Download MP Land Revenue 1959 MCQs Set- 13 (Hindi Medium) PDF
1. धारा 183 का विषय क्या है?
a. सरकारी पट्टेदार
b. सेवा भूमि
c. भूमिस्वामी
d. पट्टे
2. धारा 183(1) के अनुसार सेवा भूमि कौन धारण करता है?
a. पटवारी
b. कोटवार, सेवा प्रदान करने की शर्त पर
c. ग्राम पंचायत
d. तहसीलदार
3. धारा 183(1) के अनुसार कोटवार सेवा भूमि पर अपना अधिकार कब खो देगा?
a. भूमि बेचने पर
b. जब वह भूमि का उपयोग गैर-कृषि प्रयोजन के लिए करेगा
c. खेती बंद करने पर
d. भू-राजस्व न देने पर
4. धारा 183(2) के अनुसार सेवा भूमि में कोटवार का अधिकार किन माध्यमों से हस्तांतरित नहीं किया जा सकता?
a. केवल विक्रय द्वारा
b. केवल उपहार द्वारा
c. विक्रय, उपहार, बंधक, उप-पट्टा या किसी अन्य तरीके से
d. केवल बंधक द्वारा
5. धारा 183(2) के अनुसार सेवा भूमि में कौन-सा उप-पट्टा अनुमन्य है?
a. छह माह का उप-पट्टा
b. एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए उप-पट्टा
c. केवल मौखिक उप-पट्टा
d. कोई भी उप-पट्टा नहीं
6. धारा 183(3) के अनुसार कोटवार की मृत्यु, त्यागपत्र या विधिपूर्वक बर्खास्तगी पर सेवा भूमि किसे हस्तांतरित होगी?
a. राज्य सरकार को
b. उसके उत्तराधिकारी को
c. ग्राम पंचायत को
d. तहसीलदार को
7. धारा 183(4) के अनुसार क्या सेवा भूमि में कोटवार के अधिकार को डिक्री के निष्पादन में कुर्क या बेचा जा सकता है?
a. हाँ
b. केवल न्यायालय की अनुमति से
c. नहीं
d. केवल कलेक्टर की अनुमति से
8. धारा 183(4) के अनुसार सेवा भूमि के प्रबंधन हेतु किस धारा के अंतर्गत रिसीवर नियुक्त नहीं किया जाएगा?
a. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 47
b. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 51
c. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 60
d. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 144
9. धारा 183(5) के अनुसार यदि कोटवार उपधारा (1) या (2) का उल्लंघन करता है तो सेवा भूमि कौन वापस ले सकता है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. उप-विभागीय अधिकारी
d. आयुक्त
10. धारा 183(5) के अनुसार अनधिकृत कब्जाधारी को किस धारा के अंतर्गत बेदखल किया जा सकता है?
a. धारा 250
b. धारा 248
c. धारा 257
d. धारा 165
11. धारा 183(6) के अनुसार किन क्षेत्रों में स्थित सेवा भूमि सेवा भूमि नहीं रहेगी?
a. केवल शहरी क्षेत्र में
b. शहरी क्षेत्र, स्वीकृत विकास योजना वाले क्षेत्र या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित शहरी सीमा से बाहर अधिसूचित क्षेत्र में
c. केवल ग्रामीण क्षेत्र में
d. केवल अनुसूचित क्षेत्र में
12. धारा 183(6) के अनुसार सेवा भूमि कब सेवा भूमि नहीं रहेगी?
a. आदेश की तिथि से
b. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित तिथि से
c. अगले कृषि वर्ष से
d. अगले राजस्व वर्ष से
13. धारा 183(6) के अनुसार भूमि अभिलेखों में आवश्यक परिवर्तन कौन करवाएगा?
a. कलेक्टर
b. उप-विभागीय अधिकारी
c. तहसीलदार
d. पटवारी
14. धारा 184 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया?
a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964
b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1974
c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018
d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 8, 1979
15. अध्याय-XIV में कौन-सी धाराएँ शामिल थीं?
a. धारा 181 से धारा 184 (दोनों सहित)
b. धारा 185 से धारा 202 (दोनों सहित)
c. धारा 203 से धारा 220 (दोनों सहित)
d. धारा 170 से धारा 184 (दोनों सहित)
16. धारा 185 से 202 को किस अधिनियम द्वारा हटाया गया?
a. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 25, 1964
b. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 10, 1974
c. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 23, 2018
d. मध्य प्रदेश अधिनियम संख्या 8, 1979
17. अध्याय-XIV के विलोपन के बावजूद कौन-से मामले प्रभावित नहीं होंगे?
a. सभी राजस्व मामले
b. सभी दीवानी वाद
c. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2018 के लागू होने से पहले लंबित अधिभोगी किरायेदार से संबंधित मामले एवं कार्यवाहियां
d. केवल अपील संबंधी मामले
18. अध्याय-XIV के विलोपन के बावजूद लंबित मामलों की सुनवाई कौन करेगा?
a. केवल कलेक्टर
b. केवल तहसीलदार
c. बोर्ड, संबंधित राजस्व अधिकारी या संबंधित प्राधिकरण
d. केवल दीवानी न्यायालय
19. अध्याय-XIV के विलोपन के बावजूद लंबित मामलों का निर्णय किस प्रकार किया जाएगा?
a. संशोधित अधिनियम के अनुसार
b. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार
c. मानो मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2018 पारित ही न हुआ हो
d. कलेक्टर के विवेकानुसार
20. अध्याय-XIV के संरक्षण प्रावधान का उद्देश्य क्या है?
