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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956
(THE HINDU SUCCESSION ACT, 1956)
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[1956 का अधिनियम संख्यांक 30]
[ACT NO. 30 OF 1956]
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अध्याय 1
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प्रारम्भिक
(Preliminary)
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 का अधिनियम क्रमांक क्या है?
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1956 का अधिनियम संख्यांक 30
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संक्षिप्त नाम और विस्तार (Short Title And Extent) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 1
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 का उद्देश्य क्या है?
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संपत्ति के उत्तराधिकार को नियंत्रित करना
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 को कब राष्ट्रपति की सहमति मिली थी?
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17 जून 1956
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यह अधिनियम किन धर्मों पर लागू होता है?
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हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन
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कौन सा केस महिलाओं का संपत्ति पर अधिकार से संबंधित है?
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सी. मसिअम्मल बनाम रजकुमारी
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यदि कोई व्यक्ति बौद्ध धर्म अपनाता है, तो क्या उस पर यह अधिनियम लागू होगा?
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हां
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कौन सा केस हिन्दू उत्तराधिकार में महिलाओं का स्थान की पुष्टि करता है?
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भानमती बनाम राजकुमारी
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संविधान के किस अनुच्छेद के कारण अनुसूचित जनजातियों पर यह अधिनियम स्वतः लागू नहीं होता?
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अनुच्छेद 366 के खण्ड (25)
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 किन क्षेत्रों पर स्वाभाविक रूप से लागू नहीं होता?
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अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र
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किस केस में कोर्ट ने क्या निर्णय दिया कि, अनुसूचित जनजातियों पर अधिनियम तभी लागू होगा जब सरकार अधिसूचना जारी करे?
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मंगली बनाम सीता राम
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यदि कोई हिन्दू धर्म त्याग कर ईसाई धर्म अपना ले, तो उस पर अधिनियम लागू होगा या नहीं?
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नहीं, धर्म परिवर्तन के बाद अधिनियम लागू नहीं होगा
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अधिनियम का लागू होना (Application of Act) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 2
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धारा 2 का उद्देश्य क्या है?
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यह निर्धारित करना कि अधिनियम किन लोगों पर लागू होता है
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 2 किस विषय से संबंधित है?
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लागू होने की सीमा
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 किन व्यक्तियों पर लागू होता है?
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हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों पर
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के अनुसार अनुसूचित जनजातियों पर यह अधिनियम कब लागू होता है?
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जब तक कि केन्द्रीय सरकार शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अन्यथा निर्दिष्ट न कर दे।
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अधिनियम की धारा 2(2) के अनुसार यह अधिनियम किन पर लागू नहीं होता?
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अनुसूचित जनजातियों पर
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अनुसूचित जनजातियों पर अधिनियम की लागू न होने की स्थिति से संबंधित केस कौन सा है?
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मंगली बनाम सीताराम
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धारा 2(1)(a) के अनुसार यह अधिनियम किन व्यक्तियों पर लागू होता है?
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ऐसे सभी व्यक्तियों पर जो हिन्दू धर्म द्वारा शासित हैं
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यदि कोई व्यक्ति हिन्दू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपनाता है, तो क्या वह हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अंतर्गत आएगा?
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नहीं
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में 'हिन्दू' शब्द में कौन शामिल है?
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हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन
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धारा 2(1)(c) के अनुसार हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम किन व्यक्तियों पर लागू नहीं होता?
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जो स्वेच्छा से अन्य धर्म अपना चुके हों
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अगर कोई व्यक्ति जन्म से हिन्दू था लेकिन बाद में ईसाई बन गया, तो क्या उस पर यह अधिनियम लागू होगा?
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नहीं
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कौन सा केस अनुसूचित जनजातियों पर अधिनियम केवल अधिसूचना से लागू होता है, से संबंधित है?
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ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी बनाम भारत सरकार
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कौन सा केस अनुसूचित जनजातियों पर अधिनियम की वैधता, से संबंधित है?
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गोपाल सिंह बनाम राम लखन
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क्या हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 धर्मांतरण करने वाले व्यक्ति की संतानों पर लागू होता है?
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हां
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गोत्रज (Agnate) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(क)
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति के उत्तराधिकार को कैसे प्रभावित करता है?
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उसका उत्तराधिकार समाप्त हो जाता है
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गोत्रज की संकल्पना किस आधार पर स्थापित की गई है?
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रक्त या दत्तक द्वारा
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एक व्यक्ति दूसरे का "गोत्रज" कब कहा जाता है?
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यदि वे दोनों केवल पुरुषों के माध्यम से रक्त या दत्तक द्वारा एक-दूसरे से सम्बन्धित हों
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अलियसन्तान विधि (Aliyasantana Law) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(ख)
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बन्धु (Cognate) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(ग)
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धारा 3(ग) के अनुसार “बन्धु” का क्या अर्थ है?
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दोनों रक्त या दत्तक द्वारा एक- दूसरे से सम्बन्धित हों किन्तु केवल पुरुषों के माध्यम से नहीं
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“बन्धु” की परिभाषा में किस प्रकार के संबंध शामिल होते हैं?
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रक्त और दत्तक दोनों से जुड़े संबंध
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में “बन्धु” का उपयोग किस लिए किया गया है?
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उत्तराधिकार के नियम तय करने के लिए
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“बन्धु” से संबंधित किस सुप्रीम कोर्ट के मामले ने परिभाषा को स्पष्ट किया है?
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रेवणासिद्धप्पा बनाम मल्लिकार्जुन
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रूढ़ि और प्रथा (Custom and Usage) किस धारा में परिभाषित है
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धारा 3(घ)
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धारा 3(घ) के अनुसार “रूढ़ि” का क्या अर्थ है?
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परंपरागत प्रचलित रीति-रिवाज जो समय के साथ स्थापित हो गई हो
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“प्रथा” का हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में क्या अर्थ है?
