राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 वन-लाइनर नोट्स

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

Rajasthan Public Examination (Measures for Prevention of Unfair Means in Recruitment) Act One Liner PDF

 

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022

(THE RAJASTHAN PUBLIC EXAMINATION (MEASURES FOR PREVENTION OF UNFAIR MEANS IN RECRUITMENT) ACT, 2022)

अधिनियम संख्या 06 वर्ष 2022

(Act No. 06 of the year 2022)

 

इस अधिनियम का संक्षिप्त परिचय क्या है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022

(The Rajasthan Public Examination (Measures for Prevention of Unfair Means in Recruitment) Act, 2022)

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 का अधिनियम संख्यांक क्या है?

अधिनियम संख्या 06 वर्ष 2022

(Act No. 06 of the year 2022)

 

प्रस्तावना का विषय क्या है?

सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के रिसाव और अनुचित साधनों की रोकथाम तथा उनसे संबंधित मामलों के लिए अधिनियम।

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के रिसाव और अनुचित साधनों के प्रयोग जैसे अपराधों को रोकना और उन पर अंकुश लगाना।

प्रस्तावना के अनुसार राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 किन परीक्षाओं पर लागू होने हेतु बनाया गया है?

राज्य सरकार के अधीन किसी भी पद पर भर्ती के उद्देश्य से आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर।

प्रस्तावना के अनुसार राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 किन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बनाया गया है?

सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के रिसाव और अनुचित साधनों के प्रयोग जैसे अपराधों पर।

प्रस्तावना के अनुसार राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 अपराधों के परीक्षण के लिए क्या प्रावधान करता है?

नामित न्यायालयों का प्रावधान।

प्रस्तावना के अनुसार नामित न्यायालयों का प्रावधान किस उद्देश्य से किया गया है?

ऐसे अपराधों के परीक्षण के लिए।

धारा 1 का विषय क्या है?

संक्षिप्त शीर्षक, विस्तार और प्रारंभ।

(Short title, extent and commencement)

धारा 1(1) के अधीन अधिनियम का संक्षिप्त शीर्षक क्या है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022

धारा 1(2) के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 का विस्तार कहाँ तक है?

राजस्थान राज्य के पूरे क्षेत्र तक।

धारा 1(2) के अधीन क्या यह अधिनियम सम्पूर्ण राजस्थान राज्य में लागू होगा?

हाँ।

धारा 1(3) के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 कब लागू होगा?

उस तिथि से जिसे राज्य सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।

धारा 1(3) के अधीन प्रारंभ की तिथि कौन नियुक्त करेगी?

राज्य सरकार।

धारा 1(3) के अधीन प्रारंभ की तिथि किस माध्यम से नियुक्त की जाएगी?

आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा।

धारा 1(3) के अधीन क्या अधिनियम का प्रारंभ अधिसूचना पर निर्भर है?

हाँ।

धारा 2 का विषय क्या है?

परिभाषाएँ।

(Definitions)

धारा 2(क) का विषय क्या है?

"सार्वजनिक परीक्षा का संचालन" (conduct of public examination) की परिभाषा।

धारा 2(क) के अधीन "सार्वजनिक परीक्षा का संचालन" का क्या अर्थ है?

प्रश्न पत्रों, उत्तर पुस्तिकाओं, ओएमआर शीट और परिणाम शीट की तैयारी से लेकर परिणाम की घोषणा तक की समस्त प्रक्रिया।

धारा 2(क) के अधीन "सार्वजनिक परीक्षा का संचालन" में कौन-कौन से कार्य सम्मिलित हैं?

तैयारी, मुद्रण, पर्यवेक्षण, कोडिंग, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, संग्रह, मूल्यांकन और परिणाम की घोषणा।

धारा 2(क) के अधीन किन दस्तावेजों की तैयारी "सार्वजनिक परीक्षा का संचालन" में सम्मिलित है?

प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिकाएं, ओएमआर शीट और परिणाम शीट।

धारा 2(ख) का विषय क्या है?

"परीक्षा प्राधिकारी" (examination authority) की परिभाषा।

धारा 2(ख) के अधीन "परीक्षा प्राधिकारी" से क्या तात्पर्य है?

अनुसूची-I में निर्दिष्ट परीक्षा प्राधिकारी से।

धारा 2(ग) का विषय क्या है?

"परीक्षा केंद्र" (examination center) की परिभाषा।

धारा 2(ग) के अधीन "परीक्षा केंद्र" से क्या तात्पर्य है?

किसी संस्था या उसके भाग अथवा किसी अन्य स्थान से जिसे सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए निर्धारित और उपयोग किया जाता है।

धारा 2(ग) के अधीन परीक्षा केंद्र किस प्रयोजन हेतु निर्धारित और उपयोग किया जाता है?

सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए।

धारा 2(घ) का विषय क्या है?

"परीक्षार्थी" (examinee) की परिभाषा।

धारा 2(घ) के अधीन "परीक्षार्थी" से क्या तात्पर्य है?

