
18. रिजर्व निरीक्षक रिजर्व लाइन का भारसाधक अधिकारी होता है। उसे सभी रक्षकों (गाडौँ) और (मार्गरक्षियों एस्कार्ट) की जो रिजर्व लाइन से अपेक्षित किये जायें, बुलाना और उनका निरीक्षण करना चाहिये और यह देखना चाहिये कि नायक अधिकारी अपने कत्र्तव्यों से पूर्ण रूप से परिचित हैं। वह जिले के किसी विशेष कर्तव्य पर भेजे जाने वाली पुलिस दल की परेड करायेगा और यह देखेगा कि वे समुचित रूप से सुसज्जित हैं तथा उनके पास पर्याप्त सज्जा (किट) है। वह देखेगा कि दैनिक हाजिरी ली जाती है। उसे देखना चाहिये कि कम्पनी कमान्डर (गुल्म नायक) द्वारा सशस्त्र पुलिस और ऐसे सिविल पुलिस के अधिकारियों और सिपाहियों जो रिजर्व लाइन में पदस्थ किये गये हों; नामावली (रोस्टर) (प्रारूप क्र० 97) सही रूप में रखी जाती है और वह इस बात के लिए व्यक्तिशः उत्तरदायी है कि रिजर्व सिपाहियों के बीच कर्तव्यों का वितरण सही और न्यायिक रूप से किया जाता है। उसे नामावली (रोस्टर) के प्रथम दो स्तम्भ (थाने) अंग्रेजी में लिखना चाहिये और या उसे रिजर्व उप निरीक्षक से लिखवा लेना चाहिए तथा नामावली को नित्य प्रति तारीख डालकर संक्षिप्त हस्ताक्षर करना चाहिये। उसे नित्य प्रति प्रारूप 30 में अधीक्षक को प्रातः कालीन रिपोर्ट देना चाहिये। वह एक अर्दली चपरासी के लिए हकदार है, परन्तु पुलिस अर्दली या अपने निवास पर रात्रि में रक्षक (गार्ड) के लिए नहीं।
19. यह रिजर्व के वस्त्रों, का साज सज्जा, आयुधों, गोला-बारूद, डेरों और भन्डारों की सुरक्षित अभिरक्षा के लिए और उनके लिए रखे जाने वाले रजिस्टरों की शुद्धता के लिए उत्तरदायी है।
20. वह रंगरूटों के प्रशिक्षण (देखिये अध्याय सैंतीस) और पूरे बल के या व्यायाम (इल) का शिक्षण तथा अभ्यास करने के लिए उत्तरदायी है।
21. वह साप्ताहिक रूप से सज्जा निरीक्षण करेगा, और जब वह इस कर्त्तव्य से अधीक्षक, सहायक या उप अधीक्षक द्वारा विमुक्त न कर दिया जावे उसे बन्दूक और रिवाल्वर चलाने के पाठ्यक्रम के वार्षिक गोलो चालन (चाँदमारी) के अवसर पर हाजिर रहना चाहिये (पृथक पेम्फलेट भी देखें)।
22. ऐसी भेंटों की रिपोर्ट अधीक्षक को उसी या अगले दिन देते हुये, वह दिन और स्तु में कभी-कभी रिजर्व लाइन से मुख्यालय पर प्रतिनियुक्त सभी रक्षकों और संतरियों से भेंट करेगा |
वह नित्य प्रति कोषालय को गोला बारूद की और हवालात के कमरों का परिदर्शन करेगा और ऐसे परिदर्शन की टिप्पणी की प्रविष्टि इस प्रयोजन के लिये उपबन्धित पुस्तक में करेगा।
यह मृत्यु दण्ड के निष्पादन में हाजिर रहने वाले रक्षकों को आदेशित करेगा और जब फालतु हो सके उसे कूच पर जा रहे यूरोपीय सैन्य दल के साथ जाना चाहिये। इनके बारे में उसके कत्र्तव्यों के लिए गारद और अनुरक्षकों के नियम देखिये।
23. उसे विशेष रैतिक अवसरों पर गारद और अनुरक्षकों को आदेशित करने के लिए भी नियोजित किया जा सकता है, जब उसको हाजिरी उपद्रव के भय या प्रभार के महत्व के प्रयोजन के कारण, आवश्यक समझा जावे। उसे विधि और व्यवस्था बनाये रखने या कार्यकारी प्रयोजन के लिए कोई ऐसा कार्यपालक कर्त्तव्यों को सौंपा जा सकता है जिसे अधीक्षक उसे समनुदेशित करना ठीक समझे। यदि सम्भव हो सके तो उस मामले में यूरोपीय निरीक्षक नियोजित करना चाहिये जब यूरोप तिवासियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जाना हो या उसके विरुद्ध आदेशिकाओं को तामील करने या उन्हें कोई संसूचना देने के लिए मामले की परिस्थिति उत्तकी अभिकरण (एजेन्सी) को अपेक्षित बनाती हो। यूरोपीय निरीक्षकों को उन मामलों में अन्वेषण करने के लिये निर्देशित किया जा सकता है, जिसका यूरोपियों से सम्बन्ध हो, परन्तु किन्हीं विशेष परिस्थितियों के सिवाय उन्हें अन्वेषणों में नियोजित नहीं किया जाना चाहिये।
24. रिजर्व उपनिरीक्षक को रिजर्व के प्रबन्ध में रिजर्व निरीक्षक द्वारा अपेक्षित कोई सहायता देना चाहिये और उसे अधीक्षक द्वारा अनुरक्षकों और गारदों को आदेशित करने, यातायात को विनियमित करने, आने-जाने के स्थानों पर व्यवस्था बनाये रखने के लिए, सड़कों पर गश्त करने, गारदों और संतरियों से परिदर्शन करने और इस अध्याय में वर्णित किये गये किसी कर्त्तव्य का पालन करने के लिये कहा जा सकेगा। अधीक्षक रिजर्व निरीक्षक को यह अनुमति दे सकता है कि वह रिजर्व उप निरीक्षक को उसकै कर्तव्यों के बारे में कह सके।