Forest act 1927 MCQs Set-3

Download Android App    Download iOS App
Note: 1. Use ORG Code: XLVPGR For IOS and Web APP. 2. To Download the PDF it is necessary to download the App. 3. You can Use Only Sigle Device to access the Courses on App

Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

Download Forest act 1927 MCQs Set-3 PDF

Download Forest Act, 1927 MCQs Live Test-3

Download Forest Act, 1927 Practice Combo-3 (MCQ PDF + Live Test)  

Download Forest Act, 1927 Complete Practice Combo (All MCQ PDF + All Live Test)

1.  धारा 47(2) के अनुसार सिविल न्यायालय के आदेश की प्राप्ति लंबित रहने तक वन अधिकारी क्या कर सकता है?

a. इमारती लकड़ी बेच सकता है

b. इमारती लकड़ी को अपने कब्जे में रख सकता है

c. इमारती लकड़ी नष्ट कर सकता है

d. इमारती लकड़ी राज्य सरकार को भेज सकता है

 

2.  धारा 47(2) के अनुसार सिविल न्यायालय का आदेश किस विषय में होगा?

a. प्रतिकर के संबंध में

b. इमारती लकड़ी के व्ययन के संबंध में

c. दण्ड के संबंध में

d. स्वामित्व के पंजीकरण के संबंध में

 

3.  धारा 47(3) के अनुसार जिसका दावा खारिज कर दिया गया हो वह क्या कर सकता है?

a. पुनः वन अधिकारी के समक्ष दावा कर सकता है

b. अपने द्वारा दावाकृत इमारती लकड़ी का कब्जा वापस लेने के लिए वाद संस्थित कर सकता है

c. केवल राज्य सरकार को आवेदन दे सकता है

d. कोई कार्यवाही नहीं कर सकता

 

4.  धारा 47(3) के अनुसार कब्जा वापस लेने के लिए वाद किस अवधि के भीतर संस्थित किया जा सकता है?

a. एक मास के भीतर

b. दो मास के भीतर

c. तीन मास के भीतर

d. छह मास के भीतर

 

5.  धारा 47(3) के अनुसार कौन सरकार या वन अधिकारी से प्रतिकर या खर्चा वसूल नहीं कर सकता?

a. सफल दावेदार

b. वह व्यक्ति जिसका दावा खारिज हुआ हो या जो खारिजी, इमारती लकड़ी के रोके जाने, हटाए जाने या अन्य व्यक्ति को परिदान किए जाने के आधार पर दावा करे

c. वन अधिकारी

d. राज्य सरकार

 

6.  धारा 47(3) के अनुसार किन कारणों से सरकार या वन अधिकारी से प्रतिकर या खर्चा वसूल नहीं किया जा सकता?

a. केवल दावे की खारिजी के कारण

b. केवल इमारती लकड़ी के हटाए जाने के कारण

c. दावे की खारिजी, इमारती लकड़ी के रोक रखे जाने, हटाए जाने या अन्य व्यक्ति को परिदान किए जाने के कारण

d. केवल इमारती लकड़ी के परिदान के कारण

 

7.  धारा 47(4) के अनुसार कब तक ऐसी इमारती लकड़ी किसी सिविल, दण्ड या राजस्व न्यायालय की आदेशिका के अधीन नहीं होगी?

a. जब तक जांच पूरी न हो जाए

b. जब तक इमारती लकड़ी परिदत्त न कर दी जाए या धारा 47 के अनुसार कोई वाद संस्थित न किया जाए

c. केवल तीन मास तक

d. जब तक राज्य सरकार आदेश न दे

 

8.  धारा 47(4) के अनुसार किन न्यायालयों की आदेशिका ऐसी इमारती लकड़ी पर लागू नहीं होगी?

a. केवल सिविल न्यायालय की

b. केवल राजस्व न्यायालय की

c. सिविल, दण्ड या राजस्व न्यायालय की

d. केवल दण्ड न्यायालय की

 

9.  धारा 48 का विषय क्या है?

a. ऐसी इमारती लकड़ी पर किए गए दावे के बारे में प्रक्रिया

b. जिसका दावा नहीं किया गया उस इमारती लकड़ी का व्ययन

c. बहती हुई इमारती लकड़ी के दावेदारों को सूचना

d. वन-उपज का अभिवहन

 

10.  धारा 48 के अनुसार यदि दावे का कथन प्रस्तुत नहीं किया जाता तो इमारती लकड़ी का स्वामित्व किसमें निहित होगा?

a. वन अधिकारी में

b. सरकार में या धारा 47 के अधीन परिदत्त किए जाने की दशा में ऐसे व्यक्ति में

c. जिला कलेक्टर में

d. दावेदार में

 

11.  धारा 48 के अनुसार यदि दावेदार धारा 46 की सूचना द्वारा नियत रीति से या कालावधि के भीतर दावा करने का लोप करता है तो इमारती लकड़ी का स्वामित्व किसमें निहित होगा?

a. दावेदार में

b. वन अधिकारी में

c. सरकार में या धारा 47 के अधीन परिदत्त किए जाने की दशा में ऐसे व्यक्ति में

d. न्यायालय में

 

12.  धारा 48 के अनुसार यदि दावे के खारिज होने पर दावेदार धारा 47 द्वारा नियत अवधि के भीतर वाद संस्थित नहीं करता तो इमारती लकड़ी का स्वामित्व किसमें निहित होगा?

a. दावेदार में

b. सरकार में या धारा 47 के अधीन परिदत्त किए जाने की दशा में ऐसे व्यक्ति में

c. वन अधिकारी में

d. सिविल न्यायालय में

 

13.  धारा 48 के अनुसार धारा 47 द्वारा परिदत्त इमारती लकड़ी का स्वामित्व किसमें निहित होगा?

a. सरकार में

b. वन अधिकारी में

c. उस व्यक्ति में जिसे धारा 47 के अधीन इमारती लकड़ी परिदत्त की गई है

d. जिला कलेक्टर में

 

14.  धारा 48 के अनुसार सरकार या परिदत्त व्यक्ति में निहित स्वामित्व किस प्रकार के विल्लंगमों से मुक्त होगा?

a. केवल सरकारी विल्लंगमों से

b. उन सब विल्लंगमों से मुक्त होगा जिन्हें उसने सृष्ट नहीं किया है

c. केवल न्यायालय द्वारा सृजित विल्लंगमों से

d. किसी भी विल्लंगम से मुक्त नहीं होगा

 

15.  धारा 48 के अनुसार दावेदार द्वारा वाद किस धारा द्वारा नियत अपर कालावधि के भीतर संस्थित किया जाना आवश्यक है?

a. धारा 45

b. धारा 46

c. धारा 47

d. धारा 49

 

16.  धारा 49 का विषय क्या है?

