Download BNS Practice Combo Set-4 (MCQs PDF + Live Test)
Download BNS Complete Practice Series (All PDF +Live Test)
1. धारा 75 की उपधारा (1)(iii) के अंतर्गत, किस प्रकार का कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है?
a. महिला को कोई फिल्म दिखाना
b. महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध अश्लील साहित्य दिखाना
c. महिला को मजेदार कहानी सुनाना
d. महिला से शादी का प्रस्ताव रखना
2. यदि कोई पुरुष किसी महिला पर लैंगिक आभासी टिप्पणी (sexually coloured remarks) करता है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?
a. 3 वर्ष का कारावास
b. 5 वर्ष का कारावास
c. 1 वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों
d. केवल जुर्माना
3. धारा 75 की उपधारा (1)(i), (ii), या (iii) के तहत अपराध करने पर अधिकतम दंड क्या है?
a. 2 वर्ष का साधारण कारावास
b. 3 वर्ष तक का कठिन कारावास, या जुर्माना, या दोनों
c. केवल जुर्माना
d. मृत्युदंड
4. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत महिला को विवस्त्र करने के आशय से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग का प्रावधान दिया गया है-
a. धारा 73
b. धारा 74
c. धारा 75
d. धारा 76
5. धारा 76 के अंतर्गत वह व्यक्ति दोषी माना जाएगा जो महिला को विवस्त्र करने के आशय से क्या करता है?
a. उसे शादी का प्रस्ताव देता है
b. उस पर हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है
c. उसका पीछा करता है
d. केवल देखता है
6. धारा 76 के तहत न्यूनतम कारावास की अवधि कितनी निर्धारित की गई है?
a. 1 वर्ष
b. 2 वर्ष
c. 3 वर्ष से 7 वर्ष तक और जुर्माना
d. 5 वर्ष
7. धारा 77 किस अपराध से संबंधित है?
a. चोरी
b. बलात्कार
c. दृश्यरतिकता (Voyeurism)
d. मानहानि
8. दृश्यरतिकता के अंतर्गत दंड तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति—
a. किसी महिला से झूठ बोलता है
b. महिला के साथ बलपूर्वक संबंध बनाता है
c. किसी महिला को उसकी अनुमति के बिना निजी अवस्था में देखता, उसका चित्र खींचता या प्रसारित करता है
d. महिला को नौकरी से निकाल देता है
9. धारा 77 के तहत प्रथम दोषसिद्धि पर सजा क्या है?
a. 3 महीने
b. 6 महीने
c. 1 वर्ष से 3 वर्ष तक और जुर्माना
d. 3 वर्ष
10. द्वितीय दोषसिद्धि पर सजा क्या होगी?
a. 1 वर्ष और 3 वर्ष
b. 2 वर्ष और 5 वर्ष
c. 3 वर्ष से 7 वर्ष तक और जुर्माना
d. 5 वर्ष और 10 वर्ष
11. “निजी कार्य” के अंतर्गत कौन-सा कृत्य शामिल है?
a. सड़क पर चलना
b. सार्वजनिक भाषण देना
c. शौच करना या लैंगिक कृत्य करना
d. फोन पर बात करना
12. धारा 78 किस अपराध से संबंधित है?
a. चोरी
b. बलात्कार
c. पीछा करना
d. दृश्यरतिकता (Voyeurism)
13. धारा 78 के अनुसार, "पीछा करना" का अर्थ क्या है?
a. महिला से बातचीत करना
b. महिला का बारंबार पीछा करना या उसकी इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों की निगरानी करना
c. महिला को उपहार देना
d. महिला से विवाह का प्रस्ताव देना
14. यदि कोई पुरुष, किसी महिला की ईमेल या इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी करता है, तो यह किस अपराध की श्रेणी में आता है?
a. धोखाधड़ी
b. मानहानि
c. पीछा करना
d. निजता का उल्लंघन
15. प्रथम दोषसिद्धि पर, पीछा करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्ष तक की कारावास हो सकती है?
a. 1 वर्ष
b. 2 वर्ष
c. 3 वर्ष से और जुर्माना
d. 5 वर्ष
16. धारा 78 की उपधारा 2 के अनुसार, द्वितीय दोषसिद्धि पर पीछा करने वाले व्यक्ति को कितने वर्ष की सजा हो सकती है?
a. 3 वर्ष
b. 5 वर्ष से और जुर्माना
c. 7 वर्ष
d. 10 वर्ष
17. धारा 79 का उद्देश्य किस प्रकार के कृत्यों को दंडित करना है?
a. चोरी और डकैती
b. महिला की लज्जा का अनादर करने हेतु किए गए शब्द, ध्वनि, अंगविक्षेप या कार्य
c. हत्या और हत्या का प्रयास
d. रिश्वत लेना
18. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत दहेज मृत्यु का प्रावधान दिया गया है-
a. धारा 80
b. धारा 81
c. धारा 82
d. धारा 83
19. धारा 80 के अनुसार दहेज मृत्यु किस समयावधि के भीतर महिला की मृत्यु पर लागू होती है?
a. विवाह के 3 वर्ष के भीतर
b. विवाह के 5 वर्ष के भीतर
c. विवाह के 7 वर्ष के भीतर
d. विवाह के 10 वर्ष के भीतर
20. धारा 80 के अंतर्गत "दहेज" की परिभाषा कहाँ से ली गई है?
a. भारतीय दंड संहिता से
b. संविधान से
c. दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 2 से
d. महिला सुरक्षा अधिनियम से
21. धारा 80 के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति को न्यूनतम कितने वर्ष का कारावास हो सकता है?
a. 3 वर्ष
b. 5 वर्ष
c. सात वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो आजीवन कारावास की हो सकेगी
d. 10 वर्ष
22. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत किसी महिला को यह विश्वास दिलाना कि वे विधिपूर्वक विवाहित हैं, जबकि वे विवाहित नहीं हैं, और उस विश्वास में सहवास करना का प्रावधान दिया गया है-
a. धारा 80
b. धारा 81
c. धारा 82
d. धारा 83
23. धारा 81 के अंतर्गत अधिकतम दंड की अवधि क्या है?