a. सभी पुराने राजस्व मामलों को समाप्त करना
b. केवल नई कार्यवाहियों को लागू करना
c. अधिभोग किरायेदारों से संबंधित लंबित मामलों एवं कार्यवाहियों की निरंतर सुनवाई एवं निर्णय सुनिश्चित करना
d. सभी लंबित मामलों को उच्च न्यायालय को स्थानांतरित करना
21. धारा 203 का विषय क्या है?
a. मूल्यांकन करने और विवादों का निपटारा करने की शक्ति
b. जलोढ़ और जलोढ़
c. भू-राजस्व का निर्धारण
d. भूमि का सीमांकन
22. धारा 203(1) के अनुसार तटबंध पर निर्मित जलोढ़ भूमि किसके अधीन होगी?
a. भूमिस्वामी के अधीन
b. ग्राम पंचायत के अधीन
c. राज्य सरकार के अधीन
d. कलेक्टर के अधीन
23. धारा 203(1) के अनुसार तटबंध से सटी जलोढ़ भूमि का उपयोग करने का अधिकार किसे होगा?
a. राज्य सरकार को
b. तटबंध से सटे हाथ के भूमिस्वामी को
c. ग्राम पंचायत को
d. तहसीलदार को
24. धारा 203(1) के अनुसार जलोढ़ भूमि का उपयोग कब तक भू-राजस्व से मुक्त होगा?
a. एक वर्ष तक
b. अगले राजस्व वर्ष तक
c. भूमि सर्वेक्षण होने तक
d. राज्य सरकार के आदेश तक
25. धारा 203(1) के अनुसार भूमिस्वामी अपनी जोत में जोड़ी गई जलोढ़ भूमि का कितना क्षेत्र उपयोग कर सकता है?
a. अधिकतम एक हेक्टेयर
b. अधिकतम दो हेक्टेयर
c. अधिकतम आधा हेक्टेयर
d. अधिकतम पाँच हेक्टेयर
26. धारा 203(2) के अनुसार यदि जलभराव के कारण जोत का क्षेत्रफल कितना कम हो जाए तो भू-राजस्व कम किया जाएगा?
a. एक चौथाई हेक्टेयर से अधिक
b. आधे हेक्टेयर से अधिक
c. एक हेक्टेयर से अधिक
d. दो हेक्टेयर से अधिक
27. धारा 203(2) के अनुसार जलभराव के कारण क्षेत्रफल कम होने पर क्या किया जाएगा?
a. भू-राजस्व बढ़ा दिया जाएगा
b. जोत पर देय भू-राजस्व कम कर दिया जाएगा
c. भूमि राज्य सरकार में निहित हो जाएगी
d. भूमि का पुनः सर्वेक्षण कराया जाएगा
28. धारा 204 का विषय क्या है?
a. जलोढ़ और जलोढ़
b. मूल्यांकन करने और विवादों का निपटारा करने की शक्ति
c. भूमि का विभाजन
d. भू-राजस्व की वसूली
29. धारा 204(1) के अनुसार यह प्रावधान किसके अधीन है?
a. राज्य सरकार के आदेशों के अधीन
b. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अधीन
c. कलेक्टर के निर्देशों के अधीन
d. न्यायालय के आदेशों के अधीन
30. धारा 204(1) के अनुसार अध्याय XV के अंतर्गत भू-राजस्व में वृद्धि एवं कमी का आकलन करने का अधिकार किसे है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. उप-विभागीय अधिकारी
d. आयुक्त
31. धारा 204(1) के अनुसार उप-विभागीय अधिकारी किसका आकलन कर सकता है?
a. केवल भू-राजस्व में वृद्धि का
b. केवल भू-राजस्व में कमी का
c. अध्याय XV के अंतर्गत आवश्यक या अनुमत भू-राजस्व में सभी वृद्धि एवं कमी का
d. केवल भूमि के क्षेत्रफल का
32. धारा 204(2) के अनुसार जलोढ़ भूमि के वितरण से संबंधित विवादों का निर्णय करने का अधिकार किसे है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. उप-विभागीय अधिकारी
d. आयुक्त
33. धारा 204(2) के अनुसार जलोढ़ भूमि का विवाद किनके बीच उत्पन्न हो सकता है?
a. राज्य सरकार और ग्राम पंचायत के बीच
b. कलेक्टर और तहसीलदार के बीच
c. ऐसी भूमि पर दावा करने वाले विभिन्न भूमिस्वामी समूहों के बीच
d. भूमिस्वामी और पटवारी के बीच
34. धारा 205 का विषय क्या है?
a. समेकन कार्यवाही की शुरुआत
b. परिभाषाएँ
c. जोत का विभाजन
d. भूमि का हस्तांतरण
35. धारा 205(i) के अनुसार "जोत का समेकन" का क्या अर्थ है?
a. भूमि का विक्रय
b. किसी गांव की सभी या किसी भी भूमि का पुनर्वितरण, ताकि भूमिस्वामी को खेती की सुविधा के लिए भूमि के निरंतर भूखंड आवंटित किए जा सकें
c. भूमि का अधिग्रहण
d. भूमि का पट्टा
36. धारा 205(ii) के अनुसार "समेकन अधिकारी" कौन होता है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. तहसीलदार से कम रैंक का राजस्व अधिकारी, जिसे राज्य सरकार द्वारा समेकन अधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करने एवं कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया जाता है
d. आयुक्त
37. धारा 206 का विषय क्या है?
a. परिभाषाएँ
b. समेकन कार्यवाही की शुरुआत
c. समेकन योजना
d. भूमि का पुनर्वितरण
38. धारा 206(1) के अनुसार समेकन हेतु आवेदन कौन कर सकते हैं?
