था

d. कि अभियोजन के साक्षी अविश्वसनीय हैं

 

301. धारा 14 के अंतर्गत किस प्रकार के आदेश के उल्लंघन पर सबूत का भार अभियुक्त पर डाला गया है?

a. जो आदेश दण्ड प्रक्रिया से संबंधित हो

b. जो आदेश केवल जुर्माने से संबंधित हो

c. जो आदेश बिना विधिपूर्ण प्राधिकार या अनुज्ञा-पत्र के कोई कार्य करने से या कब्जा रखने से प्रतिषिद्ध करता हो

d. जो आदेश केवल प्रशासनिक हो

 

302. धारा 14 सामान्य आपराधिक विधि के किस सिद्धांत से अपवाद उत्पन्न करती है?

a. संदेह का लाभ अभियुक्त को

b. दण्ड अपराध के अनुपात में

c. अभियोजन पर सबूत का भार

d. प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत

 

303. यदि अभियुक्त धारा 14 के अनुसार वैध प्राधिकार सिद्ध नहीं कर पाता है, तो इसका परिणाम क्या होगा?

a. अभियोजन स्वतः विफल हो जाएगा

b. अभियुक्त दोषसिद्धि के लिए उत्तरदायी होगा

c. मामला सिविल प्रकृति का हो जाएगा

d. न्यायालय पुनः जाँच का आदेश देगा

 

304. धारा 14 के अंतर्गत सबूत का भार किस तथ्य तक सीमित है?

a. अपराध के सभी तत्वों तक

b. आदेश के जारी होने तक

c. वैध प्राधिकार या अनुज्ञा-पत्र के अस्तित्व तक

d. दण्ड की मात्रा तक

 

305. धारा 15 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपराधों की संख्या बढ़ाना

b. अधिनियम के अधीन की गई कार्रवाई के लिए परित्राण

c. सरकार की जवाबदेही बढ़ाना

d. सिविल न्यायालयों की शक्तियाँ समाप्त करना

 

306. धारा 15(1) के अनुसार किसके विरुद्ध वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती?

a. केवल सरकार के विरुद्ध

b. केवल लोक सेवक के विरुद्ध

c. किसी व्यक्ति के विरुद्ध, जिसने सद्भावपूर्वक आदेश के अनुसरण में कार्य किया हो

d. किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं

 

307. धारा 15(1) के अंतर्गत संरक्षण किस स्थिति में प्राप्त होता है?

a. जब कार्य जानबूझकर किया गया हो

b. जब कार्य न्यायालय के आदेश से किया गया हो

c. जब कार्य धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में सद्भावपूर्वक किया गया हो

d. जब कार्य से कोई नुकसान हुआ हो

 

308. धारा 15(2) के अनुसार सरकार के विरुद्ध वाद कब नहीं हो सकेगा?

a. जब नुकसान हुआ हो

b. जब आदेश अवैध हो

c. जब नुकसान धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई से हुआ हो

d. जब आदेश लिखित हो

 

309. धारा 15(1) के अंतर्गत किस प्रकार की कार्यवाही से संरक्षण दिया गया है?

a. केवल सिविल वाद से

b. केवल अभियोजन से

c. वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही से

d. केवल अनुशासनात्मक कार्यवाही से

 

310. धारा 15 के अंतर्गत संरक्षण किन आदेशों से संबंधित है?

a. किसी भी प्रशासनिक आदेश से

b. न्यायालय द्वारा पारित आदेश से

c. धारा 3 के अधीन किए गए आदेश से

d. केवल अधिसूचनाओं से

 

311. यदि कोई कार्य सद्भावपूर्वक होकर दुर्भावना से किया गया हो, तो धारा 15 का प्रभाव क्या होगा?

a. पूर्ण संरक्षण मिलेगा

b. आंशिक संरक्षण मिलेगा

c. कोई संरक्षण नहीं मिलेगा

d. केवल सरकार को संरक्षण मिलेगा

 

312. धारा 15 का प्रभाव मुख्यतः किस सिद्धांत को सुदृढ़ करता है?

a. दण्ड की निश्चितता

b. प्रशासनिक कार्यों की न्यायिक समीक्षा

c. सद्भावपूर्वक किए गए शासकीय कार्यों की सुरक्षा

d. आपराधिक उत्तरदायित्व का विस्तार

 

313. धारा 15 धारा में क्या परिभाषित हैं?