उस व्यक्ति से जिसे संबंधित प्राधिकारी द्वारा सार्वजनिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी गई है।

धारा 2(घ) के अधीन किसे परीक्षार्थी माना जाएगा?

जिसे संबंधित प्राधिकारी ने सार्वजनिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी हो।

धारा 2(घ) के अधीन कौन-सा लेखक परीक्षार्थी की परिभाषा में सम्मिलित है?

वह व्यक्ति जिसे परीक्षार्थी की ओर से लेखक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया हो।

धारा 2(घ) के अधीन क्या सार्वजनिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति प्राप्त व्यक्ति परीक्षार्थी है?

हाँ।

धारा 2(ङ) का विषय क्या है?

"सार्वजनिक परीक्षा" (public examination) की परिभाषा।

धारा 2(ङ) के अधीन "सार्वजनिक परीक्षा" से क्या तात्पर्य है?

राज्य सरकार के अधीन किसी पद पर भर्ती के उद्देश्य से आयोजित परीक्षा से।

धारा 2(ङ) के अधीन सार्वजनिक परीक्षा किस उद्देश्य से आयोजित की जाती है?

राज्य सरकार के अधीन किसी पद पर भर्ती के उद्देश्य से।

धारा 2(ङ) के अधीन सार्वजनिक परीक्षा किन संस्थाओं से संबंधित भर्ती परीक्षाओं को भी सम्मिलित करती है?

अनुसूची-II में निर्दिष्ट स्वायत्त निकाय, प्राधिकरण, बोर्ड या निगम की भर्ती परीक्षाओं को।

धारा 2(ङ) के अधीन "सार्वजनिक परीक्षा" का दायरा किन निकायों तक विस्तृत है?

राज्य सरकार तथा अनुसूची-II में निर्दिष्ट स्वायत्त निकाय, प्राधिकरण, बोर्ड और निगम तक।

धारा 2(च) का विषय क्या है?

"अनुचित साधन" (unfair means) की परिभाषा।

धारा 2(च) के अधीन "अनुचित साधन" में क्या शामिल है?

परीक्षार्थी या अन्य व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक परीक्षा में अनधिकृत सहायता, उपकरणों का उपयोग या प्रश्नपत्र संबंधी अनधिकृत कृत्य।

धारा 2(च)(i) के अधीन परीक्षार्थी के संबंध में "अनुचित साधन" क्या है?

किसी परीक्षार्थी के संबंध में, सार्वजनिक परीक्षा में किसी व्यक्ति या समूह से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से या किसी भी प्रकार की लिखित, रिकॉर्ड की गई, प्रतिलिपि बनाई गई या मुद्रित सामग्री से अनधिकृत सहायता लेना, या किसी भी अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक या यांत्रिक उपकरण या गैजेट का उपयोग करना

धारा 2(च)(i) के अधीन अनधिकृत सहायता किनसे ली जा सकती है?

किसी व्यक्ति, समूह या किसी भी प्रकार की लिखित, रिकॉर्ड की गई, प्रतिलिपि बनाई गई या मुद्रित सामग्री से।

धारा 2(च)(ii) के अधीन किसी व्यक्ति के संबंध में अनुचित साधन" में शामिल हैं,-

l. किसी और का रूप धारण करना, प्रश्नपत्र लीक करना, लीक करने का प्रयास करना या लीक करने की साजिश रचना; या
II. 
अनधिकृत तरीके से प्रश्न पत्र प्राप्त करना या प्राप्त करने का प्रयास करना या अपने पास रखना या अपने पास रखने का प्रयास करना; या
III. 
अनधिकृत तरीके से प्रश्न पत्र को हल करना, हल करने का प्रयास करना या हल करने में सहायता लेना; और
IV. 
सार्वजनिक परीक्षा में परीक्षार्थी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अनधिकृत तरीके से सहायता करना।
स्पष्टीकरण.- किसी भी व्यक्ति में परीक्षार्थी भी शामिल है; और

धारा 2(च) के स्पष्टीकरण के अनुसार "किसी भी व्यक्ति" में कौन शामिल है?

परीक्षार्थी भी।

धारा 2(च) के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या परीक्षार्थी "किसी भी व्यक्ति" की परिभाषा में सम्मिलित है?

हाँ।

धारा 2(छ) का विषय क्या है?

अपरिभाषित शब्दों एवं अभिव्यक्तियों का अर्थ।

धारा 2(छ) के अधीन किन शब्दों और अभिव्यक्तियों पर यह उपबंध लागू होता है?

जो राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 में परिभाषित नहीं हैं परन्तु भारतीय दंड संहिता, 1860/भारतीय न्याय संहिता, 2023 में परिभाषित हैं।

धारा 3 का विषय क्या है?

अनुचित साधनों के प्रयोग पर प्रतिबंध।

(Prohibition of use of unfair means)

धारा 3 के अधीन किस पर प्रतिबंध लगाया गया है?

सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर।

धारा 3 के अधीन कौन अनुचित साधनों का प्रयोग नहीं करेगा?

