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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (THE RIGHT TO INFORMATION ACT, 2005) |
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(2005 का अधिनियम संख्यांक 22) (ACT NO. 22 OF 2005) |
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? |
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 |
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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का अधिनियम संख्यांक क्या है? |
2005 का अधिनियम संख्यांक 22 |
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लोकतंत्र में सूचना की पारदर्शिता को किस उद्देश्य के लिए आवश्यक माना गया है? |
भ्रष्टाचार को रोकने तथा कार्यकरण सुनिश्चित करने के लिए |
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सूचना की पारदर्शिता से सरकारों और उनके परिकरणों को किसके प्रति उत्तरदायी बनाया जाता है? |
शासन के प्रति |
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वास्तविक व्यवहार में सूचना के प्रकटन से किसके साथ टकराव उत्पन्न हो सकता है? |
लोकहितों के साथ |
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कौन-सा लोकहित सूचना के प्रकटन से प्रभावित हो सकता है? |
सरकारों का दक्ष प्रचालन |
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लोकतंत्रात्मक आदर्श की प्रभुता बनाए रखने के लिए किस बात पर बल दिया गया है? |
विरोधी हितों के बीच सामंजस्य |
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अध्याय 1 (Chapter 1) |
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प्रारम्भिक (Preliminary) |
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संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ, (Short Title, Extent and Commencement) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 1 |
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धारा 1(2) के अनुसार सूचना का अधिकार अधिनियम का विस्तार कहाँ तक है? |
सम्पूर्ण भारत पर |
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धारा 1(2) के अंतर्गत जम्मू कश्मीर राज्य के सिवाय " शब्दों का लोप कब किया गया? |
2019 के अधिनियम में 34 की धारा 95 और पांचवी अनुसूची द्वारा (31-10-2019 में) "जम्मू कश्मीर राज्य के मिवाय" लब्दों का लोप किया गया। |
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कौन-सी उपधारा तुरं त प्रभावी होने वाले उपबंधों में सम्मिलित है? |
धारा 4 की उपधारा (1), धारा 5 की उपधारा (1) और उपधारा (2), धारा 12, धारा 13, धारा 15, धारा 16, धारा 24, धारा 27 और धारा 28 के उपबंध |
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सूचना का अधिकार अधिनियम के शेष उपबंध अधिनियमन के कितने दिन बाद प्रवृत्त होते हैं? |
एक सौ बीसवें दिन |
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परिभाषा, (Definition) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? |
धारा 2 |
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"समुचित सरकार" (Appropriate Government) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(क) |
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धारा 2(क) के अंतर्गत “समुचित सरकार” शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? |
केन्द्रीय सरकार या संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन द्वारा स्थापित, गठित, उसके स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा सारभूत रूप से वित्तपोषित किया जाता है, केन्द्रीय सरकार अभिप्रेत है, राज्य सरकार द्वारा स्थापित, गठित उसके स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा सारभूत रूप से वित्तपोषित किया जाता है, राज्य सरकार अभिप्रेत है| |
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यदि कोई लोक प्राधिकरण केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित या गठित किया गया हो, तो उसके लिए “समुचित सरकार” कौन होगी? |
केन्द्रीय सरकार |
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यदि कोई लोक प्राधिकरण राज्य सरकार द्वारा स्थापित या गठित किया गया हो, तो उसके लिए “समुचित सरकार” कौन होगी? |
राज्य सरकार |
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"केन्द्रीय सूचना आयोग" (Central Information Commission) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ख) |
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धारा 2(ख) के अनुसार “केन्द्रीय सूचना आयोग” से क्या अभिप्रेत है? |
धारा 12 की उपधारा (1) के अधीन गठित केन्द्रीय सूचना आयोग |
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"केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी" (Central Public Information Officer) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ग) |
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धारा 2(ग) के अनुसार “केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी” किसे कहा गया है? |
धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन पदाभिहित केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी और धारा 5 की उपधारा (2) के अधीन पदाभिहित कोई केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी |
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"मुख्य सूचना आयुक्त" और "सूचना आयुक्त" (Chief Information Commissioner” and “Information Commissioner) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(घ) |
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धारा 2(घ) के अनुसार “मुख्य सूचना आयुक्त” और “सूचना आयुक्त” किसके अंतर्गत नियुक्त किए जाते हैं? |
धारा 12 की उपधारा (3) के अधीन नियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त |
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"सक्षम प्राधिकारी" (Competent Authority) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ङ) |
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धारा 2(ङ) में “सक्षम प्राधिकारी” शब्द का प्रयोग किस उद्देश्य से किया गया है? |
विभिन्न संस्थाओं के लिए उपयुक्त प्राधिकारी की पहचान हेतु |
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लोक सभा या किसी राज्य की विधान सभा के संबंध में “सक्षम प्राधिकारी” कौन होता है? |
अध्यक्ष |
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राज्य सभा या किसी राज्य की विधान परिषद् की दशा में “सक्षम प्राधिकारी” कौन है? |
सभापति |
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उच्चतम न्यायालय के संबंध में “सक्षम प्राधिकारी” किसे माना गया है? |
भारत का मुख्य न्यायमूर्ति |
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किसी उच्च न्यायालय की दशा में “सक्षम प्राधिकारी” कौन होगा? |
उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति |
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संविधान द्वारा या उसके अधीन स्थापित अन्य प्राधिकरणों की दशा में “सक्षम प्राधिकारी” कौन होता है? |
राष्ट्रपति या राज्यपाल |
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संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन नियुक्त प्रशासक के संबंध में “सक्षम प्राधिकारी” कौन है? |
प्रशासक स्वयं |
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"सूचना" (Information) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(च) |
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धारा 2(च) के अनुसार “सूचना” से क्या अभिप्रेत है? |
किसी इलैक्ट्रानिक रूप में धारित अभिलेख, दस्तावेज, ज्ञापन, ई-मेल, मत, सलाह, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र, आदेश, लागबुक, संविदा, रिपोर्ट, कागजपत्र, नमूने, माडल, आंकड़ों संबंधी सामग्री और किसी प्राइवेट निकाय से संबंधित ऐसी सूचना सहित, जिस तक तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन किसी लोक प्राधिकारी की पहुंच हो सकती है, किसी रूप में कोई सामग्री |
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“विहित" (Prescribed)अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(छ) |
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धारा 2(छ) के अनुसार “विहित” शब्द से क्या अभिप्रेत है? |
समुचित सरकार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है |
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"लोक प्राधिकारी", (Public Authority) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ज) |
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धारा 2(ज) के अनुसार “लोक प्राधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
संविधान द्वारा या उसके अधीन, संसद् द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि द्वारा, राज्य विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि द्वारा, समुचित सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना या किए गए आदेश द्वारा, स्थापित या गठित कोई प्राधिकारी या निकाय या स्वायत्त सरकारी संस्था अभिप्रेत है |
