मोटर यान अधिनियम वन-लाइनर नोट्स Part-2 (Chapter 8-14)

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

Motor Vehicle Act (Part 1 & 2) One Liner Notes Pdf Download

 

अध्याय-8

(CHAPTER-8)

यातायात का नियंत्रण

(CONTROL OF TRAFFIC)

गति सीमा (Limits of speed), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 112

धारा 112 के अनुसार कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान में वाहन—

अधिकतम से अधिक या न्यूनतम से कम नहीं चलाएगा

अधिकतम गति की अंतिम सीमा किसके द्वारा अधिसूचना से निर्धारित की जाती है?

केन्द्रीय सरकार

राज्य सरकार गति सीमा कब निर्धारित कर सकती है?

सार्वजनिक सुरक्षा या सुविधा की दृष्टि से

राज्य सरकार गति सीमा निर्धारित करेगी—

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

गति सीमा प्रभावी करने के लिए क्या लगाया जाएगा?

धारा 116 के अधीन यातायात चिह्न

यदि निर्बंधन एक मास से अधिक के लिए लागू नहीं है तो अधिसूचना—

आवश्यक नहीं है

राज्य सरकार गति सीमा किन पर लागू कर सकती है?

किसी विनिर्दिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटर यान

ट्रेलर संलग्न मोटर यानों के संबंध में गति सीमा—

राज्य सरकार निर्धारित कर सकती है

धारा 112 का अपवाद लागू होगा—

सैनिक युद्धाभ्यास के दौरान अधिसूचित क्षेत्र में प्रयुक्त वाहन पर

धारा 112(3) में उल्लिखित अपवाद संबंधित है—

युद्धाभ्यास और खुले क्षेत्र में गोला चलाने तथा तोप दागने का अभ्यास अधिनियम, 1938

भार की सीमाएं और उपयोग किए जाने के बारे में निर्बन्धन (Limits of weight and limitations on use), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 113

राज्य सरकार परिवहन यानों के पर मिट संबंधी शर्तें किसके लिए विहित कर सकती है?

परिवहन यान

राज्य सरकार किसी क्षेत्र या मार्ग पर परिवहन यानों का उपयोग—

प्रतिषिद्ध या निर्बन्धित कर सकती है

बिना वातीय टायर वाले मोटर यान को सार्वजनिक स्थान में—

नहीं चलाया जाएगा

यदि किसी वाहन का लदान रहित भार पंजीकरण प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट भार से अधिक है तो—

वाहन नहीं चलाया जाएगा

लदान सहित भार यदि पंजीकरण प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट सकल भार से अधिक है तो—

वाहन नहीं चलाया जाएगा

उपधारा (2) या उपधारा (3)(क) के उल्लंघन की स्थिति में न्यायालय क्या उपधारणा कर सकता है?

अपराध स्वामी की जानकारी या आदेश से किया गया

यदि ड्राइवर स्वामी नहीं है और वाहन भार सीमा का उल्लंघन करता है तो—

न्यायालय स्वामी की जानकारी मान सकता है

यान तुलवाने की शक्ति (Power to have vehicle weighed), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 114

धारा 114 के अंतर्गत किस अधिकारी को वाहन तुलवाने की शक्ति है?

राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत मोटर यान विभाग का अधिकारी

अधिकारी वाहन को तुलवाने की अपेक्षा कब करेगा?

जब धारा 113 के उल्लंघन का विश्वास हो

वाहन को आगे के मार्ग पर स्थित तोलनयंत्र तक कितनी दूरी के भीतर ले जाया जा सकता है?

10 किलोमीटर

गन्तव्य स्थान से कितनी दूरी के भीतर स्थित तोलनयंत्र पर वाहन ले जाया जा सकता है?

20 किलोमीटर

अधिक भार पाए जाने पर अधिकारी क्या जारी करेगा?

लिखित आदेश

अधिक वजन उतारने का जोखिम किस पर होगा?

ड्राइवर

जब तक भार कम नहीं किया जाता, वाहन—

उस स्थान से नहीं हटाया जाएगा

लिखित आदेश देने पर अधिकारी क्या करेगा?

परमिट पर अधिक लदान का पृष्ठांकन करेगा

पृष्ठांकन का तथ्य किसे संसूचित किया जाएगा?

परमिट देने वाले प्राधिकारी को

धारा  114 कब- कब संशोधित की गयी-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 41 द्वारा (1-9-2019 से) प्रतिस्थापित

1994 के अधिनियम सं० 54 की धारा 35 द्वारा (14-11-1994 से) प्रतिस्थापित

यानों का उपयोग निर्बंधित करने की शक्ति (Power to restrict the use of vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 115

राज्य सरकार यानों के उपयोग को कब प्रतिषिद्ध या निर्बंधित कर सकती है?

सार्वजनिक सुरक्षा या सुविधा की दृष्टि से

धारा 115 के अंतर्गत प्रतिबंध किस माध्यम से लगाया जाएगा?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

प्रतिबंध किन पर लगाया जा सकता है?

किसी विनिर्दिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटर यान

प्रतिबंध लगाते समय सरकार क्या निर्दिष्ट कर सकती है?

अपवाद और शर्तें

प्रतिबंध लागू होने पर क्या लगाया जाएगा?

धारा 116 के अधीन यातायात चिह्न

यदि प्रतिबंध एक मास से अधिक लागू नहीं रहना है तो राजपत्र अधिसूचना—

आवश्यक नहीं है

एक मास से कम अवधि के प्रतिबंध की स्थिति में क्या किया जाएगा?

स्थानीय प्रचार किया जाएगा

पार्किंग-स्थल और विराम स्थल (Power to erect traffic signs), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 116

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 116 के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर यातायात चिह्न लगवाने की शक्ति किसे है?

राज्य सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत प्राधिकारी

धारा 116 के अंतर्गत यातायात चिह्न किस उद्देश्य से लगाए जा सकते हैं?

मोटर यान यातायात के विनियमन हेतु

धारा 116(1) के अनुसार गति सीमा किस धारा के अधीन निर्धारित की जाती है जिसके लिए यातायात चिह्न लगाए जा सकते हैं?

धारा 112

धारा 116 के अनुसार कुछ सड़कों को मुख्य सड़क (Main Road) के रूप में अभिहित करने की शक्ति किसे है?

राज्य सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत प्राधिकारी

राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात चिह्न लगाने, हटाने या स्थापित करने की शक्ति किसके पास है?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत अभिकरण

धारा 116 के अनुसार यदि कोई विज्ञापन या चिह्न यातायात चिह्न को दिखाई देने से रोकता है तो उसे हटाने का आदेश कौन दे सकता है?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या प्राधिकृत अभिकरण

धारा 116 के अनुसार यातायात चिह्नों का आकार, रंग और प्रकार किसके अनुसार होगा?

अनुसूची में दिए गए अनुसार

धारा 116 के अनुसार राज्य सरकार किस प्रकार का परिवर्तन यातायात चिह्नों में करने की अनुमति दे सकती है?

शब्द, अक्षर या अंक जोड़ना

धारा 116 के अनुसार पुलिस अधीक्षक से नीचे की पंक्ति के पुलिस अधिकारी को किस कार्य के लिए प्राधिकृत किया जा सकता है?

भ्रम उत्पन्न करने वाले चिह्न या विज्ञापन को हटाने के लिए

धारा 116 के अनुसार कोई व्यक्ति यातायात चिह्न के संबंध में क्या नहीं कर सकता?

उसे जानबूझकर हटाना, परिवर्तित करना या बिगाड़ना

यदि कोई व्यक्ति दुर्घटनावश यातायात चिह्न को नुकसान पहुँचा देता है, तो उसे कितने समय के भीतर पुलिस को रिपोर्ट करनी चाहिए?

24 घंटे

धारा 116 के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन के अनुरूप यातायात चिह्नों में परिवर्तन करने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 116(1क) कब जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 42 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

धारा 116(3),(7) में कब संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 42 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

 

पार्किंग-स्थल और विराम स्थल (Parking places and halting stations), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 117

पार्किंग स्थल निर्धारित करने का अधिकार किसे है?

राज्य सरकार या प्राधिकृत अधिकारी

पार्किंग स्थल निर्धारित करने से पूर्व किससे परामर्श किया जाएगा?

स्थानीय प्राधिकारी

धारा 117 के अंतर्गत मोटर यान कहाँ तक ठहर सकते हैं?

अनिश्चित या विनिर्दिष्ट समय तक

सार्वजनिक सेवा यान को विराम स्थल पर कितनी अवधि तक ठहरने की अनुमति दी जा सकती है?

उससे अधिक समय तक

धारा 117 के अंतर्गत निर्धारित स्थान किस क्षेत्र में होंगे?

संबंधित क्षेत्र में

धारा 117 में दोनों परन्तुक कब जोड़े गए-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 43 द्वारा (1-9-2019 से) "परतुक" अंतःस्थापित।

चालन विनियम (Driving regulations), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 118

मोटर यानों के चलाने के लिए विनियम बनाने का अधिकार किसे है?

केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, मोटर यानों के चलाने के लिए

यातायात चिह्नों का अनुसण करने का कर्तव्य (Duty to obey traffic signs), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 119

मोटर यान का प्रत्येक ड्राइवर किसके अनुरूप वाहन चलाएगा?

आज्ञापक यातायात चिह्न और चालन विनियम

ड्राइवर को किसके निर्देशों का पालन करना होगा?

यातायात विनियमन में लगे पुलिस अधिकारी के

"आज्ञापक यातायात चिह्न" किसमें निर्दिष्ट है?

अनुसूची के भाग

आज्ञापक यातायात चिह्न सामान्यतः किस आकार का होता है?

लाल किनारे वाली गोल डिस्क

आज्ञापक यातायात चिह्न किस प्रयोजन के लिए लगाया जाता है?

मोटर यान यातायात का विनियमन

बाईं ओर के नियंत्रण वाले यान (Vehicles with left hand control), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 120

बाईं ओर के स्टीयरिंग नियंत्रण वाले मोटर यान को सार्वजनिक स्थान में कब चलाया जा सकता है?

जब विहित यांत्रिक या विद्युत संकेतन युक्ति लगी हो और चालू हालत में हो

यदि विहित संकेतन युक्ति लगी न हो तो—

वाहन नहीं चलाया जाएगा

धारा 120 के अनुसार संकेतन युक्ति किस प्रकार की हो सकती है?

यांत्रिक या विद्युत

संकेतन युक्ति की स्थिति कैसी होनी चाहिए?

लगी हुई और चालू हालत में

संकेत और संकेतन युक्तियां (Signals and signalling devices), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 121

मोटर यान का ड्राइवर संकेत कब करेगा?

ऐसे अवसरों पर जो केन्द्रीय सरकार विहित करे

दाईं ओर मुड़ने या रोकने के आशय का संकेत किससे दिया जा सकता है (दाईं ओर के स्टीयरिंग नियंत्रण वाले यान में)?

विहित प्रकृति की यांत्रिक या विद्युत युक्ति द्वारा

बाईं ओर के स्टीयरिंग नियंत्रण वाले मोटर यान में दाएं/बाएं मुड़ने या रोकने का संकेत—

विहित प्रकृति की यांत्रिक या विद्युत युक्ति द्वारा दिया जाएगा

राज्य सरकार छूट किस आधार पर दे सकती है?

क्षेत्र या मार्ग की चौड़ाई और हालत को ध्यान में रखते हुए

राज्य सरकार छूट किस माध्यम से दे सकती है?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

राज्य सरकार द्वारा दी गई छूट—

शर्तों के अधीन होगी

यान को खतरनाक स्थिति में छोड़ना (Leaving vehicle in dangerous position), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 122

किसी मोटर यान या ट्रेलर को सार्वजनिक स्थान पर किस प्रकार नहीं छोड़ा जा सकता?

ऐसी स्थिति में जिससे खतरा, बाधा या असम्यक् असुविधा हो

धारा 122 के अनुसार जिम्मेदारी किसकी है?

भारसाधक व्यक्ति की

यदि किसी यान को ऐसी परिस्थितियों में छोड़ा जाए जिससे खतरे की संभावना हो, तो यह—

निषिद्ध है

धारा 122 किन स्थानों पर लागू होती है?

सार्वजनिक स्थान

"असम्यक् असुविधा" से आशय है—

अनुचित या अनावश्यक असुविधा

रनिंग बोर्ड आदि पर सवारी करना (Riding on running board, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 123

मोटर यान का ड्राइवर किसी व्यक्ति को कहाँ नहीं ले जाएगा?

रनिंग बोर्ड पर

ड्राइवर या भारसाधक व्यक्ति किसकी अनुज्ञा नहीं देगा?

रनिंग बोर्ड पर ले जाए जाने की

कोई व्यक्ति मोटर यान के किस भाग पर यात्रा नहीं करेगा?

रनिंग बोर्ड

धारा 123 के अनुसार यात्रा करना निषिद्ध है—

रनिंग बोर्ड, छत या बोनेट पर

यान की बॉडी के अंदर के अतिरिक्त अन्य स्थान पर ले जाना—

निषिद्ध है

पास या टिकट के बिना यात्रा करने का प्रतिषेध (Prohibition against travelling without pass or ticket), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 124

कोई व्यक्ति मंजिली गाड़ी में कब प्रवेश करेगा?

जब उसके पास समुचित पास या टिकट हो

यदि गाड़ी में टिकट देने का प्रबंध हो, तो व्यक्ति—

प्रवेश कर सकता है, पर शीघ्र किराया देगा और टिकट लेगा

“पास” से क्या अभिप्रेत है?

कर्तव्य, विशेषाधिकार या सौजन्य पास

“टिकट” में क्या शामिल है?

एकल टिकट, वापसी टिकट या सीजन टिकट

किराया किसे दिया जाएगा?

कंडक्टर या ड्राइवर (जो कंडक्टर के कृत्यों का पालन करता हो)

ड्राइवर को बाधा (Obstruction of driver), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 125

मोटर यान चलाने वाला व्यक्ति क्या अनुज्ञा नहीं देगा?

मोटर यान चलाने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी रीति से या ऐसी जगह पर किसी व्यक्ति को खड़ा रहने या बैठने अथवा किसी वस्तु को रखने की अनुज्ञा देगा जिससे यान पर अपना नियंत्रण रखने में ड्राइवर को रुकावट हो।

खड़े यान (Stationary vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 126

सार्वजनिक स्थान में यान कब खड़ा रखा जा सकता है?

जब ड्राइवर की सीट पर सम्यक् रूप से अनुज्ञप्त व्यक्ति हो

यदि ड्राइवर की सीट पर कोई अनुज्ञप्त व्यक्ति नहीं है, तो यान खड़ा रखने के लिए क्या आवश्यक है?

यांत्रिक क्रिया बंद करना और ब्रेक लगाना

धारा 126 के अनुसार दायित्व किस पर है?

मोटर यान चलाने वाला या भारसाधक

ड्राइवर की अनुपस्थिति में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि—

यान घटनावश चल सके

“सम्यक् रूप से अनुज्ञप्त” का अर्थ है—

विधिपूर्वक लाइसेंसधारी व्यक्ति

एक चालक ने वाहन ढलान पर खड़ा किया, इंजन बंद किया पर ब्रेक नहीं लगाया। वाहन लुढ़क गया। यह—

धारा 126 का उल्लंघन

सार्वजनिक स्थान पर परित्यक्त या अकेला छोड़े गए मोटर यानों का हटाया जाना (Removal of motor vehicles abandoned or left unattended on a public place), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 127

यदि कोई मोटर यान सार्वजनिक स्थान पर कितने समय तक परित्यक्त या अकेला छोड़ा गया हो, तो उसे हटाया जा सकता है?

10 घंटे या उससे अधिक

धारा 127(1) के अंतर्गत हटाने का अधिकार किसे है?

वर्दीधारी अधिकारिता प्राप्त पुलिस अधिकारी

कौन-सा उपाय धारा 127(1) के अंतर्गत वैध है?

यान अनुकर्षण सेवा द्वारा हटाना या पहिया क्लैम्पन

यदि कोई वाहन ऐसे स्थान पर खड़ा है जहाँ पार्किंग विधिक रूप से प्रतिषिद्ध है, तो—

उसे हटाने के लिए प्राधिकृत किया जा सकता है

धारा 127(2) के अंतर्गत कौन-सी स्थिति में वाहन तुरंत हटाया जा सकता है?

जब उसकी स्थिति यातायात संकट या बाधा उत्पन्न कर रही हो

कौन-सा वाहन धारा 127(2) के अंतर्गत आता है?

परित्यक्त, अकेला छोड़ा गया, टूटा हुआ, जला हुआ या आंशिक रूप से खुला हुआ वाहन

हटाने के खर्चों के लिए कौन उत्तरदायी होगा?

वाहन का स्वामी

धारा 127(3) के अनुसार स्वामी—

अनुकर्षण खर्च तथा अन्य शास्ति के लिए भी उत्तरदायी होगा

एक वाहन 12 घंटे से सड़क किनारे परित्यक्त खड़ा है। वह यातायात बाधित नहीं कर रहा। पुलिस क्या कर सकती है?

धारा 127(1) के अंतर्गत हटाने के लिए प्राधिकृत कर सकती है

ड्राइवरों और पिछली सवारियों के लिए सुरक्षा उपाय (Safety measures for drivers and pillion riders), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 128

दो पहिया मोटर साइकिल का ड्राइवर अपने अतिरिक्त कितने व्यक्तियों को ले जा सकता है?

एक से अधिक नहीं

पिछली सवारी को किस प्रकार बैठाया जाना चाहिए?

ड्राइवर की सीट के पीछे उपयुक्त सुरक्षा उपायों से दृढ़ता से लगी हुई समुचित सीट पर

यदि मोटरसाइकिल चालक दो से अधिक व्यक्तियों को बैठाता है, तो यह—

धारा 128 का उल्लंघन है

धारा 128(2) के अंतर्गत अतिरिक्त सुरक्षा उपाय विहित करने का अधिकार किसे है?

केंद्रीय सरकार

कौन-सा कथन सही है?

सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य है

एक मोटरसाइकिल चालक अपने पीछे दो व्यक्तियों को बैठाकर चला रहा है, दोनों समुचित सीट पर बैठे हैं। यह—

धारा 128 का उल्लंघन है

सुरक्षात्मक टोप का पहनना (Wearing of protective headgear), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 129

धारा 129 के अनुसार मोटर साइकिल चलाते समय या उस पर सवारी करते समय सुरक्षात्मक सिर का पहनावा पहनना किसके लिए अनिवार्य है?

चालक और सवारी दोनों के लिए (चार वर्ष से अधिक आयु)

धारा 129 के अनुसार हेलमेट पहनने का नियम किन स्थानों पर लागू होता है?

सार्वजनिक स्थान पर

धारा 129 के अनुसार सुरक्षात्मक हेलमेट के मानक कौन निर्धारित करता है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 129 के अनुसार किस समुदाय के व्यक्ति को हेलमेट पहनने से छूट दी गई है, यदि वह पगड़ी पहने हुए है?

सिख

धारा 129 के अनुसार सिख व्यक्ति को हेलमेट पहनने से छूट कब मिलती है?

जब वह पगड़ी धारण किए हुए हो

धारा 129 के अनुसार चार वर्ष से कम आयु के बालकों की सुरक्षा के लिए उपाय बनाने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 129 के अनुसार हेलमेट को सिर पर किस प्रकार सुरक्षित किया जाना चाहिए?

स्ट्रैप या अन्य बंधक से कसकर बांधना

धारा 129 के अनुसार हेलमेट की उपयोगिता किस आधार पर आंकी जाती है?

उसका आकार, सामग्री और संरचना

धारा 129 कब संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 44 द्वारा (15-2-2022 से) प्रतिस्थापित।)

अनुज्ञप्ति और रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र पेश करने का कर्तव्य (Duty to produce licence and certificate of registration), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 130

सार्वजनिक स्थान में मोटर यान का ड्राइवर किसके मांगने पर अपनी अनुज्ञप्ति पेश करेगा?

वर्दी पहने हुए पुलिस अधिकारी के

यदि अनुज्ञप्ति किसी प्राधिकारी द्वारा अभिगृहीत कर ली गई है, तो ड्राइवर क्या प्रस्तुत कर सकता है?

उस अधिकारी द्वारा जारी रसीद या अभिस्वीकृति

कंडक्टर अपनी अनुज्ञप्ति किसके मांगने पर प्रस्तुत करेगा?

मोटर यान विभाग के प्राधिकृत अधिकारी

मोटर यान का बीमा प्रमाणपत्र किसके मांगने पर प्रस्तुत किया जाएगा?

रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी या प्राधिकृत अधिकारी

परिवहन यान के मामले में अतिरिक्त कौन-से दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे?

परमिट और ठीक हालत में होने का प्रमाणपत्र

यदि दस्तावेज उस समय उपलब्ध न हों, तो कितने समय के भीतर उनकी अनुप्रमाणित फोटो प्रति प्रस्तुत की जा सकती है?

15 दिन

“बीमा प्रमाणपत्र” से अभिप्रेत है—

धारा 147(3) के अधीन जारी प्रमाणपत्र

एक ड्राइवर के पास मांग के समय लाइसेंस नहीं था, पर उसने निर्धारित अवधि में प्रस्तुत कर दिया। यह—

धारा 130 का पर्याप्त अनुपालन है

रक्षक रहित रेल समतल क्रासिंग पर कतिपय पूर्वावधानियां बरतने का ड्राइवर का कर्तव्य (Duty of the driver to take certain precautions at unguarded railway level crossing), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 131

रक्षक रहित रेल समतल क्रासिंग पर पहुंचने पर मोटर यान का ड्राइवर क्या करेगा?

यान को रोक देगा

यान रोकने के बाद ड्राइवर किसे समतल क्रासिंग तक भेज सकता है?

कंडक्टर, क्लीनर, परिचर या अन्य व्यक्ति को

समतल क्रासिंग तक भेजे गए व्यक्ति का क्या कर्तव्य है?

यह सुनिश्चित करना कि किसी भी दिशा से कोई गाड़ी या ट्रॉली नहीं रही है

यदि यान में कंडक्टर, क्लीनर, परिचर या अन्य व्यक्ति उपलब्ध न हो तो ड्राइवर क्या करेगा?

स्वयं यान से उतरकर यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी दिशा से कोई गाड़ी या ट्रॉली नहीं रही है

ड्राइवर कब मोटर यान को रक्षक रहित रेल समतल क्रासिंग से पार करेगा?

जब यह सुनिश्चित हो जाए कि किसी भी दिशा से कोई गाड़ी या ट्रॉली नहीं रही है

कुछ दशाओं में ड्राइवर का रोकने का कर्तव्य (Duty of driver to stop in certain cases), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 132

दुर्घटना की स्थिति में वर्दी पहने हुए किस अधिकारी के कहने पर ड्राइवर को यान रोकना अनिवार्य है?

उपनिरीक्षक की पंक्ति से नीचे का हो ऐसा वर्दीधारी पुलिस अधिकारी

दुर्घटना या संपत्ति को नुकसान होने पर ड्राइवर कितने समय तक यान खड़ा रख सकता है?

आवश्यक युक्तियुक्त समय तक, जो चौबीस घंटे से अधिक हो

यदि किसी पशु का भारसाधक व्यक्ति यह आशंका व्यक्त करे कि पशु अनियंत्रित हो सकता है, तो ड्राइवर क्या करेगा?

यान रोक देगा

दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति द्वारा अपना नाम और पता बताने पर ड्राइवर क्या बताएगा?

अपना नाम और पता तथा यान के स्वामी का नाम और पता

यदि कोई व्यक्ति अपना नाम-पता देकर यह कहे कि ड्राइवर ने धारा 184 के अधीन अपराध किया है, तो ड्राइवर क्या करेगा?

अपना नाम और पता बताएगा

धारा 132 में "पशु" शब्द में कौन शामिल है?

