MP Rajya Suraksha Adhiniyam One Liner PDF
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मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 (THE MADHYA PRADESH RAJYA SURAKSHA ADHINIYAM, 1990) |
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[1991 का अधिनियम सं. 4] (NO. 4 OF 1991) |
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? |
मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 (The Madhya Pradesh Rajya Suraksha Adhiniyam, 1990) |
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इस अधिनियम का अधिनियम सं क्या है? |
1991 का अधिनियम सं. 4 (NO. 4 OF 1991) |
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मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम किस वर्ष अधिनियमित हुआ? |
1990 |
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यह अधिनियम भारत गणराज्य के किस वर्ष में अधिनियमित हुआ? |
इक्तालीसवें वर्ष |
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यह अधिनियम किसके द्वारा अधिनियमित किया गया? |
मध्यप्रदेश विधान मण्डल |
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इस अधिनियम का विस्तार कहाँ तक है? |
सम्पूर्ण मध्यप्रदेश |
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अध्याय-1 (CHAPTER-I) |
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प्रारंभिक (PRELIMINARY) |
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धारा 1 किससे संबंधित है? |
संक्षिप्त नाम तथा विस्तार (Short title and extent) |
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अध्याय-2 (CHAPTER-II) |
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व्यक्तियों के आने-जाने और उनके कार्यों का निर्बन्धन (RESTRICTION OF MOVEMENTS AND ACTIONS OF PERSONS) |
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परिभाषा (Definitions) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? |
धारा 2 |
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“निर्बन्धन आदेश” (restriction order) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(1) |
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“निर्बन्धन आदेश” से क्या अभिप्रेत है? |
धारा 3 के अधीन किया गया आदेश |
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निर्बन्धन आदेश करने की शक्ति, (Power to make restriction order) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 3 |
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धारा 3 के अंतर्गत निर्बन्धन आदेश करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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जिला मजिस्ट्रेट निर्बन्धन आदेश कब कर सकता है? |
जब व्यक्ति के कार्य से राज्य सुरक्षा या लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो |
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निर्बन्धन आदेश करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट को किस बात का समाधान होना आवश्यक है? |
जनसाधारण के हित में आदेश आवश्यक होना |
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यदि किसी जिला मजिस्ट्रेट का किसी व्यक्ति के सम्बन्ध में यह समाधान हो जाता है कि वह किसी ऐसी रीति में कार्य कर रहा है या उसके किसी ऐसी रीति में कार्य करने की सम्भावना है जिससे राज्य सुरक्षा पर या लोक व्यवस्था बनाये रखने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, और यह कि उसे इस प्रकार कार्य करने से रोकने के लिए जनसाधारण के हित में यह आवश्यक है कि इस धारा के अधीन आदेश किया जाए, तो जिला मजिस्ट्रेट आदेश करेगा कि- |
उससे यह अपेक्षा की जा सकेगी कि वह ऐसी रीति में ऐसे समयों पर तथा ऐसे प्राधिकारी या व्यक्ति को जैसा कि उस आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाये अपने आने जाने की सूचना दे या उसके समक्ष उपस्थित हो या अपने आने-जाने की सूचना भी दे और उपस्थित भी हो, ऐसे व्यक्तियों से, जो कि उस आदेश में उल्लिखित किये जायें, सहयुक्त रहने या उनसे सम्पर्क रखने के सम्बन्ध में उस पर ऐसे निर्बन्धन अधिरोपित किये जा सकेंगे जो उस आदेश में विनिर्दिष्ट किये जायें, किसी भी ऐसी वस्तु या वस्तुओं का, जो उस आदेश में विनिर्दिष्ट की जायें, उसके द्वारा कब्जे में रखा जाना या उपयोग में लाया जाना प्रतिषिद्ध या निर्बन्धित किया जा सकेगा। |
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निर्बन्धन आदेश कितनी अवधि के लिए प्रवर्तन में रहेगा? |
आदेश में विनिर्दिष्ट अवधि तक |
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निर्बन्धन आदेश की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? |
एक वर्ष |
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निर्बन्धन आदेश की अवधि किस तिथि से गणना की जाएगी? |
आदेश की तारीख से |
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क्या निर्बन्धन आदेश एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए किया जा सकता है? |
नहीं |
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अध्याय-3 (CHAPTER-III) |
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समाज विरोधी तत्वों और पूर्व में सिद्धदोष ठहराये गये व्यक्तियों का तितर-बितर किया जाना (DISPERSAL OF ANTI-SOCIAL ELEMENTS AND PREVIOUS CONVICTS) |
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व्यक्तियों के दलों तथा समूहों का तितर-बितर किया जाना, (Dispersal of gangs and bodies of persons) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 4 |
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धारा 4 के अंतर्गत आदेश जारी करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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जिला मजिस्ट्रेट धारा 4 के अंतर्गत आदेश कब कर सकता है? |
जब कभी जिला मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत हो कि जिले में व्यक्तियों के किसी दल या समूह के आने-जाने या पड़ाव से खतरा या संत्रास कारित हो रहा है या ऐसा आना-जाना या पड़ाव, खतरा या संत्रास कारित करने के लिए प्रकल्पित है या ऐसा युक्तियुक्त संदेह है कि ऐसे दल या समूह या उसके सदस्यों द्वारा विधिविरुद्ध परिकल्पना की जा रही है |
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धारा 4 के अंतर्गत आदेश किसे सम्बोधित किया जाता है? |
दल या समूह के नेता या मुखिया को |
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धारा 4 के अंतर्गत आदेश का प्रकाशन कैसे किया जा सकता है? |
डोंडी पिटवाकर या अन्यथा |
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धारा 4 के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट किसे निर्देश दे सकता है? |
दल या समूह के सदस्यों को |
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धारा 4(क) के अंतर्गत दल या समूह को किस प्रकार आचरण करने का निर्देश दिया जा सकता है? |
हिंसा तथा संत्रास का निवारण करने हेतु |
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धारा 4(ख) के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट क्या निर्देश दे सकता है? |
वे तितर-बितर हो जायें तथा उनमें से प्रत्येक सदस्य जिले या उसके किसी भाग या ऐसे क्षेत्र तथा उसके समीपस्थ किसी जिले या जिलों या उसके / उनके किसी भाग के बाहर ऐसे समय के भीतर चला जाये जो जिला मजिस्ट्रेट विनिर्दिष्ट करें, और यथास्थिति उक्त जिले या उसके भाग या ऐसे क्षेत्र तथा ऐसे समीपस्थ जिलों या उनके भाग में प्रवेश न करे या उस स्थान को न लौटे जहाँ से चले जाने के लिए उनमें से प्रत्येक को निदेश दिया गया था |
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अपराध करने के लिए आमादा व्यक्तियों का हटाया जाना, (Removal of persons about to commit offence) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 5 |
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धारा 5 के अंतर्गत आदेश जारी करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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धारा 5 के अंतर्गत आदेश कब किया जा सकता है? |