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क्या लोक प्राधिकारी के अन्तर्गत कोई ऐसा निकाय है जो समुचित सरकार के स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा सारभूत रूप से वित्तपोषित है, आता है? |
हाँ |
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क्या लोक प्राधिकारी के अन्तर्गत कोई ऐसा गैर-सरकारी संगठन है जो समुचित सरकार, द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा सारभूत रूप से वित्तपोषित है आता है? |
हाँ |
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"अभिलेख" (Record) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(झ) |
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धारा 2(झ) के अनुसार “अभिलेख” में क्या सम्मिलित है? |
कोई दस्तावेज, पाण्डुलिपि और फाइल, किसी दस्तावेज की कोई माइक्रोफिल्म, माइक्रोफिशे और प्रतिकृति प्रति, ऐसी माइक्रोफिल्म में सन्निविष्ट प्रतिबिम्ब या प्रतिविम्बों का पुनरुत्पादन (चाहे वर्धित रूप में हो या न हो), और किसी कम्प्यूटर द्वारा या किसी अन्य युक्ति द्वारा उत्पादित कोई अन्य सामग्री| |
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"सूचना का अधिकार" (Right to Information) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ञ) |
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धारा 2(ञ) के अनुसार “सूचना का अधिकार” किसे संदर्भित करता है? |
अधिनियम के अधीन पहुंच योग्य सूचना, जो किसी लोक प्राधिकारी द्वारा या उसके नियंत्रणाधीन धारित है |
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“सूचना का अधिकार” के अंतर्गत किसी व्यक्ति को कौन-सा अधिकार प्राप्त है? |
कृति, दस्तावेजों, अभिलेखों का निरीक्षण; दस्तावेजों या अभिलेखों के टिप्पण, उद्धरण या प्रमाणित प्रतिलिपि लेना: सामग्री के प्रमाणित नमूने लेना: डिस्केट, फ्लापी, टेप, वीडियो कैसेट के रूप में या किसी अन्य इलैक्ट्रानिक रीति में या प्रिंटआऊट के माध्यम से सूचना को, जहां ऐसी सूचना किसी कम्प्यूटर या किसी अन्य युक्ति में भण्डारित है. अभिप्राप्त करना |
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"राज्य सूचना आयोग" (State Information Commission) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ट) |
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धारा 2(ट) के अनुसार “राज्य सूचना आयोग” किससे अभिप्रेत है? |
धारा 15 की उपधारा (1) के अधीन गठित राज्य सूचना आयोग |
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"राज्य मुख्य सूचना आयुक्त" और "राज्य सूचना आयुक्त" (State Chief Information Commissioner” and “State Information Commissioner) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ठ) |
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धारा 2(ठ) के अनुसार “राज्य मुख्य सूचना आयुक्त” और “राज्य सूचना आयुक्त” किसके अधीन नियुक्त होते हैं? |
धारा 15 की उपधारा (3) के अधीन नियुक्त राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त |
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"राज्य लोक सूचना अधिकारी" (State Public Information Officer) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ड) |
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धारा 2(ड) के अनुसार “राज्य लोक सूचना अधिकारी” किससे अभिप्रेत है? |
धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन पदाभिहित राज्य लोक सूचना अधिकारी अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत धारा 5 की उपधारा (2) के अधीन उस रूप में पदाभिहित राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी भी है |
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"पर व्यक्ति" (Third Party) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(ढ) |
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धारा 2(ढ) के अनुसार “पर व्यक्ति” से क्या अभिप्रेत है? |
सूचना के लिए अनुरोध करने वाले नागरिक से भिन्न कोई व्यक्ति अभिप्रेत है, और इसके अंतर्गत कोई लोक प्राधिकारी भी है। |
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अध्याय 2 (Chapter 2) |
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सूचना का अधिकार और लोक प्राधिकारियों की बाध्यताएं (Right To Information and Obligations of Public Authorities) |
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सूचना का अधिकार, (Right to Information) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 3 |
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धारा 3 के अनुसार सूचना का अधिकार किसे प्राप्त होगा? |
इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सभी नागरिकों को सूचना का अधिकार होगा। |
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लोक प्राधिकारियों की बाध्यताएं, (Obligations of Public Authorities) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 4 |
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धारा 4(1)(क) के अनुसार प्रत्येक लोक प्राधिकारी को अपने अभिलेखों को कैसे रखना चाहिए? |
सम्यक् रूप से सूचीपत्रित, अनुक्रमणिकाबद्ध, कंप्यूटरीकृत और नेटवर्क से संबद्ध करना |
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धारा 4(1)(ख) (i) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने संगठन की विशिष्टियां, कृत्य और कर्तव्य;
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धारा 4(1)(ख) (ii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य;
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धारा 4(1)(ख) (iii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
विनिश्चय करने की प्रक्रिया में पालन की जाने वाली प्रक्रिया जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के माध्यम सम्मिलित हैं |
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धारा 4(1)(ख) (iv) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए स्वयं द्वारा स्थापित मानदंड; |
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धारा 4(1)(ख) (v) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने द्वारा या अपने नियंत्रणाधीन धारित या अपने कर्मचारियों द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए प्रयोग किए गए नियम, विनियम, अनुदेश, निर्देशिका और अभिलेख;
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धारा 4(1)(ख) (vi) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
ऐसे दस्तावेजों के, जो उसके द्वारा धारित या उसके नियंत्रणाधीन है, प्रवर्गो का विवरण; |
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धारा 4(1)(ख) (vii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं; |
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धारा 4(1)(ख) (viii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भागरूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी, विवरण; |
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धारा 4(1)(ख) (ix) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका; |
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धारा 4(1)(ख) (x) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक, जिसके अन्तर्गत प्रतिकर की प्रणाली भी है. जो उसके विनियमों में यथाउपबंधित हो: |
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धारा 4(1)(ख) (xi) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किए गए संवितरणों पर रिपोर्टों की विशिष्टियां उपदर्शित करते हुए अपने प्रत्येक अभिकरण को आबंटित बजट; |
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धारा 4(1)(ख) (xii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
सहायिकी कार्यक्रमों के निष्पादन की रीति जिसमें आबंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के फायदाग्राहियों के ब्यौरे सम्मिलित हैं; |
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धारा 4(1)(ख) (xiii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
अपने द्वारा अनुदत्त रियायतों, अनुज्ञापत्रों या प्राधिकारों के प्राप्तिकर्ताओं की विशिष्टियां; |
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धारा 4(1)(ख) (xiv) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
किसी इलैक्ट्रानिक रूप में सूचना के संबंध में ब्यौरे, जो उसको उपलब्ध हों या उसके द्वारा धारित हों |
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धारा 4(1)(ख) (xv) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
सूचना अभिप्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की विशिष्टियां, जिनमें किसी पुस्तकालय या वाचन कक्ष के, यदि लोक उपयोग के लिए अनुरक्षित हैं तो, कार्यकरण घंटे सम्मिलित हैं |
