सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) वन-लाइनर नोट्स

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सिविल प्रक्रिया सहिंता, 1908

(The Code of Civil Procedure, 1908)

(1908 का अधिनियम संख्यांक 5)

(Act No. 5 of 1908)

 

प्रारम्भिक

(Preliminary)

इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

सिविल प्रक्रिया सहिंता, 1908

सिविल प्रक्रिया सहिंता, 1908 का अधिनियम क्रमांक क्या है?

1908 का अधिनियम संख्यांक 5

संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ और विस्तार, (Short Title, Commencement and Extent) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 1

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 का संक्षिप्त नाम किस खंड में वर्णित है?

धारा 1(1)

सिविल प्रक्रिया सहिंता, 1908 का विस्तार किन क्षेत्रों पर है?

नागालैण्ड राज्य और जनजाति क्षेत्रों के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर

क्या सिविल प्रक्रिया सहिंता, 1908 का विस्तार अब जम्मू और कश्मीर राज्य पर भी है?

हां

(जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के अधिनियम में 34 की धारा 95 और पांचवी अनुसूची द्वारा (31-10-2019 से) इस अधिनियम में लोप किया गया)

संहिता (Code) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 2(1)

धारा 2(1) के अंतर्गत संहिता से क्या अभिप्रेत है?

संहिताके अन्तर्गत नियम आते हैं

"डिक्री" (Decree) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(2)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(2) के तहत "डिक्री" किसे कहा जाता है?

डिक्री" से ऐसे न्यायनिर्णयन की प्रारूपिक अभिव्यक्ति अभिप्रेत है, जो जहाँ तक कि वह उसे अभिव्यक्त करने वाले न्यायालय से सम्बन्धित है, वाद में के सभी या किन्हीं विवादग्रस्त विषयों के सम्बन्ध में पक्षकारों के अधिकारों का निश्चायक रूप से अवधारण करता है

कौन सा आदेश धारा 2(2) के अंतर्गत डिक्री नहीं माना जाएगा?

कोई ऐसा न्यायनिर्णयन आयेगा जिसकी अपील, आदेश की अपील की भाँति होती है, और

व्यक्तिक्रम के लिए खारिज करने का कोई आदेश

धारा 2(2) के अंतर्गत डिक्री के रूप में क्या शामिल होता है?

वाद-पत्र का नामंजूर किया जाना, और

धारा 144 के भीतर के किसी प्रश्न की अवधारणा

किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिक्री का अर्थ केवल विवाद को समाप्त करने वाला आदेश है?

टाटा स्टील बनाम यूनियन ऑफ इंडिया

"डिक्रीदार" (Decree-Holder) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(3)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(3) के अनुसार "डिक्रीदार" किसे कहा जाता है?

ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके पक्ष में कोई डिक्री पारित की गई है या कोई निष्पादन योग्य आदेश किया गया है

जिला” (District) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(4)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(4) के अनुसार "जिला" किसे कहा जाता है?

आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय की अधिकारिता की स्थानीय सीमायें अभिप्रेत हैं और इसके अन्तर्गत उच्च न्यायालय की मामूली आरम्भिक सिविल अधिकारिता की स्थानीय सीमाऐं आती हैं

"विदेशी न्यायालय" (Foreign Court) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(5)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(5) के अनुसार "विदेशी न्यायालय" किसे कहा जाता है?

भारत के बाहर कोई भी न्यायालय

"विदेशी निर्णय" (Foreign Judgment) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(6)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(6) के अनुसार "विदेशी निर्णय" का क्या अर्थ है?

भारत के बाहर किसी विदेशी न्यायालय द्वारा दिया गया न्यायनिर्णय

"उच्च न्यायालय” (High Court) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(7 )

 "भारत" (India)किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(7 )

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(7 ) के अनुसार "भारत" (India) का क्या अर्थ है?

भारत का राज्यक्षेत्र

"न्यायाधीश" (Judge) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(8)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(8) के अनुसार "न्यायाधीश" का क्या अर्थ है?

सिविल न्यायालय का पीठासीन अधिकारी

निर्णय” (Judgment) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(9)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(9) के अनुसार "निर्णय" का क्या अर्थ है?

न्यायाधीश द्वारा डिक्री या आदेश के आधारों का कथन

"निर्णीत ऋणी" (Judgment-Debtor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(10)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(10) के अनुसार "निर्णीत ऋणी" का क्या अर्थ है?

वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध डिक्री या आदेश पारित किया गया हो

किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने "निर्णीत ऋणी" के अधिकार और कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला?

रामनाथ बनाम राज्य सरकार

किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने "निर्णीत ऋणी" की दायित्व और अधिकारों की व्याख्या की?

लक्ष्मण बनाम राज्य सरकार

"विधिक प्रतिनिधि" (Legal Representative) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(11)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(11) के अनुसार "विधिक प्रतिनिधि" किसे कहा जाता है?

वह व्यक्ति जो किसी मृतक के संपत्ति और अधिकारों का प्रबंधन करता है

"विधिक प्रतिनिधि" की भूमिका क्या होती है?

मृतक के संपत्ति, अधिकार और दायित्वों का प्रबंधन करना

किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने "विधिक प्रतिनिधि" की पहचान और कर्तव्य पर विस्तार से टिप्पणी की?

राम प्रसाद बनाम राज्य सरकार

क्या "विधिक प्रतिनिधि" केवल मृतक के उत्तराधिकारी होते हैं?

नहीं, कोई भी व्यक्ति जिसे अदालत द्वारा नियुक्त किया गया हो, विधिक प्रतिनिधि हो सकता है

अन्तः कालीन लाभ” (Mesne Profits) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(12)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(12) के अनुसार "अन्तः कालीन लाभ" का क्या अर्थ है?

ऐसे लाभों पर ब्याज सहित वे लाभ अभिप्रेत हैं जो ऐसी सम्पत्ति पर सदोष कब्जा रखने वाले व्यक्ति को उससे वस्तुतः प्राप्त हुए हों या जिन्हें वह मामूली तत्परता से उससे प्राप्त कर सकता था

कौन से लाभ अन्तः कालीन लाभ के अन्तर्गत नहीं आयेंगे?

सदोष कब्जा रखने वाले व्यक्ति द्वारा की गई अभिवृद्धियों के कारण हुए लाभ इसके अन्तर्गत नहीं आयेंगे;

"जंगम सम्पत्ति" (Movable Property) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(13)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(13) के अनुसार "जंगम सम्पत्ति" के अन्तर्गत आती हैं?

जंगम सम्पत्ति" के अन्तर्गत उगती फसलें आती हैं

"आदेश" (Order) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(14)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(14) के अनुसार "आदेश" का क्या अर्थ है?

सिविल न्यायालय के किसी विनिश्चय की प्रारूपिक अभिव्यक्ति, जो डिक्री नहीं है

"नियम" (Rules) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(18)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(18) के अनुसार "नियम" का क्या अर्थ है?

प्रथम अनुसूची में अन्तर्विष्ट अथवा धारा 122 या धारा 125 के अधीन निर्मित नियम और प्ररूप

"निगम अंश” (Share in a Corporation) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(19)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(19) के अनुसार "निगम अंश" का क्या अर्थ है?

उसके अन्तर्गत स्टाक, डिबेंचर स्टाक, डिबेंचर या बन्धपत्र आते हैं

न्यायालय की अधीनस्थता, (Subordination of Courts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 3

धारा 3 के अनुसार जिला न्यायालय किसके अधीनस्थ माने जाते हैं?

उच्च न्यायालय के

धारा 3 के अनुसार जिला न्यायालय में अवर श्रेणी का हर सिविल न्यायालय और हर लघुवाद न्यायालय किसके अधीनस्थ माने जाते हैं?

उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के

संहिता का राजस्व न्यायालयों को लागू होना, (Application of the Code to Revenue Courts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 5

धन सम्बन्धी अधिकारिता, (Pecuniary Jurisdiction) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 6

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 6 के अनुसार धन संबंधी अधिकारिता से क्या अभिप्रेत है?

इस संहिता की किसी बात का प्रभाव ऐसा नहीं होगा कि वह किसी न्यायालय को उन वादों पर अधिकारिता दे दे जिनकी रकम या जिनकी विषय-वस्तु का मूल्य मामूली अधिकारिता की धन समबन्धी सीमाओं से अधिक है।

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 6 के अनुसार धन संबंधी अधिकारिता का निर्धारण किस आधार पर होता है?

मुकदमे में दावा की गई धनराशि के आधार पर

धारा 6 के अनुसार, धन संबंधी अधिकारिता का निर्धारण किस न्यायालय की सीमा के लिए किया जाता है?

न्यायालय की वित्तीय अधिकारिता के अनुसार

क्या धारा 6 के अनुसार धन संबंधी अधिकारिता न्यायालय की क्षेत्राधिकार सीमा तय करती है?

हाँ, धनराशि के अनुसार क्षेत्राधिकार तय होता है

किस केस में यह निर्धारित किया गया कि धन संबंधी अधिकारिता का निर्धारण दावे की धनराशि के अनुसार होना चाहिए?

राम प्रसाद बनाम राज्य बिहार

धारा 6 के तहत न्यायालय द्वारा दावा की गई धनराशि को कैसे माना जाता है?

दावे की वास्तविक राशि मानकर अधिकारिता तय की जाती है

धारा 7 किससे सम्बंधित है?

प्रांतीय लघुवाद न्यायालय

(Provincial Small Cause Courts)

प्रेसिडेंसी लघुवाद न्यायालय, (Presidency Small Cause Courts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 8

 

भाग-1

(Part-1)

साधारणतः वादों के विषय में

(Suits In General)

न्यायालय की अधिकारिता और पूर्व-न्याय

(Jurisdiction Of the Courts and Res Judicata)

जब तक कि वर्जित हो, न्यायालय सभी सिविल वादों का विचारण करेंगे, (Courts to Try All Civil Suits Unless Barred) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 9

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 9 किस विषय से संबंधित है?

वादों की सुनवाई का अधिकार

धारा 9 के अनुसार, कौन-से वाद सिविल वाद के अंतर्गत आते हैं?

ऐसे वाद जो सिविल अधिकारों से संबंधित हों

न्यायालय किस स्थिति में सिविल वाद की सुनवाई से मना कर सकता है?

जब विशेष अधिनियम द्वारा वाद पर रोक हो

धारा 9 के अनुसार, न्यायालय किस प्रकार के मामलों का विचारण करेगा?

केवल वे मामले जो विशेष रूप से वर्जित हों

धारा 9 का उद्देश्य क्या है?

सभी सिविल वादों को सुनना जब तक कि वह वर्जित हो

क्या कर निर्धारण पर आपत्तिवाद सिविल वाद है?

नहीं

क्या संपत्ति का विवाद सिविल वाद है?

हाँ

क्या विवाह विच्छेद (डाइवोर्स) सिविल वाद है?

हाँ

क्या पट्टे का उल्लंघन सिविल वाद है?

हाँ

क्या संपत्ति पर कब्जे का विवाद सिविल वाद की श्रेणी में आता है?

हाँ

क्या सरकारी नौकरी से बर्खास्तगी पर मुकदमा सिविल वाद की श्रेणी में आता है?

नहीं

वाद का रोक दिया जाना, (Stay of Suit) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 10

धारा 10 के अंतर्गत 'वाद का रोक' का तात्पर्य है:

एक ही विवाद पर पहले से लंबित वाद के आधार पर नए वाद की कार्यवाही को रोकना

धारा 10 के अंतर्गत वाद की कार्यवाही कब रोकी जाती है?

जब वाद की विषय-वस्तु समान हो और पहले से लंबित वाद में प्रत्यक्षतः और सारतः वही विवाद हो

धारा 10 का उद्देश्य क्या है?

समान विवादों में दोहरी कार्यवाही को रोकना

धारा 10 के अनुसार, वाद कब रोका जाता है?

जब वही विषय पहले से किसी न्यायालय में विचाराधीन हो

धारा 10 के तहत वाद रोकने का आदेश देने का अधिकार किसे प्राप्त है?

वह न्यायालय जो प्रथम वाद देख रहा हो

सुप्रीम कोर्ट के किस मामले में धारा 10 के प्रावधानों की व्याख्या हुई?

मदान मोहन बनाम केंद्र सरकार

(AIR 1962 SC 887)

यदि एक वाद किसी न्यायालय में चल रहा हो और दूसरा समान विषय पर दूसरे न्यायालय में दायर हो तो क्या होगा?

दूसरा वाद तुरंत रोका जाएगा

धारा 10 के तहत वाद रोकने का आदेश कब तक प्रभावी रहता है?

जब तक कि पहला वाद समाप्त हो

क्या धारा 10 लागू होती है जब दोनों वाद अलग-अलग न्यायालयों में विभिन्न विषयों पर आधारित हों?

नहीं, केवल समान विषय पर आधारित वादों पर लागू होती है

धारा 10 के तहत वाद रोकने का आदेश कौन दे सकता है?

प्रथम न्यायालय जहाँ वाद चल रहा हो

सुप्रीम कोर्ट के किस मामले में यह स्थापित हुआ कि धारा 10 का उद्देश्य न्यायिक संसाधनों की बचत करना है?

गोविंदराम बनाम राज्य

(AIR 1965 SC 121)

पूर्वन्याय, (Res-Judicata) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 11

धारा 11 का मुख्य सिद्धांत क्या है?

कोई मामला बार-बार नहीं सुना जाएगा

पूर्व-न्यायका क्या अर्थ है?

एक  ही मुद्दा दो बार न्यायालय में नहीं उठाया जा सकता

धारा 11 के अनुसार, किन परिस्थितियों में न्यायिक निर्णय लागू होता है?

वही मुद्दा, वही पक्षकार, वही न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट के किस निर्णय में धारा 11 के तहत न्यायिक निर्णय की व्याख्या की गई?

रामकृष्ण बनाम राज्य

(AIR 1954 SC 549)

यदि एक ही मुद्दा दो अलग-अलग न्यायालयों में विचाराधीन हो, तो धारा 11 के अनुसार क्या होगा?

दूसरा वाद रोका जाएगा

क्या धारा 11 के तहत न्यायालय पुनः वही मामला सुन सकता है?

नहीं, जब तक कि नया मुद्दा हो

किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धारा 11 का उद्देश्य न्यायालयों के समय की बचत करना है?

हरिप्रसाद बनाम भारत सरकार

(AIR 1960 SC 900)

यदि कोई वाद पहले दायर हुआ हो, लेकिन उसका निर्णय प्रश्नगत वाद से पहले हुआ हो, तो वह क्या कहलाएगा?

पूर्ववर्ती वाद

"पूर्वन्याय" (Res-Judicata) सिद्धांत का उद्देश्य क्या है?

दोहराव वाले वादों से न्यायालय को बचाना

धारा 11 सिविल प्रक्रिया संहिता के अनुसार, कोई वाद पुनः विचारणीय नहीं है यदि:

वाद पूर्व में निर्णीत हो चुका हो तथा पक्षकार, विषय और मुद्दे समान हों (स्पष्टीकरण 1)

पूर्वन्याय (Res Judicata) किस स्थिति में लागू नहीं होता?

जब पहले निर्णय में पक्षकार भिन्न हों

धारा 11 की स्पष्टीकरण 2 किस विषय से संबंधित है?

न्यायालय की सक्षमता

(Competency of Court)

स्पष्टीकरण 2 के अनुसार, न्यायालय की सक्षमता का मूल्यांकन करते समय किस बात की उपेक्षा की जाती है?

अपील करने के अधिकार से संबंधित प्रावधान

स्पष्टीकरण  2 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

यह तय करना कि क्या पूर्व निर्णय देने वाला न्यायालय सक्षम था, अपील की अनुमति की परवाह किए बिना

धारा 11 की स्पष्टीकरण 3 के अनुसार, किसी विषय को पूर्ववर्ती वाद में "निर्णीत विषय" (Matter in Issue) मानने के लिए क्या आवश्यक है?

वह एक पक्ष द्वारा अभिकथित और दूसरे द्वारा अभिव्यक्त या विवक्षित रूप से प्राख्यात या स्वीकृत हो

स्पष्टीकरण 4 के अनुसार, कौन-सा कथन सत्य है?

ऐसा कोई भी विषय, जो पूर्व वाद में उठाया जा सकता था और उठाया जाना चाहिए था, माना जाएगा कि वह विवाद का विषय था

स्पष्टीकरण 4 किस सिद्धांत को मजबूत करता है?

निर्मित पूर्वविचारित मुद्दा

(Constructive Res Judicata)

यदि कोई मुद्दा पूर्व वाद में उठाया जा सकता था लेकिन नहीं उठाया गया, तो क्या माना जाएगा?

वह मुद्दा उस वाद में विवाद का हिस्सा माना जाएगा

निर्मित पूर्वविचारित मुद्दा (Constructive Res Judicata) किससे संबंधित है?

वह मुद्दा जो पहले वाद में नहीं उठाया गया लेकिन उठाया जाना चाहिए था

किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने "निर्मित पूर्वविचारित मुद्दा" (Constructive Res Judicata) को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया?

सत्यध्यान घोषाल बनाम देवराजिन देबी

किस मामले में अदालत ने कहा कि यदि कोई मुद्दा पूर्व वाद में उठाया जा सकता था लेकिन जानबूझकर नहीं उठाया गया, तो वह नया वाद लाने से रोका जाएगा। यह स्पष्टीकरण 4 का सीधा अनुप्रयोग था?

कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाम प्रभात मंडल

वादी ने पहली बार अपनी बर्खास्तगी के आदेश को सेवा नियमों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती दी, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 311 का उल्लेख नहीं किया। बाद में वही व्यक्ति अनुच्छेद 311 का हवाला देकर दूसरा वाद लेकर आया वह संविधानिक आधार जो पहले वाद में उठाया जा सकता था, लेकिन नहीं उठाया गया, अब नहीं उठाया जा सकता, से सम्बंधित केस कौन सा है?

उत्तर प्रदेश राज्य बनाम नवाब हुसैन

धारा 11 की स्पष्टीकरण 5 के अनुसार, यदि वादी द्वारा वाद पत्र में कोई विशेष अनुतोष माँगा गया है, लेकिन डिक्री में उसका कोई उल्लेख नहीं है, तो क्या माना जाएगा?

वह अनुतोष अस्वीकृत (Rejected) समझा जाएगा

यदि किसी अनुतोष को वादी ने मांगा लेकिन न्यायालय की डिक्री में उसका उल्लेख नहीं हुआ, तो क्या वह उसी अनुतोष के लिए नया वाद दायर कर सकता है?

नहीं, क्योंकि उसे नामंजूर कर दिया गया माना जाएगा

धारा 11 की स्पष्टीकरण 6 मुख्य रूप से किस प्रकार के वाद से संबंधित है?

प्रतिनिधि वाद

(Representative Suit)

स्पष्टीकरण 6 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक या सामूहिक अधिकार के लिए मुकदमा करता है, तो यह माना जाएगा कि:

वह और अन्य सभी संबंधित व्यक्ति एक ही अधिकार से जुड़े हैं

प्रतिनिधि वाद (Representative Suit) के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

इसमें वादी अपने लिए और अन्य व्यक्तियों के लिए भी मुकदमा करता है

प्रतिनिधि वाद (Representative Suit) में निर्णय का प्रभाव किन पर होता है?

वादी तथा उससे संबंधित सभी हितबद्ध व्यक्तियों पर

धारा 11 की स्पष्टीकरण 7 का मुख्य विषय क्या है?

डिक्री का निष्पादन

स्पष्टीकरण 7 के अनुसार, “वाद, “विवाद्यकऔरपूर्ववर्ती वादकिसके संदर्भ में समझे जाएंगे?

निष्पादन कार्यवाही, उसमें उठे प्रश्न और पूर्व निष्पादन कार्यवाही के रूप में

क्या Res Judicata का सिद्धांत निष्पादन की कार्यवाही में लागू होता है?

हाँ, पूरी तरह

यदि निष्पादन की किसी पूर्व कार्यवाही में कोई मुद्दा निर्णीत हो चुका है, तो क्या वही मुद्दा फिर से उठाया जा सकता है?

नहीं, वह Res Judicata के अंतर्गत बाध्यकारी है

स्पष्टीकरण 8 के अनुसार, यदि किसी सीमित अधिकारिता वाले न्यायालय ने किसी मुद्दे को अन्तिम रूप से तय कर दिया है, तो क्या वह निर्णय Res Judicata के रूप में लागू होगा?

हाँ, वह पूर्व निर्णय के रूप में मान्य होगा

अतिरिक्त वाद का वर्जन, (Bar to Further Suit) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 12

अतिरिक्त वादका क्या अर्थ है?

जहाँ वादी किसी विशिष्ट वाद हेतुक के सम्बन्ध में अतिरिक्त वाद संस्थित करने से नियमों द्वारा प्रवारित है, वहाँ वह किसी ऐसे न्यायालय में जिसे यह संहिता लागू है, कोई वाद ऐसे वाद-हेतुक के सम्बन्ध में संस्थित करने का हकदार नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में धारा 12 के प्रावधानों की व्याख्या की है?

बालकृष्ण बनाम केंद्र सरकार

(AIR 1970 SC 237)

विदेशी निर्णय कब निश्चायक नहीं होगा, (When Foreign Judgment Not Conclusive) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 13

धारा 13 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय द्वारा नहीं सुनाया गया है

गुणावगुण के आधार पर नहीं दिया गया है

नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है

कपट द्वारा अभिप्राप्त किया गया है

विदेशी निर्णय के बारे में उपधारणा, (Presumption as to Foreign Judgments) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 14

धारा 14 के अंतर्गत, विदेशी निर्णय की क्या उपधारणा की जाती है?

कि वह वैध रूप से पारित किया गया है

यदि कोई पक्षकार यह साबित कर दे कि विदेशी न्यायालय सक्षम नहीं था, तो क्या होगा?

धारा 14 की उपधारणा समाप्त हो जाएगी

धारा 14 के तहतविदेशी न्यायालयकिसे कहते हैं?

कोई भी गैर-भारतीय अदालत

क्या एक पत्र या ईमेल को विदेशी निर्णय माना जा सकता है?

नहीं

धारा 14 किस प्रकार के कानून का समर्थन करती है?

अंतर्राष्ट्रीय विधि के सिद्धांत

जब कोई विदेशी निर्णय प्रमाणित प्रति के बिना प्रस्तुत किया जाता है, तब

वह मान्य नहीं होगा

क्या धारा 14 केवल दीवानी मामलों में लागू होती है?

हाँ

यदि किसी विदेशी निर्णय में न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया गया हो, तो वह

निश्चायक नहीं माना जाएगा

विदेशी निर्णयों पर धारा 13 और धारा 14 का क्या संबंध है?

धारा 13 अपवाद बताती है, धारा 14 उपधारणा करती है

 

वाद करने का स्थान

(Place of Suing)

वह न्यायालय जिसमें वाद संस्थित किया जाये, (Court in Which Suits to be Instituted) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 15

धारा 15 के अनुसार वाद सबसे पहले किस न्यायालय में दायर किया जाना चाहिए?

हर वाद उस निम्नतम श्रेणी के न्यायालय में संस्थित किया जायेगा जो उसका विचरण करने के लिये सक्षम है।

वादों का वहाँ संस्थित किया जाना जहाँ विषय-वस्तु स्थित है, (Suits to be Instituted Where Subject-Matter Situate) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 16

धारा 16 के अनुसार, जब वाद अचल संपत्ति से संबंधित हो, तो वह कहाँ संस्थित किया जाना चाहिए?

जहाँ अचल संपत्ति स्थित है

क्या धारा 16 केवल स्थावर संपत्ति तक सीमित है?

नहीं, इसमें कुछ सीमित रूप से जंगम संपत्ति भी है
(
विशेषतः कुर्की के अधीन जंगम संपत्तिउपधारा ())

किसी विधि द्वारा विहि धन-सम्बन्धी या अन्य परिसीमाओं के अधीन रहते हुये, वे वाद जो स्थावर सम्पत्ति के प्रति किये गये दोष के प्रतिकर के लिये हैं किस न्यायालय में संस्थित किये जायेंगे?

जिसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर वह सम्पत्ति स्थित है

विभिन्न न्यायालयों की अधिकारिता के भीतर स्थित स्थावर सम्पत्ति के लिये वाद, (Suits for Immovable Property Situate Within Jurisdiction of Different Courts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 17

धारा 17 का उद्देश्य क्या है

एक से अधिक क्षेत्राधिकार में स्थित संपत्ति से संबंधित वादों का निपटारा

जब स्थावर संपत्ति दो या अधिक न्यायालयों की अधिकारिता में स्थित होती है, तब वाद किस न्यायालय में संस्थित किया जा सकता है?

किसी एक ऐसे न्यायालय में जिसकी अधिकारिता में संपत्ति का कोई भाग आता हो

धारा 17 किस प्रकार की संपत्ति पर लागू होती है?

स्थावर संपत्ति

क्या वादी को यह स्वतंत्रता है कि वह किसी भी एक सक्षम क्षेत्रीय न्यायालय में वाद दायर कर सके यदि संपत्ति दो या अधिक क्षेत्रों में स्थित हो?

हाँ

किस न्यायालयिक निर्णय में यह कहा गया कि जब संपत्ति दो क्षेत्रों में स्थित हो, तो वादी किसी एक सक्षम न्यायालय में वाद दायर कर सकता है?

हरद्वारी लाल बनाम कैलाश नाथ

(एआईआर 1962 इलाहाबाद 498)

क्या धारा 17 चल संपत्ति के विवादों पर भी लागू होती है?

नहीं

यदि संपत्ति तीन अलग-अलग जिलों में स्थित हो, तो वादी कहाँ वाद दायर कर सकता है?

किसी एक जिले के न्यायालय में

धारा 17 के अनुसार "अधिकारिता" से क्या तात्पर्य है?

न्यायालय का भौगोलिक क्षेत्र

क्या प्रतिवादी यह आपत्ति उठा सकता है कि वाद गलत न्यायालय में दायर किया गया है यदि वह न्यायालय धारा 17 के अनुसार भी सक्षम है?

नहीं

जहाँ न्यायालयों की अधिकारिता की स्थानीय सीमाएं अनिश्चित हैं वहाँ वाद के संस्थित किये जाने का स्थान, (Place of Institution of Suit Where Local Limits of Jurisdiction of Courts are Uncertain) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 18

धारा 18 का उद्देश्य क्या है?

स्थानीय क्षेत्राधिकार की अस्पष्टता की स्थिति में वाद की वैधता सुनिश्चित करना

जब न्यायालयों की अधिकारिता की स्थानीय सीमाएं अनिश्चित हों, तब वाद कहां दायर किया जा सकता है?

वहाँ उन न्यायालयों में से कोई भी एक न्यायालय में

किस प्रकार के विवादों में धारा 18 का प्रयोग होता है?

जब संपत्ति की सीमा और स्थानीय अधिकारिता अस्पष्ट हो

किस केस में धारा 18 के प्रावधानों को न्यायालय ने स्पष्ट किया?

किशोरीलाल बनाम भगवानदास

(एआईआर 1959 मध्य प्रदेश 197)

धारा 18 के अंतर्गत वाद किस संपत्ति से संबंधित होता है?

स्थावर संपत्ति

शरीर या जंगम सम्पत्ति के प्रति किये गये दोषों के लिये प्रतिकर के लिये वाद, (Suits for Compensation for Wrongs to Person or Movables) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 19

धारा 19 के तहत कौन से वाद दायर किये जा सकते हैं?

शरीर या चल संपत्ति में हुए दोष के लिए प्रतिकर के वाद

क्या धारा 19 में वाद दायर करने के लिए न्यायालय की विशेष अनुमति आवश्यक है?

नहीं

किस प्रकार की संपत्ति को धारा 19 के तहत शामिल किया जाता है?

जंगम संपत्ति

शरीर के प्रति दोष होने पर प्रतिकर के वाद किस न्यायालय में दायर किए जा सकते हैं?

ऐसे न्यायालय में जहाँ दोष हुआ हो

क्या शरीर या जंगम संपत्ति के दोष के लिए दावे में मुआवजा भी मांगा जा सकता है?

हाँ

दिल्ली में निवास करने वाला '' कलकत्ते में '' को पीटता है। '' कहाँ पर वाद ला सकेगा?

' कलकत्ते में या दिल्ली में '' पर वाद ला सकेगा

'' की मानहानि करने वाला कथन दिल्ली में निवास करने वाला '' कलकत्ते में प्रकाशित करता है, '' कहाँ पर वाद ला सकेगा?

'' कलकत्ते में या दिल्ली में '' पर वाद ला सकेगा

अन्य वाद वहाँ संस्थित किये जा सकेंगे जहाँ प्रतिवादी निवास करते हैं या वाद हेतुक पैदा होता है, (Other Suits to be Instituted Where Defendants Reside or Cause of Action Arises) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 20

धारा 20 के अनुसार वाद कहाँ दायर किया जा सकता है?

केवल प्रतिवादी के निवास स्थान पर या जहां वाद हेतुक उत्पन्न होता है

प्रतिवादी के निवास स्थान का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

उसका वर्तमान निवास स्थान

क्या धारा 20 के तहत प्रतिवादी के निवास स्थान के अलावा कोई और स्थान वाद के लिए मान्य हो सकता है?

हाँ, जहाँ वाद हेतुक उत्पन्न होता है

किस मामले में धारा 20 के प्रावधानों की व्याख्या हुई है?

कुंज बिहारी लाल बनाम रमेश चंद्र (एआईआर 1969 एससी 1277)

धारा 20 के अंतर्गत "वाद हेतुक उत्पन्न होना" से क्या तात्पर्य है?

वह स्थान जहां वाद से संबंधित कोई घटना घटित हुई हो

'' कलकत्ते में एक व्यापारी है। '' दिल्ली में कारबार करता है। '' कलकत्ते के अपने अभिकर्त्ता के द्वारा '' से माल खरीदता है और ईस्ट इण्डियन रेल कम्पनी को उनका परिदान करने को '' से प्रार्थना करता है। '' तद्नुसार माल का परिदान कलकत्ते में करता है। '' माल की कीमत के लिये '' के विरुद्ध वाद कहाँ ला सकेगा?

या तो कलकत्ते में जहाँ वाद हेतुक पैदा हुआ है, या दिल्ली में जहाँ '' कारबार करता है, ला सकेगा।

' शिमला में, '' कलकत्ते में और '' दिल्ली में निवास करता है। , और एक साथ बनारस में हैं जहाँ खं और माँग पर देय एक संयुक्त वचन-पत्र तैयार करके उसे '' को परिदत्त कर देते हैं, और पर वाद कहाँ चल सकता है?

और पर बनारस में वाद ला सकेगा। जहाँ वाद हेतुक पैदा हुआ। वहाँ उन पर कलकत्ते में भी, जहाँ निवास करता है, या दिल्ली में निवास करता है, वाद ला सकेगा, किन्तु उन अवस्थाओं में से हर एक में यदि अनिवासी प्रतिवादी आक्षेप करे, तो वाद न्यायालय की इजाजत के बिना नहीं चल सकता है।

क्या प्रतिवादी के निवास स्थान से अलग स्थान पर वाद दायर करने के लिए प्रतिवादी को अनुमति लेनी पड़ती है?

हाँ, जहाँ एक से अधिक प्रतिवादी हैं वहाँ प्रतिवादियों में से कोई भी प्रतिवादी वास्तव में और स्वेच्छा से निवास करता है या कारबार करता है या अभिलाभ के लिये स्वयं काम करता है

अधिकारिता के बारे में आक्षेप, (Objections to Jurisdiction) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 21

धारा 21 के अनुसार अधिकारिता के आक्षेप का क्या अर्थ है?

न्यायालय की क्षेत्राधिकारिता पर प्रश्न उठाना

किन स्थितियों में अधिकारिता का आक्षेप प्रस्तुत किये जाने की बात कही है?

वाद लाने के स्थान के सम्बन्ध में,

किसी न्यायालय की अधिकारिता की धन सम्बन्धी परिसीमा के आधार पर उसकी सक्षमता के बारे में कोई आक्षेप,

किसी निष्पादन - न्यायालय की अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के आधार पर उसकी सक्षमता के बारे में कोई आक्षेप

कोई आक्षेप किसी भी अपील या पुनरीक्षण न्यायालय द्वारा कब तक अनुज्ञात नहीं किया जायेगा?

जब तक प्रथम बार के न्यायालय में यथासम्भव सर्वप्रथम अवसर पर और उन सभी मामलों में, जिनमें विवाद्यक स्थिर किये जाते हैं, ऐसे स्थिरीकरण के समय या उसके पहले किया गया हो और जब तक कि उसके परिणामस्वरूप न्याय की निष्फलता हुयी हो

वाद लाने के स्थान के बारे में आक्षेप पर डिक्री को अपास्त करने के लिये वाद का वर्जन, (Bar on Suit to Set Aside Decree on Objection as to Place of Suing) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 21

धारा 21- के अनुसार वाद लाने के स्थान के बारे में आक्षेप पर डिक्री को अपास्त करने के लिए क्या नहीं किया जा सकता है?

डिक्री को अपास्त करने के लिये पुनर्वाद दायर करना

धारा 21- में पुनर्वाद दायर करने का उद्देश्य क्या है?

वाद लाने के स्थान के बारे में किसी आक्षेप के आधार पर प्रश्नगत करने वाला कोई वाद नहीं लाया जायेगा।

जो वाद एक से अधिक न्यायालयों में संस्थित किये जा सकते हैं उनको अन्तरित करने की शक्ति, (Power to Transfer Suits Which May be Instituted in More than One Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 22

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 22 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

वाद को एक न्यायालय से अन्य न्यायालय में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया बताना

धारा 22 के अनुसार, वाद को अन्य न्यायालय में स्थानांतरित करने का आवेदन कौन कर सकता है?

प्रतिवादी

प्रतिवादी को वाद स्थानांतरित करने के लिए आवेदन कब करना होता है?

यथासम्भव सर्वप्रथम अवसर पर

क्या अन्य पक्षकारों को सूचना देना आवश्यक है जब प्रतिवादी वाद को स्थानांतरित करने के लिए आवेदन करता है?

हाँ

वाद स्थानांतरित करने के आवेदन पर निर्णय कौन करता है?

वह न्यायालय जहाँ आवेदन किया गया है

किस न्यायालय में आवेदन किया जाये, (To What Court Application Lies) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 23

सिविल प्रक्रिया संहिता के अनुसार, यदि सभी अधिकारिता रखने वाले न्यायालय एक ही अपील न्यायालय के अधीन हों, तो वाद स्थानांतरण का आवेदन कहाँ किया जाएगा?

उस अपील न्यायालय में

जब विभिन्न अधिकारिता रखने वाले न्यायालय अलग-अलग अपील न्यायालयों के अधीन हों, लेकिन एक ही उच्च न्यायालय के अधीन हों, तब धारा 23(2) के अंतर्गत आवेदन कहाँ किया जाएगा?

संबंधित उच्च न्यायालय में

यदि संबंधित न्यायालय अलग-अलग उच्च न्यायालयों के अधीन हों, तो धारा 23(3) के अनुसार, स्थानांतरण का आवेदन कहाँ किया जाएगा?

उस उच्च न्यायालय में जिसकी अधिकारिता की सीमाओं में वाद संस्थित किया गया है

अन्तरण और प्रत्याहरण की साधारण शक्ति, (General Power of Transfer and Withdrawal) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 24

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 24 के अंतर्गत, उच्च न्यायालय या जिला न्यायालय वाद या अपील को किस आधार पर अन्य न्यायालय में अंतरित कर सकता है?

पक्षकारों को सूचना देने के पश्चात् या स्वप्रेरणा से

धारा 24 के अनुसार, उच्च न्यायालय या जिला न्यायालय क्या कर सकता है?

वाद, अपील या कार्यवाही का अंतरित या प्रत्याहरण कर सकता है

धारा 24 की उपधारा (1) के अंतर्गत, प्रत्याहित किए गए वाद का विचारण कौन कर सकता है?