घोड़ा, होर, हाथी, ऊंट, गधा, खच्चर, भेड़ या बकरी

मोटर यान के स्वामी का जानकारी देने का कर्तव्य (Duty of owner of motor vehicle to give information), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 133

धारा 133 के अनुसार जानकारी देने का कर्तव्य किसका है?

मोटर यान के स्वामी का

स्वामी को जानकारी किसके संबंध में देनी होती है?

ड्राइवर या कंडक्टर के नाम और पते की

स्वामी को जानकारी किसके मांगने पर देनी होती है?

राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत पुलिस अधिकारी के मांगने पर

स्वामी को किस स्थिति में जानकारी देनी होती है?

जब ड्राइवर या कंडक्टर इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध में अभियुक्त हो

स्वामी को ड्राइवर या कंडक्टर की किस अतिरिक्त जानकारी देनी होती है?

उसके द्वारा धारित अनुज्ञप्ति से संबंधित जानकारी

स्वामी को कौन-सी जानकारी देनी होगी?

जो उसके पास है या जिसे वह समुचित तत्परता से अभिनिश्चित कर सकता है

दुर्घटना और किसी व्यक्ति को हुई क्षति की दशा में ड्राइवर का कर्तव्य (Duty of driver in case of accident and injury to a person), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 134

दुर्घटना में किसी व्यक्ति को क्षति होने पर ड्राइवर का प्रथम कर्तव्य क्या है?

आहत व्यक्ति को निकटतम चिकित्सा व्यवसायी या अस्पताल में ले जाकर चिकित्सीय सहायता दिलाना

क्या अस्पताल या पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी को औपचारिकताओं की प्रतीक्षा करनी चाहिए?

नहीं, बिना किसी प्रक्रिया संबंधी औपचारिकता की प्रतीक्षा किए तुरंत चिकित्सा सहायता देनी होगी

यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित न हो तो ड्राइवर को क्या करना चाहिए?

घटना की परिस्थितियों की रिपोर्ट निकटतम पुलिस थाने को यथाशीघ्र तथा हर दशा में चौबीस घंटे के भीतर देना

ड्राइवर को बीमाकर्ता को कौन-सी सूचना लिखित रूप में देनी होती है?

बीमा पॉलिसी संख्या और उसकी वैधता अवधि, दुर्घटना की तारीख, समय और स्थान, आहत या मृत व्यक्तियों की विशिष्टियां तथा ड्राइवर का नाम और उसकी चालन अनुज्ञप्ति की विशिष्टियां

धारा 134 के स्पष्टीकरण के अनुसार “ड्राइवर” में कौन शामिल है?

यान का स्वामी भी

यदि भीड़ के क्रोध या अन्य कारण से आहत व्यक्ति को अस्पताल ले जाना व्यवहार्य न हो, तो यह स्थिति किस खंड से संबंधित है?

खंड ()

नेक व्यक्ति की संरक्षा (Protection of Good Samaritans), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 134()

धारा 134(क) के अनुसार “नेक व्यक्ति” को किस प्रकार की कार्रवाई से संरक्षण दिया गया है?

सिविल और दांडिक दोनों कार्रवाई से

धारा 134(क) के अनुसार यदि दुर्घटना पीड़ित को सहायता देते समय किसी नेक व्यक्ति की उपेक्षा के कारण क्षति या मृत्यु हो जाए, तो वह—

दायी नहीं होगा

धारा 134(क) के अनुसार “नेक व्यक्ति” वह है जो दुर्घटना पीड़ित की सहायता—

सद्भावपूर्वक और स्वैच्छिक रूप से करता है

धारा 134(क) के अनुसार “नेक व्यक्ति” दुर्घटना पीड़ित को कहाँ तक पहुँचाने में सहायता कर सकता है?

अस्पताल तक

धारा 134(क) के अनुसार नेक व्यक्ति से पूछताछ या उसकी परीक्षा करने की प्रक्रिया बनाने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 134(क) के अनुसार नेक व्यक्ति द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता किस प्रकार की हो सकती है?

चिकित्सीय या गैर-चिकित्सीय दोनों

धारा 134(क) के अनुसार नेक व्यक्ति से संबंधित निजी जानकारी के प्रकटन की प्रक्रिया कौन निर्धारित कर सकता है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 134(क) के अनुसार नेक व्यक्ति को संरक्षण कब प्राप्त होगा?

जब वह सद्भावपूर्वक दुर्घटना पीड़ित की सहायता करे

धारा 134(क) कब जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 45 द्वारा (1-10-2020 से) अंतःस्थापित।)

दुर्घटना के मामलों का अन्वेषण करने और मार्गस्थ सुख-सुविधाओं आदि के लिए स्कीमें बनाना (Schemes to be framed for the investigation of accident cases and wayside amenities, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 135

धारा 135 के अनुसार स्कीमें बनाने की शक्ति किसके पास है?

राज्य सरकार और केन्द्रीय सरकार दोनों

धारा 135(1) के अनुसार राज्य सरकार स्कीमें किस माध्यम से बनाएगी?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

धारा 135 के अनुसार राजमार्गों पर किस प्रकार की सुविधाओं के लिए स्कीमें बनाई जा सकती हैं?

मार्गस्थ सुख-सुविधाएं

धारा 135 के अनुसार राजमार्गों पर किस प्रकार की चौकियों की स्थापना के लिए स्कीमें बनाई जा सकती हैं?

यातायात सहायता चौकियां

धारा 135 के अनुसार राजमार्गों पर ट्रकों के लिए किस व्यवस्था के लिए स्कीमें बनाई जा सकती हैं?

पार्किंग प्रक्षेत्र

धारा 135 के अनुसार राज्य सरकार द्वारा बनाई गई प्रत्येक स्कीम को कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा?

राज्य विधान-मंडल के समक्ष

धारा 135(1) में 2019 संशोधन द्वारा कौन-सी नई सुविधा जोड़ी गई?

जनता की सुरक्षा और सुविधा के हित में अन्य सुविधाएं

धारा 135(3) के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के कारणों के अध्ययन के लिए स्कीमें बनाने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 135(ग), (घ), (ङ) कब जोड़े गए-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 46 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

दुर्घटनाग्रस्त यान का निरीक्षण (Inspection of vehicle involved in accident), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 136

दुर्घटनाग्रस्त मोटर यान का निरीक्षण करने का अधिकार किसे है?

राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत व्यक्ति को

निरीक्षण करने से पूर्व प्राधिकृत व्यक्ति को क्या करना होगा?

अपना प्राधिकार पेश करना, यदि उससे अपेक्षा की जाए

प्राधिकृत व्यक्ति किस समय परिसर में प्रवेश कर सकता है?

किसी भी उचित समय पर

निरीक्षण के प्रयोजन से प्राधिकृत व्यक्ति क्या कर सकता है?

यान को परीक्षा के लिए वहां से ले जा सकता है

यान को जहां ले जाया गया है, उस स्थान के बारे में किसे बताया जाएगा?

यान के स्वामी को

औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यान कितने समय के भीतर लौटाया जाएगा?

चौबीस घंटे के भीतर

सड़क सुरक्षा की इलैक्ट्रानिक मानीटरी और प्रवर्तन (Electronic monitoring and enforcement of road safety), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 136()

धारा 136(क) के अनुसार सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का दायित्व किसका है?

राज्य सरकार

धारा 136(क) के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग किन सड़कों पर लागू की जा सकती है?

राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और राज्य के भीतर अन्य सड़कों पर

धारा 136(क) के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग किस प्रकार के शहरों में लागू की जा सकती है?

ऐसे नगरीय शहरों में जिनकी जनसंख्या केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा तक हो

धारा 136(क) के अनुसार सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग के लिए नियम कौन बनाएगा?

केन्द्रीय सरकार

धारा 136(क) के अनुसार सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के लिए कौन-सी तकनीक उपयोग में लाई जा सकती है?

गति मापक कैमरा, क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरा, गति मापक गन

धारा 136(क) के अनुसार कौन-सी तकनीक भी इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन में शामिल है?

शरीर पर पहने जाने वाले कैमरा

धारा 136(क) के स्पष्टीकरण के अनुसार “शरीर पर पहने जाने वाले कैमरा” क्या है?

राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के शरीर या वर्दी पर पहनी जाने वाली मोबाइल श्रव्य-दृश्य रिकॉर्डिंग युक्ति

धारा 136(क) मोटर वाहन अधिनियम में किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

2019 संशोधन

केंद्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 137

केंद्रीय सरकार, सभी बातों या उनमें से किसी का उपबंध करने के लिए नियम बना सकेगी-

ऐसे अवसर जिन पर मोटर यानों के ड्राइवरों द्वारा संकेत किए जाएंगे और धारा 121 के अधीन ऐसे संकेत:

धारा 129 के अधीन सुरक्षात्मक टोप के मानकों और सवारी करने वाले चार वर्ष से कम आयु के बालकों की सुरक्षा हेतु उपायों का उपबंध करने;]

वह रीति जिससे धारा 130 के अधीन पुलिस अधिकारी को अनुज्ञप्तियां और प्रमाणपत्र पेश किए जा सकेंगे।

राज्य सरकारों द्वारा धारा 136 की उपधारा (1) के अधीन शहरी नगरीय सीमाओं का उपबंध करना; और

धारा 136 की उपधारा (2) के अधीन इलैक्ट्रानिक मानीटरी और प्रवर्तन के लिए उपबंध करना।

धारा 137(कक) कब जोड़ी गयी-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 48 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

धारा 137(ग), (घ) कब जोड़ी गयी-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 49 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

धारा 137 के अनुसार मोटर यानों के ड्राइवरों द्वारा संकेत दिए जाने के अवसरों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

केंद्रीय सरकार

धारा 137 के अनुसार ड्राइवरों द्वारा दिए जाने वाले संकेत किस धारा के अंतर्गत विनियमित होते हैं?

धारा 121

धारा 137 के अनुसार सुरक्षात्मक टोप (Helmet) के मानकों के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

केंद्रीय सरकार

धारा 137 के अनुसार चार वर्ष से कम आयु के बालकों की सुरक्षा हेतु उपायों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है?

केंद्रीय सरकार

धारा 137 के अनुसार पुलिस अधिकारी को अनुज्ञप्ति और प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की रीति किस धारा से संबंधित है?

धारा 130

धारा 137 के अनुसार शहरी नगरीय सीमाओं के निर्धारण का उपबंध किस धारा से संबंधित है?

धारा 136()

धारा 137 के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग और प्रवर्तन के संबंध में नियम किस धारा के अंतर्गत बनाए जा सकते हैं?

धारा 136()

धारा 137 में सुरक्षात्मक टोप के मानकों से संबंधित प्रावधान किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

2019 संशोधन

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 138

धारा 138 के अनुसार राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति किन विषयों से भिन्न है?

धारा 137

धारा 138(1क) के अनुसार सड़क सुरक्षा के हित में राज्य सरकार किन यानों के क्रियाकलापों को विनियमित कर सकती है?

गैर-यांत्रिक रूप से चलने वाले यान

धारा 138(1क) के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों के संबंध में नियम बनाते समय राज्य सरकार किससे परामर्श करेगी?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण

धारा 138(1क) कब जोड़ी गयी-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 49 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

धारा 138 के अनुसार राज्य सरकार किन यानों को हटाने के लिए नियम बना सकती है?

सड़कों पर बिगड़े, खड़े छोड़े या परित्यक्त यान

धारा 138 के अनुसार राज्य सरकार किसके लगाए जाने और उपयोग के लिए नियम बना सकती है?

तोलने के यंत्र

धारा 138 के अनुसार किसके रख-रखाव और प्रबंध के लिए राज्य सरकार नियम बना सकती है?

मार्गस्थ सुख-सुविधा प्रक्षेत्र

धारा 138 के अनुसार पार्किंग स्थल और अड्डों के उपयोग के लिए क्या निर्धारित किया जा सकता है?

फीस

धारा 138 के अनुसार मोटर यान द्वारा किसके उपयोग को प्रतिबंधित किया जा सकता है?

पैदल मार्ग या पटरी मार्ग

धारा 138 के अनुसार चलते मोटर यान को पकड़ने या उस पर चढ़ने के संबंध में क्या किया जा सकता है?

प्रतिबंध लगाया जा सकता है

धारा 138 के अनुसार राज्य सरकार नियम बनाकर किसका निवारण कर सकती है?

जनता को खतरे, क्षति या क्षोभ तथा यातायात में बाधा

 

अध्याय-9

(CHAPTER-9)

अस्थायी रूप से भारत से जाने या भारत में आने वाले मोटर यान

(MOTOR VEHICLES TEMPORARILY LEAVING OR VISITING INDIA)

केंद्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 139

धारा 139(1) के अनुसार भारत से अस्थायी रूप से बाहर जाने वाले व्यक्तियों को क्या प्रदान किया जा सकता है?

यात्रा पास, प्रमाणपत्र या प्राधिकार-पत्र

धारा 139 के अनुसार भारत के बाहर से अस्थायी रूप से भारत में लाए गए मोटर यानों के उपयोग की शर्तें कौन निर्धारित करेगा?

केंद्रीय सरकार

धारा 139(1) के अनुसार भारत में अस्थायी रूप से ठहरने के लिए आने वाले व्यक्ति भारत में मोटर यान कब चला सकते हैं?

केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन

धारा 139 के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मोटर यान सेवाओं के ड्राइवरों और कंडक्टरों को क्या दिया जा सकता है?

यात्रा पास, प्रमाणपत्र या प्राधिकार-पत्र

धारा 139 के अनुसार ऐसे मोटर यानों पर क्या प्रदर्शित किया जा सकता है जो अंतरराष्ट्रीय सेवाएं प्रदान करते हैं?

रजिस्ट्रीकरण चिह्नों से भिन्न विशिष्टियां

धारा 139(2) के अनुसार खोए या विरूपित यात्रा पास या प्रमाणपत्रों का क्या किया जा सकता है?

प्रतिस्थापित किया जा सकता है

धारा 139(3) के अनुसार इस धारा के अंतर्गत बनाए गए नियमों का क्या प्रभाव नहीं होगा?

राज्य द्वारा लगाए गए मोटर यान कर से छूट देने पर

धारा 139(4) के अनुसार किस विषय से संबंधित प्रावधान कुछ मोटर यानों पर लागू नहीं हो सकते?

मोटर यानों का पंजीकरण और पहचान, मोटर यानों का निर्माण और अनुरक्षण, ड्राइवर और कंडक्टर की अर्हताएं

धारा 139 के अंतर्गत नियम मुख्यतः किस प्रकार के मोटर परिवहन से संबंधित हैं?

अंतरराष्ट्रीय सड़क परिवहन

 

अध्याय-11

(CHAPTER-11)

मोटर यानों का पर-व्यक्ति जोखिम बीमा

(INSURANCE OF MOTOR VEHICLES AGAINST THIRD PARTY RISKS)

किस संशोधन द्वारा अध्याय 11 प्रतिस्थापित किया गया?

 

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 51 द्वारा (1-4-2022 से) "अध्याय 11" प्रतिस्थापित।

अधिनियम की धारा 145 किससे सम्बंधित है?

परिभाषा खंड से

प्राधिकृत बीमाकर्ता" (authorised insurer), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

धारा 145(क) के अनुसार “प्राधिकृत बीमाकर्ता” से क्या अभिप्रेत है?

ऐसा बीमाकर्ता, जो भारत में तत्समय साधारण बीमा कारबार कर रहा है और जिसे बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण और साधारण बीमा कारबार (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972 (1972 का 57) के अधीन साधारण बीमा कारबार करने के लिए प्राधिकृत किसी सरकारी बीमा निधि द्वारा रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र मंजूर किया गया है

"बीमा प्रमाणपत्र" (certificate of insurance), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

धारा 145(क) के अनुसार “बीमा प्रमाणपत्र” से क्या अभिप्रेत है?

धारा 147 के अनुसरण में किसी प्राधिकृत बीमाकर्ता द्वारा जारी कोई प्रमाणपत्र अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत ऐसी अपेक्षाओं का, जो विहित की जाएं, अनुपालन करने वाला कवर नोट भी है, और जहां किसी पालिसी के संबंध में एक से अधिक प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं या जहां किसी प्रमाणपत्र की प्रति जारी की गई है, वहां यथास्थिति, ऐसे सभी प्रमाणपत्र या वह प्रति भी है

घोर उपहति" (grievous hurt), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 145(ग) में “घोर उपहति” का अर्थ किसके समान है?

घोर उपहति का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता की धारा 320 (भारतीय न्याय संहिता, 2023 की  धारा 116)

हिट एंड रन मोटर दुर्घटना" (hit and run motor accident), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

धारा 145(घ) के अनुसार “हिट एंड रन मोटर दुर्घटना” से क्या अभिप्रेत है?

ऐसे किसी मोटर यान या मोटर यानों के उपयोग से कारित हुई है, जिनकी पहचान इस प्रयोजन हेतु युक्तियुक्त प्रयास करने के बावजूद भी अभिनिश्चित नहीं की जा सकती

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण" (Insurance Regulatory and Development Authority), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण" से अभिप्रेत है-

 

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 के अधीन स्थापित बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण |

"बीमा पालिसी" (policy of insurance), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

"बीमा पालिसी" के अंतर्गत आते हैं-

बीमा पालिसी, के अंतर्गत बीमा प्रमाणपत्र भी आते है

संपत्ति(property), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

संपत्ति के अंतर्गत आते हैं-

संपत्तिके अंतर्गत सड़कें, पुल, पुलिया, सेतुक, स्तंभ, वृक्ष, स्तंभ, मील के पत्थर और किसी मोटर यान में वहन किए गए यात्रियों का सामान तथा माल भी आते हैं

"व्यतिकारी देश" (reciprocating country), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

व्यतिकारी देश" से ऐसा कोई देश अभिप्रेत है-

जो ऐसी व्यतिकारिता के आधार पर, जिसे केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए व्यतिकारी देश के रूप में अधिसूचित किया जाए

"पर-पक्षकार" (third party), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 145()

धारा 145(झ) के अनुसार “पर-पक्षकार” में कौन शामिल है?

"पर-पक्षकार" के अंतर्गत सरकार, किसी परिवहन यान का चालक और उसका कोई अन्य सह-कर्मकार भी है।

पर-पक्षकार जोखिमों के विरुद्ध बीमा की आवश्यकता (Necessity for insurance against third party risk), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 146

धारा 146(1) के अनुसार कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर मोटर यान का उपयोग कब कर सकता है?

जब इस अध्याय की अपेक्षाओं के अनुरूप बीमा पालिसी प्रवृत्त हो

धारा 146(1) के अनुसार किसे बीमा की आवश्यकता से अपवाद दिया गया है?

यात्री

धारा 146 के अनुसार यदि कोई वाहन खतरनाक या परिसंकटमय माल ले जा रहा है, तो अतिरिक्त रूप से किस अधिनियम के अंतर्गत बीमा आवश्यक होगा?

लोक दायित्व बीमा अधिनियम, 1991

धारा 146 के स्पष्टीकरण के अनुसार वेतन पाने वाला कर्मचारी मोटर यान चलाते समय इस धारा का उल्लंघन कब नहीं माना जाएगा?

जब उसे यह ज्ञात हो कि बीमा पालिसी प्रवृत्त नहीं है

धारा 146(2) के अनुसार किस यान पर इस धारा के उपबंध लागू नहीं होंगे?

सरकारी स्वामित्व वाला यान जो गैर-वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जा रहा हो

धारा 146(3) के अनुसार समुचित सरकार किन प्राधिकरणों के यानों को इस धारा से छूट दे सकती है?

स्थानीय प्राधिकरण, राज्य परिवहन उपक्रम, सरकार के स्वामित्व वाले यान

धारा 146(3) के अनुसार छूट देने से पहले क्या आवश्यक है?

निधि की स्थापना और उसका रख-रखाव

धारा 146(3) के स्पष्टीकरण के अनुसार “समुचित सरकार” से क्या अभिप्रेत है?

यथास्थिति केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार

यदि कोई वाहन सार्वजनिक स्थान पर बिना वैध बीमा पालिसी के चलाया जाता है, तो यह किस धारा का उल्लंघन होगा?

धारा 146

धारा 146 के अनुसार कोई व्यक्ति किस स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को वाहन उपयोग करने की अनुमति दे सकता है?

जब वैध बीमा पालिसी प्रवृत्त हो

पालिसियों की अपेक्षाएं तथा दायित्व की सीमाएं (Requirements of policies and limits of liability), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 147

धारा 147(1)(क) के अनुसार वैध बीमा पालिसी किसके द्वारा दी जानी चाहिए?

प्राधिकृत बीमाकर्ता

धारा 147(1)(ख) के अनुसार बीमा पालिसी किन व्यक्तियों को कवर करती है?

पालिसी में विनिर्दिष्ट व्यक्ति या वर्ग के व्यक्ति

धारा 147(1)(i) के अनुसार बीमा पालिसी किस स्थिति को कवर करती है?

व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक क्षति तथा पर-पक्षकार की संपत्ति को नुकसान

धारा 147(1)(ii) के अनुसार कौन बीमा कवरेज से बाहर है?

माल यान का निःशुल्क यात्री

धारा 147 के स्पष्टीकरण के अनुसार यदि दुर्घटना का कारण सार्वजनिक स्थान पर हुआ कार्य या लोप है, तो क्या दुर्घटना सार्वजनिक स्थान से संबंधित मानी जाएगी?

हाँ

धारा 147(2) के अनुसार पर-पक्षकार बीमा के लिए आधार प्रीमियम कौन निर्धारित करेगा?

केंद्रीय सरकार

धारा 147(2) के अनुसार केंद्रीय सरकार किसके परामर्श से आधार प्रीमियम निर्धारित करती है?

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण

धारा 147(3) के अनुसार बीमा पालिसी तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक कि क्या जारी न किया जाए?

बीमा प्रमाणपत्र

धारा 147(4) के अनुसार मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 से पूर्व जारी बीमा पालिसियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

वे संविदा के अधीन पूर्व निबंधनों के अनुसार जारी रहेंगी

धारा 147(5) के अनुसार यदि कवर नोट जारी होने के बाद निर्धारित समय में बीमा पालिसी जारी नहीं होती है, तो बीमाकर्ता को क्या करना होगा?

रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी या अन्य विहित प्राधिकारी को सूचित करना

धारा 147(6) के अनुसार बीमाकर्ता का दायित्व क्या है?

पालिसी में विनिर्दिष्ट व्यक्ति या वर्ग के व्यक्तियों की क्षतिपूर्ति करना

व्यतिकारी देश में जारी की गई बीमा की पालिसी की विधिमान्यता (Validity of policies of insurance issued in reciprocating countries), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 148

धारा 148 के अनुसार यह प्रावधान कब लागू होता है?

जब वाहन व्यतिकारी देश में पंजीकृत हो

धारा 148 के अनुसार यदि किसी व्यतिकारी देश में जारी बीमा पालिसी उस देश के बीमा कानून की अपेक्षाओं का पालन करती है, तो भारत में उसका क्या प्रभाव होगा?

वह इस अध्याय की अपेक्षाओं का अनुपालन करने वाली मानी जाएगी

धारा 148 के अनुसार यह प्रावधान किन देशों के बीच लागू होता है?

भारत और किसी व्यतिकारी देश के बीच

धारा 148 के अनुसार मोटर यान किस क्षेत्र में संचालित हो सकता है?

दोनों देशों के किसी सामान्य मार्ग या क्षेत्र में

धारा 148 के अनुसार यह प्रावधान किस धारा के होते हुए भी लागू होता है?

धारा 147

धारा 148 के अनुसार यह प्रावधान किन नियमों के अधीन रहेगा?

धारा 164 के अधीन बनाए गए नियम

धारा 148 के अनुसार व्यतिकारी देश में जारी बीमा पालिसी कब प्रभावी मानी जाएगी?