a. कोई भी भूमिस्वामी
b. ग्राम पंचायत
c. किसी ग्राम के दो या दो से अधिक भूमिस्वामी
d. केवल कलेक्टर
39. धारा 206(1) के अनुसार आवेदन करने वाले भूमिस्वामियों के पास कितनी भूमि होनी चाहिए?
a. कम से कम एक हेक्टेयर
b. धारा 221 के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित न्यूनतम क्षेत्रफल से कम नहीं
c. कम से कम पाँच एकड़
d. कोई न्यूनतम सीमा नहीं
40. धारा 206(1) के अनुसार आवेदन किसे किया जाएगा?
a. कलेक्टर को
b. तहसीलदार को
c. समेकन अधिकारी को
d. उप-विभागीय अधिकारी को
41. धारा 206(1) के अनुसार आवेदन किस रूप में किया जाएगा?
a. मौखिक रूप में
b. लिखित रूप में
c. शपथपत्र द्वारा
d. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से
42. धारा 206(1) के अनुसार आवेदन किस उद्देश्य से किया जाएगा?
a. भूमि विक्रय के लिए
b. भूमि विभाजन के लिए
c. अपनी जोतों के समेकन के लिए
d. भू-राजस्व निर्धारण के लिए
43. धारा 206(1) के अनुसार आवेदन में कौन-से विवरण होंगे?
a. कलेक्टर द्वारा निर्धारित विवरण
b. ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित विवरण
c. धारा 221 के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित विवरण
d. न्यायालय द्वारा निर्धारित विवरण
44. धारा 206(2) के अनुसार समेकन की व्यवहार्यता की जांच का निर्देश कौन दे सकता है?
a. राज्य सरकार
b. कलेक्टर
c. तहसीलदार
d. उप-विभागीय अधिकारी
45. धारा 206(2) के अनुसार जांच कौन करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. आयुक्त
46. धारा 206(2) के अनुसार जांच किस उद्देश्य से की जाएगी?
a. भूमि का मूल्यांकन करने के लिए
b. किसी गांव में जोतों के समेकन की व्यवहार्यता की जांच के लिए
c. भू-राजस्व निर्धारित करने के लिए
d. सीमांकन करने के लिए
47. धारा 206(3) के अनुसार कब आवेदन ग्राम के सभी भूमिस्वामियों की ओर से किया गया माना जाएगा?
a. जब आधे भूमिस्वामी आवेदन करें
b. जब ग्राम पंचायत अनुमति दे
c. जब ग्राम के दो-तिहाई भूमिस्वामी समेकन के लिए आवेदन करें या जांच के दौरान सहमति दें
d. जब कलेक्टर आदेश दे
48. धारा 206(4) के अनुसार यदि उपधारा (3) के अंतर्गत समेकन योजना पुष्ट हो जाती है तो वह किन पर बाध्यकारी होगी?
a. केवल आवेदकों पर
b. केवल सहमति देने वालों पर
c. ग्राम के सभी भूमिस्वामियों तथा बाद में भूमि धारण या कब्जा करने के हकदार व्यक्तियों पर
d. केवल ग्राम पंचायत पर
49. धारा 206(5) के अनुसार अन्य मामलों में स्वीकृत समेकन योजना किन पर बाध्यकारी होगी?
a. केवल कलेक्टर पर
b. केवल ग्राम पंचायत पर
c. आवेदकों, सहमति देने वाले व्यक्तियों तथा बाद में योजना से प्रभावित भूमि धारण या कब्जा करने के हकदार व्यक्तियों पर
d. केवल समेकन अधिकारी पर
50. धारा 207 का विषय क्या है?
a. आवेदन की स्वीकृति
b. आवेदन की अस्वीकृति
c. समेकन योजना
d. भूमि का पुनर्वितरण
51. धारा 207(1) के अनुसार समेकन अधिकारी आवेदन किस स्थिति में कलेक्टर को भेज सकता है?
a. जब सभी आवेदक सहमत हों
b. जब आवेदन को अस्वीकार करने या किसी आवेदक के मामले को समेकन से बाहर करने का ठोस एवं पर्याप्त कारण हो
c. केवल राज्य सरकार के आदेश पर
d. केवल न्यायालय के निर्देश पर
52. धारा 207(1) के अनुसार समेकन अधिकारी आवेदन किसे भेजेगा?
a. तहसीलदार को
b. उप-विभागीय अधिकारी को
c. कलेक्टर को
d. आयुक्त को
53. धारा 207(1) के अनुसार समेकन अधिकारी आवेदन किस सिफारिश के साथ भेज सकता है?
a. आवेदन स्वीकार करने की सिफारिश के साथ
b. आवेदन को पूर्णतः या आंशिक रूप से अस्वीकार करने या कार्यवाही रद्द करने की सिफारिश के साथ
c. केवल पुनः जांच की सिफारिश के साथ
d. भूमि विभाजन की सिफारिश के साथ
54. धारा 207(1) के अनुसार आवेदन को अस्वीकार करने का प्रश्न कब उत्पन्न हो सकता है?
a. केवल आवेदन प्राप्त होने पर
b. केवल अंतिम सुनवाई के समय
c. आवेदन प्राप्त होने पर या कार्यवाही के किसी भी चरण में
d. केवल समेकन योजना बनने के बाद
55. धारा 207(2) के अनुसार सिफारिश प्राप्त होने पर कलेक्टर क्या कर सकता है?
