Motor Vehicle Act (Part 1 & 2) One Liner Notes Pdf Download
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मोटर यान अधिनियम, 1988 (THE MOTOR VEHICLES ACT, 1988) |
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(1988 का अधिनियम संख्यांक 59) (ACT NO. 59 OF 1988) |
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? |
मोटर यान अधिनियम, 1988 (The Motor Vehicles Act, 1988) |
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इस अधिनियम का अधिनियम संख्यांक क्या है? |
1988 का अधिनियम संख्यांक 59 |
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मोटर यान अधिनियम किस वर्ष अधिनियमित किया गया? |
वर्ष 1988 |
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अध्याय-1 (CHAPTER-I) |
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प्रारंभिक (PRELIMINARY) |
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“संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ” (Short title, extent and commencement) मोटर यान अधिनियम की कौन-सी धारा है? |
धारा 1 |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 का विस्तार किस पर है? |
सम्पूर्ण भारत पर |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 का प्रवर्तन किसके द्वारा किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 किस माध्यम से प्रवृत्त होगा? |
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा |
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क्या मोटर यान अधिनियम, 1988 के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रारंभ तिथियाँ हो सकती हैं? |
हाँ |
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अधिनियम के प्रारंभ से संबंधित निर्देश का अर्थ राज्य के संदर्भ में क्या होगा? |
उस राज्य में अधिनियम के प्रवृत्त होने की तिथि |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 भारत गणराज्य के किस वर्ष में अधिनियमित हुआ? |
भारत गणराज्य के उनतालीसवें वर्ष में |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 के प्रारंभ की तिथि कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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परिभाषा, (Definitions) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? |
धारा 2 |
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“अनुकूलित वाहन” (adapted vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(1) |
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“अनुकूलित वाहन” से तात्पर्य है- |
“अनुकूलित वाहन” से तात्पर्य किसी ऐसे मोटर वाहन से है जो विशेष रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया हो, या जिसमें धारा 52 की उपधारा (2) के तहत परिवर्तन किए गए हों, किसी शारीरिक दोष या विकलांगता से पीड़ित व्यक्ति के उपयोग के लिए, और जिसका उपयोग केवल ऐसे व्यक्ति द्वारा या उसके लिए किया जाता हो; |
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“एग्रीगेटर” (aggregator), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2 (1क) |
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“एग्रीगेटर” का अर्थ है- |
“एक डिजिटल मध्यस्थ या बाज़ार स्थान जिसके माध्यम से यात्री परिवहन के उद्देश्य से चालक से जुड़ सकता है; |
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"क्षेत्र” (area), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2 (1ख) |
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इस अधिनियम में “क्षेत्र” शब्द से क्या अभिप्रेत है? |
राज्य सरकार उस उपबंध की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे |
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धारा 2(1), धारा 2(1क), धारा 2(1ख) किस संशोधन द्दारा जोड़ी गयी? |
2019 संशोधन द्वारा |
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"संलग्न यान” (articulated vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(2) |
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इस अधिनियम में “संलग्न यान” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा मोटर यान जिससे अर्द्ध-ट्रेलर संलग्न हो |
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"धुरी भार" (axle weight), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(3) |
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इस अधिनियम में “धुरी भार” से क्या अभिप्रेत है? |
धुरी से जुड़े पहियों द्वारा भू-तल पर संप्रेषित कुल भार |
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"रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र" (certificate of registration), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(4) |
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इस अधिनियम में “रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र” से क्या अभिप्रेत है? |
सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिया गया यह प्रमाणपत्र कि मोटर यान अध्याय 4 के उपबंधों के अनुसार सम्यक् रूप से रजिस्टर किया गया है |
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“सामुदायिक सेवा" (community service), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(4क) |
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“सामुदायिक सेवा” से तात्पर्य है- |
“सामुदायिक सेवा” से तात्पर्य अवैतनिक कार्य से है जिसे किसी व्यक्ति को इस अधिनियम के अंतर्गत किए गए अपराध के दंड के रूप में करना आवश्यक है |
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“सामुदायिक सेवा” की परिभाषा मोटर वाहन अधिनियम में कब प्रभावी हुई? |
1 सितंबर 2019 |
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मंजिली गाड़ी के संबंध में "कन्डक्टर" (conductor), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(5) |
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इस अधिनियम में मंजिली गाड़ी के संबंध में “कन्डक्टर” से क्या अभिप्रेत है? |
यात्रियों से किराया संगृहीत करने एवं उनके प्रवेश-निकास को विनियमित करने वाला व्यक्ति और ऐसे अन्य कृत्य करने में लगा हुआ है जो विहित किये जाये |
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"कन्डक्टर अनुज्ञप्ति" (conductor's licence), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(6) |
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इस अधिनियम में “कन्डक्टर अनुज्ञप्ति” से क्या अभिप्रेत है? |
सक्षम प्राधिकारी द्वारा अध्याय 3 के अधीन दी गई वह अनुज्ञप्ति जो व्यक्ति को कन्डक्टर के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करती है |
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"ठेका गाड़ी” (contract carriage), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(7) |
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इस अधिनियम में “ठेका गाड़ी” से क्या अभिप्रेत है? |
भाड़े या पारिश्रमिक पर यात्रियों का वहन करने वाला मोटर यान |
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ठेका गाड़ी यात्रियों का वहन किस आधार पर करती है? |
भाड़े या पारिश्रमिक पर |
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ठेका गाड़ी का उपयोग किसके साथ की गई संविदा के अधीन होता है? |
परमिट के धारक या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति |
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ठेका गाड़ी के उपयोग हेतु की गई संविदा कैसी हो सकती है? |
अभिव्यक्त या विवक्षित |
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ठेका गाड़ी में यात्रियों का वहन किसके लिए किया जाता है? |
संविदा में वर्णित यात्रियों के लिए |
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ठेका गाड़ी में किराया या धनराशि किस प्रकार निर्धारित होती है? |
नियत या तय हुई दर पर |
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ठेका गाड़ी यात्रियों का वहन किन आधारों पर कर सकती है? |
समय या स्थान के आधार पर |
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समय के आधार पर ठेका गाड़ी का वहन किस प्रकार हो सकता है? |
मार्ग या दूरी के निर्देश सहित या बिना |
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ठेका गाड़ी यात्रियों को एक स्थान से अन्य स्थान तक ले जा सकती है या नहीं? |
हाँ |
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ठेका गाड़ी यात्रा के दौरान किन यात्रियों को चढ़ाने या उतारने के लिए रुक सकती है? |
किसी को भी नहीं |
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ठेका गाड़ी यात्रा के दौरान किस उद्देश्य से नहीं रुकती है? |
संविदा से बाहर के यात्रियों को चढ़ाने या उतारने के लिए |
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ठेका गाड़ी की परिभाषा में कौन-सा वाहन सम्मिलित है? |
बड़ी टैक्सी |
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ठेका गाड़ी की परिभाषा में मोटर टैक्सी सम्मिलित है या नहीं? |
हाँ |
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मोटर टैक्सी को ठेका गाड़ी में सम्मिलित क्यों माना गया है? |
क्योंकि उसमें अलग-अलग किराए प्रभारित किए जाते हैं |
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ठेका गाड़ी का मुख्य लक्षण क्या है? |
संविदा आधारित संपूर्ण यान का उपयोग |
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क्या ठेका गाड़ी सार्वजनिक सेवा यान के समान होती है? |
नहीं |
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ठेका गाड़ी में यात्रा करने वाले यात्रियों की पहचान किससे निर्धारित होती है? |
संविदा से |
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"व्यवहारी” (dealer), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(8) |
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इस अधिनियम में “व्यवहारी” शब्द के अन्तर्गत किसे सम्मिलित किया गया है? |
मोटर यानों से संबंधित निर्दिष्ट व्यवसायों में संलग्न व्यक्ति |
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“व्यवहारी” (dealer), के अन्तर्गत कौन-सा कार्य सम्मिलित है? |
चैसिस से संलग्न करने के लिए बाड़ियों का निर्माण, मोटर यानों की मरम्मत, मोटर यानों का आड्मान, पट्टा पर देना या अवक्रय, में लगा हुआ |
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"ड्राइवर" (driver), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(9) |
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इस अधिनियम में “ड्राइवर” शब्द का क्या अभिप्राय है? |
ड्राइवर” शब्द के अंतर्गत किसी ऐसे मोटर यान के संबंध में जो किसी अन्य मोटर यान से चलाया जाता हो मोटर यान चलाने वाला या अन्य कार्य में लगा हुआ वह व्यक्ति भी है जो चलाये जाने वाले यान के अनुचालक के रूप म कार्य करता है |
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चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (driver refresher training course), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(9क) |
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चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम से तात्पर्य है- |
“चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम” से तात्पर्य धारा 19 की उपधारा (2ए) में निर्दिष्ट पाठ्यक्रम से है |
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चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की परिभाषा मोटर वाहन अधिनियम में कब प्रभावी हुई? |
1 सितंबर 2019 |
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"चालन-अनुज्ञप्ति" (driving licence), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(10) |
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इस अधिनियम में “चालन-अनुज्ञप्ति” से क्या अभिप्रेत है? |
सक्षम प्राधिकारी द्वारा अध्याय 2 के अधीन दी गई अनुज्ञप्ति और जो उसमे विनिर्दिष्ट व्यक्ति को को मोटर यान या किसी विनिर्दिष्ट वर्ग या वणर्न का मोटर यान शिक्षार्थी से भिन्न रूप में चलाने के लिए प्रधिकृत करती है |
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"शिक्षा संस्था बस" (educational institution bus), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(11) |
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इस अधिनियम में “शिक्षा संस्था बस” से क्या अभिप्रेत है? |
किसी महाविद्यालय, विद्यालय या अन्य शिक्षा संस्था के स्वामित्वाधीन बस जिसका प्रयोग केवल शिक्षा संस्था के क्रियाकलापों के संबंध में विद्यार्थियों और कर्मचारिवृन्द के लिए केवल शिक्षा संस्था के प्रयोजनों के लिए किया जाता है |
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“किराए" (fares), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(12) |
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इस अधिनियम में “किराए” शब्द के अंतर्गत क्या सम्मिलित है? |
वे धनराशियां हैं जो किसी सीजन टिकट के लिए अथवा ठेका गाड़ी के भाड़े की बाबत संदेय हैं |
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“गोल्डन आवर” (golden hour), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2 (12क) |
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“गोल्डन आवर” से तात्पर्य है- |
“गोल्डन आवर” से तात्पर्य किसी आघातजन्य चोट के बाद एक घंटे तक चलने वाली उस अवधि से है, जिसके दौरान शीघ्र चिकित्सा देखभाल प्रदान करके मृत्यु को रोकने की सबसे अधिक संभावना होती है |
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“गोल्डन आवर” की परिभाषा किस संशोधन द्दारा जोड़ी गयी? |
अधिनियम 32, 2019, धारा 2 द्वारा |
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"माल” (goods), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(13) |
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इस अधिनियम में “माल” के अंतर्गत क्या सम्मिलित है? |
जीवित व्यक्तियों के सिवाय यान द्वारा ले जाया जाने वाला पशुधन और (यान में मामूली तौर पर काम आने वाले उपस्कर से भिन्न) कोई भी चीज है |
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“माल” की परिभाषा में निम्न में से किसे स्पष्ट रूप से अपवर्जित किया गया है? |
जीवित व्यक्ति |
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कौन-सी वस्तु “माल” की परिभाषा में नहीं आएगी? |
मोटर कार में या मोटर कार से संलग्न ट्रैलर में वहन किया जाने वाला सामान या निजी चीजबस्त या यान में यात्रा करने वाले यात्रियों का निजी सामान इसके अंतर्गत नहीं है; |
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"माल वाहन” (goods carriage), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(14) |
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इस अधिनियम में “माल वाहन” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा कोई मोटर यान जो केवल माल ढ़ोने के काम के लिए निर्मित या अनुकूलित है या ऐसा कोई मोटर यान भी, जो ऐसे निर्मित या अनुकूलित नहीं है, उस दशा में अभिप्रेत है जब कि उसका उपयोग माल ढ़ोने में किया जाता है |
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"सकल यान भार" (gross vehicle weight), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(15) |
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इस अधिनियम में “सकल यान भार” से क्या अभिप्रेत है? |
यान का कुल भार और उस यान के लिए रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी द्वारा अनुज्ञेय रूप में प्रमाणित और रजिस्ट्रीकृत भार |
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"भारी माल यान" (heavy goods vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(16) |
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इस अधिनियम में “भारी माल यान” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा कोई माल यान जिसका सकल यान भार, या ऐसा ट्रेक्टर या रोड-रोलर जिसमें से किसी का लदान रहित भार, 12,000 किलोग्राम से अधिक है |
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"भारी यात्री मोटर यान" (heavy passenger motor vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(17) |
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इस अधिनियम में “भारी यात्री मोटर यान” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा कोई लोक सेवा यान या प्राइवेट सेवा यान या शिक्षा संस्था बस या कोई बस जिसका सकल यान भार, या ऐसी मोटर कार जिसका लदान रहित भार, 12,000 किलोग्राम से अधिक है |
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"शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति" (learner's licence), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(19) |
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“शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसी अनुज्ञप्ति जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा अध्याय 2 के अधीन दी गई है, और जो उसमें विनिर्दिष्ट व्यक्ति को शिक्षार्थी के रूप में कोई मोटर यान या किसी विनिर्दिष्ट वर्ग या वर्णन का मोटर यान चलाने के लिए प्राधिकृत करती है |
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“अनुज्ञापन प्राधिकारी" (licensing authority), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(20) |
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“अनुज्ञापन प्राधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
वह प्राधिकारी जो अध्याय 2 या अध्याय 3 के अधीन अनुज्ञप्ति देने के लिए सशक्त है |
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"हल्का मोटर यान" (light motor vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(21) |
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“हल्का मोटर यान” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा कोई परिवहन यान या बस जिसमें से किसी का सकल यान भार, या ऐसी मोटर कार या ट्रैक्टर या रोड-रोलर जिसमें से किसी का लदान रहित भार, [7,500] किलोग्राम से अधिक नहीं है |
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“विनिर्माता" (manufacturer), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(21क) |
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इस अधिनियम में “विनिर्माता” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई ऐसा व्यक्ति जो मोटर यानों के विनिर्माण में लगा है |
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"बड़ी टैक्सी" (maxicab), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(22) |
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“बड़ी टैक्सी” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा मोटर यान जो भाड़े या पारिश्रमिक पर छह से अधिक किन्तु बारह से अनधिक यात्रियों का, जिसके अंतर्गत ड्राइवर नहीं है, वहन करने के लिए निर्मित या अनुकूलित है |
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"मध्यम माल यान" (medium goods vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(23) |
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“मध्यम माल यान” से क्या अभिप्रेत है? |
हल्के मोटर यान या भारी माल यान से भिन्न कोई माल वाहन अभिप्रेत है |
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"मध्यम यात्री मोटर यान" (medium passenger motor vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(24) |
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“मध्यम यात्री मोटर यान” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई लोक सेवा यान या प्राइवेट सेवा यान या शिक्षा संस्था बस अभिप्रेत है जो मोटर साइकिल, अशक्त यात्री गाड़ी, हल्का मोटर यान या भारी यात्री मोटर यान से भिन्न है; |
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"मोटर टैक्सी” (motorcab), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(25) |
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“मोटर टैक्सी” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा कोई मोटर यान अभिप्रेत है जो भाड़े या पारिभाषिक पर अधिक से अधिक छह यात्रियों का, जिसके अंतर्गत ड्राइवर नहीं है, वहन करने के लिए निर्मित या अनुकूलित है |
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मोटर टैक्सी में ड्राइवर को यात्रियों में शामिल किया जाता है या नहीं? |
शामिल नहीं किया जाता है |
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मोटर टैक्सी की अधिकतम यात्री संख्या (ड्राइवर को छोड़कर) कितनी हो सकती है? |
6 |
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"मोटर कार" (motor car), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(26) |
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“मोटर कार” से क्या अभिप्रेत है? |
परिवहन यान, बस, रोङ-रोलर, ट्रैक्टर, मोटर साइकिल या अशक्त यात्री गाड़ी से भिन्न कोई मोटर यान अभिप्रेत है |
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"मोटर साइकिल" (motor cycle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(27) |
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“मोटर साइकिल” से क्या अभिप्रेत है? |
दो पहियों वाला ऐसा मोटर यान अभिप्रेत है जिसमें मोटर यान से संलग्न, एक अतिरिक्त पहिए वाली साइड कार, जो पृथक् की जा सकती है |
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"मोटर यान" या "यान" (motor vehicle or vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(28) |
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“मोटर यान” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई ऐसा यंत्र नोदित यान अभिप्रेत है जो सड़कों पर उपयोग के अनुकूल बना लिया गया है, चाहे उसमें नोदन शक्ति किसी बाहरी स्रोत से संचारित की जाती हो या आंतरिक स्रोत से और इसके अंतर्गत चैसिस, जिससे बाडी संलग्न नहीं है और ट्रेलर भी है, किन्तु इसके अंतर्गत पटरियों पर चलने वाला यान अथवा केवल कारखाने में या अन्य किसी सीमाबद्ध परिसर में उपयोग किए जाने के अनुकूल बना लिया गया विशेष प्रकार का यान या चार से कम पहियों वाला यान जिसमें पच्चीस घन सेंटी मीटर से अनधिक क्षमता वाला इंजन लगाया गया है, नहीं है |
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"बस" (omnibus), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(29) |
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“बस” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा मोटर यान अभिप्रेत है जो छह से अधिक यात्रियों का, जिसके अंतर्गत ड्राइवर नहीं है, वहन करने के लिए निर्मित या अनुकूलित है |
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"स्वामी” (owner), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(30) |
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“स्वामी” से किस व्यक्ति को अभिप्रेत किया गया है? |
वह व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके नाम में मोटर यान रजिस्टर है और जहां ऐसा व्यक्ति अवयस्क है, वहां उस अवयस्क का संरक्षक अभिप्रेत है और उस मोटर यान के संबंध में जो अवक्रय करार या पट्टे के करार या आड्मान के करार पर लिया गया है, वह व्यक्ति अभिप्रेत है जिसका उस यान पर उस करार के अधीन कब्जा है |
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"परमिट" (permit), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(31) |
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“परमिट” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा परमिट अभिप्रेत है जो राज्य या प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने या इस अधिनियम के अधीन इस निमित्त विहित प्राधिकारी ने किसी मोटर यान का परिवहन यान के रूप में उपयोग करने के लिए प्राधिकृत करते हुए दिया है |
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"विहित" (prescribed), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(32) |
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“विहित” से क्या अभिप्रेत है? |
इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम |
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"प्राइवेट सेवा यान" (private service vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(33) |
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“प्राइवेट सेवा यान” से क्या अभिप्रेत है |
ऐसा मोटर यान जो छह से अधिक व्यक्तियों का, जिसके अंतर्गत ड्राइवर नहीं है, वहन करने के लिए निर्मित या अनुकूलित है और साधारणतः ऐसे यान के स्वामी द्वारा या उसकी ओर से, भाड़े या पारिश्रमिक से अन्यथा उसके व्यापार या कारबार के लिए, या उसके संबंध में, व्यक्तियों का वहन करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाता है, किन्तु इसमें लोक प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाया जाने वाला मोटर यान नहीं है |
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"सार्वजनिक स्थान" (public place), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(34) |
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“सार्वजनिक स्थान” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसी सड़क, गली, मार्ग या अन्य स्थान, चाहे वह आम रास्ता हो या नहीं, जिस पर जनता को पहुंच का अधिकार प्राप्त है, और इसके अंतर्गत कोई ऐसा स्थान या अड्डा भी है जहां पर मंजिली गाड़ी द्वारा यात्रियों को चढ़ाया या उतारा जाता है |
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"सार्वजनिक सेवा यान" (public service vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(35) |
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“सार्वजनिक सेवा यान” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा कोई मोटर यान जिसका उपयोग भाड़े या पारिश्रमिक पर यात्रियों का वहन करने के लिए किया जाता है या जिसे उपयोग के अनुकूल बना लिया गया है तथा इसके अंतर्गत बड़ी टैक्सी, मोटर टैक्सी, ठेका गाड़ी और मंजिली गाड़ी भी है |
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"रजिस्ट्रीकृत धुरी भार" (registered axle weight), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(36) |
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“रजिस्ट्रीकृत धुरी भार” से क्या अभिप्रेत है? |
किसी यान की धुरी के संबंध में, धुरी भार अभिप्रेत है जिसकी बाबत रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी द्वारा यह प्रमाणित और रजिस्ट्रीकृत है कि वह उस धुरी के लिए अनुज्ञेय धुरी भार है |
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"रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी" (registering authority), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(37) |
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“रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
वह प्राधिकारी जिसे अध्याय 4 के अधीन मोटर यानों को रजिस्टर करने का अधिकार प्राप्त है |
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रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी किस अध्याय के तहत सशक्त होता है? |
अध्याय 4 |
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रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी के अधिकार का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
यात्रा का वह पथ जिसकी बाबत यह विनिर्दिष्ट है कि वह ऐसा राजमार्ग है जिसमें एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक मोटर यान, आ जा सकता है |
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"मार्ग" (route), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(38) |
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“मार्ग” से क्या अभिप्रेत है? |
यात्रा का वह पथ जिसकी बाबत यह विनिर्दिष्ट है कि वह ऐसा राजमार्ग है जिसमें एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक मोटर यान, आ जा सकता है |
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“योजना” (scheme), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(38क) |
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“योजना” से तात्पर्य है- |
“योजना” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाई गई योजना से है |
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योजना की परिभाषा किस संशोधन द्दारा जोड़ी गयी? |
अधिनियम 32, 2019, धारा 2 द्वारा |
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अर्द्ध ट्रेलर" (semi-trailer) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(39) |
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अर्द्ध ट्रेलर को ट्रेलर से क्या अलग बनाता है? |
ट्रेलर से भिन्न कोई ऐसा यान, जो यंत्र नोदित नहीं है और जो किसी मोटर यान से संयोजित किए जाने के लिए आशयित है तथा जो इस प्रकार निर्मित है, कि उसका एक प्रभाग उस मोटर यान के ऊपर है और उसके भार का एक प्रभाग उस मोटर यान द्वारा वहन किया जाता है |
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"मंजिली गाड़ी" (stage carriage), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(40) |
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मंजिली गाड़ी किस प्रकार का वाहन है? |
ऐसा मोटर यान अभिप्रेत है जो भाड़े या पारिश्रमिक पर छह से अधिक यात्रियों का, जिसके अंतर्गत ड्राइवर नहीं है, पूरी यात्रा अथवा यात्रा की मंजिलों तक के लिए, अलग-अलग यात्रियों द्वारा या उनकी ओर से दिए गए अलग-अलग किरायों पर वहन करने के लिए, निर्मित या अनुकूलित है; |
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"राज्य सरकार" (State Government), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(41) |
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किसी संघ राज्यक्षेत्र के लिए "राज्य सरकार" का मतलब क्या है? |
किसी संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में, "राज्य सरकार" से संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन नियुक्त उसका प्रशासक अभिप्रेत है |
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"राज्य परिवहन उपक्रम" (State transport undertaking), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(42) |
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राज्य परिवहन उपक्रम किससे संचालित हो सकता है? |
ऐसा कोई उपक्रम अभिप्रेत है जो वहां सड़क परिवहन सेवा की व्यवस्था करता है, जहां ऐसा उपक्रम निम्नलिखित द्वारा चलाया जाता है |
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सड़क परिवहन सेवा का क्या मतलब है? |
भाड़े या पारिश्रमिक पर सड़क मार्ग द्वारा यात्रियों या माल अथवा दोनों का वहन करने वाली मोटर यान सेवा |
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राज्य परिवहन उपक्रम सड़क परिवहन निगम अधिनियम 1950 की कौन-सी धारा के अधीन स्थापित निगम द्वारा चलाया जा सकता है? |
धारा 3 |
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राज्य परिवहन उपक्रम किसके स्वामित्व या नियंत्रण में हो सकता है? |
केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकारों के, या उनके नियंत्रण में नगरपालिका, निगम या कंपनी |
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क्या जिला परिषद राज्य परिवहन उपक्रम चला सकती है? |
जिला परिषद या वैसा ही कोई अन्य स्थानीय प्राधिकारी इसे चला सकता है |
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राज्य परिवहन उपक्रम किस प्रकार की सेवा प्रदान करता है? |
सड़क परिवहन सेवा के अंतर्गत यात्रियों और माल दोनों का वहन करने वाली सेवा |
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राज्य परिवहन उपक्रम के अंतर्गत कौन-कौन चला सकता है? |
केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार, निगम, नगरपालिका, जिला परिषद या वैसा ही अन्य स्थानीय प्राधिकारी |
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"सड़क परिवहन सेवा" में कौन शामिल है? |
भाड़े या पारिश्रमिक पर यात्रियों या माल अथवा दोनों का वहन करने वाली मोटर यान सेवा |
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राज्य परिवहन उपक्रम निजी कंपनियों द्वारा संचालित हो सकता है? |
नहीं, केवल सरकारी या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा |
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राज्य परिवहन उपक्रम किसके अंतर्गत आता है? |
सड़क परिवहन सेवा की व्यवस्था करने वाला सरकारी या स्थानीय प्राधिकारी |
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“परीक्षण एजेंसी” (testing agency) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
(42क) |
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“परीक्षण एजेंसी” से तात्पर्य है- |
“परीक्षण एजेंसी” से तात्पर्य धारा 110बी के अंतर्गत परीक्षण एजेंसी के रूप में नामित किसी भी इकाई से है |
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परीक्षण एजेंसी की परिभाषा किस संशोधन द्दारा जोड़ी गयी? |
अधिनियम 32, 2019, धारा 2 द्वारा |
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"पर्यटन यान" (tourist vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(43) |
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"पर्यटन यान" से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसी ठेका गाड़ी अभिप्रेत है जो उन विनिर्देशों के अनुसार निर्मित या अनुकूलित, सज्जित और अनुरक्षित है जिन्हें इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाए |
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"ट्रैक्टर" (tractor), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(44) |
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"ट्रैक्टर" से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा मोटर यान अभिप्रेत है जो स्वयं (नोदन के प्रयोजन के लिए काम में आने वाले उपस्कर से भिन्न) कोई भार वहन करने के लिए निर्मित नहीं है, किंतु इसके अंतर्गत रोड-रोलर नहीं है |
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"यातायात संकेत" (traffic signs), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(45) |
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"यातायात संकेत" में क्या शामिल है? |
सभी संकेत, चेतावनी-संकेत स्तंभ, दिशा सूचक स्तंभ, सड़कों पर चिह्नांकन या अन्य युक्तियां हैं जो मोटर यानों के ड्राइवरों की जानकारी, मार्गदर्शन या निदेशन के लिए है |
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"ट्रेलर" (trailer), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(46) |
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"ट्रेलर" से क्या अभिप्रेत है? |
अर्द्ध-ट्रेलर और साइड कार से भिन्न कोई ऐसा यान जो मोटर यान के द्वारा खींचा जाता है अथवा खींचे जाने के लिए आशयित है |
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"परिवहन यान" (transport vehicle), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(47) |
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"परिवहन यान" से क्या अभिप्रेत है? |
कोई सार्वजनिक सेवा यान, माल वाहन, शिक्षा संस्था बस या प्राइवेट सेवा यान |
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"लदान रहित भार" (unladen weight), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(48) |
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"लदान रहित भार" से क्या अभिप्रेत है? |
यान या ट्रेलर का ऐसे सभी उपस्कर सहित भार अभिप्रेत है, जिसका उपयोग मामूली तौर पर यान या ट्रेलर के चालू होने पर किया जाता है किन्तु इसमें ड्राइवर या परिचालक का भार सम्मिलित नहीं है तथा जहां आनुकाल्पिक पुर्जों या बाडी का उपयोग किया जाता है वहां यान के लदान रहित भार से यान का, ऐसे सबसे भारी आनुकल्पिक पुर्जे या बाडी सहित भार |
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"भार" (weight), अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(49) |
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"भार" से क्या अभिप्रेत है? |
यान के पहियों द्वारा उस भू-तल पर, जिस पर वह यान टिका हुआ है उस समय संचारित किया जाने वाला कुल भार |
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ई-गाड़ी और ई-रिक्शा (e-cart and e-rickshaw), किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 2(क) |
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इस अधिनियम के उपबंध ई-गाड़ी और ई-रिक्शा पर कब लागू होंगे? |
(1) धारा 7 की उपधारा (1) के परंतुक और धारा 9 की उपधारा (10) में जैसा अन्यथा उपबंधित है, उसके सिवाय, इस अधिनियम के उपबंध ई-गाड़ी और ई-रिक्शा को लागू होंगे। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा का उपयोग मुख्यतः किस उद्देश्य के लिए किया जाता है? |
भाड़े या पारिश्रमिक के लिए माल या यात्रियों के वहन हेतु। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा किस प्रकार का यान है? |
तीन पहियों वाला। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा में प्रयुक्त विद्युत शक्ति की अधिकतम सीमा क्या है? |
4000 वाट से अनधिक। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा किस प्रकार की बैटरी से युक्त होता है? |
विशेष प्रयोजन बैटरी। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा का निर्माण किन विनिर्देशों के अनुसार होना चाहिए? |
इस निमित्त विहित किए गए विनिर्देशों के अनुसार। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा का अनुरक्षण किस प्रकार होना चाहिए? |
विहित विनिर्देशों के अनुसार सुसज्जित और अनुरक्षित। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा का प्रयोग किन वस्तुओं के वहन के लिए किया जा सकता है? |
माल या यात्रियों दोनों के वहन के लिए। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा किस श्रेणी का यान माना गया है? |
विशेष प्रयोजन बैटरी युक्त यान। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा के संबंध में अधिनियम की धाराएँ कब लागू नहीं होंगी? |
जब धारा 7(1) के परंतुक और धारा 9(10) में अन्यथा उपबंधित हो। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा का निर्माण, सन्निर्माण या अनुकूलन किस आधार पर किया जाता है? |
विहित किए गए विनिर्देशों के अनुसार। |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा किस प्रकार की सेवा के लिए प्रयुक्त होता है? |
भाड़े या पारिश्रमिक के लिए सेवा। |
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नवाचार को प्रोत्साहन (Promotion of innovation), किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 2(ख) |
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नवाचार को प्रोत्साहन से क्या अभिप्रेत है? |
इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन रहते हुए, वाहन अभियांत्रिकी, यांत्रिक रूप से संचालित वाहनों और सामान्य रूप से परिवहन के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए, केंद्र सरकार कुछ प्रकार के यांत्रिक रूप से संचालित वाहनों को इस अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने से छूट दे सकती है। |
