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विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 Paper-5 MCQs
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1. धारा 43 के अनुसार “अन्वेषण योग्य प्राधिकारी” की सीमा किस आधार पर निर्धारित की गई है?
a. पुलिस अधिकारी की योग्यता
b. पुलिस अधिकारी का पद और रैंक
c. पुलिस अधिकारी का अनुभव
d. पुलिस अधिकारी का स्थान
2. कौन सा अधिकारी अध्याय 4 और 6 के अपराधों का अन्वेषण कर सकता है यदि वह दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना में है?
a. पुलिस उपायुक्त या उससे ऊपर की पंक्ति का अधिकारी
b. पुलिस अधिकारी, जो पुलिस उपायुक्त से नीचे की पंक्ति का है
c. सहायक पुलिस आयुक्त
d. कोई भी पुलिस अधिकारी
3. महानगर क्षेत्रों में सहायक पुलिस आयुक्त से नीचे के अधिकारी अध्याय 4 और 6 के अपराधों का अन्वेषण क्यों नहीं कर सकते?
a. उन्हें इसके लिए प्रशिक्षण नहीं दिया गया
b. उनके पास कानूनी अधिकार नहीं हैं
c. वे उच्च न्यायालय के निर्देश के अधीन नहीं हैं
d. पुलिस अधीक्षक उन्हें अनुमति नहीं देता
4. गिरफ्तार करने, तलाशी लेने, आदि की शक्ति, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 43
b. धारा 43क
c. धारा 44
d. धारा 45
5. धारा 43क के अनुसार, अभिहित प्राधिकारी किस प्रकार के अधिकारी को गिरफ्तार करने या तलाशी लेने की शक्ति दे सकता है?
a. कोई भी नागरिक
b. अधीनस्थ कोई अधिकारी जिसे सशक्त किया गया हो
c. केवल पुलिस अधीक्षक
d. केवल न्यायाधीश
6. धारा 43क के अंतर्गत अभिहित प्राधिकारी किन आधारों पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है?
a. व्यक्तिगत झगड़े के कारण
b. व्यक्तिगत जानकारी या लिखित सूचना पर विश्वास करने का कारण
c. केवल सार्वजनिक शिकायत के आधार पर
d. किसी भी व्यक्ति पर संदेह होने पर
7. धारा 43क के अनुसार तलाशी लेने की शक्ति किन स्थानों पर लागू होती है?
a. केवल घर
b. भवन, वाहन या किसी अन्य स्थान
c. केवल कार्यालय
d. केवल सार्वजनिक स्थल
8. इस धारा के अनुसार तलाशी या गिरफ्तारी दिन में ही संभव है या रात में भी?
a. केवल दिन में
b. केवल रात में
c. दिन या रात दोनों में
d. केवल सरकारी छुट्टियों में
9. धारा 43क के अंतर्गत तलाशी या गिरफ्तारी करने का उद्देश्य क्या है?
a. किसी व्यक्ति को धमकाना
b. अपराध की योजना, दंडनीय अपराध या अवैध संपत्ति से संबंधित वस्तुओं की जांच करना
c. केवल दस्तावेजों को नष्ट करना
d. किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति को कब्ज़ा करना
10. तलाशी या गिरफ्तारी का अधिकार अभिहित प्राधिकारी को किसके आदेश से मिलता है?
a. केवल न्यायालय के आदेश से
b. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार के साधारण या विशेष आदेश से
c. किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मौखिक आदेश से
d. नागरिक की शिकायत से
11. धारा 43क के अनुसार अभिहित प्राधिकारी क्या कर सकता है?
a. केवल अपने अधीनस्थ अधिकारी को शक्ति प्रदान करना
b. स्वयं किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करना और किसी भवन, वाहन या स्थान की तलाशी लेना
c. केवल दस्तावेज़ को जब्त करना
d. केवल सूचना दर्ज करना
12. गिरफ्तारी, अभिग्रहण, आदि की प्रक्रिया, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 43
b. धारा 43क
c. धारा 43ख
d. धारा 45
13. धारा 43ख(1) के अनुसार, धारा 43क के अधीन गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को क्या बताया जाना अनिवार्य है?
a. केवल उसका अपराध
b. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधारों की सूचना दी जानी अनिवार्य है
c. न्यायालय की अगली तिथि
d. दंड की अवधि
14. धारा 43ख के अनुसार गिरफ्तारी के बाद सूचना देने का समय क्या होना चाहिए?
a. 24 घंटे के भीतर
b. यथासंभव शीघ्र गिरफ्तारी के आधारों की सूचना दी जानी चाहिए
c. मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत होने पर
d. पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने पर
15. धारा 43क के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति को किसके पास भेजा जाना आवश्यक है?
a. विशेष न्यायालय
b. जिला मजिस्ट्रेट
c. निकटतम पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी
d. राज्य सरकार
16. धारा 43ख(2) के अनुसार अभिगृहीत वस्तु के संबंध में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी?
a. तुरंत नष्ट कर दी जाएगी
b. न्यायालय में सीधे पेश की जाएगी
c. निकटतम पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को अग्रेषित की जाएगी
d. राज्य सरकार को भेजी जाएगी
17. धारा 43ख(3) के अनुसार, पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी क्या करेगा?
a. केवल रोजनामचा में प्रविष्टि करेगा
b. दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के उपबंधों के अनुसार आवश्यक उपाय करेगा
c. व्यक्ति को तुरंत रिहा कर देगा
d. मामला बंद कर देगा
18. धारा 43ख के अंतर्गत “अनावश्यक विलंब” का क्या आशय है?
a. प्रशासनिक सुविधा के अनुसार देरी
b. जानबूझकर की गई देरी
c. बिना उचित कारण के देरी
d. न्यायालय के आदेश से देरी
19. धारा 43ख का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. केवल गिरफ्तारी को वैध बनाना
b. गिरफ्तारी और अभिग्रहण के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया सुनिश्चित करना
c. पुलिस को असीमित शक्ति देना
d. न्यायालय की भूमिका समाप्त करना
20. दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के उपबंधों का लागू होना, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 43क
b. धारा 43ख
c. धारा 43ग
d. धारा 43
21. धारा 43ग के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के उपबंध कब लागू होंगे?