a. 5 वर्ष तक का कारावास
b. 7 वर्ष तक का कारावास
c. 10 वर्ष तक का कारावास
d. आजीवन कारावास
24. यदि कोई व्यक्ति अपने पति या पत्नी के जीवित रहते हुए पुनः विवाह करता है, तो भारतीय दंड संहिता की किस धारा के अंतर्गत उसे दण्डित किया जा सकता है?
a. धारा 81
b. धारा 82
c. धारा 83
d. धारा 84
25. धारा 82 के अंतर्गत, पति या पत्नी के जीवनकाल में पुनः विवाह करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों का कारावास हो सकता है?
a. पाँच वर्ष
b. छह वर्ष
c. सात वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा
d. दस वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा
26. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 83 किस अपराध से संबंधित है?
a. बाल विवाह
b. जबरन विवाह
c. विधिपूर्ण विवाह के बिना कपटपूर्वक विवाह कर्म पूरा करना
d. तलाक के बाद पुनः विवाह
27. धारा 83 के अंतर्गत अपराध करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों तक का कारावास हो सकता है?
a. पाँच वर्ष
b. छह वर्ष
c. सात वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा
d. दस वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा
28. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 84 किस अपराध से संबंधित है?
a. बलपूर्वक विवाह
b. विवाहित महिला को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना या निरुद्ध करना
c. नाबालिग से विवाह करना
d. महिला के साथ धोखाधड़ी करना
29. धारा 84 के अंतर्गत दंड की अधिकतम अवधि क्या है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष या जुर्माने से, या दोनों
c. पाँच वर्ष
d. सात वर्ष, या जुर्माने से, या दोनों
30. धारा 84 के अंतर्गत "फुसलाकर ले जाना" या "निरुद्ध करना" किस उद्देश्य से होना चाहिए जिससे अपराध सिद्ध हो?
a. महिला की सुरक्षा के लिए
b. महिला को उसके परिवार से मिलाने के लिए
c. महिला को किसी व्यक्ति के साथ अनुचित संभोग कराने के आशय से
d. महिला को नौकरी दिलाने के लिए
31. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 85 किस अपराध से संबंधित है?
a. विवाह के समय धोखाधड़ी
b. स्त्रीधन की चोरी
c. किसी महिला के पति या उसके नातेदार द्वारा क्रूरता करना
d. विवाह का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाना
32. धारा 85 के अंतर्गत क्रूरता करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों का कारावास हो सकता है?
a. एक वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी
b. दो वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी
c. तीन वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी
d. पाँच वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी
33. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 86 किस विषय से संबंधित है?
a. विवाह की शर्तें
b. महिला पर अत्याचार की सजा
c. क्रूरता की परिभाषा
d. तलाक की प्रक्रिया
34. धारा 86 के अनुसार "क्रूरता" का कौन-सा कृत्य इसमें शामिल है?
a. महिला को घर के काम में व्यस्त रखना
b. महिला के आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की सम्भावना वाला जानबूझकर किया गया आचरण
c. महिला को शिक्षित करना
d. महिला को बाहर काम करने से रोकना
35. धारा 86 की परिभाषा के अनुसार मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को क्षति पहुँचाना क्रूरता की श्रेणी में आता है यदि:
a. महिला बीमार हो
b. यह जानबूझकर किया गया हो और इससे गंभीर क्षति या खतरे की सम्भावना हो
c. पति पत्नी से नाराज़ हो
d. पत्नी स्वयं शिकायत करे
36. धारा 86 के अंतर्गत जब किसी महिला को इस उद्देश्य से तंग किया जाए कि वह या उससे संबंधित कोई व्यक्ति किसी संपत्ति या मूल्यवान वस्तु की अवैध मांग पूरी करे, तो यह क्या कहलाता है?
a. घरेलू विवाद
b. पारिवारिक कलह
c. क्रूरता
d. वैवाहिक असहमति
37. क्या यह क्रूरता मानी जाएगी यदि महिला को इसलिए तंग किया जा रहा है क्योंकि वह दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाई?
a. नहीं, क्योंकि यह पारिवारिक मामला है
b. हाँ, क्योंकि यह अवैध मांग से संबंधित है
c. नहीं, जब तक कोई शारीरिक हिंसा न हो
d. केवल तब, जब महिला ने पुलिस शिकायत की हो
38. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 87 मुख्य रूप से किस अपराध से संबंधित है?
a. बाल विवाह
b. महिला के साथ धोखा
c. महिला का अपहरण/व्यपहरण और उसे विवाह या अनुचित संबंध के लिए विवश करना
d. महिला की संपत्ति पर अधिकार जमाना
39. धारा 87 के अंतर्गत दोषी व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों तक की कारावास की सजा दी जा सकती है?
a. 5 वर्ष
b. 7 वर्ष
c. 10 वर्ष
d. आजीवन कारावास
40. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 88 किस अपराध से संबंधित है?
a. नाबालिग से यौन संबंध
b. स्त्रीधन की हानि
c. गर्भपात कारित करना
d. महिला से धोखाधड़ी
41. यदि कोई व्यक्ति गर्भवती महिला का गर्भपात स्वेच्छया करता है, और वह महिला का जीवन बचाने के प्रयोजन से नहीं किया गया है, तो उसे अधिकतम कितने वर्षों का कारावास हो सकता है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. सात वर्ष
42. यदि गर्भवती महिला स्पन्दनगर्भा (quick with child) हो, और गर्भपात किया जाता है, तो दोषी को अधिकतम कितने वर्षों की सजा हो सकती है?
a. तीन वर्ष
b. पाँच वर्ष
c. सात वर्ष
d. दस वर्ष
43. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 89 के अंतर्गत दण्ड कब लागू होता है?
a. जब महिला की सहमति से गर्भपात किया जाए
b. जब महिला की सहमति के बिना गर्भपात किया जाए
c. जब गर्भपात डॉक्टर द्वारा किया जाए
d. जब महिला विवाहित न हो
44. धारा 89 के तहत अपराध करने पर निम्न में से कौन-सी सजा दी जा सकती है?
a. केवल जुर्माना
b. केवल कारावास
c. दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
d. केवल चेतावनी
45. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 90 किससे संबंधित है?
a. अवैध विवाह
b. बलात्कार
c. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु
d. दहेज मृत्यु
46. यदि कोई व्यक्ति गर्भवती महिला का गर्भपात कराने के उद्देश्य से कोई कार्य करता है और उससे महिला की मृत्यु हो जाती है, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष तक की सजा हो सकती है?
