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1. भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) को स्थापित करने हेतु-
a. एक समान्य आशय सिद्ध की जानी होती है किन्तु प्रकट कार्य को सिद्ध नहीं करना होता
b. एक समान्य आशय तथा प्रकट कार्य दोनों को सिद्ध करना होता है
c. एक समान्य आशय सिद्ध किया जाना आवश्यक नहीं होता किन्तु प्रकट कार्य को सिद्ध करना होता है
d. उपरोक्त सभी
2. निम्नलिखित में से कौन भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) का एक अनिवार्य तत्व नहीं है-
a. कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कार्य
b. किसी साझा मंशा को अग्रसर करने हेतु किया गया आपराधिक कार्य
c. आपराधिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के बीच पूर्वनियोजित योजना
d. किसी सामान्य उद्देश्य को पूरा करने हेतु किया गया कार्य
3. भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के अंतर्गत संयुक्त दायित्व आरोपित करने हेतु अभियोजन को क्या सिद्ध करना आवश्यक होता है-
a. आशय
b. एकसमान आशय
c. मिलता-जुलता आशय
d. सामान्य आशय
4. "सामान्य आशय" और "समान आशय" में स्पष्ट अंतर. निम्न मामले में किया गया था-
a. बारीन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर
b. महबूब शाह बनाम एम्परर
c. श्रीनिवास मल बनाम किंग एम्परर
d. उपर्युक्त सभी मामलों में
5. निम्नलिखित में से किस वाद में लार्ड समर ने कहा था "जो खड़े रहते और प्रतीक्षा करते हैं वे सेवा भी करते हैं"?
a. महबूब शाह बनाम किंग एम्परर
b. इंदर सिंह बनाम एम्परर
c. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर
d. उपरोक्त में कोई नहीं
6. भारतीय दंड संहिता की धारा 34 तथा 149 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) तथा 190) के बीच के अंतर को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आधिकारिक तौर पर किस वाद में प्रतिपादित किया गया है?
a. महाराष्ट्र राज्य बनाम एम.एच. जॉर्ज
b. गुरुदेव सिंह बनाम पंजाब राज्य
c. राम कुमार बनाम हरियाण राज्य
d. नानक चंद बनाम पंजाब राज्य
7. 'क’ जिसके पास एक भरी हुई पिस्तौल थी और 'ख' जो खाली हाथ था, लूट की अपनी सामान्य आशय को पूरा करने के लिए 'च' की दुकान पर जाते हैं। 'क’ दुकान में घुसता है और वहाँ का माल ले जाने का विरोध करने पर 'च' को पिस्तौल से गोली मार देता है। 'च' तुरंत मर जाता है। 'क’ के किस कार्य के लिए 'ख' उत्तरदायी है-
a. लूट के साथ हत्या
b. जबरन वसूली तथा हत्या की कोटि में न आने वाला मानववध
c. लूट का प्रयास जब घातक हथियार से लैस हो
d. लूट और हत्या
8. क तथा ख च की हत्या करने जाते हैं। क अपने हाथ में एक बल्लम के साथ रखवाली करता है किन्तु वह च को जरा भी नहीं मारता । ख च को मार देता है। इस मामले में-
a. केवल ख ही च की हत्या के लिए उत्तरदायी है।
b. क तथा ख दोनों च की हत्या के लिए उत्तरदायी हैं
c. क उत्तरदायी नहीं है क्योंकि उसने कोई प्रकट कार्य नहीं किया है
d. उपरोक्त (a) तथा (c) दोनों सही है।
9. जब कोई कार्य कई व्यक्तियों द्वारा एक सामान्य आशय के तहत किया जाता है, तो क्या होता है?
a. केवल कार्यकर्ता जिम्मेदार होता है
b. सभी व्यक्तियों को उसी प्रकार दायित्व होता है, मानो अकेले उन्होंने किया हो
c. केवल नेता जिम्मेदार होगा
d. सभी दोषमुक्त हो जाएंगे
10. अगर किसी अपराध को कई कार्यों द्वारा किया जाता है और कोई व्यक्ति किसी एक कार्य में सहयोग करता है, तो वह क्या होगा?
a. दोषमुक्त
b. उस अपराध का दोषी
c. केवल साक्षी
d. आरोपी नहीं होगा
11. क और ख अलग-अलग समय पर विष देकर हत्या करते हैं, दोनों दोषी क्यों हैं?
a. क्योंकि दोनों ने अलग-अलग अपराध किए हैं
b. क्योंकि दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी
c. क्योंकि दोनों ने अलग-अलग कार्य कर के एक ही परिणाम (मृत्यु) कारित किया है
d. केवल क दोषी है
12. जब कोई व्यक्ति किसी अन्य की मृत्यु का प्रयत्न करता है, लेकिन सहयोग नहीं करता, तो वह दोषी होगा?
a. हमेशा दोषी
b. कभी भी दोषी नहीं
c. केवल प्रयत्न का दोषी
d. पूर्ण दोषी
13. किस परिस्थिति में कई व्यक्तियों द्वारा किये गए कार्यों के आधार पर वे विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकते हैं?
a. जब वे एक ही अपराध में सम्मिलित हों
b. जब वे अलग-अलग अपराधों में सम्मिलित हों
c. जब वे आरोपी न हों
d. केवल तभी जब न्यायालय ने दोषी ठहराया हो
14. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के किस अध्याय में “दण्डो के विषय में” का प्रावधान किया गया है?
a. अध्याय-1
b. अध्याय-2
c. अध्याय-3
d. अध्याय-4
15. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में दंड का प्रावधान किया गया है?
a. धारा 3
b. धारा 4
c. धारा 5
d. धारा 6
16. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 4 के अनुसार अपराधी किन दण्डों के लिए दायी होता है?
a. जुर्माना/ कठिन तथा सादा कारावास
b. मृत्यु/ आजीवन कारावास
c. सामुदायिक सेवा
d. उपर्युक्त सभी
17. कारावास के दो प्रकार कौन-से हैं?
a. दीर्घकालीन और अल्पकालीन
b. सश्रम (कठिन) और सादा
c. न्यूनतम और अधिकतम
d. आंशिक और पूर्ण
18. निम्नलिखित में से कौन-सा दण्ड इस संहिता में वर्णित नहीं है?
a. सामुदायिक सेवा
b. सम्पत्ति की जब्ती
c. निर्वासन (exile)
d. मृत्यु दण्ड
19. क्या "सामुदायिक सेवा" भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत एक मान्य दण्ड है?
a. नहीं
b. हाँ
c. केवल बच्चों के लिए
d. केवल राज्य के निर्णय पर निर्भर
20. "सम्पत्ति की जब्ती" किस प्रकार का दण्ड है?
a. आर्थिक दण्ड
b. सामाजिक दण्ड
c. दैहिक दण्ड
d. मानसिक दण्ड
21. कठोर श्रम के साथ दी गई सज़ा को क्या कहा जाता है?
