भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 MCQs Set-6

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

 

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1. दोषी होने के अभिवाक पर दोषसिद्धि किस धारा से सम्बंधित है?

यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक् करता है, तो मजिस्ट्रेट क्या करेगा?

a. उसे तुरंत गिरफ्तार करेगा

b. अभिवाक् को लेखबद्ध करेगा और उसके आधार पर दोषसिद्ध करेगा

c. मामले को उच्च न्यायालय भेजेगा

d. अभियुक्त को उन्मोचित कर देगा

 

2. छोटे मामलों में अभियुक्त की अनुपस्थिति में दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 276 

b. धारा 278

c. धारा 280

d. धारा 282

 

3. यदि परिवादी नियत दिन या बाद की सुनवाई के दिन हाजिर नहीं होता है, तो मजिस्ट्रेट अभियुक्त के साथ क्या कर सकता है?

a. अभियुक्त को दोषसिद्ध कर देगा

b. परिवादी को तीस दिन का समय देने के बाद अभियुक्त को दोषमुक्त कर देगा

c. मामले को रद्द कर देगा

d. परिवादी को जुर्माना लगाएगा

 

4. परिवाद को वापस लेना किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 276 

b. धारा 278

c. धारा 280

d. धारा 282

 

5. मजिस्ट्रेट कब परिवाद वापस लेने की अनुज्ञा दे सकता है?

a. अभियुक्त की मांग पर

b. अंतिम आदेश पारित होने से पहले जब उसे पर्याप्त आधार लगे कि परिवाद वापस लिया जाना चाहिए

c. अभियोजन की अनुमति के बिना

d. केवल परिवादी की मृत्यु होने पर

 

6. यदि मजिस्ट्रेट परिवाद वापस लेने की अनुमति देता है तो क्या कार्रवाई करेगा?

a. अभियुक्त को दोषसिद्ध करेगा

b. मामला वापस कर देगा

c. अभियुक्त को दोषमुक्त कर देगा

d. परिवादी को जुर्माना लगाएगा

 

7. कतिपय मामलों में कार्यवाही रोक देने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?

a. धारा 279

b. धारा 281

c. धारा 280

d. धारा 282

 

8. धारा 281 के अंतर्गत कार्यवाही रोकने की अनुमति किसे हो सकती है?

a. कोई भी मजिस्ट्रेट बिना मंजूरी के

b. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व मंजूरी से कोई अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

c. केवल उच्च न्यायालय

d. पुलिस अधिकारी

 

9. मुख्य साक्षियों के साक्ष्य अभिलेखित होने के बाद यदि कार्यवाही रोकी जाती है तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है?

a. मामला लंबित रख सकता है

b. दोषमुक्ति का निर्णय सुना सकता है

c. अभियुक्त को सजा दे सकता है

d. अभियोजन को नया मौका दे सकता है

 

10. धारा 282 के अनुसार, मजिस्ट्रेट कब समन-मामले को वारण्ट मामले में परिवर्तित कर सकता है, जब अपराध-

a. तीन महीने से अधिक कारावास का दंडनीय हो

b. छह माह से अधिक कारावास का दंडनीय हो और न्याय के हित में ऐसा लगे

c. जब अभियुक्त दोषी हो

d. जब परिवादी उपस्थित न हो

 

11. धारा 283 किससे सम्बन्धित है?

a. संक्षिप्त विचारण करने की शक्ति

b. परिवादी का हाजिर न होना या उसकी मृत्यु

c. कतिपय मामलों में कार्यवाही रोक देने की शक्ति

d. परिवाद को वापस लेना

 

12. धारा 283 के अनुसार, कौन-कौन से मजिस्ट्रेट संक्षिप्त विचारण कर सकते हैं?

a. कोई भी मजिस्ट्रेट

b. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

c. द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट

d. केवल उच्च न्यायालय

 

13. संक्षिप्त विचारण के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा अपराध शामिल है?

a. हत्या

b. चोरी जहां संपत्ति का मूल्य 20,000 रुपए से अधिक नहीं है

c. आतंकवाद

d. यौन अपराध

 

14. संक्षिप्त विचारण के दौरान मजिस्ट्रेट को क्या करना चाहिए यदि उसे लगता है कि मामला संक्षिप्त विचारण के लिए उपयुक्त नहीं है?

a. मामला खारिज कर दे

b. साक्षियों को पुनः बुलाकर मामले की पुनः सुनवाई करे

c. दोषी को तुरंत सजा दे

d. अभियुक्त को दोषमुक्त कर दे

 

15. संक्षिप्त विचारण के अंतर्गत किस प्रकार के अपराधों का विचारण किया जा सकता है?

a. ऐसे अपराध जो मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय हैं

b. ऐसे अपराध जो तीन वर्ष से अधिक कारावास के लिए दंडनीय नहीं हैं

c. सभी गंभीर अपराध

d. केवल गैर-संज्ञेय अपराध

 

16. धारा 283 के तहत संक्षिप्त विचारण के निर्णय के विरुद्ध अपील की जा सकती है?

a. हाँ, हमेशा

b. केवल उच्च न्यायालय में

c. नहीं, किसी भी मजिस्ट्रेट के निर्णय के विरुद्ध अपील नहीं होग

d. केवल परिवादी कर सकता है

 

17. धारा 284 के अनुसार, उच्च न्यायालय किसे संक्षिप्त विचारण करने की शक्ति प्रदान कर सकता है?

a. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट को

b. द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट को

c. केवल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को

d. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को

 

18. धारा 285 के अनुसार, संक्षिप्त विचारण में किस प्रक्रिया का पालन किया जाएगा?

a. कोई भी स्वतंत्र प्रक्रिया

b. समन-मामलों के विचारण के लिए विनिर्दिष्ट प्रक्रिया

c. सामान्य सिविल प्रक्रिया

d. केवल साक्ष्यों की प्रस्तुति

 

19. संक्षिप्त विचारण के बाद तीन माह से अधिक की कैद का दंड आदेश दिया जा सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल विशेष परिस्थितियों में

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

20. संक्षिप्त विचारण में मजिस्ट्रेट को कौन-कौन सी विशिष्टियां अभिलेख में प्रविष्ट करनी होती हैं?

