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किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (THE JUVENILE JUSTICE (CARE AND PROTECTION OF CHILDREN) ACT, 2015) |
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(2016 का अधिनियम संख्यांक 2) (ACT NO. 2 OF 2016) |
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? |
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 |
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किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का अधिनियम क्रमांक क्या है? |
2016 का अधिनियम संख्यांक 2 |
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अध्याय 1 |
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प्रारंभिक (Preliminary) |
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संक्षिप्त नाम, विस्तार प्रारंभ और लागू होना (Short Title, Extent, Commencement and Application) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 1 |
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किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 कब से प्रवर्तन में है? |
15 जनवरी, 2016 से |
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इस अधिनियम का विस्तार भरता के किस क्षेत्र पर है? |
संपूर्ण भारत पर अधिनियम क्रमांक 34 सन् 2019, अनुसूची 5, द्वारा दिनांक 31-10-2019 से "जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" शब्दों का लोप किया गया |
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अभियुक्त की किशोरता की गणना की तिथि किस केस का मुख्य मुद्दा था? |
भोला भगत बनाम बिहार राज्य |
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किस मामले में न्यायालय ने गिरफ्तारी की तिथि से किशोरता की गणना को स्पष्ट किया? |
राजेंद्र चंद्र बनाम चंडीगढ़ प्रशासन |
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यदि कोई बालक अपराध करता है 14 जनवरी 2016 को, तो क्या उस पर अधिनियम, 2015 लागू होगा? |
नहीं |
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"परित्यक्त बालक" (Abandoned Child) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(1) |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(1) के अनुसार "परित्यक्त बालक" कौन होता है? |
अपने जैविक या दत्तक माता-पिता या संरक्षक द्वारा अभिव्यक्त ऐसा बालक अभिप्रेत है जिसे समिति द्वारा सम्यक् जांच के पश्चात् परित्यक्त घोषित किया गया है |
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यदि कोई नवजात बच्चा सड़क किनारे लावारिस हालत में पाया जाता है, तो वह किस श्रेणी में आता है? |
परित्यक्त बालक |
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परित्यक्त बालकों की देखरेख किसके अधीन होती है? |
बाल कल्याण समिति |
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यदि किसी बच्चे को अस्पताल के पास छोड़ा गया और कोई अभिभावक नहीं आता, तो वह किस श्रेणी में आएगा? |
परित्यक्त बालक |
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"दत्तकग्रहण" (Adoption) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(2) |
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धारा 2(2) के अनुसार "दत्तकग्रहण" का मतलब क्या है? |
किसी बालक को कानूनी प्रक्रिया द्वारा गोद लेना और उसकी देखभाल करना |
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दत्तकग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और बच्चों के हित से सम्बंधित केस कौन सा है? |
“शबनम हाशमी बनाम भारत संघ” |
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दत्तकग्रहण विनियम (Adoption Regulations) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(3) |
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धारा 2(3) के अनुसार 'दत्तकग्रहण विनियम' का क्या अर्थ है? |
प्राधिकरण द्वारा विरचित और केन्द्रीय सरकार द्वारा, दत्तकग्रहण के संबंध में अधिसूचित विनियम |
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पश्चात्वर्ती देखरेख (Aftercare)किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(5) |
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धारा 2(5) के अनुसार "पश्चात्वर्ती देखरेख" का क्या अर्थ है? |
वे बालक जिन्होंने समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए किसी संस्थागत देखरेख का त्याग कर दिया है, वित्तीय और अन्यथा सहायता का उपबंध किया जाना अभिप्रेत है |
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पश्चात्वर्ती देखरेख किस प्रकार के बालकों के लिए लागू होती है? |
वे बालक, जिन्होंने अठारह वर्ष की आयु पूरी कर ली है, किन्तु इक्कीस वर्ष की आयु पूरी नहीं की है |
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किस केस में न्यायालय ने पश्चात्वर्ती देखरेख के पहलू, सुधार गृह से निकलने के बाद सामाजिक पुनर्वास पर ध्यान देना, पर बल दिया? |
रीना बनाम महाराष्ट्र राज्य |
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प्राधिकरण (Authority) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(7) |
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धारा 2(7) के अनुसार 'प्राधिकरण' का क्या अर्थ है? |
धारा 68 के अधीन गठित केन्द्रीय दत्तकग्रहण स्रोत प्राधिकरण अभिप्रेत है |
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भीख मांगना (Begging) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(8) |
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धारा 2(8) के अनुसार 'भीख मांगना' का क्या अर्थ है? |
किसी लोक स्थान पर अथवा किसी प्राइवेट परिसर में भिक्षा की याचना करने या उसे प्राप्त करने के प्रयोजन के लिए प्रवेश करना, भिक्षा अभिप्राप्त करने या उद्दापित करने के उद्देश्य से कोई व्रण, घाव, अंग विकार या रोग अभिदर्शित या प्रदर्शित करना, अभिप्रेत है |
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बालक का सर्वोत्तम हित (Best Interest of Child) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(9) |
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धारा 2(9) के अनुसार 'बालक का सर्वोत्तम हित' का क्या अर्थ है? |
बालक के सम्पूर्ण कल्याण, सुरक्षा, विकास और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना |
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बोर्ड (Board) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(10) |
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धारा 2(10) के अनुसार 'बोर्ड' से क्या अभिप्राय है? |
धारा 4 के अधीन गठित किशोर न्याय बोर्ड अभिप्रेत है; |
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बोर्ड का मुख्य कार्य क्या है? |
इस अधिनियम के अधीन विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के संबंध में शक्तियों का प्रयोग करने और उसके कृत्यों का निर्वहन करना |
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केन्द्रीय प्राधिकरण (Central Authority) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(11) |
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धारा 2(11) के अनुसार 'केन्द्रीय प्राधिकरण' का क्या अर्थ है? |
बाल संरक्षण और अंतरदेशीय दत्तकग्रहण की बाबत सहयोग संबंधी हेग कन्वेंशन (1993) के अधीन उस रूप में मान्यताप्राप्त सरकारी विभाग |
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बालक (Child) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(12) |
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धारा 2(12) के अनुसार 'बालक' किसे कहा गया है? |
18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति |
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बालक की परिभाषा में किन व्यक्तियों को शामिल नहीं किया गया है? |
18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति |
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विधि का उल्लंघन करने वाला बालक (Child In Conflict With Law) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(13) |
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धारा 2(13) के अनुसार 'विधि का उल्लंघन करने वाला बालक' किसे कहते हैं? |
वह बालक जो किसी अपराध का आरोपी हो और जिसकी आयु 18 वर्ष से कम हो |
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किशोर न्याय अधिनियम में 'विधि का उल्लंघन करने वाला बालक' को किस प्रकार के मामले में शामिल किया जाता है? |
किसी भी अपराध में आरोपी बालक के रूप में |
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किस केस में विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के संरक्षण पर निर्णय दिया गया कि, बालकों को दंडित करने की बजाय सुधारने और पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए? |
"बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत संघ " |
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देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाला बालक (Child In Need of Care And Protection) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(14) |
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धारा 2(14) के अनुसार 'देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाला बालक' किसे कहा जाता है? |
वह बालक जिसे सामाजिक, पारिवारिक या अन्य कारणों से विशेष देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता हो |
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देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाला बालक ऐसा बालक अभिप्रेत है जो- |
जो श्रम विधियों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, जो भिक्षावृत्ति करते हुए पाया जाता है, जो आवारा पाया जाता है
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देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के उदाहरण क्या हैं? |
अनाथ, परित्यक्त, भटकते हुए, बाल मजदूरी करने वाले बालक, इत्यादि |
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बालक हितैषी (Child Friendly) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(15) |
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धारा 2(15) के अनुसार 'बालक हितैषी' किसे कहा जाता है? |
वह व्यक्ति जो बालक के सर्वोत्तम हित के लिए कार्य करता है |
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बालक का दत्तकग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र होना (Child Legally Free for Adoption) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(16) |
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धारा 2(16) के अनुसार 'बालक का दत्तकग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र होना' का क्या मतलब है? |
बालक जिस पर कोई विवाद न हो और जिसके लिए दत्तक ग्रहण करने की कानूनी अनुमति हो, धारा 38 के अधीन सम्यक् जांच के पश्चात् समिति द्वारा उस रूप में घोषित किया गया बालक अभिप्रेत है |
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अधिनियम के अनुसार बालक का दत्तकग्रहण विधिक रूप से स्वतंत्र कब माना जाएगा? |
जब बालक के माता-पिता या अभिभावक ने उसकी सहमति दी हो, बालक की देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था की गई हो, बालक अनाथ हो या अभिभावक की देखरेख से बाहर हो |
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किस केस में बालक के दत्तक ग्रहण के लिए विधिक स्वतंत्रता पर निर्देश दिए गए कि, दत्तक ग्रहण के लिए बालक की सुरक्षा और हित सर्वोपरि होना चाहिए? |
शिवानी गर्ग बनाम भारत संघ |
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बालक कल्याण अधिकारी (Child Welfare Officer) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(17) |
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धारा 2(17) के अनुसार 'बालक कल्याण अधिकारी' कौन होता है? |
समिति या बोर्ड द्वारा दिए गए निदेशों का ऐसे उत्तरदायित्व से, जो विहित किया जाए, पालन करने के लिए 1[बालक देखरेख संस्था] से जुड़ा कोई अधिकारी अभिप्रेत है |
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बालक कल्याण अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी क्या है? |
बालकों की देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करना |
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किस केस में निर्णय दिया गया कि बालक कल्याण अधिकारी को बालक के हितों की रक्षा करना आवश्यक है? |
पंजाब राज्य बनाम जगजीत सिंह |
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बालक कल्याण अधिकारी को किन-किन अधिकारों और कर्तव्यों से संपन्न किया जाता है? |
बालक की देखरेख करना, पुनर्वास करना, और आवश्यक सेवाएँ प्रदान करना |
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बालक कल्याण पुलिस अधिकारी (Child Welfare Police Officer) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(18) |
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धारा 2(18) के अनुसार 'बालक कल्याण पुलिस अधिकारी' कौन होता है? |
धारा 107 की उपधारा (1) के अधीन उस रूप में पदाभिहित कोई अधिकारी अभिप्रेत है |
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धारा 107 की उपधारा (1) के अधीन पदाभिहित बालक कल्याण पुलिस अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी क्या है? |
बालकों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों की रक्षा |
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किस केस में बालक कल्याण पुलिस अधिकारी की भूमिका पर निर्णय दिया गया कि, बालक कल्याण पुलिस अधिकारी को बालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए? |
महाराष्ट्र राज्य बनाम आर.के. शर्मा " |
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बाल गृह (Children’s Home) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(19) |
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धारा 2(19) के अनुसार 'बाल गृह' क्या होता है? |
ऐसा स्थान जहाँ बालकों की देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास के लिए रखा जाता है |
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बालक न्यायालय (Children’s Court) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(20) |
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धारा 2(20) के अनुसार 'बालक न्यायालय' क्या होता है? |
ऐसा विशेष न्यायालय जो बालकों के मामलों की सुनवाई करता है |
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बालक न्यायालय की स्थापना किसके द्वारा की जाती है? |
राज्य सरकार द्वारा |
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बालक न्यायालय किस प्रकार के मामलों की सुनवाई करता है? |
बालकों से संबंधित अपराध, देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास के मामले |
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न्यायालय के अन्तर्गत आते हैं- |
सेशन न्यायालय |
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बालक देखरेख संस्था (Child Care Institution) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(21) |
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धारा 2(21) के अनुसार 'बालक देखरेख संस्था' क्या है? |
वह संस्था जो बालकों की देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास के लिए स्थापित की जाती है |
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बालक देखरेख संस्था किस प्रकार की होती है? |
बालगृह, खुला आश्रय, संप्रेक्षण गृह, विशेष गृह, सुरक्षित स्थान, विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण और उन बालकों की देखरेख और संरक्षा, जिन्हें ऐसी सेवाओं की आवश्यकता है, करने के लिए इस अधिनियम के अधीन मान्यताप्राप्त कोई उचित सुविधा तंत्र अभिप्रेत है |
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बालक देखरेख संस्था का मुख्य उद्देश्य क्या होता है? |
बालकों को सुरक्षित आवास, देखभाल और पुनर्वास प्रदान करना |
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समिति (Committee) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(22) |
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धारा 2(22) के अनुसार 'समिति' का क्या अर्थ है? |
वह समिति जो धारा 27 के अधीन राज्य सरकार द्वारा गठित की जाती है |
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समिति का मुख्य कार्य क्या होता है? |
बालकों के हितों की देखरेख और संरक्षण के लिए आवश्यक कार्य करना |
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न्यायालय (Court) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(23) |
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इस अधिनियम के अधीन न्यायालय से अभिप्रेत है |
ऐसा सिविल न्यायालय जिसे दत्तकग्रहण एवं संरक्षकता के मामलों में अधिकारिता प्राप्त है |
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न्यायालय के अन्तर्गत आते हैं- |
जिला न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, नगर सिविल न्यायालय
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शारीरिक दंड (Corporal Punishment) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(24) |
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धारा 2(24) के अनुसार 'शारीरिक दंड' का क्या अर्थ है |
