अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम MCQs Set-1

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

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1. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

a. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019

b. बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949

c. कंपनी अधिनियम, 2013

d. भारतीय दंड संहिता, 1860

 

2. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 का अधिनियम संख्यांक क्या है?

a. 2019 का अधिनियम संख्यांक 18

b. 2019 का अधिनियम संख्यांक 21

c. 2019 का अधिनियम संख्यांक 25

d. 2019 का अधिनियम संख्यांक 19

 

3. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 को राष्ट्रपति की स्वीकृति/अधिनियमन की तिथि क्या है?

a. 15 अगस्त, 2019

b. 26 जनवरी, 2019

c. 31 जुलाई, 2019

d. 1 जुलाई, 2019

 

4. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 का विषय क्या है?

a. बैंकिंग व्यवस्था को नियंत्रित करना

b. कर प्रणाली में सुधार करना

c. व्यापारिक लाइसेंस जारी करना

d. कारबार के सामान्य अनुक्रम में लिए गए निक्षेपों से भिन्न अविनियमित निक्षेप स्कीमों पर पाबंदी हेतु व्यापक तंत्र का उपबंध करना

 

5. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 का एक उद्देश्य क्या है?

a. निक्षेपकर्ताओं के हितों की संरक्षा करना

b. विदेशी निवेश को बढ़ावा देना

c. कर संग्रह बढ़ाना

d. बैंक शाखाओं का विस्तार करना

 

6. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 किस वर्ष में संसद् द्वारा अधिनियमित किया गया?

a. भारत गणराज्य के साठवें वर्ष में

b. भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में

c. भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में

d. भारत गणराज्य के पैंसठवें वर्ष में

 

7. अध्याय 1 का विषय क्या है?

a. दंड और प्रक्रिया

b. प्रारंभिक (Preliminary)

c. परिभाषाएं

d. अपील

 

8. धारा 1 का विषय क्या है?

a. परिभाषाएं

b. दंड का उपबंध

c. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ (Short title, extent and commencement)

d. अपील की प्रक्रिया

 

9. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 का विस्तार कहाँ तक है?

a. केवल जम्मू-कश्मीर राज्य पर

b. केवल संघ राज्यक्षेत्रों पर

c. संपूर्ण भारत पर

d. जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर

 

10. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 कब से प्रवृत्त हुआ समझा जाएगा?

a. 21 फरवरी, 2019 को

b. 31 जुलाई, 2019 को

c. 15 अगस्त, 2019 को

d. 26 जनवरी, 2019 को

 

11. धारा 2 का विषय क्या है?

a. प्रारंभ

b. दंड

c. परिभाषाएं (Definitions)

d. अधिकारिता

 

12. धारा 2(1) का विषय क्या है?

a. "समुचित सरकार" (Appropriate Government) की परिभाषा

b. "निक्षेप" की परिभाषा

c. "स्कीम" की परिभाषा

d. "कंपनी" की परिभाषा

 

13. धारा 2(1) के अंतर्गत "समुचित सरकार" से क्या तात्पर्य है?

a. केवल केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. केवल संघ राज्यक्षेत्र की सरकार

d. संबंधित मामलों के अनुसार केन्द्रीय सरकार, संघ राज्यक्षेत्र की सरकार या राज्य सरकार

 

14. धारा 2(1) के अंतर्गत विधान-मंडल रहित संघ राज्यक्षेत्र से संबंधित मामलों में "समुचित सरकार" कौन है?

a. राज्य सरकार

b. केन्द्रीय सरकार

c. उच्च न्यायालय

d. संघ राज्यक्षेत्र की विधानसभा

 

15. धारा 2(1) के अंतर्गत पुडुचेरी संघ राज्यक्षेत्र से संबंधित मामलों में "समुचित सरकार" कौन है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. राज्यपाल

c. उस संघ राज्यक्षेत्र की सरकार

d. सर्वोच्च न्यायालय

 

16. धारा 2(1) के अंतर्गत दिल्ली संघ राज्यक्षेत्र से संबंधित मामलों में "समुचित सरकार" कौन है?

a. उस संघ राज्यक्षेत्र की सरकार

b. केन्द्रीय सरकार

c. राज्य सरकार

d. जिला प्रशासन

 

17. धारा 2(1) के अंतर्गत राज्य से संबंधित मामलों में "समुचित सरकार" कौन है?

a. संघ राज्यक्षेत्र की सरकार

b. केन्द्रीय सरकार

c. राज्य सरकार

d. संसद

 

18. धारा 2(2) का विषय क्या है?

a. "सक्षम प्राधिकारी" (Competent Authority) की परिभाषा

b. "निक्षेप" की परिभाषा

c. "कंपनी" (Company) की परिभाषा

d. "समुचित सरकार" की परिभाषा

 

19. धारा 2(2) के अंतर्गत "कंपनी" का क्या अर्थ होगा?

a. वही अर्थ, जो भारतीय संविदा अधिनियम में है

b. वही अर्थ, जो कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 के खंड (20) में उसका है

c. वही अर्थ, जो आयकर अधिनियम में है

d. वही अर्थ, जो भारतीय दंड संहिता में है

 

20. धारा 2(3) का विषय क्या है?

a. "समुचित सरकार" की परिभाषा

b. "कंपनी" की परिभाषा

c. "निक्षेप" की परिभाषा

d. "सक्षम प्राधिकारी" (Competent Authority) की परिभाषा

 

21. धारा 2(3) के अंतर्गत "सक्षम प्राधिकारी" से क्या अभिप्रेत है?

a. संसद द्वारा नियुक्त प्राधिकारी

b. उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त प्राधिकारी

c. धारा 7 के अधीन समुचित सरकार द्वारा नियुक्त प्राधिकारी

d. राज्यपाल द्वारा नियुक्त प्राधिकारी

 