कोई भी व्यक्ति।

धारा 3 के अधीन अनुचित साधनों का प्रयोग कहाँ निषिद्ध है?

सार्वजनिक परीक्षा में।

धारा 3 के अधीन क्या किसी सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना वर्जित है?

हाँ।

धारा 4 का विषय क्या है?

प्रश्न पत्र का कब्ज़ा और प्रकटीकरण।

(Possession and disclosure of question paper)

धारा 4 के अधीन यह प्रावधान किन व्यक्तियों पर लागू होता है?

सार्वजनिक परीक्षा के संचालन में अपने कर्तव्यों के आधार पर अधिकृत व्यक्तियों पर।

धारा 4 के अधीन निषिद्ध कृत्य किस समय से पहले नहीं किए जाएंगे?

प्रश्न पत्रों को खोलने और वितरित करने के लिए निर्धारित समय से पहले।

धारा 4(क) के अधीन कौन-सा कार्य निषिद्ध है?

प्रश्न पत्र या उसके किसी भाग अथवा प्रति को खोलना।

धारा 4(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र को लीक करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 4(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र को प्राप्त करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 4(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र को प्राप्त करने का प्रयास करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 4(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र या उसकी प्रति को अपने पास रखना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 4(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र को हल करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 4(क) के अधीन प्रतिबंध किन वस्तुओं पर लागू होता है?

प्रश्न पत्र, उसके किसी भाग या उसकी प्रति पर।

धारा 4(ख) के अधीन कौन-सा कार्य निषिद्ध है?

किसी व्यक्ति या परीक्षार्थी को गोपनीय जानकारी देना।

धारा 4(ख) के अधीन क्या गोपनीय जानकारी देने का वादा करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 4(ख) के अधीन गोपनीय जानकारी किससे संबंधित होनी चाहिए?

प्रश्न पत्र से संबंधित या उसके संदर्भ में।

धारा 4(ख) के अधीन गोपनीय जानकारी किसे नहीं दी जा सकती?

किसी भी व्यक्ति या परीक्षार्थी को।

धारा 4 के अधीन क्या अधिकृत व्यक्ति भी निर्धारित समय से पहले उपबंधित निषिद्ध कृत्य कर सकता है?

नहीं।

धारा 5 का विषय क्या है?

परीक्षा कार्य में लगे या नियुक्त व्यक्ति द्वारा रिसाव की रोकथाम।

(Prevention of leakage by person entrusted or engaged with examination work)

धारा 5 के अधीन यह प्रावधान किन व्यक्तियों पर लागू होता है?

ऐसे व्यक्ति पर जिसे सार्वजनिक परीक्षा से संबंधित किसी कार्य का जिम्मा सौंपा गया है या जो उस कार्य में लगा हुआ है।

धारा 5 के अधीन जानकारी प्रकट करने की अनुमति कब है?

जब उसे अपने कर्तव्यों के कारण ऐसा करने की अनुमति हो।

धारा 5 के अधीन कौन-सा कार्य निषिद्ध है?

कार्य के कारण प्राप्त जानकारी या उसके किसी भाग को प्रकट करना, प्रकट करवाना या किसी अन्य व्यक्ति को देना।

धारा 5 के अधीन जानकारी किसे प्रकट नहीं की जाएगी?

किसी अन्य व्यक्ति को।

धारा 5 के अधीन क्या प्रत्यक्ष रूप से जानकारी प्रकट करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 5 के अधीन क्या अप्रत्यक्ष रूप से जानकारी प्रकट करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 5 के अधीन क्या जानकारी प्रकट करवाना भी निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 5 के अधीन कौन-सी जानकारी प्रकट नहीं की जाएगी?

ऐसी जानकारी या उसका कोई भाग जो व्यक्ति को परीक्षा संबंधी कार्य के कारण प्राप्त हुई हो।

धारा 5 के अधीन जानकारी का स्रोत क्या है?

सार्वजनिक परीक्षा से संबंधित कार्य के कारण प्राप्त जानकारी।

धारा 5 के अधीन क्या कार्य के कारण प्राप्त जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को देना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6 का विषय क्या है?

प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका या ओएमआर शीट का किसी भी रूप में अनधिकृत कब्ज़ा या खुलासा।

(Unauthorized possession or disclosure of question paper and answer sheet or OMR sheet in any form)

धारा 6 के अधीन यह प्रावधान किन व्यक्तियों पर लागू होता है?

ऐसे व्यक्ति पर जिसे अपने कर्तव्यों के आधार पर ऐसा करने के लिए विधिवत रूप से अधिकृत या अनुमति प्राप्त नहीं है।

धारा 6 के अधीन निषिद्ध कृत्य किस समय से पहले नहीं किए जाएंगे?

प्रश्नपत्रों के वितरण के लिए निर्धारित समय से पहले।

धारा 6(क) के अधीन कौन-सा कार्य निषिद्ध है?