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धारा 4(1)(ख) (xvi) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
लोक सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विशिष्टियां; |
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धारा 4(1)(ख) (xvii) के अनुसार, लोक प्राधिकारी को किन सूचनाओं को प्रकाशित करना है? |
ऐसी अन्य सूचना, जो विहित की जाए |
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लोक प्राधिकारी को अपनी सूचना कितने समय में प्रकाशित करनी होगी? |
अधिनियम के अधिनियमन के एक सौ बीस दिन के भीतर |
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धारा 4(1)(ग) के अनुसार महत्वपूर्ण नीतियों की घोषणा करते समय क्या करना अनिवार्य है? |
जो जनता को प्रभावित करते हों, सभी सुसंगत तथ्यों को प्रकाशित करेगा: |
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धारा 4(1)(घ) के अनुसार प्रभावित व्यक्तियों को क्या उपलब्ध कराया जाएगा? |
प्रशासनिक या न्यायिक निर्णय के लिए कारण |
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धारा 4(2) के अनुसार लोक प्राधिकारी का निरंतर प्रयास क्या होना चाहिए? |
स्वप्रेरणा से और नियमित अंतराल पर विभिन्न साधनों, जिनमें इंटरनेट शामिल है, सूचना प्रदान करना |
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धारा 4(3) के अनुसार सूचना का प्रसारण किस रूप में किया जाना चाहिए? |
जनता के लिए सहज रूप से पहुंच योग्य, विस्तृत और प्रभावी रूप में |
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धारा 4(4) के अनुसार सूचना को किस आधार पर प्रसारित किया जाएगा? |
लागत प्रभावशीलता, स्थानीय भाषा और प्रभावी माध्यम |
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स्पष्टीकरण के अनुसार “प्रसारित” शब्द का अर्थ क्या है? |
धारा 4 उपधारा (3) और उपधारा (4) के प्रयोजनों के लिए, "प्रसारित" से सूचना पट्टों, समाचारपत्रों, लोक उद्घोषणाओं, मीडिया प्रसारणों, इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से, जिसमें किसी लोक प्राधिकारी के कार्यालयों का निरीक्षण सम्मिलित है, जनता को सूचना की जानकारी देना या संसूचित कराना| |
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लोक सूचना अधिकारियों का पदनाम, (Designation of Public Information Officers) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 5 |
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धारा 5(1) के अनुसार लोक सूचना अधिकारियों का पदनाम किस अवधि के भीतर किया जाना चाहिए? |
अधिनियम के अधिनियमन के 100 दिन के भीतर |
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धारा 5(1) के अंतर्गत किसे केन्द्रीय/राज्य लोक सूचना अधिकारी के रूप में अभिहित किया जाता है? |
उतने अधिकारियों को जितने सूचना उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक हों |
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धारा 5(2) के अनुसार सहायक लोक सूचना अधिकारी का पदनाम किस स्तर पर किया जाता है? |
प्रत्येक उपमंडल या अन्य उप-जिला स्तर पर |
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केन्द्रीय/राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी का मुख्य कार्य क्या है? |
सूचना आवेदन या अपील प्राप्त कर उन्हें संबंधित प्राधिकारी को भेजना |
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यदि आवेदन किसी सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया जाता है, तो धारा 7(1) के अंतर्गत समय-सीमा में कितने दिन जोड़े जाएंगे? |
पाँच दिन |
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धारा 5(3) के अनुसार केन्द्रीय/राज्य लोक सूचना अधिकारी का दायित्व क्या है? |
सूचना मांगने वाले व्यक्ति के अनुरोधों पर कार्रवाई करना और युक्तियुक्त सहायता प्रदान करना |
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धारा 5(4) के अनुसार केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी क्या कर सकता है? |
किसी अन्य अधिकारी से सहायता मांग सकता है |
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जिस अधिकारी से धारा 5(4) के अंतर्गत सहायता मांगी गई है, उसका क्या दायित्व है? |
सभी आवश्यक सहायता प्रदान करना |
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धारा 5(5) के अनुसार, सहायता प्रदान करने वाला अधिकारी किसके समान माना जाएगा? |
केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी |
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सूचना अभिप्राप्त करने के लिए अबनुरोध, (Request for Obtaining Information) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 6 |
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धारा 6(1) के अनुसार सूचना प्राप्त करने के लिए अनुरोध किस रूप में किया जा सकता है? |
लिखित या इलैक्ट्रानिक युक्ति के माध्यम से |
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सूचना के लिए आवेदन किन भाषाओं में किया जा सकता है? |
अंग्रेजी, हिन्दी या उस क्षेत्र की राजभाषा में |
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धारा 6(1) के अंतर्गत सूचना का अनुरोध किसे किया जा सकता है? |
केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अथवा सहायक लोक सूचना अधिकारी को |
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धारा 6(1) के अनुसार आवेदन में क्या विनिर्दिष्ट करना आवश्यक है? |
मांगी गई सूचना की विशिष्टियां |
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यदि कोई व्यक्ति लिखित रूप में आवेदन करने में असमर्थ है, तो क्या प्रावधान है? |
लोक सूचना अधिकारी द्वारा मौखिक सहायता देकर आवेदन लेखबद्ध किया जाएगा |
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धारा 6(2) के अनुसार आवेदक से कौन-सी जानकारी मांगना वर्जित है? |
सूचना का अनुरोध करने के लिए किसी कारण को या किसी अन्य व्यक्तिगत ब्यौरे को, सिवाय उसके जो उससे संपर्क करने के लिए आवश्यक हों |
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धारा 6(3) के अनुसार आवेदन का अंतरण कब किया जाता है? |
जब सूचना किसी अन्य लोक प्राधिकारी द्वारा धारित हो |
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धारा 6(3) के अनुसार आवेदन का अंतरण अधिकतम कितने समय में किया जाना चाहिए? |
पाँच दिन |
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धारा 6(3) के अंतर्गत आवेदन के अंतरण के संबंध में आवेदक को क्या करना अनिवार्य है? |
आवेदक को अंतरण की सूचना देना |
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अनुरोध का निपटारा, (Disposal of Request) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 7 |
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धारा 7(1) के अनुसार सामान्य स्थिति में सूचना कितने समय के भीतर उपलब्ध कराई जानी चाहिए? |
30 दिन |
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यदि मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित हो, तो सूचना कितने समय में दी जाएगी? |
48 घंटे |
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यदि लोक सूचना अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं करता है, तो इसका क्या परिणाम होगा? |
आवेदन नामंजूर माना जाएगा |
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सूचना अस्वीकार करने के लिए लोक सूचना अधिकारी किन धाराओं में निर्दिष्ट कारणों का सहारा ले सकता है? |
धारा 8 और धारा 9 |
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अतिरिक्त शुल्क की सूचना भेजने और शुल्क जमा होने के बीच की अवधि का क्या प्रभाव होगा? |
30 दिन की अवधि की गणना से अपवर्जित की जाएगी |
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धारा 6 की उपधारा (1) और धारा 7 की उपधारा (1) और उपधारा (5) के अधीन विहित फीस युक्तियुक्त होगी और ऐसे व्यक्तियों से, जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) व्यक्तियों से सूचना के लिए शुल्क के संबंध में क्या प्रावधान है? |
कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा |
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यदि लोक प्राधिकारी 30 दिन की समय-सीमा का पालन नहीं करता है, तो सूचना कैसे दी जाएगी? |
बिना किसी शुल्क के |
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सूचना के प्रकट किए जाने से छूट, (Exemption from Disclosure of Information) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 8 |
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धारा 8(1)(क) के अंतर्गत कौन-सी सूचना प्रकट करने से छूट प्राप्त है? |
भारत की प्रभुता, अखण्डता एवं राज्य की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली सूचना |
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किस स्थिति में किसी सूचना का प्रकटन न्यायालय की अवमानना माना जाएगा? |
जब किसी न्यायालय या अधिकरण द्वारा उसका प्रकटन निषिद्ध हो |
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संसद् या राज्य विधान-मंडल के विशेषाधिकार के भंग से संबंधित सूचना किस प्रावधान के अंतर्गत छूट प्राप्त है? |