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अध्याय-2 |
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मोटर यानों के ड्राइवरों का अनुज्ञापन (LICENSING OF DRIVERS OF MOTOR VEHICLES) |
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चालन-अनुप्ति की आवश्यकता (Necessity for driving licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 3 |
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कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान में मोटर यान कब चला सकता है? |
जब उसके पास प्रभावी चालन-अनुज्ञप्ति हो |
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चालन-अनुज्ञप्ति किसके नाम में दी गई होनी चाहिए? |
चालक के नाम में |
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परिवहन यान चलाने के लिए चालक की चालन-अनुज्ञप्ति कैसी होनी चाहिए? |
ऐसी अनुज्ञप्ति जो उसे विनिर्दिष्ट रूप से परिवहन यान चलाने का हकदार बनाती हो |
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मोटर टैक्सी या मोटर साइकिल (जो अपने उपयोग के लिए भाड़े पर ली गई हो) के संबंध में प्रावधान किससे संबंधित है? |
चालन-अनुज्ञप्ति की आवश्यकता |
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मोटर यान चलाना सीख रहे व्यक्ति पर उपधारा (1) कब लागू नहीं होगी? |
जब वह केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित शर्तों का पालन कर रहा हो |
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मोटर यान चलाना सीखने वालों के लिए शर्तें कौन विहित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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सार्वजनिक स्थान में मोटर यान चलाने के लिए कौन-सी अनुज्ञप्ति आवश्यक है? |
प्रभावी चालन-अनुज्ञप्ति |
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मोटर यान चलाने के संबंध में आयु सीमा (Age limit in connection with driving of motor vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 4 |
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सामान्यतः सार्वजनिक स्थान में मोटर यान चलाने के लिए न्यूनतम आयु क्या है? |
18 वर्ष |
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50 सी.सी. से अनधिक इंजन क्षमता वाली मोटर साइकिल सार्वजनिक स्थान में कौन चला सकता है? |
16 वर्ष की आयु प्राप्त व्यक्ति |
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परिवहन यान चलाने के लिए न्यूनतम आयु क्या निर्धारित है? |
20 वर्ष |
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अठारह वर्ष से कम आयु का व्यक्ति सामान्यतः क्या नहीं कर सकता? |
मोटर यान चलाना |
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16 वर्ष का व्यक्ति किस प्रकार का वाहन चला सकता है? |
50 सी.सी. से अनधिक इंजन क्षमता वाली मोटर साइकिल |
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बीस वर्ष से कम आयु का व्यक्ति किस वाहन को सार्वजनिक स्थान में नहीं चला सकता? |
परिवहन यान |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन-अनुज्ञप्ति कब नहीं दी जाएगी? |
जब व्यक्ति उस वर्ग के वाहन को चलाने के लिए आयु के अनुसार पात्र न हो |
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धारा 4 का संबंध मुख्यतः किससे है? |
आयु सीमा |
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17 वर्ष का व्यक्ति सार्वजनिक स्थान में मोटर कार चलाए तो यह किसका उल्लंघन होगा? |
आयु सीमा संबंधी प्रावधान का |
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परिवहन यान चलाने की आयु सीमा किस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए लागू होती है? |
धारा 18 |
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चालन-अनुज्ञप्ति किसी वर्ग के वाहन के लिए कब दी जाएगी? |
जब व्यक्ति आयु की दृष्टि से उस वर्ग के वाहन को चलाने के लिए पात्र हो |
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20 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद व्यक्ति क्या कर सकता है? |
परिवहन यान चलाने के लिए पात्र हो सकता है |
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धारा 3 और धारा 4 के उल्लंघन के लिए मोटर यानों के स्वामियों का उत्तरदायित्व (Responsibility of owners of motor vehicles for contravention of sections 3 and 4), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 5 |
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मोटर यान का स्वामी किस व्यक्ति से यान नहीं चलवाएगा? |
ऐसे व्यक्ति से जो धारा 3 या धारा 4 के उपबंधों की पूर्ति नहीं करता |
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धारा 5 के अनुसार मोटर यान का स्वामी क्या नहीं करेगा? |
अयोग्य व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुज्ञा देना |
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धारा 5 के अंतर्गत उत्तरदायित्व किसका निर्धारित किया गया है? |
मोटर यान के स्वामी या भारसाधक व्यक्ति का |
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यदि कोई स्वामी ऐसे व्यक्ति से वाहन चलवाता है जो आयु या लाइसेंस संबंधी शर्तें पूरी नहीं करता, तो यह किसका उल्लंघन होगा? |
धारा 5 का |
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धारा 3 और धारा 4 का पालन न करने वाले व्यक्ति के संबंध में स्वामी का कर्तव्य क्या है? |
उससे वाहन न चलवाना और न चलाने की अनुमति देना |
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चालन-अनुज्ञप्तियां धारण करने पर निर्बंधन (Restrictions on the holding of driving licences), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 6 |
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कोई व्यक्ति एक ही समय में कितनी चालन-अनुज्ञप्तियां धारण कर सकता है? |
केवल एक |
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किस स्थिति में अन्य अनुज्ञप्ति धारण करना अनुमेय है? |
शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या धारा 18 के अनुसार दी गई अनुज्ञप्ति के मामले में |
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चालन-अनुज्ञप्ति का धारक क्या किसी अन्य व्यक्ति को उसका उपयोग करने दे सकता है? |
नहीं |
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धारा 6 के अनुसार अन्य दस्तावेज के माध्यम से मोटर यान चलाने की अनुमति किसके अनुसार दी जा सकती है? |
धारा 139 के अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार |
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क्या अनुज्ञापन प्राधिकारी चालन-अनुज्ञप्ति में अन्य वर्ग के यान जोड़ सकता है? |
हाँ, अधिकारिता होने पर |
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चालन-अनुज्ञप्ति धारक द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को अनुज्ञप्ति का उपयोग करने देना क्या होगा? |
धारा 6 का उल्लंघन |
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कुछ यानों के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के दिए जाने पर निर्बंधन (Restrictions on the granting of learner's licences for certain vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 7 |
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परिवहन यान चलाने के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति कब दी जाएगी? |
जब उसने हल्का मोटर यान चलाने के लिए कम से कम एक वर्ष तक चालन-अनुज्ञप्ति धारण की हो |
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धारा 7(1) का प्रावधान किस पर लागू नहीं होता? |
ई-गाड़ी या ई-रिक्शा |
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बिना गियर वाली मोटर साइकिल के लिए 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति कब दी जा सकती है? |
देखरेख करने वाले व्यक्ति की लिखित सहमति से |
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परिवहन यान के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति देने से पहले किस प्रकार की अनुज्ञप्ति का कम से कम एक वर्ष का अनुभव आवश्यक है? |
हल्का मोटर यान चलाने की चालन-अनुज्ञप्ति |
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18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को बिना गियर वाली मोटर साइकिल की शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति किसके बिना नहीं दी जाएगी? |
देखरेख करने वाले व्यक्ति की लिखित सहमति |
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हल्का मोटर यान चलाने की अनुज्ञप्ति कम से कम कितने समय तक धारण करना आवश्यक है ताकि परिवहन यान के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति मिल सके? |
1 वर्ष |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति का दिया जाना (Grant of learner's licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 8 |
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धारा 8(1) के अनुसार शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कौन कर सकता है? |
वह व्यक्ति जो धारा 4 के अधीन निरर्हित नहीं है |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है? |
राज्य के किसी भी अनुज्ञापन प्राधिकारी को |
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आवेदन किस स्थान के आधार पर किया जा सकता है? |
जहाँ वह मामूली तौर पर निवास करता है या कारोबार चलाता है |
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धारा 8(2) के अनुसार आवेदन किस प्रकार किया जाएगा? |
विहित प्ररूप में, आवश्यक दस्तावेजों एवं फीस सहित, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम भी शामिल है |
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परिवहन यान चलाने के लिए आवेदन के साथ क्या अनिवार्य है? |
चिकित्सा प्रमाणपत्र |
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यदि आवेदक किसी ऐसे रोग से ग्रस्त है जिससे वाहन चलाना जनता के लिए खतरनाक हो सकता है, तो अनुज्ञापन प्राधिकारी क्या करेगा? |
शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति देने से इंकार करेगा |
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यदि आवेदक अनुकूलित यान चलाने के योग्य है, तो— |
उसे केवल अशक्त यात्री गाड़ी चलाने तक सीमित शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति दी जा सकती है |
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धारा 8(5) के अनुसार शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति देने से पूर्व आवेदक को— |
केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित शर्तों को पूरा करना होगा |
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यदि आवेदक ने शारीरिक समर्थता सिद्ध कर दी हो और परीक्षण उत्तीर्ण कर लिया हो, तो अनुज्ञापन प्राधिकारी— |
धारा 7 के अधीन रहते हुए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति देगा |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति किस रूप में जारी कर सकता है? |
इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी, जैसा कि केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित हो |
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केन्द्रीय सरकार किन उपधाराओं से छूट दे सकती है? |
उपधारा (3) या (5) अथवा दोनों से |
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अधिनियम के प्रारंभ से पूर्व प्रवृत्त मोटर साइकिल की शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति— |
गियर वाली या बिना गियर वाली दोनों मोटर साइकिलों के लिए प्रभावी मानी जाएगी |
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धारा 8 संशोधित की गयी- |
1-9-2019 संशोधन द्वारा |
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चालन-अनुज्ञप्ति का दिया जाना (Grant of driving licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 9 |
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चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कौन कर सकता है? |
जो चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने या प्राप्त करने के लिए निरर्हित नहीं है |
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आवेदन किस अनुज्ञापन प्राधिकारी को किया जाएगा? |
उस प्राधिकारी को जिसकी अधिकारिता उस क्षेत्र पर है जहां आवेदक निवास करता है या कारबार चलाता है |
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आवेदन किसके साथ प्रस्तुत किया जाएगा? |
विहित प्ररूप, फीस और दस्तावेज |
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चालन-अनुज्ञप्ति कब दी जाएगी? |
जब आवेदक विहित परीक्षण में उत्तीर्ण हो जाए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए |
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परीक्षण की आवश्यकता कब नहीं होगी? |
आवेदक के पास ऐसे वर्ग के यान को चलाने के लिए पहले भी अनुज्ञप्ति थी और उस अनुज्ञप्ति की समाप्ति की तारीख तथा ऐसे आवेदन की तारीख के बीच की अवधि पांच वर्ष से अधिक नहीं है, या आवेदक के पास ऐसे वर्ग के यान को चलाने के लिए धारा 18 के अधीन दी गई चालन-अनुज्ञप्ति है या पहले भी थी, या आवेदक के पास भारत के बाहर किसी देश के सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऐसे वर्ग के यान को चलाने के लिए इस शर्त के अधीन दी गई चालन-अनुज्ञप्ति है कि आवेदक धारा 8 की उपधारा (3) के उपबंधों का पालन करता है, |
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किसी अनुकूलित यान को चलाने के लिए किसी आवेदक को चालन अनुज्ञप्ति जारी की जा सकेगी यदि अनुज्ञापन प्राधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि वह |
ऐसे मोटर यान को चलाने के लिए उपयुक्त है। |
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धारा 9(3)(ख) का परन्तुक जोड़ा गया- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 5 द्वारा |
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परिवहन यान चलाने की अनुज्ञप्ति के लिए आवेदक के पास क्या होना आवश्यक है? |
न्यूनतम शैक्षिक अर्हता और मान्यता प्राप्त विद्यालय का चालन-प्रमाणपत्र |
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यदि आवेदक परीक्षण में असफल हो जाए तो पुनः परीक्षण कब दे सकता है? |
सात दिन के बाद |
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यदि आवेदक तीन बार असफल हो जाए तो पुनः परीक्षण कब दे सकेगा? |
अंतिम परीक्षण से साठ दिन के बाद |
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चालन सक्षमता परीक्षण किस प्रकार के यान में लिया जाएगा? |
उसी प्रकार के यान में जिसका आवेदन में निर्देश है |
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गियर वाली मोटर साइकिल का परीक्षण उत्तीर्ण करने वाले व्यक्ति के बारे में क्या माना जाएगा? |
उसने बिना गियर वाली मोटर साइकिल का परीक्षण भी उत्तीर्ण किया |
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किन परिस्थितियों में अनुज्ञापन प्राधिकारी चालन-अनुज्ञप्ति देने से इंकार कर सकता है? |
यदि आवेदक आभ्यासिक अपराधी या आभ्यासिक शराबी हो |
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अनुज्ञप्ति देने से इंकार के आदेश के विरुद्ध अपील कब की जा सकती है? |
30 दिन के भीतर |
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अधिनियम प्रारंभ के पूर्व प्रवृत्त मोटर साइकिल की चालन-अनुज्ञप्ति किसके लिए प्रभावी मानी जाएगी? |
गियर वाली या बिना गियर वाली मोटर साइकिल |
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ई-गाड़ी या ई-रिक्शा के लिए चालन-अनुज्ञप्ति कैसे जारी की जाएगी? |
विहित रीति और शर्तों के अधीन |
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आवेदक को नई चालन-अनुज्ञप्ति कब नहीं दी जाएगी? |
जब उसके पास पहले की अनुज्ञप्ति की दूसरी प्रति प्राप्त करने में असमर्थता का उचित कारण सिद्ध न हो |
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चालन-अनुज्ञप्ति का प्ररूप और अंतर्वस्तु (Form and contents of licences to drive), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 10 |
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धारा 10 के अनुसार शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति और चालन-अनुज्ञप्ति का प्ररूप किसके द्वारा विहित किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 10 के अनुसार अनुज्ञप्ति में किस प्रकार की जानकारी सम्मिलित होगी? |
वह जानकारी जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए |
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चालन-अनुज्ञप्ति में यह भी अभिव्यक्त किया जाएगा कि धारक किस बात का हकदार है? |
एक या अधिक वर्ग के मोटर यान चलाने का |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन-अनुज्ञप्ति में यह भी अभिव्यक्त किया गया होगा कि धारक किन्ही वर्गों में से एक या अधिक वर्ग का मोटर यान चलाने का हकदार है - |
बिना गियर वाली मोटर साइकिल गियर वाली मोटर साइकिल; अनुकूलित यान हल्का मोटर यान; परिवहन या रोड-रोलर किसी विनिर्दिष्ट प्रकार का मोटर यान |
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"अशक्त यात्री गाड़ी" शब्दों के स्थान पर अनुकूलित यान प्रतिस्थापित- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 6 द्वारा |
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चालन-अनुज्ञप्ति में परिवर्धन (Additions to driving licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 11 |
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चालन-अनुज्ञप्ति में नया वर्ग जोड़ने के लिए कौन आवेदन कर सकता है? |
वह व्यक्ति जो उस वर्ग का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निरर्हित नहीं है |
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आवेदन किस प्राधिकारी को किया जाएगा? |
अधिकारिता वाले अनुज्ञापन प्राधिकारी को |
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आवेदन किस क्षेत्र के अनुज्ञापन प्राधिकारी को किया जाएगा? |
जहाँ आवेदक निवास करता है या कारोबार चलाता है |
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आवेदन किस रूप में किया जाएगा? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित प्ररूप में |
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आवेदन के साथ क्या संलग्न करना आवश्यक है? |
दस्तावेज और फीस |
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आवेदन की फीस कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 11(2) के अनुसार आवेदन पर किस धारा के उपबंध लागू होंगे? |
धारा 9 |
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धारा 11 के अंतर्गत किया गया आवेदन किसके समान माना जाएगा? |
नई अनुज्ञप्ति के लिए धारा 9 के अधीन आवेदन |
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चालन-अनुज्ञप्ति में अन्य वर्ग जोड़ने की अनुमति किस शर्त पर दी जा सकती है? |
यदि आवेदक उस वर्ग के लिए निरर्हित न हो |
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धारा 11 के अनुसार चालन-अनुज्ञप्ति में परिवर्धन के लिए आवेदन कौन-सा व्यक्ति नहीं कर सकता? |
जो उस वर्ग का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निरर्हित है |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी, अनुज्ञप्ति जारी करने से पूर्व, ऐसी रीति में, आवेदक की पहचान को सत्यापित कर सकेगा- |
जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए |
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धारा 11(2) का परन्तुक जोड़ा गया- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 7 द्वारा (1-4-2021 से)
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मोटर यानों के चलाने की शिक्षा देने के लिए विद्यालयों या स्थापनों का अनुज्ञापन और विनियमन (Licensing and regulation of schools or establishments for imparting instruction in driving of motor vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 12 |
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मोटर यानों के चलाने और उससे संबंधित विषयों में शिक्षा देने के लिए विद्यालयों या स्थापनों के (चाहे वे किसी भी नाम से ज्ञात हों) राज्य सरकारों द्वारा अनुज्ञापन और विनियमन के प्रयोजन के लिए नियम बना सकेगी - |
केन्द्रीय सरकार |
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ऐसे विद्यालयों को अनुज्ञप्ति प्रदान करने और विनियमित करने का कार्य किसके द्वारा किया जाएगा? |
राज्य सरकार |
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नियमों में विद्यालयों की अनुज्ञप्ति का कौन-सा विषय शामिल किया जा सकता है? |
दिया जाना, नवीकरण और प्रतिसंहरण |
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विद्यालयों का पर्यवेक्षण किस विषय के अंतर्गत नियमों में शामिल किया जा सकता है? |
पर्यवेक्षण |
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अनुज्ञप्ति के आवेदन का प्ररूप और अनुज्ञप्ति का प्ररूप कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियम |
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अनुज्ञप्ति के आवेदन के साथ देय फीस किसके द्वारा निर्धारित की जाएगी? |
नियमों द्वारा |
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अनुज्ञप्ति देने या नवीकरण से इंकार के विरुद्ध क्या प्रावधान किया जा सकता है? |
अपील |
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मोटर यान चलाने की शिक्षा देने के लिए पाठ्यक्रम और उसकी अवधि किसके द्वारा निर्धारित की जा सकती है? |
नियमों द्वारा |
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प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरणों में क्या शामिल हो सकता है? |
दोहरे नियंत्रण वाले मोटर यान |
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विद्यालयों के परिसर की उपयुक्तता और सुविधाओं का निर्धारण किसके अंतर्गत किया जा सकता है? |
नियमों के उपबंध |
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मोटर यान चलाने की शिक्षा देने वाले प्रशिक्षकों की शैक्षिक और व्यावसायिक अर्हताएँ किसके द्वारा निर्धारित होंगी? |
नियमों द्वारा |
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विद्यालयों के निरीक्षण, अभिलेख रखने, वित्तीय स्थायित्व से संबंधित, का प्रावधान किसमें किया जा सकता है? |
नियम |
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चालन प्रमाणपत्र का प्ररूप और शर्तें किसके द्वारा निर्धारित की जाएंगी? |
नियम |
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केन्द्रीय सरकार किन परिस्थितियों में कुछ विद्यालयों को इस धारा से छूट दे सकती है? |
जब आवश्यक या समीचीन समझे |
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अधिनियम प्रारंभ होने से पहले कार्यरत विद्यालय बिना अनुज्ञप्ति के कितने समय तक कार्य जारी रख सकते हैं? |
1 माह |
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यदि ऐसे विद्यालय ने एक माह के भीतर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कर दिया हो, तो वह कब तक शिक्षा देना जारी रख सकता है? |
आवेदन के निपटारे तक |
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इस धारा के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए अन्य आवश्यक विषयों का प्रावधान कहाँ किया जा सकता है? |
नियमों में |
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किसी अन्य उपबंध में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी स्कूल या स्थापन को तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित निकाय द्वारा प्रत्यायन प्रदान किया गया है, कोई व्यक्ति, जिसने ऐसे स्कूल या स्थापन में सफलतापूर्वक कोई प्रशिक्षण माड्यूल पूरा कर लिया है, जिसके अंतर्गत कोई विशिष्ट किस्म का मोटर यान भी आता है, वहां वह - |
ऐसी किस्म के मोटर यान के लिए चालन अनुज्ञप्ति करने के लिए पात्र होगा |
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धारा12 उपधारा (5) में निर्दिष्ट प्रशिक्षण माड्यूल और धारा 9 की उपधारा (5) में निर्दिष्ट उपचारी चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम वह होगा, जो |
केंद्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए और केंद्रीय सरकार ऐसे स्कूलों या स्थापनों के विनियमन के लिए नियम बना सकेगी। |
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धारा 12 का उपधारा (5)(6) जोड़ा गया- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 8 द्वारा (1-7-2021 से) अंतःस्थापित |
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मोटर यानों को चलाने की अनुज्ञप्तियों के प्रभावी होने का विस्तार (Extent of effectiveness of licences, to drive motor vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 13 |
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इस अधिनियम के अधीन दी गई शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन अनुज्ञप्ति कहाँ प्रभावी होगी? |
संपूर्ण भारत में |
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मोटर यानों को चलाने की अनुज्ञप्तियों का चालू रहना (Currency of licences to drive motor vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 14 |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति कितनी अवधि तक प्रभावी रहती है? |
6 माह |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति की वैधता किस तिथि से गणना की जाती है? |
अनुज्ञप्ति दिए जाने की तिथि से |
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परिवहन यान चलाने की नवीकृत चालन-अनुज्ञप्ति सामान्यतः कितनी अवधि तक प्रभावी रहती है? |
5 वर्ष |
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खतरनाक या परिसंकटमय माल ले जाने वाले परिवहन यान के चालक की अनुज्ञप्ति कितने वर्ष तक प्रभावी रहती है? |
तीन वर्ष |
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धारा 14 के परन्तुक में तीन वर्ष और उसका नवीकरण ऐसी शर्तों के अध्यधीन होगा जैसा केंद्रीय सरकार विहित करे कब जोड़ा गया- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 9 द्वारा (1-9-2019 से) प्रतिस्थापित। |
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खतरनाक माल ले जाने वाले वाहन की अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए चालक को क्या करना होगा? |
एक दिन का पुनश्चर्या पाठ्यक्रम पूरा करना |
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यदि किसी व्यक्ति की आयु लाइसेंस जारी होने की तारीख को 30 वर्ष से कम है, तो लाइसेंस कब तक प्रभावी रहेगा? |
40 वर्ष की आयु तक |
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यदि किसी व्यक्ति की आयु लाइसेंस जारी होने की तारीख को 30 वर्ष से अधिक लेकिन 50 वर्ष से कम है, तो लाइसेंस कितने समय तक प्रभावी रहेगा? |
10 वर्ष
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यदि लाइसेंस जारी होने की तारीख को व्यक्ति की आयु 50 वर्ष से अधिक लेकिन 55 वर्ष से कम है, तो लाइसेंस कब तक प्रभावी रहेगा? |
65 वर्ष की आयु तक |
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यदि लाइसेंस जारी या नवीकरण के समय व्यक्ति की आयु 55 वर्ष या उससे अधिक है, तो लाइसेंस कितने समय के लिए प्रभावी रहेगा? |
5 वर्ष |
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चालन-अनुज्ञप्तियों का नवीकरण (Renewal of driving licences), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 15 |
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चालन अनुज्ञप्ति का नवीकरण किसके द्वारा किया जा सकता है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
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यदि चालन अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए आवेदन समाप्ति की तारीख से कितने समय पहले या बाद में किया जा सकता है? |
1 वर्ष पहले या 1 वर्ष के भीतर |
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यदि नवीकरण के लिए आवेदन समय पर किया गया है, तो लाइसेंस कब से नवीकृत माना जाएगा? |
समाप्ति की तारीख से |
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किन परिस्थितियों में नवीकरण के आवेदन के साथ चिकित्सा प्रमाणपत्र आवश्यक होता है? |
परिवहन यान के लाइसेंस के लिए या जब आवेदक 40 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका हो |
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चालन अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए आवेदन किस प्रकार किया जाएगा? |
निर्धारित प्ररूप में और आवश्यक दस्तावेजों के साथ |
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यदि नवीकरण के लिए आवेदन लाइसेंस की समाप्ति के एक वर्ष के भीतर किया जाता है, तो फीस किस प्रकार होगी? |
केंद्रीय सरकार द्वारा विहित फीस |
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यदि अनुज्ञापन प्राधिकारी को संतोष हो कि आवेदक उचित कारण से समय पर आवेदन नहीं कर सका, तो क्या किया जा सकता है? |
फीस स्वीकार कर नवीकरण किया जा सकता है |
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यदि नवीकरण का आवेदन नामंजूर हो जाता है, तो फीस का क्या होगा? |
केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा तक वापस की जा सकती है |
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यदि नवीकरण करने वाला प्राधिकारी वही नहीं है जिसने लाइसेंस जारी किया था, तो उसे क्या करना होगा? |
लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकारी को नवीकरण की सूचना देना |
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अनुज्ञप्ति के प्रभावहीन होने से एक वर्ष के पश्चात् नवीकरण के लिए प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
नवीकरण से इंकार कर सकता है |
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यदि चालन अनुज्ञप्ति के प्रभावहीन होने से एक वर्ष के पश्चात् आवेदन किया गया है तो अनुज्ञापन प्राधिकारी चालन-अनुज्ञप्ति को नवीकृत करने से इंकार करेगा- |
जब तक कि आवेदक उस प्राधिकारी के समाधानप्रद रूप में धारा 9 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट चालन सक्षमता परीक्षण नहीं दे देता और उसमें उत्तीर्ण नहीं हो जाता। |
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नवीकरण से इंकार होने पर फीस वापसी किसके अनुसार होगी? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित नियम |
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रोग या निःशक्तता के आधार पर चालन-अनुज्ञप्ति का प्रतिसंहरण (Revocation of driving licence on grounds of disease or disability), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 16 |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी किस आधार पर चालन-अनुज्ञप्ति प्रतिसंहृत कर सकता है? |
रोग या निःशक्तता के कारण अयोग्यता होने पर |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी को लाइसेंस प्रतिसंहरण के लिए क्या होना आवश्यक है? |
समुचित आधार पर विश्वास |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी किस समय लाइसेंस प्रतिसंहृत कर सकता है? |
किसी भी समय |
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लाइसेंस प्रतिसंहृत करने के स्थान पर प्राधिकारी लाइसेंस धारक से क्या मांग सकता है? |
नया चिकित्सा प्रमाणपत्र |
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चिकित्सा प्रमाणपत्र किस प्ररूप और रीति में प्रस्तुत किया जाएगा? |
धारा 8(3) में निर्दिष्ट प्ररूप और रीति में |
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यदि लाइसेंस प्रतिसंहरण करने वाला प्राधिकारी मूल लाइसेंस जारी करने वाला प्राधिकारी नहीं है तो उसे क्या करना होगा? |
लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकारी को सूचना देना |
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धारा 16 मुख्यतः किस विषय से संबंधित है? |
लाइसेंस प्रतिसंहरण |
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लाइसेंस प्रतिसंहरण का कारण निम्न में से क्या हो सकता है? |
रोग या शारीरिक निःशक्तता |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी लाइसेंस धारक को लाइसेंस बनाए रखने की शर्त के रूप में क्या प्रस्तुत करने को कह सकता है? |
नया चिकित्सा प्रमाणपत्र |
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चालन-अनुज्ञाप्तियां देने से इंकार करने या उनके प्रतिसंहरण के आदेश तथा उनसे अपील (Orders refusing or revoking driving licences and appeals therefrom), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 17 |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी शिक्षार्थी या चालन-अनुज्ञप्ति देने से इंकार किसके द्वारा करेगा? |
आदेश द्वारा |
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इंकार या प्रतिसंहरण के आदेश में क्या दिया जाना आवश्यक है? |
कारण लिखित रूप में |
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आदेश की सूचना किसे दी जाएगी? |
आवेदक या धारक को |
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किसी वर्ग के मोटर यान को लाइसेंस में जोड़ने से इंकार होने पर भी धारा 17 लागू होती है? |
हाँ |
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आदेश से व्यथित व्यक्ति कितने समय के भीतर अपील कर सकता है? |
30 दिन |
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अपील किसके समक्ष की जाएगी? |
विहित प्राधिकारी |
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अपील का निर्णय करने से पहले अपील प्राधिकारी किसे सुनवाई का अवसर देगा? |
दोनों पक्षों को |
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अपील प्राधिकारी का निर्णय किस पर आबद्धकर होगा? |
उस प्राधिकारी पर जिसने आदेश दिया था |
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धारा 17 मुख्यतः किस विषय से संबंधित है? |
इंकार/प्रतिसंहरण के आदेश और अपील |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी को इंकार या प्रतिसंहरण का कारण किस रूप में देना होगा? |
लिखित रूप में |
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केन्द्रीय सरकार के मोटर यानों को चलाने के लिए चालन-अनुज्ञप्ति (Driving Licences to drive motor vehicles, belonging to the Central Government), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 18 |
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धारा 18 के अंतर्गत चालन-अनुज्ञप्ति किसके द्वारा दी जाती है? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित प्राधिकारी |
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धारा 18 के अंतर्गत चालन-अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए? |
18 वर्ष |
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धारा 18 के अंतर्गत दी गई चालन-अनुज्ञप्ति किन वाहनों के लिए मान्य होती है? |
केन्द्रीय सरकार की संपत्ति या उसके नियंत्रणाधीन वाहनों के लिए |
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धारा 18 के अंतर्गत जिन मोटर यानों के लिए अनुज्ञप्ति दी जाती है, उनका उपयोग किस प्रयोजन के लिए होता है? |
देश की रक्षा से संबंधित सरकारी प्रयोजन |
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धारा 18 के अंतर्गत दी गई चालन-अनुज्ञप्ति किस क्षेत्र में विधिमान्य होती है? |
पूरे भारत में |
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धारा 18 के अंतर्गत दी गई अनुज्ञप्ति में क्या-क्या विनिर्दिष्ट किया जाता है? |
वाहन का वर्ग/वर्णन और अनुज्ञप्ति की अवधि |
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धारा 18 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति धारक किस वाहन को चलाने का हकदार होगा? |
केवल वही वाहन जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट है |
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क्या धारा 18 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति धारक अन्य साधारण मोटर यान चला सकता है? |
नहीं, वह केवल निर्दिष्ट सरकारी वाहन ही चला सकता है |
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धारा 18 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति देने वाला प्राधिकारी किसके अनुरोध पर जानकारी प्रदान करेगा? |
राज्य सरकार |
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राज्य सरकार द्वारा मांगी गई जानकारी किससे संबंधित होगी? |
अनुज्ञप्ति प्राप्त व्यक्ति से संबंधित |
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धारा 18 के अंतर्गत प्रयुक्त वाहन का किसी वाणिज्यिक उद्यम से क्या संबंध होना चाहिए? |
कोई संबंध नहीं होना चाहिए |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी की, चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने से निरर्हित करने या उसे प्रतिसंहृत करने की शक्ति (Power of licensing authority to disqualify from holding a driving licence or revoke such licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 19 |
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धारा 19 के अनुसार चालन-अनुज्ञप्ति को निरर्हित या प्रतिसंहृत करने की शक्ति किसके पास होती है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
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किसी चालक को निरर्हित करने से पहले अनुज्ञापन प्राधिकारी क्या अवसर देता है? |
सुनवाई का अवसर |
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यदि कोई चालक आभ्यासिक अपराधी या आभ्यासिक शराबी है, तो अनुज्ञापन प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
उसे लाइसेंस रखने से निरर्हित या लाइसेंस प्रतिसंहृत कर सकता है |
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यदि कोई व्यक्ति स्वापक ओषधि और मनःप्रभावी पदार्थों का व्यसनी है, तो उसके लाइसेंस के संबंध में क्या किया जा सकता है? |
लाइसेंस निरर्हित या प्रतिसंहृत किया जा सकता |
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यदि कोई व्यक्ति मोटर यान का उपयोग संज्ञेय अपराध करने में करता है, तो अनुज्ञापन प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
लाइसेंस रद्द कर सकता है |
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यदि चालक के पूर्व आचरण से यह स्पष्ट हो कि उसके वाहन चलाने से जनता को खतरा हो सकता है, तो क्या किया जा सकता है? |
उसका लाइसेंस निरर्हित या प्रतिसंहृत किया जा सकता है |
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यदि किसी व्यक्ति ने कपट या दुर्व्यपदेशन से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया है, तो अनुज्ञापन प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
लाइसेंस को निरर्हित या प्रतिसंहृत कर सकता है |
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यदि पहला अपराध होता है (धारा 206(4) के अंतर्गत), तो व्यक्ति को कितनी अवधि के लिए लाइसेंस से निरर्हित किया जा सकता है? |
3 माह |
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धारा 19(1क) कब जोड़ा गया- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 11 द्वारा (1-4-2021 से) प्रतिस्थापित।) |
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यदि दूसरा या उसके बाद अपराध होता है, तो क्या किया जा सकता है?
