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मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 (THE MADHYA PRADESH EXCISE ACT, 1915) |
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[क्रमांक 2 सन् 1915] [Act No.2 of 1915] |
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(मध्य प्रदेश) में आबकारी विधि को समेकित तथा संशोधित करने हेतु अधिनियम| |
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? |
मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 (The Madhya Pradesh Excise Act, 1915) |
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मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 का अधिनियम क्रमांक क्या है? |
अधिनियम क्रमांक 2 सन् 1915 |
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मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 का विस्तार कहाँ तक है? |
सम्पूर्ण मध्य प्रदेश |
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संक्षिप्त नाम विस्तार तथा प्रारम्भ, (Short title, extent and commencement) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 1 |
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मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 में कुल कितनी धाराएं है? |
69 धाराएं |
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मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 में कुल कितने अध्याय है ? |
9 अध्याय |
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प्रस्तावना के अनुसार यह अधिनियम किस उद्देश्य से बनाया गया है? |
मध्य प्रदेश में मादक मदिरा तथा मादक औषधि से संबंधित विधि को समेकित तथा संशोधित करने के लिए |
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यह अधिनियम किन गतिविधियों से संबंधित है? |
आयात, निर्यात, परिवहन, विनिर्माण, विक्रय और कब्जा |
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इस अधिनियम को पारित किए जाने हेतु किसकी पूर्व मंजूरी प्राप्त की गई थी? |
गवर्नर जनरल की |
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गवर्नर जनरल की पूर्व मंजूरी किस अधिनियम के अंतर्गत अपेक्षित थी? |
इंडियन कौन्सिल ऐक्ट, 1892 |
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इंडियन कौन्सिल ऐक्ट, 1892 की किन धाराओं के अंतर्गत पूर्व मंजूरी आवश्यक थी? |
धारा 55 तथा 56 |
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परिभाषा, (Definitions) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? |
धारा 2 |
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"बीयर” (beer) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(1) |
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"बीयर” से क्या अभिप्रेत है? |
एल, स्टाउट, पोट्रर तथा ऐसी अन्य समस्त किण्वत मदिराये सम्मिलित है जो साधारणतया माल्ट से बनी हैI |
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इस अधिनियम के अनुसार “बीयर” में क्या सम्मिलित है? |
एल, स्टाउट, पोर्टर तथा अन्य किण्वित मदिराएँ |
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“बीयर” में सम्मिलित मदिराएँ सामान्यतः किससे बनी होती हैं? |
माल्ट से |
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कौन-सी मदिरा धारा 2(1) के अंतर्गत “बीयर” में सम्मिलित है? |
एल |
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धारा 2(1) के अनुसार “बीयर” किस प्रकार की मदिरा है? |
किण्वित मदिरा |
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धारा 2 के अनुसार परिभाषाएँ किस स्थिति में लागू होंगी? |
जब तक विषय या सन्दर्भ में कोई बात इसके विरुद्ध न हो |
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कौन-सा “बीयर” की परिभाषा में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है? |
स्टाउट |
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“बोतल भरना” (bottle) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(2) |
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“बोतल भरना” से क्या अभिप्रेत है? |
विक्रय के प्रयोजन के लिये मदिरा को मंजूषा या अन्य बर्तन, घड़े, कुप्पी या अन्य समरूप पात्र में अन्तरित करना और बोतल भरने के अंतर्गत है बोतल का पुनः भरा जाना; |
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कौन-सा पात्र “बोतल भरना” की परिभाषा में सम्मिलित है? |
मंजूषा |
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“बोतल भरना” के अंतर्गत क्या सम्मिलित है? |
बोतल का पुनः भरा जाना |
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धारा 2(2) के अनुसार मदिरा किन पात्रों में अन्तरित की जा सकती है? |
मंजूषा, अन्य बर्तन, घड़ा, कुप्पी या अन्य समरूप पात्र में |
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“बोतल भरना” शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? |
विक्रय से संबंधित |
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"मुख्य राजस्व प्राधिकारी" (Chief Revenue Authority) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(3) |
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इस अधिनियम के अनुसार “मुख्य राजस्व प्राधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसा प्राधिकारी जो राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये घोषित किया गया हो |
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“मुख्य राजस्व प्राधिकारी” को घोषित करने का अधिकार किसे है? |
राज्य सरकार |
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“सामान्य मदिरा पान गृह" (common drinking-house) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(4) |
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“सामान्य मदिरा पान गृह” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई ऐसा स्थान जहाँ मदिरा पान, ऐसे स्थान का स्वामित्व रखने वाले या उपयोग करने वाले या उसे रखने वाले या उसकी देखभाल या उसका प्रबन्ध या नियन्त्रण रखने वाले व्यक्ति के लाभ या प्राप्ति के लिये अनुज्ञात किया गया है चाहे वह उस स्थान के उपयोग के लिये प्रभार के रूप में है या पान की सुविधाओं की व्यवस्था के लिये है या अन्यथा किसी भी रूप में है; |
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“सामान्य मदिरा पान गृह” में मदिरा पान किसके लाभ या प्राप्ति के लिये होता है? |
उस स्थान का स्वामित्व या नियंत्रण रखने वाले व्यक्ति के लाभ या प्राप्ति के लिये |
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कौन-सा व्यक्ति “सामान्य मदिरा पान गृह” की परिभाषा में सम्मिलित है? |
स्वामी, उपयोगकर्ता, रखने वाला या देखभाल, प्रबन्ध या नियन्त्रण रखने वाला व्यक्ति |
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“सामान्य मदिरा पान गृह” में लाभ किस रूप में हो सकता है? |
स्थान के उपयोग के लिये प्रभार, पान की सुविधाओं की व्यवस्था या अन्य किसी भी रूप में |
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“विकृत” (denatured) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(5) |
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“विकृत” से क्या अभिप्रेत है? |
मानवीय उपयोग के लिये ऐसी रीति से अयोग्य किया जाना जो राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विहित की जाये; |
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“विकृत” करने की रीति किसके द्वारा विहित की जाती है? |
राज्य सरकार द्वारा |
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“विकृत” शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? |
ऐसी रीति से जो राज्य सरकार द्वारा विहित की जाये |
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“आबकारी” (excisable article) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(6) |
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“आबकारी शुल्क वस्तु” से क्या अभिप्रेत है? |
“मानवीय उपयोग के लिये कोई भी अलकोहलीय मदिरा; या कोई भी मादक ओषधि; (या) मादक द्रव्य और मनोत्तेजक पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का सं. 61) की धारा 2 के खण्ड (पन्द्रह) में यथा परिभाषित अफीम और उसके खण्ड (अटठारह) में परिभाषित पापी स्ट्रा); |
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कौन-सी वस्तु “आबकारी शुल्क वस्तु” में सम्मिलित है? |
मानवीय उपयोग के लिये कोई भी अलकोहलीय मदिरा |
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“आबकारी शुल्क वस्तु” की परिभाषा में कौन-सी मादक वस्तु सम्मिलित है? |
कोई भी मादक औषधि |
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अफीम और पापी स्ट्रा का उल्लेख किस अधिनियम के संदर्भ में किया गया है? |
मादक द्रव्य और मनोत्तेजक पदार्थ अधिनियम, 1985 |
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अफीम की परिभाषा मादक द्रव्य और मनोत्तेजक पदार्थ अधिनियम, 1985 की किस धारा के खण्ड में दी गई है? |
खण्ड पन्द्रह |
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पापी स्ट्रा की परिभाषा किस खण्ड में दी गई है? |
खण्ड अट्ठारह |
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“आबकारी शुल्क" तथा "प्रतिशुल्क" (excise duty and countervailing duty) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
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“आबकारी शुल्क” तथा “प्रतिशुल्क” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई भी ऐसा आबकारी शुल्क या प्रतिशुल्क जो संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची दो की प्रविष्टि 51 में वर्णित है |
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“आबकारी शुल्क” तथा “प्रतिशुल्क” का संदर्भ संविधान की किस अनुसूची से लिया गया है? |
सातवीं अनुसूची |
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संविधान की सातवीं अनुसूची की किस सूची में आबकारी शुल्क का उल्लेख है? |
सूची दो |
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आबकारी शुल्क एवं प्रतिशुल्क संविधान की सातवीं अनुसूची की किस प्रविष्टि में वर्णित है? |
प्रविष्टि 51 |
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"आबकारी अधिकारी" (Excise Officer) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(7) |
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“आबकारी अधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
कलेक्टर या कोई भी अधिकारी या अन्य व्यक्ति जो धारा 7 के अधीन नियुक्त है या जिसमें उक्त धारा के अधीन शक्तियाँ विनिहित हैं |
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“आबकारी अधिकारी” की नियुक्ति किस धारा के अधीन की जाती है? |
धारा 7 |
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कौन “आबकारी अधिकारी” की परिभाषा में सम्मिलित है? |
ऐसा अधिकारी या अन्य व्यक्ति जिसमें धारा 7 के अधीन शक्तियाँ विनिहित हों |
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“आबकारी अधिकारी” शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? |
नियुक्ति या शक्तियों के विनियोजन के संदर्भ में |
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"आबकारी राजस्व" (excise revenue) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(8) |
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“आबकारी राजस्व” से क्या अभिप्रेत है? |
वह राजस्व जो इस अधिनियम के मदिरा अथवा मादक ओषधियाँ के सम्बन्ध में तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि के उपबन्धों के अधीन अधिरोपित किये गये, आदेशित किये गये या तय पाये गये किसी शुल्क, फीस, कर, शास्ति, संदाय (किसी न्यायलय द्वारा अधिरोपित किये गये जुर्माने को छोड़कर) या अधिहरण से व्युत्पन्न होता हो या व्युत्पन्न होता हो या व्युत्पन्न होने योग्य हो; |
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“आबकारी राजस्व” में क्या सम्मिलित नहीं है? |
किसी न्यायालय द्वारा अधिरोपित जुर्माना |
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आबकारी राजस्व किन वस्तुओं के संबंध में उत्पन्न होता है? |
मदिरा अथवा मादक औषधियाँ |
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“आबकारी राजस्व” का स्रोत निम्न में से कौन हो सकता है? |
शुल्क, फीस, कर, शास्ति, संदाय या अधिहरण |
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"निर्यात" (export) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(9) |
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“निर्यात” से क्या अभिप्रेत है? |
केन्द्र सरकार द्वारा यथा परिभाषित सीमा शुल्क सीमान्त के आर-पार से न होकर अन्यथा राज्य के बाहर ले जाना |
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“निर्यात” किस स्थिति में माना जाएगा? |
जब वस्तु अन्यथा राज्य के बाहर ले जाई जाए |
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धारा 2(9) में सीमा शुल्क सीमान्त की परिभाषा किसके द्वारा की जाती है? |
केन्द्र सरकार द्वारा |
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कौन-सा “निर्यात” की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता? |
राज्य के भीतर परिवहन |
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"आयात" (import) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(11) |
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“आयात” से क्या अभिप्रेत है? |
केन्द्र सरकार द्वारा यथापरिभाषित सीमा-शुल्क सीमान्त के आर-पार से न होकर अन्यथा राज्य के भीतर लाना |
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“आयात” की परिभाषा में किसे स्पष्ट रूप से अपवर्जित किया गया है? |
भारत में आयात |
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धारा 2(11) के अनुसार सीमा-शुल्क सीमान्त किसके द्वारा परिभाषित किया जाता है? |
केन्द्र सरकार द्वारा |
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कौन-सा “आयात” की परिभाषा के अंतर्गत आता है? |
अन्यथा राज्य के भीतर लाना |
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“मादक द्रव्य" (intoxicant) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(11- क) |
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इस अधिनियम के अनुसार “मादक द्रव्य” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई भी मदिरा या औषधि |
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“मादक द्रव्य” की परिभाषा किस प्रकार की वस्तु को सम्मिलित करती है? |
मदिरा या औषधि |
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"मादक औषधि" (intoxicating drug) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(12) |
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"मादक औषधि", से क्या अभिप्रेत है? |
भारतीय भांग पोधे (केनाबिस सेटाइवा एल) की पत्तियों छोटे डंठलों और फूलों तथा फलने वाले सिरे और उसके अंतर्गत भांग, सींधी या गांजा के नाम से ज्ञात उसके समस्त रूप; निष्प्रभावी पदार्थ सहित या रहित मादक औषधि के उपर्युक्त रूपों में से किसी भी रूप का मिश्रण या उससे तैयार किया गया कोई पेय; और कोई ऐसी अन्य मादक या स्वापक वस्तु, जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा मादक औषधि घोषित करे, जो नारकोटिक ड्रग्स एण्ड सायकोट्रापिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 (1985 का संख्या 61) में यथा परिभाषित स्वापक औषधि न हो| |
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“मादक औषधि” में भारतीय भांग पोधे (Cannabis sativa L) के कौन-से भाग सम्मिलित हैं? |
पत्तियाँ, छोटे डंठल, फूल, फलने वाले सिरे और इसके अंतर्गत भांग, सींधी या गांजा के नाम से ज्ञात समस्त रूप |
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मादक औषधि की परिभाषा में किस प्रकार के मिश्रण या पेय शामिल हैं? |
निष्प्रभावी पदार्थ सहित या रहित मादक औषधि के उपर्युक्त रूपों में से किसी भी रूप का मिश्रण या उससे तैयार किया गया कोई पेय |
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मादक औषधि की परिभाषा में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा घोषित क्या शामिल है? |
कोई ऐसी अन्य मादक या स्वापक वस्तु, जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा मादक औषधि घोषित करे, जो नारकोटिक ड्रग्स एण्ड सायकोट्रापिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 में यथा परिभाषित स्वापक औषधि न हो |
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मादक औषधि की परिभाषा में कौन सम्मिलित नहीं है? |
नारकोटिक ड्रग्स एण्ड सायकोट्रापिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 में परिभाषित स्वापक औषधि |
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"मदिरा" (liquor) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(13) |
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"मदिरा" से क्या अभिप्रेत है? |
मादक मदिरा और मादक मदिरा और उसके अंतर्गत है मद्यसार (स्पिरिट आफ वाइन), स्पिरिट, मद्रद्य, ताडी, बियर, ऐसे समस्त तरल पदार्थ जो अलकोहल से बने है जिनमें अलकोहल है, और कोई भी ऐसा पदार्थ जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये मदिरा घोषित करे; |
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“मदिरा” में कौन-सी वस्तुएँ सम्मिलित हैं? |
मादक मदिरा और उसके अंतर्गत मद्यसार (स्पिरिट ऑफ वाइन), स्पिरिट, मद्रद्य, ताडी, बियर, ऐसे समस्त तरल पदार्थ जो अलकोहल से बने हैं जिनमें अलकोहल है |
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धारा 2(13) के अनुसार “मदिरा” में किस प्रकार के पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं? |
कोई भी ऐसा पदार्थ जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये मदिरा घोषित करे |
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“मदिरा” की परिभाषा में मद्यसार किस नाम से जाना जाता है? |
स्पिरिट ऑफ वाइन |
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धारा 2(13) के अनुसार “मदिरा” में कौन-सा तत्व अनिवार्य है? |
अल्कोहल |
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"विनिर्माण” (manufacture) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(14) |
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"विनिर्माण”, से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसी प्रत्येक प्रकिया चाहे वह नैसर्गिक है या कृत्रिम, जिसके द्वारा कोई भी मादक द्रव्य उत्पन्न या तैयार किया गया जाता है और पुनः आसवनी करने तथा मदिरा को परिशुध्द, सुवासित, सम्मिश्रित या रंजित करने की प्रत्येक प्रक्रिया भी उसके अंतर्गत आती है; |
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“विनिर्माण” में क्या शामिल है? |
प्रत्येक प्रक्रिया चाहे वह नैसर्गिक है या कृत्रिम, जिसके द्वारा कोई भी मादक द्रव्य उत्पन्न या तैयार किया गया जाता है |
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धारा 2(14) के अनुसार कौन-सी प्रक्रिया भी “विनिर्माण” में शामिल है? |
मदिरा का पुनः आसवनी करना |
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“विनिर्माण” की परिभाषा में मदिरा को कौन-सी प्रक्रियाओं से सुधारा जा सकता है? |
परिशुध्द, सुवासित, सम्मिश्रित या रंजित करना |
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धारा 2(14) के अनुसार “विनिर्माण” किस प्रकार की प्रक्रिया हो सकती है? |
नैसर्गिक या कृत्रिम |
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धारा 2(14) में “विनिर्माण” शब्द किस संदर्भ में प्रयोग किया गया है? |
मदिरा और मादक द्रव्य की प्रत्येक प्रकार की तैयारी और संशोधन प्रक्रिया के लिये |
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“स्थान" (place) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(15) |
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“स्थान” के अंतर्गत क्या शामिल है? |
गृह, भवन, दुकान, बूथ, टॅण्ड, अहाता, स्थल, जलयान, बेड़ा और यान |
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धारा 2(15) के अनुसार “स्थान” की परिभाषा में कौन-सा जल से संबंधित साधन सम्मिलित है? |
जलयान |
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कौन-सा “स्थान” की परिभाषा के अंतर्गत आता है? |
बेड़ा |
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धारा 2(15) के अनुसार “स्थान” शब्द का प्रयोग किसके लिये किया गया है? |
स्थलीय एवं जलीय दोनों प्रकार के स्थानों के लिये |
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“स्थान” की परिभाषा में निम्न में से कौन-सा शामिल नहीं माना जा सकता? |
खेत |
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"विक्रय" (sale) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(16) |
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“विक्रय” क्या है? |
"विक्रय" को निर्दिष्ट करने वाली अभिव्यक्तियों के अंतर्गत है दान के रूप में न होकर अन्यथा किया गया कोई अन्तरण |
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“विक्रय” में क्या शामिल है? |
दान के रूप में न होकर अन्यथा किया गया कोई अन्तरण |
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धारा 2(16) के अनुसार “विक्रय” की परिभाषा में कौन-सा कार्य सम्मिलित नहीं है? |
दान के रूप में किया गया अन्तरण |
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“स्पिरिट” (spirit) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(17) |
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“स्पिरिट” से क्या अभिप्रेत है? |
कोई भी अल्कोहलयुक्त मदिरा जो आसवन द्वारा अभिप्राप्त होती है या नहीं है |
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धारा 2(17) के अनुसार स्पिरिट के लिये कौन-सी शर्त आवश्यक है? |
अल्कोहलयुक्त होना |
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कौन-सा “स्पिरिट” की परिभाषा में सम्मिलित है? |
अल्कोहलयुक्त मदिरा |
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"ताड़ी” (tari) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(18) |
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“ताड़ी” से क्या अभिप्रेत है? |
किसी भी जाति के ताड़ के वृक्ष से निकाला गया किण्वित या अकिण्वित रस |
