Download The Motor Vehicle Act MCQs Set- 14 PDF
1. सिर के सुरक्षा पहनावे (हेलमेट) को न पहनने के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 194(ग)
b. धारा 194(घ)
c. धारा 194(ङ)
d. धारा 195
2. धारा 194घ के अनुसार मोटर साइकिल चालक यदि हेलमेट नहीं पहनता है, तो जुर्माना कितना है?
a. ₹500
b. ₹1,000
c. ₹2,000
d. ₹5,000
3. धारा 194घ के उल्लंघन के लिए अनुज्ञप्ति धारण करने के लिए कितने समय के लिए निरर्हण किया जाएगा?
a. 1 माह
b. 2 माह
c. 3 माह
d. 6 माह
4. धारा 194घ के अंतर्गत दंडनीय कौन होगा?
a. केवल चालक
b. केवल वाहन स्वामी
c. केवल पिछली सवारी
d. चालक और चलवाने की अनुमति देने वाला, दोनों
5. धारा 194घ का उल्लंघन किन नियमों या विनियमों के तहत दंडनीय है?
a. धारा 128 और उसके अधीन बनाए गए नियम एवं विनियम
b. धारा 129 और उसके अधीन बनाए गए नियम एवं विनियम
c. धारा 130 और उसके अधीन बनाए गए नियम एवं विनियम
d. धारा 131 और उसके अधीन बनाए गए नियम एवं विनियम
6. धारा 194घ के अंतर्गत जुर्माना और अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण के अलावा क्या कोई अतिरिक्त दंड लागू होता है?
a. हाँ, कारावास
b. हाँ, वाहन जब्ती
c. हाँ, परमिट निलंबन
d. नहीं, केवल जुर्माना और अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण
7. धारा 194घ के तहत उल्लंघन करने वाला मोटर साइकिल चालक या स्वामी किस प्रकार दंडनीय होगा?
a. केवल जुर्माना
b. केवल अनुज्ञप्ति निलंबन
c. जुर्माना और अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण
d. कारावास और जुर्माना
8. धारा 194घ के अनुसार हेलमेट न पहनने पर लगाया जाने वाला जुर्माना किस प्रकार का है?
a. वाहन के मूल्य पर आधारित
b. चालक की आय पर आधारित
c. निश्चित राशि का जुर्माना
d. न्यायालय के विवेक पर आधारित
9. धारा 194घ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन कर वसूलना
b. सड़क सुरक्षा एवं मोटर साइकिल चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
c. परमिट नियंत्रण करना
d. पंजीकरण व्यवस्था को नियंत्रित करना
10. धारा 194घ के अनुसार अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण की अवधि कितनी है?
a. 15 दिन
b. 1 माह
c. 3 माह
d. 1 वर्ष
11. धारा 194(घ) किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित की गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 79 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 79 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 79 द्वारा
12. आपातकालीन यानों को अबाध रूप से गुजरने देने में असफलता किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 194(घ)
b. धारा 194(ङ)
c. धारा 194(च)
d. धारा 195
13. धारा 194ङ के अनुसार मोटर वाहन चालक किस प्रकार दंडनीय होगा यदि वह आपातकालीन यानों को अबाध रूप से गुजरने नहीं देता?
a. केवल जुर्माना
b. केवल कारावास
c. कारावास या जुर्माना या दोनों
d. केवल अनुज्ञप्ति निलंबन
14. धारा 194ङ के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?
a. 3 माह
b. 6 माह
c. 1 वर्ष
d. 2 वर्ष
15. धारा 194ङ के अंतर्गत अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?
a. ₹5,000
b. ₹7,500
c. ₹10,000
d. ₹15,000
16. धारा 194ङ के अंतर्गत किन यानों के लिए मार्ग खाली करने में असफलता दंडनीय है?
a. केवल पुलिस वाहन
b. केवल एम्बूलेंस
c. केवल अग्निशमन सेवा यान
d. आपातकालीन यान जैसे अग्निशमन सेवा यान, एम्बूलेंस और राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट अन्य यान
17. यदि कोई मोटर वाहन चालक धारा 194ङ का उल्लंघन करता है, तो उसे किन दंडों का सामना करना पड़ सकता है?
a. केवल कारावास
b. केवल जुर्माना
c. कारावास, जुर्माना या दोनों
d. केवल चेतावनी
18. धारा 194(ङ) किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित की गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 79 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 79 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 79 द्वारा
19. हार्नों का प्रयोग और ध्वनिमंद क्षेत्र किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 194(ङ)
b. धारा 194(च)
c. धारा 195
d. धारा 196
20. धारा 194च के अनुसार मोटर वाहन चालक को किस स्थिति में दंडनीय ठहराया जाएगा?
