अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम MCQs Set-3

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

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1. धारा 18(1)(ग) के अधीन विक्रय की पद्धति किस आधार पर निर्धारित होगी?

a. सरकार के निर्देश पर

b. आस्तियों की प्रकृति पर निर्भर करते हुए

c. केवल न्यायालय शुल्क के आधार पर

d. केवल बैंक नियमों के आधार पर

 

2. धारा 18(1)(ग) के अधीन विक्रय आगम कहाँ जमा किए जाएंगे?

a. राज्य कोष में

b. न्यायालय खाते में

c. सक्षम प्राधिकारी के बैंक खाते में

d. रिजर्व बैंक में

 

3. धारा 18(1)(घ) के अधीन अभिहित न्यायालय को कौन-सी शक्ति प्राप्त है?

a. आस्तियों को कब्जे में लेने और वसूल करने हेतु आवश्यक व्यय का अनुमोदन करने की शक्ति

b. केवल कर निर्धारण की शक्ति

c. केवल गिरफ्तारी की शक्ति

d. केवल अपील की शक्ति

 

4. धारा 18(1)(घ) के अधीन आवश्यक व्यय किसके द्वारा उपगत किया जाएगा?

a. राज्य सरकार द्वारा

b. निक्षेपकर्ता द्वारा

c. सक्षम प्राधिकारी द्वारा

d. न्यायालय द्वारा

 

5. धारा 18(1)(ङ) के अधीन अभिहित न्यायालय को कौन-सी शक्ति प्राप्त है?

a. निक्षेपकर्ताओं को पूर्ण या आनुपतिक संदाय का आदेश पारित करने की शक्ति

b. केवल कुर्की आदेश की शक्ति

c. केवल विक्रय की शक्ति

d. केवल अपील की शक्ति

 

6. धारा 18(1)(ङ) के अधीन पूर्ण संदाय का आदेश कौन करेगा?

a. सक्षम प्राधिकारी

b. अभिहित न्यायालय

c. राज्य सरकार

d. बैंक

 

7. धारा 18(1)(ङ) के अधीन आनुपतिक संदाय का आदेश कब किया जाएगा?

a. जब वसूल किया गया धन संपूर्ण निक्षेप दायित्व को पूरा करने के लिए पर्याप्त न हो

b. जब न्यायालय चाहे

c. केवल सरकारी आदेश पर

d. केवल बैंक निर्देश पर

 

8. धारा 18(1)(च) के अधीन अभिहित न्यायालय को कौन-सी शक्ति प्राप्त है?

a. सदोष अभिलाभ या बचाई गई हानि के बराबर रकम वापस करने का निदेश देने की शक्ति

b. केवल दंड देने की शक्ति

c. केवल गिरफ्तारी की शक्ति

d. केवल विक्रय की शक्ति

 

9. धारा 18(1)(च) के अधीन निदेश किसे दिया जा सकता है?

a. केवल सरकारी अधिकारी को

b. ऐसे व्यक्ति को जिसने उल्लंघनकारी संव्यवहार या क्रियाकलाप से लाभ लिया हो या हानि होने से बचा हो

c. केवल निक्षेपकर्ता को

d. केवल बैंक अधिकारी को

 

10. धारा 18(1)(च) के अधीन वापस कराई जाने वाली रकम कितनी होगी?

a. केवल मूलधन के बराबर

b. सदोष अभिलाभ या बचाई गई हानि की रकम के बराबर

c. केवल ब्याज के बराबर

d. न्यायालय द्वारा निर्धारित कोई भी राशि

 

11. धारा 18(1)(छ) के अधीन अभिहित न्यायालय को कौन-सी शक्ति प्राप्त है?

a. ऐसा आदेश पारित करने की शक्ति, जो आस्तियों की वसूली, प्रतिसंदाय या आनुषंगिक विषयों हेतु उचित हो

b. केवल गिरफ्तारी आदेश की शक्ति

c. केवल अपील शक्ति

d. केवल कर निर्धारण की शक्ति

 

12. धारा 18(2) के अधीन आवेदन कौन कर सकता है?

a. केवल सक्षम प्राधिकारी

b. केवल राज्य सरकार

c. कुर्क की गई और सक्षम प्राधिकारी में निहित संपत्ति में हितबद्ध व्यक्ति

d. केवल निक्षेपकर्ता

 

13. धारा 18(2) के अधीन आदेश पारित करने से पूर्व किसे सुनवाई का अवसर दिया जाएगा?

a. राज्य सरकार को

b. सक्षम प्राधिकारी को

c. केवल निक्षेपकर्ता को

d. केवल बैंक को

 

14. धारा 18(2) के अधीन अभिहित न्यायालय किस प्रकार का आदेश कर सकेगा?

a. केवल दंडादेश

b. केवल कुर्की आदेश

c. जो न्यायोचित और युक्तियुक्त समझे

d. केवल विक्रय आदेश

 

15. धारा 18(2)(क) के अधीन अभिहित न्यायालय किस प्रयोजन हेतु राशि उपलब्ध करा सकता है?

a. आवेदक और उसके कुटुंब के भरण-पोषण तथा बचाव व्ययों हेतु

b. केवल व्यापार विस्तार हेतु

c. केवल कर भुगतान हेतु

d. केवल बैंक ऋण हेतु

 

16. धारा 18(2)(क) के अधीन बचाव व्ययों हेतु राशि कब उपलब्ध कराई जा सकती है?

a. जब आवेदक के विरुद्ध अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन दांडिक कार्यवाहियां आरंभ की गई हों

b. केवल अपील के समय

c. केवल कर विवाद में

d. केवल बैंक विवाद में

 

17. धारा 18(2)(क) के अधीन राशि किस संपत्ति से उपलब्ध कराई जा सकती है?

