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डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 (The Prevention of Witch Practices Act, 1999) |
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[अधिनियम संख्या 9, 1999] [1] [Act No. 9, 1999] [1] |
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इस अधिनियम का नाम क्या है? |
डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 (The Prevention of Witch Practices Act, 1999) |
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इस अधिनियम की अधिनियम संख्या क्या है? |
[अधिनियम संख्या 9, 1999] [1] [ Act No. 9, 1999] [1] |
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इस अधिनियम का विषय क्या है? |
डायन प्रथा का प्रतिषेध तथा महिलाओं को डायन घोषित कर उन पर होने वाले अत्याचार, अपमान, शोषण एवं हत्या का निवारण। |
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डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 का वर्ष क्या है? |
1999। |
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डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? |
डायन प्रथा, महिलाओं की डायन के रूप में पहचान तथा उनके प्रति यातना, अपमान, शोषण एवं हत्या को रोकने हेतु प्रभावकारी उपायों का उपबंध करना। |
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डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 मुख्यतः किन क्षेत्रों में प्रचलित डायन प्रथा को रोकने के लिए बनाया गया है? |
बिहार-झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों तथा अन्य स्थानों में प्रचलित डायन प्रथा को। |
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डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 भारत गणराज्य के किस वर्ष में अधिनियमित किया गया? |
भारत गणराज्य के पचासवें वर्ष में। |
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डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 किस विधानमंडल द्वारा अधिनियमित किया गया? |
बिहार राज्य के विधानमंडल द्वारा। |
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धारा 1 का विषय क्या है? |
संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ। (Short title, extent and commencement) |
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धारा 1(1) के अनुसार डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 का संक्षिप्त नाम क्या है? |
डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999। |
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धारा 1(2) के अनुसार डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 का विस्तार कहाँ तक है? |
सम्पूर्ण बिहार राज्य में। |
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धारा 1(2) के अनुसार क्या डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 सम्पूर्ण बिहार राज्य में लागू होता है? |
हाँ। |
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धारा 1(3) के अनुसार डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 कब लागू होगा? |
उस तिथि से जो राज्य सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे। |
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धारा 1(3) के अनुसार अधिनियम के प्रारंभ की तिथि कौन नियुक्त करेगा? |
राज्य सरकार। |
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धारा 1(3) के अनुसार प्रारंभ की तिथि किस माध्यम से नियुक्त की जाएगी? |
आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा। |
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धारा 2 का विषय क्या है? |
परिभाषाएँ। (Definitions) |
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धारा 2(1) का विषय क्या है? |
"संहिता" (Code) की परिभाषा। |
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धारा 2(1) के अनुसार "संहिता" से क्या अभिप्रेत है? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023)। |
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धारा 2(2) का विषय क्या है? |
"डायन" (Witch (Daain) की परिभाषा। |
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धारा 2(2) के अनुसार "डायन" से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसी औरत जिसकी पहचान किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा किसी व्यक्ति को हानि पहुँचाने या हानि पहुँचाने का इरादा रखने वाली डायन के रूप में की जाए। |
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धारा 2(3) का विषय क्या है? |
"पहचानकर्त्ता" (Identifier) की परिभाषा। |
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धारा 2(3) के अनुसार "पहचानकर्त्ता" से क्या अभिप्रेत है? |
वह व्यक्ति जो किसी औरत या डायन के रूप में पहचान करने हेतु अन्य व्यक्तियों को बहकाता हो या फिर अपने कार्यों से, शब्दों और व्यवहारों से बहकाने में मदद करता हो; या जानबूझ कर ऐसे कार्य करे, जिससे यह पहचान हो कि उस व्यक्ति को हानि हो अथवा हानि पहुँचाने की आशंका हो, तथा उसके सुरक्षा एवं उसके मान सम्मान पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़े। |
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धारा 2(4) का विषय क्या है? |
"ओझा" (Ojha) की परिभाषा। |
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धारा 2(4) के अनुसार "ओझा" से क्या अभिप्रेत है? |
वह व्यक्ति जो यह दावा करता हो कि उसमें 'डायन' को नियंत्रित करने की क्षमता है चाहे वह 'गुणी' या 'शोखा' या किसी अन्य नाम से जाना जाता हो। |
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धारा 3 का विषय क्या है? |
डायन की पहचान। (Identification of Witch (Dain)) |
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धारा 3 के अनुसार अपराध कौन करता है? |