a. सादा कारावास
b. सामुदायिक सेवा
c. कठिन कारावास
d. अनिवार्य श्रम
22. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 5 के अनुसार, दण्ड को किसी अन्य दण्ड में लघुकरण कौन कर सकता है?
a. न्यायालय
b. राष्ट्रपति
c. समुचित सरकार
d. अभियुक्त स्वयं
23. क्या समुचित सरकार दण्ड को लघुकरण करने के लिए अपराधी की सम्मति लेना आवश्यक है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल आजीवन कारावास के मामलों में
d. केवल सामुदायिक सेवा में बदलते समय
24. दण्डादेश के लघुकरण के लिए किस अन्य अधिनियम की धारा 474 का उल्लेख किया गया है?
a. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
d. संविधान
25. मृत्यु दण्ड के मामलों में "समुचित सरकार" से क्या अभिप्रेत है?
a. राज्य सरकार
b. केंद्रीय सरकार
c. जिला प्रशासन
d. संसद
26. यदि अपराध किसी ऐसे विषय से संबंधित है जिस पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार है, तो "समुचित सरकार" कौन होगी?
a. केंद्रीय सरकार
b. सुप्रीम कोर्ट
c. राज्य सरकार
d. लोकसभा
27. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 6 के अनुसार, आजीवन कारावास को कितने वर्ष के कारावास के समतुल्य माना जाएगा?
a. 10 वर्ष
b. 14 वर्ष
c. 20 वर्ष
d. 25 वर्ष
28. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 7 के अनुसार, जब अपराधी को दोनों प्रकार के कारावास से दण्डनीय ठहराया गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?
a. केवल कठिन कारावास दे सकता है
b. केवल सादा कारावास दे सकता है
c. कठिन और सादा कारावास दोनों में विभाजित कर सकता है
d. उपरोक्त सभी
29. यदि कानून में जुर्माने की अधिकतम राशि निर्दिष्ट नहीं की गई है, तो जुर्माने की सीमा कैसी होगी?
a. सीमित, लेकिन अधिकतम निर्धारित राशि तक
b. असीमित, लेकिन अत्यधिक नहीं होगी- धारा 8(1)
c. केवल एक वर्ष की सीमा तक
d. जुर्माने की राशि सुप्रीम कोर्ट तय करेगा
30. यदि अपराध जुर्माने के साथ दण्डनीय है, और जुर्माना भुगतान नहीं होता, तो न्यायालय क्या निर्देश दे सकता है?
a. जुर्माना ही बढ़ाए
b. सजा समाप्त कर दे
c. अतिरिक्त कारावास निर्दिष्ट कर सकता है
d. केवल सामुदायिक सेवा का आदेश देगा
31. जब जुर्माना के साथ कारावास का विकल्प हो, तो जुर्माना न चुकाने पर अधिकतम अतिरिक्त कारावास अवधि कितनी होगी?
a. अधिकतम कारावास की एक चौथाई से अधिक नहीं
b. अधिकतम कारावास की आधी
c. अधिकतम कारावास के बराबर
d. अधिकतम कारावास की दो‑तिहाई
32. यदि जुर्माना या सामुदायिक सेवा का विकल्प हो, तो जुर्माना न देने या सेवा न करने पर कारावास किस प्रकार होगा?
a. कठोर कारावास
b. सादा कारावास
c. विशेष श्रावण कारावास
d. सामाजयित सेवा ही दी जाती होगी
33. यदि जुर्माना ₹5000 से अधिक नहीं है, तो जुर्माना न देने पर अधिकतम कारावास अवधि क्या हो सकती है?
a. दो माह
b. चार माह
c. छह माह
d. एक वर्ष
34. यदि जुर्माना ₹10,000 से अधिक नहीं है, लेकिन ₹5,000 से अधिक है, तो जुर्माना न देने पर अधिकतम कारावास अवधि क्या हो सकती है?
a. दो माह
b. चार माह
c. छह माह
d. एक वर्ष
35. इस संहिता की धारा 9 के अनुसार, यदि कोई अपराध कई हिस्सों में बँटा है जिनमें से प्रत्येक हिस्सा स्वायत्त रूप से आपराधिक है, तो अपराधी को कैसे दण्डित किया जाएगा?
a. हर एक हिस्से के लिए अलग-अलग दण्ड मिलेगा
b. एक ही दण्ड मिलेगा, केवल जब ऐसा स्पष्ट रूप से प्रावधानित हो
c. दण्ड में भारी कटौती की जाएगी
d. दण्ड नहीं मिलेगा
36. यदि किसी व्यक्ति को निर्णय में कई अपराधों में से किसी एक अपराध का दोषी माना जाता है, लेकिन यह संदेह है कि वह किस अपराध का दोषी है, और सभी अपराधों के लिए समान दण्ड निर्धारित नहीं है, तो वह किस अपराध के लिए दण्डित किया जाएगा?
a. वह अपराध जिसके लिए अधिकतम दण्ड है
b. वह अपराध जिसके लिए न्यूनतम दण्ड है
c. सभी अपराधों के लिए सम्मिलित दण्ड
d. उसे दण्ड नहीं दिया जाएगा
37. एक व्यक्ति पर चोरी, डकैती और आपराधिक विश्वासघात का आरोप है। न्यायालय यह निष्कर्ष निकालता है कि वह इन तीन में से किसी एक अपराध का दोषी है, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि किसका। यदि इन तीनों अपराधों के लिए अलग-अलग दण्ड निर्धारित हैं, तो उसे किस अपराध के अनुसार दण्डित किया जाएगा?
a. चोरी (चोरी का दण्ड सबसे कम है)
b. डकैती
c. आपराधिक विश्वासघात
d. तीनों अपराधों के औसत के आधार पर
38. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सी धारा एकांत परिरोध का प्रावधान करती है-
a. धारा 11
b. धारा 12
c. धारा 73
d. धारा 74
39. किस स्थिति में न्यायालय अपराधी को एकांत परिरोध में रखने का आदेश दे सकता है?
a. जब अपराधी को आर्थिक दंड दिया गया हो
b. जब अपराधी को मृत्युदंड दिया गया हो
c. जब अपराधी को कठिन कारावास से दंडित किया गया हो
d. जब अपराधी को माफ कर दिया गया हो
40. यदि कारावास की अवधि 6 मास से अधिक नहीं है, तो एकांत परिरोध की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?
a. 15 दिन
b. 2 मास
c. 1 मास
d. 3 मास
41. यदि कारावास की अवधि 6 मास से अधिक और 1 वर्ष से अधिक नहीं है, तो अधिकतम कितनी अवधि तक एकांत परिरोध किया जा सकता है?
a. 1 मास
b. 3 मास
c. 2 मास
d. 6 मास
42. एकांत परिरोध की कुल अवधि अधिकतम कितनी हो सकती है?
a. 6 मास
b. 1 वर्ष
c. 3 मास
d. 2 सप्ताह
43. यदि कारावास की अवधि 1 वर्ष से अधिक है, तो अधिकतम कितने समय तक एकांत परिरोध संभव है?
a. 2 मास
b. 3 मास
c. 1 मास
d. 6 मास
44. एक बार में एकांत परिरोध की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?