जब वह उस देश के बीमा कानून की अपेक्षाओं का पालन करती हो

धारा 148 के अंतर्गत बीमा पालिसी किस क्षेत्र में प्रभावी मानी जाएगी?

उस संपूर्ण मार्ग या क्षेत्र में जिसके संबंध में ठहराव किया गया है

बीमा कंपनी द्वारा निपटारा और इसके लिए प्रक्रिया (Settlement by insurance company and procedure therefor), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 149

धारा 149(1) के अनुसार दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर बीमा कंपनी क्या करेगी?

दावों के निपटारे के लिए एक अधिकारी पदाभिहित करेगी

धारा 149(1) के अनुसार बीमा कंपनी को दुर्घटना की सूचना किस माध्यम से प्राप्त हो सकती है?

दावाकर्ता से, दुर्घटना सूचना रिपोर्ट से, अन्य किसी माध्यम से

धारा 149(2) के अनुसार बीमा कंपनी द्वारा पदाभिहित अधिकारी कितने समय के भीतर दावे के निपटारे के लिए प्रस्थापना कर सकता है?

30 दिन

धारा 149(2) के अनुसार बीमा कंपनी की प्रस्थापना किसके समक्ष की जाती है?

दावा अधिकरण

धारा 149(2) के अनुसार निपटारे की प्रक्रिया किसके द्वारा विहित की जाती है?

केंद्रीय सरकार

धारा 149(3)(क) के अनुसार यदि दावाकर्ता बीमा कंपनी की प्रस्थापना स्वीकार कर लेता है, तो क्या होगा?

दावा अधिकरण समझौते का अभिलेख तैयार करेगा

धारा 149(3)(क) के अनुसार समझौते का अभिलेख प्राप्त होने के बाद बीमा कंपनी को कितने समय के भीतर भुगतान करना होगा?

30 दिन

धारा 149(3)(ख) के अनुसार यदि दावाकर्ता प्रस्थापना को अस्वीकार कर देता है, तो क्या होगा?

दावा अधिकरण सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगा

पर-व्यक्ति जोखिमों की बाबत बीमाकृत व्यक्तियों के विरुद्ध निर्णयों और पंचाटों को तुष्ट करने के बीमाकर्ता के कर्तव्य (Duty of insurers to satisfy judgments and awards against persons insured in respect of third party risks), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 150

धारा 150(1) के अनुसार यदि बीमाकृत व्यक्ति के विरुद्ध निर्णय या पंचाट प्राप्त हो जाता है, तो बीमाकर्ता क्या करेगा?

बीमाकृत राशि की सीमा तक भुगतान करेगा

धारा 150(1) के अनुसार बीमाकर्ता को भुगतान करना होगा, भले ही—

बीमाकर्ता पालिसी को शून्य या रद्द करने का हकदार हो

धारा 150(2) के अनुसार बीमाकर्ता कार्यवाही में किस आधार पर प्रतिवाद कर सकता है?

पालिसी की शर्तों का उल्लंघन, तात्विक तथ्य का अप्रकटन, प्रीमियम का भुगतान होना

धारा 150(2) के अनुसार यदि वाहन का उपयोग आयोजित दौड़ या गति परीक्षा में किया गया हो, तो यह किसका उल्लंघन माना जाएगा?

पालिसी की शर्त का

धारा 150(2) के अनुसार कौन-सा आधार बीमाकर्ता द्वारा प्रतिवाद के लिए मान्य है?

चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना, चालक शराब या मादक पदार्थ के प्रभाव में होना, पालिसी तात्विक तथ्य के मिथ्या प्रतिपादन से प्राप्त होना

धारा 150(3) के अनुसार यदि व्यतिकारी देश के न्यायालय से निर्णय प्राप्त हुआ हो, तो बीमाकर्ता की देयता—

भारत के न्यायालय के निर्णय के समान होगी

धारा 150(4) के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र जारी होने के बाद पालिसी की कुछ शर्तें किन दायित्वों के संबंध में प्रभावहीन हो सकती हैं?

धारा 147(1)() के दायित्व

धारा 150(6) के अनुसार यदि दावाकर्ता को बीमा कंपनी का नाम ज्ञात नहीं है, तो किसका कर्तव्य है जानकारी देना?

वाहन का स्वामी

धारा 150 के स्पष्टीकरण के अनुसार “पंचाट” से क्या अभिप्रेत है?

पंचाट" से दावा अधिकरण द्वारा धारा 168 के अधीन किया गया पंचाट अभिप्रेत है

धारा 150 के स्पष्टीकरण के अनुसार “दावा अधिकरण से क्या अभिप्रेत है?

दावा अधिकरण" से धारा 165 के अधीन गठित दावा अधिकरण अभिप्रेत है

धारा 150 के स्पष्टीकरण के अनुसार “पालिसी के निबंधनों के अन्तर्गत आने वाला दायित्व” से क्या अभिप्रेत है?

पालिसी के निबंधनों के अन्तर्गत आने वाला दायित्व" से ऐसा दायित्व अभिप्रेत है, जिसे पालिसी के अन्तर्गत कवर किया गया है या जो इस प्रकार कवर किया होता यदि यह तथ्य नहीं होता कि बीमाकर्ता पालिसी को परिवर्जित या रद्द किए जाने के लिए हकदार है या उसने पालिसी को परिवर्जित या रद्द कर दिया है

धारा 150 के स्पष्टीकरण के अनुसार “तात्त्विक तथ्य" और "तात्त्विक विशिष्टि से क्या अभिप्रेत है?

तात्त्विक तथ्य" और "तात्त्विक विशिष्टि" से क्रमशः यह अवधारण करने में प्रबुद्ध बीमाकर्ता के विवेक को प्रभावित करने के बारे में ऐसी प्रकति का तथ्य या विशिष्टि अभिप्रेत है कि क्या वह जो जोखिम लेगा, यदि ऐसा है तो वह कितने प्रिमियम पर और किन-किन शर्तों पर।

बीमाकृत के दिवालिया होने पर बीमाकर्ता के विरुद्ध पर-पक्षकार के अधिकार (Rights of third party against insurers on insolvency of insured), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 151

धारा 151(1) के अनुसार यदि बीमाकृत व्यक्ति दिवालिया हो जाए तो बीमाकर्ता के विरुद्ध उसके अधिकार किसे अंतरित हो जाएंगे?

पर-पक्षकार को

धारा 151(1) के अनुसार यदि बीमाकृत व्यक्ति अपने लेनदारों के साथ प्रशमन या ठहराव कर ले, तो उसके अधिकार किसे प्राप्त होंगे?

पर-पक्षकार को

धारा 151(1)(ख) के अनुसार यदि बीमाकृत व्यक्ति एक कंपनी है और कंपनी के परिसमापन का आदेश हो जाता है, तो अधिकार किसे अंतरित होंगे?

पर-पक्षकार को

धारा 151(2) के अनुसार यदि मृत ऋणी की संपदा के प्रशासन का आदेश दिया गया हो और किसी दायित्व के लिए बीमा किया गया हो, तो बीमाकर्ता के विरुद्ध अधिकार किसे प्राप्त होंगे?

ऋणदाता को

धारा 151(3) के अनुसार बीमा पालिसी की वह शर्त जो अधिकारों को परिवर्तित करने या समाप्त करने का प्रयत्न करती है, दिवालियापन की स्थिति में—

कोई प्रभाव नहीं होगा

धारा 151(4) के अनुसार अंतरण के बाद बीमाकर्ता का दायित्व किसके प्रति होगा?

पर-पक्षकार के प्रति

धारा 151(4) के अनुसार यदि बीमाकर्ता का दायित्व बीमाकृत व्यक्ति के प्रति अधिक है, तो अतिरिक्त राशि के संबंध में अधिकार किसके पास रहेगा?

बीमाकृत व्यक्ति के पास

धारा 151 उपधारा (1) के अधीन अंतरण पर, बीमाकर्ता का पर-व्यक्ति के प्रति वैसा ही दायित्व होगा जैसा वह उस बीमाकृत व्यक्ति के प्रति हुआ होता, लेकिन

यदि बीमाकर्ता का बीमाकृत व्यक्ति के प्रति दायित्व, बीमाकृत व्यक्ति के पर-व्यक्ति के प्रति दायित्व से अधिक है, तो ऐसी आधिक्य रकम की बाबत बीमाकृत व्यक्ति के बीमाकर्ता के विरुद्ध किसी अधिकार पर इस अध्याय में की गई कोई बात कोई प्रभाव नहीं डालेगी; और

यदि बीमाकृत का बीमाकृत व्यक्ति के प्रति दायित्व, बीमाकृत व्यक्ति के पर-व्यक्ति के प्रति दायित्व से कम है. तो ऐसी अतिशेष रकम की बाबत बीमाकृत व्यक्ति के बीमाकर्ता के विरुद्ध किसी अधिकार पर इस अध्याय में की किसी बात का कोई प्रभाव नहीं होगा।

बीमा के संबंध में सूचना देने का कर्तव्य (Duty to give information as to insurance), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 152

धारा 152(1) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध पर-पक्षकार द्वारा दावा किया जाता है, तो वह किस बात को बताने से इंकार नहीं कर सकता?

बीमा पालिसी का अस्तित्व और उसकी जानकारी

धारा 152(1) के अनुसार जानकारी किसके अनुरोध पर देनी होगी?

दावा करने वाले व्यक्ति या उसकी ओर से

धारा 152(1) के अनुसार व्यक्ति को किस दस्तावेज में विनिर्दिष्ट पालिसी की विशिष्टियां बतानी होंगी?

बीमा प्रमाणपत्र

धारा 152(2) के अनुसार यदि व्यक्ति दिवालिया हो जाए या कंपनी का परिसमापन हो जाए, तो सूचना देने का कर्तव्य किसका होगा?

संबंधित प्रतिनिधि, न्यासी, परिसमापक या रिसीवर का

धारा 152(3) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को यह अनुमान लगाने का युक्तियुक्त आधार हो कि उसे बीमाकर्ता के विरुद्ध अधिकार प्राप्त हो गए हैं, तो सूचना देने का कर्तव्य किसका होगा?

बीमाकर्ता का

धारा 152(4) के अनुसार सूचना देने के कर्तव्य में क्या शामिल है?

बीमा संविदा और दस्तावेजों का निरीक्षण प्रतियां देना

धारा 152 के अंतर्गत सूचना देने के कर्तव्य में कौन-कौन से दस्तावेज शामिल हो सकते हैं?

बीमा संविदा, प्रीमियम की रसीदें, अन्य संबंधित दस्तावेज

बीमाकर्ता और बीमाकृत व्यक्तियों के बीच समझौता (Settlement between insurers and insured persons), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 153

धारा 153(1) के अनुसार बीमाकर्ता द्वारा किया गया समझौता कब तक विधिमान्य नहीं होगा?

जब तक पर-व्यक्ति समझौते का पक्षकार हो

धारा 153(1) के अनुसार समझौता किस प्रकार के दावे के संबंध में किया जाता है?

धारा 147(1)() में निर्दिष्ट दायित्व के संबंध में पर-व्यक्ति का दावा

धारा 153(2) के अनुसार समझौते की जांच कौन करेगा कि वह सद्भाविक है या नहीं?

दावा अधिकरण

धारा 153(2) के अनुसार प्रतिकर किसके अनुसार दिया जाना चाहिए?

धारा 164(1) में निर्दिष्ट संदाय अनुसूची के अनुसार

धारा 153(3) के अनुसार यदि बीमाकृत व्यक्ति दिवालिया हो जाता है, तो बीमाकर्ता और बीमाकृत व्यक्ति के बीच किया गया करार किस पर प्रभाव नहीं डालेगा?

पर-व्यक्ति के अधिकारों पर

धारा 153(3) के अनुसार दिवालियापन या परिसमापन के बाद बीमाकृत व्यक्ति द्वारा किया गया अधित्यजन या समनुदेशन—

पर-व्यक्ति के अधिकारों को विफल करने के लिए प्रभावी नहीं होगा

धारा 153 के अनुसार यदि पर-व्यक्ति समझौते का पक्षकार नहीं है, तो वह समझौता—

विधिमान्य नहीं होगा

धारा 151, धारा 152, और धारा 153 के संबंध में व्यावृत्ति (Saving in respect of sections 151, 152 and 153), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 154

धारा 154(1) के अनुसार “पर-व्यक्ति के प्रति दायित्व” में किसका दायित्व शामिल नहीं होगा?

किसी अन्य बीमा पालिसी के अधीन बीमाकर्ता के रूप में उस व्यक्ति का दायित्व

धारा 154 के अनुसार “पर-व्यक्ति के प्रति दायित्व” की अवधारणा किन धाराओं के प्रयोजन के लिए प्रयुक्त होती है?

धारा 151, 152, 153

धारा 154(2) के अनुसार धारा 151, 152 और 153 के उपबंध कब लागू नहीं होंगे?

जब कंपनी का स्वैच्छिक परिसमापन पुनर्गठन या समामेलन के लिए हो

धारा 154 के अनुसार “पर-व्यक्ति के प्रति दायित्व” में कौन-सा दायित्व शामिल होगा?

बीमाकृत व्यक्ति का पर-व्यक्ति के प्रति दायित्व

धारा 154 मोटर वाहन अधिनियम के किस अध्याय से संबंधित प्रावधानों की व्यावृत्ति को स्पष्ट करती है?

मोटर वाहन बीमा से संबंधित अध्याय

कतिपय वाद हेतुकों पर मृत्यु का प्रभाव (Effect of death on certain causes of action), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 155

धारा 155 के अनुसार यह प्रावधान किस अधिनियम की धारा 306 के बावजूद लागू होता है?

भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925

धारा 155 के अनुसार यदि बीमा प्रमाणपत्र जिसके पक्ष में जारी हुआ है उसकी मृत्यु हो जाती है, तो क्या होगा?

वाद हेतुक की उत्तरजीविता समाप्त नहीं होगी

धारा 155 के अनुसार मृत्यु कब होने पर यह प्रावधान लागू होगा?

घटना घटित होने के बाद

धारा 155 के अनुसार मृत्यु होने पर वाद हेतुक किसके विरुद्ध जारी रह सकता है?

संपदा या बीमाकर्ता के विरुद्ध

धारा 155 के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र किसके पक्ष में जारी होता है?

वाहन स्वामी या बीमाकृत व्यक्ति

बीमा प्रमाणपत्र का प्रभाव (Effect of certificate of insurance), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 156

धारा 156 के अनुसार जब बीमाकर्ता बीमा प्रमाणपत्र जारी करता है, तो वह किसके संबंध में जारी किया जाता है?

बीमा की संविदा

धारा 156(क) के अनुसार यदि प्रमाणपत्र में वर्णित पालिसी बीमाकृत को नहीं दी गई है, तो क्या माना जाएगा?

प्रमाणपत्र में वर्णित विशिष्टियों के अनुरूप पालिसी दे दी गई मानी जाएगी

धारा 156(क) के अनुसार यह प्रावधान किन व्यक्तियों के बीच लागू होगा?

बीमाकर्ता और किसी अन्य व्यक्ति के बीच

धारा 156(ख) के अनुसार यदि पालिसी की वास्तविक शर्तें प्रमाणपत्र में दी गई विशिष्टियों से कम अनुकूल हों, तो किसे प्राथमिकता दी जाएगी?

प्रमाणपत्र की विशिष्टियों को

धारा 156(ख) के अनुसार यदि पालिसी और प्रमाणपत्र की शर्तों में अंतर हो, तो तीसरे व्यक्ति के लिए कौन-सी शर्तें लागू होंगी?

प्रमाणपत्र में वर्णित शर्तें

धारा 156 के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र का प्रभाव किन व्यक्तियों के बीच लागू नहीं होता?

बीमाकर्ता और बीमाकृत व्यक्ति के बीच

धारा 156 के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र में क्या वर्णित होता है?

बीमा पालिसी की विशिष्टियां

धारा 156 के अनुसार यदि पालिसी और प्रमाणपत्र में अंतर हो, तो किसके हित में प्रमाणपत्र की शर्तों को लागू किया जाएगा?

उन व्यक्तियों के हित में जो बीमाकर्ता के विरुद्ध दावा करते हैं

बीमा के प्रमाणपत्र का अंतरण (Transfer of certificate of insurance), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 157

धारा 157(1) के अनुसार जब मोटर वाहन का स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित किया जाता है, तो बीमा प्रमाणपत्र क्या माना जाएगा?

नए स्वामी के पक्ष में अंतरित माना जाएगा

धारा 157(1) के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र और पालिसी का अंतरण कब से प्रभावी माना जाएगा?

स्वामित्व के अंतरण की तारीख से

धारा 157 के स्पष्टीकरण के अनुसार समझे गए अंतरण में क्या शामिल होंगे?

बीमा प्रमाणपत्र और पालिसी के अधिकार एवं दायित्व

धारा 157(2) के अनुसार अंतरिती को बीमाकर्ता को आवेदन कितने दिनों के भीतर करना चाहिए?

14 दिन

धारा 157(2) के अनुसार आवेदन किस प्ररूप में किया जाएगा?

विहित प्ररूप में

धारा 157 के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र का अंतरण किसके साथ होता है?

मोटर वाहन के स्वामित्व के साथ

धारा 157 के अनुसार बीमाकर्ता का कर्तव्य क्या है जब अंतरिती आवेदन करता है?

बीमा प्रमाणपत्र और पालिसी में आवश्यक परिवर्तन करना

कतिपय मामलों में कतिपय प्रमाणपत्रों, अनुज्ञप्ति और अनुज्ञापत्र का पेश किया जाना (Production of certain certificates, licence and permit in certain cases), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 158

धारा 158(1) के ऐसा व्यक्ति, जो किसी सार्वजनिक स्थान पर मोटरयान चला रहा है, वर्दी पहने हुए पुलिस अधिकारी, जो इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किया गया है, द्वारा ऐसी अपेक्षा किए जाने पर मोटर यान के उपयोग के संबंध में पेश करेगा-

बीमा प्रमाणपत्र;

रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र;

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र:

चालन अनुज्ञप्ति:

परिवहन यान की दशा में, धारा 56 में निर्दिष्ट उपयुक्तता प्रमाणपत्र और अनुज्ञापत्र भी; और

इस अधिनियम के अधीन प्रदत्त किया जा सकने वाला कोई ऐसा प्रमाणपत्र या छूट का प्राधिकार।

धारा 158(1)(ङ)(च) जोड़ा गया-

2019

धारा 158(2) के अनुसार यदि दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक क्षति हो जाए और चालक दस्तावेज प्रस्तुत न करे, तो उन्हें कहाँ प्रस्तुत करना होगा?

उस पुलिस थाने में जहाँ दुर्घटना की रिपोर्ट की जाती है

धारा 158(3) के अनुसार यदि व्यक्ति सात दिनों के भीतर आवश्यक प्रमाणपत्र पुलिस थाने में प्रस्तुत कर देता है, तो क्या होगा?

उसे अपराध के लिए दोषसिद्ध नहीं ठहराया जाएगा

धारा 158(3) में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कितने दिनों की अवधि दी गई है?

7 दिन

धारा 158(4) के अनुसार वाहन स्वामी का कर्तव्य क्या है?

पुलिस अधिकारी को आवश्यक सूचना देना

धारा 158(5) के अनुसार “बीमा प्रमाणपत्र पेश करना” का क्या अर्थ है?

बीमा का सुसंगत प्रमाणपत्र या अन्य प्रमाण प्रस्तुत करना

दुर्घटना के संबंध में दी जाने वाली सूचना (Information to be given regarding accident), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 159

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट कौन तैयार करेगा?

पुलिस अधिकारी

धारा 159 के अनुसार पुलिस अधिकारी दुर्घटना सूचना रिपोर्ट कब तैयार करेगा?

अन्वेषण के दौरान

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट किस उद्देश्य से तैयार की जाती है?

दावे के निपटान को सुकर बनाने के लिए

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट कितने समय के भीतर तैयार की जानी चाहिए?

3 माह

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट किसे प्रस्तुत की जाती है?

दावा अधिकरण को

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट किस प्ररूप में तैयार की जाएगी?

विहित प्ररूप और रीति में

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट में क्या शामिल होता है?

दुर्घटना की विशिष्टियां

धारा 159 के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट दावा अधिकरण के अतिरिक्त किसे दी जा सकती है?

अन्य विहित अभिकरण

दुर्घटना में संलिप्त यान की विशिष्टियां प्रस्तुत करने का कर्तव्य (Duty to furnish particulars of vehicle involved in accident), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 160

धारा 160 के अनुसार दुर्घटना में संलिप्त वाहन की जानकारी देने का कर्तव्य किसका है?

रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी या पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी का

धारा 160 के अनुसार जानकारी किसे दी जा सकती है?

उस व्यक्ति को जो प्रतिकर का दावा करने का हकदार होने का दावा करता है, बीमाकर्ता को

धारा 160 के अनुसार दी जाने वाली जानकारी में क्या शामिल हो सकता है?

वाहन के पहचान चिह्न, वाहन की अन्य विशिष्टियां, चालक या संबंधित व्यक्ति का नाम और पता

धारा 160 के अनुसार यदि दुर्घटना में संपत्ति को नुकसान हुआ हो, तो क्या जानकारी दी जाएगी?

संपत्ति के नुकसान की जानकारी

धारा 160 के अनुसार दुर्घटना के समय वाहन का उपयोग करने वाले व्यक्ति की कौन-सी जानकारी दी जाएगी?

उसका नाम, उसका पता

हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना में प्रतिकर के विशेष उपबंध (Special provisions as to compensation in case of hit and run motor accident), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 161

धारा 161(1) के अनुसार हिट एंड रन दुर्घटनाओं में प्रतिकर के लिए उपबंध कौन करेगा?

केंद्रीय सरकार

धारा 161(2)(क) के अनुसार हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु होने पर कितनी नियत प्रतिकर राशि दी जाएगी?

₹2,00,000

धारा 161(2)(ख) के अनुसार हिट एंड रन दुर्घटना में घोर उपहति (Grievous Hurt) होने पर कितनी नियत प्रतिकर राशि दी जाएगी?

₹50,000

धारा 161(3) के अनुसार हिट एंड रन दुर्घटनाओं के लिए स्कीम कौन अधिसूचित कर सकता है?

केंद्रीय सरकार

धारा 161(3) के अनुसार स्कीम का प्रशासन कौन कर सकता है?

केंद्रीय सरकार या साधारण बीमा परिषद्

धारा 161(3) के अनुसार स्कीम में क्या निर्धारित किया जा सकता है?

प्रतिकर के लिए आवेदन का प्ररूप, आवेदन की रीति और समय, आवेदन पर विचार करने की प्रक्रिया

धारा 161(4)(क) के अनुसार स्कीम के अंतर्गत क्या प्रदान किया जा सकता है?

अंतरिम अनुतोष

(Interim Relief)

धारा 161(4)(ख) के अनुसार स्कीम के किसी उपबंध का उल्लंघन करने पर अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

2 वर्ष

धारा 161(4)(ख) के अनुसार स्कीम के उल्लंघन पर न्यूनतम जुर्माना कितना है?

₹25,000

धारा 161(4)(ख) के अनुसार स्कीम के उल्लंघन पर अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

₹5,00,000

धारा 161(4)(ग) के अनुसार स्कीम के अंतर्गत अधिकारियों की शक्तियां किसकी अनुमति से प्रत्यायोजित की जा सकती हैं?

केंद्रीय सरकार की पूर्व लिखित अनुमति से

स्वर्णिम काल के लिए स्कीम (Scheme for golden hour), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 162

धारा 162 के अनुसार सड़क दुर्घटना पीड़ितों के उपचार का प्रावधान कौन करेगा?

साधारण बीमा कंपनियां

धारा 162 के अनुसार सड़क दुर्घटना पीड़ितों के उपचार का प्रावधान किसके अनुसार किया जाएगा?

इस अधिनियम और इसके अधीन बनाई गई स्कीम के अनुसार

धारा 162 में “स्वर्णिम काल” का संबंध किससे है?