जब जिला मजिस्ट्रेट को ऐसा प्रतीत हो |
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धारा 5(क) के अनुसार किससे संत्रास, खतरा या अपहानि कारित हो सकती है? |
व्यक्ति के आने-जाने या कार्यों से |
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धारा 5(क) के अंतर्गत संत्रास या खतरा किसे हो सकता है? |
मानव शरीर या सम्पत्ति को |
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धारा 5(ख) में किस प्रकार के अपराध का उल्लेख है? |
बल या हिंसा अन्तर्बलित अपराध |
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धारा 5(ख) के अनुसार किस संहिता के अध्यायों का उल्लेख है? |
भारतीय दण्ड संहिता के अध्याय 12, 16, 17 (भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 10,5 (धारा 80 से 87 के सिवाय) 6 या 17) |
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धारा 5(ख) में भारतीय दण्ड संहिता 1860 (भारतीय न्याय संहिता 2023) की किन धाराओं का विशेष उल्लेख है? |
भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 506, 509 (भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 351(2)(3) या 79) |
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धारा 5(ख) के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट को किस बात का विश्वास होना चाहिए? |
व्यक्ति अपराध में संलग्न है या होने को आमादा है |
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साक्षीगण खुले आम साक्ष्य देने के लिए क्यों रजामंद नहीं होते? |
अपने शरीर या सम्पत्ति की सुरक्षा की आशंका के कारण |
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धारा 5(ग) किससे संबंधित है? |
अप्रवासी के लगातार निवास से महामारी |
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धारा 5 के अंतर्गत आदेश किस रूप में दिया जाता है? |
लिखित आदेश |
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धारा 5 के अंतर्गत आदेश का प्रकाशन कैसे किया जा सकता है? |
डोंडी पिटवाकर या अन्यथा |
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धारा 5(क) के अंतर्गत व्यक्ति को किस प्रकार आचरण करने का निर्देश दिया जा सकता है? |
हिंसा या संत्रास का निवारण करने हेतु |
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धारा 5(ख) के अंतर्गत व्यक्ति को क्या करने का निर्देश दिया जा सकता है? |
जिले या उसके भाग से बाहर चले जाने का |
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धारा 5 के अंतर्गत व्यक्ति को कहाँ जाने से रोका जा सकता है? |
उस क्षेत्र में जहाँ से हटने का निर्देश दिया गया था |
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धारा 5 के अंतर्गत निर्देश किस मार्ग से जाने के संबंध में दिया जा सकता है? |
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विनिर्दिष्ट मार्ग से |
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धारा 5 के अंतर्गत निर्देश किस समय के भीतर पालन किया जाना चाहिए? |
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विनिर्दिष्ट समय के भीतर |
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कतिपय अपराधों के लिए दोषसिद्ध ठहराये गये व्यक्तियों का हटाया जाना, (Removal of persons convicted of certain offences) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 6 |
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धारा 6 के अंतर्गत आदेश जारी करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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धारा 6 का प्रयोग किस स्थिति में किया जाता है? |
जब व्यक्ति पूर्व में अपराधों के लिए सिद्धदोष ठहराया गया हो |
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धारा 6(क)(i) के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता 1860 (भारतीय न्याय संहिता 2023) के किन अध्यायों का उल्लेख है? |
भारतीय दण्ड संहिता के अध्याय 12, 16, 17 (भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 10,5 (धारा 80 से 87 के सिवाय) 6 या 17) |
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धारा 6(क)(i) में भारतीय दण्ड संहिता 1860 (भारतीय न्याय संहिता 2023) की किन धाराओं का विशेष उल्लेख है? |
भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 506, 509 (भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 351(2)(3) या 79) |
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धारा 6(क)(ii) में किस अधिनियम के अंतर्गत अपराध का उल्लेख है? |
सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 |
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धारा 6(ख) के अंतर्गत किस अधिनियम का उल्लेख है? |
स्त्री तथा लड़की अनैतिक व्यापार दमन अधिनियम, 1956 |
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धारा 6(ख) के अंतर्गत कितनी बार दोषसिद्ध होना आवश्यक है? |
दो बार |
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धारा 6(ग) के अंतर्गत किस अधिनियम का उल्लेख है? |
सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 |
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सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 की किन धाराओं का उल्लेख धारा 6(ग) में है? |
धारा 3, 4, 4-क |
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धारा 6(ग) के अंतर्गत कितनी अवधि में कितनी बार दोषसिद्ध होना आवश्यक है? |
तीन वर्ष में तीन बार |
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जिला मजिस्ट्रेट धारा 6 के अंतर्गत आदेश कब दे सकता है? |
जब उसे विश्वास करने का कारण हो कि व्यक्ति पुनः समरूप अपराध करेगा |
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धारा 6 के अंतर्गत व्यक्ति को क्या निर्देश दिया जा सकता है? |
जिले या उसके भाग से बाहर चले जाने का |
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धारा 6 के अंतर्गत व्यक्ति को किस क्षेत्र में प्रवेश से रोका जा सकता है? |
जिले, उसके भाग तथा समीपस्थ जिलों में |
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धारा 6 के अंतर्गत व्यक्ति को किस मार्ग से जाने का निर्देश दिया जा सकता है? |
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विनिर्दिष्ट मार्ग से |
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धारा 6 की स्पष्टीकरण किस विषय से संबंधित है? |
समरूप अपराध की परिभाषा |
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खण्ड (क) के मामलों में “समरूप अपराध” का क्या अर्थ है? |
खण्ड (क) में वर्णित अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराये गये व्यक्ति के मामले में, उस खण्ड में वर्णित भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का सं. 45) (भारतीय न्याय संहिता 2023) के अध्यायों या धाराओं में से किसी के भी अन्तर्गत आने वाले अपराध या उस खण्ड के उपखण्ड (2) में वर्णित अधिनियम के उपबन्धों के अन्तर्गत आने वाला अपराध; और खण्ड (ख) तथा (ग) में वर्णित अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराये गये व्यक्ति के मामले में उक्त खण्डों में क्रमशः वर्णित अधिनियमों के उपबन्धों के अन्तर्गत आने वाले अपराध |
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धारा 4, 5 या 6 के अधीन आदेशों के प्रवर्तन की कालावधि, (Period of operation of orders under Sections 4, 5, or 6) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 7 |
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धारा 7 किन धाराओं के अधीन दिए गए आदेशों से संबंधित है? |
धारा 4, 5 और 6 |
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धारा 7 का विषय क्या है? |
आदेशों के प्रवर्तन की कालावधि |
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धारा 7 के अंतर्गत कौन-सा निर्देश दिया जाता है? |
किसी क्षेत्र में प्रवेश न करने का |
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धारा 7 के अंतर्गत प्रवेश निषेध किस क्षेत्र के लिए हो सकता है? |