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लाइसेंस का प्रतिसंहरण किया जा सकता है |
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यदि किसी व्यक्ति की चालन-अनुज्ञप्ति निरर्हित की जाती है, तो उसे लाइसेंस कब वापस मिलेगा? |
चालक पुनश्चर्या पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद |
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धारा 19 उपधारा (1) [या उपधारा (1क)] के अधीन कोई आदेश किया जाता है वहां चालन-अनुज्ञप्ति का धारक, यदि बालन-अनुज्ञप्ति का पहले ही अभ्यर्पण नहीं कर दिया गया है तो अपनी चालन-अनुज्ञप्ति उस अनुज्ञापन प्राधिकारी को तुरन्त अभ्यर्पित कर देगा जिसने वह आदेश दिया है तथा अनुज्ञापन प्राधिकारी-
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उस चालन-अनुज्ञप्ति के इस अधिनियम के अधीन दी गई चालन अनुज्ञप्ति होने पर उसे तब तक अपने पास रखे रहेगा जब तक निरर्हता समाप्त नहीं हो जाती या हटा नहीं दी जाती: या उस चालन-अनुज्ञप्ति के इस अधिनियम के अधीन दी गई चालन-अनुज्ञप्ति न होने पर उस पर निरर्हता पृष्ठांकित करेगा और उसे उस अनुज्ञापन प्राधिकारी के पास भेज देगा जिसने वह दी थी; या किसी अनुज्ञप्ति के प्रतिसंहृत किए जाने की दशा में, उस पर प्रतिसंहृत का पृष्ठांकन करेगा और यदि वह ऐसा प्राधिकारी नहीं है जिसने वह दी थी, तो वह प्रतिसंहरण के तथ्य की सूचना उस प्राधिकारी को देगा जिसने वह अनुज्ञप्ति दी थी |
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धारा 19 उपधारा (2) कब संशोधित की गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 11 द्वारा (1-4-2021 से) "या उपधारा (1क)" शब्द, कोष्ठक और अंक अंतःस्थापित।) |
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अपील प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश की स्थिति क्या होगी? |
अंतिम |
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ऐसा अनुज्ञप्तिधारक, जिसकी अनुज्ञप्ति को निलंबित कर दिया गया है वह धारा 12 के अधीन अनुज्ञप्त और विनियमित स्कूल या स्थापन से या किसी अन्य अभिकरण से, जो- |
केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए, चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करेगा। |
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चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की प्रकृति, पाठ्य विवरण और अवधि वह होगी- |
जो केंद्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए। |
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धारा 19 उपधारा (2क) (2ख) कब अंतःस्थापित की गयी- |
(2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 11 द्वारा (1-4-2021 से) अंतःस्थापित।) |
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यदि कोई व्यक्ति अनुज्ञापन प्राधिकारी के आदेश से असंतुष्ट है, तो वह कितने दिनों के भीतर अपील कर सकता है? |
30 दिन |
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न्यायालय की निरर्हित करने की शक्ति (Power of Court to disqualify), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 20 |
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न्यायालय किस स्थिति में व्यक्ति को वाहन चलाने से निरर्ह घोषित कर सकता है? |
दोषसिद्ध होने पर |
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न्यायालय निरर्हता किसके अतिरिक्त अधिरोपित कर सकता है? |
अन्य विधिक दंड के अतिरिक्त |
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धारा 183 के अपराध में निरर्हता का आदेश कब नहीं दिया जाएगा? |
पहले या दूसरे अपराध पर |
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धारा 132(1)(ग) या धारा 134 के अपराध में न्यूनतम निरर्हता अवधि कितनी होगी? |
1 मास |
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धारा 185 के अपराध में न्यूनतम निरर्हता अवधि कितनी होगी? |
6 मास |
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धारा 184 के अपराध में पुनः दोषसिद्धि होने पर न्यायालय सामान्यतः क्या करेगा? |
निरर्हता का आदेश देगा |
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धारा 184 के पुनः अपराध में निरर्हता की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? |
5 वर्ष |
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धारा 189 के अपराध में निरर्हता की अधिकतम अवधि कितनी है? |
2 वर्ष |
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धारा 192 के अपराध में निरर्हता की अधिकतम अवधि कितनी है? |
1 वर्ष |
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धारा 184 के दोषसिद्ध व्यक्ति के संबंध में न्यायालय क्या निर्देश दे सकता है? |
सक्षमता परीक्षण पुनः उत्तीर्ण करने तक निरर्हता जारी |
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निरर्हता आदेश को कौन अपास्त या परिवर्तित कर सकता है? |
अपील करने योग्य न्यायालय |
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क्या निरर्हता आदेश को बदला जा सकता है यदि दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील न की गई हो? |
हाँ, अपील योग्य न्यायालय बदल सकता है |
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कुछ मामलों में चालन-अनुज्ञप्ति का निलंबन (Suspension of driving licence in certain cases), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 21 |
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धारा 21 के अनुसार चालन-अनुज्ञप्ति का निलंबन किन परिस्थितियों में होता है? |
धारा 184 के अपराध में पहले दोषसिद्ध व्यक्ति द्वारा खतरनाक ड्राइविंग से मृत्यु/गंभीर चोट होने पर मामला दर्ज होने पर |
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मामला रजिस्टर होने की तिथि से चालन-अनुज्ञप्ति अधिकतम कितनी अवधि तक निलंबित रहेगी? |
छह माह |
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यदि आरोपी व्यक्ति छह माह की अवधि समाप्त होने से पहले दोषमुक्त हो जाता है तो निलंबन कब तक रहेगा? |
दोषमुक्ति या उन्मोचन तक |
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निलंबन की सूचना सक्षम न्यायालय को कौन देगा? |
पुलिस अधिकारी जिसने मामला दर्ज किया |
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न्यायालय चालन-अनुज्ञप्ति को कब्जे में लेकर उस पर क्या करेगा? |
निलंबन का पृष्ठांकन करेगा |
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न्यायालय पृष्ठांकन की सूचना किसे देगा? |
नवीनीकरण प्राधिकारी को |
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व्यक्ति के दोषमुक्त होने पर न्यायालय क्या करेगा? |
निलंबन का पृष्ठांकन रद्द करेगा |
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निलंबन की अवधि में लाइसेंस धारक क्या नहीं कर सकता? |
उसी वर्ग/वर्णन के वाहन चलाने हेतु अनुज्ञप्ति धारण या प्राप्त करना |
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धारा 21 मुख्यतः किससे संबंधित है? |
चालन-अनुज्ञप्ति का निलंबन |
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धारा 21 के अंतर्गत निलंबन किस प्रकार के वाहन के संबंध में लागू होता है? |
उस विशिष्ट वर्ग या वर्णन के वाहन पर जिससे अपराध संबंधित है |
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धारा 21 के अंतर्गत निलंबन का आधार किस धारा के अपराध से जुड़ा है? |
धारा 184 |
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निलंबन प्रभावी कब से माना जाएगा? |
मामला रजिस्टर होने की तिथि से |
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दोषसिद्धि पर चालन-अनुज्ञप्ति का निलंबन या रद्दकरण (Suspension or cancellation of driving licence on conviction), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 22 |
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खतरनाक ड्राइविंग से मृत्यु या घोर उपहति कारित करने पर दोषसिद्धि होने पर न्यायालय क्या कर सकता है? |
संबंधित वर्ग के वाहन के लिए चालन-अनुज्ञप्ति को निलंबित या रद्द कर सकता है |
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धारा 185 के अपराध में पहले दोषसिद्ध व्यक्ति के पुनः दोषसिद्ध होने पर न्यायालय क्या करेगा? |
चालन-अनुज्ञप्ति को रद्द करेगा |
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धारा 22 के अंतर्गत रद्द या निलंबित लाइसेंस को न्यायालय क्या करेगा? |
अपनी अभिरक्षा में लेकर उस पर रद्दकरण या निलंबन का पृष्ठांकन करेगा |
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पृष्ठांकित चालन-अनुज्ञप्ति किसे भेजी जाती है? |
उस प्राधिकारी को जिसने लाइसेंस जारी या नवीनीकरण किया था |
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निलंबित लाइसेंस कब वापस किया जा सकता है? |
निलंबन अवधि समाप्त होने पर आवेदन करने पर |
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निलंबित लाइसेंस वापस करने से पहले धारक को क्या करना आवश्यक है? |
ड्राइविंग सक्षमता का परीक्षण पुनः उत्तीर्ण करना और चिकित्सा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना |
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लाइसेंस रद्द या निलंबित रहने की अवधि में व्यक्ति क्या नहीं कर सकता? |
उसी वर्ग के वाहन चलाने हेतु लाइसेंस धारण या प्राप्त करना |
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धारा 22 के अंतर्गत न्यायालय किस प्रकार की अवधि निर्धारित कर सकता है? |
ऐसी अवधि जो न्यायालय उचित समझे |
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धारा 22 का उपबंध किन धाराओं के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना लागू होता है? |
धारा 20 की उपधाराएँ |
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धारा 22 के अनुसार रद्द की गई अनुज्ञप्ति को प्राधिकारी क्या करेगा? |
सुरक्षित अभिरक्षा में रखेगा |
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धारा 22 के अंतर्गत निलंबन या रद्दकरण किसके संबंध में लागू होता है? |
उस विशिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटर यान पर जिससे अपराध संबंधित है |
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निरर्हता आदेश का प्रभाव (Effect of disqualification order), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 23 |
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धारा 19 या 20 के अधीन निरर्हता आदेश दिए जाने पर व्यक्ति किससे विवर्जित रहेगा? |
चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से |
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निरर्हता आदेश की अवधि और सीमा किसमें विनिर्दिष्ट होती है? |
आदेश में |
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यदि निरर्हता आदेश की तारीख को व्यक्ति के पास चालन-अनुज्ञप्ति है तो वह क्या होगी? |
प्रभावशील न रहेगी |
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धारा 20 के अधीन दिए गए निरर्हता आदेश का प्रवर्तन कब तक निलंबित नहीं किया जाएगा? |
अपील लंबित रहने के दौरान |
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निरर्हता आदेश के प्रवर्तन को निलंबित करने का निर्देश कौन दे सकता है? |
अपील न्यायालय |
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निरर्हता हटाने के लिए आवेदन आदेश की तारीख से कितने समय बाद किया जा सकता है? |
छह माह |
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निरर्हता हटाने का आवेदन किसे किया जा सकता है? |
उस न्यायालय या प्राधिकारी को जिसने आदेश दिया था |
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न्यायालय या प्राधिकारी निरर्हता आवेदन पर क्या कर सकता है? |
आदेश को रद्द या उसमें परिवर्तन कर सकता है |
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यदि निरर्हता हटाने का आवेदन अस्वीकार कर दिया जाए तो पुनः आवेदन कब किया जा सकता है? |
तीन माह की अवधि समाप्त होने के बाद |
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निरर्हता आदेश का प्रभाव किस तक सीमित रहेगा? |
आदेश में विनिर्दिष्ट सीमा और अवधि तक |
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निरर्हता आदेश के कारण चालन-अनुज्ञप्ति कब तक प्रभावहीन रहेगी? |
आदेश में विनिर्दिष्ट अवधि तक |
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निरर्हता हटाने के आवेदन पर निर्णय लेते समय न्यायालय किसे ध्यान में रखेगा? |
सभी परिस्थितियों को |
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पृष्ठांकन (Endorsement), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 24 |
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निरर्हता आदेश की विशिष्टियां चालन-अनुज्ञप्ति पर कौन पृष्ठांकित करेगा? |
न्यायालय या प्राधिकारी जिसने निरर्हता का आदेश दिया है |
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निरर्हता आदेश रद्द या परिवर्तित होने पर उसकी विशिष्टियां कहाँ अंकित की जाएंगी? |
चालन-अनुज्ञप्ति पर |
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विहित अपराध में दोषसिद्धि होने पर, निरर्हता आदेश न होने पर भी दोषसिद्धि की विशिष्टियां कहाँ पृष्ठांकित होंगी? |
चालन-अनुज्ञप्ति पर |
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उपधारा (2) के अधीन अभियुक्त व्यक्ति को न्यायालय में उपस्थित होते समय क्या साथ लाना होगा? |
चालन-अनुज्ञप्ति |
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तीन मास से अधिक कारावास होने पर दंडादेश की विशिष्टियां कौन पृष्ठांकित करेगा? |
दंडादेश अधिनिर्णीत करने वाला न्यायालय |
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पृष्ठांकन किए जाने की सूचना अनुज्ञापन प्राधिकारी को कौन भेजेगा? |
अभियोजन प्राधिकारी |
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न्यायालय द्वारा पृष्ठांकन किए जाने पर उसकी विशिष्टियां किसे भेजी जाएंगी? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
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अपील न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि में परिवर्तन होने पर सूचना किसे दी जाएगी? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी को |
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अपील न्यायालय द्वारा आदेश बदलने के बाद पृष्ठांकन में संशोधन कौन करेगा? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
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निरर्हता आदेश की विशिष्टियां किस अपराध से संबंधित होंगी? |
उस अपराध से जिसके संबंध में निरर्हता का आदेश दिया गया है |
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पृष्ठांकन का उद्देश्य क्या है? |
दोषसिद्धि और निरर्हता का रिकॉर्ड रखना |
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पृष्ठांकन की सूचना उस प्राधिकारी को भेजी जाएगी जिसने अनुज्ञप्ति क्या किया था? |
जारी किया था या अंतिम बार नवीकृत किया था |
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यदि दोषसिद्धि अपास्त कर दी जाए तो पृष्ठांकन के साथ क्या होगा? |
संशोधित या हटाया जाएगा |
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निरर्हता आदेश से संबंधित पृष्ठांकन किस दस्तावेज़ पर किया जाता है? |
चालन-अनुज्ञप्ति |
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दोषसिद्धि की विशिष्टियां पृष्ठांकित कराने की जिम्मेदारी किसकी होती है? |
न्यायालय की |
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पृष्ठांकन का उतारा जाना और पृष्ठांकन रहित चालन-अनुज्ञप्ति का दिया जाना (Transfer of endorsement and issue of driving licence free from endorsement), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 25 |
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चालन-अनुज्ञप्ति पर किए गए पृष्ठांकन को नई प्रति पर कब तक उतारा जाएगा? |
जब तक धारक पृष्ठांकन रहित अनुज्ञप्ति पाने का हकदार न हो जाए |
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यदि अनुज्ञप्ति न्यायालय के पास नहीं है तो धारक को कितने समय में प्रस्तुत करनी होगी? |
पांच दिन |
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न्यायालय अधिक समय निर्धारित करे तो प्रस्तुत करने की अवधि क्या होगी? |
वही अवधि जो न्यायालय निर्धारित करे |
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यदि व्यक्ति बाद में अनुज्ञप्ति प्राप्त करता है तो उसे कितने समय में प्रस्तुत करना होगा? |
पांच दिन |
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समय पर अनुज्ञप्ति प्रस्तुत न करने पर क्या होगा? |
अनुज्ञप्ति प्रभावहीन हो जाएगी |
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अनुज्ञप्ति कब तक प्रभावहीन रहेगी? |
जब तक पृष्ठांकन हेतु प्रस्तुत न कर दी जाए |
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पृष्ठांकन के बाद लगातार कितनी अवधि तक नया पृष्ठांकन न होने पर नई अनुज्ञप्ति मिल सकती है? |
तीन वर्ष |
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नई पृष्ठांकन रहित अनुज्ञप्ति पाने के लिए कितनी फीस देनी होगी? |
पांच रुपये |
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यदि पृष्ठांकन केवल गति सीमा उल्लंघन (धारा 112) से संबंधित है तो नई अनुज्ञप्ति कितने समय बाद मिल सकती है? |
एक वर्ष |
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तीन वर्ष/एक वर्ष की अवधि की गणना में कौन-सी अवधि शामिल नहीं होगी? |
निरर्हता की अवधि |
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पृष्ठांकन रहित अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के लिए धारक को क्या करना होगा? |
अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण करना और फीस देना |
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नई अनुज्ञप्ति पर पृष्ठांकन न होने की शर्त क्या है? |
लगातार निर्धारित अवधि तक कोई अतिरिक्त पृष्ठांकन न होना |
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पृष्ठांकन उतारने का प्रावधान किस दस्तावेज से संबंधित है? |
चालन-अनुज्ञप्ति |
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पृष्ठांकन रहित नई अनुज्ञप्ति पाने का अधिकार किसे है? |
जिसे पृष्ठांकन के बाद निर्धारित अवधि तक नया पृष्ठांकन न हुआ हो |
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यदि अनुज्ञप्ति पृष्ठांकन के लिए समय पर प्रस्तुत नहीं की जाती तो उसका प्रभाव क्या होगा? |
वह प्रभावहीन हो जाएगी |
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नई अनुज्ञप्ति किस प्रकार की होगी जब पृष्ठांकन हटाने की पात्रता पूरी हो जाए? |
पृष्ठांकन रहित अनुज्ञप्ति |
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यदि व्यक्ति उस समय अनुज्ञप्ति धारक नहीं है तो उसे अनुज्ञप्ति कब प्रस्तुत करनी होगी? |
प्राप्त करने के बाद पाँच दिन के भीतर |
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पृष्ठांकन को नई प्रति पर उतारने का उद्देश्य क्या है? |
अपराध रिकॉर्ड को जारी रखना |
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यदि न्यायालय अधिक समय निर्धारित करे तो प्रस्तुत करने की समय सीमा क्या होगी? |
न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि |
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पृष्ठांकन रहित अनुज्ञप्ति देने से पहले कौन-सा कार्य अनिवार्य है? |
अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण |
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चालान अनुज्ञप्तियों का राष्ट्रीय रजिस्टर (National Register of Driving Licences), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 25(क) |
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चालन अनुज्ञप्तियों का राष्ट्रीय रजिस्टर किसके द्वारा रखा जाएगा? |
केंद्रीय सरकार |
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राज्य रजिस्टरों को राष्ट्रीय रजिस्टर में कब तक सम्मिलित किया जाएगा? |
केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जाने वाली तिथि तक |
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इस अधिनियम के अधीन जारी या नवीकृत चालन अनुज्ञप्ति कब तक विधिमान्य नहीं मानी जाएगी? |
जब तक राष्ट्रीय रजिस्टर में विशिष्ट चालन अनुज्ञप्ति संख्या जारी न हो |
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चालन अनुज्ञप्तियों के राज्य रजिस्टर की सूचना किसे भेजी जाएगी? |
केंद्रीय सरकार को |
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राज्य सरकारें और अनुज्ञप्ति प्राधिकारी किस प्रकार सूचना भेजेंगे? |
केंद्रीय सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में |
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राष्ट्रीय रजिस्टर तक पहुंच किसे प्राप्त होगी? |
राज्य सरकार को |
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धारा 25(क) किस अधिनियम संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
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2019 अधिनियम सं. 32 |
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राज्य चालान-अनुज्ञप्ति रजिस्टरों का रखा जाना (Maintenance of State Registers of Driving Licences), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 26 |
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प्रत्येक राज्य सरकार किस रजिस्टर को रखेगी? |
राज्य चालन-अनुज्ञप्ति रजिस्टर |
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राज्य चालन-अनुज्ञप्ति रजिस्टर किसके द्वारा विहित प्ररूप में रखा जाएगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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राज्य चालन अनुज्ञप्ति रजिस्टर में किसके द्वारा जारी और नवीकृत लाइसेंस का विवरण होगा? |
राज्य सरकार के अनुज्ञप्ति प्राधिकारियों द्वारा |
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रजिस्टर में कौन-सा विवरण शामिल किया जाएगा? |
चालन-अनुज्ञप्तियों के धारकों के नाम और पते; अनुज्ञप्ति संख्यांक; अनुज्ञप्ति जारी करने या नवीकरण करने की तारीख; अनुज्ञप्ति के अवसान की तारीख: चलाए जाने के लिए प्राधिकृत यानों के वर्ग और किस्म और ऐसी अन्य विशिष्टियां, जो केन्द्रीय सरकार विहित करे। |
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केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 27 |
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धारा 27 के अंतर्गत नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 3 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट शर्ते- |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 27 के अंतर्गत ई-गाड़ी और ई-रिक्शा से संबंधित विनिर्देश कौन निर्धारित कर सकती है? |
केन्द्रीय सरकार |
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शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के आवेदन के प्ररूप और उसमें दी जाने वाली जानकारी का उपबंध किसके नियमों द्वारा किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
चिकित्सा प्रमाणपत्र के प्ररूप का उपबंध करने का अधिकार किसे है? |
केन्द्रीय सरकार |
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वह प्ररूप और रीति, जिसमें अनुज्ञापन प्राधिकारी धारा 8 की उपधारा (6) के अधीन शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति जारी कर सकेगा- |
केन्द्रीय सरकार |
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चालन सक्षमता परीक्षण की विशिष्टियां निर्धारित करने का अधिकार किसके पास है? |
केन्द्रीय सरकार |
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परिवहन यान चलाने के लिए न्यूनतम शैक्षिक अर्हताएं कौन विनिर्दिष्ट कर सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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चालन-अनुज्ञप्ति के प्ररूप और अंतर्वस्तु का उपबंध करने का अधिकार किसे है? |
केन्द्रीय सरकार |
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अनुज्ञप्तियों के लिए संदेय फीस विनिर्दिष्ट करने का अधिकार किसके पास है? |
केन्द्रीय सरकार |
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राज्य चालन-अनुज्ञप्ति रजिस्टर से संबंधित विषयों का उपबंध कौन कर सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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प्रशिक्षण माज्यूलों की पाठ्यचर्या और धारा 12 की उपधारा (6) के अधीन स्कूलों और स्थापनों का विनियमन |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 27 के अनुसार अन्य ऐसे विषय, जो विहित किए जाने आवश्यक हों, उनके संबंध में नियम कौन बना सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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मोटर यान चलाने की शिक्षा देने वाले विद्यालयों को विनियमित करने से संबंधित फीस किसके द्वारा विनिर्दिष्ट की जा सकती है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 27 के अंतर्गत आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों का उपबंध किसके नियमों द्वारा किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 19 की उपधारा (1क) में निर्दिष्ट अनुज्ञप्तिधारक के नाम को पब्लिक डोमेन में रखने की रीति |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 19 की उपधारा (2ख) में यथानिर्दिष्ट चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की प्रकृति, पाठ्य विवरण और अवधि के लिए उपबंध करना |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 25क में निर्दिष्ट सभी या कोई विषय का उपबंध किसके नियमों द्वारा किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 26 की में निर्दिष्ट सभी या किन्हीं विषयों का उपबंध करना |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 27 (घक) (ञक) (ढक) (ढख) (णक) कब अंतःस्थापित की गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 14 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित। |
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राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 28 |
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धारा 28 के अनुसार राज्य सरकार किस उद्देश्य के लिए नियम बना सकती है? |
इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए |
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अनुज्ञापन प्राधिकारियों की नियुक्ति, अधिकारिता और नियंत्रण से संबंधित नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
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इस अध्याय के अधीन अपीलों की सुनवाई और संचालन से संबंधित नियम किसके द्वारा बनाए जाते हैं? |
राज्य सरकार |
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अपीलों के संबंध में निर्धारित की जाने वाली फीस अधिकतम कितनी हो सकती है? |
पच्चीस रुपए |
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खोई या नष्ट अनुज्ञप्तियों के बदले दूसरी अनुज्ञप्ति देने से संबंधित नियम किसके द्वारा बनाए जाते हैं? |
राज्य सरकार |
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परिवहन यानों के ड्राइवरों द्वारा लगाए जाने वाले बैज और वर्दी से संबंधित नियम बनाने का अधिकार किसे है? |
राज्य सरकार |
|
चिकित्सा प्रमाणपत्र देने के लिए देय फीसों का निर्धारण कौन कर सकता है? |
राज्य सरकार |
|
किन्हीं व्यक्तियों या वर्गों को फीस से छूट देने का प्रावधान किसके नियमों द्वारा किया जा सकता है? |
राज्य सरकार |
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एक अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा दी गई अनुज्ञप्तियों की सूचना अन्य प्राधिकारियों को देने से संबंधित नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
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परिवहन यान चलाने के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त व्यक्तियों के कर्तव्य और आचरण से संबंधित नियम किसके द्वारा बनाए जाते हैं? |
राज्य सरकार |
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रोड रोलरों के ड्राइवरों को कुछ उपबंधों से छूट देने से संबंधित नियम किसके द्वारा बनाए जा सकते हैं? |
राज्य सरकार |
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धारा 28 के अंतर्गत “कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना है” के संबंध में नियम बनाने का अधिकार किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार |
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धारा 28 में राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति किन विषयों से भिन्न है? |
धारा 27 में विनिर्दिष्ट विषयों से |
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अध्याय-3 (CHAPTER-3) |
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मंजिली गाड़ियों के कंडक्टरों का अनुज्ञापन (LICENSING OF CONDUCTORS OF STAGE CARRIAGES) |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति की आवश्यकता (Necessity for conductor's licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 29 |
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किसी मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए क्या आवश्यक है? |
प्रभावी कंडक्टर अनुज्ञप्ति |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति किसके नाम दी जाती है? |
कंडक्टर के नाम |
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बिना अनुज्ञप्ति वाले व्यक्ति को कंडक्टर के रूप में कार्य करने देना किसके लिए निषिद्ध है? |
किसी भी व्यक्ति के लिए |
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किसी मंजिली गाड़ी में कंडक्टर के रूप में बिना अनुज्ञप्ति कार्य करना क्या है? |
प्रतिबंधित |
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बिना अनुज्ञप्ति वाले व्यक्ति को कंडक्टर के रूप में नियोजित करना किसके विरुद्ध है? |
धारा 29 |
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धारा 29 के अनुसार उपधारा (1) से छूट देने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य सरकार |
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चालक द्वारा कंडक्टर के कृत्यों का पालन करने की स्थिति में छूट किसके द्वारा निर्धारित शर्तों पर मिलेगी? |
राज्य सरकार |
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अस्थायी रूप से कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए बिना अनुज्ञप्ति अधिकतम कितनी अवधि तक छूट दी जा सकती है? |
एक मास |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति का उद्देश्य क्या है? |
कंडक्टर को कार्य करने के लिए प्राधिकृत करना |
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बिना अनुज्ञप्ति व्यक्ति को कंडक्टर के रूप में कार्य करने की अनुमति देना किसके लिए निषिद्ध है? |
कोई भी व्यक्ति |
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राज्य सरकार किन शर्तों पर उपधारा (1) लागू नहीं होने का प्रावधान कर सकती है? |
चालक द्वारा कंडक्टर के कृत्य निभाने या एक मास तक नियुक्त व्यक्ति पर |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति का दिया जाना (Grant of conductor's licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 30 |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कौन कर सकता है? |
न्यूनतम शैक्षिक अर्हता रखने वाला तथा निरर्हित न किया गया व्यक्ति |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन किस प्राधिकारी को किया जाता है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी जिसकी अधिकारिता क्षेत्र पर है |
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आवेदन किस क्षेत्र के आधार पर किया जा सकता है? |
जहां आवेदक सामान्यतः निवास करता है या कारोबार चलाता है |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन किस प्ररूप में होगा? |
विहित प्ररूप में |
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आवेदन के साथ चिकित्सा प्रमाणपत्र किसके द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए? |
रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी |
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आवेदन के साथ आवेदक की कितनी फोटो प्रतियां संलग्न होंगी? |
दो साफ प्रतियां |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति किस क्षेत्र में प्रभावी होगी? |
पूरे राज्य में जहां दी गई है |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति किस प्रकार के प्ररूप में होगी? |
विहित प्ररूप में |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति की फीस, चालन-अनुज्ञप्ति की फीस की कितनी होगी? |
आधी |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के नवीकरण की फीस कितनी होगी? |
चालन-अनुज्ञप्ति की फीस की आधी |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के आवेदन के साथ चिकित्सा प्रमाणपत्र किस प्ररूप में होगा? |
विहित प्ररूप में |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के दिए जाने के लिए निरर्हताएं (Disqualifications for the grant of conductor's licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 31 |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए न्यूनतम आयु क्या है? |
18 वर्ष |
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18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति— |
न अनुज्ञप्ति धारण करेगा, न दी जाएगी |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति देने से इंकार करने का अधिकार किसके पास है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
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कौन-सा अनुज्ञप्ति देने से इंकार का आधार है? |
न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता का अभाव |
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शारीरिक दृष्टि से अयोग्यता का प्रमाण किससे मिलता है? |
चिकित्सा प्रमाणपत्र |
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यदि चिकित्सा प्रमाणपत्र से आवेदक शारीरिक रूप से अयोग्य पाया जाए तो— |
अनुज्ञापन प्राधिकारी अनुज्ञप्ति देने से इंकार कर सकता है |
|
पहले की कंडक्टर अनुज्ञप्ति प्रतिसंहृत होने पर— |
अनुज्ञप्ति देने से इंकार किया जा सकता है |
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आयु संबंधी प्रावधान धारा 31 की किस उपधारा में है? |
उपधारा (1) |
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अनुज्ञप्ति देने से इंकार के आधार किस उपधारा में वर्णित हैं? |
उपधारा (2) |
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धारा 31 के अनुसार निम्न में से कौन-सा कारण निरर्हता नहीं है? |
अन्य राज्य का निवासी होना |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी अनुज्ञप्ति देने से इंकार करेगा या कर सकेगा? |
कर सकेगा |
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धारा 31 मुख्यतः किससे संबंधित है? |
अनुज्ञप्ति के दिए जाने की निरर्हताएं |
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यदि आवेदक सभी अर्हताएं पूरी करता है तो— |
अनुज्ञप्ति दी जा सकती है |
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धारा 31 में कितने प्रमुख इंकार के आधार बताए गए हैं? |
तीन |
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कौन-सा स्वास्थ्य संबंधी आधार है? |
चिकित्सा प्रमाणपत्र |
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17 वर्ष का व्यक्ति कंडक्टर अनुज्ञप्ति के संबंध में— |
अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं कर सकता |
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न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता का उद्देश्य क्या है? |
आवश्यक शैक्षणिक योग्यता सुनिश्चित करना |
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धारा 31 के अंतर्गत आयु की शर्त किस प्रकार की है? |
न्यूनतम आयु |
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पूर्व अनुज्ञप्ति का प्रतिसंहरण किस श्रेणी में आता है? |
निरर्हता का आधार |
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धारा 31 के अनुसार अनुज्ञप्ति देने से इंकार किन परिस्थितियों में किया जा सकता है? |
अधिनियम में वर्णित कारणों की उपस्थिति में |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति का रोग या निःशक्तता के आधारों पर प्रतिसंहरण (Revocation of a conductor's licence on grounds of disease or disability), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 32 |
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कंडक्टर अनुज्ञप्ति किस आधार पर प्रतिसंहृत की जा सकती है? |
रोग या निःशक्तता |
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अनुज्ञापन प्राधिकारी को अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण से पहले किस बात का विश्वास होना चाहिए? |
युक्तियुक्त आधार |
|
अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण कब किया जा सकता है? |
किसी भी समय |
|
यदि अनुज्ञप्ति प्रतिसंहृत करने वाला प्राधिकारी वही नहीं है जिसने अनुज्ञप्ति दी थी, तो उसे क्या करना होगा? |
अनुज्ञप्ति देने वाले प्राधिकारी को सूचना देगा |
|
अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण से पहले धारक को क्या दिया जाएगा? |
सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर |
|
धारा 32 के अनुसार किस प्रकार की अयोग्यता आवश्यक है? |
स्थायी रूप से अयोग्य होने की संभावना |
|
कंडक्टर अनुज्ञप्ति का प्रतिसंहरण किसके द्वारा किया जा सकता है? |
किसी भी अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा |
|
धारा 32 में “युक्तियुक्त आधार” का संबंध किससे है? |
रोग या निःशक्तता से |
|
अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण से पहले सुनवाई का अवसर देना किस प्रकार का सिद्धांत दर्शाता है? |
प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत |
|
कौन-सा कथन सही है? |
सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है |
|
यदि अनुज्ञप्ति देने वाला प्राधिकारी और प्रतिसंहरण करने वाला प्राधिकारी अलग-अलग हों, तो— |
सूचना देना अनिवार्य है |
|
धारा 32 के अनुसार प्रतिसंहरण का कारण क्या होना चाहिए? |
गंभीर रोग या निःशक्तता |
|
अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण का अधिकार किस प्रकार का है? |
प्रशासनिक |
|
“स्थायी रूप से अयोग्य हो जाने की संभावना” का अर्थ है— |
लंबे समय तक कार्य करने में असमर्थता की संभावना |
|
धारा 32 में किस दस्तावेज़ की विशेष रूप से आवश्यकता का उल्लेख नहीं है? |
जन्म प्रमाणपत्र |
|
अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण के संबंध में सूचना किसे दी जाती है? |
अनुज्ञप्ति देने वाले प्राधिकारी को |
|
धारा 32 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण का समय क्या निर्धारित है? |
किसी भी समय |
|
सुनवाई का अवसर दिए बिना अनुज्ञप्ति प्रतिसंहरण करना किसके विरुद्ध होगा? |
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत |
|
कंडक्टर अनुज्ञप्तियों से इंकार आदि करने वाले आदेश तथा उनसे अपीलें (Orders refusing, etc., conductor's licences and appeals therefrom), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 33 |
|
जब अनुज्ञापन प्राधिकारी कंडक्टर अनुज्ञप्ति देने से इंकार करता है, तो वह किस प्रकार करेगा? |
लिखित आदेश द्वारा |
|
इंकार या प्रतिसंहरण के आदेश की सूचना किसे दी जाएगी? |
आवेदक या धारक को |
|
आदेश में क्या लिखित रूप में दिया जाना आवश्यक है? |
कारण |
|
उपधारा (1) किन स्थितियों पर लागू होती है? |
इंकार, नवीकरण से इंकार या प्रतिसंहरण |
|
आदेश से व्यथित व्यक्ति कितने समय के भीतर अपील कर सकता है? |
30 दिन |
|
अपील किसे की जाती है? |
विहित प्राधिकारी |
|
अपील की अवधि की गणना कब से होगी? |
आदेश की तामील होने की तिथि से |
|
अपील प्राधिकारी निर्णय देने से पहले किसे सुनवाई का अवसर देगा? |
दोनों को |
|
अपील प्राधिकारी का निर्णय किस पर आबद्धकर होगा? |
आदेश देने वाले प्राधिकारी पर |
|
धारा 33 मुख्यतः किससे संबंधित है? |
आदेश और अपील की प्रक्रिया |
|
यदि अनुज्ञापन प्राधिकारी नवीकरण से इंकार करता है, तो क्या कारण लिखित रूप में देना आवश्यक है? |
हाँ |
|
अपील का अधिकार किसे प्राप्त है? |
आदेश से व्यथित व्यक्ति को |
|
आदेश की सूचना किस माध्यम से दी जाएगी? |
संसूचना द्वारा |
|
अपील प्राधिकारी का निर्णय किस प्रकार का होता है? |
आबद्धकर |
|
धारा 33 के अनुसार आदेश में कारण लिखना किस सिद्धांत का उदाहरण है? |
प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत |
|
अपील की सुनवाई से पहले किसे अवसर दिया जाएगा? |
दोनों पक्षों को |
|
अपील की समय-सीमा समाप्त होने के बाद अपील— |
स्वीकार नहीं होगी (सामान्यतः) |
|
धारा 33 की उपधारा (2) किस विषय से संबंधित है? |
अपील की प्रक्रिया |
|
आदेश देने वाले प्राधिकारी पर अपील प्राधिकारी का निर्णय कैसा प्रभाव डालता है? |
आबद्धकर प्रभाव |
|
अनुज्ञापन प्राधिकारी की निरर्हित करने की शक्ति (Power of licensing authority to disqualify), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 34 |
|
अनुज्ञापन प्राधिकारी किसी व्यक्ति को निरर्हित किस आधार पर कर सकता है? |
पूर्वाचरण के कारण |
|
निरर्हण की अवधि अधिकतम कितनी हो सकती है? |
एक वर्ष |
|
निरर्हण का आदेश देने से पहले क्या आवश्यक है? |
सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर |
|
निरर्हण के आदेश में कारण किस रूप में दर्ज किए जाएंगे? |
लिखित |
|
निरर्हित किए जाने पर अनुज्ञप्ति धारक क्या करेगा? |
अनुज्ञप्ति तुरंत प्राधिकारी को अभ्यर्पित करेगा |
|
अनुज्ञापन प्राधिकारी अनुज्ञप्ति को कब तक अपने पास रखेगा? |
निरर्हता समाप्त या हटने तक |
|
यदि निरर्हित करने वाला प्राधिकारी वही नहीं है जिसने अनुज्ञप्ति दी थी, तो— |
अनुज्ञप्ति देने वाले प्राधिकारी को सूचना देगा |
|
धारा 34 के अंतर्गत निरर्हण किस प्रकार का आदेश है? |
अधिकतम एक वर्ष तक का |
|
निरर्हण के आदेश से व्यथित व्यक्ति कितने दिनों में अपील कर सकता है? |
30 दिन |
|
अपील किसे की जाती है? |
विहित प्राधिकारी |
|
अपील का निर्णय देने से पहले अपील प्राधिकारी किसे सुनवाई का अवसर देगा? |
दोनों को |
|
अपील प्राधिकारी का निर्णय किस पर आबद्धकर होगा? |
आदेश देने वाले प्राधिकारी पर |
|
निरर्हण आदेश किस कारण से दिया जा सकता है? |
पूर्वाचरण अनुचित होने पर |
|
निरर्हित व्यक्ति को किससे रोका जाता है? |
अनुज्ञप्ति धारण करने या प्राप्त करने से |
|
निरर्हण की अवधि कौन निर्धारित करता है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
|
निरर्हण का आदेश किस रूप में दिया जाएगा? |
लिखित आदेश |
|
धारा 34 की उपधारा (2) किससे संबंधित है? |
अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण |
|
धारा 34 की उपधारा (3) किससे संबंधित है? |
सूचना देने का प्रावधान |
|
धारा 34 की उपधारा (4) किस विषय से संबंधित है? |
अपील की प्रक्रिया |
|
न्यायालय की निरर्हित करने की शक्ति (Power of Court to disqualify), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 35 |
|
न्यायालय किसी व्यक्ति को कब निरर्ह घोषित कर सकता है? |
अपराध के लिए दोषसिद्ध होने पर |
|
न्यायालय निरर्हता का आदेश किसके अतिरिक्त दे सकता है? |
अन्य दंड अधिरोपित करने के अतिरिक्त |
|
निरर्हता की अवधि कौन निर्धारित करेगा? |
न्यायालय |
|
न्यायालय व्यक्ति को किससे निरर्ह घोषित कर सकता है? |
कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण करने से |