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धारा 2(18) के अनुसार ताड़ी किससे प्राप्त होती है? |
ताड़ के वृक्ष से |
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धारा 2(18) के अनुसार “ताड़ी” की परिभाषा में क्या सम्मिलित है? |
किण्वित तथा अकिण्वित दोनों रस |
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कौन-सा ताड़ी की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता? |
गन्ने से निकाला गया रस |
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"परिवहन" (transport) अधिनियम की किस धारा में परिभाषित है? |
धारा 2(19) |
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“परिवहन” से क्या अभिप्रेत है? |
राज्य के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना |
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धारा 2(19) के अनुसार “परिवहन” किस सीमा तक सीमित है? |
राज्य के भीतर |
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कौन-सा कार्य “परिवहन” की परिभाषा में आता है? |
राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले में ले जाना |
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धारा 2(19) में “परिवहन” शब्द का विधिक अर्थ क्या है? |
राज्य के भीतर स्थानांतरण |
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"देशी मदिरा" "विदेशी मदिरा" और "हेरीटेज मदिरा" घोषित करने की शक्ति, (Power to declare what shall be deemed to be “country liquor” and “foreign liquor”, respectively) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 4 |
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धारा 4 के अंतर्गत “देशी मदिरा”, “विदेशी मदिरा” और “हेरीटेज मदिरा” घोषित करने की शक्ति किसके पास है? |
राज्य सरकार |
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“हेरीटेज मदिरा” की अवधारणा किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई? |
2021 संशोधन |
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धारा 4 के अंतर्गत घोषणा करना राज्य सरकार की— |
विधायी/प्रशासनिक शक्ति है |
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फुटकर तथा थोक विक्रय की परिभाषा, (Definition of retail and wholesale sale) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 5 |
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धारा 5 के अंतर्गत फुटकर तथा थोक विक्रय की परिभाषा घोषित करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार को |
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राज्य सरकार फुटकर तथा थोक विक्रय की परिभाषा किस माध्यम से घोषित कर सकती है? |
अधिसूचना द्वारा |
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धारा 5 के अनुसार यह घोषणा किस क्षेत्र के लिये की जा सकती है? |
या तो सम्पूर्ण राज्य या किसी विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्र के सम्बन्ध में |
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धारा 5 के अनुसार विक्रय की परिभाषा किनके सम्बन्ध में घोषित की जा सकती है? |
साधारणतया क्रेताओं या किसी विनिर्दिष्ट वर्ग के क्रेताओं के सम्बन्ध में |
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धारा 5 के अनुसार राज्य सरकार किस आधार पर विक्रय को घोषित कर सकती है? |
किसी विनिर्दिष्ट अवसर के सम्बन्ध में या साधारणतया |
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अधिनियम की व्यावृत्ति, (Saving of enactment) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 6 |
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धारा 6 के अनुसार इस अधिनियम की कोई भी बात किसे प्रभावित नहीं करेगी? |
सागर सीमा शुल्क अधिनियम, 1878 ,इंडियन टैरिफ ऐक्ट, 1894 ,केन्टूमेन्ट ऐक्ट, 1910 |
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धारा 6 के अनुसार इंडियन टैरिफ ऐक्ट, 1894 की कौन-सी धारा को छोड़कर यह अधिनियम अप्रभावित रहेगा? |
धारा 6 |
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कौन-सा अधिनियम धारा 6 के अंतर्गत अप्रभावित रहता है? |
सागर सीमा शुल्क अधिनियम, 1878 |
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धारा 6 के अनुसार यह अधिनियम किस पर प्रभाव नहीं डालेगा? |
अधिनियमों तथा उनके अधीन बनाये गये नियमों या आदेशों पर |
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धारा 6 के अनुसार केन्टूमेन्ट ऐक्ट, 1910 के संबंध में कौन-सा कथन सही है? |
यह अधिनियम उसे प्रभावित नहीं करता |
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अध्याय-2 (CHAPTER-2) |
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स्थापना तथा नियंत्रण (ESTABLISHMENT AND CONTROL) |
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स्थापना तथा उसकी शक्तियां, (Establishment and powers thereof) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 7 |
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धारा 7 के अंतर्गत आबकारी आयुक्त की नियुक्ति कौन कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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आबकारी आयुक्त का मुख्य कार्य क्या है? |
आबकारी विभाग के प्रशासन और आबकारी राजस्व के संग्रहण का अधीक्षण करना |
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धारा 7 के अनुसार कलेक्टर से भिन्न व्यक्ति को शक्तियाँ किस रूप में दी जा सकती हैं? |
कलेक्टर के साथ-साथ या उसके अधीन रह कर या अनन्यतः |
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आबकारी विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति किसके द्वारा की जा सकती है? |
राज्य सरकार द्वारा |
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धारा 7 के अनुसार किन अधिकारियों को अन्य सरकारी सेवक या व्यक्ति द्वारा शक्तियों का प्रयोग कराया जा सकता है? |
खण्ड (ग) के अधीन नियुक्त अधिकारी |
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धारा 7 के अनुसार कौन-सी शक्ति प्रत्यायोजित नहीं की जा सकती? |
धारा 62 द्वारा प्रदत्त नियम बनाने की शक्ति |
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राज्य सरकार किससे शक्तियाँ प्रत्याहुत कर सकती है? |
किसी भी अधिकारी या व्यक्ति से |
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धारा 7 के अनुसार किनके द्वारा शक्तियों का प्रत्यायोजन अनुज्ञात किया जा सकता है? |
मुख्य राजस्व प्राधिकारी, आबकारी आयुक्त या कलेक्टर द्वारा |
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उडनदस्तों की स्थापना, (Establishment of flying squads) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 7(क) |
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धारा 7-क के अंतर्गत उड़नदस्तों की स्थापना कौन कर सकता है? |
राज्य सरकार |
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धारा 7-क के अनुसार उड़नदस्ते द्वारा किन मामलों का अन्वेषण किया जा सकता है? |
इस अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबन्धों के अभिकथित या संदिग्ध उल्लंघन के |
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उड़नदस्ते की अधिकारिता किस प्रकार निर्धारित की जाती है? |
अधिसूचना में विनिर्दिष्ट क्षेत्र द्वारा |
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उपधारा (2) के अनुसार उड़नदस्ते में कौन सम्मिलित होंगे? |
आबकारी अधिकारी तथा ऐसे अन्य व्यक्ति जिन्हें राज्य सरकार नियुक्त करे |
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उड़नदस्ते के लिए नियुक्त अधिकारी या व्यक्ति किन शक्तियों का प्रयोग करेंगे? |
धारा 7 के अधीन प्रदत्त या अधिरोपित शक्तियाँ और कर्तव्य |
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अध्याय-3 (CHAPTER-3) |
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आयात, निर्यात और पहिचान (IMPORT, EXPORT AND TRANSPORT) |
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आयात, निर्यात या परिवहन का प्रतिषेध करने की शक्ति, (Power to prohibit import, export or transport) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 8 |
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धारा 8 के अंतर्गत आयात, निर्यात या परिवहन का प्रतिषेध करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार |
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धारा 8(क) के अनुसार राज्य सरकार किसका प्रतिषेध कर सकती है? |
किसी भी मादक द्रव्य के आयात-निर्यात का |
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धारा 8(ख) के अनुसार राज्य सरकार किसका प्रतिषेध कर सकती है? |
किसी भी मादक द्रव्य के परिवहन का |
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धारा 8 के अंतर्गत आयात-निर्यात का प्रतिषेध किस क्षेत्र के लिये किया जा सकता है? |
सम्पूर्ण राज्य या उसके किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र में |
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धारा 8(ग) के अनुसार प्रभावी नियंत्रण किस पर किया जा सकता है? |
महुआ, बेसिया लेतिफोलियो और बेसिया लोंगिफोलिया या कोई अन्य आधार |
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धारा 8(ग) के अनुसार महुआ आदि का नियंत्रण किस उद्देश्य से किया जा सकता है? |
मदिरा के विनिर्माण के लिए उपयोगी होने के कारण |
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आयात, निर्यात या परिवहन पर निर्बन्धन, (Restriction on import, export or transport) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 9 |
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धारा 9 के अनुसार राज्य सरकार की मंजूरी के बिना क्या नहीं किया जाएगा? |
किसी भी मादक-द्रव्य का आयात, निर्यात या परिवहन |
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धारा 9 के अंतर्गत आयात, निर्यात या परिवहन किस शर्त पर किया जा सकता है? |
राज्य सरकार की मंजूरी के बिना नहीं किया जाए |
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धारा 9(क) के अनुसार आयात, निर्यात या परिवहन कब किया जा सकता है? |
शुल्क का संदाय करने या उसके लिये बन्धपत्र निष्पादित करने के पश्चात् |
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धारा 9(ख) के अनुसार किन शर्तों का पालन आवश्यक है? |
राज्य सरकार द्वारा अधिरोपित शर्तें |
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आयात, निर्यात या परिवहन के लिये पास की अपेक्षा, (Requirement of pass for import, export or transport) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 10 |
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धारा 10 के अनुसार किसी भी मादक द्रव्य का आयात, निर्यात या परिवहन किस स्थिति में किया जायेगा? |
इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन जारी किये गये या जारी किये गये समझे गये पास पर |
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धारा 10 के अनुसार पास की आवश्यकता किस स्थिति में होगी? |
राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा विहित परिमाप से अधिक परिमाप में |
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धारा 10 के अनुसार परिमाप का निर्धारण किसके लिये किया जा सकता है? |
या तो सामान्यतः या किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिये |
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शुल्क संदाय विदेशी मदिरा के मामले में पास से अभियुक्ति कब लागू नहीं होगी? |
जब राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा किसी स्थानीय क्षेत्र के सम्बन्ध में अन्यथा निर्देशित करे |
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आयात, निर्यात या परिवहन के लिये पास, (Passes for import, export or transport) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 11 |
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धारा 11(1) के अनुसार सामान्यतः मादक द्रव्यों के आयात, निर्यात या परिवहन के लिये पास कौन प्रदान करेगा? |
कलेक्टर |
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किन मादक द्रव्यों के आयात और निर्यात के लिये पास आबकारी आयुक्त द्वारा प्रदान किये जायेंगे? |
जो आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर अवधारित किये जायें |
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धारा 11 के अनुसार कलेक्टर द्वारा प्रदान किया जाने वाला पास किस प्रयोजन के लिये हो सकता है? |
आयात, निर्यात या परिवहन के लिये |
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धारा 11(2) के अनुसार पास किस प्रकार का हो सकता है? |
निश्चित कालावधि के लिये और मादक द्रव्यों की किस्मों के लिये सामान्य |
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धारा 11(2) के अनुसार विशेष पास किसके लिये हो सकता है? |
विनिर्दिष्ट अवसरों और केवल विशिष्ट परेषणों के लिये |
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धारा 11 के अनुसार पास के प्रकारों में कौन-सा शामिल नहीं है? |
स्थायी आजीवन पास |
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अन्य प्राधिकारियों द्वारा जारी किये गये पास इस अधिनियम के अधीन प्रदान किये गये समझे जायेंगे, (Passes issued by other authorities may be deemed pass es granted under this Act) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 12 |
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धारा 12 के अनुसार किस प्राधिकारी को यह निर्देश देने की शक्ति है कि अन्य प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया पास इस अधिनियम के अधीन पास समझा जायेगा? |
आबकारी आयुक्त |
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धारा 12 के अन्तर्गत आबकारी आयुक्त किस प्रकार का आदेश पारित कर सकता है? |
सामान्य या विशेष आदेश |
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धारा 12 के अनुसार किसके द्वारा जारी किया गया पास इस अधिनियम के अधीन पास माना जा सकता है? |
भारत के किसी प्राधिकारी द्वारा |
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धारा 12 के अन्तर्गत अन्य प्राधिकारी द्वारा जारी पास को इस अधिनियम के अधीन पास कब माना जायेगा? |
आबकारी आयुक्त के निदेश से |
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धारा 12 के अनुसार आबकारी आयुक्त द्वारा दिया गया निदेश किसके अधीन हो सकता है? |
ऐसी शर्तों के अधीन जैसी वह अधिरोपित करे |
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धारा 12 के अनुसार अन्य प्राधिकारी द्वारा जारी पास किस प्रयोजन के लिये मान्य माना जा सकता है? |
इस अधिनियम के अधीन किसी भी उद्देश्य के लिये |
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अध्याय-4 (CHAPTER-4) |
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विनिर्माण, कब्जा तथा विक्रय (MANUFACTURE, POSSESSION AND SALE) |
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मादक द्रव्यों के विनिर्माण इत्यादि के लिये अपेक्षित अनुज्ञप्ति, (Licence required for manufacture, etc. of intoxicants) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 13 |
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धारा 13 के अनुसार मादक द्रव्यों का विनिर्माण या संग्रहण कब किया जा सकता है? |
प्राधिकार के अधीन तथा प्रदान की गई अनुज्ञप्ति की शर्तों के अधीन |
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धारा 13 के अंतर्गत किसकी खेती करना निषिद्ध है? |
भांग (हेम्प प्लांट) के पौधे की |
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धारा 13 के अनुसार ताड़ी के संबंध में कौन-सा कार्य वर्जित है? |
ताड़ी उत्पन्न करने वाले वृक्ष से च्यावन या ताड़ी निकालना |
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धारा 13 के अनुसार मदिरा को विक्रय के लिये बोतलों में भरना कब वैध होगा? |
अनुज्ञप्ति की शर्तों के अधीन |
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धारा 13 के अनुसार आसवनी या मद्य निर्माणशाला के संबंध में क्या निषिद्ध है? |
सन्निर्माण एवं संचालन दोनों |
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धारा 13 के अंतर्गत ताड़ी से भिन्न मादक द्रव्य के विनिर्माण के लिये कौन-सा कार्य निषिद्ध है? |
उपकरणों का उपयोग या कब्जे में रखना |
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धारा 13 के प्रथम परन्तुक के अनुसार राज्य सरकार क्या घोषित कर सकती है? |
विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में ताड़ी वृक्षों का च्यावन या ताड़ी निकालना लागू नहीं होगा |
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धारा 13 के द्वितीय परन्तुक के अनुसार राज्य सरकार किसे विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में अनुमति दे सकती है? |
घरेलू उपयोग के लिये मदिरा का विनिर्माण |
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धारा 13 के अंतर्गत दी जाने वाली छूट किस माध्यम से प्रदान की जाती है? |
अधिसूचना द्वारा |
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आसवनियों तथा भाण्डागारों की स्थापना या उनका अनुज्ञापन, (Establishment or licensing of distilleries and ware houses.—The Excise Commissioner may) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 14 |
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धारा 14 के अनुसार किसी आसवनी की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है? |
आबकारी आयुक्त |
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धारा 14(क) के अनुसार आसवनी किस शर्त पर स्थापित की जा सकती है? |
धारा 13 के अधीन प्रदान की गई अनुज्ञप्ति के अधीन और ऐसी शर्तों पर जैसी राज्य सरकार अधिरोपित करे |
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धारा 14(ख) के अनुसार आबकारी आयुक्त क्या कर सकता है? |
किसी भी आसवनी को बन्द कर सकता है |
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धारा 14(ग) के अनुसार आबकारी आयुक्त किसके लिए अनुज्ञप्ति दे सकता है? |
आसवनी या मद्यनिर्माण-शाला के सन्निर्माण और संचालन के लिये |
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धारा 14(घ) के अनुसार भाण्डागार में मादक द्रव्य किस शर्त पर रखा जा सकता है? |
शुल्क के संदाय के बिना किन्तु राज्य सरकार द्वारा निर्देशित फीस के संदाय के अधीन |
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धारा 14(इ) के अनुसार आबकारी आयुक्त किसे बन्द कर सकता है? |
किसी भी भाण्डागार |
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आसवनी, मद्य निर्माणशाला या संग्रहण के स्थान से हटाये जाने पर शुल्क का संदाय, (Payment of duty on removal from distillery, brewery or place of storage) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 15 |
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धारा 15 के अनुसार किसी भी मादक द्रव्य को किस स्थिति में हटाया जा सकता है? |
तब तक नहीं जब तक अध्याय 5 के अधीन देय शुल्क संदत्त न कर दिया जाये या बन्धपत्र निष्पादित न किया जाये |
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धारा 15 के अनुसार मादक द्रव्य किन स्थानों से हटाया जा सकता है? |
आसवनी, मद्य निर्माणशाला, भाण्डागार, या संग्रहण के अन्य स्थान से |
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धारा 15 के अनुसार शुल्क का संदाय किस अध्याय के अधीन किया जाएगा? |
अध्याय 5 |
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धारा 15 के अनुसार बन्धपत्र किसके लिये निष्पादित किया जा सकता है? |
किसी मादक द्रव्य को हटाने के लिये |
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धारा 15 के अनुसार राज्य सरकार की मंजूरी किस कार्य के लिये अनिवार्य है? |
किसी भी मादक द्रव्य को स्थापित स्थान से हटाने के लिये |
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मादक द्रव्यों का साधारणतः कब्जा, (Possession of intoxicants generally) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 16 |
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धारा 16(1) के अनुसार राज्य सरकार मादक द्रव्य के कब्जे के लिए क्या कर सकती है? |
परिमाण की परिसीमा अधिसूचना द्वारा विहित कर सकती है |
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धारा 16(1) के अनुसार भिन्न-भिन्न क्वालिटी की मादक वस्तु के लिए क्या किया जा सकता है? |
भिन्न-भिन्न परिसीमा विहित की जा सकती हैं |
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धारा 16(2) के अनुसार किसी व्यक्ति के कब्जे में परिसीमा से अधिक मादक द्रव्य रखने की अनुमति किनके अधीन हो सकती है? |
उपधारा (2) में उल्लिखित प्राधिकार, जैसे अनुज्ञप्ति या पास |
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धारा 16(2) के अनुसार कौन-सा दस्तावेज मादक द्रव्य के कब्जे के लिए वैध है? |
अनुज्ञप्ति ,आयात/निर्यात/परिवहन के लिए पास ,इस अधिनियम के अधीन प्रदान किया गया अनुज्ञापत्र |
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धारा 16(3) के अनुसार उपधारा (2) किन मादक द्रव्यों पर लागू नहीं होगी? |
जिनका कब्जा सामान्य वाहक या भाण्डागारपाल के पास है |
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धारा 16 के अनुसार किसी व्यक्ति के लिए मादक द्रव्य का कब्जा किस पर निर्भर करेगा? |
अनुज्ञप्ति, पास या अनुज्ञापत्र के अधीन |
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मादक द्रव्यों के विक्रय के लिये अनुज्ञप्ति अपेक्षित होगी, (Licence required for sale of intoxicant) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 17 |
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धारा 17(1) के अनुसार किसी मादक द्रव्य का विक्रय कब वैध होगा? |
उस निमित्त प्रदान की गई अनुज्ञप्ति के प्राधिकार और निबन्धों तथा शर्तों के अधीन |
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धारा 17(1)(क) के अनुसार ताड़ी का विक्रय अनुज्ञप्ति के बिना किसके लिए किया जा सकता है? |
उस व्यक्ति को जो ताड़ी का विनिर्माण या विक्रय करने के लिये अनुज्ञप्त है |
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धारा 17(1)(ख) के अनुसार भांग के पौधे के किस भाग का विक्रय अनुज्ञप्ति के बिना किया जा सकता है? |