a. जिसका दावा नहीं किया गया उस इमारती लकड़ी का व्ययन

b. ऐसी इमारती लकड़ी को हुए नुकसान के लिए सरकार और उसके अधिकारी उत्तरदायी नहीं होंगे

c. बहती हुई इमारती लकड़ी के दावेदारों को सूचना

d. वन-उपज के अभिवहन को विनियमित करने की शक्ति

 

17.  धारा 49 के अनुसार धारा 45 के अधीन संगृहीत इमारती लकड़ी को हुई हानि या नुकसान के लिए कौन उत्तरदायी नहीं होगा?

a. वन अधिकारी

b. सरकार

c. जिला कलेक्टर

d. डिपो प्रभारी

 

18.  धारा 49 के अनुसार धारा 45 के अधीन संगृहीत इमारती लकड़ी को हुई हानि या नुकसान के लिए वन अधिकारी सामान्यतः कब उत्तरदायी नहीं होगा?

a. प्रत्येक स्थिति में

b. केवल प्राकृतिक आपदा की स्थिति में

c. जब तक वह हानि या नुकसान उपेक्षा, विद्वेष या कपट से न करता हो

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

19.  धारा 49 के अनुसार वन अधिकारी कब हानि या नुकसान के लिए उत्तरदायी होगा?

a. प्रत्येक स्थिति में

b. केवल इमारती लकड़ी के नष्ट होने पर

c. जब वह हानि या नुकसान उपेक्षा, विद्वेष या कपट से करता है

d. केवल सरकार के आदेश पर

 

20.  धारा 49 के अनुसार वन अधिकारी की उत्तरदायित्व-मुक्ति का अपवाद क्या है?

a. प्राकृतिक आपदा

b. दुर्घटनावश हुई हानि

c. उपेक्षा, विद्वेष या कपट से की गई हानि या नुकसान

d. परिवहन में विलम्ब

 

21.  धारा 50 का विषय क्या है?

a. ऐसी इमारती लकड़ी को हुए नुकसान के लिए सरकार और उसके अधिकारी उत्तरदायी नहीं होंगे

b. इमारती लकड़ी के परिदान के पूर्व दावेदार द्वारा की जाने वाली अदायगी

c. जिसका दावा नहीं किया गया उस इमारती लकड़ी का व्ययन

d. बहती हुई इमारती लकड़ी के दावेदारों को सूचना

 

22.  धारा 50 के अनुसार दावेदार को इमारती लकड़ी का कब्जा प्राप्त करने से पूर्व क्या करना आवश्यक है?

a. केवल आवेदन प्रस्तुत करना

b. धारा 51 के अधीन बने नियमों के अधीन देय राशि का भुगतान करना

c. न्यायालय से अनुमति प्राप्त करना

d. वन अधिकारी को सूचना देना

 

23.  धारा 50 के अनुसार देय राशि किस धारा के अधीन बने नियमों के अनुसार देय होती है?

a. धारा 45

b. धारा 47

c. धारा 50

d. धारा 51

 

24.  धारा 50 के अनुसार देय राशि किसे चुकाई जाएगी?

a. केवल राज्य सरकार को

b. केवल जिला कलेक्टर को

c. वन अधिकारी या उस अन्य व्यक्ति को जो उसे प्राप्त करने का हकदार है

d. केवल न्यायालय को

 

25.  धारा 50 के अनुसार दावेदार कब तक संगृहीत या परिदत्त इमारती लकड़ी का कब्जा लेने का हकदार नहीं होगा?

a. जब तक न्यायालय अनुमति न दे

b. जब तक वह धारा 51 के अधीन देय राशि वन अधिकारी या उसे प्राप्त करने के हकदार अन्य व्यक्ति को अदा नहीं कर देता

c. जब तक राज्य सरकार अधिसूचना जारी न करे

d. जब तक तीन मास की अवधि पूरी न हो जाए

 

26.  धारा 51 का विषय क्या है?

a. इमारती लकड़ी के परिदान के पूर्व दावेदार द्वारा की जाने वाली अदायगी

b. नियम बनाने और शास्तियां विहित करने की शक्ति

c. वन-उपज के अभिवहन को विनियमित करने की शक्ति

d. बहती हुई इमारती लकड़ी के दावेदारों को सूचना

 

27.  धारा 51(1) के अनुसार इस धारा के अधीन नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. वन अधिकारी

d. जिला कलेक्टर

 

28.  धारा 51(1) के अनुसार राज्य सरकार नियम किस माध्यम से बनाएगी?

a. शासनादेश द्वारा

b. परिपत्र द्वारा

c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

d. न्यायालय के आदेश द्वारा

 

29.  धारा 51(1)(क) के अनुसार राज्य सरकार किन विषयों का विनियमन करने के लिए नियम बना सकेगी?

a. वन अपराधों के विचारण का

b. धारा 45 में वर्णित सब इमारती लकड़ी के उद्धारण, संग्रहण और व्ययन का

c. वन अधिकारियों की नियुक्ति का

d. वन भूमि के अर्जन का

 

30.  धारा 51(1)(ख) के अनुसार राज्य सरकार किन नावों के प्रयोग और रजिस्ट्रीकरण का विनियमन करने के लिए नियम बना सकेगी?

a. सभी जलयानों का

b. इमारती लकड़ी के उद्धारण और संग्रहण के लिए प्रयुक्त नावों का

c. मछली पकड़ने वाली नावों का

d. यात्री नावों का

 

31.  धारा 51(1)(ग) के अनुसार राज्य सरकार किन राशियों के संबंध में नियम बना सकेगी?

a. वन अधिकारियों के वेतन के संबंध में

b. इमारती लकड़ी के उद्धारण, संग्रहण, स्थानान्तरण, भण्डार में रखने या व्ययन के लिए दी जाने वाली राशियों के संबंध में

c. वन अपराधों के जुर्माने के संबंध में

d. भूमि अर्जन के प्रतिकर के संबंध में

 

32.  धारा 51(1)(घ) के अनुसार राज्य सरकार किन उपकरणों के प्रयोग और रजिस्ट्रीकरण का विनियमन करने के लिए नियम बना सकेगी?

a. वन अधिकारियों के शस्त्रों का

b. इमारती लकड़ी को चिह्नित करने के लिए प्रयोग में आने वाले हथौड़े और अन्य उपकरणों का

c. परिवहन वाहनों का

d. डिपो के उपकरणों का

 

33.  धारा 51(1क) के अनुसार राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम कब राज्य विधान-मंडल के समक्ष रखा जाएगा?

a. एक वर्ष के भीतर

b. छह मास के भीतर

c. बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र

d. अगले सत्र में

 

34.  धारा 51(1क) के अनुसार राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम किसके समक्ष रखा जाएगा?

a. संसद के समक्ष

b. उच्च न्यायालय के समक्ष

c. राज्य विधान-मंडल के समक्ष

d. राज्यपाल के समक्ष

 

35.  धारा 51(2) के अनुसार इस धारा के अधीन बने नियमों के उल्लंघन के लिए शास्तियां विहित करने की शक्ति किसके पास है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्य सरकार

c. वन अधिकारी

d. जिला कलेक्टर

 

