भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 MCQs Set-7

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

 

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1. धारा 365 के अनुसार, जब किसी मजिस्ट्रेट ने साक्ष्य को आंशिक रूप से सुनने और अभिलिखित करने के बाद अधिकारिता खो दी हो, तो क्या किया जा सकता है?

a. मुकदमा दोबारा शुरू करना होगा

b. अभियुक्त को रिहा करना होगा

c. उत्तरवर्ती मजिस्ट्रेट पूर्ववर्ती द्वारा अभिलिखित साक्ष्य पर कार्य कर सकता है

d. केवल गवाहों को ही दोबारा बुलाया जाएगा

 

2. यदि उत्तरवर्ती मजिस्ट्रेट को लगता है कि पहले से दर्ज किसी गवाह की फिर से परीक्षा आवश्यक है, तो वह:

a. ऐसा नहीं कर सकता

b. गवाह को नया बयान देने का आदेश दे सकता है

c. गवाह को पुनः समन कर सकता है और अतिरिक्त परीक्षा करा सकता है

d. गवाह को हटा सकता है

 

3. भागतः एक न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा और भागत: दूसरे न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा अभिलिखित साक्ष्य पर दोषसिद्धि या सुपुर्दगी किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 361

b. धारा 365 

c. धारा 363 

d. धारा 364

 

4. न्यायालयों का खुला होना किस धारा से सम्बन्धित है?

a. धारा 365

b. धारा 366

c. धारा 367

d. धारा 368

 

5. यदि कोई पत्रकार गोपनीय सुनवाई की जानकारी बिना अदालत की अनुमति के प्रकाशित करता है, तो वह किस धारा का उल्लंघन करता है?

a. धारा 366(1)

b. धारा 366(2)

c. धारा 366(3)

d. धारा 366(4)

 

6. विकृत चित्त अभियुक्त व्यक्तियों के बारे में उपबंध किस अध्याय से  सम्बन्धित है? 

a. अध्याय 25

b. अध्याय 26

c. अध्याय 27

d. अध्याय 28

 

7. विकृत चित्त अभियुक्त व्यक्तियों के बारे में उपबंध दिए गए है?

a. धारा 367 - धारा 378

b. धारा 365 - धारा 370

c. धारा 363 - धारा 373

d. धारा 367 - धारा 372

 

8. जब मजिस्ट्रेट को यह विश्वास करने का कारण होता है कि अभियुक्त विकृत चित्त है और अपनी प्रतिरक्षा करने में असमर्थ है, तो वह सबसे पहले क्या करता है?

a. अभियुक्त को दोषी घोषित करता है

b. सीधे उसे जेल भेजता है

c. चित्त-विकृति के तथ्य की जांच करता है और सिविल सर्जन से परीक्षा कराता है

d. अभियुक्त का विचारण रोक देता है

 

9. यदि सिविल सर्जन अभियुक्त को चित्त-विकृत मानता है, तो उसे किसके पास भेजा जाता है?

a. जिला न्यायालय

b. पुलिस अधीक्षक

c. सरकारी अस्पताल या आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के मनोचिकित्सक/रोग विषयक मनोविज्ञानी

d. उच्च न्यायालय

 

10. मेडिकल बोर्ड किन दो सदस्यों से मिलकर बनता है?

a. जिला कलेक्टर और सिविल सर्जन

b. सत्र न्यायाधीश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी

c. मनश्चिकित्सा एकक प्रमुख और मनश्चिकित्सा संकाय का सदस्य

d. पुलिस अधीक्षक और मेडिकल ऑफिसर

 

11. न्यायालय के समक्ष विचारित व्यक्ति के विकृत चित्त होने की दशा में प्रक्रिया किस धारा से  सम्बन्धित है?

a. धारा 359

b. धारा 362

c. धारा 368

d. धारा 370

 

12. जब मजिस्ट्रेट या सेशन न्यायालय को विचारण के समय अभियुक्त विकृत चित्त और अपनी प्रतिरक्षा में असमर्थ प्रतीत होता है, तो वह क्या करेगा?

a. तुरंत दोषसिद्धि कर देगा

b. ऐसे चिकित्सीय या अन्य साक्ष्य पर विचार करेगा और निष्कर्ष लिखेगा, फिर कार्यवाही को मुल्तवी करेगा

c. अभियुक्त को सीधे जेल भेज देगा

d. अभियुक्त का विचारण जारी रखेगा

 

13. यदि अभियुक्त मनश्चिकित्सक या मनोविज्ञानी की रिपोर्ट से असंतुष्ट है, तो वह किसके समक्ष अपील कर सकता है?

a. उच्च न्यायालय

b. चिकित्सा बोर्ड

c. सत्र न्यायालय

d. जिला न्यायालय

 

14. यदि अभियुक्त बौद्धिक दिव्यांगता के कारण अपनी प्रतिरक्षा में असमर्थ है और प्रथम दृष्ट्या मामला बनता है, तो मजिस्ट्रेट या न्यायालय क्या आदेश देगा?

a. विचारण करेगा

b. विचारण बंद करेगा और धारा 369 के अनुसार कार्यवाही करेगा (धारा 368(4)

c. अभियुक्त को दोषी ठहराएगा

d. अभियुक्त को जमानत पर रिहा करेगा

 

15. अन्वेषण या विचारण के लंबित रहने तक विकृत चित व्यक्ति का छोड़ा जाना  किस धारा से सम्बन्धितहै?

a. धारा 365

b. धारा 369

c. धारा 366

d. धारा 368

 

16. जब कोई व्यक्ति धारा 367 या 368 के अंतर्गत चित्त-विकृति या बौद्धिक दिव्यांगता के कारण अपनी प्रतिरक्षा करने में असमर्थ पाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?

a. उसे बिना शर्त जमानत पर छोड़ सकता है

b. उसे जमानत पर छोड़ सकता है, यदि कोई मित्र या नातेदार नियमित बाह्य रोगी मनःचिकित्सा उपचार कराने का वचन देता हो

c. उसे तुरंत जेल में बंद कर सकता है

d. उसे उपचार के बिना छोड़ सकता है

 

17. धारा 369 के अनुसार, लोक मानसिक स्वास्थ्य स्थापन में अभियुक्त को निरुद्ध करने का आदेश किसके अनुसार होगा?

a. मजिस्ट्रेट के आदेश पर बिना किसी नियम के

b. राज्य सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख अधिनियम, 2017 के नियमों के अनुसार

c. अभियुक्त की मर्जी से

d. अभियुक्त के परिवार की मर्जी से

 

