Hindi Medium MCQs
विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 Paper-4 MCQs
28 min read
Download The Unlawful Activities (Prevention) Act MCQs Set-4 PDF
1. अन्वेषण अधिकारी और अभिहित प्राधिकारी की शक्तियां और अभिहित प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध अपील, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 25
b. धारा 26
c. धारा 27
d. धारा 28
2. यदि अन्वेषण अधिकारी को संदेह है कि कोई संपत्ति आतंकवाद से संबंधित है, तो वह क्या कर सकता है?
a. संपत्ति को बिना अनुमति के अंतरित कर सकता है
b. संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक की लिखित पूर्व अनुमोदन से संपत्ति का अभिग्रहण या कुर्की का आदेश देगा
c. केवल संपत्ति का निरीक्षण कर सकता है
d. न्यायालय के आदेश के बिना कुर्की कर सकता है
3. अन्वेषण अधिकारी को कुर्क की गई संपत्ति की सूचना कितने समय में अभिहित प्राधिकारी को देनी होती है?
a. 24 घंटे
b. 36 घंटे
c. 48 घंटे
d. 72 घंटे
4. अभिहित प्राधिकारी को अभिग्रहण या कुर्की के आदेश की पुष्टि या प्रतिसंहृत करने के लिए कितने दिन मिलते हैं?
a. 30 दिन
b. 45 दिन
c. 60 दिन
d. 90 दिन
5. अभिहित प्राधिकारी के आदेश से व्यथित व्यक्ति कितने दिनों के भीतर न्यायालय में अपील कर सकता है?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 45 दिन
d. 60 दिन
6. अन्वेषण अधिकारी द्वारा अभिगृहीत नकदी कितने समय तक बिना अभिहित प्राधिकारी की अनुमति के प्रतिधृत की जा सकती है?
a. 24 घंटे
b. 36 घंटे
c. 48 घंटे
d. 72 घंटे
7. धारा 25 में "नकदी" के अंतर्गत क्या आता है?
a. केवल नोट और सिक्के
b. नोट, सिक्के, पोस्टल आर्डर, यात्री चैक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, बैंक ड्राफ्ट और अन्य धन संबंधी लिखतें
c. केवल बैंक ड्राफ्ट
d. केवल क्रेडिट कार्ड
8. कुर्की या अभिग्रहण के आदेश को प्रतिसंहृत करने पर न्यायालय क्या कर सकता है?
a. केवल आदेश को स्थगित कर सकता है
b. आदेश की पुष्टि या प्रतिसंहृत कर सकता है और संपत्ति को मुक्त कर सकता है
c. आदेश की पुष्टि कर सकता है लेकिन संपत्ति को मुक्त नहीं कर सकता
d. केवल संपत्ति को कुर्क कर सकता है
9. यदि संपत्ति को अभिहित प्राधिकारी के समक्ष पेश किया गया है, तो स्थावर संपत्ति के मामले में कब इसे पेश किया गया माना जाएगा?
a. जब अन्वेषण अधिकारी कुर्की करे
b. जब अभिहित प्राधिकारी आदेश पारित करे
c. जब अन्वेषण अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर अभिहित प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही के लिए रखे
d. जब न्यायालय निर्देश दे
10. न्यायालय द्वारा आतंकवाद के आगमों के समपहरण का आदेश दिया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 25
b. धारा 26
c. धारा 27
d. धारा 28
11. न्यायालय किस आधार पर किसी संपत्ति के समपहरण का आदेश दे सकता है?
a. यदि संपत्ति किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है
b. यदि संपत्ति धारा 25 के अनुसार अभिगृहीत या कुर्क की गई है और आतंकवाद के आगम का गठन करती है
c. यदि संपत्ति किसी अपराध में इस्तेमाल हुई है लेकिन आतंकवाद से संबंधित नहीं है
d. केवल तब जब आरोपी को अपराध के लिए अभियोजित किया गया हो
12. क्या न्यायालय को समपहरण का आदेश देने के लिए यह आवश्यक है कि उस व्यक्ति के खिलाफ अध्याय 4 या 6 के तहत अभियोजन हो?
a. हाँ, हमेशा आवश्यक है
b. नहीं, अभियोजन आवश्यक नहीं है
c. केवल अगर संपत्ति नकदी है
d. केवल अगर संपत्ति स्थावर है
13. धारा 26 के अंतर्गत न्यायालय किस प्रकार की संपत्ति के समपहरण का आदेश दे सकता है?
a. केवल स्थावर संपत्ति
b. केवल नकदी
c. कोई भी संपत्ति जिसे आतंकवाद के आगम के रूप में माना गया हो
d. केवल ऐसे सामान जिनका मूल्य पाँच लाख रुपए से अधिक हो
14. न्यायालय द्वारा संपत्ति के समपहरण का आदेश किसकी पुष्टि पर निर्भर करता है?
a. अन्वेषण अधिकारी की रिपोर्ट
b. पुलिस महानिदेशक का आदेश
c. धारा 25 की उपधारा के अनुसार अभिग्रहण या कुर्की के आदेश की पुष्टि
d. केंद्रीय सरकार के लिखित आदेश
15. न्यायालय का आदेश संपत्ति के समपहरण के संबंध में किस पर लागू होता है?
a. केवल अभियुक्त व्यक्ति पर
b. किसी भी व्यक्ति पर, चाहे उसे अभियोजन का सामना करना पड़ रहा हो या नहीं
c. केवल सरकारी संस्थाओं पर
d. केवल विदेशी नागरिकों पर
16. आतंकवाद के आगमों के समपहरण से पूर्व हेतुक दर्शित करने की सूचना का जारी किया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 25
b. धारा 26
c. धारा 27
d. धारा 28
17. धारा 27(1) के अनुसार, धारा 26 के अंतर्गत आतंकवाद के आगमों के समपहरण का आदेश कब तक नहीं दिया जाएगा?
a. जब तक संपत्ति का मूल्यांकन पूरा न हो
b. जब तक संपत्ति धारक को समपहरण के आधारों की सूचना और लिखित पक्षकथन का अवसर न दिया जाए
c. जब तक संपत्ति का विक्रय आदेश न जारी किया जाए
d. जब तक संपत्ति को कुर्क न किया जाए
18. धारा 27(1) के अनुसार, व्यक्ति को किस प्रकार का अवसर दिया जाना चाहिए?
