Download Prevention of Food Adulteration Act 1954 MCQs Set - 5 PDF
1. धारा 17(1)(ख) के अनुसार कम्पनी के अपराध के लिए और कौन दोषी समझी जाएगी?
a. केवल निदेशक
b. केवल प्रबन्धक
c. स्वयं कम्पनी
d. केवल अंशधारक
2. धारा 17(1) के अनुसार दोषी समझे जाने वाले व्यक्ति किसके भागी होंगे?
a. केवल विभागीय कार्यवाही के
b. केवल जुर्माने के
c. अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने के
d. केवल चेतावनी के
3. धारा 17(1) के परन्तुक के अनुसार व्यक्ति दण्ड से कब बच सकता है?
a. जब वह प्रथम अपराधी हो
b. जब वह सिद्ध कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ तथा उसने उसे रोकने के लिए सम्यक् तत्परता बरती थी
c. जब वह जुर्माना जमा कर दे
d. जब कम्पनी बंद हो जाए
4. धारा 17(2) के अनुसार कम्पनी किसे उत्तरदायी व्यक्ति के रूप में नामनिर्देशित कर सकती है?
a. किसी भी कर्मचारी को
b. अपने किसी निदेशक या मुख्यतः प्रबन्धकीय या पर्यवेक्षकीय हैसियत वाले प्रबन्धक को
c. केवल अंशधारक को
d. केवल विधि सलाहकार को
5. धारा 17(2) के अनुसार नामनिर्देशन किस माध्यम से किया जाएगा?
a. मौखिक आदेश द्वारा
b. राजपत्र अधिसूचना द्वारा
c. लिखित आदेश द्वारा
d. न्यायालय के आदेश द्वारा
6. धारा 17(2) के अनुसार उत्तरदायी व्यक्ति को किस उद्देश्य से प्राधिकृत किया जाएगा?
a. कम्पनी का लेखा रखने के लिए
b. कम्पनी द्वारा अपराध का किया जाना रोकने के लिए आवश्यक या समीचीन शक्तियों एवं कार्यवाहियों के प्रयोग हेतु
c. केवल निरीक्षण करने के लिए
d. केवल न्यायालय में उपस्थित होने के लिए
7. धारा 17(2) के अनुसार नामनिर्देशन की सूचना किसे दी जाएगी?
a. लोक विश्लेषक को
b. केन्द्रीय सरकार को
c. स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी को
d. खाद्य निरीक्षक को
8. धारा 17(2) के अनुसार सूचना किस प्ररूप और रीति से दी जाएगी?
a. न्यायालय द्वारा निर्धारित रीति से
b. मौखिक रूप से
c. विहित प्ररूप एवं विहित रीति से
d. राजपत्र में प्रकाशित करके
9. धारा 17(2) के अनुसार नामनिर्देशन के साथ क्या संलग्न होगा?
a. कम्पनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र
b. निदेशक मंडल का प्रस्ताव
c. नामनिर्देशित निदेशक या प्रबन्धक की लिखित सहमति
d. लेखा परीक्षण रिपोर्ट
10. धारा 17(2) के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या विभिन्न स्थापनों, शाखाओं या यूनिटों के लिए अलग-अलग उत्तरदायी व्यक्ति नामनिर्देशित किए जा सकते हैं?
a. नहीं
b. केवल शाखाओं के लिए
c. हाँ
d. केवल मुख्यालय के लिए
11. धारा 17(2) के स्पष्टीकरण के अनुसार नामनिर्देशित व्यक्ति किसके संबंध में उत्तरदायी माना जाएगा?
a. सम्पूर्ण कम्पनी के संबंध में
b. केवल निदेशक मंडल के संबंध में
c. संबंधित स्थापन, शाखा या यूनिट के संबंध में
d. केवल मुख्य कार्यालय के संबंध में
12. धारा 17(3) के अनुसार उत्तरदायी व्यक्ति कब तक बना रहेगा?
a. तीन वर्ष तक
b. पाँच वर्ष तक
c. जब तक धारा 17(3) के खण्ड (i), (ii) या (iii) में से कोई घटना पहले न हो जाए
d. कम्पनी के विघटन तक
13. धारा 17(3)(i) के अनुसार उत्तरदायी व्यक्ति का नामनिर्देशन कब समाप्त हो सकता है?
a. जब न्यायालय आदेश दे
b. जब कम्पनी स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी को नामनिर्देशन रद्द करने की सूचना दे
c. जब खाद्य निरीक्षक अनुशंसा करे
d. जब निदेशक मंडल भंग हो जाए
14. धारा 17(3)(ii) के अनुसार उत्तरदायी व्यक्ति का नामनिर्देशन कब समाप्त हो सकता है?
a. जब वह कम्पनी के निदेशक या प्रबन्धक के पद पर बना रहना छोड़ दे
b. जब कम्पनी का नाम बदल जाए
c. जब वह अवकाश पर चला जाए
d. जब कम्पनी का लेखा परीक्षण हो
15. धारा 17(3)(iii) के अनुसार उत्तरदायी व्यक्ति का नामनिर्देशन कब समाप्त हो सकता है?
a. जब वह मौखिक रूप से त्यागपत्र दे
b. जब वह स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी से लिखित रूप में नामनिर्देशन रद्द करने का निवेदन करे
c. जब वह कम्पनी बदल ले
d. जब उसका कार्यकाल पूरा हो जाए
16. धारा 17(3) के प्रथम परन्तुक के अनुसार पद छोड़ने पर उत्तरदायी व्यक्ति क्या करेगा?
a. न्यायालय को सूचना देगा
b. कम्पनी के अध्यक्ष को सूचना देगा
c. स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी को इसकी सूचना देगा
d. खाद्य निरीक्षक को सूचना देगा
17. धारा 17(3) के द्वितीय परन्तुक के अनुसार स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी नामनिर्देशन को किस तिथि से पहले रद्द नहीं करेगा?