वह व्यक्ति जो किसी अन्य व्यक्ति को डायन के रूप में पहचान करता है। |
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धारा 3 के अनुसार किसकी पहचान करना अपराध है? |
किसी अन्य व्यक्ति की डायन के रूप में। |
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धारा 3 के अनुसार पहचान के प्रति किस प्रकार की कार्रवाई करना दण्डनीय है? |
अपने किसी भी कार्य, शब्द या रीति से कोई कार्रवाई करना। |
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धारा 3 के अनुसार अपराध किस आधार पर पूर्ण होता है? |
किसी व्यक्ति को डायन के रूप में पहचान कर उसके संबंध में कार्य, शब्द या रीति से कार्रवाई करने पर। |
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धारा 3 के अनुसार दण्ड क्या है? |
तीन महीने तक का कारावास अथवा एक हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों। |
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धारा 4 का विषय क्या है? |
प्रताड़ित करने का हर्जाना। (Damages for causing harm) |
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धारा 4 के अनुसार अपराध कौन करता है? |
वह व्यक्ति जो किसी औरत को डायन के रूप में पहचानकर उसे शारीरिक या मानसिक यातना देता है। |
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धारा 4 के अनुसार किसकी प्रताड़ना दण्डनीय है? |
डायन के रूप में पहचानी गई किसी औरत की। |
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धारा 4 के अनुसार प्रताड़ना किस प्रकार की हो सकती है? |
शारीरिक या मानसिक। |
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धारा 4 के अनुसार प्रताड़ना जानबूझकर या किस प्रकार किए जाने पर भी दण्डनीय है? |
अन्यथा किए जाने पर भी। |
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धारा 4 के अनुसार दण्ड क्या है? |
छह माह तक का कारावास अथवा दो हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों। |
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धारा 5 का विषय क्या है? |
डायन की पहचान में दुष्प्रेरण। (Abetment in the identification of Witch (Dain)) |
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धारा 5 के अनुसार अपराध कौन करता है? |
वह व्यक्ति जो किसी औरत को डायन के रूप में पहचान करने के लिए अन्य व्यक्ति या समाज के लोगों को उकसाता, षड्यंत्र रचता या सहायता देता है। |
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धारा 5 के अनुसार दुष्प्रेरण किसके लिए किया जाता है? |
किसी औरत को डायन के रूप में पहचान करने के लिए। |
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धारा 5 के अनुसार दुष्प्रेरण किन व्यक्तियों को दिया जाता है? |
अन्य व्यक्ति या समाज के लोगों को। |
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धारा 5 के अनुसार दुष्प्रेरण किस प्रकार किया जा सकता है? |
साशय या अनवधानता से। |
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धारा 5 के अनुसार दण्डनीय कृत्य कौन-कौन से हैं? |
उकसाना, षड्यंत्र रचना या सहायता देना। |
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धारा 5 के अनुसार यह अपराध कब पूर्ण होता है? |
जब ऐसी दुष्प्रेरणा के कारण उस औरत को हानि पहुँचे। |
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धारा 5 के अनुसार दण्ड क्या है? |
तीन महीने तक का कारावास अथवा एक हजार रुपये का जुर्माना अथवा दोनों। |
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धारा 6 का विषय क्या है? |
डायन का उपचार। (Witch (Dain) curing) |
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धारा 6 के अनुसार अपराध कौन करता है? |
वह व्यक्ति जो डायन के रूप में पहचानी गई औरत का झाड़-फूँक या टोटका द्वारा उपचार करता है। |
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धारा 6 के अनुसार किसका उपचार करना दण्डनीय है? |
डायन के रूप में पहचानी गई औरत का। |
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धारा 6 के अनुसार उपचार किस प्रकार किया जाता है? |
झाड़-फूँक या टोटका द्वारा। |
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धारा 6 के अनुसार उपचार के दौरान किस प्रकार की हानि या प्रताड़ना पहुँचाना दण्डनीय है? |
शारीरिक या मानसिक हानि, यातना या प्रताड़ना। |
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धारा 6 के अनुसार दण्ड क्या है? |
एक वर्ष का कारावास अथवा दो हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों। |
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धारा 7 का विषय क्या है? |
विचारण की प्रक्रिया। (Procedure for trial) |
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धारा 7 के अनुसार इस अधिनियम के सभी अपराध किस प्रकृति के होंगे? |
संज्ञेय एवं गैर जमानती। |
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धारा 7 के अनुसार क्या इस अधिनियम के सभी अपराध संज्ञेय होंगे? |
हाँ। |
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धारा 7 के अनुसार क्या इस अधिनियम के सभी अपराध गैर जमानती होंगे? |
हाँ। |
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धारा 8 का विषय क्या है? |
नियम बनाने की शक्ति। (Power to make Rules) |
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धारा 8 के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य सरकार के पास। |
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धारा 8 के अनुसार राज्य सरकार नियम किस माध्यम से बनाएगी? |
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा। |
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धारा 8 के अनुसार राज्य सरकार किस प्रकार के नियम बना सकेगी? |
ऐसे नियम जो इस अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक हों। |
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