a. लोक सेवकों को पूर्ण प्रतिरक्षा देना

b. लोक सेवकों के अभियोजन हेतु पूर्व मंजूरी की व्यवस्था करना

c. न्यायालयों की शक्तियाँ सीमित करना

d. अभियोजन की प्रक्रिया समाप्त करना

 

314. धारा 15 के अनुसार न्यायालय किस स्थिति में अपराध का संज्ञान नहीं करेगा?

a. जब अपराध संदेहास्पद हो

b. जब अभियुक्त लोक सेवक हो

c. जब पूर्व मंजूरी प्राप्त की गई हो

d. जब आदेश मौखिक हो

 

315. धारा 15 किन व्यक्तियों पर लागू होती है?

a. सभी अभियुक्तों पर

b. केवल निजी व्यक्तियों पर

c. लोक सेवकों पर

d. केवल ठेकेदारों पर

 

316. धारा 15 के अंतर्गत अभियोजन से पूर्व मंजूरी कब आवश्यक होती है?

a. जब अपराध किसी निजी कार्य में किया गया हो

b. जब अपराध न्यायालय के आदेश से किया गया हो

c. जब अपराध धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में कर्तव्य निर्वहन के दौरान किया गया हो

d. जब अपराध संज्ञेय हो

 

317. यदि लोक सेवक संघ के कार्यकलापों के संबंध में नियोजित है या था, तो अभियोजन की पूर्व मंजूरी किससे ली जाएगी?

a. राज्य सरकार से

b. जिला मजिस्ट्रेट से

c. केन्द्रीय सरकार से

d. उच्च न्यायालय से

 

318. यदि लोक सेवक राज्य के कार्यकलापों के संबंध में नियोजित है या था, तो अभियोजन की पूर्व मंजूरी किससे आवश्यक है?

a. केन्द्रीय सरकार से

b. राज्य सरकार से

c. सत्र न्यायलय से

d. लोक सेवा आयोग से

 

319. धारा 15 का उद्देश्य मुख्यतः किस सिद्धांत को संतुलित करता है?

a. दण्ड की कठोरता और उदारता

b. लोक सेवकों की जवाबदेही और कर्तव्य निर्वहन की सुरक्षा

c. अभियोजन और बचाव के अधिकार

d. न्यायालय और कार्यपालिका की शक्तियाँ

 

320. धारा 16 का मुख्य विषय क्या है?

a. दण्ड का प्रावधान

b. अधिनियम का विस्तार

c. निरसन और व्यावृत्तियां

d. अपील का अधिकार

 

321. धारा 16(1) के अनुसार कौन-सा अध्यादेश एतद्द्वारा निरसित किया गया है?

a. आवश्यक वस्तु अध्यादेश, 1954

b. आवश्यक वस्तु अध्यादेश, 1955

c. आवश्यक वस्तु अध्यादेश, 1956

d. आवश्यक वस्तु अध्यादेश, 1961

 

322. धारा 16(1)() के अंतर्गत कौन-सी राज्य विधियाँ निरसित की गई हैं?

a. सभी राज्य विधियाँ

b. केवल दण्डात्मक राज्य विधियाँ

c. वे राज्य विधियाँ जो आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, प्रदाय, वितरण, व्यापार या वाणिज्य को नियंत्रित करती हैं

d. केवल कर से संबंधित राज्य विधियाँ

 

323. धारा 16(2) के अनुसार, पूर्ववर्ती आदेश कब तक प्रवृत्त रहेगा?

a. अधिनियम के प्रारम्भ तक

b. छह माह तक

c. जब तक वह इस अधिनियम के अधीन किए गए नए आदेश द्वारा अतिष्ठित कर दिया जाए

d. जब तक न्यायालय उसे रद्द कर दे

 

324. धारा 16(2) के अंतर्गत कौन-सी बातें प्रवृत्त बनी रहती हैं?

a. केवल आदेश

b. केवल नियुक्तियाँ

c. आदेश, नियुक्तियाँ, अनुज्ञप्तियाँ, अनुज्ञा-पत्र तथा निदेश

d. केवल अनुज्ञा-पत्र

 

325. धारा 16(3) का प्रभाव किस अधिनियम की धारा 6 से संबंधित है?

a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

c. साधारण खण्ड अधिनियम, 1897

d. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973

 

326. धारा 16(3) के अनुसार, साधारण खण्ड अधिनियम की धारा 6 कैसे लागू होगी?

a. केवल आंशिक रूप से

b. इस अधिनियम द्वारा अपवर्जित रूप से

c. निरसन पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना

d. केवल भविष्य की कार्रवाइयों पर

 

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