22. धारा 2(4) का विषय क्या है?

a. "समुचित सरकार" की परिभाषा

b. "निक्षेप" (Deposit) की परिभाषा

c. "कंपनी" की परिभाषा

d. "सक्षम प्राधिकारी" की परिभाषा

 

23. धारा 2(4) के अंतर्गत "निक्षेप" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल बैंक द्वारा प्राप्त धनराशि

b. केवल नकद रूप में प्राप्त रकम

c. निक्षेप लेने वाले द्वारा ब्याज, बोनस, लाभ या अन्य लाभ सहित या बिना, वापस करने के वचन के साथ अग्रिम, ऋण या अन्य रूप में प्राप्त धनराशि

d. केवल सरकारी अनुदान

 

24. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या "निक्षेप" में वापस करने के वचन के साथ प्राप्त धन शामिल है?

a. हाँ, चाहे नकद, वस्तु रूप में या विनिर्दिष्ट सेवा के रूप में हो

b. नहीं, केवल नकद राशि शामिल है

c. नहीं, केवल वस्तु रूप में प्राप्त राशि शामिल है

d. केवल बैंक ऋण शामिल है

 

25. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या "निक्षेप" में विनिर्दिष्ट अवधि के पश्चात् या अन्यथा लौटाई जाने वाली रकम शामिल है?

a. नहीं

b. केवल बैंकिंग मामलों में

c. केवल सरकारी मामलों में

d. हाँ

 

26. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या अनुसूचित बैंक, सहकारी बैंक या अन्य बैंककारी कंपनी से ऋण के रूप में प्राप्त रकम "निक्षेप" है?

a. हाँ

b. केवल सहकारी बैंक के मामले में

c. नहीं

d. केवल अनुसूचित बैंक के मामले में

 

27. धारा 2(4) के अंतर्गत बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 5 में परिभाषित बैंक से ऋण रूप में प्राप्त रकम का क्या दर्जा है?

a. वह सरकारी अनुदान है

b. वह "निक्षेप" है

c. वह निवेश है

d. वह "निक्षेप" नहीं है

 

28. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या लोक वित्तीय संस्थाओं, रजिस्ट्रीकृत गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी, क्षेत्रीय वित्तीय संस्थाओं या बीमा कंपनियों से ऋण/वित्तीय सहायता के रूप में प्राप्त रकम "निक्षेप" है?

a. नहीं

b. केवल बीमा कंपनी के मामले में

c. हाँ

d. केवल लोक वित्तीय संस्थाओं के मामले में

 

29. धारा 2(4) के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45झ(च) में परिभाषित और RBI में रजिस्ट्रीकृत गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी से प्राप्त रकम का क्या दर्जा है?

a. वह निवेश मानी जाएगी

b. वह "निक्षेप" नहीं है

c. वह कर योग्य आय है

d. वह सरकारी सहायता है

 

30. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या माल की पूर्ति, भाड़े पर देने या सेवाएं प्रदान करने हेतु प्राप्त संदाय, अग्रिम या भागतः संदाय "निक्षेप" है?

a. हाँ, सभी मामलों में

b. केवल सेवाओं के मामलों में

c. नहीं, यदि वह वास्तविक कारबार संबंधी हो

d. केवल माल की पूर्ति के मामलों में

 

31. धारा 2(4) के अंतर्गत माल या सेवाओं के वास्तव में उपलब्ध न कराने की दशा में प्रतिसंदेय संदाय का क्या स्वरूप है?

a. वह दंडनीय अपराध है

b. वह सरकारी शुल्क है

c. वह निवेश है

d. वह कारबार संबंधी अपवर्जन के अंतर्गत आता है

 

32. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या स्थावर संपत्ति के प्रतिफल संबंधी करार/ठहराव के अधीन प्राप्त अग्रिम "निक्षेप" है?

a. नहीं, यदि वह करार के अनुसार संपत्ति के विरुद्ध समायोजित किया जाता है

b. हाँ, सभी मामलों में

c. केवल वाणिज्यिक संपत्ति के मामलों में

d. केवल आवासीय संपत्ति के मामलों में

 

33. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या माल की पूर्ति या सेवाएं प्रदान करने की संविदा के पालन हेतु जमा प्रतिभूति या डीलरशिप "निक्षेप" है?

a. केवल संविदा मामलों में

b. नहीं

c. हाँ

d. केवल डीलरशिप मामलों में

 

34. धारा 2(4) के अंतर्गत क्या दीर्घकालीन परियोजनाओं के अधीन पूंजी माल की पूर्ति हेतु अग्रिम "निक्षेप" है?

a. केवल सरकारी परियोजनाओं में

b. हाँ

c. केवल निजी परियोजनाओं में

d. नहीं

 

35. धारा 2(4) के अंतर्गत मद (i) से (iv) के अधीन प्राप्त रकम कब "निक्षेप" समझी जाएगी?

a. प्राप्ति की तारीख से तुरंत

b. एक वर्ष की समाप्ति पर

c. प्रतिदेय होने की तारीख से पन्द्रह दिन की समाप्ति पर

d. छह माह के बाद

 

36. धारा 2(4) के अंतर्गत यदि आवश्यक अनुज्ञा या अनुमोदन प्राप्त न होने के कारण रकम प्रतिदेय हो जाए तो उसका क्या दर्जा होगा?

a. उसे सरकारी सहायता माना जाएगा

b. उसे "निक्षेप" समझा जाएगा

c. उसे ऋण माना जाएगा

d. उसे निवेश माना जाएगा

 