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सामाजिक तौर पर स्वीकार्य प्रचलित नियम
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में “रूढ़ि” और “प्रथा” को क्यों महत्व दिया गया है?
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उत्तराधिकार वितरण में पारंपरिक नियमों को मान्यता देने के लिए
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सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में “रूढ़ि” और “प्रथा” की व्याख्या की?
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जयलक्ष्मी अम्मल बनाम टी.वी. गणेश अय्यर
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“रूढ़ि” और “प्रथा” के तहत उत्तराधिकार के विषय में कौन-सी धारणा सही है?
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ये कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ लागू होते हैं
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यदि किसी समुदाय की रूढ़ि उत्तराधिकार के मामले में कानून से भिन्न है, तो कौन-सा प्रावधान लागू होगा?
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम
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“रूढ़ि” और “प्रथा” के अनुसार उत्तराधिकार में संपत्ति का वितरण कैसे होता है?
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परंपरागत सामाजिक नियमों के अनुसार
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पूर्णरक्त अर्धरक्त और एकोदररक्त (Half Blood and Uterine Blood) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(ङ)
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धारा 3(ङ) के अनुसार “पूर्णरक्त” का क्या अर्थ है?
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कोई भी दो व्यक्ति एक-दूसरे से पूर्ण रक्त द्वारा सम्बन्धित कहे जाते हैं जबकि वे एक ही पूर्वज से उसकी एक ही पत्नी द्वारा अवजनित हुए हों
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धारा 3(ङ) के अनुसार “अर्धरक्त” का क्या अर्थ है?
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कोई भी दो व्यक्ति एक-दूसरे से अर्धरक्त द्वारा सम्बन्धित कहे जाते हैं जबकि वे एक ही पूर्वज से किन्तु उसकी भिन्न पनियों द्वारा अवजनित हुए हों
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धारा 3(ङ) के अनुसार “एकोदररक्त” का क्या अर्थ है?
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दो व्यक्ति एक-दूसरे से एकोदररक्त द्वारा सम्बन्धित कहे जाते हैं जबकि वे एक ही पूर्वजा से किन्तु उसके भिन्न पतियों से अवजनित हुए हों
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वारिस (Heir) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 3(च)
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धारा 3(च) के अनुसार “वारिस” का क्या अर्थ है?
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ऐसा कोई भी व्यक्ति अभिप्रेत है, जो निर्वसीयत की 'सम्पत्ति का उत्तराधिकारी होने का इस अधिनियम के अधीन हकदार है
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में “वारिस” की परिभाषा के अंतर्गत पुरुष या नारी कौन आता है?
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दोनों
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में “वारिस” की परिभाषा किसके आधार पर निर्धारित होती है?
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उत्तराधिकार के क्रम से
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सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में “वारिस” की अवधारणा को विस्तार से समझाया?
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कलावती बनाम जगदीश प्रसाद
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निर्वसीयत (Intestate) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(छ)
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धारा 3(छ) के अनुसार “निर्वसीयत” का क्या अर्थ है?
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कोई व्यक्ति, जिसने किसी सम्पत्ति के बारे में ऐसा वसीयती व्ययन न किया हो जो प्रभावशील होने योग्य हो, वह उस सम्पत्ति के विषय में निर्वसीयत मरा समझा जाता है।
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में “निर्वसीयत” की परिभाषा के अंतर्गत पुरुष या नारी कौन आता है?
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दोनों
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मरुमक्कत्तायम् विधि (Marumakkattayam Law) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(ज)
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नंबूदिरी विधि (Nambudri Law) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(झ)
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सम्बन्धित (Related) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 3(ञ)
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इस अधिनियम में जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, पुल्लिंग संकेत करने वाले शब्दों के अन्तर्गत नारियां न समझी जाएंगी, कहा बताया गया है?
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धारा 3(2)
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अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव (Overriding Effect of Act) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 4
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 4 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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उत्तराधिकार से संबंधित पूर्ववर्ती कानूनों को समाप्त कर अधिनियम को प्रभावी बनाना
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धारा 4(क) के अनुसार यदि कोई प्रचलित हिन्दू विधि इस अधिनियम से भिन्न है, तो क्या होगा?
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 प्रभावी होगा
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उत्तराधिकार अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव अन्य परंपरागत कानूनों पर वरीयता रखता है?
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विरुपाक्षप्पा बनाम नेहरु
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धारा 4 का क्या प्रभाव होता है यदि कोई अन्य राज्य कानून हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम से विपरीत है?
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम लागू होगा
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धारा 4(1)(a) किस पर लागू होता है?
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सभी ऐसे कानूनों पर जो हिन्दुओं पर लागू होते हैं और जो इस अधिनियम से असंगत हैं
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धारा 4 के अनुसार क्या धार्मिक रीति-रिवाज़ों का पालन अब भी किया जा सकता है?
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हाँ, जब तक वे अधिनियम से टकराव न करें
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क्या हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856, हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 4 के प्रभाव के बाद भी लागू रहेगा?
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नहीं
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किस केस में यह स्पष्ट किया गया कि धारा 4 के अध्यारोही प्रभाव के तहत व्यक्तिगत रिवाज़ समाप्त हो जाते हैं?
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सत्यवती बनाम श्रीकांत
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धारा 4(2) का संशोधन किस महत्वपूर्ण विधेयक द्वारा किया गया था जिससे कृषि भूमि पर महिलाओं को अधिकार मिला?
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हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005
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अध्याय 2
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निर्वसीयती उत्तराधिकार
(Intestate Succession)
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साधारण
(General)
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अधिनियम का कुछ सम्पत्तियों को लागू न होना (Act Not to Apply to Certain Properties) किस धारा में परिभाषित है?
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धारा 5
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 5 का उद्देश्य क्या है?
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कुछ विशेष सम्पत्तियों को अधिनियम के दायरे से बाहर रखना
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धारा 5(i) के तहत कौन सी संपत्ति अधिनियम से बाहर मानी गई है?