a. केवल अभियुक्त का नाम और अपराध की तारीख

b. केवल दंडादेश और निष्कर्ष

c. मामले का क्रम संख्या, अपराध की तारीख, रिपोर्ट या परिवाद की तारीख, परिवादी और अभियुक्त का नाम, अपराध का विवरण, अभियुक्त का अभिवाक्, निष्कर्ष, दंडादेश और कार्यवाही समाप्ति की तारीख

d. केवल अपराध का विवरण और अभियुक्त का अभिवाक्

 

21. धारा 286 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा अभिलेख में शामिल नहीं किया जाएगा?

a. अभियुक्त का माता-पिता का नाम

b. अपराध किए जाने की तारीख

c. मामले की अपील की तारीख

d. दंडादेश या अन्य अंतिम आदेश

 

22. संक्षिप्त विचारणों के अभिलेख में संपत्ति के मूल्य का उल्लेख कब किया जाएगा?

a. हर मामले में

b. धारा 283 की उपधारा (1) के खंड (i), (ii) या (iii) के अंतर्गत आने वाले मामलों में

c. केवल जब अभियुक्त दोषी सिद्ध हो

d. जब परिवादी उपस्थित न हो

 

23. संक्षेपतः विचारित मामलों में निर्णय किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 287

b. धारा 286

c. धारा 288

d. धारा 284

 

24. संक्षेपतः विचारित मामले में यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक् नहीं करता है, तो मजिस्ट्रेट क्या करेगा?

a. अभियुक्त को दोषी घोषित कर देगा

b. साक्ष्य का सारांश और निष्कर्ष के कारणों का संक्षिप्त कथन देते हुए निर्णय अभिलिखित करेगा

c. मामले को वापस जांच के लिए भेज देगा

d. बिना कोई निर्णय सुनाए मामले को स्थगित कर देगा

 

25. धारा 287 के अनुसार, संक्षेपतः विचारित मामले में निर्णय के साथ क्या देना अनिवार्य है?

a. अभियुक्त की पूरी कहानी

b. साक्ष्य का सारांश और निष्कर्ष के कारणों का संक्षिप्त कथन

c. केवल दोषसिद्धि का आदेश

d. केवल सजा का विवरण

 

26. संक्षेपतः विचारण में निर्णय कब अभिलिखित किया जाएगा?

a. केवल जब अभियुक्त दोषी हो

b. जब अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक् नहीं करता हो

c. हमेशा बिना किसी शर्त के

d. केवल अभियोजन पक्ष की अनुमति से

 

27. धारा 288 के अनुसार किससे सम्बन्धित है?

a. अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक्

b. अभिलेख और निर्णय की भाषा

c. अभियोजन पक्ष की भाषा 

d. उच्च न्यायालय द्वारा संक्षेपतः विचारण 

 

28. धारा 288 के अनुसार, अभिलेख और निर्णय किस भाषा में लिखे जाएंगे?

a. अभियोजन पक्ष की भाषा में

b. न्यायालय की भाषा में

c. अभियुक्त की भाषा में

d. किसी भी स्थानीय भाषा में

 

29. कौन उच्च न्यायालय द्वारा संक्षेपतः विचारण के लिए प्राधिकृत मजिस्ट्रेट को अभिलेख या निर्णय तैयार कराने के लिए नियुक्त किया जा सकता है?

a. कोई भी अधिकारी

b. अभियोजन अधिकारी

c. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त कोई अधिकारी

d. अभियुक्त का वकील

 

30. धारा 288 के तहत, जो अभिलेख या निर्णय अधिकारी से तैयार कराया जाता है, उसे कौन हस्ताक्षरित करेगा?

a. अधिकारी जिसने तैयार किया है

b. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

c. मजिस्ट्रेट जिसे उच्च न्यायालय ने संक्षेपतः विचारण के लिए सशक्त किया है

d. अभियोजन पक्ष

 

31. सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 290 

b. धारा 299

c. धारा 289

d. धारा 295

 

32. सौदा अभिवाक् के लिए अभियुक्त को आवेदन कितनी अवधि के भीतर फाइल करना होगा?

a. 10 दिन

b. 15 दिन

c. 30 दिन

d. 60 दिन

 

33. जब न्यायालय यह समझता है कि आवेदन स्वेच्छा से किया गया है, तो वह अभियुक्त को मामले का निपटारा करने के लिए कितना समय देगा?

a. 30 दिन

b. 45 दिन

c. 60 दिन

d. 90 दिन

 

34. धारा 291 के अधीन जब संतोषप्रद निपटारा तैयार हो जाता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

a. केवल अभियुक्त को दोषी ठहराएगा

b. ऐसे निपटारे की रिपोर्ट तैयार करेगा जिसमें न्यायालय के पीठासीन अधिकारी और बैठक में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों के हस्ताक्षर होंगे

c. मामले को वापस पुलिस के पास भेज देगा

d. सीधे दंडादेश जारी करेगा

 

35. जब धारा 292 के अधीन संतोषप्रद निपटारा तैयार होता है, न्यायालय सबसे पहले क्या करेगा?

a. अभियुक्त को तुरंत जेल भेज देगा

b. पीड़ित को प्रतिकर देगा और अभियुक्त पर दंड की मात्रा निर्धारित करेगा

c. मामले को वापस पुलिस को भेज देगा

d. अभियुक्त को दोषमुक्त कर देगा

 

36. न्यायालय किस स्थिति में अभियुक्त को सदाचार की परिवीक्षा पर छोड़ सकता है?

a. जब अभियुक्त ने अपराध स्वीकार किया हो

b. जब न्यायालय को लगे कि धारा 401 या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम या तत्समय विधि के प्रावधान लागू होते हैं

c. जब अभियुक्त का पहला अपराध हो

d. जब अभियुक्त दोषमुक्त हो

 

37. न्यायालय का निर्णय देने का तरीका क्या होगा?

a. न्यायालय निर्णय गुप्त रूप से देगा

b. न्यायालय निर्णय लिखित रूप में केवल रजिस्टर में रखेगा

c. न्यायालय अपना निर्णय खुले न्यायालय में देगा और उस पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे

d. न्यायालय निर्णय केवल अभियुक्त को बताएगा

 

38. धारा 295 के अनुसार न्यायालय के निर्णय के संबंध में कौन सा कथन सही है?