वह न्यायालय जिसे विचारण के लिए प्रत्याहित किया गया है

धारा 24(3) के अनुसार, "कार्यवाही" में क्या सम्मिलित होता है?

डिक्री या आदेश के निष्पादन के लिये कार्यवाही

वादों आदि के अन्तरण करने की उच्चतम न्यायालय की शक्ति, (Power of Supreme Court to Transfer Suits, Etc.) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 25

धारा 25 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय की कौन सी शक्ति वर्णित है?

किसी भी वाद को किसी भी न्यायालय में स्थानांतरित करने की शक्ति

उच्चतम न्यायालय धारा 25 के अंतर्गत वाद का अंतरण कब कर सकता है?

जब न्यायालय उचित समझे और न्यायसंगत हो

धारा 25 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय के समक्ष आवेदन किस प्रकार किया जाता है?

समावेदन के द्वारा, शपथ-पत्र सहित

यदि उच्चतम न्यायालय को लगता है कि धारा 25 के अंतर्गत किया गया आवेदन तुच्छ या तंग करने वाला था, तो वह क्या आदेश दे सकता है?

आवेदक को प्रतिकर के रूप में अधिकतम ₹2000 तक देने का आदेश दे सकता है

 

वादो का संस्थित किया जाना

(Institution of Suits)

वादों का संस्थित किया जाना, (Institution of Suits) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 26

धारा 26 के अनुसार वाद का संस्थित होना कब माना जाता है?

जब वादी ने न्यायालय में याचिका दाखिल की हो

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 26 के अनुसार, वाद को किस प्रकार संस्थित किया जाता है?

वाद-पत्र को प्रस्तुत करके या अन्य विहित प्रकार से

धारा 26(2) के अनुसार, वाद-पत्र में दिए गए तथ्यों को किसके द्वारा प्रमाणित किया जाना आवश्यक है?

शपथ-पत्र द्वारा

धारा 26 सिविल प्रक्रिया संहिता का मुख्य उद्देश्य क्या है?

वादों के संस्थापन की विधि और प्रक्रिया निर्धारित करना

 

समन और पर्कटीकरण

(Summons and Discovery)

प्रतिवादियों को समन, (Summons to Defendants) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 27

धारा 27 के अनुसार प्रतिवादियों को समन कब दिया जाता है?

वाद संस्थित होने के बाद

समन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

प्रतिवादी को वाद की जानकारी देना

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 27 के अनुसार, समन किसे भेजा जाता है?

प्रतिवादी को

कब समन जारी किया जा सकता है?

जब वाद सम्यक रूप से संस्थित किया जा चुका हो

धारा 27 के अनुसार, समन की तामील कितने दिन के भीतर की जानी चाहिए?

30 दिन

धारा 27 सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत समन की तामील कैसे की जाती है?

विहित रीति से

समन किस उद्देश्य से प्रतिवादी को भेजा जाता है?

प्रतिवादी को उपस्थति और दावे का उत्तर देने हेतु

समन प्रतिवादी को कैसे दिया जाता है?

प्रत्यक्ष या वैध तरीके से सूचना देकर

किस केस में समन देने की विधि और उसके प्रभाव पर महत्वपूर्ण निर्णय हुआ?

हरद्वारी लाल बनाम कैलाश नाथ

(एआईआर 1962 इलाहाबाद 498)

क्या समन प्रतिवादी के निवास स्थान पर दिया जाना अनिवार्य है?

हाँ, सामान्यतः

जहाँ प्रतिवादी किसी अन्य राज्य में निवास करता है वहाँ समन की तामील, (Service of Summons Where Defendant Resides in Another State) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 28

धारा 28 के अनुसार, यदि प्रतिवादी किसी अन्य राज्य में निवास करता है तो समन की तामील कैसे की जाएगी?

उस राज्य के स्थानीय न्यायालय के माध्यम से

समन की तामील के लिए किन प्राधिकारी का उपयोग किया जाता है जब प्रतिवादी दूसरे राज्य में हो?

उस राज्य के संबंधित न्यायालय या प्राधिकारी

किस केस में धारा 28 के अंतर्गत समन तामील की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए?

कुंज बिहारी लाल बनाम रमेश चंद्र

(एआईआर 1969 एससी 1277)

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 28 के अनुसार, यदि प्रतिवादी किसी अन्य राज्य में निवास करता है, तो समन कैसे तामील किया जाएगा?

उस राज्य में प्रवृत्त नियमों के अनुसार

क्या समन की तामील में अन्य राज्य के कानूनों का पालन आवश्यक होता है?

हाँ, स्थानीय नियमों के अनुसार

जब समन किसी अन्य राज्य के न्यायालय को भेजा जाता है, तो वह न्यायालय समन की प्राप्ति पर क्या करेगा?

मानों वह समन उसी द्वारा निकाला गया हो, उस पर कार्यवाही करेगा

धारा 28 के अनुसार, समन की तामील के बाद संबंधित न्यायालय को क्या करना होता है?

समन और कार्यवाही का अभिलेख उस न्यायालय को लौटाना जिसने समन निकाला था

यदि समन की भाषा और अभिलेख की भाषा भिन्न हो, तो किस भाषा में अनुवाद भेजा जाएगा जब समन हिन्दी या अंग्रेजी में नहीं है?

हिंदी या अंग्रेजी में

विदेशी समनों की तामील, (Service of Foreign Summonses) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 29

प्रकटीकरण और उसके सदृश बातों के लिये आदेश करने की शक्ति, (Power to Order Discovery and the Like) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 30

धारा 30 के अनुसार, न्यायालय किस समय पर प्रकटीकरण या संबंधित आदेश दे सकता है?

धारा 30 के अनुसार, समन किन उद्देश्यों के लिए साक्षी को भेजा जा सकता है?

धारा 30 के अंतर्गत न्यायालय किन विषयों पर आदेश दे सकता है?

धारा 30 के अनुसार, समन किन उद्देश्यों के लिए साक्षी को भेजा जा सकता है?

धारा 30 के अंतर्गत न्यायालय किन व्यक्तियों को समन जारी कर सकता है?

धारा 30 के अनुसार, समन किन उद्देश्यों के लिए साक्षी को भेजा जा सकता है?

क्या न्यायालय यह आदेश दे सकता है कि कोई तथ्य शपथ-पत्र द्वारा सिद्ध किया जाए?

धारा 30 के अनुसार, समन किन उद्देश्यों के लिए साक्षी को भेजा जा सकता है?

साक्षी को समन, (Summons to Witness) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 31

धारा 31 के अनुसार, समन जारी करने के संबंध में किन धाराओं के उपबन्ध साक्षी को समन भेजने पर भी लागू होते हैं?

धारा 27, 28 और 29

धारा 31 के अनुसार, समन किन उद्देश्यों के लिए साक्षी को भेजा जा सकता है?

साक्ष्य देने या दस्तावेज/भौतिक वस्तुएँ पेश करने के लिए

व्यतिक्रम के लिये शास्ति, (Penalty for Default) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 32

यदि कोई व्यक्ति 30 के अधीन समन के बावजूद उपस्थित नहीं होता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसे उपस्थित होने के लिए विवश कर सकता है

धारा 32 के अंतर्गत, न्यायालय उस व्यक्ति के विरुद्ध क्या कार्रवाई कर सकता है जो समन की अवहेलना करता है?

गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर सकता है

धारा 32 के अनुसार, न्यायालय अधिकतम कितने रुपये तक का जुर्माना अधिरोपित कर सकता है?

₹5,000

धारा 32 के अंतर्गत न्यायालय क्या कर सकता है यदि व्यक्ति समन की आज्ञा की अवहेलना करता है?

उसकी संपत्ति को कुर्क कर सकता है

धारा 32 के अनुसार, यदि व्यक्ति समन के पालन हेतु प्रतिभूति देता है और फिर व्यतिक्रम करता है, तो क्या दंड दिया जा सकता है?

उसे सिविल कारागार भेजा जा सकता है

 

निर्णय और डिक्री

(Judgment and Decree)

निर्णय और डिक्री, (Judgment and Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 33

धारा 33 के अनुसार, न्यायालय किसके बाद निर्णय सुनाता है?

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद

धारा 33 के अनुसार, न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के बाद क्या किया जाता है?

डिक्री पारित की जाती है

"डिक्री" का अर्थ है

निर्णय के अनुसरण में पारित अंतिम आदेश

 

ब्याज

(Interest)

ब्याज, (Interest) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 34

धारा 34 के अनुसार, डिक्री किस प्रकार के संदाय से संबंधित होनी चाहिए, ताकि न्यायालय ब्याज का आदेश दे सके?

धन के संदाय के लिए

धारा 34 के अंतर्गत, वाद की तारीख से डिक्री की तारीख तक ब्याज किस पर दिया जा सकता है?

न्याय निर्णीत मूल राशि पर

डिक्री की तारीख से संदाय की तारीख तक ब्याज की अधिकतम सामान्य दर क्या है?

6% प्रतिवर्ष

वाणिज्यिक संव्यवहार से संबंधित मामलों में ब्याज की दर क्या हो सकती है?

संविदात्मक दर से अधिक नहीं

 

खर्चे

(Costs)

खर्च, (Costs) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 35

धारा 35 के अंतर्गत, न्यायालय मुकदमे की खर्चे के बारे में क्या आदेश दे सकता है?

किसी भी पक्ष को लागत वहन करने का आदेश दे सकता है

क्या न्यायालय यह निर्देश दे सकता है कि खर्चे मुकदमे के किसी विशेष भाग के लिए दी जाए?

हाँ,

क्या न्यायालय खर्चे से छूट देने का अधिकार रखता है?

हाँ, न्यायालय के विवेक पर

धारा 35 के तहत लागत किस प्रकार निर्धारित की जाती है?

न्यायालय के विवेक और न्याय की भावना के अनुसार

मिथ्या या तंग करने वाले दावों या प्रतिरक्षाओं के लिये प्रतिकारात्मक खर्चे, (Compensatory Costs in Respect of False or Vexatious Claims or defences) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 35

धारा (35-) का उद्देश्य क्या है?

मिथ्या या तंग करने वाले दावों/प्रतिरक्षाओं पर प्रतिकरात्मक खर्चा देना

धारा 35- के अनुसार, यदि कोई दावा या प्रतिरक्षा मिथ्या या तंग करने वाली पाई जाती है, तो क्या करना आवश्यक है?

न्यायालय को अपने कारणों को अभिलिखित करना होगा

धारा 35- के अनुसार, न्यायालय अधिकतम कितनी राशि तक प्रतिकारात्मक खर्चा अधिनिर्णीत कर सकता है?

₹3,000 या न्यायालय की अधिकारिता की सीमा में जो कम हो

क्या धारा 35- अपील या पुनरीक्षण की कार्यवाही पर लागू होती है?

नहीं, अपील या पुनरीक्षण इसमें सम्मिलित नहीं

क्या धारा 35- निष्पादन की कार्यवाही पर लागू होती है?

हाँ, पूरी तरह

किस स्थिति में उच्च न्यायालय किसी लघुवाद न्यायालय को अधिकतम ₹250 तक प्रतिकारात्मक खर्चे देने की अनुमति दे सकता है?

जब उस न्यायालय की अधिकारिता ₹250 से कम हो

विलम्ब कारित करने के लिये खर्चा, (Costs for Causing Delay) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 35

धारा 35-  किस परिस्थिति में लागू होती है?

जब पक्षकार कार्यवाही में विलम्ब करता है

यदि कोई पक्षकार नियत तारीख को अपेक्षित कार्यवाही नहीं करता या स्थगन मांगता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

पक्षकार को अन्य पक्षकार को खर्चा देने का आदेश दे सकता है

धारा 35- के तहत विलम्ब कारित करने के लिए खर्चा किसे लगाया जाता है?

जो पक्ष विलम्ब करता है

विलम्ब कारित करने के खर्चे का उद्देश्य क्या है?

विलम्ब रोकना और अनुशासन कायम रखना

क्या धारा 35- के तहत खर्चा स्वतः लगाया जाता है?

नहीं, इसके लिए आदेश आवश्यक है

विलम्ब कारित करने के खर्चे का निर्धारण कौन करता है?

न्यायालय

 

भाग-2

(Part-2)

निष्पादन

(Execution)

साधारण

(General)

धारा 36 किस अध्याय का आरंभ करती है?

निष्पादन

(Execution)

आदेशों का लागू होना, (Application to Orders) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 36

धारा 36  का मुख्य उद्देश्य क्या है?

डिक्री से संबंधित निष्पादन उपबंधों को आदेशों पर भी लागू करना

क्या धारा 36 के अंतर्गत डिक्री से संबंधित निष्पादन नियम आदेशों पर भी लागू होते हैं?

हाँ, यदि उन्हें लागू किया जा सकता हो

धारा 36  के अंतर्गतआदेशमें क्या सम्मिलित है?

आदेश के अधीन संदाय से संबंधित आदेश

डिक्री पारित करने वाले न्यायालय की परिभाषा, (Definition of Court Which Passed a Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 37

धारा 37 के अनुसार डिक्री पारित करने वाला न्यायालय किसे कहा जाता है?

वह न्यायालय जिसने डिक्री पारित की हो

यदि कोई डिक्री अपीलीय अधिकारिता में पारित की गई है, तो "डिक्री पारित करने वाला न्यायालय" कौन माना जाएगा?

प्रथम बार का न्यायालय

 

यदि प्रथम बार का न्यायालय अब अस्तित्व में नहीं है या उसकी निष्पादन की अधिकारिता समाप्त हो गई है, तब डिक्री किस न्यायालय से निष्पादित की जा सकती है?

वह न्यायालय जो उस वाद का विचारण कर सकता यदि नया वाद उसी समय संस्थित होता

धारा 37 में प्रयुक्त परिभाषा कब लागू नहीं होगी?

जब कोई बात, विषय या सन्दर्भ के विरुद्ध हो

 

वह न्यायालय जिसके द्वारा डिक्रियाँ निष्पादित की जा सकेंगी

(Court by Which Decrees May be Executed)

वह न्यायालय जिसके द्वारा डिक्री निष्पादित की जा सकेगी, (Court by Which Decree May be Executed) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 38

डिक्री का निष्पादन किस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है?

वह न्यायालय जिसने डिक्री पारित की या वह जिसे निष्पादन के लिए भेजा गया हो

धारा 38 के अनुसार डिक्री का निष्पादन कब अन्य न्यायालय द्वारा किया जा सकता है?

जब डिक्री निष्पादन के लिए भेजी जाती है

डिक्री का अन्तरण, (Transfer of Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 39

डिक्री को निष्पादन के लिए अन्य न्यायालय को भेजा जा सकता है, यदि:-

प्रतिवादी उस न्यायालय की अधिकारिता में रहता है

प्रतिवादी की सम्पत्ति उस न्यायालय की सीमा में है

डिक्री स्थावर संपत्ति के विक्रय का निर्देश देती है

क्या डिक्री पारित करने वाला न्यायालय स्वप्रेरणा से भी डिक्री को अन्य सक्षम न्यायालय को भेज सकता है?

हाँ

डिक्री अन्तरण के लिए "सक्षम अधिकारिता वाला न्यायालय" कौन-सा होगा?

ऐसा न्यायालय जो डिक्री पारित करने के समय उस वाद का विचारण कर सकता था

क्या धारा 39 किसी न्यायालय को अधिकार देती है कि वह अपनी क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर डिक्री निष्पादित करे?

नहीं

धारा 39 के अंतर्गत डिक्री का अन्तरण किसे कहा जाता है?

एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय को डिक्री की कार्यवाही स्थानांतरित करना

व्यतिकारी राज्य-क्षेत्रों के न्यायालयों द्वारा पारित डिक्रियों का निष्पादन, (Execution of Decrees Passed by Courts in Reciprocating Territory) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 44

व्यतिकारी राज्य-क्षेत्र के न्यायालय की डिक्री का भारत में निष्पादन किस प्रकार किया जाएगा?

मानो वह डिक्री भारत के जिला न्यायालय द्वारा पारित की गई हो

व्यतिकारी राज्य-क्षेत्र की डिक्री के निष्पादन हेतु किस प्रमाण की आवश्यकता होती है?

डिक्री की प्रमाणित प्रति और तुष्टि/समायोजन का प्रमाण-पत्र

डिक्री निष्पादन की प्रक्रिया पर धारा 47 कब से लागू मानी जाएगी?

जब डिक्री की प्रमाणित प्रति जिला न्यायालय में फाइल की जाती है

भारत के बाहर डिक्रियों का निष्पादन, (Execution of Decrees Outside India) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 45

आज्ञापत्र, (Precepts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 46

धारा 46 के अंतर्गत "आज्ञापत्र" किसके द्वारा जारी किया जा सकता है?

डिक्री निष्पादित करने वाले न्यायालय द्वारा

किस अवधि तक कुर्की की कार्यवाही आज्ञापत्र के अंतर्गत वैध रहती है?

दो माह

क्या कुर्की की अवधि को बढ़ाया जा सकता है?

डिक्री पारित करने वाले न्यायालय के आदेश से

आज्ञापत्र प्राप्त करने वाला न्यायालय किस प्रकार कार्यवाही करता है?

उसी प्रकार जैसे डिक्री निष्पादन में कुर्की की जाती है

 

प्रश्न जिनका अवधारणा डिक्री का निष्पादन करने वाला न्यायालय करेगा

(Questions to be Determined by Court Executing Decree)

प्रश्न जिनका अवधारणा डिक्री का निष्पादन करने वाला न्यायालय, (Questions to be Determined by the Court Executing Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 47

धारा 47 के अनुसार, वे सभी प्रश्न जो डिक्री के निष्पादन, उन्मोचन या तुष्टि से संबंधित होते हैं, उन्हें कौन अवधारित करेगा?

डिक्री का निष्पादन करने वाला न्यायालय

क्या धारा 47 के अंतर्गत आने वाले प्रश्नों को एक अलग वाद (separate suit) द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है?

नहीं, केवल निष्पादन न्यायालय ही तय करेगा

धारा 47 के अंतर्गत कौन-कौन पक्षकारों के बीच उठे प्रश्नों का समाधान निष्पादन न्यायालय करेगा?

वाद के पक्षकारों या उनके प्रतिनिधियों के बीच

डिक्री के किस पहलू से संबंधित प्रश्नों को धारा 47 के अंतर्गत लाया जा सकता है?

निष्पादन, उन्मोचन या तुष्टि

क्या निष्पादन न्यायालय धारा 47 के तहत प्रश्नों का निर्णय बिना पक्षकारों को सुने कर सकता है?

नहीं, पक्षकारों को सुनना आवश्यक है

 

अन्तरिती और विधिक प्रतिनिधि

(Transferees and Legal Representatives)

अन्तरिती, (Transferee) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 49

धारा 49 के अनुसार, डिक्री का अन्तरिती उसे किन शर्तों के अधीन धारण करता है?

वही साम्याएँ जो निर्णीत ऋणी मूल डिक्रीदार के विरुद्ध प्रवर्तित कर सकता था

डिक्री का 'अन्तरिती' (Transferee) कौन होता है?

वह व्यक्ति जिसे डिक्री का अधिकार किसी अन्य से मिला है

विधिक प्रतिनिधि, (Legal Representative) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 50

यदि निर्णीत ऋणी की मृत्यु डिक्री के पूर्णत: तुष्ट होने से पहले हो जाती है, तो डिक्री का निष्पादन किसके विरुद्ध किया जा सकता है?

मृतक के विधिक प्रतिनिधि के विरुद्ध

विधिक प्रतिनिधि डिक्री के लिए कब तक उत्तरदायी होता है?

केवल उस संपत्ति की सीमा तक जो उसके हाथ आई और व्ययनित नहीं की गई हो

क्या डिक्री निष्पादन न्यायालय विधिक प्रतिनिधि से लेखा (accounts) प्रस्तुत करने के लिए विवश कर सकता है?

हाँ, स्वप्रेरणा से या डिक्रीधारी के आवेदन पर

क्या विधिक प्रतिनिधि डिक्री की पूरी राशि के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होता है?

नहीं

 

निष्पादन की प्रक्रिया

(Procedure In Execution)

निष्पादन कराने की न्यायालय की शक्तियाँ, (Powers of Court to Enforce Execution) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 51

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा51 के अंतर्गत न्यायालय डिक्री के निष्पादन के लिए कौनसे विकल्पों में आदेश दे सकता है?

सम्पत्ति के परिदान द्वारा

संपत्ति की कुर्की और विक्रय या विक्रय बिना कुर्की के

गिरफ्तारी और कारागार में निरुद्धि

रिसीवर की नियुक्ति

ऐसी अन्य रीति से किया जाये जिसकी दिये गये अनुतोष की प्रकृति अपेक्षा

धन की डिक्री के मामले में कारागार में निरुद्धि का आदेश कब तक दिया जा सकता है?

जब न्यायालय लिखित में कारण दर्ज कर संतुष्ट हो कि निर्णयऋणी के पास भुगतान की क्षमता है और न्यायालय को लगता है कि वह संपत्ति छिपा सकता है, भाग सकता है या भुगतान करने में अयोग्य है

धारा 51 के अनुसार, निष्पादन कराने का आदेश किस न्यायालय द्वारा दिया जाता है?

वह न्यायालय जिसने डिक्री पारित की हो

क्या धारा 51 के तहत न्यायालय निष्पादन के लिए किस प्रकार के आदेश जारी कर सकता है?

सम्पत्ति की जब्ती का आदेश

 

गिरफ्तारी और निरोध

(Arrest and Detention)

गिरफ्तारी और निरोध, (Arrest and Detention) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 55

निर्णयित ऋणी को डिक्री के निष्पादन में कब गिरफ्तार किया जा सकता है?

किसी भी समय और किसी भी दिन

गिरफ्तारी के बाद निर्णयित ऋणी को कहाँ ले जाया जाएगा?

उस जिले के सिविल कारागार में

यदि संबंधित जिले के सिविल कारागार में उपयुक्त वास सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो निर्णयित ऋणी को कहाँ निरुद्ध किया जा सकता है?

राज्य सरकार द्वारा नियत किसी अन्य स्थान पर

क्या न्यायालय सूर्यास्त के बाद किसी के निवास में गिरफ्तारी के लिए प्रवेश कर सकता है?

नहीं, सूर्यास्त के बाद प्रवेश वर्जित है

क्या गिरफ्तार किए गए ऋणी को शीघ्रता से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक है?

हाँ, यथासाध्य शीघ्रता से

धन की डिक्री के निष्पादन में स्त्रियों की गिरफ्तारी या निरोध का निषेध, (Prohibition of Arrest or Detention of Women in Execution of Decree for Money) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 56

धारा 56 के अंतर्गत, क्या न्यायालय किसी स्त्री को धन की डिक्री के निष्पादन में गिरफ्तार कर सकता है?

नहीं, न्यायालय ऐसा आदेश नहीं देगा

धारा 56 किस प्रकार की डिक्री के निष्पादन में स्त्री की गिरफ्तारी पर रोक लगाती है?

धन के संदाय (payment of Money) की डिक्री

धारा 56 के अंतर्गत स्त्रियों को सिविल कारागार में निरुद्ध किया जा सकता है यदि वह धन नहीं चुकाती?

नहीं

जीवन निर्वाह भत्ता, (Subsistence-Allowance) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 57

धारा 57 के अनुसार, किस उद्देश्य से जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) निर्धारित किया जाता है?

निर्णीत ऋणी के जीवन निर्वाह हेतु

जीवन निर्वाह भत्ते की दर कौन निर्धारित कर सकता है?

राज्य सरकार

जीवन निर्वाह भत्ता किस रूप में दिया जाता है?

मासिक भत्ता

क्या राज्य सरकार जीवन निर्वाह भत्ते के मापदंड श्रेणीबद्ध कर सकती है?

हाँ, वह भत्तों को श्रेणीबद्ध करके नियत कर सकती है

निरोध और छोड़ा जाना, (Detention and Release) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 58

यदि डिक्री की राशि ₹5000 से अधिक है, तो निर्णयित ऋणी को अधिकतम कितनी अवधि के लिए सिविल कारागार में निरुद्ध किया जा सकता है?

3 महीने

यदि डिक्री की राशि ₹2000 से अधिक किंतु ₹5000 से कम है, तो अधिकतम निरोध की अवधि क्या होगी?

6 सप्ताह

यदि डिक्री की राशि ₹2000 से अधिक नहीं है, तो न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?

ऋणी को निरुद्ध नहीं किया जा सकता

एक बार सिविल कारागार में निरुद्ध होने के बाद छोड़े गए ऋणी को क्या उसी डिक्री के निष्पादन के लिए फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है?

नहीं, उसे दोबारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता

रुग्णता के आधार पर छोड़ा जाना, (Release on Ground of Illness) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 59

न्यायालय कब निर्णीत ऋणी की गिरफ्तारी के लिए निकाले गए वारण्ट को रद्द कर सकता है?

जब ऋणी गंभीर रुग्णता से पीड़ित हो

यदि निर्णीत ऋणी को सिविल कारागार में सुपुर्द कर दिया गया है, तो राज्य सरकार उसे किस आधार पर छोड़ सकती है?

संक्रामक या संक्रामणीय रोग होने पर

गंभीर बीमारी के आधार पर कारागार से छोड़ने का आदेश कौन दे सकता है?

सुपुर्द करने वाला न्यायालय या उसका अधीनस्थ न्यायालय

धारा 59 के अधीन छोड़े गए निर्णीत ऋणी को क्या दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है?

हाँ, किन्तु कुल निरोध अवधि धारा 58 में निर्दिष्ट सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए

 

कुर्की

(Attachment)

वह सम्पत्ति, जो डिक्री के निष्पादन में कुर्क और विक्रय की जा सकेगी, (Property Liable to Attachment and Sale in Execution of Decree)किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 60

कौन-सी सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क और विक्रय की जा सकती है?

निर्णयित ऋणी का भूमि और मकान
 
बैंक नोट, चेक और सरकारी प्रतिभूतियाँ
ऋणी की चल-अचल सम्पत्ति जिसमें वह व्यक्तिगत लाभ ले सकता है, इत्यादि

निर्णीत ऋणी, उसकी पत्नी और उसके बच्चों के पहनने के आवश्यक वस्त्र, भोजन पकाने के बर्तन, चारपाई और बिछौने और ऐसे निजी आभूषण जिन्हें कोई स्त्री धार्मिक प्रथा के अनुसार अपने से अलग नहीं कर सकती, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

शिल्पी के औजार और जहाँ निर्णीत ऋणी कृषक है, वहाँ उसके खेती के उपकरण और ऐसे पशु और बीज, जो न्यायालय की राय में उसे वैसी हैसियत में अपनी जीविका का उपार्जन करने के लिये समर्थ बनाने के लिये आवश्यक है और कृषि उपज का या कृषि उपज के किसी वर्ग का ऐसा भाग जो ठीक अगली धारा के उपबन्धों के अधीन दायित्व से मुक्त घोषित  कर दिया गया है, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

वे गृह और अन्य निर्माण (उसके मलवों और आस्थानों के तथा उनसे अव्यवहित रूप से अनुलग्न और उनके उपभोग के लिये आवश्यक भूमि के सहित) जो कृषक या श्रमिक या घरेलू नौकर के हैं और उसके अधिभोग में है, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

लेखाबहियाँ, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

नुकसानी के लिये वाद लाने का अधिकार - मात्र, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

वैयक्तिक सेवा कराने का कोई अधिकार, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

वे वृत्तिकायें और उपादान जो सरकार के या किसी स्थानीय प्राधिकारी के या किसी अन्य नियोजक के पेंशन भोगियों को अनुज्ञात है या ऐसी किसी सेवा कुटुम्ब पेंशन निधि में से, जो केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस निमित्त अधिसूचित की गयी है और राजनैतिक पेंशनें, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

श्रमिकों और घरेलू नौकरों की मजदूरी चाहे वह धन में या वस्तु के रूप में संदेय हो, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

भरण-पोषण की डिक्री से भिन्न किसी डिक्री के निष्पादन में वेतन के प्रथम [ एक हजार रुपये] और बाकी का दो-तिहाई, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

भरण-पोषण की डिक्री के निष्पादन में वेतन का एक तिहाई, क्या सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती?

नहीं

सेना, वायुसेना या नौसेना के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के संबंध में क्या नियम है?

ये कुर्क से पूर्णतः मुक्त होते हैं

क्या भविष्य निधि (Provident Fund) में की गई जमा राशि डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती है?

नहीं

निर्णयित ऋणी की बीमा पॉलिसी के अंतर्गत देय राशि के बारे में क्या स्थिति है?

वह कुर्क से छूट प्राप्त है

क्या शुद्ध संभावनात्मक अधिकार जैसेउत्तरजीविता का अधिकार, भविष्य की पेंशन आदि, कुर्क किए जा सकते हैं?

नहीं

धारा 60 के अनुसार कौन-सी सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की जा सकती है?

चल और अचल सम्पत्ति दोनों

डिक्री निष्पादन के लिए किन सम्पत्तियों का विक्रय किया जा सकता है?

केवल कुर्क की गई सम्पत्ति का विक्रय

कृषि उपज को भागतः छूट, (Partial Exemption of Agricultural Produce) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 61

 

आस्तियों  का वितरण

(Distribution of Assets)

निष्पादन विक्रय के आगमों का डिक्रीदारों के बीच आनुपातिक रूप से वितरित किया जाना, (Proceeds of Execution-Sale to be Rateably Distributed Among Decree-Holders) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 73

जहाँ आस्तियाँ न्यायालय द्वारा धारित हैं और ऐसी आस्तियों की अभिप्राप्ति के पूर्व एक से भनिन्छ गारियों ने की ऐसी निकियों के जो एक ही निर्णीत न्यागी के विरुद्ध पारित है निष्पादन के लिए आवेदन न्यायालय से किए हैं और उनकी तुष्टि अभिप्राप्त नहीं की है. वहां निष्पादन विक्रय के आगमों का डिक्रीदारों के बीच किस प्रकार वितरित किया जायेगा?

वसूली के खर्चों को काट लेने के पश्चात् वे आस्तिया सभी व्यक्तियों के बीच आनुपातिक रूप से वितरित की जाएंगी

 

निष्पादन का प्रतिरोध

(Resistance To Execution)

निष्पादन का प्रतिरोध, (Resistance to Execution) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 74

यदि स्थावर संपत्ति के कब्जे के निष्पादन में प्रतिरोध किया जाता है, तो न्यायालय किसकी प्रेरणा से कार्यवाही कर सकता है?

डिक्रीदार या विक्रेता की प्रेरणा से

यदि प्रतिरोध न्यायसंगत कारण के बिना किया गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

निर्णीत ऋणी या संबंधित व्यक्ति को सिविल कारागार में निरुद्ध करने का आदेश दे सकता है

धारा 74 के अनुसार, प्रतिरोध करने वाले को अधिकतम कितनी अवधि तक सिविल कारागार में निरुद्ध किया जा सकता है?

30 दिन

क्या न्यायालय यह आदेश भी दे सकता है कि डिक्रीदार या विक्रेता को संपत्ति का कब्जा दिलाया जाए?

हाँ, न्यायालय ऐसा अतिरिक्त निदेश दे सकता है

 

भाग-3

(Part-3)

आनुषंगिक कार्यवाहियाँ

(Incidental Proceedings)

कमीशन

(Commissions)

कमीशन निकालने की न्यायालय की शक्ति, (Power of Court to Issue Commissions) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 75

धारा 75 के अनुसार, न्यायालय किस प्रयोजन हेतु कमीशन निकाल सकता है?

किसी व्यक्ति की परीक्षा करने के लिए

क्या न्यायालय स्थानीय अन्वेषण (local Investigation) के लिए कमीशन निकाल सकता है?

हाँ

क्या न्यायालय लेखों की परीक्षा या उनका समायोजन करने के लिए कमीशन नियुक्त कर सकता है?

हाँ, यदि न्यायालय आवश्यक समझे

ऐसी कौन-सी सम्पत्ति के लिए न्यायालय कमीशन के माध्यम से विक्रय करवा सकता है?

शीघ्र और प्रकृत्या क्षयशील संपत्ति

क्या न्यायालय वैज्ञानिक, तकनीकी या विशेषज्ञ अन्वेषण के लिए कमीशन निकाल सकता है?

हाँ, धारा 75 के अंतर्गत

कौन-सा कार्य न्यायालय द्वारा कमीशन के माध्यम से करवाया जा सकता है?

अनुसचिवीय (Ministerial) कार्य

अन्य न्यायालय को कमीशन, (Commission to Another Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 76

धारा 76 का संबंध किससे है?

किसी व्यक्ति की परीक्षा के लिए अन्य राज्य के न्यायालय को कमीशन भेजने से

क्या कमीशन उच्च न्यायालय को भी भेजा जा सकता है?

नहीं, धारा 76 के अनुसार नहीं

यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य राज्य में निवास करता है, तो उसकी परीक्षा के लिए कमीशन कहाँ भेजा जाएगा?

उस स्थान से अधिकारिता रखने वाले उपयुक्त न्यायालय को

क्या कमीशन प्राप्त करने वाला न्यायालय व्यक्ति की परीक्षा कर सकता है?

हाँ, या वह परीक्षा करवा सकता है

जब कमीशन निष्पादित हो जाए, तो क्या करना आवश्यक है?

उसे साक्ष्य सहित वापस उस न्यायालय को भेजना चाहिए जिसने कमीशन निकाला था

क्या कमीशन के निष्पादन में न्यायालय निर्देशों में संशोधन कर सकता है?

हाँ, अगर कमीशन के आदेश में ऐसा प्रावधान हो

आनुरोध पत्र, (Letter of Request) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 77

धारा 77 के अनुसार, न्यायालय किसके लिए अनुरोध-पत्र (Letter of Request) निकाल सकता है?

विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति की परीक्षा के लिए

आनुरोध पत्र (Letter of Request) का प्रयोग किस स्थिति में किया जाता है?

जब गवाह भारत के बाहर रहता हो

कौन-सी धारा के तहत न्यायालय विदेश में रहने वाले व्यक्ति की परीक्षा के लिए अनुरोध पत्र जारी कर सकता है?

धारा 77

क्या अनुरोध-पत्र (Letter of Request) केवल विदेश में रहने वाले व्यक्ति की परीक्षा के लिए ही जारी किया जा सकता है?

हाँ

विदेशी न्यायालयों द्वारा निकाले गये कमीशन, (Commissions Issued by Foreign Courts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 78

केन्द्रीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित न्यायालयों के कमीशन पर धारा 78 लागू होती है?

हाँ

धारा 78 के अनुसार, किसके द्वारा निकाले गए कमीशन लागू होंगे?

भारत के उन भागों के न्यायालयों द्वारा जहाँ संहिता लागू नहीं है

 

भाग-4

(Part-4)

विशिष्ट मामलों में वाद

(Suits In Particular Cases)

सरकार द्वारा उसके विरुद्ध वाद या अपनी पदीय हैसियत में लोक-अधिकारी द्वारा या उसके विरुद्ध वाद

(Suits By or Against the Government or Public Officers in Their Official Capacity)

सरकार द्वारा या उसके विरुद्ध वाद, (Suits by or Against Government) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 79

धारा 79 के अनुसार, जब केन्द्रीय सरकार द्वारा या उसके विरुद्ध वाद होता है, तो वादी या प्रतिवादी के रूप में किसे नामित किया जाएगा?

भारत संघ

जब किसी राज्य सरकार द्वारा या उसके विरुद्ध वाद होता है, तो वादी या प्रतिवादी के रूप में किसे नामित किया जाएगा?

राज्य सरकार स्वयं

सूचना, (Notice) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 80

सिविल प्रक्रिया संहिता धारा 80 के अनुसार, सरकार के विरुद्ध वाद तब तक संस्थित नहीं किया जाएगा जब तक क्या प्रदान नहीं किया जाता?

लिखित सूचना जिसमें वादी का नाम, निवास स्थान और दावा शामिल हो

केन्द्रीय सरकार के विरुद्ध वाद की दशा में सूचना किसे दी जाएगी (जब वह रेल से संबंधित हो)?