जिला, उसका भाग तथा समीपस्थ जिले या उनके भाग |
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धारा 7 के अनुसार निर्देश किस अवधि के लिए होगा? |
आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के लिए |
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धारा 7 के अनुसार अधिकतम कालावधि कितनी हो सकती है? |
एक वर्ष |
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आदेश की अधिकतम अवधि किस तिथि से गणना की जाएगी? |
जिस तारीख को आदेश किया गया था |
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क्या धारा 7 के अंतर्गत आदेश एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए हो सकता है? |
नहीं |
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धारा 7 में “यथास्थिति” शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? |
प्रवेश निषेध के संबंध में |
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धारा 7 के अंतर्गत निर्देश किस प्रकार के आदेश से संबंधित है? |
निवारक आदेश |
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धारा 7 के अंतर्गत अवधि का उल्लेख क्यों किया गया है? |
निवारक आदेश की सीमा निर्धारित करने हेतु |
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धारा 7 का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
आदेशों की वैधता को सीमित करना |
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धारा 3, 4, 5 या 6 के अधीन आदेश पारित किये जाने के पूर्व सुनवाई की जाएगी, (Hearing to be given before order under Sections 3,4, 5, or 6 is passed) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 8 |
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धारा 8 किन धाराओं के अधीन आदेश पारित किए जाने से पूर्व लागू होती है? |
धारा 3, 4, 5 और 6 |
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धारा 8(1) के अनुसार आदेश पारित करने से पूर्व जिला मजिस्ट्रेट क्या करेगा? |
तात्विक अभिकथनों के सामान्य स्वरूप की लिखित जानकारी देगा |
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धारा 8(1) के अनुसार व्यक्ति को किस बात का अवसर दिया जाएगा? |
स्पष्टीकरण देने का युक्तियुक्त अवसर |
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धारा 8(2) के अनुसार आवेदन अस्वीकार करने के लिए क्या आवश्यक है? |
कारणों का अभिलेख में लेखबद्ध किया जाना |
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व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत लिखित कथन का क्या किया जाएगा? |
मामले के अभिलेख के साथ फाइल किया जाएगा |
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धारा 8(3) के अनुसार व्यक्ति किसके माध्यम से उपसंजात हो सकता है? |
किसी विधि व्यवसायी के माध्यम से |
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धारा 8(4) के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट व्यक्ति से क्या अपेक्षा कर सकता है? |
समक्ष उपसंजात होने की |
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धारा 8(4) के अंतर्गत प्रतिभूति बंधपत्र कैसा हो सकता है? |
प्रतिभू सहित या रहित |
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यदि व्यक्ति प्रतिभूति बंधपत्र निष्पादित नहीं करता या उपस्थित नहीं होता, तो जिला मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? |
एकपक्षीय कार्यवाही करेगा |
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धारा 8(5) के अनुसार एकपक्षीय कार्यवाही के बाद क्या किया जा सकता है? |
प्रस्तावित आदेश पारित किया जा सकता है |
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अपील, (Appeal) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 9 |
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धारा 9 के अंतर्गत अपील किसके विरुद्ध की जा सकती है? |
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 3, 4, 5 या 6 के अधीन किए गए आदेश के विरुद्ध |
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धारा 9 के अंतर्गत अपील किस अधिकारी द्वारा किए गए आदेश के विरुद्ध भी की जा सकती है? |
धारा 13 के अधीन विशेष रूप से सशक्त अधिकारी |
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अपील किस प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी? |
राज्य सरकार |
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आदेश की तारीख से कितने दिनों के भीतर अपील की जा सकती है? |
30 दिन |
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धारा 9(1) के अनुसार अपील का विनिश्चय यथासंभव कितने समय में किया जाएगा? |
चार मास |
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धारा 9(2) के अनुसार अपील किस रूप में की जाएगी? |
ज्ञापन के रूप में |
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अपील के ज्ञापन में क्या देना आवश्यक है? |
आपत्ति के आधार संक्षेप में |
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अपील के साथ क्या संलग्न किया जाना अनिवार्य है? |
आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि |
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अपील प्राप्त होने पर राज्य सरकार अपीलार्थी को क्या अवसर देगी? |
व्यक्तिशः या विधि व्यवसायी द्वारा सुने जाने का |
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राज्य सरकार अपील पर विचार करते समय क्या कर सकती है? |
आदेश की पुष्टि, फेरफार या विखण्डन |
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अपील लंबित रहने के दौरान मूल आदेश की स्थिति क्या होगी? |
राज्य सरकार के अन्यथा निदेश न देने तक प्रवर्तन में रहेगा |
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धारा 9(4) के अनुसार 30 दिन की अवधि की गणना में किस समय को छोड़ दिया जाएगा? |
आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने में लगा समय |
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कतिपय मामलों में पारित आदेश की अन्तिमता, (Finality of orders passed for in certain cases) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 10 |
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धारा 10 के अनुसार किन धाराओं के अधीन पारित आदेश की अन्तिमता निर्धारित की गई है? |
धारा 3, 4, 5 या 6 |
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धारा 10 के अनुसार धारा 3, 4, 5 या 6 के अधीन पारित किया गया कोई आदेश किसी न्यायालय में किन आधारों पर प्रश्नगत किया जाएगा? |
यह कि जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 8 की उपधारा (1) में दी गयी प्रक्रिया का अनुसरण नहीं किया था; या यह कि जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष ऐसी कोई सामग्री नहीं थी जिस पर वह आदेश आधारित कर सकता था; या यह कि जिला मजिस्ट्रेट की यह राय नहीं थी कि साक्षीगण उस व्यक्ति के विरुद्ध जिसके कि सम्बन्ध में धारा 5 के अधीन आदेश पारित किया गया था, खुलेआम साक्ष्य देने हेतु आगे आने के लिए रजामंद नहीं थे। |
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धारा 10 के अनुसार आदेश को न्यायालय में किस प्रकार प्रश्नगत किया जा सकता है? |
केवल निर्दिष्ट आधारों पर ही, अन्यथा नहीं |
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व्यक्ति द्वारा जिला आदि न छोड़ने पर तथा हटाये जाने के पश्चात् उसके द्वारा उसमें प्रवेश करने पर प्रक्रिया, (Procedure on failure of person to leave the district, etc., and his entry therein after removal) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 11 |
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धारा 11 किन धाराओं के अधीन जारी निदेश के उल्लंघन से संबंधित है? |
धारा 4, 5 या 6 |
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धारा 11 की कार्यवाही कब प्रारम्भ होती है? |
निदेशित किये गये अनुसार नहीं हट जाता है, या इस प्रकार हट जाने पर, धारा 12 में यथा उपबन्धित लिखित अनुज्ञा के सिवाय, यथास्थिति जिले या उसके भाग या उसके समीपस्थ किसी जिले या जिलों या उसके / उनके किसी भाग में, आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर प्रवेश करता है |