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ऐसी किसी सम्पत्ति को जिसके लिए उत्तराधिकार, विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 21 में अन्तर्विष्ट उपबन्धों के कारण भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 द्वारा विनियमित होता है
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धारा 5(ii) के तहत कौन सी संपत्ति अधिनियम से बाहर मानी गई है?
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ऐसी किसी सम्पदा को जो किसी देशी राज्य के शासक द्वारा भारत सरकार से की गई किसी प्रसंविदा या करार के निबन्धनों द्वारा इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व पारित किसी अधिनियमिति के निबन्धनों द्वारा किसी एकल वारिस को अवजनित हुई है
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धारा 5(iii) के तहत कौन सी संपत्ति अधिनियम से बाहर मानी गई है?
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वलियम्म तंबुरान कोविलगम् सम्पदा और पैलेस फण्ड को जो कि महाराजा कोचीन द्वारा प्रख्यापित उद्घोषणा द्वारा प्रदत्त शक्तियों के आधार पर पैलेस एडमिनिस्ट्रेशन बोर्ड द्वारा प्रशासित है।
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सहदायिकी सम्पत्ति में के हित का न्यागमन (Devolution of Interest in Coparcenary Property) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 6
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सहदायिक संपत्ति (Coparcenary Property) क्या होती है?
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सहदायिक संपत्ति वह संपत्ति है जो हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) में एक सहदायिक (coparcener) के रूप में जन्म लेने वाले व्यक्ति को मिलती है
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 6 किस विषय से संबंधित है?
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सहदायिक संपत्ति में हित के उत्तराधिकार से
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2005 के संशोधन से पहले धारा 6 के तहत सहदायिकी संपत्ति में महिलाओं का क्या अधिकार था?
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कोई अधिकार नहीं
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हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 के बाद पुत्री का सहदायिक संपत्ति में क्या स्थान है?
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वही अधिकार होगा, जैसा उसे होता, यदि वह पुत्र होता
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किस ऐतिहासिक केस में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि 2005 संशोधन पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू नहीं होगा?
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प्रकाश बनाम फूलवती
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इस उपधारा में अन्तर्विष्ट कोई चीज किन सम्पत्ति के किसी विभाजन या वसीयती विन्यास को, प्रभावित नहीं करेगी या अविधिमान्य नहीं बनायेगी?
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जो दिसम्बर, 2004 के 20वें दिन के पूर्व किया गया है,
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सहदायिक संपत्ति में न्यागमन का क्या अर्थ है?
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सहस्वामी की मृत्यु पर उनका हिस्सा उत्तराधिकारियों को स्थानांतरित होना
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2005 संशोधन के बाद पुत्री को कौन से अधिकार प्राप्त हैं?
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सहदायिक संपत्ति में समान अधिकार और दायित्व
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प्रकाश बनाम फूलवती केस का मुख्य निष्कर्ष क्या था?
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यदि पिता की मृत्यु 2005 से पहले हुई हो, तो पुत्री को अधिकार नहीं
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किस केस में यह कहा गया कि पुत्री का अधिकार जन्म से ही माना जाएगा, अगर संशोधन प्रभावी तारीख के बाद पिता जीवित हो?
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विनीत शर्मा बनाम राकेश शर्मा
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सहदायिक संपत्ति के संबंध में "मृत्यु के समय उत्तराधिकार का निर्धारण" किस प्रकार होता है?
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मृत्यु के समय जीवित सहदायिक सदस्यों के अनुसार
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सहदायिक संपत्ति के अधिकारों को कौन नियंत्रित करता है?
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956
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क्या एक विवाहित पुत्री को भी सहदायिक संपत्ति में अधिकार होता है?
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हाँ, विवाहित या अविवाहित दोनों को
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2005 संशोधन के बाद पुत्री की स्थिति क्या है?
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सहदायिक सदस्य
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सहदायिक संपत्ति का बंटवारा तब ही होता है जब –
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कोई भी सदस्य मांग करे
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तरवाड, तावषि, कुटुम्ब, कबरु या इल्लम की सम्पत्ति में हित का न्यागमन (Devolution of Interest in The Property of a Tarwad, Tavazhi, Kutumba, Kavaru or Illom) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 7
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पुरुष की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम (General Rules of Succession in The Case of Males) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 8
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 8 का संबंध किससे है?
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पुरुष की मृत्यु के बाद संपत्ति के उत्तराधिकार से
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धारा 8 के अनुसार पुरुष की संपत्ति सबसे पहले किसको दी जाती है?
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वर्ग I के वारिसों को
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यदि कोई हिन्दू पुरुष बिना वसीयत किए मरता है, तो उसकी संपत्ति का उत्तराधिकार कैसे होगा?
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 8 के अनुसार
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वर्ग I के वारिसों में कौन शामिल होते हैं?
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पुत्र, पुत्री, पत्नी और माता पूर्वमृत पुत्र का पुत्र, पूर्वमृत पुत्र की पुत्री, पूर्वमृत पुत्री का पुत्र, पूर्वमृत पुत्री की पुत्री, पूर्वमृत पुत्र की विधवा इत्यादि
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यदि कोई वर्ग I का वारिस नहीं है, तो संपत्ति किसे जाएगी?
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वर्ग II के वारिसों को
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धारा 8 के तहत वर्ग II में कौन आते हैं?
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पिता, दादा-दादी, भाई-बहन, भतीजा, भतीजी आदि
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यदि किसी पुरुष की मृत्यु हो जाती है और वह केवल अपनी पत्नी और माता को छोड़ जाता है, तो संपत्ति किसे मिलेगी?
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दोनों को बराबर
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवाहित पुत्री भी वर्ग I की वारिस होती है?
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गुरनाम कौर बनाम हरजीत सिंह
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धारा 8 के अनुसार उत्तराधिकार किस आधार पर होता है?