37. धारा 2(4) के अंतर्गत स्पष्टीकरण के अनुसार कंपनी की बाबत "निक्षेप" का अर्थ क्या होगा?

a. वही, जो भारतीय दंड संहिता में है

b. वही, जो RBI अधिनियम में है

c. वही, जो कंपनी अधिनियम, 2013 में है

d. वही, जो संविदा अधिनियम में है

 

38. धारा 2(4) के अंतर्गत RBI अधिनियम, 1934 के अधीन रजिस्ट्रीकृत गैर-बैंककारी वित्तीय company की बाबत "निक्षेप" का अर्थ क्या होगा?

a. वही, जो कंपनी अधिनियम, 2013 में है

b. वही, जो RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45झ(खख) में है

c. वही, जो भारतीय भागीदारी अधिनियम में है

d. वही, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम में है

 

39. धारा 2(4) के अंतर्गत "भागीदार" और "फर्म" पदों के अर्थ किस अधिनियम से लिए जाएंगे?

a. कंपनी अधिनियम, 2013 से

b. RBI अधिनियम, 1934 से

c. भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 से

d. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 से

 

40. धारा 2(4) के अंतर्गत सीमित दायित्व भागीदारी की बाबत "भागीदार" का अर्थ किस प्रावधान से लिया जाएगा?

a. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(20) से

b. सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008 की धारा 2(1)(थ) से

c. RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45झ(खख) से

d. भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 से

 

41. धारा 2(4) के अंतर्गत "नातेदार" पद का अर्थ किस अधिनियम से लिया जाएगा?

a. भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 से

b. RBI अधिनियम, 1934 से

c. कंपनी अधिनियम, 2013 से

d. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 से

 

42. धारा 2(5) का विषय क्या है?

a. "निक्षेपकर्ता" (Depositor) की परिभाषा

b. "निक्षेप लेने वाले" की परिभाषा

c. "बीमाकर्ता" की परिभाषा

d. "अधिसूचना" की परिभाषा

 

43. धारा 2(5) के अंतर्गत "निक्षेपकर्ता" से क्या अभिप्रेत है?

a. ऐसा व्यक्ति, जो बीमा करवाता है

b. ऐसा व्यक्ति, जो अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन कोई निक्षेप करता है

c. ऐसा व्यक्ति, जो ऋण प्रदान करता है

d. ऐसा व्यक्ति, जो कंपनी का निदेशक है

 

44. धारा 2(6) का विषय क्या है?

a. "अभिहित न्यायालय" की परिभाषा

b. "निक्षेपकर्ता" की परिभाषा

c. "निक्षेप लेने वाले" (Deposit Taker) की परिभाषा

d. "अधिसूचना" की परिभाषा

 

45. धारा 2(6) के अंतर्गत "निक्षेप लेने वाले" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल बैंक

b. केवल कंपनी

c. केवल सहकारी सोसाइटी

d. निक्षेप प्राप्त करने वाला या उसकी याचना करने वाला व्यक्ति, समूह, फर्म, कंपनी, न्यास, सहकारी संस्था आदि

 

46. धारा 2(6) के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन "निक्षेप लेने वाले" में शामिल नहीं है?

a. भागीदारी फर्म

b. सीमित दायित्व भागीदारी

c. संसद् या राज्य विधान-मंडल के अधिनियम के अधीन निगमित निगम

d. व्यक्तियों का संगम

 

47. धारा 2(6) के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन "निक्षेप लेने वाले" में शामिल नहीं है?

a. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 में परिभाषित बैंककारी कंपनी

b. प्राइवेट न्यास

c. सहकारी सोसाइटी

d. कंपनी

 

48. धारा 2(7) का विषय क्या है?

a. "बीमाकर्ता" की परिभाषा

b. "अभिहित न्यायालय" (Designated Court) की परिभाषा

c. "अधिसूचना" की परिभाषा

d. "निक्षेपकर्ता" की परिभाषा

 

49. धारा 2(7) के अंतर्गत "अभिहित न्यायालय" से क्या अभिप्रेत है?

a. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायालय

b. उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायालय

c. धारा 8 के अधीन समुचित सरकार द्वारा गठित अभिहित न्यायालय

d. जिला न्यायालय द्वारा गठित न्यायालय

 

50. धारा 2(8) का विषय क्या है?

a. "अधिसूचना" की परिभाषा

b. "बीमाकर्ता" (Insurer) की परिभाषा

c. "निक्षेप लेने वाले" की परिभाषा

d. "निक्षेपकर्ता" की परिभाषा

 

51. धारा 2(8) के अंतर्गत "बीमाकर्ता" का क्या अर्थ होगा?

a. वही अर्थ, जो कंपनी अधिनियम, 2013 में है

b. वही अर्थ, जो RBI अधिनियम, 1934 में है

c. वही अर्थ, जो बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 2 के खंड (9) में है

d. वही अर्थ, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 में है

 

52. धारा 2(8) के अंतर्गत "बीमाकर्ता" की परिभाषा किस अधिनियम की किस धारा से ली गई है?

a. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(20) से

b. बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 2 के खंड (9) से

c. RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45झ(खख) से

d. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 5 से

 

53. धारा 2(9) का विषय क्या है?

a. "अधिसूचना" (Notification) की परिभाषा

b. "बीमाकर्ता" की परिभाषा

c. "अभिहित न्यायालय" की परिभाषा

d. "निक्षेपकर्ता" की परिभाषा

 

54. धारा 2(9) के अंतर्गत "अधिसूचना" से क्या अभिप्रेत है?

a. समाचार पत्र में प्रकाशित सूचना

b. न्यायालय द्वारा जारी आदेश

c. राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना

d. मंत्रालय द्वारा जारी पत्र

 