धारा 8(1)(ग) |
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वाणिज्यिक विश्वास, व्यापार गोपनीयता या बौद्धिक संपदा से संबंधित सूचना कब प्रकट की जा सकती है? |
जब सक्षम प्राधिकारी संतुष्ट हो कि विस्तृत लोक हित में प्रकटन आवश्यक है {धारा 8(1)(घ)} |
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किस प्रकार की सूचना “वैश्वासिक नातेदारी” (fiduciary relationship) में प्राप्त सूचना मानी जाती है? |
विश्वास में प्राप्त व्यक्तिगत या संस्थागत सूचना {धारा 8(1) (ङ)} |
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किस सूचना के प्रकटन से किसी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है? |
विधि प्रवर्तन हेतु विश्वास में दी गई सूचना के स्रोत की पहचान करने वाली सूचना {धारा 8(1)(छ)} |
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मंत्रिमंडल के कागजपत्र सामान्यतः कब जनता को उपलब्ध कराए जाते हैं? |
निर्णय होने तथा विषय के पूरा या समाप्त होने के पश्चात् {धारा 8(1)(झ)} |
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व्यक्तिगत सूचना, जिसका लोक क्रियाकलाप या लोक हित से कोई संबंध नहीं है, सामान्यतः क्यों नहीं दी जाती? |
क्योंकि उससे व्यक्ति की एकांतता पर अनावश्यक अतिक्रमण होता है {धारा 8(1)(ञ)} |
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शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के बावजूद सूचना कब दी जा सकती है? |
जब लोक हित संरक्षित हितों के नुकसान से अधिक हो |
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बीस वर्ष से अधिक पुरानी सूचना सामान्यतः कब दी जा सकती है? |
धारा 8(1)(क), (ग) और (झ) के अधीन प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए |
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कतिपय मामलों में पहुंच के लिए अस्वीकृति के आधार, (Grounds for Rejection to Access in Certain Cases) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 9 |
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धारा 9 के अंतर्गत सूचना के अनुरोध को कब अस्वीकार किया जा सकता है? |
जब सूचना देने से राज्य से भिन्न किसी व्यक्ति के प्रतिलिप्यधिकार का उल्लंघन हो |
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धारा 9 का प्रयोग किस धारा के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना किया जाता है? |
धारा 8 |
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पृथक्करणीयता, (Severability) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 10 |
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सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 10 किस सिद्धांत से संबंधित है? |
पृथक्करणीयता का सिद्धांत |
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धारा 10(1) के अनुसार जहां सूचना तक पहुंच के अनुरोध को इस आधार पर अस्वीकार किया जाता है कि वह ऐसी सूचना के संबंध में है, जो प्रकट किए जाने से छूट प्राप्त है, वहां इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, पहुंच अभिलेख के उस भाग तक उपलब्ध कराई जा सकेगी जिसमें - |
कोई ऐसी सूचना अन्तर्विष्ट नहीं है, जो इस अधिनियम के अधीन प्रकट किए जाने से छूट प्राप्त है और जो किसी ऐसे भाग से, जिसमें छूट प्राप्त सूचना अन्तर्विष्ट है, युक्तियुक्त रूप से पृथक्त की जा सकती है। |
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धारा 10(2) के अनुसार आंशिक सूचना प्रदान करते समय किसे सूचना देना अनिवार्य है? |
आवेदक को |
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धारा 10(2)(क) के अनुसार आवेदक को क्या बताया जाएगा? |
अभिलेख का केवल एक भाग उपलब्ध कराया जा रहा है |
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धारा 10(2)(ख) के अंतर्गत क्या बताया जाना आवश्यक है? |
विनिश्चय के कारण और आधारभूत सामग्री |
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धारा 10(2)(ग) के अनुसार आवेदक को कौन-सी जानकारी दी जाती है? |
विनिश्चय करने वाले व्यक्ति का नाम और पदनाम |
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धारा 10(2)(घ) के अंतर्गत किस विषय में जानकारी दी जाती है? |
संगणित फीस का ब्यौरा और देय राशि |
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धारा 10(2)(ङ) के अनुसार आवेदक को किस अधिकार की सूचना दी जाती है? |
पुनर्विलोकन (अपील) का अधिकार |
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पर व्यक्ति सूचना, (Third Party Information) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 11 |
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धारा 11(1) के अनुसार, पर व्यक्ति से संबंधित सूचना के प्रकटन से पूर्व लोक सूचना अधिकारी को क्या करना अनिवार्य है? |
पर व्यक्ति को लिखित सूचना देना |
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धारा 11(1) के अनुसार, पर व्यक्ति को सूचना देने की समय-सीमा क्या है? |
पांच दिन के भीतर |
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धारा 11(2) के अनुसार, पर व्यक्ति को अभ्यावेदन करने के लिए कितने दिन का समय दिया जाता है? |
दस दिन |
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धारा 11(3) के अनुसार, पर व्यक्ति की प्रक्रिया पूरी होने पर लोक सूचना अधिकारी कितने दिनों के भीतर विनिश्चय करेगा? |
चालीस दिन |
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धारा 11(4) के अनुसार, पर व्यक्ति को किस अधिकार की सूचना दी जाती है? |
धारा 19 के अंतर्गत अपील करने का अधिकार |
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अध्याय 3 (Chapter 3) |
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केन्द्रीय सूचना आयोग (The Central Information Commission) |
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केन्द्रीय सूचना आयोग का गठन, (Constitution of Central Information Commission) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 12 |
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धारा 12(1) के अनुसार केन्द्रीय सूचना आयोग का गठन किसके द्वारा किया जाता है? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 12(2) के अनुसार केन्द्रीय सूचना आयोग में कौन-कौन सम्मिलित होते हैं? |
मुख्य सूचना आयुक्तः और दस से अनधिक उतनी संख्या में केन्द्रीय सूचना आयुक्त, जितने आवश्यक समझे जाएं। |
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केन्द्रीय सूचना आयोग में केन्द्रीय सूचना आयुक्तों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है? |
दस |
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धारा 12(3) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कौन करता है? |
राष्ट्रपति |
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धारा 12(3) के अंतर्गत नियुक्ति हेतु गठित समिति का अध्यक्ष कौन होता है? |
प्रधानमंत्री |
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मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति, राष्ट्रपति द्वारा किससे मिलकर बनी समिति की सिफारिश पर की जाएगी- |
प्रधानमंत्री, जो समिति का अध्यक्ष होगा; (ii) लोकसभा में विपक्ष का नेता; और (iii) प्रधानमंत्री द्वारा नामनिर्दिष्ट संघ मंत्रिमण्डल का एक मंत्री। |
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धारा 12(4) के अनुसार केन्द्रीय सूचना आयोग के कार्यों का साधारण अधीक्षण, निदेशन और प्रबंधन किसमें निहित होता है? |
मुख्य सूचना आयुक्त में |
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धारा 12(5) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त किस प्रकार के व्यक्ति होने चाहिए? |
जनजीवन में प्रख्यात और विविध क्षेत्रों का ज्ञान व अनुभव रखने वाले व्यक्ति |
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धारा 12(7) के अनुसार केन्द्रीय सूचना आयोग का मुख्यालय कहाँ होगा? |
नई दिल्ली |
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पदावधि और सेवा शर्तें, (Term of Office and Conditions of Service) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 13 |
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धारा 13(1) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त कितनी आयु तक पद धारण कर सकता है? |
ऐसी अवधि के लिए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने तक |
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धारा 13(1) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त पुनर्नियुक्ति के लिए— |
पात्र नहीं होता है |
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धारा 13(2) के अनुसार सूचना आयुक्त कितनी अवधि तक पद धारण करता है? |
ऐसी अवधि के लिए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, इनमें से जो भी पूर्वतर हो |