a. 7 दिन
b. 14 दिन
c. 21 दिन
d. 1 माह
45. एकांत परिरोध की प्रत्येक अवधि के बीच में क्या आवश्यक है?
a. लगातार निगरानी
b. न्यायिक आदेश
c. उन्हीं कालावधियों से अन्यून अंतराल
d. चिकित्सीय परीक्षण
46. जब कारावास तीन मास से अधिक हो, तब किसी एक माह में अधिकतम कितने दिन तक एकांत परिरोध किया जा सकता है?
a. 14 दिन
b. 10 दिन
c. 7 दिन
d. 21 दिन
47. धारा 13 के अंतर्गत वर्धित दण्ड की व्यवस्था किस स्थिति में लागू होती है?
a. जब कोई व्यक्ति पहली बार अपराध करता है
b. जब किसी व्यक्ति को अध्याय 10 या 17 के अपराध के लिए पहले दोषसिद्ध किया गया हो
c. जब व्यक्ति माफी माँग ले
d. जब अपराध अनजाने में हुआ हो
48. भारतीय न्याय संहिता का अध्याय 3 किससे सम्बन्धित है-
a. उपशमन
b. सामान्य स्पष्टीकरण
c. प्रयास
d. सामान्य अपवाद
49. विधि की भूल क्षम्य नहीं होती' के सिद्धांत का अर्थ है-
a. विधि की भूल माफी का आधार नहीं होता
b. तथ्य की भूल माफी का आधार नहीं होता
c. विधि की भूल माफी का आधार होता है।
d. तथ्य की भूल माफी का आधार होता है
50. "तथ्यों की भूल क्षम्य है" का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता सम्बन्धित है-
a. धारा 14 से
b. धारा 15 से
c. धारा 17 से
d. उपरोक्त में कोई नहीं
51. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत तथ्य की त्रुटि के बचाव के लिए-
a. वास्तविक त्रुटि पर्याप्त होती है
b. कार्य का उचित होना आवश्यक होता है
c. कार्य अवश्य ही उचित होना चाहिए तथा साथ ही सद्भावपूर्वक किया गया होना चाहिए
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है।
52. 'क’, जो न्यायालय का एक अधिकारी है, न्यायालय द्वारा 'ख' को गिरफ्तार किए जाने के आदेश पर समुचित जाँच के बाद 'च' के 'ख' होने का विश्वास करते हुए 'च' को गिरफ्तार कर लेता है। 'क’ के द्वारा क्या त्रुटि की गई है-
a. तथ्यों की भूल
b. विधि की भूल
c. उपरोक्त (A) तथा (B) दोनों
d. इनमें से कोई नहीं
53. "क", एक पुलिस अधिकारी जो बिना वारंट के "च" को पकड़ लेता है जिसने हत्या की है। "क" ने कौन सा अपराध किया है-
a. सदोष परिरोध
b. सदोष अवरोध
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. कोई अपराध नहीं
54. धारा 14 में किस प्रकार की भूल को वैध माना गया है?
a. विधि की भूल
b. तथ्य की भूल
c. नीति की भूल
d. नैतिकता की भूल
55. निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टांत धारा 14 के अंतर्गत आता है?
a. कोई व्यक्ति जानबूझकर चोरी करता है
b. कोई व्यक्ति ग़लत व्यक्ति को पहचान कर गिरफ्तार करता है, यह सोचकर कि वही आरोपी है
c. कोई व्यक्ति गुस्से में आकर हमला करता है
d. कोई व्यक्ति बिना आदेश के गिरफ्तारी करता है
56. यदि कोई सैनिक अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर भीड़ पर गोली चलाता है, तो क्या वह अपराध करेगा?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं, यदि वह आदेश विधि के अनुसार है
c. केवल यदि कोई घायल न हो
d. हाँ, क्योंकि हिंसा अपराध है
57. क्या "विधि की भूल" (mistake of law) के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराध से छूट दी जा सकती है?
a. हाँ
b. नहीं
c. कभी-कभी
d. न्यायालय के अनुसार
58. धारा 15 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?
a. जब कोई व्यक्ति गलती से कार्य करता है
b. जब कोई न्यायाधीश न्यायिक रूप से अपनी शक्ति का प्रयोग करता है और उसे विश्वास होता है कि उसके पास वह शक्ति है
c. जब कोई अधिकारी आदेश का उल्लंघन करता है
d. जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक भावना से कार्य करता है
59. भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से कौन सी धारा के अंतर्गत न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य अपराध नहीं होते-
a. धारा 14
b. धारा 15
c. धारा 16
d. धारा 17
60. निम्नलिखित कथन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत सही है-एक जल्लाद, जो न्यायालय के आदेश पर दोषी को फाँसी देता है, आपराधिक दायित्व से मुक्त होता है-
a. धारा 17 के अंतर्गत
b. धारा 16 के अंतर्गत
c. धारा 15 के अंतर्गत
d. धारा 14 के अंतर्गत
61. क एक पुलिस अधिकारी है। न्यायालय उसे ख को गिरफ्तार करने का आदेश देता है। समुचित जाँच और ग के ख होने का विश्वास करते हुए वह ग को गिरफ्तार कर लेता है। इस मामले में वह-
a. सदोष परिरोध का दोषी है
b. तथ्यों की भूल को बचाव के रूप में प्रयुक्त कर सकता है
c. विधि के अधिकार को बचाव के रूप में प्रयुक्त कर सकता है
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है
62. 'क’ एक मजिस्ट्रेट के समक्ष सद्भावनापूर्वक 'च' पर आरोप लगाता है-
a. ‘क’ ने कोई अपराध नहीं किया है।
b. 'क’ ने मानहानि का अपराध किया है।
c. ‘क’ ने मानहानि का अपराध किया है किन्तु वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 93 के अंतर्गत बचाव ले सकता है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
63. ‘क’ एक सैनिक है जो विधि के समादेशों के अनुवर्तन में अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेशों के अनुपालन में 17 एक भीड़ पर गोली चलाता है जिसके कारण कुछ लोग आहत हो जाते हैं। 'क’ ने कौन सा अपराध किया है-
a. हत्या का प्रयास
b. उपहति
c. घोर उपहति
d. कोई अपराध नहीं
64. धारा 16 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?
a. जब किसी न्यायालय के आदेश का अनुसरण करते हुए किया गया हो और कार्यकर्ता को विश्वास हो कि न्यायालय को अधिकार था
b. जब कार्यकर्ता गलती से आदेश का उल्लंघन करता है
c. जब आदेश गलत हो और कार्यकर्ता जानता हो
d. जब आदेश की अवहेलना की गई हो
65. यदि कोई न्यायालय आदेश देता है लेकिन उस न्यायालय को वह आदेश देने का अधिकार नहीं है, तब भी कार्यकर्ता अपराध मुक्त होगा, बशर्ते:
a. उसे आदेश का अर्थ पता हो
b. वह सद्भावपूर्वक विश्वास करता हो कि न्यायालय को अधिकार था
c. वह आदेश को चुनौती नहीं देता
d. वह आदेश का उल्लंघन करता है
66. धारा 17 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?