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निदेशित किये गये अनुसार नहीं हट जाता है, या इस प्रकार हट जाने पर, धारा 12 में यथा उपबन्धित लिखित अनुज्ञा के सिवाय, यथास्थिति जिले या उसके भाग या उसके समीपस्थ किसी जिले या जिलों या उसके / उनके किसी भाग में, आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर प्रवेश करता है तो जिला मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? |
जिला मजिस्ट्रेट उसे गिरफ्तार करवा सकेगा और पुलिस अभिरक्षा में उसे ऐसे क्षेत्र के बाहर ऐसे स्थान को, जिसे जिला मजिस्ट्रेट प्रत्येक मामले में विनिर्दिष्ट करे, हटवा सकेगा |
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उस जिले आदि में जिससे हट जाने के लिए किसी व्यक्ति को निदेश दिया गया था, प्रवेश करने या लौटने की अनुज्ञा, (Temporary permission to enter or return to the district, etc. from which a person was directed to remove himself) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 12 |
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धारा 12 के अंतर्गत प्रवेश या लौटने की अनुज्ञा कौन दे सकता है? |
राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट |
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धारा 12 के अंतर्गत अनुज्ञा किन धाराओं के आदेश से संबंधित व्यक्ति को दी जा सकती है? |
धारा 4, 5 या 6 |
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अनुज्ञा किस प्रकार की कालावधि के लिए दी जा सकती है? |
अस्थायी |
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धारा 12(1) के अनुसार अनुज्ञा किस रूप में दी जाएगी? |
लिखित |
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अनुज्ञा किन शर्तों के अधीन दी जा सकती है? |
अनुज्ञा में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन |
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धारा 12(2) के अनुसार अनुज्ञा का प्रतिसंहरण कौन कर सकता है? |
राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट |
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अनुज्ञा देते समय प्राधिकारी व्यक्ति से क्या अपेक्षा कर सकता है? |
प्रतिभू सहित या रहित बंध-पत्र |
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धारा 12 के अंतर्गत अनुज्ञा प्राप्त व्यक्ति का कर्तव्य क्या है? |
अनुज्ञा की शर्तों का अनुपालन करना |
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अस्थायी कालावधि की समाप्ति पर व्यक्ति को क्या करना होगा? |
निर्दिष्ट क्षेत्र के बाहर चला जाना |
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मूल आदेश की अवशिष्ट अवधि में बिना क्या किये व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता? |
नवीन अनुज्ञा |
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यदि व्यक्ति अनुज्ञा की शर्तों का उल्लंघन करता है तो जिला मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? |
गिरफ्तार करवा सकता है |
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उल्लंघन की स्थिति में व्यक्ति को किस अभिरक्षा में रखा जाएगा? |
पुलिस अभिरक्षा |
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धारा 12(5) के अनुसार यह कार्यवाही किस पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगी? |
अन्य किसी कार्यवाही पर जो अधिनियम के अधीन की जा सकती है |
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निर्वासन (एक्सटर्नमेन्ट) की राज्य सरकार की शक्ति, (Power of externment of State Government) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 13 |
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धारा 13 के अंतर्गत निर्वासन की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार या विशेष रूप से सशक्त अधिकारी |
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धारा 13(1) के अनुसार राज्य सरकार किन धाराओं की शक्तियों का प्रयोग कर सकती है? |
धारा 3, 4, 5 या 6 |
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राज्य सरकार द्वारा शक्तियों का प्रयोग किस प्रकार किया जाएगा? |
वैसी ही परिस्थितियों और वैसी ही रीति में |
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धारा 13(1) के अनुसार किन व्यक्तियों को हटाने का निर्देश दिया जा सकता है? |
दलों, समूहों, व्यक्तियों, अप्रवासियों एवं सिद्धदोष व्यक्तियों को |
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राज्य सरकार किसी व्यक्ति को किस क्षेत्र से हटने का निर्देश दे सकती है? |
किसी जिले या जिलों या उनके भाग से, समीपस्थ हों या न हों |
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हटाये गये व्यक्ति को किस क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सकता है? |
किसी जिले या जिलों या उनके भाग में, समीपस्थ हों या न हों |
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धारा 13(2) के अनुसार किन धाराओं के उपबन्ध इस धारा पर लागू होंगे? |
धारा 7, 8, 9, 10, 11 और 12 |
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धारा 13(2) में उपबन्धों को किस रूप में लागू किया जाएगा? |
यथावश्यक परिवर्तन सहित |
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यदि आदेश विशेष रूप से सशक्त अधिकारी द्वारा पारित किया गया हो, तो अपील किसके समक्ष की जाएगी? |
राज्य सरकार |
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धारा 13(3) के अनुसार राज्य सरकार किस स्थिति में अपने आदेश का पुनर्विलोकन कर सकती है? |
स्वप्रेरणा से या व्यथित व्यक्ति के आवेदन पर |
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पुनर्विलोकन के पश्चात् राज्य सरकार क्या कर सकती है? |
ऐसा आदेश पारित कर सकती है जैसा वह उचित समझे |
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राज्य सरकार द्वारा पारित आदेश में फेरफार या उलटाव से पूर्व क्या आवश्यक है? |
सम्बन्धित व्यक्ति को सुने जाने का अवसर |
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धारा 3, 4, 5, 6 और 13 के अधीन निदेशों का उल्लंघन के लिये शास्ति, (Penalty for contravention of directions under Sections 3, 4, 5, 6 or 13) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 14 |
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धारा 14 के अंतर्गत कौन-से आदेशों के उल्लंघन पर दण्ड निर्धारित किया गया है? |
धारा 3, 4, 5, 6 और 13 |
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धारा 14 के अनुसार उल्लंघन करने वाला व्यक्ति किस कृत्य के लिए दण्डनीय होगा? |
आदेश का विरोध, अवज्ञा या अनुवर्तन न करना |
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धारा 14 के अनुसार किसी का दुष्प्रेरण करना किसे दण्डनीय बनाता है? |
आदेश के विरोध या अवज्ञा के लिए किसी को उकसाना |
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धारा 14 के अंतर्गत उल्लंघन के लिए किस प्रकार के दण्ड से दण्डनीय होगा? |
वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, किन्तु जो, लेखबद्ध किये जाने वाले कारणों के सिवाय चार मास से कम नहीं होगी, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा । |
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जिस क्षेत्र के हट जाने के लिए किसी व्यक्ति को निदेश दिया गया हो उस क्षेत्र में, अनुज्ञा के बिना, प्रवेश करने के लिये या जब अस्थायी रूप से लौटने के लिए अनुज्ञा दी गई हो तो अधिक ठहरने के लिये शास्ति, (Penalty for entering without permission area from which a person is directed to remove himself or over staying when permitted to return temporarily) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 15 |
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धारा 15 के अनुसार किस प्रकार के प्रवेश पर दण्ड लगाया जा सकता है? |