उन भागों का जिनमें मादक औषधि का विनिर्माण या उत्पादन किया जाता है, अनुज्ञप्त व्यक्ति या आबकारी आयुक्त द्वारा नियुक्त अधिकारी को |
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धारा 17(1)(ग) के अनुसार विदेशी मदिरा पर अनुज्ञप्ति कब लागू नहीं होगी? |
जब वह निजी उपयोग के लिये विधिपूर्वक प्राप्त की गई हो और विक्रय उसके या उसके हित प्रतिनिधियों द्वारा किया गया हो |
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धारा 17(2) के अनुसार अन्य राज्यों या संघ राज्य क्षेत्रों में जारी आबकारी विधि के अधीन विक्रय के लिए अनुज्ञप्ति कैसे मानी जाएगी? |
इस अधिनियम के अधीन उसी निमित्त प्रदान की गई अनुज्ञप्ति समझी जाएगी |
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किसी व्यक्ति को ताड़ी का विक्रय करने की अनुमति किसके अधीन होगी? |
धारा 17(1)(क) के अनुसार अनुज्ञप्ति के बिना, यदि विक्रेता अनुज्ञप्त व्यक्ति को बेच रहा हो |
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धारा 17 के अनुसार आबकारी आयुक्त किस शर्त के तहत अन्य राज्यों में जारी अनुज्ञप्ति को इस अधिनियम के अधीन मान्य कर सकता है? |
ऐसी शर्तों पर, जैसी आबकारी आयुक्त अवधारित करे |
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धारा 17 के अनुसार अनुज्ञप्ति के बिना विक्रय की अनुमति किन मामलों में दी गई है? |
ताड़ी और भांग के विशेष मामलों में |
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धारा 17 के अनुसार किसी विदेशी मदिरा के निजी उपयोग पर विक्रय के लिए अनुज्ञप्ति कब आवश्यक नहीं है? |
यदि वह व्यक्ति द्वारा विधिपूर्वक प्राप्त की गई हो और उसकी मृत्यु के पश्चात् हित प्रतिनिधियों द्वारा विक्रय किया गया हो |
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धारा 17 के अनुसार अनुज्ञप्ति किसके द्वारा प्रदान की जाती है? |
आबकारी आयुक्त |
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विनिर्माण, इत्यादि के अधिकार के पट्टे का अनुदान करने की शक्ति, (Power to grant lease of right to manufacture, etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 18 |
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धारा 18(1) के अनुसार राज्य सरकार किसके लिए पट्टा प्रदान कर सकती है? |
किसी भी व्यक्ति को, किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र में मादक द्रव्य का विनिर्माण, थोक में प्रदाय या विक्रय करने का अधिकार |
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धारा 18(1)(क) के अनुसार पट्टेदार को कौन-सा अधिकार दिया जा सकता है? |
विनिर्माण करने का, थोक में प्रदाय करने का, या दोनों का |
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धारा 18(1)(ख) के अनुसार पट्टेदार को कौन-सा अधिकार दिया जा सकता है? |
थोक या फुटकर में विक्रय करने का |
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धारा 18(1)(ग) के अनुसार पट्टेदार को कौन-सा अधिकार दिया जा सकता है? |
विनिर्माण करने का या थोक में प्रदाय करने का या दोनों का तथा फुटकर में विक्रय करने का अधिकार |
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धारा 18(2) के अनुसार अनुज्ञापन प्राधिकारी किसके लिए अनुज्ञप्ति प्रदान कर सकता है? |
केवल पट्टेदार को उसके पट्टे के निबन्धनों के अनुसार |
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धारा 18(2) के अनुसार उप-पट्टेदार को अनुज्ञप्ति कब प्रदान की जा सकती है? |
पट्टेदार के आवेदन पर और उपाधिकार शर्तों के अधीन, यदि अनुज्ञप्ति में उप-पट्टे पर देने का प्रतिषेध नहीं है |
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धारा 18 के अनुसार पट्टा किस प्रकार के अधिकारों के लिए दिया जा सकता है? |
विनिर्माण, थोक में प्रदाय, फुटकर में विक्रय, या इनमें से कोई संयोजन |
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धारा 18 के अनुसार पट्टेदार के आवेदन पर अनुज्ञप्ति देने का अधिकार किसके पास है? |
अनुज्ञापन प्राधिकारी |
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धारा 18 के अनुसार उप-पट्टेदार को अनुज्ञप्ति तब दी जा सकती है जब: |
पट्टे में उप-पट्टे पर देने का प्रतिषेध नहीं हो |
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धारा 18 के अनुसार पट्टा किन शर्तों और कालावधि के लिए दिया जा सकता है? |
राज्य सरकार की विवेकानुसार उचित समझी गई शर्तों और कालावधि के लिए |
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ताड़ी निकालने हेतु पट्टेदार की अनुज्ञा, (Lessee’s permission to draw tari) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 19 |
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धारा 19 के अनुसार ताड़ी निकालने के लिए पट्टेदार को किसकी लिखित अनुज्ञा मान्य होगी? |
पट्टेदार की लिखित अनुज्ञा, यदि धारा 18 के अधीन पट्टा दिया गया हो |
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धारा 19 के अनुसार पट्टेदार की लिखित अनुज्ञा का प्रभाव क्या होगा? |
वही बल और प्रभाव होगा जो उस प्रयोजन के लिए कलेक्टर की अनुज्ञप्ति का होता है |
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धारा 19 के अनुसार ताड़ी निकालने हेतु अनुज्ञा किस स्थिति में दी जा सकती है? |
जब धारा 18 के अधीन पट्टा प्राप्त हो |
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धारा 19 के अनुसार पट्टेदार की लिखित अनुज्ञा किसके समान प्रभाव रखती है? |
कलेक्टर की अनुज्ञप्ति के समान |
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धारा 19 के अनुसार ताड़ी निकालने की अनुमति किसके अधीन नहीं है? |
किसी अन्य सरकारी अधिकारी के आदेश पर |
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धारा 19 किस प्रकार की अनुमति को मान्यता देती है? |
लिखित अनुज्ञा |
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धारा 19 के अनुसार पट्टेदार की लिखित अनुज्ञा किसके लिए विशेष महत्व रखती है? |
ताड़ी निकालने के लिए |
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धारा 19 के अनुसार ताड़ी निकालने की लिखित अनुज्ञा किसके द्वारा प्रभावी मानी जाएगी? |
केवल पट्टेदार की लिखित अनुज्ञा |
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धारा 19 के अनुसार यह शक्ति किसके नियंत्रण में है? |
राज्य सरकार द्वारा, पट्टेदार को ताड़ी निकालने की लिखित अनुज्ञा देने की शक्ति |
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सैनिक छावनियों में मदिरा का विनिर्माण और विक्रय, (Manufacture and sale of liquor in Military Cantonments) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 20 |
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धारा 20 के अनुसार किसी सैनिक छावनी में मदिरा के फुटकर विक्रय के लिए अनुज्ञप्ति किसके अधीन दी जाएगी? |
कमान अधिकारी की जानकारी तथा सम्मति से |
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति कब वैध होगी? |
जब कमान अधिकारी की जानकारी और सम्मति प्राप्त हो |
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति किन सीमाओं के भीतर मान्य होगी? |
सैनिक छावनी की सीमाओं के भीतर और केन्द्र सरकार द्वारा विहित दूरी के भीतर |
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धारा 20 के अनुसार सैनिक छावनी में अनुज्ञप्ति किस प्रयोजन के लिए दी जाएगी? |
मदिरा के फुटकर विक्रय के लिए
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति बिना कमान अधिकारी की जानकारी और सम्मति के: |
असंवैधानिक और मान्य नहीं होगी |
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति जारी करने की शक्ति किसके पास है? |
आबकारी आयुक्त, कमान अधिकारी की जानकारी और सम्मति के अधीन |
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति किसी अन्य क्षेत्र में जारी की जा सकती है? |
नहीं, केवल सैनिक छावनी और केन्द्र सरकार द्वारा विहित दूरी के भीतर |
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति जारी करने में किनकी सहमति अनिवार्य है? |
कमान अधिकारी |
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धारा 20 के अनुसार अनुज्ञप्ति का पालन न करने पर क्या होगा? |
अनुज्ञप्ति मान्य नहीं होगी और कानूनी कार्रवाई हो सकती है |
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माप तथा परीक्षण के बारे में अनुज्ञप्तिधारियों के कर्तव्य, (Duties of licensees with regard to measurement and testing) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 21 |
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धारा 21 के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक किसी मादक द्रव्य का विनिर्माण या विक्रय करते समय किसके प्रति आबद्ध होता है? |
किसी भी आबकारी अधिकारी के निरीक्षण और निर्देश के प्रति |
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धारा 21(क) के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक को क्या सुनिश्चित करना चाहिए? |
स्वयं के माप, तौल और उपकरणों की व्यवस्था करना और उन्हें अनुज्ञप्त परिसरों पर अच्छी दशा में रखना |
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धारा 21(ख) के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक किस प्रकार से माप, तौल या परीक्षण करेगा? |
जब आबकारी अधिकारी निर्देश दे और किसी भी समय निरीक्षण करे |
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धारा 21 के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक के कर्तव्य में शामिल नहीं है: |
अपने निजी रिकॉर्ड को गोपनीय रखना |
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धारा 21 के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक के पास किस प्रकार के उपकरण होने चाहिए? |
माप, तौल और परीक्षण के लिए उपयुक्त उपकरण |
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धारा 21 के अनुसार आबकारी अधिकारी किसी अनुज्ञप्तिधारक से क्या अपेक्षा कर सकता है? |
किसी भी समय मादक द्रव्य का माप, तौल या परीक्षण |
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धारा 21 के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक किसके निर्देशन पर माप और तौल करता है? |
सम्यक् रूप से सशक्त किसी आबकारी अधिकारी के निर्देशन पर |
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धारा 21 के अनुसार अनुज्ञप्तिधारक का कर्तव्य कब पूरा होता है? |
जब माप, तौल और उपकरण सही और अच्छी दशा में रखे हों और किसी भी समय निरीक्षण हेतु तैयार हों |
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इक्कीस वर्ष कम आयु के पुरषों और स्त्रियों के नियोजन का प्रतिषेध, (Prohibition of employment of male persons under the age of twenty one years and of women) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 22 |
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धारा 22 के अनुसार किन व्यक्तियों को किसी मादक द्रव्य के परिसरों में नियोजित नहीं किया जा सकता? |
किसी पुरुष को जिसकी आयु इक्कीस वर्ष से कम है ,किसी स्त्री को |
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धारा 22 के अनुसार नियोजन पर प्रतिबंध किस प्रकार के परिसरों पर लागू होता है? |
उन परिसरों पर जहाँ मादक द्रव्य का उपयोग किया जाता है और विक्रय के लिए अनुज्ञप्त है |
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धारा 22 के अनुसार नियोजन पर प्रतिबंध किन प्रकार के रोजगार पर लागू होता है? |
पारिश्रमिक पर या पारिश्रमिक के बिना दोनों |
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धारा 22 के अनुसार नियोजन पर प्रतिबंध किन स्थानों में लागू नहीं होगा? |
उन स्थानों में जहाँ मादक द्रव्य का उपभोग नहीं होता |
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धारा 22 के अनुसार कोई व्यक्ति नियोजन करने की अनुज्ञा किसे नहीं दे सकता? |
इक्कीस वर्ष से कम आयु के पुरुष को ,किसी स्त्री को |
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धारा 22 के अनुसार यह प्रतिबंध किन लोगों पर लागू होता है? |
अनुज्ञप्त धारक जो परिसरों में मादक द्रव्य का उपयोग या विक्रय करता है |
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धारा 22 के अनुसार नियम का उल्लंघन करने पर क्या होगा? |
नियोजन की अनुज्ञा अवैध होगी और कानूनी कार्रवाई हो सकती है |
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इक्कीस वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को मदिरा या मादक औषधि के विक्रय का प्रतिषेध, (Prohibition of sale of liquor intoxicating drug to persons under the age of twenty one years) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 23 |
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धारा 23 के अनुसार किसी अनुज्ञप्त धारक को किसे मदिरा या मादक औषधि नहीं बेचनी चाहिए? |
किसी भी व्यक्ति को जिसकी आयु प्रकट रूप से इक्कीस वर्ष से कम हो |
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धारा 23 के अनुसार विक्रय पर प्रतिबंध कहाँ लागू होता है? |
अनुज्ञप्त परिसर के भीतर या बाहर |
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धारा 23 के अनुसार अनुज्ञप्त धारक किसके लिए विक्रय नहीं करेगा? |
किसी व्यक्ति के लिए, चाहे वह खुद उपयोग करे या किसी अन्य के लिए |
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धारा 23 के अनुसार विक्रय का प्रतिबंध किन परिस्थितियों में लागू होता है? |
चाहे परिसर के भीतर हो या बाहर, और चाहे व्यक्ति खुद उपयोग करे या किसी अन्य के लिए |
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धारा 23 के अनुसार यदि अनुज्ञप्त धारक इस नियम का उल्लंघन करता है तो? |
विक्रय अवैध होगा और कानूनी कार्रवाई हो सकती है |
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धारा 23 के अनुसार यह नियम किन लोगों पर लागू है? |
उन सभी व्यक्तियों पर जो अनुज्ञप्ति प्राप्त करके मादक द्रव्य का विक्रय करते हैं |
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मदिरा से सम्बन्धित विज्ञापनों का प्रतिषेध, (Prohibition of Advertisements relating to liquor) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 23(क) |
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धारा 23(क) के अनुसार विज्ञापन में कौन-सी चीज़ शामिल हो सकती है? |
कोई सूचना, परिपत्र, नामपत्र या अन्य दस्तावेज ,कोई मौलिक आख्यापन या प्रकाश/ध्वनि/धूम्र उत्पादित करने का साधन ,सिनेमा में प्रदर्शित स्लाइड या फिल्म |
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धारा 23(क) के अनुसार किसी समाचार पत्र, पुस्तक या अन्य प्रकाशन में मदिरा की प्रशंसा या उसके उपयोग के आग्रह वाले विज्ञापन को कौन-सा दंड मिल सकता है? |
छह माह तक कारावास या दो हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों |
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धारा 23(क) के अनुसार कौन-सी सामग्री इस अधिनियम के प्रावधानों से मुक्त हो सकती है? |
मदिरा विक्रय स्थानों में संप्रदर्शित सूची पत्र या मूल्य सूची ,मध्य प्रदेश के बाहर मुद्रित विज्ञापन ,राज्य सरकार द्वारा विशेष अधिसूचना से छूट दी गई सामग्री |
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धारा 23(क) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अधिसूचना का उल्लंघन करके विज्ञापन या प्रकाशन को मध्य प्रदेश में वितरित करता है, तो उसे क्या दंड हो सकता है? |
छह माह तक कारावास या दो हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों |
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धारा 23(क) के अनुसार किसी समाचार पत्र, पुस्तक, पर्णिका या प्रकाशन की प्रति को राज्य सरकार किस अधिकार के माध्यम से अभिगृहीत कर सकती है? |
आबकारी अधिकारी, पुलिस या राजस्व विभाग के किसी अधिकारी द्वारा |
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धारा 23(क) के अनुसार किसी प्रकाशन की प्रति के लिए तलाशी लेने का अधिकार किसे है? |
कलेक्टर या प्रथम/द्वितीय श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी |
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धारा 23(क) के अनुसार "विज्ञापन में सम्मिलित है" में कौन-सी चीज़ नहीं आती? |
केवल व्यक्तिगत नोट्स और निजी डायरी |
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धारा 23(क) के अनुसार राज्य सरकार किस स्थिति में मध्य प्रदेश के बाहर मुद्रित प्रकाशन पर रोक लगा सकती है? |
यदि उसमें मदिरा की प्रशंसा, उसके उपयोग का आग्रह या देने का प्रस्ताव शामिल हो |
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धारा 23(क) के अनुसार किसी प्रकाशन के उल्लंघन पर कौन-सा अधिकारी हस्तक्षेप कर सकता है? |
राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई भी अधिकारी |
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लोक शान्ति के लिए दुकानों का बन्द किया जाना, (Closing of shops for the sake of public peace) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 24 |
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धारा 24 के अनुसार किस अधिकारी के पास यह अधिकार है कि किसी अनुज्ञप्तिधारी की दुकान को लिखित सूचना द्वारा बंद रखने की अपेक्षा करे? |
जिला मजिस्ट्रेट |
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यदि किसी दुकान के आसपास बलवा या विधि-विरुद्ध जमाव होता है या होने की आशंका है, तो किसके पास दुकान बंद करने का अधिकार है? |
कोई भी उपस्थित मजिस्ट्रेट |
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धारा 24 के अनुसार मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में अनुज्ञप्तिधारी क्या करेगा यदि बलवा या विधि-विरुद्ध जमाव हो? |
अपने आदेश के बिना भी दुकान बंद कर देगा |
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धारा 24 के अनुसार मजिस्ट्रेट द्वारा उपधारा (2) के अधीन जारी आदेश की सूचना किसे दी जाएगी? |
कलेक्टर |
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धारा 24 के अनुसार दुकान बंद करने का आदेश कितने प्रकार से जारी किया जा सकता है? |
लिखित सूचना द्वारा या मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मौखिक आदेश |
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यदि बलवा या विधि-विरुद्ध जमाव होता है और मजिस्ट्रेट उपस्थित नहीं है, तो अनुज्ञप्तिधारी को किस प्रकार कार्रवाई करनी होगी? |
दुकान बंद कर देनी होगी |
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धारा 24 के अनुसार मजिस्ट्रेट द्वारा दुकान बंद करने के आदेश पर कौन निगरानी रखेगा? |
आदेश जारी करने वाला मजिस्ट्रेट कलेक्टर को सूचना देगा |
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धारा 24 के अनुसार आदेश जारी करने वाला मजिस्ट्रेट किस आधार पर दुकान बंद करने की अवधि निर्धारित करेगा? |
जो लोक शान्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक समझे |
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अध्याय-5 (CHAPTER-5) |
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शुल्क तथा फीस (DUTIES AND FEES) |
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आबकारी शुल्क योग्य वस्तुओं पर शुल्क, (Duty on excisable articles) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 25 |
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धारा 25 के अनुसार राज्य सरकार किसके निर्देश पर आबकारी-शुल्क-योग्य वस्तुओं पर शुल्क लगवा सकती है? |
राज्य सरकार का स्वयं का निदेश |
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आबकारी-शुल्क-योग्य वस्तुओं में कौन-सी वस्तुएँ शामिल हो सकती हैं? |
आयातित वस्तुएँ ,निर्यातित वस्तुएँ ,परिवहन की गई वस्तुएँ |
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धारा 25 के अनुसार आबकारी-शुल्क-योग्य वस्तुएँ कहाँ से भी प्राप्त हो सकती हैं? |
धारा 13 के अधीन निर्मित, खेती में उपजी, या संग्रहीत वस्तुएँ |
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आबकारी-शुल्क के अधिरोपण के लिए किन सिद्धान्तों पर आधारित किया जा सकता है? |
स्थान, वस्तु की शक्ति और क्वालिटी, उपयोग, या विहित सिद्धान्त |
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धारा 25 के अनुसार राज्य सरकार किसी आबकारी-शुल्क-योग्य वस्तु को किसके तहत छूट दे सकती है? |
इस अधिनियम के अधीन लगाए गए दायित्व के तहत |
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धारा 25 के अनुसार किन वस्तुओं पर आबकारी-शुल्क अधिरोपित नहीं किया जाएगा? |
भारत में आयात की गई ऐसी वस्तुएँ जिन पर सागर सीमा शुल्क अधिनियम, 1878 या इंडियन टैरिफ ऐक्ट, 1894 के तहत शुल्क लागू था |
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धारा 25 के अनुसार आबकारी-शुल्क में वृद्धि या कमी के लिए किसका प्रावधान है? |
राज्य सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान शुल्क दर बढ़ा या घटा सकती है, पर भूतलक्षी प्रभाव नहीं होगा |
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धारा 25 के अनुसार आबकारी-शुल्क अधिरोपित करने की प्रक्रिया किस आधार पर हो सकती है? |
वस्तु का स्थान, शक्ति, क्वालिटी और उपयोग |
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धारा 25 के अनुसार क्या राज्य सरकार किसी वस्तु को आबकारी-शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर सकती है? |
हाँ, यदि वह विधिपूर्ण रूप से छूट दे |
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ऐसे शुल्क के उदग्रहण की रीति, (Ways of levying such duty) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 26 |
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धारा 26 के अनुसार आबकारी-शुल्क का उद्ग्रहण किस आधार पर किया जाएगा? |
समय, स्थान और रीति जो राज्य सरकार विहित करे |
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मादक औषधियों पर भांग के पौधे (हेम्प प्लांट) के लिए शुल्क किस आधार पर लगाया जाएगा? |
प्रति एकड़ की दर से या संग्रहीत परिमाण पर प्रभारित दर से |
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किसी आसवनी या मद्यनिर्माण शाला में विनिर्मित स्पिरिट या बीयर पर शुल्क कैसे लगाया जाएगा? |
उपयोग में लायी गयी सामग्रियों के परिमाण पर संगणित समतुल्यों के मान या वाश/वर्ट की क्षीणता के अनुसार |
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ताड़ी पर आबकारी शुल्क कैसे लगाया जाएगा? |
प्रत्येक ऐसे वृक्ष पर जिससे ताड़ी निकाली जाये, कर द्वारा |