बालकों पर शरीर पर चोट पहुँचाने या दर्द देने वाला कोई भी दंड |
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बालबद्ध सेवाओं (Childline Services) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(25) |
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धारा 2(25) के अनुसार 'बालबद्ध सेवाएं' का क्या अर्थ है? |
बालकों के संरक्षण, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के लिए दी जाने वाली सेवाएं |
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बालबद्ध सेवाओं का उद्देश्य क्या होता है? |
बालकों के सर्वांगीण विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना |
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जिला बालक संरक्षण एकक (District Child Protection Unit) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(26) |
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धारा 2(26) के अनुसार 'जिला बालक संरक्षण एकक' का क्या अर्थ है? |
वह एकक जो जिले में बालकों के संरक्षण और देखरेख के लिए स्थापित किया जाता है |
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जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(26-क) |
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धारा 2(26-क) के अन्तर्गत जिला मजिस्ट्रेट के अधीन और कौन शामिल है? |
जिले का अपर जिला मजिस्ट्रेट |
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संरक्षक (Guardian) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(31) |
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धारा 2(31) के अनुसार 'संरक्षक' का क्या अर्थ है? |
उसका नैसर्गिक संरक्षक या जो बालक के हितों की देखरेख और संरक्षण करता है, और उसके अधिकारों की रक्षा करता है |
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'संरक्षक' की भूमिका में क्या शामिल है? |
बालक की देखरेख, संरक्षण, शिक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करना |
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जघन्य अपराध (Heinous offences) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(33) |
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जघन्य अपराध (Heinous offences) के अन्तर्गत आते हैं- |
7 वर्ष या उससे अधिक दण्ड से दण्डनीय अपराध |
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धारा 2(33) के अनुसार 'जघन्य अपराध' का क्या अर्थ है? |
ऐसा अपराध जिसके लिए दंड मृत्यु या उम्रकैद हो सकता है या जो 7 वर्ष से अधिक कैद का दंड तय करता हो |
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किस केस में जघन्य अपराध पर प्रमुख निर्देश दिए गए कि, बालकों की संवेदनशील सुनवाई और पुनर्वास के उपाय अपनाए जाएं? |
दिल्ली किशोर न्याय बोर्ड बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र राज्य |
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किशोर (Juvenile) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(35) |
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धारा 2(35) के अनुसार 'किशोर' की परिभाषा क्या है? |
ऐसा व्यक्ति जिसकी उम्र 10 से 18 वर्ष के बीच हो |
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अनिवासी भारतीय (Non-Resident Indian) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(38) |
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धारा 2(38) के अनुसार 'अनिवासी भारतीय' का क्या अर्थ है? |
ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके पास भरतीय पासपोर्ट है और वर्तमान में एक से अधिक वर्ष से विदेश में रह रहा है |
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अधिसूचना (Notification) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(39) |
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धारा 2(39) के अनुसार 'अधिसूचना' का क्या अर्थ है? |
भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित कोई आधिकारिक सूचना या आदेश |
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संप्रेक्षण गृह (Observation Home) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(40) |
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धारा 2(40) के अनुसार 'संप्रेक्षण गृह' क्या है? |
वह संस्थान जहाँ बालकों को अस्थायी रूप से रखा जाता है |
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संप्रेक्षण गृह का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
बालकों की अस्थायी देखरेख और सुधार |
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किशोर न्याय अधिनियम के तहत संप्रेक्षण गृह की स्थापना किसके द्वारा की जाती है? |
राज्य सरकार या संबंधित प्राधिकरण द्वारा |
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खुला आश्रय (Open Shelter) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(41) |
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धारा 2(41) के अनुसार 'खुला आश्रय' का क्या अर्थ है? |
राज्य सरकार द्वारा धारा 43 की उपधारा (1) के अधीन स्वयं द्वारा या किसी स्वैच्छिक या गैर-सरकारी संगठन के माध्यम से स्थापित और अनुरक्षित तथा उस धारा में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए उस रूप में रजिस्ट्रीकृत सुविधा तंत्र अभिप्रेत है |
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खुला आश्रय का उद्देश्य क्या है? |
बालकों को सुरक्षित वातावरण में रखकर उनकी देखरेख करना |
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खुला आश्रय की स्थापना किसके द्वारा की जाती है? |
राज्य सरकार |
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अनाथ (Orphan) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(42) |
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धारा 2(42) के अनुसार 'अनाथ' का क्या अर्थ है? |
वह बालक जिसका कोई जीवित माता-पिता नहीं है या जो अपने माता-पिता से अभिभावकीय संरक्षण प्राप्त नहीं करता |
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'अनाथ' बालक की पहचान किस आधार पर की जाती है? |
माता-पिता की मृत्यु या अभिभावकीय संरक्षण का अभाव |
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विदेशी भारतीय नागरिक (Overseas Citizen of India) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(43) |
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धारा 2(43) के अनुसार "विदेशी भारतीय नागरिक" का क्या अर्थ है? |
नागरिकता अधिनियम, 1955 (1955 का 57) के अधीन उस रूप में रजिस्ट्रीकृत कोई व्यक्ति |
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छोटे अपराधों (Petty Offences) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(45) |
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धारा 2(45) के अनुसार "छोटे अपराध" का क्या अर्थ है? |
वह अपराध जिसकी सजा तीन वर्ष तक की कारावास या जुर्माना हो सकता है |
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"छोटे अपराधों" की श्रेणी में कौन से अपराध आते हैं? |
चोरी, जालसाजी जैसी मामूली प्रकृति के अपराध |
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परिवीक्षा अधिकारी (Probation Officer) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(48) |
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धारा 2(48) के अनुसार "परिवीक्षा अधिकारी" किसे कहा जाता है |
राज्य सरकार द्वारा अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 (1958 का 20) के अधीन परिवीक्षा अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया |
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लोक स्थान (Public Place) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(50) |
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धारा 2(50) के अनुसार "लोक स्थान" का क्या अर्थ है? |
वही अर्थ होगा, जो अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 (1956 का 104) में है |
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घोर अपराध (Serious Offences) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(54) |
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धारा 2(54) के अनुसार "घोर अपराध" किसे कहते हैं? |
बी एन एस 2023 या अन्य विधि के अधीन - 3 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष से अनधिक की अवधि के न्यूनतम कारावास के दंड का उपबंध, या 7 वर्ष से अधिक के अधिकतम कारावास का उपबंध, किंतु कोई न्यूनतम कारावास या 7 वर्ष से कम के न्यूनतम कारावास का उपबंध नहीं है |
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विशेष गृह (Special Home) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(56) |
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"विशेष गृह" किसके लिए स्थापित किया जाता है? |
ऐसे बालकों के लिए, जिनके बारे में जांच के माध्यम से यह पाया जाता है कि उन्होंने अपराध कारित किया है |
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राज्य सरकार (State Government) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(59) |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अनुसार "राज्य सरकार" का क्या अर्थ है? |
किसी संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में, संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त उस संघ राज्यक्षेत्र का प्रशासक |
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अभ्यर्पित बालक (surrendered child) किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(60) |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अनुसार अभ्यर्पित बालक" का क्या अर्थ है? |
ऐसा बालक जिसका, माता-पिता अथवा संरक्षक द्वारा, शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक कारकों के कारण, जो उनके नियंत्रण से परे हैं, समिति को त्यजन कर दिया गया है और समिति द्वारा उस रूप में उसे ऐसा घोषित किया गया है |
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अध्याय 2 |
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बालकों की देखरेख और संरक्षण के साधारण सिद्धांत (General Principles of Care and Protection of Children) |
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अधिनियम के प्रशासन में अनुसरित किए जाने वाले साधारण सिद्धांत (General Principles to be Followed in Administration of Act) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 3 |
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अधिनियम के प्रशासन में अनुसरित किए जाने वाले साधारण सिद्धांत किसके द्वारा मार्गदर्शित होंगे? |
केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकारें, 1[बोर्ड, समिति या] अन्य अभिकरण |
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बालक का देखरेख और संरक्षण का साधारण सिद्धान्त क्या है? |
सर्वोत्तम हित का सिद्धान्त, सुरक्षा का सिद्धान्त, नैसर्गिक न्याय का सिद्धान्त, एकान्तता और गोपनीयता का सिद्धान्त |
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निदर्दोष होने की उपधारणा का सिद्धान्त का क्या तात्पर्य है? |
कोई बालक 18 वर्ष की आयु तक किसी असद्भाव या आपराधिक आशय का निर्दोष होना उपधारित किया जायेगा |
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भाग लेने का सिद्धांत का क्या तात्पर्य है?
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प्रत्येक बालक को सुने जाने का और उसके हितों को प्रभावित करने वाली सभी आदेशिकाओं और विनिश्चयों में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है और बालक के दृष्टिकोण पर बालक की आयु और परिपक्वता को सम्यक् ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा। |
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सुरक्षा का सिद्धान्त का क्या तात्पर्य है? |
यह सुनिश्चित करने के लिए कि बालक सुरक्षित है और देखरेख तथा संरक्षण-पद्धति के संपर्क में रहते हुए और उसके पश्चात् उसकी कोई अपहानि, उससे दुर्व्यवहार या बुरा बर्ताव नहीं किया जाता है, सभी उपाय किए जाने चाहिएं। |
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एकांतता और गोपनीयता के अधिकार का सिद्धांत का क्या तात्पर्य है? |
प्रत्येक बालक को सभी साधनों द्वारा और संपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया में अपनी एकांतता और गोपनीयता की संरक्षा करने का अधिकार प्राप्त होगा। |
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नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का क्या तात्पर्य है? |
इस अधिनियम के अधीन न्यायिक हैसियत में कार्य करते हुए सभी व्यक्तियों या निकायों द्वारा ऋजुता के बुनियादी प्रक्रियात्मक मानकों का, जिनके अंतर्गत निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार, पक्षपात के विरुद्ध नियम और पुनर्विलोकन का अधिकार भी है, पालन किया जाना चाहिए |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रशासन में अनुसरित किए जाने वाले प्रमुख सिद्धांत क्या हैं? |
बालक के सर्वोत्तम हित और पुनर्वास पर केंद्रित |
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अधिनियम के प्रशासन में कौन सा सिद्धांत सर्वोपरि माना गया है? |
बालक के पुनर्वास का सिद्धांत |
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किशोर न्याय अधिनियम के प्रशासन में किस प्रकार के निर्णय प्राथमिकता पाते हैं? |
देखरेख और संरक्षण से जुड़े निर्णय |
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किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रशासन में बालक के सर्वोत्तम हित को महत्व दिया? |
ललिता कुमार बनाम भारत सरकार (2013) |
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अध्याय 3 |
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किशोर न्यायिक बोर्ड (Juvenile Justice Board) |
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किशोर न्यायिक बोर्ड (Juvenile Justice Board) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 4 |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत किशोर न्यायिक बोर्ड का गठन किसके द्वारा किया जाता है? |
राज्य सरकार |
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किशोर न्यायिक बोर्ड का मुख्य कार्य क्या है? |
इस अधिनियम के अधीन विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के संबंध में शक्तियों का प्रयोग करना और उसके कृत्यों का निर्वहन करना |
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किशोर न्यायिक बोर्ड में सदस्य कौन हो सकते हैं? |
एक ऐसे महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट, जो मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जिसे इसमें इसके पश्चात् प्रधान मजिस्ट्रेट कहा गया है) न हो. जिसके पास कम से कम तीन वर्ष का अनुभव हो और दो ऐसे सामाजिक कार्यकता |
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किशोर बोर्ड में सम्मिलित होते हैं- |
न्यायिक मजिस्ट्रेट दो सामाजिक कार्यकर्ता |
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किशोर न्याय बोर्ड को किसकी शक्ति प्राप्त है? |
प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट, और मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट |
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किशोर न्याय बोर्ड में दो सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता होते हैं, उनकी नियुक्ति तभी की जा सकती है जब- |
वह कम से कम 7 वर्ष से बालकों के कल्याणकारी कार्यकलापों में सक्रिय रहा हो, वह बाल मनोविज्ञान की उपाधि के साथ व्यवसायिक व्यवसाय कर रहा है |
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राज्य सरकार सदस्यों की नियुक्ति के कितने दिनों के भीतर उनको प्रशिक्षण प्रदान करेगी? |
नियुक्ति की तारीख से 60 दिन के भीतर |
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किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य की नियुक्ति समाप्त की जा सकेगी यदि वह- |
इस अधिनियम के अधीन निहित शक्ति के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है, लगातार 3 मास तक किसी विधिमान्य कारण के बिना बोर्ड की कार्यवाही में उपस्थिति होने में असफल रहा है, किसी वर्ष में तीन-चौथाई से भी कम उपस्थिति रहा है |
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सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में किशोर न्यायिक बोर्ड की भूमिका को महत्व दिया? |
बाल अधिकार संरक्षण समिति बनाम भारत सरकार (2017) |
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किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किशोर न्यायिक बोर्ड के निर्णय में पारदर्शिता और संवेदनशीलता की आवश्यकता बताई? |
राघवेंद्र सिंह बनाम राज्य (2018) |
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किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने किशोर न्यायिक बोर्ड के फैसलों को लागू करने के निर्देश दिए? |
शिशु संरक्षण समिति बनाम राज्य (2019) |
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किशोर न्यायिक बोर्ड के कार्यकाल की अवधि समाप्त होने पर पुनर्नियुक्ति का अधिकार किसके पास होता है? |
राज्य सरकार |