a. संपत्ति बेचने का अवसर
b. समपहरण के आधारों के विरुद्ध लिखित पक्षकथन प्रस्तुत करने और सुनवाई का अवसर
c. संपत्ति का मूल्यांकन कराने का अवसर
d. संपत्ति सुरक्षित रखने का अवसर
19. धारा 27(2) के अनुसार, समपहरण आदेश कब नहीं दिया जाएगा?
a. यदि संपत्ति नकद है
b. यदि व्यक्ति यह साबित कर देता है कि उसने संपत्ति को यह न जानकर रखा कि यह आतंकवाद के आगम हैं
c. यदि संपत्ति नाश होने योग्य है
d. यदि संपत्ति किसी अन्य राज्य में स्थित है
20. न्यायालय किस प्रकार की संपत्ति के लिए विक्रय आदेश दे सकता है?
a. नकद संपत्ति
b. विनश्वर संपत्ति, जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 459 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 505)
c. संपत्ति जो किसी कंपनी के नाम है
d. संपत्ति जो किसी अन्य राज्य में है
21. नाश न होने वाली संपत्ति के संबंध में न्यायालय क्या कर सकता है?
a. संपत्ति का कुर्की कर सकता है
b. केंद्रीय या राज्य सरकार के किसी अधिकारी को संपत्ति के प्रशासक के कृत्य का पालन करने के लिए नामित कर सकता है
c. संपत्ति का तुरंत विक्रय आदेश दे सकता है
d. संपत्ति धारक से संपत्ति ले सकता है
22. यदि संपत्ति धारक यह साबित करता है कि उसने संपत्ति को यह न जानकर रखा कि यह आतंकवादी आगम हैं, तो क्या होगा?
a. संपत्ति को कुर्क किया जाएगा
b. समपहरण आदेश जारी नहीं किया जाएगा
c. संपत्ति को बेच दिया जाएगा
d. संपत्ति को केंद्रीय सरकार के पास ले जाया जाएगा
23. नाश न होने वाली संपत्ति का प्रशासन करने के लिए न्यायालय किसे नामित कर सकता है?
a. संपत्ति धारक
b. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार का अधिकारी
c. पुलिस अधिकारी
d. संपत्ति के विक्रेता
24. धारा 27 में कौन सा सिद्धांत सुनिश्चित किया गया है?
a. संपत्ति का तुरंत कुर्की
b. संपत्ति का मूल्यांकन
c. प्राकृतिक न्याय और प्रक्रियात्मक न्याय
d. संपत्ति के विक्रय का अधिकार
25. अपील, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 25
b. धारा 26
c. धारा 27
d. धारा 28
26. धारा 28(1) के अनुसार, धारा 26 के अधीन समपहरण के आदेश से व्यथित व्यक्ति किसे अपील कर सकता है?
a. जिला न्यायालय
b. उच्च न्यायालय
c. सर्वोच्च न्यायालय
d. केंद्रीय सरकार
27. अपील करने की समय सीमा धारा 28(1) के अनुसार क्या है?
a. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 15 दिन
b. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 30 दिन
c. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 45 दिन
d. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 60 दिन
28. धारा 28(2) के अनुसार, यदि उच्च न्यायालय द्वारा आदेश को उपांतरित या रद्द किया जाता है, तो क्या होगा?
a. संपत्ति को कुर्क किया जाएगा
b. संपत्ति को वापस कर दिया जाएगा
c. संपत्ति की बिक्री की जाएगी
d. संपत्ति को सरकार के पास रखा जाएगा
29. यदि किसी कारणवश समपहृत संपत्ति को वापस करना संभव न हो, तो धारा 28(2) के अनुसार क्या किया जाएगा?
a. संपत्ति को नष्ट कर दिया जाएगा
b. व्यक्ति को उसकी कीमत संगणित युक्तियुक्त व्याज के साथ दी जाएगी
c. संपत्ति को केंद्रीय सरकार के पास रख लिया जाएगा
d. संपत्ति का कोई उपाय नहीं किया जाएगा
30. धारा 28 के अनुसार, अपील किस न्यायालय की अधिकारिता में की जाएगी?
a. उसी न्यायालय की, जिसने आदेश पारित किया था
b. किसी भी जिला न्यायालय की
c. सर्वोच्च न्यायालय की
d. राज्य सरकार के निर्णयाधीन न्यायालय की
31. धारा 28(2) में, यदि संपत्ति वापस नहीं की जा सकती है, तो उसकी कीमत कैसे निर्धारित की जाएगी?
a. बाजार मूल्य के अनुसार
b. केंद्र सरकार के मूल्यांकन के अनुसार, युक्तियुक्त व्याज सहित
c. पुलिस द्वारा तय मूल्य
d. संपत्ति धारक द्वारा तय मूल्य
32. धारा 28 में अपील करने का अधिकार किसके पास है?
a. केवल केंद्रीय सरकार
b. उस व्यक्ति के पास, जिसके विरुद्ध धारा 26 के तहत समपहरण आदेश पारित हुआ है
c. न्यायालय
d. पुलिस
33. यदि व्यक्ति को दोषमुक्त कर दिया जाता है, तो उसके पास क्या अधिकार होगा?
a. उसे जुर्माना देना होगा
b. उसे समपहृत संपत्ति वापस मिल जाएगी
c. उसे केवल ब्याज मिलेगा
d. उसे केवल सरकारी आदेश मानना होगा
34. धारा 28 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. संपत्ति का तुरंत कुर्की
b. संपत्ति धारक को न्यायालय में अपील और पुनर्वित्त का अधिकार देना
c. पुलिस को अधिक अधिकार देना
d. केंद्रीय सरकार को संपत्ति का अधिकार देना
35. धारा 28(2) के अनुसार, समपहरण की तारीख से संगणित किया जाने वाला व्याज किस पर आधारित होगा?