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भाण्डागार से विक्रय के लिए आबकारी शुल्क वस्तु निर्गमित की जाने पर किस दर से शुल्क लिया जाएगा? |
निर्गमित की जाने की तारीख को प्रवृत्त शुल्क की दर से |
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यदि आबकारी शुल्क दर में वृद्धि या कमी की जाती है और स्टॉक में वस्तु है, तो शुल्क का उद्ग्रहण कैसे होगा? |
स्टॉक में मौजूद आबकारी शुल्क योग्य वस्तु नई दर से होगी और अंतर की रकम संदेय होगी |
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धारा 26 के अनुसार किसी अनुज्ञप्ति धारक के पास स्टॉक में आबकारी शुल्क योग्य वस्तु होने पर नई दर से शुल्क का अंतर किसके द्वारा दिया जाएगा? |
अनुज्ञप्ति धारक के द्वारा |
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धारा 26 के अनुसार आबकारी-शुल्क का उद्ग्रहण किस परिमाण पर आधारित हो सकता है? |
आयात, निर्यात, परिवहन, संगृहीत या आसवनी/मद्यनिर्माण शाला/भाण्डागार से विनिर्मित या निर्गमित वस्तु |
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धारा 26 के अनुसार शुल्क का अनुपात किस आधार पर किया जाएगा? |
समय, स्थान और रीति के अनुसार जो राज्य सरकार विहित करे |
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धारा 26 के अनुसार आबकारी-शुल्क का उद्ग्रहण किसके अध्यधीन रहेगा? |
राज्य सरकार द्वारा विहित नियमों और रीति-व्यवस्थाओं के अधीन |
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पट्टा अनुदान के लिये संदाय, (Payment for grant of leases) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 27 |
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धारा 27 के अनुसार, राज्य सरकार पट्टा अनुदान के संदाय के रूप में क्या कर सकती है? |
धारा 18 के अधीन किसी पट्टा अनुदान के प्रतिफलस्वरूप किसी भी रकम का संदाय प्रतिगृहीत कर सकती है |
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धारा 27 के उपधारा (2) के अनुसार संदाय में वृद्धि या कमी करने की शक्ति का क्या प्रभाव होता है? |
किसी वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ से पूर्व भूतलक्षी प्रभाव दे सकती है |
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धारा 27 के अनुसार संदाय का उद्ग्रहण किसके अधीन रहेगा? |
राज्य सरकार के निर्देश और धारा 18 के अधीन अनुदान के नियमों के अधीन |
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उपधारा (2) में उल्लिखित किसी भी वृद्धि या कमी का प्रभाव किस समय से भूतलक्षी होगा? |
वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ से पूर्व की तारीख से |
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धारा 27 के अनुसार, संदाय का भुगतान किसके प्रतिफलस्वरूप किया जा सकता है? |
धारा 18 के अधीन किसी पट्टा अनुदान के प्रतिफलस्वरूप |
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धारा 27 में “संदाय” शब्द का क्या अर्थ है? |
पट्टा अनुदान के लिए राज्य सरकार द्वारा वसूल की गई राशि |
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धारा 27 के अनुसार संदाय में वृद्धि या कमी का अधिकार किसके पास है? |
राज्य सरकार के पास |
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सविंधान के प्रारम्भ होने पर उद्ग्रहीत किये जाने शुल्कों के लिये व्यावृत्ति, (Savings for duties being levied at commencement of the Constitution) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 27(क) |
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धारा 27(क) के अनुसार, संविधान प्रारम्भ होने पर राज्य सरकार किन शुल्कों को जारी रख सकती है? |
वे शुल्क जो संविधान प्रारम्भ होने से ठीक पहले विधिपूर्वक उद्ग्रहण किए जा रहे थे |
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धारा 27(क) के अनुसार, राज्य सरकार किन मादक द्रव्यों पर उद्ग्रहण जारी रख सकती है? |
उन मादक द्रव्यों पर जो आबकारी शुल्क वस्तुएं नहीं हैं |
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धारा 27(क) के अनुसार राज्य सरकार किन स्थितियों में शुल्क के उद्ग्रहण को प्राधिकृत नहीं करती? |
जब राज्य में निर्मित और विदेश में निर्मित समान माल में असमान भेदभाव होता हो |
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धारा 27(क) के अनुसार, संविधान प्रारम्भ होने के बाद शुल्क जारी रखने के लिए किसका प्रतिकूल उपबन्ध आवश्यक है? |
संसद द्वारा प्रतिकूल उपबन्ध |
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धारा 27(क) के अनुसार, ये प्रावधान किस तिथि के बाद लागू माना जाएगा? |
1 सितम्बर, 1987 |
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धारा 27(क) का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
संविधान प्रारम्भ होने से पूर्व लागू शुल्कों की निरंतरता सुनिश्चित करना |
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अध्याय-6 (CHAPTER-6) |
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अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र तथा पास (LICENCES, PERMITS AND PASSES) |
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अनुज्ञप्ति, आदि के प्ररूप और शर्ते, (Form and conditions of licence etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 28 |
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धारा 28(1) के अनुसार परमिट/पास/लाइसेंस किसके भुगतान पर जारी किया जाएगा? |
निर्धारित शुल्क के भुगतान पर
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लाइसेंसधारी को अपनी दुकान के लिए क्या अनिवार्य है? |
न्यूनतम निर्धारित मात्रा में देशी या भारतीय निर्मित शराब उठाना |
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धारा 28(3) के अनुसार जुर्माना कब लगाया जाएगा? |
निर्धारित शर्तों के उल्लंघन पर |
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पर्यवेक्षण शुल्क का भुगतान, (Payment of supervision charges) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 28(क) |
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धारा 28(क) के अनुसार राज्य सरकार पर्यवेक्षण की व्यवस्था किसके द्वारा कर सकती है? |
लिखित में सामान्य या विशेष आदेश द्वारा |
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धारा 28(क) के तहत पर्यवेक्षण किसके द्वारा किया जाएगा? |
ऐसे आबकारी कर्मचारी जिन्हें आबकारी आयुक्त नियुक्त करे |
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कौन-सा कार्य धारा 28-A के अंतर्गत पर्यवेक्षण के अधीन आ सकता है? |
निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, भंडारण, बिक्री, खरीद, उपयोग, संग्रह या खेती |
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धारा 28(क) के अंतर्गत पर्यवेक्षण शुल्क किसे देना होगा? |
राज्य सरकार को |
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धारा 28(क) की उपधारा के प्रावधान (प्रोविजो) के अनुसार राज्य सरकार— |
किसी वर्ग के व्यक्ति या संस्था को पूर्ण या आंशिक छूट दे सकती है |
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पर्यवेक्षण शुल्क का भुगतान कौन करेगा? |
वह व्यक्ति जो निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, भंडारण, बिक्री, खरीद, उपयोग, संग्रह या खेती करता है |
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धारा 28(क) के अंतर्गत नियुक्ति करने का अधिकार किसे है? |
आबकारी आयुक्त |
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अनुज्ञप्तिधारी से प्रतिभूति लेने की शक्ति, (Power to take security from licensee) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 29 |
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धारा 29 के अनुसार, अनुज्ञप्ति मंजूर करने वाला प्राधिकारी अनुज्ञप्तिधारी से क्या अपेक्षा कर सकता है? |
कि वह अनुज्ञप्ति के तात्पर्य से अनुरूपता रखते हुए एक प्रतिलेख-करार निष्पादित करे |
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अनुज्ञप्तिधारी से प्रतिभूति किसके लिए ली जा सकती है? |
अनुज्ञप्ति के करार के पालन के लिए |
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प्रतिभूति लेने की व्यवस्था कैसे की जा सकती है? |
प्रत्यक्ष भुगतान, निक्षेप या दोनों के माध्यम से |
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धारा 29 में प्राधिकारी को प्रतिभूति लेने का अधिकार किस आधार पर प्राप्त होता है? |
अनुज्ञप्ति मंजूर करने के अधिकार के अधीन |
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अनुज्ञप्तिधारी से प्रतिभूति लेने की शक्ति किसे उचित लगेगी? |
अनुज्ञप्ति मंजूर करने वाले प्राधिकारी को |
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धारा 29 के अनुसार, अनुज्ञप्तिधारी किससे प्रतिबद्ध रहेगा? |
अनुज्ञप्ति में निर्दिष्ट करार और उसके पालन के लिए दी गई प्रतिभूति के प्रावधानों से |
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तकनीकी त्रुटियाँ, अनियमितताएँ तथा लोप, (Technical defects, irregularities and omissions) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 30 |
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धारा 30 के अनुसार, अनुज्ञप्ति अवैध क्यों नहीं मानी जाएगी? |
केवल इसलिए कि उसमें कोई तकनीकी त्रुटि, अनियमितता या लोप है |
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अनुज्ञप्ति में कौन सी त्रुटि अवैधता का कारण नहीं बनेगी? |
तकनीकी त्रुटियाँ ,अनियमितताएँ ,लोप |
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तकनीकी त्रुटि, अनियमितता या लोप के बारे में अंतिम निर्णय कौन करेगा? |
आबकारी आयुक्त |
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धारा 30 के अनुसार, अनुज्ञप्ति की वैधता पर किसका निर्णय अंतिम माना जाएगा? |
आबकारी आयुक्त का निर्णय |
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तकनीकी त्रुटि होने पर अनुज्ञप्ति की स्थिति क्या होगी? |
अनुज्ञप्ति अवैध नहीं मानी जाएगी |
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धारा 30(2) में किसकी भूमिका अंतिम निर्णय में निर्धारित है? |
आबकारी आयुक्त |
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अनुज्ञप्ति आदि रद्द या निलम्बित करने की शक्ति, (Power to canncel or suspend licence, etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 31 |
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अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र या पास को रद्द या निलम्बित करने का अधिकार किसे है? |
अनुज्ञप्ति मंजूर करने वाला प्राधिकारी |
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अनुज्ञप्ति रद्द या निलम्बित की जा सकती है यदि धारक ने किसे नहीं दिया हो? |
देय शुल्क या फीस |
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अनुज्ञप्ति किस स्थिति में रद्द की जा सकती है? |
धारक ने अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन किया ,धारक या उसके सेवक ने कोई अपराध किया ,अनुज्ञप्ति में इच्छा-धीन रद्द या निलम्बन का प्रावधान है |
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अनुज्ञप्ति रद्द करने से पहले धारक को क्या दिया जाएगा? |
सुनवाई का युक्ति-मुक्त अवसर और संक्षिप्त विवरण |
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यदि धारक को अपराध का सिद्धदोष ठहराया गया है, तो अनुज्ञप्ति को किस आधार पर रद्द किया जा सकता है? |
धारा 31 खण्ड (ग) |
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अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र या पास रद्द होने पर धारक को क्या अधिकार नहीं होगा? |
प्रतिकर ,फीस या निक्षेप का प्रतिदान |
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धारा 31 उपधारा (4) के अनुसार, रद्द या निलम्बित अनुज्ञप्ति के लिए देय फीस का वसूली का अधिकार किसे है? |
कलेक्टर |
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यदि अनुज्ञप्ति रद्द होती है और कलेक्टर पुनर्विक्रय करता है, तो कौन लाभ का हकदार होगा? |
भूतपूर्व अनुज्ञप्तिधारी केवल उस राशि तक जिसकी वसूली की गई थी |
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धारा 31 उपधारा (2) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति उपधारा (1) के खण्ड (क), (ख), (ग) या (ड) के अंतर्गत अनुज्ञप्ति खो देता है, तो क्या किया जा सकता है? |
अन्य किसी भी अनुज्ञप्ति को भी रद्द किया जा सकता है |
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अनुज्ञप्ति रद्द करने के आदेश में कौन-सी प्रक्रिया आवश्यक है? |
धारक को नोटिस भेजना और सुनवाई का अवसर देना |
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अनुज्ञप्ति रद्द या निलम्बित होने की स्थिति में क्या नियम लागू होता है? |
भूतपूर्व अनुज्ञप्तिधारी स्टॉक पर शुल्क और वसूली के लिए उत्तरदायी रहेगा |
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अनुज्ञप्ति रद्द करने के लिए किन अपराधों का सिद्धदोष होना आवश्यक है? |
संज्ञेय और अजमानतीय अपराध |
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अनुज्ञप्तियां वापस लिए जाने की शक्ति, (Power to withdraw licences) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 32 |
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अनुज्ञप्ति वापस लेने का अधिकार किसे है? |
अनुज्ञप्ति प्रदान करने वाला प्राधिकारी |
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अनुज्ञप्ति वापस लेने पर प्राधिकारी क्या देगा? |
पन्द्रह दिन के लिए देय फीस के बराबर छूट |
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अनुज्ञप्ति वापस लेने की प्रक्रिया में किसके द्वारा लिखित सूचना दी जा सकती है? |
लाइसेंस प्रदान करने वाला प्राधिकारी |
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अनुज्ञप्ति वापस लेने का कारण क्या होना चाहिए? |
धारा 31 में निर्दिष्ट कारण या अन्य कोई उचित कारण |
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उपधारा (1) के अनुसार, अनुज्ञप्ति वापस लेने की सूचना कितने दिन पहले दी जा सकती है? |
15 दिन या बिना सूचना के तुरंत |
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अनुज्ञप्ति वापस लेने पर कौन-सी राशि प्राधिकारी के निर्देशानुसार संदाय की जा सकती है? |
क्षतिपूर्ति के रूप में अतिरिक्त राशि |
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अनुज्ञप्ति वापस लेने के पश्चात अग्रिम फीस या निक्षेप की राशि सरकार को देने से पहले क्या किया जाएगा? |
शोध्य रकम की कटौती |
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अनुज्ञप्तियों का अभ्यर्पण, (Surrender of licences) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 33 |
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अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण करने के लिए धारक को कितनी अवधि की लिखित सूचना देनी होगी? |
1 माह |
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अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण कब प्रभावी होगा? |
1 माह की सूचना अवधि समाप्त होने के बाद और शेष अवधि के लिए देय फीस का संदाय करने पर |
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यदि आबकारी आयुक्त अभ्यर्पण के पर्याप्त कारण पाए, तो क्या कर सकता है? |
देय राशि या उसके किसी भाग की छूट प्रदान कर सकता है |
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कौन-सी अनुज्ञप्तियों पर धारा 33 लागू नहीं होती? |
धारा 18 के अधीन मंजूर की गई अनुज्ञप्तियों |
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“अनुज्ञप्ति का धारक” किसे कहा गया है? |
वह व्यक्ति जिसकी निविदा या बोली स्वीकार कर ली गई हो, भले उसे वास्तविक अनुज्ञप्ति प्राप्त न हुई हो |
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अनुज्ञप्ति अभ्यर्पण करने पर शेष अवधि के लिए देय फीस का क्या होता है? |
आबकारी आयुक्त की अनुमति से पूरी या आंशिक छूट दी जा सकती है |
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अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण करने की अनुमति किस प्राधिकारी को देना होता है? |
कलेक्टर |
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क्या धारा 33 के अंतर्गत विदेशी मदिरा की अनुज्ञप्तियों का अभ्यर्पण किया जा सकता है? |
नहीं, केवल सामान्य आबकारी अनुज्ञप्तियों पर लागू है |
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धारा 33 के अनुसार अनुज्ञप्ति अभ्यर्पण की प्रक्रिया में धारक का क्या अधिकार है? |
एक माह की लिखित सूचना देने का ,शेष अवधि के लिए देय शुल्क का भुगतान करने का ,आबकारी आयुक्त से फीस की छूट प्राप्त करने का |
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यदि किसी अनुज्ञप्ति का धारक अपनी अनुज्ञप्ति वापस नहीं लेना चाहता तो क्या होगा? |
उसे किसी प्रकार की बाध्यता नहीं है |
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अध्याय-7 (CHAPTER-7) |
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अपराध और शास्तियां (OFFENCES AND PENALTY) |
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अवैध आयात, आदि के लिए शास्ति, (Penalty for unlawful manufacture, transport, possession, sale etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 34 |
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धारा 34 के अंतर्गत कौन-सा कार्य अपराध है? |
अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मादक पदार्थ का आयात |
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धारा 34(1) के अंतर्गत प्रथम अपराध के लिए कारावास कितना है? |
1 वर्ष |
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धारा 34(1) के अंतर्गत प्रथम अपराध में जुर्माना कितना है? |
पाँच सौ रुपये से कम नहीं बल्कि पाँच हजार रुपये तक |
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यदि कोई व्यक्ति धारा 34 के अंतर्गत दूसरी बार दोषी पाया जाता है, तो कारावास होगा— |
ऐसे अपराध के लिए कम से कम दो महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जो चौबीस महीने तक बढ़ सकती है |
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पचास बल्क लीटर से अधिक मात्रा के मामले में अधिकतम कारावास— |
कम से कम एक वर्ष, अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास और कम से कम पच्चीस हजार रुपये, अधिकतम एक लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित |
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यदि लाइसेंसधारी व्यक्ति शुल्क का भुगतान किए बिना शराब का निर्माण/भंडारण करता है और दोषी पाया जाता है, तो— |
लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा |
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धारा 34 उपधारा (3) संशोधित कब की गयी? |
मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन), 2021 द्वारा संशोधित |
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धारा 35 किस संशोधन द्वारा विलोपित की गयी? |
मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 |
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अवैध कब्जे के लिये शास्ति, (Penalty for illegal possession) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 36 |
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धारा 36 के अंतर्गत अपराध कब माना जाता है? |
जब यह जानते हुए कि मादक द्रव्य विधि-विरुद्ध है, उसे कब्जे में रखा जाए |
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धारा 36 के अनुसार अवैध कब्जे के लिए किस बात का ज्ञान होना आवश्यक है? |
मादक द्रव्य के विधि-विरुद्ध आयात, परिवहन, विनिर्माण, खेती या संग्रह का |
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धारा 36 के अनुसार मादक द्रव्य का कब्जा किसके बिना दंडनीय है? |
विधिपूर्ण प्राधिकार |
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धारा 36 के अंतर्गत दंड क्या है? |
छह मास कारावास या जुर्माना जो एक हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों |
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किसी स्थान को सामान्य मदिरा पान- गृह के रूप में खोलने, रखने या उपयोग में का, के लिये या किसी भी ऐसे स्थान की देख-रेख उसका प्रबन्ध या नियन्त्रण रखने के लिये या ऐसे किसी स्थान के कारबार का संचालन करने को सहायता करने के लिये शास्ति, (Penalty for opening, keeping or using any place as a common drinking house or for having care, management or control of, or tor assisting in conducting, business of any such place) किस धारा में हैं? |
धारा 36(क) |
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धारा 36(क) के अनुसार कौन-सा कृत्य दंडनीय है? |
किसी स्थान को सामान्य मदिरा पान-गृह के रूप में खोलना |
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यदि कोई व्यक्ति किसी स्थान को सामान्य मदिरा पान-गृह के रूप में रखे या उपयोग में लाए, तो वह किस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा? |
धारा 36-क |
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धारा 36(क) के अंतर्गत कौन-सा व्यक्ति भी दोषी माना जाएगा? |
स्थान के कारबार के संचालन में सहायता करने वाला व्यक्ति |
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धारा 36(क) के अंतर्गत कितना दंड है? |
एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो दो सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो दो हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों |
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यदि कोई व्यक्ति सामान्य मदिरा पान-गृह के रूप में प्रयुक्त स्थान का प्रबन्ध या नियन्त्रण रखता है, तो वह— |
धारा 36-क के अंतर्गत दंडनीय होगा |
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किसी सामान्य मदिरा पान-गृह में मत्त पाये जाने के लिये या मदिरा पान करने के प्रयोजन के लिये पाये जाने के लिये शास्ति, (Penalty for being drunk or for purpose of drinking in a common drinking-house) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 36(ख) |
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धारा 36(ख) के अंतर्गत मुख्यतः किस कृत्य के लिए दंड का प्रावधान है? |
सामान्य मदिरा पान-गृह में मत्त पाया जाना |