a. बिना बीमा वाहन चलाने पर
b. बिना परमिट वाहन चलाने पर
c. अनावश्यक या अत्यधिक हार्न बजाने पर, या हार्न निषेध क्षेत्र में हार्न बजाने पर
d. बिना पंजीकरण वाहन चलाने पर
21. धारा 194च के अंतर्गत कट-आउट का प्रयोग करने वाले यानों पर क्या दंड है?
a. कारावास
b. अनुज्ञप्ति निलंबन
c. जुर्माना
d. वाहन जब्ती
22. धारा 194च के अनुसार प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?
a. ₹500
b. ₹1,000
c. ₹1,500
d. ₹2,000
23. धारा 194च के अनुसार दूसरे या पश्चातवर्ती अपराध पर अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी होगी?
a. ₹1,000
b. ₹1,500
c. ₹2,000
d. ₹5,000
24. धारा 194च के अंतर्गत हार्न का प्रयोग किस प्रकार प्रतिबंधित है?
a. केवल रात्रि में हार्न बजाना प्रतिबंधित है
b. केवल शहरों में हार्न बजाना प्रतिबंधित है
c. सुरक्षा की आवश्यकता से अधिक या अनावश्यक हार्न बजाना तथा हार्न निषेध क्षेत्र में हार्न बजाना प्रतिबंधित है
d. सभी प्रकार का हार्न बजाना प्रतिबंधित है
25. धारा 194(च) किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित की गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 79 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 79 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 79 द्वारा
26. धारा 195 का लोप किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 80 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 80 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 80 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 80 द्वारा
27. बीमा न किए गए यान को चलाना किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 195
b. धारा 196
c. धारा 197
d. धारा 198
28. धारा 196 के अनुसार कोई मोटर यान चलाने वाला या चलवाने वाला व्यक्ति किस स्थिति में दंडनीय होगा?
a. जब वाहन का पंजीकरण न हो
b. जब वाहन का परमिट न हो
c. जब वाहन बीमा नहीं किया गया हो
d. जब वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र न हो
29. धारा 196 के अनुसार प्रथम अपराध पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?
a. 1 माह
b. 3 माह
c. 6 माह
d. 1 वर्ष
30. धारा 196 के अनुसार प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?
a. ₹1,000
b. ₹2,000
c. ₹4,000
d. ₹5,000
31. धारा 196 के अनुसार द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितना है?
a. ₹2,000
b. ₹3,000
c. ₹4,000
d. ₹5,000
32. धारा 196 के तहत बीमा न किए गए यान के लिए पश्चातवर्ती अपराध पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?
a. 1 माह
b. 3 माह
c. 6 माह
d. 1 वर्ष
33. धारा 196 में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 81 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 81 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 81 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 81 द्वारा
34. प्राधिकार के बिना यान ले जाना किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 196
b. धारा 197
c. धारा 198
d. धारा 199
35. धारा 197 के अनुसार किसी मोटर यान को उसके स्वामी की सहमति या अन्य विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना चलाने पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?
a. 1 माह
b. 3 माह
c. 6 माह
d. 1 वर्ष
36. धारा 197 के अनुसार किसी मोटर यान को उसके स्वामी की सहमति के बिना चलाने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?
a. ₹2,000
b. ₹3,000
c. ₹5,000
d. ₹10,000
37. धारा 197 में अपराध सिद्ध नहीं माना जाएगा जब व्यक्ति यह साबित कर सके कि—
a. वाहन उसका अपना था
b. उसने कोई नुकसान नहीं पहुँचाया
c. उसे समुचित विश्वास था कि उसे विधिपूर्ण प्राधिकार प्राप्त है
d. वह पहली बार अपराध कर रहा था
38. धारा 197 के अनुसार बलपूर्वक या धमकी देकर किसी मोटर यान को छीनने पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?
a. 1 माह
b. 3 माह
c. 6 माह
d. 1 वर्ष
39. धारा 197 के अनुसार किसी मोटर यान को बलपूर्वक या धमकी से छीनने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?
a. ₹2,000
b. ₹3,000
c. ₹5,000
d. ₹10,000
40. धारा 197 के तहत किसी व्यक्ति द्वारा यान छीनने या नियंत्रित करने के प्रयास या दुष्प्रेरण के बारे में क्या कहा गया है?
a. यह केवल प्रयास माना जाएगा, अपराध नहीं
b. इसे चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा
c. उसे उसी प्रकार अपराध माना जाएगा जैसे यान को छीनना या चलाना हुआ हो
d. केवल जुर्माना लगाया जाएगा
41. धारा 197(2) में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 81 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 81 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 81 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 81 द्वारा
42. धारा 197(3) में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 82 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 82 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 82 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 82 द्वारा
43. यान में अनधिकृत हस्तक्षेप किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 197
b. धारा 198
c. धारा 199
d. धारा 200
44. धारा 198 के अनुसार किस स्थिति में किसी व्यक्ति को दंडनीय माना जाएगा?
