
186. निवासी और घूमने वालो जन-जातियों के रजिस्ट्रीकरण और निगरानी के नियम के लिये क्रिमिनल ट्राइव्स मैनुअल देखिये।
187. संदिग्ध विदेशियों, विदेशी एशियाई आवारों के गिरोह से व्यवहार करने के लिये अनुदेश गवर्नमेंट आर्डर्स की पुस्तिका में अन्तर्विष्ट है। ऐसे गिरोहों को पुलिस या अन्य गादों के अधीन, अन्य प्रान्तों के अन्य जिलों या देशी राज्यों में नहीं निकाल देना चाहिये। यदि उन्हें बाहर निकालना वांछनीय हो तो जिला मजिस्ट्रेट के आदेश प्राप्त किये जायें।
188. यूरोपीय खानाबदोशों से सम्बन्धित आदेशों के लिये गवर्नमेंट आर्डर्स की पुस्तिका देखिये। क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेन्ट की पुस्तिका का भाग, एक अध्याय छः भी देखिये।
189. जब कभी किसी विदेशों को फारेनर्स एक्ट, (1864 का तीसरा) की धारा 3 के अधीन अपने को ब्रिटिश भारत से हटा लेने के लिये निर्देशित किया वि, एक पुलिस अधिकारी को उसी ट्रेन से, जिससे बिदेशी यात्रा कर रहा हो, यह देखने के लिये कि आदेश के निबन्धों का कठोरता से पालन किया जाता है, यात्रा करने को, प्रतिनियुक्त करना चाहिये, पुलिस अधिकारी को आदेश को एक प्रति उपलब्ध कराना चाहिये, और उसके भागने की दशा में यह विदेशी को तत्काल अधिनियम की धारा 4 के अधीन गिरफ्तार करेगा और अपनी अभिरक्षा में निकटतम स्थानीय प्राधिकारी के पास ले आयेगा। जब तक कि गिरफ्तार किया गया विदेशी पुलिस अधिकारी का यह समाधान न कर दे कि वह आदेश का पालन करने और अपने गन्तव्य स्थान पर तत्काल प्रस्थान करने के लिए तत्पर है। जिला प्राधिकारियों की, धारा 3 के अधीन किसी विदेशी को हटा दिये जाने के आदेश की पूर्व आशा में, उसे गिरफ्तार और निरुद्ध करने की शक्तियों के लिये अधिनियम की धारा 3-क देखिये।