|
धारा 35 की उपधारा (1) किस स्थिति पर लागू होती है? |
दोषसिद्धि |
|
धारा 35 में अपील न्यायालय क्या कर सकता है? |
निरर्हता आदेश को अपास्त या परिवर्तित कर सकता है |
|
यदि दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील न भी की गई हो, तब भी कौन निरर्हता आदेश को बदल सकता है? |
उच्चतर अपील न्यायालय |
|
धारा 35 के अनुसार निरर्हता का आदेश किसके द्वारा दिया जाता है? |
न्यायालय |
|
न्यायालय द्वारा दी गई निरर्हता किसके साथ-साथ दी जा सकती है? |
अन्य विधिक दंड |
|
धारा 35 की उपधारा (2) किससे संबंधित है? |
अपील में आदेश को अपास्त या परिवर्तित करना |
|
निरर्हता आदेश को अपास्त करने का अर्थ क्या है? |
आदेश समाप्त करना |
|
न्यायालय निरर्हता की अवधि— |
न्यायालय द्वारा विनिर्दिष्ट की जाती है |
|
दोषसिद्धि के बाद न्यायालय का निरर्हता आदेश किस प्रकार का होता है? |
न्यायिक |
|
धारा 35 के अंतर्गत निरर्हता का आदेश किससे संबंधित है? |
कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण करने से निरर्हता |
|
अपील न्यायालय द्वारा आदेश में परिवर्तन का अर्थ क्या है? |
आदेश की शर्तों या अवधि में संशोधन करना |
|
धारा 35 के अनुसार न्यायालय की शक्ति किसके अतिरिक्त प्रयोग की जाती है? |
अन्य दंड अधिरोपित करने के अतिरिक्त |
|
निरर्हता का आदेश किस स्थिति में दिया जा सकता है? |
दोषसिद्धि होने पर |
|
अध्याय 2 के कुछ उपबंधों का कंडक्टर अनुज्ञप्ति को लागू होना (Certain provisions of Chapter-II to apply to conductor's licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 36 |
|
धारा 36 के अनुसार किन धाराओं के उपबंध कंडक्टर अनुज्ञप्ति पर लागू होते हैं? |
धारा 6(2), 14, 15, 23, 24(1), 25 |
|
धारा 36 के अनुसार ये उपबंध किस प्रकार लागू होंगे? |
यथासंभव उसी प्रकार जैसे चालन-अनुज्ञप्ति पर लागू होते हैं |
|
व्यावृत्तियां (Savings), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 37 |
|
धारा 37 किन अनुज्ञप्तियों पर लागू होती है? |
मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में कार्य करने की अनुज्ञप्ति |
|
यदि कोई अनुज्ञप्ति अधिनियम के प्रारंभ से तुरंत पूर्व प्रभावी थी, तो वह — |
अपनी शेष अवधि तक प्रभावी बनी रहेगी |
|
ऐसी अनुज्ञप्ति को किस प्रकार माना जाएगा? |
इस अध्याय के अधीन दी गई अनुज्ञप्ति |
|
धारा 37 के अनुसार यह माना जाएगा कि अध्याय कब से प्रवृत्त था? |
अनुज्ञप्ति दिए जाने की तिथि से |
|
धारा 37 के अंतर्गत “व्यावृत्ति” का अर्थ है— |
पुराने अधिकारों की सुरक्षा |
|
यदि अधिनियम पारित न हुआ होता तो अनुज्ञप्ति जितनी अवधि तक प्रभावी रहती, वह — |
उतनी ही अवधि तक प्रभावी बनी रहेगी |
|
धारा 37 के अनुसार अनुज्ञप्ति को ऐसा माना जाएगा मानो— |
वह इस अध्याय के अधीन दी गई थी |
|
राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 38 |
|
धारा 38 के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार |
|
राज्य सरकार नियम किस उद्देश्य से बना सकती है? |
अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए |
|
नियमों में किनकी नियुक्ति, अधिकारिता, नियंत्रण और कृत्यों का प्रावधान किया जा सकता है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारियों और अन्य विहित प्राधिकारियों का |
|
नियमों में किन व्यक्तियों को धारा 29(1) से छूट देने की शर्तें निर्धारित की जा सकती हैं? |
ड्राइवरों को जो कंडक्टर के कृत्य निभाते हैं तथा अस्थायी कंडक्टरों को |
|
नियमों में कंडक्टरों की न्यूनतम शैक्षिक अर्हताएं किसके द्वारा निर्धारित की जा सकती हैं? |
राज्य सरकार |
|
कंडक्टर अनुज्ञप्ति के आवेदन का प्रारूप किसके द्वारा निर्धारित किया जा सकता है? |
राज्य सरकार के बनाए नियमों द्वारा |
|
खोई या नष्ट अनुज्ञप्ति के बदले दूसरी अनुज्ञप्ति देने का प्रावधान किसके द्वारा किया जा सकता है? |
राज्य सरकार के नियमों द्वारा |
|
अपीलों के संचालन और सुनवाई संबंधी नियम किसके द्वारा बनाए जा सकते हैं? |
राज्य सरकार |
|
अपील संबंधी फीस की अधिकतम सीमा कितनी निर्धारित की गई है? |
₹25 |
|
कंडक्टरों की वर्दी और बैज से संबंधित नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
|
चिकित्सा प्रमाणपत्रों के प्रारूप के संबंध में नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
|
अन्य राज्य में दी गई कंडक्टर अनुज्ञप्ति की वैधता संबंधी शर्तें कौन निर्धारित करेगा? |
राज्य सरकार |
|
कंडक्टर अनुज्ञप्तियों की विशिष्टियों की एक प्राधिकारी से दूसरे को सूचना देने का प्रावधान किसके द्वारा किया जा सकता है? |
राज्य सरकार के नियमों द्वारा |
|
धारा 38 के अंतर्गत “पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना” का अर्थ है — |
सूचीबद्ध विषय केवल उदाहरण हैं, शक्ति व्यापक बनी रहती है |
|
धारा 38 के अंतर्गत राज्य सरकार नियम किन विषयों पर बना सकती है? |
अध्याय के कार्यान्वयन हेतु आवश्यक सभी विषयों पर |
|
|
|
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अध्याय-4 (CHAPTER-4) |
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मोटर यानों का रजिस्ट्रीकरण (REGISTRATION OF MOTOR VEHICLES) |
|
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रजिस्ट्रीकरण की आवश्यकता (Necessity for registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 39 |
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किसी सार्वजनिक स्थान में अथवा किसी अन्य स्थान में किसी मोटर यान को कोई व्यक्ति तभी चलाएगा और कोई मोटर यान का स्वामी तभी चलवाएगा या चलाने की अनुज्ञा देगा जब |
जब वह यान इस अध्याय के अनुसार रजिस्ट्रीकृत हो तथा यान का रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र निलंबित या रद्द न किया गया हो और यान पर रजिस्ट्रीकरण चिह्न विहित रीति से प्रदर्शित हो |
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व्यवहारी के वाहन पर अपवाद किसके द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
इस धारा की कोई बात ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए- |
किसी व्यवहारी के कब्जे में के मोटर यान को लागू नहीं होगी। |
|
रजिस्ट्रीकरण कहां किया जाना है (Registration, where to be made), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 40 |
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धारा 40 किन धाराओं के उपबंधों के अधीन है? |
धारा 42, 43 और 60 |
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धारा 42, धारा 43 और धारा 60 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, प्रत्येक मोटर यान का स्वामी यान को उस राज्य में कोई रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी से रजिस्टर करवाएगा- |
जिसकी अधिकारिता में उसका निवास स्थान या कारबार का स्थान है जहां कि यान आमतौर पर रखा जाता है। |
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धारा 40 में संशोधन किस वर्ष किया गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 16 द्वारा |
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रजिस्ट्रीकरण कैसे होना है (Registration, how to be made), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 41 |
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मोटर यान के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन कौन करेगा? |
मोटर यान का स्वामी या उसकी ओर से कोई व्यक्ति |
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रजिस्ट्रीकरण आवेदन का प्ररूप और अवधि कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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यदि मोटर यान संयुक्त स्वामित्व में है, तो आवेदन कैसे किया जाएगा? |
सभी स्वामियों की ओर से एक स्वामी आवेदन करेगा |
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संयुक्त स्वामित्व की स्थिति में आवेदन करने वाला स्वामी अधिनियम के प्रयोजन के लिए किस रूप में माना जाएगा? |
वाहन का स्वामी |
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रजिस्ट्रीकरण आवेदन के साथ क्या संलग्न किया जाएगा? |
विहित दस्तावेज, विशिष्टियां और जानकारी |
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नए मोटर यान की दशा में राज्य में रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन - |
ऐसे मोटर यान के डीलर द्वारा किया जाएगा, यदि नए मोटर यान को उसी राज्य में रजिस्ट्रीकृत किया जा रहा है जिसमें डीलर अवस्थित है |
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आवेदन के साथ फीस कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण होने पर स्वामी को क्या दिया जाता है? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र |
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स्वामी के नाम से एक रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र का प्ररूप कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में मोटर यान का कौन-सा तत्व विशेष रूप से विनिर्दिष्ट किया जाएगा? |
मोटर यान का प्रकार |
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मोटर यान के प्रकार का विनिर्देशन किसके द्वारा अधिसूचना से किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी प्रमाणपत्र की विशिष्टियां कहाँ दर्ज करेगा? |
निर्धारित रजिस्टर में |
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वाहन को दिया जाने वाला पहचान चिह्न किस नाम से जाना जाता है? |
रजिस्ट्रीकरण चिह्न |
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धारा 41 में संशोधन किस-किस उपधारा में किया गया? |
धारा 41 (1) (3) (6) (7) (8) (10) (14) |
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रजिस्ट्रीकरण चिह्न के अक्षर समूह किसके द्वारा राज्य को आबंटित किए जाते हैं? |
केन्द्रीय सरकार |
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परिवहन यान से भिन्न मोटर यान का रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र प्रारंभिक रूप से कितनी अवधि तक वैध रहता है? |
15 वर्ष |
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नवीकरण के लिए आवेदन किसके द्वारा किया जाएगा? |
वाहन का स्वामी या उसकी ओर से व्यक्ति |
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नवीकरण आवेदन का प्ररूप और अवधि कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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नवीकरण आवेदन के साथ फीस कौन निर्धारित करता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र का नवीकरण सामान्यतः कितनी अवधि के लिए किया जाता है? |
5 वर्ष |
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यदि नवीकरण करने वाला प्राधिकारी मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी नहीं है, तो क्या करेगा? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को सूचना देगा |
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समय पर आवेदन न करने पर प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
स्वामी से निर्धारित राशि जमा करने की अपेक्षा कर सकता है |
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यदि निर्धारित राशि जमा कर दी जाती है तो धारा 177 के अंतर्गत कार्रवाई— |
नहीं की जाएगी |
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विलंब अवधि को ध्यान में रखते हुए भिन्न-भिन्न राशि कौन निर्धारित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण का दूसरा प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किसे किया जाएगा? |
अंतिम रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को |
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दूसरे प्रमाणपत्र के आवेदन के साथ क्या आवश्यक है? |
विहित विशिष्टियां, जानकारी और फीस |
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राजनयिक अधिकारियों आदि के मोटर यानों के रजिस्ट्रीकरण के लिए विशेष उपबंध (Special provision for registration of motor vehicles of diplomatic officers, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 42 |
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किसी मोटर यान का अस्थायी रजिस्ट्रीकरण कराने के लिए आवेदन कौन कर सकता है? |
वाहन का स्वामी |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन किसके पास किया जा सकता है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी या राज्य सरकार द्वारा विहित अन्य प्राधिकारी |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण के बाद प्राधिकारी क्या जारी करता है? |
अस्थायी रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र और अस्थायी रजिस्ट्रीकरण चिह्न |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण के नियम कौन बनाता है? |
केंद्रीय सरकार |
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राज्य सरकार अस्थायी रूप से चलने वाले मोटर यान को कितने समय के लिए रजिस्टर कर सकती है? |
1 माह |
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राज्य सरकार अस्थायी रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रीकरण चिह्न किस प्रकार जारी करेगी? |
राज्य सरकार द्वारा विहित रीति में |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण (Temporary registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 43 |
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धारा 43 किस प्रकार के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित है? |
अस्थायी रजिस्ट्रीकरण |
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धारा 40 में किसी बात के होते हुए भी धारा 43 क्या अनुमति देती है? |
अस्थायी रूप से रजिस्ट्रीकरण कराना |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन कौन कर सकता है? |
मोटर यान का स्वामी |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन किसे किया जा सकता है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी या अन्य विहित प्राधिकारी को |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण चिह्न किसके द्वारा दिया जाता है? |
रजिस्ट्रीकर्ता या अन्य विहित प्राधिकारी |
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अस्थायी रजिस्ट्रीकरण अधिकतम कितनी अवधि तक वैध होगा? |
एक मास |
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क्या अस्थायी रजिस्ट्रीकरण नवीकरणीय है? |
नहीं, सामान्यतः नवीकरणीय नहीं है |
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किस स्थिति में अस्थायी रजिस्ट्रीकरण की अवधि बढ़ाई जा सकती है? |
जब वाहन चेसिस हो और उसमें बॉडी न लगी हो |
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बॉडी लगाने के लिए वाहन को एक मास से अधिक कर्मशाला में रखने पर अवधि कैसे बढ़ाई जा सकती है? |
विहित फीस देने पर |
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अतिरिक्त अवधि किसके द्वारा अनुज्ञात की जाएगी? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी या अन्य विहित प्राधिकारी |
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“स्वामी के नियंत्रण के बाहर अकल्पित परिस्थितियाँ” का उल्लेख क्यों किया गया है? |
अवधि विस्तार के औचित्य हेतु |
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अवक्रय करार, पट्टे या आड्मान के अधीन धारित वाहन की स्थिति में क्या किया जाएगा? |
अस्थायी प्रमाणपत्र में करार वाले व्यक्ति का नाम और पता अंकित होगा |
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करार वाले व्यक्ति का नाम प्रमाणपत्र में किस प्रकार दिया जाएगा? |
सुपाठ्य और प्रमुख रूप में |
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धारा 43 में संशोधन किस वर्ष किया गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 18 द्वारा |
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रजिस्ट्रीकरण के समय यान का पेश किया जाना (Production of vehicle at the time of registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 44 |
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प्राधिकृत डीलर द्वारा बेचे गए मोटर यान को पहली बार रजिस्ट्रीकरण के लिए क्या करना आवश्यक नहीं है? |
रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी के सामने प्रस्तुत करना |
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धारा 44(1) के अनुसार प्राधिकृत डीलर द्वारा बेचे गए वाहन के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित नियम कौन बनाएगा? |
केंद्रीय सरकार |
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धारा 44(2) के अनुसार किन शर्तों के अधीन रजिस्ट्रीकृत या अंतरित यान को प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी? |
राज्य सरकार द्वारा विहित शर्तों के अधीन |
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यदि किसी व्यक्ति के नाम में रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र जारी हो गया है, तो सामान्यतः उसे क्या करने की आवश्यकता नहीं होगी? |
रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी के समक्ष वाहन प्रस्तुत करना |
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धारा 44 के अनुसार पहली बार रजिस्ट्रीकरण के लिए वाहन प्रस्तुत न करने की सुविधा किसे दी गई है? |
प्राधिकृत डीलर द्वारा बेचे गए वाहनों को |
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धारा 44 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया? |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 |
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रजिस्ट्रीकरण से या रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र के नवीकरण से इंकार (Refusal of registration or renewal of the certificate of registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 45 |
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रजिस्ट्रीकरण से इंकार करने का अधिकार किसे है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
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यदि प्राधिकारी को विश्वास हो कि वाहन चोरी का है, तो वह— |
रजिस्ट्रीकरण से इंकार कर सकता है |
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यदि वाहन यांत्रिक रूप से खराब है, तो प्राधिकारी— |
रजिस्ट्रीकरण या नवीकरण से इंकार कर सकता है |
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यदि वाहन अधिनियम या नियमों की अपेक्षाओं का पालन नहीं करता, तो— |
रजिस्ट्रीकरण से इंकार किया जा सकता है |
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आवेदक द्वारा पूर्व रजिस्ट्रीकरण की विशिष्टियां प्रस्तुत न करने पर— |
प्राधिकारी इंकार कर सकता है |
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यदि आवेदन में गलत विशिष्टियां दी गई हों, तो— |
रजिस्ट्रीकरण से इंकार किया जा सकता है |
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धारा 45 किन दोनों स्थितियों पर लागू होती है? |
रजिस्ट्रीकरण और नवीकरण |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र का नवीकरण किस प्रकार के वाहन के संदर्भ में उल्लेखित है? |
परिवहन यान से भिन्न मोटर यान |
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इंकार करने का आधार क्या होना चाहिए? |
विश्वास करने का कारण |
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यदि आवेदन नामंजूर किया जाता है, तो प्राधिकारी को क्या देना होगा? |
आदेश की प्रति |
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आदेश की प्रति में क्या सम्मिलित होगा? |
इंकार या नामंजूरी के कारण |
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इंकार की सूचना किसे दी जाएगी? |
आवेदक को |
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यदि वाहन चोरी का होने का संदेह हो, तो प्राधिकारी का अधिकार— |
रजिस्ट्रीकरण से इंकार करना है |
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यदि आवेदक गलत जानकारी देता है, तो यह किस परिणाम का कारण बन सकता है? |
रजिस्ट्रीकरण से इंकार |
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आदेश की प्रति देना क्यों आवश्यक है? |
पारदर्शिता और कारण बताने के लिए |
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धारा 45 के अंतर्गत इंकार करने का अधिकार— |
विवेकाधीन है |
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रजिस्ट्रीकरण की भारत में प्रभावशीलता (Effectiveness in India of registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 46 |
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यदि कोई मोटर यान किसी एक राज्य में विधिवत् रजिस्ट्रीकृत है, तो— |
भारत में अन्यत्र पुनः रजिस्ट्रीकरण आवश्यक नहीं है |
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धारा 46 किस धारा के उपबंधों के अधीन लागू होती है? |
धारा 47 |
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ऐसे मोटर यान की बाबत, जो किसी राज्य में इस अध्याय के अनुसार रजिस्ट्रीकृत है, यह अपेक्षित न होगा कि- |
उसे भारत में अन्यत्र रजिस्टर कराया जाए और ऐसे यान की बाबत इस अधिनियम के अधीन जारी किया गया या प्रवृत्त रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र भारत में सर्वत्र प्रभावशील होगा। |
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दूसरे राज्यों को ले जाए जाने पर नए रजिस्ट्रीकरण चिह्न का दिया जाना (Assignment of new registration mark on removal to another State), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 47 |
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यदि कोई मोटर यान दूसरे राज्य में कितनी अवधि से अधिक रखा जाता है तो नया रजिस्ट्रीकरण चिह्न लेना आवश्यक है? |
12 माह |
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नया रजिस्ट्रीकरण चिह्न प्राप्त करने के लिए आवेदन किसे किया जाता है? |
उस राज्य के रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को जहां वाहन वर्तमान में है |
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आवेदन के साथ कौन-सा दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र |
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आवेदन के साथ धारा 48 के अंतर्गत सामान्यतः कौन-सा प्रमाणपत्र आवश्यक होता है? |
आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र |
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यदि आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है तो क्या संलग्न किया जा सकता है? |
आवेदन की रसीद |
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वाहन यदि अवक्रय/पट्टा/आड्मान करार के अधीन है तो आवेदन के साथ किसका प्रमाणपत्र आवश्यक होगा? |
वित्तदाता/करार वाले व्यक्ति का आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र |
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नया रजिस्ट्रीकरण चिह्न देने के बाद रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या करेगा? |
प्रमाणपत्र पर नया चिह्न दर्ज करेगा |
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नया राज्य का रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी किससे संपर्क कर रजिस्ट्रेशन अंतरित कराएगा? |
पूर्व रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी से |
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यदि वाहन हायर-परचेज/लीज/हाइपोथिकेशन में है तो नए रजिस्ट्रेशन चिह्न दिए जाने की सूचना किसे भेजी जाएगी? |
करार वाले व्यक्ति को |
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राज्य सरकार किस संबंध में नियम बना सकती है? |
अन्य राज्य से आए वाहन की जानकारी देने के |
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निर्धारित अवधि में आवेदन न करने पर रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
निर्धारित धनराशि जमा कराने की अपेक्षा कर सकता है |
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यदि स्वामी निर्धारित धनराशि जमा कर देता है तो— |
धारा 177 के अंतर्गत कोई कार्रवाई नहीं होगी |
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विलंब शुल्क की भिन्न-भिन्न राशियां कौन निर्धारित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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नया रजिस्ट्रीकरण चिह्न किस उपधारा के अनुसार निर्दिष्ट प्रकार का होगा? |
धारा 41 उपधारा (6) |
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आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र (No objection certificate), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 48 |
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आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र (NOC) किस प्राधिकारी से प्राप्त किया जाता है? |
उस रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी से जिसने वाहन को पहले रजिस्टर किया था |
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एन ओ सी के लिए आवेदन कब किया जाता है? |
दूसरे राज्य में नया रजिस्ट्रीकरण चिह्न लेने या स्वामित्व अंतरण के समय |
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एन ओ सी आवेदन प्राप्त होने पर रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या जारी करेगा? |
रसीद |
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रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को एन ओ सी देने या इंकार करने की सूचना कितने दिनों के भीतर देनी होती है? |
30 दिन |
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एन ओ सी देने से इंकार करने पर प्राधिकारी को क्या करना अनिवार्य है? |
कारण लेखबद्ध कर आवेदक को प्रति देना |
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यदि 30 दिनों के भीतर कोई सूचना नहीं दी जाती है तो क्या माना जाएगा? |
एन ओ सी दे दिया गया माना जाएगा |
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एन ओ सी देने से पूर्व रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी किस विभाग से रिपोर्ट प्राप्त करेगा? |
पुलिस |
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एन ओ सी जारी करने से पहले किसका सत्यापन किया जाएगा? |
सरकार को देय सभी रकमों का भुगतान |
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यदि वाहन चोरी हो जाए तो स्वामी को क्या करना होगा? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को भी लिखित सूचना देना |
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चोरी की सूचना देते समय स्वामी को क्या उल्लेख करना होगा? |
उस पुलिस थाने का नाम जहां रिपोर्ट दर्ज हुई |
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एन ओ सी की आवश्यकता किस स्थिति में भी होती है? |
स्वामित्व अंतरण की रिपोर्ट करते समय |
|
एन ओ सी आवेदन का प्रारूप और रीति कौन निर्धारित करता है? |
केंद्र सरकार |
|
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी एन ओ सी देने से पूर्व क्या कर सकता है? |
आवश्यक जांच करेगा और निर्देशों का पालन कराने को कहेगा |
|
यदि प्राधिकारी इंकार करता है तो क्या करना अनिवार्य है? |
कारण लिखित रूप में दर्ज करना |
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एन ओ सी आवेदन की रसीद किस उपधारा के अंतर्गत दी जाती है? |
उपधारा (2) |
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30 दिन में इंकार की सूचना न मिलने पर एन ओ सी का क्या प्रभाव होगा? |
स्वीकृत माना जाएगा |
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एन ओ सी जारी करने से पहले किन बातों पर विचार किया जाएगा? |
पुलिस रिपोर्ट, बकाया सरकारी देय राशि और अन्य विहित बातें |
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निवास स्थान या कारबार के स्थान का परिवर्तन (Change of residence or place of business), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 49 |
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यदि स्वामी निवास स्थान बदलता है तो सूचना कितने दिनों के भीतर देनी होगी? |
30 दिन |
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पते के परिवर्तन की सूचना किसे दी जाती है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को |
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पते के परिवर्तन की सूचना किस प्ररूप में दी जाती है? |
केंद्रीय सरकार द्वारा विहित प्ररूप में |
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यदि नया पता किसी अन्य राज्य में हो, तो सूचना किसे दी जाएगी? |
उस अन्य राज्य के रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को |
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पते के परिवर्तन के साथ वाहन स्वामी को कौन-सा दस्तावेज भी भेजना होता है? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र |
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धारा 49 के अनुसार यदि वाहन स्वामी अपने कारोबार का स्थान बंद कर देता है तो क्या करना होगा? |
पते के परिवर्तन की सूचना देनी होगी |
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धारा 49(1क) के अनुसार पते के परिवर्तन की सूचना किस रूप में भेजी जा सकती है? |
इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में |
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इलेक्ट्रॉनिक रूप में भेजी गई सूचना के साथ क्या संलग्न किया जा सकता है? |
दस्तावेजों का इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप |
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इलेक्ट्रॉनिक सूचना में अधिप्रमाणन (Authentication) का सबूत किसके द्वारा विहित रीति में होगा? |
केंद्रीय सरकार |
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यदि वाहन स्वामी 30 दिन के भीतर पते के परिवर्तन की सूचना नहीं देता, तो क्या हो सकता है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी जुर्माना मांग सकता है |
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सूचना देने में असफल रहने पर अधिकतम कितनी राशि ली जा सकती है? |
₹500 |
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धारा 49 सूचना देने में असफल रहने पर अधिकतम राशि में संशोधन किस वर्ष किया गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 20 द्वारा |
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पते की सूचना न देने पर किस धारा के अंतर्गत कार्रवाई हो सकती है? |
धारा 177 |
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जुर्माने की राशि तय करते समय रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या ध्यान में रखेगा? |
मामले की परिस्थितियां |
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यदि वाहन स्वामी उपधारा (2) के अधीन राशि का भुगतान कर देता है तो क्या होगा? |
धारा 177 के अधीन कोई कार्रवाई नहीं होगी |
|
विलंब पर अधिकतम कितनी राशि ली जा सकती है? |
100 रुपये से अधिक नहीं |
|
धारा 177 के अंतर्गत कार्रवाई कब होगी? |
जब स्वामी निर्धारित रकम जमा न करे |
|
यदि स्वामी निर्धारित रकम जमा कर देता है तो— |
कोई कार्रवाई नहीं होगी |
|
विलंब की अवधि को ध्यान में रखकर भिन्न-भिन्न रकमें कौन निर्धारित करेगा? |
राज्य सरकार |
|
सूचना प्राप्त होने पर रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या करेगा? |
सत्यापन के बाद नया पता प्रविष्ट करेगा |
|
यदि प्रविष्टि अन्य रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी द्वारा की गई है तो वह— |
मूल प्राधिकारी को सूचना देगा |
|
उपधारा (1) लागू नहीं होगी यदि— |
अस्थायी अनुपस्थिति छह माह से अधिक न हो |
|
यदि वाहन पते पर न उपयोग किया जाता है और न हटाया जाता है तो— |
उपधारा (1) लागू नहीं होगी |
|
सूचना न देने पर प्राधिकारी की शक्ति किस प्रकृति की है? |
विवेकाधीन रकम वसूलना |
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पते में परिवर्तन की प्रविष्टि कहाँ की जाएगी? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में |
|
यदि नया पता उसी अधिकारिता में है तो— |
उसी प्राधिकारी को सूचना दी जाएगी |
|
पते में परिवर्तन की सूचना देने की जिम्मेदारी किसकी है? |
वाहन स्वामी की |
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स्वामित्व का अंतरण (Transfer of ownership), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 50 |
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उसी राज्य के भीतर पंजीकृत वाहन के अंतरण की सूचना अंतरक कितने दिन में देगा? |
14 दिन |
|
राज्य के बाहर पंजीकृत वाहन के अंतरण की सूचना कितने दिन में दी जाएगी? |
45 दिन |
|
राज्य के बाहर पंजीकृत वाहन के मामले में अंतरक को क्या भेजना होगा? |
आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र (NOC) |
|
यदि एन ओ सी प्राप्त नहीं हुआ हो तो अंतरक क्या भेज सकता है? |
धारा 48 के अंतर्गत रसीद |
|
अंतरिती को अंतरण की सूचना कितने दिन में देनी होती है? |
30 दिन |
|
अंतरिती को रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र के साथ क्या भेजना होगा? |
विहित फीस |
|
वाहन स्वामी की मृत्यु होने पर आवेदन कौन करेगा? |
उत्तराधिकारी |
|
सार्वजनिक नीलामी में वाहन क्रय होने पर आवेदन कौन करेगा? |
क्रेता |
|
उपधारा (3) के अनुसार विलंब होने पर अधिकतम कितनी राशि ली जा सकती है? |
100 रुपए |
|
विलंब पर राशि किस धारा के अंतर्गत कार्रवाई के स्थान पर ली जाती है? |
धारा 177 |
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यदि व्यक्ति ने उपधारा (3) के अधीन राशि जमा कर दी तो क्या होगा? |
धारा 177 के अंतर्गत कार्रवाई नहीं होगी |
|
विलंब की अवधि के आधार पर भिन्न-भिन्न राशि कौन विहित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
|
स्वामित्व अंतरण की प्रविष्टि कौन करेगा? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
|
स्वामित्व की प्रविष्टि करने के बाद सूचना किसे दी जाएगी? |
अंतरक तथा मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को (यदि भिन्न हो) |
|
अंतरक को रिपोर्ट की एक प्रति किसे भेजनी होती है? |
अंतरिती को |
|
यदि अंतरक/अंतरिती समय पर सूचना देने में असफल रहता है तो क्या अपेक्षित किया जा सकता है? |
विहित राशि का संदाय |
|
धारा 50 किस अध्याय से संबंधित है? |
पंजीकरण |
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उपधारा (1) के अंतर्गत रिपोर्ट किसे दी जाती है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
|
अवक्रय करार, आदि के अधीन मोटर यान के बारे में विशेष उपबंध (Special provisions regarding motor vehicle subject to hire-purchase agreement, etc.), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 51 |
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वाहन यदि अवक्रय या पट्टा करार के अधीन है तो उसकी प्रविष्टि कहाँ की जाएगी? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में |
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करार समाप्त होने पर प्रविष्टि किस आधार पर रद्द की जाएगी? |
करार समाप्ति का सबूत |
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करार के अधीन धारित वाहन का स्वामित्व अंतरण किसकी लिखित सम्मति से होगा? |
करार में निर्दिष्ट व्यक्ति (वित्तपोषक) |
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यदि वित्तपोषक वाहन का कब्जा ले और स्वामी आर सी प्रस्तुत न करे तो प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
आर सी रद्द कर नया आर सी जारी कर सकता है |
|
नया आर सी जारी करने से पहले क्या आवश्यक है? |
विहित फीस |
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परिवहन यान से भिन्न वाहन के लिए नया आर सी कितनी अवधि तक मान्य होगा? |
शेष अवधि जितनी पुराना आर सी मान्य था |
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स्वामी को परमिट नवीकरण आदि से पहले किससे एन ओ सी लेना होगा? |
वित्तपोषक |
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वित्तपोषक आवेदन प्राप्त होने के कितने दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी करेगा या इंकार करेगा? |
7 दिन |
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यदि वित्तपोषक 7 दिन में न प्रमाणपत्र दे और न इंकार की सूचना दे तो क्या माना जाएगा? |
प्रमाणपत्र जारी माना जाएगा |
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परमिट नवीकरण आदि के आवेदन के साथ क्या देना होगा? |
वित्तपोषक का प्रमाणपत्र या घोषणा |
|
यदि वित्तपोषक प्रमाणपत्र देने से इंकार करे तो समुचित प्राधिकारी क्या करेगा? |
सुनवाई का अवसर देगा |
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किस स्थिति में रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी वित्तपोषक को सूचना देगा? |
स्वामित्व अंतरण, वाहन परिवर्तन, पते का परिवर्तन |
|
नई प्रविष्टि करने वाला प्राधिकारी यदि मूल प्राधिकारी से भिन्न हो तो सूचना किसे देगा? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
|
वित्तपोषक को सूचना किस माध्यम से भेजी जाएगी? |
रसीदी रजिस्ट्री डाक |
|
वाहन में परिवर्तन होने पर भी सूचना किसे दी जाएगी? |
वित्तपोषक |
|
नया वाहन पंजीकरण या आर सी की दूसरी प्रति जारी होने की सूचना किसे दी जाएगी? |
वित्तपोषक |
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धारा 51 के अंतर्गत “वित्तपोषक” किसे कहा गया है? |
वह व्यक्ति जिसके साथ करार किया गया है |
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करार की प्रविष्टि करने पर सूचना किसे दी जाएगी यदि प्राधिकारी मूल प्राधिकारी न हो? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
|
मोटर यान में परिवर्तन (Alteration in motor vehicle), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 52 |
|
धारा 52(1) के अनुसार वाहन स्वामी ऐसा परिवर्तन नहीं कर सकता जिससे क्या बदल जाए? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज विशिष्टियां |
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मोटर यान के इंजन में भिन्न प्रकार के ईंधन के लिए परिवर्तन किसके माध्यम से किया जा सकता है? |
संपरिवर्तन (Conversion) किट लगाकर |
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मोटर यान में परिवर्तन होने पर विनिर्माता की वारंटी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? |
वारंटी शून्य नहीं मानी जाएगी |
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धारा 52(1क) के अनुसार सुरक्षा उपकरणों में परिवर्तन कौन करेगा? |
मोटर यान का विनिर्माता |
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किसी व्यक्ति को अपने वाहन में परिवर्तन करने के लिए किसकी अनुमति आवश्यक है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
|
यदि वाहन में परिवर्तन बिना अनुमोदन के किया गया हो तो स्वामी को कितने दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट देनी होगी? |
14 दिन |
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परिवर्तन की सूचना देते समय वाहन स्वामी को क्या भेजना होगा? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र और विहित फीस |
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यदि किसी अन्य रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी ने परिवर्तन की प्रविष्टि की है तो उसे क्या करना होगा? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को सूचना देना |
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धारा 53(1) परन्तुक 2 किस वर्ष जोड़ा गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 21 द्वारा (1-4-2021 से) प्रतिस्थापित |
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धारा 53(1क) किस वर्ष जोड़ा गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 21 द्वारा |
|
किसी ऐसे अनुमोदन के बिना उसका इंजन बदलने के कारण किया गया है" शब्दों का लोप किया गया- |
धारा 53(3) में |
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रजिस्ट्रीकरण का निलंबन (Suspension of registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 53 |
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रजिस्ट्रीकरण निलंबित किया जा सकता है यदि वाहन— |
खराब हालत में हो जिससे जनता को खतरा हो |
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यदि वाहन अधिनियम या नियमों की अपेक्षाओं की पूर्ति नहीं करता तो— |
रजिस्ट्रीकरण निलंबित हो सकता है |
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बिना वैध परमिट के भाड़े पर उपयोग होने पर निलंबन अधिकतम कितनी अवधि के लिए हो सकता है? |
4 माह |
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जनता के लिए खतरा होने की स्थिति में निलंबन कब तक रहेगा? |
जब तक त्रुटियाँ दूर न हों |
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निलंबन से पूर्व स्वामी को क्या दिया जाएगा? |
सुनवाई का अवसर |
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स्वामी को सूचना किस माध्यम से भेजी जाएगी? |
रसीदी रजिस्ट्री डाक |
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निलंबन के कारण कैसे होंगे? |
लेखबद्ध |
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यदि रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी से भिन्न कोई प्राधिकारी निलंबन आदेश देता है तो वह किसे सूचना देगा? |
संबंधित रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी को |
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कम से कम कितनी लगातार अवधि के निलंबन पर सूचना मूल प्राधिकारी को दी जाएगी? |
1 मास |
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यदि निलंबन के समय का प्राधिकारी मूल प्राधिकारी नहीं है तो वह किसे सूचना देगा? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
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निलंबन होने पर स्वामी से क्या मांगा जा सकता है? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र अभ्यर्पित करना |
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अभ्यर्पित प्रमाणपत्र कब लौटाया जाएगा? |
जब निलंबन आदेश विखंडित कर दिया जाए |
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धारा 53(1)(क) किससे संबंधित है? |
वाहन की खराब हालत या नियम उल्लंघन |
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धारा 53(1)(ख) किससे संबंधित है? |
बिना परमिट भाड़े पर उपयोग |
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निलंबन आदेश देने से पहले क्या आवश्यक है? |
स्वामी को अभ्यावेदन का अवसर |
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रजिस्ट्रीकरण निलंबन का आदेश कौन दे सकता है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी या अन्य विहित प्राधिकारी |
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यदि वाहन अधिनियम की अपेक्षाओं को पूरा नहीं करता तो कार्रवाई किस धारा के अंतर्गत होगी? |
53 |
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निलंबन के समय वाहन जिस अधिकारिता में है, सूचना किसे दी जाएगी? |
संबंधित रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र लौटाने से पूर्व कौन-सी शर्त पूरी होनी चाहिए? |
निलंबन आदेश का विखंडन |
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धारा 53 के अधीन निलंबित रजिस्ट्रीकरण का रद्द किया जाना (Cancellation of registration suspended under section 53), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 54 |
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रजिस्ट्रीकरण रद्द कब किया जा सकता है? |
कम से कम 6 माह के निरंतर निलंबन के बाद |