दुर्घटना के बाद प्रारंभिक महत्वपूर्ण समय

स्वर्णिम काल के दौरान दुर्घटना पीड़ितों के लिए किस प्रकार का उपचार प्रदान करने हेतु स्कीम बनाई जाएगी?

नकदी रहित उपचार

धारा 162 के अनुसार स्वर्णिम काल के दौरान उपचार हेतु स्कीम कौन बनाएगी?

केन्द्रीय सरकार

धारा 162 के अनुसार उपचार के लिए निधि (Fund) के सृजन का प्रावधान किसमें किया जा सकता है?

बनाई गई स्कीम में

धारा 162 का संबंध मुख्यतः किससे है?

दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा

धारा 162 में उल्लेखित साधारण बीमा कंपनियां किस अधिनियम से भी संबंधित हैं?

साधारण बीमा कंपनी (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972

धारा 161 के अधीन संदत्त प्रतिकर के कतिपय मामलों में प्रतिदाय (Refund in certain cases of compensation paid under section 161), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 163

धारा 163 के अनुसार धारा 161 के अधीन प्रतिकर किस शर्त के अधीन दिया जाता है?

कि यदि अन्य प्रतिकर प्राप्त हो तो समान राशि बीमाकर्ता को वापस की जाएगी

धारा 163 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को धारा 161 के अतिरिक्त अन्य विधि के अधीन प्रतिकर मिल जाता है तो क्या होगा?

धारा 161 के अधीन मिली राशि के बराबर भाग बीमाकर्ता को लौटाना होगा

धारा 163 के अनुसार प्रतिकर अधिनिर्णीत करने से पहले दावा अधिकरण या न्यायालय क्या सत्यापन करेगा?

क्या धारा 161 के अधीन पहले ही प्रतिकर दिया जा चुका है या आवेदन लंबित है

यदि धारा 161 के अधीन प्रतिकर पहले ही दिया जा चुका है तो दावा अधिकरण क्या करेगा?

बीमाकर्ता को राशि वापस करने का आदेश देगा

यदि धारा 161 के अधीन प्रतिकर के लिए आवेदन लंबित है तो दावा अधिकरण क्या करेगा?

बीमाकर्ता को अधिनिर्णीत प्रतिकर की विशिष्टियां भेजेगा

स्पष्टीकरण के अनुसार धारा 161 के अधीन आवेदन कब तक लंबित माना जाएगा यदि वह नामंजूर कर दिया गया हो?

आवेदन की नामंजूरी की तारीख तक

यदि आवेदन नामंजूर नहीं हुआ है तो धारा 163 के अनुसार वह कब तक लंबित माना जाएगा?

प्रतिकर के संदाय की तारीख तक

धारा 163 संशोधित हुआ-

2019

मृत्यु या घोर उपहति, आदि के मामले में प्रतिकर का संदाय (Payment of compensation in case of death or grevious hurt, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 164

धारा 164 के अनुसार दुर्घटना में मृत्यु होने पर कितनी राशि का प्रतिकर देय होगा?

₹5,00,000

धारा 164 के अनुसार दुर्घटना में घोर उपहति (grievous hurt) होने पर कितनी राशि का प्रतिकर देय होगा?

₹2,50,000

धारा 164 के अनुसार प्रतिकर देने के लिए कौन दायी होगा?

मोटर यान का स्वामी या प्राधिकृत बीमाकर्ता

धारा 164 के अंतर्गत प्रतिकर के दावे में दावाकर्ता को क्या सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती?

चालक की लापरवाही या दोष

धारा 164 के अंतर्गत प्रतिकर किसे दिया जाता है?

विधिक वारिसों या पीड़ित को

यदि किसी अन्य विधि के अधीन पहले ही प्रतिकर दिया जा चुका है तो धारा 164 के अनुसार क्या होगा?

पहले से दी गई राशि को घटा दिया जाएगा

धारा 164 का सिद्धांत किस प्रकार की देयता को दर्शाता है?

बिना दोष की देयता

(No Fault Liability)

धारा 164 के अंतर्गत प्रतिकर किस कारण से उत्पन्न दुर्घटना में देय होता है?

मोटर यान के उपयोग के कारण हुई दुर्घटना से

धारा 164 संशोधित हुआ-

2019

दावाकर्ताओं के लिए अंतरिम अनुतोष हेतु स्कीम (Scheme for interim relief for claimants), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 164()

धारा 164(क) के अनुसार अंतरिम अनुतोष के लिए स्कीम बनाने की शक्ति किसके पास है?

केंद्रीय सरकार

धारा 164(क) के अंतर्गत स्कीम किसके लिए बनाई जाती है?

प्रतिकर हेतु आवेदन करने वाले दावाकर्ताओं के लिए

धारा 164(क) के अनुसार स्कीम के अंतर्गत निधि की वसूली किससे की जा सकती है?

मोटर यान के स्वामी से

धारा 164(क) के अनुसार स्कीम में किस बात का भी प्रावधान होगा?

निधि के वितरण और वसूली की प्रक्रिया

धारा 164(क) के अनुसार दावा किन स्रोतों से उत्पन्न हो सकता है?

मोटर यान के उपयोग से या अन्य स्रोतों से जिन्हें केंद्रीय सरकार विहित करे

धारा 164(क) के अंतर्गत “अंतरिम अनुतोष” का अर्थ क्या है?

प्रारंभिक या अस्थायी राहत

धारा 164(क) जोड़ा गया-

2019

मोटरयान दुर्घटना निधि (Motor Vehicle Accident Fund), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 164()

धारा 164(ख) के अनुसार “मोटरयान दुर्घटना निधि” का गठन कौन करेगा?

केंद्रीय सरकार

धारा 164(ख) के अनुसार निधि में क्या जमा किया जाएगा?

केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित संदाय, अनुदान, ऋण आदि

धारा 164(ख) के अनुसार हिट एंड रन दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर प्रतिकर किसे दिया जाएगा?

मृतक के प्रतिनिधियों को

धारा 164(ख) के अनुसार प्रत्येक मामले में अधिकतम दायित्व राशि कौन निर्धारित करेगा?

केंद्रीय सरकार

धारा 164(ख) के अनुसार निधि के लेखों की संपरीक्षा कौन करेगा?

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG)

धारा 164(ख) के अनुसार निधि के लेखों की रिपोर्ट किसके समक्ष प्रस्तुत की जाएगी?

संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष

धारा 164(ख) के अनुसार निधि का प्रबंधन कौन करेगा?

केंद्रीय सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्राधिकारी या अभिकरण

धारा 164(ख) के अनुसार निधि में आय का अन्य स्रोत कौन निर्धारित करेगा?

केंद्रीय सरकार

धारा 164(ख) के अनुसार निधि के लेखों की वार्षिक विवरणी किससे परामर्श लेकर तैयार की जाएगी?

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक

धारा 164(ख) के अनुसार पूर्व में धारा 161(3) के अधीन बनी स्कीम का क्या होगा?

उसे समाप्त कर दिया जाएगा

धारा 164(ख) जोड़ा गया-

2019

केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 164()

धारा 164(ग) के अनुसार इस अध्याय के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए नियम कौन बना सकता है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 164(ग) के अनुसार बीमा पालिसी का प्ररूप और उसमें अंतर्विष्ट विशिष्टियां किस धारा से संबंधित हैं?

धारा 147(3)

धारा 164(ग) के अनुसार बीमा प्रमाणपत्र में अंतरण के तथ्य में परिवर्तन के लिए प्ररूप किस धारा के अंतर्गत निर्धारित किया जाता है?

धारा 157(2)

धारा 164(ग) के अनुसार दुर्घटना सूचना रिपोर्ट का प्ररूप और उसे प्रस्तुत करने की रीति किस धारा से संबंधित है?

धारा 159

धारा 164(ग) के अनुसार सूचना प्रस्तुत करने के प्ररूप का संबंध किस धारा से है?

धारा 160

धारा 164(ग) के अनुसार मोटर यान दुर्घटना निधि के वार्षिक लेखा विवरण का प्ररूप किस धारा के अंतर्गत निर्धारित किया जाता है?

धारा 164()(7)

धारा 164(ग) के अनुसार न्यूनतम प्रीमियम और बीमाकर्ता का अधिकतम दायित्व किस धारा से संबंधित है?

धारा 147(2)

धारा 164(ग) के अनुसार बीमा पालिसियों के संबंध में अभिलेख रखने का दायित्व किस पर होता है?

बीमाकर्ता

धारा 164(ग) के अनुसार हिट एंड रन दुर्घटनाओं में मृत्यु के लिए उच्चतर प्रतिकर राशि किस धारा से संबंधित है?

धारा 161(2)()

धारा 164(ग) के अनुसार अंतरिम अनुतोष के रूप में संदत्त की जाने वाली राशि किस धारा से संबंधित है?

धारा 161(4)()

धारा 164(ग) के अनुसार प्रतिकर के संदाय की प्रक्रिया किस धारा के अंतर्गत निर्धारित की जाती है?

धारा 164(1)

धारा 164(ग) के अनुसार मोटर यान दुर्घटना निधि में आय के अन्य स्रोत किस धारा के अंतर्गत निर्धारित किए जाते हैं?

धारा 164(1)

धारा 164(ग) के अनुसार मोटर यान दुर्घटना निधि से प्रतिकर पाने वाले व्यक्तियों का निर्धारण किस धारा से संबंधित है?

धारा 164(3)()

धारा 164(ग) जोड़ा गया-

2019

सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 164()

धारा 164(घ) के अनुसार इस अध्याय के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

राज्य सरकार

धारा 164(घ) के अनुसार राज्य सरकार किन विषयों पर नियम बना सकती है?

धारा 164 में विनिर्दिष्ट विषयों से भिन्न विषयों पर

धारा 164(घ) के अनुसार धारा 147 की किस उपधारा के अंतर्गत अन्य प्राधिकारी निर्धारित किए जा सकते हैं?

धारा 147(5)

धारा 164(घ) के अनुसार राज्य सरकार किन विषयों पर भी नियम बना सकती है?

ऐसे अन्य विषय जिनके लिए नियम बनाने की आवश्यकता हो

धारा 164(घ) की नियम बनाने की शक्ति किसकी शक्ति की व्यापकता को प्रभावित किए बिना दी गई है?

केन्द्रीय सरकार की शक्ति

धारा 164(घ) के अनुसार नियम बनाने का अधिकार किस स्तर की सरकार को दिया गया है?

राज्य सरकार

धारा 164(घ) जोड़ा गया-

2019

 

अध्याय-12

(CHAPTER-12)

दावा अधिकरण

(CLAIMS TRIBUNALS)

दावा अधिकरण (Claims Tribunals), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 165

धारा 165 के अनुसार मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का गठन कौन करता है?

राज्य सरकार

धारा 165 के अनुसार दावा अधिकरण का गठन किस माध्यम से किया जाता है?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

धारा 165 के अनुसार दावा अधिकरण किस उद्देश्य के लिए गठित किया जाता है?

दुर्घटनाओं से संबंधित प्रतिकर दावों के न्यायनिर्णयन के लिए

धारा 165 के अनुसार दावा अधिकरण किन मामलों में प्रतिकर के दावों का न्यायनिर्णयन करता है?

मोटर यान के उपयोग से मृत्यु, शारीरिक क्षति या संपत्ति को नुकसान होने पर

धारा 165 के स्पष्टीकरण के अनुसार प्रतिकर के दावे में कौन-सी धारा के अधीन दावे भी सम्मिलित हैं?

धारा 164

धारा 165 के स्पष्टीकरण के अनुसार प्रतिकर के दावे में धारा 164 के अधीन दावे भी सम्मिलित हैं, किस संशोधन द्वारा प्रतिस्थापित की गयी?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 52 द्वारा (1-4-2022 से) "धारा 140 और धारा 163" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

धारा 165 के अनुसार दावा अधिकरण में कितने सदस्य हो सकते हैं?

उतने सदस्य जितने राज्य सरकार उचित समझे

यदि दावा अधिकरण दो या अधिक सदस्यों से मिलकर बना हो तो उनमें से एक को क्या नियुक्त किया जाएगा?

अध्यक्ष

धारा 165 के अनुसार कौन व्यक्ति दावा अधिकरण का सदस्य बनने के लिए अर्ह है?

उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश या उनके रूप में नियुक्ति के लिए अर्ह व्यक्ति

यदि किसी क्षेत्र में दो या अधिक दावा अधिकरण गठित किए गए हों तो उनके बीच कार्य का वितरण कौन करेगा?

राज्य सरकार

धारा 165 के अनुसार दावा अधिकरण किन दावों का न्यायनिर्णयन करता है?

दुर्घटनाओं में प्रतिकर के दावे

प्रतिकर के लिए आवेदन (Application for compensation), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 166

धारा 166 के अनुसार प्रतिकर के लिए आवेदन कौन कर सकता है?

क्षति ग्रस्त व्यक्ति, संपत्ति का स्वामी या मृतक के विधिक प्रतिनिधि

यदि दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो प्रतिकर के लिए आवेदन कौन कर सकता है?

मृतक के सभी या किसी विधिक प्रतिनिधि

यदि प्रतिकर के आवेदन में मृतक के सभी विधिक प्रतिनिधि शामिल न हों तो क्या होगा?

आवेदन सभी विधिक प्रतिनिधियों के लाभ के लिए माना जाएगा

जो विधिक प्रतिनिधि आवेदन में शामिल नहीं हुए हैं उन्हें किस रूप में जोड़ा जाएगा?

प्रत्यर्थी (Respondent) के रूप में

यदि कोई व्यक्ति धारा 164 के अधीन प्रतिकर स्वीकार कर लेता है तो दावा अधिकरण के समक्ष उसकी दावा याचिका का क्या होगा?

व्यपगत (Abate) हो जाएगी

धारा 166(1) दूसरा परन्तुक कब जोड़ा गया?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 53 द्वारा (1-4-2022 से) अंतःस्थापित।

धारा 166 के अनुसार प्रतिकर का आवेदन किस दावा अधिकरण में किया जा सकता है?

केवल जहां दुर्घटना हुई, जहां दावाकर्ता निवास करता है, जहां प्रतिवादी निवास करता है

धारा 166(2) परंतुक" का लोप किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 53 द्वारा (1-4-2022 से)

धारा 166 के अनुसार प्रतिकर का आवेदन किस अवधि के भीतर प्रस्तुत किया जाना चाहिए?

6 महीने

धारा 166(3)  कब जोड़ा गया?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 53 द्वारा (1-4-2022 से) अंतःस्थापित।

धारा 166 के अनुसार दावा अधिकरण किस रिपोर्ट को प्रतिकर के आवेदन के रूप में मान सकता है?

धारा 159 के अधीन दुर्घटना रिपोर्ट

धारा 166 के अनुसार यदि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो प्रतिकर का अधिकार किसे प्राप्त होगा?

उसके विधिक प्रतिनिधियों को

धारा 166 के अंतर्गत आवेदन किसके द्वारा भी किया जा सकता है यदि उसे विधिवत् प्राधिकृत किया गया हो?

सम्यक् रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता

धारा 166(5)  कब जोड़ा गया?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 53 द्वारा (1-4-2022 से) अंतःस्थापित।

कतिपय मामलों में प्रतिकर के लिए दावों के बारे में विकल्प (Option regarding claims for compensation in certain cases), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 167

धारा 167 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक क्षति के लिए दो अधिनियमों के अंतर्गत प्रतिकर का दावा बनता है, तो वह किसके अंतर्गत दावा कर सकता है?

दोनों में से किसी एक अधिनियम के अंतर्गत

धारा 167 के अनुसार एक ही दुर्घटना के लिए प्रतिकर का दावा कितने अधिनियमों के अंतर्गत किया जा सकता है?

केवल एक अधिनियम के अंतर्गत

धारा 167 में किस अन्य अधिनियम का उल्लेख किया गया है?

कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, 1923

धारा 167 के अनुसार विकल्प किसे दिया गया है?

प्रतिकर पाने के हकदार व्यक्ति को

धारा 167 के अनुसार विकल्प का प्रयोग किस स्थिति में होता है?

जब दुर्घटना से मृत्यु या शारीरिक क्षति हुई हो

धारा 167 के अनुसार दोनों अधिनियमों के अंतर्गत दावा करने की अनुमति क्यों नहीं है?

क्योंकि कानून इसकी अनुमति नहीं देता

धारा 167 के अनुसार प्रतिकर का दावा किस अध्याय के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना किया जाएगा?

अध्याय X

धारा 167 के अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति ने एक अधिनियम के अंतर्गत दावा कर दिया है तो वह दूसरे अधिनियम के अंतर्गत क्या कर सकता है?

दावा नहीं कर सकता

दावा अधिकरणों का अधिनिर्णय (Award of the Claims Tribunal), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 168

धारा 168 के अनुसार प्रतिकर के आवेदन की जांच कौन करता है?

दावा अधिकरण

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण प्रतिकर का अधिनिर्णय करने से पहले किसे सूचना देता है?

बीमाकर्ता को

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण किन्हें सुनवाई का अवसर देता है?

सभी पक्षकारों को (जिसमें बीमाकर्ता भी शामिल है)

धारा 163 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अधिनिर्णय देगा जिसमें प्रतिकर की उतनी रकम अवधारित होगी, जितनी उसे न्यायसंगत प्रतीत होती है तथा वह व्यक्ति या वे व्यक्ति विनिर्दिष्ट होंगे जिन्हें प्रतिकर दिया जाएगा, और अधिनिर्णय देते समय दावा अधिकरण वह रकम विनिर्दिष्ट करेगा जो -

बीमाकर्ता द्वारा या उस यान के जो दुर्घटना में अंतर्ग्रस्त था, स्वामी या ड्राइवर द्वारा, अथवा उन सब या उनमें से किसी के द्वारा दी जाएगी:

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण धारा 163 के उपबंधों के अधीन रहते हुए अधिनिर्णय देगा, किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 54 द्वारा (1-4-2022 से)

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण प्रतिकर की कितनी राशि निर्धारित करेगा?

जो उसे न्यायसंगत प्रतीत हो

धारा 168 के अनुसार प्रतिकर की राशि कौन दे सकता है?

बीमाकर्ता, वाहन का स्वामी या चालक

धारा 168(1) “परंतुक" का लोप किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 54 द्वारा (1-4-2022 से)

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण अधिनिर्णय की प्रतियां कितने समय के भीतर संबंधित पक्षकारों को प्रदान करेगा?

15 दिन

धारा 168 के अनुसार अधिनिर्णीत राशि जमा करने की समय सीमा क्या है?

30 दिन

धारा 168 के अनुसार अधिनिर्णीत राशि किसके द्वारा जमा की जाती है?

वह व्यक्ति जिससे अधिनिर्णय के अनुसार भुगतान अपेक्षित है

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण को प्रतिकर निर्धारित करते समय किन उपबंधों के अधीन रहना होता है?

धारा 163

धारा 168 के अनुसार दावा अधिकरण अधिनिर्णय में क्या स्पष्ट करता है?

प्रतिकर की राशि और उसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति

दावा अधिकरणों की प्रक्रिया और शक्तियां (Procedure and powers of Claims Tribunals), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 169

धारा 169(1) के अनुसार दावा अधिकरण जांच करते समय किस प्रकार की प्रक्रिया का अनुसरण करता है?

संक्षिप्त प्रक्रिया

धारा 169(2) के अनुसार दावा अधिकरण को साक्ष्य लेने की कौन-सी शक्ति प्राप्त है?

शपथ पर साक्ष्य लेना

धारा 169(2) के अनुसार दावा अधिकरण को साक्षियों को क्या करने की शक्ति होती है?

साक्षियों को हाजिर कराना

धारा 169(2) के अनुसार दावा अधिकरण को दस्तावेजों और भौतिक वस्तुओं के संबंध में क्या शक्ति होती है?

उनका प्रकटीकरण और पेशी कराने की

धारा 169(2) के अनुसार दावा अधिकरण को किन प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय माना जाएगा?

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 195 और अध्याय 26 के प्रयोजनों के लिए

(भारतीय न्याय संहिता की धारा 215 और अध्याय 26 के प्रयोजनों के लिए)

धारा 169(3) के अनुसार दावा अधिकरण जांच में सहायता के लिए किसे चुन सकता है?

विशेष ज्ञान रखने वाले एक या अधिक व्यक्तियों को

धारा 169(4) के अनुसार अधिनिर्णय के प्रवर्तन के लिए दावा अधिकरण को किसकी शक्तियां प्राप्त होती हैं?

सिविल न्यायालय की

धारा 169(4) के अनुसार दावा अधिकरण के अधिनिर्णय को किसके समान माना जाएगा?

सिविल वाद में पारित धन के संदाय के लिए डिक्री

धारा 169 के अंतर्गत दावा अधिकरण को कौन-सी शक्तियां दी गई हैं

सिविल न्यायालय की विभिन्न शक्तियां

धारा 169(4) को मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा कब से लागू किया गया?

1 अप्रैल 2022

कतिपय मामलों में बीमाकर्ता को पक्षकार बनाया जाना  (Impleading insurer in certain cases), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 170

धारा 170 के अनुसार दावा अधिकरण बीमाकर्ता को कब पक्षकार बना सकता है?

जब दावा करने वाले और प्रतिवादी के बीच दुरभिसंधि हो या प्रतिवादी दावा का विरोध करे

धारा 170 के अनुसार बीमाकर्ता को पक्षकार बनाने से पहले दावा अधिकरण क्या करता है?

कारणों को लेखबद्ध करता है

धारा 170 के अनुसार यदि दावा करने वाले और प्रतिवादी के बीच क्या हो तो बीमाकर्ता को पक्षकार बनाया जा सकता है?

दुरभिसंधि

(Collusion)

धारा 170 के अनुसार बीमाकर्ता दावे का विरोध किन आधारों पर कर सकता है?

उन सभी आधारों पर जो प्रतिवादी को उपलब्ध हैं

धारा 170 के अनुसार बीमाकर्ता के अधिकार किस धारा के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होते हैं?

धारा 150(2)

धारा 170 के अंतर्गत बीमाकर्ता को पक्षकार बनाने का अधिकार किसके पास होता है?

दावा अधिकरण

मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा धारा 170 में किस धारा को प्रतिस्थापित किया गया?

धारा 150

जहां दावा मंजूर किया गया है वहां ब्याज दिलाना (Award of interest where any claim is allowed), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 171

धारा 171 के अनुसार ब्याज देने का आदेश कौन दे सकता है?

दावा अधिकरण

जहां कोई दावा अधिकरण इस अधिनियम के अधीन किए गए प्रतिकर के दावे को मंजूर करता है वहां ऐसा अधिकरण यह निदेश दे सकेगा कि-

प्रतिकर की रकम के अतिरिक्त उतनी दर से तथा उस तारीख से जो दावा करने की तारीख से पहले की होगी, जिसे वह इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे, साधारण ब्याज भी दिया जाए।

कतिपय मामलों में प्रतिकरात्मक खर्चे दिलाना (Award of compensatory costs in certain cases), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 172

धारा 172 के अनुसार विशेष खर्चे दिलाने का आदेश कौन दे सकता है?

दावा अधिकरण

धारा 172(1) के अनुसार बीमा पॉलिसी कब शून्य मानी जा सकती है?

जब बीमा पॉलिसी मिथ्या तथ्य के व्यपदेशन से प्राप्त की गई हो

धारा 172 के अनुसार विशेष खर्चे का आदेश कब दिया जा सकता है?

जब किसी पक्षकार या बीमाकर्ता ने मिथ्या या तंग करने वाला दावा या प्रतिवाद पेश किया हो

धारा 172 के अनुसार अधिकरण को आदेश देते समय क्या करना होता है?

कारणों को लेखबद्ध करना

धारा 172(1) के अनुसार विशेष खर्चे किसे दिए जा सकते हैं?