a. केवल सरकारी संपत्ति से

b. कुर्क की गई और सक्षम प्राधिकारी में निहित संपत्ति से जिसमें आवेदक हित का दावा करता है

c. केवल बैंक खाते से

d. केवल न्यायालय कोष से

 

18. धारा 18(2)(ख) के अधीन अभिहित न्यायालय क्या कर सकेगा?

a. कुर्की से प्रभावित कारबार के हित का यथासाध्य सुरक्षोपाय

b. केवल कुर्की रद्द करना

c. केवल दंड देना

d. केवल अपील स्वीकार करना

 

19. क्या धारा 18 के स्पष्टीकरण के अनुसार धारा 18 में "निक्षेप लेने वाले" के अंतर्गत कौन सम्मिलित हैं?

a. केवल निदेशक

b. केवल प्रवर्तक

c. निदेशक, प्रवर्तक, प्रबंधक, सदस्य या अन्य व्यक्ति जिसकी संपत्ति कुर्क की गई है

d. केवल सदस्य

 

20. क्या धारा 18 के स्पष्टीकरण में "निक्षेप लेने वाले" में स्थापन का निदेशक सम्मिलित है?

a. नहीं

b. केवल विशेष मामलों में

c. हाँ

d. केवल निजी कंपनियों में

 

21. क्या धारा 18 के स्पष्टीकरण में "निक्षेप लेने वाले" में प्रवर्तक, प्रबंधक या सदस्य सम्मिलित हैं?

a. नहीं

b. केवल प्रवर्तक

c. केवल सदस्य

d. हाँ

 

22. क्या धारा 18 के स्पष्टीकरण में ऐसा अन्य व्यक्ति सम्मिलित है जिसकी संपत्ति अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन कुर्क की गई है?

a. केवल सरकारी अधिकारी

b. नहीं

c. हाँ

d. केवल बैंक अधिकारी

 

23. धारा 19 का विषय क्या है?

a. उच्च न्यायालय को अपील

b. अभिहित न्यायालय की शक्तियां

c. कुर्की के बदले संदाय

d. कुर्की की पुष्टि

 

24. धारा 19 के अधीन अपील कौन कर सकता है?

a. केवल निक्षेपकर्ता

b. केवल सक्षम प्राधिकारी

c. कोई भी व्यक्ति, जिसके अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी भी है

d. केवल राज्य सरकार

 

25. धारा 19 के अधीन अपील कब की जा सकती है?

a. किसी भी समय

b. जब व्यक्ति अभिहित न्यायालय के अंतिम आदेश से व्यथित हो

c. केवल आदेश से पहले

d. केवल जांच के दौरान

 

26. धारा 19 के अधीन किस आदेश के विरुद्ध अपील की जा सकती है?

a. किसी भी सरकारी आदेश के विरुद्ध

b. केवल सक्षम प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध

c. अध्याय 5 के अधीन अभिहित न्यायालय के अंतिम आदेश के विरुद्ध

d. केवल पुलिस आदेश के विरुद्ध

 

27. धारा 19 के अधीन अपील किस न्यायालय को की जाएगी?

a. जिला न्यायालय को

b. सर्वोच्च न्यायालय को

c. उच्च न्यायालय को

d. अभिहित न्यायालय को

 

28. धारा 19 के अधीन अपील की समय-सीमा क्या है?

a. 30 दिन के भीतर

b. 90 दिन के भीतर

c. आदेश की तारीख से साठ दिन के भीतर

d. 180 दिन के भीतर

 

29. क्या सक्षम प्राधिकारी धारा 19 के अधीन अपील कर सकता है?

a. नहीं

b. केवल विशेष अनुमति से

c. हाँ

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

30. धारा 19 के परंतुक के अधीन क्या उच्च न्यायालय साठ दिन की अवधि के पश्चात् भी अपील ग्रहण कर सकता है?

a. नहीं

b. केवल 30 दिन अतिरिक्त तक

c. हाँ

d. केवल सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति से

 

31. धारा 19 के परंतुक के अधीन विलंबित अपील कब ग्रहण की जा सकती है?

a. जब अपीलार्थी शुल्क जमा करे

b. जब उच्च न्यायालय का समाधान हो जाए कि पर्याप्त कारणों से समय पर अपील नहीं की जा सकी

c. केवल सरकारी मामलों में

d. केवल 90 दिन के भीतर

 

32. धारा 19 के परंतुक के अधीन विलंब-क्षमा हेतु क्या आवश्यक है?

a. केवल न्यायालय शुल्क जमा करना

b. केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति

c. अपीलार्थी पर्याप्त कारणों से समय पर अपील करने से रोका गया हो

d. केवल सरकारी अधिसूचना

 

33. धारा 19 के स्पष्टीकरण के अनुसार "उच्च न्यायालय" से क्या अभिप्रेत है?

a. भारत का सर्वोच्च न्यायालय

b. उस राज्य या संघ राज्यक्षेत्र का उच्च न्यायालय, जहां अभिहित न्यायालय स्थित है

c. केवल दिल्ली उच्च न्यायालय

d. केवल राज्यपाल द्वारा नामित न्यायालय

 

34. धारा 19 के स्पष्टीकरण के अनुसार उच्च न्यायालय का निर्धारण किस आधार पर होगा?

a. अपीलार्थी के निवास के आधार पर

b. सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय के आधार पर

c. अभिहित न्यायालय के स्थित राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के आधार पर

d. केंद्रीय सरकार के निर्देश के आधार पर

 

35. धारा 20 का विषय क्या है?

a. उच्चतम न्यायालय की मामलों को अंतरित करने की शक्ति

b. उच्च न्यायालय को अपील

c. अभिहित न्यायालय की शक्तियां

d. कुर्की के बदले संदाय

 