a. न्यायालय का निर्णय प्रारंभिक होता है और उस पर अपील की जा सकती है

b. न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध कोई भी अपील या याचिका दायर की जा सकती है

c. न्यायालय का निर्णय अंतिम होगा और उससे कोई अपील नहीं होगी, सिवाय संविधान के अनुच्छेद 136, 226 और 227 के अंतर्गत विशेष इजाजत याचिका और रिट याचिका के

d. न्यायालय का निर्णय केवल अभियुक्त के पक्ष में होगा

 

39. धारा 300 के अनुसार, इस अध्याय का लागू होना किसके लिए नहीं होगा?

a. सभी व्यक्तियों के लिए।

b. किसी भी अभियुक्त के लिए।

c. किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 में परिभाषित किशोर या बालक के लिए।

d. वयस्कों के लिए।

 

40. इस अध्याय में "निरुद्ध" का अर्थ क्या है?

a. केवल गिरफ्तारी।

b. निवारक निरोध के लिए उपबंध करने वाली विधि के अधीन निरुद्ध।

c. केवल कारावास।

d. अदालत में पेशी।

 

41. "कारागार" किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 301(a)

b. धारा 301(b)

c. धारा 301(c)

d. धारा 301(d)

 

42. धारा 304 किस विषय से संबंधित है?

a. कारागार का भारसाधक अधिकारी कतिपय आकस्मिकताओं में आदेश को कार्यान्वित करना

b. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

c. सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन

d. कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन जारी करने की शक्ति

 

43. कारागार का भारसाधक अधिकारी कब धारा 302 के तहत दिए गए आदेश को कार्यान्वित नहीं करेगा?

a. जब व्यक्ति को कारागार से हटाना सरल हो।

b. जब व्यक्ति बीमारी या अंगशैथिल्य के कारण कारागार से हटाए जाने योग्य न हो।

c. जब व्यक्ति स्वयं उपस्थित होना चाहे।

d. जब अदालत आदेश दे।

 

44. धारा 304 किस विषय से संबंधित है?

a. कारागार का भारसाधक अधिकारी कतिपय आकस्मिकताओं में आदेश को कार्यान्वित न करना

b. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

c. सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन

d. कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन जारी करने की शक्ति

 

45. धारा 305 किस विषय से संबंधित है?

a. कारागार का भारसाधक अधिकारी कतिपय आकस्मिकताओं में आदेश को कार्यान्वित करना

b. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

c. सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन

d. कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन जारी करने की शक्ति

 

46. धारा 307 किससे सम्बन्धित है?

a. न्यायालयों की भाषा

b. कारागार का भारसाधक अधिकारी कतिपय आकस्मिकताओं में आदेश को कार्यान्वित करना

c. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

d. सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन

 

47. धारा 307 के अनुसार, राज्य सरकार किस बात को निर्धारित कर सकती है?

a. उच्च न्यायालय की कार्यवाही का तरीका।

b. राज्य के भीतर उच्च न्यायालय से भिन्न प्रत्येक न्यायालय की भाषा।

c. न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति।

d. अदालत की कार्यवाही का समय।

 

48. धारा 308 किससे संबंधित है?

a. न्यायालयों की भाषा

b. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

c. साक्ष्य का अभियुक्त की उपस्थिति में लिया जाना 

d. सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन

 

49. सामान्यतः विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य कब लिया जाएगा?

a. केवल पुलिस की उपस्थिति में।

b. अधिवक्ता की उपस्थिति में।

c. अभियोजन की उपस्थिति में।

d. अभियुक्त की उपस्थिति में नहीं।

 

50. अठारह वर्ष से कम आयु की महिला, जिससे बलात्संग या लैंगिक अपराध का अभिकथन किया गया है, के साक्ष्य के संबंध में न्यायालय क्या सुनिश्चित करेगा?

a. महिला का अभियुक्त से सामना न हो।

b. अभियुक्त का सामना महिला से हो।

c. महिला को केवल लिखित बयान देना होगा।

d. महिला को अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य है।

 

51. धारा 309 किस प्रकार के मामलों से संबंधित है?

a. समन मामलों और जांचों में अभिलेख

b. न्यायालयों की भाषा

c. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

d. साक्ष्य का अभियुक्त की उपस्थिति में लिया जाना 

 

52. धारा 310 किस प्रकार के मामलों से संबंधित है?

a. वारण्ट- मामलों में अभिलेख

b. समन मामलों और जांचों में अभिलेख

c. न्यायालयों की भाषा

d. बन्दी का न्यायालय में अभिरक्षा में लाया जाना

 

53. वारंट मामलों में प्रत्येक साक्षी का साक्ष्य किस प्रकार लिया जाएगा?

a. केवल अभियोजन पक्ष की उपस्थिति में।

b. मजिस्ट्रेट द्वारा स्वयं लिखा जाएगा, या खुले न्यायालय में बोलकर लिखवाया जाएगा, या किसी अधिकारी द्वारा निदेशन में लिखा जाएगा।

c. केवल अभियुक्त की उपस्थिति में।

d. केवल वीडियो कॉल के माध्यम से।

 

54. धारा 311 किससे संबंधित है?

a. सेशन न्यायालय के समक्ष विचारण में अभिलेख

b. वारण्ट- मामलों में अभिलेख

c. समन मामलों और जांचों में अभिलेख

d. न्यायालयों की भाषा

 

55. धारा 315 किस विषय से संबंधित है?

a. वारण्ट- मामलों में अभिलेख

b. समन मामलों और जांचों में अभिलेख

c. न्यायालयों की भाषा

d. साक्षी की भावभंगी के बारे में टिप्पणियां

 

56. साक्षी की भावभंगी पर टिप्पणियाँ कौन अभिलिखित करता है?

a. अभियोजन पक्ष

b. पुलिस अधिकारी

c. पीठासीन न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट

d. अभियुक्त का अधिवक्ता

 

57. अभियुक्त की परीक्षा किस धारा के तहत होती है?

a. धारा 310

b. धारा 313

c. धारा 316

d. धारा 318

 

58. यदि अभियुक्त का परीक्षण इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया गया है और वह अभिरक्षा में है, तो हस्ताक्षर कब लिए जाने चाहिए?

a. एक सप्ताह के भीतर

b. परीक्षण के तुरंत बाद

c. 72 घंटे (बहत्तर घंटे) के भीतर

d. जब न्यायालय सुविधाजनक समझे

 

