धारा 222 से 232 अध्याय 17 छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959

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अध्याय 17

ग्राम अधिकारी

. पटेल

222. पटेलों की नियुक्ति.-

(1) धारा 258 के अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुए, कलेक्टर प्रत्येक ग्राम या ग्रामों के समूह के लिये एक या अधिक पटेल नियुक्त कर सकेगा।

(2) जब किसी ग्राम में दो या अधिक पटेल हों तो कलेक्टर, धारा 258 के अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुए, पटेल के पद के कर्तव्यों का ऐसी रीति में वितरण कर सकेगा, जैसी कि वह उचित समझ।

(3)  1 छत्तीसगढ़ अधिनियम क्रमांक 6 सन् 2022 द्वारा दिनांक 4-5-2022 से विलुप्त।

223. पटेलों का पारिश्रमिक.-

पटेलों का पारिश्रमिक कलेक्टर द्वारा उन नियमों के अनुसार नियत किया जाएगा जो कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गये हों।

224. पटेलों के कर्तव्य.-

प्रत्येक पटेल का यह कर्तव्य होगा कि वह-

(क) (एक) ऐसे वसूली प्रभार की कटौती करने के पश्चात्, जैसा कि राज्य सरकार समय-समय पर अवधारित करे, भू-राजस्व तथा अन्य संबंधित करों और उपकरों के संग्रहण को, जो कि उसके मार्फत देय हैं, संगृहीत करे तथा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994) को धारा 76 को उपधारा (1) के अधीन गठित की गई "जिला पंचायत राज निधि" में जमा करे;

(दो) उपखण्ड (एक) के अधीन वसूली प्रभार तथा ऐसे अन्य सरकारी शोध्यों को, जो उसके द्वारा संगृहीत किए जाने हेतु आदेशित हैं, संगृहीत करे तथा सरकारी खजाने में जमा करे;

(ख) अपने ग्राम की स्थिति के बारे में रिपोर्ट ऐसे स्थानों तथा ऐसे समयों पर दे जैसा कि कलेक्टर इस सम्बन्ध में नियत करे;

(ग) ग्रामों में की बंजर भूमि पर लोक पथों तथा सड़कों पर अधिक्रमणों को यथासम्भव रोके,

(घ) सरकारी सेवा में के सर्वेक्षकों द्वारा उसके ग्राम में परिनिर्मित ऐसे आस्थानों तथा सीमा-चिन्हों को, जो कि उसकी देखरेख के लिये सौंपे जाएँ, परिरक्षित करे तथा ऐसे चिन्हों को पहुँचाये गये किसी नुकसान की रिपोर्ट करे,

(ङ) धारा 258 के अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुए, ग्राम को समुचित स्वच्छ दशा में रखे;

(च) जंगल को अनधिकृत कटाई को या राज्य सरकार के किन्हीं खनिजों या अन्य सम्पत्तियों के अनधिकृत रूप से हटाये जाने को रोके

(छ) कोटवार पर नियंत्रण रखे तथा उसका अधीक्षण करे, उसकी मृत्यु की या उसके कर्तव्य से अनुपस्थित रहने कि रिपोर्ट करे तथा ऐसे उपाय करे जो कि कोटवार को उसके कर्तव्यों का पालन करने के लिये उसे विवश करने हेतु आवश्यक हों,

(ज) ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो कि धारा 258 के अधीन बनाये गये नियमों द्वारा विहित किये जाएँ।

225. किसी विधि के अधीन भू-धारकों पर अधिरोपित कर्तव्य पटेलों पर अधिरोपित कर्त्तव्य समझे जायेंगे. -

यदि तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति द्वारा, भू-धारकों, उनके प्रबन्धकों या अभिकर्ताओं पर कोई लोक कर्तव्य अधिरोपित किये जाते हैं या उनमें किन्हीं लोक दायित्वों का सम्बद्ध होना घोषित किया जाता है, तो यह समझा जाएगा कि इस संहिता के अधीन नियुक्त किये गये पटेलों पर ऐसे कर्तव्य अधिरोपित हैं तथा ऐसे दायित्व उनसे सम्बद्ध हैं:

परन्तु इसमें अन्तर्विष्ट कोई भी बात भू-धारकों, उनके प्रबन्धकों या अभिकर्त्ताओं को किन्हीं भी ऐसे कर्तव्यों या दायित्वों से, जो कि उन पर विधि के द्वारा अन्यथा अधिरोपित किये गये हों, उन्मोचित नहीं करेगी।

226. पटेलों को हटाया जाना -

धारा 258 के अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुए कलेक्टर किसी पटेल को पद से हटा सकेगा।

227. पटेलों को दण्ड

कोई पटेल, जो धारा 224 या 225 के अधीन उसे सौंपे गये किसी कर्तव्य का पालन करने में उपेक्षा करता हुआ पाया जाएगा वह तहसलीदार के आदेश के अधीन, जुर्माने से, जो एक हजार रुपये तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।

228. प्रतिस्थानी पटेलों की नियुक्ति. -

जहाँ कोई पटेल अपने कर्तव्यों का पालन करने में अस्थायी रूप से असमर्थ हो, वहाँ उपखंड अधिकारी उस पटेल के आवेदन पर या अन्यथा, छह मास से अनधिक कालावधि के लिये प्रतिस्थानी की नियुक्ति कर सकेगा और इस प्रकार नियुक्त किया गया प्रतिस्थानी इस संहिता के समस्त प्रयोजनों के लिए, पटेल समझा जाएगा।

229. ग्राम प्रबन्ध का सौंपा जाना. -

इस संहिता में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार, किसी ग्राम का प्रबन्ध या किसी पटेल को सौंपे गये कर्तव्यों का पालन किसी अन्य को सौंप सकेगी।

ख- कोटवार

230. कोटवारों की नियुक्ति तथा उनके कर्तव्य. -

(1) ऐसे कर्तव्यों के पालन के लिये जो कि विहित किये जाएँ, प्रत्येक ग्राम या ग्रामों के समूह के लिये एक या अधिक कोटवार धारा 258 के अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार नियुक्त किये जायेंगे:

परन्तु मध्य भारत क्षेत्र में, इस धारा के अधीन कोटवारों के कर्तव्यों का पालन पुलिस चौकीदारों द्वारा किया जाएगा जो इस संहिता के प्रवृत्त होने पर, इस धारा के अधीन कोटवार समझे जायेंगे, और सब बातों में राजस्व अधिकारियों के नियंत्रण के अधीन होंगे।

(2) प्रत्येक ऐसा व्यक्ति, जो इस संहिता के प्रवृत्त होने के समय भोपाल तथा सिरोंज क्षेत्रों में ग्राम चौकीदार का या विन्ध्य प्रदेश क्षेत्र में चौकीदार का पद धारण करता है, इस धारा के अधीन कोटवार समझा जाएगा।

231. कोटवारों का पारिश्रमिक -

राज्य सरकार, साधारण आदेश द्वारा ऐसे निर्बन्धनों, निबंधनों और शर्तों के, जो उस आदेश में वर्णित की जाएँ, अध्यधीन रहते हुए, कोटवारों का पारिश्रमिक या तो भविष्यलक्षी प्रभाव से या भूतलक्षी प्रभाव से नियत कर सकेगी किन्तु ऐसा नूतलक्षी प्रभाव 1 मार्च सन् 1982 से पूर्व की तारीख से नहीं होगा।

ग-ग्राम-सभा

232. 3. छत्तीसगढ़ अधिनियम क्रमांक 6 सन् 2022 द्वारा दिनांक 4-5-2022 से विलुप्त

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