|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी किया कलाप (निवारण) अधिनियम, 1986
(THE UTTAR PRADESH GANGSTERS AND ANTI-SOCIAL ACTIVITIES (PREVENTION) ACT, 1986)
|
|
[उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 7 सन् 1986]
(U.P. ACT No. 7 of 1986)
|
|
|
|
इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?
|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986
|
|
इस अधिनियम का निर्माण भारत गणराज्य के किस वर्ष में किया गया?
|
सैंतीसवें वर्ष
|
|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम किस अधिनियम संख्या के रूप में प्रकाशित हुआ?
|
उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 7 सन् 1986
|
|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?
|
1986
|
|
राष्ट्रपति द्वारा इस विधेयक पर अनुमति किस दिनांक को प्रदान की गई?
|
19 मार्च, 1986
|
|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम का उद्देश्य क्या है?
|
गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप को रोकने और
उनका सामना करने के लिए और उनसे सम्बद्ध या आनुषंगिक विषयों के लिए
विशेष उपबन्ध करने के लिए
|
|
संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारम्भ, (Short Title, Extent and Commencement) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 1
|
|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) विधेयक, 1986 पर राष्ट्रपति की अनुमति किस संवैधानिक प्रावधान के अंतर्गत दी गई?
|
भारत के संविधान का अनुच्छेद 201
|
|
धारा 1(2) के अनुसार इस अधिनियम का विस्तार कहाँ तक है?
|
सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश
|
|
धारा 1(3) के अनुसार यह अधिनियम किस तिथि से प्रवृत्त हुआ समझा जाएगा?
|
15 जनवरी, 1986
|
|
परिभाषा, (Definition) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
|
धारा 2
|
|
"संहिता" (Code) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
|
धारा 2(क)
|
|
धारा 2(क) के अनुसार “संहिता” शब्द का सही तात्पर्य किससे है?
|
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973
(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) से
|
|
“संहिता” शब्द की यह परिभाषा अधिनियम के किस भाग पर लागू होती है?
|
अधिनियम के सभी प्रावधानों पर
|
|
"गिरोह” (Gang) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
|
धारा 2(ख)
|
|
धारा 2(ख) के अनुसार “गिरोह” का मूल तात्पर्य क्या होता है?
|
ऐसे व्यक्तियों के समूह
जो लोक-व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने या
अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई अनुचित दुनियावी (टेम्पोरल), आर्थिक, भौतिक या अन्य लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से या तो अकेले या समूहिक रूप से हिंसा, या हिंसा की धमकी या प्रदर्शन, या अभित्रास, या प्रपीड़न द्वारा, या अन्य प्रकार से समाज विरोधी क्रियाकलाप करते हैं
|
|
कौन-सा माध्यम “गिरोह” की गतिविधियों में सम्मिलित है?
|
हिंसा या हिंसा की धमकी
|
|
भारतीय दण्ड संहिता (भारतीय न्याय संहिता 2023) के किन अध्यायों के अपराध “गिरोह” की परिभाषा में सम्मिलित हैं?
|
भारतीय दण्ड संहिता के अध्याय 16 या अध्याय 17, या अध्याय 22 (भारतीय न्याय संहिता 2023 अध्याय 5 (81 से 87 धाराओं के सिवाय), अध्याय 6, अध्याय 17 या अध्याय 19)
|
|
अवैध शराब या मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन या विक्रय का संबंध किससे है?
|
गिरोह की समाज-विरोधी गतिविधि
|
|
क्या विधि सम्मत प्रक्रिया के बिना स्थावर सम्पत्ति पर कब्जा करना गिरोह की गतिविधि श्रेणी में आएगा?
|
हाँ
|
|
लोक सेवक या साक्षी को कर्तव्य पालन से रोकना किस रूप में माना जाएगा?
|
गिरोह का समाज-विरोधी कृत्य
|
|
क्या स्त्री तथा लड़की अनैतिक व्यापार दमन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत अपराध गिरोह की गतिविधि श्रेणी में आते हैं?
|
हाँ
|
|
क्या सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 की धारा 3 के अधीन दण्डनीय अपराध गिरोह की गतिविधि श्रेणी में आते हैं?
|
हाँ
|
|
क्या सार्वजनिक नीलामी या टेण्डर में विधिपूर्वक बोली लगाने से रोकना गिरोह की समाज-विरोधी क्रिया है?
|
हाँ
|
|
क्या किसी व्यक्ति को उसके विधिपूर्ण व्यापार या जीविका से रोकना गिरोह की गतिविधि श्रेणी में आते हैं??
|
हाँ
|
|
मतदाता को शारीरिक रूप से मतदान से रोकना किस अपराध के अंतर्गत आएगा?