a. कम्पनी की स्थापना की तिथि से
b. अपराध की तिथि से
c. निवेदन किए जाने की तिथि से पहले की किसी तिथि से नहीं
d. न्यायालय के आदेश की तिथि से
18. धारा 17(4) के अनुसार नामनिर्देशित व्यक्ति के अतिरिक्त अन्य अधिकारी कब दोषी होगा?
a. जब वह कम्पनी का कर्मचारी हो
b. जब अपराध उसकी सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा के कारण हुआ हो
c. जब वह कम्पनी छोड़ दे
d. जब वह निदेशक हो
19. धारा 17(4) के अनुसार किन व्यक्तियों पर यह उपधारा लागू होती है?
a. केवल नामनिर्देशित उत्तरदायी व्यक्ति पर
b. केवल कम्पनी पर
c. निदेशक, प्रबन्धक, सचिव या अन्य अधिकारी पर जो धारा 17(2) के अधीन नामनिर्देशित न हो
d. केवल अंशधारकों पर
20. धारा 17(4) के अनुसार ऐसा अधिकारी किसका भागी होगा?
a. केवल विभागीय कार्यवाही का
b. केवल जुर्माने का
c. अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने का
d. केवल चेतावनी का
21. धारा 17 के स्पष्टीकरण के अनुसार "कम्पनी" से क्या अभिप्रेत है?
a. केवल निगमित निकाय
b. केवल साझेदारी फर्म
c. कोई निगमित निकाय तथा इसके अंतर्गत फर्म या व्यक्तियों का अन्य संगम
d. केवल सरकारी कम्पनी
22. धारा 17 के स्पष्टीकरण के अनुसार फर्म के संबंध में "निदेशक" से क्या अभिप्रेत है?
a. फर्म का प्रबन्धक
b. फर्म का सचिव
c. फर्म का भागीदार
d. फर्म का कर्मचारी
23. धारा 17 के स्पष्टीकरण के अनुसार होटल उद्योग में लगी कम्पनी के संबंध में "प्रबन्धक" में कौन सम्मिलित है?
a. होटल का स्वामी
b. होटल का महाप्रबन्धक
c. उसके होटल के खानपान विभाग का भारसाधक व्यक्ति
d. होटल का लेखाकार
24. धारा 18 का विषय क्या है?
a. कम्पनियों द्वारा अपराध
b. सम्पत्ति का समपहरण
c. शास्तियां
d. अभियोजन की स्वीकृति
25. धारा 18 के अनुसार सम्पत्ति का समपहरण कब किया जाएगा?
a. जब खाद्य निरीक्षक नमूना ले
b. जब कोई व्यक्ति खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम के किसी उपबंध के उल्लंघन के लिए सिद्धदोष किया गया हो
c. जब अभियोजन प्रारम्भ हो
d. जब लोक विश्लेषक रिपोर्ट दे
26. धारा 18 के अनुसार कौन-सी सम्पत्ति सरकार को समपहृत की जाएगी?
a. अभियुक्त की समस्त सम्पत्ति
b. केवल उपकरण
c. वह खाद्य पदार्थ जिसके संबंध में उल्लंघन किया गया है
d. केवल वाहन
27. धारा 18 के अनुसार समपहृत सम्पत्ति किसके पक्ष में जाएगी?
a. स्थानीय प्राधिकारी के पक्ष में
b. न्यायालय के पक्ष में
c. सरकार के पक्ष में
d. खाद्य निरीक्षक के पक्ष में
28. धारा 18 के परन्तुक के अनुसार न्यायालय खाद्य पदार्थ को सरकार को समपहृत करने के स्थान पर कब वापस कर सकता है?
a. जब अभियुक्त प्रथम अपराधी हो
b. जब उसका समाधान हो जाए कि पुनः प्रसंस्करण के पश्चात् वह मानव उपभोग के लिए विहित मान के अनुरूप बनाया जा सकता है
c. जब जुर्माना जमा कर दिया जाए
d. जब लोक विश्लेषक अनुमति दे
29. धारा 18 के परन्तुक के अनुसार खाद्य पदार्थ किसे वापस किया जा सकता है?
a. खाद्य निरीक्षक को
b. स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी को
c. उसके स्वामी को
d. लोक विश्लेषक को
30. धारा 18 के परन्तुक के अनुसार खाद्य पदार्थ किस शर्त पर स्वामी को लौटाया जाएगा?
a. केवल जुर्माना जमा करने पर
b. उसके द्वारा प्रतिभुओं सहित या रहित बन्धपत्र निष्पादित करने पर
c. केवल न्यायालय की अनुमति पर
d. केवल राज्य सरकार की स्वीकृति पर
31. धारा 18 के परन्तुक के अनुसार पुनः प्रसंस्करण किसके पर्यवेक्षण में किया जाएगा?
a. खाद्य निरीक्षक के पर्यवेक्षण में
b. लोक विश्लेषक के पर्यवेक्षण में
c. न्यायालय द्वारा आदेश में विनिर्दिष्ट अधिकारी के पर्यवेक्षण में
d. स्थानीय प्राधिकारी के पर्यवेक्षण में
32. धारा 18 के परन्तुक के अनुसार पुनः प्रसंस्करण के बाद खाद्य पदार्थ का विक्रय किसके अधीन होगा?
a. केवल न्यायालय के आदेश के अधीन
b. राज्य सरकार के निर्देशों के अधीन
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अन्य उपबंधों के अधीन
d. स्थानीय प्राधिकारी की अनुमति के अधीन
33. धारा 19 का विषय क्या है?
a. सम्पत्ति का समपहरण
b. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अधीन अभियोजनों में अनुज्ञात किए जा सकने या न किए जा सकने वाले प्रतिवाद
c. कम्पनियों द्वारा अपराध
d. अभियोजन की स्वीकृति
34. धारा 19(1) के अनुसार किस अपराध के अभियोजन में यह उपधारा लागू होती है?