सरकार के सचिव

जब केन्द्रीय सरकार के विरुद्ध वाद रेल से संबंधित हो, तो सूचना किसे दी जाएगी?

रेल के प्रधान प्रबंधक

जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार के विरुद्ध वाद में सूचना किसे दी जाएगी?

मुख्य सचिव या सरकार द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी

राज्य सरकार के विरुद्ध वाद में सूचना किसे दी जानी चाहिए?

सरकार के सचिव या जिले के कलेक्टर

सूचना देने के बाद वाद पत्र में क्या कथन होना आवश्यक है?

सूचना परिदत्त या छोड़ी जाने का विवरण

धारा 80 के अंतर्गत सूचना सरकार को कितने दिन पहले दी जानी चाहिए?

दो मास

गिरफ्तारी और स्वीय उपसंजाति से छूट, (Exemption from Arrest and Personal Appearance) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 81

धारा 81 के अनुसार, किस प्रकार के कार्य के लिए लोक अधिकारी को विशेष छूट दी जाती है?

पदीय हैसियत में किए गए कार्य के लिए

यदि लोक अधिकारी के विरुद्ध उसकी पदीय कार्यवाही से संबंधित वाद किया गया है, तो क्या प्रभाव होता है?

वह गिरफ्तारी और संपत्ति की कुर्की से डिक्री के निष्पादन को छोड़कर छूट प्राप्त करता है

किस स्थिति में न्यायालय लोक अधिकारी को स्वीय उपसंजाति (personal appearance) से छूट प्रदान कर सकता है?

जब न्यायालय संतुष्ट हो कि वह लोक सेवा का अपकार किए बिना अनुपस्थित नहीं हो सकता

डिक्री का निष्पादन, (Execution of Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 82

धारा 82 के अंतर्गत, यदि सरकार या लोक अधिकारी के विरुद्ध डिक्री पारित होती है, तो उसे कब निष्पादित किया जा सकता है?

डिक्री की तारीख से तीन माह के बाद यदि तुष्ट की गई हो

धारा 82 किसके विरुद्ध पारित डिक्री पर लागू होती है?

सरकार, राज्य या लोक अधिकारी के विरुद्ध

विदेशी राज्य कब वाद ला सकेंगे, (When foreign States may Sue) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 84

विदेशी राज्यों, राजदूतों और दूतों के विरुद्ध वाद, (Suits Against Foreign Rulers, Ambassadors and Envoys) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 86

 

अन्तराभिवाची

(Interpleader)

अन्तराभिवाची वाद कहाँ संस्थित किया जा सकेगा, (Where Interpleader Suit may be Instituted) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 88

अन्तराभिवाची वाद (Interpleader Suit) किस स्थिति में संस्थित किया जा सकता है?

जब दो या अधिक व्यक्ति किसी ऋण, धन या सम्पत्ति पर परस्पर विरोधी दावा करें और तीसरा व्यक्ति उस पर कोई स्वार्थ रखता हो

अन्तराभिवाची वाद का उद्देश्य क्या है?

दावेदारों के अधिकारों का निर्धारण और वादी को दायित्व से मुक्त करना

अन्तराभिवाची वाद कौन संस्थित कर सकता है?

कोई भी वादी जिसके पास संपत्ति हो और वह उसे देने को तैयार हो

अन्तराभिवाची वाद कब नहीं किया जा सकता?

जब कोई और वाद पहले से लंबित हो जिसमें सभी पक्षकारों के अधिकार उचित रूप से विनिश्चित हो सकते हैं

अन्तराभिवाची वाद में वादी का क्या उद्देश्य होता है?

यह निश्चित कराना कि उसे किसे संपत्ति या धन देना है

 

भाग-5

(Part-5)

विशेष कार्यवाहियाँ

(Special Proceedings)

माध्यस्थम्

(Arbitration)

न्यायालय के बाहर विवादों का निपटारा, (Settlement of Disputes Outside the Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 89

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

न्यायालय के बाहर वैकल्पिक विवाद निपटान को प्रोत्साहित करना

न्यायालय किन विधियों से विवाद निपटान के लिए पक्षकारों को निर्देश दे सकता है?

मध्यस्थता, सुलह, न्यायिक निपटारा (लोक अदालत सहित), और बीच-बचाव

जब न्यायालय को लगता है कि समझौते की संभावना है, तो वह सबसे पहले क्या करता है?

समझौते के निबंधन बनाकर पक्षकारों को उनकी टिप्पणी हेतु देता है

क्या अपील धारा 89 के अंतर्गत विवाद निपटान की विधियों में शामिल है

नहीं

धारा 89 के अंतर्गत विवाद निपटान की विधियों में क्या शामिल है?

मध्यस्थता (Mediation)
सुलह (Conciliation)
लोक अदालत

क्या न्यायालय, पक्षकारों की टिप्पणियाँ प्राप्त करने के बाद समझौते के निबंधन में संशोधन कर सकता है?

हाँ, न्यायालय पुनः निबंधन बना सकता है

 

विशेष मामला

(Special Case)

न्यायालय की राय के लिये मामले का कथन करने की शक्ति, (Power to State Case for Opinion of Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 90

धारा 90 के अंतर्गत, कोई व्यक्ति न्यायालय की राय प्राप्त करने के लिए क्या करना आवश्यक होता है?

न्यायालय में लिखित करार करना

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 90 के अनुसार, मामला किस उद्देश्य से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है?

राय प्राप्त करने के लिए

क्या धारा 90 के अंतर्गत न्यायालय को मामला विचारण एवं अवधारण करने का अधिकार है?

हाँ, विहित रीति से

धारा 90 का प्रयोग मुख्यतः किस स्थिति में किया जाता है?

जब किसी विधिक प्रश्न पर न्यायालय की राय आवश्यक हो

सिविल प्रक्रिया संहिता की किस धारा के अंतर्गत न्यायालय को " मामला बताया गया " यानी राय के लिए मामला प्रस्तुत करने की शक्ति दी गई है?

धारा 90

 

लोक - न्यूसेन्स और लोक पर प्रभाव डालने वाले अन्य दोषपूर्ण कार्य

(Public Nuisances and Other Wrongful Acts Affecting the Public)

लोक - न्यूसेन्स और लोक पर प्रभाव डालने वाले अन्य दोषपूर्ण कार्य, (Public Nuisances and Other Wrongful Acts Affecting the Public) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 91

धारा 91 सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के अंतर्गत कौन-से कार्य आते हैं?

लोक-न्यूसेन्स और लोक पर प्रभाव डालने वाले दोषपूर्ण कार्य

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 91 के अनुसार, लोक-न्यूसेन्स या अन्य दोषपूर्ण कार्य के विरुद्ध वाद किसके द्वारा दायर किया जा सकता है?

महाधिवक्ता द्वारा या दो या अधिक व्यक्ति न्यायालय की अनुमति से

यदि दो या अधिक व्यक्ति किसी लोक-न्यूसेन्स के विरुद्ध वाद दायर करते हैं, तो क्या उन्हें विशेष हानि का होना आवश्यक है?

 

नहीं, विशेष हानि आवश्यक नहीं है

क्या धारा 91 के प्रावधान अन्य वैधानिक अधिकारों को सीमित करते हैं?

नहीं, यह किसी स्वतन्त्र अधिकार को प्रभावित नहीं करता

विल प्रक्रिया संहिता की धारा 91 का उद्देश्य क्या है?

लोक हित में कार्यवाही को सक्षम बनाना

धारा 91 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लोक-न्यूसेन्स करता है तो किसे वाद किया जा सकता है?

वह व्यक्ति जो सार्वजनिक शांति या व्यवस्था को बाधित करता है

लोक-न्यूसेन्स के मामले में न्यायालय की क्या भूमिका होती है?

दोषपूर्ण कार्य को रोकने के लिए उचित आदेश जारी करना

धारा 91 के तहत मुकदमा कौन दायर कर सकता है?

कोई भी व्यक्ति जो लोक-न्यूसेन्स से प्रभावित हो

किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 91 के तहत लोक-न्यूसेन्स को रोकने का आदेश दिया?

वज्रवाल बनाम नगर निगम

(AIR 1979 SC 1749)

लोकपूर्त कार्य, (Public Charities) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 92

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 92 के अंतर्गत वाद कौन संस्थित कर सकता है?

महाधिवक्ता या न्यायालय की अनुमति प्राप्त दो या अधिक व्यक्ति

धारा 92 सिविल प्रक्रिया संहिता का प्रयोग किस प्रकार के ट्रस्टों पर किया जा सकता है?

पूर्त या धार्मिक प्रकृति के लोक प्रयोजन वाले ट्रस्टों पर

कौन-सा आदेश धारा 92 सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत न्यायालय द्वारा पारित किया जा सकता है?

स्कीम स्थिर करने का आदेश

धारा 92 के अंतर्गत वाद किस न्यायालय में दायर किया जा सकता है?

प्रारंभिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय में या राज्य सरकार द्वारा सशक्त किसी अन्य न्यायालय में

क्या सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 92 के अंतर्गत वाद प्रतिरोधात्मक (defensive) भी हो सकता है?

हाँ, आक्रामक या प्रतिरोधात्मक दोनों हो सकते हैं

धारा 92 सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायालय कौन-सा कार्य नहीं कर सकता?

आपराधिक सजा देना

न्यास-संपत्ति को पट्टे पर उठाने, विक्रय या बन्धक करने की अनुमति देने के लिए कौन सी धारा लागू होती है?

धारा 92

प्रेसीडेन्सी नगरों के बाहर महाधिवक्ता की शक्तियों का प्रयोग, (Exercise of Powers of Advocate-General Outside Presidency-Towns) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 93

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 93 किससे संबंधित है?

महाधिवक्ता की शक्तियों के प्रयोग से संबंधित

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 93 के अनुसार, महाधिवक्ता की शक्तियों का प्रयोग प्रेसीडेन्सी नगरों के बाहर कौन कर सकता है?

कलेक्टर या राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी

धारा 93 के तहत कलेक्टर या अन्य अधिकारी महाधिवक्ता की कौन सी शक्तियाँ प्रयोग कर सकता है?

धारा 91 और 92 के अंतर्गत शक्तियाँ

क्या कलेक्टर को धारा 91 92 के अंतर्गत शक्तियाँ स्वतः मिलती हैं?

नहीं, राज्य सरकार की पूर्व-मंजूरी से

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 93 मुख्य रूप से किन क्षेत्रों में लागू होती है?

प्रेसीडेन्सी नगरों के बाहर

 

भाग-6

(Part-6)

अनुपूरक कार्यवाहियाँ

(Supplemental Proceedings)

अनुपूरक कार्यवाहियाँ, (Supplemental Proceedings) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 94

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 94 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

न्याय के उद्देश्यों की विफलता को रोकना

धारा 94 के अंतर्गत न्यायालय किसे गिरफ्तार करने का वारण्ट जारी कर सकता है?

प्रतिवादी को, यदि वह प्रतिभूति नहीं देता

यदि प्रतिवादी प्रतिभूति देने में विफल रहता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसे सिविल कारागार भेज सकता है

क्या न्यायालय धारा 94 के अंतर्गत किसी संपत्ति की कुर्की का आदेश दे सकता है?

हाँ, प्रतिवादी की संपत्ति पर

कौन-सा आदेश धारा 94 सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत पारित किया जा सकता है?

संपत्ति का रिसीवर नियुक्त करना

क्या न्यायालय ऐसे अंतर्वर्ती आदेश पारित कर सकता है जो उसे न्याससंगत और सुविधाजनक प्रतीत हों?

हाँ, धारा 94 के अंतर्गत

धारा 94 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति स्थायी व्यादेश की अवज्ञा करता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

अवज्ञा करने वाले को सिविल कारागार भेज सकता है और उसकी संपत्ति कुर्क कर सकता है

अनुपूरक कार्यवाहियों के लिए न्यायालय की शक्ति किस धारा में वर्णित है?

धारा 94

धारा 94 के तहत किस प्रकार के आदेश जारी किए जा सकते हैं?

ऐसे आदेश जो वाद की प्रगति में सहायता करें

किस केस में यह तय किया गया कि धारा 94 न्यायालय को सहायक कार्यवाहियाँ करने की व्यापक शक्ति देती है?

हरिदास बनाम भारत सरकार

(AIR 1965 SC 200)

क्या धारा 94 के तहत न्यायालय की शक्ति सीमित है?

नहीं, यह व्यापक है

अपर्याप्त आधारों पर गिरफ्तारी, कुर्की या व्यादेश प्राप्त करने के लिये, (Compensation for Obtaining Arrest, Attachment or Injunction On Insufficient Grounds) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 95

 

भाग 7

(Part-7)

अपीलें

(Appeals)

मूल डिक्रियों की अपीलें

(Appeals From Original Decrees)

मूल डिक्री की अपील, (Appeal from Original Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 96

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96 के अनुसार, मूल डिक्री की अपील कहाँ की जाएगी?

उस न्यायालय में जो आरम्भिक अधिकारिता वाले न्यायालय के निर्णयों की अपील सुनने के लिए प्राधिकृत हो

क्या एक पक्षीय पारित मूल डिक्री की अपील हो सकती है?

हाँ, एक पक्षीय पारित मूल डिक्री की भी अपील हो सकती है

किस परिस्थिति में मूल डिक्री की कोई अपील नहीं हो सकती?

जब पक्षकारों की सहमति से डिक्री पारित हो

लघुवाद न्यायालयों द्वारा संज्ञेय वाद में दी गई डिक्री की अपील कब की जा सकती है?

जब डिक्री की रकम दस हजार रुपये से अधिक हो और केवल विधि के प्रश्न पर हो

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96 किस प्रकार के आदेशों पर अपील का प्रावधान करती है?

केवल मूल डिक्री पर

जहाँ प्रारम्भिक डिक्री की अपील नहीं की गयी वहाँ अन्तिम डिक्री की, (Appeal from Final Decree Where No Appeal from Preliminary Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 97

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 97 के अनुसार, यदि कोई पक्षकार प्रारम्भिक डिक्री की अपील नहीं करता है, तो वह क्या कर सकता है?

वह उस प्रारम्भिक डिक्री की शुद्धता को अन्तिम डिक्री की अपील में चुनौती नहीं दे सकेगा।

धारा 97 का उद्देश्य क्या है?

प्रारम्भिक डिक्री की अपील करने वाले पक्षकारों को अन्तिम डिक्री में उस डिक्री की शुद्धता चुनौती देने से रोकना

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 97 कब लागू होती है?

जब प्रारम्भिक डिक्री की अपील नहीं की गई हो

क्या कोई पक्षकार प्रारम्भिक डिक्री की अपील नहीं करने के बाद, अंत में उस डिक्री की वैधता पर विवाद कर सकता है?

नहीं, वह ऐसा नहीं कर सकता

जहाँ कोई अपील दो या अधिक न्यायाधीशों द्वारा सुनी जाये वहाँ, (Decision Where Appeal Heard by Two or More Judges) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 98

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 98 के अनुसार, यदि अपील दो या अधिक न्यायाधीशों के समक्ष सुनी जाती है, तो निर्णय किसके अनुसार होगा?

न्यायाधीशों की बहुसंख्या की राय के अनुसार

कोई भी डिक्री ऐसी गलती या अनियमितता के कारण जिससे गुणागुण या अधिकारिता पर प्रभाव नहीं पड़ता है तो उलटी जाएगी और उपान्तरित की जाएगी, (No Decree to be Reversed or Modified for Error or Irregularity Not Affecting Merits or Jurisdiction) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 99

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 99 के अनुसार, कौन-सी गलतियों के कारण डिक्री को उलटा या संशोधित नहीं किया जाएगा?

ऐसी गलती जिससे गुणागुण या अधिकारिता पर प्रभाव पड़े

यदि कोई त्रुटि या अनियमितता वाद हेतुकों के कुसंयोजन या असंयोजन में हो, तो क्या होगा?

डिक्री तो उलटी जाएगी और उसमें सारभूत फेरफार किया जाएगा

 

अपीलीय डिक्रियों की अपीलें

(Appeals from Appellate Decrees)

द्वितीय अपील, (Second Appeal) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 100

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 100 के अनुसार, कब उच्च न्यायालय में द्वितीय अपील की जा सकती है?

जब प्रथम अपील के निर्णय में विधि का कोई सारवान् प्रश्न अन्तर्वलित हो।

क्या एक पक्षीय पारित अपीलीय डिक्री की भी द्वितीय अपील हो सकती है?

हाँ, एक पक्षीय पारित अपीलीय डिक्री की भी अपील हो सकती है।

द्वितीय अपील में विधि के सारवान् प्रश्न का क्या किया जाना आवश्यक है?

उस प्रश्न का संक्षिप्त कथन अपील के ज्ञापन में किया जाना चाहिए।

यदि उच्च न्यायालय को यह समाधान हो जाता है कि सारवान् विधि का प्रश्न अन्तर्वलित है, तो वह क्या करेगा?

उस प्रश्न को बनाएगा और उस पर अपील सुनेगा।

क्या उच्च न्यायालय विधि के किसी अन्य सारवान् प्रश्न पर अपील सुनने की शक्ति को वापस ले सकता है?

नहीं, जब तक कि वह न्यायालय ने नहीं बनाया हो।

कुछ मामलों में आगे अपील का होना, (No Further Appeal in certain Cases) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 100

द्वितीय अपील का किसी भी अन्य आधार पर होना, (Second Appeal on no Other Grounds) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 101

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 101 के अनुसार, द्वितीय अपील किन आधारों पर की जा सकती है?

केवल धारा 100 में वर्णित आधारों पर ही

क्या द्वितीय अपील धारा 100 के अलावा किसी अन्य आधार पर की जा सकती है?

नहीं, केवल धारा 100 के आधार पर ही

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 101 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

द्वितीय अपील के आधारों को सीमित करना

कतिपय मामलों में द्वितीय अपील का होना, (No Second Appeal in Certain Cases) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 102

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 102 के अनुसार, किन मामलों में द्वितीय अपील नहीं की जा सकती?

जब वाद पच्चीस हजार रुपये से कम राशि की वसूली से संबंधित हो

तथ्य विवाद्यकों का अवधारण करने की उच्च न्यायालय की शक्ति, (Power of High Court to Determine Issue of Fact) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 103

 

आदेशों की अपील

(Appeals from Orders)

वे आदेश जिनकी अपील होगी, (Orders from which Appeal Lies) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 104

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 104 के अनुसार, कौन-से आदेशों की अपील की जा सकती है?

केवल वे आदेश जो धारा 104 में निर्दिष्ट हैं

क्या धारा 91 या 92 के अधीन वाद दायर करने की अनुमति से इंकार करने वाला आदेश अपील योग्य है?

हाँ

धारा 104 के अनुसार, क्या ऐसे आदेश की अपील की जा सकती है जो धारा 95 के अधीन पारित हुआ हो?

हाँ

क्या किसी ऐसे आदेश की अपील की जा सकती है जो जुर्माना अधिरोपित करता है या गिरफ्तारी/निरोध निर्दिष्ट करता है?

हाँ, सिवाय जब वह डिक्री के निष्पादन में हो

धारा 104 की उपधारा (2) के अनुसार, क्या धारा 104 के तहत पारित आदेश की पुनः अपील संभव है?

नहीं, किसी भी स्थिति में नहीं

अन्य आदेश, (Other Orders) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 105

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 105 के अनुसार, सामान्यतः किसी आदेश की अपील नहीं की जा सकती जब तक कि:

वह अपीलीय डिक्री से जुड़ा हो और उसकी अपील की अनुमति हो

यदि किसी आदेश में की गई त्रुटि डिक्री की अपील में मामले के निर्णय को प्रभावित करती है, तो क्या किया जा सकता है?

त्रुटि को अपील ज्ञापन में एक आधार के रूप में शामिल किया जा सकता है

धारा 105(2) के अनुसार, यदि प्रतिप्रेषण आदेश की अपील नहीं की गई, तो

उसकी वैधता को भविष्य में विवादित नहीं किया जा सकता

धारा 105 किस प्रकार की कार्यवाहियों से संबंधित है?

सिविल प्रक्रिया संहिता में न्यायालयों के सभी प्रकार के आदेश

क्या धारा 105 के अंतर्गत डिक्री के बिना पारित किसी आदेश के विरुद्ध स्वतः अपील हो सकती है?

नहीं, जब तक विधि द्वारा अभिव्यक्त रूप से अनुमति हो

कौन से न्यायालय अपील सुनेंगे, (What Courts to Hear Appeals) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 106

 

अपील सम्बन्धी साधारण उपबन्ध

(General Provisions Relating to Appeals)

अपील न्यायालय की शक्तियाँ, (Powers of Appellate Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 107

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के अनुसार, अपीलीय न्यायालय को कौन-कौन सी शक्तियाँ प्राप्त हैं?

मामले का अंतिम रूप से निर्णय करना
मामले को प्रतिप्रेषित करना
विवाद्यक विरचित करना और उन्हें विचारण हेतु निर्देशित करना

अतिरिक्त साक्ष्य ले या ऐसे साक्ष्य का लिया जाना अपेक्षित करे

क्या अपील न्यायालय स्वयं अतिरिक्त साक्ष्य ले सकता है?

आरम्भिक अधिकारिता वाले न्यायालय को होती हैं

अपीलीय न्यायालय को वे ही शक्तियाँ प्राप्त होती हैं जो:

आरम्भिक अधिकारिता वाले न्यायालय को होती हैं

अपील न्यायालय के कार्यों और कर्तव्यों की सीमा क्या है?

वह इस संहिता के अनुसार तय की गई शर्तों और परिसीमाओं के अधीन कार्य करेगा

क्या अपीलीय न्यायालय को नए विवाद्यक तय करने का अधिकार है?

हाँ, वह स्वयं विवाद्यक तय कर सकता है और विचारण हेतु निर्देशित कर सकता है

अपीलीय डिक्रियों और आदेशों की अपीलों में प्रक्रिया, (Procedure in Appeals from Appellate Decrees and Orders) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 108

 

उच्चतम न्यायालय में अपीलें

(Appeals to the Supreme Court)

उच्चतम न्यालय में अपीलें कब होंगी?, (When Appeals Lie to the Supreme Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 109

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 109 के अनुसार, उच्चतम न्यायालय में अपील तब की जा सकती है जब:

हाईकोर्ट प्रमाणित करे कि मामला एक व्यापक महत्व के विधिक प्रश्न से संबंधित है

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 109 के तहत अपील की अनुमति देने के लिए कौन-से दो शर्तें आवश्यक हैं?

विधि का सारवान् प्रश्न और

उच्चतम न्यायालय द्वारा उसका विनिश्चय आवश्यक होना

उच्चतम न्यायालय में अपील की प्रक्रिया किसके नियमों के अधीन होती है?

उच्चतम न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के

 

भाग-8

(Part-8)

निर्देश, पुनर्विलोकन और पुनरीक्षण

(Reference, Review and Revision)

उच्च न्यायालय को निर्देश, (Reference to High Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 113

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 113 के अनुसार, अधीनस्थ न्यायालय किस स्थिति में मामला उच्च न्यायालय को संदर्भित (refer) कर सकता है?

जब न्यायालय को संदेह हो कि कोई अधिनियम या उपबन्ध विधिसम्मत नहीं है

क्या अधीनस्थ न्यायालय स्वेच्छा से किसी भी मामले को उच्च न्यायालय को भेज सकता है?

केवल शर्तों और परिसीमाओं के अधीन

जब अधीनस्थ न्यायालय को लगता है कि कोई अधिनियम, अध्यादेश, या विनियम अविधिमान्य या अप्रवर्तनीय हो सकता है, तो उसे क्या करना होता है?

मामला उच्च न्यायालय को निर्देशित करना

धारा 113 का उद्देश्य है:

कानून की विधिमान्यता पर उच्च न्यायालय की राय प्राप्त करना

क्या धारा 113 के तहत कोई भी संदर्भ तब किया जा सकता है जब उच्च या सर्वोच्च न्यायालय पहले ही उस अधिनियम की विधिमान्यता को मान्यता दे चुका हो?

नहीं, ऐसे मामलों में संदर्भ नहीं किया जा सकता

पुनर्विलोकन, (Review) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 114

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 114 के अंतर्गत पुनर्विलोकन का आवेदन कौन कर सकता है?

कोई भी व्यक्ति जो उस डिक्री या आदेश से व्यथित हो

क्या पुनर्विलोकन का आवेदन उस डिक्री के विरुद्ध किया जा सकता है जिसकी अपील नहीं की गई है?

हाँ, यदि अपील की अनुमति है लेकिन अपील दायर नहीं की गई है

क्या पुनर्विलोकन की याचिका उस आदेश के विरुद्ध की जा सकती है जिसकी अपील अनुज्ञात नहीं है?

हाँ

धारा 114 के अंतर्गत कौन-सा न्यायालय पुनर्विलोकन याचिका पर सुनवाई करता है?

वही न्यायालय जिसने वह डिक्री या आदेश पारित किया

क्या लघुवाद न्यायालय के निर्देश पर किए गए निर्णय के विरुद्ध पुनर्विलोकन संभव है?

हाँ, धारा 114 के अंतर्गत

पुनरीक्षण, (Revision) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 115

धारा 115 के अनुसार, उच्च न्यायालय पुनरीक्षण की शक्ति का प्रयोग कब करता है?

जब कोई अपील नहीं होती और आदेश में अधिकारिता या तात्विक त्रुटि हो

पुनरीक्षण की शक्ति का प्रयोग कौन-सा न्यायालय करता है?

उच्च न्यायालय

उच्च न्यायालय कब किसी अधीनस्थ न्यायालय के आदेश की जाँच (Revision) कर सकता है?

जब अधीनस्थ न्यायालय ने विधि द्वारा निहित अधिकारिता का उल्लंघन किया हो

किस स्थिति में उच्च न्यायालय पुनरीक्षण नहीं कर सकता?

आदेश अपीलीय हो

यदि अधीनस्थ न्यायालय किसी ऐसी शक्ति का प्रयोग करता है जो उसे विधि द्वारा प्राप्त नहीं है, तो क्या उच्च न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है?

हाँ, धारा 115 के अंतर्गत

धारा 115 के तहत पुनरीक्षण के लिए किन मामलों में आवेदन किया जा सकता है?

न्यायालय की अधिकारिता का उल्लंघन, निर्णय में स्पष्ट त्रुटि या न्यायालय का पक्षपात, आदेश का अन्यायपूर्ण होना

पुनरीक्षण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण क्या है?

पुनरीक्षण केवल महत्वपूर्ण और न्यायसंगत कारणों पर दिया जाता है

किस केस में उच्च न्यायालय ने पुनरीक्षण का अधिकार सीमित किया?

आर.पी. मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश

धारा 115 के तहत पुनरीक्षण कब नहीं किया जा सकता?

जब कोई स्पष्ट त्रुटि हो, जब आदेश न्यायालय के अधिकार में हो, जब आदेश पर अपील लंबित हो

 

भाग-10

(Part-10)

नियम

(Rules)

प्रथम अनुसूची के नियमों का प्रभाव, (Effect of Rules in First Schedule) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 121

प्रथम अनुसूची के नियमों का क्या प्रभाव होगा जब तक वे इस भाग के उपबन्धों के अनुसार निरस्त या परिवर्तित किए जाएं?

वे संहिता के पाठ में अधिनियमित माने जाएंगे

नियम बनाने की कुछ उच्च न्यायालयों की शक्ति, (Power of Certain High Courts to Make Rules) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 122

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 122 के अनुसार कौन से उच्च न्यायालय नियम बनाने की शक्ति रखते हैं?

ऐसे उच्च न्यायालय जो न्यायिक आयुक्त के न्यायालय नहीं हैं

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 122 के अनुसार उच्च न्यायालय किस प्रकार के नियम बना सकते हैं?

अपनी प्रक्रिया और अधीक्षण के अधीन आने वाले सिविल न्यायालयों की प्रक्रिया के नियम

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 122 के अंतर्गत उच्च न्यायालय नियम बनाते समय क्या आवश्यक है?

नियमों का पूर्व प्रकाशन करना

सिविल प्रक्रिया संहिता सेक्शन 122 के अनुसार उच्च न्यायालय प्रथम अनुसूची के नियमों के संबंध में क्या कर सकते हैं?

उन्हें बातिल या परिवर्तित कर सकते हैं या उनमें परिवर्तन कर सकते हैं

कुछ राज्यों में नियम- समितियों का गठन, (Constitution Of Rules Committees In Certain States) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 123

समिति उच्च न्यायालय को रिपोर्ट करेगा, (Committee to Report to High Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 124

समिति किसे रिपोर्ट करेगी?

उच्च न्यायालय को

समिति किस विषय पर उच्च न्यायालय को रिपोर्ट करेगी?

नियमों को रद्द, परिवर्तित या नए नियम बनाने पर

समिति किस स्थान पर बने उच्च न्यायालय को रिपोर्ट करेगी?

उस नगर में जहाँ समिति का गठन हुआ है

उच्च न्यायालय किस धारा के अधीन समिति की रिपोर्ट पर विचार करता है?

धारा 122

नियम बनाने की अन्य उच्च न्यायालयों की शक्ति, (Power Of Other High Courts To Make Rules) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 125

नियमों का अनुमोदन के अधीन होना, (Rules To Be Subject To Approval) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 126

नियम किसके पूर्व अनुमोदन के अधीन होते हैं?

राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार के

 

भाग 11

(Part-11)

प्रकीर्ण

(Miscellaneous)

कुछ स्त्रियों की स्वीय उपसंजाति से छूट, (Exemption Of Certain Women From Personal Appearance) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 132

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 132 के अनुसार, किन स्त्रियों को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट प्राप्त होती है?

वे स्त्रियाँ जिन्हें देश की रूढ़ियों और रीतियों के अनुसार लोगों के सामने नहीं लाया जाना चाहिए

क्या धारा 132 के अंतर्गत स्त्रियों को सिविल आदेशिका के निष्पादन में गिरफ्तारी से पूर्ण छूट प्राप्त है?

नहीं, केवल अदालत की अनुमति से

धारा 132 के तहत छूट किस प्रकार के मामलों में दी जाती है?

न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति से

क्या धारा 132 के प्रावधानों के बावजूद किसी स्त्री को सिविल प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है?

हाँ, यदि उस पर आपराधिक आरोप हो

धारा 132 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

 

कुछ स्त्रियों को सामाजिक मान्यताओं के आधार पर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देना

अन्य व्यक्तियों को छूट, (Exemption of Other Persons) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 133

कौन सा व्यक्ति सीपीसी की धारा 133 के अंतर्गत न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट पाने का हकदार है?

भारत का राष्ट्रपति

धारा 133 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति छूट के विशेषाधिकार का दावा करता है और उसकी परीक्षा कमीशन द्वारा की जानी है, तो कमीशन का खर्च कौन देगा, यदि साक्ष्य की अपेक्षा करने वाला पक्षकार खर्च देने में असमर्थ है?

वह व्यक्ति जो छूट का दावा कर रहा है

क्या न्यायपालिका, कार्यपालिका और कुछ विधायिका से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को धारा 133 के अंतर्गत न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्राप्त है?

हाँ

धारा 133 के अनुसार, धारा 87- किन व्यक्तियों पर लागू होती है?

विदेशी राजनयिकों पर

क्या उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश 133 के अंतर्गत छूट के पात्र हैं?

हाँ

डिक्री के निष्पादन में की जाने से अन्यथा गिरफ्तारी, (Arrest Other Than In Execution Of Decree) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 134

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 134 के अनुसार, गिरफ्तारी के मामलों में किन धाराओं के प्रावधान लागू होंगे?

धारा 55, 57 और 59

धारा 134 के अनुसार, धारा 55, 57 और 59 के प्रावधान किस पर लागू होते हैं?

संहिता के अधीन गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों पर

धारा 134 के अनुसार, क्या डिक्री के निष्पादन के अलावा अन्य परिस्थितियों में गिरफ्तारी पर भी विशिष्ट प्रावधान लागू होते हैं?

हाँ, धारा 55, 57 और 59 लागू होती हैं

सिविल आदेशिका के अधीन गिरफ्तारी से छूट, (Exemption From Arrest Under Civil Process) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 135

कौन-से अधिकारी सिविल आदेशिका के अधीन गिरफ्तारी से छूट के पात्र हैं?

न्यायाधीश, मजिस्ट्रेट, या अन्य न्यायिक अधिकारी

किस स्थिति में न्यायिक अधिकारी को सिविल आदेशिका के अधीन गिरफ्तार नहीं किया जा सकता?

जब वह न्यायालय जा रहा हो, उसमें पीठासीन हो या लौट रहा हो

क्या धारा 135 न्यायिक अधिकारी को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी से भी छूट देती है?

नहीं, केवल सिविल आदेशिका के अधीन

विधायी निकायों को सिविल आदेशिका के अधीन गिरफ्तार किये जाने और निरुद्ध किये जाने से छूट, (Exemption Of Members Of Legislative Bodies From Arrest And Detention Under Civil Process) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 135

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 135- किससे संबंधित है?

विधायी निकायों के सदस्यों को सिविल गिरफ्तारी से छूट से

किसे धारा 135- के अनुसार सिविल आदेशिका के अधीन गिरफ्तारी से छूट प्राप्त है?

संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य

यदि कोई व्यक्ति संसद या विधानसभा का सदस्य है, तो उसे किस अवधि में सिविल गिरफ्तारी से छूट प्राप्त है?

जब अधिवेशन चालू हो

धारा 135- के अंतर्गत कौन-कौन से सदन आते हैं?

लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधान सभा विधान परिषद

जहाँ गिरफ्तारी किया जाने वाला व्यक्ति या कुर्क की जाने वाली सम्पत्ति जिले से बाहर है, वहाँ प्रक्रिया, (Procedure Where Person To Be Arrested Or Property To Be Attached Is Outside District) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 136

अधीनस्थ न्यायालयों की भाषा, (Language of Subordinate Courts) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 137

सिविल प्रक्रिया संहिता  के प्रारंभ के समय अधीनस्थ न्यायालय की जो भाषा थी, वह कब तक बनी रहेगी?

जब तक राज्य सरकार अन्यथा निर्देश दे

अधीनस्थ न्यायालयों की भाषा और लिपि को बदलने का अधिकार किसे है?

राज्य सरकार को

अधीनस्थ न्यायालयों में आवेदन और कार्यवाहियाँ किसके अनुसार लिखी जाएँगी?

राज्य सरकार द्वारा घोषित भाषा और लिपि में

क्या राज्य सरकार यह निर्धारित कर सकती है कि अधीनस्थ न्यायालयों में कौन सी लिपि प्रयुक्त होगी?

हाँ, राज्य सरकार को इसका अधिकार है

साक्ष्य के अंग्रेजी में अभिलिखित किए जाने की अपेक्षा करने की उच्च न्यायालय की शक्ति, (Power Of High Court To Require Evidence To Be Recorded In English) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 138

शपथ-पत्र के लिये शपथ किसके द्वारा दिलायी जायेगी, (Oath On Affidavit By Whom To Be Administered) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 139

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 139 के अनुसार, शपथ-पत्र पर शपथ कौन दिला सकता है?

न्यायालय, नोटरी, या अन्य अधिकृत अधिकारी

क्या उच्च न्यायालय किसी व्यक्ति को शपथ दिलाने के लिए नियुक्त कर सकता है?

हाँ, उच्च न्यायालय स्वयं ऐसे व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है

राज्य सरकार द्वारा सशक्त अन्य न्यायालय द्वारा नियुक्त अधिकारी को शपथ दिलाने का अधिकार कब प्राप्त होता है?

जब राज्य सरकार उसे साधारणतया या विशेष रूप से सशक्त करे

सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत शपथ दिलाने का अधिकार किस अधिनियम के तहत नियुक्त नोटरी को प्राप्त होता है?