a. पाँच वर्ष
b. सात वर्ष
c. दस वर्ष
d. बीस वर्ष
47. धारा 90(2) के अनुसार, यदि गर्भपात संबंधित कार्य महिला की सहमति के बिना किया गया हो, और उससे उसकी मृत्यु हो जाए, तो अपराधी को क्या सजा हो सकती है?
a. केवल जुर्माना
b. अधिकतम दस वर्ष का कारावास
c. आजीवन कारावास
d. मृत्युदण्ड
48. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 91 किससे संबंधित है?
a. अवैध विवाह
b. बलात्कार
c. शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य
d. दहेज मृत्यु
49. शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य यदि माता के जीवन को बचाने के उद्देश्य से नहीं किया गया, तो उस कार्य के लिए किस प्रकार का दण्ड हो सकता है?
a. केवल जुर्माना
b. दस वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों
c. आजीवन कारावास
d. कोई दण्ड नहीं
50. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 92 किससे संबंधित है?
a. अवैध विवाह
b. बलात्कार
c. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु
d. किसी सजीव अजात शिशु की मृत्यु कारित करना
51. धारा 92 के अनुसार, किस स्थिति में किसी सजीव अजात शिशु की मृत्यु कारित करना दंडनीय होगा?
a. जब कार्य किसी दुर्घटना में होता है
b. जब कार्य ऐसी परिस्थिति में होता है कि यदि वही मृत्यु किसी वयस्क की होती तो आपराधिक मानव वध माना जाता
c. जब कार्य माता की अनुमति से किया गया हो
d. जब कार्य चिकित्सकीय सलाह के बिना किया गया हो
52. धारा 92 के तहत सजीव अजात शिशु की मृत्यु कराने वाले को किस प्रकार का दंड हो सकता है?
a. तीन वर्ष तक का कारावास
b. दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
c. आजीवन कारावास
d. केवल जुर्माना
53. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 93 किससे संबंधित है?
a. अवैध विवाह
b. बलात्कार
c. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु
d. बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डालने या परित्याग
54. धारा 93 के अनुसार, कौन व्यक्ति बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डालने या परित्याग करने का दोषी हो सकता है?
a. केवल शिशु के पिता या माता
b. केवल शिशु की देखरेख करने वाला व्यक्ति
c. शिशु के पिता, माता या उसकी देखरेख करने वाला व्यक्ति
d. कोई भी व्यक्ति
55. धारा 93 के अनुसार, बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डालने या छोड़ने पर किस प्रकार का दंड हो सकता है?
a. केवल जुर्माना
b. सात वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों
c. आजीवन कारावास
d. कोई दंड नहीं
56. धारा 94 के अनुसार, किस कार्य को दंडनीय माना गया है?
a. शिशु का अस्पताल में इलाज कराना
b. मृत शिशु के शरीर को गुप्त रूप से गाड़ना या अन्यथा उसका व्ययन करना
c. शिशु का उचित अंतिम संस्कार करना
d. शिशु का जन्म पंजीकृत कराना
57. धारा 94 के अनुसार, मृत शिशु के शरीर को गुप्त रूप से दफनाने या नष्ट करने का उद्देश्य क्या हो सकता है?
a. शिशु के जन्म को छिपाना या छिपाने का प्रयास करना
b. शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना
c. शिशु का उचित सम्मान करना
d. शिशु का नामकरण करना
58. धारा 94 के अंतर्गत मृत शरीर के गुप्त व्ययन के लिए अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. पांच वर्ष
d. सात वर्ष
59. धारा 95 के अनुसार, किसी अपराध को अंजाम देने के लिए शिशु को भाड़े पर लेने, नियोजित करने या नियुक्त करने पर कितनी सजा दी जाएगी?
a. एक वर्ष का कारावास
b. तीन वर्ष से दस वर्ष तक का कारावास
c. पाँच वर्ष का कारावास
d. कोई न्यूनतम सजा नहीं
60. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 96 किससे संबंधित है?
a. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु
b. बलात्कार
c. अवैध विवाह
d. बालक का उपापन
61. धारा 96 के तहत, शिशु को अनुचित संभोग के लिए उत्प्रेरित करने वाला व्यक्ति किस प्रकार दंडनीय होगा?
a. केवल जुर्माना
b. दस वर्ष तक कारावास और जुर्माना दोनों से दंडनीय
c. केवल कारावास
d. कोई दंड नहीं
62. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 97 किससे संबंधित है?
a. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु
b. बलात्कार
c. अवैध विवाह
d. दस वर्ष से कम आयु के बालक का अपहरण या व्यपहरण चोरी के आशय से
63. धारा 97 के तहत दंड में क्या सम्मिलित हो सकता है?
a. केवल जुर्माना
b. केवल कारावास
c. सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
d. सामाजिक सेवा
64. धारा 98 के अंतर्गत कौन-सा कार्य दंडनीय है?
a. शिशु को स्कूल भेजना
b. शिशु को चिकित्सीय उपचार हेतु भेजना
c. शिशु को वेश्यावृत्ति, अनुचित संभोग या विधिविरुद्ध प्रयोजन के लिए बेचना या व्ययनित करना
d. शिशु को खेल प्रतियोगिता में भाग लेने भेजना
65. धारा 98 के तहत अपराध करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्ष तक का कारावास हो सकता है?
a. पाँच वर्ष
b. सात वर्ष
c. दस वर्ष
d. बारह वर्ष
66. धारा 99 के अनुसार, कौन-से कृत्य दंडनीय हैं?
a. शिशु को पढ़ाई के लिए भेजना
b. शिशु को दत्तक लेना
c. शिशु को वेश्यावृत्ति या अनैतिक प्रयोजन के लिए खरीदना, किराए पर लेना, या कब्जा लेना
d. शिशु को अस्पताल में भर्ती कराना
67. धारा 99 के अनुसार, दोषी व्यक्ति को क्या सजा दी जा सकती है?