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उस व्यक्ति का स्थानन, जो जांच की प्रक्रिया के दौरान बालक नहीं रह जाता है (Placement of Person, Who Cease to Be a Child During Process of Inquiry) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 5 |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 5 के अनुसार, यदि जांच प्रक्रिया के ऐसी जांच के दौरान वह बालक अठारह वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उसके स्थानन की व्यवस्था कौन करता है? |
वहां, इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, बोर्ड द्वारा जांच जारी रखी जा सकेगी और उस व्यक्ति के विरुद्ध आदेश इस रूप में पारित किए जा सकेंगे मानो ऐसा व्यक्ति अभी भी बालक है |
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उस व्यक्ति का स्थानन, जिसने अपराध तब किया था जब वह व्यक्ति अठारह वर्ष से कम आयु का था (Placement of Persons, Who Committed an Offence, When Person Was Below the Age of Eighteen Years) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 6 |
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बोर्ड के संबंध में प्रक्रिया (Procedure in relation to Board) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 7 |
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धारा 7 के अनुसार, किशोर न्याय बोर्ड की कार्यवाही के लिए न्यूनतम कितने सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होती है जब अंतिम आदेश पारित किया जाना हो? |
दो सदस्य |
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यदि बोर्ड के सदस्य किसी मामले में एकमत न हों, तो निर्णय किस प्रकार लिया जाता है? |
वहाँ प्रधान मजिस्ट्रेट की राय अभिभावी होगी। |
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बोर्ड की शक्तियां कृत्य और उत्तरदायित्व (Powers, functions and responsibilities of the Board) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 8 |
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किशोर न्याय बोर्ड के कृत्य है- |
मामले का निस्तारण, अन्तिम आदेश पारित करना, वयस्कों के लिए आशयित कारागारों का नियमित निरीक्षण, परिवीक्षा अधिकारी को रिपोर्ट देने के लिए निदेश देना |
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किशोर न्याय बोर्ड यह अभिनिश्चित करने के लिए किन परिस्थितियों में अभिकथित अपराध कारित किया गया था, किसको रिपोर्ट देने के लिए निदेश देगा? |
परिवीक्षा अधिकारी |
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धारा 8 के अंतर्गत बोर्ड को किसके पुनर्वास की योजना बनानी होती है? |
बालक की |
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बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह बालकों को वयस्क जेल में रखने से संबंधित किस प्रकार की जांच करे? |
स्थान निरीक्षण |
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किस केस में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया जो धारा 8 बच्चों के लिए पृथक रखने और उचित देखभाल की अनिवार्यता से जुड़ा है? |
शीला बारसे बनाम भारत संघ |
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ऐसे मजिस्ट्रेट द्वारा अनुसरित की जाने वाली प्रक्रिया जिसे इस अधिनियम के अधीन सशक्त नहीं नहीं किया गया गया है (Procedure to Be Followed by A Magistrate Who Has Not Been Empowered Under This Act) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 9 |
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किसी बालक को ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है जो बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सशक्त नहीं है, क्या प्रक्रिया अपनायेगा? |
बालक को अधिकारिता रखने वाले बोर्ड के समक्ष भेज देगा |
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मजिस्ट्रेट यदि यह पाता है कि आरोपी बालक है, तो क्या उसके पास मामला रखने का अधिकार है? |
नहीं, उसे अनिवार्य रूप से बोर्ड को भेजना होता है |
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अध्याय 4 |
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विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के संबंध में प्रक्रिया (Procedure In Relation to Children in Conflict with Law) |
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विधि का उल्लंघन करने वाले अभिकथित बालक की गिरफ्तारी (Apprehension of Child Alleged to Be in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 10 |
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विधि विरोधी होना अभिकथित बालक की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा की जा सकती है- |
धारा 10 के अन्तर्गत |
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विधि विरोधी अभिकथित बालक को गिरफ्तार करके पुलिस किसके समक्ष पेश करती है? |
बाल विशेष पुलिस इकाई, पदाभिहित बालक बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के समक्ष |
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क्या किसी बालक को थाने में रात भर रखने की अनुमति है? |
नहीं, बालक को थाने में नहीं रखा जा सकता |
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गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारी को क्या सुनिश्चित करना चाहिए? |
बालक की आयु और अधिकारों के संरक्षण की सूचना देना |
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धारा 10 के अनुसार, बालक को गिरफ्तारी के बाद कहां भेजा जाना चाहिए? |
बाल गृह |
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धारा 10 के अनुसार, बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अधिकतम कितने समय में प्रस्तुत करना अनिवार्य है? |
24 घंटे |
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यदि कोई बालक बिना वारंट के पकड़ा गया है, तो उसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए? |
उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाए |
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ऐसे व्यक्ति की भूमिका, जिसके प्रभार में विधि का उल्लंघन करने वाला बालक रखा गया है (Role of Person in Whose Charge Child in Conflict with Law Is Placed) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 11 |
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ऐसे व्यक्ति की जमानत जो दृश्यमान रूप से विधि का उल्लंघन करने वाला अभिकथित बालक है (Bail to A Person Who Is Apparently a Child Alleged to Be in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 12 |
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विधि विरुद्ध अभिकथित बालक की जमानत दी जा सकेगी- |
धारा 12 के अधीन |
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अधिनियम की धारा 12 के अधीन विधि-विरोधी बालक की जमानत कौन दे सकेगा? |
पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड |
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जब विधि विरुद्ध बालक जमानत आदेश की शतौँ को पूरा करने में असमर्थ है तब बोर्ड जमानत की शर्तों में उपान्तरण जमानत आदेश के कितने के भीतर करेगा? |
जमानत आदेश के सात दिन के भीतर |
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किशोर न्याय बोर्ड विधि-विरोधी बालक को कब जमानत देने से इन्कार कर देगा- |
जब उसे यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि- उसे छोड़े जाने पर ज्ञात अपराधिक संगठन में शामिल हो जायेगा, व्यक्ति नैतिक, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक खतरे में पड़ जायेगा, उसे छोड़े जाने से न्याय का उद्देश्य हो विफल हो जायेगा |
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क्या धारा 12 में निर्दिष्ट व्यक्ति बालक को बिना जमानत भी रख सकता है? |
हाँ, जब मामला गंभीर हो |
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किस केस में बालकों की जमानत देने में शीघ्रता आवश्यक बताई गई? |
सुधीर कुमार बनाम भारत सरकार |
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माता-पिता, संरक्षक अथवा परिवीक्षा अधिकारी को इत्तिला (Information to Parents, Guardian or Probation Officer) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 13 |
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जहाँ विधि-विरोधी होना अभिकथित बालक गिरफ्तार किया जाता है वहाँ पुलिस थाने के बालक कल्याण पुलिस अधिकारी के रूप में पदाभिहित अधिकारी या विशेष पुलिस किशोर इकाई जिसके समक्ष वह बालक लाया जाता है बालक की गिरफ्तारी करने के पश्चात् सूचना किसे देगा? |
बालक के माता-पिता को, संरक्षक को, परिवीक्षा अधिकारी को |
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जब विधि विरोधी बालक जमानत पर छोड़ा जाता है तो उसकी सूचना बोर्ड द्वारा किसे दी जायेगी? |
परिवीक्षा अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी को |
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धारा 13 के अनुसार, विधि का उल्लंघन करने वाले बालक की गिरफ्तारी के बाद किसे तुरंत सूचना देना आवश्यक होता है? |
माता-पिता, संरक्षक अथवा परिवीक्षा अधिकारी को |
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किस केस में निर्णय दिया गया था कि, माता-पिता को सूचना देना अनिवार्य है? |
संजय कुमार बनाम राज्य उत्तर प्रदेश |
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विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के बारे में बोर्ड द्वारा जांच (Inquiry by Board Regarding Child in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 14 |
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जहाँ विधि-विरोधी बालक बोर्ड के समक्ष पेश किया जाता है वहाँ बोर्ड इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार जाँच करेगा और उपयुक्त आदेश पारित करेगा- |
धारा 14 के अन्तर्गत |
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अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड को विधि विरोधी बालक के सम्बन्ध में जाँच करने की शक्ति दी गयी है? |
धारा 14 के अन्तर्गत |
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धारा 14 के अन्तर्गत बोर्ड के समक्ष बालक को पेश किये जाने की तारीख से कितने दिन के भीतर जाँच पूरी की जायेगी? |
चार माह के अन्तर्गत
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धारा 15 के अधीन जघन्य अपराधों की दशा में प्रारम्भिक निर्धारण बोर्ड के समक्ष प्रथम पेशी की तारीख से कितने दिनों के भीतर निस्तारित किया जायेगा? |
तीन माह के भीतर |
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यदि धारा 15 के अन्तर्गत चार माह के भीतर जाँच पूरी नहीं की गयी है तो बोर्ड स्वतः कितनी अवधि और बढ़ा सकता है? |
दो माह |
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धारा 14 के अन्तर्गत बोर्ड स्वतः विस्तारित अवधि के भीतर जाँच पूरा नहीं कर पाता है तब अतिरिक्त अवधि में वृद्धि कौन कर सकता है? |
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट |
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छोटे-मोटे अपराधों के मामलों में किशोर न्याय बोर्ड कौन प्रक्रिया अपनायेगा? |
संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया |
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धारा 14 के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड जाँच में कौन सी प्रक्रिया अपनायेगा? |
समन मामले के विचारण की प्रक्रिया |
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इस अधिनियम की धारा 14 के अन्तर्गत विधि विरुद्ध अभिकधित बालक के जघन्य अपराधों की जाँच में किशोर न्याय बोर्ड कौन सी प्रक्रिया अपरायेगा? |
अपराध करने की तारीख पर 16 वर्ष की आयु से कम बालक के लिए समन मामले के विचारण की प्रक्रिया, यदि बालक अपराध करने की तारीख पर 16 वर्ष से अधिक आयु का है तो वह धारा 15 के अधीन प्रारम्भिक निर्धारण करेगा |
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धारा 14 के अनुसार, विधि का उल्लंघन करने वाले बालक की जांच किसके द्वारा की जाती है? |
किशोर न्याय बोर्ड |
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किशोर न्याय बोर्ड जांच कब शुरू करता है? |
बालक की गिरफ्तारी के तुरंत बाद |
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किस केस में बोर्ड की जांच प्रक्रिया पर मुख्य निर्णय दिया गया कि, बोर्ड को जांच के दौरान बालक से पारदर्शी और संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए? |
सुमित बनाम भारत सरकार |
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बोर्ड द्वारा जघन्य अपराधों में प्रारंभिक निर्धारण (Preliminary Assessment into Heinous Offences by Board) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 15 |
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धारा 15 के अनुसार, जब बालक पर जघन्य अपराध का आरोप हो, तो प्रारंभिक निर्धारण किस द्वारा किया जाता है? |
किशोर न्याय बोर्ड |
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इस अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड को जघन्य अपराध के मामलों का प्रारम्भिक निर्धारण करने की शक्ति प्राप्त है? |
धारा 15 के अन्तर्गत |
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इस अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत किशोर न्याय बोर्ड किस बात का प्रारम्भिक निर्धारण करता है? |
ऐसे बालक की अपराध करने अपर अभिकथित अपराध के परिणामों को समझने की क्षमता का निर्धारण करना है |
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जहाँ बोर्ड आरम्भिक निर्धारण पर पाता है कि मामले का निर्धारण बोर्ड द्वारा किया जाना चाहिए वहाँ वह कौन सी प्रक्रिया अपनायेगा? |
समन मामले के विचारण की प्रक्रिया |
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प्रारम्भिक निर्धारण के बाद बोर्ड समन मामले की प्रक्रिया अपनाकर मामले को निस्तारित कर देता है तो उसके आदेश की हो सकेगी - |
अपील |
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किशोर न्याय बोर्ड किस अपराध का प्रारम्भिक निर्धारण करता है- |
जघन्य अपराध का |
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इस अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत जघन्य अपराधों का प्रारम्भिक निर्धारण किशोर न्याय बोर्ड द्वारा सामान्यतः कितनी अवधि के अन्दर पूरा कर लिया जाना चाहिए - |
4 माह के भीतर |
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जांच के लंबित होने का पुनर्विलोकन (Review of Pendency of Inquiry) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 16 |
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धारा 16 के अनुसार, किशोर न्याय बोर्ड जांच लंबित होने पर पुनर्विलोकन कब कर सकता है? |
जांच लंबित रहने पर कोई भी समय पर |
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पुनर्विलोकन का उद्देश्य क्या होता है? |
जांच की गति और निष्पक्षता सुनिश्चित करना |
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किस केस में पुनर्विलोकन जांच में देरी रोकने के लिए प्रभावी उपाय की भूमिका बताई गई? |
राहुल बनाम भारत सरकार |
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किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लम्बित जाँच का पुनर्विलोकन कौन करता है? |
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट |
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धारा 16 के अधीन उच्च स्तरीय समिति के सदस्य होते हैं- |
राज्य विधिक सेवा का कार्यपालक अध्यक्ष, गृह सचिव, गैर सरकारी संगठन के सदस्य |
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धारा 16 के अधीन गठित उच्चस्तरीय समिति का अध्यक्ष होता है- |
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का अध्यक्ष |
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इस अधिनियम की धारा 16 (2) के अधीन बोर्ड के समक्ष लम्बित मामलों की संख्या, ऐसे लम्बन की अवधि और कारणों की जाँच उच्चस्तरीय समिति द्वारा पुनर्विलोकन किया जाता है- |
प्रत्येक छः माह |
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किशोर न्याय बोर्ड द्वारा उसके समक्ष लम्बित मामलों की त्रैमासिक सूचना दी जायेगी- |
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को, जिला मजिस्ट्रेट को |
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विधि का उल्लंघन न करते पाए गए बालक के बारे में आदेश (Orders Regarding a Child Not Found to Be in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 17 |
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विधि का उल्लंघन करते पाए गए बालक के बारे में निदेश (Orders Regarding Child Found to Be in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 18 |
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इस अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत प्रारम्भिक जाँच में किशोर न्याय बोर्ड पाता है कि विधि विरोधी बालक 16 वर्ष से कम आयु का है और गम्भीर अपराध किया है तो वह क्या आदेश पारित कर सकेगा? |
माता-पिता की भर्त्सना करके घर जाने की, जुर्माना संदाय करने का आदेश, सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश, तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए |
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गम्भीर अपराध के दोषी पाये जाने पर विधि विरोधी बालक के विरुद्ध बोर्ड क्या आदेश पारित कर सकेगा? |