|
गिरोह की गतिविधि
|
|
क्या व्यक्तियों को साम्प्रदायिक सामंजस्य में विघ्न डालने के लिए हिंसा करने के लिए उद्दीप्त करना गिरोह की गतिविधि श्रेणी में आते हैं?
|
हाँ
|
|
क्या जनता में दहशत, संत्रास या आतंक फैलाना गिरोह की समाज-विरोधी गतिविधि श्रेणी में है?
|
हाँ
|
|
क्या फिरौती के उद्देश्य से अपहरण या व्यपहरण गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और जीवन की गति को प्रभावित करने वाले अपराध किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
क्या जनता में दहशत, संत्रास या आतंक फैलाना गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
सार्वजनिक या निजी उपक्रमों या कारखानों के कर्मचारियों या स्वामियों को आतंकित करना या उन पर हमला करना और उनकी सम्पत्ति को हानि पहुंचाना, किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
क्या किसी व्यक्ति को इस मिथ्या व्यपदेशन पर कि उसे विदेश में कोई सेवायोजन, व्यापार या वृत्ति उपलब्ध करायी जायेगी, ऐसे विदेश में जाने के लिए उत्प्रेरित करना या उत्प्रेरित करने का प्रयास करना गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
क्या किसी वायुयान या सार्वजनिक परिवहन यानों को उसके पूर्वनिर्धारित मार्ग से जाने से पथान्तरित करना या अन्यथा रोकना गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
क्या साहूकारी विनियमन अधिनियम, 1976 के अधीन दण्डनीय अपराध गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
गोवध निवारण अधिनियम, 1955 और पशुओं के प्रति कूरता का निवारण अधिनियम, 1960 में उपबन्धों के उल्लंघन में मवेशियों के अवैध परिवहन और / या तस्करी के कार्यों में संलिप्तता किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
वाणिज्यिक शोषण, बंधुआ श्रम, वालश्रम, यौन शोषण, अंग हटाने तथा दुर्व्यापार, मिक्षावृत्ति और इसी प्रकार के कियाकलापों के प्रयोजनों हेतु मानव दुर्व्यापार करना किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
क्या जाली भारतीय करेंसी नोट का मुद्रण, परिवहन और परिचालन करना गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
क्या नकली दवाओं का उत्पादन, विक्रय और वितरण में अन्तर्ग्रस्त होना गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 5, 7 और 12 के उल्लंघन में आयुध एवं गोला, बारूद के विनिर्माण, विक्रय और परिवहन में अन्तर्ग्रस्त होना किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
भारतीय वन अधिनियम, 1927 और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के उल्लंघन में आर्थिक अभिलाभ के लिए गिराना अथवा वध करना, उत्पादों की तस्करी करना किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
क्या आमोद तथा पणकर अधिनियम, 1979 के अधीन दण्डनीय अपराध गिरोह की गतिविधि सम्मिलित है?
|
हाँ
|
|
राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और जीवन की गति को भी प्रभावित करने वाले अपराधों में संलिप्त होना किस श्रेणी में आते हैं?
|
गिरोह की गतिविधियाँ
|
|
"गिरोहबन्द" (Gangster) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
|
धारा 2(ग)
|
|
धारा 2(ग) के अनुसार “गिरोहबन्द” का तात्पर्य किससे है?
|
गिरोह के सदस्य, सरगना या संगठक से
|
|
धारा 2(ग) के अंतर्गत “गिरोहबन्द” में कौन सम्मिलित है?
|
वह व्यक्ति जो गिरोह की गतिविधियों के लिए दुष्प्रेरित करता है
|
|
गिरोह की गतिविधियों के लिए सहायता देने वाला व्यक्ति किस श्रेणी में आएगा?
|
गिरोहबन्द
|
|
गिरोह द्वारा किए गए क्रियाकलापों में सम्मिलित व्यक्ति को संश्रय देना किसमें शामिल है?
|
गिरोहबन्द की परिभाषा में
|
|
धारा 2(ग) के अनुसार “गिरोहबन्द” होने के लिए क्या आवश्यक है?
|
गिरोह की गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता
|
|
कौन “गिरोहबन्द” की श्रेणी में नहीं आएगा?
|
केवल सूचना देने वाला साधारण व्यक्ति
|
|
यदि कोई व्यक्ति गिरोह के अपराधियों को शरण देता है, तो वह—
|
गिरोहबन्द की श्रेणी में आएगा
|
|
"लोक सेवक" (Public Servant) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
|
धारा 2(घ)
|
|
धारा 2(घ) के अनुसार “लोक सेवक” की परिभाषा किस अधिनियम से ली गई है?
|
भारतीय दण्ड संहिता की धारा 21
(भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 2(28)
|
|
धारा 2(घ) में “लोक सेवक” की परिभाषा किस तक विस्तारित की गई है?