a. संपत्ति के बाजार मूल्य पर
b. समपहरण की तारीख से व्यक्त को भुगतान करने योग्य राशि पर
c. केंद्रीय बैंक की दर पर
d. संपत्ति की खरीद मूल्य पर
36. समपहरण के आदेश का अन्य दंडों में बाधा न डालना, किस धारा से सम्बंधित हैं
a. धारा 31
b. धारा 30
c. धारा 29
d. धारा 28
37. धारा 29 के अनुसार, समपहरण का आदेश किस पर प्रभाव नहीं डालता?
a. अपील के अधिकार पर
b. अभियोजन की प्रक्रिया पर
c. अन्य दंडों के अधिरोपण पर
d. संपत्ति की कुर्की पर
38. न्यायालय द्वारा किया गया समपहरण का आदेश किस भाग के अधीन माना जाता है?
a. अध्याय 3
b. अध्याय 4
c. इस भाग के अधीन
d. अध्याय 7
39. धारा 29 के अनुसार, समपहरण का आदेश किस अध्याय के अंतर्गत दायित्व से व्यक्ति को मुक्त नहीं करता?
a. केवल अध्याय 4
b. केवल अध्याय 6
c. अध्याय 4 और अध्याय 6 दोनों
d. केवल अध्याय 5
40. यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध समपहरण का आदेश पारित हो गया है, तो क्या उसे अन्य दंड भी दिए जा सकते हैं?
a. नहीं, समपहरण ही अंतिम दंड है
b. हाँ, अन्य दंड भी अधिरोपित किए जा सकते हैं
c. केवल आर्थिक दंड दिया जा सकता है
d. केवल चेतावनी दी जा सकती है
41. धारा 29 किस सिद्धांत को स्पष्ट करती है?
a. दोहरा दंड निषिद्ध है
b. समपहरण एकमात्र दंड है
c. समपहरण और दंड समानांतर चल सकते हैं
d. अभियोजन की समाप्ति
42. धारा 29 के अनुसार, समपहरण का आदेश किसे निवारित नहीं करता?
a. संपत्ति की वापसी
b. अन्य दंडों का अधिरोपण
c. अपील का अधिकार
d. न्यायिक समीक्षा
43. तीसरे पक्षकार द्वारा दावे, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 31
b. धारा 30
c. धारा 29
d. धारा 28
44. धारा 30 के अंतर्गत तीसरे पक्षकार द्वारा दावा कब किया जाता है?
a. जब अभियुक्त दोषसिद्ध हो चुका हो
b. जब संपत्ति आतंकवाद के आगमों से अर्जित हो
c. जब संपत्ति समपहरण या कुर्की के लिए दायी न हो
d. जब संपत्ति पहले ही नष्ट हो चुकी हो
45. धारा 25 के अधीन कुर्क या समपहरित संपत्ति पर किए गए दावे का अन्वेषण कौन करता है?
a. अन्वेषण अधिकारी
b. न्यायालय
c. अभिहित प्राधिकारी
d. राज्य सरकार
46. अभिहित प्राधिकारी किस स्थिति में दावा या आक्षेप का अन्वेषण नहीं करेगा?
a. जब दावा मौखिक हो
b. जब दावा विलंब से प्रस्तुत किया गया हो
c. जब दावा अनावश्यक विलंब कराने के उद्देश्य से किया गया हो
d. जब संपत्ति चल संपत्ति हो
47. धारा 30(1) के अंतर्गत दावा किस संपत्ति के संबंध में किया जा सकता है?
a. केवल चल संपत्ति
b. केवल स्थावर संपत्ति
c. कुर्क या समपहरणाधीन संपत्ति
d. केवल सरकारी संपत्ति
48. धारा 30(2) के अनुसार दावाकर्ता को क्या सिद्ध करना होता है?
a. अभियुक्त निर्दोष है
b. संपत्ति आतंकवाद से संबंधित है
c. संपत्ति इस अध्याय के अधीन समपहरण योग्य नहीं है
d. कुर्की आदेश अवैध है
49. धारा 30(2) किस अवस्था में लागू होती है?
a. जब न्यायालय दोषसिद्धि कर दे
b. जब धारा 25(6) के अधीन अपील की गई हो
c. जब अभियोजन वापस ले लिया जाए
d. जब संपत्ति नीलाम हो जाए
50. यदि दावाकर्ता यह सिद्ध कर देता है कि संपत्ति समपहरण योग्य नहीं है, तो क्या होगा?
a. कुर्की आदेश की पुष्टि होगी
b. संपत्ति नीलाम कर दी जाएगी
c. धारा 27 के अधीन जारी सूचना वापस या संशोधित की जाएगी
d. अभियोजन समाप्त कर दिया जाएगा
51. धारा 30 के अंतर्गत दावा करने का अधिकार किसे है?
a. केवल अभियुक्त को
b. केवल सरकारी अधिकारी को
c. तीसरे पक्षकार को
d. केवल अन्वेषण अधिकारी को
52. धारा 30 के अंतर्गत दावा करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. अभियोजन की वैधता को चुनौती देना
b. संपत्ति को समपहरण या कुर्की से बचाना
c. अपील की समय-सीमा बढ़ाना
d. दोषमुक्ति प्राप्त करना
53. धारा 30 में किस प्राधिकारी को यह तय करने का विवेकाधिकार दिया गया है कि दावा अन्वेषण योग्य है या नहीं?
a. न्यायालय
b. अन्वेषण अधिकारी
c. अभिहित प्राधिकारी
d. राज्य सरकार
54. अभिहित प्राधिकारी की शक्तियां, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 31
b. धारा 30
c. धारा 29
d. धारा 28
55. धारा 31 के अनुसार अभिहित प्राधिकारी को किस प्रकार की शक्तियाँ प्राप्त होती हैं?
a. केवल प्रशासनिक शक्तियाँ
b. पुलिस अधिकारी की शक्तियाँ
c. सिविल न्यायालय की सभी शक्तियाँ
d. दंड न्यायालय की सीमित शक्तियाँ
56. अभिहित प्राधिकारी को सिविल न्यायालय की शक्तियाँ किस उद्देश्य से दी गई हैं?