a. जब वह वाहन का पंजीकरण न कराए
b. जब वह बिना विधिपूर्ण प्राधिकार के किसी खड़े हुए मोटर यान में प्रवेश करे या चढ़े
c. जब वह वाहन का बीमा न कराए
d. जब वह बिना हेलमेट वाहन चलाए
45. धारा 198 के तहत किस प्रकार का यंत्र या वाहन का हिस्सा बिगाड़ना अपराध माना जाएगा?
a. केवल वाहन का रंग बदलना
b. केवल सीट हटाना
c. केवल ब्रेक या यंत्र-जाल (Machinery) के किसी भाग को बिगाड़ना
d. केवल वाहन की खिड़की खोलना
46. धारा 198 के अनुसार जुर्माना कितना है?
a. ₹500
b. ₹1,000
c. ₹2,000
d. ₹5,000
47. धारा 198 के अनुसार जुर्माने की राशि में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 83 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 83 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 83 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 83 द्वारा
48. धारा 198 में अपराध सिद्ध होने के लिए क्या आवश्यक है?
a. वाहन का सार्वजनिक स्थान पर होना
b. वाहन का परिवहन यान होना
c. व्यक्ति का बिना विधिपूर्ण प्राधिकार या युक्तियुक्त कारण के वाहन में प्रवेश करना या उसके किसी यंत्र को बिगाड़ना
d. वाहन का बीमित न होना
49. धारा 198 के अंतर्गत खड़े हुए मोटर यान में बिना अनुमति प्रवेश करना क्या माना जाएगा?
a. केवल सिविल विवाद
b. दंडनीय अपराध
c. यातायात उल्लंघन नहीं
d. केवल चेतावनी योग्य कार्य
50. धारा 198 का उद्देश्य क्या है?
a. वाहन कर संग्रह बढ़ाना
b. मोटर यानों को अनधिकृत हस्तक्षेप और क्षति से सुरक्षित रखना
c. वाहन पंजीकरण को बढ़ावा देना
d. सड़क निर्माण को प्रोत्साहित करना
51. धारा 198 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति बिना उचित कारण के वाहन के ब्रेक से छेड़छाड़ करता है, तो वह—
a. अपराध का दोषी होगा
b. केवल चेतावनी का पात्र होगा
c. केवल हर्जाने का उत्तरदायी होगा
d. किसी दंड का पात्र नहीं होगा
52. धारा 198 के अंतर्गत दंडनीय कृत्यों में कौन सम्मिलित है?
a. बिना अनुमति वाहन में प्रवेश करना
b. वाहन के ब्रेक या यंत्र-जाल के भाग को बिगाड़ना
c. बिना विधिपूर्ण प्राधिकार वाहन से छेड़छाड़ करना
d. उपर्युक्त सभी
53. सड़क डिजाइन, संनिर्माण और रखरखाव के मानकों का अनुपालन करने में असफल रहना किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 198
b. धारा 198(क)
c. धारा 199
d. धारा 200
54. धारा 198क के अनुसार सड़क के डिजाइन, संनिर्माण और रखरखाव के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का दायित्व किसका है?
a. केवल राज्य सरकार का
b. केवल पुलिस विभाग का
c. उत्तरदायी अभिहित प्राधिकारी, संविदाकार, परामर्शी या ग्राही का
d. केवल जिला कलेक्टर का
55. यदि किसी सड़क के मानकों का अनुपालन न करने के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु या निःशक्तता होती है, तो धारा 198क के अनुसार अधिकतम जुर्माना कितना है?
a. ₹50,000
b. ₹75,000
c. ₹1,00,000
d. ₹2,00,000
56. धारा 198क के अंतर्गत न्यायालय सड़क दुर्घटना के समय किन विषयों को ध्यान में रखेगा?
a. सड़क की विशेषताएँ और यातायात की प्रकृति
b. रखरखाव के नियमों का मानक और मरम्मत की स्थिति
c. सड़क चिह्नों और चेतावनी संकेतों की पर्याप्तता
d. उपर्युक्त सभी
57. धारा 198क में “संविदाकार” शब्द का क्या अर्थ है?
a. केवल मुख्य ठेकेदार
b. केवल सरकारी अभियंता
c. उप-संविदाकार और कोई भी व्यक्ति जो सड़क के भाग के डिजाइन, संनिर्माण या रखरखाव के लिए उत्तरदायी है
d. केवल परामर्शदाता
58. धारा 198क के अनुसार सड़क के रखरखाव में असफल रहने के परिणामस्वरूप दंड की राशि का संदाय कहाँ किया जाएगा?