59. धारा 317 के अनुसार, जब किसी साक्ष्य या कथन का अनुवाद किया जाना होता है, तो कौन जिम्मेदार होता है?

a. अभियुक्त

b. न्यायालय का लिपिक

c. दुभाषिया

d. मजिस्ट्रेट

 

60. दंड न्यायालय द्वारा जब किसी दुभाषिए की सेवा ली जाती है, तो उस पर कौन-सी जिम्मेदारी होती है?

a. साक्ष्य को संपादित करना

b. साक्ष्य को संक्षेप में प्रस्तुत करना

c. साक्ष्य या कथन का ठीक-ठीक भाषान्तर करना

d. साक्ष्य का न्यायिक मूल्यांकन करना

 

61. धारा 318 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. उच्च न्यायालय में अभिलेख

b. न्यायिक मूल्यांकन करना

c. साक्ष्य को संपादित करना

d. साक्ष्य को संक्षेप में प्रस्तुत करना

 

62. धारा 319 किस स्थिति में लागू होती है?

a. समन मामलों और जांचों में अभिलेख

b. न्यायालयों की भाषा

c. साक्षी की भावभंगी के बारे में टिप्पणियां

d. साक्षियों को जब हाजिर होने से अभिमुक्ति दी जाए और कमीशन जारी किया जाएगा

 

63. धारा 319 के अनुसार, कब न्यायालय या मजिस्ट्रेट साक्षी की हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकता है?

a. जब अभियुक्त दोषी हो

b. जब साक्षी अस्वीकार्य हो

c. जब हाजिरी में अत्यधिक विलंब, व्यय या असुविधा हो

d. जब साक्ष्य पहले ही दर्ज हो चुका हो

 

64. यदि साक्षी भारत के ऐसे क्षेत्र में है जहाँ इस संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) का विस्तार होता है, तो कमीशन किसे निदिष्ट किया जाएगा?

a. जिला कलेक्टर को

b. साक्षी के अधिवक्ता को

c. संबंधित थाने के प्रभारी को

d. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को, जिसकी स्थानीय अधिकारिता में साक्षी पाया जा सकता है

 

65. धारा 321 किससे सम्बन्धित है?

a. कमीशन का निष्पादन 

b. कमीशन किसको जारी किया जाएगा

c. साक्षियों को जब हाजिर होने से अभिमुक्ति 

d. उच्च न्यायालय में अभिलेख

 

66. कमीशन का निष्पादन करते समय मजिस्ट्रेट किन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है?

a. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत शक्तियाँ

b. राष्ट्रपति के विशेषाधिकार

c. वारंट मामलों के विचारण की शक्तियाँ

d. केवल सूचना प्राप्त करने की शक्ति

 

67. कमीशन का लौटाया जाना किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 327

b. धारा 323

c. धारा 320

d. धारा 322

 

68. धारा 319 के तहत जारी कमीशन के निष्पादन के बाद, कमीशन और उससे संबद्ध अभिसाक्ष्य किसे लौटाया जाएगा?

a. अभियुक्त को

b. उस न्यायालय या मजिस्ट्रेट को जिसने कमीशन जारी किया था

c. पक्षकारों को सीधे

d. पुलिस अधिकारी को

 

69. विदेशी कमीशनों के निष्पादन से का संबंध किससे है?

a. धारा 324

b. धारा 325

c. धारा 325

d. धारा 328

 

70. चिकित्सीय साक्षी का अभिसाक्ष्य का संबंध किससे है?

a. धारा 324

b. धारा 325

c. धारा 323

d. धारा 326

 

71. मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट का संबंध किससे है?

a. धारा 327

b. धारा 325

c. धारा 323

d. धारा 326

 

72. टकसाल के अधिकारियों का साक्ष्य का संबंध किससे है?

a. धारा 327

b. धारा 325

c. धारा 323

d. धारा 328

 

73. सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ की स्वहस्ताक्षरित रिपोर्ट का उपयोग कब किया जा सकता है?

a. केवल जब विशेषज्ञ को साक्षी के रूप में बुलाया गया हो

b. किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के तौर पर, भले ही विशेषज्ञ को बुलाया न गया हो

c. केवल अभियोजन की अनुमति पर

d. केवल न्यायालय की विशेष अनुमति पर

 

74. यदि न्यायालय सही समझता है तो वह क्या कर सकता है?

a. विशेषज्ञ को समन कर उसकी रिपोर्ट की परीक्षा कर सकता है

b. रिपोर्ट को खारिज कर सकता है

c. विशेषज्ञ की रिपोर्ट को प्रमाणिक नहीं मान सकता

d. रिपोर्ट की प्रति को नष्ट कर सकता है

 

75. यदि न्यायालय द्वारा समन किए गए विशेषज्ञ स्वयं उपस्थित नहीं हो सके तो क्या किया जा सकता है?

a. कोई अन्य व्यक्ति भी उपस्थित हो सकता है

b. विशेषज्ञ को मजबूर किया जाएगा कि वह जरूर उपस्थित हो

c. विशेषज्ञ अपने साथ काम करने वाले जिम्मेदार अधिकारी को प्रतिनिधि भेज सकता है, यदि वह मामले से अवगत हो और न्यायालय में अभिसाक्ष्य दे सके 

d. न्यायालय को मामले की सुनवाई स्थगित करनी होगी

 

76. निम्न में से कौन-कौन इस धारा के तहत सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ हैं?

a. सरकार का कोई रासायनिक परीक्षक या सहायक रासायनिक परीक्षक

b. निदेशक अंगुली-छाप ब्यूरो

c. मुख्य विस्फोटक नियंत्रक

d. उपरोक्त सभी

 

77. पूर्व दोषसिद्धि या दोषमुक्ति कैसे साबित की जाए किस धारा से सम्बंधित है ?

a. धारा 337

b. धारा 335

c. धारा 333

d. धारा 334

 

78. जांचों तथा विचारणों के बारे में साधारण उपबंध किस अध्याय से सम्बन्धित है?

a. अध्याय 22

b. अध्याय 24

c. अध्याय 27

d. अध्याय 26

 

79. "दोहरे खतरे" सिद्धांत का क्या अर्थ है?

a. जब व्यक्ति दोषमुक्त हो 

b. एक ही अपराध के लिए दो बार विचारण नहीं

c. जब व्यक्ति दोषसिद्ध हो

d. जब उसी अपराध के लिए पुनः विचारण हो

 