a. दंड देने के लिए
b. पूर्व और उचित जाँच करने के लिए
c. अभियोजन चलाने के लिए
d. गिरफ्तारी आदेश देने के लिए
57. धारा 31 के अंतर्गत अभिहित प्राधिकारी की शक्तियाँ किसके अधीन होती हैं?
a. दंड प्रक्रिया संहिता
b. उच्च न्यायालय के निर्देश
c. इस अध्याय के उपबंध
d. राज्य सरकार की अधिसूचना
58. निम्नलिखित में से कौन-सी शक्ति धारा 31 के अंतर्गत अभिहित प्राधिकारी को प्राप्त मानी जाएगी?
a. गवाहों को तलब करना
b. आरोप तय करना
c. सजा सुनाना
d. प्राथमिकी दर्ज करना
59. धारा 31 के अंतर्गत अभिहित प्राधिकारी की भूमिका किस प्रकृति की है?
a. पूर्णतः दंडात्मक
b. अन्वेषणात्मक और न्यायिक
c. केवल सलाहकार
d. केवल प्रशासनिक
60. कतिपय अंतरणों का आकृत और शून्य होना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 31
b. धारा 32
c. धारा 33
d. धारा 34
61. धारा 32 किस स्थिति में संपत्ति के अंतरण को अमान्य मानती है?
a. जब अंतरण न्यायालय के आदेश से हो
b. जब अंतरण धारा 25 के आदेश या धारा 27 की सूचना के बाद हो
c. जब अंतरण पारिवारिक सदस्य के पक्ष में हो
d. जब अंतरण मूल्य लेकर किया गया हो
62. धारा 32 के अनुसार, आदेश या सूचना के पश्चात् किए गए अंतरण के संबंध में क्या किया जाएगा?
a. उसे वैध माना जाएगा
b. उसे स्थगित किया जाएगा
c. उस पर ध्यान नहीं दिया जाएगा
d. उसे पंजीकरण के अधीन रखा जाएगा
63. यदि आदेश या सूचना के बाद अंतरित संपत्ति को बाद में समपहृत कर लिया जाता है, तो ऐसा अंतरण किस प्रकृति का होगा?
a. वैध
b. सशर्त
c. अकृत और शून्य
d. अपील योग्य
64. धारा 32 के अंतर्गत अंतरण को अकृत और शून्य कब माना जाएगा?
a. जैसे ही आदेश जारी हो
b. जैसे ही सूचना जारी हो
c. जब अंतरित संपत्ति समपहृत कर ली जाती है
d. जब अंतरण रजिस्टर्ड न हो
65. धारा 32 का प्रभाव किस प्रयोजन के लिए सीमित है?
a. दीवानी वादों के लिए
b. आपराधिक अपीलों के लिए
c. इस अध्याय के अधीन कार्यवाहियों के प्रयोजन के लिए
d. सामान्य संपत्ति कानून के लिए
66. धारा 32 का मुख्य विधिक परिणाम क्या है?
a. संपत्ति का स्वतः अधिग्रहण
b. आदेश के बाद किए गए अंतरण को निष्प्रभावी बनाना
c. तीसरे पक्ष को अधिकार देना
d. संपत्ति का अस्थायी अधिरोपण
67. कतिपय व्यक्तियों की संपत्ति का समपहरण, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 31
b. धारा 32
c. धारा 33
d. धारा 34
68. धारा 33(1) के अनुसार, न्यायालय संपत्ति की कुर्की कब कर सकता है?
a. दोषसिद्धि के बाद ही
b. अभियोजन समाप्त होने पर
c. विचारण के दौरान
d. अपील के बाद
69. धारा 33(1) के अंतर्गत कुर्क की जाने वाली संपत्ति का प्रकार क्या हो सकता है?
a. केवल जंगम
b. केवल स्थावर
c. जंगम या स्थावर या दोनों
d. केवल बैंक खाते
70. धारा 33(1) के अनुसार, न्यायालय किस स्थिति में संपत्ति कुर्क कर सकता है?
a. यदि संपत्ति पहले से कुर्क न हो
b. यदि संपत्ति विवादित हो
c. यदि संपत्ति विदेश में हो
d. यदि संपत्ति विरासत में मिली हो
71. धारा 33(2) के अंतर्गत संपत्ति का समपहरण कब किया जा सकता है?
a. आरोप पत्र दाखिल होने पर
b. अभियुक्त के फरार होने पर
c. अभियुक्त के सिद्धदोष ठहराए जाने पर
d. जांच प्रारंभ होने पर
72. धारा 33(2) के अनुसार, समपहृत संपत्ति किसे हस्तांतरित होती है?
a. शिकायतकर्ता को
b. पीड़ित को
c. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार को
d. न्यायालय को
73. धारा 33(3) के अंतर्गत, न्यायालय किस प्रकार की संपत्ति के मूल्य के समतुल्य संपत्ति को कुर्क कर सकता है?
a. विदेशी मुद्रा
b. सामान्य नकली करेंसी
c. उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसी
d. जब्त की गई संपत्ति
74. धारा 33(3) में वर्णित समतुल्य मूल्य में क्या सम्मिलित किया जाता है?
a. केवल बाजार मूल्य
b. केवल अंकित मूल्य
c. अंकित मूल्य सहित मूल्य
d. केवल अनुमानित मूल्य
75. धारा 33(4) के अनुसार, आतंकवाद के आगमों के संबंध में न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?
a. केवल जुर्माना
b. केवल चेतावनी
c. समतुल्य संपत्ति की कुर्की या समपहरण
d. केवल संपत्ति का फ्रीज
76. धारा 33(5) के अंतर्गत, अभियुक्त की मृत्यु होने पर न्यायालय क्या कर सकता है?
a. कार्यवाही समाप्त कर देगा
b. केवल कुर्की हटाएगा
c. संपूर्ण संपत्ति अधिहरण का आदेश दे सकता है
d. केवल जुर्माना लगाएगा
77. धारा 33(5) के अनुसार, संपत्ति के अधिहरण का निर्णय किस आधार पर लिया जाता है?
