अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 वन-लाइनर नोट्स

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 वन-लाइनर नोट्स

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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989

(THE SCHEDULED CASTES AND THE SCHEDULED TRIBES (PREVENTION OF ATROCITIES) ACT, 1989)

क्रमांक 33 सन् 1989

(No. 33 OF 1989)

 

अध्याय-1

(CHAPTER-1)

प्रारम्भिक

(PRELIMINARY)

इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति(अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का अधिनियम क्रमांक क्या है?

क्रमांक 33 सन् 1989

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति(अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 में कितने अध्याय तथा कितनी धाराएं हैं

5 अध्याय तथा 23 धाराएं

इस अधिनियम का उद्देश्य क्या है?

अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार का अपराध करने का निवारण करने के लिए, ऐसे अपराधों के विचारण के लिए विशेष न्यायालयों और अनन्य विशेष न्यायालयों का तथा ऐसे अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों को राहत देने का और उनके पुनर्वास का तथा उससे संबंधित या उससे आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम

उद्देशिका में विशेष न्यायालयों" शब्दों के स्थान परविशेष न्यायालयों और अनन्य विशेष न्यायालयों को  कब प्रतिस्थापित किया गया?

अधिनियम क्रमांक 1 सन् 2016 की धारा 2 द्वारा दिनांक 26-1-2016 से

इस अधिनियम को  राष्ट्रपति की अनुमति कब मिली?

11 सितम्बर, 1989

संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ, (Short Title, Extent and Commencement) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 1

अधिनियम का विस्तार किस क्षेत्र पर है?

सम्पूर्ण भारत पर

धारा 1(2)जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" शब्दों का लोप कब किया गया?

अधिनियम क्रमांक 34 सन् 2019, अनुसूची 5. द्वारा दिनांक 31-10-2019 से

यह अधिनियम कब से लागू हुआ?

30 जनवरी, 1990

यह अधिनियम किस उद्देश्य के लिए बनाया गया है?

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों पर अत्याचार रोकने और उन्हें राहत/पुनर्वास देने के लिए

अधिनियम के अनुसार अत्याचार से संबंधित अपराधों के विचारण हेतु क्या स्थापित किया जाता है?

विशेष न्यायालय एवं अनन्य विशेष न्यायालय

इस अधिनियम के अंतर्गत पीड़ितों को कौन-सी सहायता दी जाती है?

राहत और पुनर्वास

परिभाषाएं, (Definition) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2

अत्याचार (Atrocity) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2()

अत्याचार से अभिप्रेत है-

धारा 3 के अधीन दंडनीय अपराध

“संहिता” (Code) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2()

संहिता से अभिप्रेत है-

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

(1974 का 2)

(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023)

(2023 का 46)

"आश्रित" (Dependent) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(खख)

आश्रितसे अभिप्रेत है-

पीड़ित का ऐसा पति या पत्नी, बालक, माता-पिता, भाई और बहिन जो ऐसे पीड़ित पर अपनी सहायता और भरण-पोषण के लिए पूर्णतः या मुख्यतः आश्रित हैं

धारा 2(खख) "आश्रित" की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(1) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

 

"आर्थिक बहिष्कार" (Economic Boycott) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2()

आर्थिक बहिष्कारसे अभिप्रेत है-

अन्य व्यक्ति से भाड़े पर कार्य से संबंधित संव्यवहार करने या कारबार करने से इंकार करना; या

अवसरों का प्रत्याख्यान करना जिनमें सेवाओं तक पहुंच या प्रतिफल के लिए सेवा प्रदान करने हेतु संविदाजन्य अवसर सम्मिलित हैं; या

ऐसे निबंधनों पर कोई बात करने से इंकार करना जिन पर कोई बात, कारबार के सामान्य अनुक्रम में सामान्यतया की जाएगी; या

ऐसे वृत्तिक या कारबार संबंधों से प्रतिविरत रहना, जो किसी अन्य व्यक्ति से रखे जाएं

धारा 2(खग) आर्थिक बहिष्कार " की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(1) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

 

"अनन्य विशेष न्यायालय" (Exclusive Special Court) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(खघ)

अनन्य विशेष न्यायालयसे अभिप्रेत है-

इस अधिनियम के अधीन अपराधों का अनन्य रूप से विचारण करने के लिए धारा 14 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित अनन्य विशेष न्यायालय

धारा 2(खघ)आर्थिक बहिष्कार की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(1) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

"वन अधिकार" (Forest Rights) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(खङ)

वन अधिकारसे अभिप्रेत है-

वन अधिकार" का वह अर्थ होगा, जो अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 (2007 का 2) की धारा 3 की उपधारा (1) में है