a. प्रत्येक स्थिति में बिना अपवाद
b. केवल न्यायालय की अनुमति से
c. जहां तक वे इस अधिनियम के उपबंधों के असंगत न हों
d. केवल तलाशी के मामलों में
22. धारा 43ग के अंतर्गत दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के उपबंध किन कार्यवाहियों पर लागू होते हैं?
a. केवल गिरफ्तारियों पर
b. केवल तलाशियों पर
c. केवल अभिग्रहणों पर
d. गिरफ्तारियों, तलाशियों और अभिग्रहणों पर
23. धारा 43ग में “असंगत” होने का क्या प्रभाव है?
a. संहिता पूरी तरह निरस्त हो जाती है
b. केवल अधिनियम के उपबंध लागू होते हैं
c. दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के जो उपबंध इस अधिनियम से असंगत हैं, वे लागू नहीं होंगे
d. दोनों कानून एक साथ लागू होंगे
24. धारा 43ग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. संहिता को पूर्णतः समाप्त करना
b. केवल विशेष प्रक्रिया लागू करना
c. सामान्य आपराधिक प्रक्रिया को पूरक रूप से लागू करना
d. पुलिस शक्तियों को सीमित करना
25. यदि इस अधिनियम में किसी विषय पर विशेष प्रावधान है और दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) में भिन्न प्रावधान है, तो कौन प्रभावी होगा?
a. संहिता का प्रावधान
b. राज्य सरकार का आदेश
c. इस अधिनियम का प्रावधान प्रभावी होगा
d. न्यायालय का विवेक
26. धारा 43ग के अनुसार, क्या संहिता स्वतः ही सभी मामलों में लागू हो जाती है?
a. हाँ, बिना किसी शर्त के
b. नहीं, केवल न्यायालय के आदेश से
c. नहीं, केवल वहीं जहां असंगति न हो
d. केवल गिरफ्तारी के मामलों में
27. धारा 43ग के अनुसार, इस अधिनियम के अंतर्गत की गई तलाशी पर कौन-सा कानून लागू होगा?
a. केवल यह अधिनियम
b. केवल दंड प्रक्रिया संहिता
c. यह अधिनियम तथा दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023), जहां तक वे असंगत न हों
d. केवल राज्य पुलिस नियम
28. दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के कतिपय उपबंधों का उपातंरित रूप में लागू होना, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 43क
b. धारा 43ख
c. धारा 43ग
d. धारा 43घ
29. धारा 43घ(1) के अनुसार इस अधिनियम के अधीन दंडनीय प्रत्येक अपराध किस श्रेणी का माना जाएगा?
a. असंज्ञेय अपराध
b. जमानतीय अपराध
c. संज्ञेय अपराध
d. समन अपराध
30. धारा 43घ(1) के अनुसार “संज्ञेय अपराध” की परिभाषा किस धारा के अनुसार होगी?
a. संहिता की धारा 41(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 45)
b. संहिता की धारा 154(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 54)
c. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 2 का खंड (ग) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 20(1) का खंड (छ)
d. संहिता की धारा 167(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 66)
31. धारा 43घ(2) के अंतर्गत किस धारा को उपांतरण सहित लागू किया गया है?
a. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 180)
b. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 193)
c. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 187)
d. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 210)
32. धारा 43घ(2)(क) के अनुसार संहिता में उल्लिखित “15 दिन” को किस रूप में पढ़ा जाएगा?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 60 दिन
d. 90 दिन
33. धारा 43घ(2)(क) के अनुसार संहिता में उल्लिखित “90 दिन” को किस रूप में पढ़ा जाएगा?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 60 दिन
d. 90 दिन
34. धारा 43घ(2)(क) के अनुसार “60 दिन” का अर्थ क्या होगा?
a. 60 दिन
b. 75 दिन
c. 90 दिन
d. 180 दिन
35. धारा 43घ के अनुसार अन्वेषण की अवधि अधिकतम कितने दिनों तक बढ़ाई जा सकती है?
a. 90 दिन
b. 120 दिन
c. 150 दिन
d. 180 दिन
36. 90 दिनों से अधिक अवधि बढ़ाने के लिए न्यायालय को किस रिपोर्ट से संतुष्ट होना आवश्यक है?
a. अन्वेषण अधिकारी की रिपोर्ट
b. लोक अभियोजक की रिपोर्ट
c. पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट
d. मजिस्ट्रेट की टिप्पणी
37. लोक अभियोजक की रिपोर्ट में मुख्य रूप से क्या दर्शाया जाना आवश्यक है?
a. अभियुक्त का आपराधिक इतिहास
b. गवाहों की संख्या
c. अन्वेषण की प्रगति और अतिरिक्त निरुद्धि के कारण
d. अभियोजन की अंतिम राय
38. न्यायिक अभिरक्षा से पुलिस अभिरक्षा मांगे जाने पर पुलिस अधिकारी को क्या दाखिल करना अनिवार्य है?
a. प्राथमिकी
b. चार्जशीट
c. शपथपत्र
d. अनुमति पत्र
39. धारा 43घ(3) के अंतर्गत संहिता की कौन-सी धारा उपांतरण सहित लागू होती है?
a. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 268 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 303)
b. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 193)
c. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 187)
d. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 210)
40. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 268 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 303) में “राज्य सरकार” शब्द का अर्थ धारा 43घ के अनुसार क्या होगा?
a. केवल राज्य सरकार
b. केवल केन्द्रीय सरकार
c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार
d. गृह मंत्रालय
41. धारा 43घ(4) के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 482) किस पर लागू नहीं होगी?