a. राज्य कोष में
b. जिला सड़क निधि में
c. धारा 164ख के अधीन गठित निधि में
d. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को
59. धारा 198क का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. सड़क कर बढ़ाना
b. सड़क सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना
c. वाहन पंजीकरण को बढ़ावा देना
d. परमिट प्रणाली को नियंत्रित करना
60. धारा 198क के अंतर्गत दंड किस स्थिति में लगाया जा सकता है?
a. केवल सड़क निर्माण में देरी होने पर
b. केवल सड़क कर जमा न करने पर
c. सड़क के डिजाइन, निर्माण या रखरखाव के सुरक्षा मानकों का पालन न करने से मृत्यु या निःशक्तता होने पर
d. केवल यातायात जाम होने पर
61. धारा 198क के अनुसार सड़क दुर्घटना के मामलों में उत्तरदायित्व किन पर डाला जा सकता है?
a. केवल संविदाकार पर
b. केवल अभिहित प्राधिकारी पर
c. केवल परामर्शी पर
d. अभिहित प्राधिकारी, संविदाकार, परामर्शी या ग्राही पर
62. धारा 198क के अनुसार सड़क चिह्नों और चेतावनी संकेतों की पर्याप्तता का परीक्षण क्यों किया जाता है?
a. राजस्व निर्धारण के लिए
b. दुर्घटना के कारण और उत्तरदायित्व निर्धारित करने के लिए
c. सड़क कर बढ़ाने के लिए
d. परमिट जारी करने के लिए
63. धारा 198क किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 84 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 84 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 84 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 84 द्वारा
64. कंपनियों द्वारा अपराध किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 198(क)
b. धारा 199
c. धारा 200
d. धारा 201
65. धारा 199 के अनुसार यदि कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है, तो किसे दोषी माना जाएगा?
a. केवल कंपनी को
b. केवल निदेशक को
c. कंपनी और वह व्यक्ति जो उस समय कंपनी के संचालन के लिए उत्तरदायी था
d. केवल प्रबंधक को
66. कौन-सा व्यक्ति धारा 199 के तहत दंड से बच सकता है?
a. जो कंपनी में कार्यरत नहीं था
b. जो अपराध की जानकारी के बिना था या जिसने निवारण के लिए सम्यक् तत्परता दिखाई
c. केवल निदेशक
d. केवल सचिव
67. यदि अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया और यह साबित हो कि निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता शामिल थी, तो क्या होगा?
a. केवल कंपनी दोषी होगी
b. केवल कर्मचारी दोषी होगा
c. अधिकारी भी दोषी ठहराए जाएंगे
d. कोई दंड नहीं होगा
68. धारा 199 के स्पष्टीकरण के अनुसार “कंपनी” में क्या शामिल है?
a. केवल निगमित निकाय
b. केवल फर्म
c. केवल व्यक्तियों का संगम
d. निगमित निकाय, फर्म और व्यक्तियों का संगम
69. धारा 199 के अनुसार कंपनी के कौन-कौन से अधिकारी अपराध के लिए दोषी ठहराए जा सकते हैं?
a. केवल निदेशक
b. केवल प्रबंधक
c. केवल सचिव
d. निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी जिनकी सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा शामिल हो
70. यदि कंपनी का कर्मचारी अपराध करता है और उसे इसकी जानकारी नहीं थी, तो धारा 199 के अनुसार उसका क्या परिणाम होगा?
a. वह स्वतः दोषी माना जाएगा
b. उसे कारावास होगा
c. वह दंड से बच सकता है यदि उसने निवारण के लिए सम्यक् तत्परता दिखाई हो
d. उसे केवल जुर्माना होगा
71. धारा 199 के अंतर्गत किसी अपराध में सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा किसके लिए दोष सिद्ध करती है?
a. केवल कंपनी के लिए
b. केवल कर्मचारी के लिए
c. कंपनी के अधिकारियों के लिए
d. केवल निदेशक के लिए
72. क्या किसी अधिकारी को अपराध के लिए दोषी ठहराया जा सकता है यदि उसने अपराध को रोकने के लिए सभी समुचित प्रयास किए हों?
a. हाँ, हमेशा
b. केवल जुर्माने के लिए
c. नहीं
d. केवल कारावास के लिए
73. धारा 199 के अनुसार अपराध की स्थिति में “मौनानुकूलता” का क्या अर्थ है?