प्रश्न पत्र, उत्तर पत्रक, ओएमआर शीट या उसके किसी भाग अथवा प्रति को प्राप्त करना, प्राप्त करने का प्रयास करना या अपने पास रखना।

धारा 6(क) के अधीन किन वस्तुओं का अनधिकृत प्राप्त करना निषिद्ध है?

प्रश्न पत्र, उत्तर पत्रक, ओएमआर शीट या उनके किसी भाग अथवा प्रति का।

धारा 6(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र प्राप्त करने का प्रयास करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6(क) के अधीन क्या उत्तर पत्रक प्राप्त करने का प्रयास करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6(क) के अधीन क्या ओएमआर शीट प्राप्त करने का प्रयास करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6(क) के अधीन क्या प्रश्न पत्र, उत्तर पत्रक या ओएमआर शीट को अपने पास रखना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6(क) के अधीन क्या यह निषेध किसी भाग या प्रति पर भी लागू होता है?

हाँ।

धारा 6(ख) के अधीन कौन-सा कार्य निषिद्ध है?

ऐसी जानकारी प्रदान करना या प्रदान करने की पेशकश करना जो प्रश्न पत्र से संबंधित, उससे व्युत्पन्न या उस पर प्रभाव डालती हो।

धारा 6(ख) के अधीन जानकारी के संबंध में व्यक्ति की क्या मानसिक अवस्था आवश्यक है?

वह जानता हो या मानने का कारण हो कि जानकारी प्रश्न पत्र से संबंधित, उससे व्युत्पन्न या उस पर प्रभाव डालती है।

धारा 6(ख) के अधीन क्या प्रश्न पत्र से संबंधित जानकारी प्रदान करना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6(ख) के अधीन क्या ऐसी जानकारी प्रदान करने की पेशकश करना भी निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 6(ख) के अधीन जानकारी का प्रश्न पत्र से क्या संबंध होना चाहिए?

वह प्रश्न पत्र से संबंधित, उससे व्युत्पन्न या उस पर प्रभाव डालने वाली हो।

धारा 7 का विषय क्या है?

परीक्षा केंद्र में प्रवेश निषेध।

(Prohibition to enter in examination)

धारा 7 के अधीन किस पर प्रतिबंध लगाया गया है?

परीक्षा केंद्र के परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर।

धारा 7 के अधीन कौन परीक्षा केंद्र के परिसर में प्रवेश नहीं करेगा?

ऐसा व्यक्ति जिसे सार्वजनिक परीक्षा या उसके संचालन से संबंधित कार्य नहीं सौंपा गया है और जो स्वयं परीक्षार्थी नहीं है।

धारा 7 के अधीन किन व्यक्तियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति है?

सार्वजनिक परीक्षा या उसके संचालन से संबंधित कार्य सौंपे गए व्यक्ति तथा परीक्षार्थी।

धारा 8 का विषय क्या है?

परीक्षा केंद्र के अलावा किसी अन्य स्थान का उपयोग सार्वजनिक परीक्षा के लिए किया जाना।

(No place other than examination center shall be used for public examination)

धारा 8 के अधीन यह प्रावधान किन व्यक्तियों पर लागू होता है?

सार्वजनिक परीक्षा से संबंधित कार्य के लिए नियुक्त या कार्यरत व्यक्तियों पर।

धारा 8 के अधीन किस उद्देश्य के लिए अन्य स्थान का उपयोग निषिद्ध है?

सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के उद्देश्य से।

धारा 8 के अधीन कौन परीक्षा केंद्र के अलावा किसी अन्य स्थान का उपयोग नहीं करेगा?

सार्वजनिक परीक्षा से संबंधित कार्य के लिए नियुक्त या कार्यरत व्यक्ति।

धारा 8 के अधीन क्या परीक्षा केंद्र के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान का उपयोग सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने हेतु किया जा सकता है?

नहीं।

धारा 8 के अधीन क्या कोई व्यक्ति अन्य स्थान का उपयोग करवाने का कार्य कर सकता है?

नहीं।

धारा 8 के अधीन सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए किस स्थान का उपयोग किया जाना चाहिए?

परीक्षा केंद्र का।

धारा 8 के अधीन क्या परीक्षा केंद्र के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान का उपयोग करवाना भी निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 9 का विषय क्या है?

प्रबंधन, संस्था या अन्य द्वारा किए गए अपराध।

(Offences by Management, Institution or others)

धारा 9(1) कब लागू होती है?

जब राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत कोई अपराध प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य द्वारा किया गया हो।

धारा 9(1) के अधीन कौन दोषी माना जाएगा?

अपराध के समय व्यवसाय के संचालन का प्रभारी या उसके प्रति उत्तरदायी प्रत्येक व्यक्ति तथा प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य।

धारा 9(1) के अधीन कौन-सा व्यक्ति उत्तरदायी होगा?

जो अपराध किए जाने के समय प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य के व्यवसाय के संचालन का प्रभारी था या उसके प्रति उत्तरदायी था।

धारा 9(1) के अधीन क्या प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य भी दोषी माने जाएंगे?

हाँ।

धारा 9(1) के अधीन दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध क्या किया जाएगा?

उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।

धारा 9(1) के परंतुक के अधीन कोई व्यक्ति दंड से कब बच सकता है?

जब वह सिद्ध कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था और उसने उसे रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी।

धारा 9(1) के परंतुक के अधीन अपराध का ज्ञान न होना क्या बचाव है?

हाँ।

धारा 9(1) के परंतुक के अधीन सभी आवश्यक सावधानी बरतना क्या बचाव है?

हाँ।

धारा 9(1) के परंतुक के अधीन किसे दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाएगा?

ऐसे व्यक्ति को जो अपराध के संबंध में अपनी अनभिज्ञता और आवश्यक सावधानी सिद्ध कर दे।

धारा 9(2) किसके बावजूद लागू होती है?

धारा 9(1) में किसी बात के होते हुए भी।

धारा 9(2) कब लागू होती है?

जब अपराध प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य द्वारा किया गया हो और सहमति, मिलीभगत या लापरवाही सिद्ध हो जाए।

धारा 9(2) के अधीन किन व्यक्तियों को भी दोषी माना जाएगा?

निदेशक, साझेदार, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी।

धारा 9(2) के अधीन अपराध कब संबंधित अधिकारी की सहमति से किया गया माना जाएगा?

जब यह सिद्ध हो जाए कि अपराध उसकी सहमति से किया गया था।

धारा 9(2) के अधीन अपराध कब संबंधित अधिकारी की मिलीभगत से किया गया माना जाएगा?

जब यह सिद्ध हो जाए कि अपराध उसकी मिलीभगत से किया गया था।

धारा 9(2) के अधीन अपराध कब संबंधित अधिकारी की लापरवाही के कारण हुआ माना जाएगा?

जब यह सिद्ध हो जाए कि अपराध उसकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ था।

धारा 9(2) के अधीन क्या निदेशक की सहमति, मिलीभगत या लापरवाही दायित्व उत्पन्न करती है?

हाँ।

धारा 9(2) के अधीन क्या साझेदार की सहमति, मिलीभगत या लापरवाही दायित्व उत्पन्न करती है?

हाँ।

धारा 9(2) के अधीन क्या प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति, मिलीभगत या लापरवाही दायित्व उत्पन्न करती है?

हाँ।

धारा 9(2) के अधीन दोषी अधिकारी के विरुद्ध क्या किया जाएगा?

उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।

धारा 10 का विषय क्या है?

दंड।

(Penalties)

धारा 10(1) कब लागू होती है?

जब कोई परीक्षार्थी धारा 2()(i) में परिभाषित अनुचित साधनों का प्रयोग करता है।

धारा 10(1) के अधीन यदि कोई परीक्षार्थी धारा 2(च)(i) के तहत परिभाषित अनुचित साधनों का प्रयोग करता है तो दंड क्या है?

किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो एक लाख रुपये से कम नहीं होगा, और जुर्माना अदा करने में चूक होने की स्थिति में ऐसे परीक्षार्थी को नौ महीने की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा।

धारा 10(2) कब लागू होती है?

जब कोई व्यक्ति धारा 2()(ii) में परिभाषित अनुचित साधनों का प्रयोग, उनका प्रयोग करने का प्रयास, राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022  के किसी प्रावधान का उल्लंघन या उल्लंघन में सहायता करता है।

धारा 10(2) के अधीन किन व्यक्तियों पर दंड लागू होता है?

किसी भी व्यक्ति पर, जिसमें परीक्षार्थी भी शामिल है।

धारा 10(2) के अधीन यदि कोई व्यक्ति, जिसमें परीक्षार्थी भी शामिल है, चाहे उसे सार्वजनिक परीक्षा के संचालन का दायित्व सौंपा गया हो या अधिकृत किया गया हो या नहीं, षड्यंत्र करके या अन्यथा धारा 2(f)(ii) में परिभाषित अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या करने का प्रयास करता है, या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करता है या उल्लंघन करने में सहायता करता है, तो तो दंड क्या है?

किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक के कारावास तक बढ़ाई जा सकती है, और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा जो दस लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन दस करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना अदा करने में चूक होने की स्थिति में ऐसे व्यक्ति को दो वर्ष की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से भी दंडित किया जाएगा।

परन्तु न्यायालय किसी पर्याप्त और विशेष कारण से, जिसे निर्णय में दर्ज किया जाएगा, पांच वर्ष से कम अवधि के कारावास की सजा दे सकता है।

धारा 11 का विषय क्या है?

दोषसिद्धि पर प्रतिबंध।

(Debarment on conviction)

धारा 11 के अधीन प्रतिबंध किस पर लागू होता है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत किसी अपराध के लिए दोषी पाए गए परीक्षार्थी पर।

धारा 11 के अधीन दोषसिद्ध परीक्षार्थी को किससे वंचित किया जाएगा?

किसी भी सार्वजनिक परीक्षा में बैठने से।

धारा 11 के अधीन सार्वजनिक परीक्षा में बैठने से वंचित करने की अवधि कितनी है?

