भारतीय न्याय संहिता, 2023 Set -3

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

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1. धारा 31 के दृष्टांत के अनुसार, यदि एक शल्यचिकित्सक रोगी को उसकी मृत्यु होने की संभावना बताता है और उस सूचना से रोगी की मृत्यु हो जाती है, तो क्या शल्यचिकित्सक अपराधी होगा?

a. हाँ, हमेशा अपराधी होगा

b. नहीं, यदि सूचना रोगी के फायदे के लिए दी गई हो

c. हाँ, यदि सूचना सच हो

d. नहीं, यदि सूचना झूठी हो

 

2. धारा 31 के अनुसार, संसूचना किस प्रकार दी जानी चाहिए?

a. सद्भावपूर्वक और लाभ के उद्देश्य से

b. हानिकारक उद्देश्य से

c. अनजान लोगों को भ्रमित करने के लिए

d. बिना किसी उद्देश्य के

 

3.  धारा 31 के अनुसार, क्या सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना से हुई मृत्यु को अपराध माना जाएगा?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, जब तक कि वह लाभ के लिए दी गई हो

c. हाँ, यदि मृत्यु की संभावना हो

d. कभी नहीं

 

4. धारा 31 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. गलत सूचना देना

b. लाभ के लिए सही और सद्भावपूर्वक सूचना देना

c. किसी को डराना

d. अपराध करना

 

5. धारा 32 के अनुसार, कब कोई व्यक्ति किए गए कार्य के लिए दोषी नहीं होगा?

a. जब उसे धमकियों से विवश किया गया हो और उसे युक्तियुक्त रूप से आशंका हो कि अन्यथा उसकी तत्काल मृत्यु हो जाएगी

b. जब वह स्वेच्छा से अपराध करता हो

c. जब वह किसी को नुकसान पहुंचाना चाहे

d. हमेशा दोषी होगा

 

6. धारा 32 में कौन से अपराध इस अपवाद के अंतर्गत नहीं आते?

a. हत्या और मृत्यु से दंडनीय राज्य के विरुद्ध अपराध

b. चोरी के अपराध

c. धोखाधड़ी के अपराध

d. सभी अपराध

 

7. धारा 32 के अनुसार, कौन व्यक्ति इस अपवाद का लाभ नहीं उठा सकता?

a. जो स्वयं अपनी इच्छा से डाकुओं की टोली में शामिल हो गया हो

b. जो धमकियों से विवश हो

c. जो अपनी जान बचाने के लिए कार्य करता हो

d. जो मजबूरी में हो

 

8. धारा 32 के स्पष्टीकरण के अनुसार, कौन व्यक्ति इस अपवाद का लाभ उठा सकता है?

a. कोई व्यक्ति जिसे डाकुओं ने पकड़ कर तत्काल मृत्यु की धमकी दी हो और किसी अपराध को करने के लिए विवश किया हो

b. कोई व्यक्ति जो स्वयं अपराध करता है

c. कोई व्यक्ति जो जानबूझकर अपराध करता है

d. कोई व्यक्ति जो धमकियों से प्रभावित नहीं है

 

9. 'विधि तुच्छ बातों पर ध्यान नहीं देती' का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बन्धित है-

a. धारा 32

b. धारा 33

c. धारा 34

d. धारा 35

 

10. धारा 33 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब अपहानि इतनी तुच्छ हो कि मामूली समझ और स्वभाव वाला व्यक्ति उसकी शिकायत करे

b. जब अपहानि गंभीर हो

c. जब अपहानि जानबूझकर की गई हो

d. जब अपहानि की संभावना हो

 

11.  प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किसकी नैसर्गिक प्रवृत्ति पर आधारित है-

a. आत्मसम्मान

b. आत्मरक्षा

c. स्वावलंबन

d. आत्मनिर्भरता

 

12. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार-

a. रक्षा का अधिकार है

b. रक्षा का नहीं बल्कि बदले का अधिकार है

c. रक्षा के साथ-साथ बदले का भी अधिकार है

d. तो रक्षा और ही बदले का अधिकार है

 

13. भारतीय न्याय संहिता की धारा 34 स्पष्ट उल्लेख करती है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कुछ प्रतिबंधों के अधीन होता है जो उल्लिखित हैं-

a. भारतीय न्याय संहिता की धारा 35 में

b. भारतीय न्याय संहिता की धारा 36 में

c. भारतीय न्याय संहिता की धारा 37 में

d. भारतीय न्याय संहिता की धारा 38 में

 

14. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध है-

a. केवल व्यस्कों को

b. केवल वैध तरीके से अपराध करने में समर्थ लोगों को

c. केवल लोक सेवकों को

d. सभी को, चाहे उनकी आयु अथवा क्षमता कुछ भी हो

 

15. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है-

a. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार ऐसे कार्य के विरूद्ध भी उपलब्ध है जो संहिता के अंतर्गत अपराध हो

b. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का उपयोग गैरकानूनी आक्रमण के निरसन तथा जवाबी कार्यवाही हेतु भी किया जा सकता है

c. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार केवल स्वयं तथा अपनी संपत्ति की रक्षा लिए उपलब्ध होता है

d. शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक हो सकता है यदि इस आशय से किया गया हमला कि, किसी व्यक्ति का ऐसी परिस्थितियों में सदोष परिरोध किया जाये

 

16. धारा 34 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब वह प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार के प्रयोग में किया गया हो

b. जब वह जानबूझकर किया गया हो

c. जब वह किसी का नुकसान करे

d. जब वह बिना अनुमति किया गया हो

 

17. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग किसके खिलाफ किया जाता है?

a. स्वयं के विरुद्ध खतरे या अपराध के खिलाफ

b. बिना किसी कारण के

c. दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए

d. केवल संपत्ति की रक्षा के लिए

 

18. धारा 34 में प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस प्रकार की कार्रवाईयों को कवर करता है?

a. केवल शारीरिक हमले को

b. केवल संपत्ति की रक्षा को

c. किसी भी प्रकार की उचित बचाव कार्रवाई को

d. केवल पुलिस की कार्रवाई को

 

19. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग करने पर किया गया कार्य अपराध होगा या नहीं?