a. लिखित आदेश देना
b. अपराध में प्रत्यक्ष भाग लेना
c. अधिकारी ने चुप रहकर अनुमति दी या उपेक्षा की
d. अपराध की सूचना पुलिस को देना
74. धारा 199 के अंतर्गत न्यायालय किसके विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है?
a. केवल कंपनी के विरुद्ध
b. केवल निदेशक के विरुद्ध
c. कंपनी और जो व्यक्ति कंपनी के संचालन के लिए उत्तरदायी था, उसके विरुद्ध
d. केवल कर्मचारियों के विरुद्ध
75. किशोर द्वारा अपराध किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 199
b. धारा 199(क)
c. धारा 200
d. धारा 201
76. यदि कोई अपराध किसी किशोर द्वारा किया जाता है, तो किसे दोषी ठहराया जा सकता है?
a. केवल किशोर को
b. केवल संरक्षक को
c. केवल मोटर यान के स्वामी को
d. किशोर और उसके संरक्षक या मोटर यान के स्वामी को
77. संरक्षक या मोटर यान का स्वामी किस स्थिति में दंड से मुक्त रहेगा?
a. यदि वह सरकारी कर्मचारी हो
b. यदि अपराध पहली बार हुआ हो
c. यदि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ हो या उसने निवारण के लिए सम्यक् तत्परता दिखाई हो
d. यदि किशोर की आयु 18 वर्ष से कम हो
78. स्पष्टीकरण के अनुसार न्यायालय यह उपधारणा करेगा कि किशोर द्वारा मोटर यान का प्रयोग कैसे किया गया था?
a. चोरी से
b. बलपूर्वक
c. संरक्षक या स्वामी की सहमति से
d. न्यायालय की अनुमति से
79. उपधारा (2) के अनुसार संरक्षक या स्वामी किस दंड के लिए उत्तरदायी हो सकता है?
a. कारावास 1 वर्ष तक और जुर्माना ₹10,000 तक
b. कारावास 2 वर्ष तक और जुर्माना ₹20,000 तक
c. कारावास 3 वर्ष तक और जुर्माना ₹25,000 तक
d. केवल जुर्माना ₹25,000 तक
80. उपधारा (3) के अनुसार संरक्षक या स्वामी पर यह दंड लागू नहीं होगा यदि किशोर को कौन-सी अनुज्ञप्ति प्रदान की गई थी?
a. केवल अंतरराष्ट्रीय अनुज्ञप्ति
b. शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन अनुज्ञप्ति
c. केवल परिवहन अनुज्ञप्ति
d. केवल अस्थायी अनुज्ञप्ति
81. उपधारा (4) के अनुसार किशोर द्वारा अपराध में प्रयुक्त मोटर यान के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी?
a. जब्त किया जाएगा
b. स्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा
c. बारह मास के लिए रद्द किया जाएगा
d. नीलाम किया जाएगा
82. उपधारा (5) के अनुसार किशोर कब तक धारा 9 के अधीन चालन अनुज्ञप्ति प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा?
a. 18 वर्ष की आयु तक
b. 21 वर्ष की आयु तक
c. 23 वर्ष की आयु तक
d. 25 वर्ष की आयु तक
83. उपधारा (6) के अनुसार किशोर पर दंड कैसे लागू होगा?
a. भारतीय न्याय संहिता के अनुसार
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता के अनुसार
c. किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अभिरक्षणीय दंडादेश द्वारा
d. केवल जुर्माने द्वारा
84. यदि कोई किशोर वैध अनुज्ञप्ति प्राप्त करके मोटर यान चलाता है और अपराध करता है, तो संरक्षक पर क्या प्रभाव होगा?
a. संरक्षक को कारावास होगा
b. संरक्षक को जुर्माना होगा
c. संरक्षक पर दंड लागू नहीं होगा
d. संरक्षक का वाहन जब्त होगा
85. धारा 199क के अनुसार किशोर द्वारा अपराध करने पर मोटर यान को कितनी अवधि के लिए रद्द किया जाएगा?
a. 6 माह
b. 9 माह
c. 12 माह
d. 24 माह
86. उपधारा (2) में संरक्षक या स्वामी पर लागू दंड की अधिकतम सीमा क्या है?
a. कारावास 2 वर्ष और जुर्माना ₹10,000
b. कारावास 3 वर्ष और जुर्माना ₹25,000
c. कारावास 5 वर्ष और जुर्माना ₹50,000
d. केवल जुर्माना ₹25,000
87. उपधारा (5) किस अधिनियम के तहत किशोर को अनुज्ञप्ति प्रदान करने से रोकता है?