धारा 11 में उपबन्धित की गई परिस्थितियों तथा रीति में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने और हटाने की शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कोई व्यक्ति, जो- धारा 4, 5, 6 या 13 के अधीन उसको जारी किये गये निदेश के उल्लंघन में उस जिले या उसके भाग, या ऐसे क्षेत्र तथा किसी अन्य जिले या जिलों या उसके / उनके भाग में, जिससे हट जाने के लिये उसे निदेश दिया गया था, अनुज्ञा के बिना प्रवेश करेगा या लौटेगा; धारा 12 के अधीन मंजूर की गई अनुज्ञा से, किसी ऐसे पूर्वोक्त क्षेत्र या जिले या उसके भाग में प्रवेश करेगा या लौटेगा किन्तु उसके उपबन्धों के प्रतिकूल उस अस्थायी कालावधि की, जिसके लिये कि उसे प्रवेश करने या लौटने की अनुज्ञा दी गई थी, समाप्ति पर या ऐसी अनुज्ञा का पूर्वतर प्रतिसंहरण हो जाने पर ऐसे क्षेत्र से बाहर नहीं हटेगा या ऐसी अस्थायी कालावधि की समाप्ति पर या अनुज्ञा का प्रतिसंहरण हो जाने पर हट जाने के पश्चात्, नवीन अनुज्ञा के बिना तत्पश्चात् प्रवेश करेगा या लौटेगा |
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धारा 15 में किस प्रकार के दण्ड से दण्डनीय होगा? |
वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी किन्तु जो, लेखबद्ध किये जाने वाले कारणों के सिवाय, छह मास से कम की नहीं होगी, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा |
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धारा 3 के अधीन पारित किये गये आदेश या धारा 4, 5, 6 या 13 के अधीन जारी किये निदेशों के उल्लंघन के लिये अभियोजनों में उपधारणा, (Presumption in prosecutions for contravention of order passed under section 3 or directions issued under sections 4, 5, 6 ог 13) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 16 |
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तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, धारा 3 के अधीन पारित किये गये आदेश या धारा 4, 5, 6 या 13 के अधीन जारी किये गये निदेश के उल्लंघन सम्बन्धी किसी अपराध के अभियोजन में,आदेश की अधिप्रमाणित प्रति पेश किये जाने पर, जब तक कि प्रतिकूल साबित न कर दिया जाये तथा जिसे साबित करने का भार अभियुक्त पर होगा, यह उपधारणा की जायेगी- |
आदेश, यथास्थिति जिला मजिस्ट्रेट या धारा 18 के अधीन राज्य सरकार द्वारा सशक्त किये गये उपखण्ड मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार या धारा 13 के अधीन राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त किये गये किसी अधिकारी द्वारा किया गया था, यथास्थिति जिला मजिस्ट्रेट या धारा 18 के अधीन राज्य सरकार द्वारा सशक्त किये गये अपर जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार या धारा 13 के अधीन राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त किये गये किसी अधिकारी का यह समाधान हो गया था कि वे आधार जिन पर या वह प्रयोजन जिसके लिए वह किया गया था, विद्यमान था तथा उस आदेश का किया जाना आवश्यक था, और आदेश अन्यथा विधिमान्य था और इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुरूप था |
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उस व्यक्ति द्वारा निष्यादित किये गये बंध-पत्र का समपहरण जिसे उस क्षेत्र में प्रवेश करने या लौटने की अनुज्ञा दी गई थी जिस क्षेत्र से हट जाने का उसे निदेश दिया गया था, (Forfeiture of bond entered into by person permitted to enter or return to the area from which he was directed to remove himself) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 17 |
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यदि धारा 12 की उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात कोई व्यक्ति, उक्त उपधारा के अधीन या उक्त धारा की उपधारा (3) के अधीन उसके द्वारा निष्पादित किये गये बन्ध-पत्र में अधिरोपित की गई किसी शर्त का अनुपालन नहीं करता है, तो- |
उसके बन्ध-पत्र का समपहरण कर लिया जाएगा और उसके द्वारा आबद्ध कोई भी व्यक्ति तत्सम्बन्धी शास्ति का भुगतान करेगा या न्यायालय के समाधान योग्य कारण बतलायेगा कि ऐसी शास्ति का भुगतान क्यों नहीं किया जाना चाहिए । |
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जिला मजिस्ट्रेटों की शक्तियों तथा कर्त्तव्यों का प्रत्यायोजन, (Delegation of power and duties of District Magistrates) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 18 |
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धारा 18 के अनुसार कौन निदेश दे सकेगी? |
राज्य सरकार आदेश द्वारा |
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राज्य सरकार आदेश द्वारा क्या निदेश दे सकेगी? |
इस अधिनियम के अधीन जिला मजिस्ट्रेट को प्रदत्त किसी शक्ति का या उस पर अधिरोपित किये गये किसी कर्तव्य का प्रयोग या पालन ऐसे अपर जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा तथा ऐसे क्षेत्रों के लिए, जो कि आदेश में विनिर्दिष्ट किये जायें, किया जाएगा |
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धारा 18 के अनुसार आदेश किस विधि के प्रभाव में होते हुए भी जारी किए जा सकते हैं? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) |
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जानकारी का स्त्रोत प्रकट नहीं किया जाएगा, (Sources of information not to be disclosed) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 19 |
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धारा 19 के अनुसार जानकारी का स्रोत कब प्रकट नहीं किया जाएगा? |
जब जानकारी प्रकट करने से स्रोत की पहचान हो सकती हो |
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धारा 19 में कौन-सी अधिकारी जानकारी का स्रोत प्रकट नहीं करेगा? |
राज्य सरकार या धारा 13 के अधीन सशक्त अधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट या धारा 18 के अधीन सशक्त अपर जिला मजिस्ट्रेट/उपखण्ड मजिस्ट्रेट, उपर्युक्त दोनों |
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धारा 19 में यह अपेक्षा किससे नहीं की जाएगी? |
न्यायालय से कि वह स्रोत का नाम प्रकट करे, स्रोत से कि वह स्वयं का नाम प्रकट करे, राज्य सरकार या सशक्त अधिकारी से कि वह जानकारी का स्रोत प्रकट करे |
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धारा 19 का उद्देश्य क्या है? |
जानकारी के स्रोत की सुरक्षा सुनिश्चित करना |
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धारा 19 के अनुसार किसके विरुद्ध आदेश के संदर्भ में जानकारी का स्रोत छुपाया जाएगा? |
धारा 3, 4, 5, 6 और 13 के अधीन आदेश |
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धारा 19 के अनुसार यदि स्रोत प्रकट हो जाता है तो क्या हो सकता है? |
व्यक्ति की पहचान उजागर हो सकती है |
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धारा 19 में किस प्रकार की जानकारी सुरक्षित रहती है? |
ऐसी जानकारी जिससे स्रोत की पहचान हो सकती हो |
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धारा 19 के अंतर्गत कौन-सा अधिकारी स्रोत की पहचान छुपाने का अधिकार रखता है? |
जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट, धारा 18 के अधीन सशक्त किये गये अधिकारी, धारा 13 के अधीन सशक्त किये गये अधिकारी |
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अध्याय-4 (CHAPTER-IV) |
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समाज विरोधी क्रियाकलापों का नियंत्रण (CONTROL OF ANTI-SOCIAL ACTIVITIES) |
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संक्षारक पदार्थ आदि के विधिविरुद्ध कब्जे के लिये दण्ड, (Punishment for unlawful possession of corrosive substance etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 20 |
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धारा 20 के अनुसार किस प्रकार के पदार्थ पर यह प्रावधान लागू होता है? |
संक्षारक (कारोसिव) पदार्थ, या द्रव |
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धारा 20 के अनुसार व्यक्ति कब दण्डनीय होगा? |
जब वह पदार्थ को अपने शरीर पर रख कर ले जाता है या नियंत्रण में रखता है और विधिपूर्ण उद्देश्य सिद्ध नहीं कर सकता |
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धारा 20 में दण्ड की अवधि क्या है? |
कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा । |
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क्षेत्र के निवासियों पर सामूहिक जुर्मानों का अधिरोपण, (Imposition of collective fine on inhabitants of area) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 21 |
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धारा 21(1)(क) के अनुसार राज्य सरकार किन परिस्थितियों में सामूहिक जुर्माना लगा सकती है? |
यदि निवासियों का कोई वर्ग या उपवर्ग अपराध में संलग्न है, अपराध को दुष्प्रेरित कर रहा है, अपराधियों को संश्रय दे रहा है या साक्ष्य दबा रहा है |
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धारा 21(1)(ख) के अनुसार सामूहिक जुर्माने का आदेश कैसे प्रकाशित किया जाएगा? |
कम से कम एक समाचार-पत्र और अन्य उपयुक्त माध्यम से |
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धारा 21(2) के अनुसार राज्य सरकार या सशक्त अधिकारी किसे जुर्माने से छूट दे सकते हैं? |
किसी भी निवासी या निवासियों के वर्ग/उपवर्ग को |
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धारा 21(3) के अनुसार सामूहिक जुर्माने का प्रभाजन कौन करेगा? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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धारा 21(3) के अनुसार प्रभाजन करते समय जिला मजिस्ट्रेट किसके आधार पर राशि का वितरण तय करेगा? |
निवासियों के अपने-अपने साधनों और क्षमता के अनुसार |
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धारा 21(4) के अनुसार प्रभाजन करते समय कौन-सा निर्णय लिया जा सकता है? |
कि भुगतान किसी संयुक्त या अविभक्त कुटुम्ब द्वारा किया जाएगा |
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धारा 21(5)(क) के अनुसार वसूली किस तरह की जा सकती है? |
न्यायालय द्वारा अधिरोपित जुर्माने की तरह दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के अनुसार |
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धारा 421(2) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 461(2) के स्थान पर) के अनुसार, राज्य सरकार किन दावों के संक्षिप्त अवधारण हेतु नियम बना सकती है? |
उस संपत्ति पर किए गए दावे जो वारण्ट के निष्पादन में कुर्क की गई हो, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा |
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धारा 21(5)(ख) के अनुसार जुर्माना किस रूप में वसूला जा सकता है? |
भू-राजस्व की बकाया के रूप में |
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धारा 21(6) के अनुसार सामूहिक जुर्माने का आदेश कब तक प्रतिसंहत या उपांतरित किया जा सकता है? |
राज्य सरकार द्वारा किसी भी समय |
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अध्याय-5 (CHAPERT-V) |
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लोक क्षेम और व्यवस्था (PUBLIC SAFETY AND ORDER) |
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शिविरों, कवायदों (ड्रिल), परेडों आदि का नियंत्रण, (Control of camps, drills, parades, etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 22 |
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धारा 22(1) के अनुसार राज्य सरकार कब सैनिक प्रकार के शिविरों या कवायदों को प्रतिबंधित कर सकती है? |
यदि राज्य सरकार को यह आवश्यक लगे कि लोक सुरक्षा या लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है |
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धारा 22(1) के अनुसार किसके द्वारा आदेश जारी किया जाएगा? |
साधारण या विशेष आदेश द्वारा राज्य सरकार |
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धारा 22(2) के अनुसार किन गतिविधियों पर शर्तें या प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं? |
शिविर लगाना, परेड, सम्मिलन, सभा करना या जुलूस निकालना या उसमें भाग लेना |
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धारा 22(2) के अनुसार प्रतिबंध किन पर लागू किए जा सकते हैं? |
आदेश में विनिर्दिष्ट वर्ग के व्यक्तियों या संगठनों पर |
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धारा 22(3) के अनुसार आदेश का उल्लंघन होने पर दंड क्या है? |
तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना, या दोनों |
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वर्दियों (यूनिफार्म) का नियंत्रण, (Control of uniforms) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 23 |
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धारा 23(1) के अनुसार राज्य सरकार किस परिस्थिति में किसी पोशाक या प्रतीक के सार्वजनिक प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर सकती है? |
यदि राज्य सरकार को लगे कि ऐसा करना लोक सुरक्षा, व्यवस्था, शांति या प्रशान्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक है |
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धारा 23 के अंतर्गत आदेश किसके द्वारा जारी किया जाएगा? |
साधारण या विशेष आदेश द्वारा राज्य सरकार |
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धारा 23(1) के तहत किस प्रकार की पोशाक या प्रतीक को प्रतिबंधित किया जा सकता है? |
संघ के सशस्त्र बल, पुलिस या विधि के अधीन गठित किसी बल की वर्दी या प्रतीक से मिलता-जुलता पोशाक या प्रतीक |
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धारा 23(2) के अनुसार किसी पोशाक या प्रतीक को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित मानने का आधार क्या है? |
यदि वह पोशाक इस प्रकार पहनी या प्रदर्शित की जाती है कि वह किसी ऐसे स्थान में दिखाई दे जिसमें जनता की पहुंच हो |
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धारा 23(3) के अनुसार आदेश का उल्लंघन करने पर दंड क्या है? |
कारावास से तीन वर्ष तक, या जुर्माने, या दोनों |
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पथ्या (पाथ वे), सड़क आदि के उपयोग को प्रतिषिद्ध या निर्बन्धित करने की शक्ति, (Power to prohibit or restrict use of pathway, road, etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 24 |
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धारा 24(1) के अनुसार राज्य सरकार किन परिस्थितियों में किसी सड़क, पथ्या या जल मार्ग के उपयोग को प्रतिबंधित कर सकती है? |
लोक व्यवस्था बनाए रखने या जनसाधारण के हित में |
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धारा 24(1) के अनुसार सड़क, पथ्या या जल मार्ग के उपयोग पर कितनी अवधि तक प्रतिबंध लगाया जा सकता है? |
तीन मास से अधिक नहीं |
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धारा 24(1)(ख) के अनुसार किस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है? |
किसी भूमि पर से किसी व्यक्ति, पशु या यान के आने-जाने पर |
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धारा 24(2) के अनुसार आदेश का उल्लंघन करने पर दंड क्या है? |
कारावास तीन वर्ष तक, जुर्माना, या दोनों |
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धारा 24 के अनुसार आदेश किसके द्वारा जारी किया जाएगा? |
राज्य सरकार |
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अध्याय-6 (CHAPTER-VI) |
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कतिपय स्थानों तथा क्षेत्रों तक पहुंच (ACCESS TO CERTAIN PLACES AND AREAS) |
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संरक्षित स्थान, (Pretected place) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 25 |
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धारा 25(1) के अनुसार राज्य सरकार किसी स्थान को संरक्षित स्थान कब घोषित कर सकती है? |
जब राज्य सरकार जनसाधारण के हित में अप्राधिकृत प्रवेश रोकने के लिए विशेष पूर्वावधान आवश्यक समझे |
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संरक्षित स्थान घोषित करने का आदेश कौन जारी कर सकता है? |
राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी |
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धारा 25(2) के अनुसार संरक्षित स्थान में अनुज्ञा के बिना प्रवेश करने वाला व्यक्ति क्या कर सकता है? |