|
भारतीय दंड संहिता की धारा 21 (भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 2(28) तथा तत्समय प्रवृत्त अन्य विधियों में परिभाषित व्यक्तियों तक
|
|
कौन धारा 2(घ) के अंतर्गत “लोक सेवक” माना जाएगा?
|
वह व्यक्ति जो विधिपूर्वक पुलिस या अन्य प्राधिकारी को सहायता देता है
|
|
यदि कोई व्यक्ति पुलिस को अपराध के संबंध में सूचना देता है, तो वह किस श्रेणी में आ सकता है?
|
लोक सेवक (धारा घ के प्रयोजनार्थ)
|
|
धारा 2(घ) के अनुसार सहायता किस प्रकार की हो सकती है?
|
सूचना, साक्ष्य या किसी अन्य विधिपूर्वक रीति से
|
|
धारा 2(घ) के अंतर्गत सहायता किस कार्य से संबंधित होनी चाहिए?
|
अन्वेषण, अभियोजन या दण्ड से
|
|
धारा 2(घ) के अनुसार सहायता कैसी होनी चाहिए?
|
विधिपूर्वक
|
|
कौन धारा 2(घ) के अंतर्गत लोक सेवक नहीं माना जाएगा?
|
अवैध रूप से सहायता करने वाला व्यक्ति
|
|
"किसी लोक सेवक के कुटुम्ब का सदस्य", (Member of The Family of a Public Servant) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
|
धारा 2(ड)
|
|
धारा 2(ड) के अनुसार “लोक सेवक के कुटुम्ब का सदस्य” में कौन सम्मिलित है?
|
माता-पिता, पति या पत्नी तथा अन्य निर्दिष्ट संबंधी, पौत्र और पौत्री, पुत्र और पुत्री
|
|
किसी लोक सेवक का ऐसा व्यक्ति जो उसके साथ निवास करता है, किस श्रेणी में आएगा?
|
कुटुम्ब का सदस्य
|
|
धारा 2(च) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
|
अपरिभाषित शब्दों के अर्थ निर्धारित करना
|
|
धारा 2(च) के अनुसार शब्दों का अर्थ किस क्रम में ग्रहण किया जाएगा?
|
दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) या भारतीय दण्ड संहिता (भारतीय न्याय संहिता 2023)
|
|
शास्ति, (Penalty) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 3
|
|
धारा 3(1) के अनुसार किसी गिरोहबन्द के लिए न्यूनतम कारावास की अवधि क्या है?
|
दो वर्ष
|
|
धारा 3(1) के अंतर्गत गिरोहबन्द को अधिकतम कितने वर्ष तक का कारावास दिया जा सकता है?
|
दस वर्ष
|
|
धारा 3(1) के अनुसार गिरोहबन्द पर न्यूनतम जुर्माना कितना लगाया जाएगा?
|
पाँच हजार रुपये
|
|
यदि गिरोहबन्द किसी लोक सेवक के शरीर के विरुद्ध अपराध करता है, तो क्या दण्ड दिया जाएगा?
|
तीन वर्ष और पांच हजार रूपये जुर्माना
|
|
लोक सेवक के कुटुम्ब के सदस्य के शरीर के विरुद्ध अपराध करने पर गिरोहबन्द को क्या दण्ड दिया जाएगा?
|
कम से कम तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रूपये जुर्माना
|
|
धारा 3(2) के अंतर्गत दण्डित व्यक्ति कौन हो सकता है?
|
लोक सेवक जो गिरोहबन्द की अवैध सहायता करता है
|
|
लोक सेवक द्वारा गिरोहबन्द की सहायता किस अवस्था में दण्डनीय है?
|
अपराध से पूर्व या पश्चात्
|
|
धारा 3(2) के अंतर्गत लोक सेवक के लिए कारावास की अवधि क्या है?
|
जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, किन्तु तीन वर्ष से कम न होगी और जुर्माने से भी दंडित किया जायगा।
|
|
लोक सेवक द्वारा न्यायालय या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का जानबूझकर पालन न करना किसके अंतर्गत आता है?
|
धारा 3(2) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध
|
|
धारा 3 के अंतर्गत कारावास किस प्रकार का हो सकता है?
|
दोनों में से किसी भांति का
|
|
साक्ष्य के विशेष नियम, (Special Rules of Evidence) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 4
|
|
धारा 4 के उपबंध किस अधिनियम पर प्रभावी होते हैं?
|
दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) या भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) दोनों पर
|
|
धारा 4(क) के अनुसार न्यायालय किस तथ्य को ध्यान में रख सकता है?
|
अभियुक्त का पूर्व आपराधिक इतिहास
|
|
भारतीय दंड संहिता की कौन-सी धाराओं के अंतर्गत पूर्व आबद्धता को न्यायालय विचार में ले सकता है?