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जहां सूचना आयुक्त को मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जाता है वहां उसकी पदावधि सूचना आयुक्त और मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में कुल मिलाकर - |
पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी। |
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धारा 13(2) के अनुसार क्या कोई सूचना आयुक्त पुनः सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त हो सकता है? |
नहीं |
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धारा 13(2) के परंतुक के अनुसार, सूचना आयुक्त किस पद के लिए पात्र हो सकता है? |
मुख्य सूचना आयुक्त |
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धारा 13(3) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त पद ग्रहण करने से पूर्व किसके समक्ष शपथ लेता है? |
राष्ट्रपति या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति |
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धारा 13(4) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त किसे संबोधित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकता है? |
राष्ट्रपति को |
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धारा 13(5) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त के वेतन और सेवा शर्तों में नियुक्ति के बाद— |
उनके लिए अलाभकर परिवर्तन नहीं किया जा सकता |
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सूचना आयुक्त या मुख्य सूचना आयुक्त का हटाया जाना, (Removal of Chief Information Commissioner or Information Commissioner) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 14 |
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धारा 14(1) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त को किस आधार पर हटाया जा सकता है? |
सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर |
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धारा 14(1) के अनुसार हटाने से पूर्व जांच कौन करता है? |
उच्चतम न्यायालय |
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धारा 14(1) के अनुसार उच्चतम न्यायालय को जांच के लिए निर्देश कौन देता है? |
राष्ट्रपति |
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धारा 14(2) के अनुसार राष्ट्रपति किस स्थिति में सूचना आयुक्त या मुख्य सूचना आयुक्त को निलंबित कर सकता है? |
जब उच्चतम न्यायालय को जांच का निर्देश दिया गया हो |
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धारा 14(3)(क) के अनुसार सूचना आयुक्त को हटाया जा सकता है यदि वह— |
दिवालिया न्यायनिर्णीत किया गया है |
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धारा 14(3)(ख) के अनुसार किस प्रकार के अपराध में दोषसिद्ध होने पर हटाया जा सकता है? |
ऐसा अपराध जिसमें नैतिक अधमता अन्तर्वलित हो |
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धारा 14(3)(ग) के अनुसार सूचना आयुक्त को हटाया जा सकता है यदि वह— |
पदावधि के दौरान वैतनिक नियोजन में लगा है |
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धारा 14(3)(ङ) के अनुसार किस स्थिति में हटाया जा सकता है? |
वित्तीय या अन्य हित अर्जित करने पर, जिनसे कर्तव्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े |
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धारा 14(4) के अनुसार किसे कदाचार माना जाएगा? |
किसी प्रकार भारत सरकार द्वारा या उसकी ओर से की गई किसी संविदा या करार से संबद्ध या उसमें हितबद्ध है या किसी निगमित कंपनी के किसी सदस्य के रूप में से अन्यथा और उसके अन्य सदस्यों के साथ सामान्यतः उसके लाभ में या उससे प्रोद्भूत होने वाले किसी फायदे या परिलब्धियों में हिस्सा लेता है |
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अध्याय 4 (Chapter 4) |
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राज्य सूचना आयोग (The State Information Commission) |
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राज्य सूचना आयोग का गठन, (Constitution of State Information Commission) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 15 |
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धारा 15(1) के अनुसार राज्य सूचना आयोग का गठन कौन करता है? |
राज्य सरकार |
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धारा 15(1) के अनुसार राज्य सूचना आयोग का गठन किस माध्यम से किया जाता है? |
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा |
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राज्य सरकार किस नाम से निकाय का गठन करेगी? |
(राज्य का नाम……) सूचना आयोग के नाम से ज्ञात एक निकाय |
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राज्य सूचना आयोग किन शक्तियों का प्रयोग और कृत्यों का पालन करेगा? |
जो उसे इस अधिनियम के अधीन सौंप जाएं |
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धारा 15(2) के अनुसार राज्य सूचना आयोग में कौन-कौन शामिल होते हैं? |
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त; और दस से अनधिक उतनी संख्या में राज्य सूचना आयुक्त, जितने आवश्यक समझे जाएं। |
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धारा 15(3) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कैसे की जाएगी |
राज्यपाल द्वारा बनी समिति की सिफारिश पर की जाएगी |
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धारा 15(3) के अंतर्गत गठित समिति का अध्यक्ष कौन होता है? |
मुख्यमंत्री |
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धारा 15(3) के अनुसार राज्यपाल द्वारा बनी समिति में कौन-कौन होता है? |
मुख्यमंत्री, जो समिति का अध्यक्ष होगा; विधान सभा में विपक्ष का नेता; और मुख्यमंत्री द्वारा नामनिर्देशित किया जाने वाला मंत्रिमंडल का सदस्य। |
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धारा 15(4) के अनुसार राज्य सूचना आयोग के कार्यों का साधारण अधीक्षण, निदेशन और प्रबंध किसमें निहित होता है? |
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त में |
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राज्य सूचना आयोग के कार्यों का साधारण अधीक्षण, निदेशन और प्रबंध राज्य मुख्य सूचना आयुक्त में निहित होगा, जिसकी सहायता- |
राज्य सूचना आयुक्तों द्वारा की जाएगी |
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राज्य मुख्य सूचना आयुक्त सभी ऐसी शक्तियों का प्रयोग कर सकेगा और सभी ऐसे कार्य और बातें कर सकेगा जो - |
राज्य सूचना आयोग द्वारा इस अधिनियम के अधीन किसी अन्य प्राधिकारी के निदेशों के अध्यधीन रहे बिना स्वतंत्र रूप से प्रयोग की जा सकती हैं या की जा सकती हैं |
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धारा 15(5) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त व्यक्ति होंगे-
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विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंध, पत्रकारिता, जनसंपर्क माध्यम या प्रशासन और शासन में व्यापक ज्ञान और अनुभव वाले समाज में प्रख्यात व्यक्ति |
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धारा 15(6) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त— |
संसद् का सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के विधान-मंडल का सदस्य नहीं होगा या कोई अन्य लाभ का पद धारण नहीं करेगा या किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं होगा या कोई कारबार नहीं करेगा या कोई वृत्ति नहीं करेगा। |
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धारा 15(7) के अनुसार राज्य सूचना आयोग का मुख्यालय कहाँ होगा? |
राज्य में ऐसे स्थान पर होगा, जिसे राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे और राज्य सूचना आयोग, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, राज्य में अन्य स्थानों पर अपने कार्यालय स्थापित कर सकेगा। |
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पदावधि और सेवा की शर्तें, (Term of Office and Conditions of Service) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 16 |
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धारा 16(1) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की पदावधि किसके द्वारा विहित की जाती है? |
ऐसी अवधि के लिए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए |
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धारा 16(1) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त पुनर्नियुक्ति के लिए— |
पात्र नहीं होगा |
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राज्य मुख्य सूचना आयुक्त अधिकतम किस आयु तक पद धारण कर सकता है? |
पैंसठ वर्ष |
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धारा 16(2) के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त कितने समय तक पद धारण करेगा? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित अवधि या पैंसठ वर्ष की आयु तक, जो भी पूर्वतर हो |