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धारा 36(ख) के अनुसार कौन-सा व्यक्ति दंडनीय होगा? |
जो सामान्य मदिरा पान-गृह में मत्त पाया जाए |
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धारा 36(ख) के अंतर्गत दंड किस रूप में दिया जाएगा? |
केवल जुर्माना |
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धारा 36(ख) के अंतर्गत कितना दंड है? |
₹1000 |
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यदि कोई व्यक्ति सामान्य मदिरा पान-गृह में मदिरा पान करता हुआ पाया जाता है, तो वह— |
धारा 36-ख के अंतर्गत दंडनीय होगा |
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धारा 36(ख) के अनुसार कौन-सा कृत्य भी अपराध माना जाएगा? |
मदिरा पान करने के प्रयोजन से उपस्थित पाया जाना |
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यदि कोई व्यक्ति सामान्य मदिरा पान-गृह में उस समय पाया जाए जब वहाँ मदिरा पान चल रहा हो, तो क्या उपधारणा की जाएगी? |
वह मदिरा पान करने के प्रयोजन से उपस्थित है |
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धारा 36(ख) में की गई उपधारणा कब समाप्त हो सकती है? |
अभियुक्त द्वारा तत्प्रतिकूल सिद्ध कर देने पर |
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धारा 36(ख) के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए व्यक्ति का— |
सामान्य मदिरा पान-गृह में मत्त या मदिरा पान करता पाया जाना पर्याप्त है |
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किसी स्थान को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कोई ऐसा अपराध, जो धारा 3 में, धारा 35 धारा 36 या धारा 36- क के अधीन दण्डनीय है, किये जाने हेतु उपयोग में लाये जाने देने के लिये शास्ति, (Penalty for permitting a place to be used for the commission by other person of any offence punishable under Section 34, Section 35, Section 36 or Section 36-A) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 36(ग) |
|
धारा 36(ग) के अंतर्गत कौन व्यक्ति दंडनीय हो सकता है? |
स्थान का स्वामी या अधिभोगी |
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धारा 36(ग) के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए क्या आवश्यक है? |
स्थान का स्वामी जानबूझकर उपयोग की अनुमति दे |
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धारा 36(ग) के अनुसार कौन-सा व्यक्ति उत्तरदायी होगा? |
जो स्थान का उपयोग, देख-रेख, प्रबन्ध या नियन्त्रण रखता हो |
|
धारा 36(ग) के अंतर्गत किन धाराओं के अपराधों के लिए स्थान का उपयोग कराना दंडनीय है? |
धारा 34, 35, 36 तथा 36-क |
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यदि स्थान का स्वामी अपराध की जानकारी न रखता हो, तो— |
वह धारा 36-ग के अंतर्गत दंडनीय नहीं होगा |
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धारा 36(ग) के अंतर्गत कितना दंड है? |
कारावास, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपये से कम का नहीं होगा। किन्तु जो दो हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों |
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यदि किसी स्थान पर धारा 35 का अपराध किया जा रहा हो और स्वामी जानता हो, तो— |
स्वामी धारा 36-ग के अंतर्गत दंडनीय होगा |
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धारा 34 या धारा 36 के अधीन दण्डनीय अपराधों को करने से प्रविरत रहने के लिये बन्ध-पव फा निष्पादन, (Execution of bond to abstain from commission of ot fences punishable under Section 34 or Section 36) किस धारा में हैं? |
धारा 36(घ) |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र निष्पादन का आदेश कौन दे सकता है? |
दोषसिद्धि करने वाला मजिस्ट्रेट |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? |
तीन वर्ष |
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बन्ध-पत्र की राशि किसके अनुपात में निर्धारित की जाती है? |
अभियुक्त की आय |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र किस रूप में निष्पादित किया जा सकता है? |
प्रतिभुओं सहित या बिना प्रतिभुओं के |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र का प्रारूप कहाँ दिया गया है? |
द्वितीय अनुसूची |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र से संबंधित विषयों पर कौन-सी संहिता लागू होती है? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत निष्पादित बन्ध-पत्र को किस धारा के अधीन निष्पादित बन्ध-पत्र के समान माना गया है? |
धारा 106 द.प्र.सं. 1898 |
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यदि अपील में दोषसिद्धि अपास्त कर दी जाती है, तो धारा 36(घ)(3) के अंतर्गत निष्पादित बन्ध-पत्र का क्या होगा? |
स्वतः शून्य हो जाएगा |
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धारा 36(घ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र निष्पादन का आदेश कौन-कौन दे सकता है? |
मजिस्ट्रेट, अपील न्यायालय एवं उच्च न्यायालय |
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मजिस्ट्रेट का किसी व्यक्ति को यह कारण बताने के लिये अपेक्षित करना कि सद्व्यवहार के बन्ध-पत्र निष्पादित करने के लिये उसे क्यों न आदिष्ट किया जाये, (Magistrate to require a person to show-cause why he should not be ordered to execute a bond for good behaviour) किस धारा में हैं? |
धारा 36(ङ) |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत किसी व्यक्ति से कारण बताने की अपेक्षा कौन कर सकता है? |
राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त प्रथम वर्ग का मजिस्ट्रेट |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत कार्यवाही आरम्भ करने का आधार क्या है? |
मजिस्ट्रेट को प्राप्त सूचना |
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धारा 36(ङ) के अनुसार कौन-सा आचरण व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही का आधार बन सकता है? |
अपराध का अभ्यासिक रूप से किया जाना |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत किन अपराधों के संबंध में कार्यवाही की जा सकती है? |
धारा 34 के अधीन दण्डनीय अपराध |
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धारा 36(ङ) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपराध करने का प्रयत्न करता है या दुष्प्रेरण करता है, तो— |
कारण बताने की अपेक्षा की जा सकती है |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत सद्व्यवहार के लिए बन्ध-पत्र की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? |
तीन वर्ष |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत निष्पादित किया जाने वाला बन्ध-पत्र किस प्रयोजन के लिए होता है? |
सद्व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र किसके साथ निष्पादित किया जाता है? |
प्रतिभुओं सहित |
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धारा 36(ङ) की उपधारा (1) के अंतर्गत की गई कार्यवाही पर कौन-सी संहिता लागू होती है? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 |
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धारा 36(ङ) के अंतर्गत बन्ध-पत्र को दण्ड प्रक्रिया संहिता 1898 की किस धारा के अधीन निष्पादित बन्ध-पत्र के समान माना गया है? |
धारा 110 |
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उन अपराधों के लिये शास्ति जिनके लिये अन्यथा उपबन्ध नहीं है, (Penalty for offence not otherwise provided for) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 37 |
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धारा 37 किस प्रकार के अपराधों के लिए दण्ड का प्रावधान करती है? |
ऐसे अपराध जिनके लिए अधिनियम में अन्यथा उपबन्ध नहीं है |
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धारा 37 के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दण्डनीय है? |
अधिनियम या नियमों के उपबन्धों का उल्लंघन |
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धारा 37 के अनुसार दण्डनीय आचरण में क्या सम्मिलित है? |
कार्य या साक्ष्य कार्य-लोप दोनों |
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धारा 37 के अंतर्गत किस दंड से दण्डनीय है? |
कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों |
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अनुज्ञप्त विक्रेताओं के कतिपय विधि विरुद्ध कार्यो के लिये शास्ति, (Penalty for certain unlawful acts of licensed vendors) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 38 |
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धारा 38 किन व्यक्तियों पर लागू होती है? |
अनुज्ञप्त विक्रेता तथा उसके नियोजन में कार्य करने वाले व्यक्ति पर |
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धारा 38(1)(a) के अनुसार कौन-सा कृत्य दण्डनीय है? |
मत्त या मदोन्मत्त व्यक्ति को मादक द्रव्य बेचना |
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धारा 38(1)(b) के अंतर्गत किस स्थिति में विक्रय या देना अपराध है? |
धारा 23 के उल्लंघन में मादक द्रव्य बेचेगा या देगा |
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धारा 38(1)(c) का संबंध किससे है? |
अनुज्ञप्त परिसर में पुरुष या स्त्री को नियोजित करने से |
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धारा 38(1)(d) का संबंध किससे है? |
ऐसे विक्रेता के लाइसेंस प्राप्त परिसर में शराब पीना, नशा करना, अव्यवस्थित व्यवहार करना, नाचना, गाना, संगीत बजाना या जुआ खेलना अनुमत है |
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धारा 38(1) (e) का संबंध किससे है? |
ऐसे व्यक्तियों को, जिनके बारे में वह जानता है या मानने का कारण है कि उन्हें किसी गैर-जमानती अपराध का दोषी ठहराया गया है, या जो वेश्याएं हैं, ऐसे विक्रेता के लाइसेंस प्राप्त परिसर में आने या इकट्ठा होने की अनुमति देता है, चाहे अपराध या वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से हो या नहीं |
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धारा 38 के अंतर्गत किस दंड से दण्डनीय है? |
जुर्माने से जो एक सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा |
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धारा 38(2) के अनुसार यदि अनुज्ञप्त परिसर में कोई व्यक्ति मत्त पाया जाता है, तो क्या उपधारणा होगी? |
यह माना जायेगा कि मत्तता अनुज्ञात की गई थी |
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धारा 38(2) में यह सिद्ध करने का भार किस पर है कि मत्तता रोकने के लिए सभी युक्तियुक्त उपाय किए गए थे? |
अभियुक्त (अनुज्ञप्त विक्रेता/उसका कर्मचारी) पर |
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मादक द्रव्य के अनुज्ञप्त विनिर्माता या विक्रेता पर ऐसी वस्तु में कोई अपायकर औषधि या कोई बाहय् संघटक था कोई मंदक या रंजक पदार्थ मिश्रित करने या मिश्रित करने देने के लिये शास्ति, (Penalty on licensed manufacturer or vendor of intoxicants for mixing or permitting to be mixed with such articles any noxious drug or any foreign ingredient or any diluting or colouring substance) किस धारा में हैं? |
धारा 38(क) |
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धारा 38(क) किस पर लागू होती है? |
अनुज्ञप्त विनिर्माता या अनुज्ञप्त विक्रेता तथा उसके नियोजन में कार्य करने वाले व्यक्ति पर |
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धारा 38(क) के अंतर्गत किस कृत्य के लिये दण्ड का प्रावधान है? |
मादक द्रव्य में अपायकर औषधि या बाह्य संघटक मिलाना |
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धारा 38(क) में “अपमिश्रण” से क्या अभिप्रेत है? |
अनुज्ञप्ति में विहित के अतिरिक्त कोई पदार्थ मिलाना |
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धारा 38(क) के अंतर्गत कौन-सा पदार्थ मिलाना अपराध है? |
कोई अपायकर औषधि |
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यदि किसी अनुज्ञप्त विक्रेता के कब्जे में अपमिश्रित मादक द्रव्य पाया जाता है, तो क्या वह धारा 38-ए के अंतर्गत दण्डनीय होगा? |
हाँ |
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धारा 38(क) के अंतर्गत दण्ड कितना है? |
कारावास से जिसकी अवधि एक मास से कम की नहीं होगी किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी, तथा जुर्माने से, जो तीस हजार रुपए से कम का नही होगा किन्तु जो "दो लाख रुपए" तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डनीय होगा। |
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धारा 38(क) के अंतर्गत दण्ड को किस संशोधन द्वारा संशोधन किया गया ? |
मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) 2021 द्वारा |
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अनुज्ञप्तिधारियों आदि द्वारा अवचार किया जाने के लिये शास्ति, (Penalty for misconduct by licensees, etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 39 |
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धारा 39 किन व्यक्तियों पर लागू होती है? |
अनुज्ञप्ति/अनुज्ञापत्र/पास का धारक तथा उसके नियोजन में कार्य करने वाला व्यक्ति |
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धारा 39(a) के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दण्डनीय है? |
मांग किये जाने पर अनुज्ञप्ति या पास साशय पेश न करना |
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धारा 39(a) के अंतर्गत मांग कौन कर सकता है? |
आबकारी अधिकारी या सम्यक् रूप से सशक्त अन्य अधिकारी |
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धारा 39(a) के अंतर्गत जुर्माना कितना है? |
चार सौ रुपये तक का हो सकेगा, तथा (बी) या (सी) के मामले में जुर्माने से, जो (दस हजार) रुपये तक का हो सकेगा |
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धारा 39(b) के अंतर्गत किस प्रकार का उल्लंघन दण्डनीय है? |
धारा 62 के अधीन बने नियमों का साशय उल्लंघन (धारा 34 के मामलों को छोड़कर) |
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धारा 39(c) के अंतर्गत कौन-सा कार्य दण्डनीय है? |
अनुज्ञप्ति की किसी शर्त का साशय उल्लंघन, जो अन्यथा अधिनियम में उपबन्धित नहीं है |
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रसायन (केमिस्ट) आदि की दूकान में उपयोग करने की अनुज्ञा देने के लिये शास्ति, (Penalty for allowing consumption in chemist’s shop, etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 40 |
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धारा 40(1) किन व्यक्तियों पर लागू होती है? |
रसायनज्ञ (केमिस्ट), भेषजिक (ड्रगिस्ट) तथा औषधालय चलाने वाला |
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धारा 40(1) के अंतर्गत किस प्रकार के मादक द्रव्य का उल्लेख है? |
जो औषधीय प्रयोजनों के लिये सद्भावपूर्वक औषधियुक्त न किया गया हो |
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धारा 40(1) के अंतर्गत दण्डनीय कृत्य क्या है? |
अपने कारबार के परिसर में मादक द्रव्य के उपयोग की अनुज्ञा देना |
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धारा 40(1) में उपयोग करने वाला व्यक्ति कौन होना चाहिए जिससे अपराध बनता है? |
ऐसा व्यक्ति जो उसके कारबार में नियोजित न हो |
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धारा 40(1) के अंतर्गत दण्ड कितना हो सकता है? |
कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपये से कम का नहीं होगा किन्तु जो चार हजार रुपये तक का हो सकेगा; या दोनों |
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धारा 40(2) किस व्यक्ति से सम्बन्धित है? |
वह व्यक्ति जो परिसर में मादक द्रव्य का उपयोग करता है और नियोजित नहीं है |
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धारा 40(2) के अंतर्गत दण्ड क्या है? |
केवल जुर्माना |
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धारा 40(2) के अंतर्गत जुर्माना कितना है? |
पाँच सौ रुपये |
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अधिकारी आदि को बाधा पहुँचाना या उस पर हमला करने के लिये दण्ड, (Punishment for obstruction to, assault on officer etc.) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 40(क) |
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धारा 40(क) किस प्रकार के कृत्य को दण्डनीय बनाती है? |
अधिकारी पर हमला या बाधा पहुँचाना |
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धारा 40(क)(a) के अंतर्गत किस व्यक्ति पर हमला या बाधा पहुँचाना अपराध है? |
आबकारी अधिकारी या इस अधिनियम के अधीन शक्तियाँ प्रयोग करने वाला व्यक्ति |
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धारा 40(क)(b) के अनुसार किन पर हमला करना दण्डनीय है? |
सूचना देने वाले या अधिकारी की सहायता करने वाले व्यक्ति पर |
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धारा 40(क) के अंतर्गत बाधा या हमला किस समय दण्डनीय होगा? |
जब अधिकारी अधिनियम के अधीन शक्तियों का प्रयोग कर रहा हो |
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धारा 40(क) के अंतर्गत कारावास कितना हो सकता है? |
तीन वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से, जो तीन हजार रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों |
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धारा 40(क)(b) के अंतर्गत दण्ड को किस संशोधन द्वारा संशोधन किया गया ? |
मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) 2021 द्वारा |
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यदि कोई व्यक्ति आबकारी अधिकारी की सहायता करने वाले व्यक्ति पर हमला करता है, तो यह किस धारा के अंतर्गत दण्डनीय है? |
धारा 40-क |
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किसी अन्य व्यक्ति के मद्दे किसी व्यक्ति द्वारा विनिर्माण विक्रय या कब्जा, (Manufacture, sale or possession by one person on account of another) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 41 |
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धारा 41(1) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के मद्दे मादक द्रव्य का विनिर्माण किया जाता है, तो वह किसका विनिर्माण माना जायेगा? |
उस अन्य व्यक्ति का, जिसके मद्दे किया गया |
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धारा 41(1) के अंतर्गत “अन्य व्यक्ति” के लिये कौन-सी शर्त आवश्यक है? |
उसे ज्ञान हो या विश्वास करने का कारण हो |
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यदि किसी व्यक्ति के घर में उसके मद्दे मादक द्रव्य का अवैध कब्जा रखा गया है और उसे इसका ज्ञान है, तो अधिनियम के प्रयोजन हेतु कब्जा किसका माना जायेगा? |
घर के मालिक का |
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धारा 41(1) के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य सम्मिलित हैं? |
विनिर्माण, विक्रय और कब्जा – सभी |
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धारा 41(2) का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
कार्य करने वाले व्यक्ति को दण्ड से मुक्त न करना |
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धारा 41(2) के अनुसार, जो व्यक्ति किसी दूसरे के मद्दे मादक द्रव्य का विनिर्माण या विक्रय करता है, वह क्या होगा? |
अधिनियम के अधीन दण्ड का दायी |
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धारा 41 के अनुसार “मद्दे” शब्द का सही तात्पर्य क्या है? |
लाभ या हित के लिये |
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यदि A, B के लिये मादक द्रव्य का अवैध विक्रय करता है और B को इसकी जानकारी है, तो अधिनियम के अनुसार विक्रय किसका माना जायेगा? |
A और B दोनों का |
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अपराध करने का प्रयत्न और अपराध का दुष्प्रेरण, (Attempts to commit, and abatement of offences) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 42 |
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धारा 42 के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दण्डनीय है? |
अपराध करने का प्रयत्न या अपराध का दुष्प्रेरण |
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यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है, तो वह किस दण्ड का भागी होगा? |
वही दण्ड जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है |
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धारा 42 के अनुसार अपराध करने का प्रयत्न करने वाले व्यक्ति को कैसे दण्डित किया जाएगा? |
उस अपराध के लिए उपबन्धित दण्ड से |
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धारा 42 का उद्देश्य मुख्य रूप से किसे दण्डनीय बनाना है? |
अपराध के प्रयत्न और दुष्प्रेरण दोनों को |
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यदि कोई व्यक्ति अपराध करने का प्रयत्न करता है लेकिन अपराध पूर्ण नहीं होता, तब भी वह— |
धारा 42 के अंतर्गत दण्डनीय होगा |
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कतिपय मामलों में अपराध किये जाने के बारे में उपधारणा, (Presumption as to commission of offences in certain cases) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 43 |
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धारा 43 के अनुसार उपधारणा किन धाराओं के अधीन अभियोजनों में लागू होती है? |
धारा 34, 35 और 36 |
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धारा 43 के अंतर्गत उपधारणा कब तक की जाएगी? |
जब तक तत्प्रतिकूल साबित न किया जाए |
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यदि अभियुक्त किसी मादक द्रव्य के कब्जे का संतोषजनक लेखा-जोखा नहीं दे पाता है, तो क्या उपधारणा की जाएगी? |
अभियुक्त ने उस धारा के अधीन दण्डनीय अपराध किया है |
|
धारा 43 के अनुसार निम्न में से कौन-सा तथ्य उपधारणा का आधार बन सकता है? |
मादक द्रव्य के विनिर्माण के उपकरणों का कब्जा |
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धारा 43 के अंतर्गत किन मादक द्रव्यों के विनिर्माण से संबंधित उपकरण शामिल हैं? |
ताड़ी को छोड़कर अन्य मादक द्रव्य |
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यदि अभियुक्त के कब्जे में ऐसी सामग्री पाई जाती है जिससे मादक द्रव्य का निर्माण किया गया हो, और वह संतोषजनक स्पष्टीकरण न दे सके, तो— |