|
धारा 107, 108, 109, 110
(भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 45 या धारा 46 या धारा 49 या धारा 50)
|
|
निवारक निरोध से संबंधित निरुद्ध किए जाने का तथ्य किस प्रयोजन से देखा जा सकता है?
|
विचारण और दण्ड के प्रयोजनार्थ
|
|
यदि गिरोहबन्द के पास ऐसी संपत्ति हो जिसका वह संतोषजनक हिसाब न दे सके, तो न्यायालय क्या करेगा?
|
यह उपधारणा करेगा कि संपत्ति गिरोहबन्द के क्रियाकलाप से अर्जित है
|
|
यदि यह साबित हो जाए कि अभियुक्त ने किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण किया है, तो न्यायालय क्या उपधारणा करेगा?
|
कि यह फिरौती के लिए किया गया था
|
|
व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को छिपाने या परिरुद्ध करने पर न्यायालय क्या मानेगा?
|
अभियुक्त जानता था कि व्यक्ति व्यपहृत या अपहृत है
|
|
धारा 4(ड) के अनुसार न्यायालय अभियुक्त की अनुपस्थिति में क्या कर सकता है?
|
विचारण प्रारम्भ कर साक्ष्य अभिलिखित कर सकता है
|
|
यदि अभियुक्त चाहे, तो अनुपस्थिति में परीक्षित साक्षी के संबंध में क्या अधिकार होगा?
|
प्रति-परीक्षा के लिए पुनः बुलाने का
|
|
विशेष न्यायालय, (Special Courts) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 5
|
|
धारा 5(1) के अनुसार विशेष न्यायालयों का गठन किस उद्देश्य से किया जाता है?
|
शीघ्र विचारण के हित में
|
|
विशेष न्यायालयों का गठन कौन कर सकता है?
|
राज्य सरकार
|
|
राज्य सरकार विशेष न्यायालय का गठन किस क्षेत्र के लिए कर सकती है?
|
सम्पूर्ण राज्य या उसके किसी भाग के लिए
|
|
किसकी अध्यक्षता में विशेष न्यायालय कार्य करेगा?
|
नियुक्त न्यायाधीश
|
|
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति किसकी सहमति से की जाती है?
|
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति
|
|
अपर न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
|
राज्य सरकार द्वारा मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से
|
|
कौन व्यक्ति विशेष न्यायालय का न्यायाधीश या अपर न्यायाधीश बनने के लिए अर्ह होगा?
|
सेशन न्यायाधीश या अपर सेशन न्यायाधीश
|
|
यदि विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का पद रिक्त हो या वह अनुपस्थित हो, तो अति-आवश्यक कार्य किसके द्वारा निस्तारित किया जाएगा?
|
अपर न्यायाधीश द्वारा, यदि उपलब्ध हो
|
|
यदि कोई अपर न्यायाधीश उपलब्ध न हो, तो अति-आवश्यक कार्य किसके निर्देशानुसार किया जाएगा?
|
अधिकारिता वाले सेशन न्यायाधीश के
|
|
विशेष न्यायालय के कार्य का वितरण कौन करता है?
|
विशेष न्यायालय का न्यायाधीश
|
|
बैठक का स्थान, (Place of Sitting) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 6
|
|
धारा 6 के अनुसार विशेष न्यायालय सामान्य स्थान से भिन्न स्थान पर बैठक कब कर सकता है?
|
जब वह ऐसा करना समीचीन या वांछनीय समझे
|
|
विशेष न्यायालय सामान्य स्थान से भिन्न स्थान पर किस उद्देश्य से बैठक कर सकता है?
|
अपनी किसी भी कार्यवाही के लिए
|
|
धारा 6 के परन्तुक (proviso) के अनुसार स्थान परिवर्तन का अनुरोध कौन कर सकता है?
|
लोक अभियोजक
|
|
लोक अभियोजक किस आधार पर स्थान परिवर्तन आवश्यक बता सकता है?
|
अभियुक्त या साक्षी की संरक्षा के लिए
|
|
अभियुक्त या साक्षी की संरक्षा के अतिरिक्त कौन-सा आधार धारा 6 में दिया गया है?
|
न्याय के हित में अन्यथा समीचीन होना
|
|
यदि विशेष न्यायालय स्थान परिवर्तन से इंकार करता है, तो उसे क्या करना होगा?
|
कारण अभिलिखित करने होंगे
|
|
धारा 6 के अंतर्गत स्थान परिवर्तन का अंतिम विवेकाधिकार किसके पास है?