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निलंबन कितनी अवधि तक बिना अवरोध जारी रहना चाहिए? |
6 माह |
|
यदि संबंधित प्राधिकारी मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी है तो वह क्या कर सकता है? |
रजिस्ट्रीकरण रद्द कर सकेगा |
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यदि संबंधित प्राधिकारी मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी नहीं है तो वह क्या करेगा? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र मूल प्राधिकारी को भेजेगा |
|
रजिस्ट्रीकरण रद्द करने का अधिकार किसे है? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
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धारा 54 लागू होने की शर्त क्या है? |
धारा 53 के अधीन निलंबन हो |
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निलंबन किस प्रकार का होना चाहिए? |
बिना अवरोध जारी |
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जिस प्राधिकारी की अधिकारिता में वाहन था, वही— |
यदि मूल प्राधिकारी है तो रद्द कर सकता है |
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यदि रद्द करने वाला प्राधिकारी मूल नहीं है तो अंतिम निर्णय कौन करेगा? |
मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
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धारा 54 का संबंध किस प्रकार के निलंबन से है? |
6 माह या अधिक का |
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रजिस्ट्रीकरण का रद्द किया जाना (Cancellation of registration), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 55 |
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यदि मोटर यान नष्ट हो गया है तो स्वामी को रिपोर्ट कितने समय के भीतर देनी चाहिए? |
14 दिन |
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नष्ट या अनुपयोगी वाहन की रिपोर्ट किसे दी जाती है? |
संबंधित रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
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रिपोर्ट देते समय स्वामी को कौन-सा दस्तावेज भी भेजना होगा? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र |
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यदि संबंधित प्राधिकारी मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी है तो वह क्या करेगा? |
रजिस्ट्रीकरण और प्रमाणपत्र रद्द करेगा |
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यदि प्राधिकारी मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी नहीं है तो वह क्या करेगा? |
रिपोर्ट और प्रमाणपत्र मूल प्राधिकारी को भेजेगा |
|
यदि वाहन ऐसी हालत में है कि उपयोग योग्य नहीं है और मरम्मत संभव नहीं है तो— |
रजिस्ट्रीकरण रद्द किया जा सकता है |
|
वाहन के उपयोग से जनता को खतरा होने की स्थिति में रजिस्ट्रीकरण रद्द करने से पहले क्या किया जाएगा? |
स्वामी को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा |
|
यदि वाहन स्थायी रूप से भारत से बाहर ले जाया गया है तो— |
रजिस्ट्रीकरण रद्द किया जाएगा |
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मिथ्या दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रीकरण प्राप्त होने पर— |
रजिस्ट्रीकरण रद्द किया जा सकता है |
|
रजिस्ट्रीकरण रद्द होने पर स्वामी को क्या करना होगा? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र तुरंत अभ्यर्पित करना |
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यदि किसी रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी या अन्य विहित प्राधिकारी के पास यह विश्वास करने का कारण है कि उसकी अधिकारिता के भीतर किसी मोटर यान का उपयोग धारा 199क के अधीन दंडनीय किसी अपराध को करने के लिए किया गया है तो- |
प्राधिकारी स्वामी को लिखित में अभ्यावेदन करने का अवसर प्रदान करने के पश्चात् एक वर्ष की अवधि के लिए यान के रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र को रद्द कर सकेगा| परंतु यान का स्वामी धारा 40 और धारा 41 के उपबंधों के अनुसार नए रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन कर सकेगा |
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रद्द करने की सूचना स्वामी को किस रूप में दी जाएगी? |
लिखित रूप में |
|
“मूल रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
वह प्राधिकारी जिसके अभिलेख में वाहन का रजिस्ट्रीकरण दर्ज है |
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धारा 55 के अनुसार “रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र” में क्या शामिल है? |
नवीकृत रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र भी |
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यदि इंजन या चेसिस संख्या प्रमाणपत्र में दर्ज संख्या से भिन्न पाई जाती है तो— |
रजिस्ट्रीकरण रद्द किया जा सकता है |
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धारा 54 या धारा 55 के अधीन रद्द किए गए वाहन के संबंध में सूचना किसे दी जाएगी? |
वाहन के स्वामी को |
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धारा 55(5क) किस वर्ष जोड़ा गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 22 द्वारा |
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परिवहन यानों के ठीक हालत में होने का प्रमाणपत्र (Certificate of fitness of transport vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 56 |
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धारा 56 के अनुसार किसी परिवहन यान को धारा 39 के प्रयोजनों के लिए विधिमान्य रूप से रजिस्ट्रीकृत कब माना जाएगा? |
जब उसके पास ठीक हालत में होने का प्रमाणपत्र हो |
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ठीक हालत में होने का प्रमाणपत्र किसके द्वारा दिया जाता है? |
विहित प्राधिकारी या प्राधिकृत परीक्षण केन्द्र |
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यदि विहित प्राधिकारी या परीक्षण केन्द्र प्रमाणपत्र देने से इंकार करता है तो उसे क्या करना होगा? |
लिखित रूप में कारण बताएगा |
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“प्राधिकृत परीक्षण केंद्र” का क्या अर्थ है? |
राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत स्वचालित परीक्षण सुविधा |
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2019 संशोधन के अनुसार उपयुक्तता प्रमाणपत्र देने से पहले वाहन का परीक्षण कहाँ किया जाना आवश्यक है? |
स्वचालित परीक्षण केंद्र में |
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“प्राधिकृत परीक्षण केंद्र” से क्या अभिप्रेत है? |
राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत स्वचालित परीक्षण सुविधा |
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ठीक हालत में होने का प्रमाणपत्र कितनी अवधि तक प्रभावी रहेगा? |
जितनी अवधि केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए |
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विहित प्राधिकारी फिटनेस प्रमाणपत्र कब रद्द कर सकता है? |
जब वाहन अधिनियम और नियमों की अपेक्षाओं को पूरा नहीं करता |
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फिटनेस प्रमाणपत्र रद्द होने पर क्या प्रभाव पड़ेगा? |
वाहन का रजिस्ट्रेशन और परमिट निलंबित माना जाएगा |
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फिटनेस प्रमाणपत्र रद्द करने से पहले क्या आवश्यक है? |
तकनीकी अर्हता वाले अधिकारी की रिपोर्ट |
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इस अधिनियम के अंतर्गत दिया गया फिटनेस प्रमाणपत्र कहाँ तक मान्य होता है? |
पूरे भारत में |
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वैध फिटनेस प्रमाणपत्र वाले परिवहन यानों को अपनी बॉडी पर क्या लगाना होगा? |
केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित विशिष्ट चिह्न |
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धारा 56 के प्रावधानों को किन यानों पर भी लागू किया जा सकता है? |
गैर-परिवहन यानों पर भी |
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धारा 56(2) परन्तुक किस वर्ष जोड़ा गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 23 द्वारा |
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2019 के अधिनियम सं० 32 द्वारा धारा 56 कौन कौन सी उपधाराएँ अंतःस्थापित की गयी? |
धारा 56 (5), (6),(2) |
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अपील (Appeals), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 57 |
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धारा 57 के अनुसार अपील किसके आदेश के विरुद्ध की जा सकती है? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध |
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अपील करने की समय-सीमा क्या है? |
30 दिन |
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30 दिन की अवधि कब से गिनी जाएगी? |
आदेश की सूचना प्राप्त होने की तारीख से |
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अपील किस प्राधिकारी के समक्ष की जाएगी? |
विहित प्राधिकारी |
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धारा 57 के अंतर्गत अपील किन धाराओं के आदेशों के विरुद्ध की जा सकती है? |
धारा 41 से 56 में निर्दिष्ट कुछ धाराओं के आदेशों के विरुद्ध |
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अपील प्राधिकारी अपील की सूचना किसे देगा? |
मूल प्राधिकारी को |
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अपील का निर्णय देने से पहले अपील प्राधिकारी किसे सुनवाई का अवसर देगा? |
दोनों को – मूल प्राधिकारी और अपीलार्थी |
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अपील प्राधिकारी सुनवाई के बाद क्या करेगा? |
जो आदेश उचित समझेगा वह पारित करेगा |
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यदि कोई व्यक्ति रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी के आदेश से व्यथित है तो वह क्या कर सकता है? |
अपील कर सकता है |
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अपील की सूचना देना किसका दायित्व है? |
अपील प्राधिकारी का |
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धारा 59(4) के अनुसार नियम बनाने का अधिकार किसे है? |
केंद्रीय सरकार |
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केंद्रीय सरकार पुनः चक्रण के नियम बनाते समय किन बातों को ध्यान में रखेगी? |
लोक सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरण का संरक्षण |
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धारा 59(4) के अनुसार पुनः चक्रण किनके लिए किया जाएगा? |
जिन मोटर यानों और उनके भागों का जीवन पूरा हो चुका है |
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धारा 59(4) किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई? |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 |
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परिवहन यानों के बारे में विशेष उपबंध (Special provisions in regard to transport vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 58 |
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धारा 58 के अनुसार अधिकतम सकल यान भार किसके द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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केन्द्रीय सरकार अधिकतम सकल यान भार किस माध्यम से विनिर्दिष्ट करती है? |
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा |
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धारा 58(1) मोटर टैक्सी पर लागू होती है या नहीं? |
लागू नहीं होती |
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केन्द्रीय सरकार किन बातों को ध्यान में रखकर अधिकतम भार निर्धारित करती है? |
टायरों की संख्या, प्रकार, आकार, बनावट और मॉडल |
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निरापद अधिकतम धुरी भार किसके लिए निर्धारित किया जाता है? |
प्रत्येक धुरी के लिए |
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परिवहन यान को रजिस्टर करते समय रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या दर्ज करेगा? |
निर्धारित विशिष्टियां |
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रजिस्ट्रीकरण में लदान रहित भार दर्ज किया जाएगा या नहीं? |
हाँ |
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हर पहिए में लगे टायरों की कौन-कौन सी जानकारी दर्ज होगी? |
संख्या, प्रकार और आकार |
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सकल यान भार और धुरी भार कहाँ दर्ज किए जाएंगे? |
रजिस्ट्रीकरण और प्रमाणपत्र में |
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यदि वाहन यात्रियों को ले जाने के लिए उपयोग होता है तो क्या दर्ज किया जाएगा? |
यात्रियों की अधिकतम बैठने की संख्या |
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दर्ज विशिष्टियों को वाहन पर प्रदर्शित करने का दायित्व किसका है? |
वाहन स्वामी का |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में ऐसा सकल यान भार दर्ज नहीं किया जाएगा जो— |
अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भार से भिन्न हो |
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यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र में अधिक भार की अनुमति देनी हो तो केन्द्रीय सरकार क्या करेगी? |
राजपत्र में आदेश द्वारा निदेश देगी |
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रजिस्ट्रीकृत धुरी भार किससे संबंधित होता है? |
प्रत्येक धुरी |
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सकल यान भार के पुनरीक्षण के लिए रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
स्वामी से रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकता है |
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प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया कैसी होगी? |
विहित प्रक्रिया के अनुसार |
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प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की समय-सीमा कौन निर्धारित करेगा? |
रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी |
|
अधिकतम सकल यान भार किस आधार पर निर्धारित किया जाता है? |
बनावट और मॉडल के आधार पर |
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धारा 58 के अंतर्गत कौन-सा वाहन अपवाद है? |
मोटर टैक्सी |
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मोटर यान की आयु सीमा नियत करने की शक्ति (Power to fix the age limit of motor vehicle), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 59 |
|
मोटर यान की आयु सीमा निर्धारित करने की शक्ति किसके पास है? |
केन्द्रीय सरकार |
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आयु सीमा किस माध्यम से विनिर्दिष्ट की जाती है? |
राजपत्र में अधिसूचना |
|
मोटर यान का जीवनकाल किस तिथि से गिना जाएगा? |
विनिर्माण तिथि से |
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निर्धारित आयु सीमा समाप्त होने के बाद वाहन को क्या माना जाएगा? |
अधिनियम की अपेक्षाओं की पूर्ति न करने वाला माना जाएगा |
|
आयु सीमा निर्धारित करते समय केन्द्रीय सरकार किन बातों को ध्यान में रखती है? |
लोक सुरक्षा और सुविधा |
|
क्या अलग-अलग प्रकार के मोटर यानों के लिए अलग आयु-सीमा निर्धारित की जा सकती है? |
हाँ |
|
उपधारा (2) के अनुसार आयु सीमा से छूट किसके द्वारा दी जा सकती है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
छूट देने के लिए किस माध्यम का उपयोग किया जाएगा? |
राजपत्र में अधिसूचना |
|
किस प्रयोजन के लिए आयु सीमा से छूट दी जा सकती है? |
प्रदर्शनी में प्रदर्शन |
|
तकनीकी अनुसंधान के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को आयु सीमा से छूट दी जा सकती है या नहीं? |
हाँ |
|
विंटेज कार रैली में भाग लेने वाले वाहनों को छूट दी जा सकती है या नहीं? |
हाँ |
|
छूट किस प्रकार के आदेश से दी जा सकती है? |
साधारण या विशेष आदेश |
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छूट देते समय किन बातों का पालन किया जाएगा? |
अधिसूचना में विनिर्दिष्ट शर्तें |
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आयु सीमा संबंधी अधिसूचना का उल्लंघन होने पर फिटनेस प्रमाणपत्र दिया जा सकता है या नहीं? |
नहीं दिया जाएगा |
|
फिटनेस प्रमाणपत्र न देने का दायित्व किस पर है? |
विहित प्राधिकारी या प्राधिकृत परीक्षण केन्द्र पर |
|
क्या किसी वर्ग या प्रकार के मोटर यानों को आयु सीमा से छूट दी जा सकती है? |
हाँ |
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आयु सीमा समाप्त होने के बाद वाहन को नियमों की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला माना जाएगा या नहीं? |
नहीं माना जाएगा |
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केन्द्रीय सरकार के यानों का रजिस्ट्रीकरण (Registration of vehicles belonging to the Central Government), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 60 |
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केन्द्रीय सरकार के यानों को रजिस्टर करने के लिए प्राधिकारी किसके द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
प्राधिकारी को किस माध्यम से विनिर्दिष्ट किया जाता है? |
राजपत्र में अधिसूचना |
|
इस धारा के अंतर्गत कौन-से वाहन रजिस्टर किए जा सकते हैं? |
केन्द्रीय सरकार की संपत्ति वाले वाहन |
|
इस धारा के अंतर्गत वाहन का उपयोग किस प्रयोजन के लिए होना चाहिए? |
देश की रक्षा से संबंधित सरकारी प्रयोजन |
|
ऐसे वाहन किससे संबद्ध नहीं होने चाहिए? |
वाणिज्यिक उद्यम |
|
इस धारा के अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत वाहन को अन्यथा पुनः रजिस्टर कराने की आवश्यकता कब तक नहीं होगी? |
जब तक वह केन्द्रीय सरकार की संपत्ति या नियंत्रण में है |
|
रजिस्ट्रीकरण करने वाला प्राधिकारी वाहन को क्या प्रदान करेगा? |
रजिस्ट्रीकरण चिह्न |
|
प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र में क्या उल्लेख होगा? |
वाहन अधिनियम और नियमों की अपेक्षाओं की पूर्ति करता है |
|
इस धारा के अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत वाहन के पास कौन-सा प्रमाणपत्र होना आवश्यक है? |
उपधारा (2) के अंतर्गत जारी प्रमाणपत्र |
|
यदि वाहन केन्द्रीय सरकार की संपत्ति या नियंत्रण में नहीं रहता है तो कौन-सी धाराएं लागू होंगी? |
धारा 39 और 40 |
|
इस धारा के अंतर्गत रजिस्टर करने वाला प्राधिकारी किसे जानकारी देगा? |
राज्य सरकार |
|
राज्य सरकार को कौन-सी जानकारी दी जा सकती है? |
वाहन का साधारण स्वरूप, आकार और धुरी भार |
|
जानकारी देने का दायित्व कब उत्पन्न होता है? |
जब राज्य सरकार मांगे |
|
इस धारा के अंतर्गत रजिस्ट्रीकरण किन नियमों के अनुसार किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियम |
|
यदि वाहन रक्षा प्रयोजन के लिए नहीं है तो क्या उसे इस धारा के अंतर्गत रजिस्टर किया जा सकता है? |
नहीं |
|
इस धारा का मुख्य संबंध किससे है? |
केन्द्रीय सरकार के रक्षा प्रयोजन वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन से |
|
इस धारा के अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत वाहन को अन्य सामान्य प्रावधानों के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता कब होगी? |
जब वह केन्द्रीय सरकार की संपत्ति या नियंत्रण में नहीं रहता |
|
इस धारा के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन का प्रमाणपत्र किस बात की पुष्टि करता है? |
वाहन अधिनियम की सभी अपेक्षाओं की पूर्ति करता है और इस धारा के अधीन रजिस्ट्रीकृत है |
|
अध्याय का ट्रेलरों को लागू होना (Application of Chapter to trailers), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61 |
|
धारा 61 के अनुसार यह अध्याय किन पर लागू होता है? |
ट्रेलरों पर भी |
|
ट्रेलरों के रजिस्ट्रीकरण पर इस अध्याय के उपबंध कैसे लागू होंगे? |
वैसे ही जैसे अन्य मोटर यान पर |
|
ट्रेलर को दिया गया रजिस्ट्रीकरण चिह्न कहाँ प्रदर्शित किया जाएगा? |
चलाने वाले यान के एक तरफ |
|
रजिस्ट्रीकरण चिह्न प्रदर्शित करने की रीति कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
|
कोई व्यक्ति मोटर यान को ट्रेलर के साथ कब चला सकता है? |
जब रजिस्ट्रीकरण चिह्न विधिवत प्रदर्शित हो |
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यदि एक से अधिक ट्रेलर जुड़े हों तो मोटर यान का रजिस्ट्रीकरण चिह्न कहाँ प्रदर्शित होगा? |
श्रृंखला के अंतिम ट्रेलर पर |
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ट्रेलर के रजिस्ट्रीकरण के संबंध में कौन-सा सिद्धांत लागू होता है? |
अन्य मोटर यानों के समान नियम |
|
यदि रजिस्ट्रीकरण चिह्न विधिवत प्रदर्शित न हो तो— |
वाहन नहीं चलाया जाएगा |
|
ट्रेलर पर रजिस्ट्रीकरण चिह्न प्रदर्शित करने की जिम्मेदारी किसकी है? |
वाहन स्वामी/चालक की |
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चुराए गए और बरामद किए गए मोटर यानों के संबंध में जानकारी का पुलिस द्वारा राज्य परिवहन प्राधिकरण को दिया जाना (Information regarding stolen and recovered motor vehicles to be furnished by the police to the State Transport Authority), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 62 |
|
धारा 62 के अनुसार चोरी हुए और बरामद मोटर यानों की जानकारी किसे दी जाती है? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
राज्य सरकार किसे निर्देश दे सकती है कि वह चोरी और बरामद यानों की जानकारी उपलब्ध कराए? |
पुलिस महानिरीक्षक और अन्य निर्दिष्ट पुलिस अधिकारी |
|
चोरी और बरामद मोटर यानों की जानकारी देने का निर्देश राज्य सरकार कब दे सकती है? |
जब लोक हित में आवश्यक या समीचीन समझे |
|
धारा 62 के अनुसार दी जाने वाली जानकारी किससे संबंधित होती है? |
चोरी हुए तथा बरामद मोटर यान |
|
चोरी और बरामद यानों की विवरणी का प्ररूप कौन निर्धारित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
|
जानकारी देने की अवधि (समय सीमा) कौन निर्धारित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
|
धारा 62 के अंतर्गत दी जाने वाली विवरणी में किस प्रकार की जानकारी शामिल होगी? |
चोरी हुए और बरामद यानों के बारे में पुलिस को उपलब्ध जानकारी |
|
राज्य सरकार अन्य किन पुलिस अधिकारियों को भी जानकारी देने हेतु निर्दिष्ट कर सकती है? |
ऐसे अन्य पुलिस अधिकारी जिन्हें वह विनिर्दिष्ट करे |
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जानकारी देने का निर्देश किस पद के पुलिस अधिकारी से प्रारंभिक रूप से संबंधित है? |
पुलिस महानिरीक्षक |
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आकार से बड़े यानों के रजिस्ट्रीकरण और उपयुक्तता प्रमाणपत्र जारी करने का निषेध (Prohibition of registration and issuance of certificate of fitness to oversized vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 62(क) |
|
धारा 62(क)(1) के अनुसार रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी किस वाहन को रजिस्टर नहीं करेगा? |
जिसने धारा 110(1)(क) के अधीन बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया है |
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धारा 62(क)(2) के अनुसार उपयुक्तता (Fitness) प्रमाणपत्र कौन जारी नहीं करेगा यदि नियमों का उल्लंघन हुआ हो? |
विहित प्राधिकारी या प्राधिकृत परीक्षण केंद्र |
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धारा 62(क) के अनुसार किस धारा के अधीन बनाए गए नियमों का उल्लंघन होने पर रजिस्ट्रेशन या फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा? |
धारा 110 |
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धारा 62(क) किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई? |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 |
|
मोटर यानों का राष्ट्रीय रजिस्टर (National Register of Motor Vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 62(ख) |
|
धारा 62ख के अनुसार मोटर यानों का राष्ट्रीय रजिस्टर कौन रखेगा? |
केंद्रीय सरकार |
|
मोटर यानों का राष्ट्रीय रजिस्टर किस प्रकार रखा जाएगा? |
केंद्रीय सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में |
|
सभी राज्य रजिस्टरों को राष्ट्रीय मोटर यान रजिस्टर के अधीन कब सम्मिलित किया जाएगा? |
जिस तारीख को केंद्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचित करे |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र कब तक विधिमान्य नहीं होगा? |
जब तक राष्ट्रीय मोटर यान रजिस्टर के अंतर्गत विशिष्ट रजिस्ट्रीकरण संख्या न मिल जाए |
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राष्ट्रीय रजिस्टर बनाए रखने के लिए राज्य सरकारों और रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारियों को क्या करना होगा? |
मोटर यानों के राज्य रजिस्टर की सूचना और डाटा केंद्रीय सरकार को भेजना |
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राज्य सरकारों को राष्ट्रीय मोटर यान रजिस्टर के संबंध में क्या अधिकार होगा? |
उस तक पहुंच (Access) प्राप्त करने का अधिकार |
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राज्य सरकारें राष्ट्रीय रजिस्टर के अभिलेखों को किसके अनुसार अद्यतन करेंगी? |
इस अधिनियम के उपबंधों और केंद्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार |
|
धारा 62(ख) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई? |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 |
|
राज्य मोटर यान संबंधी रजिस्टरों का रखा जाना (Maintenance of State Registers of Motor Vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 63 |
|
धारा 63 के अनुसार राज्य मोटर यान रजिस्टर कौन रखेगा? |
राज्य सरकार, ऐसे प्ररूप में जो केन्द्रीय सरकार विहित करे |
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राज्य मोटर यान रजिस्टर में कौन-सी जानकारी दर्ज की जाती है? |
रजिस्ट्रीकरण संख्यांक; विनिर्माण के वर्ष: वर्ग और प्रकार; रजिस्ट्रीकृत स्वामियों के नाम और पते; और ऐसी अन्य विशिष्टियां जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए। |
|
राज्य सरकार को राज्य मोटर यान रजिस्टर की मुद्रित प्रति किसे देनी होती है (यदि मांगी जाए)? |
केन्द्रीय सरकार |
|
रजिस्टर में किए गए परिवर्धन और संशोधनों की जानकारी किसे दी जाएगी? |
केन्द्रीय सरकार |
|
राज्य मोटर यान रजिस्टर किस रीति से रखा जाएगा? |
राज्य सरकार द्वारा विहित रीति से |
|
रजिस्टर में अन्य विशिष्टियां कौन विहित कर सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
राज्य सरकार द्वारा रजिस्टर की मुद्रित प्रति देना किस स्थिति में आवश्यक है? |
जब केन्द्रीय सरकार इसकी इच्छा करे |
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धारा 63 में संशोधन किस वर्ष किया गया ? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 26 द्वारा |
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केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 64 |
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धारा 64 के अनुसार आवेदन की अवधि और प्ररूप निर्धारित करने की शक्ति किसके पास है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र का प्ररूप निर्धारित करने का अधिकार किसे है? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की विशिष्टियों को अभिलेखों में दर्ज करने की रीति कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण चिह्नों के अक्षर और अंकों के प्रदर्शन की रीति किसके नियमों द्वारा तय होगी? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 41 की उपधारा (7) के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की विधिमान्यता की अवधि के लिए उपबंध करने के लिए नियम - |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 47 के अंतर्गत आवेदन का प्ररूप और अवधि कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 41 की उपधारा (10) के अधीन विभिन्न किस्म के मोटर यानों के रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र के नवीकरण की अवधि के नियम- |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 43 के अधीन अस्थायी रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र और अस्थायी रजिस्ट्रीकरण चिह्न जारी करने के लिए नियम- |
केन्द्रीय सरकार |
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निबंधन और शर्तें, जिनके अधीन प्राधिकृत डीलर द्वारा विक्रय किए गए किसी मोटर यान की धारा 44 की उपधारा (1) के अधीन किसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की अपेक्षा नहीं होगी के लिए नियम- |
केन्द्रीय सरकार |
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“आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र” के आवेदन का प्ररूप किसके द्वारा निर्धारित किया जाएगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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आक्षेप न होने का प्रमाणपत्र देने से पूर्व आवेदक द्वारा किए जाने वाले अनुपालन संबंधी विषय कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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पते में परिवर्तन की सूचना का प्ररूप किसके द्वारा निर्धारित किया जाएगा? |
केन्द्रीय सरकार |
|
स्वामित्व के अंतरण की सूचना का प्ररूप निर्धारित करने का अधिकार किसे है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 51 के अंतर्गत आवेदन का प्ररूप निर्धारित करने की शक्ति किसके पास है? |
केन्द्रीय सरकार |
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ठीक हालत (Fitness) प्रमाणपत्र का प्ररूप कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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फिटनेस प्रमाणपत्र की प्रभावशीलता की अवधि किसके द्वारा निर्धारित की जाएगी? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र के नवीकरण या परिवर्तन के लिए फीस कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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मोटर यानों की परीक्षा या निरीक्षण के लिए शुल्क निर्धारित करने की शक्ति किसके पास है? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण चिह्नों से संबंधित फीसें निर्धारित करने का अधिकार किसे है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 64 में 2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 27 द्वारा कौन कौन से नए खंड जोड़े गए? |
खंड (घक), (ङक), (चक), (चख), (ञक), (ठक), (ढक), (णक) |
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धारा 64 के अनुसार, रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में स्वामित्व अंतरण की प्रविष्टि हेतु फीस कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 64 के अंतर्गत “कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना है” के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 41 की उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों की जानकारी कौन निर्धारित करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र देने की रीति किसके द्वारा निर्धारित की जाएगी? |
केन्द्रीय सरकार |
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पते में परिवर्तन की इलैक्ट्रानिकी रूप में इत्तिला प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति, ऐसी इत्तिला के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज, जिनके अंतर्गत - |
धारा 49 की उपधारा (1क) के अधीन अधिप्रमाणन का सबूत भी है |
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धारा 64 के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार किस प्रकार के विषयों पर नियम बना सकती है? |
अधिनियम के अंतर्गत विहित किए जाने वाले किसी भी विषय पर |
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राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 65 |
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धारा 65(1) के अनुसार राज्य सरकार किस उद्देश्य से नियम बना सकती है? |
अध्याय के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए |
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धारा 65 के अंतर्गत बनाए गए नियम धारा 64 में विनिर्दिष्ट विषयों से कैसे होंगे? |
भिन्न |
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इस अध्याय के अधीन अपीलों के संचालन और सुनवाई के लिए नियम कौन बनाएगा? |
राज्य सरकार |
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अपीलों से संबंधित फीस और उसके प्रतिदाय के लिए नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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रजिस्ट्रीकर्ता और अन्य प्राधिकारियों की नियुक्ति एवं अधिकारिता के लिए नियम कौन बनाएगा? |
राज्य सरकार |
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रोड रोलर, ग्रेडर आदि को अध्याय के उपबंधों से छूट देने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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खोए या नष्ट प्रमाणपत्रों की दूसरी प्रति देने के संबंध में नियम कौन बनाएगा? |
राज्य सरकार |
|
अस्थायी रजिस्ट्रीकरण और अस्थायी चिह्न देने के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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धारा 58(2) के अंतर्गत विशिष्टियों के प्रदर्शन की रीति निर्धारित करने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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फीस से छूट देने के लिए नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित प्ररूपों से भिन्न प्ररूपों के उपयोग के लिए नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
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रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की विशिष्टियों का विभिन्न प्राधिकारियों के बीच संसूचन संबंधी नियम कौन बनाएगा? |
राज्य सरकार |
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धारा 41(13), 47(7), 49(4), 50(5) के अधीन रकम निर्धारित करने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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फिटनेस प्रमाणपत्र की विधिमान्यता अवधि बढ़ाने संबंधी नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
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मोटर यान व्यवहारियों के कब्जे में यानों को अध्याय से छूट देने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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धारा 62(च) “धारा 43 के परंतुक के अधीन” शब्द अंतःस्थापित किये गए? |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 28 द्वारा |
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धारा 62 के अधीन विवरणी भेजने का प्ररूप और अवधि निर्धारित करने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
|
राज्य मोटर यान रजिस्टर रखने की रीति निर्धारित करने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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“कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना है” के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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अध्याय-5 (CHAPTER-5) |
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परिवहन यानों का नियंत्रण (CONTROL OF TRANSPORT VEHICLES) |
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परमिटों की आवश्यकता (Necessity for permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 66 |
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किसी परिवहन यान का सार्वजनिक स्थान पर उपयोग किसके अनुसार किया जाएगा? |
परमिट की शर्तों के अनुसार |
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परिवहन यान के उपयोग के लिए परमिट कौन प्रदान करता है? |
प्रादेशिक या राज्य परिवहन प्राधिकरण |
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यदि यान से वास्तव में यात्री या माल का वहन नहीं किया जा रहा हो, तब भी परमिट की आवश्यकता होगी? |
हाँ |
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मंजिली-गाड़ी परमिट किन शर्तों के अधीन यान को ठेका गाड़ी के रूप में उपयोग की अनुमति दे सकता है? |
परमिट में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन |
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माल-वाहन परमिट का धारक वाहन का उपयोग किसके लिए कर सकता है? |
व्यापार या कारबार से संबंधित माल के वहन के लिए |
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यह भी कि जहां किसी परिवहन यान के लिए इस अधिनियम के अधीन कोई परमिट और साथ ही अनुज्ञप्ति जारी की गई है वहां - |
ऐसे यान का, यान स्वामी के विवेकानुसार या तो उसका इस प्रकार जारी परमिट या परमिटों के अधीन या ऐसी अनुज्ञप्ति के अधीन उपयोग किया जा सकेगा |
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माल-वाहन परमिट धारक वाहन का उपयोग किस कार्य के लिए कर सकता है? |
विहित शर्तों के अधीन ट्रेलर खींचने |
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किसी संलग्न यान का परमिट धारक, उस संलग्न यान के मूल गति उत्पादक का उपयोग - |
किसी अन्य अर्द्ध-ट्रेलर के लिए कर सकेगा। |
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सरकारी स्वामित्व वाले और गैर-वाणिज्यिक प्रयोजनों में उपयोग होने वाले परिवहन यानों पर धारा 66(1) लागू होती है? |
नहीं |
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सड़क सफाई या जल छिड़काव के लिए उपयोग किए जाने वाले स्थानीय प्राधिकरण के यानों पर परमिट आवश्यक है? |
नहीं |
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केवल पुलिस, दमकल या रोगी-वाहन कार्य में उपयोग होने वाले यानों के लिए परमिट आवश्यक है? |
नहीं |
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शवों के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले यान पर परमिट की आवश्यकता होगी? |
नहीं |
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बिगड़े हुए वाहन को खींचने के लिए उपयोग किए जा रहे यान पर परमिट आवश्यक होगा? |
नहीं |
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3000 किलोग्राम से अधिक न होने वाले सकल यान भार वाले माल यान पर परमिट आवश्यक है? |
नहीं |
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अस्थायी रूप से रजिस्ट्रीकृत परिवहन यान, जब रजिस्ट्रीकरण के लिए खाली जा रहा हो, तब परमिट आवश्यक है? |
नहीं |
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प्राकृतिक आपदा या मार्ग अवरोध के कारण मार्ग बदलने वाले परिवहन यान को परमिट की आवश्यकता होगी? |
नहीं |
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मरम्मत के लिए खाली जा रहे परिवहन यान पर परमिट की आवश्यकता होगी? |
नहीं |
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किसी परिवहन यान को, जिसे किसी स्कीम के अधीन या धारा 67 की उपधारा (3) के अधीन या धारा 88क की उपधारा (1) के अधीन कोई परमिट जारी किया गया है या वह ऐसे आदेशों के अधीन चल रहा है जो केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाएं- |
उपधारा (1) के उपबंध को लागू नहीं होंगे |
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धारा 66(4) के अनुसार ड्राइवर के अतिरिक्त नौ से अधिक व्यक्तियों को ले जाने योग्य वाहन पर उपधारा (1) कब लागू होगी? |
जब राज्य सरकार नियम द्वारा ऐसा विहित करे |
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नया खरीदा गया परिवहन यान, बिना यात्री या माल के किसी स्थान पर ले जाया जा रहा हो, तो क्या परमिट आवश्यक है? |
नहीं |
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परमिट के बिना सार्वजनिक स्थान में परिवहन यान का उपयोग कब वैध होगा? |
जब वह धारा 66(3) में वर्णित अपवादों में आता हो |
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राष्ट्रीय परिवहन नीति (National Transportation Policy), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 66(क) |
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धारा 66(क) के अनुसार राष्ट्रीय परिवहन नीति कौन तैयार करेगा? |
केंद्रीय सरकार |
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राष्ट्रीय परिवहन नीति तैयार करते समय केंद्रीय सरकार किसकी सहमति लेती है? |
राज्य सरकारों और अन्य अभिकरणों की |
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धारा 66(क) के अनुसार किस प्रकार की परिवहन प्रणाली को बढ़ावा दिया गया है? |
एकीकृत मल्टी-मोडल परिवहन प्रणाली |
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मल्टी-मोडल परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए किनसे परामर्श लिया जाएगा? |
पत्तन, रेल और विमानन प्राधिकरणों से |
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राष्ट्रीय परिवहन नीति में किस प्रकार की योजना कार्यढांचा स्थापित किया जाएगा? |
मध्यम और दीर्घकालिक |
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धारा 66(क) के अनुसार परमिट और स्कीमों के लिए क्या स्थापित किया जाएगा? |
कार्यढांचा |
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धारा 66(क) किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई? |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 |
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स्कीमों के अधीन अनुज्ञप्ति धारकों के विरुद्ध अनुज्ञप्तियों के लिए आवेदन करने और उन्हें धारण करने के लिए किसी वर्जन का न होना (No bar against permit holders to apply and hold licences under schemes), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 66(ख) |
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धारा 66(ख) के अनुसार जो व्यक्ति पहले से परमिट धारण करता है, वह क्या कर सकता है? |
स्कीम के अधीन अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कर सकता है |
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धारा 66(ख) के अनुसार परमिट धारक किस कारण से अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करने से निरर्हित नहीं होगा? |
क्योंकि वह पहले से परमिट धारण करता है |
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यदि किसी स्कीम के अधीन नई अनुज्ञप्ति जारी की जाती है, तो पहले से धारण की गई अनुज्ञप्ति का क्या होगा? |
उसे रद्द करने की आवश्यकता नहीं होगी |
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धारा 66(ख) के अनुसार स्कीम किस धारा के अधीन बनाई जा सकती है? |
धारा 67(3) |
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धारा 66(ख) के अनुसार स्कीम किस अन्य धारा के अधीन भी बनाई जा सकती है? |
धारा 88क (1) |
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धारा 66(ख) किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई?. |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 |
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राज्य सरकार की सड़क परिवहन का नियंत्रण करने की शक्ति (Power to State Government to control road transport), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 67 |
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धारा के अनुसार राज्य सरकार किन उद्देश्यों के लिए परिवहन प्राधिकरणों को निदेश जारी कर सकती है?