नोटरी अधिनियम, 1952

उद्धारण, आदि के मामलों में असेसर, (Assessors In Causes Of Salvage, Etc.) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 140

प्रकीर्ण कार्यवाहियाँ, (Miscellaneous Proceedings) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 141

प्रकीर्ण कार्यवाही के लिए कौन सा मामला संदर्भित है जिसमें उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रकीर्ण कार्यवाही न्यायालय की सामान्य शक्ति है?

कुंज बिहारी लाल बनाम रमेश चंद्र

(AIR 1969 SC 1277)

आदेशों और सूचनाओं का लिखित होना, (Orders And Notices To Be In Writing) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 142

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 142 के अनुसार, किन दस्तावेज़ों को लिखित रूप में होना अनिवार्य है?

वे सभी आदेश और सूचनाएँ जो किसी व्यक्ति को दी जाएँ या जिनकी तामील की जाए

डाकमहसूल, (Postage) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 143

धारा 143 के अनुसार, यदि राज्य सरकार डाक- महसूल से छूट देती है, तो उसके स्थान पर क्या व्यवस्था की जा सकती है?

प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा

कौन-सा प्राधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 143 के तहत डाक महसूल या फीस से छूट देने का अधिकार रखता है?

राज्य सरकार

प्रत्यास्थापन के लिये आवेदन, (Application for Restitution) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 144

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 144 किस विषय से संबंधित है?

प्रत्यास्थापन

(Restitution)

प्रत्यास्थापन का क्या अर्थ है?

ऐसी प्रक्रिया जिसके अंतर्गत जिस पक्षकार को अपील, पुनरीक्षण  में किसी डिक्री या आदेश के उलटे जाने से कोई क्षति कारित हुयी होती है उसे ऐसी क्षति से पूर्व की स्थिति में पुनः लाना

प्रत्यास्थापन कब किया जाता है?

जब डिक्री या आदेश को अपीलीय, पुनरीक्षण या अन्य कार्यवाही में फेरबदल, उलट या उपान्तरित किया जाए

प्रत्यास्थापन का उद्देश्य क्या होता है?

पक्षकार को उस स्थिति में लाना जिसमें वे होते यदि डिक्री या आदेश दिया ही गया होता

प्रत्यास्थापन के लिए आवेदन कौन कर सकता है?

वह पक्षकार जिसे लाभ प्राप्त करने का अधिकार है

प्रत्यास्थापन आदेश में न्यायालय किन-किन बातों का निर्देश दे सकता है?

व्यय प्रतिदान, ब्याज, हानि, प्रतिकर अंतरिम लाभों की अदायगी

प्रत्यास्थापन किस न्यायालय द्वारा किया जाएगा?

वही न्यायालय जिसने मूल डिक्री या आदेश पारित किया था

यदि डिक्री या आदेश को आंशिक रूप से ही उलट या परिवर्तित किया गया है, तो प्रत्यास्थापन:

उसी सीमा तक होगा जितना परिवर्तन या उलट किया गया है

धारा 144 के अंतर्गत न्यायालय को क्या अधिकार है?

संपत्ति की वापसी का आदेश देना, हर्जाना देना,

लाभ की वसूली करना

कौन-सा मामला प्रत्यास्थापन से संबंधित है?

लक्ष्मीबाई बनाम भगवंतबुवा

(AIR 1983 SC 428)

प्रतिनिधियों द्वारा या उनके विरुद्ध कार्यवाहियाँ, (Proceedings by or Against Representatives) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 146

निर्योग्यता के अधीन व्यक्तियों द्वारा सहमति या करार, (Consent or Agreement by Persons Under Disability) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 147

निर्योग्यता के अधीन व्यक्ति की सहमति या करार कब वैध मानी जाएगी?

जब वह वाद-मित्र या संरक्षक द्वारा न्यायालय की स्पष्ट अनुमति से दी जाए

धारा 147 के अनुसार यदि न्यायालय की अनुमति से वाद-मित्र द्वारा सहमति दी जाती है तो उसे कैसे माना जाएगा?

वैध, मानो ऐसा व्यक्ति निर्योग्यता के अधीन नहीं था

समय का बढ़ाया जाना, (Enlargement of Time) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 148

न्यायालय अधिकतम कितने दिनों तक समय बढ़ा सकता है जैसा कि धारा 148 में प्रावधान है?

30 दिन

धारा 148 का संशोधन किस अधिनियम द्वारा किया गया था, जिसमें अधिकतम 30 दिन की सीमा निर्धारित की गई?

सिविल प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1999

केवियट दायर करने का अधिकार, (Right to Lodge a Caveat) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 148

केवियट से क्या तात्पर्य है?

केवियट से तात्पर्य न्यायलय द्वारा मामले में हस्क्षेप करने से पूर्व उसे दायर करने वाले व्यक्ति को (प्रतिवादी) को सूचना देने से है

केवियट दायर करने का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

एक पक्षीय आदेश पारित करने  से  रोकना तथा वादों की बहुलता को रोकना

कोई व्यक्ति कैवियट कब दायर कर सकता है?

जब किसी आवेदन के न्यायालय में किए जाने की संभावना हो या किया जा चुका हो

केवियट कब तक प्रवर्तन में रहता है?

उसे दाखिल होने की तारीख से

90 दिन

धारा 148- के अंतर्गत केवियट दायर करने का अधिकार किसे है?

विरोधी पक्षकार या अंतिरम आदेश से प्रभावित होने वाले पक्षकार को

केवियट को संहिता में कब शामिल किया गया?

सशोधन अधिनियम 1976

न्यायालय फीस की कमी को पूरा करने की शक्ति, (Power To Make Up Deficiency Of Court-Fees) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 149

यदि कोई व्यक्ति दस्तावेज़ के लिए पूरी न्यायालय फीस नहीं देता, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

स्वविवेक से फीस या उसका भाग संदत्त करने की अनुमति दे सकता है

जब किसी दस्तावेज की शेष न्यायालय फीस बाद में जमा की जाती है, तो उस दस्तावेज की वैधता कैसी मानी जाएगी?

वैसी ही मान्य, जैसे शुरू से ही पूरी फीस दी गई हो

न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियों की व्यावृत्ति, (Saving of Inherent Powers Of Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 151

धारा 151 के अनुसार, न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियाँ किस उद्देश्य के लिए प्रयोग की जाती हैं?

न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति और आदेशिका के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए

क्या सिविल प्रक्रिया संहिता की कोई अन्य धारा न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियों को सीमित करती है?

नहीं

धारा 151 के अनुसार न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियाँ किस उद्देश्य से व्यावृत्त की जाती हैं?

न्याय के संरक्षण और संरक्षण के लिए

किस केस में न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियों का प्रयोग माना गया?

के.के. वाघेल बनाम महाराष्ट्र सरकार

न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियाँ कब प्रयोग की जाती हैं?

जब कोई कानूनी प्रावधान उपलब्ध हो

अन्तर्निहित शक्तियों का प्रयोग न्यायालय किस सीमा तक कर सकता है?

न्याय की रक्षा के लिए आवश्यक सीमा तक

क्या न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियाँ कानून के विरुद्ध प्रयोग की जा सकती हैं?

नहीं

निर्णयों, डिक्रियों का आदेशों या संशोधन, (Amendment of Judgments, Decrees or Orders) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 152

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 152 का उद्देश्य क्या है?

निर्णयों, डिक्री या आदेशों में लेखन या गणितीय त्रुटियों का संशोधन

क्या न्यायालय अपनी स्वयं की पहल पर (Suo Motu) धारा 152 के तहत संशोधन कर सकता है?

हाँ, न्यायालय स्वयं भी कर सकता है

धारा 152 के तहत संशोधन की समय सीमा क्या है?

किसी भी समय

धारा 152 सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत संशोधन का आवेदन कौन कर सकता है?

पक्षकारों में से कोई भी

धारा 152 के तहत संशोधन कब किया जा सकता है?

जब संशोधन न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में हो

धारा 152 के अंतर्गत संशोधन के लिए किसे आवेदन करना होता है?

वह न्यायालय जिसने मूल आदेश या डिक्री जारी की हो

संशोधन करने की साधारण शक्ति, (General Power to Amend) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 153

धारा 153 के अंतर्गत न्यायालय को क्या अधिकार प्राप्त है?

वाद में हुई किसी भी त्रुटि या गलती को किसी भी समय संशोधित करने का अधिकार

धारा 153 के अनुसार संशोधन करते समय न्यायालय किन शर्तों पर संशोधन कर सकता है?

खर्च संबंधी शर्तों सहित, जो न्यायालय उचित समझे

धारा 153 के तहत संशोधन का उद्देश्य क्या है?

विवाद के वास्तविक प्रश्नों या मुद्दों की अवधारणा के लिए आवश्यक संशोधन करना

जहाँ अपील संक्षेपत: खारिज की जाती है वहाँ डिक्री या आदेश को संशोधन करने की शक्ति, (Power To Amend Decree Or Order Where Appeal Is Summarily Dismissed) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 153

विचारण के स्थान को खुला न्यायालय समझा जाना, (Place Of Trial To Be Deemed To Be Open Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 153

धारा 153- के अनुसार, विचारण का स्थान किस रूप में माना जाता है?

खुला न्यायालय

धारा 153- में "खुला न्यायालय" का अर्थ क्या है?

जहाँ सभी जनता प्रवेश कर सकती है

निरसित अधिनियमितियों के अधीन आदेश का चालू रहना, (Continuance of Orders Under Repealed Enactments) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 157

सिविल प्रक्रिया संहिता और अन्य विकसित अधिनियमितियों के प्रति निर्देश, (Reference to Code of Civil Procedure and Other Repealed Enactments) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 158

 

आदेश 1

(Order-1)

वादों के पक्षकार

(Parties to Suits)

वादियों के रूप में कौन संयोजित किये जा सकेंगे, (Who May Be Joined As Plaintiffs) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (1)

आदेश 1 नियम  1 के अनुसार, किन परिस्थितियों में कई व्यक्ति एक ही वाद में वादी के रूप में संयोजित किए जा सकते हैं?

जब उनके द्वारा दावा किए गए अधिकार एक ही कार्य या संव्यवहार से उत्पन्न हुए हों और सामान्य प्रश्न विधि या तथ्य का उत्पन्न होता हो

कौन-सा आदेश 1 नियम  1 में वादी संयोजन की एक आवश्यक शर्त है?

सभी के अधिकार एक ही कार्य या संव्यवहार से उत्पन्न हों

यदि अलग-अलग व्यक्ति अलग-अलग वाद लाते और उनमें विधि या तथ्य का सामान्य प्रश्न उत्पन्न होता, तो ऐसे व्यक्ति क्या कर सकते हैं?

वे एक ही वाद में संयोजित हो सकते हैं

आदेश 1 नियम  1 के अनुसार, संयोजित होने वाले व्यक्तियों के अधिकार किस प्रकार से उपस्थित हो सकते हैं?

संयुक्तत:, पृथकतः या अनुकल्पतः - कोई भी रूप हो सकता है

 आदेश 1 नियम  1 का उद्देश्य क्या है?

समान प्रश्नों वाले वादियों को एक साथ सुनवाई का अवसर देना

पृथक विचारण का आदेश करने की न्यायालय की शक्ति, (Power Of Court To Order Separate Trial) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (2)

 आदेश 1 नियम  2 के अनुसार, न्यायालय को कब पृथक् विचारण का आदेश देने की शक्ति है?

जब वादियों का संयोजन वाद के विचारण में उलझन या विलम्ब उत्पन्न कर सकता हो

यदि न्यायालय को यह प्रतीत होता है कि वादियों के संयोजन से वाद के विचारण में उलझन हो सकती है, तो वह क्या कर सकता है?

वादियों से निर्वाचन करने को कह सकता है या पृथक विचारण का आदेश दे सकता है

 आदेश 1 नियम (2) का उद्देश्य क्या है?

वाद के विचारण को सरल और निष्पक्ष बनाए रखना

प्रतिवादियों के रूप में कौन संयोजित किये जा सकेंगे, (Who May Be Joined As Defendants) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (3)

 आदेश 1 नियम  3 के अनुसार, किन परिस्थितियों में कई व्यक्ति एक ही वाद में प्रतिवादी के रूप में संयोजित किए जा सकते हैं?

जब उनके विरुद्ध दावा एक ही कार्य या संव्यवहार से उत्पन्न हो, और

सामान्य प्रश्न विधि या तथ्य का उत्पन्न हो

यदि एक ही कार्य या संव्यवहार से उत्पन्न दावा कई व्यक्तियों के विरुद्ध किया जाए, और उनके विरुद्ध अलग-अलग वाद लाने पर विधि या तथ्य का सामान्य प्रश्न उत्पन्न हो, तो क्या किया जा सकता है?

सभी प्रतिवादियों को एक वाद में संयोजित किया जा सकता है

जहाँ प्रतिवादियों के संयोजन से उलझन या विचारण में विलम्ब हो सकता है वहां पृथक् विचारण का आदेश देने की शक्ति, (Power To Order Separate Trials Where Joinder Of Defendants May Embarrass Or Delay Trial) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (3)

आदेश 1 नियम  3- के तहत पृथक विचारण का आदेश कब दिया जाता है?

जहाँ न्यायालय को यह प्रतीत होता है कि प्रतिवादियों के संयोजन से वाद के विचारण में उलझन या विलम्ब हो सकता है

आदेश 1 नियम 3- का उद्देश्य क्या है?

विचारण में होने वाले विलम्ब को रोकना और प्रक्रिया को सरल बनाना

क्या आदेश 1 नियम  3- के तहत पृथक विचारण का आदेश देना न्यायालय का अधिकार है?

हाँ, यह पूर्ण रूप से न्यायालय के विवेक पर निर्भर है

आदेश 1 नियम  3- के तहत पृथक विचारण का आदेश देने पर क्या प्रभाव पड़ता है?

अलग-अलग प्रतिवादियों के मामलों की अलग-अलग सुनवाई होती है

कौन सा केस आदेश 1 नियम  3- के तहत पृथक विचारण के आदेश से संबंधित है?

सरोज कुमार बनर्जी बनाम भारत संघ

आदेश 1 नियम (3) के तहत पृथक विचारण का आदेश देने में पक्षकारों की क्या भूमिका होती है?

पक्षकारों की सहमति आवश्यक नहीं होती

न्यायालय, संयुक्त पक्षकारों में से एक या अधिक के पक्ष में या उसके विरुद्ध निर्णय दे सकेगा, (Court May Give Judgment For Or Against One Or More Of Joint Parties) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (4)

आदेश 1 नियम  4 के अनुसार, न्यायालय किसके पक्ष में निर्णय दे सकता है?

वादियों में से किसी एक या अधिक के पक्ष में

यदि संयुक्त प्रतिवादी हैं, और उन प्रतिवादियों में से जो एक या अधिक प्रतिवादी दायी पाये जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

दायी प्रतिवादी के विरुद्ध निर्णय देगा, उसके दायित्व के अनुसार

दावाकृत सम्पूर्ण अनुतोष में प्रतिवादी का हितबद्ध होना आवश्यक नहीं है, (Defendant Need Not Be Interested In All The Relief Claimed) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (5)

एक ही संविदा के आधार पर दायी पक्षकारों का संयोजन, (Joinder Of Parties Liable On Same Contract) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (6)

जब वादी को सन्देह है कि किससे प्रतितोष चाहा गया है, (When Plaintiff In Doubt From Whom Redress Is To Be Sought) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (7)

एक ही हित में सभी व्यक्तियों की ओर से एक व्यक्ति वाद ला सकेगा या प्रतिरक्षा कर सकेगा, (One Person May Sue Or Defend On Behalf Of All In Same Interest) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (8)

आदेश 1 नियम (8(1)()) के अनुसार, जहाँ एक ही हित में बहुत से व्यक्ति हों, वहाँ वाद कैसे लाया या प्रतिरक्षा की जा सकती है?

हितबद्ध सभी व्यक्तियों की ओर से या उनके फायदे के लिए न्यायालय की अनुमति से एक या अधिक व्यक्ति वाद ला सकते हैं या प्रतिरक्षा कर सकते हैं।

आदेश 1 नियम  (8) के अनुसार, हितबद्ध सभी व्यक्तियों को सूचना देने का तरीका क्या है?

लोक विज्ञप्ति द्वारा या वैयक्तिक तामील द्वारा।

कुसंयोजन और असंयोजन, (Misjoinder and Non-Joinder) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (9)

 आदेश 1 नियम 9 के अनुसार, क्या कोई वाद केवल पक्षकारों के कुसंयोजन या असंयोजन के कारण विफल हो सकता है?

नहीं, वाद कुसंयोजन या असंयोजन के कारण विफल नहीं होगा

न्यायालय किस सीमा तक विवाद का निपटारा कर सकता है?

वहाँ तक, जहाँ तक उन पक्षकारों के अधिकारों और हितों का संबंध हो जो न्यायालय के समक्ष वस्तुतः उपस्थित हैं

क्या यह आदेश 1 नियम (.0/9) आवश्यक पक्षकार के असंयोजन पर भी लागू होता है?

नहीं, आवश्यक पक्षकार के असंयोजन पर यह नियम  लागू नहीं होता

गलत वादी के नाम से वाद, (Suit In Name of Wrong Plaintiff) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (10)

यदि कोई वाद गलत वादी के नाम से संस्थित हुआ है, तो न्यायालय कब उस वादी को सही वादी से प्रतिस्थापित करने का आदेश दे सकता है?

जब न्यायालय को संतोष हो कि यह सद्भाविक भूल थी और विवाद के उचित निपटारे के लिए आवश्यक है

आदेश 1 नियम  10(2) के अनुसार, न्यायालय किस स्थिति में पक्षकारों का नाम जोड़ या हटा सकता है?

कार्यवाही के किसी भी चरण में न्यायसंगत निबंधनों के अधीन

आदेश 1 नियम  10(3) के अनुसार, क्या कोई व्यक्ति बिना वाद-मित्र के सहमति के वादी के रूप में जोड़ा जा सकता है?

नहीं, वाद-मित्र की सहमति आवश्यक है

असंयोजन या कुसंयोजन के बारे में आक्षेप, (Objections As To Non-Joinder Or Misjoinder) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 1 नियम (13)

 आदेश 1 नियम  13 के अनुसार, असंयोजन या कुसंयोजन के आधार पर आक्षेप कब किया जाना चाहिए?

यथासंभव शीघ्रतम अवसर पर

आक्षेप किस समय तक किया जाना चाहिए, जब विवाद्यक स्थिर किये जाते हैं?

स्थिरीकरण के समय या उससे पहले

 

आदेश-2

(Order-2)

वाद की विरचना

(Frame of Suit)

वाद की विरचना, (Frame of Suit) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 2 नियम (1)

आदेश 2 नियम  1 के अनुसार, वाद की विरचना किस प्रकार की जानी चाहिए?

यथासंभव इस तरह की जाए कि विवादग्रस्त विषयों पर अंतिम निर्णय का आधार मिले, और

अतिरिक्त मुकदमेबाजी का भी निवारण हो जाये।

वाद की विरचना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

विवादग्रस्त विषयों पर अंतिम निर्णय सुनिश्चित करना

वाद के अन्तर्गत संपूर्ण दावा होगा, (Suit to include the whole claim) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 2 नियम (2)

 आदेश 2 नियम  2 (1) के अनुसार, हर वाद के अन्तर्गत क्या होगा?

वादी का पूरा दावा, जिसमें वह हकदार है

वादी किस स्थिति में अपने दावे के किसी भाग का त्याग कर सकता है?

जब वाद को न्यायालय की अधिकारिता में लाना हो

यदि वादी बिना न्यायालय की अनुमति के कई अनुतोषों में से कुछ का त्याग करता है, तो क्या होगा?

वह बाद में त्यक्त अनुतोषों के लिए वाद नहीं कर सकता

कई अनुतोषों में से एक के लिये वाद लाने का लोप करने वाला व्यक्ति क्या कर सकता है?

एक ही वाद हेतुक के बारे में एक से अधिक अनुतोष पाने का हकदार व्यक्ति यदि ऐसे सभी अनुतोषों के लिये वाद लाने का लोप न्यायालय की इजाजत के बिना करता है तो उसके पश्चात् वह इस प्रकार लोप किये गये किसी भी अनुतोष के लिये वाद नहीं लायेगा

'' एक घर '' को 1,200 रुपये वार्षिक भाटक के पट्टे पर देता है। सन् 1905, 1906 और 1907 इन सभी पूरे वर्षों का भाटक शोध्य है और दिया नहीं गया है। '' सन् 1908 में '' पर केवल 1906 के शोध्य भाटक के लिये वाद लाता है, क्या '' के ऊपर '' उसके पश्चात् सन् 1905 में या 1907 के शोध्य भाटक के लिये वाद ला केगा?

नहीं

वाद हेतुकों का संयोजन, (Joinder of Causes of Action) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 2 नियम (3)

 आदेश 2 नियम 3(1) के अनुसार, वादी कब कई वाद हेतुक एक ही वाद में संयोजित कर सकता है?

जब वाद एक ही प्रतिवादी या संयुक्ततः उन्हीं प्रतिवादियों के विरुद्ध हों

कई वाद हेतुक रखने वाले वादियों का क्या संबंध होना चाहिए, ताकि वे वाद हेतुकों को एक वाद में संयोजित कर सकें?

वे संयुक्त हितबद्ध हों

 आदेश 2 नियम  3(2) के अनुसार, वाद हेतुक संयोजन के बाद न्यायालय की अधिकारिता किस आधार पर निर्भर करेगी?

संस्थित किये जाने की तारीख पर विषय-वस्तुओं की रकम या मूल्य पर

यदि कोई अन्य उपबंध नियम  में हो तो वादी क्या कर सकता है?

कई वाद हेतुक एक ही वाद में संयोजित कर सकता है, यदि वे संबंधित प्रतिवादियों के विरुद्ध हों

स्थावर सम्पत्ति के प्रत्युद्धरण के लिए केवल कुछ दावों का संयोजित किया जाना, (Only Certain Claims to be Joined for Recovery of Immovable Property) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 2 नियम (4)

आदेश 2 नियम (4) के अनुसार स्थावर सम्पत्ति के प्रत्युद्धरण के लिए वाद में क्या आवश्यक है?

केवल कुछ दावे संयोजित किए जा सकते हैं

निष्पादक, प्रशासक या वारिस द्वारा या उसके विरुद्ध दावे, (Claims by or Against Executor, Administrator or Heir) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 2 नियम (5)

कुसंयोजन के बारे में आक्षेप, (Objections as to Misjoinder) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 2 नियम (7)

 आदेश 2 नियम  7 के अनुसार, कुसंयोजन के आधार पर आक्षेप कब किये जाने चाहिए?

यथासम्भव शीघ्रतम अवसर पर

ऐसे मामलों में जिनके विवाद्यक स्थिर किये जाते हैं, कुसंयोजन के आक्षेप कब किये जायेंगे?

स्थिरीकरण के समय या उससे पहले

यदि आक्षेप का आधार बाद में उत्पन्न होता है, तो क्या होगा?

आक्षेप किया जा सकता है

यदि समय पर आक्षेप नहीं किया जाता तो क्या समझा जाएगा?

आक्षेप अधित्यक्त कर दिया गया

इस नियम  का उद्देश्य क्या है?

कुसंयोजन के विवाद को शीघ्रता से निपटाना

 

आदेश-3

(Order-3)

मान्यताप्राप्त अभिकर्ता और प्लीडर

(Recognized Agents and Pleaders)

उपसंजातियाँ, आदि स्वयं या मान्यताप्राप्त अभिकर्ता द्वारा या प्लीडर द्वारा की जा सकेंगी, (Appearances, Etc., May Be in Person, By Recognised Agent or by Pleader) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 3 नियम (1)

आदेश 3 नियम  1 के अंतर्गत कौन-कौन व्यक्ति न्यायालय में कार्यवाही कर सकते हैं?

पक्षकार स्वयं, मान्यताप्राप्त अभिकर्ता या प्लीडर

प्लीडर की नियुक्ति, (Appointment of Pleader) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 3 नियम (4)

 

आदेश-4

(Order-4)

वादों का संस्थित किया जाना

(Institution of suits)

वादपत्र द्वारा वाद प्रारम्भ होगा, (Suit to be Commenced by Plaint) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 4 नियम (1)

वाद किस प्रकार संस्थित किया जायेगा?

हर वाद न्यायालय को या उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी अधिकारी को दो प्रतियों वादपत्र उपस्थित करके

वादपत्र की कितनी प्रति प्रस्तुत करनी होती हैं?

दो

वाद को सम्यक् रूप से संस्थित कब नहीं माना जाएगा?

जब उपनियम (1) और (2) के अनुसार अपेक्षाओं का अनुपालन हुआ हो

वादों का रजिस्टर, (Register of Suits) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 4 नियम (2)

न्यायालय वादों की विशिष्टियाँ कहाँ प्रविष्ट करता है?

वादों के रजिस्टर नामक पुस्तक में

वादों की प्रविष्टियाँ किस क्रम में संख्यांकित की जाती हैं?

हर वर्ष उसी क्रम में जिसमें वादपत्र किये गए हैं

 

आदेश-5

(Order-5)

समनों का निकाला जाना और उनकी तालीम

(Issue and Service of Summons)

समनों का निकाला जाना

(Issue of summons)

समन, (Summons) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (1)

समन क्या है?

समन न्यायालय द्वारा जारी किया गया एक ऐसा आदेश है जो किसी व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष हाजिर होने के लिए दिया जाता है।

जब वाद सम्यक् रूप से संस्थित किया जा चुका हो तब प्रतिवादी के नाम उस प्रतिवादी पर समन की तामील के दिन से कितने दिन के अन्दर उपसंजात होने और दावे का उत्तर देने तथा अपनी प्रतिरक्षा का लिखित कथन पेश करना होगा?

तीस दिन

समन कब निकाला जाएगा?

जब वाद सम्यक् रूप से संस्थित हो चुका हो और प्रतिवादी को उपसंजात होने और उत्तर देने के लिए कहा जाए।

यदि प्रतिवादी 30 दिन के अन्दर लिखित कथन दाखिल नही करता तो न्यायालय कितने दिनों की समय सीमा बढ़ा सकता है?

आदेश 5 नियम (1) के परन्तुक के अनुसार न्यायालय समन की तामील से कुल 90 दिन तक अवधि का विस्तार कर सकेगा। लेकिन इसके कारण लेखबद्ध किये जायेंगे।

यदि प्रतिवादी वादपत्र प्रस्तुत होने पर ही उपसंजात हो जाए और वादी का दावा स्वीकार कर ले, तो क्या होगा?

समन नहीं निकाला जाएगा।

समन किसके द्वारा उपसंजात किया जा सकता है?

स्वयं प्रतिवादी द्वारा, ऐसे प्लीडर द्वारा जो सम्यक् रूप से अनुदिष्ट हो, ऐसे प्लीडर के साथ कोई व्यक्ति जो प्रश्नों का उत्तर देने में समर्थ हो

समन किसके द्वारा हस्ताक्षरित होगा?

न्यायाधीश या नियुक्त अधिकारी द्वारा और उस पर न्यायलय की मुद्रा लगी होगी

समनों से उपाबद्ध वादप्रति की प्रति, (Copy of Plaint Annexed to Summons) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (2)

किस आदेश नियम  में कहा गया है कि समन के साथ वादपत्र की एक प्रति भेजी जायेगी?

आदेश 5 नियम (2) के

क्या ये प्रावधान आदेशात्मक है?

अन्तर्गत हाँ इस नियम  के प्रावधान आदेशात्मक हैं।

न्यायालय प्रतिवादी या वादी को स्वयं उपसंजात होने के लिये आदेश दे सकेगा, (Court May Order Defendant or Plaintiff To Appear In Person) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (3)

क्या न्यायालय प्रतिवादी या वादी को स्वयं उपस्थित होने का आदेश दे सकता है?

हाँ आदेश आदेश 5 नियम (3) के अनुसार यदि न्यायालय के पास प्रतिवादी के स्वयं उपस्थिति, हेतु अपेक्षित कारण है, और वादी के उसी दिन स्वयं की उपस्थित के लिए अपेक्षित आधार हैं तो समन द्वारा ऐसी उपस्थित का आदेश न्यायालय द्वारा दिया जा सकता है।

आदेश 5 नियम (3) के अनुसार न्यायालय किसे उपसंजात होने का आदेश दे सकता है?

वादी या प्रतिवादी दोनों में से किसी को भी

उपसंजात होने का आदेश कब दिया जाता है?

जहाँ न्यायालय के पास स्वीय उपसंजाति अपेक्षित करने के लिये कारण हो

किसी भी पक्षकार को स्वयं उपसंजात होने के लिये तब तक आदेश नहीं किया जायेगा जब तक कि वह किन्हीं निश्चित सीमाओं के भीतर निवासी हो, (No Party To Be Ordered To Appear In Person Unless Resident Within Certain Limits) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम  (4)

किसी पक्षकार को स्वयं उपस्थिति के लिए कब आदेश दिया जायेगा?

आदेश 5 नियम (4) के अनुसार किसी पक्षकार को स्वयं उपस्थित हेतु आदेश तभी दिया जायेगा जबकि वह न्यायालय की स्थानीय क्षेत्राधिकारिता के भीतर निवास करता है, अथवा

ऐसी सीमाओं के बाहर किन्तु ऐसे स्थान में निवास करता है जो न्यायसदन से पचास मील से कम या जहाँ उस स्थान के जहाँ वह निवास करता है और स्थान के जहाँ न्यायालय स्थित है, बीच पंचषष्ठांश की दूरी तक रेल या स्टीमर संचार या अन्य स्थापित लोक प्रवहण है वहाँ दो सौ मील दूर है।

समन या तो विवाद्यकों के स्थिरीकरण के लिये या अन्तिम निपटारे के लिये होगा, (Summons To Be Either To Settle Issues Or For Final Disposal) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (5)

आदेश 5 नियम  5 के अनुसार समन किस उद्देश्य से जारी किया जा सकता है?

विवाद्यकों के स्थिरीकरण या अंतिम निपटारे दोनों के लिए

प्रतिवादी की उपसंजाति के लिये दिन नियत किया जाना, (Fixing day for Appearance of Defendant) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (6)

समन प्रतिवादी को यह आदेश देगा कि वह वे दस्तावेजें पेश करें जिन पर वह निर्भर करता है, (Summons to Order Defendant to Produce Documents Relied on by Him) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (7)

आदेश 5 नियम  7 के अनुसार समन प्रतिवादी को क्या आदेश देता है?

उपसंजाति और उत्तर के लिये समन में प्रतिवादी को आदेश होगा कि वह अपने कब्जे या शक्ति में की ऐसे [आदेश 8 नियम (1) में निर्दिष्ट उनकी प्रतियाँ] पेश करे जिन पर अपने मामले के समर्थन में निर्भर करने का उसका आशय है।

समन द्वारा दस्तावेज़ पेश करने का आदेश किस प्रकार का आदेश है?

अनिवार्य आदेश

अन्तिम निपटारे के लिये समन निकाले जाने पर प्रतिवादी को यह निर्देश होगा कि वह अपने साक्षियों को पेश करे, (On Issue of Summons For Final Disposal, Defendant to be Directed to Produce His Witnesses) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (8)

आदेश 5 नियम (8) के अनुसार अंतिम निपटारे के लिए समन जारी होने पर प्रतिवादी को क्या निर्देश दिया जाता है?

जहाँ समन वाद के अन्तिम निपटारे के लिये हैं वहाँ उसमें प्रतिवादी को यह निर्देश भी होगा कि जिन साक्षियों के साक्ष्य पर अपने मामले के समर्थन में निर्भर करने का उसका आशय है उन सब को उसी दिन पेश करे जो उसकी उपसंजाति के लिये नियत है।

 

समन की तालीम

(Service of Summons)

न्यायालय द्वारा समन का परिदान, (Delivery of Summons by Court) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (9)

समन की तामीली के निम्नलिखित ढंग हैं-

न्यायालय द्वारा

(आदेश 5 नियम (9)),

स्वयं या प्रत्यक्ष तामील

(आदेश-5 नियम 10,16 तथा 18),

प्रतिस्थापित तामील

(आदेश 5 नियम (17) एवं 20)

 समन की तामीली सम्बन्धी व्यय किसके द्वारा किये जायेंगे?

आदेश 5 नियम (9) के परन्तुक के अनुसार ऐसे समन की तामील वादी के व्यय पर की जायेगी।

समन का परिदान किस माध्यम से किया जाता है जब प्रतिवादी न्यायालय की अधिकारिता के भीतर निवास करता है?

न्यायालय की कोरियर सेवा द्वारा

उचित अधिकारी कौन हो सकता है?

अन्य किसी न्यायालय का अधिकारी भी हो सकता है, यदि न्यायालय ऐसा निर्देश दे

समन की तामील की अन्य विधियाँ क्या हो सकती हैं?

रसीदी पंजीकृत डाक द्वारा, अनुमोदित कोरियर सेवा द्वारा, फैक्स मैसेज या इलेक्ट्रानिक मेल द्वारा

यदि प्रतिवादी या उसके अभिकर्ता समन स्वीकार करने से मना कर देते हैं, तो क्या होगा?

समन सम्यक् रूप से तामील माना जाएगा

उपनियम (1) के प्रयोजनों के लिए कौन कोरियर एजेंसियों का पैनल तैयार करेगा?

उच्च न्यायालय या जिला न्यायाधीश

तामील के लिये वादी को समन दिया जाना, (Summons given to the plaintiff for service) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (9)

आदेश 5 नियम  9- के अनुसार तामील के लिए समन किसे दिया जाएगा?

वादी को

क्या वादी की प्रतिवादी पर समन की तामील स्वयं करा सकता है?

हाँ, आदेश 5 नियम (9) किसी वादी को धारा 9 के अतिरिक्त समन तामील कराने को प्राधिकृत करता है। इसके अन्तर्गत वादी के आवेदन पर न्यायालय वादी को आज्ञा दे सकता है कि वह प्रतिवादी पर समन की तामील प्रभावी करे। ऐसी तामील नियम  9 की रीति से करायी जायेगी।

न्यायालय कब वादी को समन तामील करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकता है?

जब वादी आवेदन करे और समन तामील के लिये अनुमति मांगे

समन की तामील किस प्रकार की जानी चाहिए जब वादी स्वयं या उसकी ओर से समन तामील करे?

वैयक्तिक रूप से परिदान या निविदान द्वारा, न्यायाधीश या नियुक्त अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित और मुद्रांकित हो

यदि प्रतिवादी समन निविदत्त करने से मना कर देता है या तामील की अभिस्वीकृति से इन्कार करता है, तो क्या होगा?

न्यायालय फिर से समन जारी करेगा और तामील की रीति का पालन करेगा जैसे प्रतिवादी को समन तामील किया जाता है

समन तामील के समय न्यायाधीश या नियुक्त अधिकारी की क्या भूमिका होती है?

समन पर हस्ताक्षर और न्यायालय की मुद्रा लगाना

तामील का ढंग, (Mode of Service) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (10)

समन की तामील किस प्रकार की जानी चाहिए?

समन की तामील उसकी ऐसी प्रति के परिदान या निविदान द्वारा हो जो न्यायाधीश या नियुक्त अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित हो और जिस पर न्यायालय की मुद्रा लगी हो।

अनेक प्रतिवादियों पर तामील, (Service on Several Defendants) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (11)

जहाँ अनेक प्रतिवादी हो वहाँ समन की तामील कैसे होगी?

आदेश 5 नियम (11) के अनुसार एक से अधिक प्रतिवादियों की दशा में समन की तामील हर एक प्रतिवादी पर की जायेगी।

जब साक्ष्य हो तब समन की तामील स्वयं प्रतिवादी पर, अन्यथा अभिकर्ता पर की जायेगी, (Service to be on Defendant In Person When Practicable, or on his Agent) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (12)

उस अभिकर्ता पर तामील जिसके द्वारा प्रतिवादी कारबार करता है, (Service on Agent by Whom Defendant Carries on Business) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (13)

प्रतिवादी का कारबार करने वाले अभिकर्ता या प्रबंधक पर समन की तामील  कब की जायेगी?