धारा 2() वन अधिकार की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(1) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

"हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी" (Manual Scavenger) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(खच)

"हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी", से अभिप्रेत है-

हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी" का वह अर्थ होगा, जो हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 (2013 का 25) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड () में उसका है

धारा 2(खच) "हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी", की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(1) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

"लोक सेवक" (Public Servant) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(खछ)

"लोक सेवक" से अभिप्रेत है-

लोक सेवक" से भारतीय दंड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 21 (भारतीय न्याय संहिता 2023 (2023 का 45) की धारा 2 (28) के अधीन यथापरिभाषित लोक सेवक और साथ ही तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन लोक सेवक समझा गया कोई अन्य व्यक्ति अभिप्रेत है और जिनमें, यथास्थिति, केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार के अधीन उसकी पदीय हैसियत में कार्यरत कोई व्यक्ति सम्मिलित है|

धारा 2(खछ) "लोक सेवक", की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(1) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(28) किससे संबंधित है?

लोक सेवक की परिभाषा

"अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों" (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2()

"अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों" से अभिप्रेत है-

अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों" के वही अर्थ हैं जो संविधान के अनुच्छेद 366 के खंड (24) और खंड (25) में हैं

"विशेष न्यायालय" (Special Court) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2()

विशेष न्यायालयसे किस प्रकार का न्यायालय अभिप्रेत है?

धारा 14 में विशेष न्यायालय के रूप में विनिर्दिष्ट कोई सेशन न्यायालय

"विशेष लोक अभियोजक" (Special Public Prosecutor) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2()

विशेष लोक अभियोजकसे किस व्यक्ति का अभिप्राय है?

विशेष लोक अभियोजक के रूप में विनिर्दिष्ट लोक अभियोजक या धारा 15 में निर्दिष्ट अधिवक्ता

"अनुसूची" (Schedule) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(ङक)

अनुसूचीसे अभिप्राय है-

अनुसूची" से इस अधिनियम से उपबाद्ध (appended अनुसूची अभिप्रेत) अनुसूची

धारा 2(ङक) "अनुसूची" की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(2) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

"सामाजिक बहिष्कार" (Social Boycott) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(ङख)

"सामाजिक बहिष्कार" से अभिप्राय है-

कोई रूढिगत सेवा अन्य व्यक्ति को देने के लिये या उससे प्राप्त करने के लिए या ऐसे सामाजिक संबंधों से प्रतिविरत रहने के लिए, जो अन्य व्यक्ति से बनाए रखे जाएं या अन्य व्यक्तियों से उसको अलग करने के लिए किसी व्यक्ति को अनुज्ञात करने के इंकार करना

धारा 2(ङख) "सामाजिक बहिष्कार", की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(2) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

सामाजिक बहिष्कारमें कौन-सी स्थिति सम्मिलित है?

किसी व्यक्ति को रूढ़िगत सामाजिक सेवाएँ देने से इंकार करना

सामाजिक बहिष्कार का कौन-सा रूप परिभाषा के अंतर्गत आता है?

दूसरे व्यक्तियों से बनाए रखने योग्य सामाजिक संबंधों से प्रतिविरत रहना

सामाजिक बहिष्कारमुख्यतः किस उद्देश्य से किया जाता है?

किसी व्यक्ति को अन्य लोगों से अलग करने के लिए

सामाजिक बहिष्कार में कौन शामिल है?

किसी व्यक्ति को सामाजिक सेवाएँ देने की अनुमति से इंकार करना

सामाजिक बहिष्कार का मूल तत्व क्या है?

सामाजिक अधिकारों सहभागिता से वंचित करना

"पीड़ित" (Victim) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2(ङग)

पीड़ित से अभिप्राय है-

धारा 2 की उपधारा (1) के खंड () के अधीन 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' की परिभाषा के भीतर आता है तथा जो इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के होने के परिणामस्वरूप शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक, भावानात्मक या धनीय हानि या उसकी संपत्ति को हानि वहन या अनुभव करता है और जिसके अंतर्गत उसके नातेदार विधिक संरक्षक और विधिक वारिस

धारा 2(ङग) पीड़ित की परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(2) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

पीड़ितसे किसका अभिप्राय है?

वह व्यक्ति जो किसी अपराध का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष अनुभव करता है और अनुसूचित जाति/जनजाति में आता है

पीड़ित के अंतर्गत कौन शामिल हैं?

नातेदार, विधिक संरक्षक और विधिक वारिस

पीड़ित किन प्रकार की हानि सह सकता है?

शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक या धन संबंधी हानि

पीड़ितकी परिभाषा किस अधिनियम और खंड से संबंधित है?

धारा 2(1)() के अंतर्गतअनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातिकी परिभाषा

कौन-सा कथनपीड़ितकी परिभाषा से मेल खाता है?

पीड़ित को अपराध के परिणामस्वरूप किसी प्रकार का नुकसान या हानि होनी चाहिए

"साक्षी" (Witness) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(ङघ)

"साक्षीसे अभिप्राय है-

इस अधिनियम के अधीन अपराध से अंतर्विलित किसी अपराध के अन्वेषण, जांच या विचारण के प्रयोजन के लिए तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित है या कोई जानकारी रखता है या आवश्यक ज्ञान रखता है और जो ऐसे मामले के अन्वेषण, जांच या विचारण के दौरान जानकारी देने या कथन करने या कोई दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अपेक्षित है या अपेक्षित हो सकेगा और जिसमें ऐसे अपराध का पीड़ित

धारा 2(ङघ) "साक्षीकी परिभाषा को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(2) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

धारा 2() के अंतर्गत क्या वर्णित किया गया है?

उन शब्दों और पदों के, जो इस अधिनियम में प्रयुक्त हैं किंतु परिभाषित नहीं हैं और, यथास्थिति, भारतीय न्याय संहिता 2023 भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में परिभाषित हैं, वही अर्थ होना समझा जाएगा जो उन अधिनियमितियों में है।]

धारा 2() को किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

सन् 2016 (अधिनियम क्रमांक 1) की धारा 3(3) द्वारा दिनांक 26-1-2016 द्वारा

धारा 2 उपधारा (2) के अनुसार इस अधिनियम में किसी अधिनियमिति या उसके किसी उपबंध के प्रति किसी निर्देश का अर्थ-

किसी ऐसे क्षेत्र के सम्बन्ध में जिसमें ऐसी अधिनियमिति या ऐसा उपबन्ध प्रवृत्त नहीं हैं यह लगाया जाएगा कि वह उस क्षेत्र में प्रवृत्त तत्स्थानी विधि, यदि कोई हो, के प्रति निर्देश है।

 

अध्याय 2

अत्याचार के अपराध

अत्याचार के अपराधों के लिए दंड, (Punishments for Offences of Atrocities) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 3

अनुसूचित जाति/जनजाति के किसी सदस्य को घृणाजनक पदार्थ खाने के लिए मजबूर करना-

धारा 3(1)() के तहत अत्याचार माना जाता हैI

धारा 3(1)() के तहत, कौन सा कृत्य दंडनीय है?

अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य द्वारा दखलकृत परिसरों में या परिसरों के प्रवेश-द्वारा पर मल-मूत्र, मल, पशु-शव या कोई अन्य घृणाजनक पदार्थ इकट्ठा करेगा

धारा 3(1)() के तहत, कौन सा कृत्य दंडनीय है?

अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को जूतों की माला पहनाएगा या नग्न या अर्ध-नग्न घुमाएगा

धारा 3 के अनुसार, किसी सदस्य के परिसर में मल, मूत्र या पशु-शव इकट्ठा करना किस उद्देश्य से अपराध माना जाता है?

अपमानित या क्षुब्ध करने के लिए

धारा 3(1)() के तहत, मानव गरिमा के विरुद्ध कौन-सा कृत्य दंडनीय है?

किसी सदस्य के कपड़े उतारना या सिर का मुण्डन करना

धारा 3(1)() के अनुसार, “सदोषभूमि अधिग्रहण में कौन शामिल नहीं है?

पूर्ण स्वीकृति और लाभ के साथ उपयोग

खंड () और इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "सदोष" पद में कौन कौन सम्मिलित है?

व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध;

व्यक्ति की सहमति के बिना;

व्यक्ति की सहमति से, जहां ऐसी सहमति, व्यक्ति या किसी ऐसे अन्य व्यक्ति को, जिसके व्यक्ति हितबद्ध है, मृत्यु या उपहति का भय दिखाकर, अभिप्राप्त की गई है; या

ऐसी भूमि के अभिलेखों को बनाना

धारा 3(1)() के अनुसार, किस प्रकार का बलात श्रम अपराध माना जाता है?

किसी सदस्य को बेगार या बंधुआ श्रम के लिए मजबूर करना

धारा 3(1)() के अनुसार, मतदान में किसी सदस्य को बाधित करना दंडनीय है?

हाँ

धारा 3(1) ()) के तहत, कौन सा कृत्य दंडनीय है?

अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को अवमानित करने के आशय से लोक दृष्टि में आने वाले किसी स्थान पर अपमानित या अभित्रस्त करेगा

धारा 3(1)() के अनुसार, अनुसूचित जाति/जनजाति के किसी सदस्य को सार्वजनिक स्थान में अपमानित करना दंडनीय है?

हाँ

धारा 3(1)() के अनुसार, धार्मिक वस्तु को नष्ट करना या अपवित्र करना अपराध है?

हाँ

धारा 3(1)() के अनुसार, अनुसूचित जाति/जनजाति की स्त्री के साथ लैंगिक प्रकृति का शोषण करना दंडनीय है?

हाँ

धारा 3(1)() के अनुसार, किसी सदस्य द्वारा उपयोग किए जाने वाले जल स्रोत को दूषित करना अपराध है?

हाँ

यदि कोई व्यक्ति किसी अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य को धारा 3(1) के खंड () से खंड (यग) तक के अपराधों में से कोई अपराध करेगा तो वह-

कारावास से, जिसको अवधि छह मास से कम की नहीं होगी, किंतु जो पांच वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से, दंडनीय होगा

कोई भी व्यक्ति, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है-

मिथ्या साक्ष्य देगा या गढ़ेगा जिससे उसका आशय अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को ऐसे अपराध के लिए जो तत्समय प्रवृत्त विधि द्वारा मृत्यु दंड से दंडनीय है. दोषसिद्ध कराना है या वह यह जानता है कि उससे उसका दोषसिद्ध होना संभाव्य है-

वह आजीवन कारावास से और जुर्माने से दंडनीय होगा

कोई भी व्यक्ति, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है-

यदि अनसुचित जाति या अनुसूचित जनजाति से किसी निर्दोष सदस्य को ऐसे मिध्या या गड़े हुए साक्ष्य के फलस्वरूप दोषसिद्ध किया जाता है और फांसी दी जाती है तो वह व्यक्ति, जो ऐसा मिथ्या साक्ष्य देता है या गड़ता है-

मृत्यु दंड से दंडनीय होगा

धारा 3(2)(ii) के अनुसार, सात वर्ष या उससे अधिक के कारावास योग्य अपराध में मिथ्या साक्ष्य देने पर दंड क्या है?

कारावास 6 महीने से 7 वर्ष और जुर्माना

धारा 3(2)(iii) के अनुसार, अग्नि या विस्फोटक से संपत्ति को नुकसान पहुँचाना किस दंड के अंतर्गत आता है?

6 महीने से 7 वर्ष तक कारावास और जुर्माना

धारा 3(2)(iv) के अनुसार, पूजा स्थल या मानव आवास को नष्ट करने के लिए अग्नि या विस्फोटक का प्रयोग करने पर दंड क्या है?

आजीवन कारावास और जुर्माना

धारा 3(2)(v) के अनुसार, कोई व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता के अधीन दस वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कारावास से दंडनीय कोई अपराध किसी व्यक्ति या संपत्ति के विरुद्ध यह जानते हुए करेगा कि ऐसा व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य है या ऐसी संपत्ति ऐसे सदस्य की है तो वह-

वह आजीवन कारावास से, और जुर्माने से, दंडनीय होगा

धारा 3(2)(v) के अनुसार, कोई व्यक्ति अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोई अपराध किसी व्यक्ति या संपत्ति के विरुद्ध, यह जानते हुए करेगा कि ऐसा व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य है या वह संपत्ति ऐसे सदस्य की है तो वह-

वह ऐसे अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता के अधीन यथा विनिर्दिष्ट दंड से दंडनीय होगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा

 धारा 3(2)(v) किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

अधिनियम क्रमांक 1 सन् 2016 की धारा 4(ii)() द्वारा दिनांक 26-1-2016 से

धारा 3(2)(vii) के अनुसार, कोई व्यक्ति लोक सेवक होते हुए इस धारा के अधीन कोई अपराध करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि -

एक वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो उस अपराध के लिए उपबन्धित दंड तक हो सकेगी, दंडनीय होगा।

कर्तव्य उपेक्षा के लिए दंड, (Punishment for Neglect of Duties) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 4

धारा 4 के अनुसार, कोई भी लोक सेवक जो अनुसूचित जाति/जनजाति का सदस्य नहीं है और जानबूझकर कर्तव्य की उपेक्षा करता है, दंडनीय होगा-

6 महीने से 1 वर्ष तक कारावास

धारा 4(2)() के अनुसार, पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी का कर्तव्य क्या है?

