पैरा 79 से 88 अध्याय 8 UP पुलिस रेगुलेशन

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

अध्याय 8

सवार पुलिस

79. सवार पुलिस के विहित कर्तव्य निम्नलिखित हैं-

(1) सड़कों पर गश्त करना।

(2) बन्दियों और कोषों की मार्ग रक्षा।

(3) विशेष तात्कालिक की संसूचनायें लाना ले जाना।

(4) अपराधियों का पीछा करना।

(5) संगठित डकैतियों या अन्य उपद्रवों का दमन करना।

(6) उत्सवों पर मार्गरक्षण।

(7) यातायात नियंत्रण के कर्तव्य।

दो सवार अर्दली राजस्व मण्डल के सदस्य को, जब वह मैदानों में दौरे पर हो और आयुक्त को जब वह अपने डिवीजन में भ्रमण पर हो, स्वीकार किये गये हैं।

आयुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों को माँग पर विशेष संसूचनायें ले जाने के लिये सवार अर्दली हर समय उपलब्ध कराये जायेंगे।

80. कुछ मुख्यालयों पर सवार पुलिस के दो दल बना दिये जाते हैं। उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि पैरा 84 और 85 में गिनाये गये सभी कर्तव्यों की पूरी जानकारी घोड़ों को अच्छी अवस्था में तथा अपनी वर्दी, शस्त्र और सज्जा को स्वच्छ, चुस्त और सेवा के योग्य रखें। प्रत्येक दल के साथ एक तुरही (Trumpet) बजाने वाला संलग्न रहेगा।

81. सबार पुलिस के उप निरीक्षकों और प्रधान कान्सटेबिलों के कर्त्तव्य, सेना में भारतीय अधिकारियों और बिमा कमीशन प्राप्त अधिकारियों के समान हो, उन्हें घुड़सवारी के व्यायाम के प्रशिक्षण के रूप में सक्षम होना चाहिये और वे अपने दल के सिपाहियों और घोड़ों की दक्षता के लिये उत्तरदायी होंगे।

मुख्यालय पर सवार पुलिस के एक प्रधान कान्सटेबिल को घोड़ों के उस दिन के प्रभारी के रूप में तैनात किया जाये। सवार पुलिस के उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस के उप निरीक्षकों के साथ सम्पूर्ण रिजर्व दिन के अधिकारी के रूप में अपनी बारी सम्भालेंगे। अपनी लाइन पर सवार पुलिस एक प्रधान कान्सटेबिल के अधीन एक सैनिक आवास गारद (क्वार्टर गार्ड) प्रदाय करेंगे।

82. दल के मुख्यालय पर, रिजर्व निरीक्षक, कर्त्तव्य पर बाहर जाने वाले सभी सिपाहियों की कर्तव्य सूची (प्रारूप क्र० 95) रखेगा। इस बारे में सभी के साथ न्यायिक व्यवहार किया जावे। दल का उन निरीक्षक मुख्यालय पर कर्त्तव्यू पर तैनात किये गये सभी सिपाहियों की नामावली रखेगा।

83. दल के मुख्यालय का अधीक्षक, उनके जाने के पहले, अन्य खिजलों के लिये प्रतिनियुक्त किये गये सभी बलों का भली प्रकार निरीक्षण करायेगा। उन जिलों के अधीक्षक और रिजर्व निरीक्षक, जहाँ सवार पुलिस प्रतिनियुक्त की जावे, इस बात के लिये उत्तरदायी हैं कि घोड़े, सज्जा, घोड़ों और अस्तबल का साज-सामना अच्छी अवस्था में रखे जाते हैं। ज्यों ही कोई बल आ जाये, उसकी परेड ली जाना चाहिए और बल के मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक को न्यूनताओं की रिपोर्ट की जाये। बल के लौट आने पर दल के मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक को परेड कराना चाहिए। किसी बाहरी स्थान को जाने वाले या यहाँ से लौटने वाले दल को एक कमाण्ड प्रमाणपत्र दिया जावे।

