
अध्याय 23
पुलिस थानों पर रखे गये लेखे
301. प्राप्ति और वितरण के सभी हिसाब तत्काल थाने की रोकड़ प्रारूप क्र० 224 में प्रविष्टि किये जायेंगे। मास के अन्त में हस्तगत अवशेष धन के विवरण दिखाये जाना चाहिए।
302: धन की प्राप्ति पर थाने का लेखक प्रधान कान्सटेबिल जनरल डायरी में उसके आगमन का समय और दिन में वितरित की गई धनराशि, हस्तगत अवशेष और पूरा धन वितरित न किये जाने के कारण प्रविष्टि करेगा, पश्चात्वर्ती वितरित की गई समस्त धनराशियाँ उनके भुगतान के समय जनरल डायरी में प्रविष्ट की जायेंगी।
(क) रोकड़ और जनरल डायरी दोनों में की गई नकद धन की प्रविष्टियां, ज्यों ही वे की जावें, धानेदार द्वारा जांच ली जानी चाहिये या वे उसकी अनुपस्थिति के दौरान की गई हों, तो उसके थाने पर लौटते ही, उसके द्वारा उसकी अनुस्थिति में किए गए सभी संव्यवहारों की जांच की जाकर सूक्ष्म जांच के पश्चात् उसके द्वारा हस्ताक्षरित की जानी चाहिये।
303. बिना वितरण किया अवशेष धन किसी दृढ़ सन्दूक में ताले और चाबी के अधीन रखा जावेगा और थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा उसका प्रतिदिन सत्यापन किया जावेगा। सन्दूक ऐसे स्थान पर रखा जावेगा, जहाँ से सन्तरी उसे देख सके, तथा उसके किसी खम्भे या भूमि से जंजीर द्वारा बांधकर रखा जाना चाहिये। उसकी चाबी थाने में उपस्थित प्येष्ठ अधिकारी द्वारा रखी जावेगी।
304. डाक सेवाओं, लेबलों और डाक पन्नों की प्राप्ति और व्यय रोकड़ में इस प्रकार दर्शाए जाना चाहिए, मानो ये धन हों।
305. थाने के भारसाधक अधिकारी और रिजर्व निरीक्षक पुलिस अधीक्षक से निम्नलिखित व्ययों की पूर्ति करने के लिये स्थायी अग्रिम प्राप्त करते हैं जो प्रत्येक के सामने अंकित बजट शीर्ष में नामे किए जाने योग्य है :
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अनुक्रमांक
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प्रभार (व्यय) का नाम |
शीर्ष के अधीन आवन्टन से किये जाने के लिये |
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1 |
शवों (व्यक्ति और पशु दोनों के घायल), और अभियुक्त, आवारा और पागलों, अपराधियों का परिवहन। |
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2 |
अभियुक्त व्यक्ति को सम्पत्ति का थाने से न्यायालय को ले जाना (आबकारी विभाग द्वारा विचारण को भेजी गयी, को सम्मिलित करते हुए)। |
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3 |
गरीब व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने के लिये व्यय |
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4 |
बेदावी सम्पत्ति को थाने से न्यायालय को ले जाना |
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सारजेन्ट द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्त व्यक्तियों का संवहन किराया |
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6 |
मृत्यु की घटनाओं की, जिनमें घृणित कार्य सन्देहित हो, रिपोर्ट करने को सरपंच द्वारा थाने को भेजे जाने वाले सन्देश वाहक का खाना व्यय |
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7 |
पुलिस मामलों में घायल व्यक्तियों की खुराक |
सामान्य प्रशासन-जिला प्रशासन सामान्य स्थापना। क्या पुलिस महानिरीक्षक के नियन्त्रण के अधीन है। पुलिस अधीक्षक को आवश्यक भुगतान करना चाहिये और भू-राजस्व और सामान्य प्रशासन विभाग, इलाहाबाद के वेतन और लेखा अधिकारी के देयक से निकालना चाहिये। |
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8 |
पुलिस अभिरक्षा यूरोपियन के मामले में प्रकाश, पंखा, कुली, मेहतरों के व्यय |