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रक्त संबंध और अधिनियम में वर्णित वर्गों पर
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अगर किसी पुरुष की मृत्यु होती है और उसके कोई वर्ग I और II वारिस नहीं हैं, तो संपत्ति किसे जाएगी?
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मृतक के गोत्रजों को
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अगर किसी पुरुष की मृत्यु होती है और उसके कोई वर्ग I और II वारिस नहीं हैं और, अन्ततः यदि कोई गोत्रज न हो तो तो संपत्ति किसे जाएगी?
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मृतक के बन्धुओं को
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धारा 8 में "वर्ग I" और "वर्ग II" वारिसों की सूची कहाँ दी गई है?
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अनुसूची में
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हिन्दू पुरुष की संपत्ति यदि केवल पुत्री को मिलती है, तो क्या वह उत्तराधिकारी होगी?
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हाँ, वर्ग I में होने के कारण
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अनुसूची में के वारिसों के बीच उत्तराधिकार का क्रम (Order of Succession Among Heirs in The Schedule) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 9
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 9 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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अनुसूची में दिए गए वारिसों के बीच उत्तराधिकार का क्रम निर्धारित करना
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धारा 9 के अनुसार उत्तराधिकार पहले किस वर्ग को दिया जाता है?
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वर्ग I को
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अगर वर्ग I के कोई वारिस मौजूद नहीं हैं, तो संपत्ति किसे जाएगी?
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वर्ग II के वारिसों को
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अनुसूची में वारिसों का क्रम किस आधार पर निर्धारित किया गया है?
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वर्गों के अनुसार
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धारा 9 के अनुसार, क्या कोई वारिस निम्न वर्ग को तब तक संपत्ति दे सकता है जब तक उच्च वर्ग में कोई वारिस जीवित हो?
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नहीं
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वर्ग I और वर्ग II के बीच मुख्य अंतर क्या है?
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वर्ग I में करीबी रिश्तेदार होते हैं, वर्ग II में दूर के
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अनुसूची में कुल कितने वर्ग (Classes) होते हैं?
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2
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यदि वर्ग II में एक से अधिक श्रेणी के वारिस हैं, तो संपत्ति किसे मिलेगी?
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पहले श्रेणी के सभी को, अन्य को नहीं
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किस केस में यह निर्णय दिया गया कि वर्ग I का कोई वारिस उपलब्ध होते ही वर्ग II के वारिस संपत्ति के अधिकारी नहीं होंगे?
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दया सिंह बनाम उर्मिला देवी
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वर्ग II की पहली श्रेणी में कौन आता है?
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पिता
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यदि वर्ग I और वर्ग II में कोई वारिस न हो, तो संपत्ति किसे दी जाती है?
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मृतक के गोत्रजों को
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क्या धारा 9 का उत्तराधिकार का क्रम बाध्यकारी होता है?
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हाँ, अनिवार्य रूप से लागू होता है
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की अनुसूची में कितने प्रकार के उत्तराधिकार समूह हैं?
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वर्ग I, II, मृतक के गोत्रजों को और मृतक के बन्धुओं को
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किस धारा के तहत अनुसूची का पालन आवश्यक है?
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धारा 9
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अनूसूची के वर्ग 1 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण (Distribution of Property Among Heirs in Class I Of the Schedule) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 10
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धारा 10 के अंतर्गत संपत्ति का वितरण किस आधार पर होता है?
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निर्वसीयत की सम्पत्ति अनुसूची के वर्ग 1 में वारिसों में धारा 10 के अंतर्गत दिए गए नियमों के अनुसार विभाजित की जाएगी
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निर्वसीयत की विधवा को या यदि एक से अधिक विधवाएं हों, तो संपत्ति कैसे वितरित होगी?
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सब विधवाओं को मिलाकर एक अंश मिलेगा।
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निर्वसीयत के उत्तरजीवी पुत्रों और पुत्रियों और माता को संपत्ति कैसे वितरित होगी?
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हर एक को एक-एक अंश मिलेगा
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निर्वसीयत के हर एक पूर्वमृत पुत्र की या हर एक पूर्वमृत पुत्री को संपत्ति कैसे वितरित होगी?
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सब वारिसों को मिलाकर एक अंश मिलेगा
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नियम 3 में निर्दिष्ट अंश का वितरण- पूर्वमृत पुत्र की शाखा में के वारिसों के बीच कैसे किया जाएगा?
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ऐसे कि उसकी अपनी विधवा को ( या सब विधवाओं को मिलाकर) और उत्तरजीवी पुत्रों और पुत्रियों को बराबर भाग प्राप्त हों, और उसके पूर्वमृत पुत्रों की शाखा को वही भाग प्राप्त हों
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नियम 3 में निर्दिष्ट अंश का वितरण- पूर्वमृत पुत्री की शाखा में के वारिसों के बीच कैसे किया जायगा?
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ऐसे कि उत्तरजीवी पुत्रों और पुत्रियों को बराबर भाग प्राप्त हो
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुत्री को भी पुत्र के समान हिस्सा मिलेगा?
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प्रकाश बनाम फूलवती
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अनुसूची के वर्ग 2 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण (Distribution of Property Among Heirs in Class II of The Schedule) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 11
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अनुसूची के वर्ग 2 के वारिसों में संपत्ति का वितरण किस आधार पर होता है?
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अनुसूची के वर्ग 2 में किसी एक प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट वारिसों के बीच निर्वसीयत की सम्पत्ति ऐसे विभाजित की जाएगी कि उन्हें बराबर अंश मिले ।
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वर्ग II में कितनी श्रेणियाँ (Entries) होती हैं?
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9
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वर्ग II के वारिसों में किसे प्राथमिकता दी जाती है?
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एक ही श्रेणी के सदस्यों को
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यदि वर्ग II की पहली श्रेणी में कोई जीवित वारिस हो, तो अन्य श्रेणियों के वारिसों का क्या होगा?