a. केवल अपद्रव्य के मामलों में
b. अपमिश्रित या मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थ के विक्रय से संबंधित अपराध के अभियोजन में
c. केवल आयात संबंधी अपराधों में
d. केवल अनुज्ञप्ति संबंधी अपराधों में
35. धारा 19(1) के अनुसार कौन-सा प्रतिवाद स्वीकार नहीं किया जाएगा?
a. कि विक्रेता प्रथम अपराधी है
b. कि विक्रेता खाद्य की प्रकृति, तत्व या क्वालिटी से अनभिज्ञ था
c. कि विक्रेता ने खाद्य का परीक्षण कराया था
d. कि खाद्य पैकबन्द था
36. धारा 19(1) के अनुसार क्या यह प्रतिवाद स्वीकार होगा कि विक्रेता खाद्य की प्रकृति, तत्व या क्वालिटी से अनभिज्ञ था?
a. हाँ
b. केवल प्रथम अपराध में
c. नहीं
d. केवल न्यायालय की अनुमति से
37. धारा 19(1) के अनुसार क्या यह प्रतिवाद स्वीकार होगा कि विश्लेषण के लिए क्रय किए जाने से विक्रय द्वारा प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा?
a. हाँ
b. केवल तकनीकी मामलों में
c. नहीं
d. केवल लोक विश्लेषक की अनुमति से
38. धारा 19(2) के अनुसार विक्रेता कब अपराधी नहीं समझा जाएगा?
a. जब वह प्रथम अपराधी हो
b. जब वह धारा 19(2) के खण्ड (क) और (ख) की शर्तें सिद्ध कर दे
c. जब वह जुर्माना भर दे
d. जब वह खाद्य निरीक्षक को सूचना दे
39. धारा 19(2)(क)(i) के अनुसार जहाँ विक्रय के लिए अनुज्ञप्ति विहित है, वहाँ खाद्य पदार्थ किससे क्रय किया होना चाहिए?
a. किसी भी व्यक्ति से
b. सम्यक् रूप से अनुज्ञप्त विनिर्माता, वितरक या व्यवहारी से
c. केवल विनिर्माता से
d. केवल आयातक से
40. धारा 19(2)(क)(ii) के अनुसार अन्य दशा में खाद्य पदार्थ किससे क्रय किया होना चाहिए?
a. केवल अनुज्ञप्त विनिर्माता से
b. किसी विनिर्माता, वितरक या व्यवहारी से
c. केवल उपभोक्ता से
d. केवल आयातक से
41. धारा 19(2)(क) के अनुसार खाद्य पदार्थ का क्रय किसके साथ होना चाहिए?
a. केवल बिल के साथ
b. केवल कैश मेमो के साथ
c. विहित प्ररूप में लिखित वारंटी के साथ
d. केवल चालान के साथ
42. धारा 19(2)(ख) के अनुसार विक्रेता को खाद्य पदार्थ का भंडारण किस प्रकार करना चाहिए?
a. किसी भी प्रकार
b. उचित रूप से भंडार में रखना चाहिए
c. केवल शीतगृह में
d. केवल सीलबंद अवस्था में
43. धारा 19(2)(ख) के अनुसार विक्रेता को खाद्य पदार्थ किस अवस्था में विक्रय करना चाहिए?
a. परिवर्तित अवस्था में
b. पुनः प्रसंस्करण के बाद
c. उसी अवस्था में जिसमें उसने उसे क्रय किया था
d. मिश्रित अवस्था में
44. धारा 19(3) के अनुसार किस व्यक्ति को सुनवाई पर उपस्थित होने का अधिकार होगा?
a. केवल खाद्य निरीक्षक को
b. केवल लोक विश्लेषक को
c. वह व्यक्ति जिसके द्वारा धारा 14 में निर्दिष्ट वारंटी दी गई अभिकथित है
d. केवल स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी को
45. धारा 19(3) के अनुसार ऐसे व्यक्ति को और क्या अधिकार होगा?
a. अपील करने का अधिकार
b. साक्ष्य देने का अधिकार
c. अभियोजन चलाने का अधिकार
d. नमूना लेने का अधिकार
46. धारा 20क का विषय क्या है?
a. अपराधों का संज्ञान और विचारण
b. विनिर्माता आदि को अभियोजित करने की न्यायालय की शक्ति
c. कम्पनियों द्वारा अपराध
d. सम्पत्ति का समपहरण
47. धारा 20क के अनुसार यह धारा कब लागू होती है?
a. जब विनिर्माता के विरुद्ध विचारण चल रहा हो
b. जब ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध विचारण चल रहा हो जो खाद्य पदार्थ का विनिर्माता, वितरक या व्यवहारी नहीं है
c. जब केवल वितरक के विरुद्ध विचारण चल रहा हो
d. जब केवल कम्पनी के विरुद्ध विचारण चल रहा हो
48. धारा 20क के अनुसार न्यायालय किस आधार पर विनिर्माता, वितरक या व्यवहारी के विरुद्ध कार्यवाही कर सकता है?
a. पुलिस रिपोर्ट के आधार पर
b. लोक विश्लेषक की रिपोर्ट के आधार पर
c. अपने समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर
d. केवल अभियोजन के आवेदन पर
49. धारा 20क के अनुसार न्यायालय को किस बात का समाधान होना चाहिए?
a. कि अभियुक्त प्रथम अपराधी है
b. कि विनिर्माता, वितरक या व्यवहारी भी उस अपराध से संबंधित है
c. कि खाद्य पदार्थ अपमिश्रित नहीं है
d. कि अभियोजन समय-सीमा के भीतर है
50. धारा 20क के अनुसार न्यायालय यह कार्यवाही किस प्रकार चला सकता है?
a. केवल नई शिकायत दर्ज कराकर
b. केवल राज्य सरकार की अनुमति से
c. मानो उसके विरुद्ध धारा 20 के अधीन अभियोजन संस्थित किया गया हो
d. केवल सत्र न्यायालय को भेजकर
51. धारा 20क के अनुसार यह शक्ति किन उपबंधों के होते हुए भी प्रयोग की जा सकती है?