न प्रवेश कर सकता है, न रह सकता है, न घूम सकता है |
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किसी संरक्षित स्थान में प्रवेश की अनुज्ञा मिलने पर व्यक्ति को क्या करना होगा? |
प्राधिकारी द्वारा दिए गए निदेशों का पालन करना |
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धारा 25(4) के अनुसार संरक्षित स्थान का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के साथ क्या किया जा सकता है? |
उसे वहाँ से हटाया जा सकता है |
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संरक्षित स्थान के आदेश का उल्लंघन करने पर दंड क्या है? |
कारावास तीन वर्ष तक, जुर्माना, या दोनों |
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धारा 25(1) में संरक्षित स्थान तब तक संरक्षित रहेगा जब तक: |
राज्य सरकार का आदेश प्रवृत्त रहता है |
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संरक्षित स्थान के लिए अनुज्ञा किसके द्वारा दी जा सकती है? |
राज्य सरकार, जिला मजिस्ट्रेट या प्राधिकृत अधिकारी |
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अनुज्ञा मिलने पर व्यक्ति किस परिदृश्य में प्रतिबंधित है? |
अनुज्ञा में बताए गए नियमों का पालन करते हुए, अनुज्ञा में बताए गए नियमों का उल्लंघन नहीं करना |
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धारा 25 के अंतर्गत संरक्षित स्थान की सुरक्षा किसके द्वारा सुनिश्चित की जा सकती है? |
राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी |
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संरक्षित क्षेत्र (Protected area) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 26 |
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धारा 26(1) के अनुसार राज्य सरकार किसी क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र कब घोषित कर सकती है? |
जब राज्य सरकार जनसाधारण के हित में व्यक्तियों के प्रवेश को विनियमित करना आवश्यक समझे |
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संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का आदेश जारी करने से किन उपबन्धों पर प्रभाव पड़ेगा? |
किसी अन्य कानून पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा |
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धारा 26(2) के अनुसार कौन संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है? |
जो व्यक्ति आदेश में निर्दिष्ट प्राधिकारी से लिखित अनुज्ञा प्राप्त करे |
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संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश के लिए अनुज्ञा किसके द्वारा दी जाएगी? |
आदेश में निर्दिष्ट प्राधिकारी या व्यक्ति |
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संरक्षित क्षेत्र में अनुज्ञा के बिना प्रवेश करने वाले व्यक्ति के साथ क्या किया जा सकता है? |
उसे वहाँ से हटाया जा सकता है |
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धारा 26(4) के अनुसार संरक्षित क्षेत्र के उल्लंघन पर दंड क्या है? |
कारावास तीन वर्ष तक, जुर्माना, या दोनों |
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संरक्षित क्षेत्र का आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक: |
राज्य सरकार का आदेश प्रवृत्त रहता है |
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संरक्षित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति किसके अनुसार मिलेगी? |
आदेश में निर्दिष्ट प्राधिकारी या व्यक्ति द्वारा लिखित अनुज्ञा |
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संरक्षित क्षेत्र के उल्लंघन पर हटाने का कार्य कौन कर सकता है? |
पुलिस अधिकारी या उसके निदेशों के अधीन प्राधिकृत व्यक्ति |
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संरक्षित क्षेत्र के उल्लंघन पर किसी अन्य कार्यवाही का क्या प्रभाव होगा? |
अन्य कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी |
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गार्ड के साथ बल प्रयोग करना या उससे बचकर निकलना, (Forcing or evading guard) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 27 |
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धारा 27 के अनुसार संरक्षित स्थान या संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करते समय किस प्रकार का कृत्य दंडनीय है? |
गार्ड पर आपराधिक बल प्रयोग करना या धमकी देना |
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धारा 27(ख) के अनुसार कौन सा कृत्य दंडनीय है? |
प्रवेश को छिपाने के लिए पूर्वावधानियाँ बरतना |
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धारा 27 के उल्लंघन पर किस प्रकार का दंड लगाया जा सकता है? |
तीन वर्ष का कारावास, जुर्माना, या दोनों |
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धारा 27 किसके लिए लागू है? |
संरक्षित स्थान या संरक्षित क्षेत्र में गार्ड के साथ बल प्रयोग करने वाले या प्रवेश छिपाने वाले व्यक्ति के लिए |
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धारा 27 के तहत प्रवेश का प्रयास किस प्रकार दंडनीय है? |
गार्ड पर बल प्रयोग या प्रवेश को छिपाकर प्रयास करना |
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कतिपय स्थानों तथा क्षेत्रों के लिए आदेश, (Orders for certain places and areas) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 28 |
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धारा 28 के अंतर्गत आदेश जारी करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार |
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धारा 28(1)(क) के अंतर्गत आदेश किन स्थानों के संबंध में किया जा सकता है? |
संरक्षित स्थान या संरक्षित क्षेत्र घोषित स्थान |
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धारा 28(1)(ख) के अनुसार विशेष पूर्वावधान कब आवश्यक समझे जा सकते हैं? |
ध्वंसक कार्यवाहियों को रोकने या आवश्यक सेवाएँ बनाए रखने के लिए |
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धारा 28 के अंतर्गत किस विषय को नियंत्रित या विनियमित किया जा सकता है? |
व्यक्तियों का प्रवेश और उनका आचरण |
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धारा 28(2)(क) के अंतर्गत किसे स्थान या क्षेत्र से हटाया जा सकता है? |
आदेशों के उल्लंघन में उपस्थित व्यक्ति या दोषसिद्ध व्यक्ति |
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धारा 28(2)(ख) के अनुसार किससे आने-जाने की रिपोर्ट देने की अपेक्षा की जा सकती है? |
निर्दिष्ट अपराध में सिद्धदोष व्यक्ति से |
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धारा 28(2)(ख) के अंतर्गत व्यक्ति पर कौन-सी शर्तें अधिरोपित की जा सकती हैं? |
रिपोर्ट देना एवं अन्य विहित शर्तों का पालन |
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धारा 28(2)(ग) के अंतर्गत किस बात की अपेक्षा की जा सकती है? |
पहचान संबंधी दस्तावेज साथ रखने की |
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धारा 28(2)(घ) के अनुसार क्या किया जा सकता है? |
किसी विनिर्दिष्ट वस्तु को कब्जे में रखने से प्रतिषेध |
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धारा 28(3) के अंतर्गत संरक्षित स्थान या क्षेत्र को क्या दिया जा सकता है? |
अधिनियम के कुछ या सभी उपबंधों से छूट |
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धारा 28(4) किस प्रकार के स्थान पर लागू होती है? |
ऐसे स्थान जो संरक्षित नहीं हैं |
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धारा 28(4) के अंतर्गत क्या किया जा सकता है? |
संरक्षित स्थान से संबंधित उपबंध लागू करना |
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धारा 28(5) के अनुसार उल्लंघन पर क्या दंड दिया जा सकता है? |
तीन वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों |
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अध्याय-7 (CHAPTER-VII) |
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अनुपूरक (SUPPLEMENTAL) |