a. अभियोजन की मांग पर
b. पुलिस रिपोर्ट पर
c. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत तात्त्विक साक्ष्य के आधार पर
d. अनुमान के आधार पर
78. कंपनी द्वारा सरकार को शेयरों का अंतरण करना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 31
b. धारा 32
c. धारा 33
d. धारा 34
79. धारा 34 किस स्थिति में लागू होती है?
a. जब कंपनी स्वेच्छा से शेयर हस्तांतरित करे
b. जब कंपनी का परिसमापन हो
c. जब किसी कंपनी के शेयर इस अध्याय के अधीन सरकार को समपहृत हो जाएँ
d. जब शेयरधारक की मृत्यु हो जाए
80. धारा 34 के अनुसार, समपहृत शेयर किसके नाम पर रजिस्टर किए जाते हैं?
a. न्यायालय के नाम पर
b. शिकायतकर्ता के नाम पर
c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के नाम पर
d. कंपनी के निदेशक के नाम पर
81. कंपनी को समपहृत शेयरों का अंतरण कब रजिस्टर करना होता है?
a. अपील की अवधि समाप्त होने के बाद
b. शेयरधारक की सहमति के बाद
c. न्यायालय के आदेश की प्राप्ति पर
d. रजिस्ट्रार की अनुमति के बाद
82. धारा 34 के अनुसार, शेयरों का अंतरण रजिस्टर करते समय किस कानून या दस्तावेज की बाधा लागू नहीं होगी?
a. आयकर अधिनियम, 1961
b. कंपनी अधिनियम, 1956 और कंपनी के संगम अनुच्छेद
c. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
83. धारा 34 के अनुसार, कंपनी द्वारा शेयरों का अंतरण किस प्रकार किया जाना आवश्यक है?
a. निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद
b. न्यायालय की अनुमति से
c. तुरंत, अंतरिति के रूप में रजिस्टर करके
d. वार्षिक आम बैठक में प्रस्ताव पारित करके
84. अनुसूची, आदि का संशोधन, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 35
b. धारा 36
c. धारा 37
d. धारा 38
85. धारा 35 के अंतर्गत पहली अनुसूची में संशोधन करने की शक्ति किसे प्राप्त है?
a. संसद
b. उच्च न्यायालय
c. केन्द्रीय सरकार
d. राज्य सरकार
86. पहली अनुसूची में किसी संगठन को जोड़ने के लिए केन्द्रीय सरकार को कौन-सा माध्यम अपनाना होता है?
a. अधिनियम पारित करके
b. राजपत्र में अधिसूचना जारी करके
c. न्यायालय से अनुमति लेकर
d. राज्य सरकार की संस्तुति से
87. धारा 35(1) के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार कौन-सा कार्य नहीं कर सकती?
a. पहली अनुसूची में संगठन जोड़ना
b. पहली अनुसूची से संगठन हटाना
c. पहली अनुसूची में अन्य प्रकार का संशोधन करना
d. बिना अधिसूचना के संगठन को सूचीबद्ध करना
88. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अध्याय 7 के अंतर्गत आतंकवादी घोषित संगठन को पहली अनुसूची में क्यों जोड़ा जा सकता है?
a. वह भारत में पंजीकृत है
b. वह विदेशी संगठन है
c. वह अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से संबंधित है
d. वह प्रतिबंधित संगठन नहीं है
89. धारा 35(2) के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किसी संगठन को पहली अनुसूची में कब जोड़ सकती है?
a. जब संगठन लाभ कमाता हो
b. जब संगठन विदेशी फंड प्राप्त करता हो
c. जब सरकार को यह विश्वास हो कि वह आतंकवाद में संलिप्त है
d. जब संगठन के विरुद्ध अभियोजन लंबित हो
90. धारा 35(3) के अनुसार, निम्न में से कौन-सा आधार संगठन को आतंकवाद में संलिप्त मानने के लिए पर्याप्त है?
a. आतंकवादी कार्य करना
b. आतंकवाद के लिए तैयारी करना
c. आतंकवाद को बढ़ावा देना
d. उपर्युक्त सभी
91. दूसरी और तीसरी अनुसूची में संशोधन करने की शक्ति किस उपधारा के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार को प्राप्त है?
a. उपधारा (1)
b. उपधारा (2)
c. उपधारा (3)
d. उपधारा (4)
92. धारा 35 के अंतर्गत दूसरी या तीसरी अनुसूची में संशोधन किस प्रकार किया जाता है?
a. संसद की स्वीकृति से
b. उच्च न्यायालय के आदेश से
c. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा
d. राज्य सरकार की अधिसूचना से
93. धारा 35(5) के अनुसार, जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना का क्या किया जाना आवश्यक है?
a. राज्य सरकारों को भेजा जाना
b. राष्ट्रपति की स्वीकृति लेना
c. यथाशीघ्र संसद के समक्ष रखा जाना
d. न्यायालय में चुनौती के लिए प्रस्तुत करना
94. धारा 35 के अनुसार, निम्न में से कौन-सा कार्य केन्द्रीय सरकार कर सकती है?
a. केवल पहली अनुसूची में संशोधन
b. केवल दूसरी अनुसूची में संशोधन
c. केवल तीसरी अनुसूची में संशोधन
d. पहली, दूसरी और तीसरी अनुसूचियों में संशोधन
95. किसी आतंकवादी संगठन को अधिसूचना से निकाला जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 35
b. धारा 36
c. धारा 37
d. धारा 38
96. किसी संगठन को अनुसूची से हटाने के लिए आवेदन किस प्रावधान के अंतर्गत किया जाता है?
a. धारा 34
b. धारा 35(1)(ग)
c. धारा 36(2)
d. धारा 37
97. धारा 36(1) के अनुसार संगठन को अनुसूची से हटाने हेतु आवेदन किसे किया जाता है?
a. उच्च न्यायालय
b. पुनर्विलोकन समिति
c. केन्द्रीय सरकार
d. संसद
98. धारा 36(2) के अनुसार, आवेदन कौन कर सकता है?
a. केवल राज्य सरकार
b. केवल केन्द्रीय सरकार
c. संगठन या संगठन को आतंकवादी घोषित किए जाने से प्रभावित कोई व्यक्ति
d. केवल न्यायालय
99. संगठन को अनुसूची में शामिल किए जाने से प्रभावित व्यक्ति को आवेदन करने का अधिकार किस उपधारा में दिया गया है?