18. जब जांच या विचारण को धारा 367 या 368 के अंतर्गत मुल्तवी किया गया हो, तो मजिस्ट्रेट या न्यायालय किस स्थिति में उसे पुनः चालू कर सकता है?

a. जब अभियुक्त भाग जाए

b. जब संबद्ध व्यक्ति के विकृत चित्त न रहने की स्थिति हो

c. जब अभियुक्त मना कर दे

d. जब अभियुक्त ने कोई नया अपराध किया हो

 

19. धारा 215 में वर्णित मामलों में प्रक्रिया किस धारा से संबंधित है?

a. धारा 374

b. धारा 379

c. धारा 370

d. धारा 375

 

20. मिथ्या साक्ष्य देने पर विचारण के लिए संक्षिप्त प्रक्रिया धारा 383 किस से संबंधित है?

a. धारा 379

b. धारा 380

c. धारा 382

d. धारा 383

 

21. मिथ्या साक्ष्य देने पर संक्षिप्त प्रक्रिया से विचारण कौन कर सकेगा ?

a. प्रथम वर्ग मजिट्रेट या सेशन न्यायालय

b. सत्र न्यायाधीश अथवा उच्च न्यायालय

c. केवल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष

d. केवल सत्र न्यायाधीश के समक्ष

 

22. धारा 384 के अंतर्गत अभियुक्त को किस प्रकार का दंड दिया जा सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. एक हजार रुपए तक का जुर्माना और जुर्माना न देने पर एक माह तक की सादा कारावास

c. मृत्युदंड

d. आजीवन कारावास

 

23. अध्याय 29 किस विषय से संबंधित है?

a. निर्णय

b. न्याय प्रशासन पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के बारे में उपबंध

c. विकृत चित्त अभियुक्त व्यक्तियों के बारे में उपबंध

d. जांचों तथा विचारणों के बारे में साधारण उपबंध

 

24. धारा 392(1) के अंतर्गत, निर्णय को निम्न में से किस विधि से सुनाया जा सकता है?

a. मौखिक घोषणा द्वारा

b. अभियुक्त या उसके अभिवक्ता को फोन कॉल पर

c. सम्पूर्ण देकर सुनाया जाएगा, पढ़कर सुनाया जाएगा, या सार समझाकर सुनाया जाएगा

d. सोशल मीडिया पर पोस्ट कर

 

25. धारा 392 के अनुसार, आरंभिक अधिकारिता के दंड न्यायालय में निर्णय अधिकतम कितने दिनों के भीतर सुनाया जाना चाहिए?

a. 30 दिन

b. 45 दिन

c. 60 दिन

d. 90 दिन

 

26. न्यायलय जहां तक संभव हो निर्णय की प्रति कितने दिन की अवधि के भीतर अपने पोर्टल पर अपलोड करेगा?

a. 30 दिन की अवधि के भीतर

b. 45 दिन की अवधि के भीतर

c. 7 दिन की अवधि के भीतर

d. 10 दिन की अवधि के भीतर

 

27. यदि अभियुक्त अभिरक्षा में है, तो उसे निर्णय सुनने के लिए कैसे लाया जाएगा?

a. डाक द्वारा सूचना भेजकर

b. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या व्यक्तिगत रूप से

c. सोशल मीडिया लिंक भेजकर

d. केवल अधिवक्ता के माध्यम से

 

28. अभियुक्त की गैर-हाजिरी में निर्णय कब सुनाया जा सकता है?

a. जब अभियुक्त लापता हो

b. जब वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दी गयी हो और केवल जुर्माना लगाया गया हो या वह दोषमुक्त हो

c. जब अभियुक्त को पहले से सजा मिल चुकी हो

d. उपरोक्त सभी

 

29. निम्नलिखित में से कौन सी धारा निर्णय की भाषा एवं अन्तर्वस्तु से सम्बन्धित है-

a. धारा 393 

b. धारा 354 

c. धारा 395 

d. धारा 396

 

30. धारा 393 के अनुसार, निर्णय किस भाषा में लिखा जाएगा?

a. केवल हिंदी में

b. केवल अंग्रेज़ी में

c. न्यायालय की भाषा में

d. अभियुक्त की भाषा में

 

31. धारा 393 के अनुसार, निर्णय में निम्नलिखित में से क्या होना चाहिए?

I. अवधारण के लिए प्रश्न

II. उन पर विनिश्चय और कारण

III. केवल अभियोजन के कथन

a. केवल III

b. I और II

c. II और III

d. I, II और III

 

32. यदि संदेह हो कि अपराध भारतीय न्याय संहिता की दो धाराओं या एक ही धारा के दो भागों में से किसके अंतर्गत आता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

a. अभियोजन से स्पष्टीकरण मांगेगा

b. निर्णय स्थगित करेगा

c. स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त कर अनुकल्पतः निर्णय देगा

d. दो अलग-अलग निर्णय देगा

 

33. धारा 393(5) के अनुसार मृत्युदंड दिए जाने की दशा में निर्णय में क्या निदेश होना चाहिए?

a. दोषी को गोली मारने का आदेश

b. जीवनभर जेल में रखने का आदेश

c. फांसी लगाकर मृत्यु तक लटकाए जाने का आदेश

d. उसका पुनः परीक्षण किया जाए

 

34. यदि दोषसिद्धि एक वर्ष या अधिक की सजा योग्य अपराध के लिए है लेकिन कोर्ट 3 माह से कम कारावास देता है, तो क्या अपेक्षित है?

a. दंड को गोपनीय रखना

b. दंड देने के कारणों का लेखबद्ध करना

c. अभियोजन को पुनः बुलाना

d. दंड को वापस लेना

 

35. पूर्वतन दोषसिद्धि अपराधी को अपने पते की सूचना देने का आदेश किससे सम्बंधित है?

a. धारा 394

b. धारा 396

c. धारा 398

d. धारा 399

 

36. धारा 394 के अनुसार, पते की सूचना देने का आदेश किस प्रकार के अपराध की पुनः दोषसिद्धि की स्थिति में दिया जा सकता है?

a. केवल जुर्माने से दंडनीय अपराध

b. तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कारावास से दंडनीय अपराध

c. छह माह से अधिक कारावास से दंडनीय अपराध

d. मृत्युदंड से दंडनीय अपराध

 

37. पते की सूचना देने का आदेश किस प्रकार का न्यायालय पारित कर सकता है?