80. यदि किसी व्यक्ति को सक्षम न्यायालय द्वारा एक बार किसी अपराध के लिए दोषमुक्त या दोषसिद्ध किया गया है, तो वह क्या दोबारा उसी अपराध के लिए विचारण का भागी बन सकता है?

a. हाँ, अगर गवाह बदल जाएँ

b. नहीं, जब तक दोषसिद्धि या दोषमुक्ति प्रवृत्त है

c. हाँ, अगर पुलिस जांच दोबारा करे

d. हाँ, अगर शिकायतकर्ता सहमत हो

 

81. राज्य सरकार की अनुमति से पुनः विचारण कब किया जा सकता है?

a. जब सजा पूरी न हुई हो

b. जब कोई नया साक्ष्य मिले

c. जब दूसरा अपराध पूर्व अपराध से भिन्न हो और उस पर धारा 243(1) के तहत पृथक आरोप लगाया जा सकता हो

d. जब अभियुक्त स्वयं चाहे

 

82. लोक अभियोजकों की हाजिरी किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 335

b. धारा 338

c. धारा 336

d. धारा 337

 

83. क्या लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक न्यायालय में किसी लिखित प्राधिकरण के बिना भी उपस्थित हो सकता है?

a. नहीं, लिखित आदेश आवश्यक है

b. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

c. हाँ, वह बिना लिखित प्राधिकार के हाजिर हो सकता है

d. केवल सत्र न्यायालय में

 

84. जिस व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही संस्थित की गई हैं उसका  प्रतिरक्षा कराने का अधिकार किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 337

b. धारा 338

c. धारा 339

d. धारा 340

 

85. धारा 341 के अनुसार, न्यायालय किस स्थिति में अभियुक्त के लिए राज्य के व्यय पर अधिवक्ता नियुक्त कर सकता है?

a. जब अभियुक्त ने अधिवक्ता को मना किया हो

b. जब अभियुक्त किसी को जानता न हो

c. जब अभियुक्त के पास अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए पर्याप्त साधन न हों

d. जब अभियुक्त ने आवेदन दिया हो

 

86. धारा 341 के अनुसार, न्यायालय किस स्थिति में अभियुक्त के लिए राज्य के व्यय पर अधिवक्ता नियुक्त कर सकता है?

a. जब अभियुक्त ने अधिवक्ता को मना किया हो

b. जब अभियुक्त किसी को जानता न हो

c. जब अभियुक्त के पास अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए पर्याप्त साधन न हों

d. जब अभियुक्त ने आवेदन दिया हो

 

87. राज्य के व्यय पर विधिक सहायता देने की जिम्मेदारी किसकी है?

a. केंद्र सरकार की

b. पुलिस विभाग की

c. राज्य सरकार की

d. पीड़ित पक्ष की

 

88. धारा 341 की उपधारा (2) के अंतर्गत, निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य उच्च न्यायालय राज्य सरकार की पूर्व अनुमोदन से कर सकता है?

a. अभियुक्त को बरी करना

b. विधिक सहायता योजना बनाना

c. अधिवक्ताओं के चयन की विधि निर्धारित करना

d. न्यायालय बंद करना

 

89. धारा 341 के अंतर्गत अधिवक्ताओं को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

a. जिला न्यायाधीश

b. अधिवक्ता परिषद

c. उच्च न्यायालय राज्य सरकार की स्वीकृति से

d. पुलिस विभाग

 

90. प्रक्रिया, जब निगम या रजिस्ट्रीकृत सोसाइटी अभियुक्त है, किससे संबंधित है?

a. धारा 341

b. धारा 346

c. धारा 342

d. धारा 343

 

91. विधि की किस धारा के अंतर्गत न्यायालय द्वारा निर्णय दिये जाने के पूर्व अभियुक्त को क्षमा प्रदान करने का निर्देश जारी करने का प्रावधान है-

a. धारा 343

b. धारा 307

c. धारा 301

d. धारा 310

 

92. एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट किसी भी व्यक्ति को निम्न में से किस अवस्था में क्षमादान दे सकता है-

a. जाँच एवं विचारण

b. केवल जाँच एवं विचारण

c. केवल अन्वेषण

d. केवल विचारण

 

93. धारा 343 के अनुसार, किस श्रेणी का मजिस्ट्रेट अन्वेषण, जांच या विचारण के किसी चरण में क्षमादान दे सकता है?

a. द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट

b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट

c. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

d. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट

 

94. धारा 344 किस विषय से संबंधित है?

a. क्षमा-दान का निदेश देने की शक्ति 

b. क्षमा की शर्तों का पालन

c. प्रक्रिया, जब निगम या रजिस्ट्रीकृत सोसाइटी अभियुक्त है

d. कार्यवाही को मुल्तवी या स्थगित करने की शक्ति

 

95. धारा 345 के अनुसार, मिथ्या साक्ष्य देने के अपराध के लिए ऐसे व्यक्ति का विचारण कैसे किया जा सकता है?

a. बिना किसी मंजूरी के

b. उच्च न्यायालय की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता

c. मजिस्ट्रेट की मंजूरी से किया जा सकता है

d. लोक अभियोजक की अनुमति से किया जा सकता है

 

96. न्यायालय कब जांच या विचारण को अगले दिन से परे स्थगित कर सकता है?

a. जब अभियुक्त उपस्थित न हो

b. जब कारण लेखबद्ध किए जाएं और न्यायालय स्थगन आवश्यक समझे

c. जब पक्षकार अदालत से बाहर हो

d. बिना किसी कारण के कभी भी

 

97. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किन धाराओं के अंतर्गत आने वाले अपराधों के लिए जांच या विचारण दो मास के भीतर पूरा करना आवश्यक है?

a. धारा 64 से 71 के अधीन अपराध

b. धारा 50 से 60 के अधीन अपराध

c. धारा 100 से 110 के अधीन अपराध

d. सभी अपराध

 

98. धारा 346 के अनुसार, न्यायालय अभियुक्त को अभिरक्षा में अधिकतम कितने दिनों के लिए प्रतिप्रेषित कर सकता है?

a. 7 दिन

b. 10 दिन

c. 15 दिन

d. 30 दिन

 

99. स्थानीय निरीक्षण किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 346

b. धारा 345

c. धारा 347

d. धारा 348

 