आदेश 5 नियम (13) के अनुसार यदि प्रतिवादी उस न्यायालय की सीमा के अन्तर्गत निवास नहीं करता है जिसने की समन निकाला है तो वहाँ उसके प्रबन्धक या अभिकर्ता पर तामील उचित होगा। यदि ऐसा प्रबंधक या अभिकर्ता ऐसी सीमाओं के भीतर ऐसे प्रतिवादी के लिए स्वयं ऐसा कारबार या काम करता है।

किसी पोत का मास्टर किसका अभिकर्त्ता होगा?

आदेश 5 नियम  (13(2)) के अनुसार पोत का मास्टर स्वामी या भाड़े (किराये) पर लेने वाले व्यक्ति का अभिकर्ता होगा।

स्थावर सम्पत्ति के वादों में भारसाधक अभिकर्ता पर तामील, (Service on agent in charge in suits for immovable property) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (14)

जहाँ तामील प्रतिवादी के कुटुम्ब के वयस्क सदस्य पर की जा सकेगी, (Where Service May be on an Adult Member of Defendant’s Family) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (15)

समन की तामील प्रतिवादी के कुटुम्ब के वयस्क सदस्य पर कब की जा सकती है?

जब प्रतिवादी तामील के समय अपने निवास स्थान पर अनुपस्थित हो और उसके स्थान पर समन स्वीकार करने वाला अभिकर्ता भी हो

प्रतिस्थापित तामील, (Substituted Service) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (20)

प्रतिस्थापित तामील का आदेश कब दिया जा सकता है?

जब प्रतिवादी जानबूझकर सामने आने से बचता है या समन की तामील सामान्य रीति से नहीं हो सकती

प्रतिस्थापित तामील के अंतर्गत समन की प्रति कहाँ चिपकाई जाती है?

न्याय सदन के किसी सहजदृश्य स्थान में और प्रतिवादी के अंतिम निवास या व्यवसाय स्थल पर

यदि समन की तामील समाचारपत्र में विज्ञापन द्वारा की जाती है, तो उस समाचारपत्र की क्या विशेषता होनी चाहिए?

वह दैनिक समाचार पत्र हो जिसका परिचालन उस स्थानीय क्षेत्र में होता हो

प्रतिस्थापित तामील के अंतर्गत समन किसके निर्देश पर किया जाता है?

न्यायालय के आदेश से

क्या प्रतिस्थापित तामील में न्यायालय अपनी समझ से कोई अन्य विधि भी अपना सकता है?

हाँ, न्यायालय उचित समझे तो कोई भी अन्य रीति अपना सकता है

कारागार में प्रतिवादी पर तामील, (Service on Defendant in Prison) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (24)

जब प्रतिवादी कारागार में परिरुद्ध हो, तो समन किसे परिदत्त किया जाता है?

कारागार के भारसाधक अधिकारी को

समन तामील के लिए कारागार के भारसाधक अधिकारी को कैसे भेजा जा सकता है?

डाक, अनुमोदित कूरियर सेवा, फैक्स, ईमेल या अन्य उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित साधनों से

कारागार में बंद प्रतिवादी पर तामील की प्रक्रिया किसके द्वारा नियंत्रित होती है?

उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों से

क्या कारागार में समन की तामील इलेक्ट्रानिक साधनों से की जा सकती है?

हाँ, यदि उच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित हो

सिविल लोक अधिकारी पर या रेल कम्पनी या स्थानीय प्राधिकारी के सेवक पर तामील, (Service on Civil Public Officer or on Servant of Railway Company or Local Authority) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (27)

आदेश 5 नियम  (27) के अनुसार समन की तामील किस स्थिति में कार्यालय के प्रधान को भेजी जा सकती है?

जब प्रतिवादी लोक अधिकारी हो (भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना को छोड़कर), या रेल कम्पनी अथवा स्थानीय प्राधिकारी का सेवक हो और समन की तामील सुविधापूर्वक की जा सकती हो

समन की तामील किसे भेजी जाती है जब प्रतिवादी किसी कार्यालय में कार्यरत हो?

उस कार्यालय के प्रधान को जिसमें प्रतिवादी नियोजित है

क्या यह नियम  सेना, नौसेना या वायुसेना के अधिकारियों पर लागू होता है?

नहीं

सैनिकों, नौसैनिकों या वायुसैनिकों पर तामील, (Service on Soldiers, Sailors or Airmen) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (28)

यदि प्रतिवादी भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना का सदस्य है, तो समन किसे भेजा जाता है?

प्रतिवादी के कमान ऑफिसर को

समन के बदले पत्र का प्रतिस्थापित किया जाना, (Substitution of Letter for Summons) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 5 नियम (30)

आदेश 5 नियम  30 के अंतर्गत समन के स्थान पर किसे प्रतिस्थापित किया जा सकता है?

न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित सम्मानजनक पत्र

समन के स्थान पर पत्र कब भेजा जा सकता है?

जब न्यायालय को लगे कि प्रतिवादी ऐसी पंक्ति का है जो उसे सम्मानपूर्ण बर्ताव का अधिकारी बनाती है

 

आदेश-6

(Order-6)

अभिवचन साधारणतः

(Pleadings Generally)

अभिवचन, (Pleading) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (1)

आदेश 6 नियम (1) के अनुसार "अभिवचन" का क्या अर्थ है?

वाद-पत्र या लिखित कथन

अभिवचन में तात्विक तथ्यों का, कि साक्ष्य का कथन होगा, (Pleading to State Material Facts and not evidence) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (2)

आदेश 6 नियम (2) के अनुसार अभिवचन में क्या अन्तर्विष्ट होना चाहिए?

तात्विक तथ्यों का संक्षिप्त कथन

क्या अभिवचन में साक्ष्य का विवरण दिया जाना चाहिए?

नहीं

अभिवचन का प्ररूप, (Forms of Pleading) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (3)

फेरबदल, (Departure) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (7)

यदि अभिवचन में कोई नया आधार या तथ्य पूर्व अभिवचनों के साथ असंगत हो, तो उसे कैसे माना जाएगा?

बिना संशोधन के उठाया या अन्तर्विष्ट नहीं किया जाएगा

अभिवचन का हस्ताक्षरित किया जाना, (Pleading to be Signed) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम  14

अभिवचन पर हस्ताक्षर किसके द्वारा अनिवार्य है?

पक्षकार और यदि उसका कोई प्लीडर हो तो उसके द्वारा भी

आदेश 6 नियम 14 के अनुसार अभिवचन पर हस्ताक्षर होने की स्थिति में क्या होगा?

अभिवचन अमान्य माना जाएगा

अभिवचनों का सत्यापन, (Verification of Pleadings) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (15)

अभिवचन का काट दिया जाना, (Striking out Pleadings) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (16)

न्यायालय किन मामलों में अभिवचन के किसी भाग को काटने या संशोधित करने का आदेश दे सकता है?

जब वह अनावश्यक, कलंकात्मक, तुच्छ या तंग करने वाली बात हो, या

उसमें उलझन या विलम्ब करती हैं, या

जो न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग मानी जाएं

अभिवचन का संशोधन, (Amendment of Pleadings) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (17)

न्यायालय किन परिस्थितियों में पक्षकार को अपने अभिवचन संशोधित करने की अनुज्ञा दे सकता है?

जब संशोधन न्यायसंगत हो और विवादग्रस्त वास्तविक प्रश्न के समाधान के लिए आवश्यक हो

आदेश के पश्चात् संशोधन करने में असफल रहना, (Failure to Amend After Order) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 6 नियम (18)

यदि किसी पक्षकार को संशोधन करने की अनुमति मिल जाती है, तो उसे संशोधन कब तक करना होगा?

आदेश में निर्धारित परिसीमित समय के भीतर या यदि समय निर्धारित नहीं है तो आदेश की तारीख से 14 दिनों के भीतर

 

आदेश-7

(Order-7)

वाद-पत्र

(Plaint)

वाद पत्र में अन्तर्विष्ट की जाने वाली विशिष्टियाँ, (Particulars to be Contained in Plaint) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (1)

वादी के बारे में वाद-पत्र में कौन सी जानकारी शामिल होनी चाहिए?

वह न्यायालय जिसमें वाद लाया गया है

वादी, प्रतिवादी का नाम, वर्णन और निवास स्थान

यदि वादी, प्रतिवादी अवयस्क या विकृत चित्त है, उस भाव का कथन

तथ्य जिनसे वाद हेतुक गठित है,

वह अनुतोष जिसका वादी दावा करता है

जहां वादी ने दावे का कोई भाग त्यागा हो उसका उल्लेख

वाद का क्या विवरण होगा या उसकी क्या विशिष्टियाँ होंगी, उन सभी बातों का उल्लेख वादी को अपने वाद-पत्र में स्पष्ट रूप से करना चाहिये-

गोपाल कृष्ण पिल्लई बनाम मीनाक्षी अम्मल, ए० आई० आर० 1967 सु० को० 155

जब वादी प्रतिनिधि के रूप में वाद लाता है, (When Plaintiff Sues as Representative) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (4)

प्रतिनिधि" शब्द की परिभाषा में -

निष्पादक, प्रशासक, वारिस या वसीयत पाने वाला (legatee) भी आते हैं।

वाद-पत्र ग्रहण करने पर प्रक्रिया, (Procedure on Admitting Plaint) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (9)

जब न्यायालय यह आदेश देता है कि समन की तामील आदेश 5 नियम  9 में उपबन्धित रीति से की जाए,

वह वादी को निर्देश देगा कि वह वाद-पत्र की उतनी प्रतियाँ प्रस्तुत करे जितने प्रतिवादी हैं

वादी को वाद-पत्र की प्रतियाँ कब तक प्रस्तुत करनी होती हैं?

आदेश के दिन से 7 दिन के भीतर

वाद-पत्र का लौटाया जाना, (Return of Plaint) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (10)

आदेश 7 नियम (10) के अनुसार वाद-पत्र कब लौटाया जा सकता है?

किसी भी प्रक्रम में जब न्यायालय को लगे कि वाद किसी अन्य सक्षम न्यायालय में संस्थित किया जाना चाहिए

वाद-पत्र किस न्यायालय में लौटाया जाएगा?

उस न्यायालय में जहाँ वाद संस्थित किया जाना चाहिए था

अपील या पुनरीक्षण न्यायालय किस स्थिति में वाद-पत्र लौटाने का निर्देश दे सकता है?

जब वह पारित डिक्री को अपास्त करता है

वाद-पत्र लौटाते समय न्यायाधीश को क्या करना अनिवार्य होता है?

वाद-पत्र पर तारीख, प्रस्तुत करने वाले पक्षकार का नाम और लौटाये जाने का संक्षिप्त कारण लिखना

जहाँ न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि उसे वाद के विचारण की अधिकारिता नहीं प्राप्त है, वहाँ उच्चतम न्यायालय ने किस वाद में यह अभिनिर्धारित किया कि वाद को खारिज कर देने के बजाय उचित यह होगा कि वाद-पत्र को लौटा दिया जाय ताकि उसे उपयुक्त (proper) न्यायालय में दाखिल किया जा सके?

आर० एस० डी० वी० फाइनेन्स कम्पनी प्रा० लि० बनाम श्री बल्लभ ग्लास वर्क्स लि०

जहाँ वाद-पत्र उसके लौटाये जाने के पश्चात् फाइल किया जाता है वहाँ न्यायालय में उपसंजाति के लिये तारीख नियत करने की न्यायालय की शक्ति, (Power of Court to Fix A Date of Appearance In The Court Where Plaint Is to be Filed After Its Return) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (10-)

आदेश 7 नियम  10- के अनुसार, जब वाद-पत्र लौटाये जाने के बाद पुनः दाखिल किया जाता है, तो न्यायालय किस विषय में शक्ति रखता है?

उपसंजाति की तारीख नियत करना

जहाँ किसी वाद में प्रतिवादी के उपसंजात होने के पश्चात् न्यायालय की यह राय है कि वाद-पत्र लौटाया जाना चाहिये वहाँ वह ऐसा करने के पूर्व-

वादी को अपने विनिश्चय की सूचना देगा उपनियम (1)

जहाँ वादी को उपनियम (1) के अधीन सूचना दी गई हो वहाँ वादी न्यायालय से-

वाद-पत्र के लौटाये जाने के पश्चात् वाद- पत्र प्रस्तुत करने की प्रस्थापना करता है,

कि न्यायालय उक्त न्यायालय में पक्षकारों की उपसंजाति के लिये तारीख नियत करे, और

इस प्रकार नियत तारीख की सूचना उसे और प्रतिवादी को दी जाये, आवेदन कर सकेगा।

समुचित न्यायालय को वाद अन्तरित करने की अपील- न्यायालय की शक्ति, (Power of Appellate Court to Transfer Suit to the Proper Court) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (10)

वाद-पत्र का नामंजूर किया जाना, (Rejection of Plaint) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (11)

वाद-पत्र को कब नामंजूर किया जाएगा?

जब वाद हेतुक स्पष्ट नहीं करता है

यदि दावाकृत अनुतोष का मूल्यांकन कम किया गया हो और वादी उसे न्यायालय द्वारा दिए गए समय में ठीक करे, तो क्या होगा?

वाद-पत्र नामंजूर कर दिया जाएगा

यदि वाद-पत्र अपर्याप्त स्टाम्प-पत्र पर लिखा गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

वादी द्वारा नियत समय में अपेक्षित स्टाम्प देने पर वाद-पत्र नामंजूर कर देगा

वाद-पत्र कब नामंजूर किया जाएगा, भले ही वाद हेतुक मौजूद हो?

जब वाद किसी विधि द्वारा वर्जित हो

वाद-पत्र को नामंजूर किया जा सकता है यदि वह किस रूप में दाखिल नहीं किया गया हो?

दो प्रतियों में

यदि वादी आदेश 7 नियम (9) के उपबन्धों का पालन नहीं करता है, तो क्या हो सकता है?

वाद-पत्र नामंजूर कर दिया जाएगा

मूल्यांकन सुधारने या स्टाम्प देने के लिए समय कब तक नहीं बढ़ाया जाएगा?

जब अदालत को लिखित कारणों से यह समाधान हो कि वादी असाधारण कारण से समय पर कार्य नहीं कर सका

वाद-पत्र के नामंजूर किये जाने की प्रक्रिया, (Procedure on Rejecting Plaint) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (12)

आदेश 7 नियम (12) के अनुसार, जब वाद-पत्र नामंजूर किया जाता है, तो न्यायालय को क्या करना आवश्यक होता है?

नामंजूरी का आदेश कारणों सहित अभिलिखित करना

जहाँ वाद पत्र की नामंजूरी से नये वाद-पत्र का उपस्थित किया जाना प्रवारित नहीं होता, (Where Rejection of Plaint Does Not Preclude Presentation of Fresh Plaint) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 7 नियम (13)

आदेश 7 नियम (13) के अनुसार यदि वाद-पत्र नामंजूर किया गया है, तो क्या वादी उसी वाद हेतुक पर नया वाद दायर कर सकता है?

हाँ, नामंजूरी केवल वाद दायर करने से नहीं रोकती

 

आदेश-8

(Order-8)

लिखित कथन, मुजरा और प्रतिदावा

(Written Statement, Set-Off and Counter-Claim)

लिखित कथन, (Written Statement) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 8 नियम (1)

आदेश 8 नियम  1 के अनुसार, प्रतिवादी को लिखित कथन कब तक प्रस्तुत करना होता है?

समन तामील के दिन से 30 दिन के भीतर

यदि प्रतिवादी 30 दिन के भीतर लिखित कथन दाखिल करने में असफल रहता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

न्यायालय अभिलिखित कारणों सहित अधिकतम 90 दिन तक का समय दे सकता है

प्रतिवादी का उन दस्तावेजों को पेश करने का कर्त्तव्य जिनके आधार पर उसने अनुतोष का दावा किया या जिन पर उसने निर्भर किया, (Duty of Defendant to Produce Documents Upon Which Relief Is Claimed or Relied Upon by Him) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 8 नियम (1)

मुजरा की विशिष्टियाँ लिखित कथन में दी जायेंगी, (Particulars of Set-Off to be Given in Written Statement) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 8 नियम (6)

प्रतिवादी मुजरा के लिए ऋण की विशिष्टियाँ किस समय लिखित कथन में प्रस्तुत कर सकता है?

वाद की पहली सुनवाई पर

पहली सुनवाई के पश्चात् प्रतिवादी कब मुजरा का दावा कर सकता है?

न्यायालय द्वारा अनुज्ञा प्राप्त करने पर

मुजरा का दावा करने के लिए दोनों पक्षकारों में क्या समानता होनी चाहिए?

दोनों पक्षकार वही हैसियत रखते हों जो वादी के बाद में उनकी है

मुजरा का प्रभाव किसके समान माना गया है?

वाद-पत्र के

क्या मुजरा करने से डिक्री के अधीन देय खर्चों पर प्लीडर के धारणाधिकार पर कोई प्रभाव पड़ता है?

नहीं, कोई प्रभाव नहीं पड़ता

क्या मुजरा के लिखित कथन पर दिये गये उत्तर पर भी यही नियम  लागू होता है?

हाँ

500 रुपये के विनिमय-पत्र के आधार पर पर वाद लाता है। के विरुद्ध 1,000 रुपये का वचन पत्र है और यह दावा करता है कि यह रकम ऐसी किसी राशि से जो वाद में को अभिनिर्णीत की जाए, मुजरा कर दी जाए, क्या ऐसा कर सकेगा?

हाँ, ऐसा कर सकेगा, क्योंकि जैसे ही के हक में अधिनिर्णय हो जाता है वैसे ही दोनों राशियाँ निश्चित धन सम्बन्धी माँगे हो जाती हैं।

और 1,000 रुपये के लिये के विरुद्ध वाद लाते हैं, क्या उस ऋण को मुजरा कर सकता जो केवल द्वारा उसे शोध्य है?

नहीं

और के विरुद्ध 1,000 रुपये के लिये बाद लाता , क्या अपने उस ऋण का मुजरा कर सकता जो अकेले उसे ही से शोध्य है?

नहीं

प्रतिवादी द्वारा प्रतिदावा, (Counter-Claim by Defendant) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 8 नियम (6)

प्रतिवादी किस प्रकार के दावे को वादी के विरुद्ध प्रतिदावे के रूप में उठा सकता है?

जो वाद फाइल किये जाने से पूर्व या पश्चात् परिसीमित समय की समाप्ति से पूर्व उत्पन्न हुआ हो

क्या प्रतिदावा हमेशा नुकसानी के दावे के रूप में होना आवश्यक है?

नहीं

प्रतिदावा किस सीमा तक किया जा सकता है?

न्यायालय की धन-संबंधी अधिकारिता की सीमा तक

प्रतिदावे का प्रभाव किसके समान माना जाएगा?

प्रतीपवाद के

क्या न्यायालय प्रतिदावे और मूल वाद दोनों का निर्णय एक साथ कर सकता है?

हाँ, एक ही वाद में

जब न्यायालय द्वारा अपेक्षित किये जाने पर लिखित कथन को उपस्थित करने में पक्षकार असफल रहता है तब प्रक्रिया, (Procedure When Party Fails to Present Written Statement Called for by Court) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 8 नियम (10)

यदि पक्षकार नियम  1 या नियम  9 के अधीन अपेक्षित लिखित कथन न्यायालय द्वारा नियत समय में प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

पक्षकार के विरुद्ध निर्णय सुनाएगा या वाद के सम्बन्ध में उचित आदेश देगा

आदेश 8 नियम  10 के अनुसार, निर्णय सुनाए जाने के बाद क्या किया जाएगा?

डिक्री तैयार की जाएगी

 

आदेश-9

(Order-9)

पक्षकारों की उपसंजाति और उनकी अनुपसंजाति का परिणाम

(Appearance of Parties and Consequence of non-Appearance)

पक्षकार उस दिन उपसंजात होगे जो प्रतिवादी के उपसंजात और उत्तर देने के लिये समन में नियत हैं, (Parties to Appear on Day Fixed in Summons for Defendant to Appear and Answer) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (1)

आदेश 9 नियम (1) के अनुसार, पक्षकार किस दिन उपस्थित होंगे?

वह दिन जो प्रतिवादी के उपसंजात और उत्तर देने के लिए समन में नियत हो

आदेश 9 नियम (1) के अनुसार, पक्षकार किसके माध्यम से न्यायालय में उपस्थित हो सकते हैं?

स्वयं या अपने प्लीडरों द्वारा

यदि न्यायालय सुनवाई को स्थगित कर दे तो क्या होगा?

भविष्यवर्ती दिन पर स्थगित होगा

जहाँ समनों की तामील, खर्चे देने में वादी के असफल रहने के परिणामस्वरूप नहीं हुई है वहां वाद का खारिज किया जाना, (Dismissal of Suit Where Summons Not Served in Consequence Of Plaintiff’s Failure to Pay Costs) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (2)

जहाँ दोनों में से कोई भी पक्षकार उपसंजात नहीं होता है वहाँ वाद का खारिज किया जाना, (Where Neither Party Appears Suit to be Dismissed) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (3)

आदेश 9 नियम  3 के तहत, यदि कोई पक्षकार उपसंजात नहीं होता है तो न्यायालय क्या कर सकता है?

वाद खारिज कर सकता है

वादी नया वाद ला सकेगा या न्यायालय वाद को फाइल पर प्रत्यावर्तित कर सकेगा, (Plaintiff May Bring Fresh Suit or Court May Restore Suit to File) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (4)

आदेश 9 नियम  4 के अनुसार, यदि वाद नियम  2 या नियम  3 के तहत खारिज कर दिया जाता है, तो वादी क्या कर सकता है?

नया वाद ला सकता है या खारिजी को अपास्त कराने के लिए आवेदन कर सकता है

जहाँ वादी, समन तामील के बिना लौटने के पश्चात् सात दिन तक नये समन के लिये आवेदन करने में असफल रहता है वहाँ वाद को खारिज किया जाना, (Dismissal of Suit Where Plaintiff After Summons Returned Unserved, Fails for Seven Days to Apply for Fresh Summons) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (5)

आदेश 9 नियम  5 के अनुसार, यदि वादी समन तामील के बिना लौटने के बाद सात दिन तक नए समन के लिए आवेदन करने में असफल रहता है, तो क्या होगा?

वाद को खारिज कर दिया जाएगा

आदेश 9 नियम  5 के तहत, समन तामील होने के बाद वादी के लिए आवेदन की कितनी अवधि निर्धारित है?

सात दिन

आदेश 9 नियम  5 के अनुसार, न्यायालय समन तामील के लिए आवेदन की अवधि को कब और कितनी बढ़ा सकता है?

जब वादी यह साबित करता है कि उसने पूरी कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुआ या प्रतिवादी तामील से बच रहा है, तब न्यायालय जितनी अवधि ठीक समझे बढ़ा सकता है

आदेश 9 नियम  5 के अनुसार, यदि वादी नया वाद लाना चाहता है तो वह किस विधि के अधीन होगा?

परिसीमा विधि

कौन सा कारण न्यायालय द्वारा समन तामील के लिए समय बढ़ाने का आधार हो सकता है?

प्रतिवादी का निवास स्थान पता चलना, प्रतिवादी तामील से बचना, कोई अन्य पर्याप्त कारण

जब केवल वादी उपसंजात होता है तब प्रक्रिया, (Procedure When Only Plaintiff Appears) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (6)

आदेश 9 नियम 6 के अनुसार, यदि केवल वादी उपसंजात होता है और समन की तामील सम्यक् रूप से की गई है, तो न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?

वाद की सुनवाई एकपक्षीय रूप से करेगा

यदि समन की तामील सम्यक् रूप से नहीं की गई है, तो  आदेश 9 नियम 6 के अनुसार न्यायालय क्या करेगा?

दूसरा समन निकालेगा और उसकी तामील प्रतिवादी पर करेगा

जब समन की तामील हुई है, लेकिन सम्यक् समय में नहीं हुई, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

सुनवाई को स्थगित करके प्रतिवादी को पर्याप्त समय देगा और भविष्यवर्ती दिन के लिए सुनवाई रखेगा

यदि समन की सम्यक् तामील वादी की गलती से नहीं हुई है, तो  आदेश 9 नियम 6 के अनुसार न्यायालय क्या आदेश देगा?

वादी को व्यतिक्रम खर्च देना होगा

जहाँ केवल प्रतिवादी उपसंजात होता है, वहाँ प्रक्रिया, (Procedure Where Defendant Only Appears) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (8)

आदेश 9 नियम 8 के अनुसार, अगर वाद की सुनवाई के दिन केवल प्रतिवादी उपसंजात होता है और वादी उपसंजात नहीं होता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

वाद को खारिज कर देगा

आदेश 9 नियम 8 के तहत, यदि प्रतिवादी वादी के दावे या उसके भाग को स्वीकार कर लेता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

डिक्री पारित करेगा प्रतिवादी के विरुद्ध

 आदेश 9 नियम 8 के अनुसार, यदि प्रतिवादी केवल दावे का एक भाग स्वीकार करता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

वाद को केवल स्वीकार किए गए भाग तक डिक्री देगा और शेष वाद को खारिज करेगा

 आदेश 9 नियम 8 के अनुसार, जब केवल प्रतिवादी उपसंजात होता है और दावे को अस्वीकार करता है, तो क्या होता है?

वाद खारिज कर दिया जाता है

व्यतिक्रम के कारण वादी के विरुद्ध पारित डिक्री नये वाद का वर्जन करती है, (Decree Against Plaintiff by Default Bars Fresh Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (9)

आदेश 9 नियम 9 के अंतर्गत, यदि वादी की अनुपस्थिति के कारण वाद नियम 8 के अंतर्गत खारिज कर दिया गया हो, तो-

 

वादी को पुनः वही वाद लाने से रोका जाता है, लेकिन वह खारिजी को अपास्त करने हेतु आवेदन कर सकता है, यदि उसकी अनुपस्थिति के लिए उचित कारण हो।

 

एक पक्षीय डिक्रीयों को अपास्त करना

(Setting Aaside Decree ex parte)

प्रतिवादी के विरुद्ध एकपक्षीय डिक्री को अपास्त करना, (Setting Aside Decree Ex Parte Against Defendant) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 9 नियम (13)

आदेश 9 नियम 13 के अनुसार, प्रतिवादी एकपक्षीय डिक्री को अपास्त करने के लिए किस न्यायालय में आवेदन कर सकता है?

वह न्यायालय जिसने डिक्री पारित की थी

क्या एकपक्षीय डिक्री को केवल इस आधार पर अपास्त किया जा सकता है कि समन की तामील में अनियमितता थी, जबकि प्रतिवादी को सुनवाई की तारीख की जानकारी थी?

नहीं

यदि एकपक्षीय डिक्री ऐसी है कि उसे केवल एक प्रतिवादी के विरुद्ध अपास्त नहीं किया जा सकता, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

अन्य प्रतिवादियों के विरुद्ध भी डिक्री अपास्त कर सकेगा

यदि प्रतिवादी एकपक्षीय डिक्री के विरुद्ध अपील दायर कर चुका है और अपील का निपटारा हो गया है, तो क्या वह इस नियम  के तहत आवेदन कर सकता है?

नहीं, यदि अपील का निपटारा हो गया है

 

आदेश-10

(Order-10)

न्यायालय द्वारा पक्षकारों की परीक्षा

(Examination of Parties by the Court)

विवाद के समाधान की वैकल्पिक रीतियों में से एक को चुनने का न्यायालय का निर्देश, (Direction of the Court to Opt for Any One Mode of Alternative Dispute Resolution) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 10 नियम (10)

आदेश 10 नियम  1- के अनुसार, विवाद के समाधान की वैकल्पिक रीतियों में से एक को चुनने के लिए न्यायालय द्वारा क्या निर्देश दिया जाता है?

न्यायालय पक्षकारों को निर्देश देता है कि वे धारा 89(1) में निर्दिष्ट वैकल्पिक समाधान की रीतियों में से एक को चुनें।

 

आदेश-11

(Order-11)

प्रकटीकरण और निरीक्षण

(Discovery and Inspection)

परिप्रश्नो द्वारा प्रकटीकरण कराना, (Discovery by Interrogatories) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 11 नियम (1)

आदेश 11 नियम  1 के अनुसार, परिप्रश्न (Interrogatories) किसकी अनुमति से परिदत्त (serve) किए जा सकते हैं?

न्यायालय की अनुमति से

परिप्रश्नो का अपास्त किया जाना और काट दिया जाना, (Setting Aside and Striking Out Interrogatories) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 11 नियम (7)

उत्तर में दिए गए शपथ पत्र का फ़ाइल किया जाना, (Affidavit in Answer, Filing) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 11 नियम (8)

आदेश 11 नियम 8 के अंतर्गत परिप्रश्न (interrogatories) का उत्तर कब और कैसे दिया जाना चाहिए?

परिप्रश्न का उत्तर शपथ-पत्र द्वारा दिया जाएगा, जो 10 दिन के भीतर या न्यायालय द्वारा अनुमत अन्य समय में फाइल किया जाएगा।

निरीक्षण के लिए आदेश, (Order for Inspection) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 11 नियम (18)

आदेश 11 नियम 18 के अनुसार, न्यायालय निरीक्षण के लिए आदेश कब दे सकता है?

 

जब वह पक्षकार, जिस पर नियम 15 के अधीन सूचना दी गई है, निरीक्षण के लिए समय नहीं देता, या

निरीक्षण से इनकार करता है, या

निरीक्षण के लिए किसी अन्य स्थान का प्रस्ताव करता है

सत्यापित प्रतियां, (Verified Ccopies) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 11 नियम (19)

समयपूर्व प्रकटीकरण, (Premature discovery) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 11 नियम (20)

आदेश 11 नियम 20 के अनुसार, न्यायालय कब प्रकटीकरण या निरीक्षण के प्रश्न को स्थगित (आरक्षित) कर सकता है?

जब न्यायालय यह माने कि प्रकटीकरण का अधिकार एक विवादास्पद प्रश्न की अवधारण (determination) पर निर्भर करता है।

 

आदेश-12

(Order-12)

स्वीकृतियाँ

(Admissions)

मामले की स्वीकृति की सूचना, (Notice of Admission of Case) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 12 नियम (1)

आदेश 12 नियम  1 के अनुसार, कोई पक्षकार किस प्रकार से किसी अन्य पक्षकार के वाद की सत्यता को स्वीकार कर सकता है?

अपने लिखित अभिवचन द्वारा या अन्यथा लिखित रूप में सूचना देकर

दस्तावेजों की स्वीकृति के लिये सूचना, (Notice to Admit Documents) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 12 नियम (2)

आदेश 12 नियम  2 के अनुसार, यदि कोई पक्षकार दूसरे पक्षकार से किसी दस्तावेज को स्वीकार करने के लिए सूचना देता है, तो उस सूचना के तामील की तारीख से कितने दिनों के भीतर उसे उत्तर देना होता है?

7 दिन

आदेश 12 नियम  2 के तहत, यदि पक्षकार दस्तावेज की स्वीकृति से इनकार करता है या उपेक्षा करता है, तो दस्तावेज को साबित करने का खर्च किस पर डाला जा सकता है?

उस पक्षकार पर जो दस्तावेज की स्वीकृति से इनकार या उपेक्षा करता है

तथ्यों को स्वीकृत करने की सूचना, (Notice to Admit Acts) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 12 नियम (4)

आदेश 12 नियम  4 के अनुसार, कोई भी पक्षकार सुनवाई की तिथि से न्यूनतम कितने दिन पहले अन्य पक्षकार को तथ्यों की स्वीकृति हेतु लिखित सूचना दे सकता है?

9 दिन

सूचना की तामील के बाद पक्षकार को कितने दिनों के भीतर तथ्य को स्वीकार करने से इंकार या उत्तर देना होता है?

6 दिन

स्वीकृतियों के आधार पर निर्णय, (Judgment on Admissions) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 12 नियम (6)

आदेश 12 नियम  6 के अनुसार, यदि पक्षकार ने किसी तथ्य को मौखिक या लिखित रूप से स्वीकार कर लिया है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

किसी पक्षकार के आवेदन पर या स्वप्रेरणा से, वाद के किसी भी प्रक्रम में निर्णय दे सकता है

दस्तावेजों को पेश करने के लिये सूचना, (Notice to Produce Documents) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 12 नियम (8)

 

आदेश-13

(Order-13)

दस्तावेजों का पेश किया जाना, परिबद्ध किया जाना और लौटाया जाना

(Production, Impounding and Return of Documents)

मूल दस्तावेजों का विवाद्यकों के स्थिरीकरण के समय या उससे पूर्व पेश किया जाना, (Original Documents to be Produced at or Before the Settlement of Issues) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 13 नियम (1)

 आदेश 13 नियम  1 के अनुसार, पक्षकार को मूल दस्तावेज कब प्रस्तुत करने होते हैं?

विवाद्यकों के स्थिरीकरण के समय या उससे पूर्व

आदेश 13 नियम  1 की प्रावधान किन दस्तावेजों पर लागू नहीं होते?

जो प्रतिपरीक्षा में या किसी साक्षी की स्मृति ताजा करने के लिए पेश किए जाएँ

 

आदेश-14

(Order-14)

विवाद्यकों का स्थिरीकरण और विधि-विवाद्यकों के आधार पर या उन विवाद्यकों के आधार पर जिन पर रजामन्दी हो गई है, वाद का अवधारण

(settlement of Issues and Determination of Suit on Issues of Law or on Issues Agreed Upon)

विवाद्यकों की विरचना, (Framing of Issues) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 14 नियम (1)

आदेश 14 नियम 1 के अनुसार, विवाद्यक (Issues) कब उत्पन्न होते हैं?

जब एक पक्षकार किसी तथ्य या विधि को प्रतिज्ञात करता है और दूसरा पक्षकार उसका प्रत्याख्यान करता है

न्यायालय द्वारा सभी विवाद्यकों पर निर्णय सुनाया जाना, (Court to Pronounce Judgment On All Issues)  किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 14 नियम (2)

आदेश 14 नियम 2(1) के अनुसार, यदि वाद का निपटारा प्रारंभिक विवाद्यक पर किया जा सकता हो, तब भी न्यायालय को सामान्यतः क्या करना चाहिए?

सभी विवाद्यकों पर निर्णय देना

वह सामग्री जिससे विवाद्यकों की विरचना की जा सकेगी, (Materials From Which Issues May be Framed) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 14 नियम (3)

आदेश 14 नियम 3 के अनुसार, विवाद्यकों की विरचना न्यायालय किससे कर सकता है?

शपथ पर किए गए अभिकथनों,

परिप्रश्नों के उत्तरों, और

दस्तावेजों से

न्यायालय विवाद्यकों की विरचना करने के पहले साक्षियों की या दस्तावेजों की परीक्षा कर सकेगा, (Court May Examine Witnesses or Documents Before Framing Issues) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 14 नियम (4)

विवाद्यकों का संशोधन और उन्हें काट देने की शक्ति, (Power to Amend and Strike Out, Issues) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 14 नियम (5)

आदेश 14 नियम 5 के अनुसार, अतिरिक्त विवाद्यकों का विरचन कब किया जा सकता है?

न्यायालय डिक्री पारित करने से पूर्व किसी भी समय, जब न्यायालय ठीक समझे

 

आदेश-15

(Order-15)

प्रथम सुनवाई में वाद का निपटारा

(Disposal of the Suit at the First Hearing)

जब पक्षकारों में कोई विवाद नहीं है, (Parties not at issue) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 15 नियम (1)

 आदेश 15 नियम  1 के अनुसार, जब पक्षकारों में विधि या तथ्य के किसी प्रश्न पर विवाद हो तो न्यायालय क्या कर सकता है?

तुरंत निर्णय सुना सकता है

 

आदेश-16

(Order-16)

साक्षियों को समन करना और उनकी हाजिरी

(Summoning and Attendance of Witnesses)

साक्षियों की सूची और साक्षियों को समन, (List of Witnesses and Summons to Witnesses) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 16 नियम (1)

 आदेश 16 नियम  1(1) के अनुसार, पक्षकार न्यायालय में कब साक्षियों की सूची पेश करेंगे?