a. जब कोई व्यक्ति गलती से कार्य करता है
b. जब कोई व्यक्ति विधि द्वारा न्यायानुमत है या उसे ऐसा विश्वास हो कि वह न्यायानुमत है, वह भी तथ्य की भूल के कारण
c. जब कोई व्यक्ति बिना विश्वास के कार्य करता है
d. जब कोई व्यक्ति समाज की इच्छा के अनुसार कार्य करता है
67. भारतीय न्याय संहिता का कौन सा प्रावधान कहता है-"कोई बात अपराध नहीं है, जो दुर्घटनावश हुई हो"-
a. धारा 19
b. धारा 18
c. धारा 20
d. उपरोक्त में कोई नहीं
68. धारा 18 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?
a. जब कार्य जानबूझकर किया गया हो
b. जब कार्य दुर्घटना से और बिना आपराधिक आशय या ज्ञान के विधिपूर्ण रीति से किया गया हो
c. जब कार्य बिना सावधानी के किया गया हो
d. जब कार्य नियमों के विरुद्ध हो
69. धारा 18 के तहत दुर्घटना से हुए कार्य के लिए क्या आवश्यक है?
a. आपराधिक आशय होना चाहिए
b. उचित सतर्कता और सावधानी के साथ कार्य किया गया हो
c. कार्य अवैध हो
d. कार्यकर्ता ने नियम तोड़े हों
70. निम्न में से कौन-सा दृष्टांत धारा 18 के अंतर्गत आता है?
a. क कुल्हाड़ी से काम कर रहा है, कुल्हाड़ी का फल उछल कर किसी को घायल कर देता है, जबकि क ने उचित सावधानी बरती थी।
b. क जानबूझकर किसी पर कुल्हाड़ी चलाता है।
c. क ने किसी को चोट पहुंचाने के लिए जाल बिछाया।
d. क बिना कारण सड़क पर मारपीट करता है।
71. निम्नलिखित में से क्या भारतीय न्याय संहिता की धारा 18 के अंतर्गत दुर्घटना के बचाव के आवश्यक घटक नहीं है-
a. कार्य अवश्य ही एक दुर्घटना अथवा दुर्भाग्य होना चाहिए
b. कार्य अवश्य ही आपराधिक मंशा से नहीं किया गया होना चाहिए
c. कार्य को समुचित सावधानी तथा सतर्कता से किए जाने की आवश्यकता नहीं होती
d. दुर्घटना अवश्य ही किसी वैध साधन द्वारा वैध तरीके से. किए गए वैध कार्य का परिणाम होना चाहिए
72. ‘क’ कुल्हाड़ी से काम कर रहा है, कुल्हाड़ी का फल उसमें से निकल कर उछल जाता है और निकट खड़ा हुआ व्यक्ति उससे मारा जाता है। यहां 'क’ की ओर से उचित सावधानी का अभाव नहीं था, तो उसका कार्य-
a. हत्या है
b. हत्या की श्रेणी में न आने वाला मानववध है
c. क्षम्य कार्य है, एक अपराध नहीं है
d. लापरवाहीवश मृत्यु का कारण है
73. परीक्षा के दौरान एक पुरुष शिक्षक ने तलाशी लेने के दौरान एक महिला अभ्यर्थी को पुरुष समझकर उसके पैंट की जेब पर अपना हाथ रख दिया। यहाँ भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत शिक्षक ने किस धारा में अपराध किया है-
a. धारा 354
b. धारा 323
c. धारा 509
d. कोई अपराध नहीं
74. एक श्रमिक छत पर से चेतावनी देने के साथ बर्फ राहगीर बर्फ के आघात से मर जाता है। श्रमिक-
a. हत्या का दोषी है
b. हत्या की श्रेणी में न आने वाले मानववध का दोषी है
c. लापरवाहीवश मौत का कारण बनने का दोषी है।
d. दोषी नहीं है क्योंकि मौत दुर्घटनावश थी
75. भारतीय न्याय संहिता का कौन सा प्रावधान कहता है-"कोई बात अपराध नहीं है, जो कार्य जिससे अपहानि कारित होना संभाव्य हैं, किंतु जो आपराधिक आशय के दिना और अन्य अपहानि निवारण लिए किया गया है "-
a. धारा 19
b. धारा 18
c. धारा 20
d. उपरोक्त में कोई नहीं
76. निम्नलिखित में से किस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 19 के अंतर्गत 'आवश्यकता' की दलील बचाव के रूप में नहीं दी जा सकती-
a. आत्मरक्षा तथा हिंसा को रोकना
b. किसी निर्दोष व्यक्ति की लागत पर आरोपी को क्षति से बचाना
c. आत्मसंरक्षण एक संपूर्ण आवश्यकता होती है
d. आरोपी के अलावा अन्य वाली बुराईयों का चयन
77. "किसी के जीवन की रक्षा सामान्यतौर पर एक कर्तव्य कहा जाता है, किन्तु इसका बलिदान सर्वोपरि कर्तव्य हो सकता है। "क्वीन बनाम डुडले एवं स्टीफेन्स में यह प्रेक्षण किसके द्वारा किया गया था-
a. लार्ड डेनमैन
b. लार्ड कोलेरिज
c. लार्ड एक्टन
d. न्यायमूर्ति पोलॉक
78. बचाव के रूप में "आवश्यकता" का दावा उस समय नहीं किया जा सकता जब कार्य किया गया हो-
a. सद्भावपूर्वक
b. बिना आपराधिक मंशा के
c. क्षति पहुँचाने के अंतर्निहित जोखिम के साथ
d. अन्य बड़ी क्षतियों से बचने के लिए
79. 'य' को एक बाघ उठा ले जाता है य जानते हुये कि सम्भाव्य है कि गोली लगने से 'य' मर जाये किन्तु 'य' का वध करने का आशय न रखते हुये और सद्भावपूर्वक 'य' के फायदे के आशय से '‘क’ उस बाघ पर गोली चलाता है। 'क’ की गोली से 'य' की मृत्यु हो जाती है।
a. 'क’ ने हत्या का अपराध किया है क्योंकि दुर्भाव गोली के साथ जुड़ा है
b. 'क’ ने 'च' तथा वन्यजीव बाध की हत्या का प्रयास किया है।
c. 'क’ ने कोई अपराध नहीं किया है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
80. क तथा ख एक जलयान के टूट जाने के बाद समुद्र में तैरते समय एक तख्ते को पकड़ लेते हैं। तख्ता इतना बड़ा नहीं है कि वह दोनों का संभाल सके। कोई विकल्प न होने के कारण क ख को धक्का दे देता है 30 जो डूब जाता है। क ने क्या अपराध किया है-
a. आपराधिक मानववध
b. हत्या
c. लापरवाहीवश हत्या का अपराध
d. कोई अपराध नहीं
81. निम्नलिखित में से कौन सा वाद आवश्यकता के आधार पर बचाव से संबंधित है?