|
विशेष न्यायालय
|
|
विशेष न्यायालयों की अधिकारिता, (Jurisdiction of Special Courts) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 7
|
|
धारा 7(1) के अनुसार, विशेष न्यायालय के गठन के बाद इस अधिनियम के अंतर्गत दण्डनीय अपराधों का विचारण कौन करेगा?
|
केवल वही विशेष न्यायालय
|
|
धारा 7(1) के अनुसार विशेष न्यायालय किस प्रकार के अपराधों का विचारण करेगा?
|
गठन से पहले और बाद,
दोनों प्रकार के अपराध
|
|
धारा 7(2) के अनुसार, विशेष न्यायालय के गठन से पूर्व किसी न्यायालय में लंबित मामले का क्या होगा?
|
संबंधित विशेष न्यायालय को अन्तरित हो जाएगा
|
|
धारा 7(3) के अनुसार, यदि किसी न्यायालय को विचारण के दौरान यह प्रतीत हो कि मामला विशेष न्यायालय द्वारा विचारणीय है, तो वह क्या करेगा?
|
मामला विशेष न्यायालय को अन्तरित करेगा
|
|
धारा 7(3) के प्रथम परन्तुक के अनुसार, मामले के अन्तरित होने से पहले न्यायालय कौन-सी कार्यवाही विधिपूर्ण रूप से कर सकता है?
|
अभियुक्त की उपस्थिति में अभिलिखित साक्ष्य पर कार्यवाही कर सकता है
|
|
पुनः समन किए गए साक्षी के साथ विशेष न्यायालय क्या कर सकता है?
|
अतिरिक्त परीक्षा, प्रति-परीक्षा और पुनः परीक्षा
|
|
धारा 7(4) के अनुसार, एक विशेष न्यायालय से दूसरे विशेष न्यायालय को मामला कौन अन्तरित कर सकता है?
|
राज्य सरकार
|
|
धारा 7(4) के अंतर्गत राज्य सरकार किस आधार पर मामला एक विशेष न्यायालय से दूसरे में अन्तरित कर सकती है?
|
लोक-हित में आवश्यक या समीचीन होने पर
|
|
अन्य अपराधों के संबंध में विशेष न्यायालय की शक्ति, (Power of Special Courts with Respect to Other Offences) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 8
|
|
धारा 8(1) के अनुसार, विशेष न्यायालय अपने विचारण के दौरान क्या कर सकता है?
|
उसी विचारण में अभियुक्त पर लगाए गए अन्य अपराध पर भी विचार कर सकता है
|
|
धारा 8(2) के अनुसार, यदि विचारण के दौरान अभियुक्त ने अन्य अपराध किया हो तो विशेष न्यायालय क्या कर सकता है?
|
अभियुक्त को अन्य अपराध का सिद्ध-दोषी ठहरा सकता है
|
|
विशेष न्यायालय अन्य अपराध पर दण्डादेश किसके अनुसार दे सकता है?
|
इस अधिनियम, संबंधित नियम या अन्य विधि द्वारा प्राधिकृत दण्डादेश के अनुसार
|
|
लोक अभियोजक, (Public Prosecutor) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 9
|
|
धारा 9(1) के अनुसार, प्रत्येक विशेष न्यायालय के लिए कौन नियुक्त करेगा?
|
राज्य सरकार
|
|
धारा 9(1) के अनुसार राज्य सरकार किन पदों पर नियुक्ति कर सकती है?
|
लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक
|
|
धारा 9(2) के अनुसार, लोक अभियोजक बनने के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है?
|
कम से कम 7 वर्ष तक अधिवक्ता का कार्य
|
|
लोक अभियोजक बनने के लिए अन्य योग्यता क्या स्वीकार्य है?
|
संघ या राज्य के अधीन कम से कम 7 वर्ष का पद जिसमें विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित हो
|
|
धारा 9(1) के अनुसार, क्या राज्य सरकार किसी विशेष मामले या मामलों के वर्ग के लिए लोक अभियोजक नियुक्त कर सकती है?
|
हाँ, विशेष लोक अभियोजक के रूप में
|
|
धारा 9(3) के अनुसार, नियुक्त व्यक्ति का संहिता के अंतर्गत दर्ज क्या होगा?
|
लोक अभियोजक
|
|
धारा 9 के अंतर्गत, नियुक्त व्यक्ति पर कौन-से प्रावधान लागू होंगे?
|
दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के उपबन्ध तद्नुसार
|
|
कौन-सा पद धारा 9 में परिभाषित नहीं है?
|
अतिरिक्त न्यायाधीश
|
|
धारा 9 के अनुसार, न्यूनतम अनुभव की अवधि किस आधार पर निर्धारित की गई है?
|
विधि में विशेष ज्ञान या अधिवक्ता के रूप में कार्य अनुभव
|
|
विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया और शक्तियां, (Procedure and Powers of Special Courts) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 10
|
|
धारा 10(1) के अनुसार, विशेष न्यायालय किसके आधार पर किसी अपराध का संज्ञान ले सकता है?