36.  धारा 51(2) के अनुसार नियमों के उल्लंघन के लिए अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

a. तीन मास तक

b. छह मास तक

c. एक वर्ष तक

d. दो वर्ष तक

 

37.  धारा 51(2) के अनुसार नियमों के उल्लंघन के लिए अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

a. ₹250 तक

b. ₹500 तक

c. ₹1,000 तक

d. ₹5,000 तक

 

38.  धारा 52 का विषय क्या है?

a. नियम बनाने और शास्तियां विहित करने की शक्ति

b. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

c. इमारती लकड़ी का व्ययन

d. वन-उपज का अभिवहन

 

39.  धारा 52(1) के अनुसार वन-उपज का अभिग्रहण कब किया जा सकता है?

a. जब वन अधिकारी चाहे

b. जब यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी वन-उपज के संबंध में कोई वन विषयक अपराध किया गया है

c. केवल न्यायालय के आदेश पर

d. केवल शिकायत प्राप्त होने पर

 

40.  धारा 52(1) के अनुसार वन-उपज का अभिग्रहण कौन कर सकता है?

a. केवल वन अधिकारी

b. केवल पुलिस अधिकारी

c. वन अधिकारी या पुलिस अधिकारी

d. केवल मजिस्ट्रेट

 

41.  धारा 52(1) के अनुसार वन-उपज के साथ किन वस्तुओं का भी अभिग्रहण किया जा सकता है?

a. केवल औजारों का

b. केवल नावों का

c. सब औजारों, नावों, छकड़ों और पशुओं का, जिनका प्रयोग ऐसे अपराध के करने में हुआ है

d. केवल वाहनों का

 

42.  धारा 52(1) के अनुसार किन औजारों, नावों, छकड़ों और पशुओं का अभिग्रहण किया जा सकता है?

a. सभी औजारों, नावों, छकड़ों और पशुओं का

b. केवल सरकारी औजारों का

c. जिनका प्रयोग वन विषयक अपराध के करने में हुआ है

d. केवल वन विभाग के वाहनों का

 

43.  धारा 52(2) के अनुसार अभिग्रहण करने वाला प्रत्येक अधिकारी सम्पत्ति पर क्या करेगा?

a. उसे नीलाम करेगा

b. उसे न्यायालय भेज देगा

c. ऐसा चिह्न लगाएगा जिससे यह उपदर्शित हो कि सम्पत्ति का अभिग्रहण किया जा चुका है

d. उसका मूल्यांकन करेगा

 

44.  धारा 52(2) के अनुसार अभिग्रहण करने वाला अधिकारी अभिग्रहण की रिपोर्ट किसे भेजेगा?

a. राज्य सरकार को

b. वन संरक्षक को

c. उस अपराध का विचारण करने के लिए अधिकारिता रखने वाले मजिस्ट्रेट को

d. जिला कलेक्टर को

 

45.  धारा 52(2) के अनुसार अभिग्रहण की रिपोर्ट कब भेजी जाएगी?

a. सात दिन के भीतर

b. एक मास के भीतर

c. यथाशक्य शीघ्र

d. विचारण के पश्चात्

 

46.  धारा 52(2) के अनुसार अभिग्रहण की रिपोर्ट किस अपराध के संबंध में भेजी जाएगी?

a. किसी भी अपराध के संबंध में

b. उस अपराध के संबंध में जिसके कारण अभिग्रहण हुआ है

c. केवल संज्ञेय अपराध के संबंध में

d. केवल वन अधिकारी द्वारा निर्दिष्ट अपराध के संबंध में

 

47.  धारा 52 के परन्तुक के अनुसार मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेजने के स्थान पर कब पदीय वरिष्ठ को रिपोर्ट देना पर्याप्त होगा?

a. जब अपराधी ज्ञात हो

b. जब वन-उपज सरकार की सम्पत्ति हो और अपराधी अज्ञात हो

c. जब वन अधिकारी चाहे

d. जब न्यायालय आदेश दे

 

48.  धारा 52 के परन्तुक के अनुसार पदीय वरिष्ठ को रिपोर्ट किस विषय में दी जाएगी?

a. वन-उपज के मूल्य के बारे में

b. अपराधी के नाम के बारे में

c. परिस्थितियों के बारे में

d. न्यायालय की कार्यवाही के बारे में

 

49.  धारा 52 के परन्तुक के अनुसार पदीय वरिष्ठ को रिपोर्ट कब दी जाएगी?

a. सात दिन के भीतर

b. एक मास के भीतर

c. यथाशक्य शीघ्र

d. विचारण समाप्त होने के बाद

 

50.  धारा 53 का विषय क्या है?

a. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

b. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत सम्पत्ति को निर्मुक्त करने की शक्ति

c. वन अपराधों का विचारण

d. वन-उपज का अभिवहन

 

51.  धारा 53 के अनुसार धारा 52 के अधीन अभिगृहीत औजार, नावें, छकड़े या ढोर को निर्मुक्त करने की शक्ति किसके पास है?

a. मजिस्ट्रेट के पास

b. पुलिस अधिकारी के पास

c. रेंजर से अनिम्न पंक्ति वाले वन अधिकारी के पास

d. जिला कलेक्टर के पास

 

52.  धारा 53 के अनुसार कौन-सा वन अधिकारी सम्पत्ति को निर्मुक्त कर सकता है?

a. कोई भी वन अधिकारी

b. जिसने या जिसके अधीनस्थ ने धारा 52 के अधीन औजार, नावें, छकड़े या ढोर अभिगृहीत किए हैं

c. केवल प्रधान मुख्य वन संरक्षक

d. केवल वन रक्षक

 

53.  धारा 53 के अनुसार अभिगृहीत सम्पत्ति किन वस्तुओं से संबंधित है?

a. केवल औजार

b. केवल नावें

c. औजार, नावें, छकड़े और ढोर

d. केवल वन-उपज

 

54.  धारा 53 के अनुसार अभिगृहीत सम्पत्ति किसके द्वारा बन्धपत्र निष्पादित किए जाने पर निर्मुक्त की जा सकती है?

a. वन अधिकारी द्वारा

b. मजिस्ट्रेट द्वारा

c. उसके स्वामी द्वारा

d. पुलिस अधिकारी द्वारा

 

55.  धारा 53 के अनुसार बन्धपत्र में स्वामी क्या वचन देता है?

a. कि वह सम्पत्ति सरकार को सौंप देगा

b. कि अपेक्षा किए जाने पर वह निर्मुक्त की गई सम्पत्ति उस मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करेगा जिसे अपराध के विचारण की अधिकारिता प्राप्त है

c. कि वह भविष्य में अपराध नहीं करेगा

d. कि वह जुर्माना अदा करेगा

 

56.  धारा 53 के अनुसार निर्मुक्त सम्पत्ति किस मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी?

a. किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष

b. जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष

c. उस मजिस्ट्रेट के समक्ष जिसे उस अपराध के विचारण की अधिकारिता प्राप्त है जिसके कारण अभिग्रहण हुआ है

d. कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष

 

57.  धारा 53 के अनुसार निर्मुक्त सम्पत्ति कब प्रस्तुत की जाएगी?

a. सात दिन के भीतर

b. एक मास के भीतर

c. जब और जैसे ही उससे ऐसा करने की अपेक्षा की जाएगी

d. केवल न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद

 

58.  धारा 54 का विषय क्या है?

a. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत सम्पत्ति को निर्मुक्त करने की शक्ति

b. तदुपरि प्रक्रिया

c. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

d. वन अपराधों की शास्ति

 

59.  धारा 54 के अनुसार यह धारा किसकी रिपोर्ट की प्राप्ति पर लागू होती है?

a. धारा 45 की रिपोर्ट की प्राप्ति पर

b. धारा 46 की रिपोर्ट की प्राप्ति पर

c. धारा 52 के अधीन अभिग्रहण की रिपोर्ट की प्राप्ति पर

d. धारा 53 के अधीन बन्धपत्र की प्राप्ति पर

 

60.  धारा 54 के अनुसार रिपोर्ट की प्राप्ति पर मजिस्ट्रेट क्या करेगा?

a. केवल रिपोर्ट का अभिलेखीकरण करेगा

b. सब सुविधापूर्ण शीघ्रता से आवश्यक उपाय करेगा

c. रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज देगा

d. केवल वन अधिकारी को निर्देश देगा

 

61.  धारा 54 के अनुसार मजिस्ट्रेट किन उद्देश्यों के लिए आवश्यक उपाय करेगा?

a. केवल अपराधी की गिरफ्तारी के लिए

b. केवल विचारण के लिए

c. अपराधी की गिरफ्तारी, विचारण तथा सम्पत्ति के विधि के अनुसार व्ययन के लिए

d. केवल सम्पत्ति की नीलामी के लिए

 

62.  धारा 54 के अनुसार मजिस्ट्रेट को उपाय किस गति से करने होंगे?

a. यथासमय

b. यथाशीघ्र

c. सब सुविधापूर्ण शीघ्रता से

d. एक मास के भीतर

 

63.  धारा 55 का विषय क्या है?

a. तदुपरि प्रक्रिया

b. वन-उपज, औजार आदि कब अधिहरणीय होंगे

c. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

d. वन अपराधों का विचारण

 

64.  धारा 55(1) के अनुसार कौन-सी इमारती लकड़ी अधिहरणीय होगी?

a. सरकार की सभी इमारती लकड़ी

b. ऐसी इमारती लकड़ी, जो सरकार की सम्पत्ति नहीं है और जिसके विषय में वन अपराध किया गया है

c. सभी निजी इमारती लकड़ी

d. केवल आरक्षित वन की इमारती लकड़ी

 

65.  धारा 55(1) के अनुसार कौन-सी वन-उपज अधिहरणीय होगी?

a. सरकार की सभी वन-उपज

b. ऐसी वन-उपज, जो सरकार की सम्पत्ति नहीं है और जिसके विषय में वन अपराध किया गया है

c. सभी निजी वन-उपज

d. केवल संरक्षित वन की वन-उपज

 

66.  धारा 55(1) के अनुसार वन विषयक अपराध के करने में प्रयुक्त कौन-कौन सी वस्तुएँ अधिहरणीय होंगी?

a. केवल औजार

b. केवल नावें

c. सब औजार, नावें, छकड़े और पशु

d. केवल वाहन

 

67.  धारा 55(1) के अनुसार किन औजारों, नावों, छकड़ों और पशुओं का अधिहरण किया जाएगा?

a. सभी औजारों, नावों, छकड़ों और पशुओं का

b. केवल सरकारी औजारों का

c. जिनका प्रयोग वन विषयक अपराध करने में हुआ है

d. केवल वन विभाग की सम्पत्ति का

 

68.  धारा 55(2) के अनुसार अधिहरण किसके अतिरिक्त हो सकेगा?

a. केवल जुर्माने के अतिरिक्त

b. केवल कारावास के अतिरिक्त

c. ऐसे अपराध के लिए विहित किसी अन्य दण्ड के अतिरिक्त

d. प्रतिकर के अतिरिक्त

 

69.  धारा 55(2) के अनुसार क्या अधिहरण अन्य दण्ड का स्थान लेता है?

a. हाँ, सदैव

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. नहीं, अधिहरण ऐसे अपराध के लिए विहित अन्य दण्ड के अतिरिक्त होगा

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

70.  धारा 56 का विषय क्या है?

a. वन-उपज, औजार आदि कब अधिहरणीय होंगे

b. वन-अपराध के लिए हुए विचारण की समाप्ति पर, उस वन-उपज का व्ययन जिसके सम्बन्ध में यह अपराध हुआ है

c. तदुपरि प्रक्रिया

d. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

 

71.  धारा 56 के अनुसार यह धारा कब लागू होती है?

a. वन-अपराध के पंजीकरण के समय

b. वन-अपराध की जांच के समय

c. जब किसी वन विषयक अपराध का विचारण समाप्त हो जाता है

d. वन-उपज के अभिग्रहण के समय

 

72.  धारा 56 के अनुसार यदि वह वन-उपज सरकार की सम्पत्ति है तो उसका क्या किया जाएगा?

a. उसे नीलाम कर दिया जाएगा

b. उसे वन अधिकारी द्वारा अपने भारसाधन में ले लिया जाएगा

c. उसे न्यायालय के पास जमा किया जाएगा

d. उसे दावेदार को सौंप दिया जाएगा

 

73.  धारा 56 के अनुसार यदि वन-उपज का अधिहरण हो चुका है तो उसका क्या किया जाएगा?

a. उसे नष्ट कर दिया जाएगा

b. उसे वन अधिकारी द्वारा अपने भारसाधन में ले लिया जाएगा

c. उसे राज्य सरकार को भेज दिया जाएगा

d. उसे न्यायालय में रखा जाएगा

 

74.  धारा 56 के अनुसार सरकार की सम्पत्ति या अधिहृत वन-उपज को अपने भारसाधन में कौन लेगा?

a. मजिस्ट्रेट

b. जिला कलेक्टर

c. वन अधिकारी

d. पुलिस अधिकारी

 

75.  धारा 56 के अनुसार यदि वन-उपज न तो सरकार की सम्पत्ति हो और न ही उसका अधिहरण हुआ हो तो उसका व्ययन कैसे किया जाएगा?

a. वन अधिकारी के आदेशानुसार

b. राज्य सरकार के आदेशानुसार

c. न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट रीति से

d. दावेदार की इच्छा के अनुसार

 

76.  धारा 56 के अनुसार अन्य दशा में वन-उपज के व्ययन की रीति कौन निर्दिष्ट करेगा?