अपराध किया जाना माना जाएगा |
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सेवकों के कार्य के लिये अनुज्ञप्तिधारी का आपराधिक दायित्व, (Criminal liability of licensee for acts of servants) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 44 |
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धारा 44 के अनुसार, यदि किसी अनुज्ञप्तिधारी के नियोजन में कार्य करने वाला व्यक्ति धारा 34, 35 या 36 के अधीन अपराध करता है, तो अनुज्ञप्तिधारी का दायित्व क्या होगा? |
अनुज्ञप्तिधारी भी उसी प्रकार दण्डनीय होगा मानो उसने स्वयं अपराध किया हो |
|
अनुज्ञप्तिधारी इस दायित्व से कैसे मुक्त हो सकता है? |
यदि वह यह सिद्ध कर दे कि उसने अपराध को रोकने के लिए सभी सम्यक् और युक्ति-युक्त पूर्वावधानियां बरती थीं |
|
धारा 44 में किस प्रकार के अपराध शामिल हैं? |
धारा 34, 35, 36, 36-ए, 38, 38-ए और 39 |
|
धारा 44 के अंतर्गत वास्तविक अपराध करने वाला व्यक्ति और अनुज्ञप्तिधारी में दंड संबंधी अंतर क्या है? |
वास्तविक अपराध करने वाला व्यक्ति कारावास से दण्डनीय होगा, अन्यथा नहीं |
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यदि अनुज्ञप्तिधारी ने अपराध को रोकने के लिए पर्याप्त पूर्वावधानियां बरती हैं, तो उसका दायित्व क्या होगा? |
वह दोषमुक्त रहेगा |
|
पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् बर्धित दण्ड, (Enhanced punishment after previous conviction) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 45 |
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धारा 45 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पहले किसी अपराध में दोषी ठहराया गया है और फिर उसी या किसी अन्य दण्डनीय अपराध को करता है, तो उसका दंड क्या होगा? |
प्रथम अपराध पर लगाए गए दंड का दुगना |
|
धारा 45 के अंतर्गत कौन-कौन से अपराध शामिल हैं? |
धारा 34, 35, 36, 3A, 3B, 3C और 40 |
|
धारा 45 के अनुसार, पूर्व दोषसिद्धि का प्रभाव किस प्रकार का होगा? |
इसका प्रभाव प्रथम अपराध पर लगाए गए दंड के दुगने दंड तक होगा |
|
धारा 45 में क्या कहा गया है कि यह किसी अपराध के संक्षेप विचारण को प्रभावित करेगा? |
नहीं, यह किसी भी संक्षेप विचारण योग्य अपराध को प्रभावित नहीं करेगा |
|
यदि कोई व्यक्ति पहली बार धारा 36 के अंतर्गत दोषी पाया गया और दूसरी बार धारा 40 के अंतर्गत दोषी पाया जाता है, तो धारा 45 के अनुसार क्या होगा? |
पहले दंड का दुगना दंड |
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कतिपय वस्तुओं के अधिहरण का दायित्व, (Liability of certain things to confiscation) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 46 |
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धारा 46 के अनुसार, जब कोई अपराध किया जाता है, तो कौन-सी वस्तुएँ अधिहरण के दायी होंगी? |
मादक द्रव्य, सामग्री, भभका, पाव, उपकरण या साधित जिनसे अपराध किया गया हो |
|
अधिहरण के दायित्व में कौन शामिल है? |
किसी अपराध में प्रयुक्त पशु, गाड़ी, जलयान, बेड़ा या अन्य प्रवहण |
|
जब कोई मादक द्रव्य अवैध रूप से आयात, परिवहन या विनिर्मित किया गया हो, तो कौन-कौन सी वस्तुएँ अधिहरण के दायी होंगी? |
मादक द्रव्य, पाव, पैकेज, आवेष्टक और जिन उपकरणों/साधनों से अपराध किया गया |
|
अधिहरण के दायित्व में क्या शामिल है, जब अपराध के लिए पशु या वाहन का उपयोग किया गया हो? |
केवल अगर वे अपराधी की संपत्ति हों |
|
यदि कोई पशु, गाड़ी, जलयान या बेड़ा अपराध में प्रयुक्त हुआ है, तो उसे अधिहरण से मुक्त करने के लिए क्या सिद्ध करना होगा? |
कि यह उसके स्वामित्व में नहीं है और उसे विश्वास करने का कारण नहीं था कि अपराध किया जा रहा था |
|
अधिहरण का दायित्व किस पर लागू नहीं होगा? |
किसी पशु या वाहन के मालिक पर, जो सिद्ध कर दे कि उसे अपराध का ज्ञान नहीं था |
|
अधिहरण के दायित्व के लिए पशु, गाड़ी, जलयान, बेड़ा या अन्य प्रवहण का क्या महत्व है? |
उनका स्वामी अपराध के बारे में अवगत हो और उनका उपयोग जानबूझकर हुआ हो |
|
क्या केवल अपराध में प्रयुक्त मादक द्रव्य ही अधिहरण के दायी होगा? |
नहीं, मादक द्रव्य, पैकेज, पाव, सामग्री, उपकरण, साधित और वाहनों सहित सब अधिहरण के दायी हो सकते हैं |
|
अधिहरण के आदेश, (Order of confiscation) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 47 |
|
धारा 47(1) के अनुसार, यदि मजिस्ट्रेट किसी वस्तु को धारा 46 के अधीन अधिहरण के लिए दायी ठहराता है, तो उसके पास क्या विकल्प होते हैं? |
अधिहरण का आदेश देना या वस्तु के स्वामी को जुर्माने/संदाय का विकल्प देना |
|
यदि अपराधी ज्ञात न हो, तो धारा 47(2) के अनुसार कौन अधिहरण का आदेश दे सकता है? |
कलेक्टर |
|
अधिहरण का आदेश कलेक्टर द्वारा कब दिया जा सकता है? |
अपराधी की पहचान होने से पहले |
|
अधिहरण के आदेश में कितने समय तक का अवसान दिया जाता है जब किसी व्यक्ति के अधिकार का दावा होता है? |
30 दिन (एक मास) |
|
कलेक्टर कब अधिहरण के बजाय वस्तु के विक्रय का निर्देश दे सकता है? |
जब वस्तु शीघ्र क्षयशील हो या विक्रय स्वामी के हित में हो |
|
धारा 47 के अनुसार, विक्रय से प्राप्त शुद्ध आगम पर कौन से नियम लागू होंगे? |
अधिनियम के उपबन्ध, यथासंभव निकटतम रूप में |
|
धारा 47 में “अधिहरण के लिए विकल्प देना” किसके लिए है? |
वस्तु के स्वामी |
|
अधिहरण आदेश कब जारी नहीं किया जाएगा? |
जब अधिकारधारी की सुनवाई या साक्ष्य लिए बिना और एक मास का अवसान न हुआ हो |
|
यदि वस्तु शीघ्र क्षयशील हो, तो कलेक्टर क्या कर सकता है? |
उसे तुरंत विक्रय कर देना |
|
यदि मजिस्ट्रेट अधिहरण के लिए आदेश देता है, तो स्वामी के पास क्या विकल्प होता है? |
जुर्माने या संदाय का भुगतान करना या वस्तु को अधिहरण करवाना |
|
जब्त किए गए मादक पदार्थों, वस्तुओं, औजारों, बर्तनों, सामग्रियों, वाहनों आदि की जब्ती, (Confiscation of seized intoxicants, articles, implements, utensils, materials, conveyance etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 47(क) |
|
धारा 47(क) लागू होगी जब अपराध के दौरान पाई गई शराब की मात्रा कितनी हो? |
50 बल्क लीटर से अधिक |
|
धारा 47(क)(1) के अनुसार जब्त संपत्ति पर अधिकारी क्या करेगा? |
उस पर एक चिह्न लगाएगा कि वह जब्त की गई है |
|
जब्त की गई संपत्ति किसके समक्ष प्रस्तुत की जाएगी? |
जिला उत्पाद शुल्क अधिकारी से कम रैंक के अधिकारी, जिसे राज्य सरकार ने अधिकृत किया हो |
|
यदि मात्रा या आकार के कारण संपत्ति प्रस्तुत करना संभव न हो तो अधिकारी क्या करेगा? |
ज़ब्ती के सभी विवरणों सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा |
|
धारा 47(क)(2) के अंतर्गत ज़ब्ती का अंतिम आदेश कौन पारित कर सकता है? |
कलेक्टर |
|
कलेक्टर ज़ब्ती का आदेश कब देगा? |
जब वह संतुष्ट हो कि धारा 34(1)(क) या (ख) के अंतर्गत अपराध हुआ है और मात्रा 50 बल्क लीटर से अधिक है |
|
ज़ब्ती का आदेश पारित करने से पहले कलेक्टर को क्या करना अनिवार्य है? |
संबंधित न्यायालय को सूचना भेजना |
|
धारा 47(क)(3)(ख) के अनुसार नोटिस किन्हें दिया जाएगा? |
जब्त व्यक्ति, दावा करने वाले तथा हित रखने वाले व्यक्तियों को |
|
कलेक्टर ज़ब्ती आदेश पारित करने से पूर्व किसका अवसर देगा? |
संबंधित व्यक्तियों को अभ्यावेदन और सुनवाई का अवसर |
|
धारा 47(क) के अंतर्गत कलेक्टर कार्यवाही लंबित रहने के दौरान क्या कर सकता है? |
अंतरिम आदेश पारित कर सकता है |
|
ज़ब्ती आदेश के विरुद्ध अपील, (Appeal against the order of confiscation) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 47(ख) |
|
धारा 47(ख) के अंतर्गत ज़ब्ती आदेश के विरुद्ध अपील कितने समय के भीतर की जा सकती है? |
30 दिन |
|
ज़ब्ती आदेश के विरुद्ध अपील किसके समक्ष की जाती है? |
संबंधित कलेक्टर या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी |
|
अपील ज्ञापन के साथ कौन-सा दस्तावेज अनिवार्य रूप से संलग्न होना चाहिए? |
ज़ब्ती आदेश की प्रमाणित प्रति |
|
अपीलीय प्राधिकारी अपील प्राप्त होने पर किसे नोटिस जारी करेगा? |
अपीलकर्ता तथा ऐसे अन्य व्यक्ति को जो प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता हो |
|
अपीलीय प्राधिकारी अपील के निर्णय में क्या कर सकता है? |
पुष्टि, रद्द या संशोधन |
|
अपील लंबित रहने के दौरान अपीलीय प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
ज़ब्त वस्तुओं की हिरासत/निपटान हेतु अंतरिम आदेश दे सकता है |
|
अपील लंबित रहने के दौरान अपीलीय प्राधिकारी को किस बात का अधिकार नहीं है? |
ज़ब्ती आदेश पर रोक (Stay) लगाना |
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अपीलीय प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण, (Revision before the Court of sessions against the order of appellate authority) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 47(ग) |
|
धारा 47(ग) के अंतर्गत पुनरीक्षण याचिका किसके आदेश के विरुद्ध प्रस्तुत की जाती है? |
अपीलीय प्राधिकारी के अंतिम आदेश के विरुद्ध |
|
पुनरीक्षण याचिका कितने समय के भीतर सत्र न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकती है? |
30 दिन |
|
पुनरीक्षण याचिका किस न्यायालय में प्रस्तुत की जाती है? |
सत्र मंडल के सत्र न्यायालय |
|
धारा 47(ग) के अंतर्गत पुनरीक्षण केवल किस आधार पर किया जा सकता है? |
आदेश की वैधता के आधार पर |
|
यदि सत्र न्यायालय को अपीलीय प्राधिकारी के आदेश में वैधता में त्रुटि मिलती है, तो वह क्या कर सकता है? |
पुष्टि, निरस्तीकरण या संशोधन कर सकता है |
|
पुनरीक्षण याचिका लंबित रहने के दौरान सत्र न्यायालय को कौन-सी शक्ति नहीं है? |
ज़ब्ती पर रोक लगाना |
|
धारा 47(ग) में “व्यथित पक्ष” से तात्पर्य है— |
वह अपीलकर्ता पक्ष जो अंतिम आदेश से प्रभावित हो |
|
सत्र न्यायालय द्वारा किया गया पुनरीक्षण किस प्रकार का अधिकार है? |
पुनरीक्षण अधिकारिता |
|
कुछ परिस्थितियों में न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर रोक, (Bar of jurisdiction of the Court under certain circumstances) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 47(घ) |
|
धारा 47(घ) के अनुसार न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर रोक कब लगती है? |
जब कलेक्टर द्वारा धारा 47-ए(3)(क) के अंतर्गत ज़ब्ती कार्यवाही शुरू करने की सूचना प्राप्त हो जाए |
|
धारा 47(घ) का प्रभाव किस पर पड़ता है? |
धारा 34(1)(क) या (ख) के अपराधों की सुनवाई करने वाला न्यायालय |
|
धारा 47(घ) के अंतर्गत न्यायालय किस संबंध में आदेश पारित नहीं करेगा? |
ज़ब्त संपत्ति के निपटान, अभिरक्षा या रिलीज़ के संबंध में |
|
धारा 47(घ) में प्रयुक्त "इसके विपरीत किसी बात के होते हुए भी" वाक्यांश का अर्थ है— |
यह प्रावधान अन्य प्रावधानों पर प्रभावी होगा (Overriding Effect) |
|
यदि कलेक्टर द्वारा धारा 47(a)(3)(क) के अंतर्गत ज़ब्ती कार्यवाही प्रारंभ करने की सूचना मिल चुकी है, तो न्यायालय— |
संपत्ति के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं करेगा |
|
अपराधों के शमन करने की शक्ति, (Power of compound offences and impose penalty) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 48 |
|
धारा 48(1)(a) के अनुसार, कलेक्टर किसे दस हजार रुपये तक की धनराशि प्रतिगृहीत या अधिरोपित कर सकता है? |
किसी ऐसे व्यक्ति से, जिसकी अनुज्ञप्ति रद्द या निलम्बित हो सकती है या जिसे किसी अपराध का संदेह है |
|
धारा 48(1)(a) के अंतर्गत कलेक्टर किन अपराधों के संदेह में धनराशि लगा सकता है? |
धारा 37, धारा 38, धारा 3 ए (उल्लेखित अपवाद के साथ) या धारा 39 |
|
धारा 48(1)(a) के तहत, कलेक्टर किन वस्तुओं पर अधिहरण आदेश दे सकता है? |
उन वस्तुओं पर जो अभिगृहीत की गई हों |
|
धारा 48(1)(b) के अनुसार, कलेक्टर किसी अभिगृहीत संपत्ति को कब निर्मुक्त कर सकता है? |
किसी भी समय, यदि मूल्य का भुगतान कर दिया गया हो |
|
धारा 48(2) के अनुसार, यदि संदाय या मूल्य का भुगतान कर दिया जाता है, तो क्या होगा? |
अभिगृहीत संपत्ति निर्मुक्त कर दी जाएगी और कोई और कार्यवाही नहीं होगी |
|
धारा 48 के अनुसार, कलेक्टर की शक्ति में क्या शामिल है? |
धनराशि का अधिरोपण, प्रतिग्रहण और वस्तुओं का अधिहरण |
|
धारा 48 के अंतर्गत कलेक्टर की कार्रवाई के लिए कौन सा शर्त आवश्यक नहीं है? |
न्यायिक आदेश का इंतजार |
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धारा 48(क) का संबंध किससे है? |
आबकारी आयुक्त या कलेक्टर द्वारा जुर्माना लगाने का विशेष प्रावधान (Special provision for the imposition of penalty by the Excise Commissioner or Collector) |
|
धारा 48 की उपधारा (1) के अधीन जुर्माने की सामान्य सीमा कितनी है? |
₹10,000 |
|
धारा 48(क) के अनुसार, निम्न में से कौन जुर्माना लगाने के लिए सक्षम है? |
आबकारी आयुक्त या कलेक्टर |
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धारा 48(क) के अंतर्गत जुर्माना कब लगाया जा सकता है? |
लाइसेंस के नियमों या शर्तों के उल्लंघन पर |
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धारा 48(क) के अनुसार, ₹10,000 की सीमा के बावजूद जुर्माना लगाया जा सकता है— |
लाइसेंस में निर्धारित सीमा तक |
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तंग करने वाली तलाशी, अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी करने वाले अधिकारियों पर शास्ति, (Penalty on officers making vexatious search, seizure, detention or arrest) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 49 |
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धारा 49 के अनुसार, कौन ऐसे अधिकारी हैं जिनके खिलाफ दंड लगाया जा सकता है? |
आबकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी, भू-राजस्व विभाग के अधिकारी या धारा 52 के तहत सशक्त कोई अन्य व्यक्ति |
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धारा 49(क) के अनुसार, अधिकारी पर कब दंड लगाया जा सकता है? |
जब वह तंग करने की दृष्टि से किसी शक्ति का आभास कराता है, प्रवेश करता या तलाशी लेता है |
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धारा 49(ख) के अनुसार, कौन सी कार्रवाई दंडनीय है? |
किसी व्यक्ति के जंगम सम्पत्ति को अभिग्रहण करना तलाशी के बहाने |
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धारा 49(ग) के अंतर्गत दंडनीय कौन सा कार्य है? |
व्यक्ति को निरुद्ध रखना, उसकी तलाशी लेना या उसे गिरफ्तार करना, जब वह तंग करने या अनावश्यक रूप से किया जाए |
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धारा 49 के अंतर्गत दंड क्या है? |
कारावास, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पाँच रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों |
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अध्याय-7(क) (CHAPTER-7A) |
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जीवन के विरुद्ध अपराधों के लिए शास्ति (PENALTY FOR OFFENCES AGAINST LIFE) |
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मनवीय उपयोग के लिए अनुपयुक्त मदिरा के आयात आदि के लिए या विकृत स्पिरिटयुक्त निर्मिति को परिवर्तित करने या परिवर्तित करने का प्रयास करने के लिए दण्ड, (Penalty for import etc. of liquor unfit for human consumption or for altering or attempting to alter denatured spirituous preparation) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 49(क) |
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धारा 49(क) के अनुसार, कौन सा कार्य दंडनीय है? |
किसी मदिरा का आयात, निर्यात, परिवहन, विनिर्माण, संग्रह करना, उसे अपने कब्जे में रखना, बोतलों में भरना या बेचना |
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धारा 49(क)(ख) के अंतर्गत क्या दंडनीय है? |
किसी विकृत स्पिरिट या विकृत स्पिरिटयुक्त निर्मिति को परिवर्तित करना ताकि वह मानवीय उपयोग के लिए किया जाए |
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धारा 49(क) (ग) के अनुसार अपराध कब होता है? |
किसी व्यक्ति को जानबूझकर विकृत स्पिरिट या विकृत स्पिरिटयुक्त निर्मिति में परिवर्तन करने का प्रयत्न करने की अनुमति देना |
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धारा 49(क)(घ) के अनुसार, यदि विकृत स्पिरिट मानवीय उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया जाता है तो दंड क्या है? |
कारावास से, जो छह मास से कम का नहीं होगा किन्तु जो छह वर्ष तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी जो एक लाख रुपए से कम का नहीं होगा दण्डनीय होगा; |
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यदि विकृत स्पिरिट मानव को क्षति पहुँचाती है, तो दंड क्या है? |
कारावास से, जो दो वर्ष से कम का नहीं होगा किंतु जो आठ वर्ष तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी जो दो लाख रुपए से कम का नहीं होगा दण्डनीय होगा |
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यदि विकृत स्पिरिट मानव की मृत्यु का कारण बनती है, तो दंड क्या है? |
कारावास से, जो दस वर्ष से कम का नहीं होगा किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी जो पांच लाख रुपए से कम का नहीं होगा दण्डनीय होगा |
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यदि किसी व्यक्ति को धारा 49-क के अधीन द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया जाता है, और वह मानवीय उपयोग के लिए अनुपयुक्त मदिरा से संबंधित है, तो दंड क्या होगा? |
कारावास से जो छह वर्ष से कम का नहीं होगा किन्तु जो दस वर्ष तक का हो सकेगा दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी जो पांच लाख रुपए से कम का नहीं होगा दण्डित किया |
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यदि किसी व्यक्ति को धारा 49-क के अधीन द्वितीय अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया जाता है, और वह मानव को क्षति पहुँचाने वाली मदिरा से संबंधित है, तो दंड क्या होगा? |
कारावास से जो दस वर्ष से कम का नहीं होगा किन्तु जो चौदह वर्ष तक का हो सकेगा दण्डित किया जायेगा और जुमनि से भी जो दस लाख रुपए से कम का नहीं होगा दण्डित किया जायेगा; |
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यदि किसी व्यक्ति को धारा 49-क के अधीन द्वितीय अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया जाता है, और वह मानव की मृत्यु का कारण बनने वाली मदिरा से संबंधित है, तो दंड क्या होगा? |
मृत्यु दण्ड या आजीवन कारावास से दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी जो बीस लाख रुपए से कम का नहीं होगा दण्डित किया जाएगा |
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अध्याय-8 (CHAPTER-8) |
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अपराधों का पता लगाना, अन्वेषण तथा विचारण (DETENTION, INVESTIGATION AND TRIAL OF OFFENCES) |
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भू-धारियों तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा इत्तिला का दिया जाना, (Land-holders, and others to give information) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 50 |
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धारा 50 के अनुसार किस स्थिति में सूचना देना अनिवार्य है? |
जब भूमि पर अधिनियम के उल्लंघन में मादक द्रव्य का विनिर्माण या संग्रह हो |
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धारा 50 के अंतर्गत भांग पौधों (हेम्प प्लॉट) की खेती होने पर किसका दायित्व बनता है? |
भूमि के स्वामी या अधिभोगी का |
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धारा 50 के अनुसार भूमि के स्वामी के अतिरिक्त किस पर सूचना देने का दायित्व है? |
स्वामी या अधिभोगी का अभिकर्ता |
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कौन-कौन धारा 50 के अंतर्गत सूचना देने के लिए आबद्ध हैं? |
ग्राम मुखिया, ग्राम लेखपाल, ग्राम चौकीदार |
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धारा 50 के अनुसार ग्रामों में भूमि के राजस्व या लगान का संग्रह करने वाले कौन-से अधिकारी सूचना देने के लिए बाध्य हैं? |
सरकार की ओर से नियोजित अधिकारी |
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धारा 50 के अनुसार सूचना किसे दी जा सकती है? |
मजिस्ट्रेट या आबकारी, पुलिस या राजस्व विभाग के अधिकारी को |
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धारा 50 के अंतर्गत सूचना देने का दायित्व किस स्थिति में नहीं होगा? |
जब युक्तियुक्त कारण का अभाव न हो |
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विनिर्माण और विक्रय के स्थानों में प्रवेश तथा निरीक्षण करने की शक्ति, (Power to enter and inspect places of manufacture and sale) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 51 |
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धारा 51 के अंतर्गत विनिर्माण और विक्रय स्थलों में प्रवेश की शक्ति किसे प्राप्त है? |
आबकारी आयुक्त, कलेक्टर या सम्यक् रूप से सशक्त आबकारी/पुलिस अधिकारी को |
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धारा 51 के अनुसार आबकारी अधिकारी की पद-श्रेणी किससे निर्धारित होगी? |
राज्य सरकार की अधिसूचना द्वारा |
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अनुज्ञप्त विनिर्माता द्वारा मादक द्रव्य के विनिर्माण या संग्रहण के स्थान में अधिकारी कब प्रवेश कर सकता है? |
दिन या रात में किसी भी समय |
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धारा 51 के अनुसार विक्रय स्थल में अधिकारी किन समयों में प्रवेश कर सकता है? |
विक्रय के लिए अनुज्ञात घण्टों में तथा अन्य समय में जब स्थान खुला हो |
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धारा 51 के अंतर्गत अधिकारी किसका निरीक्षण कर सकता है? |
स्थान का निरीक्षण कर सकता है |
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धारा 51 के अनुसार अधिकारी किन दस्तावेजों का परीक्षण कर सकता है? |
लेखाओं तथा रजिस्टरों का |
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धारा 51 के अंतर्गत अधिकारी किन वस्तुओं का परीक्षण या जाँच कर सकता है? |
सामग्री, भभके, पात्र, उपकरण, साधित एवं मादक द्रव्य |
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धारा 51 के अनुसार अधिकारी किस प्रकार की जाँच कर सकता है? |
परीक्षण, जाँच, माप या तौल |