सूचनाकर्ता के हस्ताक्षर लेने से पहले सूचना देने वाले को मौखिक सूचना पढ़कर सुनाना और लेखबद्ध करना

धारा 4(2)() के अनुसार, लोक सेवक को शिकायत या प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के संबंध में क्या करना चाहिए?

उसे रजिस्टर करना और अधिनियम की उपयुक्त धाराओं के तहत दर्ज करना

धारा 4(2)() के अनुसार, अभिलिखित सूचना की प्रति किसे प्रदान करनी होगी?

सूचना देने वाले (सूचनाकर्ता) को

धारा 4(2)() के अनुसार, किसका कथन अभिलिखित करना आवश्यक है?

पीड़ित और साक्षियों का

धारा 4(2)() के अनुसार, अन्वेषण और आरोपपत्र फाइल करने की समय सीमा कितनी है?

60 दिन

धारा 4(2)() के अनुसार, दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख का कर्तव्य क्या है?

सही रूप से तैयार, विरचित करना और उसका अनुवाद करना

धारा 4(2)() के अनुसार, लोक सेवक को अन्य कर्तव्यों का पालन करना होगा-

अधिनियम और उसके नियमों में निर्दिष्ट कर्तव्यों के अनुसार

धारा 4(3) के अनुसार, लोक सेवक के कर्तव्य की अवहेलना का संज्ञान कौन लेगा?

विशेष न्यायालय या अनन्य विशेष न्यायालय

पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि के लिए वर्धित दंड, (Enhanced Punishment for Subsequent Conviction) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 5

धारा 5 के अनुसार, कोई व्यक्ति, जो इस अध्याय के अधीन किसी अपराध के लिए पहले ही दोषसिद्ध हो चुका है, दूसरे अपराध या उसके पश्चात्वर्ती किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध किया जाता है, वह कारावास से, जिसकी अवधि -

एक वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो उस अपराध के लिए उपबंधित दंड तक हो सकेगी, दंडनीय होगा

भारतीय दंड संहिता (भारतीय न्याय संहिता) के कतिपय उपबंधों का लागू होना, (Application of Certain Provisions of the Indian Penal Code (BNS))  किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 6

धारा 6 के अनुसार, इस अधिनियम के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए कौन से कानून के उपबंध लागू होंगे?

भारतीय दंड संहिता, 1860

(भारतीय न्याय संहिता 2023)

धारा 6 के अंतर्गत, कौन से उपबंधों को कि जहां तक हो सकें, इस अधिनियम के लिए उसी प्रकार लागू किया जायेगा जिस प्रकार वे भारतीय दंड संहिता (भारतीय न्याय संहिता, 2023)के प्रयोजनों के लिए लागू होते हैं-

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 34, अध्याय 3, अध्याय 4, अध्याय 5. अध्याय 5, धारा 149 और अध्याय 23 के उपबन्ध

(भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 3(5) अध्याय 2, अध्याय 3, अध्याय 4 धारा 190 और धारा 62 के उपबन्ध)

कतिपय व्यक्तियों की संपत्ति का समपहरण, (Forfeiture of Property of Certain Persons) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 7

धारा 7 के अनुसार, विशेष न्यायालय किस परिस्थिति में किसी व्यक्ति की संपत्ति समपहृत कर सकता है?

जब व्यक्ति इस अध्याय के अधीन दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्ध हो

अपराधों के बारे में उपधारणा, (Presumption as to Pffences) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 8

धारा 8(a) के अनुसार, यदि यह साबित हो जाए कि अभियुक्त ने अपराध से संबंधित वित्तीय सहायता दी है, तो विशेष न्यायालय क्या उपधारणा करता है?

अभियुक्त ने उस अपराध का दुष्प्रेरण किया

धारा 8(b) के अनुसार, यदि व्यक्तियों के समूह ने अपराध किया है और वह भूमि विवाद से सम्बंधित है, तो किस आशय की उपधारणा की जाती है?

सामान्य आशय या सामान्य उद्देश्य

धारा 8(c) के अनुसार, यदि यह साबित हो जाए कि अभियुक्त पीड़ित या उसके परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानता था, तो न्यायालय क्या उपधारणा करेगा?

अभियुक्त को जाति का ज्ञान था

शक्तियों का प्रदान किया जाना, (Conferment of Power) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 9

धारा 9(1) के अनुसार राज्य सरकार किसी अधिकारी को शक्तियाँ कब प्रदान कर सकती है?