36. धारा 20(1) के अधीन मामलों को अंतरित करने की शक्ति किसे प्राप्त है?

a. उच्च न्यायालय को

b. सक्षम प्राधिकारी को

c. उच्चतम न्यायालय को

d. अभिहित न्यायालय को

 

37. धारा 20(1) के अधीन उच्चतम न्यायालय कब शक्ति का प्रयोग कर सकेगा?

a. केवल स्वप्रेरणा से

b. जब उसे यह प्रतीत कराया जाए कि धारा 30 में निर्दिष्ट प्रकृति की किसी निक्षेप स्कीम या स्कीमों में कोई दोष है

c. केवल राज्य सरकार के अनुरोध पर

d. केवल अपील लंबित होने पर

 

38. धारा 20(1) के अधीन दोष किस प्रकार की स्कीम में होना चाहिए?

a. केवल बैंकिंग स्कीम में

b. केवल बीमा स्कीम में

c. धारा 30 में निर्दिष्ट प्रकृति की निक्षेप स्कीम या निक्षेप स्कीमों में

d. केवल सरकारी स्कीम में

 

39. धारा 20(1) के अधीन उच्चतम न्यायालय क्या निदेश दे सकेगा?

a. केवल दंडादेश पारित करने का

b. किसी विशिष्ट मामले को एक अभिहित न्यायालय से दूसरे अभिहित न्यायालय को अंतरित करने का

c. केवल अपील निरस्त करने का

d. केवल कुर्की आदेश पारित करने का

 

40. धारा 20(1) के अधीन मामला किसके बीच अंतरित किया जा सकता है?

a. जिला न्यायालय से उच्च न्यायालय को

b. उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय को

c. एक अभिहित न्यायालय से दूसरे अभिहित न्यायालय को

d. सक्षम प्राधिकारी से न्यायालय को

 

41. धारा 20(1) के अधीन अंतरित करने का निदेश किस माध्यम से दिया जाएगा?

a. अधिसूचना द्वारा

b. मौखिक आदेश द्वारा

c. आदेश द्वारा

d. सरकारी पत्र द्वारा

 

42. धारा 20(2) के अधीन उच्चतम न्यायालय किनके आवेदन पर ही कार्रवाई कर सकेगा?

a. केवल राज्य सरकार के आवेदन पर

b. केवल उच्च न्यायालय के आवेदन पर

c. सक्षम प्राधिकारी या किसी हितबद्ध पक्षकार के आवेदन पर

d. केवल पुलिस के आवेदन पर

 

43. क्या उच्चतम न्यायालय स्वप्रेरणा से धारा 20 के अधीन कार्रवाई कर सकता है?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. नहीं, केवल सक्षम प्राधिकारी या हितबद्ध पक्षकार के आवेदन पर

d. केवल केंद्र सरकार की अनुमति से

 

44. धारा 20(2) के अधीन प्रत्येक आवेदन किससे समर्थित होगा?

a. पुलिस रिपोर्ट द्वारा

b. शपथपत्र द्वारा

c. सरकारी अधिसूचना द्वारा

d. बैंक प्रमाणपत्र द्वारा

 

45. धारा 20(3) के अधीन प्रतिकर का आदेश कब दिया जा सकता है?

a. जब अपील स्वीकार हो जाए

b. जब आवेदन खारिज कर दिया जाए और उच्चतम न्यायालय की राय हो कि आवेदन तुच्छ या तंग करने वाला था

c. केवल दंडादेश के समय

d. केवल राज्य सरकार के अनुरोध पर

 

46. धारा 20(3) के अधीन प्रतिकर किसे दिया जा सकता है?

a. सक्षम प्राधिकारी को

b. राज्य सरकार को

c. ऐसे व्यक्ति को, जिसने आवेदन का विरोध किया है

d. केवल न्यायालय को

 

47. धारा 20(3) के अधीन प्रतिकर का आदेश किसके विरुद्ध दिया जा सकता है?

a. न्यायालय के विरुद्ध

b. सक्षम प्राधिकारी के विरुद्ध

c. आवेदक के विरुद्ध

d. राज्य सरकार के विरुद्ध

 

48. धारा 20(3) के अधीन प्रतिकर की सीमा क्या है?

a. दस हजार रुपए से अनधिक

b. पच्चीस हजार रुपए से अनधिक

c. पचास हजार रुपए से अनधिक

d. एक लाख रुपए से अनधिक

 

49. धारा 20(3) के अधीन प्रतिकर की राशि कैसे निर्धारित होगी?

a. निश्चित वैधानिक राशि के अनुसार

b. ऐसी राशि, जो उच्चतम न्यायालय मामले की परिस्थितियों में उचित समझे

c. केवल आवेदक की आय के आधार पर

d. केवल सरकार के निर्देशानुसार

 

50. धारा 21 का विषय क्या है?

a. धारा 3 का उल्लंघन करने के लिए दंड

b. उच्चतम न्यायालय की मामलों को अंतरित करने की शक्ति

c. उच्च न्यायालय को अपील

d. अभिहित न्यायालय की शक्तियां

 

51. धारा 21(1) के अधीन कौन दंडनीय होगा?

a. केवल सक्षम प्राधिकारी

b. निक्षेप लेने वाला, जो धारा 3 के उल्लंघन में निक्षेप की याचना करता है

c. केवल निक्षेपकर्ता

d. केवल बैंक अधिकारी

 

52. धारा 21(1) के अधीन निक्षेप की याचना करने पर कितनी सजा है?

a. छह माह तक कारावास और ₹50,000 तक जुर्माना

b. एक वर्ष से कम नहीं किंतु पांच वर्ष तक कारावास तथा ₹2 लाख से ₹10 लाख तक जुर्माना

c. दो वर्ष से कम नहीं किंतु सात वर्ष तक कारावास तथा ₹3 लाख से ₹10 लाख तक जुर्माना

d. तीन वर्ष से कम नहीं किंतु दस वर्ष तक कारावास

 