a. केवल जुर्माना
b. सात से चौदह वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
c. केवल सामाजिक सेवा
d. एक वर्ष का कारावास
68. भारतीय न्याय संहिता के निम्नलिखित प्रावधानों में से कौन आपराधिक मानव वध को परिभाषित करता है-
a. धारा 299
b. धारा 300
c. धारा 101
d. धारा 100
69. यदि एक व्यक्ति, लोगों के एक समूह की भावनाओं को आघात पहुंचने का ज्ञान होते के लिए पृथक रखे गए स्थान पर अतिचार करता है तो वह अपराध कारित करता है जो वर्णित है-
a. धारा 100 भारतीय न्याय संहिता
b. धारा 101 भारतीय न्याय संहिता
c. धारा 102 भारतीय न्याय संहिता
d. धारा 103 भारतीय न्याय संहिता
70. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही नहीं है-
a. सभी हत्याएं आपराधिक मानववध होती हैं किन्तु विलोमतः ऐसा नहीं होता
b. सभी आपराधिक मानववध हत्या होती है।
c. हत्या करने का आशय सदैव ही हत्या करना नहीं होता
d. धारा 299 का खंड(ग) की माँग है कि मृत्यु की संभावना की जानकारी होनी चाहिए
71. भारतीय न्याय संहिता की धारा 100 के अंतर्गत वांछित आपराधिक मनःस्थिति क्या होती है-.
a. आशय अथवा जानकारी
b. आशय अथवा असावधानी
c. आशय अथवा लापरवाही
d. असावधानी अथवा विद्वेष
72. 'क’ लूट को सुविधाजनक बनाने के लिए रात्रि में एक रिहाइशी घर में आग लगा देता है और इस आग के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु कारित करता है। 'क’ ने कौन सा अपराध किया है-
a. केवल घर में आग लगाने का
b. आपराधिक मानव वध
c. जानबूझकर मृत्यु कारित करना
d. दुर्घटनावश मृत्यु कारित करना
73. 'X' एवं 'Y' झगड़ा कर रहे हैं। झगड़ा लड़ाई में बदल जाता है जिसमें दोनों को शारीरिक चोट लगती है। 'Y' को अधिक घोर उपहति होती है और तीन दिन बाद अस्पताल में उसकी मृत्यु हो जाती है। ‘X' दायी होगा -
a. घोर उपहति कारित करने के लिए
b. हत्या के लिए
c. सदोष मानव वध के लिए
d. कोई अपराध नहीं
74. ‘क’ मृत्यु कारित करने के आशय के साथ एक गड्ढे को लकड़ियों तथा घास से ढँकता है। उसे ज्ञान है कि इससे मौत की संभावना हो सकती है। 'च' उस भूमि को सुदृढ़ मानते हुए उसपर चलता है, गड्ढे में गिरता है और मर जाता है। 'क’ दोषी है-
a. हत्या का
b. हत्या की कोटि में न आने वाले मानव वध का
c. जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाने का
d. कोई अपराध नहीं क्योंकि 'च' गड्ढे में दुर्घटनावश गिरा था
75. 'क’ को ज्ञान है कि 'ख' झाड़ियों के पीछे है। 'ग' को इसके बारे में ज्ञात नहीं है। 'क’ 'ख' की हत्या कारित करने अथवा संभावित मृत्यु की जानकारी रखते हुए 'ग' को झाड़ी में आग लगाने के लिए उकसाता है और 'ख' को मार देता है। 'क’ तथा 'ग' का अपराध क्या है-
a. क तथा ग दोनों ही आपराधिक मानववध के दोषी हैं
b. क तथा ग़ दोनों हत्या के दोषी हैं।
c. क आपराधिक मानववध का दोषी है किन्तु ग किसी भी अपराध का दोषी नहीं है
d. क हत्या करने का दोषी है किन्तु ग किसी अपराध का दोषी नहीं है।
76. 'क’ एक पुरोहित है जो भूतप्रेत झाड़ने के लिए एक बालक की पिटाई करता है। बालक मर जाता है। 'क’-
a. किसी अपराध का उत्तरदायी नहीं है।
b. आपराधिक मानववध का उत्तरदायी है
c. सद्भाव के बचाव का अधिकारी है।
d. हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है।
77. 'क’ झाड़ी पर गोली चलाता है जहाँ उससे अपरिचित "ख" 'कुछ काम कर रहा था। गोली से 'ख' मर जाता है। 'क’ हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि उसने जानबूझकर 'ख' पर गोली नहीं चलाई थी-
a. सत्य है
b. आंशिक सत्य है
c. झूठ है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
78. भारतीय न्याय संहिता 2023 के निम्नलिखित में से किस प्रावधान के अंतर्गत माँ के गर्भ में किसी संतान की मृत्यु कारित करना मानववध नहीं होता-
a. धारा 100 स्पष्टीकरण-1 के अंतर्गत
b. धारा 100 स्पष्टीकरण-2 के अंतर्गत
c. धारा 100 के स्पष्टीकरण 3 के अंतर्गत
d. धारा 100 के स्पष्टीकरण-4 के अंतर्गत
79. धारा 100 के अनुसार आपराधिक मानव वध तब होता है जब:
a. कोई व्यक्ति अनजाने में किसी की मृत्यु कर देता है
b. कोई व्यक्ति केवल चोट पहुँचाने का इरादा रखता है
c. कोई व्यक्ति मृत्यु कारित करने के आशय से या मृत्यु होना सम्भाव्य जानकर कार्य करता है
d. कोई दुर्घटना होती है जिससे मृत्यु हो जाती है
80. क ने गड्ढे पर लकड़ियाँ और घास बिछाईं और य की मृत्यु हो गई। क किस अपराध का दोषी है?
a. दुर्घटना
b. साधारण लापरवाही
c. आपराधिक मानव वध
d. हत्या
81. क ने मुर्गे को मारने के लिए गोली चलाई, लेकिन ख मारा गया। क्या क आपराधिक मानव वध का दोषी है?
a. हाँ
b. नहीं, क्योंकि उसका आशय ख को मारने का नहीं था और उसे ख के वहाँ होने का ज्ञान नहीं था
c. हाँ, क्योंकि ख मारा गया
d. हाँ, क्योंकि उसने गैरकानूनी कार्य किया
82. स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, यदि कोई विकलांग व्यक्ति किसी चोट के कारण जल्दी मर जाता है, तो क्या वह मृत्यु कारित मानी जाएगी?
