धारा 11 से 26 अध्याय 3 छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959

धारा 11 से 26 अध्याय 3 छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959

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अध्याय 3

राजस्व अधिकारी उनके वर्ग तथा उनकी शक्तियाँ

11. राजस्व पदाधिकारी. -

राजस्व पदाधिकारियों के निम्नलिखित वर्ग होंगे, अर्थात् :-

(1) आयुक्त भू-अभिलेख;

(2) अपर आयुक्त भू-अभिलेख;

(3) आयुक्त;

(4) अपर आयुक्त;

(5) कलेक्टर एवं जिला सर्वेक्षण अधिकारी;

(6) अपर कलेक्टर;

(7) उपखण्ड अधिकारी (अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ) एवं उप सर्वेक्षण अधिकारी;

(8) सहायक कलेक्टर;

(9) संयुक्त कलेक्टर;

(10) डिप्टी कलेक्टर;

(11) तहसीलदार एवं सहायक सर्वेक्षणं अधिकारी;

(12) अपर तहसीलदार (अतिरिक्त तहसीलदार);

(13) अधीक्षक भू-अभिलेख;

(14) नायब तहसीलदार एवं

(15) सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख।

12. राजस्व अधिकारियों पर नियंत्रण. -

(1) समस्त राजस्व अधिकारी राज्य सरकार के अधीनस्थ होंगे।

(2) खण्ड के समस्त राजस्व अधिकारी संबंधित आयुक्त के अधीनस्थ होंगे।

(3) जब तक राज्य सरकार अन्यथा निर्दिष्ट न करे, जिले के समस्त राजस्व अधिकारी कलेक्टर के अधीनस्थ होंगे।

13. संभागों, जिलों, उपखण्डों तथा तहसीलों को परिवर्तित करने, सृजित करने या समाप्त करने की शक्ति. -

(1) राज्य सरकार संभागों का सृजन कर सकेगी जिनमें ऐसे जिले समाविष्ट होंगे जिन्हें कि वह ठीक समझे और वह ऐसे संभागों को समाप्त कर सकेगी या उनकी सीमाओं में परिवर्तन कर सकेगी।

(2) राज्य सरकार किसी जिले या तहसील की सीमाओं में परिवर्तन कर सकेगी और नवीन जिलों या तहसीलों का सृजन कर सकेगी या विद्यमान जिलों या तहसीलों को समाप्त कर सकेगी और किसी जिले को उपखण्डों में विभाजित कर सकेगी तथा किसी उपखण्ड की सीमाओं में परिवर्तन कर सकेगी या उसे समाप्त कर सकेगी:

परन्तु राज्य सरकार, किसी संभाग या जिले या तहसील की सीमाओं में परिवर्तन करने या नवीन संभागों, जिलों या तहसीलों का सृजन करने या विद्यमान संभागों, जिलों या तहसीलों को समाप्त करने संबंधी किसी प्रस्थापना पर इस धारा के अधीन कोई आदेश पारित करने के पूर्व ऐसी प्रस्थापनाओं को आपत्तियाँ आमंत्रित करने के लिए, विहित प्ररूप में प्रकाशित करेगी और ऐसी प्रस्थापना के संबंध में की गई किन्हीं भी आपत्तियों पर विचार करेगी।

14. सम्भागों के आयुक्तों को नियुक्त करने की शक्ति . -

(1) राज्य सरकार, प्रत्येक संभाग में एक आयुक्त की नियुक्ति करेगी, जो उसमें इस संहिता द्वारा या उसके अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी भी अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन आयुक्त को प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाएगा तथा उसे अधिरोपित कर्तव्यों का निर्वहन करेगा।

(2) राज्य सरकार, ऐसी शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, जिन्हें अधिरोपित करना वह उचित समझे, अधिसूचना द्वारा, आयुक्त को कोई भी ऐसी शक्तियाँ या कार्य सौंप सकेगा जो तत्समय प्रवृत्त किसी भी अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन राज्य सरकार को सौंपे गये हों।

15. अपर आयुक्त नियुक्त करने की शक्ति. -

(1) राज्य सरकार, किसी एक संभाग या दो अथवा दो से अधिक संभागों में एक अपर आयुक्त की नियुक्ति कर सकेगी।