a. राज्य सरकार

b. वन अधिकारी

c. न्यायालय

d. पुलिस अधिकारी

 

77.  धारा 57 का विषय क्या है?

a. वन-अपराध के लिए हुए विचारण की समाप्ति पर वन-उपज का व्ययन

b. जब अपराधी अज्ञात है, या पाया न जा सके, तब प्रक्रिया

c. वन-उपज, औजार आदि कब अधिहरणीय होंगे

d. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

 

78.  धारा 57 के अनुसार यह धारा किन परिस्थितियों में लागू होती है?

a. जब अपराधी गिरफ्तार हो जाए

b. जब अपराधी अज्ञात हो या पाया न जा सके

c. जब अपराधी अपराध स्वीकार कर ले

d. जब वन-उपज सरकार की सम्पत्ति हो

 

79.  धारा 57 के अनुसार अधिहरण का आदेश देने से पूर्व मजिस्ट्रेट का किस निष्कर्ष पर पहुँचना आवश्यक है?

a. कि सम्पत्ति सरकार की है

b. कि कोई वन विषयक अपराध किया गया है

c. कि अभियुक्त दोष स्वीकार कर चुका है

d. कि वन अधिकारी की रिपोर्ट सही है

 

80.  धारा 57 के अनुसार मजिस्ट्रेट किस सम्पत्ति के अधिहरण का आदेश दे सकता है?

a. किसी भी सम्पत्ति का

b. केवल सरकारी सम्पत्ति का

c. उस सम्पत्ति का जिसके संबंध में अपराध हुआ है

d. केवल वन-भूमि का

 

81.  धारा 57 के अनुसार अधिहृत सम्पत्ति को अपने भारसाधन में कौन लेगा?

a. मजिस्ट्रेट

b. जिला कलेक्टर

c. वन अधिकारी

d. पुलिस अधिकारी

 

82.  धारा 57 के अनुसार मजिस्ट्रेट अधिहृत सम्पत्ति किसे दे सकता है?

a. राज्य सरकार को

b. वन अधिकारी को

c. उस व्यक्ति को जिसे वह उसका हकदार समझता है

d. पुलिस अधिकारी को

 

83.  धारा 57 के परन्तुक के अनुसार अधिहरण का आदेश कब तक नहीं दिया जाएगा?

a. जब तक तीन मास का अवसान न हो जाए

b. जब तक सम्पत्ति के अभिग्रहण की तारीख से एक मास का अवसान न हो जाए या दावेदार एवं उसके साक्ष्य की सुनवाई न हो जाए

c. जब तक वन अधिकारी अनुमति न दे

d. जब तक राज्य सरकार आदेश न दे

 

84.  धारा 57 के परन्तुक के अनुसार अधिहरण का आदेश देने से पूर्व किसकी सुनवाई आवश्यक है?

a. केवल वन अधिकारी की

b. केवल पुलिस अधिकारी की

c. सम्पत्ति पर अधिकार का दावा करने वाले व्यक्ति तथा उसके द्वारा दावे के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्य की

d. केवल मजिस्ट्रेट की

 

85.  धारा 57 के परन्तुक के अनुसार यदि सम्पत्ति पर किसी अधिकार का दावा किया गया हो तो किसके साक्ष्य की सुनवाई की जाएगी?

a. वन अधिकारी के साक्ष्य की

b. पुलिस अधिकारी के साक्ष्य की

c. दावेदार द्वारा अपने दावे के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्य की

d. केवल सरकारी साक्ष्य की

 

86.  धारा 57 के परन्तुक के अनुसार अभिग्रहण की तारीख से कितनी अवधि के अवसान से पूर्व अधिहरण का आदेश नहीं दिया जा सकता?

a. 15 दिन

b. एक मास

c. तीन मास

d. छह मास

 

87.  धारा 58 का विषय क्या है?

a. जब अपराधी अज्ञात है, या पाया न जा सके, तब प्रक्रिया

b. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत विनश्वर सम्पत्ति विषयक प्रक्रिया

c. वन-अपराध के लिए हुए विचारण की समाप्ति पर वन-उपज का व्ययन

d. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

 

88.  धारा 58 के अनुसार यह धारा किस सम्पत्ति पर लागू होती है?

a. सभी प्रकार की अभिगृहीत सम्पत्ति पर

b. केवल वन-उपज पर

c. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत और शीघ्र तथा प्रकृत्या क्षयशील सम्पत्ति पर

d. केवल सरकारी सम्पत्ति पर

 

89.  धारा 58 के अनुसार विनश्वर सम्पत्ति के विक्रय का निदेश कौन दे सकता है?

a. वन अधिकारी

b. पुलिस अधिकारी

c. मजिस्ट्रेट

d. जिला कलेक्टर

 

90.  धारा 58 के अनुसार मजिस्ट्रेट विनश्वर सम्पत्ति के विक्रय का निदेश किसके होते हुए भी दे सकता है?

a. दण्ड प्रक्रिया संहिता के होते हुए भी

b. राज्य सरकार के आदेश के होते हुए भी

c. भारतीय वन अधिनियम, 1927 में इसके पूर्व अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

d. न्यायालय की अनुमति के होते हुए भी

 

91.  धारा 58 के अनुसार विक्रय के पश्चात् आगमों (विक्रय-राशि) से मजिस्ट्रेट कैसे बरतेगा?

a. उन्हें राज्य सरकार को भेज देगा

b. उन्हें वन अधिकारी को सौंप देगा

c. जिस प्रकार वह ऐसी सम्पत्ति से बरतता यदि वह बेची न गई होती

d. उन्हें राजकोष में जमा कर देगा

 

92.  धारा 58 के अनुसार विक्रय-राशि (आगम) का व्यवहार किसके समान किया जाएगा?

a. सरकारी अनुदान के समान

b. जुर्माने की राशि के समान

c. मानो सम्पत्ति बेची न गई होती

d. न्यायालय शुल्क के समान

 

93.  धारा 59 का विषय क्या है?

a. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत विनश्वर सम्पत्ति विषयक प्रक्रिया

b. धारा 55, धारा 56 या धारा 57 के अधीन आदेशों की अपील

c. वन-उपज, औजार आदि कब अधिहरणीय होंगे

d. तदुपरि प्रक्रिया

 

94.  धारा 59 के अनुसार धारा 55, धारा 56 या धारा 57 के अधीन पारित आदेश के विरुद्ध अपील कौन कर सकता है?

a. केवल अभिग्रहण करने वाला अधिकारी

b. केवल अभिगृहीत सम्पत्ति का स्वामी

c. धारा 52 के अधीन अभिग्रहण करने वाला अधिकारी, उसका कोई पदीय वरिष्ठ या अभिगृहीत सम्पत्ति में हितबद्ध होने का दावा करने वाला कोई व्यक्ति

d. केवल राज्य सरकार

 