100. क्या कोई मजिस्ट्रेट विचारण के दौरान किसी घटनास्थल का निरीक्षण कर सकता है?

a. नही, BNSS की धारा 347 के अंतर्गत 28 कोई मजिस्ट्रेट एक साक्षी नहीं बन सकता

b. नहीं, BNSS की धारा 347 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट का सम्बन्ध मात्र मामले के अभियोजन से होता है

c. हाँ, BNSS की धारा 347 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट साक्ष्य के समुचित समर्थन में निरीक्षण कर सकता है

d. हाँ, किन्तु निरीक्षण पत्रावली का हिस्सा नहीं होगा

 

101. आवश्यक साक्षी को समन करने या उपस्थित व्यक्ति की परीक्षा करने की शक्ति किस धारा से  सम्बन्धित है?

a. धारा 348

b. धारा 349

c. धारा 350

d. धारा 360

 

102. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के अर्थ में किसी साक्षी को दोबारा बुलाने का अधिकार प्रयुक्त किया जा सकता है-

a. अभियोजन के साक्ष्यों की समाप्ति के पूर्व यदि साक्षी को अभियोजन के प्रस्ताव पर बुलाया जाना हो

b. यहाँ तक कि दोनों पक्षों के साक्ष्यों की समाप्ति के बाद भी 

c. यहाँ तक कि अभियोजन का साक्ष्य समाप्त होने के बाद किन्तु बचाव पक्ष का साक्ष्य समाप्त होने के पूर्व

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

103. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 348 प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट को अधिकार प्रदान करती है-

a. मुख्य साक्षी को समन करने का 

b. कार्यवाही को स्थगित करने का

c. व्यक्ति को नमूना हस्ताक्षर देने का आदेश देने का 

d. किसी ऐसे स्थान का निरीक्षण करना जहाँ कथिततौर पर अपराध किया गया हो

 

104. क्या न्यायालय किसी ऐसे व्यक्ति की परीक्षा कर सकता है जो हाजिर हो, पर उसे साक्षी के रूप में समन नहीं किया गया हो?

a. हाँ, कर सकता है

b. नहीं, कर नहीं सकता

c. केवल पुलिस अधिकारी के अनुरोध पर कर सकता है

d. केवल अभियुक्त की अनुमति से कर सकता है

 

105. क्या न्यायालय किसी ऐसे व्यक्ति को पुनः बुला सकता है जिसकी पहले परीक्षा हो चुकी हो?

a. हाँ, पुनः बुला सकता है और पुनः परीक्षा कर सकता है

b. नहीं, पुनः बुला नहीं सकता

c. केवल साक्षी की अनुमति से पुनः बुला सकता है

d. केवल अभियोजक की अनुमति से पुनः बुला सकता है

 

106. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट किस स्थिति में किसी व्यक्ति को नमूना हस्ताक्षर या हस्तलेख देने का आदेश दे सकता है?

a. जब वह व्यक्ति अपराधी है और गिरफ्तारी हो चुकी हो

b. जब प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट को अन्वेषण या कार्यवाही के लिए ऐसा निर्देश देना समीचीन लगे

c. जब उस व्यक्ति ने कोई गलत काम किया हो

d. जब पुलिस की अनुमति हो

 

107. मजिस्ट्रेट किस स्थिति में बिना गिरफ्तारी के किसी व्यक्ति को नमूना या प्रतिदर्श देने के लिए आदेश दे सकता है?

a. जब व्यक्ति ने अपराध किया हो

b. जब उसके पास लिखित कारण हों जो अभिलिखित किए गए हों

c. जब पुलिस शिकायत दर्ज करे

d. जब आरोपी पुलिस हिरासत में हो

 

108. नमूना हस्ताक्षर या हस्तलेख देने के लिए मजिस्ट्रेट का आदेश किसके अधीन होता है?

a. पुलिस अधीक्षक

b. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

c. जिला न्यायालय

d. उच्च न्यायालय

 

109. परिवादियों और साक्षियों के व्यय किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 352

b. धारा 356

c. धारा 350

d. धारा 354

 

110. धारा 350 के अंतर्गत दंड न्यायालय किसके नियमों के अधीन होते हुए व्यय का आदेश दे सकता है?

a. राज्य सरकार के बनाए नियमों के

b. High Court के बनाए नियमों के

c. Supreme Court के बनाए नियमों के

d. उपरोक्त कोई नहीं

 

111. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की किस प्रावधान के अंतर्गत अभियोजन के साक्ष्य के उपरांत अभियुक्त का परीक्षण किया जाता है-

a. धारा 351

b. धारा 353

c. धारा 315

d. धारा 317

 

112. अभियुक्त की परीक्षा कब सामान्यतः की जाती है?

a. अभियोजन के साक्षियों की परीक्षा से पहले

b. अभियोजन के साक्षियों की परीक्षा के बाद और अभियुक्त से प्रतिरक्षा अपेक्षा से पहले

c. अभियुक्त के गिरफ्तारी के बाद

d. अभियोजन पक्ष की अंतिम दलील के बाद

 

113. यदि न्यायालय ने अभियुक्त को वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे दी है, तो वह क्या कर सकता है?

a. अभियुक्त को फिर से उपस्थित होने का आदेश दे सकता है

b. खंड (ख) के अधीन उसकी परीक्षा से भी अभिमुक्ति दे सकता है

c. अभियुक्त की गिरफ्तारी कर सकता है

d. अभियुक्त के खिलाफ साक्ष्य स्वीकार नहीं करेगा

 

114. अभियुक्त को उपधारा (1) के तहत परीक्षा के दौरान क्या शपथ दिलाई जाएगी?

a. हाँ, पूरी शपथ दिलाई जाएगी

b. नहीं, उसे कोई शपथ नहीं दिलाई जाएगी

c. केवल अभियोजन पक्ष की अनुमति पर

d. केवल अदालत की मर्जी पर

 

115. मौखिक बहस और बहस का ज्ञापन से का संबंध किस धारा से है?

a. धारा 348

b. धारा 349

c. धारा 351

d. धारा 352

 

116. कार्यवाही के किसी पक्षकार को अपने साक्ष्य समाप्त होने के बाद क्या करने का अधिकार है?

a. लंबी बहस करने का

b. यथाशक्य शीघ्र संक्षिप्त मौखिक बहस करने का

c. गवाही देने का

d. बहस न करने का

 