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केवल पहली श्रेणी को मिलेगा
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वर्ग II की पहली श्रेणी में कौन होता है?
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मृतक का पिता
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यदि मृतक के केवल पिता और बहन जीवित हैं, तो सम्पत्ति किसे मिलेगी?
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केवल पिता को
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किस केस में यह स्पष्ट किया गया कि वर्ग II के वारिसों में प्रत्येक श्रेणी का वारिस तभी उत्तराधिकारी होता है जब उससे ऊपर की श्रेणियों में कोई जीवित न हो?
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गोविंदराव बनाम ललिता
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यदि कोई वर्ग II वारिस अकेला हो, तो उसे कितना हिस्सा मिलेगा?
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पूर्ण संपत्ति
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गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार का क्रम (Order of Succession Among Agnates and Cognate) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 12
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 12 का संबंध किससे है?
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गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार के क्रम से
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गोत्रज (Agnates) कौन होते हैं?
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एक व्यक्ति दूसरे का "गोत्रज" कहा जाता है यदि वे दोनों केवल पुरुषों के माध्यम से रक्त या दत्तक द्वारा एक-दूसरे से सम्बन्धित हों
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बन्धु (Cognates) कौन होते हैं?
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एक व्यक्ति दूसरे का "बन्धु" कहा जाता है यदि वे दोनों रक्त या दत्तक द्वारा एक- दूसरे से सम्बन्धित हों किन्तु केवल पुरुषों के माध्यम से नहीं
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धारा 12 के अनुसार, गोत्रजों और बन्धुओं में पहले संपत्ति किसे दी जाती है?
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गोत्रज
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गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार का क्रम किस पर आधारित होता है?
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धारा 12 के अंतर्गत दिए गए नियमों के अनुसार विभाजित की जाएगी
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वारिसों में से किसे अधिमान प्राप्त होगा?
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जिसकी उपरली ओर की डिग्रियाँ अपेक्षातर कम हों या हों ही नहीं।
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जहां कि उपरली ओर की डिग्रियों की संख्या एक समान हों या हों ही नहीं तो किस वारिस को अधिमान प्राप्त होगा?
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जिसकी निचली ओर की डिग्रियां अपेक्षातर कम हों या हों ही नहीं
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जहां कि नियम 1 या नियम 2 के अधीन कोई-सा भी वारिस दूसरे से अधिमान का हकदार न हो तो किस वारिस को अधिमान प्राप्त होगा?
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वहां वे दोनों साथ-साथ अंशभागी होंगे
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यदि कोई गोत्रज नहीं है, तो संपत्ति किसे जाएगी?
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बन्धु को
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धारा 12 में किस सिद्धांत का पालन किया गया है?
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रिश्ते की निकटता (संबंध की निकटता)
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यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और उसके कोई वारिस वर्ग I या II में नहीं हैं, तो संपत्ति किसे दी जाती है?
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गोत्रजों को, बन्धुओं को
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क्या गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार बराबर-बराबर बंटता है?
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नहीं, के वल निकटतम को
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किस केस में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गोत्रज और बन्धु में क्रमिक प्राथमिकता होती है?
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गोकुल चंद बनाम बाबू लाल
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यदि कोई गोत्रज और एक बन्धु समान दूरी पर हैं, तो संपत्ति किसे दी जाएगी?
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गोत्रज को
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धारा 12 के अंतर्गत कौन-सा वारिस सबसे अंतिम माना जाता है?
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बन्धु
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डिग्रियों की संगणना (Computation of Degrees) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 13
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गोत्रजों या बन्धुओं के बीच उत्तराधिकार क्रम के अवधारण की संगणना, वारिस के सम्बन्ध में किसके अनुसार की जाएगी?
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उपरली डिग्री या निचली डिग्री या दोनों के अनुसार
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डिग्री की संगणना कैसे की जाएगी?
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निर्वसीयत को गिनते हुए की जाएगी
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धारा 13 के अनुसार, हर पीढ़ी कितनी डिग्री गठित करती है?
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1
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किस न्यायिक निर्णय में डिग्री की संगणना स्पष्ट की गई थी?
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गुरुनाथ बनाम कमलाबाई
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हिन्दू नारी की सम्पत्ति उसकी आत्यन्तिकतः अपनी सम्पत्ति (Property of A Female Hindu to Be Her Absolute Property) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 14
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धारा 14(1) के अनुसार हिन्दू महिला की संपत्ति किस प्रकार की मानी जाएगी?
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उसकी आत्यन्तिक संपत्ति
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किस केस में मुख्य निर्णय दिया गया था कि, महिला की संपत्ति उसकी आत्यन्तिक संपत्ति होती है, यदि वह स्वतंत्र रूप से संपत्ति रखती है?
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वी. तुलसाम्मा बनाम शेषा रेड्डी
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धारा 14 के अंतर्गत ‘आत्यन्तिक संपत्ति’ का अर्थ क्या है?
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वह संपत्ति जो महिला का पूर्ण स्वामित्व हो
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धारा 14 की उपधारा 2 के अनुसार, यदि महिला को पति से जीवनकाल के लिए संपत्ति मिली है, तो उसका अधिकार क्या होगा?
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सीमित स्वामित्व का अधिकार
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किस केस में यह स्पष्ट किया गया कि महिला की संपत्ति उसकी व्यक्तिगत संपत्ति होती है न कि पति या परिवार की?
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वी. तुलासम्मा बनाम शेषा रेड्डी
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क्या धारा 14 के तहत प्राप्त संपत्ति को महिला अपने नाम पर रख सकती है?
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हाँ, पूर्ण अधिकार के साथ
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धारा 14 किस प्रकार की महिलाओं पर लागू होती है?
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सभी हिन्दू महिलाओं पर
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महिला की आत्यन्तिक संपत्ति पर उसके परिवार के अन्य सदस्य का अधिकार होता है?