55. धारा 2(10) का विषय क्या है?

a. "व्यक्ति" (Person) की परिभाषा

b. "संपत्ति" की परिभाषा

c. "विहित" की परिभाषा

d. "विनियामक" की परिभाषा

 

56. धारा 2(10) के अंतर्गत "व्यक्ति" के अंतर्गत कौन-कौन आते हैं?

a. केवल व्यष्टि और कंपनी

b. केवल कंपनी और न्यास

c. व्यष्टि, हिन्दू अविभक्त कुटुंब, कंपनी, न्यास, भागीदारी फर्म, सीमित दायित्व भागीदारी, व्यक्तियों का संगम, सहकारी सोसाइटी तथा कृत्रिम विधिक व्यक्ति

d. केवल सहकारी सोसाइटी और भागीदारी फर्म

 

57. धारा 2(11) का विषय क्या है?

a. "विहित" (Prescribed) की परिभाषा

b. "व्यक्ति" की परिभाषा

c. "संपत्ति" की परिभाषा

d. "लोक वित्तीय संस्था" की परिभाषा

 

58. धारा 2(11) के अंतर्गत "विहित" से क्या अभिप्रेत है?

a. न्यायालय द्वारा निर्धारित

b. संसद द्वारा पारित

c. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा विहित

d. केवल केंद्रीय अधिनियम द्वारा निर्धारित

 

59. धारा 2(11) के अंतर्गत "विहित" शब्द में नियम किसके द्वारा बनाए गए होने चाहिए?

a. केवल संसद द्वारा

b. यथास्थिति, केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा

c. केवल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा

d. केवल राज्यपाल द्वारा

 

60. धारा 2(12) का विषय क्या है?

a. "विनियमित निक्षेप स्कीम" की परिभाषा

b. "विहित" की परिभाषा

c. "संपत्ति" (Property) की परिभाषा

d. "अनुसूची" की परिभाषा

 

61. धारा 2(12) के अंतर्गत "संपत्ति" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल स्थावर संपत्ति

b. केवल जंगम संपत्ति

c. केवल मूर्त संपत्ति

d. हर भांति की कोई भी संपत्ति या आस्ति

 

62. धारा 2(12) के अंतर्गत "संपत्ति" में क्या शामिल है?

a. केवल जंगम और स्थावर संपत्ति

b. केवल मूर्त संपत्ति

c. जड़ हो या चेतन, जंगम हो या स्थावर, मूर्त या अमूर्त तथा हक या हित दर्शाने वाले विलेख और लिखित

d. केवल लिखित दस्तावेज

 

63. धारा 2(13) का विषय क्या है?

a. "लोक वित्तीय संस्था" (Public Financial Institution) की परिभाषा

b. "विनियामक" की परिभाषा

c. "संपत्ति" की परिभाषा

d. "अनुसूची" की परिभाषा

 

64. धारा 2(13) के अंतर्गत "लोक वित्तीय संस्था" का क्या अर्थ होगा?

a. वही अर्थ, जो RBI अधिनियम, 1934 में है

b. वही अर्थ, जो कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 के खंड (72) में है

c. वही अर्थ, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 में है

d. वही अर्थ, जो बीमा अधिनियम, 1938 में है

 

65. धारा 2(14) का विषय क्या है?

a. "अनुसूची" की परिभाषा

b. "विनियमित निक्षेप स्कीम" (Regulated Deposit Scheme) की परिभाषा

c. "व्यक्ति" की परिभाषा

d. "लोक वित्तीय संस्था" की परिभाषा

 

66. धारा 2(14) के अंतर्गत "विनियमित निक्षेप स्कीम" से क्या अभिप्रेत है?

a. दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट स्कीम

b. न्यायालय द्वारा स्वीकृत स्कीम

c. पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट स्कीम

d. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित स्कीम

 

67. धारा 2(15) का विषय क्या है?

a. "अनुसूची" की परिभाषा

b. "विनियामक" (Regulator) की परिभाषा

c. "विहित" की परिभाषा

d. "व्यक्ति" की परिभाषा

 

68. धारा 2(15) के अंतर्गत "विनियामक" से क्या अभिप्रेत है?

a. दूसरी अनुसूची का विनियामक

b. संसद द्वारा नियुक्त विनियामक

c. पहली अनुसूची के स्तंभ (2) में विनिर्दिष्ट विनियामक

d. राज्यपाल द्वारा नियुक्त विनियामक

 

69. धारा 2(16) का विषय क्या है?

a. "अविनियमित निक्षेप स्कीम" की परिभाषा

b. "अनुसूची" (Schedule) की परिभाषा

c. "विनियामक" की परिभाषा

d. "संपत्ति" की परिभाषा

 

70. धारा 2(17) का विषय क्या है?

a. "विनियमित निक्षेप स्कीम" की परिभाषा

b. "लोक वित्तीय संस्था" की परिभाषा

c. "अविनियमित निक्षेप स्कीम" (Unregulated Deposit Scheme) की परिभाषा

d. "व्यक्ति" की परिभाषा

 

71. धारा 2(17) के अंतर्गत “अविनियमित निक्षेप स्कीम” से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल बैंकिंग स्कीम

b. ऐसी स्कीम या ठहराव, जिसके अधीन निक्षेप लेने वाले द्वारा कारबार के माध्यम से निक्षेप स्वीकार या उनकी याचना की जाती है और जो विनियमित निक्षेप स्कीम नहीं है

c. केवल सरकारी स्कीम

d. केवल बीमा स्कीम

 

72. धारा 2(17) के अंतर्गत “अविनियमित निक्षेप स्कीम” में निक्षेप किसके द्वारा स्वीकार या याचना किए जाते हैं?