a. केवल उच्च न्यायालय

b. केवल द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट

c. द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट से भिन्न कोई न्यायालय

d. केवल विशेष न्यायालय

 

38. पूर्व दोषसिद्ध अपराधी को अधिकतम कितने वर्षों तक अपने निवास स्थान में परिवर्तन की सूचना देनी होती है?

a. 1 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

39. प्रतिकर देने का आदेश का प्रावधान करने वाली धारा कौन सी है-

a. धारा 391

b. धारा 395

c. धारा 396

d. धारा 936

 

40. किस धारा के अंतर्गत (जब अर्थदंड सजा का हिस्सा न हो) न्यायालय प्रतिकर के रूप में अभियुक्त द्वारा किसी भी राशि के भुगतान का आदेश दे सकता है-

a. धारा 395(1) 

b. धारा 395(2) 

c. धारा 395(3) 

d. धारा 395(4) 

 

41. पीड़ित प्रतिकर योजना का प्रावधान करने वाली धारा कौन सी है-

a. धारा 391

b. धारा 395

c. धारा 396

d. धारा 336

 

42. धारा 396 के अंतर्गत पीड़ित की प्रतिकर की मात्रा का निर्धारण कौन करता है?

a. पुलिस अधिकारी

b. राज्य सरकार

c. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण

d. उच्चतम न्यायालय

 

43. राज्य या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन प्राप्त होने पर कितने समय के भीतर जांच पूरी करनी होती है?

a. एक सप्ताह

b. एक माह

c. दो माह

d. छह माह

 

44. धारा 396 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा दिया गया प्रतिकर भारतीय न्याय संहिता की किन धाराओं के तहत दिए गए जुर्माने के अतिरिक्त होता है?

a. धारा 420, 302, 120B

b. धारा 65, 70, 124(1)

c. धारा 101, 102, 103

d. धारा 17, 18, 19

 

45. किस धारा के अंतर्गत सभी सार्वजनिक अथवा निजी अस्पताल तेजाबी हमले तथा बलात्संग के पीड़ितों को प्राथमिक चिकित्सा तथा चिकित्सकीय उपचार निःशुल्क प्रदान करेंगे-

a. धारा 395

b. धारा 399

c. धारा 397

d. धारा 394

 

46. धारा 397 के अनुसार, पीड़ितों को निःशुल्क प्राथमिक या चिकित्सीय उपचार कौन से अस्पताल उपलब्ध कराएंगे?

a. केवल सरकारी अस्पताल

b. केवल निजी अस्पताल

c. केवल केंद्रीय सरकार द्वारा संचालित अस्पताल

d. सभी लोक या प्राइवेट अस्पताल

 

47. निम्न में से कौन-से अपराधों के पीड़ितों को धारा 397 के अंतर्गत उपचार का अधिकार है?

a. केवल चोरी और डकैती

b. केवल आर्थिक अपराध

c. लैंगिक अपराध और गंभीर शारीरिक अपराध

d. यातायात उल्लंघन

 

48. निम्नलिखित में से कौन-सी धाराएं उन अपराधों को दर्शाती हैं जिनके पीड़ितों को उपचार मिलना चाहिए, जैसा कि धारा 397 में उल्लेख है?

a. भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 से 71 और धारा 124(1)

b. भारतीय न्याय संहिता की धारा 100 से 110

c. पुलिस अधिनियम की धारा 10 से 15

d. भारतीय संविधान की धारा 21 से 30

 

49. धारा 397 के अनुसार, बालकों से संबंधित लैंगिक अपराधों की स्थिति में किन धाराओं के अंतर्गत उपचार किया जाएगा?

a. JJ Act, 2000 की धाराएं

b. POCSO अधिनियम की धारा 4, 6, 8, 10

c. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं

d. संविधान की मूलभूत अधिकार धाराएं

 

50. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में साक्षियों की सुरक्षा से सम्बंधित कौन सी एक नयी धारा जोड़ी गयी है ?

a. धारा 394

b. धारा 398

c. धारा 396

d. धारा 392

 

51. धारा 398 के अनुसार साक्षी संरक्षण स्कीम किसके द्वारा तैयार की जाएगी?

a. उच्चतम न्यायालय

b. केंद्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण

c. प्रत्येक राज्य सरकार

d. पुलिस महानिदेशक

 

52. धारा 399 किस स्थिति में प्रतिकर देने का प्रावधान करती है?

a. जब पुलिस अपराधी को गिरफ़्तार करने में असफल रहती है

b. जब कोई व्यक्ति निराधार रूप से किसी अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार करवा देता है

c. जब न्यायालय दोषमुक्ति का आदेश देता है

d. जब किसी गवाह को सुरक्षा नहीं दी जाती

 

53. जब कभी कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को पुलिस अधिकारी से गिरफ्तार करवाता है, तब यदि उस मजिस्ट्रेट को जिसके द्वारा यह मामला सुना जाता है, यह प्रतीत होता है कि ऐसी गिरफ्तारी करवाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं था, वह मजिस्ट्रेट प्रतिकर दिलवा सकता है-

a. एक लाख रुपये से अनधिक 

b. दस हजार रुपये से अनधिक 

c. पांच हजार रुपये से अनधिक

d. एक हजार रुपये से अनधिक

 

54. यदि प्रतिकर की राशि वसूल नहीं की जाती है, तो दोषी व्यक्ति को क्या सज़ा दी जा सकती है?

a. ₹500 अतिरिक्त जुर्माना

b. 7 दिन का कारावास

c. अधिकतम 30 दिन का सादा कारावास

d. जमानत राशि की जब्ती

 

55. धारा 400 किस प्रकार के मामलों में परिवादी को खर्चे दिलाने का प्रावधान करती है?

a. संज्ञेय अपराध 

b. असंज्ञेय अपराध

c. दीवानी वाद

d. सभी प्रकार के वाद

 

56. यदि अभियुक्त दोषसिद्ध होता है, तो न्यायालय किस प्रकार का आदेश खर्चे के संबंध में दे सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. सज़ा के अतिरिक्त अभियोजन व्यय देने का आदेश

c. अभियुक्त को क्षमा कर सकता है

d. अभियुक्त से माफ़ीनामा मांग सकता है

 

57. धारा 400 के अंतर्गत कौन-कौन से खर्च शामिल किए जा सकते हैं?

a. केवल वकील की फीस

b. केवल आदेशिका शुल्क

c. आदेशिका फीस, साक्षियों की फीस, अधिवक्ताओं की फीस आदि

d. कोई खर्च नहीं

 