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नहीं
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धारा 14 के तहत महिला की संपत्ति को क्या सुरक्षा प्राप्त होती है?
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पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण की सुरक्षा
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हिन्दू नारी की दशा में उत्तराधिकार के साधारण (General Rules of Succession in The Case of Female Hindus) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 15
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धारा 15 के अनुसार, जब हिन्दू नारी की मृत्यु हो जाती है और वह संपत्ति छोड़ जाती है, तो उसका उत्तराधिकार किस नियम के अनुसार होगा?
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नारी की सम्पत्ति धारा 16 में दिए गए नियमों के अनुसार न्यागत होगी
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धारा 15 के अंतर्गत, नारी की संपत्ति के उत्तराधिकारियों का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है?
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प्रथमतः पुत्रों और पुत्रियों और पति को;
द्वितीयत, पति के वारिसों को;
तृतीयतः माता और पिता को;
चतुर्थतः, पिता के वारिसों को तथा
अन्ततः माता के वारिसों को।
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कोई सम्पत्ति जिसकी विरासत हिन्दू नारी को अपने पिता या माता से प्राप्त हुई हो, मृतक के पुत्र या पुत्री के अभाव में किसको न्यागत होगी?
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उपधारा (1) में निर्दिष्ट वारिसों को न्यागत न होकर पिता के वारिसों को न्यागत होगी
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कोई सम्पत्ति जो हिन्दू नारी को अपने पति या अपने श्वसुर से विरासत में प्राप्त हुई हो मृतक के किसी पुत्र या पुत्री के अभाव में किसको न्यागत होगी?
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उपधारा (1) में निर्दिष्ट वारिसों को न्यागत न होकर
पति के वारिसों को न्यागत होगी
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 15 के अंतर्गत नारी की संपत्ति का उत्तराधिकार सामान्य नियमों के अनुसार होगा?
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दानम्मा सुमन सुरपुर बनाम अमर
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 15 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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नारी की संपत्ति का उत्तराधिकार साधारण नियमों के अनुसार निर्धारित करना
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धारा 15 के अंतर्गत संपत्ति की विभाजन में किसकी भूमिका होती है?
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नारी के उत्तराधिकारी
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हिन्दू नारी के वारिसों में उत्तराधिकार का क्रम और वितरण की रीति (Order of Succession and Manner of Distribution Among Heirs of a Female Hindu) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 16
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धारा 15 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट वारिसों में किसको अधिमान प्राप्त होगा?
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पहली प्रविष्टि में के वारिसों को किसी उत्तरवर्ती प्रविष्टि में के वारिसों की तुलना में अधिमान प्राप्त होगा
और
जो वारिस एक ही प्रविष्टि के अन्तर्गत हों तो वे साथ-साथ अंशभागी होंगे
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यदि निर्वसीयत का कोई पुत्र या पुत्री अपने ही कोई अपत्य निर्वसीयत की मृत्यु के समय जीवित छोड़कर निर्वसीयत से पूर्व मर जाए तो वह कौन से अंश प्राप्त करेंगे?
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ऐसे पुत्र या पुत्री के अपत्य परस्पर वह अंश लेंगे जिसे वह लेती यदि निर्वसीयत की मृत्यु के समय ऐसा पुत्र या पुत्री जीवित होती
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धारा 16 के अनुसार हिन्दू नारी के वारिसों में उत्तराधिकार का निर्धारण किस आधार पर होता है?
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वारिसों के वर्ग और निकटता के अनुसार
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किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 16 के तहत उत्तराधिकार के क्रम को स्पष्ट किया?
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दानम्मा सुमन सुरपुर बनाम अमर
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धारा 16 के अनुसार, नारी के पति को संपत्ति में किस प्रकार का हिस्सा मिलेगा?
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जीवनकाल का अधिकार
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मरुमक्कत्तायम और अलियसन्तान विधियों द्वारा शासित व्यक्तियों के विषय में विशेष उपबन्ध (Special Provisions Respecting Persons Governed by Marumakkattayam and Atiyasantana Laws) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 17
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उत्तराधिकार से सम्बन्धित साधारण उपबन्ध
(General Provisions Relating to Succession)
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पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर अधिमान प्राप्त है (Full Blood Preferred to Half Blood) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 18
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धारा 18 के अनुसार ‘पूर्णरक्त’ और ‘अर्धरक्त’ में क्या अंतर है?
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कोई भी दो व्यक्ति एक-दूसरे से पूर्ण रक्त द्वारा सम्बन्धित कहे जाते हैं जबकि वे एक ही पूर्वज से उसकी एक ही पत्नी द्वारा अवजनित हुए हों, और अर्धरक्त द्वारा सम्बन्धित क जाते हैं जबकि वे एक ही पूर्वज से किन्तु उसकी भिन्न पनियों द्वारा अवजनित हुए हों
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धारा 18 के अनुसार उत्तराधिकार में पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर क्या अधिकार प्राप्त है?
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निर्वसीयत से पूर्णरक्त सम्बन्ध रखने वाले वारिसों को अर्धरक्त सम्बन्ध रखने वाले वारिसों पर अधिमान प्राप्त होगा यदि उस सम्बन्ध की प्रकृति सब प्रकार से वही हो
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 18 का उद्देश्य क्या है?
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पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर अधिमान देना
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 18 के तहत पूर्णरक्त और अर्धरक्त के बीच अंतर स्पष्ट किया?
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के. माधवन नायर बनाम के. नारायणी अम्मा
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यदि एक व्यक्ति के दो उत्तराधिकारी हों, जिनमें से एक पूर्णरक्त और दूसरा अर्धरक्त हो, तो धारा 18 के अनुसार संपत्ति किसे मिलेगी?
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पूर्णरक्त को अधिक हिस्सा
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पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर अधिमान देने का कारण क्या है?