a. केवल आवेदन वापस कर सकता है
b. सिफारिश स्वीकार कर तदनुसार आदेश पारित कर सकता है
c. केवल राज्य सरकार को भेज सकता है
d. केवल न्यायालय को संदर्भित कर सकता है
56. धारा 207(2) के अनुसार सिफारिश प्राप्त होने पर कलेक्टर अन्य कौन-सी कार्यवाही कर सकता है?
a. आवेदन निरस्त कर सकता है
b. पुनः आवेदन मंगा सकता है
c. आगे की जांच का आदेश दे सकता है
d. ग्राम सभा से राय मांग सकता है
57. धारा 208 का विषय क्या है?
a. आवेदन की अस्वीकृति
b. आवेदन की स्वीकृति
c. समेकन योजना
d. भूमि का पुनर्वितरण
58. धारा 208 के अनुसार आवेदन स्वीकार करने वाला अधिकारी कौन है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. उप-विभागीय अधिकारी
59. धारा 208 के अनुसार आवेदन स्वीकार होने पर समेकन अधिकारी क्या करेगा?
a. आवेदन राज्य सरकार को भेजेगा
b. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 में या इसके अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उस पर कार्रवाई करेगा
c. आवेदन निरस्त कर देगा
d. केवल सूचना जारी करेगा
60. धारा 208 के अनुसार आवेदन पर कार्रवाई किसके अनुसार की जाएगी?
a. कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार
b. ग्राम सभा के निर्णय के अनुसार
c. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 या इसके अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार
d. न्यायालय के आदेश के अनुसार
61. धारा 209 का विषय क्या है?
a. आवेदन की स्वीकृति
b. जोतों के समेकन के लिए योजना तैयार करना
c. समेकन कार्यवाही की समाप्ति
d. भूमि का पुनर्वितरण
62. धारा 209(1) के अनुसार समेकन की योजना कौन प्रस्तुत कर सकते हैं?
a. कलेक्टर
b. समेकन अधिकारी
c. धारा 206 के अंतर्गत आवेदन करने वाले भूमिस्वामी
d. ग्राम पंचायत
63. धारा 209(1) के अनुसार योजना किस आधार पर प्रस्तुत की जाएगी?
a. कलेक्टर के आदेश पर
b. राज्य सरकार की अनुमति से
c. आपसी सहमति से
d. न्यायालय के आदेश से
64. धारा 209(1) के अनुसार प्रस्तुत योजना की जांच कौन करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. उप-विभागीय अधिकारी
65. धारा 209(1) के अनुसार योजना की जांच किसके अनुसार की जाएगी?
a. कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार
b. धारा 221 के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित तरीके से
c. ग्राम पंचायत के निर्णय के अनुसार
d. न्यायालय के आदेश के अनुसार
66. धारा 209(1) के अनुसार समेकन अधिकारी आवश्यकता होने पर क्या कर सकता है?
a. आवेदन निरस्त कर सकता है
b. योजना में संशोधन कर सकता है
c. योजना रद्द कर सकता है
d. भूमि अधिग्रहित कर सकता है
67. धारा 209(2) के अनुसार यदि आवेदन के साथ योजना प्रस्तुत न की जाए तो योजना कौन तैयार करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. ग्राम पंचायत
68. धारा 209(2) के अनुसार योजना किसके अनुसार तैयार की जाएगी?
a. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार
b. धारा 221 के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित तरीके से
c. ग्राम सभा के निर्णय के अनुसार
d. न्यायालय के आदेश के अनुसार
69. धारा 209(3) के अनुसार मुआवजे का प्रावधान कब किया जा सकता है?
a. जब कोई भूमिस्वामी आवेदन वापस ले
b. जब पुनर्वितरण के परिणामस्वरूप किसी भूमिस्वामी को कम बाजार या उत्पादक मूल्य वाली भूमि आवंटित हो
c. जब भूमि का विक्रय हो
d. जब भू-राजस्व बढ़ाया जाए
70. धारा 209(3) के अनुसार मुआवजा किसे दिया जा सकता है?
a. सभी भूमिस्वामियों को
b. केवल कलेक्टर को
c. कम बाजार या उत्पादक मूल्य वाली भूमि प्राप्त करने वाले भूमिस्वामी को
d. ग्राम पंचायत को
71. धारा 209(3) के अनुसार मुआवजा किसके द्वारा दिया जाएगा?
a. राज्य सरकार द्वारा
b. कलेक्टर द्वारा
c. समेकन अधिकारी द्वारा निर्देशित व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा
d. ग्राम पंचायत द्वारा
72. धारा 209(4) के अनुसार समेकन योजना पूर्ण होने पर समेकन अधिकारी क्या करेगा?
a. योजना निरस्त कर देगा
b. आपत्तियों पर विचार कर उन्हें यथासंभव दूर करने के बाद योजना को पुष्टि हेतु कलेक्टर के पास भेजेगा
c. योजना सीधे लागू कर देगा
d. योजना राज्य सरकार को भेज देगा
73. धारा 209(4) के अनुसार योजना की पुष्टि कौन करेगा?
a. तहसीलदार
b. उप-विभागीय अधिकारी
c. कलेक्टर
d. आयुक्त
74. धारा 209(5) के अनुसार समेकन अधिकारी भूमिस्वामियों को आवंटित भूमि पर कब्जा कब लेने की अनुमति दे सकता है?
a. योजना तैयार होते ही
b. जब सभी प्रभावित भूमिस्वामी सहमत हों
c. केवल कलेक्टर के आदेश पर
d. केवल न्यायालय की अनुमति से
75. धारा 209(5) के अनुसार कब्जा किस तिथि से लेने की अनुमति दी जा सकती है?