(2) अपर आयुक्त, ऐसे मामलों या मामलों के वर्ग में, जिन्हें राज्य सरकार सामान्य आदेश द्वारा अधिसूचित करे या जिन्हें संभागों का आयुक्त राज्य शासन द्वारा अधिरोपित सामान्य या विशेष निर्बन्धनों के अध्यधीन रहते हुए लिखित आदेश द्वारा निदेशित करे ऐसी शक्तियों को प्रयोग में लाएगा तथा ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, जो इस संहिता द्वारा या उसके अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा आयुक्त को प्रदान की गई हों तथा उस पर अधिरोपित किए गए हों।

(3) यह संहिता तथा तत्समय प्रवृत्त प्रत्येक अन्य अधिनियमिति और इस संहिता या किसी अन्य अधिनियमिति के अधीन बनाया गया कोई भी नियम उस दशा के अतिरिक्त जहाँ स्पष्ट रूप से अन्यथा निर्देशित किया गया हो, अपर आयुक्त को, जबकि वह उपधारा (2) के अधीन किन्हीं शक्तियों का प्रयोग अथवा किन्हीं भी कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा हो, उसी प्रकार लागू होगा मानो वह संभाग का आयुक्त हो।

16. कलेक्टर को नियुक्त करने की शक्ति -

राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक कलेक्टर नियुक्त करेगी जो उस जिले में ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन कलेक्टर को प्रदत्त की गई हैं तथा ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करेगा जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा उसके अधीन कलेक्टर पर अधिरोपित किए गए हैं।

17. अपर कलेक्टरों को नियुक्त करने की शक्ति. -

(1) राज्य सरकार किसी जिले में एक या अधिक अपर कलेक्टर नियुक्त कर सकेगी।

(2) अपर कलेक्टर ऐसे मामलों में या वर्ग के मामलों में, जैसे कि राज्य सरकार, साधारण आदेश द्वारा अधिसूचित करे या जैसे की जिले का कलेक्टर राज्य सरकार द्वारा अधिरोपित किए गए किन्हीं साधारण या विशेष निर्बन्धनों के अध्यधीन रहते हुए लिखित आदेश द्वारा निदेशित करे, ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन कलेक्टर को प्रदत्त की गई हैं तथा ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करेगा जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन कलेक्टर पर अधिरोपित किए गए हैं।

(3) यह संहिता तथा तत्समय प्रवृत्त प्रत्येक अन्य अधिनियमिति और इस संहिता या किसी ऐसी अन्य अधिनियमिति के अधीन बनाया गया कोई नियम उस स्थिति में के सिवाय जबकि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा निदेशित किया गया हो, अपर कलेक्टर को, जबकि वह उपधारा (2) के अधीन किन्हीं शक्तियों का प्रयोग कर रहा हो या किन्हीं कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा हो, उसी प्रकार लागू होंगे मानो कि वह जिले का कलेक्टर हो।

18. सहायक कलेक्टरों, संयुक्त कलेक्टरों तथा डिप्टी कलेक्टरों की नियुक्ति और शक्तियां. -

राज्य सरकार, प्रत्येक जिले के लिए उतने व्यक्तियों को जितने वह ठीक समझे-

(एक) सहायक कलेक्टर, प्रथम तथा द्वितीय श्रेणी;

(दो) संयुक्त कलेक्टर; और

(तीन) डिप्टी कलेक्टर; नियुक्त कर सकेगी जो ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेंगे जो राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा निदेशित करे।

19. तहसीलदारों, अपर तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों की नियुक्ति.- 

(1) राज्य सरकार प्रत्येक तहसील में एक तहसीलदार तथा एक या एक से अधिक नायब तहसीलदार नियुक्त कर सकेगी जो उस तहसील में ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेंगे जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन उन्हें प्रदत्त की गई हैं तथा ऐसे कर्तव्यों का पालन करेंगे जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन उन पर अधिरोपित किये गये हैं।

(2) राज्य सरकार किसी तहसील में एक या एक या एक से अधिक अपर तहसीलदार नियुक्त कर सकेगी। अपर तहसीलदार, उन शक्तियों में से, जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन तहसीलदार को प्रदत्त की गई हों, ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा उन कर्तव्यों में से, जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन तहसीलदार पर अधिरोपित किए गए हों, ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करेगा जैसा कि जिले का कलेक्टर, लिखित आदेश द्वारा निदेशित करे।