a. हमेशा अपराध होगा

b. कभी अपराध नहीं होगा

c. अपराध नहीं होगा जब तक वह उचित और आवश्यक हो

d. केवल संपत्ति की रक्षा में अपराध नहीं होगा

 

20. धारा 35 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को क्या अधिकार प्राप्त है?

a. केवल अपनी सम्पत्ति की रक्षा करने का अधिकार

b. केवल अपने शरीर की रक्षा करने का अधिकार

c. अपने और अन्य के शरीर और सम्पत्ति की प्रतिरक्षा करने का अधिकार

d. केवल पुलिस से सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार

 

21. धारा 35 के अनुसार, प्रतिरक्षा किस प्रकार की सम्पत्ति के लिए हो सकती है?

a. केवल अचल सम्पत्ति के लिए

b. केवल चालू सम्पत्ति के लिए

c. चालू और अचल दोनों प्रकार की सम्पत्ति के लिए

d. केवल धन के लिए

 

22. धारा 35 में उल्लिखित अधिकार किस धारा के अंतर्गत निर्बन्धों के अधीन है?

a. धारा 34

b. धारा 36

c. धारा 37

d. धारा 38

 

23. धारा 35 के अनुसार, प्रतिरक्षा करने का प्रयोजन क्या होना चाहिए?

a. केवल अपने फायदे के लिए

b. चोरी, लूट, रिश्वत या आपराधिक अतिचार को रोकने के लिए

c. बदला लेने के लिए

d. किसी भी गैरकानूनी उद्देश्य के लिए

 

24. धारा 36 के अनुसार, जब कोई व्यक्ति विकृतचित्त या मत्तता के कारण कोई अपराध नहीं करता, तब दूसरे व्यक्ति को क्या अधिकार प्राप्त होता है?

a. कोई अधिकार नहीं होता

b. केवल पुलिस की सहायता लेने का अधिकार होता है

c. उस कार्य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का वही अधिकार जो अपराध की दशा में होता

d. केवल कानूनी कार्रवाई का अधिकार

 

25. धारा 36 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस प्रकार के कार्यों के विरुद्ध लागू होता है?

a. केवल शारीरिक चोट पहुँचाने वाले कार्यों के विरुद्ध

b. विकृतचित्त, बालकपन या मत्तता के कारण किए गए कार्यों के विरुद्ध भी

c. केवल चोरी के विरुद्ध

d. केवल संपत्ति के विरुद्ध

 

26. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध नहीं है-

a. किसी पागल के विरूद्ध

b. किसी शिशु के विरूद्ध

c. जब लोक अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का समय उपलब्ध हो

d. उपरोक्त

 

27. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब नहीं होता?

a. जब कार्य किसी लोक सेवक द्वारा अपने पदाभास में किया जाता है, जिसमें मृत्यु या घोर उपहति की आशंका नहीं होती

b. जब कार्य चोरी का हो

c. जब कार्य व्यक्तिगत संपत्ति के विरुद्ध हो

d. जब कार्य एक आम व्यक्ति द्वारा किया गया हो

 

28. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस स्थिति में नहीं होता?

a. जब लोक सेवक के निदेश से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य हो, जिसमें मृत्यु या घोर उपहति की आशंका हो

b. जब कार्य किसी मानसिक विकृत व्यक्ति द्वारा किया गया हो

c. जब कार्य संपत्ति की चोरी हो

d. जब कार्य किसी अपरिपक्व बच्चे द्वारा किया गया हो

 

29. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किन मामलों में नहीं होता?

a. जब लोक प्राधिकरण की सहायता प्राप्त करने के लिए समय हो

b. जब तत्काल मृत्यु का खतरा हो

c. जब शारीरिक चोट की आशंका हो

d. जब संपत्ति की रक्षा के लिए किया गया कार्य हो

 

30. धारा 37 के स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब तक नहीं छिनता?

a. जब तक व्यक्ति यह जानता हो कि कार्य करने वाला लोक सेवक है

b. जब तक व्यक्ति को चोट पहुँची हो

c. जब तक व्यक्ति को आर्थिक नुकसान हुआ हो

d. जब तक कार्य विधि सम्मत हो

 

31. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार किस सीमा तक है?

a. जितनी अपहानि आवश्यक हो प्रतिरक्षा के प्रयोजन से

b. अधिकतम शारीरिक चोट तक

c. केवल संपत्ति की रक्षा तक

d. केवल लोक सेवक के विरुद्ध

 

32. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा में किसी की हत्या कर देने का प्रावधान है-

a. धारा 37

b. धारा 38

c. धारा 39

d. धारा 40

 

33. धारा 38 के तहत, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किन हमलों के खिलाफ लागू होता है?

a. ऐसे हमले जिनसे मृत्यु की युक्तियुक्त आशंका हो

b. ऐसे हमले जो केवल आर्थिक नुकसान करें

c. केवल verbal abuse (मौखिक अपमान)

d. केवल चोरी के मामलों में

 

34. निम्नलिखित में से किस मामले में शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार मौत कारित करने की अनुमति नहीं देता-

a. व्यपहरण करने की मंशा के साथ किया गया हमला

b. अप्राकृतिक यौन संतुष्टि हासिल करने की मंशा से किया गया हमला

c. सदोष अवरोध

d. अपहरण करने की मंशा के साथ किया गया हमला

 

35. धारा 38 में किस प्रकार के हमले प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार करते हैं?

a. बलात्कार के आशय से किया गया हमला

b. केवल हाथापाई

c. केवल संपत्ति का नुकसान

d. केवल बिना हिंसा के अपमान

 

36. धारा 38 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार निम्नलिखित में से किस पर लागू नहीं होता?

a. व्यपहरण या अपहरण करने के आशय से किया गया हमला

b. किसी व्यक्ति को डराने-धमकाने के लिए किया गया हल्का विवाद

c. अम्ल फेंकने या देने का कृत्य जिससे घोर उपहति की आशंका हो

d. ऐसे हमले जिनसे लोक प्राधिकारियों की सहायता प्राप्त करना संभव हो

 

37. धारा 38 में उल्लेखित है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार अम्ल फेंकने के किस प्रकार के कृत्य के खिलाफ लागू होता है?

a. अम्ल फेंकने या देने का कृत्य, जिससे घोर उपहति होने की युक्तियुक्त आशंका हो

b. केवल अम्ल फेंकने का प्रयास, बिना किसी चोट के

c. किसी की वस्तु पर अम्ल डालना

d. केवल verbal धमकी देना

 