a. साधारण अपराध
b. आर्थिक अपराध
c. इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध
d. जमानतीय अपराध
42. धारा 43घ(5) के अनुसार जमानत देने से पहले किसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है?
a. अभियुक्त
b. अन्वेषण अधिकारी
c. लोक अभियोजक
d. शिकायतकर्ता
43. न्यायालय जमानत से इंकार करेगा यदि उसे यह राय बने कि—
a. अभियुक्त प्रभावशाली है
b. अपराध गंभीर है
c. अभियोग प्रथमदृष्ट्या सही है
d. अन्वेषण लंबित है
44. धारा 43घ(7) के अनुसार अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी अभियुक्त को जमानत कब दी जा सकती है?
a. सामान्य परिस्थितियों में
b. केवल चिकित्सा आधार पर
c. अतिआपवादिक परिस्थितियों में, कारण लेखबद्ध करके
d. मजिस्ट्रेट के विवेक से
45. धारा 15 के अधीन अपराधों के बारे में उपधारणा, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 43ग
b. धारा 43घ
c. धारा 43ङ
d. धारा 43च
46. धारा 43ङ के अनुसार उपधारणा किस धारा के अधीन अपराधों के संबंध में की जाती है?
a. धारा 14
b. धारा 15
c. धारा 16
d. धारा 17
47. धारा 43ङ के अनुसार अभियोजन में उपधारणा कब की जाएगी?
a. केवल अभियुक्त के स्वीकार करने पर
b. केवल प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य होने पर
c. जब उपधारा में वर्णित तथ्य सिद्ध हो जाएं
d. केवल पुलिस रिपोर्ट पर
48. यदि अभियुक्त के कब्जे से कौन-सी वस्तु बरामद होने पर उपधारणा की जा सकती है?
a. चोरी की संपत्ति
b. आयुध या विस्फोटक या अन्य पदार्थ
c. दस्तावेज
d. नकद धन
49. धारा 43ङ(क) के अनुसार उपधारणा के लिए क्या आवश्यक है?
a. केवल बरामदगी
b. केवल अभियुक्त का बयान
c. यह विश्वास करने का कारण कि पदार्थ अपराध में प्रयुक्त हुए
d. न्यायालय की अनुमति
50. धारा 43ङ(ख) के अनुसार निम्न में से कौन-सा साक्ष्य उपधारणा का आधार बन सकता है?
a. सह-अभियुक्त का बयान
b. परिस्थितिजन्य साक्ष्य
c. अंगुली छाप या अन्य निश्चित साक्ष्य
d. गुप्त सूचना
51. अभियुक्त की अंगुली छाप कहां पाए जाने पर उपधारणा की जा सकती है?
a. केवल अभियुक्त के घर पर
b. केवल पुलिस थाने में
c. अपराध स्थल या संबंधित वस्तु पर
d. न्यायालय अभिलेख पर
52. धारा 43ङ के अनुसार किस प्रकार का साक्ष्य “निश्चित साक्ष्य” माना जाएगा?
a. अनुमान पर आधारित साक्ष्य
b. विशेषज्ञ द्वारा दिया गया साक्ष्य
c. अफवाह
d. मीडिया रिपोर्ट
53. आयुध या यान (वाहन) पर अभियुक्त की अंगुली छाप मिलने पर क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
a. कोई निष्कर्ष नहीं
b. केवल संदेह
c. अपराध में अंतर्वलित होने की उपधारणा
d. स्वतः दोषसिद्धि
54. धारा 43ङ के अंतर्गत की गई उपधारणा किस प्रकृति की होती है?
a. अंतिम और अनिवार्य
b. अपरिवर्तनीय
c. प्रतिकूल सिद्ध होने तक लागू
d. केवल प्रारंभिक
55. अभियुक्त धारा 43ङ के अंतर्गत की गई उपधारणा को कैसे खंडित कर सकता है?
a. मौन रहकर
b. दोष स्वीकार करके
c. प्रतिकूल तथ्य प्रस्तुत करके
d. केवल अपील करके
56. सूचना देने की बाध्यत्ता, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 43ग
b. धारा 43घ
c. धारा 43ङ
d. धारा 43च
57. धारा 43च के अंतर्गत सूचना मांगने का अधिकार किसे है?
a. कोई भी पुलिस अधिकारी
b. अन्वेषण अधिकारी
c. मजिस्ट्रेट
d. लोक अभियोजक
58. धारा 43च के अनुसार सूचना मांगने से पूर्व किस अधिकारी का लिखित अनुमोदन आवश्यक है?
a. थाना प्रभारी
b. पुलिस उप अधीक्षक
c. पुलिस अधीक्षक से अनिम्न पंक्ति का अधिकारी
d. जिला मजिस्ट्रेट
59. अन्वेषण अधिकारी किससे सूचना देने की अपेक्षा कर सकता है?
a. केवल केन्द्रीय सरकार से
b. केवल बैंक से
c. किसी प्राधिकारी, संस्था या व्यक्ति से
d. केवल राज्य सरकार से
60. धारा 43च(1) के अनुसार सूचना मांगने का आधार क्या होना चाहिए?
a. केवल संदेह
b. लिखित शिकायत
c. यह विश्वास करने का कारण कि सूचना उपयोगी या सुसंगत है
d. न्यायालय का आदेश
61. धारा 43च के अंतर्गत किस प्रकार की जानकारी मांगी जा सकती है?
a. केवल व्यक्तिगत जानकारी
b. केवल गोपनीय दस्तावेज
c. अपराध से संबंधित उसके कब्जे की जानकारी
d. केवल वित्तीय विवरण
62. धारा 43च(2) के अनुसार अधिकतम कारावास की अवधि कितनी हो सकती है?
a. एक वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
b. दो वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
c. तीन वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
d. पाँच वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
63. जानबूझकर मिथ्या जानकारी देने पर कौन-सा परिणाम होगा?