a. केवल धारा 20 के उपबंधों के होते हुए भी
b. केवल दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 319(3) के होते हुए भी
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 319(3) [भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 358(3)] तथा धारा 20 के उपबंधों के होते हुए भी
d. केवल भारतीय साक्ष्य अधिनियम के उपबंधों के होते हुए भी
52. धारा 20कक का विषय क्या है?
a. विनिर्माता आदि को अभियोजित करने की न्यायालय की शक्ति
b. अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 तथा दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 360 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 401) का लागू होना
c. अपराधों का संज्ञान और विचारण
d. शास्तियां
53. धारा 20कक के अनुसार किन विधियों का उल्लेख किया गया है?
a. केवल अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958
b. केवल दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 360
c. अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 तथा दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 360 [भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 401]
d. भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
54. धारा 20कक के अनुसार खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अधीन दोषसिद्ध व्यक्ति पर अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 कब लागू होगा?
a. जब वह प्रथम अपराधी हो
b. जब वह महिला हो
c. जब वह व्यक्ति अठारह वर्ष से कम आयु का हो
d. जब वह जुर्माना भर दे
55. धारा 21 का विषय क्या है?
a. अपराधी परिवीक्षा अधिनियम का लागू होना
b. मजिस्ट्रेट की वर्धित शास्तियां अधिरोपित करने की शक्ति
c. अपराधों का संज्ञान और विचारण
d. सम्पत्ति का समपहरण
56. धारा 21 के अनुसार यह धारा किस संहिता में किसी बात के होते हुए भी लागू होती है?
a. भारतीय न्याय संहिता, 2023
b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 29 [भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 23]
d. दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908
57. धारा 21 के अनुसार किन मजिस्ट्रेटों को वर्धित शास्तियां अधिरोपित करने की शक्ति प्राप्त है?
a. केवल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को
b. केवल सत्र न्यायाधीश को
c. महानगर मजिस्ट्रेट तथा प्रथम वर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट को
d. सभी मजिस्ट्रेटों को
58. धारा 21 के अनुसार मजिस्ट्रेट कौन-सा दण्डादेश पारित कर सकता है?
a. केवल जुर्माने का दण्डादेश
b. केवल एक वर्ष तक के कारावास का दण्डादेश
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 द्वारा प्राधिकृत कोई भी दण्डादेश
d. केवल परिवीक्षा का आदेश
59. धारा 21 के अनुसार मजिस्ट्रेट की यह शक्ति किस सीमा तक है?
a. केवल अपनी सामान्य शक्तियों तक
b. केवल राज्य सरकार की अनुमति तक
c. वह दण्डादेश जो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 29 [भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 23] के अधीन उसकी सामान्य शक्तियों से अधिक हो
d. केवल तीन वर्ष तक के कारावास तक
60. धारा 21 के अनुसार मजिस्ट्रेट कौन-से दण्डादेश पारित नहीं कर सकता?
a. पाँच वर्ष से अधिक के कारावास का
b. आजीवन कारावास या छह वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का दण्डादेश
c. केवल जुर्माने का
d. परिवीक्षा का
61. धारा 22 का विषय क्या है?
a. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति
b. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण
c. राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति
d. अपराधों का संज्ञान और विचारण
62. धारा 22 के अनुसार संरक्षण किस प्रकार की कार्रवाई के लिए प्रदान किया गया है?
a. न्यायालय के आदेशों के लिए
b. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित कार्रवाई के लिए
c. केवल अभियोजन के लिए
d. केवल प्रशासनिक आदेशों के लिए
63. धारा 22 के अनुसार किसके विरुद्ध वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगी?
a. केवल राज्य सरकार के विरुद्ध
b. केवल खाद्य निरीक्षक के विरुद्ध
c. किसी व्यक्ति के विरुद्ध
d. केवल केन्द्रीय सरकार के विरुद्ध
64. धारा 22 के अनुसार किन कार्यवाहियों से संरक्षण प्रदान किया गया है?
a. केवल वाद से
b. केवल अभियोजन से
c. वाद, अभियोजन तथा अन्य विधिक कार्यवाही से
d. केवल दीवानी कार्यवाही से
65. धारा 22 के अनुसार संरक्षण का आधार क्या है?
a. सरकारी आदेश का पालन
b. न्यायालय की अनुमति
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित कार्रवाई
d. राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति
66. धारा 22क का विषय क्या है?
a. मजिस्ट्रेट की वर्धित शास्तियां अधिरोपित करने की शक्ति
b. केन्द्रीय सरकार की निदेश देने की शक्ति
c. अपराधों का संज्ञान और विचारण
d. कम्पनियों द्वारा अपराध
67. धारा 22क के अनुसार निदेश देने की शक्ति किसके पास है?
a. राज्य सरकार के पास
b. स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी के पास
c. केन्द्रीय सरकार के पास
d. खाद्य निरीक्षक के पास
68. धारा 22क के अनुसार केन्द्रीय सरकार किस विषय में निदेश दे सकती है?
a. केवल अभियोजन के संबंध में
b. केवल नियम बनाने के संबंध में
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के सभी उपबंधों या उनमें से किसी के निष्पादन के संबंध में
d. केवल खाद्य निरीक्षकों की नियुक्ति के संबंध में
69. धारा 22क के अनुसार केन्द्रीय सरकार किसे निदेश दे सकती है?
a. केवल स्थानीय प्राधिकारी को
b. केवल खाद्य निरीक्षक को
c. राज्य सरकार को
d. केवल लोक विश्लेषक को
70. धारा 22क के अनुसार केन्द्रीय सरकार किस प्रकार के निदेश दे सकती है?
a. केवल लिखित नियम
b. केवल राजपत्र अधिसूचना
c. जैसे वह आवश्यक समझे
d. केवल न्यायालय की अनुमति से
71. धारा 22क के अनुसार राज्य सरकार का क्या दायित्व है?
