राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम (Court Fees Act) वन-लाइनर नोट्स

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम (Court Fees Act) वन-लाइनर नोट्स

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राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961

(THE RAJASTHAN COURT FEES AND SUITS VALUATION ACT, 1961)

(1961 का अधिनियम 23)

(ACT NO. 23 OF 1961)

इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 का अधिनियम क्रमांक क्या है?

1961 का अधिनियम 23

राष्ट्रपति महोदय की अनुमति इस अधिनियम को कब मिली?

राष्ट्रपति की अनुमति 26 अगस्त, 1961 को प्राप्त हुई

इस अधिनियम में कितनी धाराएं हैं?

74 धाराएं

इस अधिनियम में कितने अध्याय हैं?

8 अध्याय

इस अधिनियम में कितनी अनुसूचियाँ हैं?

3 अनुसूचियाँ

 

अध्याय 1

प्रारंभिक

(Preliminary)

संक्षिप्त नाम, प्रसार और प्रारंभ (Short Title, Extent and Commencement) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 1

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 का विस्तार है-

सम्पूर्ण राजस्थान पर

यह अधिनियम प्रभाव में कब आता है?

राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 कब से प्रभावी है?

1 नवम्बर 1961

इस अधिनियम का उद्देश्य मुख्यतः क्या है?

न्यायालय शुल्क और वादों के मूल्य का निर्धारण

अधिनियम का लागू होना (Application of Act) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 2

इस अधिनियम के उपबंध दस्तावेजों किन पर लागू नही होंगे?

केन्द्रीय सरकार के अधीन सेवारत किसी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई या प्रस्तुत की जाने वाली दस्तावेजों

यहां किसी अन्य विधि में ऐसी अन्य विधि के अधीन की कार्यवाहियों के संबंध में फीस के उद्ग्रहण से संबंधित उपबंध अन्तर्विष्ट हो, वहां कौन से उपबंध लागू होंगे?

ऐसी कार्यवाहियों के संबंध में फीस के उद्ग्रहण के बारे में इस अधिनियम के उपबंध ऐसी अन्य विधि के उक्त उपबंधों के अध्यधीन लागू होंगे।

अपील (Appeal) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 3(i)

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 3(1) के अनुसार "अपील" से अभिप्रेत है?

अपील" में प्रत्याक्षेप सम्मिलित है

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 अपील से सबंधित प्राबधान किस धारा में दिए गए है?

धारा 47

न्यायालय (Court) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 3(ii)

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 3(2) के अनुसार "न्यायालय" से क्या अभिप्रेत है?

कोई भी सिविल, राजस्व या दण्ड न्यायलय अभिप्रेत है

सिविल, राजस्व या दण्ड न्यायलय के अलावा इसमें और क्या क्या शामिल है?

उसमें पक्षकारों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रश्नों को विनिश्चित करने हेतु किसी विशेष या स्थानीय विधि के अधीन अधिकारिता रखने वाले कोई अधिकरण या अन्य प्राधिकारी भी सम्मिलित है

विहित (Prescribed) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 3(iii)

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 3(iii) के अनुसार "विहित" का क्या अर्थ है?

इस अधिनियम के अधीन बनायें गये नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है

 

अध्याय-2

फीस का संदाय करने का दायित्व

(Liability to Pay Fee)

न्यायालयों और लोक कार्यालयों में फीस का उद्ग्रहण (Levy of fee in Courts and Public offices) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 4

कब तक उच्च न्यायालय सहित किसी भी न्यायालय में फाईल, प्रदर्शित या अभिलिखित नहीं की जायेगी और उस न्यायालय द्वारा उस पर कोई कार्यवाही की जायेगी, वह किसी को दी जायेगी?

जब तक इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य के रूप में उपदर्शित की गई फीस से अन्यून फीस संदत कर दी जाये

कब तक किसी लोक कार्यालय में फाईल, प्रदर्शित या अभिलिखित नहीं की जायेगी और किसी लोक अधिकारी द्वारा उस पर कार्यवाही की जायेगी, वह किसी को दी जायेगी?

जब तक इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य के रूप में उपदर्शित की गई फीस से अन्यून फीस संदत कर दी जाये

इस धारा की कोई बात कब  फाइल या प्रदर्शित करने का प्रतिषेध करने वाली नही समझाी जायेगी जिसके संबंध में समुचित फीस संदत्त नहीं की गई है?

जब कभी दण्ड न्यायालय की राय में न्याय के हो पाने को रोकने के लिए किसी दस्तावेज को, , न्यायालय में फाइल या प्रदर्शित करना आवश्यक हो

अनवधानता से ली गई दस्तावेजों पर फीस (Fees on Documents Inadvertently Received) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 5

अनवधानता से ली गई दस्तावेजों जिस पर संपूर्ण फीस या उसके किसी भाग का संदाय नही किया गया है, फीस के संबंध में क्या कहा गया है?