तीन वर्ष तक विशेष गृह में रखे जाने का आदेश, तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर माता-पिता संरक्षक या उपर्युक्त व्यक्ति के देख-रेख में रखने का आदेश, बालक को सदाचरण की परिवीक्षा पर मुक्त किये जाने और उपयुक्त सुविधा और पर्यवेक्षण में रखने का आदेश |
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16 वर्ष से कम आयु के बालक दोषी पाये जाने पर कितनी अवधि तक विशेष गृह में रखा जा सकता है? |
तीन वर्ष से अनधिक |
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16 वर्ष से कम आयु का अभिकथित विधि विरोधी बालक कहाँ रखा जा सकता है? |
विशेष गृह में |
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इस अधिनियम के अधीन विधि विरोधी बालक जो अपराध करते समय 16 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम आयु का है उसे दोषी पाये जाने पर कहाँ रखा जाता है? |
21 वर्ष तक विशेष गृह में, 21 वर्ष के बाद कारागार में |
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अधिनियम के अधीन कौन निर्धारित करता है कि बालक का विचारण वयस्क की तरह किया जाना चाहिए? |
किशोर न्याय बोर्ड |
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किशोर न्याय बोर्ड मामले को न्यायालय को अन्तरित करने का निदेश कौन देता है? |
धारा 18 (3) के अधीन |
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किशोर न्यायालय बोर्ड धारा 15 (3) के अधीन मामले का विचारण वयस्क की तरह करने के लिए अन्तरित करता है- |
बाल न्यायालय को |
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बालक न्यायालय की शक्तियां (Powers of Children’s Court) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 19 |
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धारा 19 के अनुसार, बालक न्यायालय की मुख्य शक्तियाँ क्या हैं? |
बालकों के मामलों की सुनवाई और निर्णय देना |
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बाल न्यायालय की शक्तियाँ किस धारा में दी गयी है? |
धारा 19 |
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यह कौन सुनिश्चित करेगा कि बालक को 21 वर्ष की आयु तक सुरक्षा के स्थान में भेजा जाये तत्पश्चात् कारागार में अन्तरित कर दिया जाये- |
बाल न्यायालय |
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किस केस में बालक न्यायालय की निष्पक्ष और त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने की शक्तियों पर बल दिया गया? |
रवि कुमार बनाम राज्य |
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बालक, जिसने इक्कीस वर्ष की आयु पूरी कर ली है और अभी भी सुरक्षित स्थान में ठहरने की विहित अवधि को पूरा करना है (Child Attained Age of Twenty-One Years and Yet to Complete Prescribed Term of Stay in Place of Safety) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 20 |
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विधि विरोधी बालक ने 21 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और ठहरने की और अवधि पूरी करनी है तो न्यायालय क्या कदम उठा सकता है- |
बालक को शर्तों के साथ मुक्त कर सकता है, शेष अवधि कारागार में पूरा करने का आदेश दे सकता है |
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धारा 20 के अनुसार, 21 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी यदि बालक सुरक्षित स्थान में ठहरा हुआ है, तो उसे क्या करना होगा? |
अपनी स्थिति की समीक्षा के लिए बोर्ड को सूचित करना होगा |
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आदेश, जो विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के विरुद्ध पारित न किया जा सकेगा (Order That May Not Be Passed Against a Child in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 21 |
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विधि विरोधी बालक के विरुद्ध कौन सा दण्डादेश पारित नहीं किया जा सकता है- |
मृत्यु दण्डादेश, आजीवन कारावास |
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अधिनियम की किस धारा में विधि विरोधी बालक के विरुद्ध मृत्युदण्डादेश या आजीवन कारावास पर रोक लगाया गया है? |
धारा 21 |
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धारा 21 के अनुसार, विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के विरुद्ध कौन सा आदेश पारित नहीं किया जा सकता? |
मृत्युदंड |
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किस केस में क्या कहा गया कि बालक के विरुद्ध मृत्युदंड लागू नहीं हो सकता? |
संजय कुमार बनाम राज्य |
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धारा 21 के अनुसार, विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के विरुद्ध कौन सा आदेश पारित नहीं किया जाएगा? |
उम्र कैद |
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किस केस के अनुसार, बालक के विरुद्ध मौत की सजा या आजीवन कारावास का आदेश गैरकानूनी हैं? |
नीरज वर्मा बनाम केंद्र सरकार |
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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 21 का उद्देश्य क्या है? |
बालकों को कठोर दंड से बचाना |
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दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय 8 के अधीन की कार्यवाही का बालक के विरुद्ध लागू न होना (Proceeding Under Chapter VIII of the Code of Criminal Procedure Not to Apply Against Child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 22 |
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विधि-विरोधी कथित बालक के विरुद्ध कौन सा आदेश पारित नहीं किया जा सकता- |
परिशान्ति बनाये रखने के लिए प्रतिभूति देने का आदेश, सदाचरण बनाये रखने के लिए प्रतिभूति देने का आदेश |
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धारा 22 के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के किस अध्याय की कार्यवाही बालक के विरुद्ध लागू नहीं होती? |
अध्याय 9 |
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धारा 22 के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अध्याय 9 की कार्यवाही बालक के विरुद्ध क्यों लागू नहीं होती? |
क्योंकि बालक के मामले में विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है |
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विधि का उल्लंघन करने वाले किसी बालक और ऐसे व्यक्ति की जो बालक नहीं है, संयुक्त कार्यवाहियों का न होना (No Joint Proceedings of Child in Conflict with Law and Person Not a Child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 23 |
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विधि-विरोधी कथित बालक एवं वयस्क व्यक्ति मिलकर कोई अपराध कारित करते हैं, दोनों के विरुद्ध |
संयुक्त कार्यवाही नहीं की जा सकती है |
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धारा 23 के अनुसार, विधि का उल्लंघन करने वाले बालक और बालक न होने वाले व्यक्ति की संयुक्त कार्यवाही क्यों नहीं हो सकती? |
क्योंकि दोनों के लिए अलग-अलग न्यायिक प्रक्रियाएँ हैं |
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किस केस में बालक और वयस्क की संयुक्त कार्यवाही से मना किया गया, बालक के पुनर्वास और सुधार के लिए विशेष प्रक्रिया लागू होती है? |
राम कुमार बनाम राज्य |
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धारा 23 के अनुसार, बालक और वयस्क की संयुक्त जांच का क्या परिणाम हो सकता है? |
प्रक्रिया में देरी और बालक के अधिकारों का हनन |
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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत, संयुक्त कार्यवाही न होने का उद्देश्य क्या है? |
बालक के पुनर्वास को प्राथमिकता देना |
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किसी अपराध के निष्कर्षों के आधार पर निरर्हताओं का हटाया जाना (Removal of Disqualification on The Findings of An Offence) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 24 |
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लंबित मामलों के बारे में विशेष उपबंध (Special Provision in Respect of Pending Cases) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 25 |
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क्या इस अधिनियम के आरम्भ की तारीख पर न्यायालय के समक्ष लम्बित सभी कार्यवाहियाँ इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार निपटाया जायेगा? |
नहीं |
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विधि का उल्लंघन करने वाले भगोड़े बालक की बाबत उपबंध (Provision with Respect of Run-Away Child in Conflict with Law) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 26 |
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धारा 26 के अनुसार, भगोड़े बालक के संबंध में कौन प्रभार ले सकेगा? |
कोई पुलिस अधिकारी |
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धारा 26 के अनुसार, भगोड़े बालक के संबंध में कौन सा उपबंध लिया जाता है? |
चौबीस घंटे के भीतर अधिमानतः उस बोर्ड के समक्ष, जिसने उस बालक की बाबत मूल आदेश पारित किया था |
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धारा 26 के अनुसार, भगोड़े बालक की गिरफ्तारी के समय क्या ध्यान रखा जाना चाहिए? |
ऐसे बालक के बारे में कोई अतिरिक्त कार्यवाही संस्थित नहीं की जाएगी। |
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भगोड़े बालक की पहचान और पुनः गिरफ्तारी के लिए किसकी भूमिका मुख्य होती है? |
पुलिस और बालक न्याय बोर्ड की |
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धारा 26 के तहत भगोड़े बालक के पुनः संरक्षण के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है? |
बोर्ड किन्हीं विशेष उपायों की बाबत, जो बालक के सर्वोत्तम हित में आवश्यक समझे जाएं अतिरिक्त निर्देश भी दे सकेगा। |
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विधि-विरोधी बालक विशेष गृह या सुरक्षा के गृह से भाग गया है तो न्यायालय कौन सी कार्यवाही नहीं कर सकता है? |
उसे पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध अतिरिक्त कार्यवाही संस्थित की जाये |
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विधि-विरोधी बालक विशेष गृह या सुरक्षा के गृह से भाग गया है तो न्यायालय कौन सी कार्यवाही कर सकता है? |
बालक के सर्वोत्तम हित के लिए आवश्यक निर्देश दे सकेगा जिसकी अभिरक्षा से बालक भाग गया या पुनः उसकी अभिरक्षा में बालक को भेजे जाने का समुचित आदेश पारित कर सकेगा |
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अध्याय 5 |
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बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) |
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बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 27 |
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धारा 27 के अनुसार, बाल कल्याण समिति का मुख्य कार्य क्या है? |
बालकों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए उपाय करना |
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बाल कल्याण समिति का गठन कौन करता है? |
राज्य सरकार |
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बाल कल्याण समिति में कुल कितने सदस्य होते है? |
5 |
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बाल कल्याण समिति के सदस्य का कार्यकाल कितना होता है? |
3 वर्ष |
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बाल कल्याण समिति के सदस्य की नियुक्ति कब की जा सकेगी? |
जब वह बालकों से सम्बन्धित क्रियाकलापों में कम से कम 7 वर्ष का अनुभव हो |
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समिति के सदस्य की सदस्यता राज्य सरकार द्वारा कब समाप्त की जा सकेगी? |
जब वह इस अधिनियम के अधीन निहित शक्ति के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है, जब वह नैतिक अधमता के अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया है, वह समिति की कार्यवाहियों में लगातार 3 माह तक किसी विधिमान्य कारण के बिना हाजिर होने में विफल होता है |
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बाल कल्याण समिति के कार्य का पुनर्विलोकन कौन कर सकेगा? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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बालक से सम्बद्ध बाल कल्याणकारी समिति के विरुद्ध शिकायत किसके समक्ष किया जा सकेगा? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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बाल कल्याण समिति को किसकी शक्ति प्राप्त है? |
प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट कोन महा नगर मजिस्ट्रेट |
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बाल कल्याण समिति के सदस्यों का चयन किस प्रकार होता है? |
राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाता है |
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बाल कल्याण समिति किस प्रकार के मामलों को देखती है? |
बच्चों के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास से जुड़े मामले |
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बाल कल्याण समिति की अवधि और सदस्य संख्या किसके द्वारा निर्धारित होती है? |
राज्य सरकार |
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समिति के संबंध में प्रक्रिया (Procedure in Relation to Committee) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 28 |
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धारा 28 के अनुसार, समिति की कार्यवाही में किस प्रक्रिया का पालन किया जाता है? |
न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया |
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बाल कल्याण समिति जब किसी मामले का अन्तिम निस्तारण करती है तो पीठ में कम से कम कितने सदस्य उपस्थित होंगे? |
3 |
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बाल कल्याण समिति एक माह में कम से कम कितनी बैठक करेगी? |
20 दिन |
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किस केस में समिति की प्रक्रिया के संदर्भ में निर्णय दिया गया कि, समिति को सभी पक्षों को सुनने का अवसर देना अनिवार्य है? |
मोनिका शर्मा बनाम राज्य |
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धारा 28 के तहत समिति की बैठकें किस प्रकार आयोजित की जाती हैं? |
अपनीं बैठकों में कारबार के संव्यवहार की बाबत ऐसे नियमों और प्रक्रियाओं का अनुपालन करेगी |
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किसी विनिश्चय के समय समिति के सदस्यों के बीच मतभेद की दशा में, किसकी राय अभिभावी होगी? |
बहुमत |
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जहां बहुमत नहीं है वहां किसकी राय अभिभावी होगी? |
अध्यक्ष की राय अभिभावी होगी। |
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समिति की शक्तियां (Powers of Committee) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 29 |
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इस अधिनियम की धारा प्राधिकार प्राप्त है-29 के अन्तर्गत समिति को प्राधिकार प्राप्त है |
देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को देखरेख, संरक्षण, उपचार और पुनर्वास के मामले का निपटारा करने का |
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समिति के कृत्य और उत्तरदायित्व (Functions and Responsibilities of Committee) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 30 |
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बाल कल्याण समिति के क्या कार्य हैं? |
उसके समक्ष पेश किये गये बालक का संज्ञान लेना और उसे प्राप्त करना, बालकों की सुरक्षा एवं उसके कल्याण को प्रभावित करने वाले सभी विवाद्यकों की जाँच करना, बाल कल्याण अधिकारियों को सामाजिक अन्वेषण करने और समिति के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का निदेश देना |
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इस अधिनियम की धारा 30 के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति के कार्य एवं उत्तरदायित्व क्या है? |
पालक देखरेख में बालक को रखे जाने का निदेश करना, बालकों के लिए समुचित विधिक सेवायें पहुँचाना, अनाथ और अभिव्यक्त बालक को सम्यक् जाँच के पश्चात् दत्तकग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंल घोषित करना |
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अध्याय 6 |
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देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों के संबंध में प्रक्रिया (Procedure In Relation to Children in Need of Care and Protection) |
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समिति के समक्ष पेश किया जाना (Production Before Committee) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 31 |
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देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले किसी बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष कौन पेश कर सकेगा? |
कोई पुलिस अधिकारी, कोई लोक सेवक, स्वयं बालक, डाक्टर |
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संरक्षक से पृथक् पाए गए बालक के बारे में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करना (Mandatory Reporting Regarding a Child Found Separated from Guardian) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 32 |