दो वर्ष।

धारा 11 के अधीन क्या दोषसिद्ध परीक्षार्थी किसी सार्वजनिक परीक्षा में बैठ सकता है?

नहीं, दो वर्ष की अवधि तक।

धारा 11 के अधीन प्रतिबंध कब लागू होगा?

जब परीक्षार्थी राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अधीन किसी अपराध के लिए दोषी पाया जाए।

धारा 11 के अधीन वंचना का प्रभाव क्या है?

परीक्षार्थी दो वर्ष तक किसी भी सार्वजनिक परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेगा।

धारा 12 का विषय क्या है?

संपत्ति की कुर्की और ज़ब्ती।

(Attachment and confiscation of property)

धारा 12(1) के अधीन किस पर प्रतिबंध लगाया गया है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत किसी अपराध से प्राप्त आय को अपने पास रखने या कब्जे में रखने पर।

धारा 12(1) के अधीन कोई व्यक्ति क्या नहीं रखेगा?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत किसी अपराध से प्राप्त आय।

धारा 12(1) के अधीन क्या अपराध की आय को अपने कब्जे में रखना निषिद्ध है?

हाँ।

धारा 12(2) के अधीन जब्ती या कुर्की का आदेश कौन दे सकता है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत अपराध की जाँच कर रहा अधिकारी।

धारा 12(2) के अधीन जाँच अधिकारी को किस बात का विश्वास होना चाहिए?

कि कोई संपत्ति राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत किसी अपराध की आय है।

धारा 12(2) के अधीन जब्ती या कुर्की से पूर्व किसकी स्वीकृति आवश्यक है?

राज्य सरकार की पूर्व लिखित स्वीकृति।

धारा 12(2) के अधीन किन संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है?

चल संपत्ति, अचल संपत्ति या दोनों।

धारा 12(2) के अधीन कुर्की का आदेश कब दिया जाएगा?

जब संपत्ति को जब्त करना व्यावहारिक हो।

धारा 12(2) के अधीन कुर्की आदेश का प्रभाव क्या होगा?

संपत्ति को पूर्व अनुमति के बिना हस्तांतरित या अन्यथा व्यवहार नहीं किया जा सकेगा।

धारा 12(2) के अधीन संपत्ति के हस्तांतरण के लिए किसकी पूर्व अनुमति आवश्यक है?

आदेश देने वाले अधिकारी या नामित न्यायालय की।

धारा 12(2) के अधीन आदेश की प्रति किसे दी जाएगी?

संबंधित व्यक्ति को।

धारा 12(3) के अधीन जाँच अधिकारी को नामित न्यायालय को कब सूचित करना होगा?

संपत्ति की जब्ती या कुर्की के अड़तालीस घंटे के भीतर।

धारा 12(3) के अधीन किसे सूचना दी जाएगी?

नामित न्यायालय को।

धारा 12(4) के अधीन नामित न्यायालय को क्या शक्ति प्राप्त है?

जब्ती या कुर्की के आदेश की पुष्टि या निरस्तीकरण की।

धारा 12(4) के अधीन नामित न्यायालय किस आदेश की पुष्टि या निरस्त कर सकता है?

धारा 12(2) के अधीन किए गए जब्ती या कुर्की के आदेश की।

धारा 12(4) के परंतुक के अधीन नामित न्यायालय आदेश पारित करने से पूर्व क्या अवसर देगा?

जिसकी संपत्ति कुर्क की जा रही है उसे प्रतिनिधित्व करने का अवसर।

धारा 12(4) के परंतुक के अधीन क्या सुनवाई का अवसर दिए बिना कुर्की संबंधी आदेश पारित किया जा सकता है?

नहीं।

धारा 12(5) कब लागू होती है?

जब अभियुक्त राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत दंडनीय अपराध का दोषी ठहराया गया हो।

धारा 12(5) के अधीन नामित न्यायालय क्या घोषित कर सकता है?

कि अभियुक्त की विनिर्दिष्ट चल, अचल या दोनों प्रकार की संपत्ति राज्य सरकार में निहित हो जाएगी।

धारा 12(5) के अधीन यह घोषणा किस माध्यम से की जाएगी?

लिखित आदेश द्वारा।

धारा 12(5) के अधीन संपत्ति राज्य सरकार में किस स्थिति में निहित होगी?

सभी भारों से मुक्त होकर।

धारा 12(5) के अधीन क्या यह घोषणा दंड के अतिरिक्त की जा सकती है?

हाँ।

धारा 12 के स्पष्टीकरण के अनुसार "अपराध की आय" से क्या तात्पर्य है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत अपराध के घटित होने से प्राप्त या उससे अर्जित सभी प्रकार की संपत्तियाँ।

धारा 12 के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या अपराध से प्राप्त धन के माध्यम से अर्जित संपत्ति भी "अपराध की आय" है?

हाँ।

धारा 12 के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या नकद राशि भी "अपराध की आय" में शामिल है?

हाँ।

धारा 12 के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या यह महत्व रखता है कि संपत्ति किसके नाम पर है?