a. विभागीय कार्यवाही
b. अवमानना
c. धारा 43च(2) के अंतर्गत दंड
d. केवल सूचना रद्द
64. धारा 43च(2) के अधीन अपराध का विचारण किस प्रकार किया जाएगा?
a. सत्र विचारण
b. समन मामला
c. संक्षिप्त मामला
d. विशेष न्यायालय द्वारा
65. धारा 43च(3) के अनुसार विचारण में दंड प्रक्रिया संहिता(भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) का कौन-सा अध्याय लागू होगा?
a. दंड प्रक्रिया संहिता का अध्याय 12 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का अध्याय 13)
b. दंड प्रक्रिया संहिता का अध्याय 18 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का अध्याय 19)
c. दंड प्रक्रिया संहिता का अध्याय 21 (धारा 262(2) को छोड़कर) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का अध्याय 22 (धारा 285(2) को छोड़कर)
d. दंड प्रक्रिया संहिता का अध्याय 23 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का अध्याय 24)
66. साक्षियों का संरक्षण, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
67. धारा 44(1) के अनुसार इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियां किस प्रकार की जा सकती हैं?
a. खुले न्यायालय में अनिवार्य रूप से
b. केवल विशेष न्यायालय में
c. न्यायालय की इच्छा से बंद कमरे में
d. केवल दिन के समय
68. धारा 44(1) के अंतर्गत बंद कमरे में कार्यवाही करने के लिए क्या आवश्यक है?
a. अभियुक्त की सहमति
b. लोक अभियोजक का अनुरोध
c. लिखित में कारणों का अभिलेखन
d. राज्य सरकार की अनुमति
69. धारा 44(2) के अनुसार साक्षी की पहचान गुप्त रखने का आदेश कब दिया जा सकता है?
a. जब अभियुक्त अनुरोध करे
b. जब साक्षी का जीवन खतरे में हो
c. प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से
d. केवल अपील के समय
70. धारा 44(2) के अंतर्गत न्यायालय किसके आवेदन पर कार्यवाही कर सकता है?
a. केवल अभियुक्त के आवेदन पर
b. केवल जांच अधिकारी के आवेदन पर
c. साक्षी, लोक अभियोजक के आवेदन पर या स्वप्रेरणा से
d. केवल राज्य सरकार के आवेदन पर
71. धारा 44(3) के अंतर्गत निम्न में से कौन-सा उपाय न्यायालय कर सकता है?
a. साक्षी को माफ कर देना
b. कार्यवाही का स्थान स्वयं निर्धारित करना
c. अभियुक्त को अनुपस्थित रखना
d. मामले को स्थगित करना
72. धारा 44(3)(ख) के अनुसार न्यायालय किससे बच सकता है?
a. अभियुक्त का नाम प्रकाशित करने से
b. साक्षियों के नाम और पते के उल्लेख से
c. निर्णय लिखने से
d. अभियोजन साक्ष्य से
73. धारा 44(3)(घ) के अनुसार न्यायालय किस स्थिति में प्रकाशन पर रोक लगा सकता है?
a. जब अभियुक्त फरार हो
b. जब साक्ष्य कमजोर हो
c. जब लोक हित में ऐसा करना आवश्यक हो
d. जब मीडिया अनुरोध करे
74. धारा 44(4) के अनुसार उपधारा (3) के आदेशों का उल्लंघन करने पर अधिकतम कितनी सजा हो सकती है?
a. एक वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों
b. दो वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों
c. तीन वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों
d. पाँच वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों
75. अपराधों का संज्ञान, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
76. धारा 45(1) के अनुसार न्यायालय किस स्थिति में किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा?
a. आरोप पत्र दायर न होने पर
b. बिना पूर्व मंजूरी के
c. अभियुक्त की अनुपस्थिति में
d. साक्ष्य के अभाव में
77. अध्याय 3 के अधीन अपराधों के लिए पूर्व मंजूरी किससे आवश्यक है?
a. राज्य सरकार से
b. जिला मजिस्ट्रेट से
c. केन्द्रीय सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी से
d. पुलिस महानिदेशक से
78. अध्याय 4 और अध्याय 6 के अधीन अपराधों के लिए सामान्यतः किसकी पूर्व मंजूरी आवश्यक है?
a. केवल राज्य सरकार
b. केवल केन्द्रीय सरकार
c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार
d. उच्च न्यायालय
79. यदि अध्याय 4 या 6 के अंतर्गत अपराध किसी विदेशी सरकार के विरुद्ध किया गया हो, तो पूर्व मंजूरी किससे आवश्यक होगी?
a. राज्य सरकार से
b. केन्द्रीय सरकार से
c. विदेशी सरकार से
d. विशेष न्यायालय से
80. धारा 45(1) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. अभियुक्त को संरक्षण देना
b. मनमाने अभियोजन को रोकना
c. न्यायालय की शक्तियों को बढ़ाना
d. जांच प्रक्रिया को समाप्त करना
81. धारा 45(2) के अनुसार अभियोजन की मंजूरी किस आधार पर दी जाएगी?
a. पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर
b. जांच अधिकारी की सिफारिश पर
c. नियुक्त प्राधिकारी की रिपोर्ट पर विचार करने के पश्चात्
d. अभियुक्त के बयान पर
82. धारा 45(2) के अंतर्गत नियुक्त प्राधिकारी का मुख्य कार्य क्या है?
a. अभियुक्त को गिरफ्तार करना
b. साक्षियों का परीक्षण करना
c. जांच में एकत्रित साध्य का स्वतंत्र पुनर्विलोकन करना
d. न्यायालय को निर्देश देना
83. नियुक्त प्राधिकारी किसे सिफारिश करता है?
a. न्यायालय को
b. लोक अभियोजक को
c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार को
d. जांच अधिकारी को
84. धारा 45(2) के अनुसार अभियोजन की मंजूरी कब दी जाएगी?
a. अनिश्चित समय पर
b. न्यायालय के आदेश से
c. विहित समय-सीमा के भीतर
d. अभियुक्त की सहमति से
85. धारा 45 के अंतर्गत “पूर्व मंजूरी” की व्यवस्था किस चरण से संबंधित है?