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केवल सड़क निर्माण के लिए यात्रियों की सुविधा, मितव्ययी और प्रतिस्पर्धात्मक किराया, भीड़भाड़ रोकने और सड़क सुरक्षा के लिए |
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धारा 67 के अनुसार राज्य सरकार उपधारा (1)(घ) में निर्दिष्ट उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए क्या कर सकती है? |
उपबंधों को अनिवार्य कर सकती है उपबंधों को शिथिल कर सकती है |
|
राज्य सरकार किस माध्यम से अनुज्ञप्तियों को उपांतरित कर सकती है या स्कीमें बना सकती है? |
सरकारी आदेश राजपत्र में अधिसूचना |
|
राज्य सरकार किस माध्यम से अनुज्ञप्तियों को उपांतरित कर सकती है या स्कीमें बना सकती है? |
राजपत्र में अधिसूचना |
|
धारा में राज्य सरकार द्वारा स्थापित स्कीमों के तहत कौन-सी अनुज्ञप्तियां जारी की जा सकती हैं? |
अंतिम दूरी संयोजकता, ग्रामीण परिवहन, यातायात भीड़भाड़ कम करना, शहरी परिवहन सुधार, सड़क सुरक्षा, बेहतर आस्तियों का उपयोग, प्रतिस्पर्धात्मकता व दक्षता, गतिशीलता वृद्धि, पर्यावरण व ऊर्जा संरक्षण, जीवन की गुणवत्ता सुधार और अन्य विषय |
|
धारा 67(4) के अनुसार स्कीम क्या निर्धारित करेगी? |
फीस, आवेदन का प्ररूप, अनुज्ञप्ति अनुदत्त करने की प्रक्रिया, नवीकरण, निलंबन, रद्द करना या उपांतरण |
|
राज्य सरकार कब सड़क और रेल परिवहन के समन्वय को ध्यान में रखेगी? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण को निदेश जारी करते समय |
|
राज्य सरकार द्वारा जारी निदेशों का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
यात्रियों और माल के लिए सुविधाजनक, मितव्ययी और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना |
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धारा 31 किस अधिनियम और संशोधन के तहत अंतःस्थापित या प्रतिस्थापित की गई? |
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 |
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धारा के अनुसार राज्य सरकार किसे निर्देश जारी कर सकती है? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण और प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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परिवहन प्राधिकरण (Transport Authorities), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 68 |
|
राज्य के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण का गठन कौन करता है? |
राज्य सरकार |
|
राज्य परिवहन प्राधिकरण का गठन किस माध्यम से किया जाता है? |
अधिसूचना (राजपत्र) |
|
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण किन क्षेत्रों में कार्य करता है? |
अधिसूचना में विनिर्दिष्ट प्रदेश में |
|
संघ राज्य क्षेत्र में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण का गठन करने से कौन प्रविरत रह सकता है? |
प्रशासक |
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राज्य परिवहन प्राधिकरण में अध्यक्ष के लिए किस प्रकार का अनुभव आवश्यक है? |
न्यायिक या अपील/पुनरीक्षण प्राधिकारी का अनुभव |
|
राज्य परिवहन प्राधिकरण में अध्यक्ष के अतिरिक्त अधिकतम कितने अन्य सदस्य हो सकते हैं? |
4 |
|
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण में अध्यक्ष के अतिरिक्त अधिकतम कितने अन्य सदस्य हो सकते हैं? |
2 |
|
क्या परिवहन उपक्रम में वित्तीय हित रखने वाला व्यक्ति सदस्य नियुक्त किया जा सकता है? |
नहीं |
|
यदि कोई सदस्य बाद में परिवहन उपक्रम में वित्तीय हित अर्जित कर लेता है तो उसे कितने समय में सूचना देनी होगी? |
4 सप्ताह |
|
वित्तीय हित अर्जित करने पर सदस्य को क्या करना होगा? |
पद रिक्त करना |
|
अध्यक्ष की अनुपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता कौन कर सकता है? |
प्राधिकरण का अन्य सदस्य |
|
राज्य सरकार किन परिस्थितियों में एक सदस्यीय प्राधिकरण गठित कर सकती है? |
जब आवश्यक या समीचीन समझे |
|
राज्य परिवहन प्राधिकरण का एक प्रमुख कार्य क्या है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरणों के कार्यों का समन्वय |
|
यदि राज्य में कोई प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण नहीं है तो उसके कर्तव्यों का पालन कौन करेगा? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरणों के बीच मतभेद होने पर विवाद का निपटारा कौन करेगा? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
मंजिली गाड़ियों के लिए मार्ग निश्चित करने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
राज्य परिवहन प्राधिकरण किन निदेशों को प्रभावी करेगा? |
धारा 67 के |
|
राज्य परिवहन प्राधिकरण प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को किस माध्यम से निर्देश दे सकता है? |
विहित शर्तों के अधीन निर्देश |
|
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किससे मार्गदर्शन प्राप्त करेगा? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
क्या राज्य या प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण अपनी शक्तियाँ प्रत्यायोजित कर सकता है? |
हाँ, यदि नियमों द्वारा प्राधिकृत हो |
|
शक्तियों का प्रत्यायोजन किनके अधीन किया जा सकता है? |
निबंधनों, परिसीमाओं और शर्तों के अधीन |
|
राज्य परिवहन प्राधिकरण के अन्य कृत्य किसके द्वारा विहित किए जा सकते हैं? |
राज्य सरकार |
|
परमिटों के लिए आवेदनों संबंधी साधारण उपबंध (General provision as to applications for permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 69 |
|
परमिट के लिए आवेदन सामान्यतः किसे किया जाएगा? |
संबंधित प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को |
|
आवेदन किस प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को किया जाएगा? |
जहां वाहन उपयोग में लाना प्रस्तावित है |
|
यदि वाहन का उपयोग उसी राज्य के दो या अधिक प्रदेशों में प्रस्तावित है तो आवेदन किसे किया जाएगा? |
उस प्रदेश के प्राधिकरण को जहां मार्ग/क्षेत्र का अधिकांश भाग पड़ता है |
|
यदि मार्ग का भाग प्रत्येक प्रदेश में लगभग बराबर हो तो आवेदन किसे किया जाएगा? |
उस प्रदेश के प्राधिकरण को जहां वाहन रखा जाना प्रस्तावित है |
|
यदि वाहन का उपयोग विभिन्न राज्यों के प्रदेशों में प्रस्तावित है तो आवेदन किसे किया जाएगा? |
उस प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को जहां आवेदक निवास करता है या मुख्य व्यवसाय स्थान है |
|
विभिन्न राज्यों में उपयोग होने वाले वाहन के आवेदन के लिए निवास का महत्व किस उपधारा में है? |
उपधारा (1) |
|
राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा किस प्रकार का निर्देश दे सकती है? |
आवेदन राज्य परिवहन प्राधिकरण को किए जाने का |
|
राज्य सरकार अधिसूचना किस माध्यम से जारी करेगी? |
राजपत्र |
|
उपधारा (2) के अनुसार आवेदन किसे किया जा सकता है? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना कब जारी की जा सकती है? |
जब आवश्यक समझे |
|
यदि वाहन का उपयोग एक ही प्रदेश में प्रस्तावित है तो आवेदन कहाँ किया जाएगा? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (उस प्रदेश का) |
|
यदि मार्ग का अधिकांश भाग किसी एक प्रदेश में पड़ता है तो आवेदन किसे किया जाएगा? |
उस प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को |
|
आवेदक के मुख्य व्यवसाय स्थान का महत्व किस स्थिति में होता है? |
विभिन्न राज्यों के प्रदेशों में उपयोग होने पर |
|
आवेदन उस प्रदेश में किया जाएगा जहां आवेदक निवास करता है – यह प्रावधान किस स्थिति में लागू होता है? |
जब वाहन विभिन्न राज्यों के प्रदेशों में चलता हो |
|
आवेदन राज्य परिवहन प्राधिकरण को किए जाने का निर्देश कौन दे सकता है? |
राज्य सरकार |
|
यदि वाहन का उपयोग दो प्रदेशों में बराबर-बराबर हो तो आवेदन किस आधार पर होगा? |
जहां वाहन रखा जाना प्रस्तावित है |
|
धारा 69 का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
परमिट आवेदन का उचित प्राधिकरण निर्धारित करना |
|
मंजिली-गाड़ी परमिट के लिए आवेदन (Application for stage carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 70 |
|
मंजिली-गाड़ी परमिट के आवेदन में किसकी जानकारी दी जाएगी? |
मार्ग या क्षेत्र जिससे आवेदन संबंधित है |
|
आवेदन में प्रत्येक यान के संबंध में क्या बताया जाएगा? |
यान की किस्म और बैठने की जगह |
|
आवेदन में किस बात का उल्लेख आवश्यक है? |
न्यूनतम और अधिकतम दैनिक ट्रिपों की संख्या |
|
ट्रिप से क्या अभिप्रेत है? |
एक स्थान से दूसरे स्थान तक की एकल यात्रा |
|
वापसी यात्रा को कैसे माना जाएगा? |
अलग ट्रिप |
|
आवेदन में किस बात का उल्लेख किया जाएगा? |
रिजर्व में रखे जाने वाले वाहनों की संख्या |
|
आवेदन में किन व्यवस्थाओं का विवरण दिया जाएगा? |
वाहन रखने, अनुरक्षण और मरम्मत की व्यवस्था |
|
यात्रियों की सुविधा से संबंधित जानकारी आवेदन में शामिल होगी या नहीं? |
हाँ |
|
सामान के सुरक्षित भंडारण और अभिरक्षा की व्यवस्था किस में दी जाएगी? |
परमिट आवेदन |
|
आवेदन में अन्य विषय भी शामिल किए जा सकते हैं यदि वे किसके द्वारा विहित हों? |
राज्य सरकार द्वारा विहित |
|
आवेदन के साथ क्या संलग्न किया जाएगा? |
विहित दस्तावेज |
|
“ट्रिप” की परिभाषा किन धाराओं के प्रयोजनों के लिए लागू होती है? |
धारा 70, 72, 80 और 102 |
|
आवेदन में समय-सारणी का उल्लेख किसके संबंध में किया जाएगा? |
सामान्य ट्रिपों की समय-सारणी |
|
रिजर्व वाहन रखने का उद्देश्य क्या होता है? |
सेवा बनाए रखने और विशेष अवसरों के लिए व्यवस्था करना |
|
आवेदन में वाहन की किस्म बताना क्यों आवश्यक है? |
सेवा संचालन का मूल्यांकन करने के लिए |
|
आवेदन में बैठने की जगह की जानकारी किस कारण से आवश्यक है? |
यात्री क्षमता निर्धारित करने के लिए |
|
आवेदन में मार्ग/क्षेत्र की जानकारी देना क्यों आवश्यक है? |
संचालन क्षेत्र की पहचान के लिए |
|
मंजिली- गाड़ी परमिट के लिए आवेदन पर विचार करने में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण की प्रक्रिया (Procedure of Regional Transport Authority in considering application for stage carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 71 |
|
मंजिली-गाड़ी परमिट के आवेदन पर विचार करते समय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण किसे ध्यान में रखेगा? |
इस अधिनियम के उद्देश्यों को |
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यदि समय-सारणी से गति संबंधी उपबंधों के उल्लंघन की संभावना हो तो क्या किया जाएगा? |
परमिट देने से इंकार किया जाएगा |
|
परमिट अस्वीकार करने से पूर्व आवेदक को क्या अवसर दिया जाएगा? |
समय-सारणी संशोधित करने का |
|
पांच लाख या अधिक जनसंख्या वाले शहरों में बसों की संख्या सीमित करने का निर्देश कौन दे सकता है? |
राज्य सरकार (राजपत्र अधिसूचना द्वारा) |
|
बसों की संख्या सीमित करने का निर्देश किसके निर्दिष्ट करने पर दिया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
|
बसों की संख्या सीमित करते समय किन बातों को ध्यान में रखा जाता है? |
यानों की संख्या, सड़कों की दशा और अन्य सुसंगत बातें |
|
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए परमिटों का आरक्षण किस अनुपात में होगा? |
लोक सेवाओं में सीधी भर्ती के अनुपात में |
|
एससी/एसटी के लिए आरक्षित परमिटों की संख्या कौन नियत करेगा? |
राज्य सरकार |
|
आरक्षित संख्या के पश्चात् आवेदन पर विचार करते समय कौन-सी बात देखी जाएगी? |
आवेदक का वित्तीय स्थायित्व |
|
यदि आवेदक पूर्व में बस सेवा चला चुका है तो क्या देखा जाएगा? |
समाधानप्रद कार्य एवं कर भुगतान |
|
अन्य विषयों को कौन विहित करेगा जिन्हें आवेदन पर विचार में शामिल किया जा सकता है? |
राज्य सरकार |
|
समान परिस्थितियों में प्राथमिकता किसे दी जाएगी? |
राज्य परिवहन उपक्रम |
|
सहकारी सोसाइटियों को प्राथमिकता कब मिलेगी? |
जब वे पंजीकृत हों |
|
भूतपूर्व सैनिकों को परमिट में क्या दिया गया है? |
प्राथमिकता |
|
राज्य सरकार अन्य किस वर्ग को प्राथमिकता दे सकती है? |
कोई अन्य वर्ग जिसे आवश्यक समझे (कारण लेखबद्ध कर) |
|
“कंपनी” शब्द का अर्थ क्या है? |
कोई भी निगमित निकाय |
|
“निदेशक” शब्द का फर्म के संबंध में क्या अर्थ है? |
फर्म का भागीदार |
|
परमिट पर विचार करते समय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण किस धारा के अधीन कार्य करता है? |
धारा 71 |
|
गति संबंधी उपबंधों का उल्लंघन संभावित होने पर सीधे अस्वीकृति से पहले क्या आवश्यक है? |
समय-सारणी संशोधन का अवसर |
|
आरक्षण लागू होने की स्थिति में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण का पहला कदम क्या होगा? |
आरक्षित संख्या अलग रखना |
|
बसों की संख्या सीमित करने का प्रावधान किन शहरों पर लागू होता है? |
पांच लाख से अन्यून जनसंख्या वाले |
|
परमिट विचार प्रक्रिया में वित्तीय स्थायित्व का महत्व क्यों है? |
सेवा की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु |
|
मंजिली-गाड़ी परमिटों का दिया जाना (Grant of stage carriage permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 72 |
|
मंजिली-गाड़ी परमिट किस प्राधिकरण द्वारा दिया जाता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
|
परमिट किसके अधीन रहते हुए दिया जाएगा? |
धारा 71 के उपबंधों के अधीन |
|
क्या परमिट आवेदन में विनिर्दिष्ट मार्ग से अलग मार्ग के लिए दिया जा सकता है? |
नहीं |
|
प्राधिकरण आवेदन के अनुसार परमिट देते समय क्या कर सकता है? |
संशोधन सहित स्वीकृत या अस्वीकार |
|
परमिट में किस प्रकार की शर्त लगाई जा सकती है? |
एक या अधिक शर्तें |
|
परमिट में यह शर्त लगाई जा सकती है कि वाहन का उपयोग कहाँ किया जाएगा? |
केवल निर्दिष्ट क्षेत्र या मार्ग पर |
|
प्रचालन किस तिथि से प्रारंभ होगा, यह भी किसमें निर्दिष्ट किया जा सकता है? |
परमिट की शर्त में |
|
दैनिक ट्रिपों की न्यूनतम और अधिकतम संख्या कौन निर्धारित कर सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
|
अनुमोदित समय-सारणी की प्रतियां कहाँ प्रदर्शित की जाएंगी? |
यान तथा अड्डों/विराम-स्थलों पर |
|
समय-सारणी से विचलन कितना किया जा सकता है? |
प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट सीमा तक |
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यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की अनुमति कहाँ होगी? |
केवल विनिर्दिष्ट स्थानों पर |
|
यात्रियों की अधिकतम संख्या कौन निर्धारित कर सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
|
निःशुल्क सामान का वजन किसमें निर्दिष्ट किया जा सकता है? |
परमिट की शर्त में |
|
यात्रियों के अतिरिक्त सामान के लिए शुल्क किसके अनुसार लिया जाएगा? |
परमिट शर्तों में निर्धारित दर के अनुसार |
|
वाहन की किस्म और बॉडी विनिर्देशों के अनुसार उपयोग की शर्त कौन लगा सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
|
आराम और सफाई का स्तर बनाए रखने की शर्त कहाँ लगाई जा सकती है? |
परमिट में |
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किराया किसके अनुसार लिया जाएगा? |
अनुमोदित यात्री किराया सारणी |
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टिकटों में क्या दिखाया जाएगा? |
वास्तविक लिया गया किराया |
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रिजर्व वाहन रखने की शर्त कौन लगा सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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परमिट की शर्तों में परिवर्तन करने से पहले कितनी सूचना देना आवश्यक है? |
कम से कम 1 मास |
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मार्ग में परिवर्तन अधिकतम कितनी दूरी तक किया जा सकता है? |
24 किमी से अधिक नहीं |
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परमिट की शर्तों से विचलन कब संभव है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के अनुमोदन से |
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परमिट धारक को समय-समय पर क्या देना होगा? |
कालिक विवरणियां, आँकड़े और जानकारी |
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क्या परमिट में डाक ले जाने की शर्त लगाई जा सकती है? |
हाँ, शर्तों सहित |
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परमिट के साथ अतिरिक्त शर्तें कौन जोड़ सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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ऐसी किसी मंजली गाड़ी के परमिट से, जिसका ग्रामीण क्षेत्र में प्रचालन किया जाता है, ऐसी किसी शर्त का अधित्यजन कर सकेगा, जो वह ठीक समझे- |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी |
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ठेका गाड़ी परमिट के लिए आवेदन (Application for contract carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 73 |
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ठेका गाड़ी परमिट के लिए आवेदन में किसकी जानकारी देना अनिवार्य है? |
यान की किस्म और बैठने के स्थान |
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ठेका गाड़ी परमिट के आवेदन में किस क्षेत्र का उल्लेख किया जाएगा? |
वह क्षेत्र जिसके लिए परमिट अपेक्षित है |
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धारा 73 के अनुसार आवेदन में अन्य कौन-सी जानकारी दी जा सकती है? |
विहित की गई अन्य विशिष्टियां |
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ठेका गाड़ी परमिट का आवेदन किस अध्याय से संबंधित है? |
परमिट अध्याय |
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आवेदन में बैठने के स्थानों का उल्लेख क्यों आवश्यक है? |
परमिट की आवश्यकता निर्धारित करने के लिए |
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“ठेका गाड़ी परमिट” शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? |
ठेका गाड़ी संचालन की अनुमति |
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धारा 73 के अनुसार आवेदन में दी जाने वाली अतिरिक्त विशिष्टियां कौन निर्धारित करता है? |
राज्य द्वारा विहित प्राधिकारी |
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आवेदन में वाहन की किस्म का उल्लेख करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
परमिट के प्रकार का निर्धारण |
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ठेका गाड़ी परमिट का दिया जाना (Grant of contract carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 74 |
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ठेका गाड़ी परमिट देने या इंकार करने का अधिकार किसे है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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ठेका गाड़ी परमिट किस धारा के अधीन आवेदन पर दिया जाता है? |
धारा 73 |
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क्या परमिट ऐसे क्षेत्र के लिए दिया जा सकता है जो आवेदन में वर्णित नहीं है? |
नहीं |
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परमिट के साथ शर्तें लगाने का अधिकार किसे है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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यानों का उपयोग कहाँ तक सीमित किया जा सकता है? |
विनिर्दिष्ट क्षेत्र या मार्ग पर |
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मोटर टैक्सियों की दशा में किराया कैसे लिया जाएगा? |
विनिर्दिष्ट दरों पर |
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टैक्सी-मीटर के संबंध में क्या शर्त हो सकती है? |
ठीक चालू हालत में लगाया और बनाए रखा जाए |
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परमिट की शर्तों में परिवर्तन से पूर्व कितनी सूचना दी जाएगी? |
1 मास |
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परमिट की शर्तों से विचलन कब संभव है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के अनुमोदन से |
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यात्रियों की अधिकतम संख्या निर्धारित की जा सकती है या नहीं? |
हाँ |
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पाँच लाख से कम नहीं जनसंख्या वाले शहरों में ठेका गाड़ियों की संख्या सीमित करने का निर्देश कौन देगा? |
राज्य सरकार |
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ठेका गाड़ियों की संख्या सीमित करने की अधिसूचना कहाँ प्रकाशित होगी? |
राजपत्र में |
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आवेदन पर विचार करते समय वित्तीय स्थायित्व किसका देखा जाएगा? |
आवेदक का |
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पूर्व प्रचालन का समाधानप्रद कार्यपालन किसमें शामिल है? |
कर का संदाय |
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अन्य शर्तें समान रहने पर किसे अधिमान दिया जाएगा? |
भारतीय पर्यटन विकास निगम |
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राज्य परिवहन उपक्रम को अधिमान कब मिलेगा? |
अन्य शर्तें समान रहने पर |
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यात्रियों के साथ माल ले जाने की अनुमति किस पर निर्भर करेगी? |
परमिट की शर्तों पर |
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क्या प्राधिकरण अतिरिक्त शर्तें लगा सकता है? |
हाँ |
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असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर वाहन चलाने से इंकार किया जा सकता है? |
नहीं |
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आराम और सफाई का स्तर कौन निर्धारित कर सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी अंतिम दूरी संयोजकता के हित में ऐसे किस्म के किन्हीं यानों, जो- |
केन्द्रीय सरकार विनिर्दिष्ट किए जाएं के संबंध में ऐसी किसी शर्त का अधिव्यजन कर सकेगा। |
|
ठेका गाड़ी परमिट देने का निर्णय किसके उपबंधों के अधीन है? |
उपधारा (3) |
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राज्य सरकार, यदि उसे केन्द्रीय सरकार द्वारा यानों की संख्या, सड़क की दशा और अन्य सुसंगत विषयों को ध्यान में रखते हुए, इस प्रकार निर्दिष्ट किया जाए तो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, राज्य परिवहन प्राधिकरण और प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को -
|
यह निदेश देगी कि वह पांच लाख से अन्यून जनसंख्या वाले शहरों में नगर मार्गों पर प्रचालित होने वाला साधारणतया ठेका गाड़ी या किसी विनिर्दिष्ट किस्म की ठेका गाड़ी की संख्या को जो अधिसूचना में नियत और विनिर्दिष्ट की जाए, सीमित करे। |
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धारा 74(3) खंड (क) के अधीन ठेका गाड़ियों की संख्या नियत की जाती है वहां प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण, ऐसी किसी ठेका गाड़ी के परमिट की मंजूरी के लिए आवेदन पर विचार करने में, निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखेगा- |
आवेदक का वित्तीय स्थायित्व: ठेका गाड़ी प्रचालक के रूप में समाधानप्रद कार्यपालन जिसके अंतर्गत कर का संदाय भी है, यदि आवेदक ठेका गाड़ी सेवा का प्रचालक है या रहा है; और ऐसे अन्य विषय जो राज्य सरकार द्वारा विहित किए जाएं: |
|
धारा 74(3) खंड (क) से अन्य शर्तें समान रहने पर, परमिटों के लिए अधिमान निम्नलिखित से प्राप्त आवेदनों को दिया जाएगा-
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भारतीय पर्यटन विकास निगम; राज्य पर्यटन विकास निगम; राज्य पर्यटन विभाग: राज्य परिवहन उपक्रम; सहकारी सोसाइटियां जो तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति के अधीन रजिस्ट्रीकृत हैं या रजिस्ट्रीकृत की गई समझी गई हैं; भूतपूर्व सैनिक। स्वयं सहायता समूह। |
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धारा 75(2) परंतु प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी अंतिम दूरी संयोजकता के हित में ऐसे किस्म के किन्हीं यानों, जो केन्द्रीय सरकार विनिर्दिष्ट किए जाएं के संबंध में ऐसी किसी शर्त का अधिव्यजन कर सकेगा- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 33 द्वारा अंतःस्थापित। |
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मोटर टैक्सियों को किराए पर देने के लिए स्कीम (Scheme for renting of motor cabs), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 75 |
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मोटर टैक्सियों को किराए पर देने के कारबार को विनियमित करने के लिए स्कीम कौन बना सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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स्कीम किस माध्यम से घोषित की जाएगी? |
राजपत्र अधिसूचना |
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स्कीम किन वाहनों पर लागू हो सकती है? |
मोटर टैक्सी या मोटर साइकिल |
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धारा 75(1) ऐसे व्यक्तियों को जो अपने उपयोग के लिए स्वयं या ड्राइवरों के माध्यम से मोटर टैक्सी या मोटर साइकिल चलाने की वांछा रखते हैं, मोटर टैक्सियों या मोटर साइकिलों किस वर्ष जोड़ा गया? |
1994 के अधिनियम सं० 54 की धारा 24 द्वारा |
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स्कीम के अधीन प्रचालकों को क्या दिया जा सकता है? |
अनुज्ञप्ति |
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अनुज्ञप्ति के संबंध में कौन-सी बातें स्कीम में शामिल हो सकती हैं? |
दिया जाना, नवीकरण और प्रतिसंहरण |
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आवेदन का प्ररूप किसमें निर्धारित किया जा सकता है? |
स्कीम |
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अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन के साथ क्या निर्धारित किया जा सकता है? |
फीस |
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आवेदन किस प्राधिकारी को किया जाएगा, यह कहाँ निर्धारित हो सकता है? |
स्कीम |
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अनुज्ञप्ति किन शर्तों के अधीन दी या नवीकृत की जा सकती है? |
स्कीम में निर्धारित शर्तों पर |
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अनुज्ञप्ति देने से इंकार के आदेश के विरुद्ध क्या प्रावधान हो सकता है? |
अपील |
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मोटर टैक्सी किराए पर देने की शर्तें कहाँ निर्धारित की जा सकती हैं? |
स्कीम में |
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अभिलेखों के रखे जाने का प्रावधान कहाँ किया जा सकता है? |
स्कीम |
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स्कीम में अन्य आवश्यक विषयों का प्रावधान किया जा सकता है या नहीं? |
हाँ |
|
स्कीम में अनुज्ञप्ति का प्ररूप भी निर्धारित किया जा सकता है या नहीं? |
हाँ |
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स्कीम के अधीन अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन का प्ररूप किसमें शामिल होगा? |
स्कीम |
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अनुज्ञप्ति नवीकरण का प्रावधान भी स्कीम में किया जा सकता है या नहीं? |
हाँ |
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अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन फीस का निर्धारण कहाँ होगा? |
स्कीम |
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प्राइवेट सेवा यान परमिट के लिए आवेदन (Application for private service vehicle permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 76 |
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धारा 76 के अनुसार प्राइवेट सेवा यान परमिट किस प्राधिकरण द्वारा दिया जाता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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धारा 76(1) के अनुसार प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण क्या कर सकता है? |
आवेदन के अनुसार परमिट देना या इंकार करना |
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धारा 76 के अनुसार प्राइवेट सेवा यान परमिट किस क्षेत्र या मार्ग के लिए दिया जाएगा? |
केवल उसी क्षेत्र या मार्ग के लिए जो आवेदन में विनिर्दिष्ट है |
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धारा 76(2) के अनुसार आवेदन में यान की कौन-सी जानकारी देना आवश्यक है? |
यान की किस्म और बैठने के स्थान |
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धारा 76(2) के अनुसार आवेदन में क्या उल्लेख करना आवश्यक है? |
उस मार्ग या क्षेत्र का विवरण जिससे आवेदन संबंधित है |
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धारा 76(2) के अनुसार आवेदन में यह भी बताना होगा कि व्यक्तियों को ले जाने का प्रयोजन किससे संबंधित है? |
व्यापार या कारबार से संबंधित प्रयोजन |
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धारा 76(3) के अनुसार परमिट देते समय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण क्या कर सकता है? |
एक या अधिक शर्तें लगा सकता है |
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धारा 76(3)(i) के अनुसार शर्त क्या हो सकती है? |
वाहन केवल निर्दिष्ट क्षेत्र या मार्ग पर ही उपयोग होगा |
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धारा 76(3)(ii) के अनुसार किसका निर्धारण किया जा सकता है? |
यात्रियों की अधिकतम संख्या और सामान का अधिकतम वजन |
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धारा 76(3)(iii) के अनुसार प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण कितनी सूचना देकर परमिट की शर्तों में परिवर्तन कर सकता है? |
1 मास |
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धारा 76(3)(iv) के अनुसार परमिट की शर्तों से विचलन कब किया जा सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के अनुमोदन से |
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धारा 76(3)(v) के अनुसार यानों में क्या बनाए रखना आवश्यक है? |
आराम और सफाई के विनिर्दिष्ट स्तरमान |
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धारा 76(3)(vi) के अनुसार परमिट धारक को किसे जानकारी देनी होती है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को |
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धारा 76(3)(vi) के अनुसार परमिट धारक को क्या देना होगा? |
नियतकालिक विवरणियां, आंकड़े और अन्य जानकारी |
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माल वाहन परमिट के लिए आवेदन (Application for goods carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 77 |
|
धारा 77 के अनुसार माल वाहन परमिट के लिए आवेदन किस उद्देश्य से किया जाता है? |
माल को भाड़े या पारिश्रमिक पर ढोने के लिए |
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धारा 77 के अंतर्गत माल वाहन परमिट किस अध्याय में कहा गया है? |
माल वाहन परमिट |
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धारा 77(क) के अनुसार आवेदन में क्या उल्लेख करना आवश्यक है? |
वह क्षेत्र या मार्ग जिनसे आवेदन संबंधित है |
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धारा 77(ख) के अनुसार आवेदन में किसकी जानकारी दी जाएगी? |
वाहन की किस्म और क्षमता |
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धारा 77(ग) के अनुसार आवेदन में क्या बताना आवश्यक है? |
माल का स्वरूप जिसे ढोया जाना प्रस्तावित है |
|
धारा 77(घ) के अनुसार आवेदन में किस प्रकार की व्यवस्था का विवरण देना होगा? |
यान के रखने, अनुरक्षण, मरम्मत तथा माल के भंडारण की व्यवस्था |
|
धारा 77(ङ) के अनुसार प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण किससे संबंधित जानकारी मांग सकता है? |
आवेदक के पूर्व व्यापार और प्रभारित दरों की जानकारी |
|
धारा 77(च) के अनुसार आवेदन में किसकी विशिष्टियां दी जाएंगी? |
किसी अन्य व्यक्ति के साथ किए गए करार या ठहराव की विशिष्टियां |
|
धारा 77(च) के अनुसार करार किससे संबंधित होना चाहिए? |
माल के परिवहन की सुविधाओं से |
|
धारा 77(छ) के अनुसार आवेदन में क्या शामिल किया जा सकता है? |
कोई अन्य विशिष्टियां जो विहित की जाएं |
|
धारा 77 के अनुसार आवेदन में यान के रखने और मरम्मत की व्यवस्था का विवरण क्यों दिया जाता है? |
माल की सुरक्षा और उचित संचालन सुनिश्चित करने के लिए |
|
माल वाहन परमिट के लिए आवेदन पर विचार किया जाना (Consideration of application for goods carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 78 |
|
धारा 78 के अनुसार माल वाहन परमिट के आवेदन पर विचार कौन करता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
|
धारा 78 के अनुसार आवेदन पर विचार करते समय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण किस बात को ध्यान में रखेगा? |
वहन किए जाने वाले माल का स्वरूप |
|
धारा 78(क) के अनुसार विशेष रूप से किस प्रकार के माल को ध्यान में रखा जाता है? |
मानव जीवन के लिए खतरनाक या परिसंकटमय माल |
|
धारा 78(ख) के अनुसार प्राधिकरण विशेष रूप से किस प्रकार की वस्तुओं की प्रकृति पर विचार करेगा? |
रसायन और विस्फोटक |
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धारा 78 के अनुसार रसायनों और विस्फोटकों की प्रकृति का मूल्यांकन किस दृष्टि से किया जाता है? |
मानव जीवन की सुरक्षा के संदर्भ में |
|
धारा 78 के अनुसार यदि माल मानव जीवन के लिए खतरनाक है तो क्या किया जाएगा? |
प्राधिकरण उस माल की प्रकृति को ध्यान में रखकर निर्णय करेगा |
|
धारा 78 के अनुसार माल वाहन परमिट के आवेदन पर विचार करते समय मुख्य रूप से किसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है? |
मानव जीवन की |
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धारा 78 में उल्लिखित “परिसंकटमय माल” का संबंध किससे है? |
खतरनाक या जोखिमपूर्ण माल से |
|
धारा 78 के अनुसार प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण किन दो प्रमुख बातों को ध्यान में रखता है? |
माल का स्वरूप तथा रसायन/विस्फोटकों की प्रकृति |
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माल वाहन परमिट का दिया जाना (Grant of goods carriage permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 79 |
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धारा 79 के अनुसार माल वाहन परमिट किस प्राधिकरण द्वारा दिया जाता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
|
धारा 79(1) के अनुसार माल वाहन परमिट किसके आधार पर दिया जाता है? |
धारा 77 के आवेदन पर |
|
धारा 79(1) के अनुसार दिया गया माल वाहन परमिट कहां तक विधिमान्य हो सकता है? |
राज्य में सर्वत्र |
|
धारा 79(1) के अनुसार परमिट किस क्षेत्र या मार्ग के लिए नहीं दिया जाएगा? |
आवेदन में विनिर्दिष्ट नहीं किए गए क्षेत्र या मार्ग के लिए |
|
धारा 79(2) के अनुसार परमिट देते समय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण क्या कर सकता है? |
एक या अधिक शर्तें लगा सकता है |
|
धारा 79(2)(i) के अनुसार यान का उपयोग कहाँ किया जा सकता है? |
केवल विनिर्दिष्ट क्षेत्र या मार्ग पर |
|
धारा 79(2)(ii) के अनुसार यान का सकल भार किससे अधिक नहीं होगा? |
विनिर्दिष्ट अधिकतम भार से |
|
धारा 79(2)(iii) के अनुसार परमिट में किस प्रकार की शर्त लगाई जा सकती है? |
विनिर्दिष्ट स्वरूप के माल का वहन नहीं किया जाएगा |
|
धारा 79(2)(iv) के अनुसार माल का वहन किस पर किया जाएगा? |
विनिर्दिष्ट दरों पर |
|
धारा 79(2)(v) के अनुसार क्या व्यवस्था करना आवश्यक है? |
यान के रखने, अनुरक्षण, मरम्मत तथा माल के भंडारण की व्यवस्था |
|
धारा 79(2)(vi) के अनुसार परमिट धारक को किसे जानकारी देनी होगी? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण को |
|
धारा 79(2)(vii) के अनुसार परमिट की शर्तों में परिवर्तन करने से पहले कितनी सूचना देना आवश्यक है? |