किसी भी समय उस व्यक्ति को, जिसके द्वारा ऐसी फीस संदये है, फीस या उसके किसी भाग का ऐसे समय के भीतर, जो नियत किया जाये, संदाय करने के लिए, अनुज्ञात कर सकेगा

धारा 5 के तहत, फीस संदाय करने के लिए,अनुज्ञात कौन कर सकेगा?

न्यायालय या कार्यालय का प्रधान

बाहुल्यपूर्ण वाद (Multifarious Suits) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 6

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 6 के अनुसार, बाहुल्यपूर्ण वाद का क्या अर्थ है?

एक ही वस्तु या अधिकार के संबंध में एक से अधिक वाद

धारा 6 के अनुसार, एक ही वाद हेतुक के आधार पर पृथक और सुभिन्न अनुतोष मांगे जायें, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

वाद-पत्र पर अनुतोषों के संकलित मूल्य पर फीस प्रभार्य होगी

धारा 6 के तहत, बाहुल्यपूर्ण वादों में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाएगा?

कुल वादों के योग के अनुसार

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम की धारा 6 के अनुसार, कोई अनुतोष यदि मुख्य अनुतोष के अनुषंगिक रूप में मांगा जाये तो,फीस के संबंध में क्या प्रावधान है?

वाद-पत्र केवल मुख्य अनुतोष के मूल्य पर प्रभार्य होगा

धारा 6 के अनुसार, जहां किसी वाद में एक ही वाद हेतुक के आधार पर एकाधिक अनुतोष अनुकल्पतः मांगे जायें, वहां क्या किया जा सकता है?

वाद-पत्र पर अनुतोषों पर उद्ग्रहणीय फीसों में से अधिकतम फीस प्रभार्य होगी।

धारा 6 के अनुसार कोई बात सिविल प्रक्रिया संहिता किस आदेश को प्रभावित करने वाली नही समझी जायेगी।

आदेश 2 के नियम 6 के अधीन किसी न्यायालय को प्रदत्त किसी शक्ति को

बाजार मूल्य का अवधारण (Determination of Market Value) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 7

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 7 के अनुसार, बाजार मूल्य का क्या अर्थ है?

किसी वस्तु का सामान्य विक्रय मूल्य

धारा 7 के अनुसार, यदि इस अधिनियम के अधीन संदेय फीस किसी सम्पत्ति के बाजार मूल्य पर निर्भर हो तो, मूल्य किस प्रकार अवधारित किया जायेगा?

ऐसा मूल्य वाद-पत्र के प्रस्तुत किये जाने की तारीख पर विद्यमान मूल्य के अनुसार

धारा 7 के अनुसार, जहां भूमि के संबंध में लगान तय हो गया है वहां मूल्य कितना समझा जायेगा?

मंजूर की गयी लगान की दर का पच्चीस गुना

मुजराई या प्रतिदावा (Set Off or Counter Claim) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 8

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के अनुसार, किसी मुजराई या प्रतिदावे का अभिवचन करने वाले लिखित कथन पर फीस कैसे निर्धारित होती है?

जैसे बाद पत्र पर होती है

दो या अधिक वर्णनों के अन्तर्गत आने बाली दस्तावेजे (Documents Falling Under Two or More Descriptions) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 9

धारा 9 के अनुसार, जब कोई दस्तावेज़ दो या अधिक वर्णनों के अन्तर्गत आता है, तो उस दस्तावेज़ की फीस कैसे निर्धारित होगी?

सबसे अधिक फीस लगाई जाएगी

धारा 9 के अनुसार जहां उक्त वर्णनों में से एक विशेष हो और दूसरा सामान्य तो, उस दस्तावेज़ की फीस कैसे निर्धारित होगी?

वही फीस प्रभार्य होगी जो विशेष वर्णन के लिए समुचित हो

 

अध्याय-3

फीस का अवधारण

(Determination of Fee)

वाद की विषय-वस्तु की विशिष्टियों का विवरण और वादों द्वारा उसका मूल्यांकन (Statement of Particulars of Subject-Matter of Suit and Plaintiff's Valuation Thereof) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 10

वाद की विषय-वस्तु की विशिष्टियों का विवरण किस दस्तावेज़ में किया जाता है?

वाद-पत्र के साथ विहित प्ररूप में वाद की विषय-वस्तु की विशिष्टियों का विवरण और उनका अपने द्वारा किया गया मूल्यांकन फाइल करेगा

समुचित योग के विषय में विनिश्चय (Decision as to Proper Fee) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 11

समुचित फीस का निर्धारण कब किया जाता है?

वाद-पत्र को रजिस्टर करने का आदेश देने से पूर्व

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम, 1961 के तहत समुचित योग का क्या अर्थ है?