a. शकीर खान बनाम क्राउन
b. आर. बनाम अर्नाल्ड परीक्षा मंथन
c. आर. बनाम डुडले एण्ड स्टीफेन क्षति से
d. सुधीर चन्द्र विश्वास बनाम राज्य
82. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व इस धारा के अंतर्गत महत्वपूर्ण है?
a. कार्यकर्ता का आपराधिक आशय होना
b. कार्यकर्ता का सद्भावपूर्वक कार्य करना और अपहानि के निवारण का उद्देश्य होना
c. कार्यकर्ता की गलत नियत
d. कार्यकर्ता का अनियंत्रित व्यवहार
83. धारा 19 के स्पष्टीकरण के अनुसार, किस बात का निर्धारण तथ्यात्मक रूप से किया जाता है?
a. कार्यकर्ता का व्यक्तित्व
b. कार्यकर्ता की उम्र
c. निवारण की जाने वाली अपहानि की प्रकृति और उसकी आसन्नता तथा जोखिम उठाना न्यायानुमत था या नहीं
d. कार्यकर्ता के आर्थिक स्थिति
84. आर. बनाम डुडले एवं स्टीफेन का वाद किस रक्षा से सम्बन्धित है-
a. उन्मत्तता
b. मत्तता
c. तथ्य की भूल
d. आवश्यकता
85. निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टांत धारा 19 के अंतर्गत आता है?
a. क, एक जलयान का कप्तान, अपने मार्ग को बदलकर संभवतः एक छोटी नाव को डुबाने की जोखिम उठाता है, लेकिन बड़ी नाव और यात्रियों को बचाता है।
b. क जानबूझकर आग लगाता है।
c. क बिना कारण किसी की संपत्ति नष्ट करता है।
d. क अवैध तरीके से किसी को चोट पहुँचाता है।
86. शिशु के कार्य जो भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत साधारण अपवाद होते हैं, का उल्लेख किन धाराओं में किया गया है-
a. धारा 20-21
b. धारा 21-22
c. धारा 22-23
d. धारा 23-24
87. कोई बात अपराध नहीं है, जो सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा की जाती है यह कथन किस विधिक सिद्धांत पर आधारित है-
a. अपराध करने में समर्थ (डोली केपेक्स)
b. अपराध करने में असमर्थ (डोली इन केपेक्स)
c. देवता कानून के बारे में परवाह नहीं करते (डीमिनिकिस नॉन क्यूरेट लेक्स)
d. इनमें से कोई नहीं
88. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 'अपराध करने में अक्षम' (डोली इनकेपेक्स) का सिद्धांत निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत आपराधिक दायित्व का एक अपवाद है-
a. धारा 20
b. धारा 21
c. धारा 22
d. धारा 23
89. किस आयु तक के शिशु द्वारा किया गया कोई भी कार्य अपराध नहीं होता-
a. आठ वर्ष
b. दस वर्ष
c. सात वर्ष
d. बारह वर्ष
90. निम्नलिखित में से किसे विधि के अंतर्गत 'अपराध करने में अक्षम' माना जाता है-
a. 7 वर्ष से कम आयु का बच्चा
b. 10 वर्ष से कम आयु का बच्चा
c. 7 वर्ष से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु का बच्चा
d. 10 से 14 वर्ष के बीच आयु का बच्चा
91. भारतीय न्याय संहिता की धारा 20 निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है-
a. संपूर्ण उन्मुक्ति
b. सशर्त उन्मुक्ति
c. सीमित उन्मुक्ति
d. आकस्मिक उन्मुक्ति
92. कोई भी कार्य अपराध नहीं होता यदि उसे किया गया हो-
a. 6 वर्ष के शिशु द्वारा जिसके पास अपने आचरण की प्रकृति एवं परिणाम को समझने सम्बन्धी पर्याप्त परिपक्वता मौजूद हो
b. 12 वर्ष से कम आयु की बालिका द्वारा जिसके पास अपने आचरण की प्रकृति एवं परिणाम को समझने सम्बन्धी पर्याप्त परिपक्वता मौजूद हो
c. एक पुरुष जिसकी आयु 100 वर्ष हो
d. उपरोक्त सभी
93. निम्न में से कौन सी स्थितियों में विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के निर्दोष होने की उपधारणा का सामान्य सिद्धान्त लागू नहीं होगा?
a. जब बालक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अंतर्गत दण्डनीय हत्या के अपराध का आरोप है।
b. जब बालक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के अंतर्गत दण्डनीय सामूहिक बलात्संग के अपराध का आरोप है।
c. जब किशोर न्याय बोर्ड द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम की धारा 15 सपठित धारा 18(3) के अंतर्गत आदेश पारित किया गया है कि बालक का विचारण एक वयस्क की तरह किया जाए।
d. उपरोक्त में से कोई नहीं।
94. भारतीय दंड संहिता की धारा 20 के अनुसार, सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा किए गए कार्य को क्यों अपराध नहीं माना जाता?
a. क्योंकि शिशु को विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं
b. क्योंकि शिशु को सजा देने का प्रावधान नहीं है
c. क्योंकि शिशु को सही और गलत का ज्ञान नहीं होता
d. उपरोक्त सभी
95. भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के अंतर्गत एक बालक को 'अपराध करने में सक्षम' माना जाता है जब वह-
a. सात वर्ष से अधिक किन्तु 14 वर्ष से कम आयु का हो
b. सात वर्ष से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु का हो
c. सात वर्ष की आयु का हो
d. आठ वर्ष से अधिक किन्तु
96. 9 वर्ष आयु का एक बालक एक सोने का हार चुराता है और उसके तुरंत बाद इसे अभियुक्त को बेच देता है। क्या वह चोरी का दोषी है-
a. बालक दोषी नहीं है क्योंकि उसमें समझने की पर्याप्त परिपक्वता का अभाव है।
b. बालक दोषी है क्योंकि वह यह समझने की पर्याप्त परिपक्वता की आयु पूरी कर चुका है कि उस अवसर पर उसके आचरण की प्रकृति तथा परिणाम क्या होंगे
c. बालक दोषी नहीं है क्योंकि वह 12 वर्ष से कम आयु का है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
97. भारतीय दंड संहिता की धारा 83 पर एक प्रमुख वाद है- (भारतीय न्याय संहिता की धारा -21)
a. विशम्भर बनाम रूमल
b. देव नारायण बनाम राज्य
c. उल्ला बनाम किंग
d. दयाभाई छगनभाई ठक्कर बनाम गुजरात राज्य
98. भारतीय दंड संहिता की धारा 21 के अनुसार, 7 से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु के शिशु को कब अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता?
