पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 वन-लाइनर नोट्स

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पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996

(THE PROVISIONS OF THE PANCHAYATS (EXTENSION TO THE SCHEDULED AREAS) ACT, 1996)

(1996 का अधिनियम संख्यांक 40)

(ACT NO. 40 OF 1996)

 

इस अधिनियम का नाम क्या है?

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996

(The Provisions of the Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996)

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 का अधिनियम संख्यांक क्या है?

1996 का अधिनियम संख्यांक 40

(Act No. 40 of 1996)

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 को राष्ट्रपति की स्वीकृति कब प्राप्त हुई?

24 दिसम्बर, 1996

[24th December, 1996]

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 का उद्देश्य क्या है?

पंचायतों से संबंधित संविधान के भाग 9 के उपबंधों का अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार करना।

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 किस वर्ष में संसद द्वारा अधिनियमित किया गया?

भारत गणराज्य के सैंतालीसवें वर्ष में।

धारा 1 का विषय क्या है?

संक्षिप्त नाम।

(Short title)

धारा 1 के अनुसार इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996

(The Provisions of the Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996)

धारा 2 का विषय क्या है?

परिभाषा।

(Definition)

धारा 2 के अनुसार पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 में "अनुसूचित क्षेत्रों" से क्या अभिप्रेत है?

ऐसे अनुसूचित क्षेत्र जो संविधान के अनुच्छेद 244 के खंड (1) में निर्दिष्ट हैं।

धारा 2 के अनुसार "अनुसूचित क्षेत्रों" की परिभाषा कब लागू होगी?

जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित हो।

धारा 3 का विषय क्या है?

संविधान के भाग 9 का विस्तार।

(Extension of Part IX of the Constitution)

धारा 3 के अनुसार किसके उपबंधों का अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार किया जाता है?

पंचायतों से संबंधित संविधान के भाग 9 के उपबंधों का।

धारा 3 के अनुसार संविधान के भाग 9 का विस्तार किन क्षेत्रों पर किया जाता है?

अनुसूचित क्षेत्रों पर।

धारा 3 के अनुसार संविधान के भाग 9 का विस्तार किनके अधीन रहते हुए किया जाता है?

धारा 4 में उपबंधित अपवादों और उपांतरणों के अधीन रहते हुए।

धारा 3 के अनुसार अपवादों और उपांतरणों का उपबंध किस धारा में किया गया है?

धारा 4 में।

धारा 4 का विषय क्या है?

संविधान के भाग 9 के अपवाद और उपांतरण।

(Exceptions and modifications to Part IX of the Constitution)

धारा 4 के अनुसार राज्य विधान-मंडल संविधान के भाग 9 के अधीन कैसी विधि नहीं बनाएगा?

जो इस धारा में विनिर्दिष्ट किसी लक्षण से असंगत हो।

धारा 4(क) के अनुसार पंचायतों के बारे में राज्य विधान किसके अनुरूप होगा?

रूढ़िजन्य विधि, सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं तथा समुदाय के संसाधनों की परंपरागत प्रबंध पद्धतियों के अनुरूप।

धारा 4(ख) के अनुसार ग्राम साधारणतया किससे मिलकर बनेगा?

आवास या आवासों के समूह अथवा पुरवां या पुरबों के समूह से।

धारा 4(ख) के अनुसार ग्राम में समाविष्ट समुदाय अपने कार्यकलापों का प्रबंध किसके अनुसार करेगा?

परंपराओं तथा रूढ़ियों के अनुसार।

धारा 4(ग) के अनुसार प्रत्येक ग्राम में क्या होगा?

एक ग्राम सभा।

धारा 4(ग) के अनुसार ग्राम सभा किन व्यक्तियों से मिलकर बनेगी?

जिनके नाम ग्राम स्तर पर पंचायत के लिए निर्वाचक नामावलियों में सम्मिलित किए गए हैं।

धारा 4(घ) के अनुसार ग्राम सभा किसके संरक्षण और परिरक्षण के लिए सक्षम होगी?