20. भू-अभिलेख अधीक्षकों तथा सहायक भू-अभिलेख अधीक्षकों की नियुक्ति. -

(1) राज्य सरकार प्रत्येक जिले में उतने व्यक्तियों को, जितने कि वह ठीक समझे, भू-अभिलेख अधीक्षक तथा सहायक भू-अभिलेख अधीक्षक नियुक्त कर सकेगी।

(2) भू-अभिलेख अधीक्षक तथा सहायक भू-अभिलेख अधीक्षक ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेंगे जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन उन्हें प्रदत्त की गई हैं तथा ऐसे कर्तव्यों का पालन करेंगे जो इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति द्वारा या उसके अधीन उन पर अधिरोपित किये गये हैं।

21. अन्य अधिकारी.-

(1) राज्य सरकार ऐसे अन्य अधिकारी नियुक्त कर सकेगी तथा उन्हें शक्तियों से विनिहित कर सकेगी जो कि संहिता के उपबन्धों को प्रभावशील करने के लिए आवश्यक हों।

(2) ऐसे अधिकारी ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे तथा ऐसे प्राधिकारियों के अधीनस्थ होंगे जैसा कि राज्य सरकार निदेशित करे।

22. उपखण्ड अधिकारी.-

कलेक्टर, किसी एक या अधिक सहायक कलेक्टर या संयुक्त कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर को जिले के एक या एक से अधिक उपखण्डों का भारसाधक बना सकेगा, जो ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेंगे तथा ऐसे कर्तव्यों का पालन करेंगे, जैसा कि इस संहिता द्वारा विहित किया जाये अथवा इस संहिता या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमिति के अधीन उपखंड अधिकारी को प्रदत्त या अधिरोपित किये गये हैं।

23. राजस्व अधिकारियों की अधीनस्थता.-

जब तक कलेक्टर अन्यथा निदेशित न करे, किसी उपखण्ड का प्रत्येक राजस्व अधिकारी उपखण्ड अधिकारी के अधीनस्थ होगा और किसी तहसील का नायब तहसीलदार, तहसीलदार के अधीनस्थ होगा।

24. राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों की शक्तियों का पदधारियों तथा अन्य व्यक्तियों को प्रदत्त किया जाना.-

(1) राज्य सरकार वे शक्तियां जो, इस संहिता द्वारा या इस संहिता के अधीन किसी राजस्व अधिकारी को प्रदत्त की गई हैं किसी व्यक्ति को प्रदत्त कर सकेगी।

(2) राज्य सरकार किसी सहायक कलेक्टर, तहसीलदार या नायब तहसीलदार को ऐसी शक्तियां प्रदत्त कर सकेगी जो इस संहिता द्वारा उच्चतर श्रेणी के किसी राजस्व अधिकारी को प्रदत्त की गई हैं।

25. स्थानांतरण हो जाने पर प्रयोक्तव्य शक्तियां.-

यदि कोई राजस्व अधिकारी जिसे किसी तहसील या जिले में इस संहिता के अधीन किन्हीं शक्तियों से विनिहित किया गया है किसी अन्य तहसील या जिले में उसी प्रकार के किसी समान या उच्चतर पद पर स्थानातंरित कर दिया जाता है, तो वह, जब तक कि राज्य सरकार अन्यथा निदेशित न करे, ऐसी अन्य तहसील या ऐसे अन्य जिले में इस संहिता के अधीन उन्हीं शक्तियों का प्रयोग करेगा।

26. अस्थायी रिक्ति होने की दशा में कलेक्टर.-

यदि कलेक्टर की मृत्यु हो जाय या वह निःशक्तता के कारण अपने कर्तव्यों का पालन न कर सके तो उस अधिकारी को, जिसे कि कलेक्टर के चालू कर्तव्यों का कार्यभार अस्थाई रूप से सौंपा गया है, इस संहिता के अधीन कलेक्टर तब तक माना जायेगा जब तक कि राज्य सरकार ऐसे मृत या निःशक्त हुए कलेक्टर का उत्तराधिकारी नियुक्त न कर दे तथा ऐसा उत्तराधिकारी अपनी नियुक्ति का कार्यभार ग्रहण न कर ले।

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