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धारा 32 के अनुसार, संरक्षक से पृथक पाए गए बालक के बारे में रिपोर्ट किसे अनिवार्य रूप से करनी होती है? |
किसी बालक कल्याण समिति को या जिला संरक्षण एकक को इत्तिला देगा |
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धारा 32 के अनुसार, संरक्षक से पृथक पाए गए बालक के बारे में रिपोर्ट कौन कर सकता है? |
कोई व्यष्टि या कोई पुलिस अधिकारी या किसी संगठन या परिचर्या गृह या अस्पताल या प्रसूति गृह का कोई कृत्यकारी, जिसे किसी ऐसे बालक का पता चलता है या उसका भारसाधन लेता है या जिसे वह सौंपा जाता है |
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रिपोर्ट न किए जाने का अपराध (Offence of Non-Reporting) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 33 |
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धारा 32 के अधीन यथा अपेक्षित किसी बालक के संबंध में कोई सूचना नहीं दी जाती है तो ऐसे कृत्य को कब अपराध के रूप में माना जाएगा? |
उक्त धारा में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर |
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धारा 33 के अनुसार, रिपोर्ट न करने का अपराध किस प्रकार का है? |
आपराधिक अपराध |
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रिपोर्ट न करने का अपराध किसके विरुद्ध लगाया जा सकता है? |
बालक की देखभाल करने वाले अधिकारी या संस्था के जिम्मेदार व्यक्ति |
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किस केस में रिपोर्ट न करने के अपराध की गंभीरता पर कहा गया कि, बालक के संरक्षण के लिए रिपोर्टिंग आवश्यक है और इसका उल्लंघन गंभीर अपराध है? |
सुमिता शर्मा बनाम केंद्र सरकार |
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किस केस में रिपोर्ट न करने के अपराध को लेकर निर्णय दिया गया कि, रिपोर्ट न करना दंडनीय है और सजा का प्रावधान है? |
राजेश कुमार बनाम राज्य |
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रिपोर्ट न करने के लिए शास्ति कोई व्यक्ति (Penalty for Non-Reporting) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 34 |
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धारा 34 के अनुसार, रिपोर्ट न करने के लिए किसे दंडित किया जा सकता है? |
वह कोई भी व्यक्ति जो रिपोर्ट करने का दायित्व रखता है |
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यदि कोई बालक संरक्षक की संरक्षकता से अलग हो गया है तो उसकी सूचना दिया जाना आज्ञापक है, यदि सूचना नहीं दिया जाता है तो संरक्षक दोषी होगा- |
दस हजार रुपये तक के जुर्माने से |
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बालकों का अभ्यर्पण (Surrender of Children) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 35 |
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कोई भी माता-पिता अपने बालक को समिति को सौंप सकता है |
धारा 35 के अन्तर्गत |
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कितने वर्ष से कम आयु के अनाथ या अभित्यक्त बालक को विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण में रखा जायेगा? |
6 वर्ष से कम |
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कितने वर्ष से अधिक आयु का बालक बाल गृह में में रखा जायेगा? |
यदि वह छह वर्ष से अधिक आयु का या की है तो
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ऐसे माता-पिता या संरक्षक को, जिसने बालक का अभ्यर्पण किया है, बालक के अभ्यर्पण संबंधी अपने विनिश्चय पर पुनःविचार करने के लिए कितना समय दिया जाएगा? |
दो मास का |
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जांच (Inquiry) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 36 |
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धारा 36 के अनुसार, जांच कौन करता है? |
बाल कल्याण समिति |
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कौन बालक को बाल गृह या आश्रय गृह या उपयुक्त सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति के पास भेजने के लिए और किसी सामाजिक कार्यकर्ता या बालक कल्याण अधिकारी या बालक कल्याण पुलिस अधिकारी द्वारा शीघ्र सामाजिक अन्वेषण करने के लिए आदेश पारित कर सकेगी? |
बाल कल्याण समिति |
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सामाजिक अन्वेषण कितने दिन के भीतर पूरा किया जाएगा? |
पंद्रह दिन |
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समिति को, बालक को पहली बार पेश करने के कितने मास के भीतर अंतिम आदेश पारित करने के लिए समर्थ बनाया जा सकेगा? |
चार मास |
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अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बालकों के लिए जांच पूरी करने का समय क्या होगा? |
जो धारा 38 में विनिर्दिष्ट किया जाए। |
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देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के बारे में पारित आदेश (Orders Passed Regarding a Child in Need of Care and Protection) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 37 |
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धारा 37 के तहत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के लिए कौन सा आदेश पारित किया जाता है? |
बाल न्याय बोर्ड द्वारा देखरेख और संरक्षण के उपयुक्त आदेश देना |
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धारा 37 के तहत बाल न्याय बोर्ड किस आधार पर देखरेख और संरक्षण के आदेश पारित करता है? |
बालक की सुरक्षा, पुनर्वास और भलाई को ध्यान में रखते हुए |
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धारा 37 के तहत देखरेख और संरक्षण के आदेश पारित करने वाला कौन है? |
बाल कल्याण समिति |
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किसी बालक की दत्तकग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया (Procedure for Declaring a Child Legally Free for Adoption) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 38 |
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धारा 38 के अनुसार, बालक को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया कौन संचालित करता है? |
बाल कल्याण समिति |
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अध्याय 7 |
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पुनर्वास और समाज में पुनः मिलाना (Rehabilitation And Social Re-Integration) |
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पुनर्वास और समाज में पुनः मिलाने की प्रक्रिया (Process of Rehabilitation and Social Re-Integration) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 39 |
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धारा 39 के अनुसार, पुनर्वास और समाज में पुनः मिलाने की प्रक्रिया का उद्देश्य क्या है? |
बालक का पुनर्वास और समाज में स्वीकार्य बनाना |
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देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक का प्रत्यावर्तन (Restoration of Child in Need of Care and Protection) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 40 |
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धारा 40 के अनुसार, देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक का प्रत्यावर्तन किसके आदेश पर किया जाता है? |
बाल कल्याण समिति |
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बाल कल्याण समिति ऐसी रीति में जो विहित की जाए प्रत्यावर्तन, मृत्यु और भाग जाने के संबंध में किसको रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी? |
समिति राज्य सरकार और जिला मजिस्ट्रेट को |
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बाल कल्याण समिति प्रत्यावर्तन, मृत्यु और भाग जाने के संबंध में कैसी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी? |
तिमाही रिपोर्ट |
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बाल देखरेख संस्थाओं का रजिस्ट्रीकरण (Registration of Child Care Institutions) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 41 |
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बालक देखरेख संस्थाओं का धारा 41 के अन्तर्गत पंजीकरण आवश्यक है- |
धारा 41 के अन्तर्गत |
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इस अधिनियम की धारा 41 के अन्तर्गत बालक देखरेख संस्थाओं का रजिस्ट्रीकरण हेतु आवेदन किसके समक्ष दिया जायेगा ?" |
राज्य सरकार |
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राज्य सरकार ऐसी संस्था को इस अधिनियम के क्षेत्राधीन लाने के लिए आवेदन प्राप्ति की तरीख से कितनी अवधि के भीतर अधिकतम छह मास की अवधि के लिए अनंतिम रजिस्ट्रीकरण मंजूर कर सकेगी? |
एक मास |
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यदि उक्त संस्था विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर रजिस्ट्रीकरण के लिए विहित मानदंडों को पूरा नहीं करती है तो क्या होगा? |
रजिस्ट्रीकरण रद्द हो जाएगा |
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किसी संस्था के रजिस्ट्रीकरण की अवधि कितने वर्ष की होगी? |
पांच वर्ष की होगी और उनका प्रत्येक पांच वर्ष में नवीकरण किया जाएगा। |
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बाल देखरेख संस्था का रजिस्ट्रीकरण न कराए जाने के लिए शास्ति (Penalty for Non-Registration of Child Care Institutions) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 42 |
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धारा 42 के अनुसार इस अधिनियम की धारा 41 के अन्तर्गत बालक देखरेख संस्था का रजिस्ट्रेशन से सम्बन्धित उपबन्धों का उल्लंघन करने वाला दण्डित किया जा सकेगा- |
ऐसे कारावास से, जो एक वर्ष तक हो सकेगा या एक लाख रुपए से अन्यून के जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा |
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खुला आश्रय (Open Shelter) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 43 |
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खुला आश्रय की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है? |
राज्य सरकार |
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खुले आश्रय प्रत्येक मास ऐसी रीति में, आश्रय की सेवाओं का लाभ उठाने वाले बालकों की सूचना किसे भेजेंगे? |
जिला बालक संरक्षण एकक और समिति को |
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धारा 43 के अनुसार, खुला आश्रय क्या है? |
बालकों को अस्थायी सुरक्षित आवास प्रदान करने वाली संस्था |
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खुला आश्रय बालकों के लिए किस उद्देश्य से स्थापित किया जाता है? |
अस्थायी संरक्षण और पुनर्वास तक का सुरक्षित ठिकाना |
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पोषण देखरेख (Foster Care) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 44 |
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किस प्राधिकारी द्वारा पोषण देखरेख की निगरानी की जाती है? |
बाल संरक्षण बोर्ड |
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धारा 44 के अनुसार पोषण देखरेख का क्या अर्थ है? |
देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को पोषण देखरेख में, जिसके अंतर्गत उनकी देखरेख और संरक्षण के लिए सामूहिक पोषण देखरेख भी है |
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ऐसी पोषण देखरेख के लिए मासिक वित्त पोषण प्रदान कौन करेगा? |
बालकों की संख्या को ध्यान में रखकर राज्य सरकार |
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पोषण देखरेख के अंतर्गत कौन-कौन सी जिम्मेदारियां आती हैं? |
पोषक कुटुंब, बालक को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होगा और वह बालक का ऐसी रीति में समग्र कल्याण सुनिश्चित करेगा जो विहित की जाए। |
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ऐसी प्रक्रिया, मानदंड और रीति को, जिसमें बालक को पोषण देखरेख सेवाएं प्रदान की जाएंगी, परिभाषित करने के प्रयोजन के लिए कौन नियम बना सकेगा? |
राज्य सरकार |
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प्रवर्तकता (Sponsorship) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 45 |
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बालक देखरेख संस्थाओं को छोड़ने वाले बालकों की पश्चात्वर्ती देखरेख (After Care of Children Leaving Child Care Institution) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 46 |
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धारा 46 के अंतर्गत बालक देखरेख संस्था छोड़ने वाले बालकों के लिए क्या व्यवस्था है? |
बालक को समाज की मुख्य धारा में पुनः लाने को सुकर बनाने के लिए ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकेगी। |
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संप्रेक्षण गृह (Observation Homes) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 47 |
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संप्रेक्षण गृह, की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है? |
राज्य सरकार |
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विशेष गृह (Special Homes) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 48 |
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विशेष गृह, की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है? |
राज्य सरकार |
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धारा 48 के अनुसार विशेष गृह का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
जो किसी बालक को समाज में पुनः मिलाने के लिए आवश्यक हैं और विधि का उल्लंघन करते पाए गए बालकों की आयु, लिंग, उनके द्वारा कारित अपराध की प्रकृति और बालक की मानसिक और शारीरिक प्रास्थिति के आधार पर उन्हें विलग और पृथक् रखने के उपबंध भी किए जा सकेंगे। |
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सुरक्षित स्थान (Place of Safety) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 49 |
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सुरक्षित स्थान, की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है? |
राज्य सरकार |
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राज्य सरकार कितने सुरक्षित स्थान की स्थापना करेगी? |
किसी राज्य में रजिस्ट्रीकृत कम से कम एक सुरक्षित स्थान की स्थापना करेगी |
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धारा 49 के अनुसार 'सुरक्षित स्थान' का क्या मतलब है? |
वह स्थान अठारह वर्ष से अधिक आयु के किसी व्यक्ति को या विधि का उल्लंघन करने वाले किसी बालक को, जो सोलह से अठारह वर्ष की आयु के बोच का है और कोई जघन्य अपराध कारित करने का अभियुक्त है या सिद्धदोष ठहराया गया है, रखा जा सके |
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सुरक्षित स्थान का निर्माण किस उद्देश्य से किया जाता है? |
बालकों के संरक्षण, पुनर्वास और देखभाल के लिए |
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बाल गृह (Children’s Home) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 50 |
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बाल गृह की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है? |
राज्य सरकार |
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धारा 50 के अनुसार बाल गृह का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों को सुरक्षित, देखभाल और पुनर्वास प्रदान करना |
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बाल गृह किस प्रकार के बालकों के लिए स्थापित किया जाता है? |
विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के लिए |
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बाल गृह में बालकों को क्या-क्या सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं? |
शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, मनोवैज्ञानिक सहायता और कौशल विकास |
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किसी बाल गृह को, विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों के लिए ऐसे उपयुक्त गृह के रूप में अभिहित कौन कर सकेगा, जो आवश्यकता पर निर्भर करते हुए विशिष्ट सेवाएं प्रदान करता है? |
राज्य सरकार |
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उचित सुविधा तंत्र (Fit Facility) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 51 |
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किसी विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए उचित सुविधा तंत्र की मान्यता कौन प्रदान करेगा? |
बोर्ड या समिति |
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क्या बोर्ड या समिति प्रदान की गई मान्यता को वापस ले सकेगी? |
हाँ, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से |
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योग्य व्यक्ति (Fit Person) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 52 |
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धारा 52 के अनुसार ‘योग्य व्यक्ति’ से क्या आशय है? |
किसी बालक की देखरेख, संरक्षण और उपचार के लिए किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए योग्य व्यक्ति के रूप में मान्यता प्राप्त व्यक्ति |