लोगों की परंपराओं और रूढ़ियों, उनकी सांस्कृतिक पहचान, समुदाय के संसाधनों तथा विवाद निपटाने के रूढ़िजन्य ढंग के संरक्षण और परिरक्षण के लिए।

धारा 4(ङ)(i) के अनुसार ग्राम सभा सामाजिक और आर्थिक विकास की योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं का अनुमोदन कब करेगी?

ग्राम स्तर पर पंचायत द्वारा उनके कार्यान्वयन के लिए हाथ में लिए जाने से पूर्व।

धारा 4(ङ)(ii) के अनुसार ग्राम सभा किसकी पहचान या चयन के लिए उत्तरदायी होगी?

गरीबी उन्मूलन और अन्य कार्यक्रमों के अधीन हिताधिकारियों के रूप में व्यक्तियों की पहचान या चयन के लिए।

धारा 4(च) के अनुसार ग्राम स्तर की प्रत्येक पंचायत को ग्राम सभा से क्या अभिप्राप्त करना अपेक्षित होगा?

धारा 4() में निर्दिष्ट योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए निधियों के उपयोग का प्रमाणन।

धारा 4(छ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों की पंचायतों में स्थानों का आरक्षण किस आधार पर होगा?

उन समुदायों की संख्या के अनुपात में जिनके लिए संविधान के भाग 9 के अधीन आरक्षण दिया जाना है।

धारा 4(छ) के प्रथम परन्तुक के अनुसार अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण कुल स्थानों की संख्या के कितने से कम नहीं होगा?

आधे से कम नहीं।

धारा 4(छ) के द्वितीय परन्तुक के अनुसार पंचायत के अध्यक्षों के सभी स्थान किसके लिए आरक्षित रहेंगे?

सभी स्तरों पर अनुसूचित जनजातियों के लिए।

धारा 4(ज) के अनुसार राज्य सरकार किन व्यक्तियों को नामनिर्देशित कर सकेगी?

ऐसी अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों को जिनका मध्यवर्ती स्तर या जिला स्तर की पंचायत में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।

धारा 4(ज) के परन्तुक के अनुसार नामनिर्देशन की सीमा क्या होगी?

निर्वाचित किए जाने वाले कुल सदस्यों के दसवें भाग से अधिक नहीं।

धारा 4(झ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अर्जित करने से पूर्व किससे परामर्श किया जाएगा?

उपयुक्त स्तर पर ग्राम सभा या पंचायत से।

धारा 4(झ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास या पुनः बसाने से पूर्व किससे परामर्श किया जाएगा?

उपयुक्त स्तर पर ग्राम सभा या पंचायत से।

धारा 4(झ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में परियोजनाओं की वास्तविक योजना और कार्यान्वयन किस स्तर पर समन्वित किया जाएगा?

राज्य स्तर पर।

धारा 4(ञ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में लघु जल निकायों की योजना और प्रबंध किसे सौंपा जाएगा?

उपयुक्त स्तर पर पंचायतों को।

धारा 4(ट) के अनुसार गौण खनिजों के लिए पूर्वेक्षण अनुज्ञप्ति या खनन पट्टा प्रदान करने से पूर्व किसकी सिफारिश आज्ञापक होगी?

समुचित स्तर पर ग्राम सभा या पंचायतों की सिफारिश।

धारा 4(ठ) के अनुसार गौण खनिजों के समुपयोजन के लिए नीलामी द्वारा रियायत देने से पूर्व किसकी पूर्व सिफारिश आज्ञापक होगी?

उपयुक्त स्तर पर ग्राम सभा या पंचायतों की पूर्व सिफारिश।

धारा 4(ड) के अनुसार पंचायतों को शक्तियां और प्राधिकार प्रदान करते समय राज्य विधान-मंडल क्या सुनिश्चित करेगा?