a. आदेश की तिथि से
b. अगले राजस्व वर्ष से
c. योजना में उल्लिखित तिथि से
d. कलेक्टर द्वारा निर्धारित तिथि से
76. धारा 210 का विषय क्या है?
a. समेकन योजना का संशोधन
b. योजना की पुष्टि
c. समेकन कार्यवाही की समाप्ति
d. भूमि का पुनर्वितरण
77. धारा 210 के अनुसार समेकन योजना पर अंतिम निर्णय कौन करेगा?
a. समेकन अधिकारी
b. तहसीलदार
c. कलेक्टर
d. आयुक्त
78. धारा 210 के अनुसार कलेक्टर योजना पर निर्णय लेने से पहले किन बातों पर विचार करेगा?
a. केवल समेकन अधिकारी की रिपोर्ट पर
b. केवल भूमिस्वामियों के आवेदन पर
c. योजना पर प्राप्त आपत्तियों तथा समेकन अधिकारी की अनुशंसा पर
d. केवल ग्राम पंचायत की अनुशंसा पर
79. धारा 210 के अनुसार कलेक्टर योजना को किस प्रकार अनुमोदित कर सकता है?
a. केवल बिना संशोधन के
b. केवल संशोधन सहित
c. संशोधन सहित या बिना संशोधन के
d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से
80. धारा 210 के अनुसार कलेक्टर योजना के संबंध में कौन-कौन से आदेश पारित कर सकता है?
a. केवल योजना को अनुमोदित कर सकता है
b. केवल योजना को अस्वीकार कर सकता है
c. योजना को अनुमोदित कर सकता है या अनुमोदन से इनकार कर सकता है
d. केवल पुनः जांच का आदेश दे सकता है
81. धारा 210 के अनुसार कलेक्टर का निर्णय किसके अधीन अंतिम होगा?
a. राज्य सरकार के आदेश के अधीन
b. बोर्ड के आदेश के अधीन
c. धारा 50 के अंतर्गत आयुक्त द्वारा पुनरीक्षण में पारित आदेश के अधीन
d. उच्च न्यायालय के आदेश के अधीन
82. धारा 211 का विषय क्या है?
a. योजना की पुष्टि
b. पुष्टिकरण पर प्रक्रिया
c. भूमि का पुनर्वितरण
d. समेकन अधिकारी की नियुक्ति
83. धारा 211(1) के अनुसार समेकन योजना की पुष्टि होने पर आवश्यक होने पर जोतों की सीमाओं का सीमांकन कौन करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. आयुक्त
84. धारा 211(1) के अनुसार अंतिम रूप से लिए गए निर्णयों की घोषणा कौन करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. ग्राम पंचायत
85. धारा 211(1) के अनुसार समेकन योजना के अनुसार नया क्षेत्र मानचित्र कौन तैयार करवाएगा?
a. कलेक्टर
b. समेकन अधिकारी
c. तहसीलदार
d. भूमि अभिलेख आयुक्त
86. धारा 211(1) के अनुसार समेकन योजना के अनुसार अधिकार अभिलेख कौन तैयार करवाएगा?
a. कलेक्टर
b. समेकन अधिकारी
c. तहसीलदार
d. पटवारी
87. धारा 211(1) के अनुसार समेकन योजना के अनुसार धारा 114 के अंतर्गत अभिलेख कौन तैयार करवाएगा?
a. कलेक्टर
b. समेकन अधिकारी
c. उप-विभागीय अधिकारी
d. पटवारी
88. धारा 211(1) के अनुसार समेकन योजना के अनुसार निस्तार पत्रक कौन तैयार करवाएगा?
a. तहसीलदार
b. समेकन अधिकारी
c. कलेक्टर
d. ग्राम पंचायत
89. धारा 211(1) के अनुसार समेकन योजना के अनुसार वाजिब-उल-अर्ज़ तथा अन्य निर्धारित अभिलेख कौन तैयार करवाएगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. आयुक्त
90. धारा 211(2) के अनुसार उपधारा (1) के तहत तैयार किए गए नए अभिलेख किन अध्यायों के अंतर्गत तैयार किए गए माने जाएंगे?
a. अध्याय VIII या अध्याय X
b. अध्याय IX या अध्याय XVII, जैसा भी मामला हो
c. अध्याय XI या अध्याय XII
d. अध्याय XIII या अध्याय XIV
91. धारा 212 का विषय क्या है?
a. जोतों में भूमिस्वामी के अधिकारों का हस्तांतरण
b. भूमिस्वामी का जोतों पर कब्जे का अधिकार
c. समेकन योजना की पुष्टि
d. जोतों का सीमांकन
92. धारा 212 के अनुसार यह प्रावधान किन भूमिस्वामियों पर लागू होता है?
a. सभी भूमिस्वामियों पर
b. केवल सरकारी पट्टेदारों पर
c. समेकन योजना से प्रभावित भूमिस्वामियों पर
d. केवल सह-भूमिस्वामियों पर
93. धारा 212 के अनुसार किन भूमिस्वामियों को पुष्टि के बाद कब्जा प्राप्त करने का अधिकार होगा?
a. सभी भूमिस्वामियों को
b. केवल आवेदनकर्ताओं को
c. जिन्होंने धारा 209(5) के तहत पहले कब्जा प्राप्त नहीं किया है
d. केवल सहमति देने वाले भूमिस्वामियों को
94. धारा 212 के अनुसार भूमिस्वामी योजना के तहत आवंटित जोतों पर कब्जा कब से प्राप्त करने के हकदार होंगे?