53. धारा 21(2) के अधीन कौन दंडनीय होगा?

a. केवल निक्षेपकर्ता

b. निक्षेप लेने वाला, जो धारा 3 के उल्लंघन में निक्षेप स्वीकार करता है

c. केवल राज्य सरकार

d. केवल बैंक

 

54. धारा 21(2) के अधीन निक्षेप स्वीकार करने पर कितनी सजा है?

a. एक वर्ष से कम नहीं किंतु पांच वर्ष तक कारावास तथा ₹2 लाख से ₹10 लाख तक जुर्माना

b. दो वर्ष से कम नहीं किंतु सात वर्ष तक कारावास तथा ₹3 लाख से ₹10 लाख तक जुर्माना

c. तीन वर्ष से कम नहीं किंतु दस वर्ष तक कारावास तथा ₹5 लाख तक जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

55. धारा 21(3) के अधीन कौन दंडनीय होगा?

a. निक्षेप लेने वाला, जो धारा 3 के उल्लंघन में निक्षेप स्वीकार करता है और प्रतिदाय या विनिर्दिष्ट सेवाओं के परिदान में कपटपूर्वक व्यक्तिक्रम करता है

b. केवल निक्षेपकर्ता

c. केवल सक्षम प्राधिकारी

d. केवल विनियामक

 

56. धारा 21(3) के अधीन कितनी सजा है?

a. एक वर्ष से कम नहीं किंतु पांच वर्ष तक कारावास

b. दो वर्ष से कम नहीं किंतु सात वर्ष तक कारावास

c. तीन वर्ष से कम नहीं किंतु दस वर्ष तक कारावास तथा ₹5 लाख से कम नहीं जुर्माना, जो सकल निधियों की दुगुनी राशि तक हो सके

d. केवल आर्थिक दंड

 

57. धारा 21(3) के अधीन अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

a. ₹10 लाख तक

b. ₹50 लाख तक

c. अविनियमित निक्षेप स्कीम के ग्राहकों, सदस्यों या भाग लेने वालों से एकत्रित सकल निधियों की रकम से दुगुनी रकम तक

d. केवल ₹5 लाख तक

 

58. धारा 21(3) के अधीन कपटपूर्वक व्यक्तिक्रम किन मामलों में किया जाता है?

a. केवल बैंकिंग कार्यों में

b. केवल विज्ञापन में

c. निक्षेप के प्रतिदाय में या विनिर्दिष्ट सेवाओं के परिदान में

d. केवल पंजीकरण में

 

59. धारा 21(3) के स्पष्टीकरण के अनुसार "कपटपूर्वक" पद का क्या अर्थ होगा?

a. न्यायालय द्वारा निर्धारित अर्थ

b. वही अर्थ, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 25 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 2(9)) में है

c. केवल सामान्य अर्थ

d. बैंककारी विनियमन अधिनियम का अर्थ

 

60. धारा 21 के स्पष्टीकरण के अनुसार "कपटपूर्वक" की परिभाषा किस विधि से ली गई है?

a. कंपनी अधिनियम, 2013 से

b. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 से

c. भारतीय दंड संहिता की धारा 25 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 2(9)) से

d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 से

 

61. धारा 21(3) के स्पष्टीकरण (ii) के अनुसार कौन-सा तथ्य कपटवचन के आशय को प्रदर्शित करने हेतु सुसंगत होगा?

a. निक्षेपकर्ता की आय

b. निक्षेप स्कीम के निबंधनों का पूर्ण रूप से असाध्य या अव्यवहार्य होना

c. बैंक का पंजीकरण

d. केवल सरकारी अनुमति का अभाव

 

62. धारा 21(3) के अधीन क्या निक्षेप स्कीम के निबंधनों का पूर्ण रूप से असाध्य या अव्यवहार्य होना कपटवचन के आशय हेतु सुसंगत तथ्य है?

a. नहीं

b. केवल विशेष मामलों में

c. हाँ

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

63. धारा 22 का विषय क्या है?

a. धारा 3 का उल्लंघन करने के लिए दंड

b. धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए दंड

c. उच्च न्यायालय को अपील

d. अभिहित न्यायालय की शक्तियां

 

64. धारा 22 के अधीन कौन दंडनीय होगा?

a. केवल निक्षेपकर्ता

b. केवल सक्षम प्राधिकारी

c. निक्षेप लेने वाला, जो धारा 4 के उपबंधों का उल्लंघन करता है

d. केवल विनियामक

 

65. धारा 22 के अधीन कितनी सजा है?

a. पाँच वर्ष तक कारावास या ₹10 लाख तक जुर्माना

b. सात वर्ष तक की सजा या ₹5 लाख से कम नहीं तथा ₹25 करोड़ या कपटपूर्वक व्यतिक्रम से प्राप्त अभिलाभों की तीन गुना राशि, इनमें से जो अधिक हो, तक जुर्माना, या दोनों

c. केवल ₹5 लाख तक जुर्माना

d. दो वर्ष तक कारावास और ₹1 लाख तक जुर्माना

 

66. धारा 23 का विषय क्या है?

a. पुनः अपराध करने वालों के लिए दंड

b. धारा 5 का उल्लंघन करने के लिए दंड

c. धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए दंड

d. उच्च न्यायालय को अपील

 

67. धारा 23 के अधीन कौन दंडनीय होगा?

a. केवल निक्षेप लेने वाला

b. केवल सक्षम प्राधिकारी

c. कोई व्यक्ति, जो धारा 5 के उपबंधों का उल्लंघन करता है

d. केवल निक्षेपकर्ता

 