58. यदि अभियुक्त आदेश के अनुसार खर्च नहीं देता है, तो अधिकतम कितने दिन का सादा कारावास दिया जा सकता है?

a. 7 दिन

b. 14 दिन

c. 30 दिन

d. 3 माह

 

59. सदाचरण की परिवीक्षा पर या भर्त्सना के पश्चात् छोड़ देने का आदेश किस्से सम्बंधित हैं?

a. धारा 400

b. धारा 401

c. धारा 404

d. धारा 405

 

60. किस अवस्था में कोई व्यक्ति दोषसिद्धि के बावजूद, परिवीक्षा पर छोड़ा जा सकता है?

a. अपराधी की उम्र 21 वर्ष से कम हो

b. महिला हो या 21 से कम उम्र का पुरुष हो

c. अपराध मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय न हो

d. उपरोक्त सभी

 

61. धारा 401 के अनुसार, दोषसिद्ध व्यक्ति को अधिकतम कितनी अवधि के लिए परिवीक्षा पर छोड़ा जा सकता है?

a. 6 महीने

b. 1 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

62. यदि द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट किसी आरोपी को परिवीक्षा पर छोड़ने का विचार करता है, तो वह क्या करेगा?

a. स्वयं आदेश देगा

b. उच्च न्यायालय को रिपोर्ट भेजेगा

c. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट को कार्यवाही निवेदित करेगा

d. आरोपी को छोड़ देगा

 

63. किस प्रकार के अपराधों में भर्त्सना के पश्चात् छोड़ना संभव है?

a. हत्या जैसे गंभीर अपराध

b. दो वर्ष से कम कारावास या केवल जुर्माने से दंडनीय अपराध

c. आतंकवाद से संबंधित अपराध

d. राजद्रोह जैसे अपराध

 

64. क्या उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय इस धारा के अंतर्गत दिए गए आदेश को अपास्त कर सकते हैं?

a. नहीं

b. हाँ, पुनरीक्षण या अपील के माध्यम से

c. केवल राष्ट्रपति के आदेश से

d. केवल पुलिस की सिफारिश पर

 

65. धारा 401 में दिए गए परिवीक्षा आदेश का उल्लंघन होने पर क्या हो सकता है?

a. अपराधी को छोड़ दिया जाएगा

b. केवल चेतावनी दी जाएगी

c. न्यायालय वारण्ट जारी कर सकता है

d. कोई कार्यवाही नहीं होगी

 

66. धारा 401 के अंतर्गत किन अधिनियमों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता?

a. किशोर न्याय अधिनियम, 2015

b. अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958

c. अन्य समकालीन सुधार विधियाँ

d. उपरोक्त सभी

 

67. न्यायालय का अपने निर्णय में परिवर्तन न करना किससे सम्बंधित हैं?

a. धारा 402

b. धारा 403

c. धारा 404

d. धारा 405 

 

68. धारा 403 के अनुसार न्यायालय किस प्रकार की भूल को ठीक कर सकता है?

a. साक्ष्य संबंधी

b. कानूनी व्याख्या संबंधी

c. लिपिकीय या गणितीय भूल

d. निर्णय की पुनरावृत्ति

 

69. अभियुक्त और अन्य व्यक्तियों को निर्णय की प्रति का दिया जाना किससे सम्बंधित हैं?

a. धारा 401

b. धारा 400

c. धारा 404

d. धारा 406

 

70. धारा 404 के अनुसार, जब किसी अभियुक्त को कारावास का दंडादेश दिया जाता है, तो उसे निर्णय की प्रति कब दी जानी चाहिए?

a. अपील दायर करने के बाद

b. निर्णय सुनाए जाने से पहले

c. निर्णय सुनाए जाने के पश्चात तुरन्त

d. एक सप्ताह के भीतर

 

71. जब उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश पारित या पुष्ट किया जाता है, तो निर्णय की प्रमाणित प्रति अभियुक्त को कब दी जाएगी?

a. केवल आवेदन करने पर

b. राज्य सरकार की अनुमति से

c. निःशुल्क, चाहे आवेदन करे या न करे

d. अपील के बाद

 

72. उच्च न्यायालय किस बारे में नियम बना सकता है?

a. निर्णय की भाषा निर्धारित करने हेतु

b. केवल अभियुक्त को प्रति देने के लिए

c. प्रभावित न होने वाले व्यक्ति को निर्णय की प्रति देने हेतु

d. दंड की अवधि बढ़ाने हेतु

 

73. धारा 405 के अनुसार, मूल निर्णय कहाँ रखा जाएगा?

a. पुलिस अभिलेख में

b. सरकार के पास जमा किया जाएगा

c. कार्यवाही के अभिलेख में फाइल किया जाएगा

d. केवल अभियुक्त को दिया जाएगा

 

74. कब निर्णय का अनुवाद न्यायालय की भाषा में अभिलेख में जोड़ा जाएगा?

a. जब अभियुक्त दोषमुक्त हो

b. जब मजिस्ट्रेट आदेश दे

c. जब मूल निर्णय न्यायालय की भाषा से भिन्न हो और पक्षकार अपेक्षा करे

d. जब अनुवाद शुल्क दिया जाए

 

75. सेशन न्यायालय द्वारा निष्कर्ष और दंडादेश की प्रति जिला मजिस्ट्रेट को भेजना किस से सम्बंधित हैं?

a. धारा 406

b. धारा 404

c. धारा 403

d. धारा 402

 

76. मृत्यु दंडादेशों का पुष्टि के लिए प्रस्तुत किया जाना किस अध्याय से  सम्बंधित हैं?

a. अध्याय 30

b. अध्याय 33

c. अध्याय 36

d. अध्याय 38

 

77. मृत्यु दंडादेशों का पुष्टि के लिए प्रस्तुत किया जाना किस धारा से किस धारा तक प्रावधानित है?

a. धारा 407 से धारा 412 तक

b. धारा 406 से धारा 411 तक

c. धारा 405 से धारा 412 तक

d. धारा 407 से धारा 415 तक

 

78. जब सेशन न्यायालय मृत्यु दंडादेश देता है, तो कार्यवाही किसे प्रस्तुत की जाती है?

a. जिला मजिस्ट्रेट को

b. उच्च न्यायालय को

c. पुलिस अधीक्षक को

d. लोक अभियोजक को

 

79. सेशन न्यायालय द्वारा दिया गया मृत्यु दंडादेश कब तक निष्पादित नहीं किया जाएगा?