38. धारा 39 के अनुसार, यदि अपराध धारा 38 में वर्णित नहीं है, तो प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस सीमा तक होता है?

a. हमलावर की मृत्यु तक

b. हमलावर द्वारा मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि स्वेच्छया कारित करने तक

c. केवल मामूली चोट तक

d. कोई अधिकार नहीं

 

39. धारा 40 के अनुसार, शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब प्रारम्भ होता है?

a. जब अपराध किया जाता है

b. जब अपराध के प्रयास या धमकी से शरीर के संकट की युक्तियुक्त आशंका उत्पन्न होती है

c. जब अपराधी पकड़ लिया जाता है

d. केवल जब शरीर को चोट पहुँचती है

 

40. धारा 41 के अनुसार, सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब तक विस्तारित होता है?

a. केवल मामूली चोट तक

b. दोषकर्ता की मृत्यु या अन्य अपहानि स्वेच्छया कारित करने तक

c. केवल चोरी को रोकने तक

d. केवल जब पुलिस नहीं आती

 

41. धारा 41 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किन परिस्थितियों में दोषकर्ता की मृत्यु तक विस्तारित हो सकता है?

a. जब अपराध लूट हो

b. जब अपराध केवल मामूली चोरी हो

c. जब अपराध यातायात नियम उल्लंघन हो

d. जब कोई अपराध हो

 

42. धारा 41 में उल्लिखित निम्नलिखित में से कौन सा अपराध सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु तक करने का कारण बनता है?

a. गृहभेदन सूर्यास्त के पश्चात् और सूर्योदय के पूर्व

b. सार्वजनिक जगह पर शोर करना

c. मामूली मारपीट

d. चालान भरना

 

43. धारा 41 के अनुसार, किस प्रकार के रिष्टि (हिंसा) के कारण प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार मृत्यु तक का विस्तार पा सकता है?

a. रिष्टि किसी ऐसे भवन, तम्बू या जलयान के विरुद्ध जो मानव आवास या सम्पत्ति की अभिरक्षा के लिए उपयोग होता है

b. केवल सार्वजनिक पार्क में रिष्टि

c. सिर्फ़ व्यक्तिगत झगड़े में रिष्टि

d. कोई भी रिष्टि

 

44. धारा 41 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब तक लागू नहीं होता?

a. जब अपराध की आशंका मृत्यु या घोर उपहति की हो

b. जब अपराध लूट या चोरी हो

c. जब अपराध गृहभेदन हो

d. जब अपराध विस्फोटक से किया गया हो

 

45. धारा 42 के अनुसार, यदि अपराध धारा 41 में वर्णित नहीं है, तो प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस सीमा तक होता है?

a. दोषकर्ता की स्वेच्छया मृत्यु तक

b. दोषकर्ता की मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि तक

c. किसी भी अपहानि तक नहीं

d. केवल verbal abuse तक

 

46. सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब प्रारम्भ होता है?

a. जब अपराधी पकड़ा जाता है

b. जब सम्पत्ति के संकट की युक्तियुक्त आशंका प्रारम्भ होती है

c. जब लोक प्राधिकारी आते हैं

d. जब चोरी हो जाती है

 

47. धारा 44 के अनुसार, घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार कब तक होता है?

a. जब तक कोई निर्दोष व्यक्ति घायल हो

b. जब तक निर्दोष व्यक्ति की अपहानि की जोखिम उठाने के बिना अधिकार का प्रभावी प्रयोग हो सके

c. केवल जब कोई घायल हो

d. बिना किसी जोखिम के

 

48. यदि किसी भीड़ पर हमला हो रहा हो और प्राइवेट प्रतिरक्षा के लिए गोली चलाना आवश्यक हो, पर उस भीड़ में निर्दोष शिशु हों, तो क्या होगा?

a. गोली चलाना अपराध होगा

b. गोली चलाना अपराध नहीं होगा यदि वह कार्यसाधक हो और जोखिम आवश्यक हो

c. किसी भी स्थिति में गोली नहीं चलानी चाहिए

d. निर्दोष शिशु की सुरक्षा प्राथमिक है

 

49. धारा 44 के दृष्टांत में ने भीड़ में मौजूद शिशु को अपहानि पहुंचा दी। क्या का कार्य अपराध होगा?

a. हाँ, क्योंकि निर्दोष को नुकसान पहुंचा

b. नहीं, क्योंकि यह प्राइवेट प्रतिरक्षा का वैध प्रयोग था और जोखिम आवश्यक था

c. हाँ, अगर शिशु घायल हो गए

d. नहीं, अगर पुलिस ने अनुमति दी हो

 

50. निम्नलिखित में से किस वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रेक्षित किया है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार के विरूद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार मौजूद नहीं होता?

a. पंजाब राज्य बनाम सोहन सिंह

b. सुरजीत सिंह बनाम पंजाब राज्य

c. उत्तर प्रदेश राज्य बनाम रामस्वरूप

d. एम.आर. सिंह बनाम गुजरात राज्य

 

51. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में "दुष्प्रेरण" का प्रावधान है-

a. धारा 44

b. धारा 45

c. धारा 46

d. धारा 47

 

52. निम्नलिखित में से क्या भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दुष्प्रेरण का एक साधन नहीं है-

a. प्रयास

b. उकसाना

c. सहायता

d. षड़यंत्र

 

53. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने हेतु उकसाता है, साशय सहायता करता है अथवा उसे संलिप्त करता है तो उसे क्या कहा जाता है-

a. ऐसे दूसरे व्यक्ति को दुष्प्रेरित करना

b. उस व्यक्ति के साथ षड़यंत्र करना

c. विधि विरुद्ध जमाव का सदस्य बनना

d. अपराध किए जाने की डिजाइन तैयार करना

 

54. किन अपराधों के दायित्व का निर्णय करने के दौरान आपराधिक विधि के अंतर्गत अपराध की निकटता का सिद्धांत सुसंगत होता है-

a. चोरी और लूट

b. आपराधिक मानववध एवं हत्या

c. अपहरण

d. उकसाने तथा षड़यंत्र

 