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परिवार में पूर्णरक्त के संबंध अधिक निकटतम माने जाते हैं
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दो या अधिक वारिसों के उत्तराधिकार का ढंग (Mode of Succession of Two Or More Heirs) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 19
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यदि दो या अधिक वारिस निर्वसीयत की सम्पत्ति के एक साथ उत्तराधिकारी होते हैं तो वे सम्पत्ति को किस प्रकार से पायेंगे?
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इस अधिनियम में अभिव्यक्त तौर पर अन्यथा उपबन्धित के सिवाय व्यक्तिवार, न कि शाखावार आधार पर लेंगे; और
सामान्यिक अभिधारियों की हैसियत में न कि संयुक्त अभिधारियों की हैसियत में लेंगे।
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 19 के तहत दो या अधिक वारिसों के अधिकारों का विस्तार किया?
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वी. तुलासम्मा बनाम शेषा रेड्डी
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गर्भस्थित अपत्य का अधिकार (Right of Child in Womb) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 20
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धारा 20 के अनुसार गर्भ में स्थित अपत्य को जो तत्पश्चात् जीवित पैदा हुआ हो उत्तराधिकार में क्या अधिकार प्राप्त होता है?
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जन्म के बाद यदि जीवित रहता है तो अधिकार मिलता है
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 20 का उद्देश्य क्या है?
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गर्भस्थ शिशु को संपत्ति में अधिकार देना
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने गर्भस्थित अपत्य के अधिकारों को मान्यता दी?
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वी. तुलासम्मा बनाम शेषा रेड्डी
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धारा 20 के अनुसार गर्भस्थ शिशु के अधिकार कब से लागू होते हैं?
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जन्म के समय से
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यदि गर्भ में स्थित शिशु मृत पैदा होता है तो धारा 20 के अनुसार उसका अधिकार क्या होगा?
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कोई अधिकार नहीं मिलेगा
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धारा 20 के तहत गर्भस्थ शिशु की संपत्ति में हिस्सेदारी कितनी होगी?
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संपत्ति के वितरण में शामिल किया जाएगा
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धारा 20 के अंतर्गत गर्भस्थित अपत्य के अधिकारों के संबंध में किस स्थिति में विवाद हो सकता है?
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जब गर्भस्थ शिशु जीवित जन्म न ले
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धारा 20 के अनुसार गर्भस्थ शिशु के अधिकारों के लिए क्या शर्त आवश्यक है?
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शिशु का जीवित जन्म लेना आवश्यक है
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धारा 20 के अनुसार, यदि गर्भस्थ अपत्य के जन्म के पहले संपत्ति का वितरण हो गया हो, तो क्या होगा?
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शिशु को बाद में हिस्सा मिलेगा
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गर्भस्थित अपत्य का अधिकार किस प्रकार की संपत्ति में होता है?
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दोनों चल और अचल संपत्ति में
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धारा 20 के तहत गर्भस्थित अपत्य को संपत्ति में अधिकार कब तक होता है?
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जन्म के तुरंत बाद
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धारा 20 के तहत यदि गर्भस्थ अपत्य की मृत्यु जन्म से पहले हो जाती है, तो क्या होगा?
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उसे अधिकार नहीं मिलेगा
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सम-सामयिक मृत्युओं के विषय में उपधारणा (Presumption in Cases of Simultaneous Deaths) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 21
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धारा 21 के अनुसार ‘सम-सामयिक मृत्युएं’ का अर्थ क्या है?
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दो या अधिक व्यक्तियों की मृत्यु एक ही समय या लगभग एक ही समय पर हो जाना
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धारा 21 के अंतर्गत सम-सामयिक मृत्युओं की स्थिति में उत्तराधिकार कैसे निर्धारित किया जाता है?
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यह उपधारणा की जाएगी कि कनिष्ठ ज्येष्ठ का उत्तरजीवी रहा।
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 21 का उद्देश्य क्या है?
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सम-सामयिक मृत्युओं के उत्तराधिकार विवाद को सुलझाना
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किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने सम-सामयिक मृत्युओं की अवधारणा को स्पष्ट किया?
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दानम्मा सुमन सुरपुर बनाम अमर
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धारा 21 के अनुसार यदि सम-सामयिक मृत्युएं हों तो संपत्ति का उत्तराधिकार किसे मिलेगा?
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कनिष्ठ ज्येष्ठ को
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कुछ दशाओं में सम्पत्ति अर्जित करने का अधिमानी अधिकार (Preferential Right to Acquire Property in Certain Cases) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 22
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धारा 22 के अनुसार ‘अधिमानी अधिकार’ का क्या अर्थ है?
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कुछ दशाओं में संपत्ति अर्जित करने का सर्वोच्च अधिकार
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धारा 22 के तहत अधिमानी अधिकार किस स्थिति में लागू होता है?
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जब दो या अधिक व्यक्तियों के बीच संपत्ति का विवाद हो
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धारा 22 के अनुसार अधिमानी अधिकार किसे प्राप्त होता है?
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वह वारिस जिसे संपत्ति अर्जित करने का प्रथम अधिकार हो
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क्या धारा 22 के अधिमानी अधिकार का प्रयोग संपत्ति के विक्रय में किया जा सकता है?
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नहीं, यह केवल उत्तराधिकार के लिए है
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निवास, गृह के बारे में विशेष उपबन्ध (Special Provision Respecting Dwelling-Houses) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 23
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धारा 23 का किस धारा द्वारा लोप किया गया?
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हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005-
की धारा 4 द्वारा
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पुनर्विवाह करने वाली कुछ विधवाएँ विधवा होने के नाते विरासत प्राप्त कर सकेंगी (Certain windows re-marrying may not inherit as windows) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 24
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धारा 24 किस धारा द्वारा विलोपित की गयी?
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हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005-
की धारा 5 द्वारा विलोपित
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हत्या करने वाला निरर्हित होगा (Murderer Disqualified) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 25
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धारा 25 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति वारिस की हत्या करता है तो वह क्या होगा?