a. जब तक वह मजिस्ट्रेट द्वारा अनुमति न दी जाए

b. जब तक वह उच्च न्यायालय द्वारा पुष्ट न किया जाए

c. तुरंत निष्पादित किया जाएगा

d. जब तक अभियुक्त द्वारा माफी न मांगी जाए

 

80. अतिरिक्त जांच किए जाने के लिए या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने के लिए निदेश देने की शक्ति किस से सम्बंधित हैं?

a. धारा 408

b. धारा 406 

c. धारा 405 

d. धारा 407 

 

81. जब उच्च न्यायालय को यह उचित लगे कि दोषसिद्ध व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने से संबंधित प्रश्न पर अतिरिक्त जांच या साक्ष्य लिया जाना चाहिए, तो उच्च न्यायालय क्या कर सकता है?

a. स्वयं जांच कर सकता है या साक्ष्य ले सकता है

b. सेशन न्यायालय को जांच या साक्ष्य लेने का आदेश दे सकता है

c. दोनों (a) और (b)

d. कोई भी नहीं

 

82. अतिरिक्त जांच या साक्ष्य के समय दोषसिद्ध व्यक्ति की क्या स्थिति हो सकती है जब तक उच्च न्यायालय अन्यथा निर्देश न दे?

a. दोषसिद्ध व्यक्ति की उपस्थिति अनिवार्य है

b. दोषसिद्ध व्यक्ति को जांच या साक्ष्य के समय उपस्थित नहीं होना पड़ता

c. दोषसिद्ध व्यक्ति को जांच या साक्ष्य के समय उपस्थित होने से अभिमुक्ति दी जा सकती है

d. दोषसिद्ध व्यक्ति को उपस्थित होने का आदेश दिया जाएगा

 

83. सेशन न्यायालय को अतिरिक्त जांच या साक्ष्य के लिए निर्देश कौन दे सकता है?

a. जिला मजिस्ट्रेट

b. उच्च न्यायालय

c. पुलिस अधीक्षक

d. लोक अभियोजक

 

84. धारा 408 के अनुसार दोषसिद्ध व्यक्ति को जांच या साक्ष्य के समय उपस्थित होने से कौन अभिमुक्ति दे सकता है?

a. उच्च न्यायालय

b. सेशन न्यायालय

c. जिला मजिस्ट्रेट

d. कोई भी न्यायालय

 

85. दंडादेश को पुष्ट करने या दोषसिद्धि को बातिल करने की उच्च न्यायालय की शक्ति किस से  सम्बंधित हैं?

a. धारा 407

b. धारा 408

c. धारा 409

d. धारा 410

 

86. उच्च न्यायालय धारा 407 के अधीन प्रस्तुत मामले में कौन-कौन से आदेश दे सकता है?

a. दंडादेश की पुष्टि या कोई अन्य विधिसम्मत दंडादेश देना

b. दोषसिद्धि को बातिल करना और अभियुक्त को नए विचारण के लिए आदेश देना

c. अभियुक्त को दोषमुक्त करना

d. उपरोक्त सभी

 

87. उच्च न्यायालय दोषसिद्धि को बातिल कर सकता है और अभियुक्त को किस अपराध के लिए दोषसिद्ध कर सकता है?

a. केवल वही अपराध जिसके लिए सेशन न्यायालय ने दोषसिद्ध किया हो

b. कोई भी अपराध जो सेशन न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में हो

c. केवल संशोधित आरोप के लिए

d. नया अपराध नहीं

 

88. उच्च न्यायालय दंडादेश की पुष्टि कब तक नहीं करेगा?

a. जब तक अपील की अनुज्ञात अवधि समाप्त न हो जाए

b. जब तक अपील का निपटारा न हो जाए यदि अपील पहले ही दायर हो गई हो

c. दोनों (a) और (b) सही हैं

d. जब तक अभियुक्त दोषसिद्ध न हो जाए

 

89. उच्च न्यायालय के आदेशों में से कौन-सा विकल्प उपलब्ध नहीं है?

a. अभियुक्त को दोषमुक्त करना

b. अभियुक्त को नए विचारण के लिए आदेश देना

c. अभियुक्त को अन्यत्र स्थानांतरित करना

d. दंडादेश की पुष्टि करना

 

90. जब उच्च न्यायालय में दो या अधिक न्यायाधीश हों, तब दंडादेश की पुष्टि या नया दंडादेश किसके द्वारा किया जाएगा?

a. किसी एक न्यायाधीश द्वारा

b. कम से कम दो न्यायाधीशों द्वारा

c. सभी न्यायाधीशों द्वारा

d. न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा

 

91. धारा 410 के अनुसार दंडादेश या आदेश का हस्ताक्षर किसके द्वारा होना आवश्यक है?

a. एक न्यायाधीश द्वारा

b. तीन न्यायाधीशों द्वारा

c. कम से कम दो न्यायाधीशों द्वारा

d. न्यायालय के सचिव द्वारा

 

92. यदि न्यायाधीशों की न्यायपीठ में मतभेद हो और वे समान रूप से विभाजित हों, तो मामला किस धारा के अनुसार विनिश्चित किया जाएगा?

a. धारा 410

b. धारा 433

c. धारा 407

d. धारा 401

 

93. सेशन न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश की पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय को प्रस्तुत किए जाने के बाद उच्च न्यायालय का समुचित अधिकारी क्या करेगा?

a. निर्णय को पुनः सेशन न्यायालय भेजेगा

b. आदेश की एक प्रमाणित प्रतिलिपि सेशन न्यायालय को विलंब के बिना भेजेगा

c. अभियुक्त को जमानत पर रिहा करेगा

d. आदेश की प्रति को सार्वजनिक करेगा

 

94. उच्च न्यायालय आदेश की प्रतिलिपि भेजते समय कौन-कौन सी बातें सुनिश्चित करेगा?

a. आदेश को भौतिक रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजना

b. आदेश पर उच्च न्यायालय की मुद्रा लगाना

c. अपने पदीय हस्ताक्षर से आदेश को अनुप्रमाणित करना

d. उपरोक्त सभी

 

95. धारा 412 के अनुसार, उच्च न्यायालय की ओर से आदेश की प्रतिलिपि भेजने में विलंब होना चाहिए या नहीं?

a. हाँ, विलंब हो सकता है

b. नहीं, विलंब नहीं होना चाहिए

c. विलंब केवल तब हो सकता है जब अभियुक्त सहमत हो

d. विलंब केवल विशेष परिस्थितियों में हो सकता है

 