|
केवल परिवाद या पुलिस रिपोर्ट पर
|
|
धारा 10(2) के अनुसार, जब अपराध तीन वर्ष से अधिक कारावास या जुर्माने के लिए दंडनीय हो, तो विशेष न्यायालय क्या कर सकता है?
|
संक्षेपतः विचारण कर सकता है
|
|
संक्षिप्त विचारण करते समय विशेष न्यायालय पर दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023)की कौन-सी धाराएँ यथासाध्य लागू होंगी?
|
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 260 से 262
(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 283 की उपधारा (2) या धारा 285)
|
|
संक्षेपतः विचारण के दौरान विशेष न्यायालय को लगे कि विचारण करना अवांछनीय है तो वह क्या करेगा?
|
पहले से परीक्षा की गई साक्षियों को पुनः बुलाएगा और ऐसे अपराध के विचारण के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के उपवन्धों द्वारा उपवन्धित रीति से मामले की पुनः सुनवाई प्रारंभ करेगा
|
|
धारा 10(2) के अनुसार, संक्षेपतः विचारण में दोषसिद्धि पर अधिकतम कारावास की अवधि कितनी हो सकती है?
|
दो वर्ष
|
|
धारा 10(3) के अनुसार, विशेष न्यायालय किसे क्षमा प्रदान कर सकता है?
|
ऐसे व्यक्ति को जो अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो, यदि वह सभी तथ्यों को सही रूप में प्रकट करे
|
|
धारा 10(3) में प्रदान की गई क्षमा का प्रभाव किन धाराओं के प्रयोजनार्थ होगा?
|
दंड प्रक्रिया संहिता धारा 307 और 308 के तहत
(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 345 & धारा 344)
|
|
धारा 10(4) के अनुसार, विशेष न्यायालय के पास किसकी सभी शक्तियां होंगी?
|
सेशन न्यायालय
|
|
धारा 10(4) में विशेष न्यायालय वारण्ट मामलों में किस प्रक्रिया का पालन करेगा?
|
दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) में विहित प्रक्रिया के अनुसार
|
|
धारा 10(5) के अनुसार, इस अधिनियम के अन्य उपबन्धों के अधीन रहते हुए, धारा 7 की उपधारा (3) के अधीन होते हुए विशेष न्यायालय को अन्तरित प्रत्येक मामले किस प्रकार कार्यवाही करेगा?
|
उसी प्रकार मानो ऐसा मामला दंड प्रक्रिया संहिता धारा 406 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 446) के अधीन ऐसे विशेष न्यायालय को अन्तरित किया गया हो।
|
|
साक्षियों का संरक्षण, (Protection of Witnesses) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 11
|
|
धारा 11(1) के अनुसार, इस अधिनियम के तहत अपराध का विचारण किस प्रकार किया जाएगा?
|
केवल बन्द कमरे में
|
|
धारा 11(1) में किस स्थिति में कार्यवाही खुले न्यायालय में की जा सकती है?
|
लोक अभियोजक के आवेदन पर
|
|
धारा 11(2) के अनुसार न्यायालय किसके लिए साक्षी का परिचय और पता गोपनीय रख सकता है?
|
साक्षी के लिए, या लोक अभियोजक के आवेदन पर
|
|
धारा 11(3) के अनुसार न्यायालय कौन-से उपाय कर सकता है ताकि साक्षियों का परिचय और पता प्रकट न हो?
|
अपने आदेशों या अभिलेख में नाम और पता न लिखना ,निदेश जारी करना
|
|
धारा 11(4) के अनुसार, उपधारा (3) के निदेश का उल्लंघन करने पर दंड क्या हो सकता है?
|
कारावास अधिकतम 1 वर्ष और जुर्माना अधिकतम 1000 रुपये
|
|
विशेष न्यायालयों द्वारा विचारण को पूर्वता, (Trial by Special Courts to have Precedence) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 12
|
|
धारा 12 के अनुसार, विशेष न्यायालय द्वारा किस प्रकार के विचारण को पूर्वता दी जाएगी?
|
इस अधिनियम के अधीन अपराध के विचारण को
|
|
धारा 12 के अनुसार, अन्य न्यायालय में लंबित मामले का क्या होगा?
|
आस्थगित रहेगा
|
|
नियमित न्यायालयों को मामले अन्तरित करने की शक्ति, (Power to Transfer Cases to Regular Courts) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 13
|
|
धारा 13 के अनुसार, विशेष न्यायालय किस स्थिति में मामला अन्तरित कर सकता है?
|
जब अपराध विशेष न्यायालय द्वारा विचारणीय न हो
|
|
यदि विशेष न्यायालय को यह राय हो कि अपराध उसके द्वारा विचारणीय नहीं है, तो वह क्या करेगा?