a. विनियामक द्वारा

b. न्यायालय द्वारा

c. निक्षेप लेने वाले द्वारा

d. राज्य सरकार द्वारा

 

73. धारा 2(17) के अंतर्गत क्या कारबार के माध्यम से निक्षेप स्वीकार करने वाली प्रत्येक स्कीम “अविनियमित निक्षेप स्कीम” है?

a. हाँ, सभी मामलों में

b. नहीं, यदि वह पहली अनुसूची के स्तंभ (3) के अधीन विनिर्दिष्ट विनियमित निक्षेप स्कीम है

c. केवल बैंकिंग मामलों में

d. केवल निजी कंपनियों के मामलों में

 

74. धारा 2(17) के अंतर्गत “अविनियमित निक्षेप स्कीम” को किस आधार पर विनियमित निक्षेप स्कीम से पृथक किया जाता है?

a. न्यायालय के आदेश के आधार पर

b. कंपनी के आकार के आधार पर

c. पहली अनुसूची के स्तंभ (3) के अधीन विनिर्दिष्ट न होने के आधार पर

d. राज्य सरकार की अनुमति के आधार पर

 

75. अध्याय 2 का विषय क्या है?

a. परिभाषाएं

b. विनियमित निक्षेप स्कीम

c. अविनियमित निक्षेप स्कीमों पर पाबंदी

d. दंड और प्रक्रिया

 

76. धारा 3 का विषय क्या है?

a. विनियमित निक्षेप स्कीमों में कपटपूर्ण व्यतिक्रम

b. अविनियमित निक्षेप स्कीमों पर पाबंदी

c. सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति

d. अधिसूचना

 

77. धारा 3 के अंतर्गत अविनियमित निक्षेप स्कीमों पर पाबंदी कब से प्रभावी होगी?

a. 31 जुलाई, 2019 से

b. अधिसूचना की तारीख से

c. न्यायालय के आदेश से

d. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के प्रारंभ की तारीख से

 

78. धारा 3 के अंतर्गत क्या कोई भी निक्षेप लेने वाला, किसी अविनियमित निक्षेप स्कीम के अनुसरण में निक्षेपों में भाग लेने या नामांकन करने या उसे स्वीकार करने की याचना करने वाला कोई भी विज्ञापन प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः प्रोन्नत कर सकता है?

a. हाँ, केवल प्रत्यक्ष रूप से

b. हाँ, केवल अप्रत्यक्ष रूप से

c. नहीं

d. केवल सरकारी अनुमति से

 

79. धारा 3(ख) के अधीन प्रतिबंधित विज्ञापन किससे संबंधित है?

a. बैंक ऋण से संबंधित विज्ञापन

b. बीमा योजनाओं के विज्ञापन

c. सरकारी योजनाओं के विज्ञापन

d. अविनियमित निक्षेप स्कीम के अनुसरण में निक्षेपों में भाग लेने, नामांकन करने या स्वीकार करने की याचना करने वाला विज्ञापन

 

80. धारा 4 का विषय क्या है?

a. विनियमित निक्षेप स्कीमों में कपटपूर्ण व्यतिक्रम

b. अविनियमित निक्षेप स्कीमों पर पाबंदी

c. सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति

d. निक्षेपकर्ता की परिभाषा

 

81. धारा 4 के अंतर्गत क्या कोई निक्षेप लेने वाला विनियमित निक्षेप स्कीम के अनुसरण में निक्षेप स्वीकार करते समय कपटपूर्ण व्यतिक्रम कर सकता है?

a. हाँ

b. केवल न्यायालय की अनुमति से

c. केवल बैंकिंग मामलों में

d. नहीं

 

82. धारा 4 के अधीन कपटपूर्ण व्यतिक्रम किन मामलों में निषिद्ध है?

a. केवल विज्ञापन जारी करने में

b. केवल पंजीकरण कराने में

c. निक्षेप की परिपक्वता पर प्रतिसंदाय या वापसी में अथवा वचन में दी गई विनिर्दिष्ट सेवा देने में

d. केवल दस्तावेज तैयार करने में

 

83. धारा 5 का विषय क्या है?

a. अविनियमित जमा स्कीमों के संबंध में सदोष उत्प्रेरण

b. विनियमित निक्षेप स्कीमों में कपटपूर्ण व्यतिक्रम

c. निक्षेपकर्ता की परिभाषा

d. सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति

 

84. धारा 5 के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति अविनियमित निक्षेप स्कीम में विनिधान करने हेतु मिथ्या, प्रवंचक या भ्रामक कथन कर सकता है?

a. हाँ

b. केवल अनुमति से

c. नहीं

d. केवल विज्ञापन में

 

85. धारा 5 के अधीन प्रतिबंध किस पर लागू होता है?

a. केवल कंपनियों पर

b. केवल निक्षेप लेने वालों पर

c. केवल विज्ञापन एजेंसियों पर

d. किसी भी व्यक्ति पर, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो

 

86. धारा 5 के अंतर्गत किस प्रयोजन हेतु मिथ्या, प्रवंचक या भ्रामक कथन करना निषिद्ध है?

a. कर निर्धारण हेतु

b. किसी अन्य व्यक्ति को अविनियमित निक्षेप स्कीम में विनिधान करने या उसका सदस्य अथवा सहभागी बनने के लिए उत्प्रेरित करने हेतु

c. बैंक खाता खोलने हेतु

d. बीमा दावा प्राप्त करने हेतु

 

87. धारा 5 के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति जानते हुए ऐसा कथन, वचन या भविष्यवाणी कर सकता है जिसके सारवान् तथ्य मिथ्या, प्रवंचक या भ्रामक हों?