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वारंट के बिना गिरफ्तारी करने, अधिहरण के लिये दायी वस्तु का अभिग्रहण करने तथा तलाशी लेने की शक्ति, (Power to arrest without warrant to seize article liable to confiscation and to make searches) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 52 |
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धारा 52 के अंतर्गत वारंट के बिना गिरफ्तारी करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
आबकारी अधिकारी, निर्दिष्ट श्रेणी का पुलिस अधिकारी या सम्यक् रूप से सशक्त राजस्व अधिकारी को |
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धारा 52 के अनुसार पुलिस अधिकारी की पद-श्रेणी किसके द्वारा निर्धारित की जाएगी? |
राज्य सरकार की अधिसूचना द्वारा |
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धारा 52(1)(a) के अनुसार किन अपराधों में व्यक्ति को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है? |
धारा 23(क), 34, 35, 36, 36(क), 3(ख), 3सी एवं 37 के अधीन अपराधों में |
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धारा 52(1)(b) के अनुसार अधिकारी किस वस्तु का अभिग्रहण कर सकता है? |
ऐसी मादक द्रव्य या अन्य वस्तु का जो अधिहरण के लिये दायी हो |
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धारा 52 के अनुसार अधिकारी अभिगृहीत वस्तुओं के साथ क्या कर सकता है? |
उन्हें निरुद्ध कर सकता है |
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धारा 52(1)(c) के अनुसार अधिकारी किनकी तलाशी ले सकता है? |
व्यक्ति, जलयान, बेड़ा, यान, पशु, पैकेज, पात्र या आवेष्टक की |
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धारा 52(1)(c) के अंतर्गत तलाशी लेने का आधार क्या है? |
युक्तियुक्त कारण से सन्देह |
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धारा 52(2) के अनुसार किसी व्यक्ति को कब गिरफ्तार किया जा सकता है? |
जब वह अपना नाम व निवास स्थान बताने से इंकार करे |
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यदि व्यक्ति गलत नाम या निवास स्थान बताता है और अधिकारी को उस पर संदेह है, तो धारा 52(2) के अनुसार क्या किया जा सकता है? |
उसे गिरफ्तार किया जा सकता है |
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धारा 52(2) के अंतर्गत गिरफ्तारी का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
नाम और निवास स्थान का अभिनिश्चित करना |
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वारण्ट जारी करने की मजिस्ट्रेट की शक्ति, (Power of Magistrate to issue a warrant) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 53 |
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धारा 53 के अंतर्गत वारण्ट जारी करने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
मजिस्ट्रेट को |
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धारा 53 के अनुसार मजिस्ट्रेट वारण्ट कब जारी कर सकता है? |
इत्तिला मिलने पर या आवश्यक जांच करने के पश्चात् विश्वास होने पर |
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धारा 53 के अनुसार मजिस्ट्रेट को किस प्रकार का विश्वास होना आवश्यक है? |
विश्वास करने का कारण |
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धारा 53 के अंतर्गत किन धाराओं के अपराधों के लिए वारण्ट जारी किया जा सकता है? |
धारा 34, 35, 36, 36(क), 36(ख), 36(ग), 37, 38, 38(क), 39 और 40 |
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धारा 53(क) के अनुसार मजिस्ट्रेट किसके लिए वारण्ट जारी कर सकता है? |
किसी स्थान की तलाशी के लिए |
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तलाशी वारण्ट किन वस्तुओं के संबंध में जारी किया जा सकता है? |
मादक द्रव्य, भभका, पात्र, उपकरण, आले या सामग्रियाँ |
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धारा 53 के अनुसार तलाशी वारण्ट कब जारी किया जा सकता है? |
जब वस्तुएँ रखी गई हों या छिपाई गई हों |
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धारा 53(ख) के अनुसार मजिस्ट्रेट किसके लिए वारण्ट जारी कर सकता है? |
किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए |
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गिरफ्तारी वारण्ट किस स्थिति में जारी किया जा सकता है? |
जब व्यक्ति अपराध कर रहा हो, कर चुका हो या करने की संभावना हो |
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धारा 53 के अंतर्गत वारण्ट जारी करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
अपराध की रोकथाम और दमन |
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वारंट के बिना तलाशी लेने की शक्ति, (Power to search without a warrant) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 54 |
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धारा 54 के अंतर्गत वारंट के बिना तलाशी लेने की शक्ति किसे दी गई है? |
शासन द्वारा अधिसूचना से विहित अनिम्न श्रेणी के आबकारी अधिकारी को |
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धारा 54 के अनुसार अधिकारी को किस बात का विश्वास होना आवश्यक है? |
विश्वास करने का कारण |
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धारा 54 किन धाराओं के अपराधों पर लागू होती है? |
धारा 34, 35, 36, 36(क), 36(ख), 36(ग), 37, 38, 38(क), 39 और 40 |
|
वारंट के बिना तलाशी लेने का कारण क्या होना चाहिए? |
वारंट प्राप्त करने में अपराधी के भागने या साक्ष्य छिपाने की संभावना |
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धारा 54 के अंतर्गत तलाशी लेने से पूर्व अधिकारी को क्या करना आवश्यक है? |
अपने विश्वास के आधारों को अभिलिखित करना |
|
धारा 54(a) के अनुसार अधिकारी किस समय तलाशी ले सकता है? |
दिन या रात किसी भी समय |
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तलाशी के दौरान अधिकारी किन वस्तुओं का अभिग्रहण कर सकता है? |
वे वस्तुएँ जो इस अधिनियम के अधीन समपहरणीय हों |
|
धारा 54(b) के अनुसार अधिकारी किसी व्यक्ति के साथ क्या कर सकता है? |
निरुद्ध कर सकता है, तलाशी ले सकता है और आवश्यकता होने पर गिरफ्तार कर सकता है |
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किसी व्यक्ति को धारा 54 के अंतर्गत कब निरुद्ध किया जा सकता है? |
जब उसके अपराधी होने का विश्वास करने का कारण हो |
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बाधा पहुँचाने या हमला करने के लिये वारंट के बिना गिरफ्तारी, (Arrest without warrant for obstruction or assault) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 54(क) |
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धारा 54(क) के अंतर्गत वारंट के बिना गिरफ्तारी की शक्ति किसे दी गई है? |
राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना से विनिर्दिष्ट अनिम्न पदश्रेणी के आबकारी अधिकारी को |
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धारा 54(क) के अंतर्गत किस स्थिति में वारंट के बिना गिरफ्तारी की जा सकती है? |
जब व्यक्ति आबकारी अधिकारी के कर्तव्य के निष्पादन में बाधा डाले |
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धारा 54(क) के अनुसार किस कृत्य पर गिरफ्तारी की जा सकती है? |
बाधा पहुँचाने या हमला करने पर |
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धारा 54(क) के अंतर्गत गिरफ्तारी किस प्रकार की जा सकती है? |
वारण्ट के बिना |
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धारा 54(क) के अंतर्गत गिरफ्तार व्यक्ति की जमानत किसके द्वारा ली जाएगी? |
गिरफ़्तार करने वाले व्यक्ति द्वारा |
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धारा 54(क) के अनुसार जमानत कब ली जाएगी? |
जब पर्याप्त जमानत निविदत्त कर दी जाए |
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धारा 54(क) के अनुसार जमानत किसके समक्ष उपसंजाति के लिए दी जा सकती है? |
मजिस्ट्रेट या किसी पुलिस या आबकारी अधिकारी के समक्ष |
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अन्वेषण के विषयों में आबकारी अधिकारियों की शक्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 55 |
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धारा 55(1) के अंतर्गत किन अपराधों के संबंध में आबकारी अधिकारी अन्वेषण की शक्ति का प्रयोग कर सकता है? |
धारा 34, 35, 36, 36(क), 38(क), 39, 40 एवं 40(क) के अपराध |
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धारा 55(1) के अंतर्गत आबकारी अधिकारी को कौन-सी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता के अध्याय 12 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अध्याय 13) के अंतर्गत पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी की शक्तियाँ |
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धारा 55(1) के अनुसार आबकारी अधिकारी किस सीमा तक शक्तियों का प्रयोग कर सकता है? |
राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना से विनिर्दिष्ट क्षेत्र के भीतर |
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धारा 55(1) के अंतर्गत दी गई शक्तियाँ किसके अधीन होंगी? |
राज्य सरकार द्वारा नियमों से विहित निबन्धनों एवं उपान्तरणों के |
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धारा 55(2) के अनुसार दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 के प्रयोजनों के लिए क्या माना जाएगा? |
अधिसूचित क्षेत्र को पुलिस थाना |
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धारा 55(2) के अनुसार अन्वेषण करने वाला आबकारी अधिकारी किसके समान माना जाएगा? |
पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी |
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धारा 55(3) के अंतर्गत किसे आगे की कार्यवाही रोकने की शक्ति दी गई है? |
राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त अधिकारी को |
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धारा 55(3) के अनुसार आगे की कार्यवाही कब रोकी जा सकती है? |
मजिस्ट्रेट के प्रति निर्देश के बिना, लेखबद्ध कारणों से |
|
धारा 55(3) के अंतर्गत आगे की कार्यवाही किसके विरुद्ध रोकी जा सकती है? |
किसी भी ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध जिससे अपराध सम्बद्ध है या सम्बद्ध होने का अनुमान है |
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अन्वेषक अधिकारी द्वारा रिपोर्ट, (Report by investigating officer) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 56 |
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धारा 56 के अनुसार अन्वेषण किस अधिकारी द्वारा किया जाता है? |
धारा 55(1) के अधीन सशक्त आबकारी अधिकारी द्वारा |
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धारा 56 के अंतर्गत रिपोर्ट कब प्रस्तुत की जाती है? |
जब अभियुक्त के अभियोजन को न्यायोचित ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रतीत हो |
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धारा 56 के अनुसार अन्वेषक अधिकारी किस दशा में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करेगा? |
जब धारा 55(3) के अधीन कार्यवाही की गई हो |
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धारा 56 के अंतर्गत प्रस्तुत रिपोर्ट किसके प्रयोजनों के लिए पुलिस रिपोर्ट मानी जाती है? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 210) |
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धारा 56 के अनुसार रिपोर्ट किसे प्रस्तुत की जाती है? |
उस न्यायिक मजिस्ट्रेट को जिसे मामले की जांच या विचारण की अधिकारिता हो |
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धारा 56 के अनुसार रिपोर्ट किस प्रकार की रिपोर्ट मानी जाएगी? |
पुलिस रिपोर्ट |
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धारा 56 के अनुसार संबंधित मजिस्ट्रेट में कौन-सी शक्ति होनी चाहिए? |
पुलिस रिपोर्ट पर अपराध का संज्ञान लेने की |
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धारा 56 के अंतर्गत प्रस्तुत रिपोर्ट का विधिक प्रभाव क्या है? |
वह पुलिस रिपोर्ट के समान मानी जाती है |
|
धारा 56 किससे प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है? |
अन्वेषण उपरांत रिपोर्ट से |
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आबकारी अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट, (Report by Excise Officer) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 57 |
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धारा 57 किन आबकारी अधिकारियों पर लागू होती है? |
कलेक्टर की पद-श्रेणी से निम्न पद-श्रेणी के आबकारी अधिकारियों पर |
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धारा 57 के अंतर्गत रिपोर्ट किस स्थिति में देना अनिवार्य है? |
गिरफ्तारी, अभिग्रहण या तलाशी की दशा में |
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धारा 57 के अनुसार रिपोर्ट कितने समय के भीतर की जानी चाहिए? |
24 घंटे के भीतर |
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धारा 57 के अंतर्गत रिपोर्ट किसे की जाती है? |
निकटतम वरिष्ठ अधिकारी को |
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धारा 57 के अनुसार रिपोर्ट में क्या सम्मिलित होना चाहिए? |
गिरफ्तारी, अभिग्रहण या तलाशी की समस्त विशिष्टियाँ |
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धारा 57 के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को कब मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा? |
जमानत प्रतिगृहित न किए जाने की दशा में |
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धारा 57 के अंतर्गत अभिगृहीत वस्तु के संबंध में क्या किया जाएगा? |
उसे विचारण या न्याय निर्णयन हेतु मजिस्ट्रेट के समक्ष भेजा जाएगा |
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धारा 57 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुतिकरण किस उद्देश्य से किया जाता है? |
विचारण या न्याय निर्णयन के लिए |
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पुलिस अभिगृहीत वस्तुओं को प्रभार में लेगी, (Police to take charge of articles seized) किस धारा में परिभाषित हैं? |
धारा 57(क) |
|
धारा 57(क) के अनुसार अभिगृहीत वस्तुओं को अपने प्रभार में कौन लेगा? |
पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी |
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धारा 57(क) के अंतर्गत पुलिस थाने को कौन-सी वस्तुएँ प्रभार में लेनी होती हैं? |
इस अधिनियम के अधीन अभिगृहीत समस्त वस्तुएँ |
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अभिगृहीत वस्तुओं को पुलिस किस स्थिति तक सुरक्षित अभिरक्षा में रखेगी? |
मजिस्ट्रेट या आबकारी अधिकारी के आदेश के लंबित रहने तक |
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धारा 57(क) के अनुसार पुलिस किसे अभिगृहीत वस्तुओं पर मुद्रा लगाने की अनुमति देगी? |
आबकारी अधिकारी को |
|
अभिगृहीत वस्तुओं पर मुद्रा लगाने वाला आबकारी अधिकारी कौन हो सकता है? |
जो पुलिस थाने में वस्तुओं के साथ आया हो |
|
धारा 57(क) के अनुसार नमूना कौन ले सकता है? |
आबकारी अधिकारी |
|
लिए गए नमूनों पर किसकी मुद्रा लगाई जाएगी? |
पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी की |
|
धारा 57(क) के अनुसार अभिगृहीत वस्तुओं के नमूने कहाँ रखे जाते हैं? |
पुलिस थाने में |
|
धारा 57(क) किस अधिनियम से संबंधित प्रक्रिया को नियंत्रित करती है? |
आबकारी अधिनियम |
|
गिरफ्तारी, तलाशियां आदि किस प्रकार की आयेंगी, (Arrests, searches etc., how to be made) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 58 |
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धारा 57 के अनुसार इस अधिनियम के अंतर्गत गिरफ्तारी व तलाशी किस विधि के अनुसार की जाएगी? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) |
|
धारा 57 किन प्रक्रियाओं पर लागू होती है? |
गिरफ्तारी, निरुद्धकरण, तलाशी व अभिगृहीत वस्तुओं के व्ययन पर |
|
धारा 57 के अनुसार दण्ड प्रक्रिया संहिता के उपबन्ध किस सीमा तक लागू होंगे? |
यथाशक्य |
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धारा 57 में किस स्थिति को अपवाद के रूप में रखा गया है? |
जब इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित हो |
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धारा 57 के अनुसार तलाशी वारण्ट से संबंधित प्रक्रिया किसके अनुसार होगी? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) |
|
धारा 57 का प्रभाव किस प्रकार की कार्यवाहियों पर पड़ता है? |
इस अधिनियम के अधीन की गई समस्त संबंधित कार्यवाहियाँ |
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वारंट के बिना गिरपतारी के मामले में उपसंजाति के लिये प्रतिभूति, (Security for appearance in case of arrests without warrant) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 59 |
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धारा 59(1) के अनुसार इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध होंगे – |
जमानतीय |
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यदि किसी व्यक्ति को इस अधिनियम के अधीन वारंट के बिना ऐसे अधिकारी द्वारा गिरफ्तार किया जाता है जिसे जमानत देने का अधिकार नहीं है, तो उसे कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा? |
निकटतम अधिकृत आबकारी अधिकारी या निकटतम थाना प्रभारी |
|
धारा 59(3) के अनुसार यदि वारंट के बिना गिरफ्तार व्यक्ति जमानत देने को तैयार है, तो अधिकारी – |
उसे जमानत पर छोड़ देगा |
|
धारा 59(4) के अनुसार जमानत से संबंधित दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की कौन-सी धाराएँ लागू होंगी? |
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 441 से 444 तक के तथा धारा 446 एवं 449 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 485 – 489 तक के तथा धारा 491 एवं 495) |
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अधिनियम के कुछ अपराधों का गैर-जमानती होना, (Certain offence under the Act to be non-bailable) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 59(क) |
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धारा 59(क) के अनुसार किस स्थिति में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा? |
50 बल्क लीटर से अधिक शराब मिलने पर अग्रिम जमानत स्वीकार नहीं की जाएगी। |
|
धारा 59(क) किस धारा के अपराधों पर लागू होती है? |
धारा 34(1)(क)/(ख) एवं धारा 49(क) |
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धारा 59(क) के अंतर्गत जमानत देने से पूर्व किसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है? |
लोक अभियोजक को |
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यदि लोक अभियोजक जमानत आवेदन का विरोध करता है, तो न्यायालय कब जमानत दे सकता है? |
जब न्यायालय संतुष्ट हो कि आरोपी दोषी नहीं है तथा भविष्य में अपराध नहीं करेगा |
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धारा 59(क) के अनुसार, धारा 34(1)(क)/(ख) से संबंधित अपराध में जांच के दौरान अधिकतम कितने दिनों की हिरासत का आदेश दिया जा सकता है? |
60 दिन |
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यदि निर्धारित अवधि (60/120 दिन) में शिकायत रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है, तो आरोपी को क्या अधिकार प्राप्त होगा? |
अनिवार्य जमानत (डिफॉल्ट बेल) |
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धारा 59(क) के अंतर्गत 50 बल्क लीटर से अधिक शराब पाए जाने की शर्त किस समय देखी जाएगी? |
अपराध का पता लगाने के समय या उसके दौरान |
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धारा 59(क) के अंतर्गत कौन-सा अपराध गैर-जमानती प्रकृति का प्रभाव उत्पन्न करता है? |
धारा 34(1)(क)/(ख) (50 बल्क लीटर से अधिक) |
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अभियोजनों का निर्बन्धन, (Limitation of prosecutions) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61 |
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धारा 60 के अनुसार धारा 37, 38, 38(क) और 39 के अंतर्गत अपराध का संज्ञान न्यायालय कब ले सकता है? |
कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत आबकारी अधिकारी की रिपोर्ट या परिवाद पर |
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धारा 37 से 39 तक के अपराधों के लिए परिवाद प्रस्तुत करने वाला आबकारी अधिकारी किस पद से अनिम्न होना चाहिए? |
जिला आबकारी अधिकारी से अनिम्न |
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धारा 49 से भिन्न किसी अन्य धारा के अंतर्गत अपराध का संज्ञान किसके परिवाद या रिपोर्ट पर लिया जाएगा? |
आबकारी अधिकारी या पुलिस अधिकारी |
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धारा 60 के अनुसार न्यायालय संज्ञान कब नहीं ले सकता? |
जब अपराध गंभीर हो ,जब अभियोजन रिपोर्ट पर न हो ,जब परिवाद विधिवत न हो |
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राज्य सरकार की विशेष मंजूरी के बिना न्यायिक मजिस्ट्रेट संज्ञान कब नहीं ले सकता? |
जब अभियोजन छह माह के भीतर संस्थित न किया गया हो |
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धारा 60(2) के अनुसार अभियोजन किस अवधि के भीतर संस्थित किया जाना चाहिए? |
छह माह |
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छह माह की अवधि की गणना किस तिथि से की जाएगी? |
अपराध किए जाने की अभिकथित तिथि से |
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धारा 60(2) में किस अधिकारी द्वारा संज्ञान लेने की बात की गई है? |
न्यायिक मजिस्ट्रेट |
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धारा 60 का मुख्य उद्देश्य क्या है? |
अनधिकृत अभियोजन को रोकना |
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धारा 60 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने की व्यवस्था किस सिद्धांत पर आधारित है? |
प्राधिकृत परिवाद या रिपोर्ट |
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राज साक्षी हो जाने पर अभियुक्त व्यक्ति को क्षमादान, (Tender of pardon to accused person turning approver) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(क) |
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धारा 61(क) के अंतर्गत क्षमादान कब दिया जा सकता है? |