a. निदेशों की समीक्षा करना
b. निदेशों को संशोधित करना
c. केन्द्रीय सरकार द्वारा दिए गए निदेशों का अनुपालन करना
d. निदेशों को अस्वीकार करना
72. धारा 23 का विषय क्या है?
a. केन्द्रीय सरकार की निदेश देने की शक्ति
b. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति
c. अपराधों का संज्ञान और विचारण
d. मजिस्ट्रेट की वर्धित शास्तियां अधिरोपित करने की शक्ति
73. धारा 23(1) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. राज्य सरकार के पास
b. समिति के पास
c. केन्द्रीय सरकार के पास
d. स्थानीय प्राधिकारी के पास
74. धारा 23(1) के अनुसार केन्द्रीय सरकार नियम किससे परामर्श करके बनाएगी?
a. राज्य सरकार से
b. लोक विश्लेषक से
c. समिति से परामर्श करके
d. खाद्य निरीक्षक से
75. धारा 23(1) के अनुसार नियम किस माध्यम से बनाए जाएंगे?
a. कार्यपालिका आदेश द्वारा
b. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा पूर्व प्रकाशन के पश्चात्
c. न्यायालय के आदेश द्वारा
d. परिपत्र द्वारा
76. धारा 23(1) के अनुसार नियम किस उद्देश्य से बनाए जाएंगे?
a. केवल खाद्य निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए
b. केवल अभियोजन चलाने के लिए
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए
d. केवल प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए
77. धारा 23(1) के परन्तुक के अनुसार समिति से पूर्व परामर्श कब आवश्यक नहीं होगा?
a. जब राज्य सरकार सहमत हो
b. जब केन्द्रीय सरकार की राय में ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाएँ जिनमें बिना परामर्श के नियम बनाना आवश्यक हो
c. जब समिति उपलब्ध न हो
d. जब न्यायालय आदेश दे
78. धारा 23(1) के परन्तुक के अनुसार ऐसी दशा में समिति से परामर्श कब किया जाएगा?
a. तीन मास के भीतर
b. छह मास के भीतर
c. एक वर्ष के भीतर
d. नियम निरस्त होने पर
79. धारा 23(1) के परन्तुक के अनुसार समिति किस विषय में सुझाव दे सकती है?
a. अभियोजन चलाने के संबंध में
b. अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में
c. बनाए गए नियमों के संशोधन के संबंध में
d. न्यायालय की शक्तियों के संबंध में
80. धारा 23(1) के परन्तुक के अनुसार केन्द्रीय सरकार समिति के सुझावों के संबंध में क्या करेगी?
a. उन्हें अनिवार्य रूप से स्वीकार करेगी
b. उन्हें अस्वीकार करेगी
c. उन सुझावों पर विचार करेगी
d. उन्हें राज्य सरकार को भेज देगी
81. धारा 23(1क) के अनुसार यह उपधारा किस शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना है?
a. निदेश देने की शक्ति
b. अभियोजन की शक्ति
c. नियम बनाने की पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर
d. निरीक्षण की शक्ति
82. धारा 23(1क)(क) के अनुसार किन खाद्य पदार्थों के लिए अनुज्ञप्ति अपेक्षित की जा सकती है?
a. सभी खाद्य पदार्थों के लिए
b. केवल निर्यातित खाद्य पदार्थों के लिए
c. ऐसे खाद्य पदार्थ या खाद्य वर्ग जिनका आयात किया जाता है
d. केवल प्राथमिक खाद्य के लिए
83. धारा 23(1क)(क) के अनुसार किसका प्ररूप और शर्तें विहित की जा सकती हैं?
a. विक्रय अनुज्ञप्ति का
b. भंडारण अनुज्ञप्ति का
c. आयात अनुज्ञप्ति का
d. विनिर्माण अनुज्ञप्ति का
84. धारा 23(1क)(क) के अनुसार अनुज्ञप्ति देने के लिए किसे विहित किया जा सकता है?
a. स्थानीय प्राधिकारी को
b. खाद्य निरीक्षक को
c. सशक्त प्राधिकारी को
d. लोक विश्लेषक को
85. धारा 23(1क)(क) के अनुसार अनुज्ञप्ति के लिए क्या विहित किया जा सकता है?
a. केवल अनुज्ञप्ति का प्ररूप
b. केवल अनुज्ञप्ति की अवधि
c. संदेय फीस
d. केवल अनुज्ञप्ति की समाप्ति
86. धारा 23(1क)(क) के अनुसार अनुज्ञप्ति की शर्तों के पालन हेतु क्या निक्षेप कराया जा सकता है?
a. बैंक गारंटी
b. प्रतिभूति के रूप में राशि
c. केवल शपथपत्र
d. संपत्ति का बंधक
87. धारा 23(1क)(क) के अनुसार किन परिस्थितियों को विहित किया जा सकता है?
a. जिनमें अभियोजन चलाया जाए
b. जिनमें अनुज्ञप्ति या प्रतिभूति रद्द या समपहृत की जा सके
c. जिनमें न्यायालय बदला जाए
d. जिनमें खाद्य निरीक्षक बदला जाए
88. धारा 23(1क)(ख) के अनुसार किसका मानक परिनिश्चित किया जा सकता है?
a. खाद्य निरीक्षक की योग्यता का
b. खाद्य पदार्थ की क्वालिटी का
c. अनुज्ञप्ति शुल्क का
d. न्यायालय की अधिकारिता का
89. धारा 23(1क)(ख) के अनुसार किसकी सीमाएँ नियत की जा सकती हैं?
a. विक्रय मूल्य की
b. पैकेज के आकार की
c. अनुज्ञेय मान्य भिन्नता की सीमाएँ
d. निरीक्षण अवधि की
90. धारा 23(1क)(ग) के अनुसार किन खाद्य पदार्थों पर कठोर नियंत्रण अधिरोपित किया जा सकता है?