55. निम्नलिखित में से क्या आवश्यक तौर पर षडयंत्र द्वारा दुष्प्रेरण नहीं है-

a. दो अथवा अधिक व्यक्तियों के बीच षडयंत्र

b. षडयंत्र को पूरा किए जाने में कोई कार्य अथवा अवैध लोप अवश्य होना चाहिए

c. ऐसा कोई भी कार्य अथवा अवैध लोप षडयंत्र किए गए कार्य हेतु अवश्य किया गया होना चाहिए

d. दुष्प्रेरक द्वारा उस व्यक्ति के साथ अपराध में भागीदारी अवश्य की गई होनी चाहिए

 

56. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है-

a. दुष्प्रेरक का दायित्व मुख्य अपराधी के दायित्व पर आधारित है।

b. दुष्प्रेरक निर्दोष हो तो मुख्य अपराधी भी दोषी नहीं होगा

c. दुष्प्रेरक और मुख्य अपराधी अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग दोषी हो सकते हैं।

d. मुख्य अपराधी की यही आपराधिक मनःस्थिति होनी चाहिए जो दुष्प्रेरक की है।

 

57. दुष्प्रेरण के लिए-

a. यह आवश्यक है कि दुष्प्रेरित व्यक्ति विधि के अंतर्गत किसी अपराध को करने में सक्षम हो

b. यह आवश्यक है कि दुष्प्रेरित व्यक्ति की इच्छा भी उसी समान दोषयुक्त हो

c. यह आवश्यक नहीं है कि दुष्प्रेरित व्यक्ति विधि के अंतर्गत अपराध करने में सक्षम हो अथवा उसकी आशय वैसी ही दोषयुक्त हो

d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

 

58. ', '' को '' की हत्या करने के लिये उकसाता है '' वैसा करने से इंकार कर देता है, 'दोषी है-

a. आपराधिक षड़यंत्र का

b. हत्या के प्रयास हेतु दुष्प्रेरणा का

c. हत्या करने हेतु दुष्प्रेरण का

d. कोई अपराध नहीं

 

59. दुष्प्रेरक ऐसा व्यक्ति होता है जो-

a. अपराध करता है

b. अपराध करने हेतु उकसाता है

c. जिसके विरूद्ध अपराध किया गया हो

d. जो निर्दोष हो

 

60.  '' 'बी' को 'जेड' के लड़के का व्यपहरण करने के लिए उकसाता है। 'बी, 'सी' को ऐसा करने के लिए उकसाता है एवं 'सी' 'जेड' के लड़के का व्यपहरण कर लेता है तब-

a. सिर्फ 'बी' ही 'सी' को उकसाने का अपराधी है

b. सिर्फ '' ही उकसाने का अपराधी है।

c. '' और 'बी' दोनों ही उकसाने के अपराधी हैं

d. इनमें से कोई नहीं

 

61. धारा 45 के अनुसार, निम्न में से कौन-सा कृत्य "दुष्प्रेरण" माना जाता है?

a. किसी कार्य को चुपचाप देखना

b. किसी को कार्य करने से रोकना

c. किसी व्यक्ति को उस कार्य को करने के लिए उकसाना

d. कार्य करने के बाद सहायता देना

 

62. यदि कोई व्यक्ति षड्यंत्र करता है और उसके फलस्वरूप कोई कार्य घटित होता है, तो वह क्या कहलाएगा?

a. अपराधी नहीं

b. केवल साक्षी

c. दुष्प्रेरक

d. आरोपी नहीं

 

63. जानबूझकर मिथ्या निरूपण द्वारा किसी बात को करवाना क्या कहलाता है?

a. धोखाधड़ी

b. अपराध

c. दुष्प्रेरण

d. षड्यंत्र

 

64. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के कार्य को सुकर (आसान) बनाता है और उसके द्वारा वह कार्य हो जाता है, तो वह क्या कहा जाएगा?

a. साक्षी

b. उकसाने वाला

c. सहायक

d. निरीक्षक

 

65. , को यह झूठ बताता है कि ही वांछित अपराधी है, और से को पकड़वाता है। का यह कृत्य क्या है?

a. झूठा साक्ष्य देना

b. पुलिस कार्य में हस्तक्षेप

c. दुष्प्रेरण

d. अवैध गिरफ्तारी

 

66. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 45 की परिभाषा में "दुष्प्रेरण" नहीं मानी जाएगी?

a. जानबूझकर सहायता करना

b. कार्य के उद्देश्य से षड्यंत्र करना

c. कार्य के बारे में किसी को सच बताना

d. किसी को कार्य करने के लिए उकसाना

 

67. धारा 46 के अनुसार "दुष्प्रेरक" कौन होता है?

a. वह जो स्वयं अपराध करता है

b. वह जो अपराध को देखता है

c. वह जो अपराध के लिए उकसाता है या षड्यंत्र करता है या सहायता करता है

d. वह जो पुलिस को सूचना देता है

 

68. क्या दुष्प्रेरण का अपराध तभी माना जाएगा जब दुष्प्रेरित कार्य वास्तव में किया जाए?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल गंभीर अपराधों में

d. केवल यदि हानि हो

 

69. यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करने के लिए दुष्प्रेरित किया जाता है जो वह कानूनतः कर नहीं सकता (जैसे शिशु), तो दुष्प्रेरक का क्या दायित्व होता है?

a. कोई दायित्व नहीं

b. केवल चेतावनी मिलती है

c. वह वैसे ही दण्डनीय है जैसे वह कार्य स्वयं करता

d. वह निर्दोष माना जाएगा

 

70. यदि कोई व्यक्ति किसी और को अपराध का दुष्प्रेरण करने के लिए उकसाता है, तो क्या वह भी अपराधी है?

a. नहीं, जब तक वह स्वयं कार्य करे

b. केवल यदि वह जानता हो

c. हाँ, क्योंकि दुष्प्रेरण का दुष्प्रेरण भी अपराध है

d. नहीं, जब तक कोई हानि हो

 

371. यदि को हत्या करने के लिए उकसाता है, और इन्कार कर देता है, तो का क्या दायित्व है?

a. कोई नहीं

b. केवल मानसिक उत्पीड़न

c. हत्या के दुष्प्रेरण का दोषी

d. सिर्फ चेतावनी

 

72. क्या दुष्प्रेरण करने वाला व्यक्ति तब भी दोषी होगा यदि कार्य किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया हो जो विकृतचित्त या शिशु हो?