ऐसी तारीख को या उसके पूर्व जो न्यायालय नियत करे और जो विवाद्यकों का निपटारा कर दिए जाने से पन्द्रह दिन पश्चात् हो

यदि पक्षकार किसी व्यक्ति को समन देना चाहता है तो उसे क्या करना होगा?

न्यायालय में आवेदन करना होगा और प्रयोजन का उल्लेख करना होगा

न्यायालय किस स्थिति में सूची में वर्णित साक्षी से भिन्न किसी साक्षी को बुलाने की अनुमति देगा?

जब पक्षकार सूची में नाम लिखना भूल गया हो और कारण दर्शाए

 आदेश 16 नियम  1 के अनुसार, समन कहाँ से और कब प्राप्त किए जा सकते हैं?

न्यायालय या नियत अधिकारी से, साक्षियों की सूची प्रस्तुत करने के पांच दिन के भीतर आवेदन करके

जब तक कि कोई साक्षी किन्हीं निश्चित सीमाओं के भीतर का निवासी हो, वह स्वयं हाजिर होने के लिये अदिष्ट नहीं किया जायेगा - किसी भी व्यक्ति को स्वयं हाजिर होने के लिये केवल तभी आदेश किया जायेगा जब वह, (No Witness to be Ordered to Attend in Person Unless Resident Within Certain Limits) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 16 नियम (19)

आदेश 16 नियम  19 के अनुसार, किसी साक्षी को स्वयं हाजिर होने का आदेश कब दिया जा सकता है?

जब वह न्यायालय की स्थानीय सीमाओं के भीतर निवासी हो

यदि साक्षी न्यायालय की मामूली अधिकारिता की सीमाओं के बाहर रहता है, तो उसे स्वयं हाजिर होने के लिए कब आदेश दिया जा सकता है?

जब वह 100 किलोमीटर या उससे कम दूरी पर रेलवे, स्टीमर या अन्य लोक परिवहन से स्थित हो

नियम  19 के अनुसार, वायु मार्ग द्वारा यातायात उपलब्ध होने पर साक्षी को कब स्वयं हाजिर होने का आदेश दिया जा सकता है?

केवल जब वायु मार्ग का यात्री भाड़ा संदत्त किया गया हो

 आदेश 16 नियम  19 के अनुसार, साक्षी की दूरी न्यायालय से किस सीमा तक होनी चाहिए यदि वह रेल, स्टीमर या अन्य लोक परिवहन से जुड़ा हो?

500 किलोमीटर से कम

 

आदेश-16

(Order-16A)

कारागार में परिरुद्ध या निरुद्ध साक्षियों की हाजिरी

(Attendance of Witnesses Confined or Detained in Prisons)

"निरुद्ध" शब्दों की परिभाषाएं, ("detained") किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 16 नियम (1)

आदेश 16 नियम 1 के अनुसार, "निरुद्ध" शब्द की परिभाषा में क्या सम्मिलित है?

निरुद्ध" के अन्तर्गत निवारक निरोध के लिये उपबन्ध करने वाली किसी विधि के अधीन निरुद्ध भी हैं

आदेश 16 नियम 1 के अनुसार, "कारागार" शब्द की परिभाषा में क्या सम्मिलित है?

ऐसा कोई स्थान जिसे राज्य सरकार ने साधारण या विशेष आदेश द्वारा अतिरिक्त जेल घोषित किया है, और

कोई सुधारालय, बोस्टल संस्था या इसी प्रकार की कोई अन्य संस्था

कारागार के भारसाधक अधिकारी का कुछ मामलों में आदेश को कार्यान्वित करना, (Officer in Charge of Prison to Abstain From Carrying Out Order in Certain Cases) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 16 नियम (5)

स्थिति  आदेश 16 नियम  5 के अंतर्गत आती है, जहाँ कारागार का भारसाधक अधिकारी न्यायालय के आदेश को कार्यान्वित नहीं करेगा?

जब व्यक्ति बीमारी या अंगशैथिल्य के कारण स्थानांतरित होने के योग्य हो

कारागार का भारसाधक अधिकारी आदेश को कार्यान्वित करने के क्या कारण न्यायालय को भेजेगा?

आदेश करने के कारणों का लिखित विवरण न्यायालय को भेजेगा

कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिये कमीशन निकालने की शक्ति, (Power to Issue Commission for Examination of witness in Prison) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 16 नियम (7)

 आदेश 16 नियम  7 के अनुसार, यदि न्यायालय को यह प्रतीत होता है कि कारागार में निरुद्ध व्यक्ति का साक्ष्य तात्विक है, परंतु उसकी हाजिरी सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उस व्यक्ति की परीक्षा के लिए कमीशन जारी कर सकता है

क्या कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन राज्य के बाहर स्थित कारागार के लिए भी जारी किया जा सकता है?

हाँ, भारत में किसी भी स्थान पर स्थित जेल के लिए

कारागार में साक्षी की परीक्षा हेतु कमीशन के मामलों में कौन-से आदेश के उपबंध लागू होंगे?

आदेश 26

 

आदेश-17

(Order-17)

स्थगन

(Adjournment)

न्यायालय समय दे सकेगा और सुनवाई स्थगित कर सकेगा, (Court May Grant Time and Adjourn Hearing) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 17 नियम (1)

 आदेश 17 नियम  1 के अनुसार, न्यायालय सुनवाई को स्थगित कब कर सकता है?

जब न्यायालय को पर्याप्त कारण दर्शित किया जाए

नियम  1 के अनुसार, एक पक्षकार को अधिकतम कितनी बार सुनवाई स्थगित करने की अनुमति दी जा सकती है?

केवल 3 बार

 

आदेश-18

(Order-18)

वाद की सुनवाई और साक्षियों की परीक्षा

(Hearing of the Suit and Examination of Witnesses)

पक्षकार का अन्य साक्षियों से पहले उपसंजात होना, (Party to Appear Before Other Witnesses) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 18 नियम (3)

 आदेश 18 नियम  3- के अनुसार, जब कोई पक्षकार स्वयं साक्षी के रूप में उपसंजात होना चाहता है, तो उसे कब उपसंजात होना चाहिए?

किसी अन्य साक्षी के पहले

क्या कोई पक्षकार अपने अन्य साक्षियों के बाद स्वयं साक्षी के रूप में उपस्थित हो सकता है?

हाँ, यदि न्यायालय उचित कारणों को लेखबद्ध कर अनुमति दे

साक्ष्य का अभिलिखित किया जाना, (Recording of Evidence) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 18 नियम (4)

आदेश 18 नियम 4(1) के अनुसार, मुख्य परीक्षा किस रूप में ली जाती है?

शपथ-पत्र के रूप में

यदि कोई साक्षी शपथ-पत्र द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करता है, तो उसकी प्रति किसे उपलब्ध कराई जानी चाहिए?

विरोधी पक्षकार को

साक्षियों की भावभंगी के बारे में टिप्पणियाँ, (Remarks on Demeanour of Witnesses) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 18 नियम (12)

आदेश 18 नियम  12 के अनुसार, न्यायालय साक्षी की परीक्षा के दौरान उसकी भावभंगी के बारे में क्या कर सकता है?

न्यायालय साक्षी की भावभंगी के बारे में तात्विक टिप्पणियाँ अभिलिखित कर सकता है

न्यायालय साक्षी को पुनः बुला सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा, (Court May Recall and Examine Witness) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 18 नियम (17)

आदेश 18 नियम 17 के अनुसार, न्यायालय किन परिस्थितियों में किसी साक्षी को पुनः बुला सकता है और उसकी परीक्षा कर सकता है?

न्यायालय वाद के किसी भी प्रक्रम में ऐसे किसी भी साक्षी को पुनः बुला सकेगा जिसकी परीक्षा की जा चुकी है और उससे ऐसे प्रश्न पूछ सकेगा जो न्यायालय ठीक समझे

 

आदेश-19

(Order-19)

शपथ-पत्र

(Affidavits)

शपथ-पत्र, (Affidavits) किस आदेश से सम्बंधित है

आदेश 19

 

आदेश-20

(Order-20)

निर्णय और डिक्री

(Judgment and decree)

निर्णय कब सुनाया जाएगा, (Judgment When Pronounced) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (1)

 आदेश 20 नियम  1 के अनुसार, निर्णय कब और कैसे सुनाया जाएगा?

सुनवाई के तुरंत बाद ही खुले न्यायालय में या तत्पश्चात् शीघ्र किसी भविष्यवर्ती दिन को निर्णय सुनाया जाएगा।

यदि निर्णय किसी भविष्यवर्ती दिन को सुनाया जाना हो तो न्यायालय किन बातों का ध्यान रखेगा?

निर्णय सुनाने के दिन की सम्यक सूचना पक्षकारों या उनके प्लीडरों को दी जाएगी।

आदेश 20 नियम 1 के अनुसार, जहां निर्णय तुरंत नहीं सुनाया गया है वहाँ न्यायालय-

सुनवाई समाप्त होने के बाद यथासंभव शीघ्र निर्णय सुनाएगा, और सामान्यतः यह 30 दिनों के भीतर किया जाएगा, किन्तु अपवादात्मक परिस्थितियों में 60 दिन तक बढ़ाया जा सकता है

न्यायाधीश के पूर्ववर्ती द्वारा लिखे गये निर्णय को सुनाने की शक्ति, (Power to Pronounce Judgment Written by Judge’s Predecessor) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (2)

 आदेश 20 नियम  2 के अनुसार, न्यायाधीश किस प्रकार के निर्णय को सुनाने का अधिकार रखता है?

केवल उस निर्णय को जिसे पूर्ववर्ती न्यायाधीश ने लिखा हो लेकिन सुनाया नहीं हो।

निर्णय हस्ताक्षरित किया जायेगा, (Judgment to be Signed) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (3)

निर्णय सुनाये जाने के समय न्यायाधीश का क्या कार्य होगा?

उस पर खुले न्यायालय में तारीख डालेगा और हस्ताक्षर करेगा

आदेश 20 नियम 3 के अनुसार, निर्णय पर हस्ताक्षर करने के पश्चात् उसमें तो कोई परिवर्तन किया जायेगा और कोई परिवर्धन किया जायेगा, सिवाय-

धारा 152 या पुनर्विलोकन के अधीन परिवर्तन या परिवर्धन किया जा सकता है।

डिक्री की अन्तवस्तु, (Contents of Decree) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (6)

डिक्री में क्या-क्या शामिल होना आवश्यक है?

वाद का संख्यांक,

पक्षकारों के नाम,

उनके पते और दावों की विशिष्टताएँ

डिक्री में उपगत खर्चों के संबंध में क्या स्पष्ट होना चाहिए?

खर्चे किसने दिए और किस अनुपात में संदत्त किये गए

डिक्री की तैयारी, (Preparation of Decree) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (6)

डिक्री की तैयारी के संबंध में किस समयावधि के भीतर डिक्री तैयार करने का प्रयास किया जाता है?

निर्णय सुनाए जाने के 15 दिन के भीतर

डिक्री की तारीख, (Date of Decree) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (7)

डिक्री में किस दिन की तारीख अंकित की जाएगी?

जिस दिन निर्णय सुनाया गया हो

डिक्री पर हस्ताक्षर कब किए जाते हैं?

जब न्यायाधीश अपना समाधान कर ले और डिक्री निर्णय के अनुसार तैयार हो

स्थावर सम्पत्ति के प्रत्युद्धरण के लिये डिक्री, (Decree for Recovery of Immovable Property) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (9)

कब्जा और अन्तःकालीन लाभों के लिये डिक्री, (Decree for Possession and Mesne Profits) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (12)

आदेश 20 नियम  12 के अनुसार, जब वाद स्थावर सम्पत्ति के कब्जे का प्रत्युद्धरण और भाटक या अन्तःकालीन लाभों के लिए हो, न्यायालय क्या कर सकता है?

ऐसी डिक्री पारित कर सकता है जो सम्पत्ति के कब्जे,

भाटक या

अन्तःकालीन लाभों के लिए हो या

उनकी जाँच का निदेश दे

जब मुजरा या प्रतिदावा किया जाये तब डिक्री, (Decree When Set-Off or Counter-Claim is Allowed) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (19)

जब प्रतिवादी को वादी के दावे के विरुद्ध मुजरा या प्रतिदावा अनुज्ञात किया जाता है, तो डिक्री में क्या कथन होगा?

वादी और प्रतिवादी दोनों के शोध्य राशियों का स्पष्ट उल्लेख होगा

मुजरा या प्रतिदावा सम्बन्धी डिक्री की अपील के संबंध में कौन सा कथन सही है?

ऐसी डिक्री अपील उन्हीं नियमों के अधीन होगी जो बिना मुजरा के डिक्री पर लागू होतीं

इस नियम  के उपबन्ध किस प्रकार के मुजरा पर लागू होंगे?

चाहे आदेश 8 के नियम 6 के अधीन हो या अन्यथा अनुज्ञेय मुजरा पर भी लागू होंगे

निर्णय और डिक्री की प्रमाणित प्रतियों का दिया जाना, (Certified Copies of Judgment and Decree to be Furnished) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (20)

न्यायालय निर्णय और डिक्री की प्रमाणित प्रतियाँ किसे देगा?

पक्षकारों को न्यायलय से आवेदन करने पर और उनके खर्च पर दी जाएँगी

 

आदेश-20

(Order-20A)

खर्चे

(Costs)

खर्चे, (Costs) किस आदेश से सम्बंधित है

आदेश 20

कुछ मदों के बारे में उपबंध, (Provisions Relating to Certain Items) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 20 नियम (1)

आदेश 20- नियम 1 के अंतर्गत न्यायालय किस प्रकार के व्ययों को अधिनिर्णीत कर सकता है?

वाद पूर्व सूचना,

अभिवचनों को टाइप कराने, लिखने या मुद्रित, अभिलेखों के निरीक्षण,

साक्षियों को पेश,

अपीलों की दशा में किसी पक्षकार द्वारा निर्णयों और डिक्रियों की प्रतियाँ प्राप्त करने में उपगत प्रभार, जैसे विशेष मदों पर व्यय

 

आदेश-21

(Order-21)

डिक्रियों और आदेशों का निष्पादन

(Execution of Decrees and Orders Payment under Decree)

डिक्री के अधीन धन के संदाय की रीतियाँ, (Modes of Paying Money Under Decree) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (1)

आदेश 21 नियम  1 के अनुसार, डिक्री के अधीन धन का संदाय किस प्रकार किया जा सकता है?

न्यायालय में जमा करके,

मनीऑर्डर,

बैंक द्वारा या

अन्य निर्दिष्ट रीति से

 

निष्पादन के लिए आवेदन

(Application for Execution)

निष्पादन के लिए आवेदन, (Application for Execution) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (10)

यदि डिक्री का धारक डिक्री का निष्पादन कराना चाहता है, तो वह आवेदन कहाँ कर सकता है?

उस न्यायालय से जिसने डिक्री पारित की है, या

नियुक्त अधिकारी से या

जहां डिक्री निष्पादन के लिए भेजी गई है

आदेश 21 नियम  11(1) के अनुसार, डिक्री का अविलम्ब निष्पादन डिक्रीदार के मौखिक आवेदन पर कब किया जा सकता है?

जब डिक्री धनराशि के लिए हो और निर्णीत ऋणी न्यायालय की परिसीमा के भीतर हो

एक साथ निष्पादन, (Simultaneous Execution) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (21)

आदेश 21 नियम  21 के अनुसार, न्यायालय किस अधिकार का प्रयोग करते हुए डिक्री के निष्पादन को नियंत्रित कर सकता है?

वह निर्णीत ऋणी के शरीर और सम्पत्ति के विरुद्ध एक साथ निष्पादन करने से स्वविवेक से मना कर सकता है

 

निष्पादन की रीती

(Mode of Execution)

विनिर्दिष्ट पालन के लिये, दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यास्थापन के लिये या व्यादेश के लिये डिक्री, (Decree for Specific Performance for Restitution of Conjugal Rights, or for An Injunction) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (32)

जब किसी व्यक्ति के विरुद्ध संविदा के विनिर्दिष्ट पालन, दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यास्थापन या व्यादेश की डिक्री पारित की गई हो और वह उसका पालन जानबूझकर करे, तो डिक्री कैसे प्रवृत्त की जा सकती है?

सिविल कारागार में निरोध,

सम्पत्ति की कुर्की, या

दोनों रीतियों से

दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यास्थापन की डिक्रियों का निष्पादन करने में न्यायालय का विवेकाधिकार, (Discretion of Court in Executing Decrees for Restitution of Conjugal Rights) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (33)

 

गिरफ्तारी और सिविल कारागार में निरोध

(Arrest and Detention in the Civil Prison)

जीवन-निर्वाह भत्ता, (Subsistence-Allowance) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (39)

जब तक डिक्रीदार न्यायालय में जीवन निर्वाह के लिये उचित राशि जमा नहीं करता, तब तक:

निर्णीत ऋणी को गिरफ्तार नहीं किया जायेगा

गारनिशी को सूचना, (Notice to Garnishee) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (46)

न्यायालय किस स्थिति में गारनिशी को सूचना दे सकता है?

जब कुर्की की गई ऋण की राशि पर संदाय करने का आदेश हो और लेनदार आवेदन करे

यदि गारनिशी डिक्री और निष्पादन के खर्चों को चुकाने के लिए आवश्यक राशि न्यायालय में जमा कर देता है, तो न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?

वह राशि डिक्रीदार को संदत्त कर दी जाये

गारनिशी को यह सूचना देते समय न्यायालय उससे क्या अपेक्षा करता है?

कि वह राशि न्यायालय में जमा करे या उपसंजात हो तथा कारण दर्शित करे कि उसे वैसा क्यों नहीं करना चाहिये।

गारनिशी के विरुद्ध अपील, (Order Against Garnishee) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (46)

यदि गारनिशी निर्णीत ऋणी को डिक्री की तुष्टि और खर्चों के चुकाने के लिए उचित रकम तुरंत न्यायालय में जमा नहीं करता और कारण भी नहीं बताता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

न्यायालय गारनिशी को आदेश दे सकेगा कि वह ऐसी सूचना के निबन्धनों का अनुपालन करे और ऐसे आदेश पर निष्पादन इस प्रकार किया जा सकेगा मानों ऐसा आदेश उसके विरुद्ध डिक्री हो।

अपीलें, (Appeals) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (46)

कौन से नियमों के अधीन दिए गए आदेश डिक्री के रूप में अपीलनीय होंगे?

नियम 46-,

नियम 46-,

नियम 46-

परक्राम्य लिखतों को लागू होगा, (Application to Negotiable Instruments) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (46)

नियम  46- से 46- तक के उपबन्ध नियम  किस नियम  के अधीन कुर्क की गई परक्राम्य लिखतों पर लागू होंगे?

नियम (51)

न्यायालय या लोक अधिकारी की अभिरक्षा में की सम्पत्ति की कुर्की, (Attachment of Property in Custody of Court or Public Officer) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (52)

जब कुर्क की जाने वाली सम्पत्ति न्यायालय या लोक अधिकारी की अभिरक्षा में हो, तो कुर्की कैसे की जाएगी?

ऐसे न्यायालय या अधिकारी से यह अनुरोध करने वाली सूचना द्वारा की जायेगी कि ऐसी सम्पत्ति और उस पर संदेय होने वाला कोई ब्याज या लाभांश उस न्यायालय के जिसने यह सूचना निकाली है, आगे किये जाने वाले आदेशों के अधीन धारण की जाये

डिक्रियों की कुर्की, (Attachment of Decrees) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (53)

कुर्की का पर्यवसान, (Determination of Attachment) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (57)

जब कोई सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में कुर्क की गई हो और न्यायालय डिक्री निष्पादन के आवेदन को खारिज कर दे, तो न्यायालय क्या आदेश देगा?

कुर्की जारी रहेगी या समाप्त हो जाएगी, और उसका समय समाप्ति की तारीख बताएगा

यदि न्यायालय कुर्की जारी रखने या समाप्त करने का आदेश देने में लापरवाही करता है, तो क्या होगा?

कुर्की स्वतः समाप्त हो जाएगी

 

दावों और आक्षेपों का न्यायनिर्णयन

(Adjudication of Claims and Objections)

कुर्क की गई सम्पत्ति पर दावों का और ऐसी सम्पत्ति की कुर्की के बारे में आक्षेपों का न्याय निर्णयन, (Adjudication of Claims to, or Objections to Attachment, of Property) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (58)

उपनियम (4) के अनुसार, ऐसे आदेश का क्या कानूनी बल होगा?

वह डिक्री के समान होगा और अपील योग्य होगा

 

स्थावर संपत्ति का विक्रय

(Sale of Immovable Property)

क्रेता द्वारा निक्षेप उसके व्यतिक्रम पर पुनर्विक्रय, (Deposit by Purchaser and Re-Sale on Default) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (84)

स्थावर सम्पत्ति के विक्रय में, क्रेता को विक्रय अधिकारी को कितनी रकम का निक्षेप देना होता है?

क्रयधन का 25%

क्रेता को निक्षेप कब देना होगा?

विक्रय के संचालन की घोषणा के तुरन्त बाद

अगर क्रेता निक्षेप देने में व्यतिक्रम करता है, तो क्या होगा?

सम्पत्ति को तुरंत पुनः विक्रय किया जाएगा

क्रय धन से पूरे संदाय के लिये समय, (Time for Payment in Full of Purchase-Money) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (85)

क्रय धन की संदेय पूरी रकम क्रेता को किस समय तक न्यायालय में जमा करनी होती है?

इसके पूर्व कि न्यायालय बन्द हो, सम्पत्ति के विक्रय से पन्द्रहवें दिन न्यायालय में जमा कर देगा

विक्रय का इस आधार पर अपास्त करने के लिये क्रेता द्वारा आवेदन कि उसमें निर्णीत, (Application by Purchaser to Set Aside Sale on Ground of Judgment-Debtor Having no Saleable Interest) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (91)

विक्रय कब आत्यन्तिक हो जाएगा या अपास्त कर दिया जायेगा, (Sale When to Become Absolute or be Set Aside) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (92)

विक्रय कब आत्यन्तिक हो जाता है?

जब नियम 89, 90 या 91 के अधीन कोई आवेदन नहीं किया गया हो या किया गया आवेदन अस्वीकृत हो और न्यायालय विक्रय को पुष्ट कर दे

जब नियम 89, 90 या 91 के अधीन कोई आवेदन नहीं किया गया हो या किया गया आवेदन अस्वीकृत हो और न्यायालय विक्रय को पुष्ट कर दे

दावे या आक्षेप के अंतिम निपटारे तक

नियम  89 के अधीन निक्षेप राशि विक्रय की तारीख से कितने दिनों के भीतर जमा की जानी चाहिए?

60 दिन

 

डिक्रीदार या क्रेता को कब्जा परिदत्त किए जाने में प्रतिरोध

(Resistance to Delivery of Possession to Decree-Holder or Purchaser)

एक पक्षीय रूप से पारित आदेशों आदि का अपास्त किया जाना, (Setting Aside Orders Passed ex parte, etc.) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 21 नियम (106)

नियम  106 के अनुसार, किसके विरुद्ध पारित एकपक्षीय आदेश को अपास्त करने के लिए आवेदन किया जा सकता है?

उस आवेदक या विरोधी पक्षकार जिसके विरुद्ध आदेश पारित हुआ हो

यदि न्यायालय यह पाता है कि आवेदन की सुनवाई के लिए पुकार होने पर उपसंजात होने का पर्याप्त कारण था, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

आदेश को अपास्त कर सकता है और आगे सुनवाई के लिए दिन नियत कर सकता है

नियम  106 के तहत आवेदन पर आदेश तब तक नहीं किया जाएगा जब तक क्या नहीं हो जाता?

दूसरे पक्षकार को आवेदन की सूचना तामील कर दी जाए

आवेदन की समय सीमा नियम 106 के तहत कितनी होती है?

आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर

 

आदेश-22

(Order-22)

पक्षकारों की मृत्यु उनका विवाह और दिवाला

(Death, Marriage and Insolvency of Parties)

यदि वाद लाने का अधिकार बचा रहता है तो पक्षकार की मृत्यु से उसका उपशमन नहीं हो जाता, (No Abatement by Party’s Death If Right to Sue Survives) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (1)

यदि वाद लाने का अधिकार बचा रहता है, तो पक्षकार की मृत्यु का वाद पर क्या प्रभाव होगा?

वाद का उपशमन नहीं होगा और वाद जारी रहेगा

जहां कई वादियों या प्रतिवादियों में से एक की मृत्यु हो जाती है और वाद लाने का अधिकार बचा रहता है, वहाँ प्रक्रिया, (Procedure Where One of Several Plaintiffs or Defendants Dies and Right to Sue Survives) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (2)

यदि कई वादियों या प्रतिवादियों में से एक की मृत्यु हो जाती है और वाद लाने का अधिकार उत्तरजीवी पक्षकारों को बचा रहता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

न्यायालय अभिलेख में मृतक पक्षकार के भाग की प्रविष्टि करेगा और वाद उत्तरजीवी पक्षकारों के विरुद्ध जारी रहेगा

कई वादियों में से एक या एकमात्र वादी की मृत्यु की दशा में प्रक्रिया, (Procedure in Case of Death of One of Several Plaintiffs or of Sole Plaintiff) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (3)

यदि कई वादियों में से एक की मृत्यु हो जाती है और वाद लाने का अधिकार उत्तरजीवी वादी को नहीं बचता, या एकमात्र वादी की मृत्यु हो जाती है, तो न्यायालय क्या करेगा?

मृत वादी के विधिक प्रतिनिधि को पक्षकार बनाएगा यदि समय पर आवेदन किया गया हो

विधिक प्रतिनिधि होने की दशा में प्रक्रिया, (Procedure Where there is no Legal Representative) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (4)

यदि किसी पक्षकार की मृत्यु हो गई हो और उसके कोई विधिक प्रतिनिधि हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

महाप्रशासक या न्यायालय के किसी अधिकारी या किसी ऐसे अन्य व्यक्ति को जिसको वह मृत व्यक्ति की सम्पदा का प्रतिनिधित्व करने के लिये ठीक समझता है

विधिक प्रतिनिधि के बारे में प्रश्न का अवधारण, (Determination of Question as to Legal Representative) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (5)

यदि यह प्रश्न उत्पन्न होता है कि कोई व्यक्ति मृत वादी या मृत प्रतिवादी का विधिक प्रतिनिधि है या नहीं, तो इसका निर्णय कौन करेगा?

न्यायालय

सुनवाई के पश्चात् मृत्यु हो जाने से उपशमन होना, (No Abatement by Reason of Death after Hearing) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (6)

सुनवाई समाप्त होने और निर्णय सुनाए जाने के बीच किसी पक्षकार की मृत्यु होने पर क्या होगा?

उपशमन नहीं होगा और निर्णय सुनाया जाएगा

स्त्री- पक्षकार के विवाह के कारण वाद का उपशमन होना, (Suit not Abated by Marriage of Female Party) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (7)

स्त्री वादी या प्रतिवादी के विवाह के बाद वाद की क्या स्थिति होती है?

वाद का उपशमन नहीं होता है

वादी का दिवाला कब वाद का वर्जन कर देता है, (When Plaintiffs Insolvency Bars Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (8)

वादी की दिवाला दशा में वाद कब उपशमित (खारिज) नहीं होगा?

जब समनुदेशिती या रिसीवर वाद चालू रखने के लिए सहमत हो

उपशमन या खारिज होने का प्रभाव, (Effect of Abatement or Dismissal) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (9)

यदि वाद आदेश 22 के अंतर्गत उपशमित या खारिज हो जाता है, तो   क्या सही है?

वही वाद हेतुक पर नया वाद नहीं लाया जा सकता

वाद में अन्तिम आदेश होने के पूर्व समनुदेशन की दशा में प्रक्रिया, (Procedure in Case of Assignment Before Final Order in Sui) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (10)

आदेश का अपीलों को लागू होना, (Application of Order to Appeals) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (11)

आदेश 22 नियम 11 के अनुसार, अपीलों पर इस आदेश के किस प्रकार से लागू होने का प्रावधान है?

जहाँ तक हो सके, अपीलों पर लागू होगा

आदेश 22 नियम 11 के अनुसार, "वादी" शब्द अपील के सन्दर्भ में किसे माना जाएगा?

अपीलार्थी

कौन-सा शब्द आदेश 22 नियम 11 के अनुसार "प्रतिवादी" के समानार्थी रूप में अपील में प्रयुक्त होता है?

प्रत्यर्थी

आदेश की कार्यवाहियों को लागू होना, (Application of Order to Proceedings) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 22 नियम (12)

आदेश 22 नियम 12 के अनुसार, कौन-से नियम  निष्पादन कार्यवाही पर लागू नहीं होते?

नियम  3, 4 और 8

आदेश 22 नियम 12 का उद्देश्य क्या है?

डिक्री या आदेश की निष्पादन कार्यवाही को कुछ नियमों से मुक्त करना

 

आदेश-23

(Order-23)

वादों का प्रत्याहरण और समायोजन

(Withdrawal and Adjustment of Suits)

वाद का प्रत्याहरण या दावे के भाग का परित्याग, (Withdrawal of Suit or Abandonment of Part of Claim) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 23 नियम (1)

आदेश 23 नियम 1 के अनुसार, वादी अपने वाद का परित्याग कब कर सकता है?

वाद संस्थित किए जाने के पश्चात किसी भी समय

क्या न्यायालय वाद में एक वादी को अन्य वादियों की सहमति के बिना वाद का परित्याग करने की अनुमति दे सकता है?

नहीं

प्रतिवादियों का वादियों के रूप में पक्षान्तरण करने की अनुज्ञा कब दी जायेगी, (When Transposition of Defendants as Plaintiffs May be Permitted) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 23 नियम (1)

प्रतिवादियों को वादियों के रूप में पक्षान्तरित करने की अनुज्ञा कब दी जाती है? (आदेश 1, नियम 1 के संदर्भ में)

जब वादी नियम 1 के अंतर्गत वाद का प्रत्याहरण या परित्याग करता है और प्रतिवादी आदेश 1 के नियम 10 के अंतर्गत वादी के रूप में पक्षान्तरित होने के लिए आवेदन करता है, तथा न्यायालय को यह लगे कि आवेदक के पास कोई ऐसा सारवान प्रश्न है जो अन्य प्रतिवादियों के विरुद्ध निर्णय योग्य है।

परिसीमा विधि पर पहले वाद का प्रभाव नहीं पड़ेगा, (Limitation Law not Affected by First Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 23 नियम (2)

आदेश 23 नियम 2 के अनुसार, परिसीमा विधि द्वारा संस्थित नए वाद में वादी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

वादी नए वाद में परिसीमा विधि द्वारा उसी रीति से आबद्ध होगा मानों प्रथम वाद कभी नहीं हुआ हो।

बाद में समझौता, (Compromise of Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 23 नियम (3)

जहाँ न्यायालय को यह प्रमाणित कर दिया जाता है कि वाद पक्षकारों ने लिखित और हस्ताक्षरित समझौता किया है, तो न्यायालय क्या आदेश देगा?

समझौते या तुष्टि के अभिलेखों को आदेशित करेगा और तदनुसार डिक्री पारित करेगा

यदि एक पक्षकार समझौते या तुष्टि के होने का दावा करता है और दूसरा पक्षकार इसे अस्वीकार करता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

इस प्रश्न का विनिश्चय करेगा और स्थगन तब तक नहीं देगा जब तक उचित कारण हों

वाद का वर्जन, (Bar to Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 23 नियम (3)

किस आधार पर कोई डिक्री अपास्त करने के लिए वाद नहीं लाया जा सकता?

समझौता विधिपूर्ण होने के आधार पर

 

आदेश-26

(Order-26)

कमीशन

(Commission)

साक्षियों की परीक्षा करने के लिए कमीशन

(Commissions to Examine Witnesses)

वैज्ञानिक अन्वेषण के लिये कमीशन, (Commission for Scientific Investigation) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 26 नियम (10)

 

विभाजन करने के लिए कमीशन

(Commissions to Make Partitions)

स्थावर सम्पत्ति का विभाजन करने के लिये कमीशन, (Commission to Make Partition of Immovable Property) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 26 नियम (13)

स्थावर सम्पत्ति के विभाजन के लिए प्रारम्भिक डिक्री पारित हो जाने के बाद, न्यायालय किसे कमीशन निकालने का अधिकार देता है?

ऐसे व्यक्ति को जिसे न्यायालय ठीक समझे

न्यायालय किस स्थिति में स्थावर सम्पत्ति के विभाजन या पृथक्करण के लिए कमीशन निकाल सकता है?

जब डिक्री धारा 54 द्वारा उपबंधित नहीं हो

 

आदेश-27

(Order-27)

सरकार के या अपनी पदीय हैसियत में लोक अधिकारियों द्वारा या उसके विरुद्ध वाद
(Suits by or against the Government or Public Officers in their Official Capacity)

सरकार द्वारा या उसके विरुद्ध वाद, (Suits by or against Government) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27 नियम (1)

सरकार के द्वारा या उसके विरुद्ध किसी वाद में वादपत्र किसके द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा?

सरकार द्वारा साधारण या विशेष आदेश से नियुक्त व्यक्ति

सरकार के वाद में लिखित कथन किसके द्वारा सत्यापित किया जाएगा?

सरकार द्वारा नियुक्त ऐसा व्यक्ति जो मामले के तथ्यों से परिचित हो

सरकार के पक्ष से वादपत्र पर हस्ताक्षर और सत्यापन के लिए नियुक्ति कैसे होती है?

सरकार के साधारण या विशेष आदेश द्वारा

सरकार के लिये कार्य करने के लिये प्राधिकृत व्यक्ति, (Persons Authorised to Act for Government) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27 नियम (2)

किसे सरकार के लिए कार्य करने के लिए प्राधिकृत व्यक्ति माना जाएगा?

पदेन या अन्यथा प्राधिकृत व्यक्ति जो मान्यताप्राप्त अभिकर्ता हैं

सरकार के लिए कार्य करने वाले प्राधिकृत व्यक्ति क्या कर सकते हैं?

उपसंजात हो सकते हैं, कार्य कर सकते हैं और आवेदन कर सकते हैं

सरकार द्वारा या उसके विरुद्ध वादों में वादपत्र, (Plaints in Suits by or Against Government) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27, नियम (3)

सरकार द्वारा या उसके विरुद्ध वादों में वादपत्र में वादी या प्रतिवादी का नाम कैसे अन्तःस्थापित किया जाएगा?

केवल समुचित नाम जो धारा 79 में उपबन्धित है

सरकार की ओर से उपसंजाति के लिये दिन नियत किया जाना, (Fixing of Day for Appearance on Behalf of Government) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27, नियम (5)

न्यायालय सरकार की ओर से उपसंजाति के लिए दिन नियत करते समय किस आधार पर युक्तियुक्त समय अनुज्ञात करता है?

सरकार को आवश्यक सूचना भेजने, उपसंजात होने और सरकारी प्लीडर को निर्देश देने के लिए आवश्यक समय

न्यायालय अधिकतम कितनी अवधि तक उपसंजाति के लिए समय बढ़ा सकता है?

दो माह

लोक अधिकारी के विरुद्ध वाद में सरकार को पक्षकार के रूप में संयोजित किया जाना, (Government to be Joined as a Party in a Suit Against a Public Officer) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27, नियम (5)

यदि किसी लोक अधिकारी के विरुद्ध वाद किसी ऐसे कार्य के बारे में है जिसे उसने अपनी पदीय हैसियत में किया है, तो वाद में किसे पक्षकार के रूप में संयोजित किया जाएगा?

सरकार को

सरकार या लोक अधिकारी के विरुद्ध वादों में निपटारा कराने में सहायता करने के लिये न्यायालय का कर्त्तव्य, (Duty of Court in Suits Against the Government or a Public Officer to Assist in Arriving at a Settlement) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27, नियम (5)

न्यायालय का क्या कर्त्तव्य है जब सरकार या लोक अधिकारी किसी वाद में पक्षकार होते हैं?