68. धारा 23 के अधीन कितनी सजा है?

a. एक वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जो पांच वर्ष तक की हो सकेगी और ऐसे जुर्माने से, जो दस लाख रुपए तक का हो सकेगा

b. दो वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी

c. केवल जुर्माना

d. दस वर्ष तक की सजा और पचास करोड़ रुपए तक जुर्माना

 

69. धारा 24 का विषय क्या है?

a. धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए दंड

b. पुनः अपराध करने वालों के लिए दंड

c. धारा 5 का उल्लंघन करने के लिए दंड

d. अभिहित न्यायालय की शक्तियां

 

70. धारा 24 के अधीन पुनः अपराध करने वाला कौन माना जाएगा?

a. वह व्यक्ति, जो पहली बार अपराध करे

b. केवल निक्षेप लेने वाला

c. वह व्यक्ति, जो अध्याय 6 के अधीन दंडनीय अपराध के लिए पूर्व में सिद्धदोष ठहराया गया हो और तत्पश्चात् पुनः सिद्धदोष ठहराया जाए

d. केवल सरकारी अधिकारी

 

71. धारा 24 के अधीन कौन-सा अपराध अपवर्जित है?

a. धारा 21 के अधीन अपराध

b. धारा 22 के अधीन अपराध

c. धारा 26 के अधीन अपराध

d. धारा 23 के अधीन अपराध

 

72. क्या धारा 26 के अधीन अपराध के लिए पूर्व सिद्धदोष ठहराया गया व्यक्ति धारा 24 के अंतर्गत आएगा?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. नहीं

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

73. धारा 24 के अधीन कितनी सजा है?

a. दो वर्ष से कम नहीं किंतु सात वर्ष तक की सजा

b. पांच वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी और ₹10 लाख से ₹50 करोड़ तक जुर्माना

c. केवल आर्थिक दंड

d. एक वर्ष से कम नहीं किंतु पांच वर्ष तक की सजा

 

74. धारा 25 का विषय क्या है?

a. पुनः अपराध करने वालों के लिए दंड

b. व्यष्टियों से भिन्न निक्षेप लेने वालों द्वारा अपराध

c. धारा 5 का उल्लंघन करने के लिए दंड

d. उच्च न्यायालय को अपील

 

75. धारा 25(1) कब लागू होती है?

a. जब अपराध केवल व्यष्टि द्वारा किया गया हो

b. जब अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन कोई अपराध व्यष्टि से भिन्न किसी निक्षेप लेने वाले द्वारा किया गया हो

c. केवल सरकारी मामलों में

d. केवल बैंकिंग अपराधों में

 

76. धारा 25(1) के अधीन कौन दोषी समझा जाएगा?

a. केवल निदेशक

b. केवल प्रबंधक

c. अपराध के समय कारबार संचालन का प्रभारी या उत्तरदायी व्यक्ति तथा निक्षेप लेने वाला

d. केवल कर्मचारी

 

77. धारा 25(1) के अधीन कौन-सा व्यक्ति दायी होगा?

a. केवल राज्य सरकार

b. केवल सक्षम प्राधिकारी

c. जो अपराध के समय निक्षेप लेने वाले के कारबार के संचालन का प्रभारी था या उसके लिए उत्तरदायी था

d. केवल निक्षेपकर्ता

 

78. क्या धारा 25(1) के अधीन निक्षेप लेने वाला भी दोषी समझा जाएगा?

a. नहीं

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. हाँ

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

79. धारा 25(1) के अधीन दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध क्या किया जाएगा?

a. केवल चेतावनी दी जाएगी

b. उनके विरुद्ध तद्नुसार कार्यवाही की जाएगी और दंडित किया जाएगा

c. केवल जुर्माना लगाया जाएगा

d. केवल अपील की जाएगी

 

80. धारा 25(2) के अधीन कोई व्यक्ति दंड से कब बच सकता है?

a. जब वह सरकारी कर्मचारी हो

b. जब वह सिद्ध कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ था या उसने अपराध रोकने हेतु सभी सम्यक् तत्परता बरती थी

c. केवल पहली बार अपराध करने पर

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

81. क्या धारा 25(2) के अधीन जानकारी के अभाव का सिद्ध होना बचाव है?

a. नहीं

b. केवल बैंक मामलों में

c. हाँ

d. केवल सरकारी अधिकारियों के लिए

 

82. क्या धारा 25(2) के अधीन सभी सम्यक् तत्परता बरतना बचाव है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल निदेशक के लिए

d. केवल कर्मचारी के लिए

 

83. धारा 25(2) के अधीन किसे दंड का दायी नहीं बनाया जाएगा?

a. केवल निक्षेपकर्ता को

b. ऐसे व्यक्ति को, जो निर्दोषता या सम्यक् तत्परता सिद्ध कर दे

c. केवल निदेशक को

d. केवल सरकारी अधिकारी को

 

84. धारा 25(3) के अधीन धारा 25(1) के होते हुए भी कौन-सी स्थिति में व्यक्तिगत दायित्व उत्पन्न होगा?

a. जब अपराध दुर्घटनावश हो

b. जब अपराध सहमति, मोनानुकूलता या उपेक्षा से किया गया हो

c. केवल पहली बार अपराध होने पर

d. केवल सरकारी अनुमति से

 

85. धारा 25(3)(क) के अधीन अपराध कब माना जाएगा?

a. जब वह निक्षेप लेने वाले की सहमति या मोनानुकूलता के साथ किया गया हो

b. केवल उपेक्षा से हुआ हो

c. केवल दुर्घटनावश हुआ हो

d. केवल बैंक की अनुमति से हुआ हो

 

86. धारा 25(3)(ख) के अधीन अपराध कब माना जाएगा?