a. उपधारा (1)
b. उपधारा (2)(ख)
c. उपधारा (4)
d. उपधारा (5)
100. धारा 36(3) के अनुसार, आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए नियम कौन बना सकता है?
a. उच्च न्यायालय
b. संसद
c. पुनर्विलोकन समिति
d. केन्द्रीय सरकार
101. यदि केन्द्रीय सरकार धारा 36(1) के अंतर्गत किया गया आवेदन नामंजूर कर देती है, तो अगला उपाय क्या है?
a. सर्वोच्च न्यायालय में अपील
b. राज्य सरकार को अभ्यावेदन
c. पुनर्विलोकन समिति में आवेदन
d. राष्ट्रपति को याचिका
102. पुनर्विलोकन के लिए आवेदन नामंजूरी आदेश की प्राप्ति से कितने समय के भीतर किया जाना चाहिए?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 45 दिन
d. 60 दिन
103. पुनर्विलोकन समिति कब पुनर्विलोकन आवेदन मंजूर कर सकती है?
a. जब संगठन सरकार से सहमत हो
b. जब नया साक्ष्य प्रस्तुत किया जाए
c. जब नामंजूरी का निर्णय न्यायिक पुनर्विलोकन के सिद्धांतों के अनुसार दोषपूर्ण हो
d. जब संसद संस्तुति दे
104. यदि पुनर्विलोकन समिति पुनर्विलोकन मंजूर करती है, तो वह क्या कर सकती है?
a. सीधे संगठन को अनुसूची से हटा दे
b. दंड समाप्त कर दे
c. आशय का आदेश पारित कर सकती है
d. मामला उच्च न्यायालय भेज दे
105. पुनर्विलोकन समिति के आदेश के पश्चात् संगठन को अनुसूची से हटाने का अंतिम आदेश कौन करता है?
a. पुनर्विलोकन समिति
b. उच्च न्यायालय
c. संसद
d. केन्द्रीय सरकार
106. पुनर्विलोकन समिति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 35
b. धारा 36
c. धारा 37
d. धारा 38
107. धारा 37 के अनुसार पुनर्विलोकन समिति का गठन कौन करता है?
a. सर्वोच्च न्यायालय
b. उच्च न्यायालय
c. केन्द्रीय सरकार
d. संसद
108. पुनर्विलोकन समिति का गठन किस धारा के प्रयोजनों के लिए किया जाता है?
a. धारा 35 के प्रयोजनों के लिए
b. धारा 36 के प्रयोजनों के लिए
c. धारा 38 के प्रयोजनों के लिए
d. धारा 40 के प्रयोजनों के लिए
109. धारा 37(1) के अनुसार केन्द्रीय सरकार कितनी पुनर्विलोकन समितियां गठित कर सकती है?
a. केवल एक
b. केवल दो
c. एक या अधिक
d. अधिकतम तीन
110. धारा 37(2) के अनुसार प्रत्येक पुनर्विलोकन समिति में कितने सदस्य हो सकते हैं?
a. अध्यक्ष और दो सदस्य
b. अध्यक्ष और तीन से अधिक सदस्य
c. अध्यक्ष और तीन से अनधिक सदस्य
d. केवल अध्यक्ष
111. पुनर्विलोकन समिति के अन्य सदस्यों के संबंध में क्या आवश्यक है?
a. वे संसद सदस्य हों
b. वे न्यायाधीश हों
c. वे विहित अर्हताएं रखते हों
d. वे सरकारी अधिकारी हों
112. पुनर्विलोकन समिति का अध्यक्ष कौन हो सकता है?
a. कोई वरिष्ठ अधिवक्ता
b. कोई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
c. कोई व्यक्ति जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रहा है
d. सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश ही
113. पुनर्विलोकन समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है?
a. मुख्य न्यायमूर्ति भारत
b. संसद
c. केन्द्रीय सरकार
d. राज्य सरकार
114. यदि किसी आसीन उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है, तो किसकी सहमति आवश्यक है?
a. राष्ट्रपति
b. प्रधानमंत्री
c. सर्वोच्च न्यायालय
d. संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति
115. धारा 37 के अंतर्गत गठित पुनर्विलोकन समिति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. आतंकवादी मामलों का विचारण
b. अनुसूची में संगठनों को जोड़ना
c. धारा 36 के अंतर्गत नामंजूरी आदेशों का पुनर्विलोकन
d. दंड निर्धारण
116. पुनर्विलोकन समिति की संरचना किस उपधारा में निर्धारित है?
a. उपधारा (1)
b. उपधारा (2)
c. उपधारा (3)
d. उपधारा (4)
117. किसी आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित अपराध, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 35
b. धारा 36
c. धारा 37
d. धारा 38
118. धारा 38(1) के अनुसार कौन-सा कृत्य अपराध माना जाएगा?
a. आतंकवादी संगठन की आलोचना करना
b. स्वयं को आतंकवादी संगठन से सहबद्ध करना
c. आतंकवादी संगठन से संपर्क रखना
d. संगठन के बारे में जानकारी रखना
119. निम्न में से कौन-सा कार्य भी सदस्यता से संबंधित अपराध के अंतर्गत आता है?
a. संगठन की निंदा करना
b. संगठन के विरुद्ध शिकायत करना
c. संगठन के क्रियाकलापों को अग्रसर करने के आशय से उससे सहबद्ध होने की घोषणा करना
d. संगठन पर लेख लिखना
120. धारा 38(1) के अंतर्गत दिया गया अपवाद कब लागू होगा?
a. जब अभियुक्त नाबालिग हो
b. जब संगठन निषिद्ध न हो
c. जब अभियुक्त उपबंध (a) और (b) दोनों सिद्ध कर दे
d. जब अभियुक्त सरकारी कर्मचारी हो
121. अभियुक्त को यह सिद्ध करना आवश्यक है कि वह संगठन का सदस्य कब बना था?