पक्षकारों की सहायता से निपटारा कराने का प्रयास करना

यदि न्यायालय को लगता है कि पक्षकारों के बीच निपटारा की संभावना है, तो वह क्या कर सकता है?

वाद न्यायालय कार्यवाही को ऐसी अवधि के लिये जो वह ठीक समझे, स्थगित कर सकेगा जिससे कि ऐसा निपटारा कराने के लिये प्रयत्न किया जा सके।

न्यायालय द्वारा वाद स्थगित करने की शक्ति किसके अतिरिक्त है?

न्यायालय की अन्य शक्तियों के अतिरिक्त

लोक अधिकारी के विरुद्ध वादों में प्रक्रिया, (Procedure in Suits Against Public Officer) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27 नियम (8)

यदि सरकार किसी लोक अधिकारी के विरुद्ध वाद की प्रतिरक्षा करने का जिम्मा लेती है, तो सरकारी प्लीडर को क्या करना चाहिए?

उपसंजात होने और वादपत्र का उत्तर देने का प्राधिकार दिये जाने पर न्यायालय से आवेदन करेगा और न्यायालय ऐसे आवेदन पर उसके प्राधिकार का टिप्पण सिविल वादों को रजिस्टर में प्रविष्ट करायेगा

यदि सरकारी प्लीडर उपनियम (1) के अधीन आवेदन नहीं करता, तो मामला कैसे चलेगा?

मामला ऐसे चलेगा जैसे वह प्राइवेट पक्षकारों के बीच चलता है

यदि लोक अधिकारी के विरुद्ध वाद में सरकार को पक्षकार के रूप में संयोजित नहीं किया जाता, तो किस प्रकार की कार्रवाई की जा सकती है?

प्रतिवादी की गिरफ्तारी या उसकी सम्पत्ति की कुर्की डिक्री के निष्पादन में ही की जा सकेगी

 

आदेश-27

(Order-27A)

वे वाद जिनमें संविधान के निर्वचन या किसी कानूनी लिखत की विधिमान्यता सम्बन्धी कोई सारभूत विधि- प्रश्न अन्तर्ग्रस्त हों

(Suits Involving a Substantial Question of Law as to the Interpretation of the Constitution or as to the Validity of any Statutory Instrument)

महान्यायवादी या महाधिवक्ता को सूचना, (Notice to the Attorney General or the Advocate-General) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27 नियम (1)

यदि किसी वाद में ऐसा विधिक प्रश्न उत्पन्न होता है जो संविधान के अनुच्छेद 132(1) के साथ अनुच्छेद 147 के अनुसार आता है, तो कौन-सा कथन आदेश 27, नियम 1 के अंतर्गत सही है?

न्यायालय तब तक उस प्रश्न पर विचार नहीं करेगा जब तक कि केंद्रीय सरकार से संबंधित प्रश्न के लिए भारत के महान्यायवादी को तथा राज्य सरकार से संबंधित प्रश्न के लिए राज्य के महाधिवक्ता को सूचना दे दी गई हो।

उन वादों में प्रक्रिया जिनमें किसी कानूनी लिखत की विधि मान्यता अन्तर्ग्रस्त है, (Procedure in Suits Involving Validity of Any Statutory Instrument) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 27 नियम (1)

आदेश 27, नियम 1 के अंतर्गत न्यायालय कब तक किसी कानूनी लिखत की विधि-मान्यता से संबंधित प्रश्न पर विचार नहीं करता?

जब तक, यदि प्रश्न सरकार से संबंधित है तो सरकारी वकील को, और यदि सरकार से भिन्न किसी प्राधिकारी से संबंधित है तो उस प्राधिकारी को सूचना दे दी जाए जिसने वह लिखत जारी की थी।

आदेश 27 नियम 1 में न्यायालय को सूचना किसे देनी होती है यदि विधि-मान्यता का प्रश्न किसी गैर-सरकारी प्राधिकारी से संबंधित हो?

उस प्राधिकारी को जिसने कानूनी लिखत जारी की थी

 

आदेश-28

(Order-28)

सैनिक या नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा या उनके विरुद्ध वाद

(Suits by or Against Military or Naval men or Airmen)

सैनिक या नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा या उनके विरुद्ध वाद, (Suits by or Against Military or Naval men or Airmen) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश 28

आफीसर, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक, जो छुट्टी अभिप्राप्त नहीं कर सकते, अपनी ओर से वाद लाने या प्रतिरक्षा करने के लिये किसी व्यक्ति को प्राधिकृत कर सकेंगे, (Officers, Soldiers, Sailors or Airmen Who Cannot Obtain Leave May Authorise any Person to Sue or Defend for them) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 28 नियम (1)

 

आदेश-29

(Order-29)

निगमों द्वारा या उसके विरुद्ध वाद

(Suits by or Against Corporations)

अभिवचन पर हस्ताक्षर किया जाना और उसका सत्यापन, (Subscription and Verification of Pleading) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 29 नियम (1)

निगम द्वारा या उसके विरुद्ध वादों में अभिवचन पर हस्ताक्षर और सत्यापन कौन कर सकता है?

निगम का सचिव, निदेशक या अन्य प्रधान अधिकारी जो मामले के तथ्यों के बारे में अभिसाक्ष्य देने योग्य हो

निगम पर तामील, (Service on Corporation) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 29, नियम (2)

यदि वाद निगम के विरुद्ध है, तो समन की तामील किसे की जा सकती है?

निगम के सचिव, निदेशक या अन्य प्रधान अधिकारी को

यदि निगम का कोई रजिस्ट्रीकृत कार्यालय नहीं है, तो समन की तामील कहाँ की जा सकती है?

निगम के कारबार चलाने के स्थान पर

निगम पर समन की तामील के लिए कौन सा तरीका उपयुक्त है?

व्यक्तिगत रूप से या डाक द्वारा तामील

 

आदेश-30

(Order-30)

फर्मों के या अपने नामों से भिन्न नामों में कारबार चलाने वाले व्यक्तियों द्वारा या उनके विरुद्ध वाद

(Suits by or Against Firms and Persons Carrying on Business in Names Other than their Own)

भागीदारों का फर्म के नाम से वाद लाना, (Suing of Partners in Name of Firm) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 30, नियम (1)

आदेश 30, नियम 1 के अनुसार, फर्म के नाम से वाद लाने या वाद लाने जाने की अनुमति कब दी जाती है?

कोई भी दो या अधिक व्यक्ति, जो भागीदारों को हैसियत में दावा करते हैं या दायी हैं और भारत में कारबार चलाते हैं, या उन पर उस फर्म के नाम से (यदि उसका कोई नाम हो जिसके कि ऐसे व्यक्ति वाद हेतुक के प्रोद्भूत होने के समय भागीदार थे, बाद ला सकेंगे या उन पर बाद लाया जा सकेगा

 

आदेश-31

(Order-31)

न्यासियों, निष्पादकों और प्रशासकों द्वारा या उनके विरुद्ध वाद

(Suits by or Against Trustees, Executors and Administrators)

न्यासियों, निष्पादकों और प्रशासकों द्वारा या उनके विरुद्ध वाद, (Suits by or Against Trustees, Executors and Administrators) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश 31

 

आदेश-32

(Order-32)

अवयस्कों और विकृत्तचित्त व्यक्तियों द्वारा या उनके विरुद्ध वाद

(Suits by or Against Minors and Persons of Unsound Mind)

अवयस्क वादमित्र द्वारा वाद लायेगा, (Minor to Sue by Next Friend) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (1)

आदेश 32 नियम 1 के अनुसार, अवयस्क के लिए वाद कौन प्रस्तुत करेगा?

अवयस्क का वयस्क मित्र (वाद-मित्र)

आदेश 32 नियम 1 में "वाद-मित्र" की परिभाषा क्या है?

अवयस्क द्वारा हर वाद उसके नाम में ऐसे व्यक्ति द्वारा संस्थित किया जायेगा जो ऐसे वाद में अवयस्क का वाद - मित्र कहलायेगा

जहाँ वाद- मित्र के बिना वाद संस्थित किया जाये वहाँ वाद-पत्र फाइल से निकाल दिया जायेगा, (Where Suit is Instituted Without Next Friend, Plaint to be taken off the File) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (2)

आदेश 32 नियम 2 के अनुसार, यदि वाद-मित्र के बिना वाद संस्थित किया गया है, तो प्रतिवादी क्या कर सकेगा?

प्रतिवादी यह आवेदन कर सकेगा कि वादपत्र में फाइल से निकाल दिया जाये और खर्चे उस प्लीडर या अन्य व्यक्ति द्वारा दिये जायें जिसने उसे उपस्थित किया था

आदेश 32 नियम 2 के अनुसार, यदि वाद-मित्र के बिना वाद संस्थित किया गया है, तो न्यायालय क्या करेगा?

ऐसे आवेदन की सूचना ऐसे व्यक्ति को दी जायेगी और उसके आक्षेप (यदि कोई हो) सुनने के पश्चात् न्यायालय उस विषय में ऐसा आदेश कर सकेगा जो वह ठीक समझे।

वाद- मित्र द्वारा प्रतिभूति का तब दिया जाना जब इस प्रकार आदिष्ट किया जाये, (Security to be Furnished by Next Friend When So Ordered) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (2)

आदेश 32 नियम 2 के अनुसार, यदि न्यायालय वाद-मित्र को प्रतिभूति देने का आदेश देता है, तो यह आदेश किस आधार पर हो सकता है?

न्यायालय की स्वप्रेरणा या प्रतिवादी की याचिका पर

 आदेश 32 नियम 2 के अनुसार, यदि वाद निर्धन व्यक्ति द्वारा संस्थित किया जाता है, तो प्रतिभूति में क्या शामिल होगा?

न्यायालय शुल्क सहित सभी संभाव्य खर्चे

जहाँ निर्धन व्यक्ति द्वारा ऐसा वाद संस्थित किया जाता है, वहाँ -

प्रतिभूति के अन्तर्गत सरकार को सन्देय न्यायालय फीस भी होगी।

आदेश 32 नियम 2 के अनुसार, न्यायालय द्वारा प्रतिभूति देने का आदेश देते समय कौन से नियम लागू होंगे?

आदेश 25 के नियम 2 के उपबन्ध

अवयस्क प्रतिवादी के लिये न्यायालय द्वारा वादार्थ संरक्षक की नियुक्ति, (Guardian for the Suit to be Appointed by Court for Minor Defendant) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (3)

 आदेश 32 नियम 3 के अनुसार, यदि प्रतिवादी अवयस्क है, तो न्यायालय क्या करेगा?

उसकी अवयस्कता के तथ्य के बारे में अपना समाधान हो जाने पर उचित व्यक्ति को ऐसे अवयस्क के लिये वादार्थ संरक्षक नियुक्त करेगा

 आदेश 32 नियम 3 के अनुसार, वादार्थ संरक्षक की नियुक्ति के लिए आवेदन किसके द्वारा किया जा सकता है?

अवयस्क के नाम पर या उसकी ओर से, या वादी द्वारा

 आदेश 32 नियम 3 के अनुसार, वादार्थ संरक्षक की नियुक्ति के लिए आवेदन के साथ क्या प्रस्तुत करना आवश्यक है?

शपथ पत्र जिसमें यह सत्यापित किया गया हो कि प्रस्तावित संरक्षक का अवयस्क के हितों के प्रतिकूल कोई हित नहीं है और वह नियुक्ति के लिए उपयुक्त है

आदेश 32 नियम 3 के अनुसार, वादार्थ संरक्षक की नियुक्ति के लिए आवेदन पर किसे सूचना दी जानी चाहिए?

अवयस्क के संरक्षक को, या यदि कोई संरक्षक नहीं है तो अवयस्क के पिता, माता, या अन्य नैसर्गिक संरक्षक को

कौन वादमित्र की हैसियत में कार्य कर सकेगा या वादार्थं संरक्षक नियुक्त किया जा सकेगा, (Who May Act as Next Friend or be Appointed Guardian for the Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (4)

 आदेश 32 नियम 4 के अनुसार, कौन व्यक्ति वाद-मित्र या वादार्थ संरक्षक की हैसियत में कार्य कर सकता है?

जो व्यक्ति वयस्क है और मानसिक रूप से स्वस्थ है

 आदेश 32 नियम 4 के अनुसार, वाद-मित्र की नियुक्ति के लिए क्या शर्त है?

वाद-मित्र का हित अवयस्क के हित के प्रतिकूल नहीं होना चाहिएऔर वाद-मित्र की दशा में वह प्रतिवादी हो या वादार्थ संरक्षक की दशा में वह वादी हो

वाद- मित्र या वादार्थ संरक्षक द्वारा अवयस्क का प्रतिनिधित्व, (Representation of Minor by Next Friend or Guardian for the Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (5)

अवयस्क की ओर से हर ऐसा आवेदन जो नियम 10 के उपनियम (2) के अधीन आवेदन से भिन्न है, किसके द्वारा किया जायेगा।

वाद मित्र या उसके वादार्थ संरक्षक द्वारा

जहाँ अवयस्क का प्रतिनिधित्व, यथास्थिति, वाद- मित्र या वादार्थ संरक्षक द्वारा नहीं हुआ है वहाँ हर आदेश जो न्यायालय के समक्ष के वाद में या आवेदन पर किया गया है और जिससे ऐसा अवयस्क किसी प्रकार सम्बन्धित है या जिसके द्वारा उस पर किसी प्रकार का प्रभाव पड़ता है-

अपास्त किया जा सकेगा

अवयस्क की ओर से वादमित्र या वादार्थ संरक्षक को डिक्री के अधीन सम्पत्ति की प्राप्ति, (Receipt by Next Friend or Guardian for the Suit of Property Under Decree for Minor) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (6)

 आदेश 32 नियम 6 के अनुसार, वाद-मित्र या वादार्थ संरक्षक न्यायालय की अनुमति के बिना क्या नहीं कर सकते?

अवयस्क की ओर से धन या अन्य जंगम सम्पत्ति प्राप्त करना

वाद- मित्र या वादार्थ संरक्षक द्वारा करार या समझौता, (Agreement or Compromise by Next Friend or Guardian for the Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (7)

कोई भी वाद- मित्र या वादार्थ संरक्षक अवयस्क की ओर से कोई करार या समझौता उस वाद के बारे में जिसमें वाद- मित्र या संरक्षक की हैसियत में वह कार्य करता है-

न्यायालय की इजाजत के बिना नहीं करेगा

न्यायालय की इस प्रकार अभिलिखित इजाजत के बिना किया गया कोई भी करार या समझौता अवयस्क से भिन्न सभी पक्षकारों के विरुद्ध -

शून्यकरणीय होगा

वाद- मित्र की निवृत्ति, (Retirement of Next Friend) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (8)

वाद- मित्र कब तक निवृत्त नहीं होगा?

जब तक कि न्यायालय द्वारा अन्यथा आदिष्ट किया जाये वादमित्र अपने स्थान में रखे जाने वाले योग्य व्यक्ति को पहले उपाप्त किये बिना, और उपगत खर्चों के लिये प्रतिभूति दिये बिना निवृत्त नहीं होगा

नये वाद मित्र की नियुक्ति के लिये आवेदन किस प्रकार समर्थित होगा?

यह दर्शित करने वाले शपथ पत्र द्वारा समर्थित होगा कि प्रस्थापित व्यक्ति ठीक है और अवयस्क के हित के प्रतिकूल उसका कोई हित नहीं है।

वाद - मित्र का हटाया जाना, (Removal of Next Friend) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (9)

आदेश 32 नियम 9 के अनुसार, यदि वाद-मित्र का हित अवयस्क के हित के प्रतिकूल है, तो क्या किया जा सकता है?

वाद-मित्र को हटाया जा सकता है

आदेश 32 नियम 9 के अनुसार, यदि वाद-मित्र अपना कर्तव्य नहीं करता है, तो क्या किया जा सकता है?

वाद-मित्र को हटाया जा सकता है

आदेश 32 नियम 9 के अनुसार, यदि वाद-मित्र भारत के भीतर निवास करना छोड़ देता है, तो क्या किया जा सकता है?

वाद-मित्र को हटाया जा सकता है

आदेश 32 नियम 9 के अनुसार, यदि वाद-मित्र को हटाया जाता है, तो कौन आवेदन कर सकता है?

वाद या प्रतिवादी दोनों

आदेश 32 नियम 9 के अनुसार, यदि वाद-मित्र हटाया जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

वाद-मित्र के स्थान पर नया वाद-मित्र नियुक्त कर सकता है

वाद - मित्र के हट जाने आदि पर कार्यवाहियों का रोका जाना, (Stay of Proceedings on Removal, Etc., of Next Friend) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (10)

आदेश 32 नियम 10 के अनुसार, यदि अवयस्क के वाद-मित्र की निवृत्ति, हटाया जाना या मृत्यु होती है, तो क्या किया जाएगा?

वाद की कार्यवाहियाँ रोक दी जाएँगी जब तक उसके स्थान में वाद- मित्र की नियुक्ति हो जाये।

आदेश 32 नियम 10 के अनुसार, जहाँ ऐसे अवयस्क का प्लीडर नये वाद मित्र के नियुक्त किये जाने के लिये युक्तियुक्त समय के भीतर कार्यवाही करने का लोप करता है, तो कौन आवेदन कर सकता है?

कोई भी व्यक्ति जो अवयस्क या विवाद में हित रखता हो

आदेश 32 नियम 10 के अनुसार, यदि अवयस्क के वाद-मित्र की नियुक्ति में विलंब होता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

नया वाद-मित्र नियुक्त कर सकता है

वादार्थ संरक्षक की निवृत्ति, हटाया जाना या मृत्यु, (Retirement, Removal or Death of Guardian for the Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (11)

जहाँ वादार्थ संरक्षक निवृत्त होने की वांछा करता है, या अपना कर्तव्य नहीं करता है या जहाँ अन्य पर्याप्त आधार दिखाया जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसे निवृत्त होने की अनुमति दे सकता है, उसे हटाने का आदेश दे सकता है

अवयस्क वादी या आवेदक द्वारा वयस्क होने पर अनुसरण की जाने वाली चर्चा, (Course to be Followed by Minor Plaintiff or Applicant on Attaining Majority) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (12)

यदि अवयस्क वादी वयस्क होने के बाद वाद जारी रखना चाहता है, तो उसे क्या करना चाहिए?

वाद- मित्र को उन्मोचित करने का आवेदन करना चाहिए,

स्वयं अपने नाम से वाद जारी रखने की अनुमति के लिए आवेदन करना चाहिए,

वाद का शीर्षक सुधारने का आवेदन करना चाहिए

यदि अवयस्क वादी वयस्क होने के बाद वाद छोड़ने का निर्णय लेता है, तो उसे क्या करना चाहिए?

वाद खारिज करने का आवेदन करना चाहिए, प्रतिवादी या विरोधी पक्षकार द्वारा उपगत खर्चे चुकाने का प्रबंध करना चाहिए, वाद- मित्र से खर्चे की वसूली का प्रबंध करना चाहिए

 आदेश 32 नियम 12 के अनुसार, अवयस्क वादी के वयस्क होने पर वाद का शीर्षक कैसे संशोधित किया जाएगा?

उस वाद या आवेदन का शीर्षक इस भाँति शुद्ध किया जायेगा कि उसका रूप तत्पश्चात् निम्न प्रकार का हो जाये

" भूतपूर्व अवयस्क अपने वाद- मित्र द्वारा, किन्तु जो अब वयस्क है।

जहाँ अवयस्क सहवादी, वयस्क होने पर वाद का निराकरण कराने की वांछा करता, (Where Minor Co-Plaintiff Attaining Majority Desires to Repudiate Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (13)

जहाँ अवयस्क सहवादी, वयस्क होने पर वाद का निराकरण कराने की वांछा करता है तो वहाँ वह क्या कर सकता है?

वह यह आवेदन करेगा कि सहवादी की हैसियत में उसका नाम काट दिया जाये और यदि न्यायालय का यह निष्कर्ष हो कि वह आवश्यक पक्षकार नहीं है तो न्यायालय खर्चों के सम्बन्ध में या अन्यथा ऐसे निबन्धनों पर जो वह ठीक समझे, उसे वाद से खारिज कर देगा।

अयुक्तियुक्त या अनुचित वाद, (Unreasonable or Improper Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (14)

यदि अवयस्क एकमात्र वादी है और वयस्क होने के बाद वह उस वाद को अनुचित मानता है, तो वह क्या कर सकता है?

वाद को खारिज करने का आवेदन कर सकता है

नियम 1 से नियम 13 तक का (जिनमें नियम 2 - सम्मिलित नहीं है) विकृतचित्त वाले व्यक्तियों को लागू होना, (Rules 1 to 14 (Except Rule 2A) to Apply to Persons of Unsound Mind) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (15)

व्यावृत्तियाँ, (Savings) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 32 नियम (16)

इस आदेश की कोई बात विदेशी राज्य के ऐसे शासक को लागू नहीं होगी जो-

अपने राज्य के नाम से वाद लाता है या जिसके विरुद्ध उसके राज्य के नाम से वाद लाया जाता है या केन्द्रीय सरकार के निदेश से जिसके विरुद्ध अभिकर्ता के नाम से या किसी अन्य नाम से वाद लाया जाता है।

 

आदेश-32

(Order-32A)

कुटुम्ब से सम्बन्ध रखने वाले विषयों से सम्बन्धित वाद

(Suits Relating to Matters Concerning the Family)

कुटुम्ब से सम्बन्ध रखने वाले विषयों से सम्बन्धित वाद, (Suits Relating to Matters Concerning the Family) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश 32

 

आदेश-33

(Order-33)

निर्धन व्यक्तियों द्वारा वाद

(Suits by Indigent Persons)

निर्धन व्यक्तियों द्वारा बाद संस्थित किये जा सकेंगे, (Suits may be Instituted by Indigent Persons) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (1)

निर्धन व्यक्तिकिसे माना जाता है?

वह व्यक्ति जिसके पास कोर्ट फीस भरने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं, और

जिसकी संपत्ति ₹1,000 से अधिक नहीं है (कुछ छूटों को छोड़कर)

यदि निर्धन व्यक्ति ने आवेदन के बाद, लेकिन अदालत के निर्णय से पहले संपत्ति अर्जित की, तो क्या वह अब निर्धन नहीं माना जाएगा?

नहीं

प्रतिनिधि (Representative) के माध्यम से वाद दायर करने की स्थिति में निर्धनता का निर्धारण कैसे होगा?

उस प्रतिनिधि क्षमता में उसके पास उपलब्ध साधनों के आधार पर

निर्धन व्यक्तियों के साधनों की जाँच, (Inquiry into the Means of an Indigent Person) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33, नियम (1)

जब यह देखना हो कि कोई व्यक्ति "निर्धन व्यक्ति" है या नहीं, तो प्राथमिक जांच कौन करता है?

मुख्य लिपिक वर्गीय अधिकारी

आवेदन की विषयवस्तु, (Contents of Application) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33, नियम (2)

निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुमति हेतु आवेदन में क्या शामिल होना अनिवार्य है?

वादपत्र की अपेक्षित विशिष्टताएँ और आवेदक की चल और अचल संपत्ति की अनुसूची

आवेदन नामंजूर किया जाना - निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुज्ञा के लिये आवेदन न्यायालय वहाँ नामंजूर कर देगा, (Rejection of Application) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (5)

न्यायालय किस परिस्थिति मेंनिर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुज्ञाका आवेदन नामंजूर कर देगा?

जब आवेदन नियम 2 और 3 के अनुसार प्रस्तुत नहीं किया गया हो,

जब आवेदक निर्धन व्यक्ति हो,

जब आवेदन से ठीक पहले अगले दो मासों में संपत्ति कपटपूर्ण ढंग से व्यय की गई हो

आवेदक की निर्धनता के बारे में साक्ष्य लेने के दिन की सूचना, (Notice of Day for Receiving Evidence of Applicant’s Indigency) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (6)

न्यायालय द्वारा नियत दिन का न्यूनतम सूचना अवधी क्या होनी चाहिए?

10 दिनों की सूचना

निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुज्ञा का प्रत्याहरण, (Withdrawal of Permission to Sue as an Indigent Person) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (9)

न्यायालय किसके आवेदन पर "निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुमति" वापस ले सकता है?

प्रतिवादी या सरकारी प्लीडर के आवेदन पर, बशर्ते वादी को 7 दिनों की लिखित सूचना दी गई हो

न्यायालय अनुमति वापस ले सकता है यदि वादी

वाद के दौरान तंग करने वाला या अनुचित आचरण करता है,

ऐसे साधन रखता है कि निर्धन व्यक्ति के रूप में वह वाद जारी नहीं रख सकता,

वाद की विषयवस्तु से संबंधित किसी समझौते के तहत किसी अन्य को हित प्राप्त हुआ हो

जिस निर्धन व्यक्ति का प्रतिनिधित्व हो उसके लिये न्यायालय द्वारा प्लीडर नियत किया जाना, (Court to Assign a Pleader to an Unrepresented Indigent Person) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (9)

यदि किसी निर्धन व्यक्ति को वाद लाने की अनुमति दी गई है, लेकिन उसका प्रतिनिधित्व कोई प्लीडर नहीं कर रहा है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

मामले की परिस्थितियों के अनुसार प्लीडर नियत कर सकता है

उच्च न्यायालय राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से कौनसा उपबन्ध कर सकता है?

प्लीडरों के चयन की रीति,

न्यायालय द्वारा प्लीडरों को दी जाने वाली सुविधाएं,

अन्य आवश्यक विषय जो उपबन्धों को प्रभावी करने के लिए आवश्यक हों

जहाँ निर्धन व्यक्ति सफल होता है, वहाँ खर्चे, (Costs Where Indigent Person Succeeds) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (10)

यदि निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुमति प्राप्त वादी मुकदमे में सफल होता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

जहाँ वादी बाद में सफल हो जाता है, वहाँ न्यायालय फीस की उस रकम की संगणना करेगा जो यदि उसे निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने के लिये अनुज्ञा दी गयी होती तो वादी द्वारा संदत्त की जाती

ऐसी रकम राज्य सरकार द्वारा उस पक्षकार से वसूलीय होगी जो उसे संदत्त करने के लिये डिक्री द्वारा आदिष्ट है और वह वाद की विषय-वस्तु पर प्रथम भार होगी

प्रक्रिया जहाँ निर्धन व्यक्ति असफल हो जाता है, (Procedure Where Indigent Person Fails) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (11)

जहाँ वादी बाद में असफल हो जाता है या निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने के लिये दी गयी अनुज्ञा प्रत्याहत कर ली गयी है या जहाँ वाद प्रत्याहत कर लिया जाता है या खारिज कर दिया जाता है-

वहाँ न्यायालय वादी को, या बाद में सहवादी के तौर पर जोड़े गये किसी भी व्यक्ति को आदेश देगा कि वह ऐसी न्यायालय - फीस दे जो यदि वादी निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने के लिये अनुज्ञात नहीं किया गया होता तो वादी द्वारा दी जाती।

वाद के उपशमन पर प्रक्रिया, (Procedure Where Indigent Person’s Suit Abates) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (11)

यदि निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुमति प्राप्त वादी की मृत्यु के कारण वाद समाप्त हो जाता है, तो न्यायालय क्या आदेश देगा?

मृत वादी की सम्पदा से राज्य सरकार द्वारा वसूलीय होगी।

निर्धन व्यक्ति द्वारा प्रतिवाद, (Defence by an Indigent Person) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (17)

यदि कोई प्रतिवादी, जो निर्धन व्यक्ति के रूप में वाद लाने की अनुमति प्राप्त नहीं है, प्रतिवाद (counterclaim) या मुजरा (set-off) करना चाहता है, तो न्यायालय उसे क्या अनुमति दे सकता है?

प्रतिवाद करने की अनुमति दी जा सकती है, और नियमों के अनुसार उसे वादी माना जाएगा और उसका लिखित कथन वादपत्र

निर्धन व्यक्तियों के लिये मुफ्त विधिक सेवाओं की व्यवस्था करने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति, (Power of Government to Provide for Free Legal Services to Indigent Persons) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 33 नियम (18)

आदेश 33, नियम 18 के अनुसार, निर्धन व्यक्तियों के लिए मुफ्त विधिक सेवाओं की व्यवस्था करने की शक्ति किसे प्राप्त है?

केंद्रीय और राज्य दोनों सरकारों को

 

आदेश-34

(Order-34)

स्थावर सम्पत्ति के बन्धकों के सम्बन्ध में वाद

(Suits Relating to Mortgages of Immovable Property)

स्थावर सम्पत्ति के बन्धकों के सम्बन्ध में वाद, (Suits Relating to Mortgages of Immovable Property) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश 34

 

आदेश-35

(Order-35)

अन्तराभिवाची

(Interpleader)

अन्तराभिवाची वाद का वादपत्र, (Plaint in Interpleader-Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 35 नियम (1)

अन्तराभिवाची वाद के वादपत्र में कौनसा कथन अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा?

वादी वाद की विषय-वस्तु में कोई भी हित नहीं रखता है, सिवाय प्रभारों और खर्चों के,

प्रतिवादी द्वारा किए गए दावे पृथकत: बताए जाएंगे

यह कथन होगा कि वादी और प्रतिवादियों में से किसी भी प्रतिवादी के बीच कोई दुःसन्धि नहीं है

दावाकृत चीज का न्यायालय में जमा किया जाना, (Payment of thing Claimed into Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 35 नियम (2)

पहली सुनवाई में प्रक्रिया, (Procedure at First Hearing) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 35 नियम (4)

पहली सुनवाई में न्यायालय क्या कर सकता है?

पहली सुनवाई में न्यायालय घोषित कर सकेगा कि- वादी को सभी दायित्वों से उन्मुक्त कर सकता है,

उसे खर्चे प्रदान कर सकता है, और

वाद को खारिज कर सकता है

अभिकर्ता और अभिधारी अन्तराभिवाची वाद संस्थित नहीं कर सकेंगे, (Agents and Tenants May Not Institute Interpleader-Suits) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 35 नियम (5)

 

आदेश-36

(Order-36)

विशेष मामला

(Special Case)

न्यायालय की राय के लिये मामले का कथन करने की शक्ति, (Power to State Case for Court’s Opinion) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 36 नियम (1)

आदेश 36, नियम 1 के अनुसार, पक्षकारों के बीच लिखित करार में कौनसा प्रावधान शामिल किया जा सकता है?

एक पक्ष दूसरे पक्ष को धनराशि का भुगतान करेगा,

एक पक्ष दूसरे पक्ष को कोई संपत्ति देगा,

एक पक्ष दूसरे पक्ष से कोई विशिष्ट कार्य करेगा या करने से विरत रहेगा

आदेश 36, नियम 1 के तहत, मामले का कथन करते समय प्रत्येक पैराग्राफ में क्या होना चाहिए?

तथ्य और दस्तावेजों का संक्षिप्त विवरण

आदेश 36, नियम 1 के अनुसार, मामले का कथन न्यायालय की राय के लिए किस उद्देश्य से किया जाता है?

न्यायालय की राय प्राप्त करने के लिए

नियम 5 के अधीन पारित डिक्री की अपील होना, (No Appeal from a Decree Passed Under Rule 5) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 36 नियम (6)

 आदेश 36, नियम 6 के अनुसार, कौनसा कथन सही है?

नियम  5 के तहत पारित डिक्री के खिलाफ कोई अपील नहीं हो सकती

 

आदेश-37

(Order-37)

संक्षिप्त प्रक्रिया

(Summary Procedure)

वे न्यायालय और वादों के वर्ग जिन्हें यह आदेश लागू होता है, (Courts and classes of Suits to Which the Order is to Apply) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 37 नियम (1)

आदेश 37, नियम 1 के अनुसार, कौनसा न्यायालय इस आदेश के अधीन आता है?

उच्च न्यायालय,

नगर सिविल न्यायालय,

लघुवाद न्यायालय

आदेश 37, नियम 1 के अनुसार, उच्च न्यायालय क्या कर सकता है?

आदेश के प्रवर्तन को केवल कुछ वादों के प्रवर्गों तक सीमित कर सकता है

आदेश 37, नियम 1 के अनुसार, कौनसा वाद इस आदेश के तहत आता है?

विनिमय-पत्रों, हुण्डियों और वचन-पत्रों के आधार पर वाद

 आदेश 37, नियम 1 के अनुसार, कौनसा वाद इस आदेश के तहत आता है?

लिखित संविदा के आधार पर ऋण वसूली वाद,

ऋण की वसूली के लिए गारंटी के आधार पर वाद

संक्षिप्त वादों का संस्थित किया जाना, (Institution of Summary Suits) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 37 नियम (2)

आदेश 37, नियम 2 के अनुसार, संक्षिप्त वाद में वादपत्र में कौनसा कथन होना आवश्यक है?

वाद में कोई अनुतोष का दावा नहीं किया गया है

आदेश 37, नियम 2 के अनुसार, संक्षिप्त वाद का समन किस प्ररूप में होगा?

प्ररूप संख्या 4

आदेश 37, नियम 2 के अनुसार, यदि प्रतिवादी उपनियम (1) में निर्दिष्ट वाद की प्रतिरक्षा नहीं करता है, तो वादी किस राशि के लिए डिक्री प्राप्त करने का हकदार होगा?

समन में वर्णित राशि तक

आदेश 37, नियम 2 के अनुसार, यदि प्रतिवादी उपसंजात नहीं होता है, तो वादी किस प्रकार की डिक्री प्राप्त कर सकता है?

तत्काल निष्पादित डिक्री

प्रतिवादी की उपसंजाति के लिये प्रक्रिया, (Procedure for the Appearance of Defendant) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 37 नियम (3)

 आदेश 37, नियम 3 के अनुसार, प्रतिवादी को समन प्राप्त होने के कितने दिन के भीतर उपसंजाति करनी होती है?

10 दिन

डिक्री को अपास्त करने की शक्ति, (Power to Set Aside Decree) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 37 नियम (4)

 आदेश 37, नियम 4 के अनुसार, डिक्री को अपास्त करने का अधिकार किसे है?

न्यायालय को

 आदेश 37, नियम 4 के तहत, डिक्री को अपास्त करने के लिए न्यायालय को क्या करना होता है?

विशेष परिस्थितियों का समाधान करना

डिक्री देने के पश्चात् यदि न्यायालय को विशेष परिस्थितियों के अधीन ऐसा करना युक्तियुक्त लगे तो वह ऐसे निबन्धनों पर जो न्यायालय ठीक समझे, डिक्री को अपास्त कर सकेगा और यदि आवश्यक हो तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसका निष्पादन रोक सकेगा या अपास्त कर सकेगा और समन पर उपसंजात होने और वाद में प्रतिरक्षा करने की प्रतिवादी को इजाजत दे सकेगा।

 

आदेश-38

(Order-37)

निर्णय के पहले गिरफ्तारी और कुर्की

(Arrest and Attachment before Judgment)

निर्णय के पहले गिरफ्तारी

(Arrest before Judgment)

उपसंजाति के लिये प्रतिभूति देने की माँग प्रतिवादी से कब की जा सकेगी, (Where Defendant may be Called Upon to Furnish Security for Appearance) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (1)

आदेश 38 नियम (1) किस प्रकार के वादों पर लागू नहीं होता?

धारा 16 के खण्ड () से खण्ड () तक में निर्दिष्ट प्रकृति के वादों पर

उपसंजाति के लिए प्रतिभूति देने की मांग प्रतिवादी से कब की जा सकेगी?