कुल फीस जो वाद के लिए देय होती है

समुचित योग के विषय में विनिश्चय करने वाला अधिकारी कौन होता है?

न्यायालय

समुचित योग का निर्धारण क्यों आवश्यक होता है?

फीस का सही निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए

विरचित विवादयकों पर अतिरिक्त फीस (Additional Fee on Issues Framed) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 12

विरचित विवादयकों पर अतिरिक्त फीस कब लगाई जाती है?

जब वाद में विरचित किसी विवादयक के आधार पर अतिरिक्त फीस का संदाय करने का दायी हो जावे

अतिरिक्त फीस का निर्धारण किसके द्वारा किया जाता है?

न्यायालय

यदि मुकदमे में विरचित विवादयक अधिक हों तो फीस कैसे लगती है?

अतिरिक्त फीस प्रत्येक विवादयक के लिए लगाई जाती है

जहां वादी पक्षकार अनुज्ञात समय के भीतर उक्त अतिरिक्त फीस का संदाय नहीं करता है, तो क्या कार्रवाई हो सकती है?

वहां न्यायालय विवादयक को काट देगा और मामले के अन्य विवादयकों को सुनने और विनिश्चित करने की कार्यवाही करेगा

दावे के भाग का त्याग (Relinquishment of Portion of Claim) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 13

दावे के भाग का त्याग किसे कहा जाता है?

दावे के किसी हिस्से को छोड़ना

यदि कोई वादी जिससे अतिरिक्त फीस संदत्त करने की अपेक्षा की गई है, फीस का संदाय नहीं करता है उस परिस्थिति में वह क्या कर सकता है?

अपने दावे के किसी भाग का त्याग कर सकेंगा और दावे को इस प्रकार संशोधित किये जाने के लिए कि संदत्त फीस यथा संशोधित वाद-पत्र में किये गये दावे के लिए पर्याप्त हो जाये, आवेदन कर सकेगा।

क्या ऐसे परित्याग भाग की वाद के किसी पश्चातवर्ती प्रकम पर दावे में जोडने के लिए वादी को अनुज्ञा दी जा सकेगी?

नही

लिखित कथन पर संदये फीस (Fee Payable on Written Statement) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 14

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के अनुसार, लिखित कथन प्रस्तुत करने पर फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

धारा 11 के उपबंध लागू होंगे, और

इस प्रयोजन के लिए संबंधित प्रतिवादी को वादी और वादी या सह-प्रतिवादी पक्षकार को जिसके विरुद्ध दावा किया गया है, प्रतिवादी के रूप में माना जायेगा

अपीलों आदि पर संदेय फीस (Fee Payable on Appeals Etc.) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 15

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम, 1961 के तहत अपीलों आदि पर संदेय फीस किस आधार पर लगाई जाती है?

धारा 10 से 13 तक के आधार पर

याचिकाओं, आवेदनों आदि पर संदेय फीस (Fee Payable on Petitions, Applications Etc.) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 16

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम, 1961 के अंतर्गत याचिकाओं, आवेदनों आदि पर संदेय फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

याचिकाओं आवेदनों और अन्य कार्यवाहियों के संबंध में फीस अवधारण और उद्ग्रहण के लिए धारा 10 से 13 तक के उपबंध, यथावश्यक परिवर्तनों सहित, उसी प्रकार लागू होंगे जैसे ये वादों के वाद-पत्रों पर फीस के अवधारण और उद्ग्रहण के लिए लागू होते है।

न्यायालय फीस परीक्षक (Court-fee Examiners) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 17

न्यायालय फीस परीक्षक का मुख्य कार्य क्या है?

कार्यवाहियों की विषय-वस्तु के मूल्यांकन से और उनके बारे में फीस को पर्याप्तता से संबधित प्रश्नों पर फीस की जांच करना

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 के अनुसार, न्यायालय फीस परीक्षक किसकी नियुक्ति करता है?

उच्च न्यायालय

जांच और कमीशन (Inquiry and Commission) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 18

धारा 18 के अनुसार जांच और कमीशन क्यों कराया जाता है?

यह विनिश्चित करने के लिए कि क्या वाद या अन्य कार्यवाहियों की विषय-वस्तु का उचित मूल्यांकन किया गया है या क्या संदत फीस पर्याप्त है

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 18 के अंतर्गत "जांच" का क्या अर्थ है?

फीस वसूलने की प्रक्रिया की जांच

धारा 18 के अनुसार न्यायालय जांच कौन कर सकता है?

न्यायालय या कोई अन्य उपयुक्त व्यक्ति जिसके लिए न्यायालय कमीशन जारी करे

जांच के दौरान न्यायालय फीस परीक्षक किन-किन दस्तावेजों की मांग कर सकता है?

किसी भी आवश्यक दस्तावेज जो जांच के लिए जरूरी हो

कमीशन के माध्यम से जांच के दौरान क्या कार्य किए जा सकते हैं?