95.  धारा 59 के अनुसार अभिग्रहण करने वाले अधिकारी का कौन-सा वरिष्ठ अपील कर सकता है?

a. केवल जिला कलेक्टर

b. उसका कोई पदीय वरिष्ठ

c. केवल राज्य सरकार

d. केवल पुलिस अधीक्षक

 

96.  धारा 59 के अनुसार अभिगृहीत सम्पत्ति में हितबद्ध होने का दावा करने वाले व्यक्ति को किस अधिकार का प्रयोग प्राप्त है?

a. पुनरीक्षण का अधिकार

b. प्रतिकर का अधिकार

c. अपील करने का अधिकार

d. पुनर्विचार का अधिकार

 

97.  धारा 59 के अनुसार अपील किन आदेशों के विरुद्ध की जा सकती है?

a. केवल धारा 55 के अधीन पारित आदेशों के विरुद्ध

b. केवल धारा 56 के अधीन पारित आदेशों के विरुद्ध

c. धारा 55, धारा 56 या धारा 57 के अधीन पारित आदेशों के विरुद्ध

d. केवल धारा 57 के अधीन पारित आदेशों के विरुद्ध

 

98.  धारा 59 के अनुसार अपील किस अवधि के भीतर की जाएगी?

a. 15 दिन के भीतर

b. एक मास के भीतर

c. तीन मास के भीतर

d. छह मास के भीतर

 

99.  धारा 59 के अनुसार अपील किस न्यायालय में की जाएगी?

a. उच्च न्यायालय में

b. जिला न्यायालय में

c. उस न्यायालय में जिसमें ऐसे मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए आदेशों की अपील मामूली तौर से होती है

d. सर्वोच्च न्यायालय में

 

100.  धारा 59 के अनुसार अपील में पारित आदेश की प्रकृति क्या होगी?

a. अस्थायी होगा

b. पुनरीक्षण योग्य होगा

c. वह अन्तिम होगा

d. राज्य सरकार की स्वीकृति पर निर्भर होगा

 

101.  धारा 60 का विषय क्या है?

a. धारा 55, धारा 56 या धारा 57 के अधीन आदेशों की अपील

b. सम्पत्ति कब सरकार में निहित होगी

c. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत विनश्वर सम्पत्ति विषयक प्रक्रिया

d. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

 

102.  धारा 60 के अनुसार सम्पत्ति सरकार में कब निहित होगी?

a. जब सम्पत्ति का अभिग्रहण किया जाए

b. जब धारा 55 या धारा 57 के अधीन अधिहरण का आदेश पारित हो जाए और धारा 59 के अधीन अपील की अवधि बीत जाए तथा कोई अपील न की गई हो, या अपील में आदेश की पुष्टि कर दी गई हो

c. जब वन अधिकारी सम्पत्ति जब्त कर ले

d. जब न्यायालय विचारण प्रारम्भ करे

 

103.  धारा 60 के अनुसार अधिहरण का आदेश किन धाराओं के अधीन पारित किया जा सकता है?

a. धारा 52 या धारा 53 के अधीन

b. धारा 54 या धारा 55 के अधीन

c. धारा 55 या धारा 57 के अधीन

d. धारा 58 या धारा 59 के अधीन

 

104.  धारा 60 के अनुसार अपील की अवधि किस धारा द्वारा परिसीमित है?

a. धारा 57 द्वारा

b. धारा 58 द्वारा

c. धारा 59 द्वारा

d. धारा 60 द्वारा

 

105.  धारा 60 के अनुसार यदि अपील की अवधि बीत जाए और कोई अपील न की जाए तो सम्पत्ति किसमें निहित होगी?

a. वन अधिकारी में

b. न्यायालय में

c. सरकार में

d. दावेदार में

 

106.  धारा 60 के अनुसार यदि अपील न्यायालय अधिहरण के आदेश की पुष्टि कर दे तो सम्पत्ति किसमें निहित होगी?

a. अपीलकर्ता में

b. वन अधिकारी में

c. सरकार में

d. मजिस्ट्रेट में

 

107.  धारा 60 के अनुसार अपील न्यायालय सम्पत्ति के किस भाग के संबंध में आदेश की पुष्टि कर सकता है?

a. केवल सम्पूर्ण सम्पत्ति के संबंध में

b. केवल किसी प्रभाग के संबंध में

c. सम्पूर्ण सम्पत्ति या उसके किसी प्रभाग के संबंध में

d. केवल वन-उपज के संबंध में

 

108.  धारा 60 के अनुसार सरकार में निहित होने पर सम्पत्ति किस प्रकार निहित होगी?

a. सभी दावों के अधीन

b. न्यायालय की अनुमति के अधीन

c. सब विल्लंगमों से मुक्त होकर

d. वन अधिकारी के नियंत्रण में

 

109.  धारा 60 के अनुसार यदि अपील न्यायालय सम्पत्ति के किसी प्रभाग के संबंध में आदेश की पुष्टि करे तो क्या सरकार में निहित होगा?

a. केवल सम्पूर्ण सम्पत्ति

b. केवल वन-उपज

c. सम्पत्ति का वह प्रभाग सब विल्लंगमों से मुक्त होकर सरकार में निहित होगा

d. केवल औजार

 

110.  धारा 61 का विषय क्या है?

a. सम्पत्ति कब सरकार में निहित होगी

b. अभिगृहीत सम्पत्ति को निर्मुक्त करने की शक्ति की व्यावृत्ति

c. धारा 55, धारा 56 या धारा 57 के अधीन आदेशों की अपील

d. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत विनश्वर सम्पत्ति विषयक प्रक्रिया

 

111.  धारा 61 के अनुसार यह धारा किस सम्पत्ति पर लागू होती है?

a. धारा 45 के अधीन संगृहीत सम्पत्ति पर

b. धारा 52 के अधीन अभिगृहीत सम्पत्ति पर

c. धारा 55 के अधीन अधिहृत सम्पत्ति पर

d. केवल वन-उपज पर

 

112.  धारा 61 के अनुसार धारा 52 के अधीन अभिगृहीत सम्पत्ति को तुरन्त निर्मुक्त करने का निदेश देने की शक्ति किसके पास है?

a. मजिस्ट्रेट के पास

b. वन अधिकारी के पास

c. राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त सशक्त अधिकारी के पास

d. जिला कलेक्टर के पास

 

113.  धारा 61 के अनुसार भारतीय वन अधिनियम, 1927 में पूर्व अन्तर्विष्ट कोई बात किसे निवारित नहीं करेगी?

a. मजिस्ट्रेट को अधिहरण का आदेश देने से

b. वन अधिकारी को सम्पत्ति जब्त करने से

c. राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त सशक्त अधिकारी को धारा 52 के अधीन अभिगृहीत सम्पत्ति को तुरन्त निर्मुक्त करने का निदेश देने से

d. न्यायालय को अपील सुनने से

 

114.  धारा 61 के अनुसार अभिगृहीत सम्पत्ति को कब निर्मुक्त करने का निदेश दिया जा सकता है?