नहीं।

धारा 12 के स्पष्टीकरण के अनुसार क्या किसी भी व्यक्ति के कब्जे में पाई गई अपराध की आय इस परिभाषा में सम्मिलित है?

हाँ।

धारा 13 का विषय क्या है?

सभी लागतों और व्ययों का भुगतान करने के लिए प्रबंधन आदि का दायित्व।

(Liability of Management etc. to pay all cost and expenditure)

धारा 13 कब लागू होती है?

जब प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य का कोई व्यक्ति धारा 10(2) के तहत अपराध का दोषी पाया जाता है।

धारा 13 के अधीन दोषसिद्धि किस धारा के अपराध से संबंधित होनी चाहिए?

धारा 10 की उपधारा (2) के अधीन अपराध से।

धारा 13 के अधीन किसके व्यक्ति की दोषसिद्धि पर यह प्रावधान लागू होता है?

प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य के व्यक्ति की।

धारा 13 के अधीन लागत और व्ययों के भुगतान के लिए कौन उत्तरदायी होगा?

प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य।

धारा 13 के अधीन कौन-सी लागत और व्यय देय होंगे?

परीक्षा से संबंधित सभी लागत और व्यय।

धारा 13 के अधीन परीक्षा संबंधी लागत और व्यय का निर्धारण कौन करेगा?

नामित न्यायालय।

धारा 13 के अधीन क्या प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य परीक्षा से संबंधित सभी लागतों और व्ययों के भुगतान के लिए उत्तरदायी होंगे?

हाँ।

धारा 13 के अधीन दोषसिद्धि का अतिरिक्त परिणाम क्या होगा?

प्रबंधन, संस्था, सीमित देयता भागीदारी या अन्य को हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

धारा 14 का विषय क्या है?

अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य होंगे।

(Offences to be Cognizable, non-bailable and non- compoundable)

धारा 14 के अधीन किन अपराधों पर यह प्रावधान लागू होता है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत निर्दिष्ट सभी अपराधों पर।

धारा 14 के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अपराधों का स्वरूप क्या है?

संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य।

धारा 14 के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के सभी अपराध संज्ञेय हैं?

हाँ।

धारा 14 के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के सभी अपराध गैर-जमानती हैं?

हाँ।

धारा 14 के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के सभी अपराध गैर-समझौता योग्य हैं?

हाँ।

धारा 14 के अधीन अपराधों के संबंध में तीन प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?

वे संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य हैं।

धारा 15 का विषय क्या है?

अपराधों की जांच।

(Investigation of the offences)

धारा 15 के अधीन यह प्रावधान किन अपराधों पर लागू होता है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत किए गए सभी अपराधों पर।

धारा 15 के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अपराधों की जांच कौन करेगा?

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से नीचे के रैंक का होने वाला पुलिस अधिकारी।

धारा 15 के अधीन किस रैंक से नीचे का पुलिस अधिकारी जांच नहीं करेगा?

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से नीचे के रैंक का पुलिस अधिकारी।

धारा 15 के अधीन क्या अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से नीचे का अधिकारी राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अपराधों की जांच कर सकता है?

नहीं।

धारा 15 के अधीन अपराधों की जांच के लिए न्यूनतम रैंक क्या है?

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक।

धारा 16 का विषय क्या है?

नामित न्यायालयों द्वारा विचारणीय मामले।

(Cases triable by Designated Courts)

धारा 16 किसके बावजूद लागू होती है?

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में निहित किसी बात के बावजूद।

धारा 16 के अधीन किन अपराधों का विचारण किया जाएगा?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत निर्दिष्ट अपराधों का।

धारा 16 के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अपराधों का विचारण कौन करेगा?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत नामित न्यायालय।

धारा 16 के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अपराधों का विचारण केवल नामित न्यायालयों द्वारा किया जाएगा?

हाँ।

धारा 16 के अधीन नामित न्यायालयों को किस उद्देश्य से अधिकार प्रदान किया गया है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत निर्दिष्ट अपराधों के मुकदमे चलाने हेतु।

धारा 16 के अधीन क्या किसी अन्य कानून के उपबंध नामित न्यायालयों की विचारण शक्ति को प्रभावित करेंगे?

नहीं।

धारा 17 का विषय क्या है?

नामित न्यायालयों की नियुक्ति करने की शक्ति।

(Power to appoint Designated Courts)

धारा 17 के अधीन नामित न्यायालयों की नियुक्ति करने की शक्ति किसे प्राप्त है?

राज्य सरकार को।

धारा 17 के अधीन राज्य सरकार किस माध्यम से नामित न्यायालयों को नामित कर सकती है?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा।

धारा 17 के अधीन राज्य सरकार किससे परामर्श करके नामित न्यायालयों को नामित करेगी?

राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से।

धारा 17 के अधीन किन न्यायालयों को नामित किया जा सकता है?

