धारा 11 से  13 अध्याय 4 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

धारा 11 से 13 अध्याय 4 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

अध्याय 4

इलैक्ट्रानिक अभिलेखों का अधिकार, अभिस्वीकृति और प्रेषण

11. इलैक्ट्रानिक अभिलेखों का अधिकार -

किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख का अधिकार प्रवर्तक को प्राप्त होगा,-

() यदि वह स्वयं प्रवर्तक द्वारा;

() किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जिसे उस इलैक्ट्रानिक अभिलेख की बाबत प्रवर्तक की ओर से कार्य करने का प्राधिकार था, या

() स्वतः प्रचालित किए जाने के लिए प्रवर्तक द्वारा या उसकी ओर से कार्यक्रमित किसी सूचना प्रणाली द्वारा भेजा गया था।

12. प्राप्ति की अभिस्वीकृति

(1) [ जहां प्रवर्तक ने यह 1[अनुबंधित नहीं किया है] कि इलैक्ट्रानिक अभिलेख की प्राप्ति की अभिस्वीकृति किसी विशिष्ट रूप में या किसी विशिष्ट पद्धति द्वारा दी जाए, वहां अभिस्वीकृति,—

() प्रेषिती द्वारा स्वचालित या अन्यथा किसी संसूचना द्वारा या

() प्रेषिती के किसी आचरण द्वारा, जो प्रवर्तक को यह इंगित करने के लिए पर्याप्त है कि इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्राप्त हो गया है, दी जा सकेगी।

(2) जहां प्रवर्तक ने यह नियत किया है कि इलैक्ट्रानिक अभिलेख, उसके द्वारा ऐसे इलैक्ट्रानिक अभिलेख की अभिस्वीकृति के प्राप्त होने पर ही आबद्धकर होगा, वहां जब तक अभिस्वीकृति इस प्रकार प्राप्त नहीं हो जाती है, ऐसा समझा जाएगा कि इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्रवर्तक द्वारा कभी भेजा ही नहीं गया था।

(3) जहां प्रवर्तक ने यह नियत नहीं किया है कि इलैक्ट्रानिक अभिलेख, ऐसी अभिस्वीकृति प्राप्त होने पर ही आबद्धकर होगा और प्रवर्तक द्वारा विनिर्दिष्ट या तय किए गए समय के भीतर या यदि कोई समय विनिर्दिष्ट या तय नहीं किया गया है तो उचित समय के भीतर, अभिस्वीकृति प्राप्त नहीं की गई है वहां प्रवर्तक, प्रेषिती को यह कथन करते हुए कि उसके द्वारा अभिस्वीकृति प्राप्त नहीं की गई है और ऐसा उचित समय विनिर्दिष्ट करते हुए, जिस तक अभिस्वीकृति उसके द्वारा प्राप्त कर ली जानी चाहिए, नोटिस दे सकेगा और यदि पूर्वोक्त समय-सीमा के भीतर कोई अभिस्वीकृति प्राप्त नहीं होती है तो वह प्रेषिती को नोटिस देने के पश्चात्, इलैक्ट्रानिक अभिलेख के बारे में इस प्रकार समझ सकेगा मानो वह कभी भेजा ही गया हो

(1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

13. इलैक्ट्रानिक अभिलेख के प्रेषण और प्राप्ति का समय और स्थान -

(1) प्रवर्तक और प्रेषिती के बीच जैसा अन्यथा तय पाया गया है उसके सिवाय, किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख का प्रेषण उस समय होता है जब वह प्रवर्तक के नियंत्रण से बाहर किसी कम्प्यूटर साधन में डाला जाता है।

(2) प्रवर्तक और प्रेषिती के बीच जैसा अन्यथा तय पाया गया है उसके सिवाय किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख की प्राप्ति का समय निम्नलिखित रूप में अवधारित किया जाएगा, अर्थात्:-

() यदि प्रेषिती ने इलैक्ट्रानिक अभिलेखों को प्राप्त करने के प्रयोजन के लिए कोई कम्यूटर साधन अभिहित कर लिया है.

(i) तो प्राप्ति उस समय हो जाती है जब इलैक्ट्रानिक अभिलेख अभिहित कम्प्यूटर साधन में डाला जाता है, या

(ii) यदि इलैक्ट्रानिक अभिलेख, प्रेषिती के ऐसे कम्प्यूटर साधन में भेजा जाता है जो अभिहित कम्प्यूटर साधन नहीं है तब प्राप्ति उस समय हो जाती है जब इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्रेषिती द्वारा पुनः प्राप्त कर लिया जाता है;

() यदि प्रेषिती ने विनिर्दिष्ट समयों के साथ-साथ, यदि कोई हो, कोई कम्प्यूटर साधन अभिहित नहीं किया है तो प्राप्ति तब होती है जब इलैक्ट्रानिक अभिलेख, प्रेपिती के कम्प्यूटर साधन में डाला जाता है।

(3) प्रवर्तक और प्रेषिती के बीच जैसा अन्यथा तय पाया गया है उसके सिवाय कोई इलैक्ट्रानिक अभिलेख उस स्थान पर प्रेषित कर दिया गया समझा जाता है जहां प्रवर्तक का अपना कारबार का स्थान है और उस स्थान पर प्राप्त हो गया समझा जाता है। जहां प्रेषिती का अपना कारबार का स्थान है

(4) उपधारा (2) के उपबंध इस बात के होते हुए भी लागू होंगे कि वह स्थान जहां कंम्प्यूटर साधन अवस्थित है, उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहां इलैक्ट्रानिक अभिलेख उपधारा (3) के अधीन प्राप्त कर लिया गया समझा जाता है

(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए

() यदि प्रवर्तक या प्रेषिती के एक से अधिक कारबार के स्थान हैं तो कारबार का प्रधान स्थान, कारबार का स्थान होगा;

() यदि प्रवर्तक या प्रेषिती के पास कारबार का स्थान नहीं है तो उसके निवास का प्रायिक स्थान कारबार का स्थान समझा जाएगा,

() किसी निगमित निकाय के संबंध मेंनिवास का प्रायिक स्थान" से वह स्थान अभिप्रेत है जहां वह रजिस्ट्रीकृत है

Free Judiciary Coaching
Free Judiciary Notes
Free Judiciary Mock Tests
Bare Acts