a. हाँ

b. केवल न्यायालय की अनुमति से

c. नहीं

d. केवल निजी लेन-देन में

 

88. धारा 5 के अंतर्गत धारा 5 के अधीन कौन-सा आचरण निषिद्ध है?

a. सरकारी अधिसूचना जारी करना

b. बैंक ऋण लेना

c. निवेश करना

d. जानते हुए मिथ्या, प्रवंचक या भ्रामक कथन, वचन या भविष्यवाणी करना

 

89. धारा 5 के अंतर्गत क्या जानबूझकर कोई सारवान् तथ्य छिपाना धारा 5 के अधीन निषिद्ध है?

a. हाँ

b. केवल कंपनियों के लिए

c. नहीं

d. केवल बैंकिंग मामलों में

 

90. धारा 5 में निषिद्ध कथन, वचन या भविष्यवाणी की विशेषता क्या है?

a. वह लिखित रूप में हो

b. वह सरकारी अनुमति से हो

c. उसके सारवान् तथ्य मिथ्या, प्रवंचक या भ्रामक हों

d. वह केवल मौखिक हो

 

91. धारा 5 के अंतर्गत अविनियमित निक्षेप स्कीम का सदस्य अथवा सहभागी बनने हेतु उत्प्रेरण के लिए क्या निषिद्ध है?

a. विज्ञापन प्रकाशित करना

b. मिथ्या, प्रवंचक या भ्रामक कथन करना या सारवान् तथ्य छिपाना

c. बैंक खाता खोलना

d. निवेश सलाह देना

 

92. धारा 6 का विषय क्या है?

a. कतिपय स्कीम का अविनियमित निक्षेप स्कीम होना

b. अविनियमित निक्षेप स्कीमों पर पाबंदी

c. सदोष उत्प्रेरण

d. विनियमित निक्षेप स्कीमों में कपटपूर्ण व्यतिक्रम

 

93. धारा 6 के अंतर्गत किन स्कीमों को अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन अविनियमित निक्षेप स्कीम समझा जाएगा?

a. कंपनी अधिनियम, 2013 के अधीन पंजीकृत स्कीम

b. बीमा अधिनियम, 1938 के अधीन स्कीम

c. इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम, 1978 के अधीन पाबंद की गई इनामी चिट या धन परिचालन स्कीम

d. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के अधीन बैंकिंग स्कीम

 

94. अध्याय 3 का विषय क्या है?

a. दंड

b. प्राधिकारी (Authorities)

c. परिभाषाएं

d. अपील

 

95. धारा 7 का विषय क्या है?

a. अभिहित न्यायालय

b. सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority)

c. अविनियमित निक्षेप स्कीम

d. विनियामक

 

96. धारा 7(1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति कौन करेगा?

a. संसद

b. सर्वोच्च न्यायालय

c. समुचित सरकार

d. राज्यपाल

 

97. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के प्रयोजनों के लिए सक्षम प्राधिकारी के रूप में किस स्तर के अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे?

a. जिला अधिकारी स्तर के

b. उस सरकार के सचिव की पंक्ति से अनिम्न एक या अधिक अधिकारी

c. केवल न्यायिक अधिकारी

d. केवल पुलिस अधिकारी

 

98. धारा 7(2) के अधीन सक्षम प्राधिकारी की सहायता हेतु अन्य अधिकारियों को कौन नियुक्त कर सकेगी?

a. संसद

b. समुचित सरकार, अधिसूचना द्वारा

c. उच्च न्यायालय

d. सक्षम प्राधिकारी स्वयं

 

99. धारा 7(2) के अधीन नियुक्त अधिकारी कौन होंगे?

a. केवल पुलिस अधिकारी

b. केवल न्यायिक अधिकारी

c. ऐसे अधिकारी, जिन्हें समुचित सरकार ठीक समझे

d. केवल सचिव स्तर के अधिकारी

 

100. धारा 7(3) के अधीन सक्षम प्राधिकारी या नियुक्त अधिकारियों को विश्वास करने का कारण कब माना जाएगा?

a. केवल शिकायत मिलने पर

b. न्यायालय के आदेश पर

c. जब विहित सूचना और विशिष्टियों के आधार पर यह विश्वास हो कि निक्षेप लेने वाला धारा 3 के उल्लंघन में निक्षेपों की याचना कर रहा है

d. केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर

 

101. धारा 7(3) के अधीन विश्वास करने के कारण का क्या किया जाएगा?

a. मौखिक रूप से बताया जाएगा

b. उसे लेखबद्ध किया जाएगा

c. समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाएगा

d. न्यायालय को भेजा जाएगा

 

102. धारा 7(3) के अधीन अनंतिम कुर्की कौन कर सकेगा?

a. केवल न्यायालय

b. केवल पुलिस अधिकारी

c. सक्षम प्राधिकारी या धारा 7(2) के अधीन नियुक्त अधिकारी

d. केवल राज्य सरकार

 

103. धारा 7(3) के अधीन अनंतिम कुर्की किस माध्यम से की जाएगी?

a. मौखिक आदेश द्वारा

b. अधिसूचना द्वारा

c. न्यायालय आदेश द्वारा

d. लिखित आदेश द्वारा

 

104. धारा 7(3) के अधीन कुर्की कब से प्रभावी होगी?

a. अधिसूचना की तारीख से

b. न्यायालय की अनुमति से

c. आदेश की तारीख से

d. प्रकाशन की तारीख से

 

105. धारा 7(3) के अधीन कुर्की किस रीति में की जाएगी?

a. न्यायालय द्वारा निर्धारित रीति में

b. ऐसी रीति में, जो विहित की जाए

c. मौखिक निर्देशानुसार

d. पुलिस प्रक्रिया के अनुसार

 