a. जब वह केवल निक्षेपकर्ता की गलती से हुआ हो

b. जब वह निदेशक, प्रबंधक, सचिव, संप्रवर्तक, भागीदार, कर्मचारी या अन्य अधिकारी की उपेक्षा के कारण हुआ हो

c. केवल सरकारी आदेश से हुआ हो

d. केवल तकनीकी त्रुटि से हुआ हो

 

87. धारा 25(3) के अधीन किन व्यक्तियों को दोषी समझा जाएगा?

a. केवल निदेशक और प्रबंधक

b. केवल सचिव और कर्मचारी

c. निदेशक, प्रबंधक, सचिव, संप्रवर्तक, भागीदार, कर्मचारी या अन्य अधिकारी

d. केवल भागीदार

 

88. क्या निदेशक की उपेक्षा के कारण हुआ अपराध धारा 25(3) के अधीन दायित्व उत्पन्न करता है?

a. नहीं

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. हाँ

d. केवल सरकारी कंपनियों में

 

89. क्या प्रबंधक, सचिव, संप्रवर्तक, भागीदार, कर्मचारी या अन्य अधिकारी की उपेक्षा धारा 25(3) के अधीन प्रासंगिक है?

a. केवल प्रबंधक की

b. नहीं

c. केवल निदेशक की

d. हाँ

 

90. धारा 25(3) के अधीन दोषी व्यक्ति के विरुद्ध क्या होगा?

a. केवल चेतावनी दी जाएगी

b. उसके विरुद्ध तद्नुसार कार्यवाही की जाएगी और दंडित किया जाएगा

c. केवल जुर्माना लगेगा

d. केवल अपील दायर होगी

 

91. धारा 26 का विषय क्या है?

a. धारा 10 का उल्लंघन करने के लिए दंड

b. व्यष्टियों से भिन्न निक्षेप लेने वालों द्वारा अपराध

c. धारा 5 का उल्लंघन करने के लिए दंड

d. पुनः अपराध करने वालों के लिए दंड

 

92. धारा 26 के अधीन कौन दंडनीय होगा?

a. केवल सक्षम प्राधिकारी

b. केवल निक्षेपकर्ता

c. वह व्यक्ति, जो धारा 10(1) के अधीन अपेक्षित संसूचना देने या धारा 10(2) के अधीन अपेक्षित विवरण, सूचना या विशिष्टियां प्रस्तुत करने में असफल रहता है

d. केवल बैंक अधिकारी

 

93. धारा 26 के अधीन दंडनीय असफलता क्या है?

a. केवल निक्षेप स्वीकार करना

b. धारा 10(1) के अधीन संसूचना न देना या धारा 10(2) के अधीन अपेक्षित विवरण, सूचना या विशिष्टियां प्रस्तुत न करना

c. केवल विज्ञापन प्रकाशित करना

d. केवल अपील न करना

 

94. क्या धारा 26 के अधीन धारा 10(1) के अधीन अपेक्षित संसूचना देने में असफलता दंडनीय है?

a. नहीं

b. केवल विशेष मामलों में

c. हाँ

d. केवल कंपनियों के लिए

 

95. क्या धारा 26 के अधीन धारा 10(2) के अधीन अपेक्षित विवरण, सूचना या विशिष्टियां प्रस्तुत करने में असफलता दंडनीय है?

a. केवल न्यायालय आदेश पर

b. हाँ

c. नहीं

d. केवल सरकारी संस्थाओं के लिए

 

96. धारा 26 के अधीन जुर्माना कितना है?

a. दस लाख रुपए तक

b. एक लाख रुपए तक

c. पचास हजार रुपए तक

d. पांच लाख रुपए तक

 

97. धारा 27 का विषय क्या है?

a. अपराधों का संज्ञान

b. धारा 10 का उल्लंघन करने के लिए दंड

c. उच्च न्यायालय को अपील

d. अभिहित न्यायालय की शक्तियां

 

98. धारा 27 के अधीन धारा 4 के अपराध का संज्ञान कौन लेगा?

a. उच्च न्यायालय

b. सक्षम प्राधिकारी

c. अभिहित न्यायालय

d. राज्य सरकार

 

99. धारा 27 के अधीन अभिहित न्यायालय धारा 4 के अधीन दंडनीय अपराध का संज्ञान कब ले सकेगा?

a. पुलिस रिपोर्ट पर

b. सक्षम प्राधिकारी के आवेदन पर

c. विनियामक द्वारा परिवाद किए जाने पर

d. किसी भी व्यक्ति की शिकायत पर

 

100. धारा 27 के अधीन क्या विनियामक के परिवाद के बिना अभिहित न्यायालय धारा 4 के अपराध का संज्ञान ले सकता है?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. नहीं

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

101. धारा 27 का प्रारंभिक उपबंध किसके बावजूद लागू होता है?

a. धारा 3 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

b. धारा 4 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

c. धारा 10 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

d. धारा 21 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

 

102. धारा 27 के अधीन परंतुक के अधीन धारा 4 और धारा 27 के उपबंध किन पर लागू नहीं होंगे?

a. केवल बैंकों पर

b. केवल सहकारी समितियों पर

c. ऐसे निक्षेप लेने वाले पर, जो कोई कंपनी है

d. केवल सरकारी संस्थाओं पर

 

103. धारा 27 के अधीन क्या कंपनी रूपी निक्षेप लेने वाले पर धारा 4 और धारा 27 लागू होते हैं?

a. हाँ

b. केवल विशेष मामलों में

c. नहीं

d. केवल सरकारी कंपनियों पर

 

104. अध्याय 7 का विषय क्या है?