a. नहीं, क्योंकि व्यक्ति पहले से बीमार था
b. हाँ, यदि क्षति उस मृत्यु का कारण बनी
c. नहीं, क्योंकि यह प्राकृतिक मृत्यु है
d. हाँ, यदि मृत्यु तुरंत हुई हो
83. स्पष्टीकरण 3 के अनुसार, क्या मां के गर्भ में स्थित शिशु की मृत्यु आपराधिक मानव वध मानी जाएगी?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं, यदि शिशु ने श्वास नहीं ली हो
c. नहीं, गर्भस्थ शिशु की मृत्यु को आपराधिक मानव वध नहीं माना जाता
d. हाँ, यदि गर्भवती महिला जीवित है
84. स्पष्टीकरण 2 के अनुसार, यदि चिकित्सा द्वारा मृत्यु रोकी जा सकती थी, तो क्या व्यक्ति फिर भी आपराधिक मानव वध का दोषी होगा?
a. नहीं
b. हाँ
c. केवल यदि चिकित्सा उपलब्ध न हो
d. केवल अगर मृत्यु तुरंत हो
85. हत्या को भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा में परिभाषित किया गया है-
a. धारा 100
b. धारा 101
c. धारा 300
d. धारा 301
86. जब चोट जानबूझकर पहुँचाई गई हो तथा प्रकृति के सामान्य नियम के अंतर्गत मृत्यु कारित करने हेतु पर्याप्त हो, तो अपराध होता है-
a. हत्या का प्रयास
b. हत्या की कोटि में आने वाला आपराधिक मानववध
c. हत्या
d. गंभीर शारीरिक क्षति
87. भारतीय न्याय संहिता 'क’ को 'ख' से गंभीर और अचानक प्रकोपन मिला और उसने साशय 'य' की मृत्यु कारित कर दी। 'य', 'ख' का भाई है। 'क’ ने अपराध किया है-
a. हत्या का
b. आपराधिक मानव वध का जो हत्या नहीं है।
c. घोर उपहति का
d. हत्या के प्रयत्न का
88. भारतीय न्याय संहिता, 1860 की धारा 300 अपवाद (1) के अंतर्गत "अचानक तथा गंभीर प्रकोपन" की दलील क्या होती है-
a. विधि का प्रश्न
b. तथ्य का प्रश्न
c. विधि तथा तथ्य के प्रश्न का मिश्रण
d. विधि के अंतर्गत उपधारणा
89. गंभीर एवं अचानक प्रकोपन के अपवाद के संदर्भ में निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. प्रकोपन अपराधी के द्वारा स्वेच्छा से जानबूझकर प्रकोपित नहीं होना चाहिए
b. निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का विधि उपयोग प्रकोपन नहीं प्रदान करता
c. किसी लोक सेवक द्वारा विधि के आज्ञापालन में अधिकार का विधिक उपयोग करना प्रकोपन नहीं होता
d. उपरोक्त सभी
90. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 300 के अन्तर्गत कितनी परिस्थितियां गिनाई गई हैं जिनके अन्तर्गत सदोष मानव वध हत्या है?
a. 2
b. 3
c. 4
d. 5
91. आपराधिक मानववध हत्या नहीं होती यदि उसे-
a. नशे में किया गया हो
b. अचानक तथा गंभीर प्रकोपनवश किया गया हो
c. अप्रतिरोध्य आवेग में किया गया हो
d. उपरोक्त सभी
92. 'क’ एक मजिस्ट्रेट 'च' के समक्ष एक साक्षी के रूप में प्रस्तुत होता है। 'च' कहता है कि वह 'क’ के कंथन पर विश्वास नहीं करता, और यह कि 'क’ ने झूठी शपथ ली है। इन शब्दों से 'क’ को अचानक क्रोध आता है और वह 'च' की हत्या कर देता है यह-
a. गंभीर एवं अचानक प्रकोपन है
b. हत्या है
c. हत्या की कोटि में न आने वाला मानववध है
d. उपरोक्त सभी
93. 'क’ हत्या के इरादे से 'ख' को जहर की एक घातक खुराक देता है और तब जबकि 'ख' जीवित था, एक अजनबी 'ग' ने 'क’ की जानकारी के बिना ही 'ख' पर हमला कर दिया और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
a. 'क’ तथा 'ग' दोनों हत्या के दोषी हैं।
b. ‘क’ आपराधिक मानववध का दोषी होगा जबकि 'ग' हत्या का
c. 'क’ हत्या के प्रयास का दोषी होगा जबकि 'ग' हत्या का दोषी होगा
d. 'क’ 'ग' को हत्या करने के लिए उकसाने का दोषी होगा और 'ग' हत्या का दोषी होगा
94. ‘क’ 'ख' की हत्या के इरादे से एक सात वर्षीय शिशु 'ग' को उकसाता है ताकि वह 'ख' की हत्या कारित करने वाला एक कार्य कर दे। उकसावे के परिणामस्वरूप 'ग' 'क’ की अनुपस्थिति में वह कार्य कर देता है जिससे 'ख' की मौत हो जाती है। 'क’ ने कौन सा अपराध किया है-
a. कोई अपराध नहीं, क्योंकि '‘क’ हत्या के समय मौजूद नहीं था
b. साधारण उपहति पहुँचाने का अपराध करता है
c. हत्या के प्रयास का अपराध करता है
d. हत्या करता है।
95. एक संपेरा 'क’ अपना खेल दिखाते समय साँप काटे का इलाज करने का दावा करता है। मृतक उसकी बात पर विश्वास करते हुए स्वयं को साँप से कटवाता है और मर जाता है किन्तु संपेरा उसे ठीक नहीं कर पाता। संपेरा किस अपराध का उत्तरदायी है-
a. हत्या
b. धोखा देना
c. आपराधिक मानववध का हो सकता है
d. किसी बात का नहीं
96. 'क’ को ज्ञात है कि 'ख' को एक दिमागी रोग है और यह भी ज्ञात है कि यदि उसके सिर को एक आघात दिया जाए तो वह मर सकता है। 'क’ 'ख' के सिर पर आघात पहुँचाता है। 'ख' मर जाता है। 'क’ है-
a. हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध का
b. हत्या का दोषी
c. शारीरिक क्षति पहुँचाने का
d. किसी अपराध को दोषी नहीं
97. 'क’ तथा 'ख' दोनों 'ग' की हत्या करने जाते हैं। 'क’ हाथ में एक बल्लम के साथ पहरा देता है किन्तु 'ग' को चोट नहीं पहुँचाता। 'ख' 'ग' की हत्या कर देता है।