जब दो या दो से अधिक अभियुक्त हों |
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धारा 61(क) के अनुसार क्षमादान देने का अधिकार किसे है? |
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग का मजिस्ट्रेट |
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क्षमादान किस अवस्था में दिया जा सकता है? |
अपराध की जाँच या विचारण के दौरान |
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धारा 61(क) के अंतर्गत क्षमादान देने के लिए मजिस्ट्रेट को क्या करना अनिवार्य है? |
कारणों को लेखबद्ध करना |
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क्षमादान किस शर्त पर दिया जाता है? |
अभियुक्त अपराध से संबंधित समस्त तथ्यों का पूर्ण और सत्य प्रकटन करे |
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धारा 61(क) के अंतर्गत क्षमादान पाने वाला अभियुक्त किस रूप में कार्य करता है? |
राज साक्षी |
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धारा 61(क) के अंतर्गत क्षमादान किस प्रकार का है? |
विवेकाधीन |
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क्षमादान प्राप्त अभियुक्त यदि पूर्ण और सत्य प्रकटन न करे तो— |
वह अभियुक्त के रूप में पुनः उत्तरदायी होगा |
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धारा 61(क) के अनुसार क्षमादान किसे नहीं दिया जा सकता? |
अपराध से अनभिज्ञ व्यक्ति को |
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अध्याय 8क (CHAPTER-8A) |
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अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान (SPECIAL PROVISIONS FOR SCHEDULED AREAS) |
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अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान, (Special Provisions For Scheduled Areas) से सम्बंधित परिभाषाएँ किस धारा में हैं? |
धारा 61(ख) |
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“अनुसूचित क्षेत्र” (Scheduled Areas) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(ख)(क) |
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“अनुसूचित क्षेत्र” की परिभाषा भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद से संबंधित है? |
अनुच्छेद 244(1) |
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“अनुसूचित क्षेत्र” से तात्पर्य - |
भारत के संविधान के अनुच्छेद 244 के खंड (1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों से है |
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“ग्राम पंचायत” और “ग्राम सभा” (Gram Panchayat and Gram Sabha) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(ख)(ख) |
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“ग्राम पंचायत” और “ग्राम सभा” का वही अर्थ होगा- |
जो मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 993 (संख्या 1, 1994) में दिया गया है |
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“अनुसूचित जनजातियाँ” (Scheduled Tribes) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(ख)(ग) |
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“अनुसूचित जनजातियाँ” से तात्पर्य- |
किसी जनजाति या जनजातीय समुदाय या ऐसे जनजाति या जनजातीय समुदाय के किसी भाग या समूह से है जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अधीन मध्य प्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जनजातियाँ निर्दिष्ट किया गया है। |
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कार्यक्षेत्र एवं विस्तार, (Scope and extent) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(ग) |
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यदि अधिनियम के अन्य प्रावधानों और इस अध्याय के प्रावधानों में विरोधाभास हो तो क्या होगा? |
इस अध्याय के प्रावधान प्रभावी होंगे |
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धारा 61(ग) के अनुसार इस अध्याय के प्रावधान कहाँ लागू होंगे? |
अनुसूचित क्षेत्रों में |
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अधिनियम के कुछ प्रावधानों से अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को छूट, (Exemption of members of the Scheduled Tribes from certain provisions of the Act) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(घ) |
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धारा 61(घ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अधिनियम के कौन से प्रावधान लागू नहीं होंगे? |
आसवन द्वारा देशी शराब के निर्माण, कब्जे और उपभोग से संबंधित प्रावधान |
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अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के सदस्य देशी शराब का निर्माण किस उद्देश्य से कर सकते हैं? |
केवल घरेलू उपभोग एवं सामाजिक व धार्मिक समारोह हेतु |
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धारा 61(घ) के अंतर्गत निर्मित देशी शराब के संबंध में कौन सा कथन सही है? |
उसका विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित है |
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धारा 61(घ) के अनुसार प्रति व्यक्ति देशी शराब की अधिकतम सीमा क्या है? |
4.5 लीटर |
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विशेष परिस्थितियों में सामाजिक एवं धार्मिक समारोह के अवसर पर प्रति परिवार देशी शराब की अधिकतम सीमा कितनी है? |
45 लीटर |
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धारा 61(घ) के अनुसार देशी शराब की निर्धारित सीमा को कम करने का अधिकार किसे है? |
ग्राम सभा |
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धारा 61(घ) के स्पष्टीकरण के अनुसार “परिवार” का अर्थ है— |
एक साथ रहने और भोजन करने वाले व्यक्तियों का समूह |
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ग्राम सभा को मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री आदि को विनियमित करने और प्रतिबंधित करने की शक्ति, (Power of Gram Sabha to regulate and prohibit manufacture sale etc. of intoxicants) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(ङ) |
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धारा 61 के अनुसार ग्राम सभा को किस संबंध में शक्ति प्राप्त है? |
निर्माण, कब्जा, परिवहन, बिक्री और उपभोग को विनियमित एवं प्रतिबंधित करने की |
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ग्राम सभा द्वारा पारित निषेध आदेश किन पर लागू नहीं होगा? |
पुराने कारखानों पर जो इस अध्याय के लागू होने से पहले स्थापित हुए हों |
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ग्राम सभा की सहमति के बिना राज्य सरकार क्या नहीं कर सकती? |
मादक पदार्थ निर्माण हेतु नया कारखाना या बिक्री हेतु नया आउटलेट खोलना |
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यदि ग्राम सभा अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों पर प्रतिबंध लगाती है तो क्या परिणाम होगा? |
कोई नया कारखाना स्थापित नहीं किया जाएगा |
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ग्राम सभा द्वारा निषेध आदेश जारी होने पर मौजूदा आउटलेट कब से बंद होंगे? |
अगले वित्तीय वर्ष के पहले दिन से |
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धारा 61 के अंतर्गत ग्राम सभा क्षेत्र में प्रतिबंध लगने के बाद कौन सा कार्य वर्जित होगा? |
निर्माण, कब्जा, परिवहन, बिक्री और सेवन सभी |
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ग्राम सभा के निर्णयों का प्रवर्तन, (Enforcement of the decisions of Gram Sabha) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 61(च) |
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धारा 61(च) के अनुसार ग्राम सभा द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने का दायित्व किसका है? |
ग्राम पंचायत |
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यदि ग्राम सभा के निर्णयों को लागू करने हेतु राज्य सरकार की प्रवर्तन एजेंसी की सहायता आवश्यक हो, तो ग्राम पंचायत किससे संपर्क करेगी? |
उप-विभागीय मजिस्ट्रेट |
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धारा 61(च) के अंतर्गत आवश्यक सहायता प्रदान करने की कार्रवाई कौन करेगा? |
उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी |
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ग्राम सभा के निर्णयों के प्रवर्तन का प्रावधान किस अध्याय के अंतर्गत आता है? |
इस अध्याय के प्रावधानों के अंतर्गत |
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अध्याय-9 (CHAPTER-9) |
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प्रकीर्ण (MISCELLANEOUS) |
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नियम बनाने की शक्ति, (Power to make rules) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 62 |
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धारा 62 के अंतर्गत नियम बनाने की शक्ति किसे प्रदान की गई है? |
राज्य सरकार को |
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धारा 62(1) के अनुसार नियम किस उद्देश्य से बनाए जा सकते हैं? |
अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के लिए |
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धारा 62(2) में नियम बनाने का स्वरूप कैसा बताया गया है? |
विशिष्टतया तथा व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना |
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आबकारी अधिकारियों की शक्तियाँ और कर्तव्य किस उपधारा के अंतर्गत नियमों द्वारा विहित किए जा सकते हैं? |
धारा 62(2)(क) |
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धारा 7 के अंतर्गत शक्तियों के प्रत्यायोजन का विनियमन किसके द्वारा किया जा सकता है? |
नियमों द्वारा |
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अपील और पुनरीक्षण से संबंधित विषयों का विनियमन किस उपबंध के अंतर्गत किया जा सकता है? |
धारा 62(2)(ग) |
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मादक द्रव्य के आयात, निर्यात, परिवहन और विनिर्माण के विनियमन की शक्ति किस उपधारा में है? |
धारा 62(2)(घ) |
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ताड़ी उत्पन्न करने वाले वृक्षों से ताड़ी निकालने का विनियमन किसके द्वारा किया जा सकता है? |
नियमों द्वारा |
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स्पिरिट के विकृतिकरण की प्रक्रिया घोषित करने का अधिकार किसे है? |
राज्य सरकार को नियमों द्वारा |
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महुआ के फूलों के आयात, विक्रय आदि का विनियमन किस उपधारा के अंतर्गत किया जा सकता है? |
धारा 62(2)(घ-1) |
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थोक या फुटकर विक्रय की अनुज्ञप्तियाँ किसके द्वारा विनियमित की जा सकती हैं? |
नियमों द्वारा |
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विक्रय अनुज्ञप्ति प्रदान करने से पूर्व अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया किसके द्वारा निर्धारित की जाती है? |
नियमों द्वारा |
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अनुज्ञप्ति की कालावधि निर्धारित करने का प्रावधान किसके अंतर्गत है? |
नियम |
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अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा रखे जाने वाले लेखे किसके द्वारा विहित किए जाते हैं? |
राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम |
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अनुज्ञप्तियों के अन्तरण या भागीदारी का प्रतिषेध किसके द्वारा किया जा सकता है? |
नियमों द्वारा |
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उपयोग के लिए अनुपयुक्त मादक द्रव्य के नष्ट करने का प्रावधान किसके अंतर्गत है? |
धारा 62(2)(ञ) |
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अधिहत वस्तुओं के व्ययन का विनियमन किसके द्वारा किया जाता है? |
नियमों द्वारा |
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धारा 62(3) के अनुसार किन नियमों का पूर्व प्रकाशन आवश्यक है? |
निर्दिष्ट उपधाराओं के अंतर्गत बनाए गए नियमों का |
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किन परिस्थितियों में बिना पूर्व प्रकाशन के नियम बनाए जा सकते हैं? |
जब राज्य सरकार को तत्काल प्रवृत्ति आवश्यक लगे |
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नियमों तथा अधिसूचनाओं का प्रकाशन, (Publication of rules and notifications) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 63 |
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धारा 63 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन बनाए गए समस्त नियम कहाँ प्रकाशित किए जाएंगे? |
राजपत्र में |
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धारा 63 के अनुसार जारी की गई अधिसूचनाओं का प्रकाशन किस माध्यम से किया जाएगा? |
राजपत्र में |
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नियम और अधिसूचनाएँ सामान्यतः किस तारीख से प्रभावशील होंगी? |
राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से |
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धारा 63 के अनुसार नियम या अधिसूचना कब से प्रभावशील हो सकती है? |
प्रकाशन की तारीख से या विनिर्दिष्ट अन्य तारीख से |
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यदि किसी नियम या अधिसूचना के लिए अलग तारीख विनिर्दिष्ट की गई हो, तो वह कब प्रभावशील होगी? |
विनिर्दिष्ट की गई तारीख से |
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सरकारी शोध्यों की वसूली, (Recovery of Government dues) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 64 |
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धारा 64 के अनुसार निम्न में से कौन-सा धन “सरकारी शोध्य” माना जाएगा? |
समस्त आबकारी राजस्व |
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कलेक्टर द्वारा अनुदान को अपने प्रबन्ध के अधीन लेने या उसका विक्रय करने से उत्पन्न हानि किसके अंतर्गत आती है? |
सरकारी शोध्य |
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धारा 64 में संविदा अधिनियम, 1872 की किस धारा का उल्लेख किया गया है? |
धारा 74 |
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आबकारी राजस्व से संबंधित संविदा के कारण देय राशि किसे शोध्य होगी? |
राज्य सरकार को |
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धारा 64 के अनुसार सरकारी शोध्य की वसूली किससे की जा सकती है? |
प्राथमिक देय व्यक्ति या उसके प्रतिभू से |
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सरकारी शोध्य की वसूली किस प्रकार की जा सकती है? |
जंगम सम्पत्ति के कुर्क और विक्रय द्वारा |
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भू-धारक से सरकारी शोध्य किस प्रकार वसूल किया जा सकता है? |
भू-राजस्व की वसूली की प्रक्रिया द्वारा |
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बन्धपत्र या लिखत की शर्तों के भंग होने पर देय रकम किस रूप में वसूली जाएगी? |
सरकारी शोध्य के रूप में |
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जब कलेक्टर द्वारा अनुदान को अपने प्रबन्ध में ले लिया जाता है, तो शोध्य धन किससे वसूल किया जा सकता है? |
पट्टेदार या समनुदेशिती से |
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धारा 64 की उपधारा (2) किस स्थिति से संबंधित है? |
अनुदान के पुनः विक्रय पर शोध्य धन की वसूली |
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व्यतिक्रमियों की सम्पत्ति पर सरकार का धारणाधिकार, (Government lien on property of defaulters) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 65 |
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धारा 65 के अंतर्गत सरकार का धारणाधिकार किसकी सम्पत्ति पर होगा? |
अनुज्ञप्ति या पट्टा धारण करने वाले व्यतिक्रमी की |
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कौन-सी सम्पत्ति धारा 65 के अंतर्गत कुर्क की जा सकती है? |
आसवनी, मद्यनिर्माण शाला या भाण्डागार |
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धारा 65 के अनुसार कौन-सा स्थान कुर्की के दायरे में आता है? |
दूकान, भवन और फिटिंग्स |
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किसी दूकान के परिसरों में रखा गया मादक द्रव्य किसके अधीन होगा? |
धारा 65 के अधीन कुर्की के दायरे में |
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मादक द्रव्य के विनिर्माण की सामग्री का क्या किया जा सकता है? |
कुर्क कर विक्रय |
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धारा 65 के अंतर्गत कुर्की और विक्रय किस उद्देश्य से किया जाता है? |
आबकारी राजस्व या सरकारी हानि की तुष्टि के लिए |
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धारा 65 के अंतर्गत विक्रय से प्राप्त आगमों पर किसका प्रथम भार होगा? |
सरकार के दावे का |
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धारा 65 के अनुसार कुर्की किस स्थिति में की जाती है? |
व्यतिक्रम किये जाने की दशा में |
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धारा 65 के अंतर्गत सरकार का धारणाधिकार किस पर लागू नहीं होता? |
किसी तीसरे व्यक्ति की असंबद्ध निजी सम्पत्ति पर |
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व्यक्तियों या मादक द्रव्यों को अधिनियम के उपबन्ध से छूट देने की शक्ति, (Power of State Government to exempt persons or intoxicants from the provisions of the Act) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 66 |
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धारा 66 के अंतर्गत छूट देने की शक्ति किसे प्राप्त है? |
राज्य सरकार को |
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धारा 66 के अंतर्गत छूट किसे दी जा सकती है? |
व्यक्तियों या व्यक्तियों के वर्ग को अथवा मादक द्रव्यों को |
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धारा 66 के अंतर्गत छूट किस प्रकार की हो सकती है? |
पूर्णतः या भागतः |
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छूट किन उपबन्धों से दी जा सकती है? |
अधिनियम के सभी या किन्हीं उपबन्धों से |
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धारा 66 के अंतर्गत छूट किनसे भी दी जा सकती है? |
अधिनियम या उसके अधीन बनाए गये नियमों से |
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धारा 66 के अंतर्गत छूट किस क्षेत्र में लागू की जा सकती है? |
सम्पूर्ण राज्य या विनिर्दिष्ट क्षेत्र में |
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धारा 66 के अंतर्गत छूट किस अवधि के लिए दी जा सकती है? |
विनिर्दिष्ट कालावधि या अवसर के लिए |
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इस अधिनियम के अधीन कार्य करने वाले व्यक्तियों को संरक्षण, (Protection to persons acting under this Act) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 67 |
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धारा 67 के अंतर्गत किसे संरक्षण प्रदान किया गया है? |
इस अधिनियम के अधीन कार्य करने वाले व्यक्तियों को |
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धारा 67 के अनुसार संरक्षण किस प्रकार के कार्यों के लिए दिया गया है? |
सद्भावपूर्वक किए गए या किए जाने के लिए आशायित कार्यों के लिए |
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धारा 67 के अंतर्गत किन कार्यवाहियों से संरक्षण दिया गया है? |
वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही से |
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धारा 67 के अंतर्गत संरक्षण किस स्थिति में उपलब्ध नहीं होगा? |
दुर्भावनापूर्ण कार्य किए जाने पर |
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वादों की परिसीमा, (Limitation of suits) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 68 |
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धारा 68 के अनुसार वाद किसके विरुद्ध चलाया जा सकता है? |
सरकार या आबकारी, पुलिस या राजस्व अधिकारी के विरुद्ध |
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धारा 68 के अंतर्गत वाद किस प्रकार के कार्य के संबंध में होता है? |
इस अधिनियम के अनुसरण में किए गए या किए जाने का अभिकथित कार्य |
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धारा 68 के अनुसार वाद संस्थित करने की समय-सीमा क्या है? |
छह मास |
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धारा 68 के अनुसार छह मास की गणना किस तिथि से की जाएगी? |
परिवादित कार्य की तिथि से |
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धारा 68 के अनुसार यदि वाद छह मास के भीतर संस्थित न किया जाए तो क्या होगा? |
कोई वाद नहीं चलाया जाएगा |
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अधिनियमितियों का निरसन, (Repeal of enactments) किस धारा से सम्बंधित हैं? |
धारा 69 |
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धारा 69 के अनुसार किन अधिनियमितियों का निरसन किया गया है? |
अनुसूची में वर्णित अधिनियमितियों का |
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धारा 69 के अनुसार निरसन किस सीमा तक किया गया है? |
अनुसूची के कालम चार में विनिर्दिष्ट सीमा तक |
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प्रथम अनुसूची में वर्ष 1863 से संबंधित कौन-सा अधिनियम उल्लेखित है? |
उत्पाद-शुल्क (स्पिरिट) अधिनियम, 1863 |
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उत्पाद-शुल्क (स्पिरिट) अधिनियम, 1863 का निरसन किस सीमा तक किया गया है? |
उस सीमा तक, जहाँ तक ऐसा निरसन नहीं हुआ है |
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दी इण्डियन टेरिफ ऐक्ट, 1894 की कौन-सी धारा निरसित की गई है? |
धारा 6 |
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दी एक्साइज ऐक्ट, 1896 का निरसन किस सीमा तक किया गया है? |
उस सीमा तक, जहाँ तक कि ऐसा निरसन नहीं हुआ है |
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एक्साइज (अमेण्डमेण्ट) ऐक्ट, 1906 का निरसन किस सीमा तक किया गया है? |
सम्पूर्ण
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