a. नहीं

b. केवल विकृतचित्त व्यक्ति पर निर्भर है

c. हाँ

d. केवल यदि हानि हुई हो

 

73.षड्यंत्र द्वारा दुष्प्रेरण के लिए क्या आवश्यक है?

a. अपराध स्वयं करना

b. पुलिस को सूचना देना

c. अपराध करने वाले के साथ योजना बनाना

d. उस षड्यंत्र में सम्मिलित होना जिसके अनुसरण में अपराध किया गया हो

 

74. धारा 47 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारत में रहते हुए किसी अन्य देश में अपराध करने के लिए किसी को उकसाता है, तो क्या वह दोषी माना जाएगा?

a. नहीं, क्योंकि अपराध भारत में नहीं हुआ

b. हाँ, यदि वह कार्य भारत में अपराध होता

c. केवल यदि वह विदेशी व्यक्ति हो

d. नहीं, जब तक वह कार्य वास्तव में हो

 

75. धारा 47 किस प्रकार के अपराधों को कवर करती है?

a. केवल भारत में किए गए अपराध

b. केवल विदेशों में किए गए अपराध

c. भारत में दुष्प्रेरण और विदेश में किए गए कार्य जो भारत में अपराध होते

d. केवल अंतर्राष्ट्रीय अपराध

 

76. निम्न में से कौन सा उदाहरण धारा 47 का सही दृष्टांत है?

a. भारत में किसी विदेशी को भारत में चोरी करने के लिए उकसाना

b. भारत में एक भारतीय को भारत में ही मारने के लिए उकसाना

c. भारत में कोई व्यक्ति किसी को विदेश में हत्या करने के लिए उकसाता है

d. विदेश में कोई व्यक्ति भारत में अपराध करता है

 

77. यदि भारत में 'ने '' को अमेरिका में हत्या करने के लिए उकसाया, तो किस आधार पर 'को सजा दी जा सकती है?

a. क्योंकि अमेरिका में अपराध हुआ

b. क्योंकि ने भारत लौटकर अपराध बताया

c. क्योंकि ने भारत में रहते हुए दुष्प्रेरण किया

d. कोई सजा नहीं हो सकती

 

78. धारा 48 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारत से बाहर रहकर भारत में अपराध करने के लिए किसी को उकसाता है, तो वह

a. केवल तभी दोषी होगा जब वह भारतीय नागरिक हो

b. दोषी नहीं माना जाएगा क्योंकि वह भारत में नहीं है

c. दुष्प्रेरण का दोषी होगा

d. केवल तभी दोषी होगा जब अपराध किया जाए

 

79.  धारा 49 के अनुसार, जब किसी अपराध का दुष्प्रेरण किया गया हो और वह अपराध दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया हो, परन्तु उस दुष्प्रेरण के लिए कोई स्पष्ट दण्ड नहीं हो, तो

a. दुष्प्रेरक को कोई दण्ड नहीं मिलेगा

b. दुष्प्रेरक को अपराधी से कम दण्ड मिलेगा

c. दुष्प्रेरक को उसी दण्ड से दण्डित किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है

d. न्यायालय स्वयं दण्ड निर्धारित करेगा

 

80. दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया कार्य कब माना जाता है?

a. जब दुष्प्रेरण के तुरंत बाद कार्य हो

b. जब कार्य दुष्प्रेरक की उपस्थिति में हो

c. जब कार्य उस उकसाहट, षड्यंत्र या सहायता के कारण किया गया हो

d. जब कार्य जानबूझकर किया गया हो

 

81. यदि और षड्यंत्र करते हैं कि को विष दिया जाए और , की अनुपस्थिति में को विष दे देता है जिससे की मृत्यु हो जाती है, तो

a. केवल दोषी है

b. कोई दोषी नहीं है

c. केवल षड्यंत्र का दोषी है, हत्या का नहीं

d. और दोनों दोषी हैं; हत्या के दुष्प्रेरण का और हत्या का दोषी है

 

82. धारा 50 के अनुसार, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति ने कार्य दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से किया हो, तो दुष्प्रेरक

a. दोषी नहीं होगा

b. उस अपराध के लिए दण्डनीय होगा, जो उसके आशय से किया गया होता

c. केवल दुष्प्रेरण का दोषी होगा

d. उस दण्ड से दण्डित होगा जो दुष्प्रेरित व्यक्ति के आशय से जुड़ा है

 

83. यदि को चोरी करने के लिए उकसाता है लेकिन लूट कर बैठता है, तो किस अपराध के लिए दण्डनीय होगा?

a. लूट के लिए

b. चोरी के लिए

c. कोई अपराध नहीं

d. केवल षड्यंत्र के लिए

 

84. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत दुष्प्रेरक का दायित्व, जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है का प्रावधान है -

a. धारा 50

b. धारा 51

c. धारा 52

d. धारा 53

 

85. यदि ने को का घर जलाने के लिए उकसाया, और ने चोरी भी की, तो का दायित्व क्या होगा?

a. केवल चोरी के लिए दण्डनीय है

b. दोनों अपराधों के लिए दण्डनीय है

c. केवल घर जलाने के लिए दण्डनीय है

d. निर्दोष है

 

86. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति का प्रावधान है -

a. धारा 51

b. धारा 52

c. धारा 53

d. धारा 54

 

87. धारा 54 के अनुसार, यदि दुष्प्रेरक अपराध किए जाने के समय अनुपस्थित होता है, तो उसे कैसे माना जाएगा?

a. केवल सह-आरोपी

b. दर्शक मात्र

c. ऐसा माना जायेगा की अपराध उसने भी किया है

d. दोषमुक्त

 

88. निम्नलिखित में से कौन सा वाद पोस्टमास्टर मामला कहा जाता  है?

a. के. एम. नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य

b. निहारेन्दु दत्ता बनाम किंग एम्परर

c. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर

d. केदार नाथ बनाम पश्चिम बंगाल राज्य

 

89. यदि कोई व्यक्ति मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध के दुष्प्रेरण में शामिल होता है, लेकिन अपराध नहीं होता, तो उसे किस प्रकार दण्डित किया जाएगा?