ऐसा स्थानीय या अन्य अन्वेषण, जो आवश्यक हो

राज्य सरकार को नोटिस (Notice to the State Government) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 19

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 19 के अनुसार राज्य सरकार को किस विषय में नोटिस दिया जाता है?

विषय-वस्तु के मूल्यांकन से, संबंधित किसी जांच में जहां तक कि ऐसा मूल्यांकन संदेय फीस को प्रभावित करता है

राज्य सरकार को नोटिस कौन देगा?

न्यायालय, यदि वह ऐसा करना न्यायोचित या आवश्यक समझे

जहां ऐसा नोटिस दिया जाता है वहां पूर्वोक्त प्रश्न या प्रश्नों के अवधारण के संबंध में राज्य सरकार को वाद में या अन्य कार्यवाही में क्या समझा जायेगा?

एक पक्षकार समझा जायेगा

 

अध्याय-4

फीस की संगणना

(Computation of Fee)

फीस कैसे संगणित की जायेगी (Fee How Reckoned) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 20

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 20 के अनुसार फीस का संगणन किस आधार पर किया जाएगा?

अध्याय 4, अध्याय 6, अध्याय 8 और अनुसूची 1 और 2 के उपबंधों के अनुसार अवधारित या संगणित की जायेगी

धन के लिए वाद (Suits for Money) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 21

धारा 21 के अनुसार, धन के लिए वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

नुकसानी या मुआवजे या भरण पोषण, वार्षिकियों या नियतकाल पर संदेय अन्य रकमों की बकाया के लिए किसी वाद को सम्मिलित कर हुए फीस दावाकृत रकम पर संगणित की जायेगी

धारा 21 के अनुसार, मानहानि के लिए वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

25000 रुपये की अधिकतम फीस के अध्यधीन रहते हुए दावाकृत रकम पर संगणित की जाएगी

धारा 21 के अनुसार, घातक दुर्घटना अधिनियम के अधीन नुकसानी की किसी कार्रवाई या वाद में वाद-पत्र या अपील के ज्ञापन पर कितनी फीस संदेय होगी।?

दस रुपये की नियत फीस

भरण पोषण और वार्षिकियों के लिए वाद (Suits for Maintenance and Annuities) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 22

राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 22 के अनुसार भरण पोषण और वार्षिकियों के लिए दायर वाद किस प्रकार के होते हैं?

वे वाद जिनमें नियमित भरण पोषण या वार्षिकी की मांग होती है

धारा 22 के अनुसार, भरण पोषण के लिए वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

उस रकम पर जिसका एक वर्ष के लिए संदेय होना दावाकृत है

धारा 22 के अंतर्गत वार्षिकी के दावे की राशि बढ़ने या किसी कटोती पर का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

उस रकम पर जिसके द्वारा भरण पोषण का वार्षिक  या घटाया जाना ईप्सित है

वार्षिकियों या नियतकालिक रूप से संदेय अन्य रकमों के किसी वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

उस रकम जिसका एक वर्ष के लिए संदेय होना दावाकृत है, की पांच गुनी रकम के आधार पर

जंगम सम्पत्ति के लिए वाद (Suits for Movable Property) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 23

धारा 23 के अनुसार जंगम सम्पत्ति के लिए वाद में न्यायालय फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

जहां विषय वस्तु का बाजार मूल्य है वहां उस मूल्य परः या

जहां विषय-वस्तु का बाजार मूल्य नहीं है वहा चाहे गये अनुतोष का वाद-पत्र में जो मूल्यांकन किया गया है, उस रकम पर

घोषणा के लिए वाद (Suits for Declaration) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 24

धारा 24 के अनुसार घोषणा के लिए वाद में जहां प्रार्थना किसी घोषणा के लिए और घोषणा से संबंधित सम्पत्ति पर कब्जे के लिए की गई हो वहां, फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस सम्पति के बाजार मूल्य पर संगणित की जायेगी और यह बीस रूपये से कम नहीं होगी

धारा 24 के अनुसार घोषणा के लिए वाद जहां प्रार्थना किसी घोषणा और पारिणामिक व्यादेश के लिए है और चाहा गया अनुतोष किसी स्थावर सम्पत्ति के संदर्भ में है वहां, फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस संपत्ति के आधे बाजार मूल्य पर संगणित की जायेगी, और वह बीस रुपये से कम नहीं होगी

 

धारा 24 के अनुसार घोषणा के लिए वाद में जहां प्रार्थना किसी चिन्ह नाम, पुस्तक चित्र डिजाइन या अन्य वस्तु का वादी द्वारा उपयोग, बिक्री मुद्रण या प्रदर्शन किये जाने के अनन्य अधिकार के संबंध में थी और ऐसे अनन्य अधिकार के अतिलंघन पर आधारित हो वहां, फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस वादपत्र में चाहे गये अनुतोष के मूल्यांकन को रकम पर संगणित की जायेगी और वह चालीस रुपये से कम नहीं होगी