जेल्स एण्ड कन्विक्ट्स सेटिलमेंट पुलिस अभिरक्षा के लिए व्यय। क्या पुलिस महानिरीक्षक के नियन्त्रण के अधीन है। पुलिस अधीक्षक को आवश्यक भुगतान करना चाहिए और बिलों को जेल, चिकित्सा और लोक स्वास्थ्य विभाग लखनऊ के वेतन और लेखा अधिकारी से बिलों को प्राप्त करना चाहिये। |
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9 |
अभियुक्त व्यक्तियों का खुराक व्यय |
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विचाराधीन हवालातों में बन्दियों को पानी संदाय करने के लिये प्रति-नियुक्त पानी देने वाले व्यक्तियों का वेतन |
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आपराधिका पागलों के भोजन व्यय |
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अपराधी न होने वाले पागलों के भोजन व्यय |
सामान्य प्रशासन-जिला स्थापना -प्रशासन-सामान्य अपराधी न होने वाले पागलों का भोजन और अनुरक्षण व्यय। क्या पुलिस महानिरीक्षक के नियंत्रण 'के अधीन है। पुलिस अधीक्षक को आवश्यक भुगतान करना चाहिये और देयक भू-राजस्व और सामान्य प्रशासन विभाग, इलाहाबाद के वेतन और लेखा अधिकारी से प्राप्त करना चाहिये। |
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रेलगाड़ी द्वारा कर्तव्य पर भेजे गए अधिकारियों और सिपाहियों के किराये का मूल्य |
पुलिस नान प्लान-बी०डी०३०एफ०- एलाइन्सेज एण्ड आनोरिया गवाहों के भोजन और यात्रा भत्ते और अन्य विविध व्यय। |
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पुलिस अन्वेषण और कार्यपालक जाँच में समन किये गये गवाहों के भोजन और यात्रा व्यय |
पुलिस नान प्लान--बी०डी०३०एफ०-एलाउत्सेज एण्ड आनरेरिया-गवाहों- के भोजन और यात्रा भलें और अन्य विविध व्यय।। |
टीप - सामान्यतया मामले की सम्पत्ति न्यायालय द्वारा मामले या अपील का निपटारा करने के तुरन्त पश्चात् उसके स्वामी को लौटा दी जाती है। यदि स्वामी न्यायालय में उपस्थित न हो या सम्पत्ति मालखाने में आकर प्राप्त करने में असमर्थ हो, सरकार का ऐसा कोई उत्तरदायित्व नहीं है कि वह उसके निवास पर जाकर स्वामी को सम्पत्ति लौटाये, क्योंकि उसके कब्जे से पुलिस द्वारा बह सम्पत्ति अभिग्रहीत नहीं की जाती, जो किसी अपराध की विषयवस्तु होती है। सम्पत्ति को खो देने वाले को पुलिस से यह आशा नहीं करना चाहिये कि वह सम्पत्ति का पता लगा देने के बाद ही वह उसको लौटा देने का व्यय भी भुगते। अपवादित मामलों में तथापि सरकार स्वामी के निवास सम्पत्ति प्रदाय करने का व्यय वहन करती है तथा ऐसे किसी मामले में परिवहन व्यय एकाउन्ट कोड, जिल्द एक के अनुच्छेद 30 के अनुसार परिवहन के व्यय, शीर्ष "23- पुलिस बी०डी०३०एफ०-(1) जिला पुलिस-3 कन्टेनजेन्सीज- मिस्लेन्युअस" के अधीन पुलिस बजट के नामें डाले जावें।
306. प्रारूप क्रमांक 11 में चेकों की एक पुस्तक हर थाने में ताले और चाबी के अधीन रखी जावेगी। उसके पूर्व की कोई चेक बुक थाने को जारी की जाये पुस्तक के मूल और दूसरी प्रति दोनों पर अधीक्षक के कार्यालय की मोहर लगाई जावेगी। स्थायी अग्रिम पूर्ति के लिए, पूर्वगामी पैरा को संख्या 18 के सिवाय प्रत्येक वर्ग के व्यय के लिए एक पृथक चेक जारी किया जावेगा जिसके निर्देशों के लिये आफिस मैनुअल का पैरा 206 (घ) देखें, और उन्हें पुलिस अधिकारी द्वारा मुख्यालय को भेज देना चाहिये। मुख्यालय पर आ जाने पर पुलिस अधिकारी को चेक लोक अभियोजक के पास ले जाना चाहिये जो उस मामले के कागजों को जाँच करने के पश्चात् जो उस पर अधिकारी के मुख्यालय पर आगमन का दिनांक, भुगतान की जाने वाली धनराशि, उस अधिकारी का नाम, जिसके द्वारा भुगतान प्राप्त किया जाना है, पृष्ठांकित करेगा और पृष्ठांकन पर अपने हस्ताक्षर करेगा। वह चेक के बारे में एक रजिस्टर में प्रविष्टि करेगा जिसे वह इस प्रयोजन के