1 मास |
|
धारा 79(2)(viii) के अनुसार परमिट की शर्तों से विचलन कब किया जा सकता है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के अनुमोदन से |
|
धारा 79(3) के अनुसार परमिट की शर्तों में क्या शामिल हो सकता है? |
खतरनाक या परिसंकटमय माल के पैकेजिंग और वहन से संबंधित शर्तें |
|
परमिटों के लिए आवेदन करने और उन्हें देने के लिए प्रक्रिया (Procedure in applying for and granting permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 80 |
|
धारा 80(1) के अनुसार किसी भी प्रकार के परमिट के लिए आवेदन कब किया जा सकता है? |
किसी भी समय |
|
धारा 80(2) के अनुसार सामान्यतः परमिट के आवेदन को कौन मंजूर करने से इंकार नहीं करेगा? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण / राज्य परिवहन प्राधिकरण |
|
धारा 80(2) के अनुसार आवेदन संक्षिप्त रूप से कब नामंजूर किया जा सकता है? |
जब परमिट देने से अधिसूचित मंजिली या ठेका गाड़ियों की संख्या बढ़ जाएगी |
|
धारा 80(2) के अनुसार यदि आवेदन नामंजूर किया जाता है तो प्राधिकरण क्या करेगा? |
लिखित रूप में कारण बताएगा और सुनवाई का अवसर देगा |
|
धारा 80(3) के अनुसार परमिट की शर्तों में नया मार्ग या नया क्षेत्र जोड़ने के आवेदन को क्या माना जाएगा? |
नया परमिट देने का आवेदन |
|
धारा 80(3) के अनुसार मंजिली गाड़ी परमिट में क्या बढ़ाने के आवेदन को भी नया परमिट माना जाएगा? |
अधिकतम ट्रिपों की संख्या |
|
धारा 80(3) के अनुसार परिवर्तन की दशा में मार्ग की दूरी अधिकतम कितनी हो सकती है? |
24 किमी |
|
धारा 80(3) के अनुसार मार्ग परिवर्तन या विस्तारण कब किया जाएगा? |
जब प्राधिकरण संतुष्ट हो कि इससे जनता की सुविधा होगी |
|
धारा 80(4) के अनुसार परिवहन प्राधिकरण पुराने परमिट के स्थान पर क्या कर सकता है? |
नया परमिट जारी कर सकता है |
|
धारा 80(4) के अनुसार नया परमिट किस मार्ग या क्षेत्र के लिए वैध होगा? |
उसी मार्ग या क्षेत्र के लिए जिसके लिए पुराना परमिट वैध था |
|
धारा 80(4) के अनुसार परमिट धारक की लिखित सहमति के बिना क्या नहीं किया जाएगा? |
अलग शर्त नहीं लगाई जाएगी |
|
धारा 80(5) के अनुसार उपधारा (4) के अंतर्गत दिया गया परमिट कितने समय तक प्रभावी रहेगा? |
पुराने परमिट की शेष अवधि तक |
|
परमिटों को अस्तित्वावधि और उनका नवीकरण (Duration and renewal of permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 81 |
|
धारा 81(1) के अनुसार अस्थायी और विशेष परमिट को छोड़कर अन्य परमिट कितने समय तक प्रभावी रहते हैं? |
5 वर्ष |
|
धारा 81(1) के अनुसार परमिट की अवधि किस तारीख से गिनी जाती है? |
परमिट दिए जाने या नवीकरण की तारीख से |
|
धारा 81(1) के अनुसार यदि परमिट धारा 88(1) के अधीन प्रतिहस्ताक्षरित है तो प्रतिहस्ताक्षर कब तक प्रभावी रहेगा? |
बिना नवीकरण के प्राथमिक परमिट की अवधि के समसामयिक |
|
धारा 81(2) के अनुसार परमिट के नवीकरण के लिए आवेदन कब किया जाना चाहिए? |
समाप्ति से कम से कम 15 दिन पहले |
|
धारा 81(3) के अनुसार विलंब से किए गए आवेदन को कब स्वीकार किया जा सकता है? |
जब प्राधिकरण संतुष्ट हो कि देरी उचित कारण से हुई है |
|
धारा 81(4) के अनुसार परमिट के नवीकरण को किस आधार पर अस्वीकार किया जा सकता है? |
आवेदक की खराब वित्तीय स्थिति पर |
|
धारा 81(4)(क) के अनुसार वित्तीय स्थिति खराब होने का प्रमाण क्या हो सकता है? |
दिवालियापन या 30 दिन तक ऋण की डिक्री का भुगतान न होना |
|
धारा 81(4)(ख) के अनुसार कितनी बार दंडित होने पर नवीकरण से इंकार किया जा सकता है? |
दो या अधिक बार |
|
धारा 81(4)(ख)(i) के अनुसार बिना किसका भुगतान किए वाहन चलाना अपराध है? |
कर (Tax) |
|
धारा 81(4)(ख)(ii) के अनुसार कौन-सा कार्य अपराध माना गया है? |
अप्राधिकृत ट्रिप लगाना |
|
धारा 81(4) के अनुसार नवीकरण के आवेदन को अस्वीकार करने से पहले क्या आवश्यक है? |
आवेदक को सुनवाई का अवसर देना |
|
धारा 81(5) के अनुसार यदि परमिट का नवीकरण उसकी समाप्ति के बाद किया जाता है तो वह कब से प्रभावी होगा? |
परमिट की समाप्ति की तारीख से |
|
धारा 81(5) के अनुसार यदि इस अवधि में अस्थायी परमिट दिया गया हो तो उसकी फीस का क्या होगा? |
वापस कर दी जाएगी |
|
परमिट का अंतरण (Transfer of permit), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 82 |
|
धारा 82(1) के अनुसार परमिट का अंतरण किसकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता? |
उस परिवहन प्राधिकरण की जिसने परमिट दिया था |
|
धारा 82(1) के अनुसार परमिट किसके बीच अंतरणीय होता है? |
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को |
|
धारा 82(1) के अनुसार बिना अनुमति के परमिट के अंतर्गत वाहन अंतरित होने पर क्या होगा? |
नया व्यक्ति परमिट के अनुसार वाहन उपयोग करने का अधिकार प्राप्त नहीं करेगा |
|
धारा 82(2) के अनुसार परमिट धारक की मृत्यु होने पर उत्तराधिकारी कितने समय तक परमिट का उपयोग कर सकता है? |
3 माह |
|
धारा 82(2) के अनुसार उत्तराधिकारी को कितने दिनों के भीतर प्राधिकरण को सूचना देनी होगी? |
30 दिन |
|
धारा 82(2) के अनुसार सूचना में क्या बताना आवश्यक है? |
धारक की मृत्यु और परमिट का उपयोग करने का आशय |
|
धारा 82(2) के अनुसार उत्तराधिकारी द्वारा परमिट का उपयोग कब तक किया जा सकता है? |
परमिट की मूल वैधता समाप्त होने तक |
|
धारा 82(3) के अनुसार परिवहन प्राधिकरण परमिट किसे अंतरित कर सकता है? |
उस व्यक्ति को जिसने उत्तराधिकार से यान का कब्जा प्राप्त किया है |
|
धारा 82(3) के अनुसार परमिट के अंतरण के लिए आवेदन कितने समय के भीतर किया जाना चाहिए? |
3 माह |
|
धारा 82(3) के अनुसार विलंब से किए गए आवेदन को कब स्वीकार किया जा सकता है? |
जब प्राधिकरण संतुष्ट हो कि देरी उचित कारण से हुई है |
|
धारा 82 के अनुसार परमिट के अंतरण का अधिकार किसके पास होता है? |
परिवहन प्राधिकरण |
|
यानों का बदला जाना (Replacement of vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 83 |
|
धारा 83 के अनुसार परमिट के अंतर्गत यान को किसकी अनुमति से बदला जा सकता है? |
उस प्राधिकरण की जिसने परमिट दिया है |
|
धारा 83 के अनुसार परमिट का धारक किसे बदल सकता है? |
यान को |
|
धारा 83 के अनुसार बदला गया यान किस प्रकार का होना चाहिए? |
उसी किस्म का |
|
धारा 83 के अनुसार यान को किसके अंतर्गत बदला जाता है? |
परमिट के अंतर्गत |
|
धारा 83 के अनुसार यान बदलने का अधिकार किसे है? |
परमिट के धारक को |
|
धारा 83 के अनुसार यान बदलने की अनुमति कौन देता है? |
परिवहन प्राधिकरण जिसने परमिट दिया |
|
सभी परमिटों से संलग्न साधारण शर्तें (General conditions attaching to all permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 84 |
|
धारा 84(क) के अनुसार परमिट से संबंधित यान के पास कौन-सा प्रमाणपत्र होना चाहिए? |
ठीक हालत में होने का विधिमान्य प्रमाणपत्र (धारा 56) |
|
धारा 84(ख) के अनुसार परमिट से संबंधित यान किस गति से अधिक नहीं चलाया जाएगा? |
अधिनियम के अधीन अनुज्ञात गति से अधिक नहीं |
|
धारा 84(ग) के अनुसार किस अधिसूचना द्वारा लगाए गए प्रतिषेध या निर्बंधन का पालन करना आवश्यक है? |
धारा 67 |
|
धारा 84(घ) के अनुसार यान को किन धाराओं का उल्लंघन करके नहीं चलाया जाएगा? |
धारा 5 और 113 |
|
धारा 84(ङ) के अनुसार किन उपबंधों का पालन करना आवश्यक है? |
चालक के कार्य समय को सीमित करने से संबंधित |
|
धारा 84(च) के अनुसार किन अध्यायों के उपबंधों का पालन किया जाएगा? |
अध्याय 10, 11 और 12 |
|
धारा 84(छ) के अनुसार ऑपरेटर का नाम और पता कहाँ लिखा जाएगा? |
वाहन की बाहरी बाड़ों पर दोनों ओर |
|
धारा 84(छ) के अनुसार ऑपरेटर का नाम किस प्रकार लिखा जाएगा? |
मोटे अक्षरों में और चटकीले विषम रंग में |
|
धारा 84 के अनुसार परमिट से संबंधित यान की स्थिति कैसी होनी चाहिए? |
अधिनियम और नियमों के अनुरूप अच्छी हालत में |
|
धारा 84 के अनुसार किराया और माल-भाड़ा किसके अनुसार लिया जाएगा? |
धारा 67 के अधीन अधिसूचना के अनुसार |
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परमिटों का साधारण प्ररूप (General form of permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 85 |
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धारा 85 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन दिया गया प्रत्येक परमिट कैसा होगा? |
अपने आप में पूर्ण |
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धारा 85 के अनुसार परमिट में क्या-क्या होगा? |
परमिट की सभी आवश्यक विशिष्टियां |
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धारा 85 के अनुसार परमिट में क्या अंकित होगा? |
परमिट पर लगाई गई शर्तें |
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धारा 85 के अनुसार परमिट किस प्रकार का दस्तावेज होता है? |
पूर्ण और सभी विवरणों सहित दस्तावेज |
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धारा 85 के अनुसार परमिट में क्या होना अनिवार्य है? |
परमिट की आवश्यक विशिष्टियां और शर्तें |
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धारा 85 के अनुसार परमिट की शर्तें कहाँ दी जाती हैं? |
परमिट में ही |
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परमिटों का रद्द किया जाना और उनका निलंबन (Cancellation and suspension of permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 86 |
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धारा 86(1) के अनुसार परमिट को रद्द या निलंबित करने का अधिकार किसे है? |
परिवहन प्राधिकरण जिसने परमिट दिया है |
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धारा 86(1)(क) के अनुसार परमिट कब रद्द या निलंबित किया जा सकता है? |
धारा 84 की शर्त या परमिट की किसी शर्त का उल्लंघन होने पर |
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धारा 86(1)(ख) के अनुसार परमिट रद्द किया जा सकता है यदि— |
वाहन परमिट द्वारा प्राधिकृत रीति से भिन्न तरीके से उपयोग किया जाता है |
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धारा 86(1)(ग) के अनुसार परमिट रद्द किया जा सकता है यदि— |
परमिट धारक वाहन का स्वामी नहीं रहता |
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धारा 86(1)(घ) के अनुसार परमिट रद्द किया जा सकता है यदि— |
परमिट कपट या दुर्व्यपदेशन द्वारा प्राप्त किया गया हो |
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धारा 86(1)(ङ) के अनुसार माल वाहक परमिट रद्द किया जा सकता है यदि— |
वाहन का उपयोग उचित कारण के बिना निर्धारित उद्देश्य के लिए न किया जाए |
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धारा 86(1)(च) के अनुसार परमिट रद्द किया जा सकता है यदि परमिट धारक— |
किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर ले |
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धारा 86(1) के अनुसार परमिट रद्द या निलंबित करने से पहले क्या आवश्यक है? |
परमिट धारक को स्पष्टीकरण देने का अवसर देना |
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धारा 86(3) के अनुसार परमिट रद्द या निलंबित करने पर प्राधिकरण क्या करेगा? |
कारण लिखित रूप में बताएगा |
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धारा 86(5) के अनुसार किन परिस्थितियों में परमिट रद्द या निलंबित करने के बजाय धनराशि वसूल की जा सकती है? |
जब परमिट धारक धनराशि देने के लिए सहमत हो और प्राधिकरण इसे उचित समझे |
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धारा 86(6) के अनुसार उपधारा (5) की शक्तियों का प्रयोग कौन कर सकता है? |
अपील प्राधिकारी |
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अस्थायी परमिट (Temporary permits), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 87 |
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धारा 87 के अनुसार अस्थायी परमिट अधिकतम कितनी अवधि के लिए दिया जा सकता है? |
4 माह |
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अस्थायी परमिट देने का अधिकार किसे है? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण और राज्य परिवहन प्राधिकरण |
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धारा 87 के अंतर्गत अस्थायी परमिट किस उद्देश्य के लिए दिया जा सकता है? |
मेलों और धार्मिक सम्मेलनों में यात्रियों को ले जाने के लिए, मौसमी कारबार के प्रयोजनों के लिए, किसी विशिष्ट अस्थायी आवश्यकता की पूर्ति के लिए |
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अस्थायी परमिट देने में किस धारा में वर्णित प्रक्रिया का अनुसरण आवश्यक नहीं है? |
धारा 80 |
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परमिट के नवीकरण के आवेदन पर निर्णय लंबित रहने की स्थिति में अस्थायी परमिट दिया जा सकता है। |
सही |
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माल वाहकों के मामले में असाधारण परिस्थितियों में अस्थायी परमिट अधिकतम कितनी अवधि तक दिया जा सकता है? |
1 वर्ष |
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यदि किसी मार्ग पर परमिट न्यायालय के आदेश से रोक दिया गया हो, तो अस्थायी परमिट किस अवधि तक दिया जा सकता है? |
रोक की अवधि से अधिक नहीं |
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अस्थायी परमिट किन परिस्थितियों में दिया जा सकता है? |
मौसमी कारबार, विशेष अवसर (मेला, धार्मिक सम्मेलन), अस्थायी आवश्यकता |
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अस्थायी परमिट पर शर्तें लगाने का अधिकार किसे है? |
परिवहन प्राधिकरण |
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जिस प्रदेश में परमिट दिए गए हैं उससे बाहर उनका उपयोग किए जाने के लिए उनका विधिमान्यकरण (Validation of permits for use outside region in which granted), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 88 |
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किसी एक प्रदेश में दिए गए परमिट को दूसरे प्रदेश में वैध होने के लिए क्या आवश्यक है? |
उस प्रदेश के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण का प्रतिहस्ताक्षर |
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किसी एक राज्य में दिया गया परमिट दूसरे राज्य में कब वैध होगा? |
जब राज्य परिवहन प्राधिकरण या संबंधित प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण प्रतिहस्ताक्षर करे |
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यदि मार्ग का कुछ भाग दूसरे राज्य में पड़ता है और उसकी लंबाई 16 किमी से अधिक नहीं है, तो परमिट की वैधता के लिए क्या आवश्यक है? |
प्रतिहस्ताक्षर आवश्यक नहीं है |
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राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा दिया गया या प्रतिहस्ताक्षरित परमिट किस क्षेत्र में वैध हो सकता है? |
संपूर्ण राज्य या निर्दिष्ट प्रदेशों में |
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प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण प्रतिहस्ताक्षर करते समय क्या कर सकता है? |
नई शर्तें लगा सकता है, शर्तों में परिवर्तन कर सकता है |
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राज्यों के बीच परमिटों की संख्या निर्धारित करने के लिए किए जाने वाले प्रस्ताव को कहाँ प्रकाशित किया जाता है? |
राजपत्र और क्षेत्रीय भाषा के समाचार पत्र में |
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प्रस्ताव पर अभ्यावेदन देने की अंतिम तिथि राजपत्र में प्रकाशन से कम से कम कितने दिन बाद की होगी? |
30 दिन |
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण किस प्रकार का परमिट दे सकता है? |
पर्यटन परमिट |
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राष्ट्रीय परमिट किस प्रकार के वाहनों के लिए दिया जाता है? |
माल वाहक वाहन |
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राष्ट्रीय परमिट के अंतर्गत वाहन को कितने राज्यों में चलाने की अनुमति हो सकती है? |
कम से कम 4 राज्यों में (जिसमें परमिट देने वाला राज्य शामिल हो) |
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पर्यटन परमिट के अंतर्गत वाहन की सीट, आराम और सुविधाओं के मानक कौन निर्धारित करता है? |
केंद्रीय सरकार |
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राष्ट्रीय परमिट के अंतर्गत “प्राधिकरण फीस” अधिकतम कितनी वार्षिक हो सकती है? |
₹1000 |
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केंद्रीय सरकार की राष्ट्रीय, मल्टी माडल और अंतर्राज्य यात्रियों और मालों के परिवहन के लिए स्कीमें बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make schemes for national, multimodal and inter-State transport of passengers and goods), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 88(क) |
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धारा 88(क) के अनुसार राष्ट्रीय, मल्टी-मोडल और अंतर्राज्य परिवहन के लिए स्कीम बनाने की शक्ति किसके पास है? |
केंद्रीय सरकार |
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केंद्रीय सरकार धारा 88(क) के अंतर्गत स्कीम किस माध्यम से घोषित करती है? |
राजपत्र में अधिसूचना |
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धारा 88(क) के अंतर्गत स्कीम किनके परिवहन के लिए बनाई जा सकती है? |
माल और यात्री दोनों |
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ग्रामीण परिवहन को बढ़ावा देना किस धारा के अंतर्गत स्कीम का उद्देश्य है? |
धारा 88(क) |
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माल भाड़े और लॉजिस्टिक के संचालन में सुधार के लिए स्कीम कौन बना सकता है? |
केंद्रीय सरकार |
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धारा 88(क) के अंतर्गत स्कीम बनाने से पहले केंद्रीय सरकार को किससे परामर्श करना आवश्यक है? |
राज्य सरकारों से |
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यदि केंद्रीय सरकार और राज्यों की स्कीमों में विरोध (conflict) हो जाए, तो किसकी स्कीम प्रभावी होगी? |
केंद्रीय सरकार की |
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धारा 88(क) कब अंतःस्थापित की गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 34 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।
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अपील (Appeals), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 89 |
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धारा 89 के अनुसार परमिट से संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील किसके पास की जाती है? |
राज्य परिवहन अपील अधिकरण |
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यदि राज्य या प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण परमिट देने से इंकार कर दे, तो व्यथित व्यक्ति क्या कर सकता है? |
राज्य परिवहन अपील अधिकरण में अपील कर सकता है |
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परमिट के निलंबन या प्रतिसंहरण के विरुद्ध अपील किस धारा के अंतर्गत की जा सकती है? |
धारा 89 |
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परमिट की शर्तों में परिवर्तन से व्यथित व्यक्ति किसके पास अपील कर सकता है? |
राज्य परिवहन अपील अधिकरण |
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धारा 82 के अंतर्गत परमिट के अंतरण से इंकार होने पर अपील कहाँ की जा सकती है? |
राज्य परिवहन अपील अधिकरण |
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यदि प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण परमिट को प्रतिहस्ताक्षरित करने से इंकार कर दे, तो अपील कहाँ की जाएगी? |
राज्य परिवहन अपील अधिकरण |
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परमिट के नवीकरण से इंकार होने पर अपील किस धारा के अंतर्गत की जाती है? |
धारा 89 |
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राज्य परिवहन अपील अधिकरण का गठन कौन करता है? |
राज्य सरकार |
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राज्य परिवहन अपील अधिकरण का सदस्य किस स्तर का न्यायिक अधिकारी होता है? |
जिला न्यायाधीश से कम न हो या उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के योग्य हो |
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राज्य परिवहन अपील अधिकरण का निर्णय क्या होता है? |
अंतिम |
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धारा 89 के अनुसार अपील करने से पहले क्या दिया जाता है? |
दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर |
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इस अधिनियम के प्रारंभ के समय लंबित अपीलों का निपटारा कैसे किया जाएगा? |
पुराने अधिनियम के अनुसार मानो नया अधिनियम पारित नहीं हुआ |
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पुनरीक्षण (Revision), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 90 |
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धारा 90 के अनुसार पुनरीक्षण की शक्ति किसके पास होती है? |
राज्य परिवहन अपील अधिकरण |
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राज्य परिवहन अपील अधिकरण किस स्थिति में मामले का अभिलेख मंगा सकता है? |
जब उस आदेश के विरुद्ध अपील का प्रावधान न हो |
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धारा 90 के अंतर्गत राज्य परिवहन अपील अधिकरण द्वारा दिया गया आदेश कैसा होता है? |
अंतिम |
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पुनरीक्षण के लिए आवेदन आदेश की तारीख से कितने दिनों के भीतर किया जाना चाहिए? |
30 दिन |
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यदि उचित कारण हो तो राज्य परिवहन अपील अधिकरण कितने दिनों के बाद भी आवेदन स्वीकार कर सकता है? |
30 दिन के बाद भी कर सकता है |
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पुनरीक्षण में किसी व्यक्ति के विरुद्ध प्रतिकूल आदेश देने से पहले क्या आवश्यक है? |
उस व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर देना |
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धारा 90 के अनुसार पुनरीक्षण किसके आदेश के विरुद्ध किया जा सकता है? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण, दोनों |
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पुनरीक्षण का आवेदन कौन कर सकता है? |
आदेश से व्यथित व्यक्ति |
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ड्राइवरों के काम के घंटों के बारे में निबंधन (Restriction of hours of work of drivers), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 91 |
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धारा 91 के अनुसार परिवहन यान के ड्राइवर के काम के घंटे किस अधिनियम के अनुसार होंगे? |
मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 |
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आपातकाल या अप्रत्याशित विलंब की स्थिति में धारा 91 के प्रावधानों से छूट कौन दे सकता है? |
राज्य सरकार |
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ड्राइवरों के काम के घंटे निर्धारित करने की अपेक्षा किससे की जा सकती है? |
उन व्यक्तियों से जो ड्राइवरों को नियोजित करते हैं |
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काम के घंटों का अभिलेख रखने की व्यवस्था कौन कर सकता है? |
राज्य या प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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क्या कोई व्यक्ति निर्धारित या अभिलिखित घंटों से अधिक काम कर सकता है? |
नहीं |
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क्या कोई व्यक्ति ड्राइवर से निर्धारित घंटों से अधिक काम करवा सकता है? |
नहीं |
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ड्राइवर के विश्रामकाल से संबंधित परिस्थितियाँ और अवधि कौन निर्धारित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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यदि ड्राइवर वाहन पर या उसके निकट रहने के लिए बाध्य है, तो उसे किस रूप में माना जा सकता है? |
विश्रामकाल |
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दायित्व का निर्बंधन करने वाली संविदाओं का शून्यकरण (Voidance of contracts restrictive of liability), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 92 |
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यदि किसी परिवहन यान में यात्री के साथ ऐसी संविदा की जाती है जो दायित्व को समाप्त या सीमित करती है, तो वह संविदा क्या होगी? |
शून्य |
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धारा 92 के अनुसार संविदा किस स्थिति में शून्य मानी जाएगी? |
जब वह दायित्व को नकारने का प्रयास करे, जब वह दायित्व को सीमित करे, जब वह दावे की शर्तें थोपे |
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धारा 92 किस प्रकार के यानों पर लागू होती है? |
परिवहन यान जिनके पास परमिट या अनुज्ञप्ति है |
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धारा 92 के अनुसार दायित्व किस स्थिति में उत्पन्न हो सकता है? |
यात्री के वाहन में चढ़ते समय, यात्री के वाहन में यात्रा करते समय, यात्री के वाहन से उतरते समय |
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धारा 92 किस प्रकार की क्षति से संबंधित है? |
मृत्यु या शारीरिक क्षति |
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यदि संविदा में यह शर्त हो कि यात्री दुर्घटना के लिए दावा नहीं करेगा, तो वह शर्त क्या होगी? |
शून्य |
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धारा 92 के अनुसार दायित्व किसके विरुद्ध दावा करने से संबंधित है? |
संबंधित व्यक्ति जिसके विरुद्ध दावा किया गया है |
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यदि संविदा यात्री के मृत्यु या शारीरिक क्षति के दावे को सीमित करती है, तो उसका प्रभाव क्या होगा? |
उस सीमा तक शून्य |
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धारा 92 कब संशोधित की गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 35 द्वारा (27-11-2020 मे) प्रतिस्थापित |
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अभिकर्ता या प्रचारक या समूहक द्वारा अनुज्ञप्ति का अभिप्राप्त किया जाना (Agent or canvasser or aggregator to obtain licence), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 93 |
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धारा 93 के अनुसार कोई भी व्यक्तिअपने को तभी लगाएगा, जब उसने ऐसे प्राधिकरण से अनुज्ञप्ति अभिप्राप्त कर ली है और ऐसी शर्तों पर ही लगाएगा जो राज्य सरकार द्वारा विहित की जाएं-
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सार्वजनिक सेवा यानों द्वारा यात्री के लिए टिकटों के विक्रय में अभिकर्ता या प्रचारक के रूप में अथवा ऐसे यानों के लिए ग्राहकों की अन्य रूप में याचना करने में; या माल वाहनों द्वारा वहन किए जाने वाले माल को संगृहीत, अग्रेषित या वितरित करने के कारबार में अभिकर्ता के रूप में, एक समूहक के रूप में |
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धारा 93(ii) कब संशोधित की गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 36 द्वारा (27-11-2020 से) प्रतिस्थापित। |
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धारा 93(iii) कब संशोधित की गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 36 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित। |
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कोई व्यक्ति माल वाहनों द्वारा माल के संग्रहण, अग्रेषण या वितरण के कार्य में कब लग सकता है? |
जब उसने प्राधिकरण से अनुज्ञप्ति प्राप्त की हो |
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धारा 93 के अंतर्गत समूहक को अनुज्ञप्ति देते समय राज्य सरकार किनका अनुसरण कर सकती है? |
केंद्रीय सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शक सिद्धांत |
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समूहक को किन अधिनियमों का पालन करना आवश्यक है? |
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 |
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माल वाहनों के लिए अभिकर्ता को अधिकतम कितनी प्रतिभूति जमा करनी पड़ सकती है? |
₹50,000 |
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अनुज्ञप्ति की शर्तों में क्या शामिल हो सकता है? |
अनुज्ञप्ति की अवधि, फीस, प्रतिभूति राशि |
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अभिकर्ता द्वारा माल के अभिवहन में किसकी व्यवस्था की जा सकती है? |
बीमा |
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अनुज्ञप्ति को निलंबित या रद्द करने की परिस्थितियाँ कौन निर्धारित कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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अभिकर्ता या प्रचारक विज्ञापन कब कर सकता है? |
जब विज्ञापन में अनुज्ञप्ति संख्या, समाप्ति तिथि और प्राधिकरण का विवरण दिया हो |
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यदि विज्ञापन में अनुज्ञप्ति संख्या और अन्य आवश्यक विवरण नहीं दिए गए हों, तो क्या होगा? |
विज्ञापन अवैध होगा |
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सिविल न्यायालयों को अधिकारिता का वर्जन (Bar on jurisdiction of Civil Courts), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 94 |
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धारा 94 के अनुसार सिविल न्यायालय किस विषय से संबंधित प्रश्नों को ग्रहण नहीं कर सकता? |
परमिट या स्कीम के अधीन जारी अनुज्ञप्ति का दिया जाना |
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धारा 94 के अनुसार सम्यक् रूप से गठित प्राधिकरण द्वारा परमिट देने से संबंधित कार्रवाई के विरुद्ध सिविल न्यायालय क्या कर सकता है? |
कोई व्यादेश ग्रहण नहीं कर सकता |
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धारा 94 के अनुसार परमिट देने से संबंधित मामलों में निर्णय करने का अधिकार किसके पास होता है? |
सम्यक् रूप से गठित प्राधिकरण |
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धारा 94 के अंतर्गत सिविल न्यायालय की अधिकारिता किस प्रकार सीमित की गई है? |
परमिट या अनुज्ञप्ति दिए जाने से संबंधित प्रश्नों को ग्रहण करने से रोका गया है |
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धारा 94 के अनुसार किसके द्वारा की गई कार्रवाई के विरुद्ध सिविल न्यायालय व्यादेश जारी नहीं करेगा? |
सम्यक् रूप से गठित परिवहन प्राधिकरण |
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धारा 94 के अंतर्गत “अधिकारिता का वर्जन” का अर्थ क्या है? |
न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को सीमित करना |
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धारा 94 में "या किसी स्कीम के अधीन जारी अनुज्ञप्ति" शब्दों का अंतःस्थापन- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 37 द्वारा (1-9-2019 से) |
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मंजिली गाड़ियों और ठेका गाड़ियों की बाबत राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules as to stage carriages and contract carriages), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 95 |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 95 के अनुसार मंजिली गाड़ियों और ठेका गाड़ियों के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य सरकार |
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यदि कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे यान से निकालने का अधिकार किसे हो सकता है? |
चालक या कंडक्टर, या उनके अनुरोध पर पुलिस अधिकारी को |
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यदि ड्राइवर या कंडक्टर को संदेह हो कि यात्री नियमों का उल्लंघन कर रहा है, तो वह यात्री से क्या मांग सकता है? |
नाम और पता |
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धारा 95 के अनुसार यात्री से क्या अपेक्षा की जा सकती है? |
अपनी यात्रा की दूरी बताना, पूरी यात्रा का किराया देना, टिकट लेना |
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यात्रा के दौरान टिकट का धारक किसे टिकट दिखाने के लिए बाध्य हो सकता है? |
ड्राइवर, कंडक्टर या स्वामी द्वारा अधिकृत व्यक्ति |
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धारा 95 के अनुसार यात्री को कब यान से उतरना पड़ सकता है? |
जब यात्रा समाप्त हो जाए जिसके लिए उसने किराया दिया है |
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यदि किसी यान में धूम्रपान निषिद्ध होने की सूचना प्रदर्शित की गई हो, तो यात्री को क्या करना होगा? |
धूम्रपान नहीं करेगा |
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धारा 95 के अनुसार मंजिली गाड़ियों में किसका प्रावधान किया जा सकता है? |
शिकायत पुस्तक |
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अध्याय-5 के प्रयोजनों के लिए राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules for the purposes of this Chapter), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 96 |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 96 के अनुसार अध्याय-5 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार |
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धारा 96 के अंतर्गत किस विषय पर नियम बनाए जा सकते हैं? |
प्रादेशिक एवं राज्य परिवहन प्राधिकरणों की नियुक्ति की अवधि, उनकी नियुक्ति की शर्तें, उनके द्वारा कारबार का संचालन |
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यदि प्राधिकरण का अध्यक्ष या सदस्य अनुपस्थित हो तो कारबार के संचालन के संबंध में नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
राज्य सरकार |
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धारा 96 के अंतर्गत अपीलों के संबंध में कौन-सी बातों पर नियम बनाए जा सकते हैं? |
अपीलों का संचालन, अपीलों की सुनवाई, अपीलों की फीस और उसका प्रतिदाय |
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धारा 96 के अंतर्गत किसके प्ररूप निर्धारित किए जा सकते हैं? |
परमिट |
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यदि कोई परमिट खो जाए, नष्ट हो जाए या कट-फट जाए तो धारा 96 के अंतर्गत क्या किया जा सकता है? |
परमिट की प्रतिलिपि दी जा सकती है |
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धारा 96 के अनुसार परिवहन यानों द्वारा साथ ले जाए जाने वाले किन-किन चीजों के संबंध में नियम बनाए जा सकते हैं? |
दस्तावेज, प्लेटें, चिह्न |
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धारा 96 के अनुसार किसे फीस देने से छूट दी जा सकती है? |
विहित व्यक्तियों को, विहित वर्गों के व्यक्तियों को |
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धारा 96 के अंतर्गत किस विषय का विनियमन किया जा सकता है? |
परिवहन यानों की रंगाई, चिह्नांकन, विज्ञापन का प्रदर्शन |
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धारा 96 के अनुसार मोटर टैक्सियों के संबंध में किस विषय पर नियम बनाए जा सकते हैं? |
टैक्सी मीटर का लगाया जाना, टैक्सी मीटर की जांच, टैक्सी मीटर का मुद्राबंद करना |
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धारा 96 के अनुसार किसका विनियमन किया जा सकता है? |
मोटर टैक्सी रैंक |
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धारा 96 के अनुसार परिवहन यानों के स्वामियों को किसकी सूचना देने के लिए बाध्य किया जा सकता है? |