धारा 24 के अनुसार घोषणा के लिए वाद जहाँ प्रार्थना किसी भी सम्पति के संदर्भ में किसी घोषणा के लिए हो और किसी पारिमाणिक अनुतोष के लिए कोई प्रार्थना नहीं की गई हो वहां, फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस सम्पत्ति के बाजार मूल्य पर संगणित की जायेगी, और वह बीस रूपये से कम नहीं होगी

धारा 24 के अनुसार घोषणा के लिए वाद अन्य मामलों में चाहे वाद की विषय-वस्तु मुल्यांकन किये जाने योग्य हो या नही, वहां फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस, वाद पत्र में चाहे गये अनुतोष के मूल्यांकन की रकम पर संगणित की जायेगी, और वह पच्चीस रुपये से कम नहीं होगी

दत्तक ग्रहण वाद (Adoption Suits) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 25

धारा 25 के अनुसार दत्तक ग्रहण वाद में फीस का निर्धारण जहां अनुतोष में अन्तर्वलित या उससे प्रभावित संपत्ति का बाजार मूल्य पांच हजार रूपये या कम हो तो, कितनी फीस सदेय होगी?

पचास रुपये

धारा 25 के अनुसार दत्तक ग्रहण वाद में फीस का निर्धारण जहां अनुतोष में अन्तर्वलित या उससे प्रभावित संपत्ति का बाजार मूल्य पांच हजार रुपये से अधिक किन्तु दस हजार रुपये से अधिक नहीं हो तो, कितनी फीस सदेय होगी?

एक सौ रुपये

धारा 25 के अनुसार दत्तक ग्रहण वाद में फीस का निर्धारण जहां अनुतोष में अन्तर्वलित या उससे प्रभावित संपत्ति का बाजार मूल्य दस हजार रूपये से अधिक हो तो, कितनी फीस सदेय होगी?

पांच सौ रूपये

व्यादेश के लिए वाद (Suits for Injunction) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 26

धारा 26 के अनुसार व्यादेश के लिए वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

वाद के दावे की राशि, व्यादेश की प्रकृति, वाद की विषय-वस्तु

धारा 26 के अनुसार व्यादेश के लिए वाद किसी स्थावर संपत्ति के संबंध में हो तो फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

संपत्ति के बाजार मूल्य के आधे पर या तीन सौ रूपये पर जो भी अधिक हो

धारा 26 के अनुसार व्यादेश के लिए वाद किसी चिन्ह, नाम, पुस्तक, चित्र, डिजाईन या अन्य वस्तु का वादी द्वारा उपयोग, बिक्री, मुद्रण या प्रदर्शन किये जाने के अनन्य अधिकार के संबंध में हो तो फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

वाद पत्र में चाहे गये अनुतोश के मूल्यांकन की रकम या पांच सौ रूपयें जो भी अधिक हो

धारा 26 के अनुसार व्यादेश के लिए वाद अन्य किसी मामले में, चाहे वाद की विषय-वस्तु का कोई बाजार मूल्य हो या नही तो फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस वाद पत्र में चाहे गये अनुतोष के मूल्यांकन की रकम या चार सौ रूपये, जो भी अधिक हो

न्याय संपत्ति के संबंध में वाद (Suits Relating to Trust Property) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 27

धारा 27 के अनुसार, न्याय संपत्ति के संबंध में वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

संपत्ति के बाजार मूल्य के पांचवे भाग पर संणित की जायेगी जो दो सौ रूपये से अधिक नही होगी या जहां संपत्ति का कोई बाजार मूल्य हो वहां एक हजार रूपये पर संगणित की जायेगी

विनिर्दिष्ट अनुदोष अधिनियम, 1877 के अधीन कब्जे के लिए वादः (Suits for Possession Under the Specific Relief Act, 1877) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 28

धारा 28 के अंतर्गत, विनिर्दिष्ट अनुदोष अधिनियम, 1877 के अधीन कब्जे के लिए वाद में फीस का निर्धारण किस आधार पर होता है?