a. कोई दण्ड नहीं मिलेगा

b. अधिकतम 7 वर्ष तक कारावास और जुर्माना

c. आजीवन कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

90. यदि दुष्प्रेरण के कारण कोई व्यक्ति उपहति (गंभीर चोट) का शिकार होता है, तो दुष्प्रेरक को क्या दण्ड मिलेगा?

a. जुर्माना मात्र

b. अधिकतम 7 वर्ष तक कारावास

c. अधिकतम 14 वर्ष तक कारावास और जुर्माना

d. मृत्युदण्ड

 

91. यदि कोई व्यक्ति कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण करता है और अपराध नहीं होता, तो उसे अधिकतम कितनी अवधि तक कारावास दिया जा सकता है?

a. अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की पूरी अवधि तक

b. अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि का आधा

c. अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि का एक चौथाई

d. केवल जुर्माना

 

92. यदि दुष्प्रेरक एक लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य अपराध को निवारित करना है, तो दुष्प्रेरण के लिए उसे कितनी अधिकतम कारावास की सजा दी जा सकती है?

a. दीर्घतम अवधि का एक चौथाई

b. दीर्घतम अवधि का आधा

c. पूरी अवधि तक

d. कोई सजा नहीं

 

93. धारा 57 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, तो उसे किस प्रकार की सजा दी जा सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. सात वर्ष तक की कारावास या जुर्माना या दोनों

c. आजीवन कारावास

d. कोई सजा नहीं

 

94. धारा 58 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध के किए जाने की परिकल्पना को जान-बूझकर छिपाता है, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष तक की कैद हो सकती है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

95. यदि अपराध किया जाए, फिर भी किसी ने उस अपराध की परिकल्पना को छिपाया, तो धारा 58 के अनुसार दंड क्या होगा?

a. जुर्माना ही होगा

b. तीन वर्ष तक की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं

c. आजीवन कारावास

d. कोई दंड नहीं होगा

 

96. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत 'आपराधिक षड्यंत्र' की परिभाषा दी गई है-

a. धारा 61

b. धारा 62

c. धारा 63

d. धारा 64

 

97. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत आपराधिक षड्यंत्र का एक अपराध गठित करने हेतु किस शर्त की पूर्ति को साबित किया जाना आवश्यक होता है-

a. दो अथवा अधिक व्यक्तियों की एक पूर्व सभा अवश्य की गई होनी चाहिए

b. दो अथवा अधिक व्यक्तियों के बीच एक अवैध कार्य करने अथवा अवैध साधनों से कानूनी कार्य करने का समझौता अवश्य मौजूद होना चाहिए

c. एक व्यक्ति दो अथवा अधिक व्यक्तियों की सहायता से एक अवैध कार्य करता है

d. दो अथवा अधिक व्यक्ति दोषी मस्तिष्क के साथ अचानक के उकसावे पर एक अपराध करते हैं।

 

98. किसी समझौते को आपराधिक षड्यंत्र का नाम दिया जाता है यदि-

a. दो अथवा अधिक व्यक्ति किसी अवैध कार्य करने को सहमत होते हैं

b. ऐसे समझौते के अनुपालन में सभी पक्षों के द्वारा कोई अवैध कार्य किया जाता हैं

c. ऐसे समझौते के अनुपालन में न्यूनतम एक पक्ष द्वारा कोई अवैध कार्य किया जाता है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

99. निम्नलिखित में से किस वाद को लैमिंग्टन रोड शूटिंग षडयन्त्र वाद के नाम से जाना जाता है?

a. आर. बनाम ब्लेक एंड टाई

b. इन रे एन. रामारत्नम

c. एम्परर बनाम वैशम्पायन

d. मिर्जा अकबर बनाम किंग एम्परर

 

100. निम्नलिखित में से किसे नासिक षडयंत्र वाद के नाम से जाना जाता है?

a. विनायक दामोदर सावरकर का वाद

b. बाल गंगाधर तिलक का वाद

c. मधु लिमये का वाद

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

101. आपराधिक षड़यंत्र के लिए न्यूनतम कितने व्यक्तियों की आवश्यकता होती है-

a. सात

b. दो

c. पाँच

d. तीन

 

102. आपराधिक षड़यंत्र के अपराध का गठन करने हेतु क्या आवश्यक नहीं होता-

a. दो अथवा अधिक व्यक्ति

b. पाँच अथवा अधिक व्यक्ति अनुपालन

c. अवैध कार्य कारित करने का समझौता

d. यदि कार्य अपराध हो तो समझौते के कोई करना

 

103. जबकि दो या अधिक व्यक्ति कोई अवैध कार्य अथवा कोई ऐसा कार्य जो अवैध नहीं है, अवैध साधनों द्वारा करने या करवाने को सहमत होते हैं, तब ऐसी सहमति को-

a. एक आपराधिक षड़यंत्र कहा जाता है।

b. आपराधिक दुष्प्रेरण कहा जाता है।

c. आपराधिक षड़यंत्र तथा दुष्प्रेरण दोनों कहा जाता है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

104. ‘तथा '' '' के घर में चोरी करने को सहमत चोरी नहीं की जाती। वे दोषी हैं-

a. कोई अपराध नहीं

b. आपराधिक षड़यंत्र के

c. षड़यंत्र द्वारा दुष्प्रेरणा के

d. उकसावे द्वारा दुष्प्रेरणा के

 

105. 'तथा '' अगले दिन '' की हत्या की योजना बनाते हैं। वे दोषी हैं-

a. योजना बनाने के अपराध के

b. आपराधिक षड़यंत्र के अपराध के

c. हत्या के प्रयास के अपराध

d. किसी अपराध के नहीं

 

106. ''' से सहमत होता है कि वह परीक्षा में नकल कराने में '' की सहायता करेगा। यह कैसा कार्य है-

a. आपराधिक षड़यंत्र का

b. दुष्प्रेरण का

c. सामान्य मंशा का

d. सामान्य उद्देश्य का

 

107. "" और "" विष द्वारा "" की हत्या करने के लिये सहमत होते हैं और "" द्वारा विष लाया जाना था, जिसे "" नहीं लाया। "" और "" दोषी हैं-

a. दुष्प्रेरण द्वारा हत्या के षड्यंत्र के लिये

b. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 की सहायता से हत्या के प्रयत्न के लिये

c. किसी अपराध के लिये नहीं

d. "" की हत्या के आपराधिक षड्यंत्र के लिये

 