बीमाकर्ता या उस पक्षकार को जिसके विरुद्ध मिथ्या दावा या प्रतिवाद किया गया

धारा 172(2) के अनुसार विशेष खर्चों की अधिकतम राशि कितनी हो सकती है?

₹1000

धारा 172(3) के अनुसार विशेष खर्चों का आदेश दिए जाने पर क्या व्यक्ति आपराधिक दायित्व से मुक्त हो जाता है?

नहीं

धारा 172(4) के अनुसार प्रतिकर के रूप में दी गई राशि का क्या प्रभाव होगा?

उसे भविष्य में प्रतिकर के संबंध में नुकसानी के वाद में गणना में लिया जाएगा

धारा 172 के अनुसार प्रतिकरात्मक खर्चे का आदेश किस स्थिति में दिया जा सकता है?

जब दुर्व्यपदेशन या मिथ्या दावा किया गया हो

धारा 172 के अनुसार प्रतिकरात्मक खर्चे किस प्रकार के खर्चे होते हैं?

विशेष खर्चे

अपीलें (Appeals), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 173

धारा 173(1) के अनुसार अपील करने की समय सीमा कितनी है?

90 दिन

उच्च न्यायालय अपील ग्रहण करने से पहले अपीलार्थी से क्या वसूलेगा?

पचास प्रतिशत या ₹25,000, जो भी कम हो

धारा 173(1) में अपील की समय सीमा क्यों बढ़ाई जा सकती है?

अगर अपीलकर्ता उचित कारण से समय पर अपील नहीं कर पाया

धारा 173(2) के अनुसार, अपील किस स्थिति में नहीं होगी?

जब अपील में विवादग्रस्त रकम ₹1,00,000 से कम हो

धारा 173(2) के अंतर्गत दस हजार शब्दों के स्थान पर ₹1,00,000 प्रतिस्थापित किया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 57 द्वारा (1-4-2022 से)

धारा 173 के अनुसार अपील केवल किस न्यायालय में की जा सकती है?

उच्च न्यायालय

उच्च न्यायालय अपील तभी स्वीकार करेगा जब अपीलार्थी क्या करे?

वांछित शुल्क या धनराशि जमा करे

धारा 173 में अपील करने का अधिकार किन्हें है?

कोई भी व्यक्ति जो दावा अधिकरण के निर्णय से व्यथित है

धारा 173 में उच्च न्यायालय कितने प्रतिशत राशि या अधिकतम ₹25,000 के भुगतान पर अपील स्वीकार करेगा?

50%

बीमाकर्ता से धनराशि की वसूली भू-राजस्व की बकाया के रूप में करना (Recovery of money from insurer as arrear of land revenue), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 174

धारा 174 के अनुसार, जब कोई व्यक्ति किसी अधिनिर्णय के अंतर्गत राशि देय हो, तो क्या किया जाएगा?

दावा अधिकरण प्रमाणपत्र कलक्टर को भेज सकेगा

धारा 174 के तहत कलक्टर धनराशि वसूल करने में किस रूप में कार्य करेगा?

भू-राजस्व की बकाया के रूप में

धारा 174 में दावा अधिकरण धनराशि वसूली के लिए किससे आवेदन प्राप्त करेगा?

उस व्यक्ति से जो रकम का हकदार है

धारा 174 में राशि वसूल करने की प्रक्रिया किसके अनुसार होगी?

भू-राजस्व वसूली की प्रक्रिया

धारा 174 में वसूली का प्रमाणपत्र किसके द्वारा भेजा जाएगा?

दावा अधिकरण

धारा 174 के अनुसार धनराशि का भुगतान कौन करेगा?

बीमाकर्ता

धारा 174 के तहत धनराशि वसूली भू-राजस्व की तरह क्यों की जाती है?

वसूली की प्रक्रिया तेज़ और प्रभावी हो

सिविल न्यायालयों की अधिकारिता का वर्जन (Bar on jurisdiction of Civil Courts), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 175

धारा 175 के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में दावा अधिकरण गठित है, तो सिविल न्यायालय क्या कर सकता है?

प्रतिकर के किसी दावे से संबंधित कोई प्रश्न ग्रहण नहीं कर सकता

धारा 175 के अंतर्गत सिविल न्यायालय दावा अधिकरण के क्षेत्र में किस प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकता?

न्यायनिर्णय, व्यादेश मंजूर करना

क्या सिविल न्यायालय दावा अधिकरण की कार्रवाई के संबंध में व्यादेश जारी कर सकता है?

नहीं, धारा 175 के अनुसार नहीं

धारा 175 किन मामलों में सिविल न्यायालय की अधिकारिता को सीमित करती है?

प्रतिकर के दावों और दावा अधिकरण द्वारा की जाने वाली कार्रवाई में

धारा 175 के अनुसार, किस क्षेत्र में सिविल न्यायालय की अधिकारिता पूरी तरह नष्ट होती है?

जिस क्षेत्र में दावा अधिकरण गठित किया गया है

धारा 175 सिविल न्यायालयों के अधिकार को किन्हीं मामलों में बढ़ाता है या घटाता है?

घटाता है

यदि कोई सिविल न्यायालय धारा 175 का उल्लंघन करता है, तो उसका क्या नतीजा होगा?

वह व्यावहारिक रूप से अमान्य होगा

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 176

धारा 176 के अंतर्गत नियमों में क्या शामिल किया जा सकता है?

प्रतिकर के दावों के लिए आवेदन का प्ररूप और उसमें अंतर्विष्ट विशिष्टियां, दावा अधिकरण द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया, अपील के लिए प्रारूप, रीति और फीस

धारा 176 के अनुसार, नियमों में किस बात का उल्लेख किया जा सकता है?

सिविल न्यायालय में निहित शक्तियां जिनका दावा अधिकरण प्रयोग कर सके

धारा 176 के अंतर्गत राज्य सरकार किस विषय पर नियम नहीं बना सकती?

हिट एंड रन मामलों में प्रतिकर राशि निर्धारित करना

धारा 176 के अनुसार राज्य सरकार नियम बनाने में कितनी स्वतंत्रता रखती है?

धारा 165 से धारा 174 तक के सभी उपबंधों के लिए

धारा 176 के अंतर्गत "कोई अन्य बात" किसका संदर्भ देती है?

किसी भी नए प्रावधान का, जिसे राज्य सरकार नियमों में शामिल कर सके

धारा 176 के अनुसार नियमों में आवेदन से संबंधित कौन सी चीज़ें शामिल की जा सकती हैं?

प्ररूप, विशिष्टियां, फीस

धारा 176 के नियमों में अपील से संबंधित क्या व्यवस्था की जा सकती है?

अपील की प्रक्रिया और प्रारूप, अपील के लिए आवश्यक फीस, अपील दायर करने की समय-सीमा

 

अध्याय-13

(CHAPTER-13)

अपराध, शास्तियां और प्रक्रिया

(OFFENCES, PENALTIES AND PROCEDURE)

अपराधों के दण्ड के लिए साधारण उपबंध (General provision for punishment of offences), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 177

धारा 177 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम या उसके नियमों का उल्लंघन करता है और उस अपराध के लिए कोई विशेष दंड निर्धारित नहीं है, तो प्रथम अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

500 रुपए

धारा 177 के अंतर्गत एक सौ रुपए" शब्दों के स्थान पर 500 रुपए प्रतिस्थापित किया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 58 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 177 के अनुसार किसी द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

1,500 रुपए

धारा 177 के अंतर्गत "तीन सौ रुपए" शब्दों के स्थान पर 1,500 रुपए प्रतिस्थापित किया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 58 द्वारा (1-9-2019 से) "तीन सौ रुपए" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।)

धारा 177 में उल्लिखित दंड किस स्थिति में लागू होगा?

जब अपराध के लिए कोई विशेष दंड उपबंधित नहीं हो

धारा 177 के तहत प्रथम अपराध के लिए जुर्माने की अधिकतम राशि किस वर्ष के अधिनियम संशोधन में 500 रुपए निर्धारित हुई?

2019

धारा 177 के अनुसार, जुर्माना किस आधार पर बढ़ाया जाता है?

अपराध की संख्या (द्वितीय या पश्चात्वर्ती)

धारा 118 के अधीन विनियमों के उल्लंघन के लिए शास्ति (Penalty for contravention of regulations under section 118), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 177()

धारा 177(क) के अनुसार धारा 118 के अधीन बनाए गए विनियमों का उल्लंघन करने पर अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

1,000 रुपए

धारा 177(क) के अनुसार धारा 118 के अधीन विनियमों के उल्लंघन के लिए न्यूनतम जुर्माना कितना निर्धारित किया गया है?

500 रुपए

धारा 177(क) के तहत निर्धारित दंड किस वर्ष के संशोधन में अंतःस्थापित किया गया था?

2019

पास या टिकट के बिना यात्रा करने और कंडक्टर द्वारा कर्तव्य की अवहेलना के लिए तथा ठेका गाड़ी आदि के चलाने से इंकार करने के लिए शास्ति आदि (Penalty for travelling without pass or ticket and for dereliction of duty on the part of conductor and refusal to ply contract carriage, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 178

धारा 178 के अनुसार बिना पास या टिकट यात्रा करने पर अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

500 रुपए

धारा 178 के अनुसार कंडक्टर या ड्राइवर द्वारा टिकट न देने या गलत टिकट देने पर अधिकतम जुर्माना क्या है?

500 रुपए

ठेका गाड़ी के परमिट धारक या ड्राइवर द्वारा मोटर यानों को चलाने या यात्रियों को ले जाने से इंकार करने पर जुर्माना किस प्रकार निर्धारित है?

केवल 2-पहिया या 3-पहिया वाहनों के लिए 50 रुपए, अन्य वाहनों के लिए 500 रुपए

धारा 178 में "पास" और "टिकट" के अर्थ कहाँ पर निर्धारित हैं?

धारा 124

यदि कंडक्टर जानबूझकर कम मूल्य का टिकट देता है, तो धारा 178 के अनुसार दंड क्या है?

जुर्माना 500 रुपए तक

धारा 178 के अंतर्गत जुर्माने का अधिकतम दायित्व मोटर यानों के प्रकार पर निर्भर करता है। सही विकल्प चुनिए:

दो/तीन पहिए वाले वाहनों के लिए 50 रुपए, अन्य वाहनों के लिए 500 रुपए

धारा 178 के अंतर्गत किसी कंडक्टर/ड्राइवर द्वारा अवैध टिकट देने पर जुर्माना क्या है?

500 रुपए

धारा 178(3)(ख) के अंतर्गत "दो सौ रुपए" शब्दों के स्थान पर 500 रुपए प्रतिस्थापित किया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 60 द्वारा (1-9-2019 से)

आदेशों की अवज्ञा, बाधा डालना और जानकारी देने से इंकार करना (Disobedience of orders, obstruction and refusal of information), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 179

धारा 179 के उपधारा (1) के अनुसार किसी आदेश की अवज्ञा या बाधा डालने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?

2,000 रुपए

धारा 179 के उपधारा (2) के अनुसार जानबूझकर गलत जानकारी देने या जानकारी देने से इंकार करने पर दंड क्या हो सकता है?

कारावास (अधिकतम 1 माह) या जुर्माना (अधिकतम 2,000 रुपए) या दोनों

धारा 179 के तहत जुर्माना तब लागू होता है जब:

अपराध के लिए कोई अन्य दंड पहले से नहीं निर्धारित हो

धारा 179 में उल्लिखित दंड में जुर्माना और कारावास का संयोजन किस स्थिति में लागू हो सकता है?

जब जानकारी देने में जानबूझकर रोड़ा डाला गया हो या गलत जानकारी दी गई हो

धारा 179 (1), (2)के अंतर्गत पांच सौ रुपए शब्दों के स्थान पर 2,000 रुपए प्रतिस्थापित किया -

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 61 द्वारा (1-9-2019 से)

अप्राधिकृत व्यक्तियों को यान चलाने की अनुज्ञा देना (Allowing unauthorised persons to drive vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 180

धारा 180 के अनुसार किसी अप्राधिकृत व्यक्ति को यान चलाने की अनुमति देने पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

3 माह

धारा 180 के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

5,000 रुपए

धारा 180 के अनुसार दंड किसके खिलाफ लागू होता है?

केवल मोटर यान के भारसाधक व्यक्ति या स्वामी

धारा 180 में उल्लिखित दंड में कौन-कौन से विकल्प शामिल हैं?

कारावास, जुर्माना या दोनों

धारा 180 के अनुसार, कौन व्यक्ति अप्राधिकृत माना जाएगा?

जो धारा 3 या धारा 4 के उपबन्धों की पूर्ति नहीं करता

धारा 180 के अंतर्गत "एक हजार रुपए तक का हो सकेगा शब्दों के स्थान पर 5,000 रुपए प्रतिस्थापित किया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 62 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 3 या धारा 4 के उल्लंघन में यानों को चलाना (Driving vehicles in contravention of section 3 or section 4), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 181

धारा 181 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

3 माह

धारा 181 के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

5,000 रुपए

धारा 181 के अंतर्गत पांच सौ रुपए तक का हो सकेगाशब्दों के स्थान पर 5,000 रुपए प्रतिस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 63 द्वारा (1-9-2019 से)

अनुज्ञप्ति संबंधी अपराध (Offences relating to licences), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 182

धारा 182 के अंतर्गत मोटर यान का स्वामी या चालक किस स्थिति में दंडनीय होगा?

जब वह चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने या प्राप्त करने के लिए अनाधिकृत रूप से यान चलाए या आवेदन/अधिग्रहण करे

धारा 182 के अंतर्गत मोटर चालक के लिए अधिकतम कारावास कितने समय का है?

3 माह

धारा 182 के अंतर्गत मोटर चालक के लिए अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

10,000 रुपए

यदि कोई व्यक्ति पृष्ठांकन रहित चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करता है या उसे प्राप्त करता है, तो उसकी अनुज्ञप्ति का क्या परिणाम होगा?

प्रभावहीन होगी

धारा 182 के उपधारा (2) के अंतर्गत कंडक्टर अनुज्ञप्ति का उल्लंघन करने पर अधिकतम कारावास अवधि कितनी है?

1 माह

धारा 182 के उपधारा (2) के अंतर्गत कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

10,000 रुपए

धारा 182 में उल्लिखित दंड किसके खिलाफ लागू होगा?

अनाधिकृत रूप से चालन-अनुज्ञप्ति या कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण करने या आवेदन करने वाले सभी व्यक्ति

धारा 182 (1), (2)  के अंतर्गत पांच सौ रुपए तक का हो सकेगाशब्दों के स्थान पर 10,000 रुपए प्रतिस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 64 द्वारा (1-9-2019 से)

मोटर यानों और उनके संघटकों के संनिर्माण, रखरखाव, विक्रय और परिवर्तन से संबंधित अपराधों के लिए दंड (Punishment for offences relating to construction, maintenance, sale and alteration of motor vehicles and components), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 182()

धारा 182(क)(1) के अनुसार कौन अपराधी होगा?

मोटर यान का विनिर्माता, आयातकर्ता या ब्यौहारी जो अध्याय 7 या नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन बेचता/परिदान करता है

धारा 182(क)(1) के तहत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

1 वर्ष

धारा 182(क)(1) में प्रत्येक मोटर यान के लिए अधिकतम जुर्माना कितना है?

₹1,00,000

धारा 182(क)(1) में किस परिस्थिति में अपराधी सिद्धदोष नहीं ठहराया जाएगा?

यदि उसने उल्लंघन के समय अन्य पक्षकारों को पूरी जानकारी दे दी हो

धारा 182(क)(2) के अनुसार यदि कोई निर्माता नियमों और विनियमों का पालन नहीं करता है तो दंड क्या है?

कारावास 1 वर्ष या जुर्माना ₹1,00,00,000 या दोनों

धारा 182(क)(3) के अनुसार यदि कोई सुरक्षा संघटक का विक्रय नियमों के विरुद्ध करता है, तो दंड क्या है?

कारावास 1 वर्ष या प्रत्येक संघटक के लिए ₹1,00,000 जुर्माना या दोनों

धारा 182(क)(4) के अनुसार यदि कोई मोटर यान का मालिक बिना अनुमति वाहन का पुर्जों में परिवर्तन करता है, तो दंड क्या है?

कारावास 6 महीने या प्रत्येक परिवर्तन के लिए ₹5,000 जुर्माना या दोनों

धारा 182(क) के तहत “प्रस्थापना” शब्द का अर्थ है:

किसी बदलाव/परिवर्तन के लिए योजना या व्यवस्था करना

धारा 182(क) प्रतिस्थापित की गयी-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 65 द्वारा (1-9-2019 से) प्रतिस्थापित।

धारा 62() के उल्लंघन के लिए दंड (Punishment for contravention of section 62A), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 182()

धारा 182(ख) किसका उल्लंघन करने पर लागू होती है?

धारा 62 के उपबंधों का उल्लंघन

धारा 182(ख) के तहत अपराधी को क्या दंड भुगतना पड़ सकता है?

जुर्माना ₹5,000 से ₹10,000 तक

धारा 182(ख) प्रतिस्थापित की गयी-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 65 द्वारा (1-9-2019 से) प्रतिस्थापित।

अत्यधिक गति आदि से चलाना (Driving at excessive speed, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 183

धारा 183 के तहत किस प्रकार का उल्लंघन दंडनीय है?

धारा 112 में निर्दिष्ट गति-सीमा का उल्लंघन करके मोटर यान चलाना

हल्का मोटर यान अत्यधिक गति पर चलाने पर न्यूनतम जुर्माना कितना है?

₹1,000

हल्का मोटर यान अत्यधिक गति पर चलाने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?

₹2,000

मध्यम या भारी मोटर यान अत्यधिक गति पर चलाने पर न्यूनतम जुर्माना कितना है?

₹2,000

मध्यम या भारी मोटर यान अत्यधिक गति पर चलाने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?

₹4,000

धारा 183 के तहत दोष सिद्ध करने के लिए क्या आवश्यक है?

साक्ष्य किसी यांत्रिक या इलेक्ट्रानिक युक्ति से आधारित प्राक्कलन पर होना चाहिए

यदि कोई समय सारणी प्रकाशित करता है और यात्री या वाहन चालक उसे पालन करता है, तो उसका क्या परिणाम होगा?

प्रथमदृष्ट्या साक्ष्य माना जाएगा कि अपराध हुआ है

धारा 183 के तहत दूसरे या पश्चातवर्ती अपराध में क्या कार्रवाई होती है?

चालक की चालन अनुज्ञप्ति धारा 206 के अनुसार परिबद्ध कर दी जाती है

धारा 183 में “अत्यधिक गति” के साक्ष्य के लिए किस प्रकार की युक्ति स्वीकार्य है?

यांत्रिक या इलेक्ट्रानिक युक्ति

धारा 183(1) संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 66 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित

धारा 183(2) का लोप किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 66 द्वारा (1-9-2019 से) उपधारा (2) का लोप किया गया।

धारा 183(3) संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 66 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित

धारा 183(4) संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 66 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित

खतरनाक तरीके से मोटर यान चलाना (Driving dangerously), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 184

धारा 184 के अनुसार ‘जो यान के अधिभोगियों, अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं और सड़कों के निकट व्यक्तियों को चेतावनी या संकट का बोध कराता है’, संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 67 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 184 के तहत प्रथम अपराध पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी हो सकती है?

एक वर्ष तक की हो सकेगी किंतु जो छह मास से कम की नहीं होगी या ऐसे जुर्माने से, जो एक हजार रुपए से कम नहीं होगा किन्तु पांच हजार रुपए तक हो सकेगा या दोनों से

धारा 184 के तहत प्रथम अपराध संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 67 द्वारा (1-9-2019 से)

द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध के लिए अधिकतम कारावास कितनी अवधि तक हो सकती है, यदि पूर्ववर्ती अपराध तीन वर्ष के भीतर किया गया हो?

जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा], अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।

धारा 184 के तहत "जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित “दस हजार रुपए तक का हो सकेगा"-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 67 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 184 में “खतरनाक तरीके” में किस प्रकार की क्रियाएँ शामिल हैं?

लाल बत्ती को पार करना, स्टॉप साइन का उल्लंघन करना, हाथ में रखी मोबाइल या सूचना युक्तियों का प्रयोग

धारा 184 के अनुसार किस तरह का वाहन चलाना “खतरनाक तरीके” में आएगा?

बहुत धीमी गति से वाहन चलाना, जब वह जनता या अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए खतरनाक हो

धारा 184 के तहत किस प्रकार का अपराध “प्रथम दृष्ट्या” खतरनाक माना जाएगा?

यातायात के प्राधिकृत प्रवाह के विरुद्ध वाहन चलाना

धारा 184 में कौन सा तत्व दुर्घटना के संभावित परिणाम के आधार पर अपराध को निर्धारित करता है?

सड़क का स्वरूप, हालात, उपयोग और यातायात का प्रभाव

धारा 184 स्पष्टीकरण संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 67 द्वारा (1-9-2019 से) "स्पष्टीकरण" अंतःस्थापित।)

 

किसी मत्त व्यक्ति द्वारा या मादक द्रव्यों के असर में होते हुए किसी व्यक्ति द्वारा मोटर यान चलाया जाना (Driving by a drunken person or by a person under the influence of drugs), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 185

धारा 185 के अनुसार कौन अपराध दंडनीय है?

मत्त या मादक द्रव्यों के असर में वाहन चलाना

रक्त में अल्कोहल की अधिकतम सीमा क्या है, जो धारा 185 के तहत अपराध नहीं मानी जाएगी?

30 मिलीग्राम प्रति 100 मिली लीटर

धारा 185 के तहत प्रथम अपराध के लिए अधिकतम कारावास कितनी अवधि तक हो सकता है?

6 माह

प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

₹10,000

धारा 185(क) के तहत किसी अन्य परीक्षण जिसके अंतर्गत प्रयोगशाला परीक्षण भी है,

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 68 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

वह प्रथम अपराध के लिए कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी या जुर्माने से, [जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा], संशोधित हुआ-

(2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 68 द्वारा (1-9-2019 से) "जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।)

यदि कोई व्यक्ति पूर्ववर्ती अपराध के तीन वर्ष के भीतर मादक द्रव्यों के असर में वाहन चलाता है, तो अधिकतम कारावास कितनी अवधि तक हो सकता है?

2 वर्ष

पश्चात्वर्ती अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

₹15,000

"वैसे ही पूर्ववर्ती अपराध के किए जाने के तीन वर्ष के भीतर किया गया है" शब्दों का लोप किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 68 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 185(ख) के तहत ₹15,000 संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 68 द्वारा (1-9-2019 से) "जो तीन हजार रुपए तक का हो सकेगा" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।)

धारा 185 के अनुसार, “मादक द्रव्य” में कौन शामिल नहीं है?

केवल चाय या कॉफी

धारा 185 में वाहन चलाते समय मत्त व्यक्ति की क्षमता कैसे मापी जाती है?

वाहन पर समुचित नियंत्रण रखने में असमर्थता के आधार पर

धारा 185 के तहत अपराध सिद्ध करने के लिए किन परीक्षणों का उपयोग किया जा सकता है?

श्वास विश्लेषक या अन्य प्रयोगशाला परीक्षण

धारा 185 "स्पष्टीकरण" प्रतिस्थापित-

 

2019 के अधिनियम नं० 32 की धारा 68 द्वारा (1-9-2019 से)

मोटर यान चलाने के लिए मानसिक या शारीरक रूप से अयोग्य होते हुए यान चलाना (Driving when mentally or physically unfit to drive), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 186

धारा 186 के अनुसार कौन अपराध दंडनीय है?

मानसिक या शारीरिक रूप से अयोग्य होने के बावजूद वाहन चलाना

धारा 186 के अनुसार, अपराध सिद्ध करने के लिए किस प्रकार की स्थिति होनी चाहिए?