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योग्य व्यक्ति का चयन किस आधार पर किया जाता है? |
उसके प्रत्यय पत्र के सम्यक सत्यापन के पश्चात् |
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धारा 52 के अंतर्गत योग्य व्यक्ति के क्या उत्तरदायित्व होते हैं? |
बालक की देखरेख, संरक्षण और उपचार |
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धारा 52 के अनुसार, योग्य व्यक्ति के चयन में किसका परामर्श लिया जाता है? |
बालक न्यायालय या बोर्ड का परामर्श |
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इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत संस्थाओं में पुनर्वास और पुनः मिलाने की सेवाएं और उनका प्रबंध (Rehabilitation and Re-Integration Services in Institutions Registered Under This Act and Management Thereof) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 53 |
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इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत संस्थाओं का निरीक्षण (Inspection of institutions registered under this Act) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 54 |
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धारा 54 के अनुसार रजिस्ट्रीकृत बाल देखरेख संस्थाओं का निरीक्षण कौन करता है? |
निरीक्षण समिति द्वारा |
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निरीक्षण समितियां कौन नियुक्त करेगा? |
राज्य सरकार |
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संरचनाओं के कार्यकरण का मूल्यांकन (Evaluation of Functioning of Structures) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 55 |
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धारा 55 के अंतर्गत संरचनाओं के कार्यकरण का मूल्यांकन किसका कर्तव्य है? |
केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार अथवा जिला मजिस्ट्रेट |
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ऐसा स्वतंत्र मूल्यांकन दोनों सरकारों द्वारा किए जाने की दशा में, किसके द्वारा किया गया मूल्यांकन अभिभावी होगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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अध्याय 8 |
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दत्तक ग्रहण (Adoption) |
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इस अधिनियम के किस अध्याय में दत्तकग्रहण का प्रावधान है? |
अध्याय 8 में |
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दत्तक ग्रहण (Adoption) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 56 |
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धारा 56 के अनुसार दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया किसके माध्यम से पूरी की जाती है? |
इस अधिनियम के उपबंधों और उसके अधीन बनाए गए नियमों तथा प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तक ग्रहण विनियमों के अनुसार |
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क्या इस अधिनियम की कोई बात हिन्दू दत्तक तथा भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के उपबंधों के अनुसार किए गए बालकों के दत्तकग्रहण को लागू होगी? |
नहीं |
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दत्तक ग्रहण किन बालको के लिए किया जायेगा? |
अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों के लिए |
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दत्तक ग्रहण के लिए आवेदन कौन कर सकता है? |
कोई भी योग्य व्यक्ति जो बालक को अपनाना चाहता हो |
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भावी दत्तक माता-पिता की पात्रता (Eligibility of Prospective Adoptive Parents) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 57 |
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यदि दत्तकग्रहण दम्पति द्वारा दिया जाता है वहाँ- |
पति एवं पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक है |
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क्या दंपत्ति की दशा में, दत्तक ग्रहण के लिए पति-पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक होगी? |
हाँ |
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क्या इस अधिनियम के अन्तर्गत दत्तकग्रहण में धर्म सम्बन्धी कोई भी बाँधा है? |
नहीं |
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क्या यह अधिनियम दत्तकग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम 1956 को प्रभावित करेगा |
नहीं |
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भारत में रहने वाले भावी भारतीय दत्तक माता-पिता द्वारा दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया (Procedure for Adoption by Indian Prospective Adoptive Parents Living in India) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 58 |
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किसी अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक के अंतर्देशीय दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया (Procedure for Inter-Country Adoption of An Orphan or Abandoned or Surrendered Child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 59 |
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क्या सभी अन्तर्देशीय दत्तकग्रहण इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही किये जायेंगे? |
हाँ |
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अंतरदेशीय नातेदार दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया (Procedure for Inter-Country Relative Adoption) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 60 |
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धारा 60 के अनुसार, अंतरदेशीय नातेदार दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के अधीन कौन आता है? |
विदेश में रहने वाला कोई नातेदार, जो भारत में उसके नातेदार से किसी बालक के दत्तक ग्रहण का आशय रखता है |
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अंतरदेशीय नातेदार दत्तक ग्रहण के लिए आवेदन किसे किया जाता है? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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अंतरदेशीय नातेदार दत्तक ग्रहण के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किसे किया जाता है? |
दत्तक प्राधिकरण |
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दत्तकग्रहण कार्यवाहियों के निपटान के लिए प्रक्रिया (Procedure for Disposal of Adoption Proceedings) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 61 |
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धारा 61 के अनुसार, दत्तकग्रहण कार्यवाहियों का निपटान किसके माध्यम से किया जाता है? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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दत्तकग्रहण की कार्यवाही कितनी अवधि के भीतर न्यायालय द्वारा निस्तारित किया जायेगा? |
दो माह |
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दत्तक ग्रहण का प्रभाव (Effect of Adoption) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 63 |
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दत्तकग्रहण में लिया गया बालक अपने दत्तक माता-प्रिता का संतान हो जायेगा- |
जन्मतः |
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इस अधिनियम की किस धारा में भूत तिथि से सम्बन्ध का सिद्धान्त लागू किया गया है? |
धारा 63 में |
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धारा 63 के अनुसार, दत्तक ग्रहण के बाद बालक की कानूनी स्थिति क्या होती है? |
बालक को नए माता-पिता के समान अधिकार प्राप्त होते हैं |
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दत्तक ग्रहण की रिपोर्ट (Reporting of Adoption) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 64 |
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धारा 64 के अनुसार दत्तक ग्रहण की रिपोर्ट किसे प्रस्तुत करनी होती है? |
प्राधिकरण को अग्रेषित की जाएगी |
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धारा 64 के अनुसार कौन सी सूचना प्राधिकरण को दी जाएगी? |
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए सभी दत्तक ग्रहण आदेशों |
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विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण (Specialised Adoption Agencies) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 65 |
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धारा 65 के अनुसार, विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण किसके द्वारा गठित किया जाता है? |
राज्य सरकार |
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यदि विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण दत्तकग्रहण के लिए अनाच या परित्यक्त बालक को विधितः स्वतंन्त्र कराने के लिए या नियत समय के भीतर न्यायालय से दत्तकग्रहण आदेश प्राप्त करने में व्यतिक्रम करता है तो वह दण्डनीय होगा - |
जुर्माने से, जो पचास हजार रुपये तक हो सकेगा
|
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राज्य दत्तक ग्रहण स्रोत प्राधिकरण (State Adoption Resource Agency) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 67 |
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धारा 68 के अंतर्गत राज्य दत्तक ग्रहण स्रोत प्राधिकरण की स्थापना किसके द्वारा की जाती है? |
राज्य सरकार |
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केन्द्रीय दत्तक ग्रहण स्रोत प्राधिकरण (Central Adoption Resource Authority) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 68 |
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धारा 68 के अंतर्गत केन्द्रीय दत्तक ग्रहण स्रोत प्राधिकरण की स्थापना किसके द्वारा की जाती है? |
केंद्र सरकार |
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प्राधिकरण की विषय निर्वाचन समिति (Steering Committee of Authority) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 69 |
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धारा 69 के अनुसार विषय निर्वाचन समिति का गठन किसके द्वारा किया जाता है? |
दत्तक ग्रहण स्रोत प्राधिकरण |
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विषय निर्वाचन समिति का मुख्य उद्देश्य क्या होता है? |
प्राधिकरण के कार्यकरण का निरीक्षण करना, पुनर्विलोकन करना, वार्षिक बजट, वार्षिक लेखाओं और संपरीक्षा रिपोर्टों और वार्षिक रिपोर्ट का अनुमोदन करना प्राधिकरण के भर्ती नियमों, सेवा नियमों, वित्त नियमों के साथ-साथ अन्य विनियमों को अपनाना; कोई अन्य कृत्य, |
|
विषय निर्वाचन समिति के सदस्यों में किस प्रकार के व्यक्ति शामिल होते हैं? |
सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, जो अध्यक्ष होगा/होगी प्राधिकरण से संबंधित संयुक्त सचिव, वित्त से संबंधित संयुक्त सचिव, राज्य दत्तक ग्रहण स्रोत अभिकरण, दो विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण एक दत्तक माता या पिता और एक दत्तक एक अधिवक्ता या आचार्य, सदस्य-सचिव, जो संगठन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी भी होगा। |
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प्राधिकरण की शक्तियां (Powers of Authority) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 70 |
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प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report of Authority) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 71 |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 71 के अनुसार, वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दायित्व किसका होता है? |
प्राधिकरण |
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धारा 71 के अनुसार, प्राधिकरण किसे अपनी वार्षिक रिपोर्ट भेजता है? |
केंद्रीय सरकार |
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केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुदान (Grants by Central Government) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 72 |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 72 किससे संबंधित है? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुदान से |
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धारा 72 के तहत केन्द्रीय सरकार किसे अनुदान देती है? |
प्राधिकरण को |
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धारा 72 के अनुसार अनुदान किस उद्देश्य से दिया जाता है? |
प्राधिकरण के कृत्यों का पालन करने में उपयोजित किए जाने के लिए |
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प्राधिकरण के लेखे और संपरीक्षा (Accounts and Audit of Authority) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 73 |
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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 73 किस विषय से संबंधित है? |
प्राधिकरण के लेखे और संपरीक्षा से |
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धारा 73 के अंतर्गत प्राधिकरण को किसके अनुसार खाता रखना होता है? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के परामर्श से निर्देशित रूप में |
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धारा 73 के अनुसार, प्राधिकरण के खातों का संपरीक्षण कौन करता है? |
भारत का नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) |
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सीएजी द्वारा संपरीक्षित रिपोर्ट किसे सौंपी जाती है? |
केंद्र सरकार को |
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केंद्र सरकार द्वारा संपरीक्षित रिपोर्ट को कहाँ प्रस्तुत किया जाता है? |
संसद के समक्ष |
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धारा 73 के अंतर्गत लेखा विवरण कितनी बार प्रस्तुत किया जाना चाहिए? |
प्रति वर्ष |
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क्या प्राधिकरण के लेखों की सार्वजनिक जांच संभव है? |
हाँ, संसद में प्रस्तुत होने पर सार्वजनिक होते हैं |
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अध्याय 9 |
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बालकों के विरुद्ध अन्य अपराध (Other Offences Against Children) |
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बालकों के विरुद्ध अपराध हेतु प्रावधान किस अध्याय के अन्तर्गत किया गया है? |
अध्याय 9 के अन्तर्गत |
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बालक की पहचान के प्रकटन का प्रतिषेध (Prohibition on Disclosure of Identity of Children) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 74 |
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धारा 74 का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
बालक की पहचान के प्रकटन को प्रतिबंधित करना |
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धारा 74 के तहत "पहचान का प्रकटन" किस प्रकार की जानकारी को शामिल करता है? |
नाम और विद्यालय, माता-पिता का नाम, निवास स्थान |
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धारा 74 के अंतर्गत किसे बालक की पहचान प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है? |
मीडिया, पुलिस, आम नागरिक |
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इस अधिनियम के धारा 74 के अन्तर्गत बालकों की पहचान प्रकट करने पर रोक लगायी गयी है जो कोई इसका उल्लंघन करता है वह दण्डित किया जा सकेगा? |
कारावास से जो 6 माह तक हो सकेगा, जुर्माने से जो 2 लाख रुपये तक हो सकेगा |
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बालक के प्रति क्रूरता के लिए दंड (Punishment for Cruelty to Child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 75 |
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धारा 75 किस प्रकार के अपराध को दंडनीय बनाती है? |
बालक के प्रति क्रूरता करना |
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धारा 75 के अंतर्गत "क्रूरता" में क्या शामिल है? |
मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक आघात, उपेक्षा करना |
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किसी बालक पर वास्तविक प्रभाव रखने वाला या नियन्त्रण रखने वाला जानबूझकर बालक के साथ क्रूरता करता है, वह दण्डित किया जा सकेगा |
कारावास से जो 3 वर्ष तक हो सकेगी, जुर्माने से जो एक लाख रुपये के जुर्माने से
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यदि बालक के साथ क्रूरता ऐसे व्यक्ति के द्वारा किया जाता है जहाँ बालक देखरेख के लिए न्यस्त किया गया है वहाँ ऐसे व्यक्ति दण्डित किया जा सकेगा- |
कठोर कारावास से जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा, जुर्माना से जो 5 लाख रुपये तक हो सकेगा |
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यदि किसी क्रूरता के कारण बालक को गंभीर चोट पहुँचती है, तो अधिकतम दंड क्या हो सकता है? |
तीन वर्ष से कम का नहीं होगा, किंतु जो दस वर्ष तक का हो सकेगा और पांच लाख रुपए के जुर्माने से भी दंडनीय होगा। |
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भीख मांगने के लिए बालक का नियोजन (Employment of Child for Begging) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 76 |