a. किशोर न्याय अधिनियम, 2015
b. भारतीय न्याय संहिता, 2023
c. मोटर यान अधिनियम, 1988
d. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973
88. धारा 199क किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 85 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 85 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 85 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 85 द्वारा
89. जुर्माने का पुनरीक्षण किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 199(क)
b. धारा 199(ख)
c. धारा 200
d. धारा 201
90. धारा 199ख के अनुसार जुर्मानों में वृद्धि प्रत्येक वर्ष किस तारीख को की जाती है?
a. 1 जनवरी
b. 1 मार्च
c. 1 अप्रैल
d. 1 जुलाई
91. धारा 199ख के अनुसार जुर्माने में अधिकतम कितने प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है?
a. 5%
b. 10%
c. 15%
d. 20%
92. धारा 199ख के अनुसार जुर्मानों में वृद्धि की राशि कौन अधिसूचित करता है?
a. राज्य सरकार
b. उच्च न्यायालय
c. परिवहन आयुक्त
d. केन्द्रीय सरकार
93. धारा 199ख किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 85 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 85 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 85 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 85 द्वारा
94. कतिपय अपराधों का शमन किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 199(ख)
b. धारा 200
c. धारा 201
d. धारा 202
95. धारा 200 के अनुसार कुछ अपराधों का शमन किसके द्वारा किया जा सकता है?
a. केवल न्यायालय द्वारा
b. केवल पुलिस अधिकारी द्वारा
c. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अधिकारी या प्राधिकारी द्वारा
d. केवल जिला कलेक्टर द्वारा
96. धारा 200 के अनुसार अपराध का शमन कब किया जा सकता है?
a. केवल अभियोजन से पहले
b. केवल अभियोजन के बाद
c. अभियोजन के पहले या बाद में
d. केवल दोषसिद्धि के बाद
97. शमन के लिए देय राशि कौन निर्धारित करता है?
a. न्यायालय
b. राज्य सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना से
c. परिवहन विभाग
d. पुलिस विभाग
98. धारा 200 के अनुसार राज्य सरकार अपराधी से किस अतिरिक्त दायित्व की अपेक्षा कर सकती है?
a. केवल जुर्माना
b. केवल कारावास
c. सामुदायिक सेवा का वचनबंध
d. संपत्ति का हस्तांतरण
99. यदि किसी अपराध का शमन कर दिया जाता है और अपराधी अभिरक्षा में है, तो क्या होगा?
a. उसे न्यायालय भेजा जाएगा
b. उसे जमानत दी जाएगी
c. उसे निर्मुक्त कर दिया जाएगा
d. उसे पुनः गिरफ्तार किया जाएगा
100. धारा 200 के अनुसार शमन होने पर अपराधी के विरुद्ध आगे क्या होगा?
a. पुनः जांच होगी
b. न्यायालय में वाद चलेगा
c. आगे कोई कार्यवाही नहीं होगी
d. केवल जुर्माना बढ़ाया जाएगा
101. धारा 200 के अनुसार शमन होने पर भी अपराधी किससे मुक्त नहीं होगा?
a. धारा 129 की कार्यवाही से
b. धारा 184 की कार्यवाही से
c. धारा 206(1) के अधीन कार्यवाही से
d. धारा 207 की कार्यवाही से
102. शमन होने पर भी चालक को क्या पूरा करना पड़ सकता है?
a. चिकित्सा परीक्षण
b. चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
c. न्यायालयीन प्रशिक्षण
d. सड़क सुरक्षा परीक्षा
103. शमन होने के बाद भी अपराधी को क्या करना पड़ सकता है?
a. पुनः पंजीकरण
b. सामुदायिक सेवा
c. कारावास
d. सुरक्षा जमा
104. धारा 200 के अंतर्गत शमन किन अपराधों के लिए लागू होता है?
a. सभी अपराधों के लिए
b. केवल न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट अपराधों के लिए
c. अधिनियम में निर्दिष्ट कुछ अपराधों के लिए
d. केवल प्रथम अपराध के लिए
105. धारा 200(1) में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2019 के अधिनियम सं. 32 द्वारा
b. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा
c. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 2 द्वारा
d. 2024 के अधिनियम सं. 5 द्वारा
106. धारा 200(2) में परन्तुक किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 87 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 87 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 87 द्वारा
107. यातायात के मुक्त प्रवाह में अवरोध डालने के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 200
b. धारा 201
c. धारा 202
d. धारा 203
108. यदि कोई व्यक्ति वाहन को सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार खड़ा करता है जिससे यातायात का मुक्त प्रवाह अवरुद्ध होता है, तो वह किसके लिए दायी होगा?
a. केवल चेतावनी के लिए
b. केवल वाहन जब्ती के लिए
c. प्रति घंटा जुर्माने के लिए
d. केवल न्यायालयीन कार्यवाही के लिए
109. धारा 201 के अनुसार यातायात अवरुद्ध करने पर प्रति घंटे अधिकतम कितनी शास्ति लग सकती है?