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वह निरर्हित होगा यानी उत्तराधिकार से वंचित होगा
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धारा 25 के अंतर्गत हत्या करने वाला व्यक्ति किस प्रकार के अधिकारों से वंचित होता है?
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उत्तराधिकार पर अधिकार
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धारा 25 के अनुसार हत्या करने वाले को उत्तराधिकार से निरर्हित करने का आधार क्या है?
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हत्या का दोष सिद्ध होना या हत्या करने का दुष्प्रेरण करना
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संपरिवर्तितों के वंशज निरर्हित होंगे (Convert’s Descendants Disqualified) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 26
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धारा 26 के अनुसार संपरिवर्तितों के वंशजों का उत्तराधिकार में क्या स्थान होगा?
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निरर्हित होंगे यानी उत्तराधिकार से वंचित होंगे
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‘संपरिवर्तित’ शब्द का अर्थ क्या है?
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हिन्दू से किसी अन्य धर्म में परिवर्तित व्यक्ति
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धारा 26 का उद्देश्य क्या है?
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धर्म परिवर्तन करने वाले और उनके वंशजों को उत्तराधिकार से वंचित करना
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धारा 26 के अनुसार यदि कोई हिन्दू वारिस धर्म परिवर्तन करता है तो उसके वंशज क्या होंगे?
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निरर्हित
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धारा 26 के अनुसार क्या संपरिवर्तितों के वंशज पुनः हिन्दू धर्म ग्रहण कर सकते हैं और उत्तराधिकार प्राप्त कर सकते हैं?
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हाँ, धर्म परिवर्तन के बाद पुनः हिन्दू बनने पर अधिकार मिल सकता है
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संपरिवर्तितों के वंशज कब उत्तराधिकार प्राप्त कर सकते हैं?
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जब कि ऐसे अपत्य या उस अपत्य के वंशज उस समय जबकि उत्तराधिकार खुले, हिन्दू हों ।
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धारा 26 में ‘वंशज’ से क्या तात्पर्य है?
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पुत्र और पुत्री दोनों
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किस सुप्रीम कोर्ट के मामले में धारा 26 के सिद्धांत की पुष्टि की गई है?
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लता सिंह बनाम यूपी राज्य।
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उत्तराधिकार जबकि वारिस निरर्हित हो (Succession When Heir Disqualified) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 27
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धारा 27 के अनुसार यदि वारिस निरर्हित हो जाता है तो उसकी संपत्ति का अधिकार किसे जाता है?
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अन्य वारिसों को
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जब कोई वारिस निरर्हित होता है, तो धारा 27 के अनुसार उसकी हिस्सेदारी का क्या होगा?
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वह सम्पत्ति ऐसे न्यागत होगी मानो ऐसा व्यक्ति निर्वसीयती के पूर्व मर चुका हो।
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रोग, त्रुटि आदि से निरर्हता न होगी (Disease, Defect, Etc., Not to Disqualify) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 28
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धारा 28 के अनुसार क्या रोग या मानसिक त्रुटि के कारण किसी वारिस को निरर्हित किया जा सकता है?
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नहीं
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धारा 28 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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रोग, मानसिक त्रुटि या अंगविकार के कारण निरर्हण को रोकना
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राजगामित्व
(Escheat)
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वारिसों का अभाव (Failure of Heirs) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 29
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धारा 29 के अनुसार यदि किसी हिन्दू की मृत्यु के बाद कोई वारिस न हो तो संपत्ति किसे जाती है?
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सम्पत्ति सरकार को न्यागत होगी
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सरकार को को संपत्ति किस प्रकार लेनी होगी?
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उन सब बाध्यताओं और दायित्वों के अध्यधीन जिनके अध्यधीन वारिस होता
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अध्याय 3
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वसीयती उत्तराधिकारी
(Testamentary Succession)
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वसीयती उत्तराधिकारी (Testamentary Succession) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 30
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कोई हिन्दू किसके अनुसार किसी ऐसी सम्पत्ति को व्ययनित कर सकेगा या कर सकेगी जिसका ऐसे व्ययनित किया जाना शक्य हो?
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किसी विल द्वारा या अन्य वसीयती व्ययन द्वारा भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, या हिन्दुओं को लागू और किसी अन्य तत्समय प्रवृत्त विधि के उपबन्धों के अनुसार
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अध्याय 4
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निरसन
(Repeals)
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निरसन (Repeals) किस धारा से सम्बंधित है?
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धारा 31
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धारा 31 के अनुसार 'निरसन' से क्या अभिप्रेत है?
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निरसन तथा संशोधन अधिनियम, 1960 (1960 का 58) की धारा 2 तथा अनुसूची 1 द्वारा निरसित
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की अनुसूची में वर्ग 1 के वारिस कौन होते हैं?
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दाता के प्रत्यक्ष वंशज (पुत्र, पुत्री, पति, विधवा इत्यादि
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वर्ग 2 के वारिसों का स्थान किस स्थिति में आता है?
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जब वर्ग 1 के वारिस नहीं हों
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वर्ग 1 के वारिसों के अभाव में कौन उत्तराधिकारी बनता है?
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वर्ग 2 के वारिस
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अनुसूची के वर्ग 1 और वर्ग 2 में वारिसों के अधिकारों के संबंध में सही कथन क्या है?
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वर्ग 1 के वारिसों को अधिक अधिकार प्राप्त हैं
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यदि वर्ग 1 के वारिस किसी कारण से उत्तराधिकार में भाग नहीं लेते तो क्या होगा?
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वर्ग 2 के वारिस उत्तराधिकारी होंगे
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कौन-सा केस अनुसूची के वर्ग 1 और वर्ग 2 के वारिसों के अधिकारों पर महत्वपूर्ण माना जाता है?
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गुम्मलापुरा तग्गिना मतादा कोट्टुरुस्वामी बनाम सेत्रा वीरव्वा
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