117. यदि न्यायालय को लगे कि मौखिक बहस संक्षिप्त या सुसंगत नहीं है, तो वह क्या कर सकता है?

a. बहस को रोक सकता है

b. बहस को विनियमित कर सकता है

c. बहस को अस्वीकार कर सकता है

d. पक्षकारों को गिरफ्तार कर सकता है

 

118. अभियुक्त व्यक्ति का सक्षम साक्षी होना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 353 किससे संबंधित है?

a. धारा 353

b. धारा 349

c. धारा 351

d. धारा 352

 

119. धारा 353 के अनुसार, कोई अभियुक्त व्यक्ति किस रूप में साक्षी होगा?

a. प्रतिरक्षा के लिए सक्षम साक्षी

b. अभियोजन पक्ष का साक्षी

c. न्यायालय का साक्षी

d. कोई भी साक्षी नहीं

 

120. अभियुक्त व्यक्ति को साक्षी के रूप में बुलाने के लिए क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय का आदेश

b. उसकी लिखित प्रार्थना

c. अभियोजन पक्ष की सहमति

d. पुलिस की अनुमति

 

121. अभियुक्त के स्वयं साक्ष्य न देने पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

a. उसे दंडित किया जाएगा

b. पक्षकारों या न्यायालय द्वारा टीका-टिप्पणी का विषय नहीं बनाया जाएगा

c. वह दोषी माना जाएगा

d. उसकी गिरफ्तारी होगी

 

122. धारा 101, 126, 127, 128, 129 या अध्याय 10 और अध्याय 11 के तहत कार्यवाही में व्यक्ति क्या कर सकता है?

a. अपने आपको साक्षी के रूप में पेश कर सकता है

b. गवाही देने से इंकार कर सकता है

c. केवल अभियोजन पक्ष का पक्ष ले सकता है

d. केवल अभियुक्त के पक्ष में गवाही दे सकता है

 

123. धारा 127, 128, या 129 के तहत कार्यवाही में यदि व्यक्ति साक्ष्य नहीं देता है तो क्या होगा?

a. उस पर जुर्माना लगेगा

b. न्यायालय या पक्षकारों द्वारा टीका-टिप्पणी नहीं की जाएगी और उपधारणा नहीं की जाएगी

c. उसे अभियुक्त माना जाएगा

d. उसे दोषी माना जाएगा

 

124. प्रकटन उत्प्रेरित करने के लिए किसी प्रभाव का काम में न लाया जाना किस से संबंधित है?

a. धारा 352

b. धारा 353

c. धारा 354

d. धारा 355

 

125. धारा 354 के अनुसार, अभियुक्त व्यक्ति पर किस उद्देश्य से कोई प्रभाव नहीं डाला जाएगा?

a. उसे गिरफ्तार करने के लिए

b. उसे अपनी जानकारी की किसी बात को प्रकट करने या न करने के लिए उत्प्रेरित करने के लिए

c. उसे न्यायालय में उपस्थित होने के लिए

d. उसे गवाही देने के लिए मजबूर करने के लिए

 

126. अध्याय 26 में जांच और विचारण के बारे में साधारण उपबंधों क अधीन कौन सी नयी धारा जोड़ी गयी है?

a. धारा 356- उद्घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में जांच, विचारण और निर्णय

b. धारा 357- प्रक्रिया जहां अभियुक्त कार्यवाहियों को नहीं समझता है 

c. धारा 358- अपराध के दोषी प्रतीत होने वाले अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की शक्ति

d. धारा 358- प्रक्रिया जब जांच या विचारण के प्रारंभ के पश्चात् मजिस्ट्रेट को पता चलता है कि मामला सुपुर्द किया जाना चाहिए

 

127. जब किसी व्यक्ति को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जाता है उसकी अनुपस्थिति में, न्यायालय विचारण कैसे करेगा?

a. विचारण नहीं करेगा

b. उसके उपस्थित होने और वैयक्तिक विचारण के अधिकार के अभित्याग के रूप में समझकर, उसके अनुपस्थिति में विचारण करेगा

c. केवल अधिवक्ता की उपस्थिति में विचारण करेगा

d. अभियोजन पक्ष की सहमति से

 

128. उद्घोषित अपराधी के विचारण की शुरुआत कब तक नहीं होगी?

a. आरोप की विरचना की तारीख से 30 दिन तक

b. आरोप की विरचना की तारीख से 60 दिन तक

c. आरोप की विरचना की तारीख से 90 दिन तक

d. आरोप की विरचना की तारीख से 120 दिन तक

 

129. अगर उद्घोषित अपराधी के लिए कोई अधिवक्ता नहीं है, तो क्या किया जाएगा?

a. उसे स्वयं अधिवक्ता नियुक्त करना होगा

b. राज्य के व्यय पर अधिवक्ता नियुक्त किया जाएगा

c. वह बिना अधिवक्ता के विचारण में शामिल होगा

d. विचारण स्थगित कर दिया जाएगा

 

130. न्यायालय धारा 356(1) के अनुपालन में  के अनुपालन में  कितने गिरफ़्तारी वारंट जारी करेगा?

a. 2 गिरफ्तारी वारंट

b. 3 गिरफ्तारी वारंट

c. 1 गिरफ्तारी वारंट

d. 6 गिरफ्तारी वारंट

 

131. उद्घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में सुनाए गए निर्णय के विरुद्ध अपील कब तक संभव होगी?

a. तुरंत

b. जब उद्घोषित अपराधी स्वयं अपीलीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो

c. बिना उपस्थिति के भी अपील कर सकता है

d. कभी नहीं

 

132. दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील करने की अंतिम अवधि क्या है?

a. निर्णय की तारीख से एक वर्ष

b. निर्णय की तारीख से दो वर्ष

c. निर्णय की तारीख से तीन वर्ष

d. अपील के लिए कोई समय सीमा नहीं

 

133. अपराध के दोषी प्रतीत होने वाले अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की शक्ति धारा किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 358

b. धारा 352

c. धारा 350

d. धारा 348

 

134. धारा 358 के अंतर्गत किसी व्यक्ति को एक अतिरिक्त सह अभियुक्त के रूप में जोड़ा जा सकता है-

a. अभियोजन द्वारा भरोसा किए गए दस्तावेजों के आधार पर

b. अन्वेषण अधिकारी की पूरक रिपोर्ट के आधार पर 

c. मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर

d. बाद की घटनाओं के आधार पर

 