व्यक्ति को रोग या निःशक्तता का ज्ञान होना जो जनता के लिए खतरा है

प्रथम अपराध के लिए  जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

₹1,000

धारा 186 के अनुसार प्रथम अपराध के लिए  जुर्माना ₹1,000 प्रतिस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 69 द्वारा (1-9-2019 से) "दो सौ रुपए" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध के लिए जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

₹2,000

धारा 186 के अनुसार द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना ₹2,000 प्रतिस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 69 द्वारा (1-9-2019 से) "पांच सौ रुपए" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

धारा 186 के अनुसार अपराध किस प्रकार की सड़क पर होना चाहिए?

किसी सार्वजनिक स्थान पर

धारा 186 के तहत अपराधी को दंड देने का आधार क्या है?

व्यक्ति की बीमारी या निःशक्तता

क्या धारा 186 में कारावास की सजा का प्रावधान है?

नहीं, केवल जुर्माना है

धारा 186 के तहत जुर्माने का भुगतान किस प्रकार से दंड के रूप में लिया जाता है?

न्यायालय या प्राधिकृत अधिकारी द्वारा

धारा 186 किस प्रकार के व्यक्तियों पर लागू नहीं होती?

जो रोग या निःशक्तता से ग्रस्त नहीं हैं

दुर्घटना सम्बन्धी अपराधों के लिए दण्ड (Punishment for offences relating to accident), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 187

धारा 187 के अनुसार, कौन अपराध दंडनीय है?

धारा 132(1)(), 133 या 134 के उपबंधों का अनुपालन करना

प्रथम अपराध पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी हो सकती है?

6 माह

प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

₹5,000 अथवा दोनों से

यदि व्यक्ति इस धारा के अधीन पहले ही दोषसिद्ध हो चुका हो और पुनः दोषसिद्ध होता है, तो अधिकतम कारावास कितनी अवधि का हो सकता है?

1 वर्ष

पुनरावर्ती अपराध पर अधिकतम जुर्माना कितनी राशि तक हो सकता है?

₹10,000

धारा 187 के अंतर्गत दंड का प्रयोजन क्या है?

सड़क दुर्घटना संबंधी अपराधों में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना

धारा 187 के तहत अपराध सिद्ध होने के लिए आवश्यक है कि व्यक्ति ने किसका उल्लंघन किया हो?

धारा 132(1)(), 133 या 134

क्या धारा 187 के तहत जुर्माने के अलावा कारावास का प्रावधान है?

दोनोंजुर्माना और कारावास संभव है

धारा 187 का दंड किस प्रकार के अपराधों के लिए है?

सड़क दुर्घटना से संबंधित नियमों का उल्लंघन

धारा 187 के अंतर्गत पुनरावर्ती अपराध पर जुर्माना प्रथम अपराध से किस प्रकार अधिक है?

दोगुना नहीं, अधिकतम ₹10,000 तक है

धारा 187 में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 70 द्वारा (1-9-2019 से)

कतिपय अपराधों का दुष्प्रेरण करने के लिए दण्ड (Punishment for abetment of certain offences), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 188

धारा 188 के तहत अपराधी को किस प्रकार का दंड दिया जाएगा?

धारा 184, 185 या 186 में उपबंधित दंड के अनुसार

यदि कोई व्यक्ति धारा 188 के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे दंड किस आधार पर मिलेगा?

जिस अपराध के लिए उसने दुष्प्रेरित किया, उसके दंड के आधार पर

दौड़ और गति का मुकाबला (Racing and trials of speed), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 189

धारा 189 के अनुसार, बिना राज्य सरकार की लिखित अनुमति किसी सार्वजनिक स्थान पर दौड़ या गति का मुकाबला करने या उसमें भाग लेने वाला व्यक्ति दंडनीय होगा। इसका अधिकतम कारावास प्रथम अपराध के लिए कितना है?

तीन माह

धारा 189 के अनुसार, बिना अनुमति दौड़ या गति का मुकाबला करने पर प्रथम अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

5000 रुपए

धारा 189 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पहले भी इस अपराध का दोषी पाया गया हो, तो उसके लिए कारावास की अधिकतम अवधि कितनी होगी?

एक वर्ष

धारा 189 के तहत पश्चात्वर्ती अपराध के लिए जुर्माने की अधिकतम राशि क्या है?

10,000 रुपए

धारा 189 के अनुसार “दौड़ या गति का मुकाबला” में शामिल कौन-सा कार्य दंडनीय है?

केवल स्वयं दौड़ में भाग लेना, किसी को दौड़ में भाग लेने देना या प्रेरित करना

धारा 189 के अनुसार, राज्य सरकार की लिखित अनुमति क्यों आवश्यक है?

सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षित दौड़ आयोजित करने के लिए

धारा 189 के तहत अपराध किसके लिए लागू होता है?

चालक और जो व्यक्ति दौड़ आयोजित करने या उसमें भाग लेने देता है दोनों के लिए

धारा 189 का दंड किसके अधीन निर्धारित होता है?

मोटर वाहन अधिनियम 1988 के उपबंधों के अनुसार

धारा 189 में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 71 द्वारा (1-9-2019 से)

असुरक्षित दशा वाले यान का उपयोग किया जाना (Using vehicle in unsafe condition), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 190

धारा 190(1) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानकर किसी सार्वजनिक स्थान में ऐसे मोटर यान का उपयोग करता है जिसमें गंभीर खराबी है, तो प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

1500 रुपए

धारा 190(1) के अनुसार, यदि असुरक्षित यान के कारण दुर्घटना हो जाती है और शारीरिक या संपत्ति को नुकसान पहुँचता है, तो अधिकतम जुर्माना क्या है?

5,000 रुपए

धारा 190 के तहत, पश्चात्वर्ती अपराध के लिए अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

छह माह

धारा 190(2) के अनुसार, सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना और कारावास क्या हो सकता है?

जुर्माना 10,000 रुपए, कारावास 3 माह

धारा 190(3) के अनुसार, मानव जीवन के लिए खतरनाक माल का अवैध परिवहन करने पर प्रथम अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना क्या है?

10,000 रुपए

धारा 190(3) के अनुसार, पश्चात्वर्ती अपराध पर मानव जीवन के लिए खतरनाक माल के अवैध परिवहन पर अधिकतम जुर्माना और कारावास क्या हैं?

जुर्माना 20,000 रुपए, कारावास 3 वर्ष

धारा 190 के तहत असुरक्षित यान का उपयोग करने वाले व्यक्ति को पश्चात्वर्ती अपराध के लिए अतिरिक्त क्या दंडित किया जा सकता है?

अनुज्ञप्ति धारण के लिए निलंबन

धारा 190 के अनुसार, किस स्थिति में व्यक्ति पर कारावास और जुर्माना दोनों लग सकते हैं?

यदि यान की खराबी से दुर्घटना हुई है

धारा 190 में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 72 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 191 का लोप किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 73 द्वारा (1-9-2019 से)

रजिस्ट्रीकरण के बिना यान का उपयोग (Using vehicle without registration), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 192

धारा 192(1) के अनुसार, रजिस्ट्रीकरण के बिना मोटर यान चलाने या उपयोग कराने पर प्रथम अपराध के लिए न्यूनतम और अधिकतम जुर्माना क्या है?

2,000 – 5,000 रुपए

धारा 192(1) के अनुसार, द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध के लिए अधिकतम कारावास और जुर्माना क्या हैं?

1 वर्ष कारावास, 10,000 रुपए जुर्माना

धारा 192(2) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन रजिस्ट्रीकरण के बिना यान उपयोग पर यह धारा लागू नहीं होगी?

रोगग्रस्त व्यक्तियों या कष्ट निवारण हेतु आपात परिवहन

धारा 192(2) के अनुसार, आपात उपयोग में मोटर यान का उपयोग करने वाला व्यक्ति प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को कितने दिनों के भीतर रिपोर्ट दे?

7 दिन

धारा 192(3) के अनुसार, किस न्यायालय के पास निचले न्यायालय के आदेश को अपील या परिवर्तित करने का अधिकार होगा, भले ही उस दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील न हुई हो?

उच्च न्यायालय

धारा 192 के स्पष्टीकरण के अनुसार, धारा 56 के उल्लंघन में मोटर यान का उपयोग किस धारा का उल्लंघन माना जाएगा?

धारा 39

धारा 192 के अनुसार, न्यायालय प्रथम अपराध पर लघुतम दंड क्यों लगा सकता है?

न्यायालय द्वारा लेखबद्ध कारणों के आधार पर

धारा 192 में प्रथम अपराध पर जुर्माना और कारावास है-

जुर्माना 2,000-5,000 रुपए, कारावास नहीं

धारा 192 स्पष्टीकरण अंतःस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 74 द्वारा (1-9-2019 से)

परमिट के बिना यान का उपयोग (Using vehicle without permit), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 192()

धारा 192(क)(1) के अनुसार, परमिट के बिना यान चलाने या उपयोग कराने पर प्रथम अपराध के लिए अधिकतम कारावास और जुर्माना क्या है?

6 माह कारावास या 10,000 रुपए जुर्माना

धारा 192(क)(1) के अनुसार "ऐसे कारावास से जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी और" शब्द अंतःस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 75 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 192क(1) के अनुसार 10,000 रुपए जुर्माना संशोधित हुआ-

2023 के अधिनियम सं० 18 की धारा 2 द्वारा (13-1-2025 से) प्रतिस्थापित।)

धारा 192(क)(1) के अनुसार, पश्चात्वर्ती अपराध के लिए न्यूनतम और अधिकतम कारावास क्या है?

6 माह से 1 वर्ष

धारा 192(क)(1) के अनुसार, 6 माह कारावास या 10,000 रुपए जुर्माना संशोधित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 75 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 192(क)(1) परन्तुक लोप किया गया-

2023 के अधिनियम सं० 18 की धारा 2 द्वारा (13-1-2025 से) लोप किया गया।)

धारा 192(क)(2) के अनुसार, किन परिस्थितियों में यह धारा लागू नहीं होगी?

रोगग्रस्त व्यक्ति या कष्ट निवारण हेतु आपात परिवहन

धारा 192(क)(2) के अनुसार, आपात उपयोग में यान का उपयोग करने वाला व्यक्ति प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को कितने दिनों के भीतर रिपोर्ट देगा?

7 दिन

धारा 192(क)(3) के अनुसार, किस न्यायालय के पास निचले न्यायालय के आदेश को अपील या परिवर्तित करने का अधिकार होगा, भले ही उस दोषसिद्धि के विरुद्ध कोई अपील न हुई हो?

उच्च न्यायालय

धारा 192(क) के तहत प्रथम अपराध पर कारावास और जुर्माने में क्या विकल्प हैं?

कारावास या जुर्माना, दोनों में से कोई एक

धारा 192(क) में उल्लिखित परमिट का उल्लंघन किस प्रकार के यान उपयोग पर लागू होता है?

मार्ग, क्षेत्र या प्रयोजन संबंधी किसी भी शर्त का उल्लंघन

न्यायालय प्रथम अपराध पर लघुतम दंड क्यों लगा सकता है?

न्यायालय द्वारा लेखबद्ध कारणों के आधार पर

रजिस्ट्रीकरण से संबंधित अपराध (Offences relating to registration), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 192()

धारा 192(ख)(1) के अनुसार, यदि मोटर यान का स्वामी धारा 41(1) के तहत रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करने में विफल रहता है, तो जुर्माना किस आधार पर निर्धारित होगा?

वार्षिक सड़क कर का पांच गुना या आजीवन कर का एक-तिहाई, जो भी अधिक हो

धारा 192(ख)(2) के अनुसार, यदि व्यौहारी नए मोटर यान के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करने में असफल रहता है, तो जुर्माना कितना होगा?

वार्षिक कर या आजीवन कर का पंद्रह गुना

धारा 192(ख)(3) के अनुसार, मोटर यान का स्वामी किस स्थिति में कारावास और जुर्माने के अधीन होगा?

यदि उसने मिथ्या दस्तावेज के आधार पर रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त किया या इंजन/चेसिस संख्या गलत दर्ज कराई

धारा 192(ख)(3) और (4) के अनुसार, कारावास की न्यूनतम और अधिकतम अवधि क्या है?

6 माह से 1 वर्ष

धारा 192(ख)(3) और (4) के अनुसार, जुर्माना किस आधार पर होगा?

वार्षिक सड़क कर का दस गुना या आजीवन कर का दो-तिहाई, जो भी अधिक हो

धारा 192(ख) के अंतर्गत, यदि कोई व्यौहारी मिथ्या दस्तावेज़ के आधार पर रजिस्ट्रीकरण कराता है, तो उसके लिए दंड क्या है?

कारावास 6 माह से 1 वर्ष और जुर्माना, जो अधिक हो

धारा 192(ख) में उल्लिखित अपराधों में रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में इंजन या चेसिस संख्या गलत होने पर किसका पालन किया जाएगा?

कारावास और जुर्माना दोनों

धारा 192(ख) में मोटर यान का स्वामी और व्यौहारी पर लागू दंड में क्या समानता है?

न्यूनतम कारावास 6 माह और जुर्माना अधिकतम वार्षिक कर/आजीवन कर के आधार पर

धारा 192(ख) अंतःस्थापित किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 76 द्वारा (1-4-2021 से)

 

बिना समुचित प्राधिकार वाले अभिकर्ताओं, प्रचारकों और संकलनकर्ताओं के लिए दण्ड (Punishment of agents, canvassers and aggregators without proper authority), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 193

धारा 193(1) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति धारा 93 या उसके अधीन बनाए गए नियमों का उल्लंघन करके अभिकर्ता या प्रचारक के रूप में कार्य करता है, तो प्रथम अपराध के लिए दंड क्या होगा?

जुर्माना 1,000 रुपए

धारा 193(1) के अनुसार, द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध के लिए दंड क्या होगा?

कारावास छह माह तक या जुर्माना 2,000 रुपए या दोनों

धारा 193(2) के अनुसार, यदि कोई संकलनकर्ता नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका जुर्माना कितना होगा?

25,000 से 1,00,000 रुपए

धारा 193(3) के अनुसार, यदि संकलनकर्ता अनुदत्त अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो दंड क्या होगा?

5,000 रुपए जुर्माना

धारा 193 में उल्लिखित दंडों में कौन सा अपराध सबसे अधिक जुर्माने के अधीन है?

संकलनकर्ता का नियम उल्लंघन (25,000 से 1,00,000 रुपए)

धारा 193 के अनुसार, अभिकर्ता या प्रचारक के लिए न्यूनतम जुर्माना क्या है?

1,000 रुपए

धारा 193 के अनुसार, यदि कोई संकलनकर्ता राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट नहीं की गई अनुज्ञप्ति शर्त का उल्लंघन करता है, तो न्यूनतम जुर्माना कितना होगा?

5,000 रुपए

धारा 193 में दंडमें संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 77 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 193(2), (3) अंतःस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 77 द्वारा (1-9-2019 से)

अनुज्ञेय भार से अधिक भार वाले यान को चलाना (Driving vehicle exceeding permissible weight), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 194

धारा 194(1) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति धारा 113, 114 या 115 के उल्लंघन में मोटर यान चलाता है या चलवाता है, तो उसका दंड क्या है?

जुर्माना 20,000 रुपए + लदान सीमा से अधिक भार के लिए 2,000 रुपए प्रति टन

धारा 194(1क) के अनुसार, यदि मोटर यान का कोई भाग या भार अनुज्ञेय सीमा से बाहर निकलता है, तो दंड की अधिकतम राशि कितनी हो सकती है?

20,000 रुपए

धारा 194 के अनुसार, मोटर यान को उस समय चलाने की अनुमति कब तक नहीं होगी?

जब तक मोटर यान का अधिक भार हटाया जाए

धारा 194(2) के अनुसार, यदि ड्राइवर भार उतारने या लगवाने से इंकार करता है, तो अधिकतम जुर्माना क्या हो सकता है?

40,000 रुपए

धारा 194 के अंतर्गत, किस स्थिति में मोटर यान को अधिक भार के साथ चलाना अनुपयुक्त नहीं माना जाएगा?

यदि राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार ने विशिष्ट भार के लिए छूट दी हो

धारा 194 में लदान सीमा से अधिक भार पर अतिरिक्त जुर्माना कितने रुपए प्रति टन के हिसाब से लगाया जाता है?

2,000 रुपए प्रति टन

धारा 194 में अधिक भार के लिए अनुज्ञात प्राधिकारी कौन हो सकता है?

राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत सक्षम प्राधिकारी

धारा 194 के अनुसार, यदि मोटर यान में अनुज्ञेय सीमा से अधिक भार है और ड्राइवर ने भार उतारने से इंकार किया, तो उसे कौन सा दंड भुगतना होगा?

जुर्माना 40,000 रुपए तक

धारा 194 दंड और परन्तुक में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 78 द्वारा (1-9-2019 से)

अधिक यात्रियों का वहन (Carriage of excess passengers), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 194()

धारा 194(क) के अनुसार, यदि कोई परिवहन यान प्राधिकृत यात्रियों से अधिक यात्रियों का वहन करता है, तो जुर्माने की दर क्या है?

200 रुपए प्रति अतिरिक्त यात्री

धारा 194(क) के अनुसार, मोटर यान को उस समय तक चलने की अनुमति कब तक नहीं होगी?

जब तक अतिरिक्त यात्रियों को नहीं उतारा जाता और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था नहीं होती

धारा 194(क) के अनुसार, कौन जिम्मेदार होगा यदि अधिक यात्रियों का वहन किया गया?

जो मोटर यान चलाता है या चलवाता है या चलवाने के लिए अनुज्ञात करता है

धारा 194(क) के अंतर्गत, यदि वाहन में अनुमतियों से अधिक यात्री पाए जाते हैं, तो वाहन के लिए अनुज्ञात जारी नहीं किया जाएगा। इसका कारण क्या है?

सुरक्षा सुनिश्चित करना

धारा 194(क) में उल्लिखित जुर्माना अधिकतम राशि पर आधारित है?

प्रति यात्री

धारा 194(क) के अनुसार, वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था किसके लिए करनी होती है?

अतिरिक्त यात्रियों के लिए

धारा 194(क) अंतःस्थापित हुआ-

(7. 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

सुरक्षा बेल्टों का उपयोग और बालकों का बैठना (Use of safety belts and the seating of children), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 194()

धारा 194(ख) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मोटर यान चलाता है और सुरक्षा बेल्ट नहीं पहनता, तो जुर्माना कितना है?

1,000 रुपए

धारा 194(ख) के अनुसार, यदि यात्री सुरक्षा बेल्ट पहने बिना यात्रा कर रहे हैं, तो जिम्मेदार कौन होगा?

ड्राइवर जो वाहन चला रहा है या चलवाता है

धारा 194(ख) के अनुसार, राज्य सरकार किन वाहनों को इस धारा के लागू होने से अपवर्जित कर सकती है?

परिवहन यान जो खड़े हुए यात्रियों को वहन करते हैं या अन्य विनिर्दिष्ट वर्ग

धारा 194(ख) के अनुसार, यदि कोई 14 वर्ष से कम उम्र का बालक मोटर यान में यात्रा करता है और सुरक्षा बेल्ट या बाल अवरोध प्रणाली द्वारा सुरक्षित नहीं है, तो जुर्माना क्या है?

1,000 रुपए

धारा 194(ख) के तहत जुर्माना किसके लिए एक समान लागू है?

ड्राइवर और उन यात्रियों के लिए जो बेल्ट नहीं पहनते

धारा 194(ख) अंतःस्थापित हुआ-

(7. 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

मोटर साइकिल ड्राइवरों और पिछली सवारियों के लिए सुरक्षा उपायों के उल्लंघन के लिए शास्ति (Penalty for violation of safety measures for motor cycle drivers and pillion riders), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा194()

धारा 194(ग) के अनुसार, मोटर साइकिल चलाते समय यदि कोई व्यक्ति सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करता है तो जुर्माना कितना है?

1,000 रुपए

धारा 194(ग) के अनुसार, उल्लंघन करने वाला व्यक्ति कितने समय के लिए अनुज्ञप्ति धारण करने के लिए निरर्हित होगा?

3 माह

धारा 194(ग) के उल्लंघन के लिए दंडनीय व्यक्ति कौन होगा?

दोनों (चालक और जिसने चलवाया)

धारा 194(ग) के तहत जुर्माना और अनुज्ञप्ति के अलावा, कोई अतिरिक्त दंड लागू होता है?

नहीं, केवल जुर्माना और अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण

धारा 194(ग) के अंतर्गत उल्लंघन करने वाले पर किस प्रकार का जुर्माना लगाया जाएगा?

एक निश्चित राशि का जुर्माना

धारा 194(ग) का उल्लंघन किस अधिनियम और नियमों के तहत दंडनीय है?

धारा 128 और उसके अधीन बनाए गए नियमों और विनियम

धारा 194(ग) अंतःस्थापित हुआ-

(7. 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

सिर के सुरक्षा पहनावे को पहनने के लिए शास्ति (Penalty for not wearing protective headgear), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 194()

धारा 194(घ) के अनुसार, मोटर साइकिल चालक यदि हेलमेट नहीं पहनता है तो जुर्माना कितना है?

1,000 रुपए

धारा 194(घ) के उल्लंघन के लिए अनुज्ञप्ति धारण करने के लिए कितने महीने के लिए निरर्हण किया जाएगा?

3 माह

धारा 194(घ) के अंतर्गत दंडनीय कौन होगा?

दोनों (चालक और चलवाने की अनुमति देने वाला)

धारा 194(घ) का उल्लंघन किन नियमों या विनियमों के तहत दंडनीय है?

धारा 129 और उसके अधीन बनाए गए नियम और विनियम

धारा 194(घ) के अंतर्गत जुर्माना और अनुज्ञप्ति के अलावा क्या कोई अतिरिक्त दंड लागू होता है?

केवल जुर्माना और अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण

धारा 194(घ) के तहत उल्लंघन करने वाला मोटर साइकिल चालक या स्वामी किस प्रकार दंडनीय होगा?

जुर्माना और अनुज्ञप्ति के लिए निरर्हण

धारा 194(घ) अंतःस्थापित हुआ-

(7. 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

आपातकालीन यानों को अबाध रूप से गुजरने देने में असफलता (Failure to allow free passage to emergency vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 194()

धारा 194(ङ) के अनुसार, मोटर वाहन चालक किस प्रकार दंडनीय होगा यदि वह आपातकालीन यानों को अबाध रूप से गुजरने नहीं देता?

कारावास या जुर्माना या दोनों

धारा 194(ङ) के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

6 माह

धारा 194(ङ) के अंतर्गत अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?

10,000 रुपए

धारा 194(ङ) के अंतर्गत किन यानों के लिए मार्ग खाली करने में असफलता दंडनीय है?

आपातकालीन यान जैसे अग्निशमन सेवा यान, एम्बूलेंस और राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट अन्य यान

यदि कोई मोटर वाहन चालक धारा 194ङ का उल्लंघन करता है, तो उसे किन दंडों का सामना करना पड़ सकता है?

कारावास, जुर्माना या दोनों

धारा 194(ङ) अंतःस्थापित हुआ-

(7. 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।)

हार्नो का प्रयोग और ध्वनिमंद क्षेत्र (Use of horns and silence zones), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 194()

धारा 194(च) के अनुसार, मोटर वाहन चालक को किस स्थिति में दंडनीय ठहराया जाएगा?

अनावश्यक या अत्यधिक हार्न बजाने पर, या हार्न निषेध क्षेत्र में हार्न बजाने पर

धारा 194(च) के अंतर्गत कट-आउट का प्रयोग करने वाले यानों पर क्या दंड है?

जुर्माना

धारा 194(च) के अनुसार प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?

1,000 रुपए

धारा 194(च) के अनुसार, दूसरे या पश्चातवर्ती अपराध पर जुर्माने की अधिकतम राशि कितनी होगी?

2,000 रुपए

धारा 194(च) के अंतर्गत, हार्न का प्रयोग किस प्रकार प्रतिबंधित है?

सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता से अधिक या अनावश्यक हार्न बजाना और हार्न निषेध क्षेत्र में हार्न बजाना

धारा 194(च) अंतःस्थापित हुआ-

(7. 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 79 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 195 लोप किया गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 80 द्वारा (1-9-2019 से)

बीमा किए गए यान को चलाना (Driving uninsured vehicle), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 196

धारा 196 के अनुसार, कोई मोटर यान चलाने वाला या चलवाने वाला व्यक्ति किस स्थिति में दंडनीय होगा?

जब वाहन बीमा नहीं किया गया हो

धारा 196 के अनुसार प्रथम अपराध पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

3 माह

धारा 196 के अनुसार प्रथम अपराध पर अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?

2,000 रुपए

धारा 196 के अनुसार द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना कितना है?

4,000 रुपए

धारा 196 के तहत, बीमा न किए गए यान के लिए पश्चातवर्ती अपराध पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

3 माह

धारा 196 में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 81 द्वारा (1-9-2019 से

प्राधिकार के बिना यान ले जाना (Taking vehicle without authority), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 197

धारा 197 के अनुसार, किसी मोटर यान को उसके स्वामी की सहमति या अन्य विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना चलाने पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

3 माह

धारा 197 के अनुसार, किसी मोटर यान को उसके स्वामी की सहमति के बिना चलाने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?

5,000 रुपए

धारा 197 में अपराध सिद्ध नहीं माना जाएगा जब व्यक्ति यह साबित कर सके कि:

उसे समुचित विश्वास था कि उसे विधिपूर्ण प्राधिकार प्राप्त है

धारा 197 के अनुसार, बलपूर्वक या धमकी देकर किसी मोटर यान को छीनने पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

3 माह

धारा 197 के अनुसार, किसी मोटर यान को बलपूर्वक या धमकी से छीनने पर अधिकतम जुर्माना कितना है?

5,000 रुपए

धारा 197 के तहत, किसी व्यक्ति द्वारा यान छीनने या नियंत्रित करने के प्रयास या दुष्प्रेरण के बारे में क्या कहा गया है?

उसे उसी तरह अपराध माना जाएगा जैसे यान को छीनना या चलाना हुआ हो

धारा 197(2) में संशोधन हुआ-

के अधिनियम सं० 32 की धारा 81 द्वारा (1-9-2019 से

धारा 197(3) में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 82 द्वारा (1-9-2019 से)

यान में अनधिकृत हस्तक्षेप (Unauthorised interference with vehicle), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 198

धारा 198 के अनुसार, किस स्थिति में किसी व्यक्ति को दंडनीय माना जाएगा?

जब वह बिना विधिपूर्ण प्राधिकार के किसी खड़े हुए मोटर यान में प्रवेश करे या चढ़े

धारा 198 के तहत, किस प्रकार का यंत्र या वाहन का हिस्सा बिगाड़ना अपराध माना जाएगा?

केवल ब्रेक या यंत्र जाल के किसी भाग

धारा 198 के अनुसार जुर्माना कितना है?

1,000 रुपए

धारा 198 के अनुसार  जुर्माना में संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 83 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 198 में अपराध सिद्ध होने के लिए क्या आवश्यक है?

व्यक्ति का बिना विधिपूर्ण प्राधिकार या युक्तियुक्त कारण के वाहन में प्रवेश या वाहन के किसी यंत्र को बिगाड़ना

सड़क डिजाइन, संनिर्माण और रखरखाव के मानकों का अनुपालन करने में असफल रहना (Failure to comply with standards for road design, construction and maintenance), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 198()

धारा 198(क) के अनुसार, किसे सड़क के डिजाइन, संनिर्माण और रखरखाव के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होता है?

उत्तरदायी अभिहित प्राधिकारी, संविदाकार, परामर्शी या ग्राही

यदि किसी सड़क के मानकों का अनुपालन न करने के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु या निःशक्तता होती है, तो धारा 198क के अनुसार अधिकतम जुर्माना कितना है?

1,00,000 रुपए

धारा 198(क) के अंतर्गत न्यायालय सड़क दुर्घटना के समय कौन-कौन से विषयों को ध्यान में रखेगा?

सड़क की विशेषताएँ और यातायात की प्रकृति, रखरखाव के नियमों का मानक और मरम्मत की स्थिति, सड़क चिह्नों और चेतावनी संकेतों की पर्याप्तता

धारा 198(क) में “संविदाकार” शब्द का क्या अर्थ है?

उप-संविदाकार और कोई भी व्यक्ति जो सड़क के भाग के डिजाइन, संनिर्माण या रखरखाव के लिए उत्तरदायी है

धारा 198(क) के अनुसार सड़क के रखरखाव में असफल रहने के परिणामस्वरूप दंड की राशि का संदाय कहाँ किया जाएगा?

धारा 164 के अधीन गठित निधि में

धारा 198(क) जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 84 द्वारा (1-9-2019 से)

 

कंपनियों द्वारा अपराध (Offences by companies), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 199

धारा 199 के अनुसार यदि कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है, तो किसे दोषी माना जाएगा?

कंपनी और वह व्यक्ति जो उस समय कंपनी के संचालन के लिए उत्तरदायी था

कौन ऐसा व्यक्ति धारा 199 के तहत दंड से बच सकता है?

जो अपराध की जानकारी के बिना किया गया या निवारण के लिए सम्यक तत्परता दिखाता है

यदि अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया और यह साबित हो कि निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता शामिल थी, तो क्या होगा?

अधिकारी भी दोषी ठहराए जाएंगे

धारा 199 के स्पष्टीकरण के अनुसार “कंपनी” में क्या शामिल है?

निगमित निकाय, फर्म और व्यक्तियों का संगम

धारा 199 के अनुसार कंपनी के कौन-कौन से अधिकारी अपराध के लिए दोषी ठहराए जा सकते हैं?

निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी जिनकी सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा शामिल हो

यदि कंपनी का कर्मचारी अपराध करता है और उसे पता नहीं था, तो धारा 199 के अनुसार उसका क्या परिणाम होगा?

वह दंड से बच सकता है यदि उसने निवारण के लिए सम्यक तत्परता दिखाई

धारा 199 के अंतर्गत किसी अपराध में सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा किसके लिए दोष सिद्ध करती है?

कंपनी के अधिकारी

क्या किसी अधिकारी को अपराध के लिए दोषी ठहराया जा सकता है यदि उसने अपराध को रोकने के लिए सभी समुचित प्रयास किए?

नहीं

धारा 199 के अनुसार अपराध की स्थिति में “मौनानुकूलता” का मतलब क्या है?

अधिकारी ने चुप रहकर अनुमति दी या उपेक्षा की

धारा 199 के अंतर्गत न्यायालय किसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है?

कंपनी और जो व्यक्ति कंपनी संचालन के लिए उत्तरदायी था

किशोर द्वारा अपराध (Offences by juveniles), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 199()

यदि कोई अपराध किसी किशोर द्वारा किया जाता है, तो किसे दोषी ठहराया जा सकता है?

किशोर और उसके संरक्षक या मोटर यान का स्वामी

संरक्षक या मोटर यान का स्वामी किस स्थिति में दंड से मुक्त रहेगा?

यदि उसने अपराध की जानकारी के बिना किया गया था या निवारण के लिए सम्यक तत्परता दिखाई

स्पष्टीकरण के अनुसार न्यायालय यह उपधारणा करेगा कि किशोर द्वारा मोटर यान का प्रयोग कैसे किया गया था?

संरक्षक या स्वामी की सहमति से

उपधारा (2) के अनुसार संरक्षक या स्वामी किस दंड के लिए उत्तरदायी हो सकता है?

कारावास तीन वर्ष तक और जुर्माना पच्चीस हजार रुपए तक

उपधारा (3) के अनुसार संरक्षक या स्वामी पर यह दंड लागू नहीं होगा यदि किशोर को कौन-सी अनुज्ञप्ति प्रदान की गई थी?

शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन अनुज्ञप्ति

उपधारा (4) के अनुसार किशोर द्वारा अपराध में प्रयुक्त मोटर यान के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी?

मोटर यान बारह मास के लिए रद्द किया जाएगा

उपधारा (5) के अनुसार किशोर कब तक धारा 9 के अधीन चालन अनुज्ञप्ति प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा?

जब तक किशोर 25 वर्ष का नहीं होता

उपधारा (6) के अनुसार किशोर पर दंड कैसे लागू होगा?

किशोर न्याय अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अनुसार अभिरक्षणीय दंडादेश द्वारा

यदि कोई किशोर अनुज्ञप्ति प्राप्त करके मोटर यान चलाता है और अपराध करता है, तो संरक्षक पर क्या प्रभाव होगा?

संरक्षक पर दंड लागू नहीं होगा

धारा 199(क) के अनुसार किशोर द्वारा अपराध करने पर मोटर यान को कितनी अवधि के लिए रद्द किया जाएगा?

बारह मास

उपधारा (2) में संरक्षक या स्वामी पर लागू दंड की अधिकतम सीमा क्या है?

कारावास तीन वर्ष और जुर्माना पच्चीस हजार रुपए

उपधारा (5) किस अधिनियम के तहत किशोर को अनुज्ञप्ति प्रदान करने से रोकता है?

मोटर यान अधिनियम, 1988

धारा धारा 199(क) जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 85 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

 

 जुर्माने का पुनरीक्षण (Revision of fines), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 199

जुर्मानों में वृद्धि प्रत्येक वर्ष किस तारीख को की जाती है?

1 अप्रैल

जुर्माने में अधिकतम कितने प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है?

10%

जुर्मानों में वृद्धि की राशि कौन अधिसूचित करता है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 199(ख) जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 85 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

 

कतिपय अपराधों का शमन (Composition of certain offences), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 200

धारा 200 के अनुसार कुछ अपराधों का शमन किसके द्वारा किया जा सकता है?

राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अधिकारी या प्राधिकारी

धारा 200 के अनुसार अपराध का शमन कब किया जा सकता है?

अभियोजन के पहले या बाद में

शमन के लिए देय राशि कौन निर्धारित करता है?

राज्य सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना से

धारा 200 के अनुसार राज्य सरकार अपराधी से किस अतिरिक्त दायित्व की अपेक्षा कर सकती है?

सामुदायिक सेवा का वचनबंध

यदि किसी अपराध का शमन कर दिया जाता है और अपराधी अभिरक्षा में है तो क्या होगा?

उसे निर्मुक्त कर दिया जाएगा

धारा 200 के अनुसार शमन होने पर अपराधी के विरुद्ध आगे क्या होगा?

आगे कोई कार्यवाही नहीं होगी

धारा 200 के अनुसार शमन होने पर भी अपराधी किससे मुक्त नहीं होगा?

धारा 206 की उपधारा (1) के अधीन कार्यवाही से

शमन होने पर भी चालक को क्या पूरा करना पड़ सकता है?

चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम

शमन होने के बाद भी अपराधी को क्या करना पड़ सकता है?

सामुदायिक सेवा

धारा 200 के अंतर्गत शमन किन अपराधों के लिए लागू होता है?

अधिनियम में निर्दिष्ट कुछ अपराध

धारा 200(1) में संशोधन हुआ

2023 के अधिनियम सं० 18 की धारा 2 द्वारा प्रतिस्थापित।

धारा 200(2) में परंतुक अंतःस्थापित हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से)

यातायात के मुक्त प्रवाह में अवरोध डालने के लिए शास्ति (Penalty for causing obstruction to free flow of traffic), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 201

यदि कोई व्यक्ति वाहन को सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार खड़ा करता है जिससे यातायात का मुक्त प्रवाह अवरुद्ध होता है, तो वह किसके लिए दायी होगा?

प्रति घंटा जुर्माना

धारा 201(1) में"निर्योग" शब्द का लोप किया गया।

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 201 के अनुसार यातायात अवरुद्ध करने पर प्रति घंटे अधिकतम कितनी शास्ति लग सकती है?

पाँच सौ रुपये तक की शास्ति

यह शास्ति कब तक लागू रहेगी?

जब तक वाहन वहां खड़ा रहता है

दुर्घटनाग्रस्त वाहन कब से शास्ति के लिए दायी होगा?

निरीक्षण की विधिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद

यदि वाहन को हटाने के लिए सरकार द्वारा प्राधिकृत एजेंसी लगाई जाती है, तो हटाने का खर्च किससे वसूला जाएगा?

वाहन के स्वामी या वाहन के भारसाधक व्यक्ति से

धारा 201 के अंतर्गत शास्ति या हटाने के प्रभार कौन वसूल करेगा?

राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित अधिकारी या प्राधिकारी

यदि मोटर यान में अचानक खराबी हो गई है और उसे हटाया जा रहा है, तो क्या धारा 201(1) लागू होगी?

नहीं

धारा 201 में “हटाए जाने के प्रभार” में क्या शामिल है?

वाहन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक हटाने की लागत और भंडारण की लागत

यदि वाहन सार्वजनिक स्थान पर यातायात बाधित करता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

वाहन के स्वामी या वाहन के भारसाधक व्यक्ति की

धारा 201(1) और धारा 201(3) स्पष्टीकरण में"पचास रुपए" शब्दों के स्थान पर पाँच सौ रुपये प्रतिस्थापित-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से)

धारा 201(2)(3) संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 87 द्वारा (1-9-2019 से) प्रतिस्थापित।)

वारण्ट के बिना गिरफ्तार करने की शक्ति (Power to arrest without warrant), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 202

धारा 202 के अनुसार बिना वारंट के गिरफ्तारी कौन कर सकता है?

वर्दी में पुलिस अधिकारी

पुलिस अधिकारी बिना वारंट कब गिरफ्तारी कर सकता है?

जब अपराध उसकी उपस्थिति में किया गया हो

धारा 202 के अनुसार किन धाराओं के अपराध पर बिना वारंट गिरफ्तारी हो सकती है?

धारा 184, 185, 197

धारा 185 के अपराध में गिरफ्तार व्यक्ति की चिकित्सीय परीक्षा कितने समय के भीतर कराई जानी चाहिए?

2 घंटे के भीतर

यदि चिकित्सीय परीक्षा निर्धारित समय में नहीं कराई जाती है तो क्या होगा?

आरोपी को अभिरक्षा से निर्मुक्त किया जाएगा

चिकित्सीय परीक्षा किसके द्वारा की जाएगी?

रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी

यदि कोई व्यक्ति अपना नाम और पता बताने से इंकार करता है तो क्या किया जा सकता है?

बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है

चालक को बिना वारंट गिरफ्तार करने पर पुलिस अधिकारी क्या करेगा?

वाहन के अस्थायी निपटारे के लिए उचित कदम उठाएगा

श्वास-परीक्षण (Breath tests), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 203

श्वास-परीक्षण की अपेक्षा कौन कर सकता है?

वर्दी पहने हुए पुलिस अधिकारी या मोटर यान विभाग का प्राधिकृत अधिकारी

श्वास-परीक्षण किस स्थान पर कराया जा सकता है?

किसी सार्वजनिक स्थान पर या उसके पास

श्वास-परीक्षण की अपेक्षा कब की जा सकती है?

जब अधिकारी को धारा 185 के अपराध का युक्तियुक्त संदेह हो

दुर्घटना की स्थिति में श्वास-परीक्षण की अपेक्षा किससे की जा सकती है?

उस व्यक्ति से जो दुर्घटना के समय मोटर यान चला रहा था

यदि व्यक्ति अस्पताल में अन्तरंग रोगी है तो श्वास-नमूना कहाँ लिया जा सकता है?

अस्पताल में

यदि श्वास-परीक्षण से यह प्रतीत हो कि व्यक्ति के रक्त में एल्कोहल है, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?

बिना वारण्ट गिरफ्तार कर सकता है

यदि व्यक्ति श्वास-नमूना देने से इंकार करता है, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?

बिना वारण्ट गिरफ्तार कर सकता है

धारा 203 के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति को पुलिस थाने में क्या अवसर दिया जाएगा?

श्वास-परीक्षण के लिए श्वास का नमूना देने का अवसर

धारा 203 के अंतर्गत किए गए श्वास-परीक्षण के परिणाम क्या होंगे?

साक्ष्य में ग्राह्य होंगे

श्वास-परीक्षण किस युक्ति से किया जाएगा?

केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित युक्ति से

प्रयोगशाला परीक्षण (Laboratory test), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 204

प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रक्त का नमूना किससे लिया जा सकता है?

धारा 203 के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति से

रक्त का नमूना कौन ले सकता है?

रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी

प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रक्त का नमूना कब लिया जा सकता है?

जब श्वास-परीक्षण से रक्त में एल्कोहल का संकेत मिले

यदि व्यक्ति श्वास-परीक्षण से इंकार करता है तो क्या किया जा सकता है?

उससे रक्त का नमूना लिया जा सकता है

यदि रक्त का नमूना देने वाली व्यक्ति स्त्री है और चिकित्सा व्यवसायी पुरुष है तो नमूना किसकी उपस्थिति में लिया जाएगा?

किसी स्त्री की उपस्थिति में

यदि व्यक्ति अस्पताल में अन्तरंग रोगी है तो रक्त का नमूना कहाँ लिया जा सकता है?

अस्पताल में

अस्पताल में रक्त का नमूना लेने से पहले किसे सूचना दी जाएगी?

रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी को जिसकी देखरेख में रोगी है

प्रयोगशाला परीक्षण के परिणाम क्या होंगे?

साक्ष्य में ग्राह्य होंगे

प्रयोगशाला परीक्षण का अर्थ क्या है?

रक्त के नमूने का विश्लेषण

मोटर यान चलाने की अयोग्यता की उपधारणा (Presumption of unfitness to drive), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 205

धारा 205 किस धारा के अधीन दण्डनीय अपराध से संबंधित कार्यवाही में लागू होती है?

धारा 185

यदि अभियुक्त श्वास-परीक्षण के लिए श्वास का नमूना देने से इंकार करता है तो क्या माना जाएगा?

अभियोजन की ओर से दिए गए किसी साध्य का समर्थन करने वाला

यदि अभियुक्त प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रक्त का नमूना देने से इंकार करता है तो क्या माना जाएगा?

प्रतिरक्षा की ओर से दिए गए किसी साक्ष्य का खंडन करने वाला

श्वास-परीक्षण के लिए नमूना देने का अनुरोध किसके द्वारा किया जाता है?

पुलिस अधिकारी

धारा 205 के अनुसार कौन-सी स्थिति उपधारणा उत्पन्न कर सकती है?

इंकार करना, ऐसा करना, करने में असफल रहना

अभियुक्त का इंकार कब तक प्रभावी माना जाएगा?

जब तक कि उसके लिए उचित कारण दर्शित किया गया हो

धारा 205 के अनुसार अभियुक्त का इंकार किस समय की दशा के बारे में माना जाएगा?

उस समय उसकी दशा

अभियुक्त का इंकार किस प्रकार के साक्ष्य का खंडन कर सकता है?

प्रतिरक्षा की ओर से दिए गए किसी साक्ष्य

धारा 205 के अनुसार अभियुक्त का इंकार किसका समर्थन कर सकता है?

अभियोजन की ओर से दिए गए किसी साध्य

पुलिस अधिकारी की दस्तावेज परिबद्ध करने की शक्ति (Power of police officer to impound document), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 206

यदि किसी पुलिस अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण हो कि मोटर यान से संबंधित कोई दस्तावेज भारतीय दंड संहिता की धारा 464 (भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 335) के अर्थ में मिथ्या है, तो वह क्या कर सकता है?

दस्तावेज अभिगृहीत कर सकता है

धारा 206(1) के अनुसार मिथ्या दस्तावेज के संदेह पर पुलिस अधिकारी चालक या स्वामी से क्या अपेक्षा कर सकता है?

दस्तावेज के कब्जे या यान में होने का कारण बताने को

यदि पुलिस अधिकारी को विश्वास हो कि आरोपी चालक समन की तामील से बच सकता है, तो वह क्या कर सकता है?

चालक की अनुज्ञप्ति अभिगृहीत कर सकता है

धारा 206(2) के अनुसार अभिगृहीत की गई अनुज्ञप्ति किसके पास भेजी जाएगी?

अपराध का संज्ञान करने वाले न्यायालय के पास

धारा 206(3) के अनुसार जब पुलिस अधिकारी अनुज्ञप्ति अभिगृहीत करता है, तो वह चालक को क्या देगा?

अस्थायी अभिस्वीकृति

धारा 206(3) के अनुसार अस्थायी अभिस्वीकृति धारक को कब तक वाहन चलाने का अधिकार देती है?

जब तक अनुज्ञप्ति लौटाई जाए या निर्दिष्ट तारीख तक

यदि अनुज्ञप्ति धारक के कारण के बिना समय पर अनुज्ञप्ति वापस नहीं हो पाती, तो कौन मोटर चलाने के प्राधिकार की अवधि बढ़ा सकता है?

मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति

धारा 206(4) के अनुसार किन धाराओं के अपराध होने पर पुलिस अधिकारी चालक की चालन अनुज्ञप्ति जब्त कर सकता है?

धारा 183, 184, 185 आदि

धारा 206(4) के अनुसार जब्त की गई अनुज्ञप्ति आगे किसे भेजी जाती है?

अनुज्ञापन प्राधिकारी

धारा 206(4) के अनुसार दी गई अस्थायी अभिस्वीकृति धारक को कब वाहन चलाने का अधिकार नहीं देती?

जब तक अनुज्ञप्ति वापस मिल जाए

धारा 206(4) संशोधन हुआ-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 88 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।

रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र, परमिट, आदि के बिना उपयोग किए गए यानों के निरुद्ध करने की शक्ति (Power to detain vehicles used without certificate of registration permit, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 207

यदि मोटर यान का उपयोग धारा 3 या धारा 4 का उल्लंघन करके किया जा रहा हो तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?

यान को अभिगृहीत और निरुद्ध कर सकता है

धारा 207 के अनुसार यदि मोटर यान बिना पंजीकरण के उपयोग किया जा रहा हो तो यह किस धारा का उल्लंघन है?

धारा 39

यदि वाहन धारा 66(1) के अंतर्गत अपेक्षित परमिट के बिना चलाया जा रहा हो तो क्या किया जा सकता है?

वाहन को अभिगृहीत और निरुद्ध किया जा सकता है

यदि अधिकारी चाहे तो वाहन अभिगृहीत करने के बजाय क्या अभिगृहीत कर सकता है?

रजिस्ट्रीकरण का प्रमाणपत्र

रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र अभिगृहीत करने पर अधिकारी क्या देगा?

अभिस्वीकृति

निरुद्ध किए गए वाहन को छुड़ाने के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

वाहन का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति

वाहन को निर्मुक्त करने के लिए आवेदन किसे दिया जाता है?

परिवहन प्राधिकारी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को

वाहन को निर्मुक्त करने से पहले क्या किया जाएगा?

दस्तावेजों का सत्यापन

दस्तावेजों के सत्यापन के बाद वाहन कैसे छोड़ा जा सकता है?

आदेश द्वारा शर्तों के अधीन

मामलों का संक्षिप्त निपटारा (Summary disposal of cases), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 208

धारा 208 के अनुसार न्यायालय अभियुक्त को क्या तामील करता है?

समन

समन में अभियुक्त को क्या करने के लिए कहा जा सकता है?

स्वयं या अभिवक्ता द्वारा उपस्थित हो

अभियुक्त आरोप की सुनवाई से पहले क्या कर सकता है?

दोषी होने का अभिवचन कर सकता है

दोषी होने का अभिवचन करने पर अभियुक्त न्यायालय को क्या भेज सकता है?

जुर्माने की धनराशि धनादेश द्वारा

धनादेश में भेजी जाने वाली राशि कितनी हो सकती है?

अधिकतम जुर्माने से कम या बराबर

कुछ अपराधों में दोषी होने का अभिवचन करने पर अभियुक्त को क्या भेजना होगा?