a. जब वह जानबूझकर अपराध करता है
b. जब उसे सही और गलत का ज्ञान होता है
c. जब उसकी समझ इतनी परिपक्व नहीं होती कि वह अपने आचरण की प्रकृति और परिणामों को समझ सके
d. जब वह माता-पिता की आज्ञा का पालन नहीं करता
99. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत किसी विकृतचित्त व्यक्ति का कार्य एक अपराध नहीं होता-
a. धारा 20
b. धारा 23
c. धारा 25
d. धारा 22
100. "चित्त विकृति" शब्द-
a. भारतीय न्याय संहिता में परिभाषित नहीं है
b. भारतीय न्याय संहिता में परिभाषित है।
c. को पागलपन के बराबर नहीं माना जाता
d. भारतीय न्याय संहिता में साधारण अपवाद नहीं है
101. चित्त विकृति अभिव्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता में परिभाषित नहीं है और मुख्यतः इसे पागलपन के समान्तर माना जाता है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 84 के अन्तर्गत किसी कृत्य के दायित्व से छूट भागने वाले अभियुक्त को विधिक पागलपन और न कि चिकित्सकीय पागलपन सिद्ध करना होता है। यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निम्न बाद में धारित किया गया है- (भारतीय न्याय संहिता की धारा-22)
a. अबरार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
b. सुरेन्द्र मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य
c. सी. एम. शर्मा बनाम ए. पी. राज्य
d. गीता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
102. पागलपन होता है-
a. स्वतंत्र इच्छा का अभाव
b. नशे के कारण उत्पन्न अक्षमता
c. किए गए कार्य की प्रकृति को जानने की असमर्थता
d. रोगी मस्तिष्क
103. "विकृत मस्तिष्क” सिद्धांत का अर्थ है-
a. दस वर्ष का बच्चा
b. असहयोगपूर्ण
c. विकृत मस्तिष्क होना
d. उपरोक्त में कोई नहीं
104. पागलपन के निम्नलिखित आधारों में से कौन सा आधार आपराधिक उत्तरदायित्व से छूट का आधार है-
a. चिकित्सीय पागलपन
b. विक्षिप्तता
c. विधिक पागलपन
d. नैतिक पागलपन
105. निम्नलिखित में से किस बाद में चित्तविकृतता के आधार पर प्रतिरक्षा के संबंध में कतिपय महत्त्वपूर्ण सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया था?
a. मैकनाटेन का वाद
b. आर. बनाम प्रिंस
c. आर. बनाम डडले एण्ड स्टीफेन
d. रेग बनाम गोविन्दा
106. च, पागलपन के प्रभाव में क को मारने का प्रयास करता है। इस मामले में निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. च हत्या के प्रयास का दोषी है, किन्तु क को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार है
b. च किसी अपराध का दोषी नहीं है, किन्तु क को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार है
c. च किसी अपराध का दोषी नहीं है, किन्तु क को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं है
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है
107. चित्तविकृति के कारण 'क’ 'ख' की हत्या का प्रयास करता है। अपनी रक्षा के प्रयास में 'ख' 'क’ को घोर उपहति कारित कर देता है। यहाँ-
a. 'क’ हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है तथा 'ख' उपहति पहुँचाने का उत्तरदायी है
b. 'क’ ने कोई अपराध नहीं किया है तथा 'ख' घोर उपहति पहुँचाने का उत्तरदायी है।
c. 'ख' ने कोई अपराध नहीं किया है तथा '‘क’ हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है
d. 'क’ तथा 'ख' दोनों उत्तरदायित्व से मुक्त हैं।
108. मैकनॉटन का वाद भारतीय दंड संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा से सम्बन्धित है? (भारतीय न्याय संहिता की धारा -22)
a. धारा 83
b. धारा 84
c. धारा 85
d. धारा 86
109. डरहम बनाम संयुक्त राज्य का वाद सम्बन्धित है-
a. पागलपन से
b. नशे की स्थिति से
c. आवश्यकता से
d. दुर्घटना से
110. भारतीय दंड संहिता की धारा 22 के अनुसार, विकृतचित्त (अस्पष्ट मानसिक स्थिति) वाला व्यक्ति कब अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाता?
a. जब वह नशे में हो
b. जब वह जानबूझकर अपराध करता है
c. जब वह मानसिक विकृति के कारण यह नहीं समझ पाता कि वह क्या कर रहा है या वह कार्य विधि के प्रतिकूल है
d. जब वह अकेले अपराध करता है
111. भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा अनैच्छिक मत्तता के बचाव से सम्बन्धित है-
a. धारा 22
b. धारा 23
c. धारा 24
d. धारा 25
112. धारा 23 के अनुसार, ऐसा व्यक्ति जिसका निर्णय मत्तता (नशे या बाहरी प्रभाव) के कारण प्रभावित होता है, कब अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं होता?
a. जब उसने मत्तता अपने ज्ञान और इच्छा से प्राप्त की हो
b. जब उसने मत्तता अपनी इच्छा के विरुद्ध या बिना ज्ञान के प्राप्त की हो और इस कारण वह अपने कार्य की प्रकृति या दोष को न समझ सके
c. जब वह जानबूझकर अपराध करता है
d. जब वह सार्वजनिक स्थान पर अपराध करता है
113. निम्नलिखित में से कौन सा वाद नशे की स्थिति से सम्बन्धित एक प्रमुख वाद है?
a. नाथूलाल बनाम मध्यप्रदेश राज्य
b. डायरेक्टर पब्लिक प्रॉसीक्यूशन बनाम बियर्ड
c. बारो बनाम इसॉक
d. उपरोक्त में कोई नहीं
114. निम्नलिखित में से किस वाद में 'वाइल्ड बीस्ट टेस्ट' का प्रतिपादन किया गया था?
a. हैडफील्ड का वाद
b. बाउलर का वाद
c. फेरर का वाद
d. आर. बनाम अरनॉल्ड
115. भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा स्वैच्छिक मत्तता से सम्बन्धित है-
a. धारा 22
b. धारा 23
c. धारा 24
d. धारा 25
116. धारा 24 के अनुसार, मत्तता में कोई व्यक्ति ऐसा अपराध कब करेगा जिसे विशिष्ट ज्ञान या आशय की आवश्यकता होती है?
a. जब वह मत्तता अपने ज्ञान और इच्छा से प्राप्त करता है
b. जब वह मत्तता की स्थिति में ऐसा कार्य करता है, तब उसे उसी ज्ञान और आशय के साथ माना जाएगा जो उसके पास होता यदि वह मत्तता में न होता
c. जब वह मत्तता के कारण अपराध करता है, उसे दोषमुक्त कर दिया जाएगा
d. जब वह मत्तता की स्थिति में केवल आत्मरक्षा करता है
117. निम्नलिखित में से कौन सा वाद मत्तता से सम्बन्धित नहीं है?
a. डी.पी.पी. बनाम बियर्ड
b. बासुदेव बनाम पेपसू राज्य
c. आर. बनाम मैकनॉटन
d. आर. बनाम टैंडी
118. बासुदेव बनाम पेप्सू राज्य में सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा का वास्तविक क्षेत्र स्पष्ट किया है-
a. धारा 84/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-22)
b. धारा 85/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-23)
c. धारा 86/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-24)
d. धारा 34/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-3(5)
119. सहमति से कारित क्षति को क्षति नहीं कहते हैं का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में शामिल किया गया है-
a. धारा 24
b. धारा 25
c. धारा 26
d. उपरोक्त में कोई नहीं
120. धारा 25 के अनुसार, किस स्थिति में सहमति से किया गया कार्य अपराध नहीं माना जाता?