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धारा 76 का उद्देश्य क्या है? |
भीख मांगने के लिए बालक के नियोजन को रोकना |
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धारा 76 के तहत कौन-सा कार्य अपराध की श्रेणी में आता है? |
बालक को जबरन भीख मंगवाना |
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जो कोई भी भिक्षा माँगने के प्रयोजन के लिए किसी बालक को नियोजित करता है या उसका दुरुपयोग करता है वह दण्डित किया जा सकेगा - |
कारावास से जिसकी अवधि 5 वर्ष तक की हो सकेगी, जुर्मान से जो एक लाख रुपये हो सकेगा |
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एक व्यक्ति भिक्षा माँगने के प्रयोजन के लिए बालक का अंगविच्छेदन करता है या उसे विकलांग बनाता है तो उसे दण्डित किया जा सकेगा- |
कम से कम 7 वर्ष तक के कारावास से, जुर्माने से जो 5 लाख रुपये हो सकेगा
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बालक को मादक लिकर या स्वापक औषधि या मनःप्रभावी पदार्थ देने के लिए शास्ति (Penalty for Giving Intoxicating Liquor or Narcotic Drug or Psychotropic Substance to A Child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 77 |
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धारा 77 का उद्देश्य क्या है? |
बालकों को नशीले पदार्थों से बचाना |
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धारा 77 के अंतर्गत अपराध क्या है? |
बालकों को नशीले पदार्थों से बचाना |
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जो कोई किसी बालक को मादक शराब, स्वापक औषधि, मनःप्रभावी पदार्थ देता है वह दण्डित किया जा सकेगा- |
कठोर कारावास जिसकी अवधि 7 वर्ष तक हो सकेगा, जुर्माने से जो एक लाख रुपये तक हो सकेगा |
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धारा 77 में किस प्रकार के पदार्थ शामिल हैं? |
कोई मादक लिकर या कोई स्वापक ओषधि या तंबाकू उत्पाद या मनःप्रभावी पदार्थ |
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किसी बालक का किसी मादक लिकर, स्वापक ओषधि या मनःप्रभावी पदार्थ के विक्रय, फुटकर क्रय-विक्रय, उसे साथ रखने, उसकी पूर्ति करने या तस्करी करने के लिए उपयोग किया जाना (Using A Child for Vending, Peddling, Carrying, Supplying or Smuggling Any Intoxicating Liquor, Narcotic Drug or Psychotropic Substance) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 78 |
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धारा 78 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? |
बालकों को मादक पदार्थों की तस्करी से बचाना |
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धारा 78 में कौन-सी गतिविधियाँ शामिल हैं? |
विक्रय, क्रय-विक्रय, साथ रखना, पूर्ति करना या तस्करी |
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अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी बालक का उपयोग मादक पदार्थ की तस्करी के लिए करता है, तो वह कौन-सी धारा के तहत दोषी होगा? |
धारा 78 |
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जो कोई किसी बालक का किसी मादक लिकर, स्वापक औषधि, मनः प्रभावी पदार्थ के विक्रय, फुटकर क्रय-विक्रय, साथ रखने, पूर्ति करने या तस्करी करने के लिए उपयोग करेगा वह दण्डित किया जा सकेगा- |
कठिन कारावास से. जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और एक लाख रुपए तक के जुर्माने से भी |
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किसी बाल कर्मचारी का शोषण (Exploitation of a Child Employee) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 79 |
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धारा 79 के अंतर्गत "बाल कर्मचारी का शोषण" किसका दंडनीय अपराध है? |
कोई भी व्यक्ति |
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धारा 79 के अंतर्गत किस प्रकार का शोषण वर्जित है? |
आर्थिक, यौन, मानसिक और शारीरिक |
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किसी बालक से अत्यधिक कार्य लेना किस श्रेणी में आता है? |
शोषण |
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जो कोई भी व्यक्ति दृश्यमान रूप से किसी भी बालक कर्मचारी को नियोजित करता है, या उसे बन्धुआ रखता है या ऐसे उपार्जन को अपने उद्देश्यों के लिए उपयोग करता है वह दण्डनीय होगा- |
कठोर कारावास से जिसकी अवधि 5 वर्ष तक को हो सकेगी।, जुर्माने से जो एक लाख रुपये होगा
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विहित प्रक्रियाओं का अनुसरण किए बिना दत्तक ग्रहण करने के लिए दांडिक उपाय (Punitive Measures for Adoption Without Following Prescribed Procedures) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 80 |
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धारा 80 के अनुसार, दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में नियमों का पालन न करने पर क्या दंड है? |
किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या एक लाख रुपए के जुर्माने से या दोनों से, दंडनीय होगा |
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बालकों का किसी प्रयोजन के लिए विक्रय और उपापन (Sale and procurement of children for any purpose) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 81 |
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किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 81 के अनुसार, बालकों का किसी प्रयोजन के लिए विक्रय और उपापन किस प्रकार अपराध माना जाता है? |
एक गंभीर अपराध |
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कोई भी व्यक्ति जो किसी भी प्रयोजन के लिए किसी बालक का क्रय-विक्रय करता है वह दण्डित किया जा सकेगा- |
कठोर कारावास से जिसकी अवधि 5 वर्ष तक को हो सकेगी।, एक लाख रुपये के जुर्माने से |
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बालक का वास्तविक प्रभार रखने वाले व्यक्ति द्वारा, जिसमें अस्पताल या प्रसूतिगृह के कर्मचारी, बालक का क्रय-विक्रय करता है वह दण्डित किया जा सकेगा - |
न्यूनतम तीन वर्ष के कारावास से हो सकेगा जो 7 वर्ष तक
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शारीरिक दंड (Corporal Punishment) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 82 |
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किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 82 के अनुसार, बालकों पर शारीरिक दंड देना किस प्रकार माना जाता है? |
प्रतिबंधित और दंडनीय |
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धारा 82 के तहत, किसी बालक देखरेख संस्था का भारसाधक या उसमें नियोजित कोई व्यक्ति, जो किसी बालक को अनुशासनबद्ध करने के उद्देश्य से शारीरिक दंड देने पर क्या कार्रवाई की जा सकती है? |
प्रथम दोषसिद्धि पर दस हजार रुपए के जुर्माने से और प्रत्येक पश्चात्वर्ती अपराध के लिए ऐसे कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दंडनीय होगा। |
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बालक देखरेख संस्था का प्रभारी या नियोजित व्यक्ति अनुशासन के प्रयोजन से शारीरिक दण्ड देता है वह दण्डित किया जा सकेगा - |
दस हजार रुपये के जुर्माने से |
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बालक देखरेख संस्था में कोई नियोजित व्यक्ति बालक को शारीरिक दण्ड अनुशासन की दृष्टि से देता है, वह दण्डित किया जा सकेगा- |
जुर्माने से, सेवा से पदच्युति से |
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ऐसे मामले में, जहां निर्दिष्ट किसी संस्था में किसी शारीरिक दंड की रिपोर्ट की जाती है और ऐसी संस्था का प्रबंधतंत्र किसी जांच में सहयोग नहीं करता है या समिति या बोर्ड या न्यायालय या राज्य सरकार के आदेशों का अनुपालन नहीं करता है, वहां ऐसी संस्था के प्रबंधतंत्र का भारसाधक व्यक्ति पर क्या कार्रवाई की जा सकती है? |
ऐसे कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, दण्डनीय होगा और वह जमनि का भी जो एक लाख रुपए तक का हो सकेगा. दायी होगा। |
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उग्रवादी समूहों या अन्य वयस्कों द्वारा बालक का उपयोग (Use of child by militant groups or other adults) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 83 |
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युद्ध प्रिय संघों या अन्य वयस्कों द्वारा किसी भी प्रयोजन से किसी बालक के भर्ती करता या प्रयोग करता है, वह दण्डित किया जा सकेगा - |
कठोर कारावास जिसकी अवधि 7 वर्ष तक की हो सकेगी-, पाँच लाख रुपये के जुर्माने से |
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यदि कोई वयस्क व्यक्तिगत रूप से या वयस्क समूह गैंग के रूप में अवैध क्रिया-कलापों के लिए बालकों का उपयोग करता है तो वह दण्डित किया जा सकेगा - |
कठोर कारावास से जिसकी अवधि 7 वर्ष तक हा सकेगी, पाँच लाख रुपये के जुर्माने से |
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बालक का व्यपहरण और अपहरण (Kidnapping and abduction of child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 84 |
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बालक का अपहरण किस प्रकार की अपराध श्रेणी में आता है? |
आपराधिक अपराध |
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इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा कौन कौन सी के उपबंध यथावश्यक परिवर्तनों सहित किसी ऐसे बालक या अवयस्क को लागू होंगे जो अठारह वर्ष से कम आयु का है और सभी उपबंधों का अर्थान्वयन तद्नुसार किया जाएगा? |
137 से धारा 141 |
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कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए 18 वर्ष से कम आयु के बालक का व्यपहरण या अपहरण करता है वह दण्डित किया जा सकेगी- |
भारतीय न्याय संहिता 2023 में यथा उपबन्धित कारावास से |
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निःशक्त बालकों पर किए गए अपराध (Offences Committed on Disabled Children) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 85 |
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विकलांग बालक के साथ अध्याय 9 के अधीन 136. उपवन्धित कोई भी अपराध किया जाता है तो अपराधी दण्डित किया जा सकेगा - |
अध्याय में उस अपराध के लिए उपबन्धित दण्ड के दोगुने से |
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इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, "निःशक्तता" पद का क्या अर्थ होगा? |
वहीजो निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, की धारा 2 के खंड (झ) में उसका है |
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अपराधों का वर्गीकरण और अभिहित न्यायालय (Classification of Offences and Designated Court) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 86 |
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इस अधिनियम के अधीन 7 वर्ष से अधिक कारावास से दण्डनीय अपराध होगा - |
संज्ञेय एवं अजमानतीय दोनों |
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इस अधिनियम के अधीन तीन वर्ष से कम एवं 7 वर्ष से अधिक के कारावास से दण्डनीय अपराध से दण्डनीय अपराध होगा- |
असंज्ञेय एवं अजमानतीय |
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इस अधिनियम के अधीन तीन वर्ष से कम के कारावास से दण्डनीय अपराध या केवल जुर्माने से दण्डनीय अपराध होगा- |
असंज्ञेय एवं जमानतीय |
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किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 86 का मुख्य विषय क्या है? |
अपराधों का वर्गीकरण और अभिहित न्यायालय |
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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 या बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 अथवा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 में किसी बात के होते हुए भी इस अधिनियम के अधीन अपराध बालक न्यायालय द्वारा विचारणीय होंगे, किस धारा में कहा गया है? |
धारा 86 |
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दुष्प्रेरण (Abetment) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 87 |
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किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 87 का मुख्य विषय क्या है? |
दुष्प्रेरण |
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धारा 87 के अनुसार दुष्प्रेरण का अर्थ क्या है? |
इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "दुष्प्रेरण" का वही अर्थ होगा जो उसका भारतीय न्याय संहिता 2023, की धारा 305 में है। |
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दुष्प्रेरण के तहत कौन से कार्य शामिल हैं? |
बालक को चोरी या अपराध करने के लिए उकसाना |
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धारा 87 के अंतर्गत दुष्प्रेरण करने वाले को क्या दंड मिल सकता है? |
दुष्प्रेरण के लिए वही दण्ड है जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है |
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वैकल्पिक दंड (Alternative Punishment) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 88 |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 88 का विषय क्या है? |
वैकल्पिक दंड |
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धारा 88 के अनुसार वैकल्पिक दंड का क्या अर्थ है? |
जहाँ वैकल्पिक दण्ड है वहाँ अपराधी ऐसे दण्ड से दण्डित किया जायेगा जो मात्रा में गुरुतर है |
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इस अध्याय के अधीन बालक द्वारा किया गया अपराध (Offence Committed by Child Under This Chapter) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 89 |
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धारा 89 के अनुसार किशोर न्याय अधिनियम के किस अध्याय के अधीन किया गया अपराध है? |
अध्याय 9 |
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धारा 89 के तहत अपराध करने वाला बालक किस प्रकार वर्गीकृत होता है? |
इस अधिनियम के अधीन विधि का उल्लंघन करने वाला बालक माना जाएगा |
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अध्याय 10 |
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प्रकीर्ण (Miscellaneous) |
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बालक के माता-पिता या संरक्षक की हाजिरी (Attendance of Parent or Guardian of Child) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 90 |
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धारा 90 के अनुसार बालक के माता-पिता या संरक्षक की हाजिरी कब अनिवार्य होती है? |
समिति या बोर्ड, जिसके समक्ष बालक, इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन लाया जाता है, जब भी वह ऐसा करना ठीक समझे, |
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किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 90 में बालक के माता-पिता या संरक्षक की हाजिरी का उद्देश्य क्या है? |
बालक का वास्तविक भारसाधन रखने वाले माता-पिता या संरक्षक से अपेक्षा कर सकेगा |
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किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 90 के अंतर्गत बालक के माता-पिता की उपस्थिति को आवश्यक बताया? |
बालक की सुनवाई और न्याय प्रक्रिया में |
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बालक को हाजिरी से अभिमुक्ति प्रदान करना (Dispensing with Attendance of Child) बालक को हाजिरी से अभिमुक्ति प्रदान करना किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 91 |
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धारा 91 के अनुसार बालक को हाजिरी से कब अभिमुक्ति (मुक्ति) दी जा सकती है? |
जब बालक नाबालिग हो और न्यायालय संतुष्ट हो कि हाजिरी आवश्यक नहीं है |
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बालक को हाजिरी से अभिमुक्ति देने का उद्देश्य क्या है? |
बालक के पुनर्वास को प्रोत्साहित करना |
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किसी अनुमोदित स्थान पर दीर्घकालिक चिकित्सा उपचार की अपेक्षा वाले रोग से पीड़ित बालक का स्थानन (Placement of A Child Suffering from Disease Requiring Prolonged Medical Treatment in An Approved Place) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 92 |
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धारा 92 के अनुसार, दीर्घकालिक चिकित्सा उपचार की आवश्यकता वाले बालक को कहाँ स्थानांतरित किया जाता है? |
किसी उपयुक्त सुविधातंत्र के रूप में मान्यताप्राप्त किसी स्थान पर |
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बालक के दीर्घकालिक चिकित्सा उपचार के लिए स्थानन का उद्देश्य क्या है? |
बालक को अपेक्षित उपचार दिलाना |
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धारा 92 के अंतर्गत बालक का स्थानन किसके आदेश से किया जाता है? |
समिति या बोर्ड के आदेश से |
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ऐसे बालक का स्थानांतरण, जो मानसिक रूप से बीमार है या अल्कोहल या अन्य मादक द्रव्यों का आदी है (Transfer of A Child Who Is Mentally Ill or Addicted to Alcohol or Other Drugs) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 93 |