96. सेशन न्यायालय को आदेश की प्रतिलिपि भेजने के लिए उच्च न्यायालय का कौन सा अधिकारी जिम्मेदार होता है?

a. मुख्य न्यायाधीश

b. समुचित अधिकारी

c. जिला मजिस्ट्रेट

d. अभियोजन अधिकारी

 

97. अपीलें किस से सम्बंधित हैं?

a. धारा 410

b. धारा 413

c. धारा 415

d. धारा 418

 

98. दंड न्यायालय के किसी निर्णय या आदेश से अपील कब होगी?

a. हमेशा सभी निर्णयों से अपील हो सकती है

b. केवल जब इस संहिता या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में इसका प्रावधान हो

c. किसी भी मामले में अपील संभव नहीं है

d. केवल मौत की सजा के मामलों में अपील होगी

 

99. पीड़ित को किस प्रकार के आदेश के विरुद्ध अपील करने का अधिकार है?

a. अभियुक्त को दोषमुक्त करने वाले आदेश के विरुद्ध

b. अभियुक्त को कठोर सजा देने वाले आदेश के विरुद्ध

c. अभियुक्त को दोषी ठहराने वाले आदेश के विरुद्ध

d. अभियुक्त को जमानत देने वाले आदेश के विरुद्ध

 

100. पीड़ित की अपील किस न्यायालय में होगी?

a. उसी न्यायालय में जहां अभियुक्त को दोषसिद्धि का आदेश दिया गया है

b. उच्च न्यायालय में

c. सुप्रीम कोर्ट में

d. जिला न्यायालय में

 

101. धारा 413 के अनुसार, अपील का अधिकार किन आदेशों के विरुद्ध पीड़ित को मिलेगा?

a. केवल दोषमुक्त करने वाले आदेशों के विरुद्ध

b. कम अपराध के लिए दोषसिद्ध करने या अपर्याप्त प्रतिकर अधिरोपित करने वाले आदेशों के विरुद्ध

c. दोनों (a) और (b)

d. किसी भी आदेश के विरुद्ध

 

102. परिशान्ति कायम रखने या सदाचार के लिए प्रतिभूति अपेक्षित करने वाले या प्रतिभू स्वीकार करने से इंकार करने वाले या अस्वीकार करने वाले आदेश से अपील किस से सम्बंधित हैं?

a. धारा 412

b. धारा 414

c. धारा 416

d. धारा 418

 

103. धारा 414 के तहत कौन से व्यक्ति सेशन न्यायालय में आदेश के विरुद्ध अपील कर सकता है?

a. जिसे परिशान्ति कायम रखने के लिए प्रतिभूति देने का आदेश दिया गया हो

b. जिसने धारा 140 के तहत प्रतिभू स्वीकार करने से इंकार किया हो

c. दोनों (a) और (b)

d. कोई भी व्यक्ति

 

104. धारा 414 के अनुसार, कौन से आदेश के विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती?

a. वे आदेश जिनके विरुद्ध धारा 141 की उपधारा (2) या (4) के अनुसार कार्यवाही हो रही हो

b. धारा 136 के तहत दिए गए आदेश

c. धारा 140 के तहत दिए गए आदेश

d. सेशन न्यायालय के सभी आदेश

 

105. धारा 414 में प्रतिभूति से संबंधित अपील किस न्यायालय में की जाती है?

a. उच्च न्यायालय

b. सुप्रीम कोर्ट

c. सेशन न्यायालय

d. जिला न्यायालय

 

106. धारा 414 के अनुसार, किस विषय से संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील की जा सकती है?

a. प्रतिभूति देने का आदेश

b. प्रतिभूति स्वीकार करने से इंकार करने का आदेश

c. उपरोक्त दोनों

d. केवल सदाचार से संबंधित आदेश

 

107. दोषसिद्धि से अपील किस से सम्बंधित हैं?

a. धारा 413

b. धारा 414

c. धारा 418

d. धारा 415

 

108. कौन व्यक्ति उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकता है?

a. जिसे उच्च न्यायालय द्वारा असाधारण आरंभिक दांडिक अधिकारिता में दोषसिद्ध किया गया हो

b. जिसे प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा दोषसिद्ध किया गया हो

c. जिसे द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा दोषसिद्ध किया गया हो

d. जिसे सेशन न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया गया हो जिसमें सात वर्ष से अधिक कारावास का दंडादेश दिया गया हो

 

109. सेशन न्यायाधीश द्वारा दोषसिद्ध व्यक्ति किस न्यायालय में अपील कर सकता है यदि उसे सात वर्ष से अधिक के कारावास का दंडादेश दिया गया हो?

a. जिला न्यायालय

b. उच्च न्यायालय

c. उच्चतम न्यायालय

d. मजिस्ट्रेट न्यायालय

 

110. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा दोषसिद्ध व्यक्ति किस न्यायालय में अपील कर सकता है?

a. उच्च न्यायालय

b. सेशन न्यायालय

c. उच्चतम न्यायालय

d. जिला न्यायालय

 

111. धारा 415 के अनुसार, अपील का निपटान किस अवधि के भीतर किया जाएगा जब अपील धारा 64 से 71 के अंतर्गत फाइल की गई हो?

a. तीन महीने

b. छह महीने

c. एक साल

d. दो साल

 

112. कुछ मामलों में जब अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करे अपील न होना किस से सम्बंधित हैं?

a. धारा 412

b. धारा 415

c. धारा 418

d. धारा 416

 

113. यदि अभियुक्त ने दोषी होने का अभिवचन दिया हो और दोषसिद्धि उच्च न्यायालय द्वारा हुई हो, तो क्या अपील की जा सकेगी?

a. हाँ, पूर्ण अपील की जा सकेगी

b. नहीं, कोई अपील नहीं होगी

c. केवल सजा के लिए अपील की जा सकेगी

d. केवल वैधता के लिए अपील की जा सकेगी

 

114. जब अभियुक्त ने दोषी होने का अभिवचन दिया हो और दोषसिद्धि सेशन न्यायालय या प्रथम/द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा हुई हो, तो अपील किस विषय पर ही हो सकती है?

a. दोषसिद्धि की वैधता या दंड के परिमाण पर

b. दोषसिद्धि के खिलाफ पूर्ण अपील

c. दोषसिद्धि के खिलाफ कोई अपील नहीं

d. केवल दंड के परिमाण पर

 