a. जांच से पहले
b. गिरफ्तारी से पहले
c. न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने से पहले
d. सजा सुनाए जाने से पहले
86. संसूचनाओं के अंतर्रोधन के माध्यम से संगृहीत साक्ष्य की ग्राह्यता, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
87. धारा 46 के अनुसार अंतर्रोधित संसूचना से प्राप्त साक्ष्य किसके बावजूद ग्राह्य होगा?
a. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
c. संविधान
d. पुलिस अधिनियम, 1861
88. धारा 46 के अंतर्गत किस प्रकार की संसूचना के अंतर्रोधन से संगृहीत साक्ष्य ग्राह्य है?
a. केवल मौखिक
b. केवल तार
c. तार, इलेक्ट्रॉनिक या मौखिक
d. केवल इलेक्ट्रॉनिक
89. अंतर्रोधन किन अधिनियमों के उपबंधों के अधीन किया गया होना चाहिए?
a. केवल भारतीय तार अधिनियम, 1885
b. केवल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
c. दोनों या तत्समय प्रवृत्त कोई अन्य विधि
d. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
90. अंतर्रोधित संसूचना से प्राप्त साक्ष्य किसके विरुद्ध प्रयोग किया जा सकता है?
a. गवाह
b. लोक अभियोजक
c. अभियुक्त
d. जांच अधिकारी
91. अंतर्रोधित संसूचना की अंतर्वस्तु को साक्ष्य में लेने से पूर्व अभियुक्त को क्या दिया जाना आवश्यक है?
a. आरोप पत्र
b. पुलिस रिपोर्ट
c. सक्षम प्राधिकारी के आदेश की प्रति
d. न्यायालय का आदेश
92. सक्षम प्राधिकारी के आदेश की प्रति अभियुक्त को कितने समय पूर्व दी जानी चाहिए?
a. 7 दिन
b. 15 दिन
c. 10 दिन
d. 30 दिन
93. दस दिन की अवधि के अधित्याग के लिए न्यायाधीश को किस बात से संतुष्ट होना आवश्यक है?
a. अभियुक्त दोषी है
b. अभियोजन का अनुरोध है
c. विलंब से अभियुक्त पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा
d. जांच पूरी हो चुकी है
94. धारा 46 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. जांच को गोपनीय बनाना
b. अभियुक्त को सजा दिलाना
c. अंतर्रोधित संसूचना से प्राप्त साक्ष्य को वैध बनाना
d. पुलिस शक्तियों को सीमित करना
95. धारा 46 के अंतर्गत साक्ष्य किस चरण में ग्राह्य होगा?
a. जांच के दौरान
b. अभियोजन स्वीकृति के समय
c. मामले के विचारण के दौरान
d. सजा निर्धारण के समय
96. अधिकारिता का वर्जन, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 44
b. धारा 45
c. धारा 46
d. धारा 47
97. धारा 47 का मुख्य विषय क्या है?
a. जमानत
b. साक्ष्य की ग्राह्यता
c. सिविल न्यायालय की अधिकारिता का वर्जन
d. गिरफ्तारी की शक्ति
98. धारा 47(1) के अनुसार किसके द्वारा की गई कार्यवाही को सिविल न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता?
a. केवल केन्द्रीय सरकार
b. केवल जिला मजिस्ट्रेट
c. केन्द्रीय सरकार, जिला मजिस्ट्रेट या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
d. किसी भी पुलिस अधिकारी
99. धारा 47(1) के अंतर्गत किस रूप में कार्यवाही को चुनौती नहीं दी जा सकती?
a. केवल वाद
b. केवल अपील
c. केवल पुनरीक्षण
d. वाद, आवेदन, अपील अथवा पुनरीक्षण
100. इस अधिनियम के अधीन की गई कार्यवाही के संबंध में सिविल न्यायालय क्या नहीं कर सकता?
a. साक्ष्य ग्रहण
b. आदेश की समीक्षा
c. कोई व्यादेश (Injunction) मंजूर करना
d. अभियुक्त को तलब करना
101. धारा 47(1) के अनुसार सिविल न्यायालय द्वारा व्यादेश किस स्थिति में भी नहीं दिया जाएगा?
a. जब कार्यवाही अवैध हो
b. जब कार्यवाही दुर्भावनापूर्ण हो
c. इस अधिनियम के अधीन प्रदत्त शक्ति के अनुसरण में की गई कार्यवाही पर
d. जब अभियुक्त आवेदन करे
102. धारा 47(2) किस धारा से संबंधित मामलों में सिविल न्यायालय की अधिकारिता को स्पष्ट रूप से वर्जित करती है?
a. धारा 15
b. धारा 36
c. धारा 43
d. धारा 45
103. धारा 47(2) के अनुसार धारा 36 के मामलों में कौन अधिकारिता या शक्तियां नहीं रखेगा?
a. केवल सिविल न्यायालय
b. केवल अन्य प्राधिकारी
c. सिविल न्यायालय या अन्य कोई प्राधिकारी
d. केवल उच्च न्यायालय
104. धारा 47 का प्रभाव किस प्रकार की कार्यवाही पर लागू होता है?
a. केवल भविष्य की
b. केवल पूर्व की
c. की गई या की जाने वाली दोनों कार्यवाहियों पर
d. केवल न्यायालयीन कार्यवाही पर
105. अन्य अधिनियमितियों से असंगत अधिनियम और नियमों आदि का प्रभाव, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 48
b. धारा 49
c. धारा 50
d. धारा 51
106. धारा 48 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. जमानत की प्रक्रिया बताना
b. साक्ष्य की ग्राह्यता तय करना
c. इस अधिनियम को अन्य अधिनियमों पर प्रधानता देना
d. अपराधों का वर्गीकरण करना
107. धारा 48 के अनुसार किसके उपबंध प्रभावी होंगे?