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धारा 93 के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार या मादक द्रव्यों का आदी बालक का स्थानांतरण कहाँ किया जाता है? |
मनोचिकित्सा अस्पताल या मनोचिकित्सा परिचर्या गृह |
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मानसिक रूप से बीमार बालक का स्थानांतरण कौन करता है? |
समिति या बोर्ड |
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धारा 93 के अंतर्गत मादक द्रव्यों का आदी बालक का स्थानांतरण किसके आदेश से किया जाता है? |
मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 1987 (1987 का 14) या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार समिति या बोर्ड |
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धारा 93 में बालक के स्थानांतरण के लिए कौन सी संस्था जिम्मेदार होती है? |
विशेष गृह या किसी संप्रेषण गृह या किसी बाल गृह या किसी संस्था में जिसमे बालक रखा गया है |
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आयु के विषय में उपधारणा और उसका अवधारण (Presumption and Determination of Age) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 94 |
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धारा 94 के अनुसार, आयु निर्धारण का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
बालक की सही आयु का निर्धारण करना |
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आयु निर्धारण के लिए कौन-से दस्तावेज स्वीकार्य हैं? |
विद्यालय से प्राप्त जन्म तारीख प्रमाणपत्र या संबंधित परीक्षा बोर्ड से मैट्रिकुलेशन या समतुल्य प्रमाणपत्र, निगम या नगरपालिका प्राधिकारी या पंचायत द्वारा दिया गया जन्म प्रमाणपत्र |
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यदि बालक की आयु विवादित हो, तो आयु निर्धारण के लिए क्या किया जाता है? |
नवीनतम चिकित्सीय आयु अवधारण जांच के आधार पर किया जाएगा |
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बालक का उसके निवास स्थान को स्थानांतरण (Transfer of a child to place of residence) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 95 |
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धारा 95 के अंतर्गत बालक के निवास स्थान का स्थानांतरण किसके आदेश पर किया जाता है? |
समिति या बोर्ड |
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बालक का भारत के विभिन्न भागों में बाल गृहों या विशेष गृहों या उचित सुविधा तंत्रों या योग्य व्यक्तियों को स्थानांतरण (Transfer of Child Between Children’s Homes, Or Special Homes or Fit Facility or Fit Person in Different Parts of India) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 96 |
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धारा 96 के अनुसार बालक को भारत के विभिन्न भागों में कहाँ स्थानांतरित किया जा सकता है? |
किसी बाल गृह या विशेष गृह या उचित सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति से राज्य के भीतर किसी गृह या सुविधा तंत्र में |
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बालक के स्थानांतरण का निर्णय किसके आधार पर किया जाता है? |
बोर्ड या समिति की सिफारिश पर |
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धारा 96 के अंतर्गत बालक का स्थानांतरण कौन कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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रिपोटों का गोपनीय माना जाना (Reports to be Treated as Confidential) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 99 |
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धारा 99 के अनुसार, बोर्ड या समिति की रिपोर्टें किस श्रेणी में आती हैं |
गोपनीय दस्तावेज |
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सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण (Protection Of Action Taken in Good Faith) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 100 |
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धारा 100 के अंतर्गत किसे संरक्षण प्रदान किया गया है? |
केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार या. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के निदेशों के अधीन कार्रवाई करने वाले किसी व्यक्ति को |
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कौन-सी शर्त पर कोई अधिकारी धारा 100 के अंतर्गत सुरक्षा प्राप्त कर सकता है? |
यदि कार्य सद्भावपूर्वक किया गया हो |
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धारा 100 किस प्रकार के मामलों में लागू नहीं होती? |
यदि अधिकारी ने जानबूझकर हानि पहुँचाई हो |
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अगर कोई कार्य ‘दुर्भावना’ से किया गया हो तो क्या धारा 100 लागू होगी? |
नहीं |
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अपीलें (Appeals) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 101 |
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धारा 101 के अनुसार अपील दायर करने की अधिकतम समय सीमा क्या है? |
30 दिन |
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किशोर न्याय बोर्ड के आदेश की अपील बाल न्यायालय में कितनी अवधि के भीतर की जा सकेगी? |
आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर |
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जघन्य अपराध में आरम्भिक निर्धारण करने के पश्चात् किशोर न्याय बोर्ड द्वारा पारित आदेश की अपील होगी- |
सत्र न्यायालय के समक्ष |
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सत्र न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील होगी- |
कोई अपील नहीं होगी |
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बाल न्यायालय के आदेश से व्यथित व्यक्ति अपील कर सकेगा- |
उच्च न्यायालय के समक्ष |
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किशोर न्याय बोर्ड या बाल कल्याण समिति द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध प्रावधान कहां है? |
धारा 101 में |
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किस धारा में प्रावधान है कि बाल न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील उच्च न्यायालय में होगी? |
धारा 101 में |
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क्या कोई ऐसे बालक के सम्बन्ध में जिसके बारे में यह अभिकधित है कि उसने ऐसा अपराध किया है जिसने 16 वर्ष की आयु पूरी कर ली है या जो 16 वर्ष से अधिक आयु का है किए गए जघन्य अपराध से भिन्न है बोर्ड आदेश के विरुद्ध अपील होगी? |
नहीं |
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यदि अपील की अवधि समाप्त हो चुकी हो, तो क्या हो सकता है? |
न्यायालय विलंब को स्वीकार कर सकता है यदि उचित कारण हो |
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समिति द्वारा, इस निष्कर्ष के संबंध में कि वह व्यक्ति ऐसा बालक नहीं है जिसे देखरेख और संरक्षा की आवश्यकता हो, किए गए किसी आदेश, के विरुद्ध अपील होगी? |
नहीं |
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कोई व्यक्ति जो जिला मजिस्टेट द्वारा दत्तकग्रहण के किसी आदेश से व्यथित है वह जिला मजिस्ट्रेट द्वारा ऐसा आदेश पारित किए जाने से कितनी अवधि के अवधि के भीतर प्रभागीय आयुक्त के समक्ष अपील कर सकेगा। |
तीस दिन |
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जिला न्यायालय या सत्र न्यायाधीश अपील की सुनवायी कितने दिन के भीतर पूरा करेगा? |
30 दिन के भीतर |
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धारा 101 के अंतर्गत कौन-से आदेशों के विरुद्ध अपील की जा सकती है? |
बाल कल्याण समिति या किशोर न्याय बोर्ड के आदेश |
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धारा 101 के अनुसार अपील किस न्यायालय में की जाती है? |
सत्र न्यायालय |
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पुनरीक्षण (Revision) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 102 |
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धारा 102 के अंतर्गत पुनरीक्षण का अधिकार किस न्यायालय को है? |
उच्च न्यायालय |
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अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत उच्च न्यायालय को निगरानी की शक्ति प्राप्त है? |
धारा 102 में |
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इस अधिनियम की धारा 102 के अन्तर्गत उच्च न्यायालय पुनरीक्षण किन आधारों पर करता है? |
समिति या बोर्ड या बाल न्यायालय के आदेश की वैधता या औचित्य के बारे में अपना समाधान करने के प्रयोजन के लिए |
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धारा 102 के अंतर्गत पुनरीक्षण का प्रयोजन क्या है? |
न्यायिक त्रुटियों को सुधारना |
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जांच, अपीलों और पुनरीक्षण कार्यवाहियों में प्रक्रिया (Procedure in Inquiries, Appeals and Revision Proceedings) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 103 |
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इस अधिनियम के अधीन जाँच अपील एवं पुनरीक्षण की कार्यवाही में कौन-सी प्रक्रिया अपनायी जायेगी? |
समन मामले के विचारण की प्रक्रिया |
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धारा 103 के अनुसार, जांच, अपील या पुनरीक्षण में कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाती है? |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अनुसार |
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समिति या बोर्ड की अपने आदेशों को संशोधित करने की शक्ति (Power of The Committee or The Board to Amend Its Own Orders) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 104 |
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क्या समिति या बोर्ड अपने आदेशों को संशोधित कर सकते हैं? |
हाँ, आवेदन प्राप्त होने पर |
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बाल कल्याण समिति या किशोर न्याय बोर्ड अपने आदेश में संशोधन कर सकता है- |
स्वप्रेरणा से |
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किशोर न्याय बोर्ड या बाल कल्याण समिति अपने आदेश में किसी आकस्मिक या लिपिकीय त्रुटि को ठीक कर सकेगा - |
आवेदन पर, स्वप्रेरणा से |
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किशोर कल्याण बोर्ड या बाल कल्याण समिति को अपने आदेश में संशोधन करने की शक्ति इस अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत प्राप्त है? |
धारा 104 में |
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इस अधिनियम के अधीन नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
धारा 104 में |
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समिति या बोर्ड आदेशों में संशोधन कर सकते हैं जब: |
कोई त्रुटि पाई जाए कोई नया तथ्य सामने आए, आदेश स्पष्ट न हो |
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आदेश संशोधन के लिए बोर्ड के कम से कम कितने सदस्य उपस्थित होने चाहिए? |
दो |
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आदेश संशोधन के लिए समिति के कम से कम कितने सदस्य उपस्थित होने चाहिए? |
तीन |
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क्या लिपिकीय भूलें या उनमें किसी आकस्मिक चूक या लोप से होने वाली त्रुटियाँ भी धारा 104 के अंतर्गत सुधारी जा सकती हैं? |
हाँ, कभी भी |
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किशोर न्याय निधि (Juvenile Justice Fund) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 105 |
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अधिनियम के किस धारा के अन्तर्गत बालकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए किशोर न्याय निधि सुनित करने का प्रावधान किया गया है? |
धारा 105 के अन्तर्गत |
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किशोर न्याय निधि का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
बालकों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना |
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किशोर न्याय निधि का संचालन कौन करता है? |
राज्य सरकार |
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राज्य बालक संरक्षण सोसाइटी और जिला बालक संरक्षण एकक (State Child Protection Society and District Child Protection Unit) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 106 |
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राज्य बालक संरक्षण सोसाइटी का गठन किसके द्वारा किया जाता है? |
राज्य सरकार |
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जिला बालक संरक्षण एकक किस स्तर पर कार्य करता है? |
जिला स्तर |
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राज्य बालक संरक्षण सोसाइटी का मुख्य कार्य क्या है? |
बालकों की सुरक्षा, पुनर्वास और देखरेख के लिए योजना बनाना |
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बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस एकक (Child Welfare Police Officer and Special Juvenile Police Unit) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 107 |
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बाल कल्याण पुलिस अधिकारी कौन हो सकता है? |
प्रत्येक पुलिस स्टेशन में सहायक उपनिरीक्षक से अन्यून पंक्ति के कम से कम एक अधिकारी |
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बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी क्या है |
बालकों पर या तो पीड़ितों या अपराधियों के रूप में कारवाई करना |
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विशेष किशोर पुलिस एककों का गठन कौन करेगा? |
राज्य सरकार |
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विशेष किशोर पुलिस एककों का प्रधान कौन हो सकता है? |
उप पुलिस अधीक्षक या उससे ऊपर के रैंक का पुलिस अधिकारी होगा |
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विशेष किशोर पुलिस एककों के अंतर्गत कौन कौन अन्य सदस्य भी शामिल है? |
बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रखने वाले दो सामाजिक कार्यकर्ता, जिनमें एक महिला होगी, होंगे |
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विशेष किशोर पुलिस एकक का गठन किस उद्देश्य से किया जाता है? |
बालकों से संबंधित पुलिस के सभी कृत्यों का समन्वय करने के लिए |
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किस केस में उच्च न्यायालय ने विशेष किशोर पुलिस एकक की भूमिका और संवेदनशीलता पर जोर दिया था? |
अनीता बनाम महाराष्ट्र राज्य' |
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अधिनियम के बारे में लोक जागरूकता (Public awareness on provisions of Act) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 108 |
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अधिनियम के बारे में जागरूकता फैलाने के सम्बन्ध में उपाय कौन करेगा? |
केन्द्रीय सरकार और प्रत्येक राज्य सरकार |
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धारा 108 के अनुसार राज्य सरकार का क्या कर्तव्य है? |
जनता के बीच किशोर न्याय अधिनियम के बारे में जागरूकता फैलाना |
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अधिनियम के बारे में लोक जागरूकता का उद्देश्य क्या है? |
बालकों के अधिकारों और संरक्षण के बारे में समाज को जागरूक करना |
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अधिनियम के कार्यान्वयन को मानीटर करना (Monitoring of Implementation of Act) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 109 |
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धारा 109 के अनुसार अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी कौन करता है? |
राष्ट्रीय अधिकार संरक्षण आयोग, और धारा 17 के अधीन गठित राज्य बालक अधिकार संरक्षण आयोग (जिन्हें इसमें, यथास्थिति, राष्ट्रीय आयोग या राज्य आयोग कहा गया है) |
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नियम बनाने की शक्ति (Power to Make Rules) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 110 |
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धारा 110 के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास होती है? |
राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा |
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निरसन और व्यावृत्ति (Repeal and Savings) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 111 |
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धारा 111 के अनुसार अधिनियम से संबंधित विवादों का निरसन कैसे किया जाता है? |
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 (2000 का 56) इसके द्वारा निरसित किया जाता है |
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कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति (Power to Remove Difficulties) किस धारा से सम्बंधित है? |
धारा 112 |
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धारा 112 के अनुसार कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति किसके पास होती है? |
केन्द्रीय सरकार |
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कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति का उपयोग कब किया जाता है? |
इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से दो वर्ष की अवधि की समाप्ति से पहले |