वाद के किसी भी प्रक्रम में न्यायालय का शपथपत्र द्वारा या अन्यथा यह समाधान हो जाता है कि प्रतिवादी न्यायालय की अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं से फरार हो गया है या

जब प्रतिवादी अपनी सम्पत्ति व्ययनित कर चुका हो या

न्यायालय की अधिकारिता से हटा चुका हो,

जब प्रतिवादी ऐसी परिस्थितियों के अधीन भारत छोड़ने वाला हो जिससे डिक्री के निष्पादन में बाधा या विलम्ब हो सकता हो।

प्रतिभूति, (Security) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (2)

जब प्रतिवादी अपने विरुद्ध दावे के उत्तर में प्रतिभूति देने में असफल रहता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसे पर्याप्त धन या सम्पत्ति जमा करने का आदेश दे सकता है।

उन्मोचित किये जाने के लिये प्रतिभू के आवेदन पर प्रक्रिया, (Procedure on Application by Surety to be Discharged) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (3)

प्रतिवादी अपनी उपसंजाति के लिए प्रतिभू से अपनी बाध्यता से उन्मोचित होने के लिए कहाँ आवेदन कर सकता है?

उसी न्यायालय में जहाँ प्रतिभू हुआ है।

प्रतिवादी अपनी उपसंजाति के लिए प्रतिभू से अपनी बाध्यता से उन्मोचित होने के लिए कब आवेदन कर सकता है

अपनी बाध्यता से उन्मोचित किये जाने के लिये किसी भी समय आवेदन कर सकेगा।

प्रतिवादी के आवेदन पर न्यायालय क्या कार्रवाई कर सकता है?

प्रतिवादी को उपसंजात होने के लिए समन जारी करेगा, या यदि वह ठीक समझे तो उसकी गिरफ्तारी के लिये प्रथम बार ही वारण्ट निकाल सकेगा।

यदि प्रतिवादी उपसंजात हो जाता है या स्वेच्छा से अभ्यर्पण करता है, तो न्यायालय क्या आदेश देगा?

न्यायालय प्रतिभू को उसकी बाध्यता से उन्मोचित करने के लिये निदेश देगा और नई प्रतिभूति लाने की अपेक्षा प्रतिवादी से करेगा।

जहाँ प्रतिवादी प्रतिभूति देने में या नई प्रतिभूति लाने में असफल रहता है वहाँ प्रक्रिया, (Procedure Where Defendant Fails to Furnish Security or Find Fresh Security) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (4)

जब प्रतिवादी प्रतिभूति देने या नई प्रतिभूति लाने में असफल रहता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसे सिविल कारागार में तब तक रख सकता है जब तक वाद का निपटारा हो जाये।

प्रतिवादी को इस नियम के तहत कारागार में अधिकतम कितनी अवधि तक रखा जा सकता है?

6 महीने।

यदि वाद की विषय-वस्तु की रकम या मूल्य पचास रुपये से अधिक नहीं है, तो प्रतिवादी को अधिकतम कितनी अवधि तक कारागार में रखा जा सकता है?

6 सप्ताह।

 

निर्णय के पहले कुर्की

(Attachment before Judgment)

सम्पत्ति पेश करने के लिये प्रतिभूति देने की अपेक्षा प्रतिवादी से कब की जा सकेगी, (Where Defendant may be Called Upon to Furnish Security for Production of Property) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (5)

प्रतिवादी से सम्पत्ति पेश करने के लिए प्रतिभूति देने की मांग कब की जा सकती है?

जब प्रतिवादी अपनी सम्पत्ति को व्ययनित करने या

अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं से हटाने वाला हो।

जहाँ हेतुक दर्शित नहीं किया जाता या प्रतिभूति नहीं दी जाती, वहाँ कुर्की, (Attachment Where Cause Not Shown or Security not Furnished) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (6)

जब प्रतिवादी नियत समय में प्रतिभूति देने का हेतुक दर्शाने में असफल रहता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

विनिर्दिष्ट सम्पत्ति या उसका भाग कुर्क करने का आदेश दे सकता है।

कुर्की करने की रीति, (Mode of Making Attachment) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (7)

 ऑर्डर 38, नियम 7 के अनुसार, कुर्की की रीति क्या होगी?

कुर्की उसी रीति से की जाएगी जो डिक्री के निष्पादन में सम्पत्ति की कुर्की के लिए उपबंधित है।

निर्णय के पूर्व कुर्क की गयी सम्पत्ति के दावे का न्यायनिर्णयन, (Adjudication of Claim to Property Attached before Judgment) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (8)

न्यायालय निर्णय के पूर्व कुर्क की गई सम्पत्ति के दावे का न्यायनिर्णय किस प्रकार करेगा?

धन के संदाय के लिए डिक्री के निष्पादन में कुर्क की गई सम्पत्ति के दावों के न्यायनिर्णयन की निर्धारित रीति से।

प्रतिभूति दे दी जाने पर या वाद खारिज कर दिये जाने पर कुर्की का हटा लिया जाना, (Removal of Attachment When Security Furnished or Suit Dismissed) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (9)

जब प्रतिवादी अपेक्षित प्रतिभूति और कुर्की के खर्चों के लिए भी प्रतिभूति दे देता है, तो न्यायालय क्या करेगा?

कुर्की के प्रत्याहरण का आदेश देगा।

निर्णय से पहले कुर्क की गयी सम्पत्ति डिक्री के निष्पादन में पुनः कुर्क नहीं की जायेगी, (Property Attached before Judgment not to be Re-Attached in Execution of Decree) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (11)

निर्णय से पहले कुर्क की गई सम्पत्ति के संबंध में क्या सही है?

इसे डिक्री के निष्पादन में पुनः कुर्क करने के लिए आवेदन आवश्यक नहीं होगा।

लघुवाद न्यायालय स्थावर सम्पत्ति को कुर्क नहीं करेगा, (Small Cause Court not to Attach Immovable Property) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 38 नियम (13)

 

आदेश-39

(Order-39)

अस्थायी व्यादेश और अन्तर्वर्ती आदेश

(Temporary Injunctions and Interlocutory Orders)

अस्थायी व्यादेश

(Temporary Injunctions)

वे दशाएं जिनमें अस्थायी व्यादेश दिया जा सकेगा जहाँ किसी वाद में शपथ-पत्र द्वारा या अन्यथा यह साबित कर दिया जाता है कि, (Cases in Which Temporary Injunction may be Granted) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम (1)

अस्थायी व्यादेश किस स्थिति में दिया जा सकता है?

जब विवादग्रस्त सम्पत्ति का कोई पक्षकार उसका दुर्व्ययन,

नुकसान या

विक्रय कर सकता है।

न्यायालय अस्थायी व्यादेश द्वारा क्या कर सकता है?

सम्पत्ति को व्ययनित,

नुकसान पहुँचाने,

अन्यसंक्रान्त करने,

विक्रय करने,

हटाने या व्ययनित करने से रोक सकता है।

अस्थायी व्यादेश कब तक लागू रहेगा?

जब तक वाद का निपटारा हो जाये या अतिरिक्त आदेश दिए जायें।

भंग की पुनरावृत्ति या जारी रखना अवरुद्ध करने के लिये व्यादेश, (Injunction to Restrain Repetition or Continuance of Breach) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम (2)

किस मामले में वादी प्रतिवादी को स्थायी व्यादेश के लिए न्यायालय से आवेदन कर सकता है?

जब प्रतिवादी संविदा भंग या किसी प्रकार की अन्य क्षति करने वाला हो।

व्यादेश की अवज्ञा या भंग का परिणाम, (Consequence of Disobedience or Breach of Injunction) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम (2)

नियम  1 या नियम  2 के तहत दिए गए व्यादेश की अवज्ञा या भंग होने पर न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?

दोषी व्यक्ति की सम्पत्ति कुर्क करने और

उसे तीन मास से अनधिक अवधि के लिये सिविल कारागार में तब तक निरुद्ध किया जाये जब तक कि इस बीच न्यायालय उसकी निर्मुक्ति के लिये निदेश दे दे

अवज्ञा या भंग करने वाले व्यक्ति को सिविल कारागार में अधिकतम कितने समय तक रखा जा सकता है?

3 महीने से अनधिक।

व्यादेश के लिये आवेदन का न्यायालय द्वारा तीस दिन के भीतर निपटाया जाना, (Court to Dispose of Application for Injunction Within Thirty Days) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम 3()

जब कोई व्यादेश बिना विरोधी पक्षकार को सूचना दिए दिया जाता है, तो न्यायालय को किस समयावधि में आवेदन निपटाना चाहिए?

30 दिन के भीतर।

यदि न्यायालय 30 दिन के भीतर आवेदन निपटाने में असमर्थ रहता है, तो उसे क्या करना चाहिए?

असमर्थता के कारणों को अभिलिखित करना चाहिए।

व्यादेश के आदेश को प्रभावोन्मुक्त उसमें फेरफार या उसे अपास्त किया जा सकेगा, (Order for Injunction may be Discharged, Varied or Set Aside) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 के नियम (4)

 

अंतर्वर्ती आदेश

(Interlocutory Orders)

अन्तरिम विक्रय का आदेश देने की शक्ति, (Power to Order Interim Sale) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 39 के नियम (6)

अंतरिम विक्रय का आदेश किसे दिया जा सकता है?

वाद के किसी भी पक्षकार के आवेदन पर।

अंतरिम विक्रय किस प्रकार की सम्पत्ति के लिए दिया जा सकता है?

जंगम सम्पत्ति के लिए जो शीघ्र क्षयशील हो या अन्य न्यायसंगत कारण हो।

वाद की विषय-वस्तु का निरोध, परिरक्षण, निरीक्षण आदि, (Detention, Preservation, Inspection, Etc., of Subject-Matter of Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम (7)

न्यायालय किन मामलों में वाद की विषय-वस्तु की सम्पत्ति के निरोध, परिरक्षण या निरीक्षण का आदेश दे सकता है?

ऐसी सम्पत्ति के लिए जो वाद की विषय-वस्तु हो या जिसके बारे में वाद में प्रश्न उठ सकता हो।

न्यायालय किसे किसी भूमि या भवन में प्रवेश करने का अधिकार दे सकता है?

वाद के किसी भी अन्य पक्षकार के कब्जे में रहने वाले भूमि या भवन में प्रवेश करने के लिए किसी भी व्यक्ति को।

जो भूमि वाद की विषय-वस्तु हो उस पर पक्षकार का तुरन्त कब्जा कब करायी जा सकेगा, (When Party may be Put in Immediate Possession of Land the Subject-Matter of Suit) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम (9)

कब किसी भूमि या भू-धृति पर पक्षकार का तुरन्त कब्जा कराया जा सकता है?

जब विक्रय के दायित्व के अधीन भूमि या भू-धृति वाद की विषय-वस्तु हो और

कब्जाधारी यथास्थिति, राजस्व या भाटक देने में उपेक्षा करे

न्यायालय में धन आदि का जमा किया जाना, (Deposit of Money, Etc., in Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 39 नियम (10)

न्यायालय कब धन या कोई अन्य चीज न्यायालय में जमा करने का आदेश दे सकता है?

उसका कोई भी पक्षकार यह स्वीकार करता है कि वह ऐसे धन का ऐसी अन्य चीज को किसी अन्य पक्षकार के न्यासी के रूप में धारण किये हुये हैं या अन्य पक्षकार की है या अन्य पक्षकार को शोध्य है

न्यायालय धन या वस्तु को किसके नाम पर परिदत्त कर सकता है?

न्यायालय में जमा किया जाये या प्रतिभूति सहित या रहित ऐसे अन्तिम नामित पक्षकार को परिदत्त किया जाये।

 

आदेश-40

(Order-40)

रिसीवरों की नियुक्ति

(Appointment of Receivers)

रिसीवरों की नियुक्ति, (Appointment of Receivers) किस नियम  से सम्बंधित है?

आदेश 40 नियम (1)

न्यायालय किन परिस्थितियों में रिसीवर नियुक्त कर सकता है?

जब न्यायालय को न्यायसंगत और सुविधाजनक प्रतीत हो

न्यायालय रिसीवर को क्या कार्य करने के लिए अधिकृत कर सकता है?

सम्पत्ति पर कब्जे, अभिरक्षा या प्रबन्ध सम्पत्ति के आयन, प्रबन्ध, संरक्षण, परिरक्षण और सुधार उसके भाटकों और लाभों के संग्रहण, ऐसे भाटकों और लाभों के उपयोजन और व्ययन तथा दस्तावेजों के निष्पादन के लिये सभी ऐसी शक्तियाँ जो स्वयं स्वामी की हैं, या उन शक्तियों में से ऐसी शक्ति जो न्यायालय ठीक समझे, रिसीवर को प्रदत्त कर सकेगा।

पारिश्रमिक, (Remuneration) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 40 नियम (2)

 के आदेश 40 नियम 2 के अनुसार, रिसीवर को पारिश्रमिक किसके द्वारा निर्धारित किया जाता है?

न्यायालय द्वारा

न्यायालय रिसीवर को पारिश्रमिक किस प्रकार के आदेश द्वारा निर्धारित कर सकता है?

साधारण या विशेष दोनों प्रकार के आदेश द्वारा

कर्त्तव्य, (Duties) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 40 नियम (3)

आदेश 40 नियम 3 के अनुसार, रिसीवर को किस प्रकार की प्रतिभूति देनी होती है?

ऐसी प्रतिभूति जो न्यायालय उपयुक्त समझे

रिसीवर को अपनी लेखा रिपोर्ट किसके निर्देश अनुसार देनी होती है?

न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट अवधि और प्रारूप में

रिसीवर द्वारा जो रकम प्राप्त की जाती है, उसका संदाय (payment) किसके अनुसार किया जाना चाहिए?

न्यायालय के निर्दिष्ट अनुसार

यदि रिसीवर जानबूझकर व्यतिक्रम करे या अपनी घोर उपेक्षा से संपत्ति को हानि पहुँचाए, तो वह:

उत्तरदायी होगा

रिसीवर की सबसे मुख्य ज़िम्मेदारी क्या होती है?

न्यायालय को सम्यक लेखा देना और हानि से संपत्ति की रक्षा करना

रिसीवर के कर्त्तव्यों को प्रवर्तित कराना, (Enforcement of receiver’s duties) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 40 नियम (4)

कलेक्टर कब रिसीवर नियुक्त किया जा सकेगा, (When Collector may be appointed receiver) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 40 नियम (5)

आदेश 40 नियम 5 के अनुसार, न्यायालय किस स्थिति में कलेक्टर को रिसीवर नियुक्त कर सकता है?

जहाँ सम्पत्ति सरकार को राजस्व देने वाली भूमि या ऐसी भूमि है जिसके राजस्व का समनुदेशन या मोचन कर दिया गया है और न्यायालय का यह विचार है कि सम्बन्धित व्यक्तियों के हितों की अभिवृद्धि कलेक्टर के प्रबन्ध द्वारा प्रबन्ध होगी वहाँ न्यायालय कलेक्टर की सहमति से उसे सम्पत्ति का रिसीवर नियुक्त कर सकेगा।

क्या कलेक्टर की सहमति के बिना न्यायालय उसे रिसीवर नियुक्त कर सकता है?

नहीं, कलेक्टर की सहमति आवश्यक है

 

आदेश-41

(Order-41)

मूल डिक्रियों की अपीलें

(Appeals from Original Decrees)

अपील का प्रारूप-ज्ञापन के साथ क्या-क्या दिया जायेगा, (Form of appeal-What to Accompany Memorandum) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (1)

अपील किसके हस्ताक्षर से युक्त ज्ञापन के रूप में की जाती है?

 

अपीलार्थी या उसके प्लीडर के

अपील ज्ञापन के साथ कौन-सा दस्तावेज़ संलग्न करना आवश्यक है?

निर्णय की एक प्रति

यदि एक ही निर्णय के अंतर्गत कई वादों पर अपीलें की गई हों, तो अपील न्यायालय क्या कर सकता है?

एक से अधिक प्रतियाँ फाइल करने से छूट दे सकता है

ज्ञापन में अपील के आधार किस प्रकार प्रस्तुत किए जाते हैं?

उस डिक्री पर जिसकी अपील की जाती है, आक्षेप के आधार, ज्ञापन में किसी तर्क का विवरण के बिना संक्षिप्त और सुभिन्न शीर्षकों में उपवर्णित होंगे और ऐसे आधार क्रम से संख्यांकित होंगे।

ज्ञापन का नामंजूर किया जाना या संशोधन, (Rejection or Amendment of Memorandum) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (3)

आदेश 41 नियम 3 के अंतर्गत, यदि अपील का ज्ञापन पूर्व-निर्धारित विधि से नहीं लिखा गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

उसे नामंजूर कर सकता है या संशोधन हेतु लौटा सकता है

यदि ज्ञापन को संशोधित किया जाता है, तो संशोधन पर कौन हस्ताक्षर करेगा?

न्यायाधीश या नियुक्त अधिकारी

अगर न्यायालय किसी अपील ज्ञापन को नामंजूर करता है, तो वह क्या करेगा?

नामंजूरी के कारणों को लेखबद्ध करेगा

विलम्ब की माफी के लिये आवेदन, (Application for Condonation of Delay) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (3)

यदि कोई अपील परिसीमा (limitation) अवधि के बाद दाखिल की जाती है, तो उसके साथ कौन-सा दस्तावेज़ अनिवार्य होता है?

शपथ पत्र सहित विलम्ब की माफी का आवेदन

विलम्ब की माफी के आवेदन में क्या उल्लेख करना आवश्यक होता है?

अपील में देरी के लिए पर्याप्त कारण

 

कार्यवाहिओं का और निष्पादन का रोका जाना

(Stay of Proceedings and of Execution)

अपील न्यायालय द्वारा रोका जाना, (Stay by Appellate Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (5)

जिस डिक्री या आदेश की अपील की गयी है, उसके अधीन की कार्यवाहियों को रोकना नहीं होगा, किन्तु कार्यवाहियाँ कब रोकी जा सकेंगी?

यदि अपील न्यायालय आदेश दे तो

क्या केवल अपील दाखिल कर देने से डिक्री का निष्पादन अपने आप रुक जाता है?

नहीं

न्यायालय डिक्री के निष्पादन को रोकने के लिए आदेश कब दे सकता है?

जब पर्याप्त कारण प्रस्तुत किए जाएँ

कौन-सा न्यायालय डिक्री के निष्पादन को रोक सकता है?

अपील न्यायालय और डिक्री पारित करने वाला न्यायालय

न्यायालय तब तक निष्पादन रोकने का आदेश नहीं देगा जब तक यह संतुष्ट हो कि:

यदि निष्पादन रोका गया तो अपीलकर्ता को सारवान हानि हो सकती है

क्या न्यायालय आवेदन की सुनवाई लंबित रहने तक एकपक्षीय (ex parte) निष्पादन रोकने का आदेश दे सकता है?

हाँ, उपनियम (4) के अनुसार

 

अपील के ग्रहण पर प्रक्रिया

(Procedure on Admission of Appeal)

अपीलों के ज्ञापन का रजिस्टर में चढ़ाया जाना, (Registry of Memorandum of Appeal) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (9)

आदेश 41 नियम 9 के अनुसार, जिस न्यायालय की डिक्री के विरुद्ध अपील की जाती है, वह अपील के ज्ञापन के साथ क्या करेगा?

उसके उपस्थापित किये जाने की तारीख पृष्ठांकित करेगा और अपील को उस प्रयोजन के लिये रखी जाने वाली पुस्तक में चढ़ायेगा

निचले न्यायालय को सूचना बिना अपील खारिज करने की शक्ति, (Power to Dismiss Appeal Without Sending Notice to Lower Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (11)

आदेश 41 नियम 11 के अनुसार, अपील न्यायालय अपीलार्थी या उसके प्लीडर को सुनने के लिए दिन तय करता है। यदि अपीलार्थी उस दिन उपस्थित होता है तो क्या हो सकता है?

अपील को सुनने के बाद खारिज किया जा सकता है

समय जिसके भीतर नियम 11 के अधीन सुनवाई समाप्त हो जानी चाहिये, (Time Within Which Hearing Under Rule 11 Should be Concluded) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (11)

नियम 11 के अंतर्गत अपील की सुनवाई कितने दिन के भीतर समाप्त करने का प्रयास किया जाना चाहिए?

60 दिन

 

सुनवाई की प्रक्रिया

(Procedure on Hearing)

अपीलार्थी के व्यक्तिक्रम के लिये अपील का खारिज किया जाना, (Dismissal of Appeal for Appellant's Default) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (17)

आदेश 41 नियम 17 के अनुसार, यदि नियत सुनवाई के दिन अपीलार्थी उपस्थित नहीं होता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

न्यायालय अपील खारिज करने का आदेश दे सकता है

व्यक्तिक्रम के लिये खारिज की गयी अपील को पुनः ग्रहण करना, (Re-Admission of Appeal Dismissed for Default) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (19)

यदि अपील नियम 11(2) या नियम 17 के अधीन खारिज हो जाती है, तो अपीलार्थी क्या कर सकता है?

अपील न्यायालय से अपील के पुनः ग्रहण के लिए आवेदन कर सकता है

अपील के पुनः ग्रहण के लिए किन परिस्थितियों में आवेदन किया जा सकता है?

जब अपीलार्थी उपस्थापन से निवारित था किसी उचित कारण से

न्यायालय अपील के पुनःग्रहण के लिए किन शर्तों पर आदेश दे सकता है?

खर्चे सम्बन्धी या अन्य निबन्धनों पर जो न्यायालय उचित समझे

आदेश 41 नियम 19 के अनुसार, अपील के पुनः ग्रहण के लिए आवेदन कब स्वीकार किया जाएगा?

यदि अपीलार्थी के अनुपस्थित रहने का उचित कारण साबित हो गया हो

उस प्रत्यर्थी के आवेदन पर पुनः सुनवाई जिसके विरुद्ध एकपक्षीय डिक्री की गयी है, (Re-hearing on Application of Respondent Against Whom Ex parte Decree Made) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (21)

जब अपील एकपक्षीय सुनवाई के तहत सुनी जाती है और प्रत्यर्थी के विरुद्ध निर्णय दिया जाता है, तो प्रत्यर्थी क्या कर सकता है?

अपील न्यायालय से अपील की पुनःसुनवाई के लिए आवेदन कर सकता है

सुनवाई में प्रत्यर्थी डिक्री के विरुद्ध ऐसे आक्षेप कर सकेगा मानों उसने पृथक् अपील की हो, (Upon Hearing Respondent may Object to Decree as if he had Preferred a Separate Appeal) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (22)

प्रत्यर्थी को डिक्री के विरुद्ध प्रत्याक्षेप करने के लिए अपील न्यायालय में यह कब तक फाइल करना होगा?

अपील की सुनवाई के लिए नियत दिन की सूचना मिलने के एक माह के भीतर या न्यायालय द्वारा दिया गया अतिरिक्त समय

मामले का अपील न्यायालय द्वारा प्रतिप्रेषण, (Remand of Case by Appellate Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (23)

जब न्यायालय जिसने डिक्री पारित की है, वाद का निपटारा किसी प्रारम्भिक मुद्दे पर कर देता है और अपील में डिक्री उलट दी जाती है, तो अपील न्यायालय क्या कर सकता है?

मामले का आदेश द्वारा प्रतिप्रेषण कर सकता है

अपील न्यायालय मामले का प्रतिप्रेषण करते समय क्या निर्देश दे सकता है?

प्रतिप्रेषित मामले में कौन से विवाद्यकों का विचारण किया जाए, यह निर्धारित कर सकता है

अपील न्यायालय अपने निर्णय और आदेश की प्रति किसे भेजेगा?

उस न्यायालय को जिसने डिक्री पारित की है

अपील न्यायालय में अतिरिक्त साक्ष्य का पेश किया जाना, (Production of Additional Evidence in Appellate Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (27)

अपील न्यायालय में अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने के लिए पक्षकारों को कब अनुमति दी जा सकती है?

जब निचले न्यायालय ने ऐसा साक्ष्य ग्रहण करने से इन्कार कर दिया हो जो ग्रहण किया जाना चाहिए था

कौन सा कारण अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने के लिए अपील न्यायालय में अनुमति का आधार बन सकता है?

पक्षकार ने सम्यक तत्परता के बावजूद साक्ष्य की जानकारी नहीं रखी या समय पर पेश नहीं कर पाया

 

अपील का निर्णय

(Judgment in Appeal)

निर्णय कब और कहाँ सुनाया जायेगा, (Judgment When and Where Pronounced) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (30)

आदेश 41 नियम 30 के अनुसार, अपील न्यायालय निर्णय कब सुनाएगा?

खुले न्यायालय में तुरन्त या किसी भविष्यवर्ती दिन को जिसकी सूचना पक्षकारों को दी जाएगी

 

अपील में की डिक्री

(Decree in Appeal)

डिक्री की तारीख और अन्तर्वस्तु, (Date and Contents of Decree) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (35)

 आदेश 41 नियम 35 के अनुसार, अपील न्यायालय की डिक्री पर किस दिन की तारीख अंकित होगी?

निर्णय सुनाए जाने की तारीख

डिक्री में क्या शामिल होगा?

अपील के संख्यांक, अपीलार्थी और प्रत्यर्थी के नाम तथा दिए गए निर्णय का स्पष्ट विवरण

पक्षकारों को निर्णय और डिक्री की प्रतियों का दिया जाना, (Copies of Judgment and Decree to be Furnished to Parties) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (36)

 आदेश 41 नियम 36 के अनुसार, अपील के निर्णय और डिक्री की प्रमाणित प्रतियाँ पक्षकारों को कब और कैसे दी जाएंगी?

केवल पक्षकारों के आवेदन करने पर और उनके व्यय पर दी जाएंगी।

डिक्री में प्रमाणित प्रति उस न्यायालय को भेजी जायेगी जिसकी डिक्री की अपील की गयी थी, (Certified Copy of Decree to be Sent to Court Whose Decree Appealed From) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 41 नियम (37)

 आदेश 41 नियम 37 के अनुसार, डिक्री की प्रमाणित प्रति किसे भेजी जाती है?

उस न्यायालय को जिसे अपील की डिक्री पारित की गई है।

 

आदेश-42

(Order-42)

अपीलीय डिक्रियों की अपीलें

(Appeals from Appellate Decrees)

प्रक्रिया, (Procedure) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 42 नियम (1)

 आदेश 42 नियम 1 के अनुसार, अपीलीय डिक्रियों की अपीलों के संबंध में कौन से नियम  लागू होंगे?

आदेश 41 के नियम जहाँ तक हो सके लागू होंगे।

 

आदेश-43

(Order-43)

आदेशों की अपीलें

(Appeals from Orders)

आदेशों की अपीलें, (Appeals from Orders) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 43 नियम (1)

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी, वादपत्र के उचित न्यायालय में उपस्थित किये जाने के लिये लौटाने का आदेश जो -

आदेश 7 के नियम 10 के अधीन दिया गया हो, सिवाय उस दशा में जब आदेश 7 के नियम 10- में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया का अनुसरण किया गया हो

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी, वाद की खारिजी को अपास्त करने के आदेश के लिये ऐसे मामले में जिसमें अपील होती है, आवेदन को नामंजूर करने का आदेश जो -

आदेश 9 के नियम 9 के अधीन दिया गया हो

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी, एकपक्षीय पारित डिक्री को अपास्त करने के आदेश के लिये (ऐसे मामले में जिसमें अपील होती है) आवेदन के नामंजूर करने का आदेश जो-

आदेश 9 के नियम 13 के अधीन दिया गया हो

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी-

आदेश 11 के नियम 21 के अधीन आदेश

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी, इजाजत देने का या इजाजत देने से इन्कार करने का आदेश जो-

आदेश 22 के नियम 10 के अधीन दिया गया हो

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी-

अपील को आदेश 41 के नियम 19 के अधीन पुनर्ग्रहण करने या आदेश 41 के नियम 21 के अधीन पुनः सुनने से इन्कार करने का आदेश

धारा 104 के उपबन्धों के अधीन आदेश की अपील होगी, जहाँ अपील न्यायालय की डिक्री की अपील होती हो वहाँ मामले को प्रतिप्रेषित करने का आदेश -

जो आदेश 41 के नियम 23 या 23- के अधीन दिया गया हो

प्रक्रिया, (Procedure) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 43 नियम (2)

 आदेश 43 नियम 2 के अनुसार, आदेशों की अपीलों पर कौन सा नियम  लागू होगा?

आदेश 41 के नियम, जहाँ तक हो सके।

 

आदेश-44

(Order-44)

निर्धन व्यक्तियों द्वारा अपीलें

(Appeals by Indigent Persons)

निर्धन व्यक्ति के रूप में कौन अपील कर सकेगा, (Who May Appeal as an Indigent Person) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 44 नियम (1)

निर्धन व्यक्ति के रूप में कौन अपील कर सकेगा?

कोई भी व्यक्ति जो अपील के ज्ञापन के लिये फीस देने में असमर्थ हो और आवेदन प्रस्तुत करे।

न्यायालय फीस के संदाय के लिये समय दिया जाना, (Grant of Time for Payment of Court-fee) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 44 नियम (2)

जब आवेदन नियम 1 के तहत नामंजूर किया जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

आवेदक को फीस जमा करने के लिए निश्चित समय प्रदान करना।

इस प्रश्न के बारे में जाँच कि आवेदक निर्धन व्यक्ति है या नहीं, (Inquiry as to Whether Applicant is an Indigent Person) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 44 नियम (3)

यदि किसी आवेदक ने शपथ-पत्र दिया है कि वह अपील की तारीख से निर्धन व्यक्ति है, तो क्या अतिरिक्त जाँच आवश्यक होगी?

केवल सरकारी प्लीडर या प्रत्यर्थी के विवाद करने पर जाँच होगी।

यदि आवेदक ने दावा किया कि वह अपील की तारीख से निर्धन व्यक्ति बन गया है, तो उस जाँच के लिए कौन जिम्मेदार होगा?

अपील न्यायालय द्वारा आदेशानुसार उसी न्यायालय के अधिकारी द्वारा।

 

आदेश-45

(Order-45)

उच्चतम न्यायालय में अपीलें

(Appeals to the Supreme Court)

"डिक्री" की परिभाषा, (“Decree” Defined) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 45 नियम (1)

 आदेश 45 नियम 1 के अनुसार, "डिक्री" में क्या शामिल होता है?

अंतिम आदेश सहित डिक्री।

उस न्यायालय से आवेदन जिसकी डिक्री परिवादित है, (Application to Court Whose Decree Complained of) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 45 नियम (2)

उच्चतम न्यायालय में अपील करने के लिए आवेदन कहाँ किया जाना चाहिए?

उस न्यायालय में जिसकी डिक्री परिवादित है

आदेश 45 नियम 2 के अनुसार, उस अर्जी की सुनवाई कितनी शीघ्रता से की जानी चाहिए?

60 दिन के भीतर

 

आदेश-46

(Order-46)

निर्देश

(Reference)

उच्च न्यायालय को प्रश्न का निर्देश, (Reference of Question to High Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 46 नियम (1)

आदेश 46 नियम 1 के अनुसार, उच्च न्यायालय को कब प्रश्न का निर्देश दिया जा सकता है?

जब डिक्री की अपील हो और सुनवाई से पूर्व या दौरान विधि संबंधी कोई प्रश्न उत्पन्न हो

जब कोई विधि का प्रश्न उत्पन्न होता है, तो वह न्यायालय किस आधार पर उच्च न्यायालय को निर्देश दे सकता है?

स्वप्रेरणा से या पक्षकार के आवेदन पर

आदेश 46 नियम 1 के अनुसार, उच्च न्यायालय को निर्दिष्ट करने के लिए कौन सा विषय दिया जाता है?

उस विषय बिन्दु का जिसका उच्च न्यायालय के विनिश्चय के लिए निर्देश हो

न्यायालय ऐसी डिक्री पारित कर सकेगा जो उच्च न्यायालय के विनिश्चय पर समाश्रित, (Court may Pass Decree Contingent Upon Decision of High Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 46 नियम (2)

उच्च न्यायालय को किये गये निर्देश के खर्चे, (Costs of Reference to High Court) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 46 नियम (4)

आदेश 46 नियम 4 के अनुसार, उच्च न्यायालय को किए गए निर्देश के खर्चे किसके होंगे?

मामले के खर्चे होंगे

लघुवादों में अधिकारिता सम्बन्धी प्रश्नों को उच्च न्यायालय को निर्देशित करने की शक्ति, (Power to Refer to High Court Questions as to Jurisdiction in Small Causes) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 46 नियम (6)

आदेश 46 नियम 6 के अनुसार, यदि वाद संस्थित करने वाला न्यायालय निर्णय से पूर्व यह शंका करता है कि वाद लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय नहीं है, तो वह क्या कर सकता है?

अभिलेख और कारणों के कथन सहित उच्च न्यायालय को निवेदन कर सकता है

आदेश 46 नियम 6 के तहत, उच्च न्यायालय अभिलेख प्राप्त करने के बाद क्या आदेश दे सकता है?

वाद में अग्रसर होने के लिए न्यायालय को या वाद-पत्र उचित न्यायालय में लौटाने का आदेश दे सकता है

लघुवादों में अधिकारिता सम्बन्धी भूल के अधीन की गयी कार्यवाहियों को पुनरीक्षण के लिये निवेदित करने की जिला न्यायालय की शक्ति, (Power to District Court to Submit for Revision Proceeding Had Under Mistake as to Jurisdiction in Small Causes) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 46 नियम (7)

 

आदेश-47

(Order-47)

पुनर्विलोकन

(Review)

निर्णय के पुनर्विलोकन के लिये आवेदन, (Application for Review of Judgment) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 47 नियम (1)

आदेश 1 नियम 1 के अनुसार, पुनर्विलोकन के लिए आवेदन कौन कर सकता है?

किसी ऐसी डिक्री या आदेश से जिसकी अपील अनुज्ञात है किन्तु जिसकी कोई अपील नहीं की गयी है,

किसी ऐसी डिक्री या आदेश से जिसकी अपील अनुज्ञात नहीं है,

कोई भी व्यक्ति जो डिक्री या आदेश से व्यथित हो और नई और महत्वपूर्ण बात या साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता हो

आदेश 1 नियम 1 के तहत, यदि डिक्री या आदेश की अपील अनुज्ञात है लेकिन कोई अपील नहीं की गई है, तो क्या किया जा सकता है?

पुनर्विलोकन के लिए आवेदन किया जा सकता है

पुनर्विलोकन के आवेदनों का प्ररूप, (Form of Applications for Review) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 47 नियम (3)

आदेश 47 नियम 3 के अनुसार, पुनर्विलोकन के आवेदनों के प्ररूप (फॉर्मेट) के बारे में क्या कहा गया है?

अपील के प्ररूप के नियम पुनर्विलोकन के आवेदनों पर यथावश्यक परिवर्तन सहित लागू होंगे।

आवेदन कब नामंजूर किया जायेगा, (Application Where Rejected) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 47 नियम (4)

 आदेश 47 नियम 4 के अनुसार, पुनर्विलोकन के लिए आवेदन कब नामंजूर किया जाएगा?

जब न्यायालय को लगता है कि पुनर्विलोकन के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।

दो या अधिक न्यायाधीशों से गठित न्यायालय में पुनर्विलोकन का आवेदन, (Application for Review in Court Consisting of two or More Judges) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 47 नियम (5)

आवेदन कब नामंजूर किया जायेगा, (Application Where Rejected) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 47 नियम (6)

आदेश 47 नियम 6 के अनुसार, जब पुनर्विलोकन आवेदन को एक से अधिक न्यायाधीश सुनते हैं और उनकी राय बराबर होती है, तो क्या होगा?

आवेदन नामंजूर कर दिया जाएगा।

कुछ आवेदनों का वर्जन, (Bar of Certain Applications) किस नियम से सम्बंधित है?

आदेश 47 नियम (9)

प्रकीर्ण, (Miscellaneous) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश-48

(Order-48)

चार्टरित उच्च न्यायालय, (Chartered High Courts) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश-49

(Order-49)

प्रान्तीय लघुवाद न्यायालय, (Provincial Small Cause Courts) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश-50

(Order-50)

प्रेसीडेन्सी लघुवाद न्यायालय, (Presidency Small Cause Courts) किस आदेश से सम्बंधित है?

आदेश-51

(Order-51)

 

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