जब राज्य सरकार आवश्यक या समीचीन समझे

धारा 9(1) के अंतर्गत शक्तियों का प्रदान किस माध्यम से किया जाता है?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

 

अध्याय-3

(CHAPTER-5)

निष्कासन

(EXTERNMENT)

ऐसे व्यक्ति को हटाया जाना जिसके द्वारा अपराध किए जाने की संभावना है, (Removal of Person Likely to Commit Offence)  किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 10

धारा 10(1) के अनुसार विशेष न्यायालय किस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर सकता है?

पुलिस रिपोर्ट पर परिवाद

धारा 10(1) के अनुसार किसी व्यक्ति को किस क्षेत्र से हटाया जा सकता है?

अनुसूचित क्षेत्र या जनजातीय क्षेत्र से

धारा 10(1) के अंतर्गत विशेष न्यायालय व्यक्ति को कितनी अधिकतम अवधि के लिए उस क्षेत्र में लौटने से रोक सकता है?

3 वर्ष

धारा 10(2) के अनुसार विशेष न्यायालय को आदेश जारी करते समय क्या करना आवश्यक है?

आदेश के आधारों को संसूचित करना

धारा 10(3) के अनुसार व्यक्ति आदेश के खिलाफ अभ्यावेदन कब कर सकता है?

30 दिनों के भीतर

धारा 10(3) के अंतर्गत अभ्यावेदन पर विशेष न्यायालय क्या कर सकता है?

आदेश को प्रतिसंहृत या उपान्तरित कर सकता है

किसी व्यक्ति द्वारा संबंधित क्षेत्र से हटने में असफल रहने और वहां से हटने के पश्चात् उसमें प्रवेश करने की दशा में प्रक्रिया, (Procedure on Failure of Person to Remove Himself from Area and Enter thereon after Removal) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 11

धारा 11 किस स्थिति में लागू होती है?

यदि कोई व्यक्ति जिसको धारा 10 के अधीन किसी क्षेत्र से हट जाने के लिये कोई निदेश जारी किया गया है-

निदेश किये गये रूप में हटने में असफल रहता है; या

हटने के पश्चात् उपधारा (2) के अधीन विशेष न्यायालय की लिखित अनुज्ञा के बिना उस क्षेत्र में ऐसे आदेश में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर प्रवेश करता है

यदि व्यक्ति धारा 10 के आदेशानुसार क्षेत्र से नहीं हटता, तो क्या कार्रवाई की जा सकती है?

विशेष न्यायालय उसे गिरफ्तार करा सकेगा और उसे उस क्षेत्र के बाहर ऐसे स्थान पर, जो विशेष न्यायालय विनिर्दिष्ट करे, पुलिस अभिरक्षा में हटवा सकेगा।

ऐसे व्यक्तियों के, जिसके विरुद्ध धारा 10 के अधीन आदेश किया गया है, माप और फोटो आदि लेना, (Taking Measurements and Photographs, Etc., of Persons Against Whom Order Undersection 10 is Made) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 12

धारा 12(1) के अनुसार विशेष न्यायालय किस चीज़ की अपेक्षा कर सकता है?

माप और फोटो लेने की अनुमति देना

माप और फोटो कौन ले सकता है?

पुलिस अधिकारी

माप या फोटो लिए जाने का प्रतिरोध किस धारा के अंतर्गत अपराध माना जाएगा?

भा.दं.सं.1860, की धारा 186  (भा.न्याय संहिता 2023, की धारा 221)

धारा 10 के अधीन आदेश के अननुपालन के लिए शास्ति, (Penalty For noncompliance of Order Under Section 10) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 13

वह व्यक्ति, जो धारा 10 के अधीन किये गये विशेष न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करेगा, कारावास से, जिसकी अवधि --

एक वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से, दंडनीय होगा।

 

अध्याय-4

(CHAPTER-4)

विशेष न्यायालय

(SPECIAL COURTS)

विशेष न्यायालय और अनन्य विशेष न्यायालय, (Special Court and Exclusive Special Court) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 14

धारा 14(1) के अनुसार, एक या अधिक जिलों के लिए एक अनन्य विशेष न्यायालय स्थापित करने की शक्ति किसके पास है?

राज्य सरकार

अनन्य विशेष न्यायालय की स्थापना के लिए राज्य सरकार किसकी सहमति लेगी?

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति

विशेष न्यायालय या अनन्य विशेष न्यायालय को स्थापित करने का उद्देश्य क्या है?

शीघ्र विचारण सुनिश्चित करना

कम मामले वाले जिलों में किस न्यायालय को विशेष न्यायालय के रूप में विनिर्दिष्ट किया जा सकता है?

सेशन न्यायालय

धारा 14(2) के अनुसार मामलों को कितने समय के भीतर निपटाया जाना चाहिए?