115. धारा 416 के अनुसार, किस न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि के बाद अभियुक्त के दोषी होने के अभिवचन पर पूर्ण अपील निषेध है?

a. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

b. द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट

c. उच्च न्यायालय

d. सेशन न्यायालय

 

116. छोटे मामलों में अपील न होना किस से सम्बंधित है?

a. धारा 415

b. धारा 417

c. धारा 418

d. धारा 419

 

117. किस मामले में दोषसिद्ध व्यक्ति द्वारा उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अपील नहीं हो सकती यदि दंडादेश कारावास की अवधि कितनी हो?

a. तीन मास से अधिक

b. तीन मास से कम

c. तीन मास से अनधिक की अवधि के कारावास का या एक हजार रुपए से अनधिक जुर्माने का या ऐसे कारावास और जुर्माने दोनों का

d. छह मास

 

118. सेशन न्यायालय द्वारा दिए गए दंडादेश में अपील कब तक संभव नहीं है?

a. तीन मास से अनधिक की कारावास या दो सौ रुपए से अनधिक जुर्माने तक

b. छह मास से अनधिक कारावास या पांच सौ रुपए जुर्माना तक

c. कोई भी कारावास हो सकता है, जुर्माना पर सीमा नहीं

d. केवल जुर्माना पर सीमा होती है

 

119. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा कितने तक के जुर्माने पर अपील नहीं हो सकती?

a. एक सौ रुपए से अधिक

b. एक सौ रुपए से अनधिक (अधिकतम एक सौ रुपए)

c. दो सौ रुपए तक

d. पाँच सौ रुपए तक

 

120. धारा 417 के अनुसार, संक्षेपत: विचारित मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा किस जुर्माने तक के दंडादेश पर अपील नहीं हो सकती?

a. 100 रुपए से अनधिक

b. 200 रुपए से अनधिक

c. 500 रुपए से अनधिक

d. 1000 रुपए से अनधिक

 

121. राज्य सरकार द्वारा दंडादेश के विरुद्ध अपील किस से सम्बंधित है ?

a. धारा 418

b. धारा 420

c. धारा 422

d. धारा 425

 

122. यदि अपराध का अन्वेषण किसी केन्द्रीय अधिनियम के अधीन अभिकरण द्वारा किया गया है, तो किसके पास दंडादेश की अपर्याप्तता के आधार पर अपील प्रस्तुत करने का अधिकार होगा?

a. राज्य सरकार

b. केंद्र सरकार

c. अभियुक्त

d. लोक अभियोजक

 

123. जब दंडादेश के विरुद्ध अपर्याप्तता के आधार पर अपील की जाती है, तब दंडादेश में वृद्धि कब तक नहीं की जाएगी?

a. जब तक अभियुक्त को मौका न दिया जाए कारण दर्शाने का

b. अपील की स्वीकृति मिलने तक

c. जब तक अभियुक्त दोषी ठहराया न जाए

d. तुरंत अपील के बाद

 

124. अभियुक्त को किस स्थिति में दंडादेश में कमी के लिए अभिवचन करने का अवसर दिया जाएगा?

a. दंडादेश में वृद्धि के कारण

b. अपील के प्रारंभ में

c. अभियुक्त की मांग पर

d. अभियोजन पक्ष के अनुरोध पर

 

125. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 64 से 71 के अंतर्गत पारित कारावास के विरुद्ध अपील का निपटान कितने समय में किया जाएगा?

a. तीन माह

b. छह माह

c. एक वर्ष

d. कोई समय सीमा नहीं

 

126. दोषमुक्ति की दशा में अपील किस से सम्बंधित है ?

a. धारा 411

b. धारा 413

c. धारा 415

d. धारा 419

 

127. जिला मजिस्ट्रेट किस मामले में लोक अभियोजक को सेशन न्यायालय में अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकता है?

a. किसी संज्ञेय और अजमानतीय अपराध में किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित दोषमुक्ति के आदेश से

b. केवल गंभीर अपराधों में

c. केवल मौत के मामले में

d. किसी भी मामले में बिना शर्त

 

128. राज्य सरकार किस स्थिति में लोक अभियोजक को उच्च न्यायालय में अपील करने का निर्देश दे सकती है?

a. किसी भी दोषमुक्ति आदेश के खिलाफ

b. जब दोषमुक्ति का आदेश उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा दिया गया हो और वह जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अंतर्गत न हो

c. केवल तब जब सेशन न्यायालय दोषमुक्ति आदेश दे

d. केवल केंद्रीय सरकार के मामलों में

 

129. कथन (क) जब किसी अभियुक्त ने दोष स्वीकार कर लिया हो और उसके आधार पर दोषी सिद्ध कर दिया गया हो तो कोई अपील नहीं की जा सकती

कारण (ख) एक व्यक्ति, जो जानबूझकर दोष स्वीकार करता है दोषसिद्धि पर व्यथित नहीं हो सकता

नीचे दी गई कूट संख्या का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनें-

कूट संख्याएं:

a. (क) तथा (ख) दोनों सही हैं तथा (ख) (क) का सही स्पष्टीकरण है

b. (क) तथा (ख) दोनों सही हैं तथा (ख) (क) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

c. (क) सही है किन्तु (ख) गलत है।

d. (क) गलत है किन्तु (ख) सही है।

 

130. यदि दोषमुक्ति आदेश ऐसे मामले में दिया गया हो जिसमें अपराध का अन्वेषण केन्द्रीय अधिनियम के तहत किसी अन्य अभिकरण ने किया हो, तो किसके पास अपील करने का अधिकार होगा?

a. राज्य सरकार

b. केंद्रीय सरकार

c. अभियुक्त

d. पीड़ित

 

131. एक अभियुक्त दोष स्वीकार कर लेता है और इसी आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दोषी सिद्ध कर दिया जाता है तथा उसके विरूद्ध 4 वर्ष की सजा पारित कर दी जाती है-

a. उच्च न्यायालय के समक्ष केवल सजा की अवधि और वैधता को लेकर अपील की जा सकती है।

b. सत्र न्यायालय के समक्ष केवल सजा की अवधि और वैधता को लेकर अपील की जा सकती है।

c. कोई अपील नहीं की जा सकती

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

132. उच्च न्यायालय के बिना अपील स्वीकार नहीं की जाएगी जब अपील किसके अधीन हो?

a. उपधारा (1) और उपधारा (2) के अधीन

b. केवल उपधारा (3) के अधीन

c. किसी भी अपील के लिए

d. उपधारा (4) के अधीन

 