a. ₹100
b. ₹200
c. ₹500
d. ₹1,000
110. यह शास्ति कब तक लागू रहेगी?
a. 24 घंटे तक
b. जब तक पुलिस पहुंचे
c. जब तक वाहन वहां खड़ा रहता है
d. केवल एक बार
111. दुर्घटनाग्रस्त वाहन कब से शास्ति के लिए दायी होगा?
a. दुर्घटना होते ही
b. पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने पर
c. निरीक्षण की विधिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद
d. न्यायालय के आदेश के बाद
112. यदि वाहन को हटाने के लिए सरकार द्वारा प्राधिकृत एजेंसी लगाई जाती है, तो हटाने का खर्च किससे वसूला जाएगा?
a. राज्य सरकार से
b. पुलिस विभाग से
c. वाहन के स्वामी या वाहन के भारसाधक व्यक्ति से
d. बीमा कंपनी से
113. धारा 201 के अंतर्गत शास्ति या हटाने के प्रभार कौन वसूल करेगा?
a. न्यायालय
b. परिवहन आयुक्त
c. राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित अधिकारी या प्राधिकारी
d. जिला कलेक्टर
114. यदि मोटर यान में अचानक खराबी हो गई है और उसे हटाया जा रहा है, तो क्या धारा 201(1) लागू होगी?
a. हाँ, पूर्ण रूप से
b. केवल आधी शास्ति लगेगी
c. नहीं
d. न्यायालय के आदेश पर ही
115. धारा 201 में “हटाए जाने के प्रभार” में क्या शामिल है?
a. केवल टोइंग शुल्क
b. केवल भंडारण शुल्क
c. वाहन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक हटाने की लागत और भंडारण की लागत
d. केवल प्रशासनिक शुल्क
116. यदि वाहन सार्वजनिक स्थान पर यातायात बाधित करता है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
a. केवल चालक की
b. केवल स्वामी की
c. वाहन के स्वामी या वाहन के भारसाधक व्यक्ति की
d. पुलिस विभाग की
117. धारा 201(1) एवं 201(3) के स्पष्टीकरण में “पचास रुपए” के स्थान पर “पाँच सौ रुपए” किस संशोधन द्वारा प्रतिस्थापित किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 की धारा 87 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 की धारा 87 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 की धारा 87 द्वारा
118. धारा 201(2) और 201(3) में संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया?
a. 2018 के अधिनियम सं. 31 द्वारा
b. 2019 के अधिनियम सं. 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से)
c. 2020 के अधिनियम सं. 15 द्वारा
d. 2023 के अधिनियम सं. 18 द्वारा
119. वारण्ट के बिना गिरफ्तार करने की शक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 201
b. धारा 202
c. धारा 203
d. धारा 204
120. धारा 202 के अनुसार बिना वारंट के गिरफ्तारी कौन कर सकता है?
a. परिवहन अधिकारी
b. मजिस्ट्रेट
c. वर्दी में पुलिस अधिकारी
d. जिला कलेक्टर
121. पुलिस अधिकारी बिना वारंट कब गिरफ्तारी कर सकता है?
a. जब किसी ने शिकायत की हो
b. जब अपराध उसकी उपस्थिति में किया गया हो
c. जब न्यायालय आदेश दे
d. जब वाहन जब्त हो
122. धारा 202 के अनुसार किन धाराओं के अपराध पर बिना वारंट गिरफ्तारी हो सकती है?
a. धारा 177, 178, 179
b. धारा 180, 181, 182
c. धारा 184, 185, 197
d. धारा 190, 191, 192
123. धारा 185 के अपराध में गिरफ्तार व्यक्ति की चिकित्सीय परीक्षा कितने समय के भीतर कराई जानी चाहिए?
a. 1 घंटे के भीतर
b. 2 घंटे के भीतर
c. 6 घंटे के भीतर
d. 24 घंटे के भीतर
124. यदि चिकित्सीय परीक्षा निर्धारित समय में नहीं कराई जाती है, तो क्या होगा?
a. जुर्माना लगाया जाएगा
b. वाहन जब्त होगा
c. आरोपी को अभिरक्षा से निर्मुक्त किया जाएगा
d. मामला समाप्त हो जाएगा
125. चिकित्सीय परीक्षा किसके द्वारा की जाएगी?
a. पुलिस अधिकारी
b. न्यायिक अधिकारी
c. रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी
d. परिवहन निरीक्षक
126. यदि कोई व्यक्ति अपना नाम और पता बताने से इंकार करता है, तो क्या किया जा सकता है?