a. केवल 'ख' ही 'ग' की हत्या का उत्तरदायी है।
b. 'क’ तथा 'ख' दोनों 'गं' की हत्या के उत्तरदायी हैं
c. 'क’ उत्तरदायी नहीं है क्योंकि उसने कोई प्रकट कार्य नहीं किया है
d. उपरोक्त (a) तथा (c) दोनों
98. 'क’ दवा की दुकान में एक बम रख देता है और अंदर मौजूद लोगों को बम फटने से पहले बाहर निकलने के लिए तीन मिनट का समय देता है। 'ख' जो हड्डियों का रोगी है, नहीं भाग पाता और मारा जाता है। 'क’ उत्तरदायी है-
a. हत्या का
b. आपराधिक मानववध का
c. लापरवाहीवश मौत का
d. सकल लापरवाहीवंश मौत कारित करना
99. 'ग' 'क’ द्वारा दिए गए प्रकोपन से उत्तेजित जुनून के प्रभाव में जानबूझकर 'क’ के बच्चे 'ख' की हत्या कर देता है। 'ग' ने क्या अपराध किया है-
a. हत्या
b. हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध का
c. कोई अपराध नहीं किया क्योंकि उसने 'ख' को प्रकोपन के कारण मारा था
d. उसने 'ख' की हत्या आवेश अथवा लापरवाहीपूर्वक कार्य करने के द्वारा कारित की थी जो आपराधिक मानववध नहीं होता
100. 'क’ अकारण लोगों की एक भीड़ पर एक भरी हुई तोप चला देता है और उसमें से एक व्यक्ति मर जाता है। यद्यपि उसने किसी व्यक्ति विशेष की हत्या करने की कोई पूर्वयोजना नहीं बनाई हुई थी, तथापि उसने भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत अपराध किया है-
a. धारा 100
b. धारा 101
c. धारा 300
d. धारा 102
101. 'क’ जानबूझकर 'ख' को आंशिकतौर पर अवैध तरीके से खाना न देकर और आंशिकतौर पर उसकी पिटाई करके उसकी मृत्यु कारित करता है। 'क’ ने क्या अपराध किया है-
a. हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध
b. हत्या
c. घोर उपहति
d. उपहति
102. "सभी हत्याएं आपराधिक मानववध होती हैं किन्तु सभी आपराधिक मानववध हत्या नहीं होते"। यह कथन किसका है-
a. न्यायमूर्ति माधवन नायर
b. न्यायमूर्ति मेलविन
c. न्यायमूर्ति शर्फुद्दीन
d. न्यायमूर्ति सुलेमान
103. अपवाद 5 के अनुसार, हत्या नहीं मानी जाएगी यदि:
a. मृत व्यक्ति आत्महत्या करने जा रहा हो
b. मृत व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से कम हो
c. मृत व्यक्ति, 18 वर्ष से अधिक का हो और स्वेच्छा से मृत्यु को सहन करता हो
d. मृत व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक न हो
104. प्रतिनिधिक दायित्व के सिद्धांत पर सर्वप्रथम निर्णय किस वाद में किया गया था?
a. आर. बनाम हग्गिन्स
b. आर. बनाम स्टीफेन्सन
c. आर. बनाम टॉल्सन
d. आर. बनाम प्रिंस
105. निम्नलिखित में से कौन सा वाद सामान्य आशय पर आधारित संयुक्त दायित्व के सिद्धांत से सम्बन्धित नहीं है?
a. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम एम्परर
b. महबूब शाह बनाम एम्परर
c. आई.एम. देसाई बनाम बॉम्बे राज्य
d. रेज बनाम गोविन्दा
106. के.एम. नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य का मामला सम्बन्धित है-
a. चोरी से
b. डकैती से
c. दुष्प्रेरण से
d. गंभीर एवं अचानक प्रकोपन से
107. सूची-1 को सूची-2 से सुमेलित करें तथा सूचियों के नीचे दी गई कूट संख्याओं का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें-
सूची-1 सूची-2
A. तुकाराम बनाम महाराष्ट्र 1. जनरल ए.एस.
वैद्य राज्य का
मामला
B. नालिनी बनाम तमिलनाडु 2. मथुरा रेप
कांड राज्य
C. बारेन्द्र कुमार घोष 3. पोस्टमास्टर
बनाम एम्परर हत्याकांड
D. महाराष्ट्र राज्य 4. राजीव गाँधी
बनाम सुखदेव सिंह हत्याकांड
कूटः
A B C D
a. 2 4 3 1
b. 1 4 23
c. 4 3 2 1
d. 3 1 2 4
108. निम्नलिखित में से किस वाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को भारतीय दंड संहिता की धारा 300(3) (भारतीय न्याय संहिता की धारा 101-3) के अनुप्रयोजनार्थ सही परीक्षण सामने लाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय का स्थान प्राप्त हुआ है?
a. कपूर सिंह बनाम पेप्सू का राज्य
b. विरसा सिंह बनाम पंजाब राज्य
c. के. एम. नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य
d. रावल पेंटा वेंकालू बनाम हैदराबाद राज्य
109. भारतीय दंड संहिता की धारा 299 तथा 300 के बीच के अंतर पर पहली बार निम्नलिखित में से किस वाद में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई थी-(भारतीय न्याय संहिता की धारा 100 तथा 101)
a. वासुदेव बनाम उत्तर प्रदेश
b. दाउ दयाल बनाम राज्य
c. ओम प्रकाश बनाम पंजाब राज्य
d. आर. बनाम गोविन्दा
110. निम्नलिखित प्रमुख वादों में से किसके अंतर्गत न्यायमूर्ति विवियन बोस ने आपराधिक मानव वध तथा हत्या के बीच अंतर किया था?
a. विरसा सिंह बनाम पंजाब राज्य, एआईआर 1958 एससी 465
b. शिवाजी साहबराव बोबोडे बनाम महाराष्ट्र राज्य, एआईआर 1973 एससी 2622
c. रुदुल शाह बनाम बिहार राज्य, एआईआर 1983 एससी 1086
d. उपरोक्त में कोई नहीं
111. आंध्र प्रदेश राज्य बनाम आर. पुन्नय्या का वाद भारतीय दंड संहिता की निम्नलिखित धाराओं में से किसके बीच अंतर से सम्बन्धित है?