a. जब उस कार्य से मृत्यु या घोर उपहति का आशय हो
b. जब कर्ता को मृत्यु या घोर उपहति की सम्भाव्यता ज्ञात हो
c. जब उस कार्य से मृत्यु या घोर उपहति का आशय न हो और कर्ता को इसकी सम्भाव्यता का ज्ञान न हो
d. जब वह कार्य बिना किसी सहमति के किया गया हो
121. धारा 25 के अनुसार, किसी अपहानि के कारण अपराध नहीं होगा यदि वह अपहानि किसके द्वारा सहन की गई हो?
a. अठारह वर्ष से कम आयु के व्यक्ति द्वारा
b. कर्ता द्वारा आशयित व्यक्ति द्वारा
c. अठारह वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति द्वारा, जिसने अभिव्यक्त या विवक्षित सम्मति दी हो
d. किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना सम्मति के
122. धारा 25 के दृष्टांत के अनुसार, क और य के बीच पट्टेबाजी के दौरान यदि नियमानुसार उपहति होती है तो क्या होगा?
a. क अपराधी माना जाएगा
b. य अपराधी माना जाएगा
c. कोई अपराध नहीं होगा क्योंकि दोनों ने सहमति दी है
d. पुलिस को मामला दर्ज करना होगा
123. धारा 25 के अनुसार, कर्ता कब अपराधी होगा?
a. जब वह अपहानि करने का आशय न रखता हो
b. जब उसे अपहानि की सम्भावना ज्ञात न हो
c. जब वह जानबूझकर बिना सहमति के अपहानि करता हो
d. जब वह उपहति के दौरान नियमों का पालन करता हो
124. धारा 25 में उल्लेखित "अठारह वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति की सम्मति" का क्या अर्थ है?
a. व्यक्ति की मौखिक अनुमति
b. व्यक्ति की लिखित अनुमति
c. व्यक्ति की स्पष्ट या निहित सहमति
d. माता-पिता की अनुमति
125. 'क’ एक शल्य चिकित्सक है जो 'ग' की सहमति से 14 वर्षीय भिखारी 'ग' के दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली इस सद्भाव से काट देता है कि इससे 'ग' को और अधिक भीख मिलने में सहायता मिलेगी
a. 'क’ कोई अपराध नहीं करता क्योंकि यह कार्य 'ग' की सहमति से किया गया था
b. 'क’ एक अपराध करता है क्योंकि 14 वर्षीय बच्चे की सहमति का कोई महत्व नहीं होता
c. ‘क’ कोई अपराध नहीं करता क्योंकि यह कार्य सद्भावपूर्वक तथा 'ग' की सहमति से किया गया था
d. 'क’ को इस कार्य के आपराधिक दायित्व से छूट नहीं प्राप्त है क्योंकि यह कार्य भारतीय न्याय संहिता के अर्थ के अंतर्गत सद्भावपूर्वक नहीं किया गया था।
126. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 87 के अधीन मृत्यु तथा घोर उपहति के अतिरिक्त, अन्य कोई क्षति भले ही आशययुक्त रही हो अथवा उसके कारित किये जाने की संभावना का ज्ञान कर्ता को रहा हो, अपराध नहीं होगा, यदि -
a. क्षति व्यक्ति को उसकी सहमति से कारित की गयी है
b. सहमति देने वाला व्यक्ति 18 वर्ष की आयु से अधिक का है
c. सहमति देने वाला व्यक्ति 16 वर्ष से अधिक की आयु
d. सहमति स्पष्ट या विवक्षित हो सकती है।
127. धारा 26 के अनुसार, किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य कब अपराध नहीं माना जाता?
a. जब उस कार्य से मृत्यु कारित करने का आशय हो
b. जब उस कार्य से अपहानि होती है और उस व्यक्ति ने सहमति दी हो
c. जब कार्य बिना किसी की सहमति के किया गया हो
d. जब कार्य केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाता हो
128. धारा 26 के अनुसार, यदि कार्य में मृत्यु होने की सम्भावना हो लेकिन आशय न हो, तब क्या होगा?
a. कार्य अपराध होगा
b. कार्य अपराध नहीं होगा यदि वह सद्भावपूर्वक उस व्यक्ति के फायदे के लिए किया गया हो और सहमति प्राप्त हो
c. कार्य अपराध होगा यदि मृत्यु हुई हो
d. कार्य हमेशा अपराध माना जाएगा
129. धारा 26 के दृष्टांत के अनुसार, शल्यचिकित्सक क ने य पर शल्यक्रिया की जिसमें मृत्यु की सम्भावना थी, किन्तु आशय नहीं था, तो क्या हुआ?
a. क ने अपराध किया
b. क ने कोई अपराध नहीं किया क्योंकि य की सहमति थी और कार्य सद्भावपूर्वक किया गया था
c. क को दंडित किया जाएगा
d. क ने जानबूझकर मृत्यु की
130. धारा 26 के अनुसार, किन परिस्थितियों में किसी अपहानि के कारण अपराध नहीं माना जाएगा?
a. जब अपहानि के लिए व्यक्ति की सहमति हो और कार्य उसके फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया हो
b. जब अपहानि बिना सहमति के की गई हो
c. जब अपहानि जानबूझकर की गई हो
d. जब अपहानि केवल संपत्ति को हुई हो
131. धारा 26 में 'सहमति' का अर्थ क्या है?
a. केवल मौखिक सहमति
b. अभिव्यक्त या विवक्षित सहमति
c. केवल लिखित सहमति
d. बिना जानने की सहमति
132. धारा 27 के अनुसार, बारह वर्ष से कम आयु के शिशु या विकृतचित्त व्यक्ति के फायदे के लिए किया गया कार्य कब अपराध नहीं माना जाता?
a. जब वह कार्य बिना संरक्षक की सहमति के किया जाए
b. जब वह कार्य संरक्षक या विधिपूर्ण भारसाधक की अभिव्यक्त या विवक्षित सहमति से सद्भावपूर्वक किया जाए
c. जब वह कार्य जानबूझकर किया जाए
d. जब उस कार्य से मृत्यु या घोर उपहति का आशय हो
133. धारा 27 के अपवादों में से कौन सा सही है?
a. मृत्यु कारित करने या प्रयास करने पर यह अपवाद लागू होगा
b. मृत्यु या घोर उपहति के निवारण के लिए की गई कार्यवाही इस अपवाद के अंतर्गत आती है
c. स्वेच्छया घोर उपहति करने पर भी अपवाद लागू होगा
d. किसी भी अपराध के लिए अपवाद लागू होगा
134. धारा 27 के अनुसार, शिशु की शल्यक्रिया करवाने वाला व्यक्ति कब अपराधी नहीं माना जाएगा?