लिए बनाये रखेगा। यह रजिस्टर पुलिस थाने द्वारा रखा जावेगा, और हर चेक का क्रमांक और दिनांक, उसको प्रस्तुति का दिनांक, वह प्रयोजन जिसके लिये भुगतान मांगा जा रहा है, यह व्यक्ति जिसे भुगतान किया जाना है, भुगतान किया जाने वाला धन और चेक लाने वाले के हस्ताक्षर और मोहर, दर्शाये जायेंगे। चेक (जब तक वे कि इच्छा पत्र होन सम्पत्ति से सम्बन्धित व्ययों की पूर्ति के लिये न हों, पुलिस अधीक्षक के समक्ष भुगतान के आदेश के लिये लाये जायेंगे और तब पुलिस अधिकारी द्वारा, जो उसे लाया हो, लेखपाल के पास ले जाया जावेगा। वह उसे आकस्मिक रजिस्टर में प्रविष्ट करते हुये और साधारण नीति से भुगतान पाने वालों की रसीद प्राप्त करते हुये, जिले के अग्रिम से राशि भुगतान करेगा। लेखपाल केवल उन पुलिस अधिकारियों को भुगतान करेगा, जिनका नाम चेक में हो और अधिकारी धन को थाने ले जायेगा। बन्दियों, घायल व्यक्तियों, शवों इत्यादि के मुख्यालय के अतिरिक्त स्थान पर भेजने के मामले में, उस न्यायालय जिसमें वे भेजे जाते हैं, का पुलिस अधिकारी या यदि वे न्यायालय को न भेजे जावें तो गन्तव्य स्थान के थाने के भारसाधक अधिकारी चेक के पीछे प्राप्ति का दिनांक, देय राशि, पुलिस भारसाधक अधिकारी का नाम, अभिलिखित करेगा और अपने हस्ताक्षर करेगा। तब वह चेक को लोक अभियोजक को भेजेगा और अपने रजिस्टर में उसकी प्रविष्टि करेगा और उसे अधीक्षक के कार्यालय को प्रेषित करने वाले थाने को पूर्ति और राशि भेजने के लिये प्रेषित करेगा।
इच्छा पत्र हीन सम्पत्ति से सम्बद्ध व्ययों के सम्बन्ध में चेकों के मामलों में प्रक्रिया समान होगी, सिवाय इसके कि पुलिस अधीक्षक के समक्ष लाये जाने के बजाय वे लोक अभियोजक द्वारा पृष्ठांकन और उसके रजिस्टर में प्रविष्टि के बाद जिला न्यायाधीश के न्यायालय में भुगतान करने के लिये प्रस्तुत किये जायेंगे।
307. प्रत्येक माह की पहली तारीख को थाने का प्रत्येक भारसाधक अधिकारी पूर्व मास में उसके द्वारा जारी किए गये चेकों का ज्ञापन प्रारूप क्र० 198 में प्रस्तुत करेगा। अधीक्षक या निरीक्षक से न्यून पंक्ति का न होने वाला पुलिस अधिकारी इस ज्ञापन की जाँच लोक अभियोजक के रजिस्टर से करेगा।
यह नियम और पैरा 305 और 306 में वर्णित नियम जहाँ तक वह पैरा 305 में वर्णित शीर्षों पर किये गये व्ययों से सम्बन्धित हों, सरकारी रेलवे पुलिस पर भी लागू होंगे। स्थायी अग्रिम को, उस जिले के, जिसके भीतर रेलवे स्टेशन स्थित हों, पुलिस अधीक्षक के द्वारा या उसके माध्यम से, पूर्ति की जावेगी, सिवाय उन रेलवे थानों की जिनकी स्थिति के कारण कोई विशेष आदेश जारी किये गये हो, उपरोक्त विहित मासिक ज्ञापन रेलवे पुलिस थाने के अधिकारी द्वारा उस पुलिस अधीक्षक को जिसके द्वारा या माध्यम से पूर्ति प्रभावित की गई हो, अग्रेषित करेगा।
308. रिजर्व लाइन में लेखे, थाने के लिये ऊपर विहित की गई रीति से रखे जावेंगे, रिजर्व निरीक्षक थाने के भारसाधक अधिकारी के रूप में और लाइन मोहर्रिर थाने के मुख्य कान्सटेबिल मोहर्रिर के रूप में कर्तव्य पालन करेंगे। वह पैरा 305 में वर्णित प्रकार के व्ययों को पूरा करने के लिये स्थायी अग्रिम धारण करोगा और पैरा 306 और 307 में वर्णित थानेदार के कर्तव्यों का निर्वहन करेगा। यह चेक की पुस्तक (पुलिस प्रारूप 304 और 320) ताले चाबी के अधीन रखेगा और वह अपने स्थाई अग्रिम की पूर्ति चेकों के द्वारा करेगा जिन्हें वह जाँच और पृष्ठांकन के लिये लोक अभियोजक के पास भेजेगा। भुगतान ठोक उसी प्रकार होंगे, जैसा पैरा 306 में निर्धारित किया गया है। पैरा 307 में विहित किया गया मासिक ज्ञापन का प्रारूप 198 रिजर्व पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
(309-321- [निकाल दिया गया]