108. आपराधिक षड्यन्त्र कब उत्पन्न होता है?

a. जब दो या अधिक व्यक्ति किसी अवैध कार्य के लिए सहमत होते हैं।

b. जब कोई व्यक्ति अकेले अपराध करने का विचार करता है।

c. जब कोई व्यक्ति वैध कार्य करता है।

d. जब दो व्यक्ति कानूनी कार्य करते हैं।

 

109. यदि कोई व्यक्ति उन षड्यंत्रों में शामिल होता है जो मृत्यु, आजीवन कारावास या दो वर्ष से अधिक कठिन कारावास वाले अपराध से सम्बंधित होता है तो उसे अधिकतम कितना दंड मिल सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. तो वह उसी प्रकार दंडित किया जाएगा, मानो उसने ऐसे अपराध का दुष्प्रेरण किया था

c. जुर्माना मात्र

d. सात साल का कारावास

 

110. यदि कोई व्यक्ति उन षड्यंत्रों में शामिल होता है जो पूर्वोक्त दंडनीय अपराधों से भिन्न होते हैं, तो उसे अधिकतम कितना दंड मिल सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. जुर्माना मात्र

c. छह माह से अधिक कारावास नहीं, जुर्माना, या दोनों

d. सात साल का कारावास

 

111. निम्नलिखित में से किस अध्याय में महिला और बालक के विरुद्ध अपराधों के विषय में का प्रावधान दिया गया है 

a. अध्याय 4

b. अध्याय 5

c. अध्याय 6

d. अध्याय 7

 

112. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत बलात्संग की परिभाषा दी गई है-

a. धारा 61

b. धारा 62

c. धारा 63

d. धारा 64

 

113. धारा 63 के अनुसार बलात्संग किसके द्वारा किया जाता है?

a. कोई महिला अपनी इच्छा के विरुद्ध लैंगिक कृत्य करती है।

b. कोई पुरुष किसी महिला की योनि, मुंह, मूत्रमार्ग या गुदा में अपने लिंग का किसी भी सीमा तक प्रवेशन करता है।

c. कोई पुरुष किसी पुरुष की सहमति से लैंगिक कृत्य करता है।

d. कोई महिला अपने पति के साथ मैथुन करती है।

 

414. बलात्संग की कौन-सी परिस्थिति इस धारा के अंतर्गत आती है?

a. महिला की स्पष्ट और स्वैच्छिक सहमति से।

b. महिला की इच्छा के विरुद्ध या उसकी सम्मति के बिना।

c. पति-पत्नी के बीच सहमति से।

d. चिकित्सीय प्रक्रिया के दौरान।

 

115. निम्न में से कौन सा बलात्संग का अपवाद है?

a. पति-पत्नी का सहमति से मैथुन, जब पत्नी अठारह वर्ष से कम आयु की नहीं है।

b. किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया कृत्य।

c. किसी महिला की सम्मति से जब वह मत्तता के कारण असमर्थ हो।

d. किसी पुरुष द्वारा बिना महिला की सहमति के किया गया कृत्य।

 

116. निम्न में से कौन सी स्थिति बलात्संग नहीं मानी जाएगी?

a. महिला की सम्मति के बिना किया गया कोई भी लैंगिक कृत्य।

b. चिकित्सीय प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया अंतःप्रवेशन।

c. महिला की सम्मति से, जब वह किसी भय के कारण सहमत हुई हो।

d. महिला की इच्छा के विरुद्ध किया गया लैंगिक कृत्य।

 

117. धारा 63 के अनुसार, "सम्मति" का क्या अर्थ है?

a. केवल मौखिक सहमति।

b. महिला के द्वारा स्पष्ट, स्वैच्छिक सहमति, जो शब्दों, संकेतों या मौखिक/अमौखिक संसूचना द्वारा व्यक्त हो।

c. महिला का शारीरिक विरोध करना।

d. पति का सहमति देना।

 

118. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत बलात्संग के लिए दंड का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 61

b. धारा 62

c. धारा 63

d. धारा 64

 

119. धारा 64 के अनुसार, सामान्य बलात्संग के लिए दंड क्या है?

a. तीन वर्ष का कारावास और जुर्माना

b. दस वर्ष से कम का कठिन कारावास और जुर्माना

c. आजीवन कारावास बिना जुर्माने के

d. छः महीने का कारावास और जुर्माना

 

120. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत पुलिस अधिकारी होते हुए सीमाओं के भीतर, किसी भी थाने के परिसर में या पुलिस अधिकारी की अभिरक्षा में किसी महिला से बलात्संग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 64(2)

b. धारा 64(3)

c. धारा 64(4)

d. धारा 64(2-)

 

121. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत लोक सेवक की अभिरक्षा में बलात्संग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 64(3)

b. धारा 64(4)

c. धारा 64(2-)

d. धारा 64(2-)

 

122. धारा 65 के अनुसार, 16 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से बलात्संग करने पर न्यूनतम दंड क्या है?

a. 10 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना

b. 20 वर्ष से कम होने वाला कठोर कारावास और जुर्माना

c. 5 वर्ष का कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

123. 12 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से बलात्संग करने पर धारा 65 के अनुसार किस दंड का प्रावधान है?

a. आजीवन कारावास या मृत्युदंड, साथ में जुर्माना

b. 5 वर्ष का कारावास और जुर्माना

c. केवल आजीवन कारावास बिना जुर्माने के

d. 3 वर्ष का कारावास

 

124. धारा 65 के तहत, बलात्संग के जुर्माने की राशि किसके लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगी?

a. सरकारी कोष के लिए

b. आरोपी के लिए

c. पीड़िता के चिकित्सीय व्ययों और पुनर्वास के लिए

d. पुलिस विभाग के लिए

 

125. धारा 65 के अनुसार, बलात्संग के जुर्माने का संदाय किसे दिया जाएगा?

a. सरकार को

b. आरोपी को

c. पीड़िता को

d. पुलिस विभाग को

 

126. धारा 66 के अनुसार, यदि बलात्संग के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो जाती है तो आरोपी को किस दंड का प्रावधान है?

a. 5 वर्ष का कारावास

b. 10 वर्ष का कारावास

c. कम से कम 20 वर्ष का कठिन कारावास या आजीवन कारावास, या मृत्युदंड

d. केवल जुर्माना

 