a. एक मास के बाद

b. विचारण समाप्त होने के बाद

c. अपील के बाद

d. तुरन्त

 

115.  धारा 62 का विषय क्या है?

a. अभिगृहीत सम्पत्ति को निर्मुक्त करने की शक्ति की व्यावृत्ति

b. दोषपूर्ण अभिग्रहण के लिए दण्ड

c. सम्पत्ति कब सरकार में निहित होगी

d. अधिहरणीय सम्पत्ति का अभिग्रहण

 

116.  धारा 62 के अनुसार दोषपूर्ण अभिग्रहण का अपराध कौन कर सकता है?

a. केवल वन अधिकारी

b. केवल पुलिस अधिकारी

c. वन अधिकारी या पुलिस अधिकारी

d. कोई भी लोक सेवक

 

117.  धारा 62 के अनुसार दोषपूर्ण अभिग्रहण कब माना जाएगा?

a. जब सम्पत्ति का विधिपूर्वक अभिग्रहण किया जाए

b. जब वन अधिकारी या पुलिस अधिकारी तंग करने के लिए और अनावश्यक रूप से इस बहाने किसी सम्पत्ति का अभिग्रहण करे कि वह भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अधीन अधिहरणीय है

c. जब न्यायालय के आदेश से सम्पत्ति का अभिग्रहण किया जाए

d. जब सरकार की सम्पत्ति का अभिग्रहण किया जाए

 

118.  धारा 62 के अनुसार दोषपूर्ण अभिग्रहण का आधार क्या है?

a. सम्पत्ति का सरकारी होना

b. यह बहाना कि अभिगृहीत सम्पत्ति भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अधीन अधिहरणीय है

c. न्यायालय का आदेश

d. दावेदार की शिकायत

 

119.  धारा 62 के अनुसार दोषपूर्ण अभिग्रहण के लिए अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

a. तीन मास तक का

b. छह मास तक का

c. एक वर्ष तक का

d. दो वर्ष तक का

 

120.  धारा 62 के अनुसार दोषपूर्ण अभिग्रहण के लिए अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

a. ₹250 तक

b. ₹500 तक

c. ₹1,000 तक

d. ₹5,000 तक

 

121.  धारा 63 का विषय क्या है?

a. दोषपूर्ण अभिग्रहण के लिए दण्ड

b. वृक्षों और इमारती लकड़ी पर चिह्नों के कूटकरण करने और उन्हें विरूपित करने तथा सीमा चिह्नों को बदलने के लिए शास्ति

c. अभिगृहीत सम्पत्ति को निर्मुक्त करने की शक्ति की व्यावृत्ति

d. सम्पत्ति कब सरकार में निहित होगी

 

122.  धारा 63 के अनुसार यह अपराध किस आशय से किया जाना आवश्यक है?

a. केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए

b. लोक या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति पहुँचाने या भारतीय दण्ड संहिता (भारतीय न्याय संहिता, 2023) में यथापरिभाषित सदोष लाभ के आशय से

c. केवल सरकारी आदेश पर

d. केवल व्यापारिक प्रयोजन से

 

123.  धारा 63 के अनुसार सदोष लाभ किस अधिनियम में परिभाषित है?

a. भारतीय साक्ष्य अधिनियम

b. भारतीय वन अधिनियम, 1927

c. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (भारतीय न्याय संहिता, 2023) में

d. दण्ड प्रक्रिया संहिता

 

124.  धारा 63(क) के अनुसार कौन-सा चिह्न कूटकरण करना अपराध है?

a. किसी भी निजी चिह्न का

b. ऐसा चिह्न जिसे वन अधिकारी यह उपदर्शित करने के लिए प्रयोग करते हैं कि इमारती लकड़ी या वृक्ष सरकार या किसी व्यक्ति की सम्पत्ति है अथवा उसे विधिपूर्वक काटा या हटाया जा सकता है

c. केवल सरकारी मोहर का

d. केवल सीमा-चिह्न का

 

125.  धारा 63(क) के अनुसार चिह्न का कूटकरण किन पर किया जाना अपराध है?

a. केवल इमारती लकड़ी पर

b. केवल खड़े वृक्ष पर

c. इमारती लकड़ी या खड़े वृक्ष पर

d. केवल वन-भूमि पर

 

126.  धारा 63(क) के अनुसार वन अधिकारी द्वारा प्रयुक्त चिह्न क्या उपदर्शित करता है?

a. कि वृक्ष काटने योग्य नहीं है

b. कि इमारती लकड़ी या वृक्ष सरकार या किसी व्यक्ति की सम्पत्ति है अथवा उसे किसी व्यक्ति द्वारा विधितः काटा या हटाया जा सकेगा

c. कि वन आरक्षित है

d. कि वन संरक्षित है

 

127.  धारा 63(ख) के अनुसार किसी वन अधिकारी के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन लगाए गए चिह्न के संबंध में कौन-कौन से कार्य अपराध हैं?

a. केवल चिह्न बदलना

b. केवल चिह्न मिटाना

c. चिह्न को बदलना, विरूपित करना या मिटाना

d. केवल चिह्न देखना

 

128.  धारा 63(ख) के अनुसार चिह्न किसके प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन लगाया गया होना चाहिए?

a. राज्य सरकार के

b. जिला कलेक्टर के

c. वन अधिकारी के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन

d. पुलिस अधिकारी के

 

129.  धारा 63(ग) के अनुसार किस सीमा-चिह्न के संबंध में छेड़छाड़ करना अपराध है?

a. किसी भी निजी भूमि के सीमा-चिह्न के संबंध में

b. किसी वन या बंजर भूमि के, जिस पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 के उपबंध लागू होते हैं, सीमा-चिह्न के संबंध में

c. केवल आरक्षित वन के सीमा-चिह्न के संबंध में

d. केवल संरक्षित वन के सीमा-चिह्न के संबंध में

 

130.  धारा 63(ग) के अनुसार सीमा-चिह्न के संबंध में कौन-कौन से कार्य अपराध हैं?

a. केवल सीमा-चिह्न बदलना

b. केवल सीमा-चिह्न नष्ट करना

c. सीमा-चिह्न को बदलना, सरकाना, नष्ट करना या विरूपित करना

d. केवल सीमा-चिह्न हटाना

 

131.  धारा 63 के अनुसार इस धारा के अपराध के लिए अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

a. छह मास तक का

b. एक वर्ष तक का

c. दो वर्ष तक का

d. तीन वर्ष तक का

 

132.  धारा 64 का विषय क्या है?

a. वृक्षों और इमारती लकड़ी पर चिह्नों के कूटकरण करने और उन्हें विरूपित करने तथा सीमा चिह्नों को बदलने के लिए शास्ति

b. वारंट के बिना गिरफ्तार करने की शक्ति

c. दोषपूर्ण अभिग्रहण के लिए दण्ड

d. सम्पत्ति कब सरकार में निहित होगी

 