संपत्ति के आधे बाजार मूल्य पर या दो सौ रूपये पर , जो अधिक हो

ऐसे कब्जे के लिए वाद, जिसके लिए अन्यथा उपबंध नहीं गया है (Suits for Possession Not Otherwise Provided for) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 29

धारा 29 के अनुसार, ऐसे कब्जे के लिए वाद जिनके लिए अन्यथा कोई उपबंध नहीं है, फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस सम्पत्ति के बाजार मुल्य पर संगणित की जायेगी, जो बीस रुपये से कम नहीं होगी

सुखाचार संबंधी वाद (Suits Relating to Easement) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 30

धारा 30 के अनुसार, सुखाचार संबंधी वादों पर फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

फीस अनुतोष के मूल्यांकन की रकम पर संगणित की जायेगी, परन्तु ऐसी रकम किसी भी दशा में दो सौ रुपये से कम नहीं होगी

बंधकी से संबंधित वाद (Suits Relating to Mortgages) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 32

धारा 32 के अनुसार, बंधकी से संबंधित वादों में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

दावाकृत रकम पर

विभाजन के लिए वाद (Partition Suits) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 35

विभाजन के लिए वाद किसी ऐसे वादी जिसे ऐसी संपत्ति पर कब्जे से अपवर्जित कर दिया गया है, में फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत विभाजन के लिए वाद किसी ऐसे वादी जिसका ऐसी सम्पत्ति पर संयुक्त कब्जा है, में फीस का निर्धारण यदि वादी के हिस्से का मूल्य 5,000 रु. या कम हो तो किस आधार पर किया जाता है?

तीस रुपये

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत विभाजन के लिए वाद किसी ऐसे वादी जिसका ऐसी सम्पत्ति पर संयुक्त कब्जा है, में फीस का निर्धारण यदि मूल्य 5,000 रु. से अधिक किन्तु 10,000 रु. से अधिक हो तो किस आधार पर किया जाता है?

एक सौ रुपये

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत विभाजन के लिए वाद किसी ऐसे वादी जिसका ऐसी सम्पत्ति पर संयुक्त कब्जा है, में फीस का निर्धारण यदि मूल्य 10,000 रु. से अधिक हो तो किस आधार पर किया जाता है?

दो सौ रुपये

विनिर्दिष्ट पालन के लिए वाद (Suits for Specific Performance) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 40

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत, विनिर्दिष्ट पालन के लिए विक्रय की किसी संविदा के मामले में, फीस कैसे निर्धारित होती है?

प्रतिफल की रकम पर

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत, विनिर्दिष्ट पालन के लिए बंधक की किसी संविदा के मामले में, फीस कैसे निर्धारित होती है?

बंधकदार द्वारा प्रत्याभूत किये जाने के लिए सहमत रकम पर

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत, विनिर्दिष्ट पालन के लिए पट्टे की संविदा के किसी मामले में, फीस कैसे निर्धारित होती है?

जुर्माना या प्रीमियम यदि कोई हो की तथा संदत्त की जाने के लिए सहमत वार्षिक भाटक के औसत की, कुल रकम पर

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत, विनिर्दिष्ट पालन के लिए विनिमय की किसी संविदा के मामले में, फीस कैसे निर्धारित होती है?

प्रतिफल की रकम पर या यथास्थिति विनिमय में ली जाने के लिए ईप्सित संपत्ति के बाजार मूल्य पर

राजस्थान न्यायालय फीस अधिनियम के तहत, विनिर्दिष्ट पालन के लिए अन्य मामलों में, फीस कैसे निर्धारित होती है?

जहां वचन के, जिसका प्रवर्तित किया जाना चाहा गया है, प्रतिफल का कोई बाजार मूल्य हो तो ऐसे बाजार मूल्य पर या जहां ऐसे प्रतिफल का कोई बाजार मूल्य हो वहां धारा 45 में विनिर्दिष्ट दरों पर

वाद, जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है (Suits Not Otherwise Provided For) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 45

धारा 45 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, उनकी फीस कैसे निर्धारित की जाती है?

अधिनियम में निर्धारित सामान्य नियमों के अनुसार

धारा 45 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, जंहा विवादग्रस्त विषय-वस्तु की रकम या मूल्य 1000/- रू. से कम हो उनकी फीस क्या होगी?

दस रुपये

धारा 45 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, जंहा विवादग्रस्त विषय-वस्तु की रकम या मूल्य 1000/- रु. से कम हो किन्तु 3000/- रु. से अधिक हो, उनकी फीस क्या होगी?

तीस रुपये

धारा 45 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, जंहा विवादग्रस्त विषय-वस्तु की रकम या 3000 /- रु. से कम हो और 5000/- रु. से अधिक हो, उनकी फीस क्या होगी?

एक सौ रुपये

धारा 45 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, जंहा विवादग्रस्त विषय-वस्तु की रकम या मूल्य 5,000/- रु. से अधिक हो किन्तु 10000/- रु. से अधिक हो, उनकी फीस क्या होगी?

दो सौ रुपये

धारा 45 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, जंहा विवादग्रस्त विषय-वस्तु की रकम या मूल्य 10,000/- रु से अधिक हो उनकी फीस क्या होगी?

तीन सौ रुपये

मुआवजे से संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील के ज्ञापन पर फीस (Fee on Memorandum of Appeal Against Order Relating to Compensation) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 46

धारा 46 के अनुसार, मुआवजे से संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील के ज्ञापन पर फीस का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?