127. धारा 66 के अनुसार, यदि बलात्संग के दौरान पीड़िता की दशा सतत् विकृतशील हो जाती है तो आरोपी को क्या दंड मिलेगा?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. जुर्माना

c. कम से कम 20 वर्ष का कठिन कारावास या आजीवन कारावास, या मृत्युदंड

d. केवल जुर्माना

 

128. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ पृथक्करण के दौरान मैथुन का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 64

b. धारा 65

c. धारा 66

d. धारा 67

 

129. धारा 67 के अनुसार, यदि पति अपनी पत्नी के साथ उसकी अनुमति के बिना मैथुन करता है, जबकि वे पृथक्करण की डिक्री के अधीन या पृथक् रह रहे हों, तो उसे किस दंड का प्रावधान है?

a. 6 महीने का कारावास

b. 2 वर्ष से कम लेकिन 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

c. केवल जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

130. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत प्राधिकार में किसी व्यक्ति द्वारा मैथुन का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 65

b. धारा 66

c. धारा 67

d. धारा 68

 

131. धारा 68 के अनुसार, प्राधिकार की स्थिति या वैश्वासिक संबंध का दुरुपयोग करके मैथुन के लिए उत्प्रेरित करने वाला व्यक्ति किस प्रकार दंडित होगा?

a. 1 से 3 वर्ष का कारावास और जुर्माना

b. 5 से 10 वर्ष का कठिन कारावास और जुर्माना

c. 10 से 15 वर्ष का कठिन कारावास और जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

132. निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति धारा 68 के तहत दंडनीय हो सकता है?

a. कोई सामान्य नागरिक जो महिला से मैथुन करता है

b. अस्पताल का कर्मचारी जो महिला की अभिरक्षा में रहते हुए मैथुन के लिए उत्प्रेरित करता है

c. पति जो अपनी पत्नी के साथ पृथक्करण के दौरान मैथुन करता है

d. कोई व्यक्ति जो अनजान महिला से बलात्कार करता है

 

133. धारा 68 के अनुसार, कौन सा स्थान इस धारा के अंतर्गत आता है?

a. कोई निजी घर

b. अस्पताल, कारागार या महिलाओं/शिशुओं की संस्था

c. कोई सार्वजनिक पार्क

d. कोई व्यावसायिक कार्यालय

 

134. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत प्रवंचनापूर्ण साधनों, आदि का प्रयोग करके मैथुन का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 69

b. धारा 70

c. धारा 71

d. धारा 72

 

135. धारा 69 के अंतर्गत दंड की अवधि क्या है?

a. 3 वर्ष

b. दस वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

136. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत सामूहिक बलात्संग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 69

b. धारा 70

c. धारा 71

d. धारा 72

 

137. यदि किसी महिला के साथ एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया जाता है, तो उन सभी व्यक्तियों को किस प्रकार की सजा दी जाएगी?

a. 7 वर्ष का कारावास

b. 10 वर्ष का कारावास

c. न्यूनतम 20 वर्ष का कठिन कारावास, अधिकतम आजीवन कारावास

d. 5 वर्ष का कारावास

 

138. सामूहिक बलात्कार के मामलों में पीड़िता को जुर्माने की राशि किस उद्देश्य से प्रदान की जाती है?

a. सरकारी सहायता हेतु

b. अभियुक्त की कानूनी सहायता हेतु

c. पीड़िता की चिकित्सीय व्ययों और पुनर्वास हेतु

d. पुलिस अनुसंधान के लिए

 

139. यदि पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम है, तो सामूहिक बलात्कार के अपराधियों को क्या दण्ड दिया जा सकता है?

a. केवल 10 वर्ष का कारावास

b. आजीवन कारावास या मृत्युदण्ड

c. जुर्माना मात्र

d. कोई दण्ड नहीं

 

140. क्या सामूहिक बलात्कार की स्थिति में सभी अभियुक्तों को समान रूप से दोषी माना जाएगा?

a. नहीं, केवल मुख्य अपराधी दोषी होगा

b. हां, समूह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति दोषी माना जाएगा

c. केवल दो लोग दोषी माने जाएंगे

d. न्यायालय निर्णय करेगा

 

141. धारा 70 के अनुसार, यदि सामूहिक बलात्कार में लगाए गए जुर्माने की वसूली होती है, तो इसका भुगतान किसे किया जाएगा?

a. सरकार को

b. आरोपी के परिवार को

c. पीड़िता को

d. अदालत को

 

142. धारा 71 किस प्रकार के अपराधियों से संबंधित है?

a. पहली बार अपराध करने वाले

b. मानसिक रूप से अस्वस्थ अपराधी

c. पुनरावृत्तिकर्ता (Repeat Offenders) अपराधी

d. नाबालिग अपराधी

 

143. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत कतिपय अपराधों आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरण का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 69

b. धारा 70

c. धारा 71

d. धारा 72

 

144. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत अनुज्ञा के बिना न्यायालय की कार्यवाहियों से संबंधित किसी मामले का मुद्रण या प्रकाशन करना का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 70

b. धारा 71

c. धारा 72

d. धारा 73

 

145. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 71

b. धारा 72

c. धारा 73

d. धारा 74

 

146. धारा 74 किस प्रकार की स्थिति से संबंधित है?

a. चोरी

b. हत्या

c. महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. जबरन निकाह

 

147. धारा 74 के अंतर्गत अपराधी को कितने समय का कारावास हो सकता है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष से 5 वर्ष तक और जुर्माना

d. 2 वर्ष

 

148. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत लैंगिक उत्पीड़न का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 73

b. धारा 74

c. धारा 75

d. धारा 76

 

149. धारा 75 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य लैंगिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है?

a. महिला से सामाजिक बातचीत

b. शारीरिक स्पर्श और अवांछनीय अग्रक्रियाएं

c. महिला को नौकरी का प्रस्ताव देना

d. सामान्य मजाक करना

 

150. यदि कोई पुरुष किसी महिला से लैंगिक स्वीकृति के लिए मांग या अनुरोध करता है, तो वह किस अपराध का दोषी होगा?

a. अवमानना

b. चोरी

c. लैंगिक उत्पीड़न

d. बलात्कार

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