a. केवल प्राथमिक खाद्य पर
b. केवल आयातित खाद्य पर
c. ऐसे खाद्य पदार्थ या खाद्य वर्ग जिन्हें केन्द्रीय सरकार अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे
d. केवल निर्यातित खाद्य पर
91. धारा 23(1क)(ग) के अनुसार विशेष उपबंधों में क्या सम्मिलित हो सकता है?
a. केवल खाद्य निरीक्षकों का वेतन
b. परिसरों का रजिस्ट्रीकरण, स्वच्छता तथा संबंधित व्यक्तियों की स्वच्छता
c. केवल न्यायालय की प्रक्रिया
d. केवल प्रयोगशाला की स्थापना
92. धारा 23(1क)(घ) के अनुसार किसे निर्बन्धित किया जा सकता है?
a. केवल खाद्य पदार्थ के मूल्य को
b. खाद्य पदार्थ की पैकिंग, लेबल तथा पैकेज या लेबल के डिजाइन को
c. केवल परिवहन के साधन को
d. केवल विक्रेता की संख्या को
93. धारा 23(1क)(घ) का उद्देश्य क्या है?
a. राजस्व बढ़ाना
b. खाद्य पदार्थों का निर्यात बढ़ाना
c. जनता या क्रेता को धोखे, भुलावे अथवा अपमिश्रण से बचाना
d. खाद्य पदार्थों का मूल्य नियंत्रित करना
94. धारा 23(1क)(ङ) के अनुसार किसकी अर्हताएँ, शक्तियाँ और कर्तव्य परिनिश्चित किए जा सकते हैं?
a. केवल खाद्य निरीक्षकों के
b. केवल लोक विश्लेषकों के
c. खाद्य निरीक्षकों और लोक विश्लेषकों के
d. केवल स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी के
95. धारा 23(1क)(ङङ) के अनुसार किन प्रयोगशालाओं को परिनिश्चित किया जा सकता है?
a. केवल निजी प्रयोगशालाओं को
b. वे प्रयोगशालाएँ जिनमें लोक विश्लेषक खाद्य पदार्थों या अपद्रव्यों का विश्लेषण करेंगे
c. केवल केन्द्रीय खाद्य प्रयोगशालाओं को
d. केवल विश्वविद्यालय प्रयोगशालाओं को
96. धारा 23(1क)(च) के अनुसार किसके विक्रय को प्रतिषिद्ध या विनियमित किया जा सकता है?
a. प्रत्येक खाद्य पदार्थ के
b. केवल आयातित खाद्य पदार्थ के
c. ऐसी वस्तु के जो खाद्य के रूप में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो
d. केवल पैक किए गए खाद्य पदार्थ के
97. धारा 23(1क)(च) के अनुसार किसके प्रयोग को निर्बन्धित किया जा सकता है?
a. खाद्य निरीक्षक के उपकरणों के
b. किसी खाद्य पदार्थ के विनिर्माण में संघटक के रूप में प्रयुक्त वस्तु के
c. केवल पैकेजिंग सामग्री के
d. केवल परिवहन साधनों के
98. धारा 23(1क)(च) के अनुसार किसे अनुज्ञप्ति द्वारा विनियमित किया जा सकता है?
a. केवल आयात को
b. केवल निर्यात को
c. खाद्य पदार्थ के विनिर्माण या विक्रय को
d. केवल भंडारण को
99. धारा 23(1क)(छ) के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में किन शर्तों को परिनिश्चित किया जा सकता है?
a. केवल न्यायालय की शर्तों को
b. केवल निरीक्षण की शर्तों को
c. खाद्य पदार्थ के विक्रय या विक्रयार्थ अनुज्ञप्ति की शर्तों को
d. केवल परिवहन की शर्तों को
100. धारा 23(1क)(ज) के अनुसार क्या विनिर्दिष्ट किया जा सकता है?
a. खाद्य निरीक्षक की नियुक्ति
b. विश्लेषण हेतु खाद्य नमूनों के आधानों को मुहरबन्द या बाँधने की रीति
c. अनुज्ञप्ति का प्रारूप
d. न्यायालय की प्रक्रिया
101. धारा 23(1क)(जज) के अनुसार क्या परिनिश्चित किया जा सकता है?
a. अभियोजन की प्रक्रिया
b. विश्लेषण की पद्धतियाँ
c. न्यायालय की अधिकारिता
d. निरीक्षकों का वेतन
102. धारा 23(1क)(झ) के अनुसार किसकी सूची और अधिकतम परिमाण विनिर्दिष्ट किए जा सकते हैं?
a. खाद्य निरीक्षकों की सूची
b. अनुज्ञेय परिरक्षियों की सूची और प्रत्येक परिरक्षी का अधिकतम परिमाण
c. खाद्य विक्रेताओं की सूची
d. खाद्य प्रयोगशालाओं की सूची
103. धारा 23(1क)(ञ) के अनुसार क्या विनिर्दिष्ट किया जा सकता है?
a. खाद्य पदार्थ में प्रयुक्त किए जाने वाले रंजक द्रव्य और उसकी अधिकतम मात्रा
b. खाद्य पदार्थ का विक्रय मूल्य
c. पैकेज का आकार
d. परिवहन का साधन
104. धारा 23(1क)(ट) के अनुसार किन्हें छूट प्रदान की जा सकती है?
a. केवल विनिर्माताओं को
b. केवल खाद्य निरीक्षकों को
c. किसी खाद्य पदार्थ या खाद्य पदार्थों के वर्ग को
d. केवल राज्य सरकार को
105. धारा 23(1क)(ठ) के अनुसार किसके विनिर्माण, परिवहन या विक्रय को प्रतिषिद्ध या विनियमित किया जा सकता है?