|
मामले को सक्षम न्यायालय को अन्तरित करेगा
|
|
धारा 13 के अनुसार, मामला किस न्यायालय को अन्तरित किया जाएगा?
|
ऐसे न्यायालय को जिसे संहिता के अधीन अधिकारिता हो
|
|
धारा 13 किस सिद्धांत को प्रतिपादित करती है?
|
अधिकारिता के हस्तांतरण के सिद्धांत को
|
|
सम्पत्ति की कुर्की, (Attachment of Property) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 14
|
|
धारा 14(1) के अनुसार, सम्पत्ति की कुर्की का आदेश कौन दे सकता है?
|
जिला मजिस्ट्रेट
|
|
धारा 14(1) के अंतर्गत किस प्रकार की सम्पत्ति कुर्क की जा सकती है?
|
जंगम और स्थावर दोनों सम्पत्ति
|
|
धारा 14(1) के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट को कुर्की का आदेश देने से पहले क्या विश्वास होना चाहिए?
|
सम्पत्ति गिरोहबन्द द्वारा अपराध के परिणामस्वरूप अर्जित की गयी हो
|
|
धारा 14(3) के अनुसार, कुर्क की गई सम्पत्ति के लिए जिला मजिस्ट्रेट क्या नियुक्त कर सकता है?
|
प्रशासक
|
|
प्रशासक को कुर्क की गई सम्पत्ति के संबंध में कौन-सी शक्तियाँ होंगी?
|
सम्पत्ति के सर्वोत्तम हित में उसके प्रबन्ध की सभी शक्तियाँ
|
|
धारा 14(4) के अनुसार, प्रशासक को किस प्रकार की सहायता दी जा सकती है?
|
पुलिस सहायता
|
|
सम्पत्ति को निर्मुक्त करना, (Release of Property) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 15
|
|
धारा 15(1) के अनुसार, कुर्क की गई सम्पत्ति के संबंध में अभ्यावेदन कौन कर सकता है?
|
सम्पत्ति का दावेदार
|
|
धारा 15(1) के अंतर्गत दावेदार किस प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन कर सकता है?
|
जिला मजिस्ट्रेट
|
|
धारा 15(1) के अनुसार, अभ्यावेदन किस समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए?
|
तीन मास के भीतर
|
|
तीन मास की अवधि की गणना किस दिनांक से की जाएगी?
|
कुर्की की जानकारी के दिनांक से
|
|
धारा 15(2) के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट किस स्थिति में सम्पत्ति निर्मुक्त करेगा?
|
जब दावे की वास्तविकता से उसका समाधान हो जाए
|
|
धारा 15(2) के अनुसार, कुर्क की गई सम्पत्ति को कब निर्मुक्त किया जाएगा?
|
तत्काल
|
|
सम्पत्ति के निर्मुक्त होने के पश्चात् उसे किसे सौंपा जाएगा?
|
दावेदार को
|
|
न्यायालय द्वारा सम्पत्ति के अर्जन के स्वरूप के बारे में जांच, (Inquiry into the Character of Acquisition of Property by Court) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 16
|
|
धारा 16(1) के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट किस स्थिति में मामला अधिकारितायुक्त न्यायालय को निर्दिष्ट करेगा?
|
जब धारा 15(1) में निर्धारित अवधि में अभ्यावेदन न दिया जाए
|
|
यदि जिला मजिस्ट्रेट धारा 15(2) के अधीन सम्पत्ति को निर्मुक्त नहीं करता है, तो वह क्या करेगा?
|
मामले को अपनी रिपोर्ट के साथ अधिकारितायुक्त न्यायालय को निर्दिष्ट करेगा
|
|
धारा 16(2) के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कुर्की से इन्कार किए जाने पर कौन आवेदन कर सकता है?
|
राज्य सरकार या व्यथित कोई व्यक्ति
|
|
धारा 16(3)(क) के अनुसार, जांच के लिए न्यायालय क्या करेगा?
|
जांच के लिए एक दिनांक नियत करेगा और संबंधित पक्षों को नोटिस देगा
|
|
जॉच के पश्चात् आदेश, (Order after Inquiry) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 17
|
|
धारा 17 के अनुसार, यदि जांच के पश्चात् न्यायालय यह निष्कर्ष निकाले कि सम्पत्ति अपराध के परिणामस्वरूप अर्जित नहीं की गयी थी, तो न्यायालय क्या करेगा?
|
सम्पत्ति को उस व्यक्ति के पक्ष में निर्मुक्त करेगा जिसके कब्जे से वह कुर्क की गयी थी
|
|
अपील, (Appeal) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 18
|
|
धारा 18 के अनुसार, इस अधिनियम के अधीन पारित न्यायालय के किसके विरुद्ध अपील की जा सकती है?