दो माह

धारा 14(3) के अनुसार विशेष न्यायालय में विचारण किस प्रकार होना चाहिए?

दिन-प्रतिदिन

आरोपपत्र दाखिल होने की तारीख से विचारण को यथासंभव कितने समय में पूरा किया जाना चाहिए?

दो माह

धारा 14 किस संशोधन द्वारा प्रतिस्थापित की गई?

अधिनियम क्रमांक 1 सन् 2016 की धारा 8 द्वारा दिनांक 26-1-2016 से

अपीलें, (Appeals) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 14()

किसी विशेष न्यायालय या किसी अनन्य विशेष न्यायालय के किसी निर्णय, दंडादेश या आदेश, जो अंतर्वर्ती आदेश नहीं है, के विरुद्ध अपील तथ्यों और विधि दोनों के संबंध में, कहाँ की जाती है?

उच्च न्यायालय में

विशेष न्यायालय द्वारा जमानत मंजूर या नामंजूर करने पर अपील कहाँ होगी?

उच्च न्यायालय

धारा 14 के अनुसार, प्रत्येक अपील, ऐसे निर्णय, दंडादेश या आदेश से, जिससे अपील की गई अपील दाखिल करने की सामान्य समय-सीमा कितनी है?

90 दिन

उच्च न्यायालय 90 दिन बाद भी अपील क्यों स्वीकार कर सकता है?

यदि पर्याप्त कारण दिखाया गया हो

अपील दाखिल करने की अंतिम सीमा (जिसके बाद स्वीकार नहीं की जाएगी) क्या है?

180 दिन

अपील का निपटान, यथासंभव, कितनी अवधि में किया जाना चाहिए?

3 माह

धारा 14() किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित की गई?

अधिनियम क्रमांक 1 सन् 2016 की धारा 9 द्वारा दिनांक 26-1-2016 से अंतःस्थापित।

विशेष लोक अभियोजक और अनन्य लोक अभियोजक, (Special Public Prosecutor and Exclusive Public Prosecutor) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 15

विशेष न्यायालय के लिए विशेष लोक अभियोजक किसके द्वारा नियुक्त किया जाता है?

राज्य सरकार

विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति किस माध्यम से की जाती है?

अधिसूचना राजपत्र में

अनन्य विशेष लोक अभियोजक किसके लिए नियुक्त किया जाता है?

अनन्य विशेष न्यायालय

राज्य सरकार अनन्य विशेष लोक अभियोजक को कैसे विनिर्दिष्ट करती है?

राजपत्र अधिसूचना द्वारा

विशेष लोक अभियोजक और अनन्य विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति में मुख्य योग्यता क्या समान है?

7 वर्ष का अधिवक्ता अनुभव

धारा 15 किस संशोधन द्वारा प्रतिस्थापित की गई?

अधिनियम क्रमांक 1 सन् 2016 की धारा 10 द्वारा दिनांक 26-1-2016 से प्रतिस्थापित

 

अध्याय-4

(CHAPTER-4A)

पीड़ित और साक्षी के अधिकार

(RIGHTS OF VICTIMS AND WITNESSES)

अध्याय 4 पीड़ित और साक्षी के अधिकार किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित किया गया?

अधिनियम क्रमांक सन् 2016 की धारा 11 द्वारा दिनांक 26-1-2016 से अंतःस्थापित

पीड़ित और साक्षी के अधिकार, (Rights of Victims and Witnesses) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 15()

पीड़ितों, आश्रितों और साक्षियों को अभित्रास, प्रपीड़न या हिंसा से संरक्षण प्रदान करने का प्राथमिक कर्तव्य किसका है?

राज्य सरकार

पीड़ित के साथ व्यवहार कैसा होना चाहिए?

निष्पक्षता, सम्मान और गरिमा के साथ

पीड़ित को किस कार्यवाही की सूचना पाने का अधिकार है?

जमानत सहित सभी न्यायालयीय कार्यवाही की

पीड़ित/साक्षी के उत्पीड़न पर दर्ज शिकायत का निवारण अधिकतम कितने समय में किया जाना चाहिए?

2 माह

एफ आई आर की एक फोटो कॉपी पीड़ित, सूचनाकर्ता या साक्षी को कब दी जानी चाहिए?

तुरंत तथा निःशुल्क

पीड़ितों और साक्षियों के अधिकारों के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार को क्या करना आवश्यक है?

एक उचित स्कीम विनिर्दिष्ट करना

अत्याचार से पीड़ितों या उनके आश्रितों का किससे सहायता लेने का अधिकार होगा?

गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं या अधिवक्ताओं से

 

अध्याय-5

(CHAPTER-5)

प्रकीर्ण

(MISCELLANEOUS)

राज्य सरकार की सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने की शक्ति, (Power of State Government to impose collective fine) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 16

धारा 16 के अनुसार सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने हेतु कौन सा अधिनियम लागू होगा?

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 10

धारा 16 में संदर्भित धारा 10 किस उद्देश्य के लिए लागू होगी?

सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने और वसूल करने के लिए और उससे संबद्ध सभी अन्य विषयों के लिये

विधि और व्यवस्था तंत्र द्वारा निवारक कार्रवाई, (Preventive action to be taken by the law and order machinery) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 17

धारा 17 के अंतर्गत किसके द्वारा उस क्षेत्र को अत्याचार ग्रस्त क्षेत्र घोषित तथा शांति और सदाचार बनाए रखने तथा लोक व्यवस्था और प्रशांति बनाए रखने के लिये आवश्यक कार्रवाई और निवारक कार्रवाई होगी?

 

जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या किसी अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट या किसी पुलिस अधिकारी को, जो पुलिस उप-अधीक्षक की पंक्ति से नीचे का हो

धारा 17 के अनुसार निवारक कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी का न्यूनतम पद कौन सा होना चाहिए?

सहायक पुलिस अधीक्षक (उप-अधीक्षक) या उससे ऊपर

अत्याचार ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने का उद्देश्य क्या है?

शांति, सदाचार बनाए रखना और निवारक कार्रवाई करना

धारा 17(2) के अनुसार किन कानून के उपबंध निवारक कार्रवाई में लागू होंगे?

दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय 8, अध्याय 10 और अध्याय 11 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अध्याय 9, 11 और 12)

अधिनियम के अधीन अपराध करने वाले व्यक्तियों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 482) का लागू होना, (Section 438 of the Code not to Apply to Persons Committing an offence Under the Act) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 18

धारा 18 के अनुसार किसकी कोई शक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत अपराधों पर लागू नहीं होगी?

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 482)

धारा 18 के अनुसार किस मामले में धारा 482 लागू नहीं होगी?

किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी, जो अधिनियम के अपराध के लिए अभियुक्त है

किसी जांच या अनुमोदन का आवश्यक होना, (No Enquiry or Approval Required) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 18()

धारा 18 के अनुसार किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रथम इत्तिला रिपोर्ट के रजिस्ट्रीकरण के लिए क्या आवश्यक नहीं है?

प्रारंभिक जांच

धारा 18 के अनुसार गिरफ्तारी से पूर्व किसकी अनुमति आवश्यक नहीं है?

अन्वेषक अधिकारी का अनुमोदन

धारा 18 में किस धारा के उपबंध लागू नहीं होंगे?

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 482)

इस अधिनियम के अधीन अपराध के लिए दोषी व्यक्तियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 401 या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के उपबन्ध का लागू होना, (Section 360 of the Code or the provisions of the Probation of Offenders Act not to Apply to Persons Guilty of an offence under the Act) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 19

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 360 (नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 401) के उपबन्ध और अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 (1958 का 20) के उपबन्ध लागू नहीं होंगे जो -

18 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति जो इस अधिनियम के अधीन दोषी पाए गए हों

अधिनियम का अन्य विधियों पर अध्यारोही होना, (Act to override other laws) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 20

धारा 20 के अनुसार इस अधिनियम के उपबंध किस पर प्रभावी होंगे?

तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि, रूढ़ि, प्रथा या लिखत पर

अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का सरकार का कर्तव्य, (Duty of Government to Ensure Effective Implementation of the Act) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 21

धारा 21(1) के अनुसार राज्य सरकार अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु उपाय करती है

केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अधीन

धारा 21 के अनुसार प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उठाए जाने वाले उपाय

आवश्यकता अनुसार सभी उपयुक्त उपाय

सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण, (Protection of Action taken in Good Faith) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 22

धारा 22 के अंतर्गत कौन-सी कार्रवाई संरक्षित है?

सद्भावपूर्वक की गई या करने के लिए आशयित कार्रवाई

धारा 22 के अनुसार किसके विरुद्ध कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगा?

केंद्रीय सरकार के विरुद्ध या राज्य सरकार या सरकार के किसी अधिकारी या प्राधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध

नियम बनाने की शक्ति, (Power to Make Rule) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 23

धारा 23(1) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

केंद्र सरकार

केंद्र सरकार नियम किस माध्यम से जारी करती है?

राजपत्र में अधिसूचना

नियमों को संसद में रखने की कुल अवधि कितनी होनी चाहिए?

30 दिन

 

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