अधिनिर्णीत रकम और अपीलार्थी द्वारा दावाकृत रकम के बीच के अंतर पर संगणित की जायेगी

अपील (Appeals) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 47

धारा 47 के अंतर्गत अपील की फीस क्या होगी?

वही होगी जो अपील की विषय-वस्तु पर प्रथम न्यायालय में संदेय हो

 

अध्याय 5

वादों का मूल्यांकन

(Valuation of Suits)

वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नही किया गया (Suits Not Otherwise Provided For) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 48

धारा 48 के अनुसार, ऐसे वाद जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया है, उनकी फीस कैसे निर्धारित की जाएगी?

समान प्रकृति के वादों की फीस के अनुसार

 

अध्याय 6

प्रोबेट, प्रशासन-पत्र और प्रशासन प्रमाण पत्र

(Probates, Letters of Administration and Certificates of Administration)

प्रोबेट या प्रशासन-पत्र के लिए आवेदन पत्र (Application for Probate or Letters of Administration) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 50

प्रोबेट या प्रशासन पत्र मंजूर करने के लिए प्रत्येक आवेदन के लिए क्या प्रक्रिया होगी?

प्रत्येक आवेदन के साथ अनुसूची 3 के भाग 1 में उपवर्णित प्ररूप में सम्पदा का मूल्यांकन दो प्रतियों में होगा।

ऐसा आवेदन पत्र प्राप्त होने पर न्यायालय -

आवेदन पत्र तथा मूल्यांकन की एक प्रतिलिपि उस जिले के कलक्टर को भेजेगा जहां वह सम्पदा स्थित है,

यदि सम्पदा एकाधिक जिलों में स्थित है तो उस जिले के कलक्टर को भेजेगा जिसमें संपदा में सम्मिलित स्थावर सम्पत्ति का सबसे अधिक मूल्यवान भाग स्थित है।

फीस का उद्ग्रहण (Levy of Fee) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 51

धारा 51 के अनुसार, प्रोबेट या प्रशासन-पत्र मंजूर किये जाने के लिए प्रभार्य फीस किस प्रकार संगणित की जायेगी?

अनुसूची 1 के अनुच्छेद 6 में विहित दर या दरों पर

कलक्टर द्वारा जांच (Inquiry by the Collector) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 54

धारा 54 के अंतर्गत कलक्टर की क्या भूमिका होती है?

वह उसकी परीक्षा करेगा और मूल्यांकन के सही होने के संबंध में या यदि उसके जिले में सम्पत्ति का कोई भाग ही स्थित हो तो, उस भाग के मूल्यांकन के सही होने के संबंध में ऐसी जांच, यदि कोई हो, जिसे वह ठीक समझे कर सकेगा या अपने अधीनस्थ किसी अधिकारी द्वारा करा सकेगा

कलक्टर द्वारा जांच कब की जाती है?

किसी भी समय जब कलक्टर को आवेदन और मूल्यांकन की प्रतिलिपि भेजी गई है तब यदि आवश्यक समझा जाए

न्यायालय को आवेदन तथा न्यायालय की शक्तियां (Application to Court and Powers of Court) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 55

न्यायालय को धारा 55 के तहत आवेदन किसके द्वारा दिया जाता है?

कलेक्टर

न्यायालय की धारा 55 के अनुसार कौन सी शक्ति होती है?

उस सही मूल्य के विषय में, जिस पर मृतक की संपदा प्राक्कलन की जानी चाहिए थी, जांच करेगा या अपने किसी अधीनस्थ न्यायालय या अधिकारी से उसकी जांच करायेगा

राजस्व बोर्ड की शक्तिया (Powers of Board of Revenue) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 60

धारा 60 के अंतर्गत राजस्व बोर्ड को कौन सी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं?

इस अध्याय के अधीन कलक्टर की शक्तियां और कर्तव्य, राजस्व बोर्ड के नियंत्रण के अध्यधीन होंगे

 

अध्याय-7

प्रतिदाय और परिहार

(Refunds and Remissions)

वाद-पत्र आदि नामंजूर कर दिये जाने की दशा में प्रतिदाय (Refund in Cases of Rejection of Plaint Etc.) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 61

जहाँ कोई वाद- पत्र सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7, नियम 11 के अधीन, या अपील का कोई ज्ञापन आदेश 41, नियम 3 या 11 के अधीन नामंजूर कर दिया जाता है, वहां न्यायालय क्या निदेश दे सकेगा?

वादी या अपीलार्थी को वाद-पत्र या अपील के ज्ञापन पर, जो नामंजूर कर दिया गया है, संदत्त फीस का सम्पूर्णतः या अंशतः प्रतिदाय करने का

जहां अपील का कोई ज्ञापन इस आधार पर नामंजूर कर दिया जाता है कि वह परिसीमा विधि द्वारा अनुज्ञात समय के भीतर प्रस्तुत नहीं किया गया था, वहां-

आधी फीस का प्रतिदाय किया जायेगा

फीस में कमी या उसका परिहार करने की शक्ति (Power to Reduce or Remit Fees) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 65

धारा 65 के अनुसार फीस में कमी या उसका परिहार करने की शक्ति किसके पास होती है?