133. परिवादी को दोषमुक्ति के आदेश के खिलाफ अपील करने की विशेष अनुमति कब तक मिल सकती है?

a. दोषमुक्ति के आदेश की तारीख से छह माह के भीतर यदि परिवादी लोक सेवक है, अन्यथा साठ दिन के भीतर

b. दोषमुक्ति के आदेश के तुरंत बाद

c. दोषमुक्ति आदेश के बाद एक वर्ष तक

d. कोई समय सीमा नहीं

 

134. यदि दोषमुक्ति के आदेश से अपील करने की विशेष अनुमति का आवेदन नामंजूर हो जाता है तो क्या होगा?

a. उस दोषमुक्ति आदेश से कोई अपील नहीं होगी

b. अपील संभव है पर उच्च न्यायालय की अनुमति से

c. अपील निचली अदालत में की जा सकती है

d. अभियोजन पक्ष पुनः आवेदन कर सकता है

 

135. यदि उच्च न्यायालय ने अभियुक्त की दोषमुक्ति को उलटकर उसे दोषसिद्ध किया है और दंड दिया है, तो अभियुक्त किस न्यायालय में अपील कर सकता है?

a. जिला न्यायाल

b. सेशन न्यायालय

c. उच्चतम न्यायालय

d. कोई अपील नहीं हो सकती

 

136. धारा 420 के अनुसार, अभियुक्त को उच्चतम न्यायालय में अपील करने का अधिकार तब होता है जब उसे किस प्रकार का दंड दिया गया हो?

a. जुर्माना या तीन साल तक का कारावास

b. मृत्यु दंड, आजीवन कारावास, या दस वर्ष या अधिक की अवधि का कारावास

c. किसी भी प्रकार का दंड

d. केवल मौत की सजा

 

137. धारा 420 में अपील का अधिकार किस स्थिति में मान्य होगा?

a. जब उच्च न्यायालय ने दोषमुक्ति के आदेश को उलट दिया हो और अभियुक्त को दोषसिद्ध किया हो

b. जब अभियुक्त ने दोषी होने से इंकार किया हो

c. जब अभियुक्त ने पहले ही उच्चतम न्यायालय में अपील कर दी हो

d. किसी भी दोषसिद्धि पर

 

138. सेशन न्यायालय की गई अपीलें कैसे सुनी जाएंगी किस से सम्बंधित है?

a. धारा 419

b. धारा 420

c. धारा 421

d. धारा 422

 

139. सेशन न्यायालय में या सेशन न्यायाधीश को की गई अपील कौन सुनेगा?

a. केवल मुख्य न्यायाधीश

b. सेशन न्यायाधीश या अपर सेशन न्यायाधीश

c. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट

d. जिला मजिस्ट्रेट

 

140. द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील कौन सुनेगा?

a. सेशन न्यायाधीश

b. अपर सेशन न्यायाधीश

c. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

d. उच्च न्यायालय

 

141. अपर सेशन न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कौन-सी अपीलें सुन सकता है?

a. केवल वे अपीलें जो सीधे उसके पास आती हैं

b. केवल वे अपीलें जिन्हें सेशन न्यायाधीश ने आदेश द्वारा उसे सौंपी हो या उच्च न्यायालय ने विशेष आदेश से निदेश दिया हो

c. सभी अपीलें बिना किसी आदेश के

d. केवल प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की अपीलें

 

142. अपील किस रूप में प्रस्तुत की जाएगी?

a. मौखिक रूप में

b. लिखित अर्जी के रूप में

c. टेलीफोन कॉल द्वारा

d. अनौपचारिक नोट के रूप में

 

143. अपील के साथ क्या संलग्न करना आवश्यक है?

a. अभियुक्त की फोटो

b. निर्णय या आदेश की प्रतिलिपि जिसके विरुद्ध अपील हो रही है

c. किसी भी प्रमाणपत्र की कॉपी

d. पुलिस रिपोर्ट

 

144. यदि अपीलार्थी जेल में हो तो वह अपनी अपील कैसे प्रस्तुत करेगा?

a. सीधे न्यायालय में जाकर

b. जेल के भारसाधक अधिकारी को अर्जी और प्रतिलिपियाँ देकर

c. फोन द्वारा अपील कर

d. किसी वकील को न देकर

 

145. जेल का भारसाधक अधिकारी अपील की अर्जी और प्रतिलिपियाँ कहाँ भेजेगा?

a. पुलिस स्टेशन

b. समुचित अपील न्यायालय

c. उच्च न्यायालय

d. राज्य सरकार

 

146. संक्षेपत: खारिज न की गई अपीलों की सुनवाई के लिए प्रक्रिया किस से सम्बंधित है?

a. धारा 424

b. धारा 425

c. धारा 426

d. धारा 427

 

147. यदि अपील न्यायालय अपील को संक्षेपत: खारिज नहीं करता है, तो किसे अपील सुनवाई की सूचना दी जाएगी?

a. केवल अपीलार्थी को

b. अपीलार्थी या उसके अधिवक्ता, नियुक्त अधिकारी, परिवादी (यदि लागू हो), और अभियुक्त (यदि लागू हो) को

c. केवल अभियुक्त को

d. केवल परिवादी को

 

148. यदि अपील न्यायालय में मामले का अभिलेख उपलब्ध नहीं है, तो न्यायालय क्या करेगा?

a. मामले को अस्वीकार कर देगा

b. अभिलेख मंगाएगा और पक्षकारों को सुनेगा

c. मामले को तुरंत निपटाएगा

d. अभियोजन पक्ष को दोषी ठहराएगा

 

149. किस स्थिति में अपील न्यायालय अभिलेख मंगाए बिना ही अपील का निपटारा कर सकता है?

a. जब अपील में दोषसिद्धि का प्रश्न हो

b. जब अपील केवल दंड के परिमाण या उसकी वैधता के बारे में हो

c. जब अभियुक्त दोषसिद्ध हो

d. जब अभियुक्त परिवादी हो

 

150. दंडादेश की कथित कठोरता के आधार पर अपीलकर्ता न्यायालय की अनुमति के बिना क्या कर सकता है?

a. अन्य किसी आधार पर अपील का समर्थन कर सकता है

b. केवल दंडादेश की कठोरता के आधार पर ही बात कर सकता है

c. अन्य किसी आधार पर बात नहीं करेगा और सुनवाई भी नहीं होगी

d. न्यायालय को छोड़ सकता है

 

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