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राज्य सरकार की शक्तियों तथा कर्त्तव्यों का प्रत्यायोजन, (Delegation of powers and duties of State Government) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 29 |
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धारा 29 के अंतर्गत राज्य सरकार किस माध्यम से शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकती है? |
आदेश द्वारा |
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धारा 29 के अनुसार राज्य सरकार किन शक्तियों को प्रत्यायोजित नहीं कर सकती? |
धारा 21 और धारा 30 दोनों की शक्तियाँ |
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धारा 21 के अंतर्गत किस प्रकार की शक्ति राज्य सरकार द्वारा प्रत्यायोजित नहीं की जा सकती? |
सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने की शक्ति |
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धारा 30 के अंतर्गत राज्य सरकार की कौन-सी शक्ति प्रत्यायोजित नहीं की जा सकती? |
नियम बनाने की शक्ति |
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धारा 29 के अनुसार प्रत्यायोजित शक्ति का प्रयोग किसके द्वारा किया जा सकता है? |
जिला मजिस्ट्रेट की पदश्रेणी से निम्न न होने वाले अधिकारी द्वारा |
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धारा 29 के अनुसार प्रत्यायोजन किसके अधीन किया जाएगा? |
आदेश में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन |
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नियम, (Rules) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 30 |
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धारा 30 के अनुसार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम कौन बना सकता है? |
राज्य सरकार |
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धारा 30(1) के अनुसार नियम बनाने से पूर्व कौन-सी प्रक्रिया आवश्यक है? |
पूर्व प्रकाशन |
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धारा 30 के अंतर्गत नियम किस उद्देश्य से बनाए जाते हैं? |
अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए |
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धारा 30(2) के अनुसार इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम कहाँ रखे जाएंगे? |
विधान सभा के पटल पर |
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धारा 30(2) के अनुसार नियमों को विधान सभा के पटल पर कब रखा जाएगा? |
यथासम्भव शीघ्र |
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अपराध करने के प्रयत्न के लिये शास्ति, (Penalty for attempt to commit offence) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 31 |
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धारा 31 के अंतर्गत किसे दण्डनीय माना गया है? |
दुष्प्रेरण करेगा या कोई ऐसा अपराध करने का प्रयत्न करेगा और ऐसा प्रयत्न करने में अपराध किये जाने की दशा में कोई कार्य करेगा |
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धारा 31 के अनुसार अपराध करने के प्रयत्न पर क्या दण्ड होगा? |
वह उस अपराध के लिये उपबन्धित दण्ड से दण्डनीय होगा |
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अपराधियों को संश्रय देने के लिये शास्ति, (Penalty for harbouring offenders) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 32 |
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धारा 32 के अंतर्गत किसे दण्डनीय ठहराया गया है? |
जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसने इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया है, जानकर मदद या सहायता देगा या संश्रय देगा या उसे छिपायेगा।
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धारा 32 के अनुसार संश्रय देने वाला व्यक्ति किस दण्ड से दण्डनीय होगा? |
वह ऐसे अपराध के लिये उपबन्धित दण्ड से दण्डनीय होगा |
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धारा 32 के स्पष्टीकरण के अनुसार “संश्रय” में क्या सम्मिलित है? |
किसी व्यक्ति को आश्रय, भोजन, पेय, धन, वस्त्र, आयुध, गोला-बारूद या प्रवहण के साधन देना या किन्हीं साधनों से, चाहे वे उसी प्रकार के हो या नहीं जिस प्रकार के इस धारा में परिणित हैं, किसी व्यक्ति की सहायता पकड़े जाने से बचने के लिये करना |
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परित्राण, (Indemnity) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 33 |
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धारा 33 का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
सद्भावपूर्वक किये गये कार्यों के लिए विधिक संरक्षण देना |
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धारा 33(1) के अनुसार किसके विरुद्ध वाद या अभियोजन नहीं होगा? |
इस अधिनियम के अंतर्गत सद्भावपूर्वक किये गये कार्य के लिए |
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धारा 33(1) के अंतर्गत संरक्षण किन कार्यों पर लागू होता है? |
अधिनियम, नियमों या आदेशों के अनुसरण में सद्भावपूर्वक किये गये कार्यों पर |
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“सद्भावपूर्वक किया जाना आशयित रहा हो” का तात्पर्य क्या है? |
कार्य करने की नीयत ईमानदार रही हो |
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धारा 33(1) के अनुसार किस प्रकार की कार्यवाही प्रतिबन्धित है? |
वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही |
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धारा 33(2) के अंतर्गत किसके विरुद्ध वाद नहीं किया जा सकता? |
सरकार के विरुद्ध, सद्भावपूर्वक किये गये कार्य से उत्पन्न नुकसान के लिए |
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धारा 33(2) में “नुकसान” से क्या अभिप्राय है? |
किसी कार्य से हुआ या होने की सम्भावना वाला नुकसान |
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धारा 33(2) के अनुसार सरकार को संरक्षण कब प्राप्त नहीं होगा? |
जब अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित हो |
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अन्य विधियों का लागू होना वर्जित नहीं होगा, (Application of other laws not barred) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 34 |
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धारा 34 का मूल आशय क्या है? |
अधिनियम के उपबन्ध, तत्समय प्रवृत्त किसी भी अन्य अधिनियम, अध्यादेश या विनियम के अतिरिक्त होंगे, उनका अल्पीकरण करने वाले नहीं |
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किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा तलाशी ली जाने की शक्ति, (Power of Search by any police officer) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 35 |
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धारा 35 के अनुसार तलाशी लेने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
किसी भी पुलिस अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति को |
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धारा 35 के अंतर्गत तलाशी किन व्यक्तियों की ली जा सकती है? |
प्रवेश करने वाले, प्रवेश चाहने वाले, रहने वाले या छोड़ने वाले व्यक्ति |
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धारा 35 के अनुसार तलाशी किस स्थान से संबंधित है? |
संरक्षित स्थान या संरक्षित क्षेत्र |
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धारा 35 के अंतर्गत तलाशी के दौरान किन वस्तुओं की तलाशी ली जा सकती है? |
व्यक्ति तथा उसके द्वारा लाये गये यान, जलयान, पशु या वस्तु |
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तलाशी के प्रयोजन के लिए पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है? |
व्यक्ति या वस्तु को निरुद्ध रखना |
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धारा 35 के अनुसार किसी स्त्री की तलाशी किसके द्वारा ली जाएगी? |
केवल किसी स्त्री द्वारा |
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