राज्य सरकार, राज-पत्र में, अधिसूचना द्वारा

फीस में छूट प्रदान करने की शक्ति (Power to Exempt Fees) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 65()

धारा 65 के अनुसार फीस में छूट प्रदान करने की शक्ति किसके पास होती है?

राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, जनहित में, किसी भी वर्ग के व्यक्तियों को इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी श्रेणी के वादों के लिए देय सभी या किसी भी फीस से छूट दे सकती है।

फीस का प्रतिदाय (Refund of Fee) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 65()

फीस वापसी का प्रमाण पत्र कौन देगा?

न्यायालय

फीस वापसी का अधिकार कब प्राप्त होगा?

जहाँ कोई मामला सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के द्वारा निपटाया जाता है, वादी न्यायालय से एक प्रमाण पत्र प्राप्त करने का हकदार होगा,

जो उसे कलेक्टर से ऐसे वाद के संबंध में भुगतान की गई पूरी फीस वापस प्राप्त करने के लिए अधिकृत करेगा।

 

अध्याय-8

प्रकीर्ण

(Miscellaneous)

स्टाम्पों के माध्यम से फीसों की वसूली (Collection of Fees by Stamps) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 66

धारा 66 के अनुसार राजस्थान न्यायालय फीस की वसूली किस माध्यम से की जाती है?

स्टाम्पों के माध्यम से

किस प्रकार के स्टाम्पों के माध्यम से फीस वसूली की जा सकेगी?

इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य किसी भी फीस का धोतन करने के लिए उपयोग में लिये गये स्टाम्प छापित या आसंजक अथवा भागतः छापित और भागतः आसंजक होंगे, जैसा कि राज्य सरकार राजपत्र में समय-समय पर अधिसूचना द्वारा निदेश दे

स्टाम्प का रद्द किया जाना (Cancellation of Stamp) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 68

किसी भी न्यायालय या कार्यालय में किसी कार्यवाही में तब तक तो फाइल की जायेगी और उस पर कोई कार्रवाई की जायेगी जब तक-

उस पर का स्टाम्प रद्द नहीं कर दिया जाता

स्टाम्प रद्द करने की शक्ति किसके पास होती है?

ऐसा अधिकारी, जिसे न्यायालय का कार्यालय प्रमुख समय-समय पर नियुक्त करे

शास्ति (Penalty) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 70

धारा 70 के अनुसार शास्ति का क्या अर्थ है?

कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक हो सकेगी या जुर्मान से, जो पांच सौ रुपये तक का हो सकेगा या दोनों से दण्डनीय होगा

शास्ति किसके द्वारा लगाई जाती है?

न्यायालय

शास्ति किस स्थिति में लगाई जा सकती है?

स्टाम्पों के विक्रय के लिए नियुक्त कोई व्यक्ति, जो इस अधिनियम के अधीन बनाये गये कियी नियम का पालन नहीं करता हैं और इस प्रकार से नियुक्त नहीं किया गया कोई व्यक्ति जो किन्हीं स्टाम्पों का विक्रय करता है या उन्हें विक्रय के लिए प्रस्थापित करता है

न्यायालय की नियम बनाने की शक्ति (Power of High Court to Make Rules) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 71

धारा 71 के अनुसार नियम बनाने का अधिकार प्राप्त है?

उच्च न्यायालय

राजस्व बोर्ड की नियम बनाने की शक्ति (Power of Board of Revenue to make rules) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 72

धारा 72 के अनुसार राजस्व बोर्ड को क्या अधिकार प्राप्त है?

नियम बनाने का अधिकार

राजस्व बोर्ड किन विषयों पर नियम बना सकता है?

राजस्व बोर्ड और न्यायालयों द्वारा जारी की गयी आदेशिकाओं और निष्पादन के लिए प्रभार्य फीस,

आदेशिकाओं की तामील और निष्पादन के लिए नियोजित किये जाने के लिए आवश्यक व्यक्तियों का पारिश्रमिक,

आदेशिकाओं की तामील और निष्पादन के लिए व्यक्तियों की संख्या का कलक्टरों द्वारा नियत किया जाना,

कलक्टरों के लिए मार्गदर्शन

राजस्व बोर्ड की नियम बनाने की शक्ति उसे कब प्राप्त होगी?

राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति (Power of State Government to Make Rules) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 73

धारा 73 के अनुसार राज्य सरकार किस प्रकार नियम बना सकेगी?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगी

निरसन और व्यावृति (Repeal and Saving) किस धारा से सम्बंधित है?

धारा 74

 

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