a. जब संगठन पहली बार अस्तित्व में आया
b. जब संगठन को आतंकवादी घोषित किया गया
c. जब संगठन आतंकवादी घोषित नहीं था
d. कभी भी
122. धारा 38(2) के अंतर्गत कौन-सा दंड होगा?
a. पाँच वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों
b. सात वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों
c. दस वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों
d. आजीवन का कारावास या जुर्माना या दोनों
123. धारा 38 के अंतर्गत अपराध की प्रकृति क्या है?
a. संगठन द्वारा किया गया अपराध
b. सदस्यता से संबंधित अपराध
c. वित्तपोषण से संबंधित अपराध
d. हथियार रखने से संबंधित अपराध
124. किसी आतंकवादी संगठन को दिए गए समर्थन से संबंधित अपराध, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 39
b. धारा 40
c. धारा 41
d. धारा 42
125. धारा 39(1) के अनुसार किस कृत्य को आतंकवादी संगठन को समर्थन देना माना जाएगा?
a. संगठन की आलोचना करना
b. संगठन के लिए समर्थन आमंत्रित करना
c. संगठन से दूरी बनाना
d. संगठन के विरुद्ध गवाही देना
126. समर्थन आमंत्रित करने का अपराध तभी बनता है जब—
a. समर्थन धन के रूप में हो
b. समर्थन गुप्त रूप से दिया गया हो
c. आतंकवादी संगठन के क्रियाकलाप को अग्रसर करने का आशय हो
d. समर्थन सार्वजनिक रूप से हो
127. धारा 39(1)(क)(ii) के अनुसार, समर्थन का कौन-सा स्वरूप इसमें शामिल है?
a. केवल धन या संपत्ति
b. केवल हथियार
c. ऐसा समर्थन जो धारा 40 के अंतर्गत धन तक सीमित न हो
d. केवल वैचारिक समर्थन
128. निम्न में से कौन-सा कृत्य धारा 39(1)(ख) के अंतर्गत आता है?
a. आतंकवादी संगठन की बैठक की आलोचना करना
b. आतंकवादी संगठन के समर्थन हेतु बैठक की व्यवस्था करना
c. बैठक में भाग लेने से मना करना
d. बैठक की सूचना पुलिस को देना
129. बैठक की व्यवस्था का अपराध तब बनेगा जब व्यक्ति यह जानता हो कि बैठक—
a. सामाजिक विषय पर है
b. धार्मिक विषय पर है
c. आतंकवादी संगठन के समर्थन या क्रियाकलाप को अग्रसर करने के लिए है
d. शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है
130. धारा 39(1)(ख)(iii) के अंतर्गत बैठक अपराध मानी जाएगी यदि—
a. बैठक में सरकारी अधिकारी मौजूद हो
b. बैठक को किसी आतंकवादी संगठन से सहबद्ध व्यक्ति द्वारा संबोधित किया जाना हो
c. बैठक में मीडिया मौजूद हो
d. बैठक बंद कक्ष में हो
131. धारा 39(1)(ग) के अंतर्गत कौन-सा कृत्य अपराध है?
a. बैठक में मौन रहना
b. बैठक में प्रश्न पूछना
c. आतंकवादी संगठन के समर्थन हेतु बैठक को संबोधित करना
d. बैठक से पहले निकल जाना
132. धारा 39 के अंतर्गत अपराध का मुख्य तत्व क्या है?
a. सार्वजनिक स्थान
b. धन का लेन-देन
c. आतंकवादी संगठन के क्रियाकलाप को अग्रसर करने का आशय
d. संगठन की सदस्यता
133. धारा 39(2) के अनुसार इस अपराध के लिए दंड क्या है?
a. पाँच वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों
b. सात वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों
c. दस वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों
d. आजीवन कारावास या जुर्माना या दोनों
134. किसी आतंकवादी संगठन के लिए निधि जुटाने का अपराध, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 39
b. धारा 40
c. धारा 41
d. धारा 42
135. धारा 40(1) के अनुसार, कौन-सा कृत्य आतंकवादी संगठन के लिए निधि जुटाने का अपराध होगा?
a. किसी संगठन की आलोचना करना
b. किसी अन्य व्यक्ति को धन या संपत्ति उपलब्ध कराने का आमंत्रण देना, यह आशय रखते हुए कि उसका उपयोग आतंकवाद के प्रयोजनों के लिए किया जाएगा
c. किसी संगठन से दूरी बनाना
d. संगठन के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट करना
136. धारा 40(1)(ख) के अनुसार अपराध कब बनता है?
a. जब कोई व्यक्ति केवल धन का आकलन करता है
b. जब कोई व्यक्ति धन या अन्य संपत्ति प्राप्त करता है और आशय रखता है कि उसका उपयोग आतंकवाद के प्रयोजनों के लिए किया जाएगा
c. जब कोई व्यक्ति केवल बैठक में उपस्थित होता है
d. जब कोई व्यक्ति संगठन के लिए प्रचार करता है
137. धारा 40(1)(ग) के अनुसार अपराध तब बनता है जब कोई व्यक्ति—
a. धन या संपत्ति उपलब्ध कराता है, यह जानकर कि उसका उपयोग आतंकवाद के लिए होगा
b. किसी संगठन के साथ बैठक में भाग लेता है
c. संगठन को गुप्त सूचना देता है
d. संगठन की आलोचना करता है
138. स्पष्टीकरण के अनुसार “धन या संपत्ति उपलब्ध कराना” में क्या शामिल है?
a. केवल प्रत्यक्ष दान
b. उधार देना या अन्यथा उपलब्ध कराना, चाहे प्रतिफल के लिए हो या नहीं
c. केवल नकद भुगतान
d. केवल बैंक ट्रांजेक्शन
139. उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसी के मामले में धारा 40 क्या कहती है?
a. इसमें अपराध नहीं माना जाएगा
b. इसके निर्माण, तस्करी या परिचालन के माध्यम से निधियां जुटाना, संगृहीत करना या उपलब्ध कराना भी अपराध है
c. केवल भौतिक नोटों का उपयोग अपराध है
d. केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा का उपयोग अपराध है
140. धारा 40(2) के अनुसार, किसी आतंकवादी संगठन के लिए निधि जुटाने का अधिकतम कारावास कितना है?