|
निर्णय या आदेश दोनों के विरुद्ध
|
|
धारा 18 के अंतर्गत अपील के संबंध में दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) का कौन-सा अध्याय लागू होता है?
|
दण्ड प्रक्रिया संहिता का अध्याय 29
(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अध्याय 31)
|
|
दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के कुछ उपबन्धों को उपान्तरित रूप में लागू किया जाना, (Modified Application of Certain Provisions of the Code) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 19
|
|
धारा 19(1) के अनुसार, इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय प्रत्येक अपराध को किस श्रेणी में रखा गया है?
|
संज्ञेय अपराध
|
|
धारा 19(1) के अनुसार, “संज्ञेय मामला” शब्द का अर्थ किस प्रावधान के अनुसार लगाया जायेगा?
|
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 2 के खण्ड (ग) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 2 के खण्ड (छ) के अनुसार
|
|
धारा 19(2)(क) के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(1) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187) में “न्यायिक मजिस्ट्रेट” के स्थान पर क्या पढ़ा जायेगा?
|
न्यायिक मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट
|
|
धारा 19(2)(ख) के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) में “पन्द्रह दिन” के स्थान पर क्या माना जायेगा?
|
साठ दिन
|
|
धारा 19(2)(ख) के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) में प्रयुक्त “साठ दिन” के स्थान पर क्या पढ़ा जायेगा?
|
एक वर्ष
|
|
धारा 19(4) के अनुसार, अभिरक्षा में स्थित अभियुक्त को जमानत पर छोड़े जाने से पूर्व किसे अवसर दिया जाना अनिवार्य है?
|
लोक अभियोजक को
|
|
धारा 19(4)(ख) के अनुसार, जमानत देने से पूर्व न्यायालय को किस बात से संतुष्ट होना आवश्यक है?
|
अभियुक्त दोषी नहीं है और जमानत पर रहते समय अपराध करने की संभावना नहीं है
|
|
धारा 19(5) के अनुसार, इस अधिनियम के अधीन जमानत से सम्बन्धित निर्बन्धन किसके अतिरिक्त होंगे?
|
दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) अधीन निर्बन्धनों के
|
|
अधिभावी प्रभाव, (Overriding Effect) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 20
|
|
धारा 20 के अनुसार, यदि किसी अन्य अधिनियम के उपबन्ध इस अधिनियम से असंगत हों तो कौन-सा उपबन्ध प्रभावी होगा?
|
यह अधिनियम या इसके अधीन बने नियम
|
|
आदेश के बारे में उपधारणा, (Presumption as to Order) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 21
|
|
धारा 21 के अनुसार न्यायालय किस स्थिति में उपधारणा करेगा?
|
जब यह तात्पर्यित हो कि आदेश अधिनियम के अधीन शक्ति का प्रयोग कर हस्ताक्षरित है
|
|
धारा 21 के अनुसार न्यायालय क्या उपधारित करेगा?
|
आदेश उस प्राधिकारी द्वारा दिया गया था
|
|
सद्भावना से किये गये कार्य का संरक्षण, (Protection of Action Taken in Good Faith) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 22
|
|
धारा 22 के अनुसार किस स्थिति में राज्य सरकार या उसके अधिकारी के विरुद्ध वाद या अभियोजन नहीं किया जा सकता?
|
जब कार्य अधिनियम या उसके अधीन बने नियमों के अनुसरण में सद्भावना से किया गया हो
|
|
धारा 22 के अन्तर्गत संरक्षण किसे प्रदान किया गया है?
|
राज्य सरकार तथा राज्य सरकार के अधिकारी या प्राधिकारी को
|
|
नियम बनाने की शक्ति, (Power to Make Rule) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 23
|
|
धारा 23(1) के अनुसार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति किसे है?
|
राज्य सरकार को
|
|
धारा 23 के अन्तर्गत राज्य सरकार नियम किस माध्यम से बना सकती है?
|
अधिसूचना द्वारा
|
|
धारा 23(2) के अनुसार, नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
|
एक हजार रुपये
|
|
धारा 23(2) के अनुसार, नियमों के उल्लंघन पर कारावास की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?
|
छः मास
|
|
धारा 23(2) के अनुसार, नियमों के उल्लंघन के लिए दण्ड किस रूप में दिया जा सकता है?
|
जुर्माने सहित या बिना जुर्माने के कारावास
|
|
निरसन और अपवाद, (Repeal and Saving Ordinance) किस धारा से सम्बंधित हैं?
|
धारा 24
|
|
धारा 24(1) के अनुसार किस अध्यादेश को निरसित किया गया है?
|
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) निरसन और अपवाद अध्यादेश, 1986
|