106. धारा 7(3) के अधीन किन वस्तुओं को अनंतिम रूप से कुर्क किया जा सकता है?

a. केवल नकद धनराशि

b. केवल बैंक खाते

c. केवल अचल संपत्ति

d. निक्षेप लेने वाले द्वारा धारित निक्षेप तथा उसके नाम से या उसकी ओर से अन्य व्यक्ति के नाम से अर्जित धन या अन्य संपत्ति

 

107. धारा 7(3) के अधीन क्या निक्षेप लेने वाले की ओर से अन्य व्यक्ति के नाम से अर्जित संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है?

a. नहीं

b. केवल न्यायालय अनुमति से

c. हाँ

d. केवल बैंक खातों के मामले में

 

108. धारा 7(4) के अधीन सक्षम प्राधिकारी को शक्तियां किसके समान प्राप्त होंगी?

a. पुलिस अधिकारी के समान

b. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन सिविल न्यायालय के समान

c. संसद के समान

d. जिला प्रशासन के समान

 

109. धारा 7(4) के अधीन सक्षम प्राधिकारी को प्रकटन और निरीक्षण की शक्ति होगी?

a. नहीं

b. केवल न्यायालय अनुमति से

c. हाँ

d. केवल विशेष मामलों में

 

110. धारा 7(4) के अधीन क्या सक्षम प्राधिकारी किसी व्यक्ति को हाजिर करा सकता है और उसकी शपथ पर परीक्षा कर सकता है?

a. नहीं

b. केवल न्यायाधीश की अनुमति से

c. हाँ

d. केवल सरकारी कर्मचारी की

 

111. क्या रिपोर्ट करने वाली सत्ता के अधिकारी को भी धारा 7(4)(ख) के अधीन हाजिर कराया जा सकता है?

a. नहीं

b. केवल पुलिस अधिकारी को

c. केवल निजी संस्था को

d. हाँ

 

112. धारा 7(4) के अधीन अभिलेखों को पेश करने के लिए किसे विवश किया जा सकता है?

a. केवल सरकारी अधिकारी

b. संबंधित व्यक्तियों को

c. केवल कंपनियों को

d. केवल बैंक अधिकारियों को

 

113. धारा 7(4) के अधीन क्या सक्षम प्राधिकारी शपथ-पत्रों पर साक्ष्य प्राप्त कर सकता है?

a. केवल आपराधिक मामलों में

b. नहीं

c. हाँ

d. केवल सिविल मामलों में

 

114. धारा 7(4) के अधीन क्या सक्षम प्राधिकारी साक्षियों और दस्तावेजों की परीक्षा हेतु कमीशन निकाल सकता है?

a. नहीं

b. केवल न्यायालय द्वारा

c. केवल पुलिस द्वारा

d. हाँ

 

115. धारा 7(4)(च) के अधीन सक्षम प्राधिकारी को किन अन्य विषयों पर शक्ति होगी?

a. केवल बैंकिंग मामलों पर

b. केवल आपराधिक मामलों पर

c. ऐसे विषय, जो विहित किए जाएं

d. केवल कर मामलों पर

 

116. धारा 7(5) के अधीन सक्षम प्राधिकारी को क्या शक्ति होगी?

a. गिरफ्तारी की शक्ति

b. किसी व्यक्ति को समन करने की शक्ति

c. दंड देने की शक्ति

d. लाइसेंस देने की शक्ति

 

117. धारा 7(5) के अधीन किस व्यक्ति को समन किया जा सकता है?

a. केवल सरकारी कर्मचारी

b. केवल कंपनी निदेशक

c. जिसकी हाजिरी साक्ष्य देने या दस्तावेज पेश करने हेतु आवश्यक समझी जाए

d. केवल बैंक अधिकारी

 

118. धारा 7(5) के अधीन समन किस प्रयोजन हेतु किया जा सकता है?

a. नौकरी देने हेतु

b. कर निर्धारण हेतु

c. अन्वेषण या कार्यवाही के दौरान साक्ष्य देने या दस्तावेज पेश करने हेतु

d. बैंक खाता खोलने हेतु

 

119. धारा 7(6) के अधीन समन किए गए व्यक्तियों का क्या दायित्व है?

a. केवल लिखित उत्तर देना

b. स्वयं या प्राधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होना

c. केवल दस्तावेज भेजना

d. केवल वकील नियुक्त करना

 

120. धारा 7(6) के अधीन क्या समन किए गए व्यक्ति प्राधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित हो सकते हैं?

a. नहीं

b. केवल न्यायालय की अनुमति से

c. हाँ, जैसा अधिकारी निदेश दे

d. केवल सरकारी मामलों में

 

121. धारा 7(6) के अधीन समन किए गए व्यक्ति किस बात के लिए आबद्ध होंगे?

a. केवल मौन रहने के लिए

b. सत्य कथन करने और अपेक्षित दस्तावेज पेश करने के लिए

c. केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए

d. केवल शुल्क जमा करने के लिए

 

122. धारा 7(7) के अधीन धारा 7(4) और (5) की कार्यवाहियों का क्या स्वरूप होगा?

a. प्रशासनिक कार्यवाही

b. न्यायिक कार्यवाही

c. विभागीय कार्यवाही

d. अनुशासनात्मक कार्यवाही

 

123. धारा 7(7) के अधीन कार्यवाहियां किन धाराओं के प्रयोजनार्थ न्यायिक कार्यवाही समझी जाएंगी?

a. केवल IPC धारा 420

b. भारतीय दंड संहिता की धारा 193 और 228 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 229 और 267)

c. केवल CrPC धारा 161

d. केवल CPC धारा 9

 