a. धारा 501 तथा 502
b. धारा 299 तथा 300 (धारा 100 तथा 101 भारतीय न्याय संहिता)
c. धारा 304क तथा 304ख
d. धारा 305 तथा 306
112. "मृत्यु दंड दुर्लभतम में से दुर्लभ मामलों में ही दिया जाना चाहिए" किस वाद में धारित किया गया था-
a. बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य
b. रामेश्वर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
c. टी.वी. वाथीस्वरन बनाम तमिलनाडु राज्य
d. उत्तर प्रदेश राज्य बनाम एम. के. एंथोनी
113. धारा 102 के अंतर्गत, आपराधिक मानव वध किस स्थिति में भी लागू होता है?
a. जब कोई व्यक्ति आत्मरक्षा में कार्य करता है
b. जब किसी व्यक्ति की मृत्यु अनजाने में हो
c. जब किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, जबकि आशय किसी और को मारने का था
d. जब कोई मृत्यु दुर्घटनावश हो
114. यह अंग्रेज लेखकों द्वारा हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत कही गई बात को साकार करती है-
a. धारा 102
b. धारा 34
c. धारा 3(5)
d. धारा 301
115. 'क’ का आशय 'ख' को मारने का था किन्तु उसकी जगह उसने 'ग' को मार दिया जिसे मारने का उसका कोई आशय नहीं था। किस सिद्धांत के अंतर्गत '‘क’ 'ख' की हत्या का उत्तरदायी है-
a. विस्तारित विद्वेष का सिद्धांत
b. आपराधिक मनःस्थिति का सिद्धांत
c. कम उत्तरदायित्व का सिद्धांत
d. हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत
116. 'क’ जानबूझकर अपनी पिस्टल से 'ख' पर चलाता है किन्तु यह 'ग' को लग जाती है और वह मर जाता है। 'क’ का अपराध है-'
a. हत्या का प्रयास
b. आपराधिक मानववध
c. धारा 101 के अंतर्गत हत्या
d. धारा 102 के अंतर्गत हत्या
117. 'क’ का इरादा 'ख' को मारने का था किन्तु उसने 'ग' को मार दिया, जिसे मारने का उसका कोई इरादा नहीं था। किस सिद्धांत के अंतर्गत 'क’ 'ग' की हत्या के लिए उत्तरदायी है-
a. आपराधिक मनःस्थिति का सिद्धांत
b. हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत
c. विस्तारित विद्वेष का सिद्धांत
d. अभिकरण का सिद्धांत
118. 'क’ ने हत्या के इरादे से जहर मिला "हलवा" 'ख' को खिला दिया । 'ख' ने एक चम्मच हलवा खाया और उसे किनारे रख दिया। वहाँ बैठे 'ग' ने इसे उठा लिया और पूरा खा लिया और मर गया। 'क’ किस अपराध का दोषी हैं-
a. हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध का
b. 'ग' की हत्या के अपराध का
c. यहाँ '‘क’ हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि वह कभी भी 'ग' की हत्या नहीं करना चाहता था.
d. गंभीर शारीरिक क्षति कारित करने का
119. यदि कोई व्यक्ति 'अ' को मारने के इरादे से गोली चलाता है लेकिन गोली 'ब' को लग जाती है और 'ब' की मृत्यु हो जाती है, तो यह अपराध किस श्रेणी में आएगा?
a. दुर्घटनावश मृत्यु
b. हत्या नहीं मानी जाएगी
c. धारा 102 के अंतर्गत आपराधिक मानव वध
d. केवल चोट पहुंचाना
120. धारा 102 के अनुसार, दोषी को किस व्यक्ति की मृत्यु के आधार पर दंडित किया जाएगा?
a. जिसे उसने गलती से मारा
b. जिसे मारने का उसका कोई इरादा नहीं था
c. उस व्यक्ति के समान अपराध के लिए, जिसे मारने का आशय था
d. मृत व्यक्ति के रिश्तेदारों की शिकायत पर
121. धारा 103 के अनुसार, हत्या करने वाले व्यक्ति को क्या दण्ड दिया जा सकता है?
a. केवल जुर्माना
b. केवल आजीवन कारावास
c. मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास और जुर्माना
d. एक वर्ष का साधारण कारावास
122. धारा 103 की उपधारा (2) के अंतर्गत, जब हत्या पाँच या अधिक व्यक्तियों के समूह द्वारा की जाती है, तो उस स्थिति में क्या माना जाएगा?
a. केवल वही व्यक्ति दोषी होगा जिसने हत्या की
b. केवल समूह का नेता दोषी होगा
c. समूह के प्रत्येक सदस्य को समान रूप से दण्डित किया जाएगा
d. समूह को रियायत मिलेगी
123. धारा 103 की उपधारा (2) में किस आधार पर हत्या को विशेष रूप से दण्डनीय माना गया है?
a. निजी दुश्मनी
b. राजनीतिक कारण
c. जाति, धर्म, लिंग, भाषा, आदि के आधार पर
d. संपत्ति विवाद
124. धारा 104 के अंतर्गत किस व्यक्ति पर यह विशेष दण्ड लागू होता है?
a. कोई भी व्यक्ति जो हत्या करता है
b. केवल सरकारी कर्मचारी
c. जो पहले से आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा हो और फिर हत्या करे
d. कोई नाबालिग
125. धारा 104 के अंतर्गत दोषी को क्या दण्ड दिया जा सकता है?
a. केवल आजीवन कारावास
b. केवल जुर्माना
c. मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास, जो शेष जीवनकाल तक चले
d. एक वर्ष की कैद
126. धारा 105 का संबंध किस अपराध से है?
a. चोरी
b. हत्या
c. हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध के लिए दण्ड
d. आत्महत्या
127. यदि आपराधिक मानव वध किसी को मृत्यु या ऐसी शारीरिक क्षति पहुँचाने के आशय से किया गया हो जिससे मृत्यु होना सम्भाव्य हो, तो सजा क्या है?
a. दो वर्ष
b. दस वर्ष तक और जुर्माने से
c. सात वर्ष
d. दस वर्ष
128. धारा 105 के अनुसार, कारावास की अवधि क्या हो सकती है?