a. प्रत्येक खाद्य पदार्थ का
b. ऐसे खाद्य पदार्थ का जो अपमिश्रक के रूप में प्रयुक्त किया जाना ज्ञात है
c. केवल आयातित खाद्य पदार्थ का
d. केवल निर्यातित खाद्य पदार्थ का
106. धारा 23(1क)(ड)(i) के अनुसार किसका परिवर्धन प्रतिषिद्ध या विनियमित किया जा सकता है?
a. केवल विटामिन का
b. किसी खाद्य पदार्थ में जल, अन्य तनुकारक या अपमिश्रक का
c. केवल खनिजों का
d. केवल परिरक्षियों का
107. धारा 23(1क)(ड)(ii) के अनुसार किसे प्रतिषिद्ध या विनियमित किया जा सकता है?
a. खाद्य पदार्थ से किसी संघटक को निकालना
b. खाद्य पदार्थ का परिवहन
c. खाद्य पदार्थ का निर्यात
d. खाद्य पदार्थ का विज्ञापन
108. धारा 23(1क)(ड)(iii) के अनुसार किस खाद्य पदार्थ के विक्रय को प्रतिषिद्ध या विनियमित किया जा सकता है?
a. केवल आयातित खाद्य पदार्थ के
b. जिसमें परिवर्धन, निष्कासन या अन्य कृत्रिम व्यवहार किया गया हो
c. केवल प्राथमिक खाद्य के
d. केवल पैक किए गए खाद्य पदार्थ के
109. धारा 23(1क)(ड)(iv) के अनुसार किस मिश्रण को प्रतिषिद्ध या विनियमित किया जा सकता है?
a. सभी खाद्य पदार्थों के मिश्रण को
b. प्रकृति या स्वरूप में समान दो या अधिक खाद्य पदार्थों के मिश्रण को
c. केवल पेय पदार्थों के मिश्रण को
d. केवल मसालों के मिश्रण को
110. धारा 23(1क)(ढ) के अनुसार किन खाद्य पदार्थों को विनष्ट करने का उपबंध किया जा सकता है?
a. केवल आयातित खाद्य पदार्थों को
b. केवल मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थों को
c. जो खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुरूप नहीं हैं
d. केवल विनश्वर खाद्य पदार्थों को
111. धारा 23(2) के अनुसार केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम कब संसद् के समक्ष रखा जाएगा?
a. नियम लागू होने से पूर्व
b. बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र
c. प्रत्येक वर्ष
d. केवल मांग किए जाने पर
112. धारा 23(2) के अनुसार नियम संसद् के किसके समक्ष रखा जाएगा?
a. केवल लोकसभा के समक्ष
b. केवल राज्यसभा के समक्ष
c. संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष
d. केवल संसदीय समिति के समक्ष
113. धारा 23(2) के अनुसार नियम कितनी अवधि के लिए संसद् के समक्ष रखा जाएगा?
a. पन्द्रह दिन
b. तीस दिन
c. साठ दिन
d. नब्बे दिन
114. धारा 23(2) के अनुसार तीस दिन की अवधि किस प्रकार पूरी हो सकती है?
a. केवल एक ही सत्र में
b. केवल दो सत्रों में
c. एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में
d. केवल विशेष सत्र में
115. धारा 23(2) के अनुसार यदि दोनों सदन नियम में परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएँ तो नियम किस रूप में प्रभावी होगा?
a. मूल रूप में
b. निरस्त माना जाएगा
c. परिवर्तित रूप में
d. पुनः अधिसूचना के बाद ही
116. धारा 23(2) के अनुसार यदि दोनों सदन सहमत हो जाएँ कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो उसका क्या प्रभाव होगा?
a. नियम स्थगित रहेगा
b. नियम एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा
c. वह निष्प्रभाव हो जाएगा
d. नियम राज्य सरकार को भेज दिया जाएगा
117. धारा 23(2) के अनुसार नियम के परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से पूर्व की गई कार्यवाही पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
a. वह स्वतः अवैध हो जाएगी
b. उसे पुनः करना होगा
c. उसकी विधिमान्यता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा
d. न्यायालय उसे निरस्त कर देगा
118. धारा 24 का विषय क्या है?
a. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति
b. राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति
c. केन्द्रीय सरकार की निदेश देने की शक्ति
d. अपराधों का संज्ञान और विचारण
119. धारा 24(1) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. केन्द्रीय सरकार के पास
b. समिति के पास
c. राज्य सरकार के पास
d. स्थानीय प्राधिकारी के पास
120. धारा 24(1) के अनुसार राज्य सरकार नियम किससे परामर्श करने के पश्चात् बनाएगी?
a. केन्द्रीय सरकार से
b. स्थानीय प्राधिकारी से
c. समिति से परामर्श करने के पश्चात्
d. लोक विश्लेषक से
121. धारा 24(1) के अनुसार नियम बनाने की शर्त क्या है?
a. राज्यपाल की स्वीकृति
b. पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन
c. संसद् की स्वीकृति
d. न्यायालय की अनुमति
122. धारा 24(1) के अनुसार राज्य सरकार किन विषयों पर नियम बना सकती है?
a. सभी विषयों पर
b. केवल आयात से संबंधित विषयों पर
c. जो धारा 23 के क्षेत्र के अन्तर्गत नहीं आते
d. केवल दण्ड से संबंधित विषयों पर
123. धारा 24(1) के अनुसार नियम किस उद्देश्य से बनाए जाएंगे?
a. केवल अनुज्ञप्तियाँ जारी करने के लिए
b. केवल निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए
d. केवल अभियोजन चलाने के लिए
124. धारा 24(2)(क) के अनुसार किनकी शक्तियाँ और कर्तव्य परिनिश्चित किए जा सकते हैं?
a. केवल खाद्य निरीक्षकों के
b. केवल लोक विश्लेषकों के
c. खाद्य (स्वास्थ्य) प्राधिकारी, स्थानीय प्राधिकारी तथा स्थानीय (स्वास्थ्य) प्राधिकारी की
d. केवल केन्द्रीय सरकार के अधिकारियों के
125. धारा 24(2)(ख) के अनुसार किन कार्यों के लिए अनुज्ञप्तियों के संबंध में नियम बनाए जा सकते हैं?