a. 7 वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
b. 10 वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
c. 14 वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों
d. आजीवन कारावास या जुर्माना या दोनों
141. धारा 40(1)(क) के अंतर्गत अपराध की आवश्यकता क्या है?
a. धन का केवल आकलन
b. किसी अन्य व्यक्ति को आमंत्रित करना और आशय रखना कि धन आतंकवाद के लिए प्रयोग होगा
c. संगठन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रखना
d. केवल बैठक में उपस्थिति
142. क्या यह आवश्यक है कि जुटाई गई निधि वास्तव में आतंकवादी कार्य में खर्च हो?
a. हाँ, तभी अपराध माना जाएगा
b. नहीं, आशय या संदेह का युक्तियुक्त कारण होना पर्याप्त है
c. केवल अगर धन बैंक में जमा हो
d. केवल अगर धन नकद हो
143. धारा 40 के अपराध में शामिल कौन-सा तत्व महत्वपूर्ण है?
a. संगठन का सदस्य होना
b. धन या संपत्ति जुटाने का उद्देश्य और इसका आतंकवाद के प्रयोजनों के लिए संभावित उपयोग
c. संगठन की बैठक में भाग लेना
d. संगठन के लिए प्रचार करना
144. संगम का बने रहना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 39
b. धारा 40
c. धारा 41
d. धारा 42
145. धारा 41 के अनुसार, किसी संगम के बारे में कब यह कहा जाएगा कि वह विद्यमान है?
a. केवल जब उसका नाम बदल दिया गया हो
b. केवल जब उसका औपचारिक पंजीकरण मौजूद हो
c. जब उसके सदस्यों के बीच उसके प्रयोजनों के लिए वास्तविक मेल बना रहता है
d. जब उसका कोई अध्यक्ष हो
146. संगम के विद्यमान होने का निर्धारण किन आधारों पर नहीं किया जाएगा?
a. उसके सदस्यों के बीच मेल
b. उसके औपचारिक विघटन या नाम परिवर्तन
c. उसके प्रयोजनों की पूर्ति
d. उसके संचालन के लिए बैठकें
147. यदि किसी संगम का केवल नाम बदल दिया गया है, तो वह संगम—
a. स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा
b. विद्यमान बना रहेगा यदि सदस्यों के बीच वास्तविक मेल बना है
c. अपराध के लिए जिम्मेदार नहीं होगा
d. नया संगठन मान लिया जाएगा
148. संगम के बने रहने का मूल आधार क्या है?
a. औपचारिक पंजीकरण
b. सदस्यों के बीच प्रयोजन के लिए वास्तविक मेल
c. संगठन के नाम की वैधता
d. संगठन के अध्यक्ष का पद
149. प्रत्यायोजन की शक्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 39
b. धारा 40
c. धारा 41
d. धारा 42
150. धारा 42 के अनुसार, केंद्रीय सरकार किसके द्वारा शक्ति का प्रयोग करने का निदेश दे सकती है?
a. केवल न्यायालय द्वारा
b. केवल राज्य सरकार द्वारा
c. राज्य सरकार द्वारा, पूर्व अनुमोदन के साथ
d. कोई भी व्यक्ति
151. धारा 42 के अंतर्गत, केंद्रीय सरकार किन धाराओं के अंतर्गत प्रयोग की गई शक्तियों का राज्य सरकार को प्रत्यायोजित कर सकती है?
a. धारा 7 और धारा 8
b. धारा 5 और धारा 6
c. धारा 10 और धारा 11
d. केवल धारा 7
152. राज्य सरकार केंद्रीय सरकार द्वारा दी गई शक्ति का प्रयोग किसके अधीन कर सकती है?
a. केंद्रीय सरकार के अधिकारी
b. राज्य सरकार के अधीनस्थ किसी व्यक्ति
c. किसी भी नागरिक
d. केवल न्यायाधीश
153. धारा 42 के अनुसार, राज्य सरकार को केंद्रीय सरकार की पूर्व अनुमति क्यों आवश्यक है?
a. शक्ति का प्रयोग करने से पहले अधिसूचना जारी करने के लिए
b. राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकती है
c. केवल शक्ति का प्रयोग करने वाले अधिकारी का नाम जानने के लिए
d. शक्ति का प्रयोग करने के लिए न्यायालय की मंजूरी के लिए
154. धारा 42 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. राज्य सरकार को स्वतंत्र शक्ति प्रदान करना
b. केंद्रीय सरकार की शक्तियों का उचित और नियंत्रित प्रत्यायोजन करना
c. केवल न्यायालय को शक्ति प्रदान करना
d. किसी नागरिक को शक्ति का प्रयोग करने का अधिकार देना
155. अध्याय 4 और अध्याय 6 अधीन अपराधों का अन्वेषण करने के लिए सक्षम प्राधिकारी, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 43
b. धारा 44
c. धारा 45
d. धारा 46
156. मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद के महानगर क्षेत्रों में कौन सा अधिकारी अध्याय 4 और 6 के अपराधों का अन्वेषण नहीं करेगा?
a. पुलिस आयुक्त
b. सहायक पुलिस आयुक्त से नीचे का अधिकारी
c. पुलिस उपायुक्त
d. पुलिस अधीक्षक
157.यदि कोई क्षेत्र खंड (क) या खंड (ख) के अंतर्गत नहीं आता है, तो कौन सा अधिकारी अध्याय 4 और 6 के अपराधों का अन्वेषण नहीं कर सकता?
a. पुलिस उपाधीक्षक से नीचे का अधिकारी
b. पुलिस अधीक्षक
c. पुलिस उपायुक्त
d. पुलिस आयुक्त
158. धारा 43 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. सभी पुलिस अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से अपराध का अन्वेषण करने देना
b. केवल उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों को अध्याय 4 और 6 के अपराधों का अन्वेषण करने योग्य बनाना
c. न्यायालय को अपराध का अन्वेषण करने योग्य बनाना
d. किसी भी पुलिस अधिकारी को अपराध का अन्वेषण करने से रोकना
Download The Unlawful Activities (Prevention) Act MCQs Set-4 PDF