a. योजना तैयार होते ही
b. पुष्टि के बाद अगले कृषि वर्ष के प्रारंभ से
c. आदेश की तिथि से
d. अगले राजस्व वर्ष से
95. धारा 212 के अनुसार यदि आवश्यक हो तो भूमिस्वामी को जोतों पर कब्जा कौन दिलाएगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. उप-विभागीय अधिकारी
96. धारा 212 के अनुसार समेकन अधिकारी किस माध्यम से कब्जा दिलाएगा?
a. नोटिस द्वारा
b. आदेश द्वारा
c. वारंट द्वारा
d. अधिसूचना द्वारा
97. धारा 212 के परंतुक के अनुसार यदि सभी भूमिस्वामी सहमत हों तो कब्जा कब से दिया जा सकता है?
a. अगले कृषि वर्ष से
b. पुष्टि के बाद किसी भी पूर्व तिथि से
c. केवल आदेश की तिथि से
d. अगले राजस्व वर्ष से
98. धारा 212 के परंतुक के अनुसार पूर्व तिथि से कब्जा कौन सौंप सकता है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. आयुक्त
99. धारा 213 का विषय क्या है?
a. भूमिस्वामी का जोतों पर कब्जे का अधिकार
b. जोतों में भूमिस्वामी के अधिकारों का हस्तांतरण
c. समेकन योजना की पुष्टि
d. भूमि का पुनर्वितरण
100. धारा 213(1) के अनुसार भूमिस्वामी के जोतों में अधिकार किस उद्देश्य से हस्तांतरणीय होंगे?
a. भूमि विक्रय के उद्देश्य से
b. समेकन योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से
c. भू-राजस्व निर्धारण के उद्देश्य से
d. सीमांकन के उद्देश्य से
101. धारा 213(1) के अनुसार भूमिस्वामी के अधिकार किन माध्यमों से हस्तांतरित किए जा सकते हैं?
a. केवल विक्रय द्वारा
b. केवल विनिमय द्वारा
c. विनिमय या अन्य किसी भी प्रकार से
d. केवल दान द्वारा
102. धारा 213(1) के अनुसार समेकन योजना हेतु किए गए हस्तांतरण पर कौन आपत्ति या हस्तक्षेप नहीं कर सकता?
a. कलेक्टर
b. राज्य सरकार
c. कोई भी व्यक्ति
d. तहसीलदार
103. धारा 213(1) के अनुसार यह प्रावधान किसके बावजूद लागू होगा?
a. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 के बावजूद
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के बावजूद
c. मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 में किसी भी बात के होते हुए भी
d. भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908 के बावजूद
104. धारा 213(2) के अनुसार राज्य सरकार की भूमि का हस्तांतरण कौन कर सकता है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. राज्य सरकार
105. धारा 213(2) के अनुसार राज्य सरकार की भूमि किन माध्यमों से हस्तांतरित की जा सकती है?
a. केवल विक्रय द्वारा
b. केवल विनिमय द्वारा
c. विनिमय या अन्य किसी भी माध्यम से
d. केवल पट्टे द्वारा
106. धारा 213(2) के अनुसार राज्य सरकार की भूमि का हस्तांतरण कब किया जा सकता है?
a. जब कलेक्टर अनुमति दे
b. जब राज्य सरकार आदेश दे
c. जब समेकन योजना को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक हो
d. जब सभी भूमिस्वामी सहमत हों
107. धारा 214 का विषय क्या है?
a. योजना को क्रियान्वित करने की लागत
b. हस्तांतरण को प्रभावी करने के लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं है
c. मुआवजे की वसूली
d. समेकन कार्यवाही का निलंबन
108. धारा 214 के अनुसार यह प्रावधान किसके बावजूद लागू होगा?
a. केवल मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता, 1959 के बावजूद
b. भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908 के बावजूद
c. उस समय लागू किसी भी कानून में किसी बात के होते हुए भी
d. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 के बावजूद
109. धारा 214(क) के अनुसार जोतों के समेकन की योजना को क्रियान्वित करने में शामिल हस्तांतरण के लिए क्या आवश्यक नहीं होगा?
a. कलेक्टर की अनुमति
b. न्यायालय का आदेश
c. कोई लिखित दस्तावेज
d. राजपत्र अधिसूचना
110. धारा 214(ख) के अनुसार यदि हस्तांतरण के लिए कोई दस्तावेज निष्पादित किया जाता है, तो क्या उसका पंजीकरण आवश्यक होगा?
a. हाँ
b. केवल कलेक्टर की अनुमति से
c. नहीं
d. केवल ₹100 से अधिक मूल्य होने पर
111. धारा 215 का विषय क्या है?
a. हस्तांतरण को प्रभावी करने के लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं है
b. योजना को क्रियान्वित करने की लागत
c. मुआवजे की वसूली
d. समेकन योजना की पुष्टि
112. धारा 215(1) के अनुसार योजना को क्रियान्वित करने की लागत किससे वसूल की जाएगी?
a. राज्य सरकार से
b. ग्राम पंचायत से
c. जोतों के समेकन की योजना से प्रभावित भूमिस्वामियों से
d. केवल आवेदकों से
113. धारा 215(1) के अनुसार योजना की लागत कौन वसूल करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. आयुक्त
114. धारा 215(1) के अनुसार योजना की लागत का आकलन किसके अनुसार किया जाएगा?
a. कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार
b. धारा 221 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार
c. ग्राम पंचायत के निर्णय के अनुसार
d. न्यायालय के आदेश के अनुसार
115. धारा 215(1) के अनुसार राज्य सरकार पर्याप्त कारण होने पर क्या निर्देश दे सकती है?
a. योजना निरस्त करने का
b. लागत की वसूली के संबंध में अन्यथा निर्देश दे सकती है
c. भूमि अधिग्रहण का
d. समेकन कार्यवाही रोकने का
116. धारा 215(2) के अनुसार योजना की लागत का बंटवारा कौन करेगा?
a. कलेक्टर
b. समेकन अधिकारी
c. तहसीलदार
d. उप-विभागीय अधिकारी
117. धारा 215(2) के अनुसार लागत का बंटवारा किस आधार पर किया जाएगा?
a. भूमि के बाजार मूल्य के अनुसार
b. योजना से प्रभावित जोतों के कब्जे वाले क्षेत्र के अनुसार
c. भूमिस्वामियों की आय के अनुसार
d. भू-राजस्व की दर के अनुसार
118. धारा 215(2) के अनुसार लागत का बंटवारा किनके बीच किया जाएगा?
a. सभी ग्रामवासियों के बीच
b. केवल आवेदकों के बीच
c. भुगतान करने के लिए उत्तरदायी भूमिस्वामियों के बीच
d. राज्य सरकार और भूमिस्वामियों के बीच
119. धारा 216 का विषय क्या है?
a. योजना की लागत
b. मुआवजे और लागत की वसूली
c. विभाजन कार्यवाही का निलंबन
d. योजना की पुष्टि
120. धारा 216 के अनुसार धारा 209(3) के अंतर्गत देय कौन-सी राशि भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जा सकती है?
a. भू-राजस्व
b. मुआवजे के रूप में देय राशि
c. स्टाम्प शुल्क
d. पंजीयन शुल्क
121. धारा 216 के अनुसार धारा 215 के अंतर्गत देय कौन-सी राशि भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जा सकती है?
a. जुर्माना
b. योजना की लागत के रूप में देय राशि
c. ब्याज
d. प्रीमियम
122. धारा 216 के अनुसार मुआवजे एवं लागत की राशि किस प्रकार वसूल की जा सकती है?
a. दीवानी वाद द्वारा
b. न्यायालय शुल्क के रूप में
c. भू-राजस्व के बकाया के रूप में
d. केवल स्वैच्छिक भुगतान द्वारा
123. धारा 217 का विषय क्या है?
a. मुआवजे और लागत की वसूली
b. समेकन कार्यवाही के दौरान विभाजन कार्यवाही का निलंबन
c. योजना की पुष्टि
d. समेकन अधिकारी की नियुक्ति
124. धारा 217 के अनुसार विभाजन कार्यवाही का निलंबन कब होगा?
a. आवेदन प्रस्तुत होने पर
b. जब धारा 208 के तहत जोतों के समेकन के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया गया हो
c. योजना की पुष्टि होने पर
d. कलेक्टर के आदेश पर
125. धारा 217 के अनुसार समेकन योजना को प्रभावित करने वाली कौन-सी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जाएगी?
a. नामांतरण की कार्यवाही
b. जोतों के विभाजन की कार्यवाही
c. सीमांकन की कार्यवाही
d. भू-राजस्व निर्धारण की कार्यवाही
126. धारा 217 के अनुसार समेकन कार्यवाही के दौरान लंबित विभाजन कार्यवाहियों का क्या होगा?
a. समाप्त कर दी जाएंगी
b. निरस्त कर दी जाएंगी
c. वे स्थगित रहेंगी
d. कलेक्टर को स्थानांतरित कर दी जाएंगी
127. धारा 217 के अनुसार लंबित विभाजन कार्यवाहियां कब तक स्थगित रहेंगी?
a. योजना की पुष्टि तक
b. अगले कृषि वर्ष तक
c. समेकन कार्यवाही के जारी रहने के दौरान
d. कलेक्टर के आदेश तक
128. धारा 218 का विषय क्या है?
a. समेकन के बाद भूमिस्वामी के अधिकार
b. कार्यवाही के दौरान संपत्ति का हस्तांतरण
c. भूमिस्वामी के दायित्व
d. समेकन योजना की लागत
129. धारा 218 के अनुसार यह प्रतिबंध कब लागू होता है?
a. आवेदन प्रस्तुत होने पर
b. जब जोतों के समेकन के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है
c. योजना की पुष्टि होने पर
d. कब्जा दिए जाने के बाद
130. धारा 218 के अनुसार प्रतिबंध किस अवधि तक लागू रहता है?
a. योजना की पुष्टि तक
b. अगले कृषि वर्ष तक
c. समेकन कार्यवाही के जारी रहने के दौरान
d. कलेक्टर के आदेश तक
131. धारा 218 के अनुसार यह प्रतिबंध किन भूमिस्वामियों पर लागू होता है?
a. सभी भूमिस्वामियों पर
b. केवल आवेदकों पर
c. जिन पर समेकन योजना बाध्यकारी होगी
d. केवल सहमति देने वाले भूमिस्वामियों पर
132. धारा 218 के अनुसार भूमिस्वामी अपनी मूल जोत या भूमि के किसी भाग का हस्तांतरण कब नहीं कर सकता?
a. आवेदन से पहले
b. योजना की पुष्टि के बाद
c. समेकन कार्यवाही के दौरान
d. अगले कृषि वर्ष के बाद
133. धारा 218 के अनुसार भूमिस्वामी अपनी भूमि के संबंध में अन्य व्यवहार कब नहीं कर सकता?