133.  धारा 64(1) के अनुसार वारंट के बिना किसे गिरफ्तार किया जा सकता है?

a. किसी भी वन अधिकारी को

b. ऐसे व्यक्ति को जिसके विरुद्ध यह युक्तियुक्त संदेह हो कि वह एक मास या उससे अधिक के कारावास से दण्डनीय वन विषयक अपराध से सम्पृक्त है

c. केवल अभियुक्त को जिसके विरुद्ध न्यायालय ने आदेश दिया हो

d. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को

 

134.  धारा 64(1) के अनुसार वारंट के बिना गिरफ्तारी कौन कर सकता है?

a. केवल मजिस्ट्रेट

b. केवल पुलिस अधिकारी

c. वन अधिकारी या पुलिस अधिकारी

d. केवल वन रक्षक

 

135.  धारा 64(1) के अनुसार वारंट के बिना गिरफ्तारी किसके आदेश के बिना की जा सकती है?

a. राज्य सरकार के आदेश के बिना

b. वन अधिकारी के आदेश के बिना

c. किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना

d. जिला कलेक्टर के आदेश के बिना

 

136.  धारा 64(1) के अनुसार वारंट के बिना गिरफ्तारी किन अपराधों के लिए की जा सकती है?

a. सभी वन अपराधों के लिए

b. केवल जुर्माने से दण्डनीय अपराधों के लिए

c. ऐसे वन विषयक अपराध के लिए जो एक मास या उससे अधिक के कारावास से दण्डनीय हो

d. केवल आरक्षित वन से संबंधित अपराधों के लिए

 

137.  धारा 64(2) के अनुसार गिरफ्तारी करने वाला अधिकारी गिरफ्तार व्यक्ति के साथ क्या करेगा?

a. उसे तुरन्त छोड़ देगा

b. उसे अनावश्यक विलम्ब के बिना अधिकारिता प्राप्त मजिस्ट्रेट के समक्ष या निकटतम पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी के पास ले जाएगा या भेजेगा

c. उसे वन विभाग के कार्यालय में रखेगा

d. उसे राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा

 

138.  धारा 64(2) के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को किस मजिस्ट्रेट के समक्ष ले जाया या भेजा जाएगा?

a. किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष

b. जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष

c. ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष जिसे इस मामले में अधिकारिता प्राप्त है

d. कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष

 

139.  धारा 64(2) के अनुसार यदि मजिस्ट्रेट के समक्ष न ले जाया जाए तो गिरफ्तार व्यक्ति को कहाँ ले जाया या भेजा जाएगा?

a. वन अधिकारी के कार्यालय में

b. राज्य सरकार के समक्ष

c. निकटतम पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी के पास

d. जिला कलेक्टर के कार्यालय में

 

140.  धारा 64(2) के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को ले जाने या भेजने की प्रक्रिया किसके अधीन होगी?

a. भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अधीन

b. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अधीन

c. बन्धपत्र पर निर्मुक्त करने संबंधी अधिनियम के उपबंधों के अधीन

d. राज्य सरकार के नियमों के अधीन

 

141.  धारा 64(2) के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को कब ले जाया या भेजा जाएगा?

a. 24 घंटे के भीतर

b. सात दिन के भीतर

c. बिना किसी अनावश्यक विलम्ब के

d. एक मास के भीतर

 

142.  धारा 64(3) के अनुसार इस धारा के अधीन गिरफ्तारी की शक्ति किन अपराधों पर लागू नहीं होती?

a. अध्याय 3 के अधीन अपराधों पर

b. अध्याय 4 के अधीन अपराधों पर

c. अध्याय 5 के अधीन अपराधों पर

d. सभी वन अपराधों पर

 

143.  धारा 64(3) के अनुसार अध्याय 4 के अधीन अपराध के लिए गिरफ्तारी कब की जा सकती है?

a. जब राज्य सरकार आदेश दे

b. जब धारा 30 के खण्ड (ग) के अधीन ऐसा कार्य प्रतिषिद्ध कर दिया गया हो

c. जब वन अधिकारी चाहे

d. जब मजिस्ट्रेट वारंट जारी करे

 

144.  धारा 65 का विषय क्या है?

a. वारंट के बिना गिरफ्तार करने की शक्ति

b. किसी गिरफ्तार व्यक्ति को बन्धपत्र पर निर्मुक्त करने की शक्ति

c. दोषपूर्ण अभिग्रहण के लिए दण्ड

d. सम्पत्ति कब सरकार में निहित होगी

 

145.  धारा 65 के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को बन्धपत्र पर निर्मुक्त करने की शक्ति किसके पास है?

a. मजिस्ट्रेट के पास

b. पुलिस अधिकारी के पास

c. रेंजर से अनिम्न पंक्ति के वन अधिकारी के पास

d. जिला कलेक्टर के पास

 

146.  धारा 65 के अनुसार कौन-सा वन अधिकारी गिरफ्तार व्यक्ति को निर्मुक्त कर सकता है?

a. कोई भी वन अधिकारी

b. जिसने या जिसके अधीनस्थ ने धारा 64 के अधीन किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है

c. केवल प्रधान मुख्य वन संरक्षक

d. केवल वन रक्षक

 

147.  धारा 65 के अनुसार गिरफ्तारी किस धारा के उपबंधों के अधीन की गई होनी चाहिए?

a. धारा 62 के अधीन

b. धारा 63 के अधीन

c. धारा 64 के उपबंधों के अधीन

d. धारा 66 के अधीन

 

148.  धारा 65 के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को किसके निष्पादित किए जाने पर निर्मुक्त किया जा सकता है?

a. प्रतिज्ञापत्र निष्पादित किए जाने पर

b. शपथपत्र निष्पादित किए जाने पर

c. उसके द्वारा बन्धपत्र निष्पादित किए जाने पर

d. अनुबंध निष्पादित किए जाने पर

 

149.  धारा 65 के अनुसार बन्धपत्र में गिरफ्तार व्यक्ति क्या वचन देता है?

a. कि वह भविष्य में अपराध नहीं करेगा

b. कि अपेक्षा किए जाने पर वह मामले के बारे में अधिकारिता प्राप्त मजिस्ट्रेट के समक्ष या निकटतम पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी के समक्ष उपसंजात हो जाएगा

c. कि वह जुर्माना अदा करेगा

d. कि वह वन अधिकारी के समक्ष प्रतिदिन उपस्थित होगा

 

150.  धारा 65 के अनुसार बन्धपत्र के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति किसके समक्ष उपसंजात होगा?

a. केवल जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष

b. केवल वन अधिकारी के समक्ष

c. मामले के बारे में अधिकारिता प्राप्त मजिस्ट्रेट या निकटतम पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी के समक्ष

d. केवल राज्य सरकार के समक्ष

 Download Forest act 1927 MCQs Set-3 PDF