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धारा 16(2) के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त पुनर्नियुक्ति के लिए— |
पात्र नहीं होगा |
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धारा 16(2) के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त किस पद के लिए नियुक्ति का पात्र हो सकता है? |
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त |
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यदि किसी राज्य सूचना आयुक्त को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया जाता है, तो दोनों पदों की कुल पदावधि अधिकतम कितनी होगी? |
पाँच वर्ष |
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धारा 16(3) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त शपथ या प्रतिज्ञान किसके समक्ष लेता है? |
राज्यपाल या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति |
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धारा 16(4) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त किसे संबोधित लेख द्वारा त्यागपत्र दे सकता है? |
राज्यपाल |
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धारा 16(5) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन व सेवा शर्तें किसके द्वारा विहित की जाती हैं? |
केन्द्रीय सरकार |
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राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त का हटाया जाना, (Removal of State Chief Information Commissioner or State Information Commissioner) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 17 |
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धारा 17(1) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को पद से हटाने का आदेश कौन देता है? |
राज्यपाल |
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धारा 17(1) के अनुसार पद से हटाए जाने का आधार क्या है? |
साबित कदाचार या असमर्थता |
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राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को हटाने से पूर्व जांच किसके द्वारा की जाती है? |
उच्चतम न्यायालय |
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धारा 17(1) के अनुसार उच्चतम न्यायालय किसके निर्देश पर जांच करता है? |
राज्यपाल |
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धारा 17(2) के अनुसार जांच लंबित रहने के दौरान राज्यपाल क्या कर सकता है? |
पद से निलंबित कर सकता है और कार्यालय में उपस्थित होने से रोक सकता है |
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धारा 17(3) के अनुसार किस प्रकार के अपराध में दोषसिद्ध होने पर हटाया जा सकता है? |
दिवालिया न्यायनिर्णीत किया गया है; या वह ऐसे किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया गया है, जिसमें राज्यपाल की राय में नैतिक अधमता अंतर्वलित है; या वह अपनी पदावधि के दौरान अपने पद के कर्तव्यों से परे किसी वैतनिक नियोजन में लगा हुआ है; या राज्यपाल की राय में, मानसिक या शारीरिक अक्षमता के कारण पद पर बने रहने के अयोग्य है; या उसने ऐसे वित्तीय या अन्य हित अर्जित किए हैं. जिनसे, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त के रूप में उसके कृत्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। |
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धारा 17(4) के अनुसार राज्य सरकार की किसी संविदा या करार में हितबद्ध होने पर क्या माना जाएगा? |
कदाचार |
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धारा 17(4) के अनुसार किसी निगमित कंपनी के लाभ में सामान्यतः हिस्सा लेने पर राज्य सूचना आयुक्त को किस प्रयोजन के लिए दोषी माना जाएगा? |
उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए कदाचार |
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अध्याय 5 (Chapter 5) |
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सूचना आयोगों की शक्तियां और कृत्य, अपील तथा शास्तियां (Powers And Functions of the Information Commissions, Appeal and Penalties) |
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सूचना आयोगों की शक्तियां और कृत्य, (Powers and Functions of Information Commissions) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 18 |
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धारा 18(1) के अनुसार शिकायत प्राप्त करने और उसकी जांच करने का कर्तव्य किसका है? |
केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग |
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धारा 18(1)(क) के अंतर्गत शिकायत कब की जा सकती है? |
जब लोक सूचना अधिकारी नियुक्त न किया गया हो |
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यदि केन्द्रीय/राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी आवेदन या अपील स्वीकार करने से इंकार करे, तो शिकायत किस धारा के अंतर्गत की जाएगी? |
धारा 18 |
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धारा 18(1)(ग) के अनुसार शिकायत का आधार क्या हो सकता है? |
समय-सीमा के भीतर उत्तर न दिया गया हो |
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यदि आवेदक यह विश्वास करता है कि उसे अपूर्ण, भ्रम में डालने वाली या मिध्या सूचना दी गई है, तो वह किसके समक्ष शिकायत कर सकता है? |
सूचना आयोग |
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धारा 18(2) के अनुसार केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग जांच कब प्रारंभ करेगा? |
जब उसे जांच के लिए युक्तियुक्त आधार प्रतीत हों |
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धारा 18(3) के अंतर्गत सूचना आयोग को जांच के समय कौन-सी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं? |
सिविल न्यायालय की शक्तियाँ |
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धारा 18(3) के अनुसार सूचना आयोग किसे समन कर सकता है? |
किसी भी व्यक्ति को साक्ष्य देने हेतु |
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धारा 18(3) के अनुसार सूचना आयोग को किसी मामले में जांच करते समय वही शक्तियां प्राप्त होंगी- |
किन्हीं व्यक्तियों को समन करना और उन्हें उपस्थित कराना तथा शपथ पर मौखिक या लिखित साक्ष्य देने के लिए और दस्तावेज या चीजें पेश करने के लिए उनको विवश करना; दस्तावेजों के प्रकटीकरण और निरीक्षण की अपेक्षा करना; शपथपत्र पर साध्य को अभिग्रहण करना; किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रतियां मंगाना; साक्षियों या दस्तावेजों की परीक्षा के लिए समन जारी करना; और कोई अन्य विषय, जो विहित किया जाए। |
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धारा 18(4) के अनुसार सूचना आयोग किस अभिलेख की परीक्षा कर सकता है? |
ऐसा कोई भी अभिलेख जिस पर यह अधिनियम लागू होता है और जो लोक प्राधिकारी के नियंत्रण में है |
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धारा 18(4) के अनुसार सूचना आयोग को अभिलेख की परीक्षा से कौन रोक नहीं सकता? |
लोक प्राधिकारी |
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अपील, (Appeal) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 19 |
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धारा 19(1) के अनुसार प्रथम अपील कौन कर सकता है? |
ऐसा व्यक्ति जिसे समय-सीमा में निर्णय न मिला हो या जो केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी के किसी निर्णय से व्यथित हो |
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प्रथम अपील किस अधिकारी के समक्ष की जाती है? |
उस अधिकारी के समक्ष जो केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी की पंक्ति से ज्येष्ठ पंक्ति का हो |
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धारा 19(1) के अंतर्गत प्रथम अपील कितने समय के भीतर दायर की जाती है? |
उस अवधि की समाप्ति से या ऐसे किसी विनिश्चय की प्राप्ति से तीस दिन के भीतर |
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यदि प्रथम अपील 30 दिन के बाद दायर की जाए तो क्या किया जा सकता है? |
यदि पर्याप्त कारण हो तो अपील स्वीकार की जा सकती है |
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धारा 11 के अंतर्गत पर व्यक्ति की सूचना प्रकट करने के आदेश के विरुद्ध अपील कौन करेगा? |
संबंधित पर व्यक्ति द्वारा अपील, उस आदेश की तारीख से तीस दिन के भीतर |
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धारा 19(3) के अनुसार द्वितीय अपील किसके समक्ष की जाती है? |
केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग |
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द्वितीय अपील दायर करने की समय-सीमा क्या है? |
नब्बे दिन |
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अपील की कार्यवाही में यह सिद्ध करने का भार किस पर होता है कि सूचना अस्वीकार करना न्यायोचित था? |
केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी पर, जिसने अनुरोध से इंकार किया था |
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धारा 19(6) के अनुसार प्रथम या द्वितीय अपील का निपटारा अधिकतम कितने दिनों में किया जाना चाहिए? |
पैंतालीस दिन |
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केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग का विनिश्चय - |
आबद्धकर होगा। |
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लोक प्राधिकरण से ऐसे उपाय करने की अपेक्षा करना, जो इस अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो, जिनके अंतर्गत हैं:-
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सूचना तक पहुंच उपलब्ध कराना, यदि ऐसा अनुरोध किया गया है: केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी को नियुक्त करना; सूचना या प्रवर्गों को प्रकाशित करना: अभिलेखों के अनुरक्षण, प्रबंध और विनाश से संबंधित अपनी पद्धतियों में आवश्यक परिवर्तन करना; अपने अधिकारियों के लिए सूचना के अधिकार के संबंध में प्रशिक्षण को बढ़ाना: धारा 4 की उपधारा (1) के खंड (ख) के अनुसरण में अपनी एक वार्षिक रिपोर्ट उपलब्ध कराना |
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अपने विनिश्चय में, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को की शक्ति है- |
लोक प्राधिकरण से ऐसे उपाय करने की अपेक्षा करना, जो इस अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो लोक प्राधिकारी से शिकायतकर्ता को, उसके द्वारा सहन की गई किसी हानि या अन्य नुकसान के लिए प्रतिपूरित करने की अपेक्षा करना; इस अधिनियम के अधीन उपबंधित शास्तियों में आवेदन को नामंजूर करना। |
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शिकायतकर्ता और लोक प्राधिकारी को, अपने विनिश्चय की, जिसके अंतर्गत अपील का कोई अधिकार भी है, सूचना देगा। |
केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग |
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अपील का विनिश्चय ऐसी प्रक्रिया के अनुसार करेगा, जो विहित की जाए- |
केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग |
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शास्ति, (Penalties) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 20 |
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धारा 20 के अनुसार सूचना के लिए आवेदन प्राप्त करने से युक्तियुक्त कारण के बिना इंकार करने पर आयोग किसे जिम्मेदार ठहराएगा? |
लोक सूचना अधिकारी |
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सूचना न देने या असद्भावपूर्वक इंकार करने पर प्रत्येक दिन की अधिकतम शास्ति कितनी है? |
250 रुपये |
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कुल शास्ति की अधिकतम राशि कितनी निर्धारित की गई है? |
25,000 रुपये |
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धारा 20 के अंतर्गत शास्ति लगाने से पहले किसे सुनवाई का अवसर दिया जाएगा? |
लोक सूचना अधिकारी |
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अध्याय 6 (Chapter 6) |
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प्रकीर्ण (Miscellaneous) |
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सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण, (Protection of Action Taken in Good Faith) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 21 |
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धारा 21 के अनुसार, कौन सुरक्षित रहेगा? |
कोई व्यक्ति जिसने इस अधिनियम या उसके नियमों के अंतर्गत सद्भावपूर्वक कार्रवाई की हो |
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सद्भावपूर्वक कार्रवाई करने वाले व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्यवाही नहीं की जा सकती? |
वाद, अभियोजन, अन्य विधिक कार्यवाही |
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अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव होना, (Act to have Overriding Effect) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 22 |
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धारा 22 के अनुसार, यह अधिनियम किस प्रकार के प्रभाव में रहेगा? |
इस अधिनियम के उपबंध, शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 (1923 का 19) और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में या इस अधिनियम से अन्यथा किसी विधि के आधार पर प्रभाव रखने वाली किसी लिखत में, उससे असंगत किसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे। |
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न्यायालयों की अधिकारिता का वर्जन, (Bar of Jurisdiction of Courts) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 23 |
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धारा 23 के अनुसार, कोई न्यायालय इस अधिनियम के तहत दिए गए आदेश के संबंध में क्या कर सकता है? |
केवल अपील के रूप में आदेश को चुनौती दी जा सकती है |
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धारा 23 में न्यायालयों के संबंध में क्या स्पष्ट किया गया है? |
न्यायालय आदेश पर केवल अपील सुन सकता है |
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इस अधिनियम के तहत किए गए आदेश के विरुद्ध सीधे न्यायालय में कार्यवाही करना: |
वर्जित है |
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अधिनियम का कतिपय संगठनों को लागू न होना, (Act not to Apply to Certain Organisations) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 24 |
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धारा 24 के अनुसार, किन संगठनों पर यह अधिनियम लागू नहीं होगा? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित अनुसूचना और सुरक्षा संगठन, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं |
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किन अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित सूचना इस उपधारा के अधीन अपवर्जित नहीं की जाएगी: |
भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित सूचना |
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यदि मांगी गई सूचना मानवाधिकारों के अतिक्रमण से संबंधित हो, तो वह सूचना कब दी जाएगी? |
अनुरोध की प्राप्ति के पैंतालीस दिनों के भीतर, केवल आयोग के अनुमोदन के पश्चात |
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राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अनुसूची में संशोधन किया जा सकता है? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा |
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मानीटर करना और रिपोर्ट करना, (Monitoring and Reporting) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 25 |
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प्रत्येक वर्ष के अंत के पश्चात्, यथासाध्यशीघ्रता से उसे वर्ष के दौरान इस अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार करेगा और उसकी एक प्रति समुचित सरकार को भेजेगा- |
केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग |
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रिपोर्ट की एक प्रति किसे भेजी जाएगी? |
समुचित सरकार को |
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किस को लोक प्राधिकारियों से सूचना एकत्रित करके आयोग को उपलब्ध कराना होगा? |
प्रत्येक मंत्रालय या विभाग अपनी अधिकारिता के भीतर |
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रिपोर्ट में कौन सा विवरण शामिल होगा? |
प्रत्येक लोक प्राधिकारी से किए गए अनुरोधों की संख्या |
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रिपोर्ट में पुनर्विलोकन और अपीलों से संबंधित कौन सा विवरण शामिल होगा? |
अपीलों की संख्या, प्रवृति और निष्कर्ष |
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रिपोर्ट में अनुशासनिक कार्रवाई के बारे में क्या जानकारी दी जाएगी? |
किसी अधिकारी के विरुद्ध की गई अनुशासनिक कार्रवाई की विशिष्टियां |
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रिपोर्ट में लोक प्राधिकारियों द्वारा एकत्रित प्रभारों के बारे में क्या जानकारी होगी? |
प्रत्येक लोक प्राधिकारी द्वारा एकत्रित की गई प्रभारों की रकम |
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सरकार को रिपोर्ट कहाँ प्रस्तुत करनी होगी? |
संसद के प्रत्येक सदन या राज्य विधान-मंडल के सदन के समक्ष |
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यदि आयोग को लगता है कि किसी लोक प्राधिकारी की पद्धति अधिनियम के अनुरूप नहीं है, तो वह क्या कर सकता है? |
प्राधिकारी को उपायों के लिए सिफारिश कर सकता है |
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धारा 25 के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने का समय कौन तय करता है? |
प्रत्येक वर्ष के अंत के पश्चात् यथासाध्य शीघ्रता से |