a. अपराधों का संज्ञान

b. अन्वेषण, तलाशी और अभिग्रहण

c. उच्च न्यायालय को अपील

d. निक्षेपकर्ताओं को वापस करना

 

105. धारा 28 का विषय क्या है?

a. अपराधों का संज्ञेय और अजमानतीय होना

b. अपराधों का संज्ञान

c. धारा 10 का उल्लंघन करने के लिए दंड

d. कुर्की के बदले संदाय

 

106. धारा 28 किसके बावजूद लागू होती है?

a. कंपनी अधिनियम, 2013 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

b. भारतीय दंड संहिता में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

c. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

d. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी

 

107. धारा 28 के अधीन कौन-से अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होंगे?

a. केवल धारा 22 के अपराध

b. केवल धारा 26 के अपराध

c. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन दंडनीय प्रत्येक अपराध

d. केवल कंपनी द्वारा किए गए अपराध

 

108. धारा 28 के अधीन कौन-से अपराध अपवाद हैं?

a. धारा 21 और धारा 24 के अधीन अपराध

b. धारा 22 और धारा 26 के अधीन अपराध

c. धारा 23 और धारा 25 के अधीन अपराध

d. धारा 27 और धारा 28 के अधीन अपराध

 

109. धारा 28 के अधीन क्या धारा 22 के अधीन अपराध संज्ञेय और अजमानतीय हैं?

a. हाँ

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. नहीं

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

110. धारा 28 के अधीन क्या धारा 26 के अधीन अपराध संज्ञेय और अजमानतीय हैं?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल कंपनियों के लिए

d. केवल सरकारी मामलों में

 

111. धारा 28 के अधीन क्या धारा 22 और 26 के अतिरिक्त अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के सभी अपराध संज्ञेय और अजमानतीय हैं?

a. नहीं

b. केवल न्यायालय के आदेश से

c. हाँ

d. केवल पुलिस की अनुमति से

 

112. धारा 29 का विषय क्या है?

a. अपराधों का संज्ञेय और अजमानतीय होना

b. सक्षम प्राधिकारी को अपराधों की सूचना का दिया जाना

c. अपराधों का संज्ञान

d. अन्वेषण, तलाशी और अभिग्रहण

 

113. धारा 29 के अधीन सूचना देने का दायित्व किसका है?

a. सक्षम प्राधिकारी का

b. अभिहित न्यायालय का

c. पुलिस अधिकारी का

d. विनियामक का

 

114. धारा 29 के अधीन पुलिस अधिकारी कब सूचना देगा?

a. केवल न्यायालय के आदेश पर

b. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन किसी अपराध के होने के बारे में सूचना अभिलिखित किए जाने पर

c. केवल शिकायत प्राप्त होने पर

d. केवल गिरफ्तारी के बाद

 

115. धारा 29 के अधीन सूचना किसे दी जाएगी?

a. उच्च न्यायालय को

b. राज्य सरकार को

c. सक्षम प्राधिकारी को

d. केंद्रीय सरकार को

 

116. धारा 29 के अधीन क्या पुलिस अधिकारी को अपराध की सूचना अभिलिखित होने पर सक्षम प्राधिकारी को सूचना देनी होगी?

a. नहीं

b. केवल विशेष परिस्थितियों में

c. हाँ

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

117. धारा 29 के अधीन किस प्रकार के अपराध की सूचना दी जाएगी?

a. केवल बैंकिंग अपराध की

b. केवल कंपनी अपराध की

c. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन किसी अपराध की

d. केवल आर्थिक अपराध की

 

118. धारा 30 का विषय क्या है?

a. अपराधों का संज्ञान

b. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अपराधों का अन्वेषण

c. सक्षम प्राधिकारी को अपराधों की सूचना का दिया जाना

d. अपराधों का संज्ञेय और अजमानतीय होना

 

119. धारा 30(1) के अधीन सूचना की प्राप्ति किस माध्यम से हो सकती है?

a. केवल न्यायालय के आदेश द्वारा

b. केवल पुलिस रिपोर्ट द्वारा

c. धारा 29 के अधीन या अन्यथा

d. केवल सक्षम प्राधिकारी के आवेदन द्वारा

 

120. धारा 30(1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी कब कार्रवाई करेगा?

a. केवल न्यायालय के आदेश पर

b. जब उसके पास यह विश्वास करने का कारण हो कि अपराध निर्दिष्ट प्रकृति की निक्षेप स्कीम या स्कीमों से संबंधित है

c. केवल शिकायत मिलने पर

d. केवल पुलिस अनुमति से

 

121. धारा 30(1)(क) के अधीन कौन-सी शर्त आवश्यक है?

a. केवल एक राज्य में संपत्ति होना

b. संलिप्त निक्षेपकर्ता, निक्षेप लेने वाले या अंतर्वलित संपत्तियां एक से अधिक राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में या भारत से बाहर अवस्थित हों

c. केवल विदेशी निक्षेपकर्ता होना

d. केवल सरकारी संपत्ति होना

 

122. धारा 30(1)(क) के अधीन संलिप्त तत्व कौन-कौन हो सकते हैं?

a. केवल निक्षेपकर्ता

b. केवल निक्षेप लेने वाले

c. केवल अंतर्वलित संपत्तियां

d. निक्षेपकर्ता, निक्षेप लेने वाले या अंतर्वलित संपत्तियां

 

123. क्या धारा 30(1)(क) के अधीन निक्षेपकर्ता, निक्षेप लेने वाले या संपत्तियां भारत से बाहर भी अवस्थित हो सकती हैं?

a. नहीं

b. केवल विशेष मामलों में

c. हाँ

d. केवल संपत्तियां

 

124. धारा 30(1)(ख) के अधीन दूसरी शर्त क्या है?