a. केवल अन्य अधिनियमों के
b. केवल संविधान के
c. इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनाए गए नियमों/आदेशों के
d. केवल न्यायालय के आदेशों के
108. धारा 48 में “असंगत” शब्द का तात्पर्य क्या है?
a. समान प्रावधान
b. विरोधाभासी प्रावधान
c. सहायक प्रावधान
d. वैकल्पिक प्रावधान
109. धारा 48 के अनुसार किसके होते हुए भी इस अधिनियम के उपबंध प्रभावी होंगे?
a. संविधान
b. न्यायिक निर्णय
c. किसी अन्य अधिनियम या लिखत में अंतर्विष्ट बात
d. कार्यपालिका के निर्देश
110. “इस अधिनियम से भिन्न किसी अधिनियमिति के फलस्वरूप प्रभाव रखने वाली लिखत” से क्या अभिप्राय है?
a. केवल सरकारी अधिसूचना
b. केवल न्यायालयीन आदेश
c. किसी अन्य अधिनियम के कारण प्रभावी दस्तावेज
d. निजी अनुबंध
111. धारा 48 किस सिद्धांत को दर्शाती है?
a. प्राकृतिक न्याय
b. अधिरोहण (Overriding effect)
c. प्रत्यायोजन
d. विवेकाधिकार
112. धारा 48 का प्रभाव किस प्रकार के आदेशों पर भी लागू होता है?
a. केवल न्यायिक
b. केवल प्रशासनिक
c. इस अधिनियम के अधीन किए गए आदेशों पर
d. केवल संवैधानिक
113. धारा 48 का व्यावहारिक प्रभाव क्या है?
a. अन्य सभी अधिनियम निरस्त हो जाते हैं
b. इस अधिनियम को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है
c. न्यायालय की भूमिका समाप्त हो जाती है
d. अभियोजन असंभव हो जाता है
114. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 48
b. धारा 49
c. धारा 50
d. धारा 51
115. धारा 49 के अनुसार किसके विरुद्ध कोई वाद या अभियोजन नहीं होगा?
a. केवल केन्द्रीय सरकार के विरुद्ध
b. केवल राज्य सरकार के विरुद्ध
c. अधिनियम के अधीन सद्भावपूर्वक कार्य करने वालों के विरुद्ध
d. सभी सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध
116. “सद्भावपूर्वक” शब्द का अर्थ क्या है?
a. लापरवाही से किया गया कार्य
b. दुर्भावना से किया गया कार्य
c. ईमानदार एवं नेकनीयत से किया गया कार्य
d. दबाव में किया गया कार्य
117. धारा 49 के अंतर्गत संरक्षण किस प्रकार की कार्रवाई को प्राप्त है?
a. अवैध कार्रवाई
b. व्यक्तिगत विवाद की कार्रवाई
c. अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियम/आदेश के अनुसरण में की गई कार्रवाई
d. न्यायालय के आदेश के विरुद्ध की गई कार्रवाई
118. धारा 49(क) के अंतर्गत संरक्षण किन व्यक्तियों को प्राप्त है?
a. केवल जिला मजिस्ट्रेट
b. केवल केन्द्रीय सरकार
c. केन्द्रीय/राज्य सरकार तथा उनके अधिकारी या प्राधिकारी
d. केवल निजी व्यक्ति
119. धारा 49(ख) के अनुसार किसे संरक्षण प्राप्त है?
a. केवल पुलिस अधिकारियों को
b. आतंकवाद विरोधी संक्रिया में सशस्त्र/अर्द्धसैनिक बलों के सदस्यों को
c. केवल न्यायाधीशों को
d. केवल खुफिया एजेंसियों को
120. क्या सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के सदस्यों को भी धारा 49 के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त है?
a. नहीं
b. केवल विशेष अनुमति से
c. हाँ, यदि कार्रवाई सद्भावपूर्वक की गई हो
d. केवल सेवा काल में की गई कार्रवाई के लिए
121. “आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निदेशित संक्रिया” से क्या अभिप्राय है?
a. सामान्य पुलिस कार्रवाई
b. न्यायिक कार्यवाही
c. आतंकवाद विरोधी सैन्य या सुरक्षा अभियान
d. प्रशासनिक बैठक
122. धारा 49 के अंतर्गत कौन-सी कार्यवाही वर्जित है?
a. अनुशासनात्मक कार्यवाही
b. वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही
c. विभागीय जांच
d. न्यायिक पुनरीक्षण
123. यदि कोई अधिकारी दुर्भावना से कार्य करता है, तो क्या धारा 49 का संरक्षण मिलेगा?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल सरकार की अनुमति से
124. व्यावृत्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 48
b. धारा 49
c. धारा 50
d. धारा 51
125. धारा 50 के अनुसार इस अधिनियम का प्रभाव किस पर नहीं पड़ेगा?
a. केंद्रीय और राज्य पुलिस अधिकारियों पर
b. नौसेना, सेना, वायु सेना या अन्य सशस्त्र बलों के न्यायालय या अन्य प्राधिकारी और उनकी प्रक्रिया पर
c. नागरिक न्यायालयों पर
d. राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों पर
126. अधिनियम के अधीन आरोपित व्यक्ति के पासपोर्ट और आयुध अनुज्ञप्ति का परिबद्ध किया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 48
b. धारा 49
c. धारा 50
d. धारा 51
127. धारा 51 के अनुसार किसी आरोपित व्यक्ति के पासपोर्ट और आयुध अनुज्ञप्ति पर क्या कार्रवाई की जा सकती है?
a. उन्हें हमेशा रद्द कर दिया जाएगा।
b. उन्हें किसी भी अवधि के लिए न्यायालय के अनुसार परिबद्ध किया जा सकता है।
c. केवल राज्य सरकार के आदेश से परिबद्ध किया जा सकता है।
d. केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी से परिबद्ध किया जा सकता है।
128. धारा 51 के अंतर्गत परिबंध किसके लिए लागू होता है?