a. 10 वर्ष या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी
b. 7 वर्ष या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी
c. आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी
d. 14 वर्ष के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी
129. उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 105
b. धारा 108
c. धारा 107
d. धारा 106
130. धारा 106 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी की मृत्यु करता है, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष का कारावास हो सकता है?
a. 2 वर्ष
b. 3 वर्ष
c. 5 वर्ष
d. 10 वर्ष
131. भारतीय न्याय संहिता, की धारा 106 के अंतर्गत प्रत्येक चिकित्सक किसी व्यक्ति के आपरेशन में उपेक्षावश होने वाली मौत का तबतक उत्तरदायी नहीं होगा जबतक उसका इरादा आपराधिक न रहा हो-
a. ज्ञानेन्द्र बनाम राज्य, 1972 एससी
b. सर्वेश्वर प्रसाद शर्मा बनाम राज्य, 1978 एससी
c. जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य, 2005 एससी
d. मुन्ना बनाम राज्य, 2005 एससी
132. 'क’ ऐसे स्थान पर कुल्हाड़ी से लकड़ी काट रहा है। जहाँ बच्चे खेल रहे हैं। कुल्हाड़ी छिटक जाती है और उससे पास खड़ा एक बच्चा मर जाता है। '‘क’ उत्तरदायी है-
a. कोई अपराध नहीं
b. हत्या का
c. आपराधिक मानववध का
d. उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना
133. धारा 106 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति वाहन को उतावलेपन या उपेक्षा से चलाते हुए किसी की मृत्यु करता है और फिर बिना रिपोर्ट किए भाग जाता है, तो उसे अधिकतम कितनी सजा हो सकती है?
a. 5 वर्ष
b. 7 वर्ष
c. 10 वर्ष
d. 14 वर्ष
134. बालक या विकृत चित व्यक्ति की आत्महत्या दुष्प्रेरण किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 105
b. धारा 108
c. धारा 107
d. धारा 106
135. धारा 107 के अंतर्गत आत्महत्या का दुष्प्रेरण करने पर अधिकतम दण्ड क्या हो सकता है?
a. 7 वर्ष कारावास
b. 10 वर्ष कारावास
c. आजीवन कारावास या मृत्यु दण्ड
d. मृत्यु या आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक कारावास और जुर्माना
136. आत्महत्या का दुष्प्रेरण किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 105
b. धारा 108
c. धारा 107
d. धारा 106
137. यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है और कोई अन्य व्यक्ति उसे इसके लिए दुष्प्रेरित करता है, तो दुष्प्रेरक को अधिकतम कितनी सजा हो सकती है?
a. 7 वर्ष
b. 5 वर्ष
c. 10 वर्ष और जुर्माने से
d. आजीवन कारावास
138. निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत हत्या करने का प्रयत्न दंडनीय है?
a. धारा 100
b. धारा 106
c. धारा 109
d. धारा 110
139. यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है कि यदि उसके द्वारा मृत्यु हो जाती, तो वह हत्या का दोषी होता, परंतु मृत्यु नहीं होती, तो अधिकतम सजा क्या है?
a. 5 वर्ष का कारावास
b. 7 वर्ष का कारावास
c. 10 वर्ष का कारावास और जुर्माना
d. आजीवन कारावास
140. यदि धारा 109 के तहत किए गए प्रयास से किसी व्यक्ति को चोट (उपहति) पहुँचती है, तो अपराधी को क्या सजा दी जा सकती है?
a. केवल जुर्माना
b. केवल 10 वर्ष कारावास
c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
d. मृत्युदण्ड
141. यदि हत्या के प्रयास का अपराध एक आजीवन कारावास की सजा काट रहा व्यक्ति करता है और उपहति होती है, तो उसे क्या सजा दी जा सकती है?
a. 10 वर्ष का कारावास
b. मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास (जीवन पर्यन्त)
c. केवल जुर्माना
d. सश्रम कारावास 5 वर्ष
142. निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत आपराधिक मानव वध दंडनीय है?
a. धारा 100
b. धारा 106
c. धारा 109
d. धारा 110
143. यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है जिससे यदि मृत्यु हो जाती तो वह हत्या का दोषी होता, लेकिन मृत्यु नहीं होती, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष का कारावास हो सकता है?
a. पाँच वर्ष
b. सात वर्ष
c. तीन वर्ष, या जुर्माने से
d. पंद्रह वर्ष
144. भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत किन धाराओ को जोड़ा गया है, जो भारतीय दंड संहिता 1860 में अपराध के तौर पर परिभाषित नहीं थे?
a. धारा 101, 102, 103
b. धारा 115, 116, 177
c. धारा 111, 112, 113
d. धारा 114, 116, 117
145. संगठित अपराध भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 108
b. धारा 112
c. धारा 109
d. धारा 111
146. "संगठित अपराध सिंडिकेट" में न्यूनतम कितने व्यक्तियों का समूह होना चाहिए?
a. एक
b. दो
c. पाँच
d. दस
147. किस सजा से कम की सजा वाला अपराध "सतत् विधिविरुद्ध क्रियाकलाप" नहीं माना जाता है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. पाँच वर्ष
148. यदि संगठित अपराध के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो अपराधी को कितना दंड देना होगा?
a. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा जो दस लाख रुपए से कम नहीं होगा
b. आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा
c. चार वर्ष से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा
d. पांच वर्ष से कम नहीं होगा किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगी जो पांच लाख रुपए से कम नहीं होगा
149. यदि संगठित अपराध के परिणामस्वरूप किसी अन्य मामले में अपराधी को कितना दंड देना होगा?
a. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा जो दस लाख रुपए से कम नहीं होगा
b. आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा
c. चार वर्ष से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा
d. पांच वर्ष से कम नहीं होगा किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगी जो पांच लाख रुपए से कम नहीं होगा
150. संगठित अपराध का प्रयास, षड्यंत्र या दुष्प्रेरण करने वाले को न्यूनतम कितने वर्ष की सजा दी जा सकती है?
a. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा जो दस लाख रुपए से कम नहीं होगा
b. आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा
c. चार वर्ष से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा
d. पांच वर्ष से कम नहीं होगा किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगी जो पांच लाख रुपए से कम नहीं होगा