a. जब कलेक्टर अनुमति न दे
b. जब उससे समेकन योजना के अंतर्गत किसी अन्य भूमिस्वामी के अधिकार प्रभावित होते हों
c. जब भूमि पर बंधक हो
d. जब भूमि पर भू-राजस्व बकाया हो
134. धारा 218 के अनुसार हस्तांतरण या अन्य व्यवहार पर प्रतिबंध का उद्देश्य क्या है?
a. राज्य सरकार के हितों की रक्षा करना
b. भू-राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना
c. समेकन योजना के अंतर्गत अन्य भूमिस्वामी के अधिकारों की रक्षा करना
d. भूमि का बाजार मूल्य बढ़ाना
135. धारा 219 का विषय क्या है?
a. भूमिस्वामी के दायित्व
b. समेकन के बाद भूमिस्वामी के अधिकार पहले जैसे ही रहेंगे
c. कार्यवाही के दौरान संपत्ति का हस्तांतरण
d. समेकन योजना की पुष्टि
136. धारा 219 के अनुसार समेकन योजना के तहत आवंटित भूमि में भूमिस्वामी को कैसे अधिकार प्राप्त होंगे?
a. केवल सीमित अधिकार
b. केवल कब्जे का अधिकार
c. वही अधिकार जो उसे अपनी मूल जोत में प्राप्त थे
d. केवल राज्य सरकार द्वारा दिए गए अधिकार
137. धारा 219 के अनुसार समेकन योजना के बाद भूमिस्वामी के अधिकारों की स्थिति क्या होगी?
a. समाप्त हो जाएगी
b. सीमित हो जाएगी
c. उसके अधिकार पूर्ववत् बने रहेंगे
d. केवल कब्जे तक सीमित रहेंगे
138. धारा 219 के अनुसार भूमिस्वामी के मूल अधिकार किस भूमि के संबंध में सुरक्षित रहते हैं?
a. केवल मूल जोत के संबंध में
b. केवल अतिरिक्त आवंटित भूमि के संबंध में
c. समेकन योजना के तहत उसे आवंटित भूमि या जोत के संबंध में
d. केवल सरकारी भूमि के संबंध में
139. धारा 220 का विषय क्या है?
a. समेकन के बाद भूमिस्वामी के अधिकार
b. भूमिस्वामी के दायित्व
c. कार्यवाही के दौरान संपत्ति का हस्तांतरण
d. योजना की पुष्टि
140. धारा 220(1) के अनुसार यह प्रावधान किन जोतों पर लागू होता है?
a. केवल सरकारी जोतों पर
b. केवल निजी जोतों पर
c. समेकन योजना के अंतर्गत लाई गई जोतों पर
d. केवल पट्टे की भूमि पर
141. धारा 220(1) के अनुसार यदि जोत वैध पट्टे, बंधक या अन्य भार से भारित हो तो उसका क्या होगा?
a. वह समाप्त हो जाएगा
b. वह मूल जोत पर ही बना रहेगा
c. वह समेकन योजना के अंतर्गत आवंटित नई जोत या उसके भाग पर हस्तांतरित हो जाएगा
d. वह राज्य सरकार में निहित हो जाएगा
142. धारा 220(1) के अनुसार नई जोत या उसके भाग का निर्धारण कौन करेगा?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. उप-विभागीय अधिकारी
143. धारा 220(1) के अनुसार समेकन अधिकारी नई जोत या उसके भाग का निर्धारण किसके अधीन करेगा?
a. कलेक्टर के निर्देशों के अधीन
b. धारा 221 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अधीन
c. ग्राम पंचायत के निर्णय के अधीन
d. न्यायालय के आदेश के अधीन
144. धारा 220(1) के अनुसार पट्टा, बंधक या भार हस्तांतरित होने के बाद पट्टेदार, बंधकदार या भारधारक पुराने भू-भाग पर कोई अधिकार रखेगा?
a. हाँ
b. केवल न्यायालय की अनुमति से
c. नहीं
d. केवल बंधकदार अधिकार रखेगा
145. धारा 220(2) के अनुसार कब्जा दिलाने की शक्ति किसके पास है?
a. कलेक्टर
b. तहसीलदार
c. समेकन अधिकारी
d. आयुक्त
146. धारा 220(2) के अनुसार समेकन अधिकारी किन व्यक्तियों को कब्जा दिला सकता है?
a. केवल भूमिस्वामी को
b. केवल पट्टेदार को
c. पट्टेदार, बंधकदार या अन्य भारधारक, जो कब्जे के हकदार हों
d. केवल राज्य सरकार को
147. धारा 220(2) के अनुसार समेकन अधिकारी किस माध्यम से कब्जा दिलाएगा?
a. नोटिस द्वारा
b. आदेश द्वारा
c. वारंट द्वारा
d. अधिसूचना द्वारा
148. धारा 220(2) के अनुसार कब्जा किस जोत या उसके भाग का दिलाया जाएगा?
a. मूल जोत का
b. राज्य सरकार की भूमि का
c. जिस पर पट्टा, बंधक या अन्य भार धारा 220(1) के अंतर्गत हस्तांतरित किया गया हो
d. केवल विवादित भूमि का
149. धारा 221 का विषय क्या है?
a. समेकन योजना
b. नियम बनाने की शक्ति
c. भूमिस्वामी के दायित्व
d. जोत का विभाजन
150. धारा 221(1) के अनुसार अध्याय XVI के प्रावधानों को लागू करने के उद्देश्य से नियम कौन बना सकता है?
a. कलेक्टर
b. समेकन अधिकारी
c. राज्य सरकार
d. आयुक्त
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