a. किसी भी नागरिक के लिए
b. केवल पुलिस अधिकारियों के लिए
c. जिसे इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किए जाने के लिए आरोपित किया गया है
d. केवल आतंकवाद विरोधी एजेंसियों के कर्मचारियों के लिए
129. धारा 51 के अनुसार पासपोर्ट और आयुध अनुज्ञप्ति के परिबंध का अधिकार किसके पास है?
a. राज्य सरकार
b. केंद्रीय गृह मंत्रालय
c. न्यायालय
d. लोक अभियोजक
130. धारा 51 में “परिबद्ध” करने का अर्थ क्या है?
a. पासपोर्ट और आयुध अनुज्ञप्ति का हमेशा रद्द होना
b. पासपोर्ट और आयुध अनुज्ञप्ति का सीमित अवधि के लिए प्रयोग न होने देना
c. पासपोर्ट का सिर्फ अवलोकन करना
d. आयुध अनुज्ञप्ति को संशोधित करना
131. धारा 51 के अनुसार अन्य विधियों में अंतर्विष्ट प्रावधानों का प्रभाव क्या होगा?
a. इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन कार्यवाही पर असर नहीं पड़ेगा
b. अन्य विधियों का उल्लंघन होगा
c. केवल राज्य विधियों का पालन करना होगा
d. पासपोर्ट रद्द करने का आदेश स्वतः लागू होगा
132. केन्द्रीय सरकार की कतिपय शक्तियां, किस धारा में परिभाषित हैं?
a. धारा 48
b. धारा 49
c. धारा 50
d. धारा 51क
133. धारा 51क के अनुसार केन्द्रीय सरकार किन व्यक्तियों या संस्थाओं के लिए निधियों और अन्य वित्तीय आस्तियों पर रोक, कुर्की या अभिग्रहण कर सकती है?
a. केवल सरकारी अधिकारी
b. केवल न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट व्यक्ति
c. आदेश की अनुसूची में सूचीबद्ध व्यक्तियों या आतंकवाद में लगे या संदिग्ध व्यक्ति
d. किसी भी व्यक्ति
134. धारा 51क के अनुसार किसी व्यक्ति को वित्तीय संसाधनों के उपयोग से रोकने का तरीका क्या है?
a. केवल बैंक खाता फ्रीज करके
b. निधियों, वित्तीय आस्तियों, आर्थिक संसाधनों और संबद्ध सेवाओं को उपलब्ध कराने से रोककर
c. केवल आयकर रोक लगाकर
d. केवल विदेश यात्रा प्रतिबंध लगाकर
135. धारा 51क के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार किन व्यक्तियों को भारत में प्रवेश करने या भारत से बाहर जाने से रोक सकती है?
a. किसी भी नागरिक को
b. केवल न्यायालय द्वारा आरोपित व्यक्ति
c. आदेश की अनुसूची में सूचीबद्ध व्यक्तियों या आतंकवाद में लगे या संदिग्ध व्यक्ति
d. केवल विदेशी नागरिक
136. धारा 51क के अनुसार केन्द्रीय सरकार की शक्तियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. केवल वित्तीय निगरानी करना
b. आतंकवादी क्रियाकलापों का निवारण और उनका मुकाबला करना
c. विदेशी निवेश पर नियंत्रण करना
d. राज्य सरकारों के वित्तीय अधिकारों को नियंत्रित करना
137. धारा 51क के अनुसार केन्द्रीय सरकार किन संसाधनों पर कार्रवाई कर सकती है?
a. केवल नकद राशि
b. केवल जमीनी संपत्ति
c. निधियाँ, वित्तीय आस्तियाँ, आर्थिक संसाधन और संबद्ध सेवाएँ
d. केवल बैंक खातों में जमा धन
138. धारा 51क के अंतर्गत रोक और कुर्की का आदेश किसके लिए जारी किया जा सकता है?
a. केवल किसी सरकारी संगठन के लिए
b. केवल न्यायालय के आदेश पर
c. आदेश की अनुसूची में सूचीबद्ध व्यक्तियों या आतंकवाद में लगे या संदिग्ध किसी अन्य व्यक्ति के लिए
d. केवल विदेशियों के लिए
139. धारा 51क के तहत भारत में किसी व्यक्ति के प्रवेश या उसके बाहर जाने को रोकने का प्रावधान किस उद्देश्य से है?
a. विदेशी निवेश नियंत्रित करने के लिए
b. आतंकवादी गतिविधियों और उनके वित्तीय/संसाधन आधार को रोकने के लिए
c. केवल सीमा सुरक्षा के लिए
d. केवल राज्य सरकारों के निर्देशों के लिए
140. नियम बनाने की शक्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 50
b. धारा 51
c. धारा 52
d. धारा 53
141. धारा 52 के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. राज्य सरकार
b. केन्द्रीय सरकार
c. जिला मजिस्ट्रेट
d. न्यायालय
142. धारा 52(1) के तहत नियम किस माध्यम से बनाए जाएंगे?
a. आदेश के माध्यम से
b. प्रेस विज्ञप्ति द्वारा
c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा
d. किसी न्यायालय के निर्देश द्वारा
143. धारा 52(2)(क) के अनुसार नियम किसके लिए अधिनियम की सूचनाओं या आदेशों की तामील तय कर सकते हैं?
a. केवल सरकारी अधिकारी
b. व्यक्ति, निगम, कंपनी, बैंक या अन्य संगम
c. केवल बैंक
d. केवल न्यायालय
144. धारा 52(2)(ख) के अंतर्गत नियम किस प्रक्रिया को नियंत्रित कर सकते हैं?
a. केवल वित्तीय आस्तियों की कुर्की
b. जांच करने या आवेदन निपटाने की प्रक्रिया, जिसे अधिकरण या जिला न्यायाधीश अपनाए
c. केवल गिरफ्तारी की प्रक्रिया
d. केवल संपत्ति की मूल्यांकन प्रक्रिया
145. धारा 52(2)(ग) के अनुसार नियम किस विषय पर लागू होंगे?