सत्र न्यायालयों को।

धारा 17 के अधीन सत्र न्यायालयों को किस प्रयोजन के लिए नामित किया जाएगा?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत दंडनीय अपराधों की सुनवाई के लिए।

धारा 17 के अधीन कितने सत्र न्यायालय नामित किए जा सकते हैं?

आवश्यक संख्या में।

धारा 17 के अधीन क्या राज्य सरकार बिना मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किए नामित न्यायालय नियुक्त कर सकती है?

नहीं।

धारा 17 के अधीन नामित न्यायालय के रूप में किस स्तर के न्यायालय का प्रावधान है?

सत्र न्यायालय।

धारा 18 का विषय क्या है?

यह अधिनियम किसी अन्य कानून का उल्लंघन नहीं करेगा

(Act not in derogation of any other law)

धारा 18 के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों का स्वरूप क्या है?

वर्तमान में लागू अन्य कानूनों के प्रावधानों के अतिरिक्त।

धारा 18 के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रावधान अन्य कानूनों के स्थान पर लागू होंगे?

नहीं।

धारा 18 के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रावधान अन्य कानूनों का उल्लंघन करते हैं?

नहीं।

धारा 18 के अधीन राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 और अन्य कानूनों का संबंध क्या है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रावधान अन्य कानूनों के अतिरिक्त हैं, उनके प्रतिकूल नहीं।

धारा 18 के अधीन क्या वर्तमान में लागू अन्य कानूनों के प्रावधान भी साथ-साथ प्रभावी रहेंगे?

हाँ।

धारा 19 का विषय क्या है?

कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।

(Power to remove difficulties)

धारा 19(1) के अधीन कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति किसे प्राप्त है?

राज्य सरकार को।

धारा 19(1) के अधीन राज्य सरकार कब कार्रवाई कर सकती है?

जब राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों को लागू करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है।

धारा 19(1) के अधीन कठिनाई दूर करने के लिए आदेश किस माध्यम से किया जाएगा?

आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा।

धारा 19(1) के परंतुक के अधीन इस शक्ति की समय-सीमा क्या है?

राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रारंभ होने से दो वर्ष तक।

धारा 19(1) के परंतुक के अधीन क्या राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के प्रारंभ होने के दो वर्ष बाद आदेश किया जा सकता है?

नहीं।

धारा 19(2) के अधीन किसकी प्रति राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाएगी?

धारा 19 के अंतर्गत पारित प्रत्येक आदेश।

धारा 19(2) के अधीन आदेश कब राज्य विधानमंडल के समक्ष रखा जाएगा?

पारित होने के बाद यथाशीघ्र।

धारा 19(2) के अधीन आदेश किसके समक्ष रखा जाएगा?

राज्य विधानमंडल के सदन के समक्ष।

धारा 20 का विषय क्या है?

नियम बनाने की शक्ति।

(Power to make rules)

धारा 20(1) के अधीन नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है?

राज्य सरकार को।

धारा 20(1) के अधीन राज्य सरकार किस प्रयोजन के लिए नियम बना सकती है?

जब राजस्थान लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए।

धारा 20(2) के अधीन बनाए गए नियम कब राज्य विधानमंडल के समक्ष रखे जाएंगे?

बनाए जाने के तुरंत बाद।

धारा 20(2) के अधीन नियम राज्य विधानमंडल के समक्ष कब रखे जाएंगे?

जब वह सत्र में हो।

धारा 20(2) के अधीन नियम कितनी अवधि के लिए राज्य विधानमंडल के समक्ष रखे जाएंगे?

कम से कम चौदह दिनों की अवधि के लिए।

धारा 20(2) के अधीन क्या चौदह दिनों की अवधि एक ही सत्र में पूरी हो सकती है?

हाँ।

धारा 20(2) के अधीन क्या चौदह दिनों की अवधि दो लगातार सत्रों में पूरी हो सकती है?

हाँ।

धारा 20(2) के अधीन यदि राज्य विधानमंडल का सदन किसी नियम में संशोधन कर दे तो उसका क्या प्रभाव होगा?

नियम उसके बाद केवल संशोधित रूप में प्रभावी होगा।

धारा 20(2) के अधीन यदि राज्य विधानमंडल का सदन संकल्प ले कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो उसका क्या प्रभाव होगा?

वह नियम अप्रभावी हो जाएगा।

धारा 20(2) के अधीन संशोधन या निरस्तीकरण का प्रभाव कब से होगा?

उसके बाद।

धारा 20(2) के अधीन क्या नियम के संशोधन या निरस्तीकरण से पूर्व किए गए कार्यों की वैधता प्रभावित होगी?

नहीं।

धारा 20(2) के अधीन पूर्व में किए गए कार्यों की वैधता पर संशोधन या निरस्तीकरण का क्या प्रभाव पड़ेगा?

कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

धारा 20(2) के अधीन राज्य विधानमंडल का सदन नियम में संशोधन या निरस्तीकरण कब तक कर सकता है?

उन सत्रों की समाप्ति से पहले जिनमें नियम रखे गए हैं या उनके तुरंत बाद वाले सत्रों की समाप्ति से पहले।

 

 

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