सवार पुलिस का प्रशिक्षण

84. सवार सेना में भर्ती किए गए रंगरूटों को, पद पुलिस से स्थानान्तरित सिपाहियों को शामिल करते हुये पैरा 45 में अन्तर्विष्ट आदेशों के के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा और दो वर्ष की परिवीक्षा के अधीन रहेंगे। पद पुलिस के सवार पुलिस को स्थानान्तरित कान्सटेबिल, परिवीक्षा की अवधि में उस अवधि की, जो पद पुलिस की सेवा की अवधि की अधिकतम 16 मास की गणना कर सकते हैं, परन्तु पद पुलिस से सवार पुलिस को स्थानान्तरित कोई कान्सटेबिल सवार पुलिस में आठ मास की कम अवधि के लिये परिवीक्षा पर नहीं रहेगा, चाहे उसका सेवाकाल कुछ भी हो। सवार पुलिस में परिवीक्षा अवधि की समाप्ति पर सवार कान्सटेबिल सम्पुष्ट कर दिये जायेंगें यदि वे रंगरूटों को दिये गये प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में अहं होकर सफल हो जाते हैं और यह कि उनका आचरण अच्छा रहता है। उनको इस प्रकार प्रशिक्षित किया जावे-

(1) कि वे दल की परेड में दक्षतापूर्वक घोड़े पर भली प्रकार सवारी कर सकते और उसे संभाल सकते हैं।

(2) वे घोड़े पर समुचित रूप से काठी कस और उत्तार सकते हैं। वे घोड़े के सभी साजसामान को अलग-अलग कर और फिर एक साथ मिलाकर रख सकते हैं, और वे अपने घोड़े की साईसी कर सकते हैं।

(3) सवार या पैदल रहने की दोनों दशाओं में वे तलबार और बल्लम के अभ्यास और दल से व्यायाम में प्रवीण हैं।

85. सवार पुलिस के सदस्यों को चर सेवा (स्काउटिंग) का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और उन्हें अकेले और खण्डों में रह का अपने कर्तव्य का पालन करना सिखाया जाना चाहिये। घोड़ों को अग्नि सहना सिखया जावे।

86. रेन्ज के पुलिस उप महानिरीक्षक के आदेशों के अधीन सवार पुलिस से चुने हुए कान्सटेबिलों को पुलिस प्रशिक्षण कालेज, प्रशिक्षण कालेज, मुरादाबाद में महानिरीक्षक द्वारा सवार पुलिस के विषयों और कर्तव्यों के बारे में विहित तीन मास के प्रगतिशील पाठ्यक्रम के प्रशिक्षण के लिए भेजा आये। पुलिस महानिरीक्षक, समय-समय पर दल के प्रत्येक मुख्यालय के द्वारा इस प्रशिक्षण के लिये भेजे जाने वाले कान्सटेबिलों की संख्या का निर्णय करेगा। केवल वे कान्सटेबिल जो इस प्रशिक्षण के प्रगतिशील पाठ्यक्रम में अर्ह हो जायें, सवार पुलिस में प्रधान कान्सटेबिल के पद पर उन्नत किए जाने के लिए, पुलिस विनियम क्र० 458 के उपबन्धों से अध्याधीन रहते हुए पत्र होंगे। इस प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों का चुनाव रेन्ज कै पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा, केन्द्रीय (सेन्ट्रल) परीक्षा के आधार पर किया जावेगा। केवल वे ही जिन्होंने सवार पुलिस में पाँच साल का सेवाकाल समाप्त कर लिया हो और जो पुलिस अधीक्षक द्वारा मनोनीत किए जावें, इस परीक्षा में प्रतियोगिता कर सकते हैं।

सवार पुलिस का बहकान्सटेबिल जो घुड़सवारी के प्रशिक्षण में दिए गए अनुदेशों के पाठ्यक्रम में अहं हो जावे, परन्तु जिसने घुड़सवारी व्यायाम प्रमाण-पत्र प्राप्त न कर लिया हो, आगामी पाठ्यक्रम में, जिसके लिए वह उपलब्ध हो सकता ही, अपने द्वारा घुड़सवारी का प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लेने के पश्चात् भेज दिया जावेगा।

87. दल के घोड़ों को ट्रकों और घुड़साल में प्रवेश करने का प्रशिक्षण दिया जाये।

88. महानिरीक्षक की पूर्व में प्राप्त कर ली गई मंजूरी से, बल के सिपाहियों को यदा-कदा पशुओं के लखनऊ स्थित स्कूल में घोड़े के उपचार में अनुदेश लेने के लिये भेजा जावे |

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