चालन अनुज्ञप्ति

यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है और चालन अनुज्ञप्ति भेजता है तो न्यायालय क्या करेगा?

दोषसिद्धि को अनुज्ञप्ति पर पृष्ठांकित करेगा

यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है और राशि भेज देता है तो क्या होगा?

उसके विरुद्ध कोई और कार्यवाही नहीं की जाएगी

दोषी होने का अभिवचन करने के कारण क्या अभियुक्त अनुज्ञप्ति धारण करने से निरर्हित होगा?

नहीं

दोषसिद्धि पर निर्बंधन (Restriction on conviction), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 209

धारा 209 किन धाराओं के अधीन अपराधों पर लागू होती है?

धारा 183 और 184

धारा 209 के अनुसार दोषसिद्धि से पहले क्या दिया जा सकता है?

चेतावनी

अपराध के कितने दिनों के भीतर सूचना दी जा सकती है?

चौदह दिन

सूचना में क्या बताया जाता है?

अपराध का स्वरूप तथा समय और स्थान

सूचना किसे दी जा सकती है?

दोनों को

अपराध के कितने दिनों के भीतर समन की तामील की जा सकती है?

अट्ठाईस दिन

यदि अभियुक्त का नाम और पता समय पर ज्ञात न हो सके तो क्या होगा?

धारा लागू नहीं होगी

यदि सूचना या समन की तामील में असफलता अभियुक्त के आचरण के कारण हो तो क्या होगा?

धारा लागू नहीं होगी

धारा 209 के अनुसार सूचना किस माध्यम से भेजी जा सकती है?

रजिस्ट्रीकृत डाक

दोषसिद्धि संबंधी सूचना का न्यायालयों द्वारा भेजा जाना (Courts to send intimation about conviction), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 210

न्यायालय किस व्यक्ति के दोषसिद्ध होने पर सूचना भेजता है?

जो चालन-अनुज्ञप्ति धारण किए हुए है

न्यायालय किस प्राधिकारी को सूचना देता है?

अनुज्ञापन प्राधिकारी

न्यायालय सूचना किस अनुज्ञापन प्राधिकारी को देता है?

जिसने चालन अनुज्ञप्ति दी थी, जिसने अनुज्ञप्ति का अंतिम बार नवीकरण किया था

सूचना में क्या शामिल होगा?

अनुज्ञप्ति धारक का नाम और पता

सूचना में कौन-सा विवरण दिया जाता है?

अनुज्ञप्ति संख्यांक

सूचना में कौन-सी तिथियां शामिल होती हैं?

अनुज्ञप्ति दिए जाने की तारीख और नवीकरण की तारीख

सूचना में अपराध से संबंधित क्या दिया जाता है?

अपराध का स्वरूप

सूचना में दंड से संबंधित क्या शामिल होता है?

दिया गया दंड

सूचना में और क्या शामिल हो सकता है?

विहित की गई अन्य विशिष्टियां

शास्तियों में वृद्धि करने की राज्य सरकार की शक्ति (Power of State Government to increase penalties), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 210()

धारा 210(क) के अनुसार जुर्माने में वृद्धि किसके द्वारा की जा सकती है?

केन्द्रीय सरकार

जुर्माने में वृद्धि किस माध्यम से की जाएगी?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

जुर्माने पर लागू गुणक कितने से कम नहीं होगा?

एक

जुर्माने पर लागू गुणक अधिकतम कितना हो सकता है?

दस

धारा 210(क) के अनुसार गुणक किस पर लागू होगा?

इस अधिनियम के अधीन प्रत्येक जुर्माने पर

गुणक किन शर्तों के अधीन रहेगा?

राज्य सरकार द्वारा बनाई गई शर्तों के

भिन्न-भिन्न गुणक किस पर लागू किए जा सकते हैं?

मोटर यानों के भिन्न-भिन्न वर्गों पर

मोटर यानों के वर्गों का वर्गीकरण कौन करेगा?

राज्य सरकार

धारा 210(क) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट गुणक कहाँ प्रवृत्त होगा?

केवल उस राज्य में

धारा 210(क) कब जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 89 द्वारा (1-9-2019 से)

 

प्रवर्तनकारी प्राधिकरण द्वारा किए गए अपराध के लिए शास्ति (Penalty for offence committed by an enforcing authority), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 210()

धारा 210(ख) किन व्यक्तियों पर लागू होती है?

प्रवर्तनकारी प्राधिकरण

प्रवर्तनकारी प्राधिकरण से क्या अभिप्राय है?

जो इस अधिनियम के उपबंधों को प्रवृत्त करने के लिए सशक्त है

यदि प्रवर्तनकारी प्राधिकरण इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध करता है तो वह किसके लिए दायी होगा?

दुगनी शास्ति

धारा 210(ख) के अनुसार शास्ति किसके समान होगी?

उस अपराध के लिए निर्धारित शास्ति

धारा 210(ख) के अनुसार प्रवर्तनकारी प्राधिकरण के अपराध पर कितनी शास्ति होगी?

दुगनी

यदि कोई प्रवर्तनकारी अधिकारी अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करता है तो क्या होगा?

उसे दुगनी शास्ति दी जाएगी

धारा 210(ख) के अनुसार अपराध करने वाला प्रवर्तनकारी प्राधिकरण किसके अधीन दायी होगा?

इस अधिनियम के अधीन शास्ति

धारा 210(ख) कब जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 89 द्वारा (1-9-2019 से)

 

केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 210()

धारा 210(ग) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

केन्द्रीय सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों के किस विषय पर नियम बना सकती है?

डिजाइन, संनिर्माण और अनुरक्षण के मानकों

धारा 210(ग) के अनुसार न्यायालय द्वारा किस धारा की उपधारा (3) के अधीन कारकों पर विचार किया जाता है?

धारा 198

धारा 210(ग) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किन कारकों पर नियम बना सकती है?

ऐसे अन्य कारक जिन पर न्यायालय विचार करे

धारा 210(ग) के अनुसार नियम किस विषय पर भी बनाए जा सकते हैं?

कोई अन्य विषय जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया गया है

राष्ट्रीय राजमार्गों के संबंध में नियम किन मानकों से संबंधित हो सकते हैं?

डिजाइन, संनिर्माण, अनुरक्षण

राष्ट्रीय राजमार्गों के अनुरक्षण से क्या अभिप्राय है?

उनकी देखभाल और रखरखाव

धारा 210(ग) कब जोड़ा गया-

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 89 द्वारा (1-9-2019 से)

 

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 210()

धारा 210(घ) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

राज्य सरकार

राज्य सरकार किन सड़कों के लिए नियम बना सकती है?

राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कें

राज्य सरकार किन विषयों के मानकों के लिए नियम बना सकती है?

डिजाइन, संनिर्माण, अनुरक्षण

धारा 210(घ) के अनुसार नियम किन सड़कों के डिजाइन के लिए बनाए जा सकते हैं?

राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कें

राज्य सरकार किन सड़कों के संनिर्माण के मानकों के लिए नियम बना सकती है?

राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कें

राज्य सरकार किन सड़कों के अनुरक्षण के मानकों के लिए नियम बना सकती है?

राष्ट्रीय राजमार्गों से भिन्न सड़कें

धारा 210(घ) के अनुसार राज्य सरकार किस अन्य विषय पर भी नियम बना सकती है?

जो राज्य सरकार द्वारा विहित किया गया है

धारा 210(घ) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

2019 के अधिनियम सं० 32

 

अध्याय-14

(CHAPTER-14)

प्रकीर्ण

(MISCELLANEOUS)

फीस उद्गृहीत करने की शक्ति (Power to levy fee), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 211

धारा 211 के अनुसार फीस निर्धारित करने की शक्ति किसके पास है?

केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार

धारा 211 के अनुसार फीस किनके संबंध में ली जा सकती है?

आवेदन, प्रमाणपत्र, अनुज्ञप्ति और परमिट

दस्तावेजों के किस कार्य के लिए फीस ली जा सकती है?

संशोधन

धारा 211 के अनुसार किसके लिए फीस ली जा सकती है?

परीक्षण, पृष्ठांकन, वैज और प्लेटें

धारा 211 के अनुसार किसके लिए फीस ली जा सकती है

प्रतिहस्ताक्षर, प्राधिकरण, प्रतियां देना

धारा 211 के अनुसार फीस किस प्रयोजन के लिए ली जा सकती है?

इस अधिनियम के अधीन की जाने वाली सेवाओं के लिए

धारा 211 के अनुसार फीस का प्रावधान किसमें किया जा सकता है?

नियमों में

सरकार लोक हित में क्या कर सकती है?

फीस में छूट दे सकती है

सरकार फीस में छूट किसे दे सकती है?

व्यक्तियों के किसी वर्ग को

दस्तावेजों और प्ररूपों का इलैक्ट्रानिक उपयोग (Use of electronic forms and documents), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 211()

धारा 211(क) के अनुसार आवेदन या दस्तावेज किस रूप में फाइल किए जा सकते हैं?

इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में

इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप किसके द्वारा विहित किया जाएगा?

केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार

धारा 211(क) के अनुसार कौन-सा कार्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया जा सकता है?

आवेदन फाइल करना, अनुज्ञप्ति या परमिट जारी करना, धन की प्राप्ति या संदाय

अनुज्ञप्ति, परमिट, मंजूरी या अनुमोदन किस माध्यम से जारी किए जा सकते हैं?

इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में

धारा 211(क) के अनुसार धन की प्राप्ति या संदाय किस माध्यम से किया जा सकता है?

इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप के माध्यम से

इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज किस प्रकार फाइल किए जाएंगे, इसका निर्धारण कौन करेगा?

केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार

इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के लिए फीस या प्रभारों के संदाय की पद्धति कौन निर्धारित करेगा?

केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार

धारा 211(क) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

2019 के अधिनियम सं० 32

नियमों और अधिसूचनाओं का प्रकाशन, प्रारंभ और रखा जाना (Publication, commencement and laying of rules and notifications), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 212

इस अधिनियम के अधीन नियम बनाने से पहले क्या आवश्यक है?

पूर्व प्रकाशन

इस अधिनियम के अधीन बनाए गए सभी नियम कहाँ प्रकाशित किए जाएंगे?

राजपत्र में

यदि कोई अन्य तारीख नियत न की गई हो तो नियम कब से प्रभावी होंगे?

राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से

राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम किसके समक्ष रखा जाएगा?

राज्य विधान-मंडल

केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियम किसके समक्ष रखे जाएंगे?

संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष

नियम, स्कीम या अधिसूचना संसद के समक्ष कितने दिनों की कुल अवधि के लिए रखी जाएगी?

30 दिन

यदि दोनों सदन नियम या अधिसूचना में परिवर्तन के लिए सहमत हो जाएं तो क्या होगा?

वह परिवर्तित रूप में प्रभावी होगी

यदि दोनों सदन सहमत हों कि नियम या अधिसूचना नहीं बनाई जानी चाहिए तो क्या होगा?

वह निष्प्रभाव हो जाएगी

नियम, स्कीम या अधिसूचना के निष्प्रभाव होने से पहले किए गए कार्यों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उनकी विधिमान्यता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा

धारा 212 में संशोधन हुआ-

2019

मोटर यान अधिकारियों की नियुक्ति (Appointment of motor vehicles officers), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 213

मोटर यान विभाग की स्थापना कौन कर सकता है?

राज्य सरकार

मोटर यान विभाग के अधिकारियों को कौन नियुक्त करता है?

राज्य सरकार

मोटर यान विभाग का प्रत्येक अधिकारी किसके अर्थ में लोक सेवक माना जाएगा?

भारतीय दंड संहिता (भारतीय न्याय संहिता 2023)

अधिकारियों की न्यूनतम अर्हताएं कौन निर्धारित कर सकता है?

केन्द्रीय सरकार

मोटर यान विभाग के अधिकारियों की वर्दी और कर्तव्यों के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

राज्य सरकार

मोटर यान विभाग का अधिकारी किस उद्देश्य से जांच और परीक्षा कर सकता है?

यह सुनिश्चित करने के लिए कि अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन हो रहा है

बिना वारंट के तलाशी कौन कर सकता है?

राजपत्रित अधिकारी

यदि अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय हो तो तलाशी कब नहीं की जाएगी?

सूर्यास्त के पश्चात् और सूर्योदय के पूर्व

धारा 213 के अनुसार तलाशी और अभिग्रहण के संबंध में किस संहिता के उपबंध लागू होंगे?

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023)

आरंभिक प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों पर अपील और पुनरीक्षण का प्रभाव (Effect of appeal and revision on orders passed by original authority), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 214

यदि आरंभिक प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध अपील की गई हो तो क्या आदेश स्वतः रुक जाएगा?

नहीं

अपील या पुनरीक्षण लंबित रहने तक आरंभिक प्राधिकारी का आदेश क्या रहेगा?

प्रवृत्त बना रहेगा

आरंभिक प्राधिकारी के आदेश को रोकने का निर्देश कौन दे सकता है?

अपील प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी

यदि परमिट के नवीकरण का आवेदन नामंजूर कर दिया गया हो और अपील की गई हो तो क्या किया जा सकता है?

परमिट को विधिमान्य बनाए रखने का निर्देश दिया जा सकता है

परमिट को कब तक विधिमान्य बनाए रखने का निर्देश दिया जा सकता है?

अपील या पुनरीक्षण के आवेदन के निपटारे तक

किसी आदेश को अपील या पुनरीक्षण में कब उल्टा या परिवर्तित किया जा सकता है?

जब गलती से वास्तव में न्याय नहीं हो पाया हो

यदि कार्यवाही में केवल छोटी गलती हो और उससे न्याय प्रभावित न हुआ हो तो क्या होगा?

आदेश नहीं उलटा जाएगा

धारा 214 के अनुसार आदेश में गलती, लोप या अनियमितता होने पर क्या देखा जाएगा?

न्याय पर प्रभाव

सड़क सुरक्षा परिषदें और समितियां (Road Safety Councils and Committees), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 215

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद का गठन कौन कर सकता है?

केंद्रीय सरकार

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद का गठन किस माध्यम से किया जाता है?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद में कौन-कौन होते हैं?

अध्यक्ष और अन्य सदस्य

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद का गठन कौन करता है?

राज्य सरकार

जिला सड़क सुरक्षा समिति का गठन कौन कर सकता है?

राज्य सरकार

यदि राज्य सरकार जिला सड़क सुरक्षा समिति का गठन नहीं करती है तो कौन कर सकता है?

केंद्रीय सरकार

जिला सड़क सुरक्षा समिति में कौन होते हैं?

अध्यक्ष और अन्य सदस्य

परिषदों और समितियों के कृत्य कौन विनिर्दिष्ट करता है?

केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार

धारा 215(3) का परन्तुक कब जोड़ा गया-

2023 के अधिनियम सं० 18 की धारा 2 द्वारा (13-1-2025 से) अंतःस्थापित।)

केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार द्वारा शक्तियों के प्रत्यायोजित किए जाने की शक्ति (Power of Central Government and State Government to delegate), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 215()

धारा 215क के अनुसार शक्तियों का प्रत्यायोजन कौन कर सकता है?

केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार

केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार अपनी शक्तियां किसे प्रत्यायोजित कर सकती है?

लोक सेवक या लोक प्राधिकारी

केन्द्रीय सरकार किस उद्देश्य से लोक सेवक या लोक प्राधिकारी को प्राधिकृत कर सकती है?

अपनी शक्तियों, कृत्यों तथा कर्तव्यों के निर्वहन के लिए

धारा 215क किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 92 द्वारा

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड (National Road Safety Board), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 215()

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन कौन करेगा?

केन्द्रीय सरकार

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किस माध्यम से किया जाता है?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड में कौन-कौन शामिल होते हैं?

अध्यक्ष, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, अन्य सदस्य

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड किसे सलाह देता है?

केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार को

बोर्ड मोटर यानों के किन विषयों पर सलाह देता है?

डिजाइन और भार, संनिर्माण और विनिर्माण प्रक्रिया, प्रचालन और अनुरक्षण के मानक

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड किस विषय पर सलाह दे सकता है?

मोटर यानों का रजिस्ट्रीकरण और अनुज्ञापन

सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए क्या निर्धारित करने में बोर्ड सलाह देता है?

मानकों की विरचना

बोर्ड का एक कार्य क्या है?

नई यान प्रौद्योगिकी का संवर्धन

धारा 215(ख) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 92 द्वारा

केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 215()

धारा 215(ग) के अनुसार इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 215(ग) के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित हो सकते हैं?

इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों का उपयोग, मोटर यान विभाग के अधिकारियों की न्यूनतम अर्हताएं, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति

धारा 211(क) के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक प्ररूपों के उपयोग के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है?

केन्द्रीय सरकार

मोटर यान विभाग के अधिकारियों की न्यूनतम अर्हताएं किस धारा से संबंधित हैं?

धारा 213(4)

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के निबंधन और शर्तें किसके द्वारा नियमों के माध्यम से निर्धारित की जा सकती हैं?

केन्द्रीय सरकार

धारा 215(ख) के अंतर्गत राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के कृत्यों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 215(ग) के अंतर्गत नियम किस प्रकार के विषयों पर बनाए जा सकते हैं?

वे सभी विषय जिन्हें विहित किया जाना आवश्यक हो

धारा 215(ग) की नियम बनाने की शक्ति किसके संदर्भ में प्रयोग की जाती है?

केवल अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए

कौन-सा विषय धारा 215(ग) के अंतर्गत नियमों द्वारा विनियमित किया जा सकता है?

इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेजों का फाइल करना, मोटर यान अधिकारियों की न्यूनतम योग्यता, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के कृत्य

धारा 215(ग) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 92 द्वारा

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 215()

धारा 215(घ) के अंतर्गत राज्य सरकार किन विषयों को छोड़कर नियम बना सकती है?

धारा 215 में विनिर्दिष्ट विषय

धारा 215(घ) के अंतर्गत किस विषय पर नियम बनाए जा सकते हैं?

इलेक्ट्रॉनिक प्ररूपों का उपयोग, मोटर यान विभाग के अधिकारियों के कर्तव्य, अधिकारियों की वर्दी

धारा 211(क) के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज फाइल करने के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

केवल केन्द्रीय सरकार, केवल राज्य सरकार, दोनों सरकारें

मोटर यान विभाग के अधिकारियों की वर्दी और कर्तव्यों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

राज्य सरकार

धारा 213 की उपधारा (3) में वर्णित अधिकारियों के अधीनस्थ प्राधिकारियों के संबंध में नियम कौन बना सकता है?

राज्य सरकार

धारा 215(घ) के अनुसार नियम किस अन्य विषय पर भी बनाए जा सकते हैं?

ऐसा अन्य विषय जो विहित किया जाना आवश्यक हो

धारा 215(घ) मोटर यान अधिनियम में किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 92 द्वारा

कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति (Power to remove difficulties), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 216

यदि अधिनियम के उपबंधों को लागू करने में कठिनाई उत्पन्न हो तो उसे दूर करने की शक्ति किसके पास है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 216 के अंतर्गत कठिनाइयों को दूर करने के लिए आदेश किस माध्यम से जारी किया जाता है?

राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा

कठिनाइयों को दूर करने के लिए किया गया आदेश किसके साथ सुसंगत होना चाहिए?

इस अधिनियम के उपबंधों के साथ

धारा 216 के अनुसार कठिनाइयों को दूर करने के लिए आदेश कितनी अवधि के भीतर किया जा सकता है?

3 वर्ष

तीन वर्ष की अवधि किस तारीख से गिनी जाएगी?

अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से

धारा 216 के अंतर्गत किया गया प्रत्येक आदेश किसके समक्ष रखा जाएगा?

संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष

आदेश को संसद के समक्ष कब रखा जाएगा?

यथासंभव शीघ्र

निरसन और व्यावृत्तियां (Repeal and savings), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 217

धारा 217(1) के अनुसार कौन-सा अधिनियम निरसित किया गया है?

मोटर यान अधिनियम, 1939

धारा 217(1) के अनुसार मोटर यान अधिनियम, 1939 के साथ क्या निरसित किया गया?

इस अधिनियम की तत्स्थानी कोई राज्य विधि

निरसित अधिनियमों के अधीन जारी अधिसूचना, नियम या आदेश का क्या प्रभाव होगा?

यदि असंगत हों तो इस अधिनियम के अधीन जारी माने जाएंगे

निरसित अधिनियमों के अधीन की गई नियुक्ति या घोषणा का क्या प्रभाव होगा?

इस अधिनियम के अधीन की गई मानी जाएगी

निरसित अधिनियमों के अधीन दी गई छूट या अधिहरण का क्या होगा?

इस अधिनियम के अधीन दी गई मानी जाएगी

निरसित अधिनियमों के अधीन अधिरोपित शास्ति या जुर्माना का क्या प्रभाव होगा?

इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित माना जाएगा

निरसित अधिनियमों के अधीन किए गए समपहरण या रद्दकरण का क्या प्रभाव होगा?

इस अधिनियम के अधीन किया गया माना जाएगा

निरसित अधिनियमों के अधीन जारी ठीक हालत का प्रमाणपत्र (Certificate of Fitness) का क्या होगा?

उसी अवधि और शर्तों पर प्रभावी रहेगा

निरसित अधिनियमों के अधीन जारी रजिस्ट्रीकरण का क्या प्रभाव होगा?

वही अवधि और शर्तों के साथ प्रभावी

निरसित अधिनियमों के अधीन जारी अनुज्ञप्ति का क्या प्रभाव होगा?

समान अवधि और शर्तों पर प्रभावी

निरसित अधिनियमों के अधीन जारी परमिट का क्या प्रभाव होगा?

उसी अवधि और शर्तों के साथ प्रभावी रहेगा

निरसित अधिनियमों के प्रति निर्देश करने वाले दस्तावेजों की व्याख्या कैसे की जाएगी?

इस अधिनियम के प्रति निर्देश माना जाएगा

निरसित अधिनियमों के अनुसार सुभिन्न चिह्नों का समनुदेशन कब तक प्रभावी रहेगा?

जब तक धारा 41(6) के अधीन अधिसूचना निकले

मोटर यान अधिनियम, 1939 की धारा 68(ग) के अधीन लंबित स्कीम का निपटारा किस धारा के अनुसार होगा?

धारा 100

धारा 68(च)(1क) के अधीन दिए गए परमिट कब तक प्रभावी रहेंगे?

जब तक अध्याय 6 के अधीन अनुमोदित स्कीम प्रकाशित हो जाए

निरसित अधिनियमों के अधीन संदेय शास्ति कैसे वसूल की जाएगी?

इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन उपबंधित रीति से

पहले से शास्ति की वसूली के लिए की गई कार्रवाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उस पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा

धारा 217(4) किस अधिनियम की धारा 6 को संदर्भित करती है?

साधारण खंड अधिनियम, 1897

मोटर यान अधिनियम, 1939 के अधीन अनुदत्त परमिट, चालक अनुज्ञप्ति और रजिस्ट्रीकरण का नवीकरण (Documents regarding personnel, driving licenses, and registration under the Motor Vehicles Act, 1939), किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 217()

धारा 217(क) के अनुसार कौन-सा दस्तावेज नवीकृत किया जा सकता है?

उपयुक्तता प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रीकरण, अनुज्ञप्ति या परमिट

मोटर यान अधिनियम, 1939 के निरसन के बावजूद जारी दस्तावेजों का नवीकरण किस अधिनियम के अधीन किया जा सकता है?

मोटर यान अधिनियम, 1988

धारा 217(क) किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

2000 के अधिनियम सं० 27

धारा 217(क) कब से प्रभावी हुई?

11-8-2000

धारा 217(क) के अनुसार नवीकरण किसके बावजूद संभव है?

अधिनियम के निरसन के बावजूद

 

Motor Vehicle Act (Part 1 & 2) One Liner Notes Pdf Download

 

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