a. जब उसे मृत्यु की सम्भावना का ज्ञान न हो
b. जब उसका उद्देश्य शिशु को रोगमुक्त कराना हो और उसने संरक्षक की सहमति ली हो
c. जब शिशु की सहमति हो
d. जब शिशु की मौत हो जाए
135. धारा 27 के अनुसार, कब अपराध होगा?
a. जब कार्य गंभीर रोग या अंगशैथिल्य से मुक्त करने के लिए हो
b. जब कार्य स्वेच्छया घोर उपहति करने का प्रयत्न हो और वह मृत्यु या घोर उपहति के निवारण के प्रयोजन से न किया गया हो
c. जब कार्य संरक्षक की सहमति से किया गया हो
d. जब कार्य सद्भावपूर्वक किया गया हो
136. धारा 27 के दृष्टांत में, शल्यचिकित्सक द्वारा शिशु की शल्यक्रिया करवाने का कार्य क्यों अपराध नहीं माना गया?
a. क्योंकि मृत्यु का आशय था
b. क्योंकि उद्देश्य रोगमुक्ति था और संरक्षक की सहमति थी
c. क्योंकि शिशु की सहमति थी
d. क्योंकि शल्यक्रिया नियमों के विरुद्ध थी
137. धारा 28 के अनुसार, कौन सी सम्मति मान्य नहीं होती?
a. जो बिना किसी दबाव के दी गई हो
b. जो क्षति के भय या भ्रम के अधीन दी गई हो और कार्यकर्ता को इसका ज्ञान हो या विश्वास करने का कारण हो
c. जो पूरी जानकारी के साथ दी गई हो
d. जो बारह वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति द्वारा दी गई हो
138. धारा 28 के अनुसार, ऐसी सम्मति मान्य नहीं होगी जो किस कारण दी गई हो?
a. जो चित्त-विकृति या मत्तता के कारण व्यक्ति को कार्य की प्रकृति और परिणाम समझ में न आए
b. जो स्पष्ट और स्वतंत्र हो
c. जो लिखित रूप में हो
d. जो अभिव्यक्त हो
139. धारा 28 के अनुसार, क्या बारह वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की सम्मति मान्य होगी?
a. हाँ, हमेशा मान्य होती है
b. नहीं, जब तक संदर्भ से प्रतिकूल न प्रतीत हो
c. हाँ, अगर वह अभिव्यक्त हो
d. नहीं, कभी भी मान्य नहीं होती
140. धारा 28 के अनुसार, किस स्थिति में कार्यकर्ता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है?
a. जब कार्यकर्ता को ज्ञात हो कि सम्मति भय या भ्रम के कारण दी गई है
b. जब कार्यकर्ता को सम्मति का पता न हो
c. जब कार्यकर्ता को विश्वास हो कि सम्मति स्वतंत्र है
141. धारा 28 के अनुसार, सम्मति का क्या महत्व है?
a. सभी सम्मतियों को स्वीकार किया जाएगा
b. सम्मति तभी मान्य होती है जब वह स्वतंत्र, सचेत और बिना भय या भ्रम के दी गई हो
c. केवल लिखित सम्मति को मान्यता मिलेगी
d. सम्मति की कोई आवश्यकता नहीं होती
142. धारा 29 के अनुसार, कौन से कार्य स्वतः अपराध हैं, भले ही उनसे कोई अपहानि न हुई हो?
a. वे कार्य जिनसे अपहानि हो लेकिन सहमति हो
b. वे कार्य जिनसे अपहानि न होने पर भी अपराध माने जाते हैं और जिनका आशय सम्भाव्यता ज्ञात हो
c. वे कार्य जो सद्भावपूर्वक किए गए हों
d. वे कार्य जो केवल संपत्ति से संबंधित हों
143. धारा 29 के दृष्टांत के अनुसार, गर्भपात कब अपराध माना जाएगा?
a. जब वह महिला के जीवन की रक्षा के लिए किया गया हो
b. जब वह महिला की सहमति से किया गया हो
c. जब वह महिला के जीवन की रक्षा के लिए न किया गया हो
d. हमेशा गर्भपात अपराध है
144. धारा 29 के अनुसार, क्या गर्भपात कराने के लिए महिला या उसके संरक्षक की सहमति उस कार्य को न्यायसंगत बनाएगी?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं, जब तक वह जीवन रक्षक न हो
c. केवल जब डॉक्टर सहमत हो
d. केवल तब जब कानूनी अनुमति हो
145. धारा 29 के अनुसार, धारा 25, 26, और 27 के अपवाद किन कार्यों पर लागू नहीं होते?
a. उन कार्यों पर जो केवल संपत्ति से संबंधित हों
b. उन कार्यों पर जो किसी अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध हैं
c. उन कार्यों पर जो बिना सहमति के किए गए हों
d. उन कार्यों पर जो चिकित्सा के लिए किए गए हों
146. धारा 29 के अनुसार, क्या ऐसी सम्मति जो किसी स्वाभाविक अपराध को न्यायसंगत बनाएगी?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं, जब तक कि कार्य किसी अपवर्जित अपराध से संबंधित न हो
c. हाँ, यदि वह अभिव्यक्त हो
d. नहीं, कभी नहीं
147. धारा 30 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?
a. जब कार्य किसी के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया जाए, यद्यपि उसकी सम्मति न हो, और वह अपनी सम्मति प्रकट न कर सके या असमर्थ हो
b. जब कार्य बिना किसी कारण के किया जाए
c. जब कार्य किसी की हानि के लिए किया जाए
d. जब कार्य सदैव बिना किसी लाभ के किया जाए
148. धारा 30 के दृष्टांत के अनुसार, यदि कोई शल्यचिकित्सक मूर्छित व्यक्ति पर बिना उसकी अनुमति के शल्यक्रिया करता है, तो वह कब अपराधी नहीं माना जाएगा?
a. जब उसका उद्देश्य उस व्यक्ति के फायदे के लिए हो और समय रहते संरक्षक से अनुमति न मिल सके
b. जब वह जानबूझकर चोट पहुंचाना चाहता हो
c. जब वह मृत्यु की इच्छा रखता हो
d. कभी भी
149. धारा 30 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी को बचाने के लिए ऐसा कार्य करता है जिससे मृत्यु या उपहति हो सकती है, तो वह कब अपराधी नहीं होगा?
a. जब उसकी मंशा उस व्यक्ति को बचाने की हो और वह कार्य सद्भावपूर्वक किया गया हो
b. जब उसकी मंशा नुकसान पहुंचाने की हो
c. जब कार्य बिना किसी कारण के किया गया हो
d. जब कार्यकर्ता को पता न हो कि इससे मौत हो सकती है
150. धारा 31 के अनुसार, कब सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना अपराध नहीं मानी जाएगी?
a. जब वह किसी व्यक्ति के फायदे के लिए दी गई हो, भले ही उससे अपहानि हुई हो
b. जब वह किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए दी गई हो
c. जब वह झूठी हो
d. जब वह बिना कारण दी गई हो