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समुचित सरकार द्वारा कार्यक्रम तैयार किया जाना, (Appropriate Government to Prepare Programmes) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 26 |
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धारा 26 के अनुसार, समुचित सरकार किन कार्यक्रमों को बनाने और आयोजित करने के लिए सक्षम है? |
जनता की, विशेष रूप से उपेक्षित समुदायों की इस बारे में समझ बढ़ाने वाले शैक्षिक कार्यक्रम |
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लोक प्राधिकारियों को सरकार किन बातों के लिए प्रोत्साहित कर सकती है? |
कार्यक्रम बनाने, आयोजन में भाग लेने और स्वयं जिम्मा लेने के लिए |
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समुचित सरकार किस प्रकार प्रशिक्षण और प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगी? |
लोक प्राधिकारियों को प्रशिक्षित कर और स्वयं उपयोग के लिए प्रशिक्षण सामग्री का उत्पादन कर |
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अधिनियम के प्रारंभ से कितने महीने के भीतर सरकार मार्गदर्शिका संकलित करेगी? |
18 महीने |
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मार्गदर्शिका में कौन शामिल होगा? |
प्रत्येक लोक प्राधिकरण के केन्द्रीय या राज्य लोक सूचना अधिकारी का डाक, फोन, फैक्स और यदि उपलब्ध हो तो ईमेल पता, सूचना तक पहुंच का अनुरोध करने की रीति और प्ररूप , केन्द्रीय या राज्य सूचना आयोग से उपलब्ध सहायता |
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मार्गदर्शिका में फीस और अतिरिक्त नियमों के बारे में जानकारी शामिल होगी? |
हाँ, अनुरोधों से संबंधित फीस और अधिनियम के अतिरिक्त विनियम या परिपत्र |
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समुचित सरकार को मार्गदर्शिका को अद्यतन और प्रकाशित कब करना चाहिए? |
नियमित अंतरालों पर यदि आवश्यक हो |
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धारा 26 के अनुसार समुचित सरकार किसके लिए सही जानकारी का समय से और प्रभावी रूप में प्रसारण बढ़ावा दे सकती है? |
लोक प्राधिकारियों द्वारा उनके क्रियाकलापों के बारे में |
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नियम बनाने की समुचित सरकार की शक्ति, (Power to Make Rules by Appropriate Government) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 27 |
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धारा 27 के अनुसार समुचित सरकार किसके लिए नियम बना सकती है? |
अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए |
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समुचित सरकार नियम बनाने की शक्ति किस माध्यम से प्रयोग करेगी? |
अधिसूचना द्वारा |
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नियमों में धारा 4 की उपधारा (4) के अंतर्गत क्या निर्धारित किया जा सकता है? |
प्रसारित सामग्रियों की लागत या प्रिन्ट लागत मूल्य |
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धारा 6 और 7 के उपधारा (1) और (5) के अंतर्गत नियम किससे संबंधित होंगे? |
संदेय फीस |
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धारा 13 और 16 के उपधारा (1) और (2) के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित होंगे? |
सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की पदावधि |
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धारा 13 और 16 के उपधारा (5) के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित होंगे? |
मुख्य और राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते और सेवा की शर्तें |
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धारा 13 और 16 के उपधारा (6) के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित होंगे? |
अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा की शर्तें |
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धारा 19 की उपधारा (10) के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित होंगे? |
अपील का विनिश्चय करते समय आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया |
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समुचित सरकार नियमों में कौन-सा अन्य विषय शामिल कर सकती है? |
कोई अन्य विषय, जो विहित किए जाने के लिए अपेक्षित हो |
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नियम बनाने में समुचित सरकार की शक्ति की सीमा क्या है? |
अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन तक, पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना |
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नियम बनाने की सक्षम प्राधिकारी की शक्ति, (Power to Make Rules by Competent Authority) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 28 |
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धारा 28 के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसे प्रदान की गई है? |
सक्षम प्राधिकारी को |
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सक्षम प्राधिकारी नियम किस माध्यम से बना सकता है? |
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा |
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धारा 28 के अंतर्गत नियम बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करना |
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धारा 4 की उपधारा (4) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी किस विषय पर नियम बना सकता है? |
प्रसारित की जाने वाली सामग्रियों की लागत या प्रिन्ट लागत मूल्य |
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धारा 6 की उपधारा (1) के अंतर्गत नियम किस विषय से संबंधित हो सकते हैं? |
संदेय फीस |
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धारा 7 की उपधारा (1) के अंतर्गत नियम किससे संबंधित होंगे? |
संदेय फीस |
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धारा 28 की उपधारा (2) में नियम बनाने के विषय किस प्रकार बताए गए हैं? |
विशिष्टतया, परंतु व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना |
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कौन-सा विषय धारा 28 के अंतर्गत नियमों में शामिल किया जा सकता है? |
कोई अन्य विषय, जो विहित किए जाने के लिए अपेक्षित हो |
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नियमों का रखा जाना, (Laying of Rules) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 29 |
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धारा 29(1) के अनुसार केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियम कहाँ रखे जाते हैं? |
संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष |
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केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियम संसद् के समक्ष कितनी अवधि के लिए रखे जाते हैं? |
तीस दिन |
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धारा 29(1) के अनुसार नियमों को संसद् के समक्ष रखे जाने की तीस दिन की अवधि किस प्रकार पूरी हो सकती है? |
एक सत्र में या दो अथवा अधिक आनुक्रमिक सत्रों में |
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कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति, (Power to Remove Difficulties) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 30 |
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धारा 30 के अंतर्गत कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति किसे प्रदान की गई है? |
केन्द्रीय सरकार को |
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धारा 30 के अंतर्गत आदेश किस माध्यम से जारी किया जाता है? |
राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा |
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धारा 30 के अंतर्गत बनाए गए उपबंध किस प्रकार के होने चाहिए? |
अधिनियम के उपबंधों में असंगत न हों |
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धारा 30 के अंतर्गत आदेश कब तक किया जा सकता है? |
अधिनियम के प्रारंभ से दो वर्ष तक |
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यदि अधिनियम के प्रारंभ से दो वर्ष की अवधि समाप्त हो जाए, तो धारा 30 के अंतर्गत क्या होगा? |
कोई आदेश नहीं किया जाएगा |
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धारा 30(2) के अनुसार, किए गए प्रत्येक आदेश को कहाँ रखा जाएगा? |
संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष |
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धारा 30 के अंतर्गत आदेश संसद् के समक्ष कब रखा जाएगा? |
आदेश किए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र |
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धारा 30 की प्रकृति किस प्रकार की शक्ति को दर्शाती है? |
कार्यपालिका की कठिनाई निवारण शक्ति |
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निरसन, (Repeal) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 31 |