a. केवल जुर्माना लगाया जाएगा
b. वाहन जब्त किया जाएगा
c. बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है
d. चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा
127. चालक को बिना वारंट गिरफ्तार करने पर पुलिस अधिकारी क्या करेगा?
a. वाहन को तुरंत नीलाम करेगा
b. वाहन को न्यायालय भेजेगा
c. वाहन के अस्थायी निपटारे के लिए उचित कदम उठाएगा
d. वाहन को स्थायी रूप से जब्त करेगा
128. धारा 202 के अंतर्गत बिना वारंट गिरफ्तारी की शक्ति किसे प्राप्त है?
a. किसी भी सरकारी कर्मचारी को
b. केवल वर्दीधारी पुलिस अधिकारी को
c. परिवहन विभाग के सभी कर्मचारियों को
d. ग्राम पंचायत को
129. धारा 202 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. कर वसूली करना
b. गंभीर यातायात अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना
c. वाहन पंजीकरण नियंत्रित करना
d. परमिट जारी करना
130. धारा 202 के अनुसार नाम और पता बताने से इंकार करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध क्या कार्रवाई संभव है?
a. केवल चेतावनी
b. केवल चालान
c. बिना वारंट गिरफ्तारी
d. केवल वाहन जब्ती
131. श्वास-परीक्षण किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 202
b. धारा 203
c. धारा 204
d. धारा 205
132. श्वास-परीक्षण की अपेक्षा कौन कर सकता है?
a. कोई भी पुलिस कर्मचारी
b. केवल मजिस्ट्रेट
c. वर्दी पहने हुए पुलिस अधिकारी या मोटर यान विभाग का प्राधिकृत अधिकारी
d. केवल परिवहन आयुक्त
133. श्वास-परीक्षण किस स्थान पर कराया जा सकता है?
a. केवल पुलिस थाने में
b. केवल अस्पताल में
c. किसी सार्वजनिक स्थान पर या उसके पास
d. केवल न्यायालय में
134. श्वास-परीक्षण की अपेक्षा कब की जा सकती है?
a. जब वाहन का पंजीकरण न हो
b. जब अधिकारी को धारा 185 के अपराध का युक्तियुक्त संदेह हो
c. जब वाहन का परमिट समाप्त हो गया हो
d. जब चालक हेलमेट न पहने हो
135. दुर्घटना की स्थिति में श्वास-परीक्षण की अपेक्षा किससे की जा सकती है?
a. किसी भी प्रत्यक्षदर्शी से
b. वाहन के स्वामी से
c. उस व्यक्ति से जो दुर्घटना के समय मोटर यान चला रहा था
d. बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से
136. यदि व्यक्ति अस्पताल में अन्तरंग रोगी (Indoor Patient) है, तो श्वास-नमूना कहाँ लिया जा सकता है?
a. पुलिस थाने में
b. न्यायालय में
c. अस्पताल में
d. परिवहन कार्यालय में
137. यदि श्वास-परीक्षण से यह प्रतीत हो कि व्यक्ति के रक्त में एल्कोहल है, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?
a. केवल चेतावनी दे सकता है
b. केवल जुर्माना लगा सकता है
c. बिना वारण्ट गिरफ्तार कर सकता है
d. वाहन जब्त कर सकता है
138. यदि व्यक्ति श्वास-नमूना देने से इंकार करता है, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?
a. केवल चालान काट सकता है
b. बिना वारण्ट गिरफ्तार कर सकता है
c. केवल वाहन जब्त कर सकता है
d. केवल चेतावनी दे सकता है
139. धारा 203 के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति को पुलिस थाने में क्या अवसर दिया जाएगा?
a. जमानत का अवसर
b. वकील से मिलने का अवसर
c. श्वास-परीक्षण के लिए श्वास का नमूना देने का अवसर
d. वाहन छुड़ाने का अवसर
140. धारा 203 के अंतर्गत किए गए श्वास-परीक्षण के परिणाम क्या होंगे?
a. केवल प्रशासनिक अभिलेख होंगे
b. न्यायालय में मान्य नहीं होंगे
c. साक्ष्य में ग्राह्य होंगे
d. केवल पुलिस रिकॉर्ड के लिए होंगे
141. श्वास-परीक्षण किस युक्ति से किया जाएगा?
a. किसी भी उपलब्ध यंत्र से
b. राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित युक्ति से
c. केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित युक्ति से
d. केवल अस्पताल की मशीन से
142. धारा 203 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. वाहन कर वसूलना
b. मादक प्रभाव में वाहन चलाने के अपराध का पता लगाना
c. वाहन पंजीकरण की जांच करना
d. परमिट सत्यापन करना
Download The Motor Vehicle Act MCQs Set- 14 PDF