a. केवल विदेशी निक्षेपकर्ता होना

b. अंतर्वलित रकम का कुल मूल्य इतना अधिक हो कि वह महत्वपूर्ण रूप से लोकहित को प्रभावित करे

c. केवल बैंक की अनुमति होना

d. केवल न्यायालय का आदेश होना

 

125. धारा 30(1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी क्या करेगा?

a. स्वयं अन्वेषण करेगा

b. मामले को केन्द्रीय सरकार को निर्दिष्ट करेगा

c. मामला उच्च न्यायालय को भेजेगा

d. मामला बंद करेगा

 

126. धारा 30(1) के अधीन मामला किस प्रयोजन हेतु केन्द्रीय सरकार को निर्दिष्ट किया जाएगा?

a. दंड निर्धारण हेतु

b. अपील हेतु

c. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अन्वेषण कराए जाने हेतु

d. कर निर्धारण हेतु

 

127. धारा 30(2) के अधीन सक्षम प्राधिकारी के प्रतिनिर्देश को किसके समान माना जाएगा?

a. उच्च न्यायालय के आदेश के समान

b. राज्य सरकार की अधिसूचना के समान

c. दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 की धारा 6 के अधीन राज्य सरकार की सहमति के समान

d. पुलिस रिपोर्ट के समान

 

128. धारा 30(3) के अधीन केन्द्रीय सरकार कब कार्रवाई कर सकेगी?

a. केवल न्यायालय आदेश पर

b. धारा 30(1) के अधीन प्रतिनिर्देश की प्राप्ति पर

c. केवल शिकायत मिलने पर

d. केवल पुलिस रिपोर्ट पर

 

129. धारा 30(3) के अधीन केन्द्रीय सरकार अन्वेषण किसे अंतरित कर सकेगी?

a. राज्य पुलिस को

b. सक्षम प्राधिकारी को

c. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो को

d. उच्च न्यायालय को

 

130. धारा 30(3) के अधीन अन्वेषण का अंतरितकरण किस अधिनियम की किस धारा के अधीन होगा?

a. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 154 के अधीन

b. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 212 के अधीन

c. दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 की धारा 5 के अधीन

d. भारतीय दंड संहिता की धारा 25 के अधीन

 

131. धारा 31 का विषय क्या है?

a. बिना वारंट के प्रवेश, तलाशी और अभिग्रहण करने की शक्ति

b. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अपराधों का अन्वेषण

c. अपराधों का संज्ञान

d. सक्षम प्राधिकारी को सूचना

 

132. धारा 31(1) के अधीन शक्ति किस अधिकारी को प्राप्त है?

a. किसी भी पुलिस कर्मचारी को

b. ऐसे पुलिस अधिकारी को, जो किसी पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी से निम्न पंक्ति का न हो

c. केवल जिला मजिस्ट्रेट को

d. केवल सक्षम प्राधिकारी को

 

133. धारा 31(1) के अधीन पुलिस अधिकारी कब कार्रवाई कर सकेगा?

a. केवल न्यायालय आदेश पर

b. जब उसके पास यह विश्वास करने का कारण हो कि अपराध के अन्वेषण हेतु आवश्यक कोई चीज उसके थाना क्षेत्र में किसी स्थान पर पाई जा सकती है

c. केवल शिकायत मिलने पर

d. केवल गिरफ्तारी के बाद

 

134. धारा 31(1) के अधीन लिखित प्राधिकार किस अधिकारी का होना चाहिए?

a. थाना प्रभारी का

b. जिला मजिस्ट्रेट का

c. पुलिस अधीक्षक से अनिम्न पंक्ति के अधिकारी का

d. सक्षम प्राधिकारी का

 

135. धारा 31(1) के अधीन तलाशी से पूर्व क्या अभिलिखित किया जाएगा?

a. आरोपी का बयान

b. यथासंभव उस चीज के बारे में, जिसके लिए तलाशी ली जानी है

c. केवल गवाहों के नाम

d. केवल प्राथमिकी

 

136. धारा 31(1) के अधीन प्राधिकृत अधिकारी किसे बना सकता है?

a. किसी निजी व्यक्ति को

b. अपने अधीनस्थ किसी अधिकारी को

c. केवल न्यायिक अधिकारी को

d. केवल बैंक अधिकारी को

 

137. धारा 31(1)(क) के अधीन कब प्रवेश और तलाशी ली जा सकती है?

a. केवल रात्रि में

b. सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच

c. केवल दोपहर में

d. केवल न्यायालय समय में

 

138. धारा 31(1)(क) के अधीन किन स्थानों में प्रवेश और तलाशी ली जा सकती है?

a. केवल भवन में

b. केवल वाहन में

c. भवन, वाहन या स्थान में

d. केवल बैंक में

 

139. धारा 31(1)(क) के अधीन किन परिस्थितियों में तलाशी ली जाएगी?

a. जब संदेह हो कि स्थान का उपयोग अधिनियम के उल्लंघन में निक्षेप लेने वाली स्कीम या ठहराव के संप्रवर्तन या संचालन हेतु हो रहा है

b. केवल कर चोरी के मामलों में

c. केवल बैंक विवाद में

d. केवल सरकारी आदेश पर

 

140. धारा 31(1)(ख) के अधीन प्रतिरोध होने पर क्या किया जा सकता है?

a. तलाशी रोक दी जाएगी

b. केवल चेतावनी दी जाएगी

c. दरवाजा तोड़ना, बाधा हटाना, बल प्रयोग करना और आवश्यक सहायता लेना

d. केवल रिपोर्ट बनाई जाएगी

 

141. धारा 31(1)(ग) के अधीन क्या अभिग्रहित किया जा सकता है?

a. केवल नकदी

b. तलाशी में पाए गए अभिलेख या संपत्ति

c. केवल दस्तावेज

d. केवल वाहन

 

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