पते में परिवर्तन, वाहन के खराब होने की सूचना, वाहन को हुए नुकसान की सूचना |
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धारा 96 के अंतर्गत परमिट धारकों के परिसरों का निरीक्षण करने के लिए किसे प्राधिकृत किया जा सकता है? |
विनिर्दिष्ट व्यक्ति |
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धारा 96 के अनुसार राज्य सरकार नियम बनाकर किसे बढ़ावा दे सकती है? |
प्रभावी प्रतिस्पर्धा, यात्री सुविधा और सुरक्षा, प्रतिस्पर्धी किराए |
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धारा 96 में (xxxiiक) (xxxiiख) कब जोड़ा गया- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 38 द्वारा (1-9-2019 से) अंतःस्थापित।) |
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अध्याय-6 (CHAPTER-6) |
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राज्य परिवहन उपक्रमों के बारे में विशेष उपबंध (SPECIAL PROVISIONS RELATING TO STATE TRANSPORT UNDERTAKINGS) |
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सड़क परिवहन सेवा’ की परिभाषा (Definition of road transport service), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 97 |
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धारा 97 के अनुसार “सड़क परिवहन सेवा” से क्या अभिप्रेत है? |
इस अध्याय में, जब तक कि सदंर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, "सड़क परिवहन सेवा" से भाड़े या पारिश्रमिक पर सड़क से यात्री या माल अथवा दोनों का वहन करने वाले मोटर यानों द्वारा सेवा अभिप्रेत है| |
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अध्याय 6 का अध्याय 5 और अन्य विधियों पर अध्यारोही होना (Chapter-VI to override Chapter-V and other laws), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 98 |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 98 किस सिद्धांत को स्थापित करती है? |
अध्यारोही प्रभाव (Overriding Effect) |
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धारा 98 के अनुसार इस अध्याय के उपबंध किन पर अध्यारोही प्रभाव रखते हैं? |
अध्याय 5 तथा अन्य प्रवृत्त विधियों पर |
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अध्याय 6 और इसके अधीन बनाए गए नियम या किए गए आदेश के उपबंध -
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अध्याय 5 में या इस समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अथवा किसी ऐसी विधि के आधार पर प्रभावी किसी लिखत में उससे असंगत किसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे |
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राज्य परिवहन उपक्रम की सड़क परिवहन सेवा के संबंध में प्रस्थापना का तैयार किया जाना और प्रकाशन (Preparation and publication of proposal regarding road transport service of a State transport undertaking), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 99 |
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धारा 99 के अनुसार स्कीम की प्रस्थापना कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
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धारा 99 के अनुसार राज्य सरकार स्कीम कब बना सकती है? |
जब उसे लोकहित में आवश्यक लगे |
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धारा 99 के अनुसार स्कीम किनके द्वारा संचालित सड़क परिवहन सेवा के संबंध में हो सकती है? |
राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा |
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धारा 99 के अनुसार राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा सेवा चलाने के लिए क्या किया जा सकता है? |
अन्य व्यक्तियों का पूर्ण अपवर्जन, अन्य व्यक्तियों का आंशिक अपवर्जन, अन्यथा व्यवस्था |
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धारा 99 के अनुसार स्कीम की प्रस्थापना का प्रकाशन कहाँ किया जाएगा? |
राज्य के राजपत्र में, संबंधित क्षेत्र की प्रादेशिक भाषा के समाचारपत्र में |
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धारा 99 के अनुसार स्कीम की प्रस्थापना प्रकाशित होने के बाद लंबित रहने के दौरान किस प्रकार का परमिट दिया जा सकता है? |
अस्थायी परमिट |
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धारा 99 के अनुसार अस्थायी परमिट की वैधता कितनी होती है? |
एक वर्ष |
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धारा 99 के अनुसार अस्थायी परमिट कब तक प्रभावी रहेगा? |
एक वर्ष या धारा 100 के अंतर्गत स्कीम के अंतिम प्रकाशन तक, जो पहले हो |
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धारा 99 के अनुसार स्कीम की प्रस्थापना में क्या-क्या दिया जाएगा? |
सेवाओं का स्वरूप, क्षेत्र या मार्ग का विवरण, अन्य सुसंगत विशिष्टियां |
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प्रस्थापना पर आपत्ति (Objection to the proposal), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 100 |
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धारा 100 के अनुसार स्कीम की प्रस्थापना के विरुद्ध आपत्ति कौन प्रस्तुत कर सकता है? |
कोई भी व्यक्ति |
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धारा 100 के अनुसार स्कीम की प्रस्थापना के विरुद्ध आपत्ति कितने दिनों के भीतर प्रस्तुत की जा सकती है? |
30 दिन |
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धारा 100 के अनुसार आपत्ति किस तारीख से 30 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जा सकती है? |
राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से |
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धारा 100 के अनुसार राज्य सरकार आपत्तियों पर विचार करने के बाद क्या कर सकती है? |
प्रस्थापना का अनुमोदन कर सकती है, प्रस्थापना में परिवर्तन कर सकती है |
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धारा 100 के अनुसार आपत्तियों पर निर्णय लेने से पहले किन्हें सुनवाई का अवसर दिया जा सकता है? |
आपत्तिकर्ता या उसके प्रतिनिधि, राज्य परिवहन उपक्रम के प्रतिनिधि |
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धारा 100 के अनुसार अनुमोदित स्कीम का प्रकाशन कहाँ किया जाएगा? |
राज्य के राजपत्र में, प्रादेशिक भाषा के समाचारपत्र में |
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धारा 100 के अनुसार अनुमोदित स्कीम कब अंतिम मानी जाएगी? |
जब राजपत्र में प्रकाशित हो |
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धारा 100 के अनुसार अनुमोदित स्कीम से संबंधित क्षेत्र या मार्ग क्या कहलाएगा? |
अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग |
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यदि स्कीम किसी अंतरराज्यिक मार्ग से संबंधित हो, तो उसके अनुमोदन के लिए किसका पूर्व अनुमोदन आवश्यक है? |
केंद्रीय सरकार |
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धारा 100 के अनुसार यदि स्कीम एक वर्ष के भीतर अनुमोदित स्कीम के रूप में प्रकाशित नहीं होती, तो क्या होगा? |
प्रस्थापना व्यपगत मानी जाएगी |
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धारा 100 के अनुसार एक वर्ष की अवधि की गणना में किस अवधि को शामिल नहीं किया जाएगा? |
न्यायालय के रोक आदेश के कारण रुकी अवधि |
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धारा 100 के अनुसार आपत्तियों की सुनवाई कौन करता है? |
राज्य सरकार |
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धारा 100 के अनुसार अनुमोदित स्कीम को क्या कहा जाएगा? |
अनुमोदित स्कीम |
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राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा कतिपय परिस्थितियों में अतिरिक्त सेवाओं का चलाया जाना (Operation of additional services by a State transport undertaking in certain circumstances), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 101 |
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धारा 101 के अनुसार अतिरिक्त सेवाएं कौन चला सकता है? |
राज्य परिवहन उपक्रम |
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धारा 101 के अनुसार अतिरिक्त सेवाएं किन परिस्थितियों में चलाई जा सकती हैं? |
विशेष अवसरों पर |
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धारा 101 के अनुसार अतिरिक्त सेवाएं चलाने का उद्देश्य क्या है? |
यात्रियों का प्रवहन |
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धारा 101 में विशेष अवसरों के उदाहरण के रूप में क्या दिया गया है? |
मेले और धार्मिक सम्मेलन |
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धारा 101 किस धारा के बावजूद अतिरिक्त सेवाएं चलाने की अनुमति देती है? |
धारा 87 |
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धारा 101 के अनुसार अतिरिक्त सेवाएं चलाने के बाद राज्य परिवहन उपक्रम को क्या करना होगा? |
संबंधित परिवहन प्राधिकरण को तुरंत सूचित करना |
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स्कीम का रद्द या उपांतरित किया जाना (Cancellation or modification of scheme), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 102 |
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धारा 102 के अनुसार अनुमोदित स्कीम को रद्द या उपांतरित करने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य सरकार |
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धारा 102 के अनुसार राज्य सरकार कब स्कीम को उपांतरित कर सकती है? |
जब लोकहित में आवश्यक समझे |
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धारा 102 के अनुसार स्कीम में उपांतरण करने से पहले किसे सुनवाई का अवसर दिया जाएगा? |
राज्य परिवहन उपक्रम, वह व्यक्ति जो प्रस्तावित उपांतरण से प्रभावित हो सकता है |
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धारा 102 के अनुसार प्रस्तावित उपांतरण का प्रकाशन कहाँ किया जाएगा? |
राज्य के राजपत्र में, प्रादेशिक भाषा के समाचारपत्र में |
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धारा 102 के अनुसार प्रस्तावित उपांतरण के प्रकाशन के बाद सुनवाई की तारीख राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से कितने समय से कम नहीं होगी? |
30 दिन |
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धारा 102 के अनुसार प्रस्तावित उपांतरण के संबंध में प्राप्त अभ्यावेदनों की सुनवाई कौन करेगा? |
राज्य सरकार |
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राज्य परिवहन उपक्रमों को परमिट दिया जाना (Issue of permits to State transport undertakings), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 103 |
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धारा 103(1) के अनुसार राज्य परिवहन उपक्रम किसके अनुसरण में परमिट के लिए आवेदन करता है? |
अनुमोदित स्कीम |
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यदि अधिसूचित क्षेत्र या मार्ग एक से अधिक प्रदेशों में पड़ता है तो परमिट कौन देगा? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण |
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यदि अधिसूचित क्षेत्र या मार्ग केवल एक प्रदेश में पड़ता है तो परमिट कौन देगा? |
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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धारा 103 के अनुसार राज्य परिवहन उपक्रम को कौन-कौन से परमिट दिए जा सकते हैं? |
मंजिली गाड़ी परमिट, माल वाहक परमिट, ठेका गाड़ी परमिट |
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धारा 103(1) के अनुसार राज्य परिवहन उपक्रम को परमिट किसके बावजूद दिया जाएगा? |
अध्याय 5 |
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धारा 103(2) के अनुसार अनुमोदित स्कीम को लागू करने के लिए परिवहन प्राधिकरण क्या कर सकता है? |
अन्य परमिट के आवेदन को अस्वीकार कर सकता है, विद्यमान परमिट को रद्द कर सकता है, परमिट की शर्तों में परिवर्तन कर सकता है |
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धारा 103(2)(क) के अनुसार परिवहन प्राधिकरण क्या कर सकता है? |
अन्य परमिट देने या नवीनीकरण के आवेदन को ग्रहण करने से इंकार करना |
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धारा 103(2)(ख) के अनुसार प्राधिकरण क्या कर सकता है? |
विद्यमान परमिट को रद्द कर सकता है |
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धारा 103(2)(ग) के अनुसार विद्यमान परमिट के निबंधनों में कौन-सा उपांतरण किया जा सकता है? |
परमिट को किसी निश्चित तिथि से आगे प्रभावहीन करना, परमिट के अंतर्गत यानों की संख्या घटाना, परमिट के क्षेत्र या मार्ग को कम करना |
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धारा 103(3) के अनुसार उपधारा (1) या (2) के अंतर्गत दिए गए आदेश के विरुद्ध क्या उपलब्ध है? |
कोई अपील नहीं |
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अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग की बाबत परमिट दिए जाने पर निर्बन्धन (Restriction on grant of permits in respect of a notified area or notified route), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 104 |
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धारा 104 के अनुसार अधिसूचित क्षेत्र या मार्ग के संबंध में स्कीम किस धारा के अंतर्गत प्रकाशित की जाती है? |
धारा 100(3) |
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धारा 104 के अनुसार अधिसूचित क्षेत्र या मार्ग में परमिट किसके अनुसार ही दिया जाएगा? |
स्कीम के उपबंधों के अनुसार |
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धारा 104 के अनुसार अधिसूचित क्षेत्र या मार्ग के लिए परमिट कौन जारी कर सकता है? |
राज्य परिवहन प्राधिकरण या प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण |
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यदि राज्य परिवहन उपक्रम ने अधिसूचित क्षेत्र या मार्ग के लिए परमिट हेतु आवेदन नहीं किया है तो क्या किया जा सकता है? |
अस्थायी परमिट दिया जा सकता है |
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धारा 104 के अनुसार अस्थायी परमिट किसे दिया जा सकता है? |
किसी भी व्यक्ति को |
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धारा 104 के अनुसार अस्थायी परमिट कब तक प्रभावी रहेगा? |
जब तक राज्य परिवहन उपक्रम को परमिट नहीं मिल जाता |
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यदि राज्य परिवहन उपक्रम को उस क्षेत्र या मार्ग के लिए परमिट मिल जाता है तो अस्थायी परमिट का क्या होगा? |
वह स्वतः समाप्त हो जाएगा |
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धारा 104 में प्रयुक्त “अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग” किससे संबंधित है? |
राज्य सरकार द्वारा घोषित मार्ग या क्षेत्र |
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प्रतिकर अवधारित करने के सिद्धांत और रीति तथा उसका संदाय (Principles and method of determining compensation and payment thereof), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 105 |
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धारा 105(1) के अनुसार प्रतिकर कब दिया जाएगा? |
जब धारा 103(2)(ख) या (ग) के अंतर्गत परमिट रद्द या परिवर्तित किया जाए |
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धारा 105 के अनुसार प्रतिकर किसके द्वारा दिया जाएगा? |
राज्य परिवहन उपक्रम |
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धारा 105(2) के अनुसार प्रतिकर कब देय नहीं होगा? |
जब दूसरे मार्ग या क्षेत्र के लिए परमिट का प्रस्ताव दिया जाए और धारक उसे स्वीकार कर ले |
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धारा 105(3) के अनुसार किस स्थिति में प्रतिकर देय नहीं होगा? |
परमिट के नवीनीकरण से इंकार करने पर |
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धारा 105(4) के अनुसार परमिट की असमाप्त अवधि के प्रत्येक पूरे मास या 15 दिन से अधिक के भाग के लिए प्रतिकर कितना होगा? |
₹200 |
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धारा 105(4) के अनुसार परमिट की असमाप्त अवधि के उस भाग के लिए जो 15 दिन से अधिक नहीं है, प्रतिकर कितना होगा? |
₹100 |
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धारा 105 के अनुसार प्रतिकर की न्यूनतम राशि कितनी होगी? |
₹400 |
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धारा 105(5) के अनुसार यदि परमिट के अंतर्गत मार्ग या क्षेत्र कम किया जाता है तो प्रतिकर किस सूत्र से निकाला जाएगा? |
य × र / म |
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धारा 105 के स्पष्टीकरण के अनुसार “य” का क्या अर्थ है? |
कम किया गया मार्ग या क्षेत्र |
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धारा 105 के स्पष्टीकरण के अनुसार “र” से क्या अभिप्रेत है? |
उपधारा (4) के अनुसार संगणित रकम |
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धारा 105 के स्पष्टीकरण के अनुसार “म” से क्या अभिप्रेत है? |
कुल मार्ग की लंबाई या कुल क्षेत्र |
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धारा 105(6) के अनुसार प्रतिकर का भुगतान कितने समय के भीतर किया जाना चाहिए? |
1 माह |
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यदि राज्य परिवहन उपक्रम एक माह के भीतर प्रतिकर का भुगतान नहीं करता है तो कितनी दर से ब्याज देना होगा? |
7% प्रति वर्ष |
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यानों में पाई गई वस्तुओं का व्ययन (Disposal of article found in vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 106 |
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धारा 106 के अनुसार यह प्रावधान किस प्रकार के यान में पाई गई वस्तुओं पर लागू होता है? |
राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा चलाए जा रहे परिवहन यान |
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यदि किसी वस्तु पर उसके स्वामी द्वारा दावा नहीं किया जाता तो क्या किया जा सकता है? |
वस्तु को विहित रीति से बेचा जा सकता है |
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धारा 106 के अनुसार वस्तु को कब बेचा जा सकता है? |
जब विहित अवधि के भीतर स्वामी द्वारा दावा न किया जाए |
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वस्तु के विक्रय से प्राप्त धन किसे दिया जाएगा? |
वस्तु के स्वामी को |
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विक्रय-आगम में से कौन-सा खर्च पहले काटा जाएगा? |
विक्रय के आनुषंगिक खर्चे |
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धारा 106 के अनुसार विक्रय-आगम स्वामी को कब दिया जाएगा? |
उसकी मांग किए जाने पर |
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राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 107 |
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धारा 107(1) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य सरकार |
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धारा 107(2)(क) के अनुसार राज्य सरकार किसका प्रारूप निर्धारित कर सकती है? |
स्कीम की प्रस्थापना का प्रारूप (धारा 99) |
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धारा 107(2)(ख) के अनुसार नियम किस विषय में बनाए जा सकते हैं? |
धारा 100(1) के अधीन आक्षेप फाइल करने की रीति |
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धारा 107(2)(ग) के अनुसार नियम किस विषय में बनाए जा सकते हैं? |
आक्षेपों पर विचार और उनके निपटारे की रीति |
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धारा 107(2)(घ) के अनुसार राज्य सरकार किसका प्रारूप निर्धारित कर सकती है? |
अनुमोदित स्कीम के प्रकाशन का प्रारूप |
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धारा 107(2)(ङ) के अनुसार नियम किस विषय में बनाए जा सकते हैं? |
धारा 103(1) के अधीन आवेदन करने की रीति |
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धारा 107(2)(च) के अनुसार नियम किस विषय में बनाए जा सकते हैं? |
परिवहन यान में छूटी वस्तु के दावे की अवधि और विक्रय की रीति |
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धारा 107(2)(छ) के अनुसार नियम किस विषय में बनाए जा सकते हैं? |
आदेशों की तामील की रीति |
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धारा 107(2)(ञ) के अनुसार राज्य सरकार नियम किस विषय में बना सकती है? |
कोई अन्य बात जो विहित की जानी है या की जाए |
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धारा 107 में राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति किस अध्याय को लागू करने के लिए दी गई है? |
अध्याय VI |
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राज्य सरकार की कुछ शक्तियों का केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रयोग किया जा सकना (Certain powers of State Government exercisable by the Central Government), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 108 |
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धारा 108 के अनुसार राज्य सरकार को इस अध्याय के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किन परिस्थितियों में केन्द्रीय सरकार कर सकती है? |
अन्तरराज्यिक मार्ग या क्षेत्र के संबंध में |
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धारा 108 के अनुसार यह प्रावधान किन संस्थाओं से संबंधित है? |
ऐसे निगम या कम्पनी जो केन्द्रीय सरकार या केन्द्रीय व राज्य सरकारों के स्वामित्व/नियंत्रण में हों |
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धारा 108 के अनुसार यदि कोई निगम केवल केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण में है तो इस अध्याय की शक्तियों का प्रयोग कौन करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 108 के अनुसार यदि कोई निगम केन्द्रीय सरकार और एक या अधिक राज्य सरकारों के संयुक्त स्वामित्व या नियंत्रण में है तो इस अध्याय की शक्तियों का प्रयोग कौन करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 108 के अनुसार केन्द्रीय सरकार किन मामलों में राज्य सरकार की शक्तियों का प्रयोग करेगी? |
अन्तरराज्यिक मार्ग या क्षेत्र के संबंध में |
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धारा 108 के अनुसार राज्य सरकार की शक्तियाँ किस अध्याय के अंतर्गत दी गई हैं जिनका प्रयोग केन्द्रीय सरकार कर सकती है? |
अध्याय VI |
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अध्याय-7 (CHAPTER-7) |
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मोटर यानों का निर्माण, उपस्कर और अनुरक्षण (CONSTRUCTION, EQUIPMENT AND MAINTENANCE OF MOTOR VEHICLES) |
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यानों के निर्माण और अनुरक्षण संबंधी साधारण उपबन्ध (General provision regarding construction and maintenance of vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 109 |
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धारा 109(1) के अनुसार प्रत्येक मोटर यान का निर्माण किस प्रकार किया जाना चाहिए? |
ऐसा कि वह चालक के वास्तविक नियंत्रण में रहे |
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धारा 109(1) के अनुसार मोटर यान को किस प्रकार अनुरक्षित रखा जाना चाहिए? |
चालक के वास्तविक नियंत्रण में रहने योग्य |
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धारा 109(2) के अनुसार यदि मोटर यान में विहित प्रकार की यांत्रिक या वैद्युत संकेतन युक्ति नहीं लगी है तो उसका स्टीयरिंग नियंत्रण कहाँ होगा? |
दाहिनी ओर |
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धारा 109(2) का प्रावधान किन परिस्थितियों में लागू होता है? |
जब वाहन में यांत्रिक या वैद्युत संकेतन युक्ति न हो |
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धारा 109(3) के अनुसार यदि लोकहित में आवश्यक हो तो कौन मानक निर्धारित कर सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 109(3) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किस माध्यम से यह अधिसूचना जारी कर सकती है? |
राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा |
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धारा 109(3) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किसके संबंध में मानक निर्धारित कर सकती है? |
विनिर्माता द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली वस्तु या प्रक्रिया |
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धारा 109(3) किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी? |
मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 1994 |
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केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of Central Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 110 |
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धारा 110(1) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किसके निर्माण, उपस्कर और अनुरक्षण का विनियमन करने के लिए नियम बना सकती है? |
मोटर यानों और ट्रेलरों का |
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धारा 110 के अनुसार केन्द्रीय सरकार किस विषय पर नियम बना सकती है? |
यानों की चौड़ाई, ऊंचाई और लंबाई, ले जाए जाने वाले भार की सीमा, यानों का प्रलंब |
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धारा 110 के अनुसार टायरों के संबंध में नियम किन विषयों पर बनाए जा सकते हैं? |
आकार, प्रकार, अधिकतम खुदरा कीमत |
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धारा 110(1) के अनुसार किसके संबंध में भी नियम बनाए जा सकते हैं? |
ब्रेक और स्टीयरिंग गियर |
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धारा 110 के अनुसार सुरक्षा कांच के संबंध में क्या विनियमित किया जा सकता है? |
कलईदार सुरक्षा कांच के प्रयोग का प्रतिषेध |
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धारा 110 के अनुसार किसके संबंध में नियम बनाए जा सकते हैं? |
संकेतन साधित्र, लैम्प, परावर्तक |
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धारा 110 के अनुसार किसके संबंध में भी नियम बनाए जा सकते हैं? |
गति नियंत्रक |
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धारा 110 के अनुसार किस प्रकार के उत्सर्जन के नियंत्रण के लिए नियम बनाए जा सकते हैं? |
धुआं, दिखाई देने वाली भाप, चिन्गारी या राख |
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धारा 110 के अनुसार वाहनों से निकलने वाली किस चीज को कम करने के लिए नियम बनाए जा सकते हैं? |
आवाज |
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धारा 110 के अनुसार किसका उत्कीर्ण होना आवश्यक किया जा सकता है? |
चेसिस संख्यांक, इंजन संख्यांक, विनिर्माण की तारीख |
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धारा 110 के अनुसार सुरक्षा पट्टियां और अन्य सुरक्षा उपकरण किसके लिए आवश्यक किए जा सकते हैं? |
चालक, यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए |
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धारा 110 के अनुसार खतरनाक माल के परिवहन के संबंध में नियम कौन बना सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 110 के अनुसार वायु प्रदूषकों के उत्सर्जन के लिए मानक कौन निर्धारित कर सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 110 के अनुसार पर्यावरण से संबंधित नियम बनाने से पहले किससे परामर्श किया जाएगा? |
भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से |
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धारा 110(3) के अनुसार केन्द्रीय सरकार क्या कर सकती है? |
किसी वर्ग के मोटर यानों को इस अध्याय के उपबंधों से छूट दे सकती है |
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धारा 110 के अनुसार राज्य सरकार क्या कर सकती है? |
मोटर यानों को नियमों से छूट दे सकती है (केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन) |
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धारा 110(ट) में "जिसके अंतर्गत साफ्टवेयर भी है" शब्दों का अंतःस्थापन- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 39 द्वारा (1-4-2021 से) |
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धारा 110(2क) जोड़ी गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 40 द्वारा (1-4-2021 से) अंतःस्थापित।) |
|
मोटर यानों का वापस बुलाना (Recall of motor vehicles), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 110(क) |
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धारा 110(क)(1) के अनुसार मोटर यानों को वापस बुलाने का आदेश कौन दे सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 110(क)(1) के अनुसार मोटर यानों को वापस बुलाया जा सकता है यदि उनमें ऐसा दोष हो जो— |
पर्यावरण या चालक/यात्रियों को क्षति पहुँचा सकता हो |
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धारा 110(क)(1)(ख) के अनुसार दोष की रिपोर्ट किनके द्वारा की जा सकती है? |
वाहन स्वामी, परीक्षण अभिकरण, अन्य स्रोत |
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धारा 110(क) के अनुसार स्वामियों का कितना प्रतिशत दोष की रिपोर्ट कर सकता है? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना से विनिर्दिष्ट |
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धारा 110(क)(2) के अनुसार यदि दोष किसी संघटक (component) में है तो क्या किया जा सकता है? |
सभी ऐसे वाहन जिनमें वह संघटक लगा है वापस बुलाए जाएंगे |
|
धारा 110(क)(3) के अनुसार वाहन वापस बुलाए जाने पर विनिर्माता को क्या करना होगा? |
वाहन की संपूर्ण लागत की प्रतिपूर्ति करना, समान या बेहतर वाहन से प्रतिस्थापन या मरम्मत करना, जुर्माना और अन्य शोध्य देना |
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धारा 110(क)(3)(क) के अनुसार विनिर्माता क्या कर सकता है? |
वाहन की लागत की प्रतिपूर्ति |
|
धारा 110(क)(4) के अनुसार यदि विनिर्माता स्वयं दोष की सूचना सरकार को दे देता है और वाहन वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू करता है तो— |
उसे जुर्माना नहीं देना होगा |
|
धारा 110(क)(5) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किसे अन्वेषण करने के लिए प्राधिकृत कर सकती है? |
किसी अधिकारी को |
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धारा 110(क)(5) के अनुसार अन्वेषण करने वाले अधिकारी को किसके समान शक्तियाँ प्राप्त होंगी? |
सिविल न्यायालय |
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धारा 110(क)(5) के अनुसार अधिकारी क्या कर सकता है? |
किसी व्यक्ति को समन करना, दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना, शपथपत्र पर साक्ष्य प्राप्त करना |
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धारा 110(क)(6) के अनुसार मोटर यानों को वापस बुलाने के संबंध में नियम कौन बना सकता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 110 (क) जोड़ी गयी- |
2019 के अधिनियम सं० 32 की धारा 40 द्वारा (1-4-2021 से) अंतःस्थापित।) |
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किस्म-अनुमोदन प्रमाणपत्र और अभिकरणों का परीक्षण (Type of approval certificate and testing agencies), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 110(ख) |
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धारा 110(ख)(1) के अनुसार किसी मोटर यान को भारत में कब तक बेचा या उपयोग नहीं किया जा सकता? |
जब तक किस्म-अनुमोदन प्रमाणपत्र जारी न हो |
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धारा 110(ख) के अनुसार किस्म-अनुमोदन प्रमाणपत्र किन यानों के लिए आवश्यक है? |
मोटर यान, ट्रेलर, अर्ध ट्रेलर, माड्यूलर या हाइड्रोलिक ट्रेलर तथा साइड कार |
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धारा 110(ख) के अनुसार मोटर यान को कहाँ उपयोग करने से पहले किस्म-अनुमोदन प्रमाणपत्र आवश्यक है? |
सार्वजनिक स्थान पर |
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धारा 110(ख) के अनुसार किसे परीक्षण के लिए यान प्रस्तुत करना होगा? |
विनिर्माता या आयातकर्ता को |
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धारा 110(ख)(2) के अनुसार किस प्रकार के परीक्षण के लिए यान प्रस्तुत किया जाता है? |
प्रोटोकिस्म परीक्षण |
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धारा 110(ख)(3) के अनुसार परीक्षण अभिकरणों के प्रत्यायन, पंजीकरण और विनियमन के लिए नियम कौन बनाएगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 110(ख)(4) के अनुसार परीक्षण अभिकरण क्या सत्यापित करेंगे? |
वाहन का अधिनियम और नियमों के अनुरूप होना |
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धारा 110(ख) के अनुसार परीक्षण अभिकरण वाहन कहाँ से प्राप्त कर सकते हैं? |
विनिर्माता की उत्पादन पंक्ति से या अन्य स्रोत से |
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धारा 110(ख) के अनुसार किन वाहनों को किस्म-अनुमोदन प्रमाणपत्र से छूट दी जा सकती है? |
निर्यात के लिए आशयित वाहन, प्रदर्शन या अनुसंधान हेतु वाहन, केंद्रीय सरकार द्वारा छूट प्राप्त वाहन |
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धारा 110(ख)(5) के अनुसार यदि किसी मोटर यान को धारा 110(क) के अधीन वापस बुलाया जाता है तो क्या हो सकता है? |
परीक्षण अभिकरण का प्रत्यायन और पंजीकरण रद्द हो सकता है |
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धारा 110(ख) को मोटर यान अधिनियम में किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया? |
मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 |
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राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to make rules), किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 111 |
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मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 111 के अनुसार मोटर यानों और ट्रेलरों के निर्माण, उपस्कर और अनुरक्षण के विनियमन हेतु नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार |
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धारा 111 के अंतर्गत राज्य सरकार किन विषयों के संबंध में नियम बना सकती है? |
सार्वजनिक सेवा यानों में बैठने की व्यवस्था और मौसम से यात्रियों का संरक्षण; कुछ समय पर या कुछ स्थानों में सुनाई देने वाले संकेतकों के प्रयोग का प्रतिषेध या निर्बन्धन: ऐसे साधित्रों का ले जाया जाना, प्रतिषिद्ध करना जिनसे क्षोभ या खतरा होने की संभावना है; विहित प्राधिकारियों द्वारा यानों का नियतकालिक परीक्षण [और निरीक्षण और ऐसे परीक्षण के लिए प्रभारित की जाने वाली फीस; रजिस्ट्रीकरण चिह्नों से भिन्न विशिष्टियां जो यानों पर प्रदर्शित की जानी हैं और वह रीति जिससे वे प्रदर्शित की जाएंगी: मोटर यानों के साथ ट्रेलरों का उपयोग |
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धारा 111 के अंतर्गत राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति किस धारा की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट विषयों से भिन्न विषयों पर लागू होती है? |
धारा 110 |
Motor Vehicle Act (Part 1 & 2) One Liner Notes Pdf Download