a. अभियुक्त के पासपोर्ट की अवधि
b. धारा 28(2) के अधीन समपहृत संपत्ति की कीमत का अवधारण
c. अदालत के कार्य समय
d. पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया
146. धारा 52(2)(घ) के अंतर्गत नियम किस विषय को विनियमित कर सकते हैं?
a. धारा 36(3) के अधीन आवेदन को ग्रहण करने और निपटाने की प्रक्रिया
b. धारा 43क के अधीन गिरफ्तारी
c. पुलिस जांच की अवधि
d. बैंक के वित्तीय लेनदेन
147. धारा 52(2)(ङ) के अनुसार नियम किसके संबंध में बनाए जा सकते हैं?
a. जिला न्यायाधीश
b. पुनर्विलोकन समिति के सदस्यों की अर्हताएं
c. अभियुक्त के अधिकार
d. बैंकिंग लेनदेन
148. धारा 52(2)(इड) के अनुसार नियम किस समयसीमा को निर्धारित कर सकते हैं?
a. अभियुक्त की जमानत अवधि
b. धारा 45(2) के अधीन अभियोजन के लिए मंजूरी देने और सिफारिश करने का समय
c. पुलिस जांच की अवधि
d. अदालत के सुनवाई का समय
149. धारा 52(2)(च) के अनुसार नियम किस विषय पर बनाए जा सकते हैं?
a. केवल वित्तीय मामलों पर
b. कोई अन्य विषय, जिसे विहित किया जाना है या जो विहित किया जाए
c. केवल अभियोजन प्रक्रिया पर
d. केवल पुलिस जांच पर
150. धारा 52 के अंतर्गत बनाए गए नियमों का उद्देश्य क्या है?
a. केवल अभियुक्त की जमानत निर्धारित करना
b. अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन और संचालन को विनियमित करना
c. केवल बैंकिंग लेनदेन पर निगरानी रखना
d. केवल पुलिस की कार्रवाई पर नियंत्रण रखना
151. आदेशों और नियमों का संसद् के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाना किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 50
b. धारा 51
c. धारा 52
d. धारा 53
152. धारा 53(1) के अनुसार, अधिनियम के तहत केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी किए गए प्रत्येक आदेश को कब संसद के समक्ष रखा जाएगा?
a. जब संसद का सत्र समाप्त हो
b. यथाशीघ्र, सत्र में कुल तीस दिन की अवधि के भीतर
c. केवल अगले सत्र में
d. केवल राष्ट्रपति की अनुमति से
153. धारा 53(1) के अनुसार यदि दोनों सदन आदेश या नियम में परिवर्तन के लिए सहमत हो जाएँ, तो आदेश या नियम:
a. बिना किसी परिवर्तन के प्रभावी रहेगा
b. परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा
c. तुरंत रद्द कर दिया जाएगा
d. केवल न्यायालय में चुनौती योग्य होगा
154. धारा 53(1) में उल्लेखित “सत्र की कुल तीस दिन की अवधि” किस प्रकार पूरी की जा सकती है?
a. केवल एक सत्र में
b. केवल दो सत्रों में
c. एक सत्र या दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में
d. केवल राष्ट्रपति के आदेश से
155. यदि आदेश या नियम को दोनों सदनों द्वारा निष्प्रभाव घोषित किया जाता है, तो उसके पहले किए गए कार्यवाही का विधिमान्यता पर क्या प्रभाव होगा?
a. विधिमान्यता प्रभावित होगी
b. विधिमान्यता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा
c. अदालत द्वारा निर्णय लिया जाएगा
d. कानून स्वतः निरस्त हो जाएगा
156. धारा 53(2) के अनुसार, अनुसूची की प्रविष्टि 33 में निर्दिष्ट आदेश और उसके संशोधन को कब संसद के समक्ष रखा जाएगा?
a. केवल वर्ष में एक बार
b. यथाशीघ्र, कुल तीस दिन की अवधि के लिए
c. केवल राष्ट्रपति की अनुमति से
d. केवल न्यायालय के निर्देश पर
157. धारा 53(1) के अनुसार यदि आदेश या नियम दोनों सदनों द्वारा संशोधित नहीं किए गए और अस्वीकार नहीं किए गए, तो आदेश या नियम:
a. अपने मूल रूप में प्रभावी रहेगा
b. तुरंत रद्द कर दिया जाएगा
c. न्यायालय में चुनौती योग्य होगा
d. केवल अगले सत्र में प्रभावी होगा
158. धारा 53(1) में “अनुक्रमिक सत्र” का क्या अर्थ है?
a. केवल वही सत्र जिसमें राष्ट्रपति उपस्थित हो
b. दो या अधिक लगातार सत्र जो आदेश या नियम के लिए मिलकर तीस दिन पूरी करें
c. केवल एक सत्र
d. केवल अधिनियम के लागू होने के पहले सत्र
159. धारा 53(2) में निर्दिष्ट आदेश और उसके संशोधन की संसद में रखी जाने की अवधि कितनी है?
a. पन्द्रह दिन
b. तीस दिन
c. नब्बे दिन
d. सौ अस्सी दिन
160. धारा 53 के अंतर्गत अगर दोनों सदन यह सहमत हों कि आदेश या नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो आदेश या नियम:
a. परिवर्तित रूप में लागू होगा
b. प्रभावहीन हो जाएगा
c. स्वतः कानून बन जाएगा
d. न्यायालय द्वारा लागू किया जाएगा
161. धारा 53 के अनुसार, आदेश या नियम के संशोधन या निष्प्रभाव से पहले की गई कोई कार्रवाई:
a. तुरंत रद्द हो जाएगी
b. विधिमान्य रहेगी
c. केवल न्यायालय की मंजूरी से वैध होगी
d. केवल सरकार के पुनः निर्णय से वैध होगी
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