124. धारा 7(8) के अधीन अभिलेखों को कितनी अवधि तक परिबद्ध या प्रतिधारित किया जा सकता है?

a. केवल 30 दिन

b. केवल 6 माह

c. ऐसी अवधि तक, जो अधिकारी उचित समझे

d. केवल 1 वर्ष

 

125. धारा 7(8) के अधीन अभिलेखों की परिबद्धता या प्रतिधारण किसके अध्यधीन होगी?

a. राज्यपाल के आदेश के अधीन

b. न्यायालय के आदेश के अधीन

c. केंद्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अध्यधीन

d. पुलिस नियमों के अधीन

 

126. क्या धारा 7(2) में निर्दिष्ट अधिकारी बिना कारण लेखबद्ध किए अभिलेख परिबद्ध कर सकता है?

a. हाँ

b. केवल विशेष मामलों में

c. नहीं

d. केवल मौखिक आदेश से

 

127. धारा 7(8) के प्रथम परंतु के अधीन अभिलेख परिबद्ध करने से पूर्व क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय की अनुमति

b. परिबद्ध करने के कारणों को लेखबद्ध करना

c. पुलिस रिपोर्ट

d. सरकारी विज्ञापन

 

128. धारा 7(8)(ख) के अधीन तीन मास से अधिक प्रतिधारण के लिए क्या आवश्यक है?

a. राज्यपाल की अनुमति

b. न्यायालय का आदेश

c. सक्षम प्राधिकारी का पूर्व अनुमोदन

d. संसद की अनुमति

 

129. धारा 8 का विषय क्या है?

a. सक्षम प्राधिकारी

b. अभिहित न्यायालय (Designated Court)

c. विनियामक

d. अधिसूचना

 

130. धारा 8(1) के अधीन अभिहित न्यायालय का गठन कौन कर सकेगी?

a. सर्वोच्च न्यायालय

b. संसद

c. समुचित सरकार

d. राज्यपाल

 

131. धारा 8 के अधीन अभिहित न्यायालय का गठन किसकी सहमति से किया जाएगा?

a. राष्ट्रपति की सहमति से

b. संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति से

c. संसद की सहमति से

d. राज्यपाल की सहमति से

 

132. धारा 8 के अधीन अभिहित न्यायालय का गठन किस माध्यम से किया जाएगा?

a. न्यायालय आदेश द्वारा

b. सरकारी पत्र द्वारा

c. अधिसूचना द्वारा

d. संसदीय प्रस्ताव द्वारा

 

133. धारा 8(1) के अधीन अभिहित न्यायालय किनके लिए गठित किए जा सकते हैं?

a. केवल राज्यों के लिए

b. केवल आपराधिक मामलों के लिए

c. केवल दीवानी मामलों के लिए

d. ऐसे क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए अथवा ऐसे मामले या मामलों के लिए, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किए जाएं

 

134. धारा 8 के अधीन क्या समुचित सरकार एक या अधिक अभिहित न्यायालयों का गठन कर सकती है?

a. नहीं

b. केवल एक न्यायालय

c. हाँ

d. केवल उच्च न्यायालय की अनुमति से

 

135. धारा 8 के अधीन अभिहित न्यायालयों के रूप में गठित न्यायालयों के पीठासीन न्यायाधीश की न्यूनतम पंक्ति क्या होगी?

a. सिविल न्यायाधीश की पंक्ति से अनिम्न

b. मजिस्ट्रेट की पंक्ति से अनिम्न

c. जिला और सेशन न्यायाधीश या अपर जिला और सेशन न्यायाधीश की पंक्ति से अनिम्न

d. केवल उच्च न्यायालय न्यायाधीश

 

136. धारा 8 के अधीन अभिहित न्यायालय का पीठासीन न्यायाधीश किस स्तर का होगा?

a. केवल सिविल जज स्तर का

b. जिला और सेशन न्यायाधीश या अपर जिला और सेशन न्यायाधीश की पंक्ति से अनिम्न न्यायाधीश

c. केवल मजिस्ट्रेट स्तर का

d. केवल उच्च न्यायालय न्यायाधीश

 

137. धारा 8 के अधीन क्या अभिहित न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय को अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के लागू विषयों पर अधिकारिता होगी?

a. हाँ

b. केवल उच्च न्यायालय को

c. नहीं

d. केवल जिला न्यायालय को

 

138. धारा 8(2) के अधीन किन विषयों पर अन्य न्यायालय की अधिकारिता नहीं होगी?

a. केवल दीवानी मामलों पर

b. केवल बैंकिंग मामलों पर

c. केवल कर मामलों पर

d. ऐसे विषयों पर, जिनको अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के उपबंध लागू होते हैं

 

139. धारा 8 के अधीन क्या अभिहित न्यायालय अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन अपराध के विचारण के दौरान अन्य अपराध का भी विचारण कर सकता है?

a. नहीं

b. केवल विशेष अनुमति से

c. हाँ

d. केवल दीवानी मामलों में

 

140. धारा 8 के अधीन अभिहित न्यायालय किन अन्य अपराधों का विचारण कर सकता है?

a. केवल कर अपराधों का

b. केवल बैंकिंग अपराधों का

c. केवल दीवानी अपराधों का

d. ऐसे अपराधों का, जिनके लिए अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के अधीन उसी विचारण में आरोपित किया जा सके

 

141. धारा 8(3) के अधीन अतिरिक्त विचारण की शक्ति कब प्रयोग की जा सकती है?

a. केवल अपील के समय

b. केवल जांच के समय

c. अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019 के अधीन किसी अपराध का विचारण करते समय

d. केवल गिरफ्तारी के समय

 

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