135. आपराधिक न्यायालय की किसी आपराधिक मामले में अतिरिक्त अभियुक्त को जोड़ने की शक्ति के विषय में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा अपने पूर्व के निर्णय की मत भिन्नता का निराकरण..............में किया।

a. हरदीप सिंह बनाम पंजाब राज्य व अन्य 

b. मोहम्मद शफीक बनाम मोहम्मद रफीक

c. रणजीत सिंह बनाम पंजाब राज्य

d. हेमा मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज

 

136. शमनीय एवं अशमनीय अपराधों को कहाँ वर्गीकृत किया गया है-

a. प्रथम अनुसूची 

b. द्वितीय अनुसूची

c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 358

d. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 359

 

137. धारा 359 के अंतर्गत किसी अपराध के शमन का परिणाम होता है-

a. दोषसिद्धि

b. उन्मोचन

c. दोषमुक्ति

d. मामले को समाप्त करना

 

138. जब कोई व्यक्ति जो अन्यथा तरीके से धारा 359के अंतर्गत किसी अपराध के शमन में सक्षम था, हो जाती है, तब-

a. अपराध का शमन नहीं किया जा सकता की मृत्यु

b. अपराध का शमन किसी प्रत्यक्षदर्शी द्वारा किया जा सकता है

c. अपराध का शमन न्यायालय की सहमति के बिना ऐसे व्यक्ति के विधिक प्रतिनिधि द्वारा किया जा सकता है 

d. ऐसे व्यक्ति का विधिक प्रतिनिधि न्यायालय की सहमति से अपराध का शमन कर सकता है।

 

139. कब किसी अपराध का अन्यथा शमनीय होने पर भी शमन नहीं किया जा सकेगा?

a. जब अपराध का समन करने के लिए सक्षम व्यक्ति मर जाता है।

b. जब अपराध का शमन करने के लिए सक्षम व्यक्ति 18 व से कम आयु का है।

c. जब अभियुक्त विचारणार्थ सुपुर्द कर दिया जाता है। 

d. जब अभियुक्त पूर्व दोषसिद्धि के कारण किसी अपराध के लिए या 'वर्धित दंड से भिन्न किस्म के दंड से दंडनीय है।

 

140. धारा 359 में उल्लिखित अपराधों के अलावा भारतीय न्याय संहिता के अपराध- 

a. शमनीय नहीं होते

b. न्यायालय की अनुमति से शमनीय होते हैं। 

c. सत्र न्यायालय द्वारा शमनीय होते हैं।

d. उच्च न्यायालय द्वारा शमनीय होते हैं।

 

141. जैसा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 में प्रावधान है, जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाने हेतु किसी खतरनाक हथियार अथवा साधन द्वारा किया गया अपराध-

a. शमनीय होता है

b. अशमनीय होता है

c. न्यायालय की अनुमति से शमनीय होता है।

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

142. कौन सी धारा का अपराध अशमनीय है?

a. भारतीय न्याय संहिता धारा 115

b. भारतीय न्याय संहिता धारा 83

c. भारतीय न्याय संहिता धारा 84

d. भारतीय न्याय संहिता धारा 316

 

143. ऐसे अपराध, जिनमें पक्षकारों के बीच समझौता किया जा सकता है-

a. जमानतीय अपराध होते हैं 

b. असंज्ञेय अपराध होते हैं 

c. शमनीय अपराध होते हैं 

d. अशमनीय अपराध होते हैं। 

 

144. अभियोजन वापस लेना धारा किससे सम्बन्धित है?

a. धारा 360

b. धारा 362

c. धारा 365

d. धारा 320

 

145. निम्न में से कौन धारा 360 के अंतर्गत अभियोजन से वाद वापस ले सकता है- 

a. राज्य सरकार

b. न्यायालय की अनुमति से किसी वाद का प्रभारी लोक अभियोजक

c. न्यायालय की अनुमति के बिना भी किसी वाद का प्रभारी लोक अभियोजक

d. जिला मजिस्ट्रेट

 

146. केन्द्र सरकार की संपत्ति के दुर्विनियोग सम्बन्धी मामले का अभियोजन किस प्रकार वापस लिया जा सकता है- 

a. राज्य सरकार के निर्देश पर किसी लोक अभियोजक द्वारा 

b. राज्य सरकार के निर्देश पर केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त किसी लोक अभियोजक द्वारा

c. राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किसी लोक अभियोजक द्वारा केन्द्र सरकार से प्राप्त अनुमति के आधार पर 

d. केन्द्र सरकार के निर्देश पर किसी लोक अभियोजक द्वारा 

 

147. अभियोजन के साक्ष्य प्रारंभ हो जाने के बाद न्यायालय लोक अभियोजक को अभियोजन वापस लेने की अनुमति प्रदान करता है। अभियुक्त-

a. रिहा कर दिया जाएगा

b. उन्मोचित कर दिया जाएगा 

c. दोषमुक्त कर दिया जाएगा 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

148. यदि साक्ष्य के पश्चात् मजिस्ट्रेट की राय में अभियुक्त ऐसे अपराध का दोषी हो जिसमें उसके पास अभियुक्त को अपराध हेतु निर्धारित अधिकतम दंड के साथ दंडित करने का अधिकार उपलब्ध न हो, तब किस धारा के अंतर्गत अपनी लिखित राय के साथ वह अभियुक्त तथा कार्यवाही को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है- 

a. धारा 361

b. धारा 362 

c. धारा 363 

d. धारा 364

 

149. अभियोजन तथा अभियुक्त के साक्ष्य सुनने के बाद, यदि मजिस्ट्रेट की राय में अभियुक्त दोषी है तथा ऐसी कठोर सजा से भी ज्यादा का हकदार है जितना उसे देने का अधिकार है, तब मजिस्ट्रेट वाद को अग्रसरित करेगा-

a. सत्र न्यायाधीश को

b. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

c. जिला मजिस्ट्रेट

d. सम्बन्धित पुलिस थाना

 

150. धारा 362 के अनुसार मामला सत्र न्यायालय को सुपुर्द करने पर कौन-सा अध्याय लागू होता है?

a. अध्याय 17

b. अध्याय 18

c. अध्याय 19

d. अध्याय 21

 

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