पंचायतों और ग्राम सभा को उपयुक्त स्तर पर विनिर्दिष्ट शक्तियां और प्राधिकार प्रदान किए जाएं।

धारा 4(ड)(i) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को किस संबंध में शक्ति प्रदान की जाएगी?

मद्यनिषेध प्रवर्तित करने अथवा मादक द्रव्यों के विक्रय और उपभोग को विनियमित या निर्बन्धित करने की।

धारा 4(ड)(ii) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को किसका स्वामित्व प्रदान किया जाएगा?

गौण वन उपज का।

धारा 4(ड)(iii) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को भूमि के संबंध में कौन-सी शक्ति प्रदान की जाएगी?

भूमि के अन्य संक्रमण को निवारित करने तथा अनुसूचित जनजाति की विधिविरुद्धतया अन्य संक्रमित भूमि को प्रत्यावर्तित करने के लिए उपयुक्त कार्रवाई करने की शक्ति।

धारा 4(ड)(iv) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को किसका प्रबंध करने की शक्ति प्रदान की जाएगी?

ग्राम बाजारों का, चाहे वे किसी भी नाम से ज्ञात हों।

धारा 4(ड)(v) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को किस पर नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान की जाएगी?

अनुसूचित जनजातियों को धन उधार देने पर।

धारा 4(ड)(vi) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को किस पर नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान की जाएगी?

सभी सामाजिक सैक्टरों में संस्थाओं और कृत्यकारियों पर।

धारा 4(ड)(vii) के अनुसार पंचायतों और ग्राम सभा को किस पर नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान की जाएगी?

स्थानीय योजनाओं तथा जनजातीय उपयोजनाओं सहित ऐसी योजनाओं के संसाधनों पर।

धारा 4(ढ) के अनुसार राज्य विधानों में कौन-सा रक्षोपाय अंतर्विष्ट होगा?

उच्चतर स्तर की पंचायतें निम्न स्तर की पंचायत या ग्राम सभा की शक्तियां और प्राधिकार अपने हाथ में लें।

धारा 4(ण) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में जिला स्तर की पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की परिकल्पना करते समय राज्य विधान-मंडल किसका अनुसरण करने का प्रयास करेगा?

संविधान की छठी अनुसूची के पैटर्न का।

धारा 5 का विषय क्या है?

विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना।

(Continuance of existing laws and Panchayats)

धारा 5 के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में प्रवृत्त पंचायतों से संबंधित कौन-सा विधि उपबंध प्रवृत्त बना रहेगा?

जो पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 द्वारा किए गए अपवादों और उपांतरणों सहित संविधान के भाग 9 के उपबंधों से असंगत है।

धारा 5 के अनुसार असंगत विधि का उपबंध कब तक प्रवृत्त बना रहेगा?

जब तक सक्षम विधान-मंडल या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा संशोधित या निरसित नहीं कर दिया जाता अथवा पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त होने की तारीख से एक वर्ष समाप्त नहीं हो जाता।

धारा 5 के अनुसार विद्यमान विधि को कौन संशोधित या निरसित कर सकता है?

सक्षम विधान-मंडल या अन्य सक्षम प्राधिकारी।

धारा 5 के अनुसार एक वर्ष की अवधि किस तारीख से गिनी जाएगी?

जिस तारीख को पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त होती है।

धारा 5 के परन्तुक के अनुसार विद्यमान पंचायतें कब तक बनी रहेंगी?

अपनी अवधि की समाप्ति तक।

धारा 5 के परन्तुक के अनुसार विद्यमान पंचायतें कब तक बनी रहेंगी यदि उन्हें पहले विघटित न किया गया हो?

अपनी अवधि की समाप्ति तक।

धारा 5 के परन्तुक के अनुसार पंचायतों को अवधि समाप्त होने से पूर्व कौन विघटित कर सकता है?

राज्य की विधान सभा द्वारा अथवा जिस राज्य में विधान परिषद् है, वहां राज्य के विधान-मंडल के प्रत्येक सदन द्वारा इस आशय का संकल्प पारित किए जाने पर।

 

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