a. केवल आयात के लिए
b. केवल निर्यात के लिए
c. विक्रयार्थ विनिर्माण, भंडारकरण, विक्रय तथा वितरण के लिए
d. केवल परिवहन के लिए
126. धारा 24(2)(ख) के अनुसार किन बातों को विहित किया जा सकता है?
a. केवल अनुज्ञप्ति का प्ररूप
b. केवल आवेदन का प्ररूप
c. अनुज्ञप्ति का प्ररूप, आवेदन का प्ररूप, शर्तें, सशक्त प्राधिकारी, फीस, प्रतिभूति तथा अनुज्ञप्ति या प्रतिभूति के निलंबन, रद्दीकरण या समपहरण की परिस्थितियाँ
d. केवल फीस
127. धारा 24(2)(ग) के अनुसार किन बातों के लिए फीस विनिर्दिष्ट की जा सकती है?
a. केवल अनुज्ञप्ति के लिए
b. केवल निरीक्षण के लिए
c. खाद्य पदार्थ के विश्लेषण या खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अधीन फीस विहित किए जाने योग्य अन्य बातों के लिए
d. केवल न्यायालय शुल्क के लिए
128. धारा 24(2)(घ) के अनुसार किसे जुर्माने की राशि दी जा सकती है?
a. केन्द्रीय सरकार को
b. राज्य सरकार को
c. स्थानीय प्राधिकारी को
d. खाद्य निरीक्षक को
129. धारा 24(2)(ङ) के अनुसार राज्य सरकार या खाद्य (स्वास्थ्य) प्राधिकारी की शक्तियाँ किन्हें प्रत्यायोजित की जा सकती हैं?
a. केवल न्यायालय को
b. केवल केन्द्रीय सरकार को
c. अधीनस्थ प्राधिकारियों या स्थानीय प्राधिकारियों को
d. केवल खाद्य निरीक्षकों को
130. धारा 24(3) के अनुसार नियम किसके समक्ष रखे जाएंगे?
a. संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष
b. केन्द्रीय सरकार के समक्ष
c. संबंधित राज्य विधान-मंडल के समक्ष
d. समिति के समक्ष
131. धारा 25 का विषय क्या है?
a. राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति
b. निरसन और व्यावृत्ति
c. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति
d. अपराधों का संज्ञान और विचारण
132. धारा 25(1) के अनुसार किस विधि का निरसन होगा?
a. सभी राज्य विधियों का
b. भारतीय दण्ड संहिता का
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के प्रारम्भ से पूर्व किसी राज्य में प्रवृत्त खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 की तत्स्थानी विधि का
d. दण्ड प्रक्रिया संहिता का
133. धारा 25(1) के अनुसार तत्स्थानी विधि कब निरसित होगी?
a. अधिनियम पारित होने की तिथि से
b. नियम बनने की तिथि से
c. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के प्रारम्भ पर
d. राजपत्र में अधिसूचना के एक वर्ष बाद
134. धारा 25(1) के अनुसार यह उपधारा किन राज्यों पर लागू होती है?
a. केवल संघ राज्य क्षेत्रों पर
b. केवल केन्द्रशासित प्रदेशों पर
c. उन राज्यों पर जिनमें खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 का विस्तार है
d. सभी देशों पर
135. धारा 25(2) के अनुसार निरसित तत्स्थानी विधि के अधीन बनाए गए कौन-से उपबंध प्रवृत्त बने रहेंगे?
a. केवल अधिसूचनाएँ
b. केवल अनुज्ञप्तियाँ
c. खाद्य में अपमिश्रण के निवारण से संबंधित नियम, विनियम और उपविधियाँ
d. केवल न्यायालय के आदेश
136. धारा 25(2) के अनुसार पूर्ववर्ती नियम, विनियम और उपविधियाँ कब तक प्रवृत्त रहेंगी?
a. एक वर्ष तक
b. पाँच वर्ष तक
c. जब तक उन्हें खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा परिवर्तित, संशोधित या निरसित नहीं कर दिया जाता
d. केवल अगली अधिसूचना तक
137. धारा 25(2) के अनुसार पूर्ववर्ती नियम, विनियम और उपविधियाँ कब प्रवृत्त नहीं रहेंगी?
a. जब राज्य सरकार चाहे
b. जब वे पुराने हो जाएँ
c. जहाँ और जितनी सीमा तक वे खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के उपबंधों से असंगत या विरुद्ध हों
d. जब न्यायालय आदेश दे
138. धारा 25(3)(क) के अनुसार इस धारा में "खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के प्रारम्भ" से क्या अभिप्रेत है?
a. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 का मूल प्रारम्भ
b. खाद्य अपमिश्रण निवारण (संशोधन) अधिनियम, 1971 का प्रारम्भ
c. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का प्रारम्भ
d. भारतीय न्याय संहिता, 2023 का प्रारम्भ
139. धारा 25(3)(ख) के अनुसार उपधारा (2) के उपबंध किस धारा पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेंगे?
a. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 21
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 29
c. साधारण खण्ड अधिनियम, 1897 की धारा 6
d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 3
140. धारा 25(3)(ख) के अनुसार साधारण खण्ड अधिनियम, 1897 की धारा 6 किस निरसन पर भी लागू होगी?
a. केवल केन्द्रीय अधिनियम के निरसन पर
b. केवल राज्य नियमों के निरसन पर
c. जम्मू-कश्मीर राज्य में प्रवृत्त तत्स्थानी विधि के निरसन पर
d. केवल अधिसूचनाओं के निरसन पर
141. धारा 25(3)(ख) के अनुसार जम्मू-कश्मीर की तत्स्थानी विधि को किसके समान माना जाएगा?
a. नियम के समान
b. अधिसूचना के समान
c. मानो वह कोई अधिनियमिति हो
d. उपविधि के समान